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  • India’s Bright Future: विदेश से आई पॉजिटिव खबर, ग्लोबल टेंशन भी अब धुआं-धुआं

    India’s Bright Future: विदेश से आई पॉजिटिव खबर, ग्लोबल टेंशन भी अब धुआं-धुआं

    नई दिल्ली

    मिडिल ईस्ट युद्ध ने ग्लोबल टेंशन चरम पर पहुंचा दी थी. हालांकि, अब अमेरिका और ईरान में सीजफायर का ऐलान हो चुका है, लेकिन दूसरी ओर इसके टूटने की खबरें भी सुर्खियां बनी हुई है. बीते कुछ समय में वैश्विक संकट ने तमाम देशों का हाल-बेहाल किया, लेकिन फिर भी दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती भारतीय अर्थव्यस्था पर इसका असर कम ही देखने को मिला। 

    अब विश्व बैंक ने भी इसे माना है और Global Tension के बावजूद भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में इजाफा कर खुशखबरी दी है. World Bank ने कहा है कि इंडियन इकोनॉमी FY27 में 6.6 फीसदी की रफ्तार से भागेगी. बता दें कि कोरोना महामारी जैसे हालातों में भी भी भारत ने अपना दम दिखाया था और इस माहामारी के संकट से सबसे तेजी के साथ उबरी थी और दुनिया ने इसका लोहा माना था। 

    ग्लोबल टेंशन के बीच दी खुशखबरी
    वर्ल्ड बैंक ने बुधवार को अप्रैल 2026 के दक्षिण एशिया आर्थिक अपडेट को जारी करते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 6.6% कर दिया है. इससे पहले अक्तूबर 2025 में वर्ल्ड बैंक ने 6.3% की ग्रोथ रेट का अनुमान जाहिर किया था. India GDP Growth Rate को लेकर नया अनुमान जाहिर करने के साथ ही वैश्विक निकाय ने वेस्ट एशिया संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों का हवाला देते हुए आर्थिक वृद्धि दर (India's Economic Growth Rate) FY26 में अनुमानित 7.6% से कम रहने की बात कही है।  

    वर्ल्ड बैंक ने ये चेतावनी भी दी 
    विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में India GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाने के साथ ही आगे कहा कि वस्तुओं और सेवाओं पर कर यानी GST Rates में कमी से FY27 की पहली छमाही में उपभोक्ता डिमांड को समर्थन मिलता रहेगा. हालांकि, इसके साथ ही चेतावनी दी कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि (Global Energy Price Hike) से कीमतों पर दबाव बढ़ेगा और परिवारों के खर्च करने की क्षमता सीमित होगी। 

    खाना पकाने के फ्यूल के साथ ही फर्टिलाइजर्स पर ज्यादा सब्सिडी के कारण सरकारी खपत में ग्रोथ धीमी होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता और इनपुट कॉस्ट में इजाफा होने के बीच इन्वेस्टमेंट ग्रोथ में कमी आ सकती है। 

    साउथ एशिया की ग्रोथ में कमी 
    विश्व बैंक के मुताबिक, वैश्विक ऊर्जा बाजारों में रुकावटों के चलते दक्षिण एशिया में ग्रोथ 2025 के 7% से घटकर 2026 में 6.3% रहने का अनुमान है. इस क्षेत्र की ग्रोथ कई तरह से प्रभावित हो सकती है। 

  • Assembly Election 2026: 9 बजे तक केरल में 16.23%, असम में 17.87% और पुडुचेरी में 17.41% वोटिंग

    Assembly Election 2026: 9 बजे तक केरल में 16.23%, असम में 17.87% और पुडुचेरी में 17.41% वोटिंग

    तिरुवनंतपुरम/ बरपेटा

    देश के तीन राज्यों असम, केरलम और पुडुचेरी में आज विधानसभा चुनाव के लिए सिंगल फेज में वोटिंग चल रही है। कुल 296 सीटों पर मतदान हो रहा है। सुबह 9 बजे तक असम में 17.87%, केरलम में 16.23% और पुडुचेरी में 17.41% मतदान हुआ।

    पुडुचेरी के सीएम CM रंगास्वामी वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ तक मोटरसाइकिल से पहुंचे। यहां आने से पहले उन्होंने मंदिर में पूजा भी की। केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने भी सुबह ही मतदान किया। असम के सीएम हिमंता ने गुवाहाटी में मां कामाख्या मंदिर में पूजा की है।

    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने डाला अपना वोट
    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने जोरहाट के DCB गर्ल्स हाई स्कूल में बनाए गए एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। उन्होंने कहा, "लोगों में उत्साह की एक लहर है। हमें पूरा भरोसा है कि हम असम के आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों को अक्षुण्ण रखते हुए एक 'नया असम' बनाएंगे।

    असम सीएम ने मां कामाख्या के मंदिर में की पूजा-अर्चना
    असम के मुख्यमंत्री और जालुकबारी से उम्मीदवार हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा, "आज असम में मतदान का दिन है। मुझे मतदान के दिन मां कामाख्या के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। मैंने मां से प्रार्थना की कि असम समृद्ध हो और राज्य के लोग आगे बढ़ें।"

    चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, असम में सुबह 9 बजे तक 17.87 प्रतिशत मतदान हुआ है. वहीं, शुरुआती दो घंटों में पुडुचेरी में 17.41 प्रतिशत और केरल में 16.23 प्रतिशत वोट पड़े हैं। 

    असम में माजुली जिले में सबसे अधिक 20.03 प्रतिशत वोटिंग हुई है, मोरीगांव जिले में 19.96 प्रतिशत, दरांग में 19.74 प्रतिशत, गोलपाड़ा में 19.66 प्रतिशत और जोरहाट में 19.01 प्रतिशत मतदान हुआ है। सुबह 9 बजे तक असम के कामरूप जिले में सबसे कम 15.36 प्रतिशत वोट पड़े हैं। 

    वहीं, सुबह 9 बजे तक केरल के एर्नाकुलम जिले में सबसे अधिक 17.80 प्रतिशत और कासरगोड जिले में सबसे कम 15.08 प्रतिशत मतदान हुआ है। 

    बता दें कि केरल में 883 उम्मीदवार मैदान में हैं, यानी प्रति सीट औसतन छह से सात प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां मतदाताओं की संख्या 27 लाख है, जो 30,000 से अधिक मतदान केंद्रों में फैले हुए हैं। 

    चार क्षेत्रों- पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम से मिलकर बने केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में कुल 9.50 लाख से ज्यादा वोटर हैं। इनमें से 24,919 वोटर पहली बार वोट डालेंगे। कुल 294 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 

    असम विधानसभा चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 59 महिलाएं शामिल हैं। असम में लगभग 25.05 मिलियन पंजीकृत मतदाता हैं जो इन चुनावों में हिस्सा लेने के योग्य हैं। राज्य ने वोटिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 31,490 मतदान केंद्र बनाए हैं। 

    126 सदस्यों वाली असम विधानसभा के लिए यह चुनाव बेहद अहम है, जिसमें भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस को सरकार में वापसी की उम्मीद है। यह चुनाव 2023 में इस पूर्वोत्तर राज्य में हुए परिसीमन के बाद पहला चुनाव होगा। 

    केरल की 140 विधानसभा सीटों पर चुनावों में तीन गठबंधनों के बीच मुकाबला है, जिसमें एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए आमने-सामने हैं। केरल का लेफ्ट फ्रंट लगातार पांचवीं बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। हालांकि, इस बार माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ के सामने सत्ता को बरकरार रखने की चुनौती है, क्योंकि कांग्रेस नीत यूडीएफ और भाजपा नीत एनडीए उसे कड़ी टक्कर दे रहे हैं। 

    पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इस केंद्र शासित प्रदेश में अभी 'ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस' (AINRC) के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में है, जिसकी कमान मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के हाथों में है और जिसे भाजपा का समर्थन प्राप्त है। 

    केरलम में 70 साल में पहली बार कोई सीएम हैट्रिक के लिए चुनाव लड़ रहा है। असम में बीजेपी हिमंता बिस्व सरमा के सहारे लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दांव खेल रही है। जबकि पुडुचेरी में कांग्रेस से निकले एन. रंगासामी पांचवी बार सत्ता में काबिज होने की कोशिश कर रहे हैं।

    असम में 126 सीट पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुनेंगे। पुडुचेरी में 20 पार्टियां के 294 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तीनों राज्यों में करीब 10 लाख से ज्यादा वोटर्स पहली बार मतदान करेंगे।

    असम, केरलम, पुडुचेरी चुनाव से जुड़े अपडेट्स

        केरलम तिरुवनंतपुरम में एक्टर मोहनलाल ने वोट किया। केरलम भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम में वोट किया। वे नेमम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

        केरलम के सीएम पिनाराई विजयन ने कन्नूर में आरसी अमला बेसिक अपर प्राइमरी स्कूल में वोट डाला। केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद सुरेश गोपी ने त्रिशूर में मतदान किया।

        असम के बरपेटा में सुबह से तेज बारिश के कारण वोटिंग में परेशानी आई। पुडुचेरी में रोबोट ने पोलिंग बूथ पर आने वाले वोटर्स का स्वागत किया।

    ईसरो के पूर्व वैज्ञानिक मंबी नारायणन ने डाला अपना वोट
    इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने तिरुवनंतपुरम के ईनचक्कल एलपी स्कूल में अपना वोट डाला।

    'इस सरकार को जाना ही होगा', बोले केसी. वेणुगोपाल
    अपना वोट डालने के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "हम 100 सीटों का आंकड़ा पार करने जा रहे हैं। मेरा यही अनुमान है। पिछले दो-तीन दिनों में कई खुलासे सामने आए हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि सरकार पूरी तरह से बैकफुट पर है। मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ स्पष्ट रूप से सत्ता-विरोधी लहर है और यह दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। केरल की जनता यह तय करेगी कि इस मुख्यमंत्री को जाना होगा और इस सरकार को भी जाना होगा। यूडीएफ इस राज्य के आम लोगों के लिए बेहतरीन गारंटियों का वादा कर रहा है। लोग उन गारंटियों पर भरोसा करेंगे और हमें वोट देंगे।"

    असम में भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार गुप्ता ने डाला अपना वोट
    भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार गुप्ता ने गुवाहाटी में अपना वोट डाला और नागरिकों से 'लोकतंत्र के उत्सव' में भाग लेने का आग्रह किया।

    कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने डाला अपना वोट
    कांग्रेस महासचिव (संगठन) और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने अंबलपुझा के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

    'हमें जनता पर और जनता को हम पर भरोसा', बोले केरलम के सीएम विजयन
    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, "झूठा प्रचार एलडीएफ को नहीं हरा सकता। हमें हमेशा लोगों पर भरोसा रहा है और लोगों को हम पर भरोसा है। पिछले दस सालों से हम लोगों के साथ चले हैं और यह सफर जारी रहना चाहिए। हम लोगों के साथ हैं और लोग हमारे साथ हैं। सांप्रदायिक प्रचार हमें नहीं हरा सकता।"

    पुडुचेरी के पूर्व सीएम ने डाला अपना वोट
    पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता वी. नारायणसामी ने VOC सरकारी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

    'विकास की बात करने पर मजबूर हुई कांग्रेस', वोट डालने के बाद बोले राजीव चंद्रशेखर
    केरल भाजपा के अध्यक्ष और नेमोम से उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "यह एक बेहद अहम चुनाव है। मुझे खुशी है कि एक वोटर और एक उम्मीदवार के तौर पर मैं इसका हिस्सा हूं। मैं हर वोटर से गुजारिश करता हूं कि वे इस अहम चुनाव में अपना वोट डालें और अपने वोट को बदलाव का जरिया बनाएं। भाजपा की वजह से ही कांग्रेस और सीपीएम को विकास की बात करने पर मजबूर होना पड़ा है। इस चुनाव में भाजपा-एनडीए का मजबूत प्रदर्शन राजनीतिक माहौल को बदल देगा और नेताओं को और ज्यादा जवाबदेह बनाएगा।"

    'अब केवल नतीजों का इंतजार', वोट डालने के बाद बोले केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी
    केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा, "केरल के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। भाजपा ने बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया है। भाजपा ने लोकतांत्रिक चुनावी अभियान की हर बारीकी तक पहुंच बनाई है। वह उन सभी क्षेत्रों तक पहुंची है और हर अंतिम छोर को छुआ है। अब हम केवल नतीजों का इंतजार कर सकते हैं। आप भली-भांति जानते हैं कि पहले और बाद में क्या बदलाव आया है।"

    'केरल में शानदार जनादेश की उम्मीद', बोले केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन
    केंद्रीय मंत्री और कांजीरापल्ली से एनडीए उम्मीदवार जॉर्ज कुरियन ने कहा, "हमें केरल में एनडीए के लिए एक शानदार जनादेश की उम्मीद है और हम लोगों से एनडीए के पक्ष में मतदान करने का आग्रह कर रहे हैं।"

    केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने डाला अपना वोट
    केरल भाजपा के अध्यक्ष और नेमोम से उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

    केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने डाला अपना वोट
    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कन्नूर के पिनाराई आरसी अमला प्राइमरी स्कूल में विधानसभा चुनावों के लिए अपना वोट डाला।

    पीएम मोदी ने असम विधानसभा के लिए कही ये बात
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया कि जैसे ही असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान शुरू हुआ है, मैं असम की जनता से अपील करता हूं कि वे बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

     

  • सरकार ने किया ऐलान: 3 महीने के लिए पार्किंग और लैंडिंग चार्ज पर 25% की छूट

    सरकार ने किया ऐलान: 3 महीने के लिए पार्किंग और लैंडिंग चार्ज पर 25% की छूट

    नई दिल्ली

    एयरपोर्ट टैरिफ नियामक एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA)ने मंगलवार को एयरलाइंस को बड़ी राहत दी है। अथॉरिटी ने देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की। यह कटौती तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है और अगले तीन महीनों तक सभी घरेलू उड़ानों पर लागू रहेगी।

    AERA ने अपने आदेश में कहा कि यह फैसला सरकार के उस निर्देश के बाद लिया गया है, जिसमें मौजूदा पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए एयरलाइंस को वित्तीय राहत देने की आवश्यकता जताई गई थी। आदेश के अनुसार, बड़े हवाई अड्डों पर वर्तमान एरोनॉटिकल टैरिफ का हिस्सा होने वाले लैंडिंग और पार्किंग चार्ज को 25 प्रतिशत कम किया जा रहा है।

    अथॉरिटी ने कहा कि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद उसने सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह फैसला लागू करने का निर्णय लिया है। इस कदम से एयरलाइंस के परिचालन खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है, जो फिलहाल वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण दबाव में हैं।

    एयरलाइंस को लागत के दबाव से राहत मिलेगी
    एनडीटीवी प्रॉफिट की खबर के मुताबिक, एयरपोर्ट शुल्क में इस कटौती से एयरलाइंस को लागत के दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है। कयास यह भी लगाया जा रहा है कि एयरलाइंस इस राहत का फायदा पैसैंजर्स को भी दे सकती हैं। हालांकि अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हाल के महीनों में बढ़ती ईंधन कीमतों और परिचालन चुनौतियों के कारण एयरलाइंस पहले ही दबाव में हैं। लैंडिंग और पार्किंग शुल्क एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं, खासकर उन कंपनियों के लिए जिनकी विमान उपयोग दर अधिक होती है। इन शुल्कों में कमी करके AERA का मकसद घरेलू रूट्स पर संचालित एयरलाइंस को कुछ समय के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जिससे उनके मार्जिन और नकदी प्रवाह में सुधार हो सकता है।

    तीन महीने बाद होगी समीक्षा 
    यह अस्थायी राहत AERA द्वारा नियंत्रित सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर लागू होगी, जिससे पूरे एविएशन इकोसिस्टम को व्यापक लाभ मिलने की संभावना है। विशेष रूप से घरेलू एयरलाइंस को इस फैसले से फायदा होगा, जो वर्तमान में अस्थिर परिचालन परिस्थितियों का सामना कर रही हैं। AERA ने स्पष्ट किया है कि यह राहत पूरी तरह से समयबद्ध है और तीन महीने बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के दौरान मौजूदा बाजार स्थिति, एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति और उद्योग के व्यापक परिदृश्य को ध्यान में रखा जाएगा।

    पिछले कुछ हफ्तों में आपने नोटिस किया होगा फ्लाइट टिकट अचानक महंगे हो गए हैं.इसका कारण साफ था फ्यूल महंगा, ऑपरेशन खर्च ज्यादा. लेकिन अब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है एयरपोर्ट चार्ज में 25% कटौती की,लेकिन असली सवाल क्या इससे आपका टिकट सस्ता होगा, तो आइए इसे साफ और आसान भाषा में समझते हैं। 

    5 प्वाइंट में पहले समझ लें पूरी बात

        लैंडिंग और पार्किंग चार्ज 25% कम
        लागू सिर्फ घरेलू उड़ानों पर
        राहत 3 महीने के लिए
        एयरलाइंस का खर्च घटेगा
        किराए में राहत संभव, लेकिन तय नहीं

    देखते हैं हवाई यात्रियों को क्या मिलेगा ?

        ATF कीमतों में राहत, Fare Capping हटाया
        Fuel Surcharge में एयरलाइंस को छूट के बाद एयरलाइंस को और बड़ी राहत
        AERA ने 3 महीने के लिए लैंडिंग और पार्किंग चार्ज में 25% की कटौती की
        AERA ने सभी प्रमुख एयरपोर्ट्स पर लैंडिंग और पार्किंग चार्ज में अगले 3 महीने के लिए 25% की राहत दी
        ये फैसला तत्काल प्रभाव से लागू है
        इसका लाभ सिर्फ घरेलू उड़ानों को ही मिलेगा
        पश्चिम एशिया संकट के कारण सरकार के निर्देश पर यह राहत दी गई है

    यह फैसला क्यों लिया गया?

        सीधी बात पश्चिम एशिया संकट की वजह से
        जेट फ्यूल और ऑपरेशन खर्च बढ़ गया

    एयरलाइंस पर दबाव बढ़ा इसलिए सरकार ने Airports Economic Regulatory Authority of India के जरिए एयरपोर्ट चार्ज कम कर दिए ताकि एयरलाइंस को राहत मिले। 
    क्या आपका फ्लाइट टिकट सस्ता होगा?

        एयरलाइंस का खर्च कम जरूर होगा लेकिन टिकट सस्ता करना एयरलाइंस के फैसले पर निर्भर है
        यानी कि तुरंत बड़ी राहत नहीं मिल सकेगी
        लेकिन किराए बढ़ने की रफ्तार कम हो सकती है

  • Repo Rate:रेपो रेट स्थिर, EMI पर असर नहीं पड़ेगा

    Repo Rate:रेपो रेट स्थिर, EMI पर असर नहीं पड़ेगा

    नई दिल्ली
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एमपीसी बैठक के नतीजे आ गए हैं और आरबीआई गवर्नर ने बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में जानकारी दी. बीते फरवरी महीने की तरह इस बैठक में भी रेपो रेट को 5.25% पर यथावत रखा गया है, यानी इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है. इसका सीधा मतलब है कि आपके होम लोन या कार लोन की ईएमआई पर कोई भी असर नहीं होगा, न तो ये घटेगी और न ही ये बढ़ेगी। 

    गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी बैठक के नतीजों का ऐलान करते हुए आगे कहा कि समिति ने न्यूट्रल रुख बनाए रखा है. रेपो रेट को यथावत रखने के साथ ही SDF 5%, MSF 5.50% पर स्थिर हैं. इसके अलावा FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान जाहिर किया है। 

    2025 में हुई थी दनादन कटौती
    बता दें कि बीते साल 2025 में आरबीआई ने एक के बाद एक कई बार रेपो रेट में कटौती कर लोन लेने वालों को तोहफा दिया था और Repo Rate में कुल 125 अंकों की कटौती की गई थी. लेकिन इस साल की पहली बैठक फरवरी में हुई थी और उसमें कटौती के सिलसिले पर ब्रेक लगा था और इस बार फिर इसमें कोई बदलाव न करते हुए केंद्रीय बैंक ने 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा था. पहले से ही ज्यादातर अर्थशास्त्री Repo Rate Unchanged रहने का अनुमान जाहिर कर रहे थे। 

    कैसे EMI पर असर डालता है रेपो रेट? 
    रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक तमाम बैंकों को कर्ज देती है. इसका उपयोग अर्थव्यवस्था में महंगाई को कंट्रोल करने के लिए भी किया जाता है. जब रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए लोन लेना महंगा हो जाता है, जिससे आम जनता के लिए होम लोन या ऑटो लोन की EMI बढ़ जाती है। 

    इस रफ्तार से भागेगी इंडियन इकोनॉमी
    आरबीआई की ओर से देश की जीडीपी ग्रोथ को लेकर भी अनुमान जाहिर किए गए हैं. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि  FY26 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.6% रखा गया है. जबकि  FY27 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 6.9% रहने का अनुमान है. पहली तिमाही के लिए इसे कम करते हुए 6.8% किया गया है। 

    महंगाई को लेकर ये अनुमान
    Indian GDP के साथ ही आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा महंगाई का अनुमान भी जाहिर किया. उनके मुताबिक, 2027 में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) 4.6% किया गया है. उन्होंने FY27 की पहली तिमाही में CPI बेस्ड महंगाई 4% रहने का अनुमान जताया है, जबकि दूसरी तिमाही के लिए इसे 4.4% किया गया है. इसके अलावा तीसरी तिमाही (Q3) के लिए महंगाई बढ़ने की आशंका जताई गई है और अनुमान को 5.2% किया गया है। 

    'भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत'
    मिडिल ईस्ट युद्ध और ग्लोबल टेंशन के अलावा डॉलर के मजबूत होने, क्रूड ऑयल की कीमतों में इजाफा होने को लेकर बात करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि ग्लबोल टेंशनों से दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर बुरा असर पड़ा, लेकिन भारत में इसका कोई खास प्रभाव देखने को नहीं मिला है. दुनियाभर के शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट में उथल-पुथल देखने को मिली. उन्होंने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं. ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। 

  • कुकी उग्रवादियों ने मणिपुर में घर पर फेंका बम, दो बच्चों की हुई मौत

    कुकी उग्रवादियों ने मणिपुर में घर पर फेंका बम, दो बच्चों की हुई मौत

    बिष्णुपुर 
    हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर में उग्रवादी संगठन भी सक्रिय हो गए हैं. हिंसाग्रस्त सूबे में उग्रवादी हमले की नई घटना सामने आई है. इस घटना में दो छोटे बच्चों की मौत हो गई है और इन बच्चों की मां घायल हो गई है. घायल महिला को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उपचार चल रहा है. घटना बिष्णुपुर जिले की है। 

    जानकारी के मुताबिक बिष्णुपुर जिले में कुकी उग्रवादियों ने 6 और 7 अप्रैल की रात करीब एक बजे एक घर पर बम से हमला कर दिया. इस हमले में पांच साल के एक बच्चे और छह माह की एक बच्ची की जान चली गई. इन बच्चों की मां घायल बताई जा रही है. जिस समय बम हमला हुआ, महिला अपने दोनों बच्चों के साथ घर में सो रही थी। 

    तीनों नींद में ही थे कि घर पर गिरा बम फट गया. आनन-फानन में तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया. घटना बिष्णुपुर जिले के मोइरांग त्रोंग्लाओबी गांव की बताई जा रही है. यह गांव चूराचांदपुर के पास स्थित है. मणिपुर हिंसा के समय से ही यह सीमावर्ती इलाका कुकी उग्रवादियों के निशाने पर रहा है। 

    मोइरांग त्रोंग्लाओबी गांव में गोलीबारी की घटनाएं लगातार होती आई हैं. इस इलाके से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक टीएच शांति सिंह ने त्रोंग्लाओबी में हुए उग्रवादी हमले की निंदा की है. उन्होंने दावा किया कि हमला कुकी नार्को आतंकियों ने किया है. विधायक ने कहा कि यह जघन्य घटना आतंकी कृत्य है. ऐसी घटनाओं के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। 

    जेपी विधायक ने घटना की कड़ी निंदा की और मृत बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. उन्होंने कहा है कि इस असहनीय दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। 

  • बंगाल में 90 लाख वोटर लिस्ट से बाहर, चुनाव आयोग ने जारी किया जिलेवार आंकड़ा

    बंगाल में 90 लाख वोटर लिस्ट से बाहर, चुनाव आयोग ने जारी किया जिलेवार आंकड़ा

    कलकत्ता

    पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच वोटर लिस्ट को लेकर नया अपडेट आ गया है। चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर बड़ा और अहम डेटा जारी किया है। इस बार खास बात यह रही कि आयोग ने पहली बार जिलावार तरीके से नाम जोड़ने और हटाने की पूरी जानकारी सार्वजनिक की है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो तस्वीर काफी बड़ी और जटिल दिखती है। आयोग के मुताबिक, अब तक कुल 90.66 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। यह बड़ा डेटा माना जा रहा है।

    अबतक 90.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए 
    चुनाव आयोग ने पहली बार जिलेवार तरीके से नाम जोड़ने और हटाने की भी जानकारी शेयर की है. आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल में एसआईआर की इस प्रक्रिया में अब तक कुल 90.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. पहले चरण में दिसंबर 2025 में ड्राफ्ट लिस्ट के दौरान 58.2 लाख नाम हटाए गए थे, जबकि फरवरी 2026 की अंतिम सूची तक 5.46 लाख अतिरिक्त नाम हटाए गए हैं। 

    चुनाव आयोग के मुताबिक लॉजिकल विसंगति यानी डेटा में तकनीकी गड़बड़ियों के आधार पर 60 लाख से ज्यादा वोटरों को जांच के दायरे में रखा गया था. इन मामलों को अंडर एडजुडिकेशन की कैटेगरी में रखा गया था ताकि अधिकारी गहराई से इनकी जांच कर सकें. आयोग के मुताबिक, अब तक लगभग 59.84 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है. इस जांच के बाद करीब 32.68 लाख पात्र लोगों के नाम दोबारा जोड़े गए हैं, जबकि अपात्र मिले 27.16 लाख लोगों के नाम काटे गए। 

    ECI के इतिहास में पहली बार हुआ ये काम
    इलेक्शन कमीशन के इतिहास में ये पहली बार है जब पश्चिम बंगाल को लेकर एसआईआर के संबंध में जिलेवार नाम जोड़ने और हटाने का डेटा सार्वजनिक किया गया है. आयोग का मकसद पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और चुनावी सूचियों की विश्वसनीयता को बढ़ाना है. बता दें कि ये डेटा अब सार्वजनिक तौर पर भी उपलब्ध है। 

    न्यायिक अधिकारियों के ई-हस्ताक्षर होते ही जारी होंगे आंकड़े

    जबकि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए कुल 60,06,675 मामलों में से 59,84,512 मामलों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिन पर न्यायिक अधिकारियों के ई-हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। इसके अलावा, 59,84,512 मामलों में से, जिन मतदाताओं को न्यायिक अधिकारियों द्वारा हटाए जाने योग्य माना गया है। उनके नामों को हटा दिया गया है। उनकी संख्या 27,16,393 है।

    91 लाख वोटरों के कट जाएंगे नाम
    इसका मतलब यह है कि पश्चिम बंगाल में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या वर्तमान में 90,83,345 है। मालूम हो कि पिछले साल नवंबर में पश्चिम बंगाल के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की अधिसूचना जारी होने से पहले, राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 7,66,37,529 थी। पिछले साल दिसंबर में प्रकाशित मतदाताओं की मसौदा सूची में, कुल 58,20,899 नाम हटाए गए थे। 28 फरवरी को जारी की गई अंतिम वोटर लिस्ट में, हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर 63,66,952 हो गई।

    अब, न्यायिक अधिकारियों ने 27,16,393 मामलों को हटाने लायक पाया है। इसके बाद, पूरे SIR प्रक्रिया के बाद पश्चिम बंगाल में हटाए गए वोटरों की कुल संख्या बढ़कर 90,83,345 हो गई है। इसके अलावा CEO कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि जिन वोटरों के नाम न्यायिक जांच प्रक्रिया में "हटाने लायक" पाए गए हैं। उन्हें अपनी बात रखने का और अपील करने का एक अवसर मिलेगा।

    वहीं, विपक्षी दल (खासकर तृणमूल कांग्रेस) इस बड़े पैमाने पर नाम हटाने को वोटरों को बाहर करने की साजिश बता रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि अल्पसंख्यक और सीमावर्ती इलाकों पर ज्यादा असर पड़ा है. वहीं, बीजेपी और चुनाव आयोग इसे मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने का जरूरी कदम बता रहे हैं। 

    दो चरणों में मतदान
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 दो चरणों- 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है. ऐसे में इस SIR प्रक्रिया और नाम हटाने के आंकड़ों पर सियासी घमासान तेज हो गया है। 

    एक बार अपील करने का मिलेगा मौका
    CEO कार्यालय से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, न्यायिक जांच अभ्यास के दौरान "हटाने लायक" पाए गए मामलों की सबसे अधिक संख्या अल्पसंख्यक-बहुल मुर्शिदाबाद जिले से थी। मुर्शिदाबाद से हटाए गए नामों की कुल संख्या 4,55,137 है।

    इसके बाद उत्तर 24 परगना का नंबर आता है। जहां 3,25,666 नाम हटाए गए। बता दे कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे। पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा और दूसरे चरण में बाकी 142 सीटों पर मतदान होगा। इसके बाद चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर डेटा जारी
    बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट आज मंगलवार तक हर हाल में पब्लिश करने के आदेश दिए थे. साथ ही यह भी कहा था कि अगर सभी दस्तावेजों पर डिजिटल साइन नहीं भी हुए तो भी लिस्ट निकाली जाए. इसके अलावा कलकत्ता हाईकोर्ट को 3 पूर्व जजों की एक कमेटी बनाने के आदेश दिए. वोटर लिस्ट पब्लिश करने की आखिरी तारीख सोमवार थी, लेकिन काम न पूरा होने के चलते संभव नहीं सका. लिहाजा आज मंगलवार को चुनाव आयोग ने डेटा जारी किया है। 

  • बंगाल-सिक्किम में फटेंगे बादल, 80KM वेग से बारिश, UP-बिहार में अगले 72 घंटे भारी बारिश का खतरा

    बंगाल-सिक्किम में फटेंगे बादल, 80KM वेग से बारिश, UP-बिहार में अगले 72 घंटे भारी बारिश का खतरा

    कलकत्ता

     देश में मौसम का मिजाज इस समय पूरी तरह बदला हुआ है. आसमान में बादल हैं, हवाओं में तेजी है और कई इलाकों में अचानक बारिश हो रही है. कहीं ओले गिर रहे हैं तो कहीं बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है. बंगाल और सिक्किम जैसे इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है. वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले 72 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. मौसम विभाग (IMD) ने साफ संकेत दिए हैं कि यह बदलाव सामान्य नहीं है. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने पूरे देश के मौसम को अस्थिर बना दिया है. इसका असर हर क्षेत्र में अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है। 

    बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. खेतों में खड़ी फसलें सबसे ज्यादा खतरे में हैं और किसान लगातार आसमान की ओर देख रहे हैं. तेज हवाओं के साथ गिरने वाले ओले फसलों को सीधे नुकसान पहुंचा रहे हैं. शहरों में भी हालात सामान्य नहीं हैं. कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. कई राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 

        पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है और इस बदलाव ने लोगों को चौंका दिया है. अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है, इससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति भी बनी है. वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है. 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है, इससे कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं, इससे जान-माल का खतरा बना हुआ है. मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है। 

        IMD का कहना है कि इस समय कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जो इस अस्थिर मौसम के पीछे मुख्य कारण हैं. पश्चिमी विक्षोभ लगातार उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहे हैं और उनकी तीव्रता भी अधिक बनी हुई है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी और मध्य भारत में नमी बढ़ा रही हैं, इससे गरज-चमक और बारिश की घटनाएं तेज हो गई हैं. इन दोनों वेदर सिस्टम के टकराव के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है. यही वजह है कि देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है और कई क्षेत्रों में एक साथ अलग-अलग तरह की मौसमीय गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। 

    दिल्ली-NCR में फिर बिगड़ेगा मौसम

    दिल्ली-NCR में मौसम लगातार बदलता नजर आ रहा है और इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है. 6 अप्रैल को मौसम कुछ हद तक साफ रह सकता है, इससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है. 7 और 8 अप्रैल को एक बार फिर मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. इन दिनों आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इसके साथ ही तेज हवाएं चलने की संभावना भी है, जो तापमान को नीचे लाने में मदद करेंगी। 
    उत्तर प्रदेश में भारी बारिश

        उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और इसका असर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में देखने को मिल रहा है. कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें लखनऊ, कानपुर, झांसी, सहारनपुर, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है. हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा ओलावृष्टि की भी आशंका है, जो खासतौर पर किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इससे गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है। 

        मौसम विभाग के अनुसार राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और यह प्रणाली लगातार सक्रिय बनी हुई है. नम हवाओं के टकराव से गरज-चमक की घटनाएं बढ़ रही हैं और अचानक बारिश हो रही है. आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना है, इससे गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम का यह अस्थिर रूप लोगों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें। 

    बिहार में मौसम का बदलाव

        बिहार में भी मौसम ने रुख बदल लिया है और आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं. कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. इसमें पटना, गया, भोजपुर, पश्चिम और पूर्वी चंपारण जैसे इलाके शामिल हैं. इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, इससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। 

        6 और 7 अप्रैल को कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, इससे फसलों को नुकसान हो सकता है. इसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण हो रहा है. इन दोनों के प्रभाव से राज्य में नमी बढ़ गई है और मौसम अस्थिर हो गया है। 

    राजस्थान में मौसम ने ली करवट

    राजस्थान में भी मौसम ने करवट ले ली है और कई इलाकों में इसका असर साफ देखा जा सकता है. 6 से 8 अप्रैल के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर और कोटा संभागों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 7 अप्रैल को इन गतिविधियों का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है, जब कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश और तेज आंधी की स्थिति बन सकती है. इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालांकि 8 अप्रैल के बाद मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना जताई गई है। 
    मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश

    मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज अस्थिर बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसमें और बदलाव देखने को मिल सकता है. राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. 8 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, इससे किसानों को नुकसान हो सकता है. हवाओं की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो स्थानीय स्तर पर असर डाल सकती है. इस मौसमीय बदलाव के कारण तापमान में गिरावट आने की संभावना है, इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम की अस्थिरता बनी रहेगी। 
    पहाड़ी राज्यों का मौसम

        उत्तराखंड: उत्तराखंड में 6 और 7 अप्रैल को मौसम काफी सक्रिय रहने की संभावना है. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इससे यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 

        हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में 7 और 8 अप्रैल को ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और शिमला जैसे जिलों में तेज हवाएं और बारिश हो सकती है. हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने 10 अप्रैल तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है.

        जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में 8 और 9 अप्रैल को हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है. कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है. निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है. 12 अप्रैल के बाद मौसम सामान्य होने की संभावना जताई गई है.

    दक्षिण भारत का भी जान लीजिए हाल

    दक्षिण भारत में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है, खासकर तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में. यहां हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि पहाड़ी इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है. नमी बढ़ने के कारण वातावरण में बदलाव आया है और इससे मौसम का मिजाज प्रभावित हुआ है. कुछ इलाकों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी दर्ज की जा सकती है, लेकिन बारिश के कारण उमस भी महसूस हो सकती है. यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। 
    नॉर्थ ईस्ट में होगी लगातार बारिश

    पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय बना हुआ है और यहां लगातार बारिश हो रही है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है. 8 और 9 अप्रैल को मौसम और ज्यादा गंभीर हो सकता है, जब भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। 

    5 महत्वपूर्ण सवाल-जवाब:

    क्या आने वाले दिनों में मौसम और खराब होगा?

    मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिन तक मौसम अस्थिर बना रहेगा. पश्चिमी विक्षोभ और नमी के कारण कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि जारी रह सकती है. इसके बाद धीरे-धीरे सुधार की संभावना है, लेकिन पूरी तरह स्थिर होने में समय लग सकता है.

    किसानों के लिए यह मौसम कितना खतरनाक है?

    यह मौसम किसानों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है. ओलावृष्टि और तेज हवाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. खासकर गेहूं और फल-सब्जियों की फसल पर असर पड़ सकता है. किसानों को सतर्क रहने और फसल की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है.

    क्या बिजली गिरने का खतरा ज्यादा है?

    हां, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. खुले स्थानों पर रहने से बचें. पेड़ों के नीचे खड़े न हों. सुरक्षित स्थान पर रहें. मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

    तापमान पर इसका क्या असर पड़ेगा?

    लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी. कई राज्यों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है. इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन मौसम ठंडा और नम बना रहेगा.

    लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

    खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें. तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें. मौसम अपडेट पर नजर रखें. किसानों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

  • LPG संकट से निपटने के लिए सरकार ने बढ़ाई ‘छुटकू’ सिलेंडरों की सप्लाई, आईडी से मिलेगी सुविधा

    LPG संकट से निपटने के लिए सरकार ने बढ़ाई ‘छुटकू’ सिलेंडरों की सप्लाई, आईडी से मिलेगी सुविधा

    नई दिल्ली
    अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का 5वां हफ्ता चल रहा है और हाल-फिलहाल ये थमता नजर नहीं आ रहा है. रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई धमकी देकर टेंशन को और बढ़ा दिया है. इसके साथ ही होर्मुज पर राहत की उम्मीद भी कम हो गई है, जिसकी वजह से दुनिया के तमाम देशों में तेल-गैस का संकट गहरा गया है. भारत में भी एलपीजी किल्लत देखने को मिली, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से LPG प्रोडक्शन बढ़ाने, आयात में डायवर्सिफिकेशन समेत अन्य उपायों के जरिए स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया। 

    हालांकि, इस बीच एलपीजी गैस एजेंसियों के बार लंबी-लंबी कतारें जरूरी लगी नजर आई हैं, लेकिन सरकार की ओर से साफ किया गया है कि भारत के पास पर्याप्त स्टॉक है और पैनिक बायिंग (LPG Panic Buying) की जरूरत नहीं है. अब एलपीजी संकट का तोड़ निकालते हुए सरकार ने डिमांड पूरी करने के लिए 5 किलोग्राम वाले LPG Cylinders की सप्लाई तेज कर दी है। 

    6.6 लाख सिलेंडरों की बिक्री
    एलपीजी डीलर्स के काउंटर पर ही ये 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर उपबल्ध कराए गए हैं और इनकी बिक्री में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया है कि बीते 23 मार्च से अब तक देश में करीब 6.6 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। 

    पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सब्सिडी वाले घरेलू 14.2 किलोग्राम के सिलेंडरों के विपरीत इन 5 किलोग्राम की एलपीजी बोतलों को FTL Cylinder कहा जाता है. ये मार्केट रेट्स पर उपबल्ध हैं और किसी भी नजदीकी गैस डीलर से इन्हें लिया जा सकता है। 

    सिर्फ ID प्रूफ की जरूरत
    सबसे खास बात ये है कि इन छोटे सिलेंडरों को खरीदने के लिए किसी भी तरह के एड्रेस प्रूफ को दिखाने की भी जरूरत नहीं है. आपके पास सिर्फ वैध पहचान पत्र (Identity Proof) होना चाहिए और उसके दिखाने के बाद आपको ये दे दिया जाता है. सरकार ने एलपीजी की डिमांड को पूरा करने के लिए इन सिलेंडरों की आपूर्ति में बढ़ोतरी की है। 

    जमाखोरी पर सरकार का एक्शन
    इससे पहले बीते शनिवार को भी सरकार की ओर से बयान जारी कर लोगों से पेट्रोल, डीजल और LPG की घबराहट में खरीदारी करने से बचने की अपील की गई. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार पेट्रोलियम उत्पादों और कुकिंग गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। 

    इसके साथ ही तेल-LPG की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ लगातार एक्शन जारी है. इसके तहत 3,700 से अधिक छापे मारे गए हैं और एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स को लगभग 1,000 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. इसके अलावा अब तक 36 डीलरों को निलंबित किया जा चुका है। 

    'पूरी क्षमता से काम कर रहीं रिफाइनरियां'
    सरकार ने साफ किया है कि घरों और ट्रांसपोर्टेशन के लिए पूरी सप्लाई बनाए रखी जा रही है, जबकि फर्टिलाइजर्स प्लांटों को सप्लाई 6 अप्रैल से औसत खपत के लगभग 90 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें आने वाले LNG कार्गो से मदद मिलेगी। 

    मंत्रालय के मुताबिक, देश की सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और पूरे देश में पेट्रोल पंप पूरी तरह से भरे हुए हैं। 

     

  • हिमंता बनाम कुंकी, असम चुनाव में माँ पर लगे आरोपों को लेकर पुलिस तक पहुँचा विवाद, भाजपा और एजेपी आमने-सामने

    हिमंता बनाम कुंकी, असम चुनाव में माँ पर लगे आरोपों को लेकर पुलिस तक पहुँचा विवाद, भाजपा और एजेपी आमने-सामने

    असम
    असम विधानसभा चुनाव में सबसे कम उम्र की प्रत्याशी कुंकी चौधरी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। सीएम सरमा ने असम जातीय परिषद (AJP) की उम्मीदवार कुंकी चौधरी की मां पर बीफ खाने और फिर सोशल मीडिया पर इसका दिखावा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कुंकी चौधरी की मां ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान और बीफ खाने के पोस्ट शेयर किए थे। इसके बाद कुंकी चौधरी ने भी तस्वीरों को गलत बताते हुए पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है।

    सीएम सरमा ने कहा था कि कुंकी चौधरी औ उनकी मां सनातनी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा, ''प्रसारित की जा रही सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता/डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके रूपांतरित और मनगढ़ंत बनाया गया है… इन वीडियो को संभवतः जनता में गलतफहमी पैदा करने के उद्देश्य से प्रसारित किया जा रहा है।''

    उन्होंने पुलिस से मामले को अत्यावश्यक मानते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। संपर्क करने पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे शिकायत की जांच कर रहे हैं और आरोपों को लेकर छानबीन शुरू कर दी गई है। शिकायत दर्ज कराने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कुंकी ने आरोप लगाया कि फर्जी वीडियो अपलोड करने वाले कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ता सत्ताधारी भाजपा से जुड़े हैं और मुख्यमंत्री शर्मा के करीबी हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि भाजपा मेरे खिलाफ इतना घटिया रवैया क्यों अपना रही है। मैं राजनीति में अभी नयी हूं और वे मेरे साथ ऐसा कर रहे हैं।'
    कौन हैं कुंकी चौधरी

    यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से परास्नातक डिग्री प्राप्त 27 वर्षीय कुंकी गुवाहाटी मध्य निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार गुप्ता से है। वह गुवाहाटी की रहने वाली हैं और असम में शिक्षा को लेकर कई ट्रस्ट और संस्थाएं चला रही हैं।

    मुख्यमंत्री शर्मा द्वारा उनकी मां पर लगाए गए आरोपों के बाद, कुंकी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने देश में उन्हें घर-घर में मशहूर करने के लिए शर्मा को धन्यवाद दिया था। उन्होंने कहा था, ''माननीय मुख्यमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद। मुझे पता चला है कि मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मेरी मां पर कुछ आरोप लगाए हैं, जो पूरी तरह से झूठे हैं।''(भाषा से इनपुट्स के साथ)

  • घबराएं नहीं! देश के पेट्रोल पंपों पर तेल का फुल स्टॉक, सरकार ने जारी की नई एडवाइजरी

    घबराएं नहीं! देश के पेट्रोल पंपों पर तेल का फुल स्टॉक, सरकार ने जारी की नई एडवाइजरी

    नई दिल्ली  
    सरकार ने एक बार फिर से देश के नागरिकों से पेट्रोल-डीजल या एलपीजी की पैनिक बायिंग यानी घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की है. जारी बयान में सरकार ने कहा है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बंद होने से जुड़ी रुकावटों के बावजूद देश में ईंधन की सप्लाई पर्याप्त और सुचारू बनी हुई है. इसमें भरोसा दिलाते हुए कहा गया है कि पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स से लेकर कुकिंग गैस तक बिना रुकावट के मिल रही है.

    पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को सरकार की ओर से नागरिकों से पेट्रोल, डीजल और LPG की घबराहट में खरीदारी करने से बचने की अपील की गई. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार पेट्रोलियम उत्पादों और कुकिंग गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है. पैनिक बायिंग से बचने की अपील करने के साथ ही मंत्रालय की ओर से साफ हिदायत दी गई कि सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और ऊर्जा बचाएं.

    बयान में साफ कहा गया कि सरकार ने घरेलू LPG और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई को खासतौर पर घरों, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए प्राथमिकता पर रखा है. इसके अलावा रिफाइनरी प्रोडक्शन बढ़ाकर डिमांड को मैनेज करने के लिए उपाय लागू किए गए हैं. इनमें LPG रिफिलिंग के बीच के समय को बढ़ाना भी शामिल है.

    जमाखोरी पर एक्शन जारी
    रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल-गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ लगातार एक्शन जारी है. इसके तहत 3,700 से अधिक छापे मारे गए हैं और एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स को लगभग 1,000 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. इसके अलावा अब तक 27 डीलरों को निलंबित किया जा चुका है.

    मंत्रालय की ओर से आंकड़े पेश करते हुए कहा गया है कि जियो-पॉलिटिकल स्थिति के कारण सप्लाई पर दबाव है, लेकिन इसके बावजूद सेंटर्स पर एलपीजी की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं की गई है. बीते शुक्रवार को करीब 51 लाख LPG Cylinder बांटे गए, जिनमें से ऑनलाइन बुकिंग कुल डिमांड का 95% था.

    'पेट्रोल पंप पूरी तरह से भरे हैं'
    अन्य कदमों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को होर्मुज संकट से पहले के स्तर के 70% तक सीमित कर दिया गया है. इसके अलावा डिमांड को पूरा करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक फ्यूल ऑप्शन का इस्तेमाल हो रहा है. इसके साथ ही मंत्रालय ने आगे कहा कि सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ काम कर रही हैं, और देश भर के पेट्रोल पंप पूरी तरह से भरे हुए हैं.