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  • देश में स्मार्टफोन पर खर्च हुआ आय का 40%, 22 करोड़ यूजर्स का अपग्रेड महंगाई से प्रभावित

    देश में स्मार्टफोन पर खर्च हुआ आय का 40%, 22 करोड़ यूजर्स का अपग्रेड महंगाई से प्रभावित

    नई दिल्ली

    देश में 22 करोड़ लोग फीचर फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। वे स्मार्टफोन पर शिफ्ट होना चाहते हैं। पर बजट और महंगे हैंडसेट बड़ी बाधा हैं। एक भरोसेमंद स्मार्टफोन और एंट्री-लेवल फीचर फोन के बीच ₹4-6 हजार का अंतर है।

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक मेमोरी चिप की कीमतें बढ़ने से अंतर 6-8 हजार हो सकता है। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुताबिक महंगे स्मार्टफोन डिजिटल इंडिया के लिए चुनौती हैं। बेसिक स्मार्टफोन की कीमत यूजर की मासिक आय का 30-40% तक है।

    यह सामर्थ्य के तय मानक 5% से कई गुना है। सिंधिया ने सुझाव दिया है कि पीएलआई स्कीम को मेक इन इंडिया से आगे बढ़ाकर ‘अफोर्डेबल इन इंडिया’ की दिशा में ले जाना चाहिए।

    हिस्सेदारी

        5-10 हजार सेगमेंट: बाजार हिस्सेदारी 24% है और इसमें 71% मॉडल अब 5जी तकनीक वाले हैं।

        15 हजार से कम सेगमेंट: इसकी कुल मार्केट हिस्सेदारी 4% रह गई है और इसमें 100% मॉडल 4जी हैं।

    फीचर फोन से 7 गुना महंगा स्मार्टफोन
    देश का सबसे सस्ता 4जी स्मार्टफोन आईटेल जेनो ₹5799 रुपए का है। वहीं लावा शार्क ₹8999 रुपए में सबसे सस्ता 5जी स्मार्टफोन विकल्प है। इसके मुकाबले स्नेक्सलैन गुरु 301 जैसा 2जी फीचर फोन महज ₹649 और कार्बन के1 जैसा 4जी फीचर फोन मात्र ₹835 रुपए में उपलब्ध है।

    मेमोरी चिप महंगी होने से बढ़ेंगी कीमतें
    काउंटरपॉइंट रिसर्च के डायरेक्टर तरुण पाठक के मुताबिक 4जी फीचर फोन से 4जी स्मार्टफोन पर अपग्रेड के लिए ₹4 हजार अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं। यदि ग्राहक 5जी फोन चुनता है तो बोझ 6 हजार रुपए तक बढ़ जाता है। मेमोरी शॉर्टेज से कीमतें बढ़ने पर स्मार्टफोन खरीदना और मुश्किल होगा।

    मेमोरी चिप की कीमतों में उछाल: ₹8,000 तक बढ़ सकती है लागत 
    इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, साल 2026 तक स्मार्टफोन की कीमतों में भारी उछाल आने की उम्मीद है। इसका मुख्य कारण मेमोरी चिप की वैश्विक किल्लत और कीमतों में हो रही वृद्धि है। माना जा रहा है कि केवल मेमोरी की बढ़ती लागत के कारण हर हैंडसेट की कीमत में ₹6,000 से ₹8,000 तक का इजाफा हो सकता है। 

    काउंटरपॉइंट रिसर्च के डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार: 
    "वर्तमान में 4G फीचर फोन से स्मार्टफोन पर शिफ्ट होने का मतलब ₹4,000 का अतिरिक्त बोझ है, जो 5G के मामले में ₹6,000 तक है। 2026 में यह गैप और बढ़ेगा। सरकार को किफायती फोन निर्माताओं को इंसेंटिव देने पर विचार करना चाहिए।" 

    आय का 40% हिस्सा स्मार्टफोन पर: सिंधिया ने जताई चिंता 
    संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मुद्दे को डिजिटल समावेशन की 'नई सीमा' करार दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि कई बाजारों में एक बेसिक स्मार्टफोन की कीमत यूजर की मासिक आय के 30-40 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि वैश्विक मानक के अनुसार यह 5 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। सिंधिया ने सुझाव दिया है कि अब समय आ गया है जब PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजना का ध्यान "मेक इन इंडिया" के साथ-साथ "अफोर्डेबल इन इंडिया" पर भी केंद्रित हो। 

    बाजार का बदलता स्वरूप और चुनौतियां
    इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
    (MeitY) फिलहाल स्मार्टफोन निर्यात बढ़ाने और वैल्यू एडिशन पर ध्यान दे रहा है, लेकिन घरेलू बाजार में ₹5,000-10,000 की कैटेगरी छोटी होती जा रही है। 

    बाजार के प्रमुख आंकड़े (2025-26 अनुमान): 
    ₹5,000 से कम का सेगमेंट: कुल शिपमेंट में केवल 4% योगदान (सभी 4G फोन)। 

    ₹5,000-10,000 का सेगमेंट: 24% योगदान (71% 5G फोन)। 

    मुनाफे की कमी: OEMs (कंपनियों) के लिए इस कम बजट वाले सेगमेंट में मुनाफा कमाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। 

  • नासिक हादसा: कुएं में गिरी कार, एक परिवार के 9 लोगों की मौत, सब शोक में डूबे

    नासिक हादसा: कुएं में गिरी कार, एक परिवार के 9 लोगों की मौत, सब शोक में डूबे

    नासिक

     महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी तालुका में देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। एक मारुति XL6 कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित पानी से भरे कुएं में जा गिरी, जिसमें सवार नौ लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के नौ सदस्य शामिल थे। हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी शहर के शिवाजी नगर इलाके में हुआ।

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित लोग डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के दरगुडे परिवार के सदस्य थे। मृतकों की पहचान सुनील दत्तु दरगुडे (32), उनकी पत्नी रेशमा, आशा अनिल दरगुडे (32) और परिवार के छह बच्चों के रूप में हुई है; इन बच्चों में सात से 14 साल की उम्र की पांच लड़कियां और 11 साल का एक लड़का शामिल है।

    कार्यक्रम से लौटते समय हुआ हादसा
    परिवार वाले एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे। जो रात के अंधेरे में अचानक चालक का वाहन पर से नियंत्रण छूट गया और कार सीधे सड़क किनारे बने गहरे कुएं में गिर पड़ी। पानी भरा होने के कारण बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। देर रात तक चले बचाव अभियान में कड़ी मशक्कत के बाद कार और शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    कब हुआ हादसा?
    दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, यह परिवार एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहा था। इसी दौरान अचानक कार का नियंत्रण बिगड़ गया और वह सड़क किनारे बने गहरे कुएं में गिर गई। कुएं में पानी भरा होने की वजह से राहत और बचाव कार्य और भी मुश्किल हो गया।

    हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस को भी सूचना दी गई, लेकिन जब तक कार और लोगों को बाहर निकाला गया, तब तक सभी की मौत हो चुकी थी।

    परिवार के सभी सदस्यों की हुई मौत
    सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। राहत-बचाव अभियान के तहत दो क्रेन और तैराकों की मदद से आधी रात के आसपास कार और उसमें सवार सभी लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी।

    पुलिस ने बताया कि सभी मृतक डिंडोरी तालुका के इंदोरे गांव निवासी दरगुड़े परिवार के सदस्य थे। मृतकों की पहचान सुनील दत्तू दरगुड़े (32), उनकी पत्नी रेशमा, आशा अनिल दरगुड़े (32) और परिवार के छह बच्चों के रूप में हुई है। बच्चों में पांच लड़कियां (उम्र 7 से 14 वर्ष) और एक 11 वर्षीय लड़का शामिल है।

    सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए डिंडोरी के सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। 

    पुलिस को क्या पता?
    फिलहाल, सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे की असली वजह क्या थी। साथ ही सड़क की स्थिति, वाहन की रफ्तार और अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में ऐसा हादसा हुआ हो। इससे पहले भी यहां इस तरह की दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।

    जांच में जुटी पुलिस 
    दिंडोरी पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन से नियंत्रण खोना मुख्य कारण बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस रोड कंडीशन, वाहन की स्पीड और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे के सही कारण सामने आएंगे।

     

  • मालदा हिंसा के मास्टरमाइंड को बागडोगरा एयरपोर्ट से किया गया गिरफ्तार, भागने की कोशिश में था

    मालदा हिंसा के मास्टरमाइंड को बागडोगरा एयरपोर्ट से किया गया गिरफ्तार, भागने की कोशिश में था

    कोलकाता

    पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में हुई हालिया हिंसा और तनाव के मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. बंगाल पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम के मास्टरमाइंड माने जा रहे अधिवक्ता और एआईएमआईएम (AIMIM) नेता मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी उस समय हुई जब इस्लाम बागडोगरा एयरपोर्ट से राज्य छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था। 

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोफक्करुल इस्लाम के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद से ही उसकी तलाश जारी थी. खुफिया जानकारी मिली थी कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाला है. पुलिस की एक विशेष टीम ने जाल बिछाकर उसे टर्मिनल के पास से धर दबोचा। 

    इस्लाम पेशे से वकील है, जिसे कानून की अच्छी समझ है, फिर भी वह पुलिस की नजरों से बच नहीं सका. मोफक्करुल इस्लाम का राजनीतिक प्रोफाइल काफी सक्रिय रहा है। 

    वह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का एक प्रमुख चेहरा है. उसने साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उत्तर दिनाजपुर जिले की इटाहार (Itahar) सीट से AIMIM के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था. जांच में सामने आया है कि पिछले दिनों सुजापुर और कालियाचक के आसपास हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व भी इस्लाम ही कर रहा था। 

    पुलिस-प्रशासन को दी थी चुनौती
    हाल ही में सामने आए एक वीडियो में इस्लाम बेहद आक्रामक तेवर में जिले के आला अधिकारियों को ललकारता नजर आ रहा है. वीडियो में उसे कैमरे के सामने चिल्लाते हुए सुना जा सकता है, 'ओए डीएम , एसपी .. सीआईडी कहां हो? आईबी कहां है? तुम सब कहां हो? यहां आओ…" प्रशासन के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी और भीड़ को उकसाने के बाद से ही वह पुलिस के राडार पर था। 

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस्लाम की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है. आरोप है कि सुजापुर में हुए विरोध प्रदर्शनों को सुनियोजित तरीके से उसी ने लीड किया था. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हिंसा के पीछे कोई गहरी साजिश थी या यह अचानक भड़का हुआ आक्रोश था. फिलहाल वह पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। 

  • उत्तराखंड में 250 मदरसों को किया जाएगा स्कूल में रूपांतरित, ताले लगवाए गए

    उत्तराखंड में 250 मदरसों को किया जाएगा स्कूल में रूपांतरित, ताले लगवाए गए

    देहरादून 

    उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड भंग किए जाने पर विवाद बढ़ गया है। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि मदरसों पर बेवजह आरोप लगाना गलत है। उन्होंने कहा कि मदरसा बोर्ड को खत्म करना एक ऐतिहासिक गलती है। 

    मौलाना ने दावा किया कि मदरसों से जुड़े करीब 55 हजार उलमा और छात्र अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुए। 1857 से लेकर 1947 तक और उसके बाद भी मदरसों के उलमा देश की एकता के लिए खड़े रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी बिना इतिहास पढ़े ‘जिहाद की शिक्षा’ की बात कर रहे हैं, जो असंवैधानिक और अनैतिक है। उनके मुताबिक संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को शिक्षण संस्थाओं में सुधार की बात करनी चाहिए, न कि उन्हें बदनाम करना चाहिए।

    मौलाना ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार ने 250 मदरसों पर ताले लगा दिए और 125 सूफी मजारों पर बुलडोजर चलाया। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम उत्तर प्रदेश में भी नहीं उठाया गया और राज्य सरकार इस्लामी धार्मिक शिक्षा खत्म करने पर उतारू है।

    वहीं मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य में विभाजनकारी सोच को रोकने के लिए मदरसा बोर्ड समाप्त किया गया है। उनका कहना था कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को भी वही पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा, जो शिक्षा बोर्ड तय करता है, ताकि वे देश और समाज की प्रगति में योगदान दे सकें।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 1 जुलाई 2026 से इन संस्थानों में समान पाठ्यक्रम लागू होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर ‘जिहादी’ सोच पनप रही थी, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी। सरकार ने 250 से ज्यादा अवैध मदरसों पर भी कार्रवाई की, क्योंकि उनके रिकॉर्ड और पढ़ाई का विवरण स्पष्ट नहीं था।

     

  • बंगाल में 14 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, फर्जी आधार और कश्मीर के लिए मलेशियाई करेंसी का था जाल

    बंगाल में 14 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, फर्जी आधार और कश्मीर के लिए मलेशियाई करेंसी का था जाल

    जलपाईगुड़ी 
    भारत में अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ पश्चिम बंगाल और दिल्ली में दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयां की गई हैं। पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी रोड स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने दिल्ली जाने वाली नॉर्थईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन से 14 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए इन लोगों में चार महिलाएं और चार नाबालिग भी शामिल हैं।

    फर्जी आधार कार्ड का संदेह
    पकड़े गए इन व्यक्तियों के पास से आधार कार्ड बरामद हुए हैं। ये दस्तावेज फर्जी हैं या अवैध तरीकों से बनवाए गए हैं, इसकी सत्यता जांचने के लिए एक विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। तलाशी के दौरान इनके पास से फर्जी दस्तावेजों के साथ-साथ मलेशियाई मुद्रा भी बरामद की गई है। पूछताछ के दौरान पकड़े गए लोगों ने बताया कि वे काम की तलाश में कश्मीर जा रहे थे।

    समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए, आरपीएफ इंस्पेक्टर बिप्लब दत्ता ने बताया कि यह कार्रवाई विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर और नियमित ट्रेन चेकिंग के दौरान की गई। उन्होंने कहा, 'सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर, हमारे आरपीएफ कर्मचारियों ने ट्रेनों के निरीक्षण के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की। उनके आधार कार्ड की जांच करने पर, दस्तावेज़ फर्जी प्रतीत हुए। इसी पर कार्रवाई करते हुए हमने 5 पुरुषों, 5 महिलाओं और 4 बच्चों को हिरासत में लिया। ये सभी बांग्लादेश के निवासी हैं।'

    दिल्ली पुलिस के 'विदेशी सेल' का बड़ा अभियान
    इससे पहले 13 मार्च को, दिल्ली पुलिस के बाहरी जिले के विदेशी सेल ने भी अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ एक सख्त कदम उठाया था। एक विशेष अभियान के तहत, पुलिस ने 10 बांग्लादेशी प्रवासियों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर फर्जी मेडिकल वीजा व्यवस्था का उपयोग कर रहे थे।

    हिरासत में लिए गए इन अवैध नागरिकों को वापस भेजने के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) द्वारा निर्वासन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। विदेशी सेल की एक विशेष टीम को सत्यापन अभियान के दौरान सूचना मिली थी कि कुछ विदेशी नागरिक (जिनके बांग्लादेशी होने का संदेह था) अपने वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद इलाके में रह रहे हैं।

    बुल्गारिया जाने की फिराक में थे
    जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ कि ये व्यक्ति भारत में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज न होने के बावजूद, बुल्गारिया के लिए मेडिकल वीजा प्राप्त करने का प्रयास कर रहे थे। बाहरी जिले का विदेशी सेल अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध प्रवास के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चला रहा है। इसके तहत पुलिस की टीमें लगातार सत्यापन कर रही हैं, खुफिया जानकारी जुटा रही हैं और बिना वैध भारतीय दस्तावेजों के रहने वाले लोगों की पहचान कर रही हैं।

  • तेल संकट के मद्देनजर केंद्र ने लिया बड़ा निर्णय, 40 पेट्रोकेमिकल पर कस्टम ड्यूटी को किया जीरो

    तेल संकट के मद्देनजर केंद्र ने लिया बड़ा निर्णय, 40 पेट्रोकेमिकल पर कस्टम ड्यूटी को किया जीरो

    नई दिल्‍ली

    ईरान युद्ध के कारण बढ़ते तेल संकट के बीच भारत सरकार ने घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए 40 महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क (Customs Duty) को पूरी तरह से माफ कर दिया है. वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार, 2 अप्रैल को इस संबंध में एक आदेश जारी किया. इस कदम का उद्देश्य कच्चे माल की कीमतों में होने वाली बेतहाशा वृद्धि से भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सुरक्षित रखना है. मंत्रालय के अनुसार, इन उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी की छूट 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। 

    पेट्रोकेमिकल्स लगभग हर उद्योग में इस्‍तेमाल होते हैं. सरकार के इस फैसले प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल (कपड़ा), फार्मास्युटिकल (दवा), ऑटो कंपोनेंट्स और केमिकल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा. ड्यूटी हटने से इन उद्योगों की उत्पादन लागत कम होगी और इनको कीमतें बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे आम आदमी पर महंगाई का बोझ नहीं पड़ेगा। 

    इन पर शून्‍य हुआ शुल्‍क

        केमिकल्स: एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, मेथनॉल और फिनोल.
        इंडस्ट्रियल कच्‍चा माल: एसेटिक एसिड, प्यूरिफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड (PTA), और एपॉक्सी रेजिन। 

        पॉलिमर: एथिलीन के पॉलिमर और विभिन्न प्रकार के फॉर्मल्डिहाइड। 

    निर्यातकों को भी राहत
    ईरान युद्ध के कारण समुद्री व्‍यापार में आई रुकावट को देखते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने निर्यातकों को भी बड़ी सहायता दी है. पिछले महीने ही सरकार ने सभी पात्र निर्यात उत्पादों के लिए निर्यातित उत्पादों पर शुल्कों और करों की छूट योजना (RoDTEP) के तहत दरें और वैल्यू कैप बहाल कर दिए गए हैं. यह उन निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है जो खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते माल ढुलाई (Freight) खर्च और युद्ध से जुड़े जोखिमों के कारण व्यापारिक नुकसान झेल रहे थे। 

    देश में नहीं ईंधन की कमी
    सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल, एटीएफ और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है. यह रणनीतिक भंडार किसी भी अल्पकालिक आपूर्ति बाधा से निपटने के लिए सक्षम है. सरकार लगातार वैश्विक स्रोतों से ऊर्जा आपूर्ति के वैकल्पिक रास्ते तलाश रही है ताकि देश की विकास दर पर कोई आंच न आए। 

  • MBA छात्र ने किडनी बेचकर फीस भरी, 9 लाख का सौदा, मिली सिर्फ 3.5 लाख

    MBA छात्र ने किडनी बेचकर फीस भरी, 9 लाख का सौदा, मिली सिर्फ 3.5 लाख

    देहरादून

    देहरादून के एक नामी कॉलेज में एमबीए चतुर्थ सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा छात्र अपनी फीस जमा करने को किडनी बेचने को तैयार हो गया। उसने ऑपरेशन करवाकर किडनी निकलवा तो ली, लेकिन उसके साथ धोखाधड़ी हो गई। पुलिस को उसने बताया कि पहले नौ लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, लेकिन बाद में यह लोग छह लाख ही देने को तैयार हुए। ऑपरेशन होने के बाद खाते में 3.50 लाख रुपये ही दिए। उसने पुलिस से बकाया पैसा दिलाने की भी मांग की।

    कानपुर डीसीपी वेस्ट जोन एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि आयुष कुमार बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। वह देहरादून में एमबीए कर रहा है। उसने पुलिस को बताया कि परिवार में मां, छोटा भाई और बहन है। पिता ने किसी कारण से आत्महत्या कर ली थी। इसके चलते पढ़ाई छूटने के डर से वह किडनी बेचने को तैयार हो गया।

    किडनी रैकेट के संपर्क में कैसे आया
    किडनी रैकेट के संपर्क में कैसे आया, पुलिस के इस सवाल पर उसने बताया कि पांच से छह माह पूर्व टेलीग्राम पर किडनी डोनर ग्रुप से जुड़ा। वह पहले लोन लेकर फीस देना चाहता था लेकिन लोन मिला नहीं। इसके बाद किडनी डोनेट करने का निर्णय लिया। उसे डॉक्टर अफजल, डॉ. वैभव कानपुर लेकर आए थे। डीसीपी ने बताया कि आयुष साइबर अपराध से भी जुड़ा रहा है। उसके खिलाफ पुलिस को साक्ष्य मिले हैं। उसने कई म्यूल अकाउंट बनवाए हैं। ऐसे में अपराधियों से उसकी साठगांठ की डिटेल खंगाली जा रही है।

    लखनऊ-नोएडा के अस्पताल रडार पर
    एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि जांच के दौरान लखनऊ और नोएडा के कुछ अस्पतालों की बारे में जानकारी मिली है। यहां से केस बिगड़ने के बाद मरीजों को लखनऊ और नोएडा के बड़े अस्पतालों में भेजा जाता था। साफ है कि इन अस्पतालों की भी अवैध किडनी कारोबार में भूमिका है। जांच चल रही है।

    डॉक्टर दंपति समेत छह धरे
    किडनी की खरीद-फरोख्त और अवैध ट्रांसप्लांट के रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने आईएमए की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति आहूजा समेत पांच डॉक्टरों और एक दलाल को गिरफ्तार किया है। अभी दो और डॉक्टरों समेत चार लोगों की पुलिस को तलाश है।

  • चीन के लिए खतरे की घंटी: भारतीय नौसेना को एक ही दिन में 3 ब्रह्मोस मिसाइल वाले जहाज मिले

    चीन के लिए खतरे की घंटी: भारतीय नौसेना को एक ही दिन में 3 ब्रह्मोस मिसाइल वाले जहाज मिले

    मुंबई 

    हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती उपस्थिति के बीच भारत की समुद्री ताकत को एक बड़ा बढ़ावा मिला है। भारतीय नौसेना को सोमवार को कोलकाता में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) से एक ही दिन में तीन नए जहाज प्राप्त हुए हैं। इनमें दो युद्धपोत (एक स्टेल्थ फ्रिगेट सहित) और एक बड़ा सर्वेक्षण पोत शामिल हैं। इन तीनों पोतों के नाम दूनागिरी, अग्रेय और संशोधक हैं।

    तीनों जहाजों की मुख्य विशेषताएं

    1. दूनागिरी (स्टील्थ फ्रिगेट)
    यह प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित नीलगिरि श्रेणी का पांचवां युद्धपोत है, जिसे पिछले 16 महीनों में नौसेना को सौंपा गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 जुलाई, 2022 को कोलकाता के GRSE में इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया था। यह 149 मीटर लंबा और 6,670 टन वजनी गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट है।

    मारक क्षमता की बात करें तो यह ब्रह्मोस एंटी-शिप और लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ उन्नत रक्षा प्रणालियों से लैस है। यह हवा, सतह और पानी के नीचे बहु-आयामी ऑपरेशनों को अंजाम देने में सक्षम है।

    वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किए गए इस जहाज के निर्माण में 75% स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है और 200 से अधिक MSME इसमें शामिल रहे हैं। पिछले अनुभवों के आधार पर इसके निर्माण की अवधि को नीलगिरि के 93 महीनों के मुकाबले घटाकर 80 महीने कर दिया गया।

    2. अग्रय (एंटी-सबमरीन वारफेयर शिप)
    यह आठ 'अरनाला' श्रेणी के एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट्स (ASW-SWCs) में से चौथा जहाज है। इसका मुख्य उद्देश्य नौसेना की पनडुब्बी रोधी, माइन-वॉरफेयर और तटीय निगरानी क्षमताओं को बढ़ाना है। 77 मीटर लंबा यह वॉटरजेट-संचालित युद्धपोत अत्याधुनिक लाइटवेट टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और उथले पानी के सोनार (SONAR) से लैस है। 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप इसमें 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।

    3. संशोधक (लार्ज सर्वे वेसल)
    संशोधक एक विशाल सर्वेक्षण पोत है, जिसे तटीय और गहरे पानी के हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण के लिए डिजाइन किया गया है। इसका विस्थापन लगभग 3400 टन और कुल लंबाई 110 मीटर है। इसका मुख्य काम बंदरगाहों के रास्तों का सर्वेक्षण करना और नेविगेशनल मार्गों (समुद्री रास्तों) का सटीक निर्धारण करना है। इसके अलावा, यह रक्षा और नागरिक इस्तेमाल के लिए समुद्र विज्ञान और भूभौतिकीय डेटा भी एकत्र करेगा।

    यह डेटा अधिग्रहण प्रणाली, ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल (AUV), रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV), DGPS लॉन्ग-रेंज पोजिशनिंग सिस्टम और डिजिटल साइड स्कैन सोनार जैसे अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक उपकरणों से लैस है। यह पोत 30 अक्टूबर 2018 को चार सर्वेक्षण जहाजों के लिए हुए एक कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा है। इसी क्लास के पिछले तीन जहाज- INS संधायक, INS निर्देशक और INS इक्षक क्रमशः फरवरी 2024, दिसंबर 2024 और नवंबर 2025 में कमीशन किए जा चुके हैं। इसमें भी लागत के हिसाब से 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री लगी है।

    GRSE की अन्य परियोजनाएं

    GRSE वर्तमान में नौसेना के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण युद्धपोतों का निर्माण कर रहा है।

        एक प्रोजेक्ट 17A एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट
        चार ASW-SWC
        चार नेक्स्ट-जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPVs)

    इसके अलावा, शिपयार्ड 30 अन्य जहाजों का निर्माण कर रहा है, जिनमें से 13 निर्यात के लिए हैं। GRSE पांच नेक्स्ट-जेनरेशन (अगली पीढ़ी के) कार्वेट के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण अनुबंध को अंतिम रूप देने के भी उन्नत चरण में है।

  • BCCI के ब्रॉडकास्ट इंजीनियर का शव मुंबई के होटल में बरामद, IPL मैच कवरेज की थी जिम्मेदारी

    BCCI के ब्रॉडकास्ट इंजीनियर का शव मुंबई के होटल में बरामद, IPL मैच कवरेज की थी जिम्मेदारी

    मुंबई
    आईपीएल 2026 का रोमांच जारी है. लेकिन इसी बीच एक बुरी खबर सामने आई है. आईपीएल मैचों के लिए बीसीसीआई के साथ ब्रॉडकास्ट इंजीनियर के रूप में काम कर रहे एक ब्रिटिश नागरिक मुंबई के ट्राइडेंट होटल के कमरे में मृत पाए गए. मृतक की पहचान इयान विलियम्स लैंगफोर्ड के रूप में हुई है। 

    जानकारी के मुताबिक, इयान 24 मार्च से मुंबई के ट्राइडेंट होटल में ठहरे हुए थे और आईपीएल मैच कवरेज से जुड़े काम में लगे थे. 29 मार्च को मैच खत्म होने के बाद वह अपने रूम में लौटे थे. अगले दिन 30 मार्च को होटल रिसेप्शन की ओर से उन्हें कॉल किया गया, लेकिन कमरे से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद होटल स्टाफ उनके कमरे तक पहुंचा. अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर मास्टर की की मदद से कमरा खोला गया। 

    कमरे के अंदर इयान फर्श पर पड़े मिले. तुरंत होटल के इन-हाउस डॉक्टर को बुलाया गया, जिन्होंने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद मरीन ड्राइव पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी। 

    बता दें कि 29 मार्च को मुंबई के वानखेड़े मैदान पर मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला गया था. इस मैच में मुंबई इंडियंस ने शानदार जीत हासिल की थी. ये इस मैदान पर इस सीजन का पहला आईपीएल मैच था. जहां भारी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। 

  • असम चुनाव 2026: BJP ने घोषणापत्र में जमीन जिहाद पर रोक, 5 लाख करोड़ निवेश का किया वादा

    असम चुनाव 2026: BJP ने घोषणापत्र में जमीन जिहाद पर रोक, 5 लाख करोड़ निवेश का किया वादा

    गुवाहाटी

    असम विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है. मंगलवार को निर्मला सीतारमण ने बीजेपी का चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया. इसमें पार्टी ने फिर से सत्ता में आने पर प्रदेश में पांच लाख करोड़ के निवेश के साथ ही जमीन जिहाद पर रोक का वादा किया है। 

    गुवाहाटी स्थित असम बीजेपी के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जारी घोषणापत्र को पार्टी ने संकल्प पत्र नाम दिया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और असम बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप सैकिया के साथ केंद्र की मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह घोषणापत्र जारी किया. बीजेपी ने असम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने, दो लाख नौकरियां देने का भी वादा किया है। 

    मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मौके पर यह भी स्पष्ट किया कि छठी अनुसूची में शामिल क्षेत्रों के साथ ही अनुसूचित जनजाति के क्षेत्रों को इससे बाहर रखा जाएगा. लव जिहाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और असम को बाढ़मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे. सरकार गठन के बाद शुरुआती दो वर्ष में बाढ़मुक्त असम के निर्माण के लिए 18 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 

    सीएम ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज, वन यूनिवर्सिटी, वन इंजीनियरिंग कॉलेज’ को अपना लक्ष्य बताया और कहा कि अगले पांच साल में हम दो लाख रोजगार देंगे. वहीं, असम बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि 'सुरक्षित असम, विकसित असम' का निर्माण बीजेपी का लक्ष्य है. उन्होंने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश से मिले कुल दो लाख 45 हजार सुझावों को समेटकर पार्टी ने यह संकल्प पत्र तैयार किया है। 

    लोग अपने राज्य में लौटने लगेः सीतारमण
    केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने कहा, “पूर्वोत्तर क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास पर कांग्रेस की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया. असम में शांति बहाली और विकास तभी संभव होगा जब यहां पर स्थिरता आएगी. राज्य में बीजेपी के शासन के दौरान अवसरों में खासी वृद्धि हुई और इस वजह से असम के युवा अब वापस राज्य में लौटने लगे हैं। 

    कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस की नीतियों की वजह से असम को 32 सालों तक AFSPA के साए में रहना पड़ा, लेकिन BJP सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि इस कानून को ज्यादातर राज्यों से हटा दिया जाए। 

    ‘संकल्प पत्र’ को लेकर केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा, “‘संकल्प पत्र’ तैयार करने के पीछे की पृष्ठभूमि यह है कि हम असम से जुड़े सभी हिस्सों में लोगों के पास गए. हम घर-घर गए और अगले कार्यकाल में क्या करना है, इस बारे में लोगों के सुझाव मांगे और उसे एकत्र किए. इस दस्तावेज के आधार पर, यानी असम के लोगों के सुझावों के आधार पर, हम तीसरे कार्यकाल में काम करेंगे.” उन्होंने बताया कि करीब 3 लाख से अधिक लोगों ने अपने सुझाव दिए हैं। 

    मंत्री सीतारमण ने कहा, '2015-16 में असम का जीएसडीपी 2.24 लाख करोड़ रुपये था और आज 2025-26 में यह 7.41 लाख करोड़ रुपये है. 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 1.03 लाख रुपये थी, जबकि 2024-25 में यह 1.59 लाख रुपये है. यानी सिर्फ 4 सालों में 54फीसदी की बढ़ोतरी। 

    इस मौके पर मौजूद लोगों में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा, राज्य बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा, राज्य मंत्रिमंडल के मंत्री और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे. राज्य की 126 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होंगे, और वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। 

    असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी।