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  • देश के विकास के लिए पीएम मोदी का बड़ा बयान, 21वीं सदी का सबसे अहम फैसला लेने वाला है भारत

    देश के विकास के लिए पीएम मोदी का बड़ा बयान, 21वीं सदी का सबसे अहम फैसला लेने वाला है भारत

    नई दिल्ली
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित किया. सम्मेलन में सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति सहित अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां और सफल महिलाएं शामिल हुईं । 

    'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार भी हमारे बीच हैं. देश की विकास यात्रा में भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने वाला है.' यह फैसला महिला शक्ति को समर्पित है. यह महिला शक्ति के सम्मान के लिए समर्पित है । 

            हमारे देश की संसद एक नया इतिहास बनाने के करीब है. एक ऐसा नया इतिहास जो अतीत की सोच को साकार करेगा. एक ऐसा इतिहास जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा. एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतावादी हो, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ एक नारा न हो, बल्कि हमारे काम करने के तरीके, हमारे फैसले लेने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा हो. दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय आ गया है, राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक आज 16, 17 और 18 अप्रैल है । 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, '2023 में पार्लियामेंट की नई बिल्डिंग में हमने महिला सशक्तिकरण एक्ट पेश किया. इसे समय पर लागू किया जा सके, इसके लिए 16 अप्रैल से पार्लियामेंट के बजट सेशन की स्पेशल मीटिंग होने जा रही है. नारी शक्ति वंदन प्रोग्राम के जरिए हमें देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है. मैं आपको उपदेश देने नहीं आया हूँ, न ही आपको जगाने आया हूँ. मैं आज आपके देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद लेने आया हूँ । 

    नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने संबोधित किया
    इस मौके पर नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कहा, 'अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था, महिलाएं आधा आसमान संभालती हैं, तो क्या उन्हें कम से कम एक तिहाई पॉलिटिकल जमीन नहीं संभालनी चाहिए? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नारी शक्ति वंदन अधिनियम के साथ उनके दूर के विचार को पूरा किया है । 

    यह एक्ट सिर्फ लोकसभा और विधानसभा में रिजर्वेशन देने के लिए नहीं है, बल्कि यह उस सोच को बदलने की कोशिश करता है जिसने सालों से महिलाओं को फ़ैसले लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा है. यह भारत के लोकतंत्र को सिर्फ संख्या से आगे बढ़ाकर ज़्यादा संवेदनशीलता की ओर ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। 

    बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ: सीएम रेखा गुप्ता
    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'हमने यह सफर बेटी बचाओ से शुरू किया था, एक समय था जब बेटियों को कोख में ही मार दिया जाता था. बेटियों को पढ़ाने का अगला दौर आया, तो हम बेटी पढ़ाओ के दौर में आ गए. मुझे बहुत खुशी है कि आज पीएम मोदी के नेतृत्व में हम 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ' के दौर में आ गए हैं । 

    इस कार्यक्रम का मकसद भारत की विकास यात्रा में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा करने के लिए अलग-अलग तरह के हितधारकों को एक साथ लाना है. यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में बड़े पैमाने पर प्रयासों के तहत आयोजित किया जा रहा है और इसका मकसद फैसले लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी के महत्व को बताना है। 

    यह पंचायत जैसे जमीनी स्तर के सरकारी संस्थानों से लेकर राष्ट्रीय संसद तक सभी सेक्टर में लीडरशिप रोल में महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी को भी दिखाएगा. यह इवेंट सितंबर 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पास होने के बाद हो रहा है, जो विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम था। 

    इस कानून में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई रिजर्वेशन का प्रावधान है, जिसे भारत के राजनीतिक माहौल के लिए बड़े पैमाने पर बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है । 

    अब जब पूरा ध्यान पूरे देश में महिला आरक्षण लागू करने पर है तो इस मुद्दे पर आगे चर्चा करने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का एक सत्र बुलाया गया है. उम्मीद है कि सम्मेलन इस पहल को लेकर तेजी लाएगा और शासन में ज्यादा सबको साथ लेकर चलने के केंद्र सरकार के वादे को फिर से पक्का करेगा । 

    आधिकारिक बयान के मुताबिक सम्मेलन में भारत के भविष्य को बनाने में महिलाओं की भागीदारी के महत्व पर भी जोर दिया जाएगा, क्योंकि देश 2047 तक एक विकसित देश बनने के अपने लंबे समय के विजन की ओर बढ़ रहा है, जिसे अक्सर 'विकसित भारत 2047' कहा जाता है । 

    केंद्र सरकार ने लगातार महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को एक विकसित भारत के अपने विजन का एक अहम हिस्सा बताया है. इस सम्मेलन से इस बात को और मजबूत करने और सबको साथ लेकर चलने वाली और टिकाऊ विकास पाने की कोशिशों को और मजबूत करने की उम्मीद है । 

  • रोहतक PGIMS से दिल्ली तक बना जीवन का रास्ता, एक डोनर ने बचाईं कई जानें

    रोहतक PGIMS से दिल्ली तक बना जीवन का रास्ता, एक डोनर ने बचाईं कई जानें

    रोहतक

    यह कहानी सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि समय के खिलाफ दौड़ती जिंदगी की एक सांस रोक देने वाली यात्रा है… जहां हर सेकंड की कीमत किसी की धड़कन तय कर रही थी. 9 अप्रैल की दोपहर हरियाणा के रोहतक स्थित पीजीआईएमएस में 37 वर्षीय व्यक्ति ब्रेन हेमरेज के बाद भर्ती हुआ था. उसने होश खो दिया था. डॉक्टरों ने तमाम कोशिशों के बाद उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. उसी दुख की घड़ी में एक उम्मीद जन्म ले रही थी.

    एक ऐसा निर्णय, जो कई जिंदगियों को बचाने वाला था. परिवार ने गहरा दर्द सहते हुए ऑर्गन डोनेट के लिए सहमति दे दी. यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन इंसानियत की मिसाल बन गया. कुछ ही घंटों में अस्पताल में सर्जिकल टीम एक्टिव हो गई. शरीर से अंगों को निकालने का काम शुरू हुआ- हार्ट, फेफड़े, लीवर, किडनी और कॉर्निया… हर ऑर्गन किसी न किसी अजनबी के लिए जीवन की नई किरण बनने वाला था.

    एजेंसी के अनुसार, दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में एक 26 साल का युवक भर्ती था, उसे गंभीर डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी थी- एक ऐसी बीमारी जिसमें दिल धीरे-धीरे कमजोर होकर शरीर का साथ छोड़ देता है. डॉक्टरों ने पहले ही बता दिया था कि बिना ट्रांसप्लांट के जीवन ज्यादा लंबा नहीं है. उस दिन जैसे ही उसे मैचिंग हार्ट मिलने की सूचना मिली, अस्पताल में हलचल तेज हो गई.

    दिल को रोहतक से दिल्ली तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. दिल्ली पुलिस और रोहतक पुलिस ने मिलकर सड़कों को इस तरह खाली कराया जैसे समय खुद रास्ता दे रहा हो. एम्बुलेंस में सुरक्षित रखा गया वह दिल, जो अभी कुछ समय पहले तक किसी और शरीर में धड़क रहा था, अब एक नए जीवन की ओर बढ़ रहा था.

    सायरन की आवाज के साथ एम्बुलेंस ने 2:50 बजे रोहतक से सफर शुरू किया. हर चौराहा पहले से खाली था, हर ट्रैफिक सिग्नल हरा. यह सिर्फ एक यात्रा नहीं थी, यह एक मानवीय कोशिश थी- जहां सिस्टम, डॉक्टर, पुलिस और आम लोग सभी एक साथ थे.

    98 किलोमीटर की यह दूरी सामान्य दिनों में डेढ़ से दो घंटे लेती है, लेकिन उस दिन समय भी हार मान चुका था. मात्र 85 मिनट में एंबुलेंस दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल पहुंच गई. जैसे ही हार्ट सर्जरी थिएटर में पहुंचा, डॉक्टरों की टीम तुरंत एक्टिव हो गई. हर सेकंड कीमती था. मशीनों की बीप, सर्जिकल उपकरणों की हल्की आवाज और डॉक्टरों की एकाग्रता- सब मिलकर उस कोशिश में थे, जहां दिल फिर से धड़कने वाला था.

    ऑपरेशन सफल रहा.
    26 वर्षीय मरीज, जो कुछ समय पहले तक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था, अब धीरे-धीरे नए दिल की धड़कन महसूस कर रहा था. ICU में उसकी हालत स्थिर बताई गई और डॉक्टरों की निगरानी जारी रही.

    एक डोनर से कई जिंदगियां बचाई गईं. फेफड़े गुरुग्राम के अस्पताल भेजे गए, लीवर और पैंक्रियास एम्स दिल्ली को मिले, जबकि किडनी और कॉर्निया रोहतक में ही इस्तेमाल किए गए. यह मानवता की कहानी है. यह बताती है कि जब सिस्टम, तकनीक और इंसानियत साथ आते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है.

    सबसे महत्वपूर्ण उस परिवार का साहस है, जिसने अपने दर्द को दूसरों की उम्मीद में बदल दिया. 98 किलोमीटर की वह सड़क शायद आम दिनों में सिर्फ एक मार्ग है, लेकिन उस दिन वह जीवन की सबसे तेज दौड़ बन गई, जहां एक दिल ने हार मानने से इनकार कर दिया, और कई दिलों को जीने का मौका दे दिया.

  • फर्जी और निष्क्रिय वोटरों पर कार्रवाई, UP में जुड़े सबसे ज्यादा नए मतदाता

    फर्जी और निष्क्रिय वोटरों पर कार्रवाई, UP में जुड़े सबसे ज्यादा नए मतदाता

    नई दिल्ली

    भारतीय चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट से करीब 5.2 करोड़ अयोग्य मतदाताओं के नाम हटा दिए हैं जो कि इन राज्यों के कुल मतदाताओं का लगभग 10.2 प्रतिशत है. आयोग का कहना है कि ये अभियान वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा और सटीक बनाने के उद्देश्य से चलाया गया, जिसमें अनुपस्थित, ट्रांसफर, मृत, डबल पंजीकृत और अन्य अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, ताकि फर्जी मतदान की गुंजाइश खत्म हो सके.

    आयोग ने बताया कि SIR का पहला चरण बिहार में शुरू किया गया था. इसके बाद उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और तमिलनाडु जैसे 11 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में एसआईआर अभियान शुरू किया गया था. अभियान के दौरान कुल 51 करोड़ मतदाताओं की जांच की गई, जिसमें से 10.2% नाम अनुपस्थित, मृत या फर्जी पाए जाने पर हटाए गए. आयोग ने ये कदम मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाने के उद्देश्य से उठाया है. इस प्रक्रिया में अंदमान-निकोबार से लेकर केरल तक के चुनावी डेटा को खंगाला गया और लाखों नए नाम भी जोड़े गए.

    अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कटे सबसे ज्याद नाम
    आंकड़ों के अनुसार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सबसे अधिक 16.6% नाम हटाए गए. इसके बाद उत्तर प्रदेश में 13.2% और गुजरात में 13.1% नामों की छंटनी की गई है. छत्तीसगढ़ में भी 11.3% मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए. बंगाल में ये दर 10.9% रही, जहां न्यायिक प्रक्रिया के जरिए 27 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए. इन राज्यों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग थे जो या तो स्थायी रूप से ट्रांसफर हो चुके थे या उनकी मृत्यु हो चुकी थी.

    '6.5 करोड़ ने नहीं किया कभी मतदान'
    SIR अभियान के दौरान पाया गया कि 13 करोड़ लोग अपने पंजीकृत पतों पर अनुपस्थित थे, जबकि 3.1 करोड़ लोग दूसरे राज्यों में चले गए थे.

    इसके अलावा मतदाता सूची ने करीब 6.5 करोड़ ऐसे मतदाता थे, जिन्होंने कभी मतदान ही नहीं किया. इससे फर्जी वोटिंग की आशंका बनी रहती थी. लिहाजा उन्हें हटाने से एक शुद्ध और सटीक मतदाता सूची तैयार हुई है. अब इन 12 प्रदेशों में शुद्धिकरण के बाद कुल 45.8 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में क्रमशः 20.9% और 10% की शुद्ध गिरावट दर्ज की गई है, जबकि पुडुचेरी में मतदाताओं की संख्या में 1% की शुद्ध गिरावट देखी गई है. मध्य प्रदेश में 5.7, राजस्थान में 5.4, केरल में 2.5 और लक्षद्वीप में 0.3% मतदाताओं की संख्या में कमी आई है.

    UP में जोड़े गए सबसे ज्यादा नाम
    आयोग ने बताया कि नाम हटाने के साथ-साथ निर्वाचन आयोग ने 2 करोड़ नए नाम मतदाता सूची में जोड़े भी हैं. जिसमें उत्तर प्रदेश 92.4 लाख नए मतदाताओं के साथ पहले स्थान पर है. यूपी के बाद तमिलनाडु में 35 लाख, केरल में 20.4 लाख और राजस्थान में 15.4 लाख नए नाम शामिल किए गए. मध्य प्रदेश में 12.9 लाख और गुजरात में 12 लाख से अधिक मतदाताओं ने फॉर्म 6 और फॉर्म 8 के जरिए अपना पंजीकरण कराया, जिससे सूची में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है.

  • जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में कांपी धरती, कई जिलों में भूकंप का असर

    जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में कांपी धरती, कई जिलों में भूकंप का असर

     डोडा

    जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में रविवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए.  रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई.  नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप सुबह 04:32 बजे आया. राहत की बात यह है कि अभी तक कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है. भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया है. पुलिस और राहत टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं.  प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क जरूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें.

    1 मार्च को भी आया था भूकंप
    डोडा में भूकंप के झटके महसूस करना कोई नई बात नहीं है. इससे पहले 1 मार्च 2026 को भी यहां 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था. हालांकि उस समय भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन लोगों में दहशत फैल गई थी.

    महाराष्ट्र में भी महसूस हुए थे भूकंप के झटके
    महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र स्थित हिंगोली जिले के कुछ हिस्सों में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए.  रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई. इसके साथ ही पड़ोसी जिलों नांदेड़ और परभणी के भी कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. हिंगोली के जिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने बताया कि पांगरा शिंदे गांव के कुछ हिस्सों में भूकंप का असर देखने को मिला है.  यहां कुछ घरों और सामुदायिक केंद्रो की दीवारों में दरार देखने को मिली हैं.  हालांकि किसी प्रकार की जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.

    वहीं, नादेड़ जिला अधिकारी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई थी.  नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की एक रीडिंग का हवाला देते हुए कहा कि भूकंप शनिवार सुबह 8.45 बजे दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र हिंगोली जिले की वसमत तहसील के शिरली गांव में भूमि से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था.

     

  • PM मोदी ने दिया मतुआ-नामशूद्र को संदेश: ‘आप यहां किसी TMC नेता की कृपा से नहीं’

    PM मोदी ने दिया मतुआ-नामशूद्र को संदेश: ‘आप यहां किसी TMC नेता की कृपा से नहीं’

    बर्धमान 

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार जोरों पर है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सबसे बड़े चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार के मैदान में उतार दिया है. पीएम मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के कटवा में चुनावी जनसभा को संबोधित किया और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जमकर निशाना साधा। 

    उन्होंने  कहा कि टीएमसी सरकार ने केंद्र की तमाम योजनाओं पर ब्रेक लगा रखा है. बीजेपी की सरकार बनते ही योजनाएं लागू की जाएंगी. पीएम मोदी ने दावा किया कि बर्धमान में हजारों-हजार लोगों का ये रैला बंगाल में खेला करने वाला है. यह दृश्य 4 मई के नतीजे का ट्रेलर है. उन्होंने कहा कि चुनाव में आपका उमंग, आपका उत्साह, आपकी ऊर्जा, आपका संकल्प देख रहा हूं. यह भय पर भरोसे की विजय का उद्घोष है. बंगाल परिवर्तन के लिए तैयार है। 

    पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी ने संकल्प लिया है कि बंगाल को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाएंगे. उन्होंने कहा कि कल ही बंगाल बीजेपी ने अपना घोषणापत्र जारी किया है. इसमें मैंने जो आपको 6 गारंटियां दी हैं, उन्हें लागू करने का रोडमैप है. पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल बीजेपी के सभी साथियों को इस शानदार घोषणापत्र के लिए बधाई देता हूं। 

    उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी, टीएमसी की निर्मम सरकार के भय को हटाकर भरोसे में बदलने की है. ये गारंटी पूरी कैसे होगी यह पूरा खाका बीजेपी के घोषणापत्र में है. पीएम मोदी ने कहा कि असम, केरल और पुडुचेरी में वोट पड़ चुके हैं. वहां भारी मतदान हुआ है. बहुत बड़ी संख्या में लोग मतदान के लिए निकले हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं ने बड़ी संख्या में वोट डाला है. चुनाव आयोग को बधाई देता हूं कि बिना किसी अप्रिय घटना के तीनों राज्यों में मतदान हुआ है। 

    पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट मीटिंग में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी. उन्होंने कहा कि मतुआ समुदाय, नामशूद्र और सभी शरणार्थियों को गारंटी देने आया हूं कि आप यहां किसी टीएमसी नेता की कृपा से नहीं हैं. पीएम ने कहा कि मोदी ने सीएए का कानून बनाकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि आप सभी यहां भारत के संविधान के संरक्षण में हैं। 

    उन्होंने कहा कि सीएए के तहत नागरिकता देने का काम और तेज किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि जो भारत में घुसपैठ कर आया है, वह भारत से खदेड़ा जाएगा. हर घुसपैठिए से कहूंगा कि वो अपना बोरिया बिस्तर बांध ले. जिन लोगों ने कागज बनाए, उनका भी हिसाब होगा. उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास बीजेपी का मंत्र है ही, लूटेरे और अत्याचारियों का भी पूरा हिसाब होगा। 

    पीएम मोदी ने कहा कि किसी घुसपैठिए को फर्जी राशन कार्ड दिया जाएगा, तो वह आपके हक का चावल लूटेगा. वह किसान के हक का पैसा भी लूट लेगा. अब टीएमसी को हरगिज मौका नहीं देना है. उन्होंने मतदान के दिन बीजेपी उम्मीदवारों को विजयी बनाने की अपील की. पीएम मोदी ने कहा कि आप यहां से जब जाएंगे, आप लोगों के पास जब जाएंगे, तब कहना कि मोदी जी आए थे और मोदी जी ने सबको पोइला बैसाख की शुभकामना दी है. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सत्ता में आई तो कोई भी योजना बंद नहीं की जाएगी, जो चल रही है. टीएमसी की भ्रष्टाचार की दुकान बंद हो जाएगी। 

  • चुनाव के बीच पार्टियों में खलबली, ECI ने तय समय-सीमा में चुनावी खर्च का विवरण जमा करने का निर्देश दिया

    चुनाव के बीच पार्टियों में खलबली, ECI ने तय समय-सीमा में चुनावी खर्च का विवरण जमा करने का निर्देश दिया

    नई दिल्ली
     विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के बीच, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के प्रमुखों को एक जरूरी याद दिलाई है. आयोग ने दलों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव खत्म होने की तय समय-सीमा के भीतर अपने चुनावी खर्च और उम्मीदवारों को दी गई एकमुश्त राशि का विवरण जमा कर दें। 

    चुनाव आयोग ने कहा है कि पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए, सभी राजनीतिक दलों के लिए चंदे की सटीक जानकारी देना अनिवार्य है. इसमें उम्मीदवारों को दी गई एकमुश्त राशि का विवरण भी शामिल होना चाहिए. आयोग ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि दलों द्वारा दी गई जानकारी में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

    सभी पंजीकृत राष्ट्रीय दलों, राज्य मान्यता प्राप्त दलों और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) के अध्यक्षों और महासचिवों को जारी किए गए एक हालिया पत्र में, चुनाव आयोग ने कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं. चुनाव आयोग ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए, उसने 2001 में एक प्रारूप तय किया था. इस प्रारूप को समय-समय पर (27 दिसंबर 2001, 22 मार्च 2004, 13 जनवरी 2009, 21 जनवरी 2013 और 15 जनवरी 2022 को) संशोधित किया गया है। 

    इस प्रारूप के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों के लिए प्रत्येक विधानसभा या लोकसभा चुनाव के बाद अपने चुनाव खर्च का विवरण जमा करना अनिवार्य है. यह विवरण चुनाव पूरा होने के 75 से 90 दिनों के भीतर जमा करना होगा। 

    चुनाव आयोग (ECI) ने कहा है कि मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पार्टियों को अपने चुनाव खर्च का विवरण सीधे चुनाव आयोग को सौंपना होगा. वहीं, गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत पार्टियों (RUPPs) को यह विवरण उस राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को देना होगा जहां पार्टी का मुख्यालय स्थित है। 

    आयोग ने आगे बताया कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के खातों में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए, संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्देश दिया गया है. इसके अनुसार, पार्टियों को चुनाव खत्म होने के 30 दिनों के भीतर एक 'आंशिक चुनाव खर्च विवरण' जमा करना होगा. इसमें उन सभी दान, चंदे या एकमुश्त भुगतान की जानकारी देनी होगी जो पार्टी ने चुनाव के दौरान अपने उम्मीदवारों को दिए हैं. यह नियम 8 सितंबर, 2015 से प्रभावी है। 

    चुनाव आयोग ने कहा कि उनके सामने ऐसे कई मामले आए हैं जहां जमा किए गए खातों या बयानों में सही ढंग से मिलान नहीं किया गया था. आयोग ने यह भी नोट किया कि ऐसा लगता है कि उसके निर्देशों का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया है। 

    चुनाव आयोग (ECI) द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए, सभी राजनीतिक दलों को उम्मीदवारों को दिए गए दान या एकमुश्त राशि का सही-सही विवरण देना अनिवार्य है. यदि राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव आयोग/मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दी गई जानकारी और उम्मीदवारों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास जमा किए गए चुनावी खर्च के विवरण (जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 78 के तहत) में कोई भी अंतर पाया जाता है, तो चुनाव आयोग 'चुनाव संचालन नियम, 1961' के नियम 89(5) के तहत उचित कार्रवाई करेगा। 

    चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों (CEO) को यह निर्देश भी जारी किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी राजनीतिक दलों को इस बारे में सूचित करें। 

    गौरतलब है कि असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में संपन्न हुए. चुनाव आयोग के अनुसार, असम में अनुमानित 85.38 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि केरल में 78.03 प्रतिशत और पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत मतदान हुआ। 

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में और तमिलनाडु में एक ही चरण में होंगे. पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे व अंतिम चरण के लिए 29 अप्रैल को होगा. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा. चुनाव नतीजे एक साथ 4 मई को जारी होंगे. असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को और केरल का 23 मई को समाप्त होगा। वहीं, तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को और पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को पूरा होगा। 

  • कर्नल श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर का प्रमोशन, रिटायरमेंट स्थगित

    कर्नल श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर का प्रमोशन, रिटायरमेंट स्थगित

     नई दिल्ली,

    भारतीय सेना ने कर्नल श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर रैंक पर प्रमोशन की मंजूरी दे दी है. कर्नल पुरोहित लंबे समय तक कानूनी लड़ाई और विवादों में रहे हैं. अब उनके याचिका की सुनवाई के बाद उन्हें प्रमोशन देने का फैसला लिया गया है। 

    कर्नल पुरोहित 31 मार्च, 2026 को रिटायर होने वाले थे, लेकिन सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) ने उनकी प्रमोशन की याचिका पर विचार किया और उनकी रिटायरमेंट पर रोक लगा दी थी। 

    17 साल के लंबे सफर के बाद कर्नल पुरोहित को ये प्रमोशन मिलना, उनकी जिंदगी के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है. उन्होंने एक हाई-प्रोफाइल विस्फोट मामले में आरोपी होने से लेकर एक सीनियर कमांडर के तौर पर अपनी जगह बनाई है। 

    2008 में मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद उनका करियर पूरी तरह रुक गया था. हालांकि 2017 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वो सेवा में वापस तो आ गए, लेकिन उनकी सीनियरिटी और प्रमोशन सालों तक लटके रहे। 

    बरी होने के बाद मिली नई दिशा
    कर्नल पुरोहित को 31 जुलाई, 2025 को मुंबई की एक विशेष एनआईए अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया था. अदालत ने सबूतों की कमी और अभियोजन पक्ष के मामले में विरोधाभासों का हवाला दिया था. इसके बाद, सितंबर 2025 में उन्हें पूर्ण कर्नल के पद पर प्रमोट किया गया। 

    कर्नल पुरोहित 31 मार्च, 2026 को रिटायर होने वाले थे. हालांकि, 16 मार्च, 2026 को जस्टिस राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली बेंच ने फैसला सुनाया कि पुरोहित के पास अपने जूनियर्स के बराबर फायदे और प्रमोशन पाने का पुख्ता मामला है. ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि प्रमोशन से जुड़ी उनकी शिकायत का समाधान होने तक उनकी रिटायरमेंट को स्थगित रखा जाए। 

    इंडिया टुडे के सूत्रों के मुताबिक, सेना की ओर से ब्रिगेडियर रैंक की मंजूरी उनके जेल और ट्रायल के दौरान खोए गए सालों की एक तरह से भरपाई है. अगर उनका करियर बाधित नहीं होता, तो उनके बैच के साथी अब तक वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर पहुंच चुके होते.सामान्य परिस्थितियों में वो अब तक मेजर जनरल के पद तक पहुंच सकते थे। 

  • राज्यसभा उपसभापति हरिवंश का एक और कार्यकाल, राष्ट्रपति ने किया सदस्य के तौर पर मनोनीत

    राज्यसभा उपसभापति हरिवंश का एक और कार्यकाल, राष्ट्रपति ने किया सदस्य के तौर पर मनोनीत

     नई दिल्ली

    राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का बतौर सदस्य कार्यकाल आज यानी 10 अप्रैल को समाप्त हो रहा है. रिक्त हो रही सीट के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है. हरिवंश की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने इस बार उनको राज्यसभा नहीं भेजा था. हरिवंश की उच्च सदन से विदाई तय मानी जा रही थी, लेकिन ऐन मौके पर उनको एक और कार्यकाल का तोहफा मिल गया है। 

    हरिवंश को राष्ट्रपति ने अपने कोटे से राज्यसभा सांसद मनोनीत कर दिया है. इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है. राष्ट्रपति कोटे से मनोनयन के बाद अब यह तय हो गया है कि अगले छह साल तक उच्च सदन में हरिवंश की आवाज अभी गूंजती रहेगी. हरिवंश का राज्यसभा सदस्य के रूप में यह तीसरा कार्यकाल होगा। 

    गृह मंत्रालय की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन में कहा गया है कि राष्ट्रपति एक नामित सदस्य की सेवानिवृत्ति के कारण हुई रिक्ति को भरने के लिए राज्यसभा में हरिवंश को नामित करती हैं. गौरतलब है कि संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू राज्यसभा में 12 सदस्यों को मनोनीत कर सकती हैं। 

    साहित्य, कला, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों को मनोनीत किए जाने का प्रावधान संविधान में है. मनोनीत सदस्यों का कार्यकाल भी निर्वाचित सदस्यों की ही तरह छह साल का होता है. बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले हरिवंश पेशे से पत्रकार रहे हैं। 

    उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के जयप्रकाश नगर निवासी हरिवंश अप्रैल, 2014 में पहली बार राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए थे. तब उनको जेडीयू ने ही उच्च सदन में भेजा था. जेडीयू ने हरिवंश को लगातार दो बार राज्यसभा भेजा, लेकिन पार्टी ने तीसरा कार्यकाल नहीं दिया था. इसके बाद उच्च सदन में उनकी संसदीय पारी खत्म मानी जा रही थी, लेकिन ऐन वक्त पर सरकार ने राष्ट्रपति के कोटे से उनको मनोनीत करा दिया। 

    हरिवंश साल 2018 में 9 अगस्त को राज्यसभा के उपसभापति निर्वाचित हुए थे. 14 सितंबर 2020 को उन्हें लगातार दूसरी बार उच्च सदन का उपसभापति चुना गया था. अब उनको उच्च सदन में तीसरा कार्यकाल भी मिल गया है, ऐसे में क्या उनको लगातार तीसरी बार उपसभापति भी चुना जाएगा? अब नजरें इस पर हैं। 

  • India’s Bright Future: विदेश से आई पॉजिटिव खबर, ग्लोबल टेंशन भी अब धुआं-धुआं

    India’s Bright Future: विदेश से आई पॉजिटिव खबर, ग्लोबल टेंशन भी अब धुआं-धुआं

    नई दिल्ली

    मिडिल ईस्ट युद्ध ने ग्लोबल टेंशन चरम पर पहुंचा दी थी. हालांकि, अब अमेरिका और ईरान में सीजफायर का ऐलान हो चुका है, लेकिन दूसरी ओर इसके टूटने की खबरें भी सुर्खियां बनी हुई है. बीते कुछ समय में वैश्विक संकट ने तमाम देशों का हाल-बेहाल किया, लेकिन फिर भी दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती भारतीय अर्थव्यस्था पर इसका असर कम ही देखने को मिला। 

    अब विश्व बैंक ने भी इसे माना है और Global Tension के बावजूद भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में इजाफा कर खुशखबरी दी है. World Bank ने कहा है कि इंडियन इकोनॉमी FY27 में 6.6 फीसदी की रफ्तार से भागेगी. बता दें कि कोरोना महामारी जैसे हालातों में भी भी भारत ने अपना दम दिखाया था और इस माहामारी के संकट से सबसे तेजी के साथ उबरी थी और दुनिया ने इसका लोहा माना था। 

    ग्लोबल टेंशन के बीच दी खुशखबरी
    वर्ल्ड बैंक ने बुधवार को अप्रैल 2026 के दक्षिण एशिया आर्थिक अपडेट को जारी करते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 6.6% कर दिया है. इससे पहले अक्तूबर 2025 में वर्ल्ड बैंक ने 6.3% की ग्रोथ रेट का अनुमान जाहिर किया था. India GDP Growth Rate को लेकर नया अनुमान जाहिर करने के साथ ही वैश्विक निकाय ने वेस्ट एशिया संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों का हवाला देते हुए आर्थिक वृद्धि दर (India's Economic Growth Rate) FY26 में अनुमानित 7.6% से कम रहने की बात कही है।  

    वर्ल्ड बैंक ने ये चेतावनी भी दी 
    विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में India GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाने के साथ ही आगे कहा कि वस्तुओं और सेवाओं पर कर यानी GST Rates में कमी से FY27 की पहली छमाही में उपभोक्ता डिमांड को समर्थन मिलता रहेगा. हालांकि, इसके साथ ही चेतावनी दी कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि (Global Energy Price Hike) से कीमतों पर दबाव बढ़ेगा और परिवारों के खर्च करने की क्षमता सीमित होगी। 

    खाना पकाने के फ्यूल के साथ ही फर्टिलाइजर्स पर ज्यादा सब्सिडी के कारण सरकारी खपत में ग्रोथ धीमी होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता और इनपुट कॉस्ट में इजाफा होने के बीच इन्वेस्टमेंट ग्रोथ में कमी आ सकती है। 

    साउथ एशिया की ग्रोथ में कमी 
    विश्व बैंक के मुताबिक, वैश्विक ऊर्जा बाजारों में रुकावटों के चलते दक्षिण एशिया में ग्रोथ 2025 के 7% से घटकर 2026 में 6.3% रहने का अनुमान है. इस क्षेत्र की ग्रोथ कई तरह से प्रभावित हो सकती है। 

  • Assembly Election 2026: 9 बजे तक केरल में 16.23%, असम में 17.87% और पुडुचेरी में 17.41% वोटिंग

    Assembly Election 2026: 9 बजे तक केरल में 16.23%, असम में 17.87% और पुडुचेरी में 17.41% वोटिंग

    तिरुवनंतपुरम/ बरपेटा

    देश के तीन राज्यों असम, केरलम और पुडुचेरी में आज विधानसभा चुनाव के लिए सिंगल फेज में वोटिंग चल रही है। कुल 296 सीटों पर मतदान हो रहा है। सुबह 9 बजे तक असम में 17.87%, केरलम में 16.23% और पुडुचेरी में 17.41% मतदान हुआ।

    पुडुचेरी के सीएम CM रंगास्वामी वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ तक मोटरसाइकिल से पहुंचे। यहां आने से पहले उन्होंने मंदिर में पूजा भी की। केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने भी सुबह ही मतदान किया। असम के सीएम हिमंता ने गुवाहाटी में मां कामाख्या मंदिर में पूजा की है।

    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने डाला अपना वोट
    कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने जोरहाट के DCB गर्ल्स हाई स्कूल में बनाए गए एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। उन्होंने कहा, "लोगों में उत्साह की एक लहर है। हमें पूरा भरोसा है कि हम असम के आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों को अक्षुण्ण रखते हुए एक 'नया असम' बनाएंगे।

    असम सीएम ने मां कामाख्या के मंदिर में की पूजा-अर्चना
    असम के मुख्यमंत्री और जालुकबारी से उम्मीदवार हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा, "आज असम में मतदान का दिन है। मुझे मतदान के दिन मां कामाख्या के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। मैंने मां से प्रार्थना की कि असम समृद्ध हो और राज्य के लोग आगे बढ़ें।"

    चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, असम में सुबह 9 बजे तक 17.87 प्रतिशत मतदान हुआ है. वहीं, शुरुआती दो घंटों में पुडुचेरी में 17.41 प्रतिशत और केरल में 16.23 प्रतिशत वोट पड़े हैं। 

    असम में माजुली जिले में सबसे अधिक 20.03 प्रतिशत वोटिंग हुई है, मोरीगांव जिले में 19.96 प्रतिशत, दरांग में 19.74 प्रतिशत, गोलपाड़ा में 19.66 प्रतिशत और जोरहाट में 19.01 प्रतिशत मतदान हुआ है। सुबह 9 बजे तक असम के कामरूप जिले में सबसे कम 15.36 प्रतिशत वोट पड़े हैं। 

    वहीं, सुबह 9 बजे तक केरल के एर्नाकुलम जिले में सबसे अधिक 17.80 प्रतिशत और कासरगोड जिले में सबसे कम 15.08 प्रतिशत मतदान हुआ है। 

    बता दें कि केरल में 883 उम्मीदवार मैदान में हैं, यानी प्रति सीट औसतन छह से सात प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां मतदाताओं की संख्या 27 लाख है, जो 30,000 से अधिक मतदान केंद्रों में फैले हुए हैं। 

    चार क्षेत्रों- पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम से मिलकर बने केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में कुल 9.50 लाख से ज्यादा वोटर हैं। इनमें से 24,919 वोटर पहली बार वोट डालेंगे। कुल 294 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 

    असम विधानसभा चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 59 महिलाएं शामिल हैं। असम में लगभग 25.05 मिलियन पंजीकृत मतदाता हैं जो इन चुनावों में हिस्सा लेने के योग्य हैं। राज्य ने वोटिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 31,490 मतदान केंद्र बनाए हैं। 

    126 सदस्यों वाली असम विधानसभा के लिए यह चुनाव बेहद अहम है, जिसमें भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस को सरकार में वापसी की उम्मीद है। यह चुनाव 2023 में इस पूर्वोत्तर राज्य में हुए परिसीमन के बाद पहला चुनाव होगा। 

    केरल की 140 विधानसभा सीटों पर चुनावों में तीन गठबंधनों के बीच मुकाबला है, जिसमें एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए आमने-सामने हैं। केरल का लेफ्ट फ्रंट लगातार पांचवीं बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। हालांकि, इस बार माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ के सामने सत्ता को बरकरार रखने की चुनौती है, क्योंकि कांग्रेस नीत यूडीएफ और भाजपा नीत एनडीए उसे कड़ी टक्कर दे रहे हैं। 

    पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इस केंद्र शासित प्रदेश में अभी 'ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस' (AINRC) के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में है, जिसकी कमान मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के हाथों में है और जिसे भाजपा का समर्थन प्राप्त है। 

    केरलम में 70 साल में पहली बार कोई सीएम हैट्रिक के लिए चुनाव लड़ रहा है। असम में बीजेपी हिमंता बिस्व सरमा के सहारे लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दांव खेल रही है। जबकि पुडुचेरी में कांग्रेस से निकले एन. रंगासामी पांचवी बार सत्ता में काबिज होने की कोशिश कर रहे हैं।

    असम में 126 सीट पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुनेंगे। पुडुचेरी में 20 पार्टियां के 294 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तीनों राज्यों में करीब 10 लाख से ज्यादा वोटर्स पहली बार मतदान करेंगे।

    असम, केरलम, पुडुचेरी चुनाव से जुड़े अपडेट्स

        केरलम तिरुवनंतपुरम में एक्टर मोहनलाल ने वोट किया। केरलम भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम में वोट किया। वे नेमम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

        केरलम के सीएम पिनाराई विजयन ने कन्नूर में आरसी अमला बेसिक अपर प्राइमरी स्कूल में वोट डाला। केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद सुरेश गोपी ने त्रिशूर में मतदान किया।

        असम के बरपेटा में सुबह से तेज बारिश के कारण वोटिंग में परेशानी आई। पुडुचेरी में रोबोट ने पोलिंग बूथ पर आने वाले वोटर्स का स्वागत किया।

    ईसरो के पूर्व वैज्ञानिक मंबी नारायणन ने डाला अपना वोट
    इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने तिरुवनंतपुरम के ईनचक्कल एलपी स्कूल में अपना वोट डाला।

    'इस सरकार को जाना ही होगा', बोले केसी. वेणुगोपाल
    अपना वोट डालने के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "हम 100 सीटों का आंकड़ा पार करने जा रहे हैं। मेरा यही अनुमान है। पिछले दो-तीन दिनों में कई खुलासे सामने आए हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि सरकार पूरी तरह से बैकफुट पर है। मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ स्पष्ट रूप से सत्ता-विरोधी लहर है और यह दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। केरल की जनता यह तय करेगी कि इस मुख्यमंत्री को जाना होगा और इस सरकार को भी जाना होगा। यूडीएफ इस राज्य के आम लोगों के लिए बेहतरीन गारंटियों का वादा कर रहा है। लोग उन गारंटियों पर भरोसा करेंगे और हमें वोट देंगे।"

    असम में भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार गुप्ता ने डाला अपना वोट
    भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार गुप्ता ने गुवाहाटी में अपना वोट डाला और नागरिकों से 'लोकतंत्र के उत्सव' में भाग लेने का आग्रह किया।

    कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने डाला अपना वोट
    कांग्रेस महासचिव (संगठन) और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने अंबलपुझा के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

    'हमें जनता पर और जनता को हम पर भरोसा', बोले केरलम के सीएम विजयन
    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, "झूठा प्रचार एलडीएफ को नहीं हरा सकता। हमें हमेशा लोगों पर भरोसा रहा है और लोगों को हम पर भरोसा है। पिछले दस सालों से हम लोगों के साथ चले हैं और यह सफर जारी रहना चाहिए। हम लोगों के साथ हैं और लोग हमारे साथ हैं। सांप्रदायिक प्रचार हमें नहीं हरा सकता।"

    पुडुचेरी के पूर्व सीएम ने डाला अपना वोट
    पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता वी. नारायणसामी ने VOC सरकारी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

    'विकास की बात करने पर मजबूर हुई कांग्रेस', वोट डालने के बाद बोले राजीव चंद्रशेखर
    केरल भाजपा के अध्यक्ष और नेमोम से उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "यह एक बेहद अहम चुनाव है। मुझे खुशी है कि एक वोटर और एक उम्मीदवार के तौर पर मैं इसका हिस्सा हूं। मैं हर वोटर से गुजारिश करता हूं कि वे इस अहम चुनाव में अपना वोट डालें और अपने वोट को बदलाव का जरिया बनाएं। भाजपा की वजह से ही कांग्रेस और सीपीएम को विकास की बात करने पर मजबूर होना पड़ा है। इस चुनाव में भाजपा-एनडीए का मजबूत प्रदर्शन राजनीतिक माहौल को बदल देगा और नेताओं को और ज्यादा जवाबदेह बनाएगा।"

    'अब केवल नतीजों का इंतजार', वोट डालने के बाद बोले केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी
    केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा, "केरल के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। भाजपा ने बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया है। भाजपा ने लोकतांत्रिक चुनावी अभियान की हर बारीकी तक पहुंच बनाई है। वह उन सभी क्षेत्रों तक पहुंची है और हर अंतिम छोर को छुआ है। अब हम केवल नतीजों का इंतजार कर सकते हैं। आप भली-भांति जानते हैं कि पहले और बाद में क्या बदलाव आया है।"

    'केरल में शानदार जनादेश की उम्मीद', बोले केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन
    केंद्रीय मंत्री और कांजीरापल्ली से एनडीए उम्मीदवार जॉर्ज कुरियन ने कहा, "हमें केरल में एनडीए के लिए एक शानदार जनादेश की उम्मीद है और हम लोगों से एनडीए के पक्ष में मतदान करने का आग्रह कर रहे हैं।"

    केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने डाला अपना वोट
    केरल भाजपा के अध्यक्ष और नेमोम से उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।

    केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने डाला अपना वोट
    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कन्नूर के पिनाराई आरसी अमला प्राइमरी स्कूल में विधानसभा चुनावों के लिए अपना वोट डाला।

    पीएम मोदी ने असम विधानसभा के लिए कही ये बात
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया कि जैसे ही असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान शुरू हुआ है, मैं असम की जनता से अपील करता हूं कि वे बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करें।