Category: मध्य प्रदेश

  • MP के 7400+ मेधावी छात्रों का सपना होगा पूरा, CM यादव आज करेंगे स्कूटी वितरण

    MP के 7400+ मेधावी छात्रों का सपना होगा पूरा, CM यादव आज करेंगे स्कूटी वितरण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को आज शनिवार को देंगे स्कूटी की सौगात

    7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थी होंगे लाभांवित
    भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को शनिवार को बड़ी सौगात देंगे। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 19 सितंबर को ई-स्कूटी का वितरण करेंगे। यह स्कूटी  "मुख्यमंत्री स्कूटी योजना ’ अंतर्गत दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की राह आसान होगी। साथ ही, कॉलेज आने-जाने में भी सहूलियत होगी। राज्य स्तरीय स्कूटी वितरण का कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवाजी नगर में भोपाल में सुबह 9 बजे से होगा।

    प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में ही 70% अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान आना जरूरी है। प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना का लाभ स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययनरत विद्यार्थी को दिया जाता है। योजना में सभी संकायों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। मोटराइज्ड स्कूटी के लिए अधिकतम 90 हजार रुपये और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है।

    अब तक प्रदेश के 23,000 से अधिक पात्र विद्यार्थी हो चुके हैं लाभान्वित

    प्रदेश सरकार द्वारा योजना अंतर्गत शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश के 7,400 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी का वितरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना से अब तक प्रदेश के 23,000 से अधिक पात्र विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के संचालन पर अब तक लगभग 246 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना मेधावी विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धि को प्रोत्साहित करने के साथ ही आगे की पढ़ाई के लिए सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने से शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ रहा है और उच्च शिक्षा की ओर उनकी भागीदारी को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।

     

  • 9 लाख 77 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिली 10.53 करोड़ रुपये की छूट

    9 लाख 77 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिली 10.53 करोड़ रुपये की छूट

    भोपाल 

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए अगस्त माह लाभदायक रहा। कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ व्यवस्था के तहत सोलर आवर्स (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) में बिजली की खपत पर 20 प्रतिशत तक की विशेष छूट का लाभ दिया जा रहा है।

    इसी के तहत अगस्त -2026 में कंपनी कार्यक्षेत्र के कुल 9 लाख 77 हजार 400 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनके बिजली बिलों में कुल ₹10.53 करोड़ रुपये की ToD छूट का सीधा लाभ मिला। इनमें भोपाल रीजन के 7 लाख 94 हजार 972 उपभोक्ताओं को 7 करोड़ 80 लाख 50 हजार रुपये तथा ग्वालियर रीजन के 1 लाख 82 हजार 428 उपभोक्ताओं को 2 करोड़ 72 लाख 82 हजार रुपये की छूट प्रदान की गई।

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री ऋषि गर्ग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए अपने परिसरों में स्मार्ट मीटर लगवाएं। स्मार्ट मीटर न केवल ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाते हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर नियंत्रण रखने और आर्थिक बचत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सोलर आवर्स (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) बिजली उपयोग करने पर ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर में 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए उपभोक्ता 1912 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा श्री कैलाश कुमार चौधरी, प्रबंधक (स्मार्ट मीटरिंग सेल) से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही Smartmeteringcellbhopal@gmail.com पर ई-मेल के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

    उपभोक्ताओं को घरेलू स्मार्ट मीटर से मिलने वाले फायदे

    •     ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है।
    •     बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती।
    •     ऐप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं।
    •     ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं।
    •     ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा मिलती है।
    •     ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।
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  • 200 ग्राम से अधिक सोना-चांदी, 1 लाख रुपये से अधिक नगद राशि, हथियार एवं मोटरसाइकिल बरामद

    200 ग्राम से अधिक सोना-चांदी, 1 लाख रुपये से अधिक नगद राशि, हथियार एवं मोटरसाइकिल बरामद

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गंभीर एवं संगठित अपराधों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग तथा पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ बेहतर अंतर्राज्यीय समन्वय के माध्यम से अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सिंगरौली पुलिस ने जयंत स्थित कंचन ज्वेलर्स में हुई डकैती की सनसनीखेज घटना का महज 06 घंटे में पर्दाफाश करते हुए अंतर्राज्यीय गिरोह के 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई में डकैती में लूटे गए 200.7 ग्राम सोने के आभूषण, 205.410 ग्राम चांदी के आभूषण, 1 लाख 04 हजार 200 रुपये नगद, 02 मोटरसाइकिल, 01 पिस्टल, 02 कट्टे एवं 01 मोबाइल फोन बरामद किया  है।

    हथियारों के बल पर ज्वेलर्स में डकैती

    जयंत स्थित कंचन ज्वेलर्स में आरोपियों द्वारा पिस्टल एवं कट्टे लहराकर दुकान के कर्मचारियों को धमकाते हुए डकैती की वारदात को अंजाम दिया गया। विरोध करने पर आरोपियों द्वारा दो व्यक्तियों पर हथियारों से हमला किया गया तथा घटना के दौरान फायरिंग भी की गई। घटना की सूचना मिलते ही सिंगरौली पुलिस ने बिना समय गंवाए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में आरोपियों की धरपकड़ एवं लूटी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित कीं।

    नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर, एसडीओपी मोरवा एवं एसडीओपी चितरंगी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीमों द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। साथ ही संदिग्धों के आवागमन एवं संभावित भागने के मार्गों की जानकारी एकत्र कर तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए सोनभद्र (उत्तरप्रदेश), बलरामपुर (छत्तीसगढ़), गढ़वा एवं पलामू (झारखंड) पुलिस को तत्काल सूचना देकर अंतर्राज्यीय सीमाओं एवं संभावित मार्गों पर अलर्ट जारी कराया गया। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन तथा अन्य संभावित मार्गों पर पुलिस टीमों द्वारा सघन चेकिंग एवं संदिग्धों की तलाश की गई।

    इसी दौरान प्राप्त मुखबिर सूचना के आधार पर संदिग्ध मोटरसाइकिलों का पीछा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा। पीछा किए जाने के दौरान आरोपियों की मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें दोनों घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। अंतर्राज्यीय पुलिस समन्वय के तहत उत्तरप्रदेश पुलिस के सहयोग से गिरोह के एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपी जवाबी फायरिंग में घायल हुआ था। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दूसरी मोटरसाइकिल तथा उसके हिस्से में आए लूट के आभूषण एवं नगदी जब्त की गई।

    पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर घटना में शामिल अन्य आरोपियों एवं वारदात से जुड़े नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। गिरोह के शेष आरोपियों की गिरफ्तारी तथा शेष लूटे गए मशरूका की बरामदगी के लिए पुलिस की विशेष टीमें विभिन्न राज्यों में भेजी गई हैं। प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

     

  • जनजातीय वैद्यों के जड़ी-बूटियों, वन एवं लोकज्ञान का दस्तावेजीकरण कराएगी सरकार

    जनजातीय वैद्यों के जड़ी-बूटियों, वन एवं लोकज्ञान का दस्तावेजीकरण कराएगी सरकार

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय समुदाय पुराकाल से हमारी सांस्कृतिक विरासत के संवाहक रहे हैं। इनके पास प्राकृतिक और औषधीय वनस्पतियों से जुड़ा अमूल्य देशज ज्ञान भी है। इस ज्ञान का संरक्षण, संवर्धन और वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज के पास प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का सदियों पुराना अनुभव और ज्ञान है। इस अमूल्य ज्ञान-सम्पदा को संरक्षित करना जनजातीय समाज के हित साधन के साथ ही प्रदेश की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश के जनजातीय बंधुओं के पास उपलब्ध औषधीय पौधों, खेती-किसानी, वन एवं लोकज्ञान की गूढ़ जानकारियां व अब मौखिक परम्पराओं तक ही सीमित न रहें, बल्कि इनका वैज्ञानिक तरीके से दस्तावेजीकरण हो, ताकि यह ज्ञान अगली पीढ़ी तक भी पहुंचे। हम जनजातियों की देशज ज्ञान-सम्पदा को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित और दस्तावेजीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की लगभग 21 प्रतिशत जनसंख्या जनजातीय समुदाय से संबंधित है। राज्य सरकार इनके समग्र कल्याण के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में जनजातीय वर्गों की वनों पर केन्द्रित जीवन संस्कृति और इनकी पारम्परिक ज्ञान-सम्पदा को संरक्षित करना भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वन, औषधीय पौधों, खेती-किसानी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा वृहद पारम्परिक ज्ञान लंबे समय से समुदाय के अनुभवी बुजुर्गों और पारम्परिक ज्ञानधारकों के जरिए एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचता रहा है। यद्यपि इस ज्ञान को व्यवस्थित रूप से अभिलेखबद्ध करना एक बड़ी चुनौती है, तथापि राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने जनजातीय समुदाय के देशी ज्ञानधारक बुजुर्गों और वरिष्ठ जानकारों के सहयोग से पारम्परिक ज्ञान-सम्पदा के दस्तावेजीकरण का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्था (टीआरआई-भोपाल) को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार की इस पहल के अंतर्गत जनजातीय समुदाय के परम्परागत वनवासी वैद्य, तड़वी, भुमका, बरवा, ओझा और गुनिया सहित बुजुर्ग ज्ञानधारकों तक सीधी पहुंच बनाई जा रही है। विशेष रूप से प्राकृतिक कंद-मूल (जड़ी-बूटियों) और औषधीय वनस्पतियों से सामान्य-असामान्य रोगों के अल्पावधि-दीर्घावधि उपचार से संबंधित जनजातियों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आ रहे नैसर्गिक ज्ञान और इनके अनुभवों को अभिलेख रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार भी इस दिशा में आगे आई है। केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने जनजातीय समुदाय के वैद्यों/चिकित्सकों को औषधीय पौधों, कृषि तथा वनोपज से संबंधित पारम्परिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण, प्रमाणीकरण तथा इसे और भी सुदृढ़ करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिलाने की एक देशव्यापी पहल शुरू की है। केंद्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में भी जनजातियों के देशी इलाज के समृद्ध ज्ञान के संरक्षण-संवर्धन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    केन्द्र सरकार चला रही ‘नेशनल प्रोग्राम ऑन कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफ ट्राइबल हीलर्स’

    उल्लेखनीय है कि जनजातीय समुदायों के पास पीढ़ियों से संरक्षित पारम्परिक चिकित्सा ज्ञान के अभिलेखीकरण के लिए केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन के तहत ‘नेशनल प्रोग्राम ऑन कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफ ट्राइबल हीलर्स’संचालित किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य देशभर में जनजातीय समुदायों से जुड़े वैद्यों (ट्राईबल हीलर्स) का 5,000 प्रशिक्षित ‘मास्टर ट्रेनर्स' का कैडर तैयार करना है। कार्यक्रम के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऐसे जनजातीय वैद्यों का चयन किया जा रहा है, जो अपने समुदाय में पारम्परिक उपचार पद्धतियों का अनुभव रखते हैं और आगे दूसरों को भी प्रशिक्षित कर सकें। चयन में जिलों, जनजातियों तथा उपचार विधाओं में विविधता सुनिश्चित करने पर जोर है। इस पहल से देशज चिकित्सा ज्ञान को अगली पीढ़ी तक व्यवस्थित रूप से पहुंचाने का मार्ग मजबूत होगा।

    मध्यप्रदेश की तैयारी

    प्रदेश के इंदौर, जबलपुर, शहडोल, नर्मदापुरम्, रीवा, ग्वालियर-चंबल, भोपाल एवं उज्जैन संभाग के कुल 34 जिलों के करीब 640 जनजातीय वैद्यों (ट्राईबल हीलर्स) को मास्टर ट्रेनर्स के रूप में नामांकित कर इनकी क्षमता निर्माण के लिए विशेष प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य में वृद्धि की भी संभावना है। जून 2026 के अंत तक प्रदेश से 101 ट्राईबल हीलर्स के नाम मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग लेने के लिए केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं। ट्राईबल हीलर्स के चयन की कार्यवाही चल रही है।

    जिलों से मांगे जा रहे हैं ट्राईबल हीलर्स के नाम

    राज्य शासन ने संबंधित कलेक्टर्स एवं जनजातीय कार्य विभाग के जिलाधिकारियों को ट्राईबल हीलर्स के नाम भेजने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों से मास्टर ट्रेनर्स के रूप में प्रशिक्षण लेने के लिए ऐसे जनजातीय वैद्यों/चिकित्सकों के नाम मांगे गए हैं, जो अनिवार्यत: अनुसूचित जनजाति समुदाय से हों। उनका अपने समुदाय में स्थापित प्रभाव हो और वे अन्य लोगों को प्रशिक्षित करने की स्थिति में हों। साथ ही ऐसे वैद्यों/चिकित्सकों के नाम भी मांगे गए हैं, जो उपचार के विभिन्न क्षेत्रों जैसे – जड़ी-बूटी चिकित्सा (हीलिंग विथ हर्ब्स), अस्थि चिकित्सा (बोन-सेटिंग), प्रसूति कराने (मिडवाईफरी) एवं सर्पदंश उपचार (स्नेक बाइट) आदि विधाओं में विशेषज्ञ हों।

     

  • प्रधानमंत्री  मोदी की पहल से शुरू हुई चीता पुनर्स्थापना यात्रा में कूनो ने रचा नया अध्याय

    प्रधानमंत्री मोदी की पहल से शुरू हुई चीता पुनर्स्थापना यात्रा में कूनो ने रचा नया अध्याय

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन अपना रास्ता खुद ढूंढ ही लेता है और जीवन की यही प्रकृति इसे और भी अधिक रोमांचक बनाती है। एक वक्त था, जब मध्यप्रदेश में गिनती के चीते हुआ करते थे। आज यहां चीतों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अत्यंत हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से शुरू हुई चीता पुनर्स्थापना की ऐतिहासिक यात्रा अब एक नए मुकाम पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि कूनों में बीते दिनों जन्मे चार नन्हें शावक चीता संरक्षण की हमारी यात्रा में आशा, जीवटता और सफलता का सुंदर प्रतीक है। पुनर्स्थापना के चार वर्ष पूर्ण होने के अगले ही दिन शुक्रवार (18 सितम्बर को) भारत में ही जन्मी मादा चीता केजीपी12 ने कूनों में चार नन्हें शावकों को जन्म दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रोजेक्ट चीता के लिये यह ऐतिहासिक और हर्ष का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल देश में चीतों की संख्या बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कूनो का प्राकृतिक वातावरण चीतों के प्रजनन और उनके संरक्षण के लिए अनुकूल बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीता प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।

    प्रोजेक्ट चीता : 56 हुआ भारत में चीतों का कुनबा

    प्रमुख तथ्य

        कूनो में गूंजी चीतों की नई किलकारी – भारत में जन्मी मादा KGP12 ने 4 शावकों को दिया जन्म, 52 से बढ़कर 56 हुआ भारत में चीतों का कुनबा।

        मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रोजेक्ट चीता के संरक्षण, संवर्धन और इनकी सुरक्षा पर हो रहा है निरंतर ठोस कार्य।

        भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने दिया 4 शावकों को जन्म। नई आमद के साथ चीता संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई है।

        चार वर्ष – चार नई जिंदगियां। प्रोजेक्ट चीता की यात्रा में यह उपलब्धि भारत में चीता संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन की सफलता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। मध्यप्रदेश चीतों के संरक्षण का मजबूत केंद्र बन गया है।

    वर्ष 2022 से 2026 तक चीता पुनर्स्थापना का सफल सफर

        17 सितंबर 2022 – नामीबिया से 8 चीते कूनो पहुंचे।

        फरवरी 2023 – दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए।

        फरवरी 2026 – बोत्सवाना से 9 चीते भारत लाए गए।

        इन पुनर्स्थापना प्रयासों और भारत में हुए प्रजनन के परिणामस्वरूप अब कुल 56 जीवित चीते हैं।

        52 से 56 – चीता परिवार में चार नए सदस्य

        चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारत में 52 जीवित चीते थे।

        KGP12 द्वारा 18 सितम्बर 2026 को चार शावकों को जन्म देने के बाद अब संख्या 56 हो गई है। भारत में जन्मे चीतों की संख्या अब 36 हो गई है। नए शावकों के साथ भारत में जन्मी चीता पीढ़ी का विस्तार और मजबूत हुआ है।

    मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण का हो रहा विस्तार

        वर्तमान में मध्यप्रदेश प्रोजेक्ट चीता का प्रमुख केंद्र है।

        कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 49 चीते और गांधी सागर वन्यजीव अभ्यारण्य में 3 चीते थे।

        चार नए शावकों के जन्म के बाद कूनो में चीतों की संख्या 53 और मध्यप्रदेश में कुल चीता संख्या 56 हो गई है।

        कूनो के साथ गांधी सागर में भी चीता संरक्षण का सफल विस्तार किया गया है।

    पुनर्स्थापना से प्रजनन तक

        17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए 8 चीतों के साथ भारत में प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत हुई थी।

        इसके बाद दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से भी चीते भारत लाए गए।

        भारत में हुआ चीतों का प्रजनन। भारत में जन्मी मादा द्वारा चार शावकों को जन्म देना इस यात्रा में नई उपलब्धि है।

        भारत में चीता संरक्षण पुर्नस्थापना तक ही सीमित नहीं, अब यह प्रजनन और नई पीढ़ी के संरक्षण के चरण में पहुंच चुका है।

    प्रधानमंत्री की पहल और संरक्षक के रूप में मध्यप्रदेश शासन की भूमिका

        प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक पहल से शुरू हुए प्रोजेक्ट चीता को मध्यप्रदेश शासन द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। वन विभाग, वन्यजीव विशेषज्ञों, पशु चिकित्सकों और मैदानी अमले द्वारा चीतों की सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, निगरानी एवं आवास प्रबंधन का कार्य लगातार पूरी मुस्तैदी से किया जा रहा है।

     

  • जापान, कोरिया, अमेरिका और स्वीडन के प्रतिनिधियों से की मुलाकात

    जापान, कोरिया, अमेरिका और स्वीडन के प्रतिनिधियों से की मुलाकात

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के यशोभूमि स्थित सेमीकॉन इंडिया 2026 में मध्यप्रदेश पवेलियन का भ्रमण कर सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विस्तार की संभावनाओं पर उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइनिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार उद्योगों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने पारस सेमीकंडक्टर्स, थॉमसन सेमीकंडक्टर्स, स्प्रिन्टोनिक्स एआई, एनएक्सपी इंडिया, मार्वल सेमीकंडक्टर्स, एल एंड टी सेमीकंडक्टर्स और स्वदेश आईसी सेमीकंडक्टर्स सहित विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद किया।

    वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा

    मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप (आईएसआईजी) के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में जापान की एक्रेटेक, केनन और कैइजो, कोरिया की हनवा और जेनसेम इंक तथा अमेरिका की मेकडरमिड अल्फा के प्रतिनिधि शामिल थे। जापानी प्रतिनिधिमंडल में आक्साईड कार्पोरेशन, स्केल फोटोनिक्स और इम्प्यूट इंक के प्रतिनिधियों से भी चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “सेमीकॉन इंडिया-2026" वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के साथ संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण मंच है। मध्यप्रदेश अपनी औद्योगिक क्षमता, निवेश की संभावनाओं और उपलब्ध संसाधनों के साथ इस क्षेत्र में नई साझेदारियों के लिए तैयार है।

    मुख्यमंत्री ने किष्किंधा इंटरनेशनल, डिजिकॉम, सिग्निटयूट, स्टेम्बो टेक्नोलॉजी, ट्रू-चिप सोल्युशन, बना सेमीकंडक्टर्स, वीएलएसआई एक्सपर्ट और न्यूजिमो सेमीकंडक्टर्स सहित चिप डिजाइनिंग एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।

    मुख्यमंत्री ने मोहाली चिप डिजाइनिंग पेवेलियन और स्वीडिश पेवेलियन का भी अवलोकन किया। सेमीकॉन इंडिया-2026 के दौरान हुई इन बैठकों में मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइनिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर संवाद हुआ।

    मध्यप्रदेश के इंदौर में 23-24 अक्टूबर को होगा बड़ा निवेशक सम्मेलन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेमीकंडक्टर सेक्टर के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार लगातार देश और विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास कर रही है। नई दिल्ली के सेमिकॉन इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से एक स्टॉल लगाया गया है, जहां प्रदेश के अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सेमीकंडक्टर उद्योग को लेकर रुचि बढ़ी है। मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में निवेश का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के यशोभूमि द्वारका में हो रहे सेमीकॉन इंडिया-2026 में स्थापित मध्यप्रदेश पवेलियन के भ्रमण के उपरांत स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 23 और 24 अक्टूबर को इंदौर में एक बड़ा निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़े निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों और राज्य की नीतियों से अवगत कराया जाएगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य प्रदेश की निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश को लेकर राज्य सरकार अपनी नीतियों के आधार पर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। प्रदेश में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए सभी प्रकार से अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार देश-विदेश में इस इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिये निवेशकों को अपनी आकर्षक पॉलिसी के माध्यम से राज्य में इन्वेस्टमेंट के लिए मौका भी दे रही है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) के दौरान भी सेमीकंडक्टर सेक्टर से जुड़े निवेशकों को आमंत्रित किया गया था। कुछ निवेशकों ने इस दिशा में प्रभावी कदम भी उठाए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के विस्तार से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध होंगे। कई कारोबारी समूह विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी कर अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं। इससे प्रदेश में नए उद्योगों और कारोबार का व्यापक इको सिस्टम विकसित हो सकता है। मध्यप्रदेश बिजनेस का एक बड़ा मॉडल स्टेट और निवेश कैपिटल बनकर उभरा है, लगभग हर क्षेत्र के निवेशक मध्यप्रदेश आना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी निवेशकों से हमारी तरफ से संवाद जारी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां, पर्याप्त लैंड बैंक और स्किल डेवलपमेंट की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं। आने वाले समय में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भोपाल और इंदौर मेट्रोपोलिटन एरिया में इसकी व्यापक संभावनाएं हैं। पर्याप्त लैंड बैंक और स्किल डेवलपमेंट के लिए भी मध्यप्रदेश में बहुत सम्भावनाएं है।

     

  • युवाओं की प्रतिभा से बनेगा विकसित भारत, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल पटेल

    युवाओं की प्रतिभा से बनेगा विकसित भारत, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल पटेल

    ज्ञान, प्रतिभा और संकल्प से युवा विकसित भारत के निर्माण में दें योगदान : राज्यपाल पटेल

    बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह सम्पन्न

    भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवाओं को अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज, पर्यावरण और राष्ट्र के हित में करना चाहिए। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और जनसेवा की भावना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखने तथा माता-पिता, शिक्षकों और समाज के योगदान का सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया।

    राज्यपाल पटेल ने यह बात बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। दीक्षांत कार्यक्रम का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को किया गया।

    राज्यपाल पटेल ने महान स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् बरकतउल्लाह जी के देश प्रेम तथा अपनी माटी की सेवा के जज्बे का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और लगन का उत्सव है, जो उनके जीवन में नई जिम्मेदारियों और अवसरों के द्वार खोलता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की यात्रा अलग होती है। उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के सहयोग के लिए सदैव आभारी रहना चाहिए। वे जहाँ भी जाएँ, अपने विश्वविद्यालय और परिवार की गरिमा बढ़ाने का प्रयास करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा व्यवस्था का केवल सूचना और ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रही, बल्कि सत्य की खोज, चरित्र निर्माण और लोक कल्याण का मार्ग रही है। गुरु-शिष्य परंपरा में समानता, अनुशासन और चरित्र निर्माण को महत्व दिया गया। श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा का गुरु सांदीपनि के आश्रम में समान शिक्षा प्राप्त करने का प्रसंग इसका प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान चुनौतियों के समाधान और भविष्य के नवाचार का माध्यम बनाना होगा।

    राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह की थीम ‘हरित ऊर्जा से विकसित भारत बनाने की पहल’ की सराहना की, कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी आवश्यक है। प्रकृति के निरंतर दोहन से जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियां सामने आई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख किया। विद्यार्थियों से शुद्ध प्राणवायु के लिए पौधरोपण और जल संरक्षण को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कच्छ के रण में शिक्षक दंपत्ति द्वारा बच्चों की सहभागिता से पौधरोपण के द्वारा विद्यालय की बाउंड्री वॉल बनाने के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि काम छोटा हो सकता है, लेकिन सोच बड़ी और संकल्प मजबूत हो तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और जल संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार के साथ आदर्श जीवनशैली के उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘जन सेवा संकल्प’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से विद्यार्थियों की सहभागिता से सेवा शिविर आयोजित करने तथा सिकल सेल, थैलेसीमिया और कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए रक्तदान जैसी समाजोपयोगी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान के समान है और युवाओं की सेवा भावना से ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगी।

    प्रदेश में उच्च शिक्षा में बेटियों का हुआ अधिक नामांकन

    उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत कार्यक्रमों के नियमित आयोजन व्यवस्था के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में इस वर्ष उच्च शिक्षा में बेटियों का नामांकन लड़कों की तुलना में अधिक हुआ है। उन्होंने कहा कि बेटियों की बढ़ती भागीदारी केवल शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव नहीं, बल्कि बदलते भारत की सशक्त तस्वीर है। गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में नीति के प्रावधानों के अनुरूप व्यापक स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

    भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के कुलपति प्रो. के. रंगराजन ने विश्वविद्यालय को नमन करते हुए बताया कि वह इसके पूर्व छात्र है। दीक्षांत समारोह में शामिल होकर गर्व का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक होने के लिए विदेश जाने की आवश्यकता नहीं है। भारत में अपार अवसर उपलब्ध हो गए है। उन्होंने बताया कि दुनिया के सभी विकसित देशों के साथ भारत मुक्त व्यापार के समझौते के प्रयास तेजी से कर रहा है।  

    अपर मुख्य सचिव कुलगुरू बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय अनुपम राजन ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 85 शोधार्थियों को पी.एच. डी. उपाधि और 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई।

     

  • बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की संवेदनशील पहल

    बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की संवेदनशील पहल

    बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की संवेदनशील पहल

    केंद्रीय जेल भोपाल में विशेषज्ञ ने बंदियों से संवाद कर किया मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं काउंसलिंग सत्र

    भोपाल 

    महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन में प्रदेश की जेलों में निरुद्ध बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जेल विभाग एवं राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात के मध्य हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (MOU) के अंतर्गत 15 सितंबर 2026 को केंद्रीय जेल भोपाल में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

    शिविर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर से आए फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट ओम तिवारी ने बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक तनाव तथा उससे जुड़ी विभिन्न समस्याओं के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बंदियों से संवाद कर उनकी मानसिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं को समझने का प्रयास किया तथा आवश्यकता के अनुसार काउंसलिंग भी की।

    शिविर के दौरान बंदियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं एवं समस्याएं साझा कीं। विशेषज्ञ द्वारा उनकी बातों को समझते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं परामर्श प्रदान किया गया।

    जेल विभाग द्वारा बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहारिक सुधार एवं पुनर्वास को सुधारात्मक सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए ऐसे कार्यक्रमों को उपयोगी पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुए MOU के माध्यम से विशेषज्ञता एवं परामर्श सेवाओं का लाभ जेलों में निरुद्ध बंदियों तक पहुंचाने की दिशा में यह प्रयास महत्वपूर्ण है।

    इस अवसर पर केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक मानेंद्र परिहार सहित जेल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

     

  • अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार व स्वरोजगार मेला 22 सितम्बर को

    अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार व स्वरोजगार मेला 22 सितम्बर को

    अप्रेन्टिसशिप युवा संगम एवं रोजगार व स्वरोजगार मेला 22 सितम्बर को

    34 कंपनियाँ आ रही हैं भर्ती करने

    ग्वालियर
    युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप 22 सितम्बर को प्रातः 11 बजे से गदाईपुरा रेडीमेड गारमेंट पार्क परिसर में स्थित जिला रोजगार कार्यालय में एक दिवसीय रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेटिंसशिप युवा संगम का आयोजन होगा। जिला रोजगार कार्यालय, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण शाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने जा रहे इस रोजगार मेले में आकर्षक पैकेज पर निजी क्षेत्र की 34 कंपनियां भर्ती के लिये आ रही हैं।

    ये कंपनियां आ रही हैं भर्ती करने 

        उप संचालक जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवा संगम में भर्ती करने आ रही कंपनियों में क्विक आईटी सॉल्यूशन इन कंसल्टेंसी ग्वालियर, पेटीएम सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, भारत- पे प्राइवेट लिमिटेड ग्वा०, आई सेक्ट ग्वालियर, टीमलीस
    प्राइवेट लिमिटेड भोपाल, इन्दौर, दिल्ली, जमुना आटो प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, एस० आर० एफ० प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, भारतीय एक्सा लाइफ इन्श्योरेंस ग्वालियर, सेनेटस प्राइवेट लिमिटेड ग्वा०, जॉबफेयर नाउ प्राइवेट लिमिटेड चेकमेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जामनगर गुजरात, ब्लिकिट वेयर हाउस प्राइवेट लिमिटेड फारूख नगर गुरूग्राम जे०बी० मंधाराम फूड प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर, कुल कवच वैश्विक सुरक्षा सर्विस अहमदाबाद, ए० एस० एम० हुन्डई प्राइवेट लिमिटेड ग्वालियर आर० एस० पी० एल० मेनपावर सर्विस पंजाब, ग्लोवल सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ठाठीपुर ग्वालियर, एम० आर० ए७० टायर प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद, धम्मा इंटरप्राइजेज नूडल मैनुफेक्चरिंग खेड़ा, गुजरात, अप्रेंटिसेज ट्रेनीज गाँव मंगार, करनाल, हरियाणा, रविया वर्कफॉर्स प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ (उ०प्र०), एल० आई० सी० ग्वालियर, स्टेन्डर्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर, प्रो-कनेक्ट, जेप्टो, इनामो वेयरहाउस नोयडा गुडगांव, अग्निस्टोक टेक्नोलॉजी ग्वालियर, आरएसटी ग्रुप ऑफ सर्विस ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, सीएससी सेंटर शिवपुरी, ग्वालियर, ग्रेट ऑर्गेनिक डायमंड प्राइवेट लिमिटेड, समीक्षा इंस्टीटयूट फूलबाग ग्वालियर, वेलसंस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, पथवेस्ता कैरियर स्किल कॉर्पोरेशन, टीवीएस इलेक्ट्रोनिक लिमिटेड भोपाल, मैडी एस इन्फिनिटी इंश्योरेंस आईएमएफ प्राइवेट लिमिटेड भोपाल एवं सुप्रीम प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर भिण्ड आदि शामिल हैं। 

    इन पदों के लिये होगी भर्ती 

        इन कंपनियों द्वारा सिक्योरिटी गार्ड, ट्रेनी वर्कर, मशीन ऑपरेटर अस्सिटेंट मैनेजर, रिलेशनशिप मैनेजर, डिप्टी मैनेजर इलेक्ट्रीशियन, अभिकर्ता, अप्रेटिंस ट्रेनी, सैल्स एग्ज्यूकेटिव, फील्ड सैल्स एग्ज्यूकेटिव, ट्रेनीज, ऑफिस मैनेजमेंट, सिक्योरिटी मैनेजमेंट, पर्यवेक्षक, स्टोर कीपर, कार्यालय सहायक, हेल्पर, सुरक्षा जवान, दूर गाइड, असिस्टेट मैनेजर, सुपरवाईजर, टेली कॉलर, ड्रायवर, प्यून, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में, डिप्लोमा आई.टी.आई. सभी ट्रेड में सी, फिटर, टर्नर एवं मशीनिष्ट, आई.टी.आई. टेलीकॉलिंग, कम्प्यूटर ऑपरेटर सभी ट्रेड में इत्यादि पदों पर भर्ती विभिन्न क्षेत्र के सेक्टर के लिये की जायेगी। रोजगार मेले में 18 वर्ष से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकते हैं। वेतनमान 10 हजार से 45 हजार रुपए तक देय होगा।

    यह दस्तावेज साथ में लाने होंगे 

        प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिये युवाओं को समग्र आईडी, रोजगार पंजीयन क्रमांक, शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाण-पत्र व बायोडाटा के साथ उपस्थित होना होगा। रोजगार मेले में उपस्थित होने वाले युवक-युवतियों के लिये कार्यालय द्वारा कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
     

  • महाप्रबंधक उद्योग ने स्वरोजगार योजनाओं की दी जानकारी, उद्यमियों ने साझा किए अनुभव

    महाप्रबंधक उद्योग ने स्वरोजगार योजनाओं की दी जानकारी, उद्यमियों ने साझा किए अनुभव

    शहडोल
    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित उद्योग संवाद कार्यक्रम में कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप व्यवसाय का चयन कर शासकीय योजनाओं का लाभ उठाते हुए आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने युवाओं से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों एवं अवसरों का उपयोग कर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा युवाओं एवं उपस्थित लोगों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने योजनाओं के अंतर्गत पात्रता, ऋण सुविधा, अनुदान एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी देते हुए युवाओं को योजनाओं का लाभ लेकर अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

    इस दौरान फैब्रीकेशन का व्यवसाय करने वाले उद्यमी अरसद खान ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एमएसएमई प्रोत्साहन योजना का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। उन्होंने योजना से प्राप्त लाभों एवं व्यवसाय के संचालन से जुड़ी जानकारी युवाओं के साथ साझा की तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।