Category: मध्य प्रदेश

  • MP पुलिस के 7 वरिष्ठ अफसरों को मिली बड़ी राहत, IPS कैडर वर्ष तय; DIG बनने का रास्ता साफ

    MP पुलिस के 7 वरिष्ठ अफसरों को मिली बड़ी राहत, IPS कैडर वर्ष तय; DIG बनने का रास्ता साफ

    भोपाल
    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के 1998 बैच के 7 वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति का वर्ष (कैडर वर्ष) तय कर दिया है। 27 वर्षों के लंबे सेवाकाल के बाद इन सभी अधिकारियों को आईपीएस 2016 बैच आवंटित किया गया है। आईपीएस सीनिओरिटी रूल्स 1988 के तहत 27 साल से अधिक की सेवा पर अधिकतम 9 वर्ष का वेटेज दिया जाता है।

    इसी नियमावली के तहत गणना वर्ष (2025) में से 9 साल घटाकर इन अफसरों को 2016 का बैच मिला है। गृह मंत्रालय के आदेशानुसार, यह सभी अफसर 2016 बैच के प्रमोटेड आईपीएस राजेंद्र कुमार वर्मा के ठीक नीचे और 2017 बैच के सीनियर आईपीएस अंकित जायसवाल के ठीक ऊपर रहेंगे।

    प्रमोट हुए अधिकारियों के नाम
    निमिषा पांडे, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सब्यसाची सराफ और समर वर्मा।

    पदोन्नति का फायदा
    सर्विस लेंथ काउंट होने से इन अधिकारियों को कनिष्ठ प्रशासनिक व सिलेक्शन ग्रेड मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे वे भविष्य में डीआईजी (DIG) पद की पात्रता भी हासिल कर लेंगे।

  • युवा धर्म संसद में मोहन भागवत का संदेश, बोले- भौतिक सुख और अर्थ-काम की अपेक्षा धर्म से होती है पूरी

    युवा धर्म संसद में मोहन भागवत का संदेश, बोले- भौतिक सुख और अर्थ-काम की अपेक्षा धर्म से होती है पूरी

    उज्जैन 
    रिलिजन धर्म नहीं, धर्म जीवन का अनुशासन है। किसी इच्छा की पूर्ति, भय, लोभ या प्राण बचाने के लिए भी धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए। सुख-दुख आते-जाते रहते हैं, लेकिन धर्म नित्य रहता है।

    यह बात राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कही। वे उज्जैन में ‘युवा धर्म संसद’ को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में जिस भौतिक सुख और अर्थ-काम की अपेक्षा मनुष्य करता है, वह धर्म के पालन से प्राप्त होती है। धर्म का सेवन जीवन के सुख देने के साथ व्यक्ति को मोक्ष की ओर भी अग्रसर करता है।उन्होंने महाभारत की फलश्रुति का उल्लेख करते हुए कहा कि सुबह भारत सावित्री का स्मरण करने और उसके भाव को दिनभर जीवन में रखने से महाभारत सुनने का फल प्राप्त होता है।

    उन्होंने कहा कि आज धर्म को लेकर भ्रम का एक कारण अपनी भाषा और धर्म के वास्तविक अर्थ को भूल जाना है। पश्चिमी लोगों ने भारत में धर्म के आचरण और उससे जुड़े कर्मकांड व अनुशासन को देखा और उसे अपने यहां के ‘रिलिजन’ के समान समझ लिया। बाद में हम भी धर्म को रिलिजन कहने लगे।

    वक्ता ने कुश्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कुश्ती सीखने के लिए अखाड़े में जोर-बैठक लगाना जरूरी है, वैसे ही धर्म के कर्मकांड और अनुशासन उसके अभ्यास का हिस्सा हैं। कर्मकांड धर्म का एक अंग है, पूरा धर्म नहीं। उन्होंने कहा- ‘रिलिजन धर्म नहीं है।’

    1,700 युवा छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे
    गीता भवन में 17 से 19 सितंबर तक आयोजित सेवाज्ञ संस्थानम् के इस कार्यक्रम में देशभर से करीब 1,700 युवा छात्र-छात्राएं शामिल होने पहुंचे हैं। दूसरे दिन करीब 300 विद्वान, शिक्षक, शोधकर्ता और धर्माचार्य भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत उद्घाटन सत्र में, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को समापन सत्र में शामिल होंगे।

    सेवाज्ञ संस्थानम् की ओर से सिद्धपीठ हनुमत निवास अयोध्या के पीठाधीश्वर एवं संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरणजी महाराज के मार्गदर्शन में यह आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, काशी, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार और काञ्चीपुरम् के बाद यह युवा धर्म संसद का छठा संस्करण है। अगले साल इसका आयोजन द्वारका में किया जाएगा।

    देशभर से चयनित युवाओं का विशेष उद्बोधन सत्र भी होगा
    दूसरे दिन सुबह युवा धर्म संसद का विधिवत उद्घाटन होगा। कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत, आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण महाराज, संरक्षक-सेवाज्ञ संस्थानम्, प्रो. श्रीनिवास बरखेड़ी, कुलगुरु-केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और आशीष कुमार आशु, अध्यक्ष-सेवाज्ञ संस्थानम् शामिल होंगे। इस दौरान धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा पर व्याख्यान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सूचना-विचार संघर्ष पर संवाद तथा देशभर से चयनित युवाओं का विशेष उद्बोधन सत्र होगा।

    व्याख्यान सत्र में प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर भी शामिल होंगे
    उद्घाटन सत्र के बाद दोपहर 12 से 2 बजे तक व्याख्यान सत्र आयोजित होगा। इसमें अवधेशानंद गिरि जी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा; मनोज मुंतशिर, प्रसिद्ध पटकथा लेखक एवं गीतकार; प्रो. श्रीनिवास बरखेड़ी, कुलपति, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय; स्मृति अनंतलक्ष्मी जी, सह-संस्थापिका एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शिका, अनादि फाउंडेशन और जे. नंद कुमार जी, राष्ट्रीय संयोजक, प्रज्ञा प्रवाह युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।

    25 राज्यों से 1,700 युवा कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे
    सह-मीडिया प्रमुख बादल सिंह ने बताया कि युवा धर्म संसद का छठा संस्करण इस बार उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर से करीब 1,700 छात्र-छात्राओं के साथ लगभग 300 विद्वान, शिक्षक और प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन को ध्यान में रखते हुए युवा धर्म संसद का आयोजन किया गया है।

    इससे पहले काशी, अयोध्या, हरिद्वार, मथुरा और कांचीपुरम में इसका आयोजन हो चुका है। इन आयोजनों में करीब 7,100 प्रतिभागी शामिल हो चुके हैं। इस बार रजिस्ट्रेशन जुलाई में शुरू हुए थे और 31 अगस्त को बंद कर दिए गए।

  • कलेक्टर ने रोजगार सहायक के विरुद्ध कार्यवाही करने के दिए निर्देश

    कलेक्टर ने रोजगार सहायक के विरुद्ध कार्यवाही करने के दिए निर्देश

    कलेक्टर ने रोजगार सहायक के विरुद्ध कार्यवाही करने के दिए निर्देश 

    शहडोल
     कलेक्टर  पार्थ जायसवाल ने आज जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पटासी में आयोजित मुख्यमंत्री जन कल्याण शिविर में रामवती बैगा को दो वर्ष बाद मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा कल्याणी पेंशन योजना के तहत स्वीकृत पेंशन आदेश जारी करने पर ग्राम पंचायत पटासी के रोजगार सहायक के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सोहागपुर को दिए।

  • कलेक्टर का बड़ा निर्देश, छात्रावासों में खेल मैदान करें विकसित और गुणवत्ता से न हो समझौता

    कलेक्टर का बड़ा निर्देश, छात्रावासों में खेल मैदान करें विकसित और गुणवत्ता से न हो समझौता

    छात्रावास में खेल मैदान करें विकसित, उच्च गुणवत्ता के मटेरियल करें उपयोग :- कलेक्टर 

    कलेक्टर ने निर्माणाधीन पॉलिटेक्निक छात्रावास का किया निरीक्षण

    शहडोल
     कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज जिला मुख्यालय में  निर्माणाधीन 100 सीटर पॉलिटेक्निक छात्रावास का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं परिसर में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया।

       निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास भवन के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन करते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने छात्रावास परिसर में विद्यार्थियों की सुविधा एवं सुरक्षित वातावरण को ध्यान में रखते हुए बाउंड्रीवाल का निर्माण कराने के निर्देश दिए।
    कलेक्टर ने निर्देश दिए की निर्माण अधिनियम छात्रावास में उपयोग होने वाले मटेरियल उच्च गुणवत्ता के हो यह सुनिश्चित करें। 

     साथ ही परिसर में पर्याप्त संख्या में वृक्षारोपण कराने, विद्यार्थियों के खेलकूद के लिए बैडमिंटन एवं वॉलीबॉल कोर्ट विकसित करने तथा समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

    कलेक्टर ने परिसर में बच्चों के बैठने के लिए उपयुक्त बैठक व्यवस्था विकसित करने के भी निर्देश दिए, ताकि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को अध्ययन एवं अन्य गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। छात्रावास का निर्माण पीआईयू द्वारा लगभग 714 लाख रुपए की लागत से कराया जा रहा है।

    इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति अनुविभागीय, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरें,  सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिंहा, कार्यपालन यंत्री पी आई यू श्री रमाकान्त पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • भारत में जन्मी मादा चीता बनी मां, कूनो में 4 नए शावकों की दस्तक; देश में 56 हुए चीते

    भारत में जन्मी मादा चीता बनी मां, कूनो में 4 नए शावकों की दस्तक; देश में 56 हुए चीते

    श्योपुर

    प्रोजेक्ट चीता के 4 साल पूरे होने के एक दिन बाद 18 सितंबर को कूनो नेशनल पार्क में जन्मी मादा चीता KGP12 ने 4 शावकों को जन्म दिया। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। भारत की धरती पर जन्मी मादा चीता KGP12 ने खुले जंगल में चार शावकों को जन्म दिया है। इस नए जन्म के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि चीते अब भारतीय जलवायु और जंगलों में पूरी तरह से रच-बस गए हैं।

    केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने साझा की खुशखबरी
    शावकों के जन्म की आधिकारिक जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। उन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए लिखा, "4 साल, 4 नई जिंदगियां – प्रोजेक्ट चीता के लिए यह उम्मीद और सफलता का प्रतीक है।"

    भारत में दूसरी पीढ़ी की शुरुआत
    मादा चीता KGP12 का खुले जंगल में मां बनना इस प्रोजेक्ट की एक बहुत बड़ी कामयाबी है। KGP12 दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता 'गामिनी' की बेटी है। गामिनी भारत में शावकों को जन्म देने वाली पहली चीता थी। अब उसकी बेटी द्वारा शावकों को जन्म देना यह साबित करता है कि यह प्रोजेक्ट अब विदेशों से चीते 'लाने' के शुरुआती चरण से आगे बढ़कर भारत में उनके 'बसने और बढ़ने' के प्राकृतिक दौर में सफलतापूर्वक प्रवेश कर चुका है।

    कूनो में चीतों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद
    KGP12 का भारत में जन्म लेना और अब उसके
    शावकों को जन्म देना प्रोजेक्ट चीता के लिए खास महत्व रखता है। इससे भारत में जन्मे चीतों के प्राकृतिक प्रजनन की प्रक्रिया बढ़ने का संकेत मिला है। कूनो में चीतों की संख्या बढ़ाने और उनके लिए अनुकूल माहौल बनाने के प्रयासों के बीच चार नए शावकों का जन्म वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी अच्छी खबर है।

    पर्यावरण मंत्री ने इस मौके पर कूनो और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े पूरे परिवार को बधाई दी। चार नए शावकों के जन्म के बाद कूनो में चीता संरक्षण अभियान की उपलब्धियों में एक और खास अध्याय जुड़ गया है। सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा ने इसकी जानकारी दी है।

    कूनो में चीता प्रोजेक्ट के 4 साल

    चार साल पहले 17 सितंबर 2022 को मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की वापसी हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कूनो में छोड़ा था। अब इस परियोजना के चार साल पूरे होने पर 17 सितंबर को कूनो के टिकटोली गेट पर हजारों दीप जलाए । यह आयोजन सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ । चीतों की वापसी के चार साल बाद कूनो में उनकी संख्या बढ़ी है और यहां भारत में भी शावकों का जन्म हुआ है। परियोजना ने श्योपुर को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई है।

    4 साल में क्या बदला?
    चीता परियोजना के चार वर्ष पूरे होने पर देश में 52 चीते हैं। इनमें 49 कूनो नेशनल पार्क और 3 मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में हैं। कुल 52 चीतों में से 32 का जन्म भारत में हुआ है। कूनो का प्राकृतिक वातावरण चीतों के प्रजनन के लिए अनुकूल साबित हुआ है। भारत में जन्मे शावकों ने परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    17 सितंबर को कूनो में क्या होगा?
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और चीता परियोजना के चार साल पूरे होने के मौके पर टिकटोली गेट पर हजारों दीप जलाए । दीपों के जरिए चीता संरक्षण और भारत में चीतों की वापसी के प्रति आभार व्यक्त किया ।  

     

  • करीब ₹3,000 करोड़ के भोपाल बायपास प्रोजेक्ट की रिपोर्ट पर उठे सवाल, सागर बायपास से कॉपी-पेस्ट का आरोप

    करीब ₹3,000 करोड़ के भोपाल बायपास प्रोजेक्ट की रिपोर्ट पर उठे सवाल, सागर बायपास से कॉपी-पेस्ट का आरोप

    भोपाल

     भोपाल रिंग रोड को पूरा करने वाला करीब 3000 करोड़ के प्रोजेक्ट में भी इंजीनियरों का हैरतअंगेज खेल सामने आया है। भोपाल, नर्मदापुर, नागपुर, जबलपुर और इंदौर जाने वालों के लिए 25 किमी तक की दूरी कम करने वाले पश्चिमी बायपास की पर्यावरणीय रिपोर्ट बनाने में ही जिम्मेदारों ने बड़ी लापरवाही कर दी। रतनपुर से फंदा तक 36 किमी लंबे पश्चिमी बायपास के प्रोजेक्ट की पर्यावरणीय रिपोर्ट में सागर के बायपास की पर्यावरणीय रिपोर्ट को कॉपी पेस्ट कर पश्चिमी बायपास की पर्यावरणीय रिपोर्ट तैयार कर दी गई। हिन्दी और अंग्रेजी दोनों ही रिपोर्ट्स में ऐसी ही गलतियां हैं। इस रिपोर्ट के ड्राफ्ट पर आपत्तियां ली जा रही हैं। 25 सितंबर को इस पर आमला गांव में सुनवाई होगी। इसके बाद जमीनी काम शुरू होगा।

    सामने आ रही अफसरों की लापरवाही
    बता दें, पर्यावरणीय कारणों से ही प्रोजेक्ट का अलाइनमेंट एक बार बदला गया था। 4 किमी की लंबाई घटाकर 40 किमी से 36 किमी का किया। इसमें भी पर्यावरणीय रिपोर्ट की गड़बड़ी और सागर जिले के उल्लेख से अफसरों की लापरवाही सामने आ रही है। अब प्रोजेक्ट पर काम कर रहे एमपीआरडीसी के एजीएम एसपी दुबे का कहना है कि गड़बड़ी दिखवा लेंगे। भोपाल रिंग रोड प्रोजेक्ट, जिसे मुख्य रूप से भोपाल पश्चिमी बायपास (Bhopal Western Bypass) के रूप में जाना जाता है। भोपाल के ट्रैफिक को शहर के बाहर से ही डायवर्ट करने के लिए बनाई जा रही एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है।

    ऐसे समझें प्रोजेक्ट रिपोर्ट में गड़बड़ियां

    -हिन्दी की रिपोर्ट के अनुभाग 1.7 में पर्यावरण प्रबंधन योजना में पर्यावरण संरक्षण के उपाय के लिए अंकों में बजट 05 करोड़ 12 हजार 722 रुपए लिखे हैं। जबकि शब्दों में चौबीस करोड़ छह लाख दो हजार आठ सौ नब्बे रुपए लिखा गया है।

    -हिन्दी की रिपोर्ट के अनुभाग 15 में पर्यावरण निगरानी कार्यों के लिए अंकों में 10,64,000 रुपए लिखे हैं। शब्दों इसे सात लाख छप्पन हजार रुपए लिखा।

    -अंग्रेजी की रिपोर्ट में टेबल 1.2 की एन्वायरमेंटल लेजिसलेशंस में 3 नंबर पर लिखा है, प्रोजेक्ट अलाइनमेंट इज पासिंग थू रिजर्ल्ड एंड प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट ऑफ एबाउट 47 हेक्टेयर लेंथ 6058 मीटर डिस्ट्रिक्ट सागर इन स्टेट ऑफ एमपी। जाहिर है, ये सागर जिले की सड़क की बात है।

  • महाकाल की भक्ति में दिखे नितिन नबीन, पारंपरिक धोती पहन पहुंचे उज्जैन; 2 घंटे देखी आरती

    महाकाल की भक्ति में दिखे नितिन नबीन, पारंपरिक धोती पहन पहुंचे उज्जैन; 2 घंटे देखी आरती

     उज्जैन

    विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान श्री महाकालेश्वर के आंगन में शुक्रवार तड़के भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर में आयोजित भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए।

    नंदी हॉल में बैठ शिव भक्ति में लीन नितिन नबीन
    भाजपा राष्ट्रीय नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल व अन्य बाबा महाकाल के दरबार में अल सुबह 04 बजे पहुंचे. जहां उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर 2 घण्टे तक भस्म आरती के दर्शन लाभ लिए. भगवान का आशीर्वाद लिया और पूजन अर्चन आरती की. वे नंदी हॉल में बैठ शिव भक्ति में लीन नजर आए. बाबा का भी इस दौरान राजा स्वरूप में श्रृंगार हुआ. नितिन नबीन मंदिर के ही पास सम्राट विक्रमादित्य हेरीटेज होटल में ही रात रुके. अब इंदौर एयरपोर्ट और वहां से पंजाब निकलने का कार्यकम है। 

    भस्म आरती में लीन दिखे भाजपा अध्यक्ष
    बाबा महाकाल की भस्म आरती के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन शिवभक्ति में लीन नजर आए। नंदी हॉल में बैठकर उन्होंने पूरे समय हाथ जोड़कर भगवान शिव का ध्यान किया और महाकाल के जाप में डूबे रहे। आरती के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ तालियां बजाकर शिवभक्ति की लय में सहभागिता की।

    उज्जैन आगमन पर भस्म आरती में शामिल होने का यह अनुभव उनके लिए खास रहा। महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान नितिन नबीन पारंपरिक सोला-पारिधान में नजर आए। उन्होंने पीले रंग की धोती पहनी हुई थी। मंदिर की परंपरा के अनुसार भस्म आरती में शामिल होने के दौरान निर्धारित पारंपरिक परिधान धारण किया जाता है।

    देश की यश-कीर्ति और प्रधानमंत्री के लिए की प्रार्थना
    भस्म आरती के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि यह बाबा महाकाल की पवित्र नगरी है और यहां पहली बार आने का सौभाग्य पाकर वे अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल पूरे विश्व का ध्यान रखते हैं। 

    अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पहुंचे उज्जैन
    नितिन नबीन ने कहा, ''बाबा महाकाल की भूमि पर आकर जो खुशी हो रही है उसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता. मैंने बाबा महाकाल से देश की सुख समृद्धि की मनोकामना की है.'' उन्होंने बताया कि, ''अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार उज्जैन आया हूं. आज जो कुछ हूं बाबा के आशीर्वाद से हूं. इसलिए तय कर रखा था बाबा का आशीर्वाद लेना है. बाबा का बुलावा आया और मैं चला आया. कल हमने पीएम मोदी का जन्मदिवस मनाया है. बाबा से प्रार्थना की है कि पीएम नरेंद्र मोदी की आयु लंबी हो और वे ऐसे ही विकास कार्य करते रहे. बाबा का आशीर्वाद प्रधानमंत्री पर बना रहे. यश कीर्ति वैभव उन्हें मिले। 

    पारंपरिक सोला-पारिधान में दिखा राष्ट्रीय अध्यक्ष
    सबसे खास बात यह रही ही महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान नितिन नबीन पारंपरिक सोला-पारिधान में नजर आए. उन्होंने पीले रंग की धोती पहनी हुई थी. दर्शन के बाद मंदिर में कलेक्टर एवं मंदिर समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह, प्रशासक प्रथम कौशिक द्वारा नितिन नबीन एवं हेमंत खंडेलवाल को बाबा महाकाल का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया. उन्हें लड्डू प्रासद दिया गया. साथ ही प्रभारी मंत्री, सांसद व अन्य नेताओं ने भी दोनों पार्टी अध्यक्षों का स्वागत सम्मान किया। 

    'आशीर्वाद दीप' प्रोग्राम में शामिल हुए नितिन नबीन
    इससे पहले नितिन नबीन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के मशहूर राम घाट पर महाकाल के भक्तों के साथ 'आशीर्वाद दीप' प्रोग्राम में शामिल हुए. इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना की. नितिन नबीन ने अपने X हैंडल पर ट्वीट करते हुए लिखा कि, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ता रहे यही कामना है। 

  • 3 साल में 8,788 मामलों का फैसला देने वाले पूर्व जस्टिस का बड़ा फैसला, PM फंड में देंगे ₹1 करोड़

    3 साल में 8,788 मामलों का फैसला देने वाले पूर्व जस्टिस का बड़ा फैसला, PM फंड में देंगे ₹1 करोड़

    जबलपुर
     मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने रिटायरमेंट के दिन अपने फैसले से सभी को भावुक कर दिया है। फेयरवेल स्पीच के दौरान उन्होंने मंच से घोषणा की है कि जीपीएफ के एक करोड़ एक लाख रुपए पीएम केयर्स फंड में डोनेट करेंगे। साथ ही मृत्यु के बाद समाज के लिए हमारा देह दान कर दें।

    36 सालों की सेवा के बाद हुए रिटायर
    जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह 36 सालों की सेवा के बाद न्यायिक सेवा से रिटायर हुए हैं। वह देश में अलग-अलग जगहों पर जज की भूमिका में रहे हैं। कई अहम केसों में फैसले भी सुनाए हैं। रिटायरमेंट के दिन अपने फैसले से वह चर्चा में आ गए हैं।

    जीवन की कमाई और देहदान का लिया फैसला
    रिटायरमेंट के दिन फेयरवेल स्पीच में जस्टिस अवीनंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मैं अपने जीवन की कमाई और निधन के बाद देह को समाज को समर्पित करना चाहता हूं। साथ ही कहा कि अपने लिए जिए तो क्या जिए। उनकी बातों को सुनकर फेयरवेल में मौजूद लोग भावुक हो गए।

    पति-पत्नी ने काराया पंजीयन
    रिटायरमेंट के दिन जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज में दो दिन पहले ही देहदान के लिए पंजीयन करवाया है। इस शरीर ने जीवन भर न्यायिक दायित्व को निभाया है। अब यह शरीर किसी भावी चिकित्सक के ज्ञान का माध्यम बने।

    1.01 करोड़ रुपए दान करने की घोषणा
    देहदान के संकल्प के साथ जस्टिस सिंह ने अपनी जीवनभर की कमाई से जुड़ा एक और बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपने जीपीएफ की 1 करोड़ 1 लाख रुपए की राशि प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जीवनभर की न्यायिक सेवा से अर्जित धन का उपयोग जरूरतमंदों और समाज के लिए होना चाहिए। रिटायरमेंट के दिन फेयरवेल कार्यक्रम में उनके इस फैसले की खास तौर चर्चा पर रही।

    36 साल का रहा न्यायिक सफर
    जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने वर्ष 1990 में सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं और कई महत्वपूर्ण मामलों में फैसले सुनाए। मई 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली थी। करीब तीन साल तक हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में सेवाएं देने के बाद 17 सितंबर 2026 को वे सेवानिवृत्त हुए। उनके रिटायरमेंट के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या 38 रह गई है।

    पीएम केयर्स फंड में दी राशि
    देहदान के साथ ही उन्होंने एक और बड़ा फैसला लिया है। एक करोड़ एक लाख रुपए की राशि प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान करने की घोषणा की है। जीवनभर की न्यायिक सेवा से अर्जित धन जरूरतमंदों और समाज के लिए समर्पित है।

    कौन हैं जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह
    जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह का लंबा न्यायिक अनुभव रहा है। 1990 में उन्होंने सिविल जज के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। 1990 से उनका यह सफर जारी रहा। मई 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जज के रूप में शपथ ली। 17 सितंबर 2026 को वह एमपी हाईकोर्ट से रिटायर हो गए। उन्हें दोपहर साढ़े तीन बजे फुल कोर्ट फेयरवेल दिया गया। उनके रिटायरमेंट के बाद एमपी हाईकोर्ट में जजों की संख्या 38 रह गई है।

     

  • मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज, संघ प्रमुख भागवत और राहुल गांधी के दौरे पर नजर

    मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज, संघ प्रमुख भागवत और राहुल गांधी के दौरे पर नजर

    भोपाल
    अगले तीन-चार दिनों तक पूरे देश की निगाहें मध्यप्रदेश पर रहने वाली हैं. दरअसल, 17 से 19 सितंबर तक संघ प्रमुख मोहन भागवत, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्य प्रदेश दौरे पर होंगे. इसके साथ ही संघ महासचिव दत्तात्रेय होसबोले भी मध्यप्रदेश दौरे पर आ रहे हैं. निगाहें आज उज्जैन में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात पर लगी हैं. मोहन भागवत गुरुवार दोपहर तक उज्जैन पहुंचेंगे, जहां उनकी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हो सकती है. दोनों की इस मुलाकात को मध्य प्रदेश की सियासत से भी जोड़कर देखा जा रहा है. वहीं, आज पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर मालवा से निकलने वाले सियासी संदेश पर पूरे देश की नजर होगी। 

    नबीन का पहला मध्यप्रदेश दौरा, क्या होगा भागवत संवाद?
    मध्यप्रदेश का मालवा यूं भी बीजेपी का गढ़ रहा है लेकिन पीएम मोदी के जन्मदिन के साथ अगले कुछ दिनों तक मालवा देश के केन्द्र में रहने वाला है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने के बाद उनके पहले मध्यप्रदेश दौरे की शुरुआत आज इंदौर से हो रही है. शाम को वे उज्जैन में रामघाट पर पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. संघ प्रमुख 18 सितम्बर से होने जा रही धर्म संसद को संबोधित करने आज दोपहर तक उज्जैन पहुंच रहे हैं. इस लिहाज से इन दोनों ही नेताओं की मुलाकात की पूरी संभावना है. माना जा रहा है कि ये मुलाकात बीजेपी के संगठनात्मक विषयों को लेकर नई दिशा तय कर सकती है। 

    राजनीतिक विश्लेषक प्रकाश भटनागर कहते हैं, '' इस तरह की मुलाकात के अमूमन कार्य्रक्रम जारी नहीं होते हैं. लेकिन स्वभाविक ही है कि जब संघ प्रमुख मोहन भागवत उज्जैन में हैं, तो नितिन नबीन उनसे मुलाकात करेंगे. लेकिन ये कोई एजेंडा मीटिंग होगी ये भी पूरी तरह से नहीं कहा जा सकता. चूंकि संघ प्रमुख सें संवाद एक दिशा तो देता ही है, उस लिहाज से इस मुलाकात को देखा जा सकता है 

    राहुल से पहले नबीन और भागवत का दौरा
    उधर कांग्रेस राहुल गांधी के इंदौर में होने जा रहे छात्रों की गूंज कार्यक्रम के ठीक पहले नितिन नबीन के मध्यप्रदेश आगमन और उज्जैन में होने जा रही धर्म संसद जैसे आयोजन के कई मायने निकाले जा रहे हैं. वहीं, कांग्रेस इसे बीजेपी की घबराहट बता रही है. कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा कहती हैं, '' जैसे ही हमारे नेता राहुल गांधी जी का कार्यक्रम तय हुआ, उसके ठीक बाद नितिन नबीन का दौरा कार्यक्रम तय किया गया. बीजेपी ये भी तय नहीं कर पा रही थी कि वे आकर करेंगे क्या. ये सिर्फ राहुल गंधी जी की बढ़ती लोकप्रियता से हुई घबराहट का नतीजा है। 

    मालवा फिर बीजेपी की राजनीति का सेंटर पाइंट बना
    मालवा बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है, इंदौर में नगर निग
    म से लेकर सारे विधायक और सांसदों तक यहां बीजेपी का कब्जा है. इंदौर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना का शुभारंभ करेंगे. उधर उज्जैन में राष्ट्रीय स्वयंस सेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत धर्म संसद में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं. धर्म संसद 18 सितम्बर से है। 

  • अयोध्या का रिकॉर्ड टूटा, उज्जैन ने 33 लाख से ज्यादा दीप जलाकर रचा नया इतिहास

    अयोध्या का रिकॉर्ड टूटा, उज्जैन ने 33 लाख से ज्यादा दीप जलाकर रचा नया इतिहास

    उज्जैन 

    उज्जैन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के तहत 'आशीर्वाद का दीया' नाम से उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे दीप जलाने का कार्यक्रम रखा गया था. इस दौरान उज्जैन ने 33,27,125 दीपक प्रज्वलित कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. इससे पहले ये रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश में अयोध्या के नाम था जहां साल 2025 में 26,17,215 दीप प्रज्वलित किए गए थे। 

    उज्जैन नगर निगम ने अपने आधिकारिक मीडिया ग्रुप में जानकारी दी है कि "31,15,630 दीपक क्षिप्रा नदी के किनारे प्रज्वलित किए गए. पूरे उज्जैन शहर में अलग अलग जगह मिलाकर टोटल 33,27,125 'आशीर्वाद के दिए' प्रज्वलित किए गए." हालांकि, इस रिकॉर्ड की घोषणा मंच से भी की गई है, जबकि वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट अभी मिलना है. वहीं, उज्जैन नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा और स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की पुष्टि कर दी है। 

    कब से शुरु हुआ था उज्जैन में दीपउत्सव ?
    उज्जैन में दीप उत्सव की शुरुआत 2022 से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय शिव ज्योति अर्पणम के नाम से महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर हुई थी. साल 2022 में उज्जैन ने साल 2021 के अयोध्या के 9,41,551 दीपों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 11,71,078 दीप प्रज्वलित कर गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया था। 

    कब-कब उज्जैन अयोध्या ने तोड़ा एक दूसरे का रिकॉर्ड
    इसके बाद फिर उत्तर प्रदेश में अयोध्या ने 2022 में ही 15,76,955 दीप जलाकर रिकॉर्ड तोड़ा. वहीं, उज्जैन ने साल 2023 में 18,82,229 दीप जलाकर अयोध्या का साल 2022 का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इसी साल 2023 में अयोध्या ने 22,23,000 दीप जलाए जिसके बाद फिर उज्जैन का रिकॉर्ड टूट गया. 2024 में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण उज्जैन में 5,51,000 दीप ही जलाए गये थे. अयोध्या ने 2024 में 25,12000 दीप जलाए, जबकि साल 2025 में 26,17,215 दीप प्रज्वलित किए.

    उज्जैन के रामघाट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया. उनके साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह भी मौजूद रहे. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य अतिथियों ने शिप्रा आरती में हिस्सा लिया. मां शिप्रा की आराधना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की गई. आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक, दीप प्रज्ज्वलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के दौरान राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र सेवा से जोड़कर देखा गया. इसी भाव के साथ उज्जैन में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

    उज्जैन में शिप्रा के विभिन्न घाटों और महाकाल महालोक में कुल 33 लाख 27 हजार दीये प्रज्ज्वलित किए गए. इस सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन को आयोजकों ने विश्व रिकॉर्ड बताया है. इससे पहले कार्यक्रम के लिए 25 लाख से ज्यादा दीये जलाने की तैयारी की गई थी, लेकिन अंतिम आयोजन में यह संख्या 33.27 लाख तक पहुंची. दीप प्रज्ज्वलन के दौरान बड़ी संख्या में वॉलंटियर्स की भूमिका रही. घाटों पर पहले से दीयों को व्यवस्थित किया गया था. सायरन बजने के बाद सभी ने एक साथ दीप जलाना शुरू किया, जिससे कुछ ही समय में पूरा आयोजन क्षेत्र रोशनी से भर गया। 

    यह दीपोत्सव सिर्फ उज्जैन तक सीमित नहीं रहा. आयोजन के तहत मध्य प्रदेश के सभी जिलों और 845 आइकॉनिक प्लेस पर भी एक साथ दीये प्रज्ज्वलित किए गए. आयोजकों के अनुसार, पूरे प्रदेश में कुल 3 करोड़ 55 लाख दीये जलाए गए. इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में प्रदेशभर के अलग-अलग स्थानों को दीपों से सजाया गया. उज्जैन इसका मुख्य केंद्र रहा, जहां शिप्रा तट और महाकाल महालोक में एक साथ 33 लाख 27 हजार दीये जलाए गए। 

    घाटों से महाकाल महालोक तक रोशनी
    शाम होते ही उज्जैन के प्रमुख घाटों का दृश्य बदल गया. रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट पर दीयों की कतारें नजर आईं. दूसरी तरफ महाकाल महालोक भी दीपों की रोशनी से जगमगा उठा. हजारों श्रद्धालुओं और नागरिकों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित करने का दृश्य लोगों के लिए खास आकर्षण रहा. 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स ने इस आयोजन में हिस्सा लिया. उज्जैन में हुए इस दीपोत्सव के साथ आयोजकों के अनुसार विश्व रिकॉर्ड बनाया गया. वहीं पूरे मध्य प्रदेश में 845 आइकॉनिक प्लेस समेत अलग-अलग स्थानों पर 3.55 करोड़ दीये प्रज्ज्वलित किए गए. इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के जरिए प्रदेशभर में सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया गया।