Category: मध्य प्रदेश

  • झाबुआ बॉर्डर पर पथराव की घटना, BJP नेता समेत 6 लोगों के वाहन टूटे

    झाबुआ बॉर्डर पर पथराव की घटना, BJP नेता समेत 6 लोगों के वाहन टूटे

    रतलाम.

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (एटलेन) पर झाबुआ जिले के थांदला के पास शनिवार रात करीब 11 बजे आधा दर्जन से अधिक वाहनों पर पथराव की घटना सामने आई है। इनमें भाजपा नेता सोनू यादव की कार भी शामिल है।

    पथराव से कुछ वाहनों के कांच टूट गए, जबकि कुछ की बॉडी क्षतिग्रस्त हुई। कुछ लोगों को चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के दौरान एक कार में सवार लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर पथराव की घटना को लाइव कैप्चर किया। वाहन सवारों ने धामनोद टोल नाके पर पहुंचकर पुलिस को शिकायत की। सूचना मिलने पर रतलाम से पुलिस बल मौके के लिए रवाना हुआ।

  • ‘आशीर्वाद का दीया’ सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

    ‘आशीर्वाद का दीया’ सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नीमच में शीघ्र ही एयरपोर्ट बनाया जायेगा। साथ ही खेल सुविधाओं में विस्तार के लिये सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम बनाया जायेगा। प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में एक लाख से अधिक भर्तियां की गई हैं। आगामी ढाई वर्षों में साढ़े तीन लाख से अधिक भर्तियां और की जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज नीमच के अग्रोहा भवन में आयोजित सेवा से संकल्प अभियान के अभिनंदन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी और देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने में उनके योगदान का उल्लेख किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत सभी जिलों में सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि संकल्प से ही शक्ति और विकास का मार्ग प्रशस्त होता है तथा प्रदेश सरकार इसी भावना के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच के विकास, नागरिकों के जुझारूपन और उद्यमशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम सनातन परंपरा और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

    प्रदेश के बजट और रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का शिक्षा बजट लगभग 5 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये तथा प्रदेश का कुल बजट बढ़कर 4 लाख 48 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में ड्रॉपआउट रेट शून्य होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय एक लाख 70 हजार रुपये से अधिक हो गई है तथा बिजली उत्पादन 32 हजार मेगावॉट से अधिक पहुंच गया है। वर्ष 2002 में प्रदेश में लगभग 5 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें करीब 8 हजार सीटें उपलब्ध हैं।

    नीमच में एयरपोर्ट और सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम की घोषणा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्षों में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है तथा प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बेहतर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार से जिले के युवाओं और प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

    चीता प्रोजेक्ट को बताया नीमच के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज चीता प्रोजेक्ट के तहत नीमच के खिमला क्षेत्र में मादा चीता को छोड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व के अग्रणी देशों की कतार में है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है तथा न्यायपालिका एवं संवैधानिक संस्थाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं समझौतों में भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक भूमिका निरंतर मजबूत हुई है और देश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहा है।

    विधायक  दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि जिले में 2 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा से संकल्प अभियान का शुभारंभ किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नीमच को विभिन्न सौगातें देने तथा चीता प्रोजेक्ट के तहत नीमच को चयनित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने गांधी सागर बांध के पानी से किसानों को मिल रहे लाभ और कृषि क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का भी उल्लेख किया।

    विधायक  अनिरुद्ध माधव मारू ने कहा कि भारत विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष मती स्वाति चोपड़ा एवं  वंदन खंडेलवाल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा से संकल्प अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने अभियान में सहभागी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं विभिन्न संगठनों की सराहना की।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  सज्जन सिंह चौहान, आयुक्त उज्जैन संभाग  आशीष सिंह,पुलिस महानिरीक्षक  राकेश गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में किया मादा चीता का नामकरण राधा

    राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में किया मादा चीता का नामकरण राधा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नीमच-मंदसौर जिले के गांधी सागर वन्य अभयारण्य में मादा चीता राधा को छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राधा अष्टमी के उपलक्ष्य में मादा चीता का नामकरण राधा किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रारंभ हुआ चीता प्रोजेक्ट सफलता के नये मानदण्ड स्थापित कर रहा है। वहीं मध्यप्रदेश में विलुप्त हो चुके वन जीवों को पुर्नस्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। गत वर्ष छोड़े गये चीतें पूरी तरह स्वस्थ है।

    गांधी सागर अभयारण्य में एक और चीते का छोड़ जाना मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मादा चीता राधा के गांधी सागर पहुंचने के बाद यहां चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। अभयारण्य में पहले से दो नर चीते प्रभास और पावक तथा एक मादा चीता धीरा मौजूद हैं। अब गांधी सागर में दो नर और दो मादा चीते हो गए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है, प्रदेश में चीतों की बढ़ती हुई संख्या इसका प्रमाण है। हमारा सौभाग्य है मध्यप्रदेश वन्यजीवों की विविधता से भरपूर है। हमारा प्रदेश चीता स्टेट के साथ टाइगर स्टेट, घड़ियाल स्टेट और गिद्ध स्टेट के रूप में भी जाना जाने लगा है। असम से जंगली भैंसे भी लाएं गए हैं और प्रदेश में गजराज की संख्या भी लगभग 100 हो गई है। गांधी सागर अभयारण्य में छोड़े गए चीतों से वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय नागरिकों के लिये रोजगार एवं आजीविका के लिये नये अवसर सृजित होंगे।

    गांधी सागर अभयारण्य में चीता संरक्षण का दायरा और बढ़ाया गया है, मादा चीता राधा को गांधी सागर में बसाया जाना मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता को कूनो से आगे विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गांधी सागर को चीतों के लिए दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार और नये वातावरण में उनके अनुकूलन की लगातार निगरानी वन विभाग की टीम द्वारा की जाएगी। नई मादा चीता के आने से गांधी सागर में चीतों के संरक्षण और भविष्य में चीता प्रजनन की संभावनाओं को और भी तेजी से बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग द्वारा प्रकाशित "सेकंड होम ऑफ "चीता गांधी सागर वाइल्डलाइफ सेंचुरी" बुकलेट का भी विमोचन किया।

    चीता पुनर्स्थापना के चार वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस कार्यक्रम में गरोठ विधायक  चन्दर सिंह सिसोदिया, मनासा विधायक  अनिरुद्ध माधव मारू और मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव डॉ. समिता राजौरा भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश का चीता प्रोजेक्ट एशिया का पहला प्रोजेक्ट है। एशिया से चीते गायब हो गए थे, प्रधानमंत्री  मोदी के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने संकल्प लिया और चीतों के पुनर्वास का अभियान शुरू किया। प्रदेश में चीतों की संख्या अब लगातार बढ़ती जा रही है। जहां सैकड़ों साल पहले चीतें विलुप्त हो गए थे, वहीं अब वे स्थानीय वातावरण में खेलते-कूदते दिखाई दे रहे हैं। यह वन्य जीवों के प्रति जीयों और जीने दो के सिद्धांत के आधार पर प्राप्त उपलब्धि का प्रतीक है। हमारे जंगल आबाद हो रहे हैं यह हम सब के लिए सौभाग्य का विषय है।

     

  • स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों ने

    स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों ने

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टर के स्टाइपेंड में वृद्धि किए जाने के निर्णय के लिए आज मध्यप्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों की ओर से उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  राजेंद्र शुक्ल का आभार व्यक्त किया।इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधि डॉ. साकेत रायपुरिया एवं करण पटेल ने अपने डीन एवं सुपरिटेंडेंट सर के साथ उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के रीवा निवास पर पहुंचकर उनका धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

    इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को गंभीरता से लेते हुए सरकार द्वारा सकारात्मक पहल किए जाने से प्रदेश के हजारों इंटर्न डॉक्टर को राहत मिली है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए सभी इंटर्न डॉक्टरों ने उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

    इस अवसर पर इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि सरकार द्वारा चिकित्सा विद्यार्थियों एवं युवा चिकित्सकों की समस्याओं को समझते हुए किए गए इस निर्णय से उनका मनोबल बढ़ा है। उन्होंने भविष्य में भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर इसी प्रकार के सहयोग एवं सकारात्मक संवाद की अपेक्षा व्यक्त की।

     

  • समग्र शिक्षा से निखरेगा विद्यार्थियों का व्यक्तित्व, सर्वांगीण विकास ही शिक्षा का ध्येय : मंत्री परमार

    समग्र शिक्षा से निखरेगा विद्यार्थियों का व्यक्तित्व, सर्वांगीण विकास ही शिक्षा का ध्येय : मंत्री परमार

    भोपाल 

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को समझकर उसके व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। जिस प्रकार परिवार में बच्चों के स्वभाव, रुचि, आदतों और व्यवहार को समझकर उनके साथ व्यवहार किया जाता है, उसी प्रकार प्राध्यापकों को भी विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और आवश्यकताओं को समझते हुए शिक्षण करना चाहिए। विद्यार्थी को समग्रता से समझे बिना शिक्षा अपने व्यापक उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सकती। मंत्री  परमार रविवार को भोपाल स्थित राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR) के सभागृह में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित “अनुभवात्मक अध्यापक विकास कार्यक्रम (पश्चिम क्षेत्र, भोपाल केंद्र)” के क्षेत्रीय प्रशिक्षण-सह-अभिमुखीकरण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए सामूहिक शक्ति और संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव के आधार पर शिक्षण-पद्धतियों का निरंतर विकास समय की आवश्यकता है। प्राध्यापक केवल विषय का ज्ञान प्रदान करने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान, व्यवहार, संवेदना, कौशल और जीवन-मूल्यों के विकास में सहभागी बनें। अनुभवात्मक शिक्षण विद्यार्थियों को ज्ञान को जीवन से जोड़ने और उसे व्यवहार में उतारने की क्षमता प्रदान करता है।

    मंत्री  परमार ने कहा कि “अनुभव से सीखना, विद्यार्थी को समझना और शिक्षा को जीवन से जोड़ना – यही ऐसी शिक्षा का आधार है, जो विद्यार्थी के ज्ञान के साथ उसके व्यवहार, संवेदना, कौशल और व्यक्तित्व का भी विकास करती है।” शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा, जीवन-मूल्यों और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है।

    भारतीय भाषाओं का ज्ञान बढ़ाएगा भाषाई अपनत्व और राष्ट्रीय एकात्मता

    मंत्री  परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में अहिंदी भारतीय भाषाओं को क्रेडिट के साथ विद्यार्थियों को पढ़ाने की कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं की विविधता से परिचित कराने के साथ भाषाई एकात्मता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि भाषाएँ केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि एक-दूसरे की संस्कृति, भावनाओं और समाज को समझने का सेतु भी हैं।

    मंत्री  परमार ने कहा कि जब मध्यप्रदेश का विद्यार्थी देश की अन्य भारतीय भाषाओं को सीखेगा और आगे शिक्षा, रोजगार या अन्य अवसरों के लिए किसी दूसरे प्रदेश में जाएगा, तो वहां की भाषा के कुछ शब्दों और अभिव्यक्तियों के माध्यम से संवाद में सहजता और अपनत्व का अनुभव होगा। यह अपनत्व केवल व्यक्तिगत संबंधों को मजबूत नहीं करेगा, बल्कि विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों और समाजों के बीच परस्पर समझ, आत्मीयता और राष्ट्रीय एकात्मता को भी सशक्त करेगा।

    मंत्री  परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती से देशभर में भाषाई एकात्मता का संदेश गुंजायमान होना चाहिए। भारतीय भाषाएँ समाज और राष्ट्र को जोड़ने का कार्य करती हैं, तोड़ने का नहीं। अलग-अलग भाषाओं को जानना भारत की विविधता को समझने और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत करने का माध्यम है।

    पंचकोशात्मक विकास और पंचपदी शिक्षण पद्धति पर प्रशिक्षण

    कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE), नई दिल्ली, अंतर-विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा केंद्र (IUCTE), बीएचयू, वाराणसी तथा राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR), भोपाल सह-संयोजक हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचकोशात्मक विकास एवं पंचपदी शिक्षण पद्धति के माध्यम से प्राध्यापकों को अनुभव-आधारित एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण के लिए उन्मुख करना है।

    कार्यक्रम के प्रथम चरण में 20 सितंबर को चार सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों का अभिमुखीकरण किया जा रहा है। इसके पश्चात 21 से 24 सितंबर तक देशभर से आए प्रतिभागी मध्यप्रदेश में विद्या भारती द्वारा संचालित 31 विद्यालयों में रहकर पंचकोशात्मक शिक्षा एवं पंचपदी शिक्षण पद्धति का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त करेंगे।

    देशभर से आए शिक्षक-शिक्षाविद हुए शामिल

    कार्यक्रम में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री के.एन. रघुनंदन, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. कैलाश चंद्र शर्मा एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिरंजन अकेला, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री गोविंद महंत, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे एवं राष्ट्रीय महामंत्री देशराज शर्मा, NITTTR भोपाल के निदेशक प्रो. चंद्र चारु त्रिपाठी, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की दक्षिण क्षेत्रीय समिति की अध्यक्ष प्रो. मीना राजीव चंदावरकर एवं अंतर-विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा केंद्र (IUCTE), वाराणसी से डॉ. राजा पाठक सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षक-शिक्षाविद एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षक-प्रशिक्षक उपस्थित थे।

     

  • उपद्रव मामले में बालाघाट पुलिस का एक्शन, पूर्व सांसद समेत 63 लोगों पर FIR

    उपद्रव मामले में बालाघाट पुलिस का एक्शन, पूर्व सांसद समेत 63 लोगों पर FIR

    बालाघाट.

    पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत 63 लोगों को नामजद किया है। बालाघाट के किरनापुर थाने में 15 सितंबर को हुए पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत 63 लोगों को नामजद किया है।

    एफआईआर में 100 से 200 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में 24 आरोपियों की गिरफ्तारी की है।

    थाने में घुसने और पथराव का आरोप
    एफआईआर के मुताबिक, 15 सितंबर को मरार माली समाज की रैली किरनापुर थाने के सामने पहुंची थी। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस का आरोप है कि भीड़ उत्तेजित हो गई और थाने के गेट को धकेलते हुए अंदर घुसने का प्रयास किया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग थाने के भीतर पहुंच गए और पुलिस को रोकने पर ईंट-पत्थर, डंडे और रॉड से पथराव किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए और थाने के भवन को भी नुकसान पहुंचा। मरार माली समाज अध्यक्ष रमेश पंचे पर भी एफआईआर दर्ज की गई है।

    हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में केस
    आरक्षक रवि जाटव की शिकायत पर पुलिस ने गैरकानूनी सभा, दंगा, लोकसेवक पर हमला, मारपीट और हत्या के प्रयास समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। एससी-एसटी एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। एफआईआर में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे, मरार माली समाज अध्यक्ष रमेश पंचे और सरपंच प्रकाश बाहे समेत 63 लोगों के नाम शामिल हैं।

    सीसीटीवी से हुई आरोपियों की पहचान
    पुलिस ने घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से आरोपियों की पहचान की। पुलिस के मुताबिक, अब तक 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से सात आरोपियों को 20 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

    महिला से कथित मारपीट के विरोध में हुआ था प्रदर्शन
    15 सितंबर को टिमकीटोला निवासी महिला के साथ थाने में कथित मारपीट के विरोध में मरार माली समाज ने आंदोलन किया था। पुलिस के अनुसार, इसमें करीब 5 हजार लोग शामिल हुए थे। रैली के दौरान थाने पर पथराव और तोड़फोड़ की घटना हुई थी।

    शराब और पैसे बांटने के पुलिस के दावे की भी जांच
    पुलिस ने घटना के बाद दावा किया था कि उपद्रव में शामिल लोगों को थाने में मुफ्त शराब बांटी गई और पैसे दिए गए थे। यह पुलिस का दावा है और मामले की जांच के दौरान इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने घटना के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में 1975 के बालाघाट थाना कांड का जिक्र किया था, जिसमें उनका नाम भी आया था। अब किरनापुर थाना मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

  • वीर भारत संग्रहालय, सर्प उद्यान, महाकाल महालोक सहित सिंहस्थ कार्यों की दी जानकारी

    वीर भारत संग्रहालय, सर्प उद्यान, महाकाल महालोक सहित सिंहस्थ कार्यों की दी जानकारी

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को देवास रोड स्थित वीवीआईपी गेस्ट हाउस में बिहार से उज्जैन आए 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दल से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा इन्फ्लुएंसरों से उज्जैन की प्राचीन ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर संवाद करते हुए उनसे सवाल भी किए तथा विभिन्न महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्यों और स्थलों की जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्फ्लुएंसर दल को उज्जैन में निर्माणाधीन वीर भारत संग्रहालय, सर्प उद्यान, महाकाल महालोक सहित सिंहस्थ 2028 के लिए चल रहे निर्माण कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वीर भारत संग्रहालय में प्राचीन काल से लेकर आधुनिक भारत तक के महान नायकों की गौरवगाथाओं को एक साथ देखने और समझने का अवसर मिलेगा। संग्रहालय में भारत की समृद्ध ऐतिहासिक परंपरा, वैदिक काल, रामायण एवं महाभारत युग, विक्रमादित्य काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक की महत्वपूर्ण घटनाओं और राष्ट्रनायकों के योगदान को एक समग्र रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र निर्माण में महान व्यक्तित्वों के योगदान को जानने का अवसर मिलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्फ्लुएंसर दल को उज्जैन में निर्माणाधीन सर्प उद्यान (स्नेक पार्क) की जानकारी देते हुए बताया कि उज्जैन को 'सर्प मित्र नगरी के रूप में विकसित करने का दृष्टिकोण रखा गया है। सर्प उद्यान केवल पर्यटन का केंद्र नहीं होगा, बल्कि सांपों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक महत्व तथा पर्यावरणीय संतुलन में उनकी भूमिका के प्रति लोगों में जागरूकता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। सर्पों के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए उनके संरक्षण और पर्यावरण में उनके योगदान की जानकारी आमजन तक पहुंचाना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार से आए युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को उज्जैन की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्ता के साथ-साथ  महाकाल महालोक के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने उज्जैन की प्राचीन परंपराओं, धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत तथा भगवान महाकाल की नगरी के रूप में इसकी विशिष्ट पहचान से अवगत कराया।

    बिहार से आए 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दल द्वारा उज्जैन प्रवास के दौरान आगामी सिंहस्थ महापर्व-2028 की तैयारियों के अंतर्गत शहर में किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी भी ली जाएगी। दल द्वारा उज्जैन के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर शहर में चल रहे विकास कार्यों, सिंहस्थ की तैयारियों और उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ संवाद के दौरान युवा इन्फ्लुएंसरों ने उज्जैन की ऐतिहासिकता, धार्मिक महत्व, पर्यटन विकास तथा आगामी सिंहस्थ महापर्व से जुड़ी विभिन्न जानकारियों में रुचि दिखाई।

  • सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में तेजी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पैदल भ्रमण कर विकास कार्यों का किया निरीक्षण

    सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में तेजी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पैदल भ्रमण कर विकास कार्यों का किया निरीक्षण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सिंहस्थ महापर्व के लिए उज्जैन शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का पैदल भ्रमण कर निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीलगंगा से केटीएम गैल इंडिया चौराहा तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य तथा शांतिनगर से इंदौर रोड तक किए जा रहे नवीन मार्ग निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सिंहस्थ की दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मार्ग में स्थानीय रहवासियों से संवाद किया। स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से हाथ मिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया और स्थानीय नागरिकों द्वारा शहर के विकास के लिए किए जा रहे सहयोग की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल मंदिर जाने का मुख्य मार्ग सिंधी कॉलोनी चौराहे से नानाखेड़ा बस स्टैंड तक है। नानाखेड़ा बस स्टैंड से आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध रहेगा। यह शहर के मध्य से गुजरने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जो पुराने शहर को नए शहर से एलिवेटेड ब्रिज के माध्यम से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि मार्ग के चौड़ीकरण के लिए उज्जैन के नागरिकों ने स्वेच्छा से अपने मकानों को पीछे करने में सहयोग किया है। यह उज्जैन की गौरवशाली विरासत और यहां के नागरिकों की विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देवस्थलों को लेकर भी नागरिकों ने सहजता से अपने मंदिरों को पीछे किया है। स्थानीय रहवासियों ने चौड़ीकरण कार्य के लिए अपने मकान, जमीन और दुकानें उपलब्ध कराकर सरकार के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर विकास कार्यों के लिए मकान और दुकानें प्रभावित हो रही हैं, वहां भी स्थानीय रहवासी फूलों से स्वागत कर रहे हैं। यह उज्जैन के नागरिकों के बड़े मन और विकास के प्रति उनकी सकारात्मक भावना को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। उनकी सुविधाओं और व्यवस्थाओं की चिंता करना केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है। उज्जैन के सभी समाजों के नागरिक शहर के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों में सहयोग कर रहे है। उन्होंने कहा कि जिस भाव और समर्पण के साथ नागरिक चौड़ीकरण एवं अन्य विकास कार्यों में सहयोग कर रहे है, वह सराहनीय है, उसके लिए सभी नागरिकों को बधाई । सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ ठोस निर्णय लेते हुए उज्जैन में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य सुनिश्चित करेगी। इन विकास कार्यों के माध्यम से उज्जैन के साथ ही प्रदेश और देश की छवि को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, नगर अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

    धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा उज्जैन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन में प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की संख्या मंर निरंतर वृद्धि हो रही है। पहले जहां लगभग 60 से 70 लाख श्रद्धालु उज्जैन आते थे, वहीं पिछले वर्ष लगभग 8 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या 12 करोड़ से अधिक होने की दिशा में बढ़ रही है। अन्य राज्यों से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा कि उज्जैन और इंदौर का क्षेत्र तेजी से धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। धार्मिक पर्यटन के विस्तार से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी व्यापक परिवर्तन हो रहा है। आर्थिक विकास की दृष्टि से भी नए अवसर और संभावनाएं सामने आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या और सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित कर रही है। सड़क, यातायात, आवागमन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे है, ताकि श्रद्धालुओं और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सके।

     

  • भगवान  शीतलनाथ स्वामी के दर्शन-पूजन कर नवीन उपाश्रय भवन निर्माण के लिए किया भूमि-पूजन

    भगवान शीतलनाथ स्वामी के दर्शन-पूजन कर नवीन उपाश्रय भवन निर्माण के लिए किया भूमि-पूजन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे हाथ में न तो जन्म लेना है और न ही शरीर छोडऩा।अपने जीवन में जिन्होंने त्याग का मार्ग प्रशस्त किया, वे महावीर है। हम जीवन में जो भी कार्य करते है, वह सब ईश्वर की इच्छा से होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में समाज भी आवश्यक है और व्यवस्था भी आवश्यक है। जीवन चक्र में रिश्ते-नातों की भी एक निर्धारित अवधि होती है। हमें जो समय मिला है, उसमें सभी को सत्कर्म करते हुए संसार में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहिए , जो भी अच्छा कार्य करना है, वह इसी जीवन में करना है। सभी जीव एक साथ आनंदपूर्वक रहें और प्रत्येक प्राणी के प्रति दया एवं करुणा का भाव रखें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को अपने उज्जैन में माधवनगर क्षेत्र में कंट्रोल रूम के सामने स्थित  जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ एवं उपाश्रय ट्रस्ट के नवीन उपाश्रय भवन के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान महावीर के विचार मानव जीवन को त्याग, संयम, अहिंसा और करुणा का मार्ग दिखाते है। समाज में परस्पर प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी समाजजनों को देव आश्रय एवं उपाश्रय भवन के निर्माण के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्वेताम्बर जैन समाज के सदस्य उपस्थित रहे। समाजजनों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। ट्रस्ट के अध्यक्ष  संजय नाहर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत कर उन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  जैन श्वेताम्बर मंदिर में भगवान  शीतलनाथ स्वामी के दर्शन एवं विधिवत पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात उन्होंने उपस्थित समाजजनों के साथ नवीन उपाश्रय भवन के निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर समाजजनों ने नवीन भवन के निर्माण एवं उससे जुड़ी योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दी। नवीन उपाश्रय भवन में ‘तीन धाम, एक मुकाम’ की अवधारणा के अंतर्गत मणिभद्र भगवान के मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही ई-लायब्रेरी भवन का भी निर्माण प्रस्तावित है। नवीन उपाश्रय भवन के माध्यम से धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए समाजजनों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। भूमि-पूजन कार्यक्रम मे राज्यसभा सांसद बालयोगी  उमेशनाथ जी महाराज, विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति मती कलावती यादव, मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  ओम जैन, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष  जगदीश अग्रवाल, नगर अध्यक्ष  संजय अग्रवाल सहित श्वेताम्बर जैन समाज के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • PM मोदी की मां पर टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी घिरे, BJP नेताओं ने जताया विरोध

    PM मोदी की मां पर टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी घिरे, BJP नेताओं ने जताया विरोध

    इंदौर/नई दिल्ली.

    शनिवार को इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में एक कॉमेडियन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करने को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच जुबानी जंग हुई. छात्रों पर केंद्रित इस कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि मंच पर आए और मोदी के हाव-भाव और विदेशी नेताओं से बात करने के उनके अंदाज की नकल की.

    इस प्रस्तुति में मोदी की विदेश नीति, उनकी मां और बच्चों के साथ प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सिक्के के एक ट्रिक का ज़िक्र किया गया. मणि ने मोदी के विदेशी नेताओं के साथ बातचीत की नकल करते हुए बार-बार “my friend” का इस्तेमाल किया. उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना कहा, “My friend, how are you?” लोकसभा में विपक्ष के नेता ने जवाब दिया, “I am fine, how are you Modi ji?” मणि ने जवाब दिया, “Great harassment” और मोदी के हाव-भाव को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हुए “my friend” का इस्तेमाल जारी रखा. इस प्रस्तुति में गलगोटियास यूनिवर्सिटी और इंडिया ग्लोबल AI समिट में यूनिवर्सिटी द्वारा दिखाई गई चीनी ह्यूमनॉइड रोबोट को लेकर हुए विवाद का भी ज़िक्र किया गया.
    इसके बाद गांधी ने कहा, “Very nice to meet you,” और मणि से कहा कि “tell me more”. इसके बाद कॉमेडियन ने प्रधानमंत्री की मां का ज़िक्र करते हुए हंसते हुए और मोदी की नकल करते हुए कहा, “मां को कुर्सी दो, मां.” इसके बाद उन्होंने कहा, “Setting, my friend.”

    मणि ने बच्चों के साथ बातचीत के दौरान मोदी द्वारा किए गए सिक्के के एक ट्रिक की भी नकल की. उन्होंने सिक्का अपने माथे पर रखा, जिस पर दर्शकों ने जोरदार तालियां और आवाज़ें लगाईं. कांग्रेस ने इस बातचीत के वीडियो क्लिप एक्स पर बड़े पैमाने पर शेयर किए. इसके आधिकारिक हैंडल ने एक वीडियो को “Narendra Modi ki Foreign Policy” कैप्शन के साथ पोस्ट किया, जबकि दूसरे पर लिखा था, “My friend!! Great Harassment!!” कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भी वीडियो शेयर किया और लिखा: “इंदौर में हंसने वाला स्मार्ट व्यक्ति आया, माथे पर सिक्का चिपकाया और ‘great harassment’ का शानदार शो किया.” इसके बाद BJP ने गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा,

    खासकर मोदी की दिवंगत मां के जिक्र को लेकर. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा: “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दिवंगत मां के बारे में आपत्तिजनक शब्द बोले जाना और राहुल गांधी का उस पर हंसना बेहद शर्मनाक और दुखद है.” उन्होंने कहा, “मां राजनीति का विषय नहीं है. किसी मां का अपमान किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता.” धामी ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री जी की दिवंगत मां के बारे में की गई अभद्र टिप्पणियों पर हंसना आपकी अपनी राजनीतिक संस्कृति को उजागर करता है. राहुल गांधी जी, राजनीतिक विरोध में शालीनता की सभी सीमाएं पार करना न तो लोकतंत्र है, न सेवा है और न संस्कृति. देश की मातृशक्ति सब कुछ देख रही है. ऐसी संवेदनहीनता और मजाक किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता.”

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका “गैर-जिम्मेदार रवैया बेहद शर्मनाक, निंदनीय और अनुचित है”. यादव ने कहा, “हमारे देश की संस्कृति और माताओं के सम्मान का अपमान करके उन्होंने युवाओं के भविष्य को गलत दिशा में ले जाने को बढ़ावा दिया है.” CM ने कहा कि प्रधानमंत्री की मां का “अपमान” देश की सभी माताओं का “अपमान” है और उन्होंने गांधी से माफी मांगने की मांग की. यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की सार्वजनिक छवि का इस्तेमाल व्यंग्य के लिए किया है. अगस्त में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में गांधी ने मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए पार्टी नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया था. दीक्षित ने मज़ाक करते हुए कहा था, “आप मुझे गले लगाते समय यह तो नहीं सोच रहे थे कि मैं मेलोनी हूं?” गांधी ने जवाब दिया था, “मैं अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा हूं.” BJP ने इस बातचीत की आलोचना की थी.

    दोनों पार्टियों के बीच सोशल मीडिया पर भी व्यापक लड़ाई चल रही है, जिसमें AI से बनाई गई तस्वीरों को लेकर विवाद भी शामिल है. इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस की केरल इकाई ने BJP नेताओं को निशाना बनाते हुए AI से बनाई गई तस्वीरें शेयर की थीं. इनमें एक तस्वीर में अमित शाह जैसे दिखने वाले व्यक्ति को Maruti Omni में बैठे हुए दिखाया गया था और दूसरी में मोदी को रेलवे स्टेशन पर दिखाया गया था. इसके बाद गुजरात, केरल और तेलंगाना की BJP इकाइयों ने सोनिया गांधी को निशाना बनाते हुए AI से बनाई गई कई तस्वीरें शेयर कीं. तेलंगाना BJP की एक पोस्ट में एक महिला को बार में दिखाया गया था और कैप्शन था, “Lusiana, Italy. Circa-1970s”, जिसमें सोनिया गांधी के जन्मस्थान का जिक्र किया गया था. इसके बाद कांग्रेस ने कहा है कि वह कुछ पोस्ट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है.