Category: मध्य प्रदेश

  • MP में जन-मन सभागार पर बड़ा फैसला, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा होगा काम

    MP में जन-मन सभागार पर बड़ा फैसला, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा होगा काम

    जन-मन सभागार का निर्माण कार्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले करायें पूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ यादव

    भवन विकास निगम की अधीन बनाई जायेगी रेवेन्यू जनरेटिंग बाडी – मुख्यमंत्री ने दी सहमति
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मप्र भवन विकास निगम के संचालक मंडल की पांचवीं बैठक में प्रस्तावों को दी मंजूरी

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल की पांचवी बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निगम की आय सृजन के लिए रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम करने का तुरंत स्कोप और रेवेन्यू मिल सके, इसके लिए नवीन एवं वैकल्पिक राजस्व स्त्रोतों का विकास जरूरी है। इसके लिये निगम ने जल्द से जल्द 'रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी' का गठन कर लिया जाए। संचालक मंडल ने इस अहम प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन बड़े भवन परियोजनाओं का निर्माण कार्य भवन विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है, प्रयास करें कि वे तय समय-सीमा से पहले ही पूरी हो जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज से रुबरु संवाद के लिए मुख्यमंत्री निवास में तैयार किये जा रहे जन-मन सभागार का निर्माण कार्य जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जितने भी नए मेडिकल कॉलेजों की बिल्डिंग एवं अन्य अधोसंरचनाएं भवन विकास निगम द्वारा तैयार किए जाएं, वह केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ नॉर्म्स) के आधार पर ही तैयार किये जाएं।

    बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के दो बड़े प्रस्तावों को  मंजूरी दी।‌ मुख्यमंत्री ने निगम को प्राप्त होने वाली 25 करोड़ रुपए तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि (पीएसी) वाली सभी निविदाओं की स्वीकृति/ निरस्तीकरण के लिए निगम के प्रबंध संचालक एवं इसी आशय से गठित अधिकार समिति को अधिकृत किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। प्रस्ताव के अनुसार अब प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत होंगे। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने संचालक मंडल द्वारा निगम की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत महाप्रबंधक (तकनीकी) संवर्ग में महाप्रबंधक (निविदा) एवं महाप्रबंधक (रीडेंसिफिकेशन) के दो नए पद सृजित करने के  प्रस्ताव का अनुमोदन किया। इसके अनुसार अब प्रबंध संचालक, भवन विकास निगम में इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई के लिए अधिकृत किए गए।‌

    बैठक में निगम के प्रबंध संचालक ने भवन विकास निगम द्वारा पूरी की जा रही भवन परियोजनाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन विकास निगम को कुल 763 परियोजनाएं आवंटित की गई हैं और इन सभी सक्रिय परियोजनाओं की कुल निर्माण लागत राशि 10 हजार 994 करोड़ रुपए है। बताया गया कि निगम द्वारा आईआईएम इंदौर के माध्यम से भर्ती की जा रही है। इसके अलावा मानक निविदा दस्तावेज भी तैयार किया जा रहे हैं। इससे पारदर्शिता एवं मानकीकरण में वृद्धि हुई है। प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम में काम करने वाले ठेकेदार को काम पूरा होने के बाद भुगतान की अवधि औसतन 33 दिन से घटाकर 11 दिन कर दी गई है। इससे समय की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा प्रदेश में उज्जैन मेडिसिटी, सिंगरौली, मंडला, रीवा एवं बुदनी (जिला सीहोर) कुल 5 मेडिकल कॉलेजेस और उज्जैन का संयुक्त प्रशासनिक भवन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह सभी कार्य समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में 26.57 करोड़ रुपए लागत से तैयार किया जा रहा जन-मन सभागार आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा कर लिया जाए। इससे बड़ी सुविधा होगी। प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम द्वारा भोपाल में 130 करोड़ रुपए की लागत से 150 कक्षों का नया राज्य अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) और जबलपुर में 65 करोड़ रुपए की लागत से 75 कक्षों वाले सर्किट हाउस का निर्माण भी किया जा रहा है।

    बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल, भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सिबि चक्रवर्ती एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

     

  • युवाओं में देशभक्ति और आत्मविश्वास पर जोर, ‘सेवा संकल्प’ का मुख्य उद्देश्य

    युवाओं में देशभक्ति और आत्मविश्वास पर जोर, ‘सेवा संकल्प’ का मुख्य उद्देश्य

    सेवा संकल्प अभियान
    नई पीढ़ी में देशभक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाना ही सेवा संकल्प  का मुख्य उद्देश्य: राज्यमंत्री  गौर

    मेरे सपनों का भारत" प्रतियोगिता के होनहार छात्र-छात्राएं हुए सम्मानित

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि "आज की नई पीढ़ी के दिल में अपने देश के प्रति गहरा प्रेम और समर्पण साफ दिखाई देता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' का मुख्य उद्देश्य हमारे बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना को बढ़ाना है, जिससे वे एक मजबूत भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।" राज्यमंत्री श्रीमती गौर सोमवार को भोपाल के गोविंदपुरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आनंद नगर में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित 'मेरे सपनों का भारत' चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था की सराहना की और बच्चों की प्रतिभा का उत्साहवर्धन किया।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश को मिली नई दिशा

    राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत विकास के नए आयाम तय कर रहा है। आज पूरा देश उनके बताए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। स्वच्छता अभियान की बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक साफ-सुथरा समाज ही एक स्वस्थ और मजबूत देश का निर्माण करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित किया है और उनके विचारों को अपनाकर ही हम एक समृद्ध भारत बना सकते हैं।

     भारतीय संस्कृति और संस्कार ही हमारी असली पहचान

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने भारतीय संस्कारों और मूल्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और अच्छे संस्कार ही पूरी दुनिया में भारत को एक अलग और खास पहचान दिलाते हैं। शिक्षकों और गुरुओं के सही मार्गदर्शन में आज का हर बच्चा आत्मविश्वास से भरा हुआ है और देश की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है।

     विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

    समारोह में 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर आयोजित चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।

    कार्यक्रम में संतोष ग्वाला, पार्षद श्रीमती छाया ठाकुर, श्रीमती ममता विश्वकर्मा, प्राचार्य पुष्पा, अशोक गुप्ता, प्रदीप लोधी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

  • ग्वालियर-भिंड रेलखंड पर चलाया गया टिकट जांच अभियान

    ग्वालियर-भिंड रेलखंड पर चलाया गया टिकट जांच अभियान

    ग्वालियर-भिंड रेलखंड पर चलाया गया टिकट जांच अभियान

    बिना टिकट /अनियमित टिकट एवं अनाधिकृत सामान लेकर यात्रा करने वालों में मचा हड़कंप

    ग्वालियर

               मंडल रेल प्रबंधक झाँसी श्री अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन व वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अमन वर्मा के निर्देशन में बिना टिकट यात्रियों की रोकथाम ग्वालियर-भिंड रेलखंड पर ट्रेनों में बिना टिकट/अनियमित यात्रा / गंदगी फ़ैलाने वालों के खिलाफ सघन टिकट जांच बहियाँ चलाया गया I जांच अभियान के अंतर्गत 17 यात्रियों से 9735 रूपए जुर्माना स्वरुप  रेल राजस्व वसूल किया गया I सहायक वाणिज्य प्रबंधक श्री आर के वर्मा  के नेतृत्व में चलाए गए उक्त जांच अभियान में मुख्य वाणिज्य निरीक्षक दिग्विजय सिकरवार, टिकट निरीक्षक कृष्ण कुमार, दौलत राम, ब्रिजेन्द्र कुमार तथा रेल सुरक्षा बल से के एल मीना द्वारा अहम् योगदान प्रदान किया गया तथा  ।
    इस प्रकार के जांच अभियान निरंतर जारी रहेंगे । अतः यात्रियों से अनुरोध है कि वह उचित यात्रा टिकट लेकर एवं निर्धारित सीमा से अधिक सामान को बुक कराकर ही यात्रा करे तथा रेल परिसर में धुम्रपान एवं गंदगी न फैलाए ।

  • रीवा के खेतों तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी, स्लीमनाबाद टनल का काम पूर्णता की ओर

    रीवा के खेतों तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी, स्लीमनाबाद टनल का काम पूर्णता की ओर

    स्लीमनाबाद टनल का काम पूर्णता की ओर, शीघ्र ही रीवा जिले के खेतों को मिलेगा नर्मदा जल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    रीवा में हुए बलराम कृषि महोत्सव में आए किसानों से किया संवाद

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती-किसानी विशेषकर उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में रीवा का जवाब नहीं। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और लगन से यहां धान, गेहूं, चना, मसूर, अलसी और सोयाबीन का भरपूर उत्पादन हुआ है। इससे रीवा जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रीवा जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि स्लीमनाबाद टनल का काम तेजी से पूरा होने की ओर है। इस टनल के पूरा होते ही रीवा जिले के खेतों तक नर्मदाजी का पावन जल पहुंचेगा। इससे क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की सुविधा बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि रीवावासियों को त्योंथर, लोंही, सिरमौर और सेमरिया की सिंचाई परियोजनाएं पूरी होने पर करीब एक लाख 32 हजार हैक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को बताया कि जिनके पास भूमि के पट्टे हैं परंतु रजिस्ट्री नहीं है, ऐसे सभी पट्टेधारकों को राज्य सरकार रजिस्ट्री कराकर नि:शुल्क प्रदाय करेगी। ऐसे 50 लाख पट्टों की रजिस्ट्री का शुल्क (करीब 4 हजार करोड़ रुपए) राज्य सरकार वहन करेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के जनप्रतिनिधियों और 4 प्रगतिशील किसानों से आत्मीय संवाद कर उनके द्वारा परम्परागत खेती से अलावा वर्तमान में की जा रही नवाचारी खेती के बाद तब और अब के अनुभवों की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि उन्नत कृषि यंत्रों से तकनीकी खेती करने और जैविक खाद के इस्तेमाल से प्राकृतिक खेती करने में ज्यादा फायदा होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले भर से आए किसानों से प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, श्रीअन्न, पशुपालन और फसल विविधीकरण अपनाने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए रीवा जिले में एक हजार हैक्टेयर क्षेत्र को नैचुरल फार्मिंग क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। बसामन मामा गो-अभयारण्य हमारे गौ-संवर्धन और ग्रामीण स्वावलंबन का एक बड़ा केन्द्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौशाला में संचालित 'प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र' से यहां के सभी किसान भाइयों को जीवामृत, घन जीवामृत और प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकें सीखने और अपनाने में बड़ी मदद मिल रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परम्परागत खेती से आगे बढ़कर रीवा के किसान उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीवा में अमरूद, आंवला और कटहल का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, जो यहां की कृषि विविधता को दर्शाता है। रीवा श्रीअन्न उत्पादन में भी आगे बढ़ रहा है। खेती में विविधता लाने के लिए राज्य मिलेट मिशन अन्तर्गत कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज की फसलों का विस्तार किया जा रहा है। श्रीअन्न की खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ हमारे परिवारों की पोषण सुरक्षा को भी सुदृढ़ करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी किसानों को तेजा दशमी, डोल ग्यारस और गणेशोत्सव की शुभकामनाएं भी दीं।

    रीवा में हुए बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भी किसानों को संबोधित किया। इस अवसर पर मप्र राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पांचूलाल प्रजापति, उपाध्यक्ष प्रवीण त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा श्रीमती नीता कोल, सिद्धार्थ, कपिल यार्दे, वीरेन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में किसानबंधु उपस्थित थे।

     

  • मल्टीलेवल कार पार्किंग का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया

    मल्टीलेवल कार पार्किंग का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया

    केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने राज्य के मंत्रिगणों के साथ मल्टीलेवल कार पार्किंग का किया निरीक्षण 

    पानी निकासी के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी अध्ययन कराया जाए 

    ग्वालियर 
     केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर के प्रमुख केंद्र महाराजा बाड़ा में बन रहे मल्टीलेवल कार पार्किंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा विशेष रूप से बेसमेंट-3 में पानी की समस्या और उसकी निकासी की व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी, सीईओ स्मार्ट सिटी प्रतीक राव सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
        केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि विकास कार्यों में गति जरूरी है, लेकिन गुणवत्ता और निर्माण की सावधानियों से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बेसमेंट-3 में पानी की निकासी के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे विषय का समग्र एवं तकनीकी अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि पानी के आउटलेट और निकासी व्यवस्था का ऐसा स्थायी एवं सुरक्षित समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को इस विषय की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
        केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि महाराजा बाड़ा मल्टीलेवल कार पार्किंग ग्वालियर के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकसित की जा रही इस परियोजना से महाराजा बाड़ा क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में आवश्यक गति लाने के साथ गुणवत्ता के उच्च मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए।
        परियोजना के तहत लगभग 77 करोड़ रुपये की लागत से 429 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की जा रही है। इसमें 353 चार-पहिया और 76 दो-पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी।
        केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने निर्देश दिए कि बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर का कार्य जनवरी-फरवरी 2027 तक पूरा करने की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि परियोजना समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि पानी, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं सीधे आमजन के जीवन से जुड़ी हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जा रही राशि का सदुपयोग करते हुए ऐसी सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए, जिनका लाभ लंबे समय तक आम नागरिकों को मिले। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का अंतिम उद्देश्य जनता की सेवा, बेहतर सुविधाएं और ग्वालियर का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना है। 
     

  • स्व सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं मीना दीदी

    स्व सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं मीना दीदी

    कहानी बदलाव की

    स्व सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं मीना दीदी

    पशुपालन और तार फेसिंग सहित विभिन्न गतिविधियों से बढ़ी आमदनी, बनीं लखपति दीदी

    अनूपपुर
     ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह अवसर उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहे हैं। अनूपपुर जिले के विकासखण्ड जैतहरी के ग्राम सिवनी की मीना दीदी ने स्व सहायता समूह से जुड़कर अपनी आजीविका को आगे बढ़ाया। समूह से मिले सहयोग और ऋण के माध्यम से उन्होंने पशुपालन के साथ तार फेसिंग,धान कटाई मशीन और ईंट निर्माण जैसी गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया।

    समूह से जुड़कर मिली आगे बढ़ने की राह

    मीना दीदी बताती हैं कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित थी। पति की आय से घर का खर्च और बच्चों की पढ़ाई सहित अन्य जरूरतें पूरी करना चुनौतीपूर्ण था। इसी दौरान वे मध्यप्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ीं और 12 अन्य महिलाओं के साथ मिलकर गायत्री स्व-सहायता समूह का गठन किया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, बैंकिंग और ऋण के माध्यम से अपनी आजीविका गतिविधियां शुरू करने का अवसर मिला। उन्होंने अलग-अलग अवसरों पर लगभग 5 लाख रुपये का आजीविका ऋण लेकर विभिन्न गतिविधियों में निवेश किया।

    पशुपालन से नियमित आमदनी

    मीना दीदी ने पशुपालन को अपनी प्रमुख आजीविका गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाया। वर्तमान में उनके पास 25 गाय, 20 बछड़े और 5 भैंसें हैं। प्रतिदिन लगभग 50 से 60 लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसकी बिक्री मोजर बेयर कंपनी को की जाती है। इसके साथ ही वे तार फेसिंग सहित अन्य गतिविधियों से भी आय अर्जित कर रही हैं। अपनी आजीविका गतिविधियों के संचालन में वे स्थानीय स्तर पर 8 मजदूरों को रोजगार भी उपलब्ध करा रही हैं। वर्तमान में उनकी मासिक आय लगभग 35 से 40 हजार रुपये तक पहुंच गई है।

    आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

    मीना दीदी कहती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी आजीविका को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। समूह से प्राप्त सहयोग और ऋण ने उन्हें अपने स्तर पर काम शुरू करने का हौसला दिया। वे अपनी आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के साथ समूह से प्राप्त ऋण की अदायगी भी कर रही हैं।
    महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    आज मीना दीदी अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग देने के साथ अन्य लोगों के लिए रोजगार का माध्यम भी बन रही हैं। पशुपालन, तार फेसिंग और अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती मीना दीदी की कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए बदलाव और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

  • त्योहारी सीजन में रेल यात्रियों को राहत, MP के 30 स्टेशनों से मिलेंगी स्पेशल ट्रेनें

    त्योहारी सीजन में रेल यात्रियों को राहत, MP के 30 स्टेशनों से मिलेंगी स्पेशल ट्रेनें

    भोपाल
     दिवाली और छठ पूजा के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने मध्यप्रदेश से अलग-अलग राज्यों के लिए कई स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी की है। इन ट्रेनों के जरिए मध्यप्रदेश के करीब 30 स्टेशन देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ेंगे।त्योहारी सीजन में नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए इन सेवाओं से यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन विकल्प मिलेंगे। मध्यप्रदेश से चलने या गुजरने वाली इन स्पेशल ट्रेनों से राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, हरियाणा और दिल्ली तक कनेक्टिविटी मिलेगी।

     आगामी त्योहारी सीजन के चलते अभी से ज्यादातर ट्रेनों के टिकट बुक हो चुके हैं. ट्रेनों में वेटिंग दिखा रहा है. रेलवे यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है. इस बीच मध्य प्रदेश के भोपाल रेल मंडल से 10 राज्यों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है. दीवाली और छठ पूजा पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यह फैसला लिया है. मध्य प्रदेश से करीब 30 स्टेशन स्पेशल ट्रेनों से जुड़ेंगे. भोपाल मंडल से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र समेत 10 राज्यों तक कनेक्टिविटी मिलेगी. भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए सुल्तानपुर-वाराणसी से मुंबई जाने का अतिरिक्त विकल्प होगा। 

    त्योहारी सीजन में नियमित ट्रेनों की भीड़ को कम करने की कवायद शुरू कर दी गई है. सुल्तानपुर-वाराणसी से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली स्पेशल ट्रेनें चलेंगी. बीना, रानी कमलापति और इटारसी होकर दोनों स्पेशल ट्रेनें चलेंगी. दोनों दिशाओं में स्पेशल ट्रेनों के 4-4 फेरे होंगे. भोपाल मंडल के तीन स्टेशनों को मुंबई के लिए 16 अतिरिक्त एकतरफा फेरे मिलेंगे। 

    कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा
    बताते चलें कि रेलवे ने त्योहारों को देखते हुए कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा कर दी है. प्रयागराज और साबरमती के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन को लेकर बदलाव किया गया है. गांधीनगर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म से जुड़ी बाधाओं के चलते प्रयागराज और गांधीनगर द्विसाप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के टर्मिनल में बदलाव किया गया है. अब 04111/04112 के बदले यह सेवा 04179/04180 नंबर से प्रयागराज और साबरमती के बीच चलेगी. 04179 नंबर ट्रेन प्रयागराज से शाम चार बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 3:40 बजे साबरमती पहुंचेगी. वहीं 04180 नंबर ट्रेन साबरमती से शाम 5:45 बजे रवाना होगी। 

    भोपाल मंडल के यात्रियों को खास फायदा
    भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए सुल्तानपुर और वाराणसी से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें महत्वपूर्ण रहेंगी। दोनों ट्रेनें बीना, रानी कमलापति और इटारसी होकर चलेंगी।दोनों दिशाओं में इन ट्रेनों के 4-4 फेरे निर्धारित हैं। इस तरह बीना, रानी कमलापति और इटारसी से मुंबई की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन विकल्प मिलेंगे।

    अजमेर-रांची पूजा स्पेशल
    ट्रेन नंबर 09619/09620 अजमेर-रांची-अजमेर साप्ताहिक पूजा स्पेशल के दोनों दिशाओं में 9-9 फेरे होंगे।

    अजमेर से रांची ट्रेन 2 अक्टूबर से 27 नवंबर 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार चलेगी। वहीं रांची से अजमेर ट्रेन 4 अक्टूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक रविवार चलेगी।मध्यप्रदेश में इस ट्रेन के प्रमुख ठहराव रुठियाई, गुना, सागर, दमोह, कटनी, ब्यौहारी और सिंगरौली होंगे।

    जोधपुर-चेन्नई पूजा स्पेशल
    ट्रेन नंबर 04815/04816 जोधपुर-चेन्नई बीच पूजा स्पेशल के दोनों दिशाओं में 9-9 फेरे होंगे।जोधपुर से चेन्नई बीच ट्रेन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार चलेगी। वहीं चेन्नई बीच से जोधपुर ट्रेन 6 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक प्रत्येक मंगलवार चलेगी।मध्यप्रदेश में ट्रेन रुठियाई, गुना, बीना, भोपाल और इटारसी स्टेशनों पर रुकेगी।

    रानी कमलापति-गया पितृपक्ष स्पेशल
    पितृपक्ष में गया जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन नंबर 01661/01662 रानी कमलापति-गया स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।रानी कमलापति से गया के लिए इसके फेरे 27 सितंबर, 2 अक्टूबर और 7 अक्टूबर को होंगे। वापसी में गया से रानी कमलापति के लिए ट्रेन 30 सितंबर, 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को चलेगी।इस ट्रेन का ठहराव नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना समेत कई स्टेशनों पर रहेगा।

    पुणे-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन
    ट्रेन नंबर 01415/01416 पुणे-गोरखपुर स्पेशल भी त्योहारों के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा देगी।पुणे से गोरखपुर ट्रेन 9 अक्टूबर से 21 नवंबर तक और गोरखपुर से पुणे ट्रेन 10 अक्टूबर से 22 नवंबर तक चलेगी।मध्यप्रदेश में इसके प्रमुख ठहराव खंडवा, इटारसी, भोपाल और बीना हैं।

    मुंबई CSMT-गोरखपुर स्पेशल के 43 फेरे
    ट्रेन नंबर 01079/01080 मुंबई सीएसएमटी-गोरखपुर स्पेशल के दोनों दिशाओं में बड़ी संख्या में फेरे निर्धारित किए गए हैं।मुंबई से गोरखपुर ट्रेन 9 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चलेगी, जबकि गोरखपुर से मुंबई सेवा 11 अक्टूबर से 22 नवंबर तक रहेगी।यह ट्रेन खंडवा, इटारसी, भोपाल और बीना होते हुए चलेगी। पुणे-गोरखपुर और मुंबई-गोरखपुर सेवाओं को मिलाकर कुल 87 अतिरिक्त फेरे उपलब्ध होंगे।

    रानी कमलापति-रीवा पूजा स्पेशल
    ट्रेन नंबर 02191/02192 रानी कमलापति-रीवा पूजा स्पेशल के दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे होंगे।रीवा से रानी कमलापति के लिए ट्रेन 17 और 24 अक्टूबर तथा 7 और 14 नवंबर को चलेगी। वापसी में रानी कमलापति से रीवा की सेवा भी इन्हीं तारीखों पर रहेगी।इस ट्रेन के प्रमुख ठहराव विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना होंगे।

    रीवा-डॉ. अंबेडकर नगर पूजा स्पेशल
    विंध्य क्षेत्र को मालवा और इंदौर क्षेत्र से जोड़ने के लिए ट्रेन नंबर 01710/01709 रीवा-डॉ. अंबेडकर नगर पूजा स्पेशल चलाई जाएगी।रीवा से डॉ. अंबेडकर नगर ट्रेन 10 अक्टूबर से 14 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार और वापसी में 11 अक्टूबर से 15 नवंबर तक प्रत्येक रविवार चलेगी।इसके ठहराव में सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, इटारसी, नर्मदापुरम, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर, सीहोर, शुजालपुर, मक्सी, देवास और इंदौर शामिल हैं।

    सुल्तानपुर-मुंबई फेस्टिवल स्पेशल
    ट्रेन नंबर 04212/04211 सुल्तानपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस फेस्टिवल स्पेशल के दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे होंगे।सुल्तानपुर से मुंबई सेवा 21 अक्टूबर से 11 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार चलेगी। वापसी में लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सुल्तानपुर ट्रेन 22 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार चलेगी।मध्यप्रदेश में इसके प्रमुख ठहराव बीना, रानी कमलापति और इटारसी होंगे।

    वाराणसी-मुंबई फेस्टिवल स्पेशल
    ट्रेन नंबर 04226/04225 वाराणसी-लोकमान्य तिलक टर्मिनस फेस्टिवल स्पेशल के भी दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे होंगे।वाराणसी से मुंबई ट्रेन 22 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार और मुंबई से वाराणसी ट्रेन 23 अक्टूबर से 13 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार चलेगी।इस ट्रेन का मध्यप्रदेश में बीना, रानी कमलापति और इटारसी समेत कई स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।

    दिल्ली-अशोकनगर धार्मिक आयोजन स्पेशल
    ट्रेन नंबर 04004/04003 दिल्ली-अशोकनगर स्पेशल ट्रेन धार्मिक आयोजन के मद्देनजर चलाई गई है।इस सेवा का मध्यप्रदेश में प्रमुख ठहराव गुना और अशोकनगर रहेगा। दिल्ली से अशोकनगर सेवा 17 सितंबर को चली थी, जबकि अशोकनगर से दिल्ली की वापसी सेवा 21 सितंबर को निर्धारित है।

    MP के 30 स्टेशन होंगे कनेक्ट
    घोषित स्पेशल ट्रेनों के ठहराव को मिलाकर मध्यप्रदेश के करीब 30 अलग-अलग स्टेशन इस त्योहारी रेल नेटवर्क में शामिल होते हैं।इनमें भोपाल, रानी कमलापति, बीना, इटारसी, नर्मदापुरम, खंडवा, गुना, रुठियाई, सागर, दमोह, विदिशा, कटनी, मैहर, सतना, जबलपुर, नरसिंहपुर, पिपरिया, गाडरवारा, सिहोरा रोड, ब्यौहारी, सिंगरौली, अशोकनगर, संत हिरदाराम नगर, सीहोर, शुजालपुर, मक्सी, देवास, इंदौर और डॉ. अंबेडकर नगर शामिल हैं।

    10 राज्यों और दिल्ली तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी
    इन स्पेशल ट्रेनों के जरिए मध्यप्रदेश से यात्रियों को राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और हरियाणा समेत कई राज्यों तक अतिरिक्त रेल विकल्प मिलेंगे। एक प्रमुख रूट दिल्ली से भी मध्यप्रदेश को जोड़ता है।त्योहारी सीजन में नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ के बीच इन स्पेशल सेवाओं से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

     

  • MP Weather: 24 सितंबर से भारी बारिश, अब तक 33.9 इंच बरसा पानी

    MP Weather: 24 सितंबर से भारी बारिश, अब तक 33.9 इंच बरसा पानी

    भोपाल
     देश में मानसून की पश्चिमी राजस्थान से विदाई शुरू हो गई है. मध्य प्रदेश में 30 सितंबर तक प्रदेश के उत्तर पश्चिमी क्षेत्रों से मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी. प्रदेश में 22 जून को मानसून के आगमन हुआ था. मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में करीब 20 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका. प्रदेश में अलीराजपुर जिले में सबसे कम बारिश हुई है. यहां बारिश का आधा कोटा ही पूरा हो सका। 

    हालांकि, मानसून की विदाई के पहले एक बार मानसून पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के एक दर्जन जिलों को तरबतर करेगा. अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र के ऊपर बन रहे निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है। 

    इन जिलों को भिगोने के बाद शुरू होगी विदाई
    अलनीनो की वजह से इस बार बारिश में कमी की आशंका जताई गई थी, इसका प्रदेश के कई हिस्सों में असर दिखाई दिया है. प्रदेश में औसतन 6 फीसदी कम बारिश हुई है. प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में औसत से 2 फीसदी कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 10 फीसदी कम बारिश हुई है. देश में मानसून की विदाई 19 सितंबर से शुरू हो गई है. पश्चिमी राजस्थान से मानसून ने विदा लेना शुरू कर दिया है. मध्य प्रदेश में 30 सितंबर से बारिश की विदाई शुरू होने जा रही है. हालांकि, विदाई के पहले प्रदेश में झमाझम बारिश होने की उम्मीद है। 

    मौसम वैज्ञानिक अरूण शर्मा के मुताबिक "अंडमान सागर और आसमान क्षेत्र के ऊपर स्थित निम्न दवाब का क्षेत्र आगे बढ़ रहा है. इसके चलते 23 और 24 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के जिलों में अच्छी बारिश होगी. इसके चलते जिन जिलों में कम बारिश हुई है, वहां भी बारिश के कोटे में सुधार की उम्मीद है। 

    दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में बारिश का दौर रहेगा। मौसम विभाग ने 24 सितंबर से कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले रिमझिम जारी रहेगी। प्रदेश में अब तक औसत 33.9 इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) उत्तर अंडमान सागर एवं आसपास के क्षेत्र के ऊपर स्थित था। रविवार को यह आगे बढ़ गया। इसके आगे बढ़ने और 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन और 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। ऐसा होने से 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश शुरू होगी। इस दिन प्रदेश के छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    इससे पहले रविवार रात को भोपाल के कई इलाकों में तेज पानी गिरा। नर्मदापुरम में हवा चलने के बाद करीब पौन घंटे बारिश हुई। फेफरताल में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिर गया। बिजली गुल होने से शहर का करीब 40 फीसदी हिस्सा अंधेरे में डूबा रहा। रसूलिया, आशुतोष नगर और हरदा रोड स्थित महाराणा प्रताप मार्केट में गणेश पंडालों को नुकसान पहुंचा।

    32 जिलों में 5% से 49% तक कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 24% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। रविवार तक आंकड़ा माइनस में 2 प्रतिशत रहा।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 5% से 49% कम पानी गिरा है।

    मध्य प्रदेश के 20 जिले रह गए प्यासे
    मध्य प्रदेश में 1 जून से 20 सितंबर तक के आंकड़ों को देखा जाए तो मध्य प्रदेश के 20 जिलों में 10 फीसदी से लेकर 49 फीसदी तक कम बारिश हुई है. प्रदेश में सबसे कम बारिश अलीराजपुर जिले में हुई है. यहां बारिश का कोटा आधा ही पूरा हो सका. अलीराजपुर के अलावा कई जिले हैं जहां बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका. इसके अलावा विदिशा, नर्मदापुरम, रायसेन जैसे जिलों में भी कम बारिश हुई है, जहां बड़े पैमाने पर गेहूं और धान की फसल होती है. कम बारिश से यह फसलें प्रभावित होंगी। 

    इसके अलावा इंदौर, उज्जैन में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि राजधानी भोपाल में सामान्य से 12 फीसदी ज्यादा बारिश हुई और भोपाल का बड़ा तालाब भरने से भदभदा और फिर कलियासोत डैम के गेट भी खोलने पड़े हैं। 

    मध्य प्रदेश के बांधों में पहुंचा भरपूर पानी
    हालांकि, मध्य प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश के बाद भी प्रदेश में गर्मी के सीजन में पानी की किल्लत का सामना नहीं करना होगा. प्रदेश के बांधों में भरपूत पानी पहुंचा है. प्रदेश के बड़े बांध 80 फीसदी और उससे ज्यादा भर चुके हैं. मंदसौर जिले में आने वाला गांधी सागर बांध 79.35 फीसदी भर चुका है, जबकि तवा बांध 87.26 फीसदी भर चुका है. जबलपुर के बरगी बांध का बारिश में कई बार गेट खोलना पड़ा है. यह बांध पूरी तरह से लबालब हो चुका है। 

    यही स्थिति बाणसागर डैम की है. प्रदेश के 45 प्रमुख बांधों में से 34 बांध 80 फीसदी से ज्यादा भर चुके हैं, इनमें प्रदेश के सभी बड़े बांध शामिल हैं. प्रदेश में ऐसा कोई बांध नहीं है, जो 50 फीसदी से कम भरा हो. सबसे कम जल भराव वाला बांध ओंकारेश्वर है, वह भी 69.84 फीसदी पानी भर चुका है। 

    इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

    जून में सूखा, जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई।

    आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह से अब तक भी प्रदेश में 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

    प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।

    भोपाल में 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिश
    भोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश 7 इंच है, लेकिन पिछले 5 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1961 में पूरे सितंबर माह में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को बना था।

    इस महीने औसत 8 से 10 दिन बारिश होती है। वहीं, दिन में तापमान 31.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।

  • ग्वालियर में सफाई का बढ़ेगा बेड़ा, 29 नए टिपर से नगर निगम होगा मजबूत

    ग्वालियर में सफाई का बढ़ेगा बेड़ा, 29 नए टिपर से नगर निगम होगा मजबूत

    ग्वालियर
     दीपावली से पहले शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए नगर निगम के बेड़े में 29 नए टिपर वाहन शामिल होने जा रहे हैं। इनमें पहले चरण के 19 वाहनों में से आठ की डिलीवरी हो चुकी है। बाकी 11 वाहन एक सप्ताह में आने की संभावना है।

    286 हो जाएगी वाहनों की संख्या
    इसके अलावा 10 और टिपर वाहनों का टेंडर जारी किया गया है, जिसे जल्द खोला जाएगा। नए वाहनों के शामिल होने के बाद निगम के टिपर वाहनों की संख्या 257 से बढ़कर 286 हो जाएगी। इससे 66 वार्डों में कचरा संग्रहण के लिए वाहनों की उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी है।

    18 प्रतिशत क्षेत्रों में नहीं पहुंच रहे वाहन
    निगम के सर्वे में सामने आया था कि करीब 82 प्रतिशत क्षेत्रों में कचरा संग्रहण वाहन पहुंच रहे हैं, जबकि 18 प्रतिशत क्षेत्रों में अभी वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं।

    चूंकि, दीपावली के दौरान घरों और बाजारों से सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कचरा निकलने की संभावना है। ऐसे में निगम का जोर अतिरिक्त वाहनों के माध्यम से संग्रहण व्यवस्था को सुचारू रखने पर है।

     

  • रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, श्रीधाम-राज्यरानी समेत कई ट्रेनों के फेरे रद्द

    रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, श्रीधाम-राज्यरानी समेत कई ट्रेनों के फेरे रद्द

     जबलपुर
    बीना-आगासौद के बीच यार्ड रीमाडलिंग के चलते जबलपुर और आसपास के यात्रियों की कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस के 19 फेरे निरस्त किए गए हैं।

    गाड़ी संख्या 12192 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस 26 सितंबर से 14 अक्टूबर तक और ट्रेन 12191 हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस 27 सितंबर से 15 अक्टूबर तक निरस्त रहेगी।

    बीना-कटनी मुड़वारा मेमू के फेरे 15 अक्टूबर तक
    इसी तरह बीना-कटनी मुड़वारा मेमू के दोनों दिशाओं के 19-19 फेरे 21 सितंबर तथा 28 सितंबर से 15 अक्टूबर तक रद रहेंगे। भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस के सात-सात फेरे भी नौ से 16 अक्टूबर के बीच प्रभावित होंगे। रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफर और भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस का भी एक-एक फेरा निरस्त रहेगा।

    कटनी-बीना मेमू 15 अक्टूबर तक खुरई तक चलेगी
    कटनी-बीना मेमू 29 सितंबर से 15 अक्टूबर तक बीना के बजाय खुरई तक चलेगी और वापसी में खुरई से शुरू होगी। बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस बीना मालखेड़ी जंक्शन तक शॉर्ट टर्मिनेट होगी। भोपाल-बीना मेमू सहित चार ट्रेनों का संचालन मंडीबमौरा तक सीमित रहेगा।