Category: मध्य प्रदेश

  • CCTV में कैद छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट, वीडियो वायरल होने पर आरोपी गिरफ्तार

    CCTV में कैद छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट, वीडियो वायरल होने पर आरोपी गिरफ्तार

     ग्वालियर

     ग्वालियर में 16 वर्षीय छात्रा का रास्ता रोककर बाइक सवार युवक ने दुस्साहसिक हरकत की। उसने सरेराह उसका हाथ पकड़ लिया। विरोध करने पर छात्रा को थप्पड़ मारे। घटनाक्रम पास में लगे सीसीटीवी में रिकार्ड हो गया। वीडियो प्रसारित हुआ तो हरकत में आई पुलिस ने सोमवार को आरोपित युवक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

    घटना भितरवार थाना क्षेत्र के बाजना गांव की

    घटना ग्वालियर जिले के भितरवार थाना क्षेत्र के बाजना गांव की है। कक्षा 11 वीं की छात्रा कस्बे में रहकर पढ़ाई कर रही है। पुलिस को छात्रा ने बताया कि करीब 10-15 दिन पहले लोढ़ी निवासी युवराज रावत ने बातचीत करने की बात कही थी, लेकिन उसने इन्कार कर दिया तो वह स्कूल और कोचिंग जाते समय पीछा करने लगा।

    19 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे वह अपनी बुआ की बेटी के साथ कोचिंग से घर लौट रही थी, तभी एसआइटीएम स्कूल के सामने आरोपित युवराज रावत अपने साथी योगेश रावत के साथ बाइक से आया और रास्ता रोक लिया।
    विरोध किया तो थप्पड़ मारा

    युवराज ने छात्रा का हाथ पकड़ लिया। विरोध किया तो थप्पड़ मारा। जान से मारने की धमकी दी। युवक के साथी योगेश ने बीच-बचाव कर मामला रफादफा कराने की कोशिश की। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी में कैद हुई और इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित हुआ तो पुलिस हरकत में आई। इसके बाद सोमवार को एफआइआर दर्ज कर आरोपित युवराज रावत को गिरफ्तार कर लिया।

    मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने मामले में छेड़छाड़, गलत तरीके से रोकने, गलत तरीके से रोक, महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग करने, धमकी देने की बीएनएस की धाराओं के अतिरिक्त पाक्सों एक्ट में केस दर्ज किया है।

     

  • रक्षा के क्षेत्र में शिक्षा-प्रशिक्षण और अनुसंधान है राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का कार्यक्षेत्र

    रक्षा के क्षेत्र में शिक्षा-प्रशिक्षण और अनुसंधान है राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का कार्यक्षेत्र

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिन-प्रतिदिन के जीवन में जिस गति से डिजिटल प्रणालियों का उपयोग बढ़ रहा है, उसी गति से इस क्षेत्र में चुनौतियां भी बढ़ रही है। डिजिटल और साइबर क्षेत्र की व्यवस्थाओं में समाज हित और जनकल्याण लगातार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सर्तकता आवश्यक है। साइबर और फॉरेंसिक क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों के विस्तार से ही यह संभव है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर और राज्य शासन के बीच हुआ एमओयू तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और राजीव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीच हुआ रिलेशनशिप एग्रीमेंट साइबर क्षेत्र में सर्तकता और डिजिटल फोरेंसिक्स में दक्षता का विस्तार करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार आज मंत्रालय में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर और मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय भोपाल के मध्य एमओयू के आदान प्रदान के अवसर पर व्यक्त किया। उच्च शिक्षा मंत्री  इन्दर सिंह परमार  इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे।

    शीघ्र आरंभ होंगे प्रशिक्षण कार्यक्रम

    आज हुआ एमओयू, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर द्वारा प्रदेश के जेल मुख्यालय और पुलिस मुख्यालय के अधिकारी/कर्मचारियों के प्रशिक्षण तथा कौशल विकास के लिये राज्य शासन के साथ किया गया है। अतिशीघ्र ही प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किये जायेगें। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय परिसर, भोपाल के सुचारू संचालन एवं समन्वय के लिए राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गाँधीनगर और राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के मध्य रिलेशनशिप एग्रीमेंट सम्पादित किया गया। मंत्रालय में हुए एमओयू और रिलेशनशिप एग्रीमेंट कार्यक्रम में आयुक्त तकनीकी शिक्षा  अवधेश शर्मा, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय भोपाल के निदेशक  राकेश कुनवर तथा आरजीपीवी के कुलपति  आलोक शर्मा उपस्थित थे। 

    भोपाल परिसर में उपलब्ध है साइबर सिक्योरिटी में बीटेक और डिजिटल फोरेंसिक व साइबर सिक्योरिटी में एमएससी पाठ्यक्रम

    उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर की स्थापना भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 28 सितम्बर, 2020 में की गई थी। इसका उद्देश्य देश में रक्षा के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान, विस्तार एवं सेवाएँ प्रदान करना है। देश के 07 राज्यों में इस विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय परिसर स्थापित किया जा चुके हैं और अब तक लगभग 40 हजार कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के परिसर की स्थापना भोपाल में करने के संबंध में मंत्रि-परिषद् की बैठक दिनांक 01.07.2025 में निर्णय लिया गया था। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर के लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी), भोपाल परिसर में उपलब्ध भूमि में से 10 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। वर्तमान में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा अस्थायी भवन उपलब्ध कराया गया है। इस अस्थायी परिसर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय दिनांक 22 सितम्बर, 2025 को 01 स्नातक एवं 01 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के साथ प्रारंभ किया गया। वर्तमान में इस परिसर में 84 विद्यार्थी अध्ययनरत् है। यहां साइबर सिक्योरिटी में बीटेक और डिजिटल फोरेंसिक साइबर सिक्योरिटी में एमएससी पाठ्यक्रम उपलब्ध है। 

  • उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने के लिये बनेगी कमेटी

    उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने के लिये बनेगी कमेटी

    भोपाल 

    प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने के लिये सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में प्रमाणित एवं हाइब्रिड बीज की उपलब्धता बढ़ाने के लिये कार्य-योजना पर चर्चा की गई।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि दलहन के बीजों की उपलब्धता पर ध्यान दिया जाना होगा। जिस प्रकार पिछले वर्ष 5 बीजों पर बीज संघ ने काम किया था, उसी प्रकार इस वर्ष कार्य-योजना बनाई जाये। दूसरे विभागों से क्या अपेक्षाएँ हैं उस पर एक पीपीटी तैयार करें। मंत्री  सारंग ने कहा कि एक हाई लेवल कमेटी बनाकर उच्च गुणवत्ता का बीज तैयार करने और इसके लिये अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने की रूपरेखा तैयार की जाये। हाई लेवल कमेटी में सहकारिता, कृषि, उद्यानिकी और कृषि विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि भी शामिल हों, जो एक माह में विस्तृत रूप से कार्य कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

    बैठक में बीज उत्पादन एवं विपणन में शासकीय संस्थानों की उपादेयता, प्रमुख फसलों की बीज आवश्यकता, उपलब्धता, प्रदेश में प्रमुख फसलों का बोया गया क्षेत्रफल, फसलवार अधिक व कम उत्पादकता वाले जिले, हाइब्रिड बीज-आवश्यकता, शासकीय योगदान एवं कार्य-योजना, आगामी 5 वर्षों के लिये बीज उत्पादन कार्यक्रम, उद्यानिकी हाईब्रिड बीजों के लिये आधारभूत संरचना विकसित करने, बीज उत्पादन एवं विपणन में वर्तमान बाधाएँ एवं समाधान जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

    बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त  के.सी. गुप्ता, सहकारिता आयुक्त  दीपक सिंह, संचालक कृषि  उमाशंकर भार्गव, उप सचिव  मनोज सिन्हा और प्रबंध संचालक बीज संघ  महेन्द्र दीक्षित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • सहकारी बैंक के सीईओ 2 माह के अंदर अधीनस्थ सभी पैक्स का कर लें निरीक्षण: मंत्री  सारंग

    सहकारी बैंक के सीईओ 2 माह के अंदर अधीनस्थ सभी पैक्स का कर लें निरीक्षण: मंत्री सारंग

    भोपाल 

    सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने अधीनस्थ सभी पैक्स का निरीक्षण 2 माह के अंदर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अपने बैंक को अपग्रेड करने की जिम्मेदारी स्वयं मुख्य कार्यपालन अधिकारी की है। वह अनुशासन और एकरूपता के साथ सफलता हासिल कर सकते हैं। बैंक में नवाचार कर एक अलग पहचान बनाई जा सकती है। मंत्री  सारंग समन्वय भवन में सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    युवा अधिकारी पुराने अधिकारी-कर्मचारियों के अनुभव का लें लाभ

    मंत्री  सारंग ने कहा कि सीईओ के पद पर नये एवं युवा अधिकारी पदस्थ हुए हैं। उनके लिये यह प्रशिक्षण कार्यक्रम लाभप्रद सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि पुराने अधिकारी-कर्मचारियों के अनुभव का लाभ भी उन्हें लेना चाहिये और उनका सम्मान भी बनाये रखना चाहिये।  सारंग ने कहा कि सीईओ अपने कलेक्टर से सतत सम्पर्क में रहें। साथ ही जिले के अधिकारियों से बेहतर समन्वय बनाये रखें। उन्होंने कहा कि सुव्यवस्था स्थापित करने के लिये अपने अधीनस्थ पैक्स को चैनेलाइज करें।

    सेवा नियमों में एकरूपता लाकर जल्द होंगे प्रमोशन

    मंत्री  सारंग ने कहा कि जल्द ही सेवा नियमों में एकरूपता लाकर प्रमोशन की कार्यवाही की जायेगी। अपेक्स बैंक में भी प्रमोशन जल्द होंगे। उन्होंने सभी सीईओ से वन-टू-वन चर्चा की। कार्यशाला में राज्य शासन द्वारा खरीफ एवं रबी की अलग-अलग साख सीमाओं के स्थान पर वर्षभर एक साख सीमा की उपलब्धता एवं नवीन किसान क्रेडिट कार्ड की ऑनलाइन/तकनीकी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यशाला में जिला बैंकों से अपेक्षाएँ, प्रक्रियाओं का सरलीकरण, कवच योजना, प्रश्न-उत्तर और फीडबेक सेशन भी हुआ।

    इस अवसर पर सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक  दीपक सिंह, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक  मनोज गुप्ता, अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य  पी.एस. तिवारी, ‌विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी मती अरूणा दुबे,  अरूण मिश्रा, उप महाप्रबंधक  के.टी. सज्जन और अरविंद बौद्ध भी उपस्थित थे।

     

  • 22 हजार कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ, 45 साल के बाद CPCT अनिवार्यता में बदलाव

    22 हजार कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ, 45 साल के बाद CPCT अनिवार्यता में बदलाव

    भोपाल

     चतुर्थ से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति के आड़े आ रही कम्प्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा (सीपीसीटी) उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता से कर्मचारियों को छूट देने की तैयारी है। ऐसे कर्मचारी, जिनकी आयु 45 वर्ष से अधिक हो चुकी है, उन्हें छूट दी जाएगी।

    इससे कम आयु के कर्मचारियों को सीपीसीटी करने के लिए पांच वर्ष का समय दिया जाएगा। किसी भी पदोन्नत कर्मचारी को पदावनत भी नहीं किया जाएगा। प्रदेश के लगभग 22 हजार से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों की भी लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति अब हो सकेगी।

    सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्टीकरण से अटकी थीं पदोन्नतियां

    प्रदेश में लगभग एक लाख अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति नियम-2025 के प्रविधान के अनुसार राज्य सरकार पदोन्नत कर चुकी है। इसमें अब तक चतुर्थ श्रेणी के वे कर्मचारी पदोन्नत नहीं हो पाए हैं, जिन्होंने सीपीसीटी उत्तीर्ण नहीं की है। इसके आधार पर कृषि, उद्योग सहित अन्य विभागों ने पदोन्नति निरस्त कर दीं।

    दरअसल, सामान्य प्रशासन विभाग ने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मांगे गए मार्गदर्शन के आधार पर स्पष्टीकरण जारी किया कि सीपीसीटी से छूट का कहीं कोई प्रविधान नहीं है। 2010 में पदोन्नत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा उत्तीर्ण करने के प्रविधान से छूट दी गई थी, इसलिए जिन अधिकारियों ने गलत व्याख्या करके पदोन्नति दी हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इसके बाद किसी विभाग ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं दी।

    एक-दो दिन में जारी होंगे विस्तृत दिशानिर्देश

    तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने इसका विरोध करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सीपीसीटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की तो मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों को रास्ता निकालने के निर्देश दिए। इस पर अब यह प्रविधान किया जा रहा है कि जिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आयु 45 वर्ष से अधिक है, उन्हें पदोन्नति के लिए सीपीसीटी से छूट दी जाए।

    वहीं, इसे उत्तीर्ण करने की अवधि दो से बढ़ाकर पांच वर्ष करने के साथ केवल इस आधार पर किसी कर्मचारी को पदावनत नहीं किया जाएगा कि उसने सीपीसीटी उत्तीर्ण नहीं की है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सीपीसीटी को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश एक-दो दिन में जारी कर दिए जाएंगे। इससे पदोन्नति में जो समस्या आ रही थी, वह दूर हो जाएगी।

  • नोटिस के बाद भी हाई कोर्ट नहीं पहुंचीं पन्ना कलेक्टर, अदालत ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

    नोटिस के बाद भी हाई कोर्ट नहीं पहुंचीं पन्ना कलेक्टर, अदालत ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

    जबलपुर

    हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान आदेश की अवहेलना पर पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने वारंट की तामील की जिम्मेदारी पन्ना पुलिस अधीक्षक को सौंपते हुए कलेक्टर को अगली सुनवाई पर 30 सितंबर को उपस्थित कराने के निर्देश दिए हैं।

    नियमितीकरण को लेकर याचिका दायर की थी

    मामला सेवानिवृत्त कर्मचारी जाविन आरा रिजवी की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता पन्ना कलेक्टर कार्यालय में सेक्शन आफिसर के पद पर कार्यरत थीं। नियमितीकरण की मांग को लेकर उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

    आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की

    हाई कोर्ट ने 13 अगस्त 2025 को याचिका का निराकरण करते हुए कलेक्टर को याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर 90 दिन के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गई।
    नोटिस के बावजूद पेश नहीं हुईं कलेक्टर

    एकलपीठ ने पाया कि अवमानना याचिका पर 4 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद कलेक्टर की ओर से न तो अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई गई और न ही हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट पेश की गई।

    संपर्क अधिकारी भी नियुक्त किया गया था

    आदेश में उल्लेख है कि कलेक्टर ने पांच अक्टूबर, 2025 को हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर नोटिस प्राप्त होने की जानकारी दी थी। कलेक्टर कार्यालय की स्थापना शाखा के प्रभारी अधिकारी को इस मामले में संपर्क अधिकारी भी नियुक्त किया गया था। इसके बाद भी आदेश के अनुपालन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

     

  • भोपाल में 2.5 साल से चल रहा था कच्ची शराब का खेल, ड्रोन ने खोली 12 भट्टियों की पोल

    भोपाल में 2.5 साल से चल रहा था कच्ची शराब का खेल, ड्रोन ने खोली 12 भट्टियों की पोल

     भोपाल

    सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद राजधानी भोपाल में अवैध शराब के ठिकानों पर आबकारी टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। बैरसिया के ग्राम तरावली कलां में लगभग ढाई साल से अवैध रूप से हाथ भट्टियों के माध्यम से कच्ची शराब बनाई जा रही थी।

    सूचना मिलने पर आबकारी और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से छापामार कार्रवाई की। पहली बार ड्रोन की मदद से शराब के अवैध ठिकानों की तलाशी ली गई, जिसमें 12 भट्टियां बरामद की गईं, लेकिन आरोपित तस्कर मौके से फरार हो गए। इस कार्रवाई में कुल 127 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।

     

  • MP में विकास कार्यों को रफ्तार, 13,790 करोड़ रुपये की योजनाओं को मिली स्वीकृति

    MP में विकास कार्यों को रफ्तार, 13,790 करोड़ रुपये की योजनाओं को मिली स्वीकृति

    बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से लगभग 13 हजार 790 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के तहत 140 विधानसभा क्षेत्रों में होगा खेल परिसरों का निर्माण- 962 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति
    शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के लिए 13 पदों के सृजन को स्वीकृति
    राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति
    नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ की स्वीकृति
    राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति
    ग्राम न्यायालय योजना के संचालन के लिए 554 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति
    2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी
    म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना की निरंतरता के लिए 524 करोड़ की स्वीकृति
    परिवार न्यायालयों की स्थापना के संचालन के लिए 1 हजार करोड़ की स्वीकृति
    उच्च न्यायालय (भारित) की निरंतरता के लिए 2,015.60 करोड़ रुपए की स्वीकृति
    वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं के लिए की निरंतरता के लिए 969 करोड़ 87 लाख रुपए की स्वीकृति
    मैहर, पांदुर्णा और सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यालय स्थापित करने के लिए 18 पदों की स्वीकृति
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गए निर्णय

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से लगभग 13 हजार 790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों और खेलों के विकास, किसानों, युवाओं, न्यायिक व्यवस्था और आम नागरिकों से जुड़े कई दूरगामी व जनहितैषी निर्णय लिए गए।

    प्रदेश की खेल और युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण व संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रूपये की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इन खेल परिसरों का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स होगा। 16वें वित्त आयोग के तहत उच्च न्यायालय (भारित), परिवार न्यायालयों, ग्राम न्यायालयों और विधिक सहायता बोर्ड के सुचारू संचालन के लिए 4,000 करोड़ रूपये से अधिक की वित्तीय निरंतरता मंजूर की गई। इसके अलावा वाणिज्यिक कर विभाग की 6 प्रमुख योजनाओं, शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में 13 निरंतरता के साथ ही नवीन पदों तथा नवगठित जिलों मैहर, पांढुर्णा एवं सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए कार्यालयों व पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।

    सिंचाई क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी पांच वर्षों 2026-2031 के लिए नीमच की महत्वाकांक्षी जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रूपये तथा राजगढ़ की सुठालिया एवं पार्वती रिन्सी परियोजनाओं के लिए क्रमशः 262 करोड़ 63 लाख रूपये और 507 करोड़ 23 लाख रूपये की निरंतरता की स्वीकृत दी गई, जिससे 88 हजार हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी। इसके साथ ही प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए 2800 मेगावॉट ताप विद्युत क्रय करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई।

    राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उ‌द्देश्य राजगढ़ जिले के 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति द्वारा सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

    नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की आगामी 5 वर्षो 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरन्तरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। जावद नीमच परियोजना एक दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई योजना है, जिससे सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेतों तक पानी पहुँचाया जाएगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत सिंचाई तकनीक (दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई) के माध्यम से पानी की बचत और सिंचाई क्षमता में वृद्धि करते हुये क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाना हैl

    राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की आगामी 05 वर्षो यानि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर राजगढ़ जिले की 48,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

    2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

    मंत्रि-परिषद् ने ऊर्जा विभाग की एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावाट ताप विद्युत जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में मौजूदा निर्माणाधीन एवं राज्य में ही प्रस्तावित नवीन (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत क्रय के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

    उल्लेखनीय है कि मंत्रि-परिषद् द्वारा 24 जनवरी 2025 को लिए निर्णय के अंतर्गत 900 मेगावाट ताप विद्युत क्रय से संबंधित अनुमोदन उक्त निविदा के निरस्त हो जाने के फलस्वरूप वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार 2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय में समाहित माना जाएगा। एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावाट ताप विद्युत जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में मौजूदा/निर्माणाधीन एवं राज्य में ही प्रस्तावित नवीन (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत क्रय के लिए आवश्यक कार्यवाही किए जाने की स्वीकृति दी है। प्रकरण में नियामक आयोग के अनुमोदन एवं आदेश के अनुसार समस्त आगामी कार्यवाही के लिए प्रबंध संचालक एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी को अधिकृत किया गया है।

    140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर निर्माण और संचालन के लिए मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के अंतर्गत 962 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तहत प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर निर्माण व संचालन के लिए के लिए 962 करोड़ 50 लाख रूपये की सैध्दांतिक सहमति प्रदान की है। इन खेल परिसरों का नामकरण मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स काम्पलेक्स किए जाने के साथ ही मुख्य मैदान के बीच में स्थायी हैलीपैड बनाने का भी निर्णय लिया गया। हैलीपैड बनने से पीएमयोजना के हैलीकाप्टर्स का आवागमन सुगम और सुचारू हो सकेगा।

    ग्राम न्यायालय योजना के संचालन के लिए 554 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने ग्राम न्यायालय योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 554 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में राज्य के समस्त ग्राम न्यायालयों में पदस्थ समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के वेतन, भत्ते एवं कार्यालयीन व्ययों का भुगतान किया जाता है। ग्राम न्यायालयों में विधि अनुसार प्रस्तुत प्रकरणों का निराकरण भी किया जाता है

    म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना की निरंतरता के लिए 524 करोड़ की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि विभाग के अंतर्गत म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 524 करोड़ रूपये की अनुमति प्रदान की है।

    परिवार न्यायालयों की स्थापना के संचालन के लिए 1 हजार करोड़ की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना "परिवार न्यायालयों की स्थापना" को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 1 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

    उच्च न्यायालय (भारित) की निरंतरता के लिए 2,015.60 करोड़ रुपए की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना "उच्च न्यायालय (भारित)" को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

    वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं की निरंतरता के लिए 969 करोड़ 87 लाख रुपए की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित 6 योजनाओं को आगामी पांच वर्षों वित्तीय वर्ष 2026-2027 से वर्ष 2030- 2031 तक की अवधि के लिए निरंतर रखने के लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इसमें संपदा ई-रजिस्ट्री योजना के लिए 62 करोड़ रूपये, स्टाम्पों की बिक्री पर व्यय योजना के लिए 664 करोड़ रूपये, स्टाम्पों की लागत योजना के लिए 175 करोड़ रूपये, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण योजना के लिए 12 करोड़ 50 लाख रूपये, डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम योजना के लिए 46 करोड़ 37 लाख रूपये और जिला/उप पंजीयक कार्यालय भवन निर्माण/विस्तार योजना के लिए 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

    शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के लिए 13 पदों के सृजन को स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में प्राध्यापक के 1, सह- प्राध्यापक के 10 तथा सहायक प्राध्यापक के 02 पद इस प्रकार कुल 13 नवीन चिकित्सा शिक्षकों के पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की है। अब बीडीएस पाठ्यक्रम की सीटें 63 से बढ़ाकर 100 एवं एमडीएस पाठ्यक्रम की सीटे 35 से बढ़ाकर 44 करने का लक्ष्य है। इस दृष्टि से 13 नवीन शिक्षकीय पदों के सृजन एवं इस पर प्रतिवर्ष लगभग रुपए 03 करोड़ 78 लाख का व्यय आना संभावित है।

    मैहर, पांदुर्णा और सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यालय स्थापित करने के लिए 18 पदों की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद की बैठक में नवगठित जिले मैहर व पांदुर्णा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय एवं सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लाक में विभाग का अनुविभागीय कार्यालय स्थापित करने तथा उक्त कार्यालयों में पद स्वीकृत करने एवं कार्यालय संचालन के लिए व्यय भार के लिए वित्तीय प्रावधान किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रि-परिषद् ने नवगठित मैहर जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय स्थापित कर उचेहरा विकासखंड को नवगठित जिला मैहर में शामिल नहीं किये गया है अतः विकासखण्ड उचेहरा को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अनुविभाग सतना में शामिल करते हुए जिला कार्यालय मैहर के लिए 05 नवीन स्थायी पद स्वीकृत किये जाने तथा कार्यालय सहायक के लिए 02 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। नवगठित पांढुर्णा जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय स्थापित किए जाने के लिए 05 नवीन स्थायी पद स्वीकृत किये जाने तथा कार्यालय सहायक के लिए 02 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसी तरह सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लाक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का अनुविभागीय कार्यालय स्थापित किए जाने के लिए 03 नवीन स्थायी पद स्वीकृत करने तथा कार्यालय सहायक के लिए 01 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

     

  • अवधपुरी में सड़कों का निरीक्षण, गड्ढे तुरंत भरने के निर्देश

    अवधपुरी में सड़कों का निरीक्षण, गड्ढे तुरंत भरने के निर्देश

    भोपाल
     पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को गोविंदपुरा क्षेत्र के अवधपुरी में विभिन्न कॉलोनियों की सड़कों का निरीक्षण किया। उन्होंने आदर्श विहार, रीगल टाउन, सरला स्टेट, न्यू फोर्ट कॉलोनी और कंचन नगर में सड़क एवं अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान सड़कों पर जगह-जगह बने गड्ढों और खुली सीवेज लाइनों को देखकर राज्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण रहवासियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए, ताकि आगामी त्योहारों के दौरान नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    श्रीमती गौर ने अतिक्रमण के कारण सड़कों के संकरे होने पर भी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जाए और आवश्यकतानुसार सड़क का चौड़ीकरण किया जाए। उन्होंने निर्माण एवं मरम्मत कार्य रात के समय कराने के निर्देश दिए, ताकि दिन में यातायात और आमजन की आवाजाही प्रभावित न हो।

    राज्यमंत्री ने बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को 10 दिन के भीतर चालू कराने तथा रहवासी क्षेत्र में संचालित गोदाम को नोटिस जारी कर नियमानुसार सील करने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

    रहवासियों को संबोधित करते हुए श्रीमती गौर ने कहा कि बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें खराब हुई हैं। इनका शीघ्र सुधार कराया जाएगा। फिलहाल गड्ढों को मजबूती से भरने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर निगम और  बिजली विभाग के अधिकारियों सहित सैकड़ों की संख्या में रहवासी मौजूद रहे।

  • मुख्यमंत्री ने मऊगंज में बलराम आयोजित कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित

    मुख्यमंत्री ने मऊगंज में बलराम आयोजित कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि हमारा संकल्प है। किसानों के लिए खेती के साथ पशुपालन, दूध उत्पादन, नई तकनीक अपनाना जरूरी हैं। किसानों द्वारा किए जा रहे नवाचार और कृषि उद्योगों की स्थापना से दिन-प्रतिदिन स्थितियां बदल रही हैं। मऊगंज भले ही नया जिला है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और यहां के लोगों के परिश्रम से जिले का तेजी से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में किसानों को दिन में ही दस घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार किसानों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार मऊगंज में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय से संबोधित करते हुए व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मऊगंज के कार्यक्रम में शामिल हो रहे किसानों और जन सामान्य को डोल ग्यारस की बधाई दी। उन्होंने देव तालाब में विराजे भोलेनाथ और अष्टभुजा महारानी को वर्चुअल नमन भी किया।

    प्राकृतिक खेती से कम लागत में अधिक उत्पादन ले रहे हैं किसान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे किसान नीम कोटेड यूरिया, नैनो यूरिया, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और प्राकृतिक खेती जैसे प्रयासों से कम लागत से अधिक उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उद्यानिकी में भी किसान नए प्रयोग कर रहे हैं। स्ट्रॉबेरी, काला आलू, विशेष का किस्म के तरबूज और मखाने जैसी नवाचार आधारित खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मऊगंज के टमाटर और प्याज के स्वाद के लोग दीवाने हैं। मत्स्य पालन, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियां भी किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

    सीतापुर-हनुमना, सूक्ष्म दबाव सिंचाई योजना से सिंचाई सुविधा बढ़ेगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीतापुर-हनुमना, सूक्ष्म दबाव सिंचाई योजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे 1 लाख 20 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मऊगंज जिले में गौरमा, नैना और गाड़ा तीन बड़े बांध हैं। इसके साथ ही नई गढ़ी सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। जिले में खेती मजबूत हो किसान समृद्ध हो कृषि आधारित उद्योग लगे और युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिले, इसी दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से किया संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को खेती के साथ दुग्ध उत्पादन को भी प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर सांची के ब्रांड को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से इस पहल का लाभ लेते हुए दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मऊगंज के उन्नत किसानों  जसमन पटेल,  तुलसीराम पांडे, मती अनीता मिश्रा,  उमाशंकर त्रिपाठी से कृषि के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों और कृषि से संबंधित अन्य विषयों पर वर्चुअली चर्चा की। मऊगंज में आयोजित कार्यक्रम में विधायक  प्रदीप पटेल और अपेक्स बैंक के प्रशासक  महेन्द्र सिंह यादव विशेष रूप से उपस्थित थे।