Category: मध्य प्रदेश

  • ग्वालियर नगर निगम पर ₹200 करोड़ के ग्रीन बॉन्ड का दबाव, निवेशकों का पैसा लौटाना मुश्किल

    ग्वालियर नगर निगम पर ₹200 करोड़ के ग्रीन बॉन्ड का दबाव, निवेशकों का पैसा लौटाना मुश्किल

    ग्वालियर.

    नगर निगम बीते दो साल से महापौर विहीन चल रही है। यही कारण है कि निगम में अधिकारी-कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। इसका असर निगम की आय का मुख्य स्त्रोत संपत्तिकर वसूली पर साफ दिखाई दे रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में संपत्तिकर वसूली का निगमायुक्त द्वारा 200 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया है।

    इसमें से अभी तक सिर्फ 55.60 करोड़ की ही संपत्तिकर वसूली की जा सकी है, जो कि बीते वर्ष से भी कम है। साथ ही इसमें 6.32 करोड़ रुपए गारबेज शुल्क से वसूल की गई राशि भी शामिल है। वहीं जिन अधिकारियों पर संपत्तिकर वसूली की जिम्मेदारी है वह पूरे साल तो चैन से अपने कार्यालयों में बैठे रहते हैं और दिसंबर-जनवरी का महीना आते ही संपत्तिकर वसूली के लिए सक्रियता दिखाना शुरू कर देते हैं। यदि इसी तरह संपत्तिकर वसूली के लिए कर संग्रहक, सहायक संपत्तिकर अधिकारी व उपायुक्त सक्रियता दिखाए तो संपत्तिकर का दिया गया लक्ष्य समय पर पूरा हो सकता है। बता दें कि निगम सीमा क्षेत्र में 3.10 लाख संपत्तियां और 1.21 लाख संपत्तियां नामांकित हैं। वहीं डेढ़ लाख से अधिक ऐसे लोग है जो भूमि, भवन स्वामी होने के बाद भी निगम को संपत्तिकर नहीं देता है। वहीं निगम भी ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता है।

    किराये पर लगाए लड़कों से कराई जा रही हैं वसूली
    निगम सीमा क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यालय पर पदस्थ कर संग्रहक व सहायक संपत्तिकर अधिकारी द्वारा खुद न वसूली करते हुए कई जगह पर लड़के लगा रखे हैं। इनसे वह खुलेआम संपत्तिकर की वसूली करवाते हैं। इतना ही नहीं वार्ड में पदस्थ कर संग्रहक (टीसी) व सहायक संपत्तिकर (एपीटीओ) ने इन्हें अपने टैबलेट भी दे रखे हैं और इन्ही के माध्यम से यह घर-घर जाकर वसूली करके पैसा अपने पास रखते हंै। यही हाल क्षेत्रीय क्रमांक-17 पर भी देखा जा रहा है जहां अभी हाल ही ट्रांसफर होकर आए कर संग्रहक खुद वसूली न करते हुए किसी अन्य से वसूली करा रहे हैं। बताया जा रहा है कि वसूली करने वाला उनका बेटा है। यही हाल अन्य क्षेत्रीय कार्यलय पर भी देखा जा रहा है।

    इन पर है संपत्तिकर वसूली की जिम्मेदारी –
    ग्वालियर पूर्व विधानसभा

    – एपीएस भदौरिया उपायुक्त
    – वसूली अब तक-26.72 करोड़

    ग्रामीण विधानसभा
    – अतिबल सिंह यादव उपायुक्त
    – वसूली अब तक-8.91 करोड़

    ग्वालियर विधानसभा
    – अमर सत्य गुप्ता उपायुक्त
    – वसूली अब तक- 8.56 करोड़

    ग्वालियर दक्षिण विधानसभा
    – सतपाल सिंह चौहान उपायुक्त
    – वसूली अब तक- 11.50 करोड़

    लक्ष्य पूरा न करने वालों पर होगी कार्रवाई
    मैंने संपत्तिकर वसूली को लेकर सभी विधानसभा क्षेत्र के अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक सम्पत्तिकर व कर संग्रहक को साफ शब्दों में हर हाल में दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के लिए कहा गया है। जो कर संग्रहक व सहायक संपत्तिकर अधिकारी वसूली नहीं कर रहा है उन पर हम तत्काल कार्रवाई भी कर रहे हैं। संपत्तिकर में तय किए गए लक्ष्य को हम हर हाल में पूरा करने के लिए प्रयासरत है।
    किशोर कान्याल, आयुक्त नगर निगम

  • जिस घर में जन्मे, छोटे से बड़े हुए, खेले-कूदे…,’ कहते-कहते भावुक हुए सीएम डॉ. यादव, अपने ही घर पर आखिर क्यों चलाई गैंती?

    जिस घर में जन्मे, छोटे से बड़े हुए, खेले-कूदे…,’ कहते-कहते भावुक हुए सीएम डॉ. यादव, अपने ही घर पर आखिर क्यों चलाई गैंती?

    भोपाल/उज्जैन
     मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री जन-कल्याण के लिए कितना समर्पित हैं, वे सादगी कितनी पसंद करते हैं इसका अंदाजा इस बात से लग जाता है कि उन्होंने सिंहस्थ महाकुंभ, उज्जैन के समग्र विकास के लिए अपने पैतृक निवास और जन्मस्थान को भी समर्पित कर दिया। उन्होंने खुद गैंती चलाकर मकान का हिस्सा तोड़ा। पैतृक घर जनता को समर्पित करते वक्त प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव भावुक नजर आए। उनका मानना है कि जहां जन्म हुआ हो, उस घर को तोड़ना पड़े तो मन पर असर होता है। लेकिन, विकास के लिए यह बलिदान दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह कदम उज्जैन के विकास और जन-सुविधाओं के विस्तार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    गौरतलब है कि सीएम डॉ. यादव 27 सितंबर को अपने पुश्तैनी घर पहुंचे। उन्होंने यहां अपने पैतृक घर के बाहर पूजा-अर्चना की और फिर गैंती लेकर विकास की नई नींव रखी। इसे लेकर उन्होंने मीडिया से कहा कि  जिस घर में छोड़े से बड़े हुए हों, खेले-कूदे हों, उसको तोड़ना पड़े तो मन पर प्रभाव होना स्वाभाविक है। अगर सिंहस्थ के लिए जरूरी है तो हमें यह बलिदान देना ही चाहिए। हम सब मिलकर वो कर रहे हैं। पूरा देश इस बात को देख रहे हैं कि लोग अपने मकान को आनंद से तोड़ रहे हैं। ताकि, दूसरों को मदद मिले।

    उज्जैन ने पेश किया उदाहरण
    सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से कहा कि जब मैं पहली बार साइंस कॉलेज से चुनाव जीतकर आया, तब जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव लड़ा, फिर प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा और उसके बाद भी जब-जब चुनाव लड़ा, हर चुनाव में मेरे सामने एक बात रही। आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए हमें अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। मैं मानता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दृष्टि से एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वे व्यक्तिगत हितों से परे रहकर नियम, कानून और सुशासन के लिए आवश्यक सभी विषयों को प्राथमिकता देते हैं। उनके सार्वजनिक जीवन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उज्जैन के लोगों ने अपना मकान खुद पीछे हटाया, ये आदर्श उदाहरण है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, लेकिन 40 करोड़  लोगों के आने का बोझ है। सबने योगदान दिया । मैं अपनी सरकार को भी धन्यवाद देता हूं। जिसने बिना भेदभाव के चाहे वो हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, पारसी, सबने अपने देवस्थान तक पीछे किए। इससे सरकार पर विश्वास बनता है।। यही उज्जैन का आदर्श है, इसी से सरकार पर भरोसा बनता है।

    सार्वजनिक हित पहले
    बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सार्वजनिक हित को सर्वोपरि माना है। सिंहस्थ की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अपना पैतृक मकान भी परियोजना की निर्धारित सीमा में आ रहा है। उन्होंने अपने घर पर कुदाल चलाकर यह संदेश दिया है कि विकास योजना का असर व्यक्तिगत संपत्ति तक भी पहुंचा है। सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में उनके परिवार की संपत्ति भी उसी प्रशासनिक प्रक्रिया के दायरे में है, जो अन्य प्रभावित भवनों पर लागू है। सीएम डॉ. यादव ने दशकों पुरानी पारिवारिक यादों से जुड़े घर के बावजूद सिंहस्थ के लिए जरूरी शहरी बदलाव को सार्वजनिक हित के रूप में देखा। पैतृक मकान का प्रभावित होना उस बड़े बदलाव का हिस्सा है, जिसके तहत सिंहस्थ-2028 से पहले पुराने उज्जैन की सड़क, यातायात और शहरी अधोसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

    मार्ग का होना है चौड़ीकरण
    उल्लेखनीय है कि उज्जैन की खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक लगभग 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किए जाने की कार्यवाही प्रारंभ की गई है। मार्ग चौड़ीकरण एवं विकास कार्य के लिए राज्य शासन द्वारा प्रदत्त लगभग 9.80 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जाएगी। यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण एवं व्यस्त संपर्क मार्गों में शामिल है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं एवं वाहनों की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए मार्ग का चौड़ीकरण यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

  • महापौर पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप, कांग्रेस ने 7 दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी

    महापौर पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप, कांग्रेस ने 7 दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी

    मुरैना
     शहर के वार्ड क्रमांक 24, 28 और 29 में गंदे पानी की निकासी और लगातार जलभराव की समस्या को लेकर रविवार को कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गजेंद्र जाटव ने मौके पर नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे को बुलाकर वार्डवासियों की समस्या से अवगत कराया।
    वार्डवासियों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से जलभराव और गंदे पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है। इसको लेकर कई बार महापौर शारदा सोलंकी से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। नागरिकों का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें निगम आयुक्त से संपर्क करने की बात कही गई।
    मौके पर पहुंचे निगम आयुक्त ने वार्डवासियों की समस्याएं सुनीं और निराकरण के लिए सात दिन का समय मांगा। आयुक्त के आश्वासन के बाद कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो शहर जिला कांग्रेस कमेटी आंदोलन करेगी।
    शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र जाटव ने कहा कि वार्डों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। यदि सात दिन में समस्या का स्थायी निराकरण नहीं किया गया तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।
    इस दौरान पूर्व शहर जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा, संगठन महासचिव कुलदीप यादव, सेवादल अध्यक्ष प्रदीप रजक, ब्लॉक अध्यक्ष दक्षिण आसिफ कुरैशी, वार्ड 29 के पार्षद बलवीर दोनेरिया, पूर्व पार्षद नरेश यादव, पूर्व पार्षद नरेश कारखुर, अरुण प्रताप सिंह कुशवाह, ब्रजेश पिरोंजी, मदन मोहन कुलश्रेष्ठ, आकाश घनघोरिया, हमीद खां, ओमप्रकाश खस, शिव सिंह खटीक सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • भोपाल में शिक्षकों का बड़ा आंदोलन, नीलम पार्क में हजारों शिक्षक धरने पर बैठे

    भोपाल में शिक्षकों का बड़ा आंदोलन, नीलम पार्क में हजारों शिक्षक धरने पर बैठे

    भोपाल.

    मध्य प्रदेश के शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश ने आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने के लिए प्रदेश भर के करीब हजार की संख्या में शिक्षक भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है।

    मोर्चे का कहना है कि मांगों के ठोस निराकरण तक संघर्ष जारी रहेगा। मोर्चा संयोजक एवं राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन के प्रतिनिधियों से कई बार चर्चा और संवाद हो चुका है, लेकिन अभी तक ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में संयुक्त मोर्चा अब चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएगा।

    TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए
    लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की जा रही है। मोर्चे की मांग है कि मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित किया जाए तथा केंद्र सरकार को भेजा जाए।

    प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना हो
    शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि एवं वरिष्ठता की गणना की जाए, ताकि ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, पेंशन सहित अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में वास्तविक सेवा अवधि का लाभ मिल सके।

    ई-अटेंडेंस व्यवस्था स्वैच्छिक की जाए
    मोर्चे ने शिक्षकों के लिए लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक करने की मांग की है। मोर्चे का कहना है कि शिक्षकों के विभागीय एवं अन्य शासकीय दायित्वों को देखते हुए व्यवस्था में व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं।

    शिक्षकों की आवाज अब भोपाल से उठेगी- जगदीश यादव
    जगदीश यादव ने कहा कि संयुक्त मोर्चा शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न संभागों से शिक्षक आंदोलन में शामिल होंगे तथा आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें मजबूती से पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक वर्षों से अपनी सेवा संबंधी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ज्ञापन, संवाद और चर्चा के बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाना शिक्षकों की मजबूरी है।

    संयुक्त मोर्चा के सभी पदाधिकारी एकजुट
    आंदोलन को सफल बनाने के लिए मोर्चा के संयोजक श्री राकेश दुबे, मनोहर दुबे, परमानंद डेहरिया, राकेश नायक, डी.के. सिंगौर, राकेश पटेल सहित समस्त शिक्षक संगठन के पदाधिकारी प्रदेशभर के शिक्षकों से आंदोलन में सक्रिय सहभागिता की अपील कर रहे हैं। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि 27 सितंबर से भोपाल में शुरू होने वाला अनिश्चितकालीन धरना शिक्षकों की तीनों मांगों के समाधान के लिए सामूहिक संघर्ष का मंच होगा। मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा। शिक्षक पीछे नहीं हटेंगे।

  • बिना फिटनेस-परमिट बस से कार्यक्रम में पहुंचे रीवा कलेक्टर, जांच में खुली पोल; वाहन सीज

    बिना फिटनेस-परमिट बस से कार्यक्रम में पहुंचे रीवा कलेक्टर, जांच में खुली पोल; वाहन सीज

    रीवा.

    रीवा जिले के गुढ़ में शनिवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम में पहुंचे कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने जिस बस से सफर किया। उसी के जांच के निर्देश दे दिए।रास्ते में बस से तेज आवाज आने और चलने के दौरान हिलने की बात सामने आई थी।

    जांच के बाद आरटीओ की टीम ने बस को सीज कर दिया। उसका फिटनेस प्रमाण-पत्र भी निरस्त कर दिया गया। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी समेत अधिकारी इसी बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। सफर के दौरान बस से तेज आवाज आने और उसके चलने के दौरान हिलने की बात सामने आई। बस की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही इसकी जांच कराने के निर्देश दिए।

    आरटीओ की टीम ने बस को सीज किया
    इसके बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की टीम ने बस की स्थिति और दस्तावेजों की जांच की। जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद परिवहन विभाग ने कार्रवाई की। आरटीओ की टीम ने बस को सीज कर दिया। साथ ही बस का फिटनेस प्रमाण-पत्र निरस्त करने की कार्रवाई की गई।

  • प्रदेश में पानी पर भी बिजली और पानी से भी एनर्जी स्रोत मजबूत हुए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में पानी पर भी बिजली और पानी से भी एनर्जी स्रोत मजबूत हुए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित हिंदू इकोनॉमिक फोरम के कार्यक्रम में उद्योगपतियों को प्रदेश की उद्योग नीति और औद्योगिक विकास के प्रति शासन की प्रतिबद्धता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज उन क्षेत्रों में अग्रणी है, जो उद्योगों के लिए सबसे आवश्यक और महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सरप्लस बिजली के साथ पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी पर सोलर पैनल से भी बिजली बनाई जा रही है। साथ ही पानी से एनर्जी के भी स्रोत मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के नए सेक्टर पर लगातार कार्य किया जा रहा है। इसमें धार्मिक पर्यटन के साथ मेडिकल टूरिज्म भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आर्थिक विकास के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार शाम होटल शेरेटन, इंदौर में हिंदू इकोनॉमिक फोरम के इंदौर चैप्टर के शुभारंभ कार्यक्रम में ‘अर्थ अभ्युदय’ विषय पर मुख्य संबोधन दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002-03 में मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये हुआ करती थी। वर्ष 2022 तक यह बढ़कर 1 लाख 40 हजार रुपये और वर्ष 2026 में 1 लाख 67 हजार रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि 10 से 12 वर्षों का समयकाल बहुत बड़ा नहीं होता, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की आर्थिक ग्रोथ बढ़ाकर विकास के पहिये को गति देने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए अब तक हुए एमओयू को जमीन पर उतारने में सफलता मिल रही है। शासन की मंशा प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने और अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की है। मध्यप्रदेश में उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

    भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार श्री वी. अनंता नागेश्वरन ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में देश की विकास दर 7.8 प्रतिशत है और आने वाले वर्षों में इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत का विदेशों के साथ व्यापार लगातार बढ़ रहा है। कार्यक्रम में फोरम के प्रमुख विज्ञानान्द ने भी संबोधित किया।

    कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के अब तक तीन आयोजन देश-विदेश में हो चुके हैं। पहला आयोजन वर्ष 2014 में नई दिल्ली में हुआ था। इसके बाद वर्ष 2018 में अमेरिका के शिकागो शहर में और वर्ष 2023 में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस का आयोजन हुआ। वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस का चौथा आयोजन आगामी 18 से 20 दिसंबर 2026 तक मुंबई में होगा। कार्यक्रम में वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के कार्यक्रमों पर आधारित वृतचित्र भी दिखाया गया।

  • विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- सालों से लंबित समस्याओं का हो रहा निराकरण

    विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- सालों से लंबित समस्याओं का हो रहा निराकरण

    भोपाल/इंदौर
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रतिष्ठा और सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ रहा है। ऐसे समय में वैचारिक प्रतिबद्धता काफी अहम है। मध्यप्रदेश की धरती पर पंडित माखनलाल चुतुर्वेदी, माधवराव सप्रे जैसे कई बड़े पत्रकार हुए और उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। नई दुनिया ने आज समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों की उन विभूतियों का सम्मान किया, जिन्होंने अपने परिश्रम के बल पर समाज में विशिष्ट स्थान बनाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित नई दुनिया प्रोमिनेंस अवॉर्ड-2026 में कहा कि नई दुनिया ने अपनी कई सालों की पत्रकारिता में विश्वसनीयता और जनसरोकार से अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए नई दुनिया पत्रकारिता, प्रतिबद्धता और वैचारिक उत्कृष्टता में सबसे आगे रहा है। हिन्दी वेबसाइट ने भी डिजिटल क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। नईदुनिया-जागरण परिवार कई बड़े राज्यों में पाठकों की पसंद बना हुआ है।

    राज्य का विकास सर्वोपरि
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सालों से लंबित प्रदेश की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है।  राज्य में 21 साल बाद पुन: सार्वजनिक परिवहन के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान का प्रारूप जारी हो गया है। यह कई वर्षों से लंबित था। राज्य सरकार प्रदेश में अधोसंचरना विकास को आगे बढ़ा रही है। राज्य की आर्थिक समृद्धि के लिए उद्योग और व्यापार को बढ़ाया जा रहा है। युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश ने नई नीतियां लागू कर देश-दुनिया से निवेश आकर्षित किया है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में विकास धरातल पर नजर आने लगा है।

    छात्रों को लैपटॉप-स्कूटी देने वाला एमपी पहला राज्य
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं का विस्तार करते हुए हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों के लिए एयर एंबुलेंस, पर्यटकों के लिए पीएमश्री हेली सर्विस और आमजन को शहरों के बीच फ्लाइट कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाई जा रही है। हमारी सरकार ने इंदौर से अबुधाबी के लिए सीधी उड़ान शुरू की है। बहुत जल्द भोपाल से शारजाह के लिए एक और अंतरराष्ट्रीय उड़ान प्रारंभ की जाएगी। मध्यप्रदेश में बेहतर शिक्षा के लिए सभी प्रबंधन करते हुए सांदीपनि विद्यालयों प्रारंभ किए गए हैं। मेधावी बच्चों को लैपटॉप और स्कूटी बांटने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है।

  • पुलिस से बचने रेत माफियाओं ने मचाई अफरा-तफरी, संकरी गलियों में ट्रैक्टर से कार घसीटी

    पुलिस से बचने रेत माफियाओं ने मचाई अफरा-तफरी, संकरी गलियों में ट्रैक्टर से कार घसीटी

    मुरैना.

    सुप्रीम कोर्ट की सख्ती कम होते ही मुरैना में रेत माफिया का आतंक फिर बढ़ने लगा है। बीते 12 घंटे में ऐसी तीन घटनाएं हुईं, जिनमें रेत माफिया का दुस्साहस और पुलिस प्रशासन मजबूर नजर आया। एसपी बंगला से बंद कदम दूर रेत माफिया के ट्रैक्टर-ट्राली, सड़क पर रेत की ट्राली खाली करके भाग गए।

    संकरी गलियों से भागे, कार को टक्कर मारकर घसीटा
    उधर राठौर कॉलोनी-ट्रंच रोड क्षेत्र में दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतार, बस्ती की संकरी गलियों से भागे, इस दौरान जो सामने पड़ा उसे टक्कर मारते गए। इसमें एक कार को टक्कर मारने के बाद घसीटते ले गए, जिसमें कार सवार युवक बाल-बाल बच गया। स्थानीय लोगों के अनुसार रेत के वाहनों के पीछे पुलिस के वाहन थे, इसलिए यह भगदड़ मची।

    सीसीटीवी में कैद हुई 15-20 ट्रैक्टर-ट्रालियों की रफ्तार
    घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की राठौर कालोनी, ट्रंच रोड पर रविवार सुबह पांच बजे की है। दरअसल रविवार को पुलिस टीमों ने चंबल नदी के अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रालियों की धरपकड़ शुरू की। एक टीम धौलपुर रोड से अंबाह बायपास की तरफ 20 से 25 ट्रैक्टर-ट्राली भागे, जिनमें चंबल नदी का रेत था। इन ट्रैक्टर-ट्रालियों के पीछे पुलिस के वाहन लगे तो रेत माफिया ने ट्रैक्टर-ट्राली ट्रंच रोड होते हुए राठौर कालोनी की संकरी गलियों में घुसा दिए।

    मकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के दिख रहा है, कि 15 से 20 ट्रैक्टर ट्रालियां कतार से, रफ्तार में भाग रही हैं। गली में एक किराना दुकान के सामने काउंटर रखा था उसे तोड़ दिया, पानी के नल के पाइप तोड़ दिए। इसी गली में नरेश राठौर की कार को टक्कर मार दी, उस समय नरेश राठौर कार में ही थे। उन्होंने बताया कि वह धौलपुर से लौटकर आए। सामने से तेज रफ्तार में रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रालियों की लाइन आ रही थी, उन्होंने कार को हटाने सा साइड करने तक का समय नहीं दिया और सीधे टक्कर मार दी और उसके बाद कुछ दूर तक कार को घसीटते ले गए। कार किनारे हुई तो रेत माफिया वहां से रफ्तार में भाग निकले।

    एसपी बंगला पास रेत फैलाकर भागे माफिया
    पुलिस की एक टीम रविवार तड़के एमएस रोड और बड़ोखर क्षेत्र में भी कार्रवाई को पहुंची। पुलिस टीम को देख बड़ोखर में आने वाले रेत के ट्रैक्टर-ट्रालियाें में भगदड़ मची। तीन से चार ट्रैक्टर-ट्राली रेलवे ओवरब्रिज से होकर बैरियर चौराहा की तरफ भागे। यह रेत के वाहन कलेक्टर बंगला, स्टेशन रोड थाने, कोतवाली थाने और फिर एसपी बंगला के सामने से भागे। इनके पीछे पुलिस की गाड़ियां लगी। पकड़े जाने के डर से सबसे पीछे चल रहे ट्रैक्टर-ट्राली ने, रफ्तार में ही हाइड्रोलिक उठाकर रेत को एमएस रोड पर खाली कर दिया। एसपी बंगला से चंद कदम दूरी, पुरानी चुंगीनामा पर यह रेत फैलाया, जिसे बाद में पुलिस ने बैकहो लोडर मशीन (जेसीबी) से समेटकर साफ करवाया। ऐसी ही तीसरी घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस टीम से बचने के लिए रेत माफिया ने सड़क पर ही रेत फैला दिया। हालांकि पुलिस ने घेराबंदी करके खाली ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ लिया।

  • सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी सौगात, ‘भोपाल मास्टर प्लान-2047’ का ड्राफ्ट तैयार, जानें कैसी होगी आपकी प्रपोज्ड लेक सिटी?

    सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी सौगात, ‘भोपाल मास्टर प्लान-2047’ का ड्राफ्ट तैयार, जानें कैसी होगी आपकी प्रपोज्ड लेक सिटी?

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐतिहासिक सौगात की तैयारी कर ली है। प्रशासन ने भोपाल के नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। यह मास्टर प्लान ड्राफ्ट चार प्रमुख स्तंभों पर बनाया गया है। इन चार स्तंभों में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण, आधुनिक दृष्टिकोण एवं नागरिक हितैषी नियोजन, सुधारोन्मुख एवं परिवर्तनकारी नियोजन और आत्मनिर्भर एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाला विकास शामिल हैं। अब इस ड्राफ्ट पर सरकार दावे-आपत्तियां आमंत्रित करेगी।

    इस ड्राफ्ट को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर-भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र- के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है। योजना में हरित TDR का प्रावधान किया गया है, जिससे हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा मिल सकेगी। समृद्ध, सुगम और विकसित भोपाल के संकल्प की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रकाशित प्रारूप पर नागरिक अपने आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।'

    भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट की कई विशेषताएं
    गौरतलब है कि भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट की कई विशेषताएं हैं। इसमें प्राकृतिक संवेदनशीलता सम्मत नियोजन किया है। इसके तहत भोज ताल और इसके जलग्रहण क्षेत्र को संरक्षित रखने की अवधारणा को आधारभूत रखते हुए योजना तैयार की गई है। इसके अतिरिक्त पहाड़ियों, वन क्षेत्रों, तालाबो एवं जलाशयों, बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण के भी समुचित प्रावधान ड्राफ्ट में किए गए हैं। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन सम्बन्धी प्रस्ताव हैं। इसे विकास योजना इस दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है कि पर्यावरणीय संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास किया जा सके। वर्तमान परिदृश्य के साथ साथ अगली पीढ़ी को शहर में पर्याप्त अवसर प्राप्त हो सकें। इसके लिए लगभग 3000 हेक्टर भूमि ग्रोथ कॉरीडोर के अंतर्गत प्रस्तावित की गई है। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में महानगरीय अवधारणा भोपाल विकास योजना-2047 के प्रस्ताव इस प्रकार रखे गए हैं कि भोपाल मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के साथ इसका सामंजस्य सहज रूप से हो सके और शहर में होने वाले विकास तथा मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के संसाधनों से परस्पर लाभान्वित हो सके।

    ड्राफ्ट में ग्रोथ कॉरीडोर पर फोकस
    भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में ग्रोथ कॉरीडोर पर फोकस किया गया है। इसमें निवेश सम्मत वातावरण तैयार करने के दृष्टिकोण से 51 किलोमीटर लम्बे ग्रोथ कॉरीडोर की परिकल्पना की गई है। यह ग्रोथ कॉरीडोर एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (EKAI) सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक भंडारण एवं थोक परिक्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न उपनगरों को भी जोड़ता है। इस कॉरीडोर पर मिश्रित उपयोग के साथ उच्च घनत्व का विकास परिकल्पित है। इस कॉरीडोर में लोक परिवहन के लिए बीआरटीएस कॉरीडोर प्रस्तावित है, जिसका भविष्य में एमआरटीएस में उन्नयन किया जा सकेगा। इस क्षेत्र में होटल एवं हास्पिटेलिटी, स्वास्थ्य सेवा, अन्य व्यापार, आईटी सेक्टर, एआई एवं डाटा सेन्टर, लॉजिस्टिक, थोक व्यापार, हाईपर मार्केट, मॉल मल्टीप्लेक्स, कार्पोरेट ऑफिस, विभिन्न संस्थान, ऐजुकेशन हब, हाउसिंग इत्यादि जैसे रोजगार उन्मुखी गतिविधियां, मिश्रित उपयोग के रूप में विकसित किए जा सकेंगे। इस क्षेत्र में असीमित एफएआर के प्रावधान रखे गए हैं। ग्रोथ कॉरीडोर को विभिन्न रेडियल मार्गों से नगर से जोड़ते हुए टांसिट उन्नमुख जोन (TOD) के रूप में विकसित किया जाएगा। नगर के बाहर विभिन्न दिशाओं से आने वाले क्षेत्रीय मार्ग जैसे विदिशा मार्ग, रायसेन मार्ग, नर्मदापुरम मार्ग एवं इन्दौर मार्ग को ग्रोथ कॉरीडोर के माध्यम से नगर से जोड़ा जाएगा, जिससे मेट्रेपोलिटन क्षेत्र के विभिन्न भागो से बेहतर संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया है। ग्रोथ कॉरीडोर एवं इसके रेडियल मार्गों का विकास नगर विकास स्कीम के माध्यम से भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। निवेश क्षेत्र की बाहरी सीमा पर स्थित नवीन प्रस्तावित बायपास मार्ग को ग्रीन फील्ड कॉरीडोर के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। ये मार्ग के दोनों ओर 50-50 मीटर भूमि हरित क्षेत्र के रूप में प्रस्तावित की गई है।

    बेहतर सामंजस्य पर जोर
    भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मिश्रित भूमि उपयोग के प्रस्ताव राज्य की टीओडी नीति के अनुरूप आवासीय उपयोग के तहत मार्ग की चौड़ाई के आधार पर मिक्स लेण्ड यूज प्रस्तावित किए गए हैं, ताकि कार्यस्थल एवं आवास (Work & Home) में बेहतर सामंजस्य स्थापित हो सके एवं नगर की मोबिलिटी भी लोक परिवहन आधारित हो सके। असीमित एफएआर एवं भवन ऊचाई नगरीय क्षेत्र की भूमि का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा निवेश मित्र वातावरण तैयार करने के उ‌द्देश्य से मार्ग की चौड़ाई के आधार पर एफएआर का निर्धारण किया गया है। अधिक चौड़े मार्गो पर स्थित भूमियों को एफएआर एवं भवन की ऊंचाई की सीमा से मुक्त रखा गया है। मास्टर पलान ड्राफ्ट में विकास मापदण्डों का सरलीकरण एवं युक्तियुक्तकरण विकास मापदण्डों में भूतल कवरेज को हटाया गया है, जिससे नागरिकों एवं विकासकर्ताओ को लाभ होगा एवं डिजाइन विकल्प उपलब्ध होंगे। भवनों के आसपास छोड़े जाने वाले एमओएस का भी पुर्ननिर्धारण इस प्रकार से किया गया है कि भूमि का अनुकूलतम उपयोग हो सके। विकास मापदण्डो का सरलीकरण किया गया है, जिससे आम नागरिक को समझने में कठिनाई न हो।

    शहर की हरियाली पर खासा ध्यान
    भोपाल मास्टर प्लान 2005 में हरित क्षेत्र लगभग 16 प्रतिशत निर्दिष्ट था, जिसको बढ़ाकर भोपाल विकास योजना-2047 में लगभग 27 प्रतिशत किया गया है, जो कि यूआरडीपीएफआई गाइडलाइन के मानकों से कहीं अधिक है। भानपुर खंती के पुर्नविकास के लिए इस पर गोल्फ कोर्स प्रस्तावित किया गया है। इसके अतिरिक्त कॉलोनी स्तर पर भी खुला क्षेत्र 10 प्रतिशत से बढाकर 12 प्रतिशत किया गया है। इससे हरित क्षेत्र में अतिरिक्त वृद्धि होगी। इसके अलावा सर्विस एरिया हेतु भी 2 प्रतिशत का क्षेत्रफल रखा जाना आवश्यक होगा। विकास योजना के कियान्वयन हेतु पूँजी संग्रहण विकास योजना में प्रीमियम ऑन एफएआर, प्रशमन इत्यादि के माध्यम से स्थानीय निकाय की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका उपयोग विकास योजना के क्रियान्वयन में किया जाना संभव हो सकेगा। इससे विकास योजना के यथासमय क्रियान्वयन में सहयोग प्राप्त हो सकेगा। भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में क्रिएटिव रीडेवलपमेंट के माध्यम से पुर्नविकास नगर के विकसित क्षेत्रों में भूमि का अनुकूलतम उपयोग संभव हो सके इस दृष्टिकोण से भूखण्डों का संविलियन, बेस एफएआर में छूट इत्यादि जैसे पुर्नविकास को प्रोत्साहन देने वाले प्रावधान रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त 70 प्रतिशत रहवासियों की सहमति होने पर आरडब्ल्यूए आवासीय अपार्टमेंट का पुर्नविकास कर सकेगी। शहर में अधिकाधिक अर्कोडेवल हाउसिंग निर्मित हो सकें इसके लिए ऐसी परियोजनाओं को एफएआर कय करने की बाध्यता से मुक्त रखा गया है। इसके अतिरिक्त नगर में प्रवासी नागरिकों के लिए रेंटल हाउसिंग विकसित हो सके इसके लिए भी प्रोत्साहन रखे गए हैं। हरित टीडीआर के प्रावधान विकास योजना में प्रस्तावित आमोद-प्रमोद के क्षेत्र में आने वाले भूमि स्वामियों की क्षतिपूर्ति हो इसी प्रकार हेरिटेज टीडीआर के प्रावधान भी रखे गए हैं।

    सुरक्षा व्यवस्था होगी चाक-चौबंध
    विकास योजना के कियान्वयन का प्रभावी पर्यवेक्षण रियल टाईम पर्यवेक्षण संभव हो सके और अप्राधिकृत निर्माण तथा नगर की मोबिलिटी एवं क्रियान्वयन की समस्याओं का यथासमय निराकरण हो सके, इसके लिए डिजीटल ट्विन सिटी की व्यवस्था रखे जाने के प्रस्ताव भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में दिए गए हैं। मास्टर प्लान ड्राफ्ट में शहर की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो सके, इसके लिए भी प्रावधान रखे गए हैं। इसमें सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए निजी सीसीटीवी कैमरो की नेटवर्किंग, सार्वजनिक भवनों की बाउण्ड्री वॉल को पारदर्शी रखने, सुरक्षित यातायात व्यवस्था के प्रावधान सम्मिलित हैं। भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में मल्टीलेवल पार्किंग, मेकेनाईज्ड पार्किंग, सामुदायिक खुले क्षेत्रों के नीचे पार्किंग की व्यवस्था, आरओबी-फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग व्यवस्था, सार्वजनिक मार्गो पर आरडब्ल्यूए द्वारा पार्किंग शुल्क लेने के लिए प्रावधान, बेसमेंट पार्किंग के लिए भूखण्डों का संयुक्तिकरण मान्य किए जाने जैसे प्रावधान रखे गए हैं।

    पढ़ाई और चैरिटी का भी रखा ध्यान
    भोपाल मास्टर प्लान ड्राफ्ट में यह प्रावधान भी किया गया है कि निजी विकासकर्ताओ द्वारा भी विकास योजना के मार्गों का निर्माण किया जा सके। इसके लिए शासकीय भूमि अथवा टीडीआर के माध्यम से भूमि अर्जन कर विकासकर्ता को उपलब्ध कराई जा सकेगी। भौंरी क्षेत्र में एजुकेशन हब के विकास के लिए एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (EKAI) सिटी की परिकल्पना की गई है। चैरिटेबल गतिविधि जैसे अनाथ आश्रम, मूक बधिर विद्यालय एवं छात्रावास, दिव्यान्ग विशेष विद्यालय, वृद्धाश्रम, रैन बसेरा इत्यादि को एफएआर कय करने की बाध्यता से मुक्त रखा गया है। यह गतिविधियां आवासीय, सार्वजनिक, अर्धसार्वजनिक, मिश्रित, सीएमयू, टीओडी एवं कृषि उपयोग में स्वीकार्य रखी गई है।

    देश का प्रमुख महानगर है भोपाल
    भोपाल विकास योजना 1991 वर्ष 1975 में प्रकाशित की गई थी। भोपाल विकास योजना 2005 को 9 जून 1995 को प्रकाशित किया गया था, जिसका निवेश क्षेत्र 601.06 वर्ग किलोमीटर था और इसमें 146 ग्राम शामिल थे। भोपाल विकास योजना 2047 प्रारूप को 1016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र हेतु तैयार किया गया है, जिसमें 254 ग्राम सम्मलित है तथा यह 45 लाख की आंकलित जनसंख्या हेतु तैयार की गई है। योजना में विकास योग्य प्रस्तावित क्षेत्रफल 61017.02 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। भोपाल प्रदेश की राजधानी होने के साथ साथ देश का एक प्रमुख महानगर भी है। यह नैसर्गिक सुन्दरता एवं प्राकृतिक धरोहर लिये हुये झीलो एवं पहाड़ो की नगरी, पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील नगर है। नगर में रामसर साइट के रूप में चिन्हित भोजताल (बडी झील), राष्ट्रीय उद्यान के साथ-साथ बाघ भ्रमण क्षेत्र भी स्थित हैं।

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    उज्जैन.

    सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के तहत शहर में सड़क चौड़ीकरण का काम तेज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अपने पैतृक मकान पर स्वयं गेती चलाकर सड़क चौड़ीकरण के लिए भवन हटाने की शुरुआत की।

    इसके साथ ही खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक मार्ग के चौड़ीकरण की कार्यवाही प्रारंभ हो गई।

    730 मीटर लंबे मार्ग का होगा चौड़ीकरण
    करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। मार्ग चौड़ीकरण एवं विकास कार्य के लिए राज्य शासन द्वारा करीब 9.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

    सिंहस्थ में सुगम यातायात के लिए महत्वपूर्ण कदम
    यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त संपर्क मार्गों में शामिल है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए मार्ग का चौड़ीकरण यातायात व्यवस्था को सुगम और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।