Category: मध्य प्रदेश

  • साइबर क्राइम, आतंकवाद प्रतिरोध और कानून-व्यवस्था पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साझा की अहम जानकारी

    साइबर क्राइम, आतंकवाद प्रतिरोध और कानून-व्यवस्था पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साझा की अहम जानकारी

    भोपाल 

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह के प्रस्तावित मध्यप्रदेश दौरे के दौरान पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों एवं नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित की जानी है। इसकी तैयारियों के संबंध में आज डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश की पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अनुसार साइबर अपराध, आपराधिक न्याय प्रणाली, कानून-व्यवस्था, आतंकवाद प्रतिरोध, नक्सल उन्मूलन, विदेशियों से संबंधित विषय, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण तथा पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा संबंधी समन्वय सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी एवं प्रस्तुतिकरण दिया।

    डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने बैठक में सेफ क्लिक, ‘नशे से दूरी है जरूरी’, नक्सलवाद के उन्मूलन एवं हार्टफुलनेस सहित मध्यप्रदेश पुलिस की विभिन्न पहलों एवं अभियानों से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा जनहित से जुड़े अभियानों को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने एवं प्रदर्शनी में इन अभियानों की प्रभावी प्रस्तुति तथा इनके माध्यम से पुलिस और नागरिकों के बीच जागरूकता एवं सहभागिता को प्रदर्शित करने पर जोर दिया।

    साइबर अपराध, सुरक्षा एवं आधुनिक पुलिसिंग पर समीक्षा

    बैठक में ई-जीरो एफआईआर, 1930 साइबर हेल्पलाइन, साइबर कमांडो प्रशिक्षण तथा ‘सेफ क्लिक’ जागरूकता अभियान की प्रगति की जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से 8.6 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाई गई। आतंकवाद प्रतिरोध के अंतर्गत एटीएस की क्षमताओं एवं परिचालन दक्षता तथा अंतरराज्यीय प्रकृति के मामलों में समन्वय पर चर्चा हुई। विदेशियों एवं अवैध प्रवासियों के विरुद्ध कार्रवाई, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण तथा पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा समन्वय की भी समीक्षा की गई। डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने आधुनिक तकनीक एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

    कानून-व्यवस्था, आपराधिक न्याय प्रणाली एवं फॉरेंसिक व्यवस्थाओं की जानकारी

    अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था एवं आपराधिक न्याय प्रणाली, नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, ई-समन, मेडिको-लीगल परीक्षण एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टिंग सिस्टम पर प्रस्तुतिकरण दिया। साथ ही अभियोजन निदेशालय, नेटग्रिड के उपयोग, नवीन न्याय संहिता के अंतर्गत दो वर्षों की तुलनात्मक स्थिति, फॉरेंसिक सेवाओं तथा 57 मोबाइल फोरेंसिक वैन की जानकारी दी गई। जेल विभाग द्वारा मॉडल जेल अधिनियम-2023 के अंतर्गत मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदी अधिनियम-2024 तथा मॉडल जेल मैन्युअल-2016 से संबंधित जानकारी साझा की गई।

    प्रदर्शनी की तैयारियों की जानकारी दी  पंकज वास्तव ने

    बैठक के दौरान विशेष पुलिस महानिदेशक  पंकज वास्तव ने 3 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में अपराध घटित होने से लेकर नागरिक को न्याय मिलने तक की पूरी प्रक्रिया को सरल एवं सहज तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें पुलिस, एफएसएल, अभियोजन, जेल एवं अन्य संबंधित विभागों की भूमिका, आधुनिक तकनीक तथा डिजिटल व्यवस्थाओं को विभिन्न स्टॉल, वीडियो, डिजिटल स्क्रीन, पोस्टर एवं मॉडल के माध्यम से दर्शाया जाएगा।

    प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर जागरूकता, नक्सल उन्मूलन, ‘सेफ क्लिक’, ‘नशे से दूरी है जरूरी’ सहित विभिन्न जनहितकारी पहलों एवं उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान, वन एवं वन्यजीवन, पारंपरिक कला-संस्कृति एवं जनजातीय विरासत की झलक भी प्रदर्शनी में शामिल की जाएगी। प्रदर्शनी लगभग पांच दिनों तक संचालित की जाएगी और 3 अक्टूबर से आम नागरिकों के लिए प्रारंभ होगी।

    बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

    बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक  आदर्श कटियार,  अनिल कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  डी. निवास वर्मा,  योगेश चौधरी,  जयदीप प्रसाद,  के.पी. वेंकटेश्वर राव,  अंशुमन यादव, पुलिस महानिरीक्षक डॉ. आशीष, जेल डीआईजी  एम.आर. पटेल, डायल 112 एवं स्वास्थ्य विभाग   के अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • बच्चों संग घुले-मिले मंत्री परमार, माताओं से भी किया आत्मीय संवाद

    बच्चों संग घुले-मिले मंत्री परमार, माताओं से भी किया आत्मीय संवाद

    भोपाल

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार के मुख्य आतिथ्य में "सेवा संकल्प अभियान" के अंतर्गत शाजापुर जिले के शुजालपुर के फ्रीगंज राघवगंज आंगनवाड़ी केंद्र 20/1 में “आंगन मिलन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत रूप से दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थितजनों को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम के 138वें संस्करण एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्बोधन का एलईडी के माध्यम से सीधा प्रसारण हुआ।

    कार्यक्रम में मंत्री  परमार ने आंगनवाड़ी केंद्र में उपस्थित नन्हे-मुन्ने बच्चों एवं माताओं के साथ आत्मीय संवाद किया। इस दौरान मंत्री  परमार ने माताओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं दैनिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी भी ली। मंत्री  परमार ने बच्चों के साथ समय बिताया तथा उनकी गतिविधियों में सहभागिता की। इस दौरान बच्चों की मासूमियत और उत्साह ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। बच्चो को खिलोने की किट वितरित की गई ।

    मंत्री  परमार ने कहा कि बच्चे हमारे समाज और राष्ट्र का भविष्य हैं। उनके स्वस्थ शरीर, संस्कारित मन और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रारंभिक वर्षों में विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और संस्कारों से जोड़ने का कार्य किया जाता है।

    मंत्री  परमार ने कहा कि आंगनवाड़ी केवल बच्चों की देखभाल और पोषण का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने वाला महत्वपूर्ण केंद्र है। बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार के साथ समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। जब समाज संवेदनशील होकर बच्चों और माताओं के साथ खड़ा होता है, तो सेवा की भावना और अधिक मजबूत होती है।

    मंत्री  परमार ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर सेवा और सहभागिता की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदना और सहयोग पहुंचाना तथा जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही सेवा का वास्तविक उद्देश्य है।

    मंत्री  परमार ने माताओं से भी बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पौष्टिक आहार, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य देखभाल तथा अच्छे संस्कार अत्यंत आवश्यक हैं। बच्चों के प्रारंभिक विकास में माता-पिता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने केंद्र में संचालित गतिविधियों तथा बच्चों के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उपस्थित माताओं ने भी बच्चों से जुड़े विषयों पर संवाद किया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ आत्मीय वातावरण में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

    जिला कार्यक्रम अधिकारी  संजय त्रिपाठी ने बताया कि “आंगन मिलन” कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों से जनभागीदारी को जोड़ना, बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा माताओं और बच्चों के साथ आत्मीय संवाद के माध्यम से सेवा एवं संवेदना की भावना को मजबूत करना रहा।

    कार्यक्रम में बच्चों की मुस्कान और माताओं के स्नेह के बीच सेवा के संकल्प को दोहराया गया। उपस्थितजनों ने कहा कि समाज के नन्हे बच्चों के स्वस्थ, संस्कारित और उज्ज्वल भविष्य के लिए ऐसे आयोजन जनभागीदारी को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से आंगनवाडी केन्द्रों को गोद लेने के लिये आहवान किया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा दीदी का भी सम्मान किया गया।

    सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, माताओं के मन में विश्वास और प्रत्येक आंगन में खुशहाली का संकल्प निरंतर आगे बढ़ाने की भावना कार्यक्रम में देखने को मिली। इस अवसर पर जिले का नवाचार "घर में पकायेगे घर का खायेंगे" अंतर्गत पोषण प्रदर्शनी लगाई गई एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिसका मत्री  एवं अतिथियों द्वारा अवलोकन किया गया।

    कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष शुजालपुर  बबीता परमार, डॉ. रवि पांडे, सेवा संकल्प अभियान जिला प्रभारी  नरेन्द्र सिंह यादव,  देवेन्द्र सिसोदिया,  देवेन्द्र तिवारी, अंजू खत्री,  युवराज रामडिया,  योगेश शिवहरे, अनुविभागीय अधिकारी शुजालपुर  अंकिता पाटकर, प्रभारी परियोजना अधिकारी शुजालपुर  ममता परमार सहित जनप्रतिनिधिगण, पार्षदगण एवं गणमान्य नागरिक, महिलाऐं, बच्चे उपस्थित रहे।

     

  • ‘मन की बात’ से प्रेरणा लेकर आयुर्वेद को जनकल्याण से जोड़ें : राज्यपाल  पटेल

    ‘मन की बात’ से प्रेरणा लेकर आयुर्वेद को जनकल्याण से जोड़ें : राज्यपाल पटेल

    भोपाल 

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि मन की बात से प्रेरणा लेकर आयुर्वेद को जनकल्याण से जोड़ें, क्योंकि आने वाला समय आयुर्वेद का है। आवश्यकता उसके ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन, प्रकृति संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश समाज तक पहुंचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। आयुर्वेद को केवल उपचार तक सीमित नहीं रखें। उसके ज्ञान से रोग नियंत्रण, स्वास्थ्य जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने आयुर्वेद महाविद्यालय को शिक्षा, शोध, सेवा और जन-जागरूकता को एक साथ आगे बढ़ाने का केंद्र बनने के लिए प्रोत्साहित किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य का संबंध केवल दवा से नहीं, बल्कि स्वच्छता, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, योग, व्यायाम और सकारात्मक सोच से भी है।

    राज्यपाल  पटेल पं. खुशीलाल शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान के रजत जयंती सभागार में रविवार को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के प्रसारण से पूर्व श्रोताओं को संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि ‘मन की बात’ प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के नागरिकों से संवाद का नवाचार है, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रेरक कार्य और अनुभव सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम सामान्य नागरिकों के छोटे प्रयासों और जन भागीदारी की उपयोगी पहल को सामने लाकर समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक कार्य करने की प्रेरणा देता है। जागरूक नागरिक अपने स्तर पर निरंतर प्रयासों से समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकते हैं। ‘मन की बात’ यह संदेश देती है कि समाज में बदलाव केवल बड़े प्रयासों से नहीं, बल्कि छोटे और निरंतर कार्यों से भी संभव है। उन्होंने उदाहरण दिया कि किसी गांव में एक विद्यार्थी भी स्वास्थ्य जागरूकता का छोटा अभियान शुरू कर अनेक परिवारों तक उसका प्रभाव पहुंचा सकता है।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि आधुनिक समय में जीवनशैली से जुड़ी अनेक चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और अनुशासित दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मन और सक्रिय बुद्धि का निर्माण होता है। उन्होंने संतुलित आहार, मिलेट के सेवन, पर्याप्त पानी पीने, नियमित व्यायाम और कम तेल के उपयोग को स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया। कोविड के दौरान गिलोय की महत्ता को बताते हुए अधिकांश पेड़-पौधों में औषधीय गुण होने की बात कही। जन औषधि केंद्रों से दवाएँ लेने के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों पर बल दिया। बताया कि देश में 25 हजार केंद्र बनाने का लक्ष्य है, जिनमें 19 हजार केंद्र स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि गांवों और जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय पौधों तथा पारंपरिक उपचार से जुड़ा व्यापक ज्ञान उपलब्ध है। इस ज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टि से समझना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से स्थानीय ज्ञान, वन औषधियों और पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों के अध्ययन तथा शोध के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और जागरूक नागरिक ही मजबूत समाज की आधारशिला हैं। शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    प्रमुख सचिव आयुष  शोभित जैन ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि आयुष विभाग द्वारा जन स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित शिक्षा, शोध, उपचार और योग की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद प्रकृति, संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली पर आधारित प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जो स्वास्थ्य और कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। आभार प्रदर्शन आयुक्त आयुष मती आर. उमा महेश्वरी ने किया।

    कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल  पटेल का शॉल, फल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। अतिथियों द्वारा भगवान धनवंतरी की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

  • उज्जैन को मिली ई-बस और दर्शन सेवा की सौगात, महाकाल लोक से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया शुभारंभ

    उज्जैन को मिली ई-बस और दर्शन सेवा की सौगात, महाकाल लोक से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया शुभारंभ

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को प्रदेश में सुगम, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को गति देते हुए श्री महाकाल लोक के अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर में पीएम ई-बस सेवा तथा उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शक्ति पथ, महाकाल लोक से बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने राजाराम रिसोर्ट तक यात्रा भी की। इस अवसर पर वेदपाठी बटुकों के द्वारा वेद मंत्रों का वाचन किया गया और डमरू वादन भी किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि मैं भगवान श्री महाकालेश्वर को प्रणाम करता हूं। आज उनकी नगरी में एक अद्भुत अलग प्रकार का दिन है। एक के बाद एक शहर को रोज एक नई सौगात मिल रही है । रोज नए प्रकार के विकास के कीर्तिमान बन रहे हैं। 21 साल पहले राज्य परिवहन निगम की बसें चला करती थीं, फिर किसी कारण से सार्वजनिक परिवहन बसों को बंद करना पड़ा। हमने वह अभाव आज पूरा किया है। राज्य परिवहन निगम की बसें एक राज्य से दूसरे राज्य जाएंगी। शहर के अंदर  नगरीय स्तर पर भी बसें चलाई जाएंगी । उज्जैन में धार्मिक पर्यटन केंद्र के लिए 10 बसों की सौगात मिल रही है।  हम सब इसमें यात्रा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा प्रदेशवासियों का सफर सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं ई-बस सेवा का शुभारंभ किया गया है। उज्जैन में यह सेवा श्रद्धालुओं, पर्यटकों और नगरवासियों को एक ही व्यवस्था के अंतर्गत प्रमुख धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

    कार्यक्रम में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, डॉ लता वानखेड़े, महापौर श्री मुकेश टटवाल, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण समिति के अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, श्री संजय अग्रवाल, श्री विवेक जोशी, श्री राजेंद्र भारती, श्री जगदीश पांचाल, श्री प्रभुलाल जाटवा, एडीजी श्री राकेश गुप्ता, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह,कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांस कूमट, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, सीईओ स्मार्ट सिटी श्री संदीप सोनी, अधीक्षण यंत्री श्री के ही मालवीय एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    उज्जैन दर्शन मार्ग

    उज्जैन दर्शन सेवा का निर्धारित मार्ग मेघदूत वन पार्किंग से प्रारंभ होकर महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव मंदिर, सिद्धवट मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता मंदिर, चिंतामण गणेश मंदिर, अष्ट विनायक मंदिर, शनि नवग्रह मंदिर, इस्कॉन मंदिर, बस स्टैंड एवं उज्जैन रेलवे स्टेशन होते हुए पुनः मेघदूत वन पार्किंग पर समाप्त होगा। इसका शुल्क 200 रुपये मात्र होगा। यात्री यूपीआई के माध्यम से पेमेंट कर सकेंगे। यह बसें पूर्ण रूप से जीरो एमिशन रहेंगी , इनसे पॉल्यूशन बिल्कुल नहीं होगा और यह इलेक्ट्रिकल चार्ज होंगी। यह मार्ग उज्जैन के प्रमुख मंदिरों एवं पौराणिक स्थलों को एक श्रृंखला में जोड़ेगा। उज्जैन दर्शन रूट की कुल लंबाई 27.01 किलोमीटर है।

    बस संचालन की व्यवस्था

    यात्री निर्धारित स्टॉप पर बस से उतरकर संबंधित मंदिर या दर्शनीय स्थल का दर्शन कर सकेंगे तथा दर्शन पूर्ण होने के बाद उसी स्टॉप से अगली उपलब्ध उज्जैन दर्शन बस में यात्रा जारी रख सकेंगे। निर्धारित वैधता अवधि के दौरान एक ही टिकट पर यात्री मार्ग के विभिन्न स्टॉप से बस में चढ़ और उतर सकेंगे। सभी प्रमुख मंदिरों एवं दर्शनीय स्थलों के निकट निर्धारित बस स्टॉप बनाए जाएंगे। यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए बसों का संचालन नियमित अंतराल पर किया जाएगा। प्रत्येक प्रमुख स्थल पर दर्शन एवं भ्रमण के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा। यह सेवा मेघदूत वन पार्किंग से प्रारंभ होकर प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए उज्जैन रेलवे स्टेशन तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को एक ही सेवा से प्रमुख दर्शन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा होगी।

    आधुनिक सुविधाएं

    बसों में लाइव सीसीटीवी, जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग तथा यूपीआई/डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। बस में डिजिटल असिस्टेंट सह उज्जैन दर्शन गाइड भी उपलब्ध रहेंगे, जो प्रमुख मंदिरों, दर्शनीय स्थलों, मार्ग एवं दर्शन संबंधी आवश्यक जानकारी देंगे।

    प्रमुख दर्शन स्थल एवं मान्यता

    महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक एवं उज्जैन का अधिष्ठाता देव स्थल है। यहाँ की भस्म आरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है। महाकाल लोक शिव पुराण की कथाओं एवं शिव-स्वरूपों को मूर्तियों, स्तंभों और भित्तिचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करता है। हरसिद्धि माता उज्जैन की प्राचीन शक्तिस्थली हैं। क्षिप्रा नदी के पवित्र घाटों पर स्नान एवं पूजा-अर्चना की मान्यता है। ऋणमुक्तेश्वर महादेव में पूजा से विभिन्न ऋणों से मुक्ति की मान्यता जुड़ी है।

    भर्तृहरि गुफाएँ राजा भर्तृहरि की तपस्या एवं नाथ संप्रदाय की साधना परंपरा से जुड़ी हैं। गढ़ कालिका मंदिर की मान्यता महाकवि कालिदास से जुड़ी हुई है। काल भैरव उज्जैन के रक्षक देवता माने जाते हैं। सिद्धवट पितृ कर्मों के लिए विशेष तीर्थ है। अंगारेश्वर एवं मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह संबंधी मान्यताओं से जुड़े हैं। सांदीपनि आश्रम वह स्थल है जहाँ मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण, बलराम एवं सुदामा ने शिक्षा प्राप्त की थी। भूखी माता, चिंतामण गणेश, अष्ट विनायक, शनि नवग्रह एवं इस्कॉन मंदिर भी इस मार्ग के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

    नगर की अन्य बस मार्ग व्यवस्था

    उज्जैन शहर में सुगम परिवहन के अंतर्गत कुल 12 मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिनमें तपोभूमि से पानबिहार, उज्जैन रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, कानीपुरा से अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट से तपोभूमि, देवास गेट से ताजपुर, देवास गेट से नए आरटीओ कार्यालय, महाकाल चौराहा से अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट से नानाखेड़ा, अवंतिका विश्वविद्यालय से नानाखेड़ा, देवास गेट से मुरलीपुरा, तपोभूमि से नजरपुर तथा उज्जैन दर्शन मार्ग शामिल हैं।

    इन मार्गों से नगर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक एवं धार्मिक क्षेत्रों को बस सेवा से जोड़ा गया है। यह सेवा श्रद्धालुओं को महंगे निजी परिवहन पर निर्भरता घटाते हुए सुविधाजनक, किफायती और सुरक्षित दर्शन यात्रा उपलब्ध कराएगी। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के दृष्टिगत उज्जैन में सुगम आवागमन की यह व्यवस्था नगरवासियों एवं देश-विदेश से आने वाले भक्तों दोनों के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

  • ग्वालियर में एलिवेटेड रोड के किनारे बड़ा हादसा टला, सड़क धंसने से 4 मकानों में दरारें

    ग्वालियर में एलिवेटेड रोड के किनारे बड़ा हादसा टला, सड़क धंसने से 4 मकानों में दरारें

    ग्वालियर.

    ढोली बुआ के पुल वाले क्षेत्र में एलिवेटेड रोड के पिलर खुदाई के चलते स्वर्ण रेखा की दीवार के बेस में डले रैंप को तोड़ दिया गया है। इसके बाद नाले की दीवार के साथ लगी सड़क 100 फीट तक फटने के साथ ही सड़क किनारे के 4 मकानों में दरारें आ गई है।

    वहीं दरारों के लगातार बढ़ने से लोगों में दहशत का माहौल है। हालांकि निगम अधिकारियों ने देर रात ही मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया, लेकिन लोगों को किसी तरह की राहत नहीं मिल सकी।

    शुक्रवार से हुई थी सड़क फटने की शुरुआत
    मौके पर पहुंचे तकनीकी अधिकारियों ने बताया कि दो दिन पहले ही एलिवेटेड रोड के पिलर डालने के लिए स्वर्ण रेखा की दीवार तोड़ कर ग्राउंड बेस रैंप बनाया गया था और इसके बाद क्षेत्र में सड़क की स्थिति प्रभावित हुई । शुक्रवार को सड़क फटने की शुरुआत हो गई थी, जो शनिवार की रात तक दरारें चौड़ी होने से पुन: बढ़ती दिखी। देर शाम तक सड़क में लंबी दरारें आने के साथ ही 04 मकान भी चटकने व दरारें आने से प्रभावित हुए।  इस मामले में नगर निगम ग्वालियर के कमिश्नर संजीव झा ने कहा- सड़क फटने व मकानों में दरारें आने की सूचना पर तत्काल मौके पर आ गया हूं, अभी दरार आने के लिए मौके की स्थिति का आंकलन जारी है। 

    इनके मकानों आई है दरारें –

    • गणेश शाक्य – कमरे/किचन में 
    • लीला शाक्य – आंगन/किचन/बाथरूम में 
    • नारायण कन्नौजिया –  आंगन/लैट-बाथ में
    • शालिनी ढेरे – दीवार की बाउंड्री
  • उज्जैन में विकास को नई रफ्तार, CM डॉ. यादव ने 173 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

    उज्जैन में विकास को नई रफ्तार, CM डॉ. यादव ने 173 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के समान विकास के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उज्जैन (अवंतिका) एक प्राचीन नगर है। यहां का व्यापार व्यवसाय और इसका वैभव ही सदियों से इस नगर का गौरव और पहचान रही है। उज्जैनवासियों ने हर काल में शहर के विकास में सहयोग दिया है और आज भी यहां के लोग विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए स्वैच्छिक योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को महाकाल महालोक, उज्जैन में विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां 173 करोड़ रुपये लागत के 15 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन को जल्द ही मेट्रो ट्रेन की सौगात भी मिलेगी। भोपाल के मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट प्रकाशित कर दिया गया है। ग्वालियर नई मेट्रोपॉलियन सिटी के रूप में विकसित होगा साथ ही इसे टेलीकॉम सिटी के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-भोपाल-जबलपुर तक औद्योगिक गलियारा बनने जा रहा है। इससे पूरे प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। हमारी सरकार सेवा भाव से समान रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुगम परिवहन सेवा से प्रदेश में नई परिवहन सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। इसके अन्तर्गत यात्री बसें एक नगर से दूसरे नगर तक ही नहीं, बल्कि एक राज्य से दूसरे राज्य तक जाएंगी। उज्जैन में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए उज्जैन दर्शन हेतु 10 नई पीएम ई-बस सेवाओं का शुभारंभ किया गया है।

    कार्यक्रम को उज्जैन सांसद  अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य बालयोगी  उमेशनाथ महाराज, सांसद डॉ. लता वानखेड़े एवं महापौर  मुकेश टटवाल ने भी संबोधित किया।जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उज्जैन का चौमुखी विकास हो रहा है तथा सिंहस्थ के दृष्टिगत नगर को सजाया-संवारा जा रहा है।

    इस अवसर पर मध्यप्रदेश गृह एवं अधोसंरचना निर्माण मंडल के अध्यक्ष  ओम जैन, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष  जगदीश अग्रवाल, पूर्व विधायक  राजेन्द्रध भारती,  संजय अग्रवाल,  जगदीश पांचाल एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

    उज्जैन में होंगे 173 करोड़ रुपए के विकास कार्य

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन में हुए कार्यक्रम में 15 विकास कार्यों का भूमि -पूजन और लोकार्पण किया। इसमें 12 कार्यों का भूमि-पूजन और 3 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। भूमि-पूजन कार्यों में मुख्य रूप से नगर निगम उज्जैन के 8 बड़े कार्य हैं, जिनमें गौशाला मार्ग से शिप्रा विहार मार्ग निर्माण, महाकाल लोक क्षेत्र में पार्किंग सुविधा,  महाकाल मंदिर परिसर का विकास एवं क्षिप्रा नदी के घाटों का जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही उज्जैन स्मार्ट सिटी द्वारा महाकाल मंदिर के पीछे लैंडस्केपिंग, पुलिस विभाग द्वारा चिंतामण जवासिया में पुलिस आवास और उन्हेल में थाना भवन तथा पर्यटन विभाग द्वारा 45 नगरीय वनों का विकास कार्य शामिल है, जिनकी कुल लागत 153.31 करोड़ रुपये है। लोकार्पित किए गए कार्यों में पुलिस आवास अधोसंरचना विकास निगम द्वारा नीलगंगा और उन्हेल में निर्मित पुलिस आवास एवं थाना भवन तथा ऊर्जा विभाग द्वारा बड़नगर में निर्मित 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र शामिल हैं, जिनकी कुल लागत 19.56 करोड़ रुपये है। इन सभी कार्यों से उज्जैन के नागरिकों को अधोसंरचना, सुरक्षा और पर्यटन विकास की बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।

     

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक नि.वि. विभाग द्वारा निर्मित की जा रही सड़क का किया निरीक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक नि.वि. विभाग द्वारा निर्मित की जा रही सड़क का किया निरीक्षण

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उज्जैन प्रवास के दौरान सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों के साथ ही लोक निर्माण विभाग द्वारा सीआईआरएफ के तहत निर्मित की जा रही 14.42 किलोमीटर लंबी सड़क, आरओबी व पुलों के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति पर संतोष प्रकट किया तथा निर्देश दिए हैं कि समस्त कार्य समय सीमा में पूर्ण होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आज हरि फाटक से होकर लालपुर, मुल्लापुरा वाया शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेड़ी मार्ग पर फोर एवं सिक्स लेन का निर्माण तथा शिप्रा नदी पर अतिरिक्त पुल का निर्माण व टू लेन आरओबी के निर्माण कार्य का स्थल पर जाकर निरीक्षण किया एवं दिशा-निर्देश भी दिए।

     

  • नई गाड़ी से पहले पसंदीदा नंबर होगा आपके नाम, RTO च्वाइस नंबर सिस्टम में बदलाव की तैयारी

    नई गाड़ी से पहले पसंदीदा नंबर होगा आपके नाम, RTO च्वाइस नंबर सिस्टम में बदलाव की तैयारी

    इंदौर
    आरटीओ की सेवाओं में बदलाव और निजीकरण की चर्चाओं के बीच अब च्वाइस नंबर की व्यवस्था बदलने की तैयारी है। प्रस्तावित व्यवस्था में वाहन मालिक अपनी पसंद का नंबर पहले से रिजर्व करा सकेंगे। इसके लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। इसका मकसद डीलर या एजेंट द्वारा नंबर पहले ही लॉक कर लेने की स्थिति खत्म करना है।

    सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के अधिकारियों ने पिछले दिनों दिल्ली मुख्यालय से भी चर्चा की है। मौजूदा समय में दो और चार पहिया वाहनों के वीआइपी नंबरों का आवंटन बिडिंग के जरिए होता है। वहीं च्वाइस नंबरों की अलग श्रेणी है। इसमें ऐसे नंबर आते हैं, जिन्हें वाहन मालिक अपनी पसंद के कारण लेना चाहते हैं।

    ये होती थी समस्या
    अभी इन नंबरों को लेने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और वाहन डीलर के माध्यम से आवेदन किया जाता है। परेशानी तब होती है, जब किसी पसंदीदा नंबर को जिले का कोई डीलर या एजेंट पहले ही पोर्टल पर लॉक कर देता है। बाद में वाहन मालिक अपनी नई गाड़ी के लिए वही नंबर लेना चाहता है तो स्पेशल नंबर पोर्टल पर नंबर पहले से बुक दिखाई देता है।

    अब नंबर पहले से अपने नाम पर रिजर्व करने का विकल्प
    नई व्यवस्था के प्रस्ताव में वाहन मालिक को अपना पसंदीदा नंबर पहले से अपने नाम पर रिजर्व कराने का विकल्प देने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए निर्धारित अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकता है। इससे वाहन खरीदने से पहले ही पसंदीदा नंबर सुरक्षित हो सकेगा और डीलर या एजेंट द्वारा उसे पहले लॉक करने की स्थिति नहीं बनेगी। अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर पर लिया जाना है।

    बदनाम है विभाग
    सरकारी महकमें में सबसे बदनाम विभागों में आरटीओ का नाम सबसे उपर आता है। यहां पर कोई भी काम बिना व्यवहार के नहीं होता है। जिसको लेकर कई बार शिकवें-शिकायतें भी हुई, लेकिन कुएं में भांग मिली होने जैसे हाल होने पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। केंद्र सरकार ने अब विभाग पर नकेल कसना शुरू कर दिए। धीरे-धीरे कई काम अब ऑनलाइन और निजी हाथों में दे दिए हैं। इसमें सबसे बड़ा झटका विभाग को फिटनेस की व्यवस्था के निजीकरण से लगा था। इस काम में एजेंटों के साथ विभाग की अच्छी सेवा होती थी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से वर्चुअली किया संबोधित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से वर्चुअली किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस वर्ष सरकार ने पहली बार शहडोल के किसानों का  अन्न कोदो, कुटकी समर्थन मूल्य पर खरीदा है। इस बार भी किसानों का धान भी सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदेगी, किसान किसी प्रकार की चिंता न करें। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराकर आधुनिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन, बकरी पालन, कुक्कुट पालन और मछली पालन से भी किसानों को जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को शहडोल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। किसानों और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा सिंचाई का रकबा बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। हर एक खेत तक पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल जिले के ओडीपी उत्पाद क्षेत्र की पहचान हल्दी को जियोटैग मिला है, क्षेत्र में हल्दी का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता है। क्षेत्र की कृषि क्षमता को देखते हुए मसाला फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। हल्दी की प्रोसेसिंग और बाजार उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैविक खेती करने वाले किसानों से संवाद किया और शहडोल क्षेत्र के राजाबाग अमरूद, मूंगा, कोदो, कुटकी की प्रसिद्धि का जिक्र करते हुए किसानों को उद्यानिकी फसलों का उत्पादन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की दुर्लभ वनस्पतियों के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की मदद के लिए हर कदम पर खड़ी है। अब तक सरकार किसानों को बिना ब्याज का ऋण साल में दो बार भरने की सुविधा दे रही थी। अब सरकार ने इसे साल में एक ही बार करने का निर्णय लिया है। अब किसान अपनी सुविधा अनुसार साल में कभी भी ऋण की राशि जमा कर सकेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल क्षेत्र में होम-स्टे भी बनाए जायेंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश के जनजातीय बहुल ग्रामों में होम-स्टे विकसित किये जायेंगे। होम-स्टे के लिये राज्य सरकार ने अनुदान की व्यवस्था भी की है, जिससे युवाओं को रोजगार एवं आय के नये अवसर मिलेंगे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार पर्यटन विभाग के माध्यम से होम-स्टे का संचालन भी करवाएगी, जिससे क्षेत्र के लोगों को अतिरिक्त आमदनी होगी। मुख्यमंत्री ने किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक कृषि को अधिक से अधिक अपनाने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, आधुनिक खेती के तौर-तरीकों और विभिन्न कृषि योजनाओं से संबंधित साहित्य का वितरण भी किया गया। महोत्सव के माध्यम से किसानों को कृषि के साथ पशुपालन, उद्यानिकी एवं अन्य गतिविधियों को अपनाकर आय के विविध स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    कार्यक्रम में एपेक्स बैंक के अध्यक्ष  महेन्द्र सिंह यादव, विधायक जय सिंह नगर विधानसभा क्षेत्र मती मनीषा सिंह, विधायक ब्यौहारी  शरद कोल, विधायक जैतपुर  जयसिंह मरावी, सीईओ जिला पंचायत  शिवम् प्रजापति, जयपाल सिंह चावड़ा, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  पंचूलाल प्रजापति, कप्तान सिंह,  ब्रजेश प्रताप सिंह,  सुरेश चतुर्वेदी, जिला योजना समिति की सदस्य मती अमिता चपरा,  संतोष लोहानी,  रविकांत त्रिपाठी,  भूपेंद्र मिश्रा, संयुक्त संचालक कृषि  के.एस. यादव, कृषि वैज्ञानिक  मृगेन्द सिंह, डॉ. बी.के. प्रजापति,  भानू प्रताप सिंह, सहित जिले के किसान, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • जबलपुर में स्वाइन फ्लू का खौफ, निजी अस्पतालों की वसूली पर सवाल; सभी 24 संदिग्ध निगेटिव

    जबलपुर में स्वाइन फ्लू का खौफ, निजी अस्पतालों की वसूली पर सवाल; सभी 24 संदिग्ध निगेटिव

    जबलपुर.

    जिले में सामान्य सर्दी, खांसी और फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे मरीजों को स्वाइन फ्लू का खौफ दिखाकर निजी अस्पतालों द्वारा मनमाने इलाज और अवैध वसूली की लगातार आ रही शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी के अनुसार जिले में स्वाइन फ्लू की आशंका पर करीब 24 संदिग्ध लोगों की पड़ताल कराई गई थी, जिनमें निजी नर्सिंग होम से रेफर होकर आए मरीज भी शामिल थे। विभाग ने इन सभी 24 व्यक्तियों के नमूने नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में भेजे थे, जहां जांच के बाद प्रत्येक व्यक्ति का परीक्षण पूरी तरह निगेटिव निकला। सीएमएचओ ने साफ कर दिया कि किसी भी निजी अस्पताल अथवा लैब को इस संक्रामक बीमारी की पुष्टि करने की कानूनी मान्यता नहीं है।