Category: मध्य प्रदेश

  • अमित शाह के दौरे से पहले पुलिस अलर्ट, PHQ में DGP ने ली तैयारियों की बैठक

    अमित शाह के दौरे से पहले पुलिस अलर्ट, PHQ में DGP ने ली तैयारियों की बैठक

    भोपाल
     केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित मध्य प्रदेश दौरे और तीन अक्टूबर से आयोजित होने वाली नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी की तैयारियों की डीजीपी कैलाश मकवाणा ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में समीक्षा की।

    बैठक में साइबर अपराध, कानून-व्यवस्था, आतंकवाद प्रतिरोध, माओवादी समस्या उन्मूलन, पुलिस आधुनिकीकरण और पड़ोसी राज्यों के साथ सुरक्षा समन्वय सहित पुलिसिंग के विभिन्न विषयों पर अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण दिए।

    अधिकारियों ने ई-जीरो एफआईआर, 1930 साइबर हेल्पलाइन, साइबर कमांडो प्रशिक्षण और सेफ क्लिक अभियान की जानकारी दी। सेफ क्लिक के माध्यम से 8.6 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाए जाने की जानकारी दी गई। ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, ई-समन, फॉरेंसिक सेवाओं और 57 मोबाइल फोरेंसिक वैन की जानकारी भी दी गई।

    विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव ने प्रदर्शनी की तैयारियों की जानकारी दी। इसमें अपराध घटित होने से नागरिक को न्याय मिलने तक की प्रक्रिया को पुलिस, एफएसएल, अभियोजन और जेल की भूमिका के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी करीब पांच दिन चलेगी और तीन अक्टूबर से आम नागरिकों के लिए शुरू होगी।

  • MP Weather: मानसून जल्द लेगा विदाई, सामान्य बारिश से सिर्फ 0.2% दूर; अब खिलेगी तेज धूप

    MP Weather: मानसून जल्द लेगा विदाई, सामान्य बारिश से सिर्फ 0.2% दूर; अब खिलेगी तेज धूप

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में मानसून अब आखिरी दौर में पहुंच गया है। प्रदेश में सीजन की कुल बारिश 37.7 इंच हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का 95.8 प्रतिशत है। सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अब सिर्फ 0.2 प्रतिशत पानी की जरूरत है। अगले तीन-चार दिन में कहीं हल्की बारिश भी होती है तो प्रदेश सामान्य बारिश की श्रेणी में पहुंच सकता है। इसी बीच मानसून की विदाई की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है। मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार, अगले चार दिन प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। सोमवार से बारिश की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप का असर दिखाई देने लगेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौसम साफ रहने के आसार हैं।

    मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई एक सप्ताह के अंदर होने लगेगी। मौसम केंद्र (IMD), भोपाल के मुताबिक- अगले 4 दिन प्रदेश के किसी भी जिले में अति भारी या भारी बारिश होने का अनुमान नहीं है। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप खिलेगी।

    रविवार तक प्रदेश में औसत 37.7 इंच बारिश हो गई, जो कोटे की 95.8 प्रतिशत है। 0.2% बारिश होने के बाद प्रदेश 'सामान्य बारिश' की कैटेगिरी में आएगा। 3 दिन में यदि कहीं हल्की बारिश भी हुई तो प्रदेश सामान्य बारिश की कैटेगिरी में आ सकता है।

    48 घंटे की तेज बारिश के बाद थमा दौर
    पिछले दिनों गहरे अवदाब के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में करीब 48 घंटे तक तेज बारिश हुई। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ा और बांधों के गेट खोलने पड़े। रविवार से मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने लगी, जिसके बाद भारी बारिश का दौर थम गया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई शहरों में रविवार को धूप-छांव की स्थिति रही। अब बारिश की गतिविधि कमजोर होने के साथ तापमान बढ़ने और धूप तेज होने की संभावना है।

    पूर्वी एमपी में बारिश का आंकड़ा बेहतर
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की औसत बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 20 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी हिस्से में स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

    इन जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
    अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    48 घंटे भारी बारिश, फिर कमजोर हुआ सिस्टम
    गहरे अवदाब की वजह से 48 घंटे तक प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अति भारी या भारी बारिश का दौर बना रहा। इस वजह से नदियां उफान पर आ गईं, जबकि कई डैम के गेट भी खुल गए।

    रविवार से सिस्टम कमजोर होने लगा और भारी बारिश का दौर थमा रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में धूप-छांव वाला मौसम रहा। सोमवार से सिस्टम की एक्टिविटी नहीं होने से कई जिलों में तीखी धूप खिलेगी।

    तीसरे दिन आधे से ज्यादा हिस्से में धूप खिलेगी। इसी बीच मानसून की विदाई भी शुरू होने का अनुमान है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 2% से 20% तक कम बारिश हुई है।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।

    इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में अबकी बार सामान्य की 100 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद कम है।

    जून की कमी पूरी नहीं हो पाई
    इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अब भी कुल आंकड़े में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के दो ब्रेक आए और कई दिनों तक बारिश गतिविधियां कमजोर रहीं। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश से कमी काफी हद तक कम हुई। सितंबर के आखिरी दौर में भी तेज बारिश हुई, लेकिन जून की पूरी कमी की भरपाई नहीं हो सकी। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश है। प्रदेश में सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है। अब मानसून की विदाई से पहले होने वाली हल्की बारिश ही प्रदेश को सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचा सकती है।

     

  • बुलडोजर एक्शन से पहले उज्जैन में हंगामा, पुलिस पर पथराव; आंसू गैस दागी

    बुलडोजर एक्शन से पहले उज्जैन में हंगामा, पुलिस पर पथराव; आंसू गैस दागी

    उज्जैन
    शाही मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों की भीड़ जमा हो गई है। इसके बाद एक बार फिर से बवाल बढ़ गया है। मुस्लिम समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी है। साथ ही पत्थर फेंकने लगे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस आंसू गैस के गोले दागे हैं। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती है।

    सुबह में जमा हुए मुस्लिम समाज के लोग
    उज्जैन में शांति के बाद भोर में मुस्लिम समाज के लोग घर लौट गए थे। कुछ देर पहले समाज के लोगों की भीड़ वहां फिर से जमा होने लगी। इसके बाद नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। लोगों को रोकने के लिए 500 मीटर के एरिया को बैरिकेड कर दिया गया था।

    सोमवार सुबह हुआ पथराव 
    उज्जैन में आज सुबह नगर निगम की कार्रवाई से पहले ही शाही मस्जिद हटाने का विरोध शुरू हो गया. अचानक से यहां पुलिसबल की तरफ पथराव शुरू हो गया. जिसके बाद पुलिस ने   उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं. कुछ देर तक पथराव के बाद पुलिस ने एक्शन तेज कर दिया और भीड़ को तितर-बितर किया गया. हालांकि मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है. लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के दौरान महिला टीआई पुष्पा पांचाल के हाथ में चोट लगी है। 

    उज्जैन के टंकी चौराहे पर भीड़ जमा हुई
    उज्जैन के टंकी चौराहे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी है. यही पर पत्थरबाजी हुई है. बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने विरोध के दौरान मस्जिद परिसर में जाने की कोशिश की है. जिन्हें पुलिस ने रोक दिया है. मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात है. स्थिति को नियंत्रण में रखने की लगातार कोशिश हो रही है. शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने उज्जैन के नाका नंबर-5 पर चक्का जाम किया है. यहां बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर बैठी हैं. जिसकी वजह से सुबह से उज्जैन शहर का ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ है. यहां भी पुलिसबल महिलाओं को हटाने में जुटी है। 

    उज्जैन में 2000 पुलिसकर्मी तैनात 
    कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उज्जैन शहर में करीब 2000 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. जिसमें RAF और STF के जवान भी शामिल हैं. शहर के काजी खलीकुर्रहमान  के साथ प्रशासन ने बातचीत की है। 

    उज्जैन में क्या शाही मस्जिद का यह मामला
    दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद जारी है. इसी क्रम में गोपाल मंदिर रोड पर प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का मामला सामने आया है. मस्जिद को चौड़ीकरण की कार्रवाई से प्रभावित किए जाने की आशंका के चलते मुस्लिम समाज ने विरोध दर्ज कराया है. इसको लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर हुई है. एकलपीठ से याचिका खारिज होने के बाद युगलपीठ में अपील की गई है. शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी. अब सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है. शाही मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम ने धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए प्रशासन से इसे बचाने की अपील की है. फिलहाल सोमवार सुबह कार्रवाई शुरू होने से पहले ही विवाद बढ़ता जा रहा है। 

    भीड़ ने शुरू कर दी पत्थरबाजी
    इसके बाद भीड़ ने नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन की टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी है। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोल दागे हैं। शाही मस्जिद के पास स्थिति को देखते हुए 2500 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही दूसरे जिलों से भी बल बुलाया गया है।

    पूरे शहर में अलर्ट जारी
    स्थिति को देखते पूरे शहर में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस बल हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। आंसू गैस के गोले से भीड़ को हटाया जा रहा है। एसपी समेत अन्य लोग वहां मौजूद हैं।

    क्यों हो रहा है विवाद
    सड़क चौड़ीकरण को लेकर उज्जैन शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा तोड़ा जाना है। इसे लेकर मुस्लिम समाज के लोग विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों के साथ पुलिस की मीटिंग हुई थी। रात में मामला सुलझ जाने के बाद सुबह में फिर से विवाद बढ़ गया है। इसके बाद प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने की कवायद शुरू कर दी है।

  • अशोक सिंघल की सेवाएं अविस्मरणीय, CM यादव ने किया स्मरण

    अशोक सिंघल की सेवाएं अविस्मरणीय, CM यादव ने किया स्मरण

    राष्ट्रसेवी स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं याद रखी जाएंगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्व. सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष आयोजन और परिषद के सामाजिक समरसता कार्यक्रम में राज्य सरकार करेगी सहयोग

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रसेवी, विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष नेता और सामाजिक समरसता, एकात्मकता की भावना सशक्त बनाने वाले स्व. अशोक सिंहल की सेवाएं सदैव याद रखी जाएंगी। मध्यप्रदेश सरकार विश्व हिंदू परिषद को स्व. सिंहल के जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजन और सामाजिक समरसता कार्यक्रम के लिए समुचित सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नए रविन्द्र भवन सभाकक्ष में परिषद के पुरोधा और राष्ट्रवादी विचारधारा के वरिष्ठ नेता स्व. अशोक सिंहल के जन्म शताब्दी समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. सिंहल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी राष्ट्रसेवा और सुशासन के लिए आशीर्वाद दिया था।  जब हमारा राष्ट्र विभिन्न सामाजिक विसंगतियों से जूझ रहा था और एक समरस वातावरण की आवश्यकता थी, तब स्व. अशोक सिंहल ने एकात्मकता के भाव को सशक्त बनाने के ठोस प्रयास किए। भारतीय संस्कृति, राष्ट्रनीति और जातिगत सद्भाव को बढ़ाने में राष्ट्र के नागरिकों ने भी पूरा सहयोग दिया। आज  धारा 370 की समाप्ति और आतंकवाद, नक्सलवाद की समाप्ति जैसे कार्य हुए हैं। देश में तीव्र विकास का वातावरण बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान की अवधारणा को जमीन पर उतारते हुए समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल की गई। इसमें सभी समुदायों का व्यापक समर्थन मिला है।

    गौशालाओं को सहयोग, उन्नत नस्ल की बछिया देंगे, मथुरा में भगवान कृष्ण मुस्कराएंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में घर-घर गोपाल का विचार लोकप्रिय हो रहा है। बड़ी गोशालाओं की स्थापना, शहरों में कांजी हाउस समाप्त कर देखभाल केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। वृद्ध गोवंश के लिए आहार की व्यवस्था की गई है। पंचायत स्तर तक गौपालक और गोवंश संरक्षण का कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष उन्नत नस्ल की देसी बछिया वितरित करने का लक्ष्य है। गिर नस्ल के पशुधन से दूध के उत्पादन को बढ़ाने में सफलता मिलेगी। किसानों और पशुपालकों को इस समृद्धि का लाभ मिलेगा।  अयोध्या में भगवान राम मुस्करा रहे हैं। आने वाले समय में मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण मुस्कराएंगे। प्रदेश में जन्माष्टमी और गोवर्धन जयंती जैसे तीज त्यौहार मिलजुल कर मनाए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम को रामप्रवेश देवाचार्य महाराज, गुफा मंदिर धाम, भोपाल और सुदेश शांडिल्य महाराज पीठाधीश्वर करुणाधाम आश्रम,विनायक राव देशपांडे, केंद्रीय सह संगठन महामंत्री,  चौधरी ओ.पी. गोदिया, राष्ट्रीय कार्यवाह अध्यक्ष, वाल्मीकि महासभा  और स्व. सिंहल के निकट सहयोगी परिषद के पूर्व पदाधिकारी और म.प्र. वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने संबोधित किया। कार्यक्रम में अशोक पांडे प्रान्त संघ संचालक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पूज्य बुद्ध भूषण भदंत, रानी कमलापति बुद्ध विहार, विधायक रामेश्वर शर्मा के अलावा भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठनों के पदाधिकारी और नागरिक मौजूद थे।

     

  • सिंहस्थ की राह आसान करने आगे आए CM यादव, पैतृक मकान पर खुद चलाई गेती

    सिंहस्थ की राह आसान करने आगे आए CM यादव, पैतृक मकान पर खुद चलाई गेती

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुद अपने पैतृक मकान पर गेती चलाकर सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए प्रस्तुत किया अद्वितीय उदाहरण

    उज्जैन में खजूर वाली मस्जिद से लेकर जीवाजीगंज थाने तक 32 फ़ीट चौड़ी होगी रोड
    उज्जैनवासियों ने अपना मकान खुद पीछे हटाकर दी अनुकरणीय मिसाल

    उज्जैन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन शहर के अब्दालपुरा क्षेत्र के के मूल निवासी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को अब्दालपुरा स्थित अपने पैतृक मकान में खुद गेती चलाकर सिंहस्थ 2028 के लिए शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य में एक अनूठी मिसाल कायम की है। अब्दालपुरा का मकान नं. 180 एक तरह से उज्जैन के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए हो रहे कार्यों की एक बड़ी मिसाल बनकर उभरा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार सुबह 10 बजे अब्दालपुरा पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना कर सड़क चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने खुद के पैतृक मकान पर गेती चलाई और सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए यह निजी मकान तोड़ने की शुरुआत की।

    हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बना अब्दालपुरा

    अब्दालपुरा उज्जैन शहर की बहुत पुरानी बस्ती है। यहां पर एक तरफ खजूर वाली मस्जिद है और दूसरे छोर पर जीवाजीगंज थाना है। इसके बीच के 272 मकानों में अधिकांश मकान हिंदू, मुसलमान और बोहरा समुदाय के हैं। यहां सड़क चौड़ीकरण में प्रत्येक समुदाय के लोग खुशी-खुशी इस अभियान से जुड़कर खुद ही अपना मकान तोड़ने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। उज्जैन शहर में हो रहे अनेक आवागमन मार्गों के चौड़ीकरण में यह मार्ग शहरवासियों को विकास में सहभागी बनने की प्रेरणा दे रहा है। यहां के कादर भाई कहते हैं कि सड़क चौड़ीकरण से उनकी सालों पुरानी इच्छा पूरी होने जा रही है। इस सड़क से वाहन निकलना मुश्किल था। अब आवागमन आसान होगा। वे कहते हैं कि इस इलाके में सभी मकानों की चौड़ाई चाहे कम-ज्यादा हो, लेकिन दिलों की गहराई काफी है। इस मार्ग के दोनों तरफ रहने वाले रहवासी सड़क चौड़ीकरण के लिए सहर्ष जगह देने को तैयार हैं। किसी को कोई आपत्ति नहीं है। हर व्यक्ति इस काम में अपनी सहभागिता कर रहा है। मुख्यमंत्री के निजी मकान के पड़ोसी पवन पांचाल कहते हैं कि यह चौड़ीकरण इस क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। सड़क चौड़ी होने के बाद यहां बनने वाले मकानों और दुकानों की वैल्यू बढ़ जाएगी और व्यापार-व्यवसाय भी बढ़ेगा, रोज़ का आवागमन तो सुगम होगा ही

    सड़क के दूसरी तरफ मुख्यमंत्री डॉ.यादव की बहन एवं नगर निगम उज्जैन की सभापति श्रीमती कलवाती यादव का मकान है। यह मकान भी सड़क चौड़ीकरण की ज़द में आ रहा है। इसी लाइन में दूध की दुकान चला रहे नरेन्द्र जैन कहते हैं कि सड़क चौड़ीकरण में मुख्यमंत्री और उनके परिवार का मकान भी टूटने से शहर में यह सन्देश जा रहा है कि यहां कोई खास नहीं है। आम हों या ख़ास, महाकाल की नगरी में सब बराबर हैं। सिंहस्थ के कामों में सभी सहभागी बन रहे हैं। सभी के मकान एक लाइन से और समान लंबाई में टूट रहे हैं। इसी गली में रहने वाले पूर्व पार्षद जगदीश पांचाल कहते हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित उज्जैन का सपना साकार कर रहे हैं। इससे न केवल उज्जैन की तस्वीर बदलेगी, बल्कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों लोगों के आवागमन और उनके अच्छे प्रवास की सुविधाएं विकसित होंगी।

    जनहित को समर्पित व्यक्तित्व

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के लिए जारी विकास एवं निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उज्जैन स्थित अपना पैतृक निवास एवं जन्म स्थान को जनहित के लिए समर्पित कर दिया। धर्मनगरी उज्जैन के विकास और लोक कल्याण के प्रति उनका यह समर्पण सेवा, संवेदनशीलता और जनहित के लिए व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के लोगों ने विकास कार्यों में सहभागी बनकर ख़ुद अपना मकान तोड़ने में सहयोग दिया, ये एक आदर्श उदाहरण है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, लेकिन सिंहस्थ में यहां 40 करोड़ से अधिक लोगों के आने की संभावना है। सिंहस्थ के लिए सबने बहुत योगदान दिया है। उन सभी का धन्यवाद, जिन्होंने बिना भेदभाव के, नि: संकोच सिंहस्थ आयोजन के लिए अपने देवस्थान (पूजा स्थल) तक पीछे कर लिए। यही उज्जैन के लोगों का आदर्श है, इसी से सरकार पर भरोसा बनता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ की तैयारी और नगर सौंदर्यीकरण के लिए उज्जैन के रहवासी स्वेच्छा से अपने पुश्तैनी घरों को तोड़कर सड़क चौड़ीकरण में प्रशासन की सहायता कर रहे हैं। उनका यह योगदान अभिनंदनीय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में रविवार की सुबह एक निजी न्यूज़ चैनल द्वारा राज्य स्तरीय मैराथन का आयोजन किया गया। सुबह की सैर और व्यायाम स्वस्थ शरीर के लिए महत्वपूर्ण है। बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में मैराथन दौड़ प्रेरणादायी कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मैराथन में सम्मिलित होने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि दशहरा मैदान में आयोजित मैराथन में सहभागिता की तथा झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ किया। प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया तथा नागरिकजनों को नियमित योग एवं व्यायाम को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा शरीर परमात्मा का अनमोल प्रसाद है, जिसमें जीवन के अनेक रहस्य समाहित हैं। योग और आत्मचिंतन के माध्यम से हम अपने शरीर और जीवन को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। महाकाल की नगरी उज्जैन में प्रत्येक श्वास हमें जीवन और परमात्मा की उपस्थिति का अहसास कराती है। जन्म और मृत्यु जीवन का शाश्वत सत्य हैं, इसलिए हमें स्वस्थ, सक्रिय और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लेना चाहिए। मैराथन में सहभागिता करने वाले सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी परमात्मा की कृपा से शिव और विष्णु तत्व के आधार पर सृष्टि के पिंड रूप में आए हैं। पेड़ों से हमें ऑक्सीजन मिलता है और हमसे कार्बन डाई ऑक्साइड लेता है, ये प्रकृति के साथ हमारे संबंध का हिस्सा है। हमें पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक रहना होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पितृपक्ष आरम्भ हो गये हैं, हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि अपने पितरों का आवाह्न कर उन सबके प्रति आत्मीय कृतज्ञता व्यक्त करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब मैं पहली बार साइंस कॉलेज से चुनाव जीतकर आया, तब जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव लड़ा, फिर प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा और उसके बाद भी जब-जब चुनाव लड़ा, हर चुनाव में मेरे सामने एक बात रही। आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए हमें अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दृष्टि से हम सबके समक्ष एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वे व्यक्तिगत हितों से नितान्त परे रहकर नियम, कानून और सुशासन के लिए आवश्यक सभी विषयों को विशेष प्राथमिकता देते हैं। उनके सार्वजनिक जीवन से हम सबको बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

     

  • बीजों की कोठरी में सहेजी है पीढ़ियों की खुशहाली, मझगवां के आदिवासी परिवारों ने बचाकर रखी देसी अनाज की विरासत

    बीजों की कोठरी में सहेजी है पीढ़ियों की खुशहाली, मझगवां के आदिवासी परिवारों ने बचाकर रखी देसी अनाज की विरासत

    भोपाल

    खुशियों की दास्तां

    शहडोल जिले के मझगवां गांव के सलैया टोला में रहने वाले आदिवासी परिवारों के लिए अनाज सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि उनकी पीढ़ियों की पहचान, परंपरा और खुशियों का आधार है। घर की कोठरियों में सहेजे गए छोटे-छोटे बीज उनके लिए किसी खजाने से कम नहीं हैं। इन्हीं बीजों से खेतों में फसल लहलहाती है, घर में अनाज आता है और पूरे परिवार की जरूरतें पूरी होती हैं।

    आज जब खेती में आधुनिक और हाइब्रिड किस्मों का चलन बढ़ रहा है, वहीं मझगवां के बैगा एवं भूमिया समाज के किसान अपनी पुरानी देसी किस्मों को आज भी संजोए हुए हैं। झोलार, बांसपोर, ठर्री, सरैय्या, गुरमटिया, करन फूल और भेजरी जैसी पारंपरिक धान की किस्में यहां के खेतों में आज भी दिखाई देती हैं। इसी तरह लेदरी कोदो, बासिन कोदो, कोदैली कोदो, बेमेरहा कुटकी, जाली कुटकी, छोटाही कुटकी, भदैली कुटकी, कागुन, समा और मिलो जैसे श्री अन्न भी यहां की खेती और भोजन का हिस्सा हैं।

    भोल्ली सिंह के लिए बीज ही असली पूंजी

    मझगवां के किसान भोल्ली सिंह ने अपने खेतों में कई पारंपरिक फसलों को बचाकर रखा है। उनके खेत में झोलार धान, बांसपोर, सरैय्या, गुरमटिया, करन फूल और भेजरी जैसी देसी धान की किस्में हैं। साथ ही कोदो, मक्का, मिलो, कागुन, कुटकी, लेदरी कोदो और बासिन कोदो भी उगाए जाते हैं।

    भोल्ली सिंह के लिए इन फसलों की खुशी सिर्फ अच्छी पैदावार तक सीमित नहीं है। जब खेत से अनाज घर आता है और परिवार के भोजन में शामिल होता है, तो उन्हें अपनी मेहनत सफल होने का एहसास होता है। वे बताते हैं कि मोटा अनाज उनके रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा है। उनका कहना है कि 60 वर्ष से अधिक उम्र में भी वे 20 से 25 किलोमीटर तक साइकिल चला लेते हैं और पारंपरिक भोजन को अपनी तंदुरुस्ती से जोड़कर देखते हैं।

    बिरमतिया बैगा के लिए देसी बीज, अपनी पहचान और अपनी परंपरा

    मझगवां के सलैया टोला की बिरमतिया बैगा ने भी अपने खेतों में पारंपरिक अनाज और धान की कई किस्मों को सुरक्षित रखा है। उनके खेत में समा, कुटकी, सिकिया, काकुन, सरैय्या और ठर्री धान जैसी फसलें उगाई जाती हैं। अलग-अलग मौसम में इन फसलों की खेती करना और उनसे प्राप्त अनाज को सुरक्षित रखना उनके परिवार की पुरानी परंपरा का हिस्सा है।

    बिरमतिया बैगा के लिए खेत में उगने वाला हर अनाज केवल फसल नहीं है। उसके साथ उनके परिवार की यादें, पुरखों की खेती की पद्धति और वर्षों से चली आ रही खाद्य परंपरा जुड़ी हुई है। वे पुराने बीजों को संभालकर रखती हैं, ताकि अगली फसल के समय इन्हीं बीजों से फिर खेती की जा सके। इस तरह एक मौसम की फसल अगले मौसम के लिए बीज बन जाती है और पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा आगे बढ़ती रहती है।

    वे बताती हैं कि घर में सुरक्षित रखा अनाज परिवार के भोजन में उपयोग होता है। खेत से निकला अपना धान और मोटा अनाज जब घर की रसोई तक पहुंचता है तो उसमें मेहनत के साथ अपनेपन का एहसास भी जुड़ा होता है। समा, कुटकी, सिकिया और काकुन जैसे अनाज उनके भोजन का हिस्सा हैं, वहीं सरैय्या और ठर्री जैसे पारंपरिक धान की किस्में उनकी खेती की विविधता को बनाए रखती हैं।

    बिरमतिया के लिए पुराने बीजों को बचाकर रखना अपनी परंपरा को बचाकर रखने जैसा है। उनका मानना है कि इन बीजों की पहचान गांव के खेतों और परिवारों से जुड़ी है। इसलिए उन्हें सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि आने वाले समय में भी इन पारंपरिक फसलों की खेती होती रहे और नई पीढ़ी इन अनाजों के बारे में जान सके। उनके घर में रखे बीजों की यह छोटी-सी दुनिया इस बात की गवाही देती है कि मझगवां के आदिवासी परिवारों ने आधुनिक खेती के दौर में भी अपनी पारंपरिक फसलों के लिए जगह बनाए रखी है। बिरमतिया के लिए इन बीजों की सबसे बड़ी खुशी यही है कि वे आज भी खेत में बोए जाते हैं, फसल बनकर घर आते हैं और परिवार के भोजन का हिस्सा बनते हैं।

    धनवतिया बैगा ने संभाल रखी है बीजों की विरासत

    धनवतिया बैगा भी देसी अनाज की खेती और बीज संरक्षण से जुड़ी हैं। उनके खेत में झुंझरु, पैलहाई, बरबट्टी, मक्का, कोदो, कुटकी, कागुन, भदैला कुटकी और सऊटहा कुटकी जैसी फसलें हैं। जब उनसे इन फसलों के बीजों के बारे में पूछा जाता है तो उनका सहज जवाब होता है कि बीज मिल जाएंगे और जो यहां न मिलें, वे आसपास के पहाड़ी गांवों में मिल जाएंगे। यह जवाब बताता है कि यहां बीजों का संरक्षण केवल एक परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि गांव और आसपास के समुदाय की साझा परंपरा है।

    सालभर का अनाज, सालभर की निश्चिंतता

    इन परिवारों की खुशियों का एक बड़ा कारण उनकी खाद्य आत्मनिर्भरता भी है। वे खेतों में उगाए गए अलग-अलग अनाज को घर में सुरक्षित रखते हैं और सालभर उसका उपयोग करते हैं। धान की देसी किस्म हो या कोदो-कुटकी, कागुन या समा—इनका उपयोग परिवार के भोजन में होता है। फसल घर आने के बाद कोठरी में अनाज का सुरक्षित होना इन परिवारों के लिए आने वाले दिनों की निश्चिंतता भी है। मेहनत से उगाया अपना अनाज, अपने घर का भोजन और अपने ही सुरक्षित किए बीज—यही उनकी खुशहाल जिंदगी की सरल कहानी है।

    पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को आगे बढ़ा रहे किसान

    कृषि वैज्ञानिक डॉ. बी.के. प्रजापति के अनुसार मझगवां क्षेत्र के बैगा और भूमिया समाज के किसान प्राचीन काल से मोटे अनाज और पारंपरिक फसलों की खेती करते आ रहे हैं। इन किसानों ने कई पुरानी किस्मों के बीजों को आज भी सुरक्षित रखा है।

    मझगवां के किसानों की यह पहल केवल खेती नहीं, बल्कि पारंपरिक कृषि ज्ञान और जैव विविधता को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है। उनके घरों की कोठरियों में रखे ये बीज आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक ऐसी विरासत हैं, जिसे उन्होंने मेहनत, विश्वास और अपनी परंपरा से संभालकर रखा है।

     

  • राज्य स्तरीय विज्ञान मेले में एमपी ट्रांसको के स्टॉल को द्वितीय पुरस्कार

    राज्य स्तरीय विज्ञान मेले में एमपी ट्रांसको के स्टॉल को द्वितीय पुरस्कार

    भोपाल 

    बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल में 22 से 26 सितंबर 2026 तक आयोजित 13 वे राज्य स्तरीय भोपाल विज्ञान मेले में ऊर्जा विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के स्टॉल को सरकारी क्षेत्र की श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। ट्रांसमिशन प्रणाली से संबंधित विविध तकनीकी मॉडलों, आधुनिक संचार एवं निगरानी व्यवस्थाओं तथा जानकारीपरक प्रदर्शनों के कारण एमपी ट्रांसको का स्टॉल मेले के दौरान आगंतुकों और विद्यार्थियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा।

    आधुनिक तकनीकों और मॉडलों का हुआ प्रदर्शन

    स्टॉल पर ट्रांसमिशन लाइनों के मॉडल के साथ गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन (जीआईएस), एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (एआईएस), ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, ओपीजीडब्ल्यू संचार प्रणाली, एसएलडीसी एवं स्काडा डिस्प्ले, रिमोट वीडियो सर्विलांस व्यवस्था, आयसोलेटर के रिमोट संचालन, फॉल्ट लोकेटर, भूमिगत केबल प्रणाली, पाइल फाउंडेशन, स्कैफोल्डिंग तथा आपातकालीन बहाली प्रणाली (ईआरएस) के मॉडल प्रदर्शित किए गए। चालू ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस में उपयोग किए जाने वाले हॉट सूट मॉडल ने भी आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

    इन अधिकारियो ने प्राप्त किया एम पी ट्रांसको की तरफ से पुरस्कार

    एमपी ट्रांसको की ओर से भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रदीप सिंह राघव एवं राजेश शांडिल्य, अधीक्षण अभियंता सुधीर नेमा सहित अन्य अधिकारियों ने पुरस्कार प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि विज्ञान मेले में एनटीपीसी, भारत पेट्रोलियम की मध्यप्रदेश इकाई सहित विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने भी भाग लिया था।

  • ऐसा प्रधान सेवक आपने कहां देखा होगा, जो बिना छुट्टी लिए 25 वर्षों से लगातार राष्ट्रसेवा में जुटा है” — राज्यमंत्री  पंवार

    ऐसा प्रधान सेवक आपने कहां देखा होगा, जो बिना छुट्टी लिए 25 वर्षों से लगातार राष्ट्रसेवा में जुटा है” — राज्यमंत्री पंवार

    भोपाल

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वाराणसी से वडनगर तक निकाली जा रही सेवा यात्रा का ब्यावरा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। यात्रा भोपाल बायपास स्थित अखंड परमधाम आश्रम से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए गुना नाका पर भारत माता की आरती के साथ संपन्न हुई।

    इस दौरान मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग राज्यमंत्री  नारायण सिंह पंवार ने यात्रा का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का अवसर है कि प्रधानमंत्री  मोदी का संदेश लेकर यात्री ब्यावरा पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस से प्रारंभ हुआ सेवा संकल्प अभियान समाज में सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को मजबूत कर रहा है।

    राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि “ऐसा प्रधान सेवक आपने कहां देखा होगा, जो बिना छुट्टी लिए लगातार 25 वर्षों से राष्ट्रसेवा में जुटा हुआ है। प्रधानमंत्री  मोदी आज देश ही नहीं, बल्कि विश्वभर में अपनी कार्यशैली, नेतृत्व और जनसेवा के लिए व्यापक रूप से लोकप्रिय हैं। अनेक देशों द्वारा उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित किया जाना उनके वैश्विक स्तर पर स्थापित सम्मान और संबंधों को दर्शाता है।”

    राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से देश के करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

    राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि यात्रा में शामिल साथी प्रधानमंत्री के संदेश को लेकर गांव-गांव और शहर-शहर पहुंच रहे हैं तथा स्वच्छता, पौधारोपण एवं जनसेवा के माध्यम से सेवा की भावना को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने यात्रा में शामिल सभी सदस्यों का ब्यावरा पहुंचने पर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

    कार्यक्रम के दौरान शासन की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। मती निर्मला शर्मा ने प्रधानमंत्री  मोदी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने से उनका स्वयं का पक्का घर बनने का सपना साकार हो रहा है। वहीं  कमलेश सैनी ने प्रधानमंत्री की योजनाओं से अपने जीवन में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्हें रोजगार का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।

     

  • क्षमावाणी आत्मचिंतन, संवाद और अहंकार पर विजय प्राप्त करने का अनुपम पर्व : राज्यमंत्री  गौर

    क्षमावाणी आत्मचिंतन, संवाद और अहंकार पर विजय प्राप्त करने का अनुपम पर्व : राज्यमंत्री गौर

    भोपाल

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि क्षमावाणी केवल क्षमा याचना और क्षमा दान तक सीमित नहीं, बल्कि यह आत्मचिंतन, जीवन में जीवंत संवाद को अंगीकार करने, अहंकार पर विजय प्राप्त करने का अनुपम पर्व है। क्षमा का आचरण, संवाद की निरंतरता और अहंकार का विसर्जन ही वास्तव में मनुष्यता की सच्ची वीरता है। ऐसे सात्विक कार्य मनुष्य को आत्मसंतुष्टि प्रदान करने के साथ समाज में सकारात्मकता का संचार करते हैं। राज्यमंत्री  गौर रविवार को भोपाल के साकेत नगर स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित क्षमावाणी महोत्सव को संबोधित कर रही थीं।

     गौर ने भारतीय संस्कृति की समावेशी चेतना का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति मूलतः जोड़ने की संस्कृति है। हमारी युगों पुरानी परंपराएं एवं धार्मिक पर्व समाज में परस्पर प्रेम, सौहार्द और भ्रातृभाव की जड़ों को सींचकर मजबूत करते हैं। जैन दर्शन के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जैन चिंतन ने सदैव जनमानस को अनुप्राणित किया है। यह दर्शन आत्मा की असीम विशालता तथा मानव जीवन में संयम, करुणा एवं सद्भाव के अपरिहार्य महत्व का प्रत्यक्ष बोध कराता है।

    राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि क्षमावाणी के इस पावन संदेश को केवल व्यक्तिगत आचरण तक सीमित न रखकर सामाजिक जीवन के प्रत्येक आयाम में आत्मसात करने की महती आवश्यकता है। अंतःकरण में निहित प्रेम, करुणा और क्षमा के संवर्धन से ही समाज में पारस्परिक विश्वास, बंधुत्व और सामाजिक समरसता को और अधिक सुदृढ़ एवं अटूट बनाया जा सकता है।

    महोत्सव के अवसर पर राज्यमंत्री  गौर ने जैन समाज के प्रबुद्धजनों एवं श्रद्धालुओं को क्षमावाणी पर्व की बधाई व शुभकामनाएं भी दीं।

  • रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, भोपाल से स्कूल शिक्षा विभाग की अपर परियोजना संचालक नंदा भिलावे कुशरे ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया

    रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, भोपाल से स्कूल शिक्षा विभाग की अपर परियोजना संचालक नंदा भिलावे कुशरे ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया

    भोपाल 

    प्रदेश के शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की पढ़ाई के साथ प्रत्यक्ष अनुभवों से जोड़ने की दिशा में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। गणित एवं विज्ञान ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए अहमदाबाद का शैक्षणिक भ्रमण कराया जा रहा है। रविवार को भोपाल से तीन दिवसीय अहमदाबाद शैक्षणिक भ्रमण के लिए 630 सदस्यीय दल रवाना हुआ।

    रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, भोपाल से स्कूल शिक्षा विभाग की अपर परियोजना संचालक नंदा भिलावे कुशरे ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को अहमदाबाद के लिए रवाना किया। इस अवसर पर IRCTC क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल के क्षेत्रीय प्रबंधक  राजेंद्र बोरबन भी उपस्थित रहे।

    दल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 520 विद्यार्थी, 104 शिक्षक एवं स्कूल शिक्षा विभाग के 6 नियंत्रण अधिकारी शामिल हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित गणित एवं विज्ञान ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। ओलंपियाड में प्रदेश के लगभग 65 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की थी।

    विज्ञान और नवाचार को करीब से समझेंगे विद्यार्थी

    भ्रमण के दौरान विद्यार्थी अहमदाबाद के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों, विज्ञान केंद्र, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान उन्हें वैज्ञानिक गतिविधियों, शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली और देश की विविध उपलब्धियों को प्रत्यक्ष रूप से जानने और समझने का अवसर मिलेगा।

    स्कूल शिक्षा विभाग का यह प्रयास विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर देखकर, समझकर और अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान कर उनके ज्ञान, जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को और समृद्ध करेगा।