Category: मध्य प्रदेश

  • पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही मिलेगा विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ

    पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही मिलेगा विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेशव्यापी ‘सेवा सेतु अभियान–सरकार आपके द्वार’ की तैयारियों एवं गतिविधियों की समीक्षा की। यह अभियान प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ का महत्वपूर्ण घटक है। अभियान के तहत 3 अक्टूबर को विकासखंड स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य शासकीय सेवाओं को नागरिकों के और अधिक निकट पहुंचाना है, जिससे आमजन को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिविरों में पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ एवं आवश्यक सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

    शिविरों में राजस्व विभाग की सेवाओं के साथ विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। इनमें स्वामित्व योजना, फार्मर आईडी, अविवादित नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन, आय एवं स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत, पीएम स्वनिधि, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, संबल, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, महिला एवं बाल विकास की योजनाएं तथा स्वरोजगार एवं कौशल विकास से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।

    स्वास्थ्य शिविर और योजनाओं की जानकारी पर केंद्रित प्रदर्शनी

    प्रत्येक सेवा सेतु शिविर में अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिससे नागरिकों को योजनाओं की जानकारी और पात्रता संबंधी जानकारी एक ही स्थान पर प्राप्त हो सके।

    हितग्राहियों के पंजीयन और विभागीय समन्वय पर जोर

    शिविरों में आने वाले हितग्राहियों के पंजीयन के लिए पृथक स्टॉल की व्यवस्था की जाएगी। संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की शिविर स्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। पूर्व से योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हितग्राहियों के साथ शेष पात्र हितग्राहियों को भी चिन्हित कर शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप लाभ प्रदान किया जाएगा। अभियान के दौरान प्राप्त शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    ग्रामीण क्षेत्रों में विकासखंड स्तर पर तथा नगरीय क्षेत्रों में नगर निगम के जोन एवं नगर पालिका/नगर परिषद स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों के लिए सार्वजनिक एवं सुगम स्थानों का चयन किया जाएगा, जहां नागरिकों के लिए पर्याप्त स्थान, पेयजल, छाया एवं आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो। बैठक में अध्यक्ष अपेक्स बैंक  महेंद्र सिंह यादव, अध्यक्ष नगर आपूर्ति निगम डॉ. के.पी. यादव, पूर्व सांसद भोपाल  आलोक संजर, उपाध्यक्ष विंध्य विकास प्राधिकरण  संजय कुमार तीर्थवानी सहित अपर मुख्य सचिव मती दीपाली रस्तोगी,  ई. रमेश कुमार तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • सेवा ज्योति कलश कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करें  सभी विभाग अभियान चलाकर करें अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण

    सेवा ज्योति कलश कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करें सभी विभाग अभियान चलाकर करें अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पहले 21 साल बाद सुगम बस के रूप में सरकारी बस सेवा प्रारम्भ हुई। अब 21 साल बाद भोपाल के मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट जारी किया गया। यह मास्टर प्लान भोपाल को वर्ष 2047 में विकसित और हरित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से अनुरोध है कि वे मास्टर प्लान के प्रारूप पर अपने दावे-आपत्ति और सुझाव देने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे।

    उज्जैन में धार्मिक पर्यटन के लिए बस सेवा का संचालन आरंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म जयंती और अनंत चतुर्दशी के अवसर पर सुगम परिवहन सेवा के रूप में प्रदेश में एक बार फिर सरकारी बसें शहर-शहर और गांव-गांव तक सड़कों पर दौड़ने लगी है। सुगम परिवहन शहर के अंदर चलने वाली ई-बसें, जिले के अंदर चलने वाली बसें, एक से दूसरे जिले को जोड़ने वाली बसें और अन्य राज्यों को जाने वाली बस सेवाएं प्रदेशवासियों को उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में धार्मिक पर्यटन के लिए बस सेवा का संचालन आरंभ किया गया है।

    मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को मिली वैश्विक पहचान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाओं को यूनेस्को की अस्थाई लिस्ट में शामिल किए जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत की कुल 78 अस्थायी धरोहरों में से 19 मध्यप्रदेश में होना बड़े गौरव की बात है। इससे मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई वैश्विक पहचान मिली है।

    सेवा संकल्प अभियान-2026

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के संदर्भ में आरंभ सेवा-संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में लगभग 3 करोड़ 88 लाख दीये सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में प्रज्ज्वलित किये गये। प्रदेश में 650 से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित हुए, जिनमें लगभग 11 हजार यूनिट रक्त एकत्र हुआ। भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता में 87 हजार से अधिक स्कूल-कॉलेजों के 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। आंगन मिलन कार्यक्रम अब तक 43 हजार से अधिक आंगनवाडियों में आयोजित हो चुका है, जिनमें 17 लाख से अधिक माताओं और बच्चों ने भाग लिया हैं। नमो – सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 484 नुक्कड़ टोलियों द्वारा 3000 से अधिक प्रस्तुतियां दी गईं। वड़नगर से वाराणसी यात्रा में अब तक 1000 ग्राम और 190 नगरीय क्षेत्रों में 725 सभाएं आयोजित हुई हैं। सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के अंतर्गत 25 सेवा गतिविधियों में 9 लाख से अधिक नागरिकों एवं 10 हजार से अधिक संस्थाओं ने भाग लिया। सेवा की कहानी कार्यक्रम के अंतर्गत 5 लाख से अधिक प्रेरक कहानियां और आभार संदेश रिकार्ड हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 7 अक्टूबर को आयोजित होने वाले सेवा ज्योति कलश कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।

    हाइड्रोजन ट्रेन के बाद अब लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) ट्रेन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच प्रारंभ की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा गुजरात के साबरमती से मेहसाणा तक देश की पहली लिक्विड नेचुरल गैस से चलने वाली ट्रेन को हरी झण्डी दिखाई गई है। यह ट्रेन एलएनजी और डीजल दोनों से चल सकती है। इससे एक तरफ ईंधन की लागत में कमी आएगी तो दूसरी ओर प्रदूषण भी कम होगा।

    एशियन गेम्स-2026

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशियन गेम्स-2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। कबड्डी में महिला और पुरूष दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। महिला क्रिकेट टीम को स्वर्ण पदक मिला है। इस खेल में सुश्री क्रांति गौड़ ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। शूटिंग में खरगौन के ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर एवं भोपाल की आशी चौकसे ने भारत को रजक पदक दिलाया। देवास के श्री जय मीणा ने एशियाई खेलों में सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक जीता है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली सुश्री नीरू ढांडा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

    स्कूल शिक्षा विभाग में 900 से अधिक अनुकम्पा नियुक्ति आदेश जारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में एक साथ 900 से अधिक अनुकम्पा नियुक्ति आदेश जारी कर दिये गये हैं। इनमें 600 से अधिक लिपिकीय पद और 200 से अधिक भृत्य के पद हैं। इस अभियान से, ऐसे शिक्षक जिनका सेवा में रहते हुए निधन हो गया था, उनके परिजन अनुकम्पा नियुक्ति के लिये बरसों से इन्तजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवेदनशील पहल के लिये स्कूल शिक्षा विभाग की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी प्रकार की कार्यवाही अन्य सभी विभागों में करने के निर्देश दिए।

    बैहर बालाघाट में बीता था मुश्ताक खान का बचपन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिन्दी फिल्मों के चर्चित अभिनेता और हास्य कलाकार श्री मुश्ताक खान के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बैहर और बालाघाट में उनका बचपन बीता, शिक्षा-दीक्षा हुई। एक छोटी सी जगह से निकलकर अपनी प्रतिभा के बल पर उन्होंने अभिनय की दुनिया में एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने लगभग 500 फिल्मों में काम किया है।

     

  • सतपुड़ा की यूनिट-11 ने लगातार 150 दिन बिजली उत्पादन का बनाया कीर्तिमान : ऊर्जा मंत्री  तोमर

    सतपुड़ा की यूनिट-11 ने लगातार 150 दिन बिजली उत्पादन का बनाया कीर्तिमान : ऊर्जा मंत्री तोमर

    भोपाल 

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी की 250 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट क्रमांक-11 ने लगातार 150 दिनों तक निर्बाध विद्युत उत्पादन कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी के पूरे स्टाफ को बधाई दी है।

    यूनिट-11 ने 2 मई 2026 से लगातार संचालन के दौरान 100.01 प्रतिशत प्लांट उपलब्धता कारक (Plant Availability Factor), 89.58 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (Plant Load Factor) और 8.29 प्रतिशत सहायक विद्युत खपत (APC) दर्ज किए। यह प्रदर्शन यूनिट की ऑपरेशन दक्षता और मेंटेनेंस व्यवस्था की निरंतरता को दर्शाता है।

    100 दिन के बाद अब 150 दिन लगातार संचालन

    यूनिट-11 ने इसी वित्तीय वर्ष में 12 अगस्त को लगातार 100 दिनों तक निर्बाध संचालन का कीर्तिमान बनाया था। इसके बाद भी यूनिट का संचालन लगातार जारी रहा और अब उसने 150 दिन पूरे कर लिए हैं। इस दौरान यूनिट ने लगातार विद्युत उत्पादन करते हुए अपनी विश्वसनीयता और संचालन क्षमता का प्रदर्शन किया।

    पांच वर्षों से लगातार बेहतर प्रदर्शन

    सतपुड़ा की यूनिट-11 पिछले पांच वर्षों से लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। यूनिट ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 235 दिन, 2024-25 में 138 दिन और 2025-26 में 201 दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन किया। लगातार तीन वित्तीय वर्षों में लंबे समय तक निर्बाध संचालन के बाद वर्तमान वित्तीय वर्ष में 150 दिन का आंकड़ा पार करना यूनिट के निरंतर प्रदर्शन की श्रृंखला को आगे बढ़ाता है।

    यूनिट-11 के इस प्रदर्शन पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के मुख्य अभियंता एस.के. लिल्होरे सहित पूरी टीम को प्रशंसा पत्र दिया है। उन्होंने टीम के समर्पण, कठिन परिश्रम और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की।

  • विगत पांच दिनों में विभिन्न जिलों में 3 करोड़ 91 लाख रुपये से अधिक कीमत के अवैध मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्‍त

    विगत पांच दिनों में विभिन्न जिलों में 3 करोड़ 91 लाख रुपये से अधिक कीमत के अवैध मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्‍त

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन एवं अवैध खेती के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत पांच दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में की गई कार्रवाई में स्मैक, डोडाचूरा, गांजा, एमडी ड्रग्स एवं ब्राउन शुगर सहित 3 करोड़ 91 लाख रुपये से अधिक कीमत के अवैध मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्‍त की हैं। इन कार्रवाइयों में खरगोन पुलिस द्वारा ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत की गई कार्रवाई विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

    खरगोन—दुर्गम एवं नो-नेटवर्क क्षेत्र में ऑपरेशन ‘प्रहार’, करीब 3 करोड़ रुपये की गांजा फसल पर बड़ी कार्रवाई

    खरगोन पुलिस ने ऑपरेशन ‘प्रहार’के तहत अवैध गांजे की खेती के विरुद्ध जिले की अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम जामली एवं ग्राम गुवाड़ा ठाटा फलिया में दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। दोनों स्थानशेडो एरिया (नो-मोबाइल-नेटवर्क जोन)में स्थित थे। पुलिस टीमों ने ड्रोन की मदद से खेतों की सर्चिंग की तथा नदी, पहाड़ी एवं दुर्गम रास्तों से होकर खेतों तक पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

    ग्राम जामली से पुलिस ने 9,391 गांजे के पौधे, 3,765 किलोग्राम वजन, कीमत 1 करोड़ 88 लाख 25 हजार रुपयेतथा ग्राम गुवाड़ा ठाटा फलिया से 5,800 गांजे के पौधे, 2,209 किलोग्राम वजन, कीमत 1 करोड़ 10 लाख 45 हजार रुपयेके जब्त किए। इस प्रकार दोनों स्थानों से कुल 15,191 गांजे के पौधे, 5,974 किलोग्राम (59.74 क्विंटल) वजन एवं लगभग 2 करोड़ 98 लाख 70 हजार रुपये कीमतके गांजे के पौधे जब्त किए गए। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए हैं।

     मंदसौर

    मंदसौर थाना दलौदा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर 40 ग्राम अवैध स्मैक कीमत 4 लाख एवं 1.5 किलोग्राम डोडाचूरा कीमत 3 हजार सहित हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल कीमत 70 हजार एवं एंड्रॉयड मोबाइल कीमत 15 हजार जब्त किया। थाना भानपुरा पुलिस ने ग्राम धनकपुरा में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर मक्का के कट्टों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा 481 किलोग्राम 592 ग्राम डोडाचूरा कीमत 10 लाख रुपये तथा 30 लाख कीमत का टाटा ट्रक जब्त किया है । इसी थाना क्षेत्र में दूसरी कार्रवाई में 120 ग्राम एमडी ड्रग्स कीमत 12 लाख रुपये, 4 किलो 700 ग्राम डोडाचूरा कीमत 9 हजार 400 रुपये, हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल कीमत 70 हजार एवं एंड्रॉयड मोबाइल कीमत 15 हजार जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं थाना गरोठ पुलिस ने बिना नंबर के पावरट्रेक ट्रैक्टर-ट्रॉली से 221 किलोग्राम डोडाचूरा कीमत 4 लाख 42 हजार  रुपये बरामद कर एक विधि-विरुद्ध बालक को पुलिस अभिरक्षा में लिया। कार्रवाई में ट्रैक्टर-ट्रॉली कीमत 8 लाख रुपये एवं दो मोबाइल फोन कीमत 20 हजार भी जब्त किए गए। मंदसौर जिले की इन सभी कार्रवाइयों में कुल 70 लाख 44 हजार 400 कीमत के अवैध मादक पदार्थ एवं सपंत्ति जब्‍त की है।

    इंदौर

    इंदौर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए थाना लसूड़िया पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 65 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसकी अनुमानित कीमत 6 लाख 50 रुपये  है। थाना छत्रीपुरा पुलिस ने गंगवाल बस स्टैंड क्षेत्र में चेकिंग के दौरान 12 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर, कीमत लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये, बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया। वहीं इंदौर क्राइम ब्रांच ने चेकिंग के दौरान 12 ग्राम ब्राउन शुगर सहित एक बाइक जिसकी कीमत 1 लाख 70 हजार रुपये है जब्‍त की है । इन कार्रवाइयों में कुल 9 लाख 40 हजार रुपये के मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्‍त की है।

    नरसिंहपुर

    नरसिंहपुर पुलिस द्वारा अवैध स्मैक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 60.04 ग्राम अवैध स्मैक, अनुमानित कीमत 6 लाख रुपये, बरामद की गई। कार्रवाई में स्मैक तस्करी में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा तस्करी में प्रयुक्त काले रंग की मोटरसाइकिल, अनुमानित कीमत 2 लाख रुपये, भी जब्त की गई। इस प्रकार कुल लगभग 8 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है।

     ग्वालियर

    ग्वालियर पुलिस द्वारा डबरा सिटी थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 13 किलो 128 ग्राम अवैध गांजा, कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये, बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा गांजा उड़ीसा से लाकर डबरा में बेचने की बात सामने आई।

    पन्ना

    पन्ना पुलिस द्वारा थाना गुनौर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 3.048 किलोग्राम अवैध गांजा अनुमानित कीमत 60 हजार रुपये बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं थाना कोतवाली क्षेत्र में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 किलो 120 ग्राम अवैध गांजा एवं मोटरसाइकिल सहित कुल 86 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। दोनों कार्यवाहियों में कुल 1 लाख 46 हजार रुपये के मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्‍त की है।

    दमोह

    दमोह पुलिस द्वारा थाना तेजगढ़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 4 किलो 140 ग्राम अवैध गांजा, अनुमानित कीमत 1 लाख रुपये, बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।

    शिवपुरी

    शिवपुरी पुलिस द्वारा थाना बैराड़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी के कब्जे से 1 किलो 138ग्राम अवैध गांजा एवं 3 हजार 730 रुपये नगद सहित कुल 23 हजार 730 रुपये का संपत्ति  बरामद की है। वहीं थाना कोलारस पुलिस ने ग्राम सरजापुर में आरोपी के बाड़े से लगभग 40 किलोग्राम वजन के 9 हरे गांजे के पौधे जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। दोनों कार्रवाइयों में कुल 63 ह‍जार 730 रुपये की संपत्ति जब्‍त की है।

    मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन एवं अवैध खेती के विरुद्ध लगातार कार्यवाही जारी है। 

  • 100 से ज्यादा ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा, 11 करोड़ की ठगी

    100 से ज्यादा ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा, 11 करोड़ की ठगी

    मंदसौर.

    मंदसौर जिले की शामगढ़ पुलिस ने देश के अलग-अलग कोनों में बैठकर ठगी का व्यवसाय करने वाले गिरोह को पकड़ा है।

    एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि मुख्य सरगना सहित 6 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की ठगी कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस गिरोह के तार जुड़े हैं। 100 से अधिक साइबर ठगी कर चुका है गिरोह।

    देशभर में फैला गिरोह का नेटवर्क
    पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से अन्य मामलों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगों का गिरोह का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ था। ये लोग देश के अलग-अलग कोनों में बैठकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे।

  • रीवा में तस्कर का पुलिस कस्टडी से फरार होने का सनसनीखेज मामला

    रीवा में तस्कर का पुलिस कस्टडी से फरार होने का सनसनीखेज मामला

    रीवा.

    ओडिशा पुलिस की कस्टडी से रीवा लाया जा रहा कुख्यात गांजा तस्कर आदित्य मिश्रा मंगलवार दोपहर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र स्थित छूहिया घाटी में तीन गाड़ियों से आए बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेरकर कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया और आरोपित को छुड़ाकर ले गए।

    दिनदहाड़े हुई इस घटना से सीधी और रीवा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, गांजा तस्करी के मामले में ओडिशा पुलिस की हिरासत में बंद आदित्य मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर रीवा लाया जा रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस का वाहन जैसे ही छूहिया घाटी के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने तीन गाड़ियों से उसे घेर लिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया, जिससे वे कुछ देर के लिए अचेत हो गए। इसी दौरान बदमाश आदित्य मिश्रा को लेकर फरार हो गए। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

    घाटी और आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान
    घटना की सूचना मिलते ही सीधी और रीवा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सीधी एसपी और रामपुर नैकिन थाना पुलिस के साथ रीवा के अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। छूहिया घाटी और आसपास के जंगलों में नाकाबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आरोपित को भगाने में इस्तेमाल की गई तीनों गाड़ियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस फरार आरोपित और उसे छुड़ाने वाले बदमाशों की तलाश में जुटी है।

    कई राज्यों में दर्ज हैं गांजा तस्करी के मामले
    आदित्य मिश्रा रीवा-सीधी क्षेत्र का कुख्यात गांजा तस्कर बताया जाता है। उसके खिलाफ कई राज्यों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। ओडिशा पुलिस की कस्टडी से उसे छुड़ाने के लिए कथित तौर पर की गई इस सुनियोजित कार्रवाई ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • बीज उत्पादन में तकनीकी नवाचार, स्थानीय फसलों और पैक्स-एफपीओ के माध्यम से वितरण पर जोर

    बीज उत्पादन में तकनीकी नवाचार, स्थानीय फसलों और पैक्स-एफपीओ के माध्यम से वितरण पर जोर

    भोपाल 

    सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश बीज संघ की आम सभा की बैठक में संस्था की वर्तमान गतिविधियों एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बीज संघ को अमूल, इफको और कृभको की तर्ज पर एक सशक्त एवं अग्रणी सहकारी संस्था के रूप में विकसित करने के प्रयासों को और गति दी जाए।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि आगामी 2 से 5 वर्षों में मध्यप्रदेश बीज संघ को देश के प्रमुख बीज संस्थानों में स्थापित करने के लक्ष्य के साथ उत्पादन, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और विपणन व्यवस्था को मजबूत किया जाना आवश्यक है।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज, बेहतर, फसल , उन्नत खेती , किसान की समृद्धि की पूरी श्रृंखला को सहकारिता के माध्यम से मजबूत किया जाएगा। किसानों को उच्च गुणवत्ता के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के साथ बीज उत्पादन में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    तकनीकी नवाचार और नई फसलों पर फोकस

    मंत्री  सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश बीज संघ द्वारा हॉर्टीकल्चर और धान के साथ-साथ तिल, अलसी, कपास, मूंगफली और मक्का जैसी महत्वपूर्ण फसलों के बीजों पर भी कार्य किया जा रहा है। छोटे आकार के बीजों में उन्नत कोटिंग एवं लोडिंग तकनीक के उपयोग की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में वैज्ञानिकों के साथ आवश्यक बैठकें एवं चर्चा की जा चुकी हैं।

    पैक्स और एफपीओ के माध्यम से किसानों तक पहुंचेंगे बीज

    मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि बीजों की बिक्री एवं वितरण व्यवस्था को प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से और मजबूत किया जाए। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों की स्थानीय एवं पारंपरिक फसलों को भी बीज उत्पादन और विपणन की कार्ययोजना में प्राथमिकता दी जाए।

    आम सभा में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक  मनोज गुप्ता, बीज संघ के प्रबंध संचालक  महेंद्र दीक्षित सहित प्रदेश की विभिन्न सहकारी समितियों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • ₹2.75 करोड़ बैनर और आयोजनों पर खर्च करने के बजाय कॉलेजों की हालत सुधारने में लगाए सरकार साथ ही छात्रों को प्रमाण पत्र की नहीं बल्कि संस्थान से बहार निकलने के बाद रोजगार की जरूरत है.

    ₹2.75 करोड़ बैनर और आयोजनों पर खर्च करने के बजाय कॉलेजों की हालत सुधारने में लगाए सरकार साथ ही छात्रों को प्रमाण पत्र की नहीं बल्कि संस्थान से बहार निकलने के बाद रोजगार की जरूरत है.

    इटारसी

    कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता रमेश के. साहू ने प्रदेश के 55 शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों को सेवा संकल्प अभियान के लिए ₹5-₹5 लाख दिए जाने पर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “प्रदेश के कॉलेज बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और सरकार को एक महीने के अभियान, बैनर, पोस्टर तथा पार्टी के औपचारिक आयोजनों की चिंता है।”

    उन्होंने कहा कि ये राशि  ₹2 करोड़ 75 लाख  वास्तविक शिक्षा व्यवस्था पर खर्च किए जाएं तो कॉलेजों की प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण, पुस्तकालयों में उपयोगी पुस्तकें, विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, परिसर की सुरक्षा तथा जरूरी मरम्मत जैसे अनेक काम हो सकते हैं।

    रमेश साहू ने कहा कि तकनीकी शिक्षा केवल भाषण, पोस्टर और फोटो खिंचवाने से मजबूत नहीं होगी। इसके लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं, योग्य शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति, नियमित प्रायोगिक प्रशिक्षण और विद्यार्थियों को रोजगार से जोड़ने वाली मजबूत प्लेसमेंट व्यवस्था आवश्यक है।
    एडवोकेट साहू ने तंज कसते हुए कहा, विद्यार्थियों को रोजगार चाहिए, प्रचार के प्रमाणपत्र नहीं।”
    कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव रमेश के साहू एडवोकेट  ने कहा की सेवा संकल्प की राशि भाजपा नेताओं की लॉन्चिंग और ब्रांडिंग पर खर्च हो रही है वे हैरान है कि कार्यक्रम के अतिथियों की सूची पूर्व निर्धारित कर जारी की गई जिसमें पालकों और जन भागीदारी का कोई स्थान नहीं है।

    अधिवक्ता साहू ने मांग की कि सरकार प्रचार की बजाय कॉलेजों की स्थायी शैक्षणिक सुविधाओं और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर खर्च किया जाए।

  • एशियन गेम्स के फाइनल में 5.50 मीटर पार कर भारतीय एथलेटिक्स में रचा नया अध्याय

    एशियन गेम्स के फाइनल में 5.50 मीटर पार कर भारतीय एथलेटिक्स में रचा नया अध्याय

    भोपाल

    एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के प्रतिभावान खिलाड़ी देव कुमार मीना ने पुरुष पोल वॉल्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स के पुरुष पोल वॉल्ट फाइनल में देव कुमार मीना ने 5.50 मीटर की ऊंचाई पार कर भारतीय एथलेटिक्स में नया कीर्तिमान स्थापित किया।देव कुमार मीना ने 5.50 मीटर की ऊंचाई पार कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया, जबकि कुलदीप कुमार ने 5.35 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए प्रतियोगिता में 10वां स्थान हासिल किया।

    5.50 मीटर की छलांग, अपने ही रिकॉर्ड को किया पीछे

    देव कुमार मीना ने फाइनल में अपने दूसरे प्रयास में 5.50 मीटर की ऊंचाई सफलतापूर्वक पार की। इससे पहले उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 5.46 मीटर था, जो उन्होंने जून 2026 में भुवनेश्वर में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बनाया था। एशियन गेम्स में 5.50 मीटर की छलांग लगाकर देव ने अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार किया।

    इसके बाद देव ने 5.60 मीटर की ऊंचाई पार करने के प्रयास भी किए। हालांकि वे यह ऊंचाई पार नहीं कर सके, लेकिन 5.50 मीटर की रिकॉर्डतोड़ छलांग ने एशियन गेम्स के मंच पर भारतीय पोल वॉल्ट के लिए नया मानक स्थापित कर दिया। देव कुमार मीना ने एशियन गेम्स के पुरुष पोल वॉल्ट फाइनल में 5.50 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ 7वां स्थान हासिल किया। पदक से चूकने के बावजूद उनका रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।

    कुलदीप कुमार ने 5.35 मीटर पार कर हासिल किया 10वां स्थान

    मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के ही खिलाड़ी कुलदीप कुमार ने भी पुरुष पोल वॉल्ट फाइनल में दमदार प्रदर्शन किया। कुलदीप ने 5.35 मीटर की ऊंचाई सफलतापूर्वक पार करते हुए 10वां स्थान हासिल किया। एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर देव मीना और कुलदीप कुमार की मौजूदगी और प्रदर्शन मध्यप्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभाओं की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है।

    एशियन गेम्स के फाइनल में दमदार प्रदर्शन

    देव कुमार मीना ने फाइनल की शुरुआत 5.05 मीटर की ऊंचाई को पास करते हुए की। इसके बाद उन्होंने 5.20 मीटर दूसरी कोशिश में और 5.35 मीटर पहली कोशिश में पार किया। इसके बाद 5.50 मीटर की रिकॉर्डतोड़ छलांग लगाकर उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स में अपनी पहचान और मजबूत की।

    एशियन गेम्स के 12 खिलाड़ियों वाले फाइनल में देव सातवें स्थान पर रहे। पदक से चूकने के बावजूद उनका 5.50 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रदर्शन भारतीय पोल वॉल्ट के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।

    मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी से एशियन गेम्स तक

    देव कुमार मीना की इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी में मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अकादमी में खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास, तकनीकी प्रशिक्षण, शारीरिक तैयारी और प्रतियोगिताओं के अनुरूप प्रशिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।देव कुमार मीना और कुलदीप कुमार की इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी में प्राप्त प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    दोनों खिलाड़ी इस वर्ष पोल वॉल्ट में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं। देव द्वारा 5.50 मीटर का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम करना और कुलदीप का 5.35 मीटर पार करना अकादमी की खेल प्रतिभाओं के निरंतर विकास को दर्शाता है।

    देव और उनके प्रशिक्षण साथी कुलदीप कुमार ने इस वर्ष पोल वॉल्ट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। मई 2026 में दोनों ने 5.45 मीटर की ऊंचाई पार कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था, जबकि जून में देव ने 5.46 मीटर की छलांग के साथ रिकॉर्ड अपने नाम किया था। मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों से तैयार हो रही प्रतिभाओं का अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रदेश की खेल प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है।

    रिकॉर्ड की ऊंचाई तक पहुंची देव की मेहनत

    देव कुमार मीना का एशियन गेम्स में 5.50 मीटर का प्रदर्शन उनके निरंतर सुधार और मजबूत संकल्प को दर्शाता है। जून में 5.46 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने के बाद कुछ ही महीनों में उन्होंने फिर अपना ही रिकॉर्ड बेहतर कर दिया।

    विश्व एथलेटिक्स के रिकॉर्ड के अनुसार भी देव का जून 2026 का 5.46 मीटर प्रदर्शन उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड रहा है।

    खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने देव कुमार मीना और कुलदीप कुमार को एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    श्री सारंग ने कहा कि देव कुमार मीना ने 5.50 मीटर की राष्ट्रीय रिकॉर्ड छलांग लगाकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत और मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। वहीं कुलदीप कुमार ने भी 5.35 मीटर की ऊंचाई पार कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी निरंतर मेहनत और लगन के साथ इसी तरह प्रदेश और देश का नाम रोशन करते रहें।

    मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा ने फिर छुआ नया शिखर

    एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के देव कुमार मीना का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। 5.50 मीटर की रिकॉर्डतोड़ छलांग के साथ देव ने न केवल अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर किया, बल्कि भारतीय पुरुष पोल वॉल्ट में एक नया मानक भी स्थापित किया है। एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभा का दम एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के देव कुमार मीना और कुलदीप कुमार का प्रदर्शन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। देव की रिकॉर्डतोड़ 5.50 मीटर की छलांग और कुलदीप का 5.35 मीटर पार कर 10वां स्थान हासिल करना भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी उल्लेखनीय प्रदर्शन है।

     

  • पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर मिलेगा आरक्षण

    पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर मिलेगा आरक्षण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए लगभग 24 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी। युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए मंत्रि-परिषद ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का बड़ा फैसला किया है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये, स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश राशि के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये तथा स्वास्थ्य केंद्रों व औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। अधोसंरचना विस्तार के तहत 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से दमोह-कटनी 4-लेन मार्ग निर्माण, ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपयें और सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना सहित दतिया, नीमच व सागर की बंडा वृहद सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय प्रदेश में रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को गति प्रदान करेंगे।

    पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर अग्निवीरों को मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की युवाओं को सशक्त बनाने की मंशा के अनुरूप मंत्रिपरिषद ने प्रदेश की वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार अब गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी)की भर्ती में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसी तरह गृह विभाग अंतर्गत विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों 20 प्रतिशत, जेल विभाग अंतर्गत जेल प्रहरी में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20, वन विभाग अंतर्गत वन रक्षक में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक कर विभाग अंतर्गत आबकारी आरक्षक में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण (हॉरिजेन्टल) दिये जाने का निर्णय लिया गया है।

    कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को गणवेश की राशि प्रदाय करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र और छात्राओं के लिये गणवेश की राशि डीबीटी के माध्यम से छात्र, छात्राओं और पालकों के खातों में प्रदाय करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

    अतिथि शिक्षकों को मानदेय प्रदाय करने के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय प्रदाय संबंधी योजना को आगामी 5 वर्षों 2026-27 से 2030 -31 तक निरंतर संचालन के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश के शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं में शिक्षकों के विषयमान से स्वीकृत पदों में से रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन की व्यवस्था की जाती है। प्रदेश में वर्तमान में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत है।

    सिंगरौली में 605 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय निर्माण के लिए 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने जिला चिकित्सालय सिंगरौली में अतिरिक्त 155 बिस्तरों की वृद्धि करते हुए 450 से 605 बिस्तरीय चिकित्सालय में विस्तार कार्य के साथ आंतरिक और बाह्य विकास कार्यों तथा बॉयोमेडिकल उपकरण एवं अस्पताल फर्नीचर आदि कार्य के लिए 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

    उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में जिला चिकित्सालय सिंगरौली के परिसर में 400 बिस्तरीय अस्पताल भवन एवं 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के एकजाई भवन निर्माण कार्य के लिए 188 करोड़ 72 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। जिला चिकित्सालय के क्षेत्रफल वृद्धि एवं 450 बिस्तर से 605 बिस्तरीय अस्पताल भवन सहित अन्य कार्य के फलस्वरूप लागत में वृद्धि होने से राशि रूपये 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

    दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने दमोह-कटनी मार्ग लम्बाई 105.10 कि.मी. का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एच.ए.एम) के लिए बनाए गए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रूपये (जीएसटी सहित) की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

    स्वीकृति अनुसार परियोजना निर्माण लागत की 40 प्रतिशत राशि 865 करोड़ 15 लाख रूपये (जीएसटी सहित) का भुगतान निर्माण अवधि के दौरान म.प्र. सडक विकास निगम द्वारा लिये जा रहे ऋण के माध्यम से किया जायेगा।  निर्माण लागत की शेष 60 प्रतिशत राशि, एन्यूटी, ओ.एण्ड.एम, ब्याज, निर्माण पूर्व कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) एवं सुपरविजन चार्जेस के लिए कुल राशि 3,605 करोड़ 15 लाख रूपये का व्यय किये जाने के लिए शासन द्वारा म.प्र. सडक विकास निगम को राज्य बजट के माध्यम से इक्विटी के रूप में दिये जाने एवं इसके विरूद्ध निगम द्वारा राज्य शासन को शेयर्स जारी किये जाने का अनुमोदन किया गया है।

    लोक स्वास्थ्य केंद्रों, ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के सुदृढीकरण और औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत तीन योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य, उप स्वास्थ्य और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण से संबंधित योजना के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम का सुदृढीकरण से संबंधित योजना के लिए 20 करोड़ 90 लाख रूपये और औषधि नियंत्रण से संबंधित योजना के लिए 111 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

    छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल के निर्माण के लिए 953 करोड़ 69 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल एवं अन्य भवनों का निर्माण तथा सभी संबंद्ध सेवाओं सहित बाहय विकास कार्यों के लिए 953 करोड़ 69 लाख रूपयें की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

    वर्ष 2022 में छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल एवं अन्य भवनों के निर्माण के लिए 768 करोड़ 22 लाख रूपयें की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। वर्तमान में शासन द्वारा जी.एस.टी. की दरों को 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत होने से अंतर की राशि, डेडीकेडेट विद्युत फीडर लाईन, नगर पालिक निगम द्वारा भवन अनुज्ञा फीस में वृद्धि होने के फलस्वरूप 953 करोड़ 69 लाख रूपयें की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

    दतिया की माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिये  1,608.02 करोड़ रूपयें की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने दतिया जिले की माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,608.02 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से दतिया जिले के 78,484 हेक्टेयर में क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

    नीमच की रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 524 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने नीमच जिले की रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 524 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। यह एक वृहद सिंचाई परियोजना है। परियोजना अन्तर्गत गांधीसागर जलाशय से जल उद्वहन कर नीमच जिले के 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की जा रही है।

    उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोस डक्ट परियोजना के निरंतर संचालन के लिए 358 करोड़ 22 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोस डक्ट परियोजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 358 करोड़ 22 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी में प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को प्रवेश करने से रोकना है। यह योजना 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के दृष्टिगत निर्माणाधीन है। इसके तहत प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को 30.15 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग और ढकी हुई नहर के माध्यम से मोड़ कर प्रदूषित पानी को गंभीर नदी तक पहुंचाना है।

    सागर की बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 1,052 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सागर जिले के बण्डा तहसील के ग्राम उल्दन में धसान नदी पर प्रस्तावित बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,052 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सागर जिले के 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई करना है।

    विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में रहवासियों के लिए 1 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न वितरण की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावासों और आश्रमों की तरह ही विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में रहवासियों को भोजन के लिए रु. 1 प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न वितरण किये जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए वितरित खाद्यान्न पर राज्य अनुदान का भुगतान विद्यार्थियों को रियायती दर पर खाद्यान्न योजना पर राज्य शासन से अनुदान मद अंतर्गत विकलनीय होगा।

    मउगंज, छिन्दवाडा, मैहर और टीकमगढ जिलों में नवीन जिला हाथकरघा कार्यालय के लिए 12 नवीन पदों के सृजन के साथ हथकरघा संचालनालय के लिए 2 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मउगंज, छिन्दवाडा, मैहर और टीकमगढ जिलों में नवीन जिला हाथकरघा कार्यालय के लिए 3-3 नवीन पद कुल 12 नवीन पदों के सृजन के साथ हथकरघा संचालनालय के लिए 2 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृत पदों को विभागीय सुसंगत भर्ती नियमों में सम्मिलित करने की आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को अधिकृत किया गया है।

    भूमि के अंतरण पर उपकर का ग्रामीण विकास निधि में अंतरण की योजना की निरंतरता के लिए 3,580.22 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने म.प्र. उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत भूमि के अंतरण पर उपकर का ग्रामीण विकास निधि में अंतरण की योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 3,580.22 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में भूमि व संपत्तियों का क्रय-विक्रय और उनका पंजीयन एक सतत वैधानिक प्रक्रिया है, जिससे उपकर की राशि निरंतर प्राप्त होती है। इस राशि का उपयोग त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं (मुख्यतः जनपद व जिला पंचायतों) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए किया जाता है।

    विधि विभाग की 14 योजनाओं के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग की 14 प्रमुख योजनाओं की 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि न्यायिक अधोसंरचना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर व्यय की जाएगी।

    स्वीकृति अनुसार प्रमुख रूप से उच्च न्यायालय भवन व आवासीय परिसर निर्माण के लिए 372 करोड़ रुपये, महाधिवक्ता कार्यालय के लिए 357 करोड़ 77 लाख रुपये और राज्य न्यायिक अकादमी भवन के लिए 200 करोड़ रुपये का व्यय किया जायेगा। इसके अलावा अधिवक्ता कल्याण, ए.डी.आर. सेंटर्स, लोक अदालत और विभागीय आईटी व पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण के लिए भी वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

    न्यायालयों के निर्वाह पत्र तामिल से संबंधित योजना की निरंतरता के लिए 622 करोड़ 37 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत निर्वाह पत्र तामिल से संबंधित योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 622 करोड़ 37 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में राज्य के समस्त अधीनस्थ न्यायालयों यथा जिला एवं सत्र न्यायालय, सिविल न्यायालय आदि में पदस्थ ऐसे शासकीय सेवकों (प्रोसेस सर्वर) का वेतन आहरित किया जाता है जो न्यायालयों के पत्रों की तामिल करवाते है। योजना में उनके वेतन, भत्तों के साथ यात्रा देयकों का भुगतान भी किया जाता है।

    वनोपज एवं खनिज परिवहन के अभिवहन शुल्क की नई दरों का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद ने राज्य में उत्पादित वनोपज (खनिज वनोपज, लघु वनोपज एवं बांस को छोड़कर) तथा अन्य राज्यों से आयातित वनोपज के परिवहन के लिए अभिवहन शुल्क एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एन.ओ.सी) शुल्क की नवीन दरों को स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही खनिज वनोपजों के परिवहन पर भी प्रति टन की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है।

    स्वीकृति अनुसार सामान्य वनोपज के परिवहन के लिए एक घनमीटर तक की मात्रा पर 200 रुपये का शुल्क तय किया गया है। एक घनमीटर से अधिक मात्रा होने की स्थिति में पहले घनमीटर के लिए 200 रुपये और उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घनमीटर के लिए 100 रुपये अतिरिक्त देय होंगे। यदि अतिरिक्त मात्रा आधे (1/2) घनमीटर से कम है तो उसकी गणना शून्य मानी जाएगी वहीं यदि यह मात्रा आधे घनमीटर से अधिक और एक घनमीटर से कम है तो उसकी गणना पूरे एक घनमीटर के रूप में की जाएगी।

    मंत्रि-परिषद ने खनिज वनोपजों के परिवहन के लिए भी प्रति टन शुल्क की दरें अनुमोदित की हैं। इसके तहत पहली श्रेणी के खनिजों—जैसे लाइम स्टोन, डोलोमाइट, फायर क्ले, मैंगनीज अयस्क, कॉपर अयस्क, रॉक फॉस्फेट, पायरोफिलाइट, डायस्पोर, ऑकर, बॉक्साइट, आयरन अयस्क, कैल्साइट, कोयला, क्वार्ट्ज, सिलिका सैंड, शेल, स्लेट और सोप स्टोन के परिवहन पर 81 रुपये प्रति टन की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है। दूसरी श्रेणी में शामिल फ्लैग स्टोन, ग्रेनाइट, मार्बल एवं मिट्टी पत्थर के परिवहन के लिए 52 रुपये प्रति टन का शुल्क देय होगा।

    अन्य निर्णय

    मंत्रि-परिषद ने केन्द्र प्रवर्तित योजना "न्यायालय भवनों का निर्माण" में स्वीकृत निर्माण कार्यों के लंबित दायित्वों में भारत सरकार द्वारा नियत की गई अधिकतम व्यय सीमा से अधिक की राशि 691 करोड़ 1 लाख रूपये का भुगतान राज्य शासन द्वारा राज्य योजना में उपलब्ध करायी गई राशि से किए जाने की अनुमति प्रदान की है।