Category: मध्य प्रदेश

  • ग्वालियर-औरैया बिजली लाइन फिर बहाल, MP ट्रांसको की टीम ने प्रतिकूल मौसम में किया काम

    ग्वालियर-औरैया बिजली लाइन फिर बहाल, MP ट्रांसको की टीम ने प्रतिकूल मौसम में किया काम

    एमपी ट्रांसको की टीम ने प्रतिकूल मौसम में बहाल की ग्वालियर-औरैया इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन

    मालनपुर और मेहगांव के 220 केवी सबस्टेशनों को मिलती है आपूर्ति

    ग्वालियर

    मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस टीम ने ग्वालियर-औरैया (उत्तर प्रदेश) 220 केवी इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन के मेजर ब्रेकडाउन को प्रतिकूल मौसम के बीच दुरुस्त कर लाइन को पुनः चालू कर दिया। यह लाइन ग्वालियर क्षेत्र के मेहगांव तथा औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर के 220 केवी सबस्टेशनों को विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में ट्रांसमिशन लाइन को शीघ्र बहाल करना पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं।

    145 किलोमीटर लंबी लाइन में सघन पेट्रोलिंग से मिला फाल्ट

    उत्तर प्रदेश स्थित पीजीसीआईएल के औरैया सबस्टेशन से ग्वालियर तक आने वाली इस 220 केवी इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन का रखरखाव एमपी ट्रांसको द्वारा किया जाता है। हाल ही में आई तेज बारिश और तूफान के दौरान भिंड जिले की गोहद तहसील के बिरखाड़ी गांव के समीप लाइन के दो टावरों के हार्डवेयर क्षतिग्रस्त हो गए थे तथा मिड-स्पान जॉइंट फेल हो गया था। करीब 145 किलोमीटर लंबी इस लाइन में फाल्ट का पता लगाने के लिए टीम ने सघन पेट्रोलिंग की, जिसके बाद फाल्ट का स्थान चिन्हित किया गया।

    खेत, कीचड़ और लगातार बारिश के बीच चला मरम्मत अभियान

    फाल्ट ऐसे क्षेत्र में मिला जहां धान की फसल खड़ी थी। लगातार बारिश, तेज हवा और कीचड़ के कारण टावरों तक पहुंचना कठिन था। खड़ी फसल के कारण राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने थीं। इन परिस्थितियों में मरम्मत कार्य की योजना बनाकर सुधार कार्य शुरू किया गया।

    67 घंटे में पूरा किया सुधार कार्य

    मुख्य अभियंता (अति उच्च दाब मेंटेनेंस)  डी.के. अग्रवाल के मार्गदर्शन में पूरी टीम ने लगातार 67 घंटे कार्य कर लाइन को बहाल किया। सुधार कार्य में दोनों टावरों के क्षतिग्रस्त डिस्क इंसुलेटर बदलना, ओपीजीडब्ल्यू और कंडक्टर को नीचे उतारना तथा मिड-स्पान जॉइंट की मरम्मत शामिल थी। ये तकनीकी कार्य लगभग 45 मीटर की ऊंचाई पर प्रतिकूल मौसम के बीच संपादित किए गए।

    औद्योगिक और कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है लाइन

    ग्वालियर-औरैया 220 केवी इंटर स्टेट ट्रांसमिशन लाइन के दोनों सर्किटों से लगभग 200-200 मेगावाट विद्युत मालनपुर और मेहगांव के 220 केवी सबस्टेशनों को प्राप्त होती है। यह आपूर्ति क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों, कृषि उपभोक्ताओं तथा घरेलू विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देती है। लाइन के बहाल होने से क्षेत्र को पुनः सामान्य विद्युत आपूर्ति मिलने लगी है।

  • मध्यप्रदेश में CSR निवेश का नया प्लान, जरूरत के हिसाब से होगा खर्च; 61 लाख बच्चों को मिलेगा लाभ

    मध्यप्रदेश में CSR निवेश का नया प्लान, जरूरत के हिसाब से होगा खर्च; 61 लाख बच्चों को मिलेगा लाभ

    मध्यप्रदेश में सीएसआर का नया रोडमैप, जरूरत के मुताबिक होगा निवेश, परिणाम पर रहेगी नजर : मंत्री सुश्री भूरिया

    61 लाख बच्चों के पोषण और 97,882 आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंच बनाने की तैयारी

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) को सरकारी विकास प्राथमिकताओं से जोड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में अधिक प्रभावी परिणाम हासिल करने की दिशा में सरकार ने कॉरपोरेट जगत के साथ साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। सीएसआर कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया ने कहा कि सीएसआर केवल गतिविधियां पूरी करने या निर्धारित लक्ष्य हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य समुदायों को मजबूत करना और लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना होना चाहिए।

    मंत्री श्रीमती भूरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश जैसे विविधताओं वाले राज्य में सीएसआर निवेश के लिए एक जैसी कार्ययोजना के बजाय स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुरूप मॉडल विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं और कॉरपोरेट संस्थानों की विशेषज्ञता एवं संसाधनों के बीच बेहतर तालमेल से ऐसे परिणाम हासिल किए जा सकते हैं, जिन्हें लंबे समय तक कायम रखा जा सके। उन्होंने सीएसआर साझेदारियों में स्पष्ट प्राथमिकताओं, जरूरतों की पहचान, प्रभावी मॉनिटरिंग और परिणामों के मापन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सीएसआर पोर्टल के साथ मध्यप्रदेश का पंखुड़ी पोर्टल भी सरकार की विकास आवश्यकताओं और संभावित सीएसआर साझेदारों के बीच सेतु का काम कर सकता है। इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों, निवेश की संभावनाओं और उपलब्ध अवसरों की जानकारी साझा कर सरकार, कॉरपोरेट, विकास एजेंसियों और अन्य संस्थाओं के बीच अधिक व्यवस्थित साझेदारी विकसित की जा सकती है। मंत्री ने कहा कि मजबूत सरकारी-सीएसआर सहयोग से विकास के प्रयासों को अतिरिक्त गति देने के साथ उनकी पहुंच और प्रभाव को भी बढ़ाया जा सकता है।

    मध्यप्रदेश में 1195 करोड़ से अधिक का सीएसआर निवेश, प्राथमिकताओं से जोड़ने पर जोर

    मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला ने सीएसआर के कानूनी और संस्थागत ढांचे की जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी अधिनियम, 2013 के बाद पात्र कंपनियों के लिए सीएसआर एक संस्थागत व्यवस्था के रूप में सामने आया है। निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली कंपनियों को पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम दो प्रतिशत सीएसआर गतिविधियों पर व्यय करना होता है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 1,195.34 करोड़ रुपये सीएसआर पर खर्च किए गए। हालांकि, इस निवेश में जेंडर इक्विटी और महिला सशक्तिकरण से जुड़े क्षेत्रों की हिस्सेदारी करीब दो प्रतिशत ही है। उन्होंने इसे भविष्य में अधिक सक्रिय सीएसआर भागीदारी की संभावनाओं वाले क्षेत्र के रूप में रेखांकित किया।

    श्री शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश में सीएसआर को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य और जिला स्तर पर जरूरतों की बेहतर मैपिंग, सरकार की प्राथमिकताओं के साथ सीएसआर कंपनियों की रुचि का मिलान और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना होगा। उन्होंने सीएसआर पोर्टल को और सुदृढ़ करने, सरकारी विभागों, कॉरपोरेट संस्थानों और अन्य साझेदारों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा ऐसी परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई, जिनके परिणाम स्पष्ट रूप से मापे जा सकें और जिन्हें लंबे समय तक संचालित किया जा सके।

    उन्होंने मध्यप्रदेश सीएसआर फैसिलिटेशन गाइडलाइनस 2017 का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में सरकार की भूमिका सुविधा प्रदाता और समन्वयक की है। सीएसआर के प्रभाव को बढ़ाने के लिए सरकारी तंत्र, कंपनियों, विकास संस्थाओं, सिविल सोसायटी और अन्य हितधारकों के बीच साझेदारी को अधिक संरचित स्वरूप देना समय की आवश्यकता है।

    61 लाख से अधिक बच्चों के पोषण में सीएसआर की भागीदारी का बड़ा अवसर

    महिला एवं बाल विकास आयुक्त श्री संदीप जी. आर. ने सीएसआर को बाल पोषण और शुरुआती बाल विकास से जोड़ते हुए कहा कि बच्चे के जीवन के शुरुआती वर्ष उसके संपूर्ण विकास की बुनियाद तय करते हैं। विशेष रूप से जीवन के पहले छह वर्ष और शुरुआती 1000 दिन पोषण, वृद्धि और विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवधि में समय पर किए गए हस्तक्षेपों का प्रभाव आगे के जीवन पर पड़ता है। उन्होंने बाल विकास के लिए निरंतर देखभाल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए सरकार के साथ समाज और निजी क्षेत्र की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

    आयुक्त ने बताया कि मध्यप्रदेश में लगभग 97,882 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 61 लाख से अधिक संवेदनशील एवं जरूरतमंद बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएसआर के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को बेहतर बनाने तथा स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नवाचारों को बढ़ावा देने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।

    श्री संदीप ने स्थानीय संसाधनों पर आधारित पोषण समाधानों का उदाहरण देते हुए ‘रंगीन रोटी’ जैसी पहल का उल्लेख किया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक सामग्री, जैसे सहजन की पत्तियों या मिलेट्स को रोजमर्रा के भोजन में शामिल कर ऐसे पोषण मॉडल विकसित किए जा सकते हैं, जो स्थानीय खान-पान की आदतों के अनुरूप होने के साथ व्यवहारिक भी हों। उन्होंने कहा कि इस तरह के स्थानीय और नवाचारी समाधान समुदायों की भागीदारी बढ़ाने के साथ पोषण परिणामों को भी बेहतर कर सकते हैं। उन्होंने सीएसआर की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश देश की आबादी में लगभग छह प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है, लेकिन राष्ट्रीय सीएसआर व्यय में राज्य की हिस्सेदारी करीब 1.44 प्रतिशत है। ऐसे में राज्य में सीएसआर निवेश बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने श्योपुर में ब्रिटानिया फाउंडेशन और विदिशा में अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन (AIF) जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी साझेदारियां सरकारी प्रयासों को पूरक समर्थन प्रदान कर सकती हैं।

    जरूरत और निवेश के बीच बनेगा सीधा संबंध

    कॉन्क्लेव में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सीएसआर को केवल गतिविधि आधारित व्यय के बजाय स्पष्ट और मापनीय परिणामों से जोड़ा जाए। राज्य और जिलों की वास्तविक जरूरतों की पहचान कर उन्हें सीएसआर संस्थाओं की रुचि, क्षमता और विशेषज्ञता से जोड़ने, परियोजनाओं की निगरानी करने तथा सफल मॉडलों को व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में काम करने पर सहमति बनी।

    सत्र में सरकारी विभागों, कॉरपोरेट संस्थानों, विकास एजेंसियों, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य हितधारकों के बीच समन्वित साझेदारी को आवश्यक बताया गया। साथ ही इस बात पर बल दिया गया कि सीएसआर परियोजनाएं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप हों, उनके परिणाम मापे जा सकें और सफल पहल को मौजूदा सरकारी व्यवस्थाओं के साथ जोड़कर दीर्घकालिक रूप से विस्तार दिया जा सके।

     

  • शाही मस्जिद क्षेत्र में सन्नाटा, 250 दुकानें बंद; मीनार हटाने का काम जारी

    शाही मस्जिद क्षेत्र में सन्नाटा, 250 दुकानें बंद; मीनार हटाने का काम जारी

    उज्जैन 

    उज्जैन में सिंहस्थ 2028 कुंभ के चलते सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही शाही मस्जिद को हटाने के दौरान हुए उपद्रव के बाद अब मीनार हटाने की तैयारी शुरू हो गई है।  मीनार पर मचान बांधने का काम शुरू किया गया। जल्द ही मीनार सहित मस्जिद का संबंधित हिस्सा हटा दिया जाएगा।मस्जिद का हिस्सा तोड़ने को लेकर हुए विवाद के 48 घंटे बाद भी क्षेत्र की 250 से अधिक दुकानें और घर बंद हैं। छत्री चौक और आसपास के इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर रखी है।

    प्रशासन ने छत्री चौक, लखेरवाड़ी, सराफा, कालिदास स्कूल के पास का क्षेत्र, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, खड़े हनुमान और सती गेट से कंठाल तक का क्षेत्र बंद करवा रखा है।

    करीब दो दिन से व्यापार प्रभावित होने के कारण व्यापारियों ने करीब 10 करोड़ रुपए के नुकसान की बात कही है। उन्हें यह नहीं पता की ये दुकानें कब खुलेगी।

    रोजाना 4 से 5 करोड़ का कारोबार प्रभावित
    कपड़ा व्यापारी शीतलदास चंदनानी ने बताया कि क्षेत्र की दुकानें पूरी तरह बंद हैं। पिछले तीन दिनों से यही स्थिति है और यह कब तक चलेगी, कहना मुश्किल है। उनके अनुसार तनावपूर्ण माहौल का सबसे ज्यादा असर आम जनता और व्यापारियों पर पड़ रहा है।

     उपद्रव करने वालों का मेडिकल टेस्ट
    शाही मस्जिद के हिस्से को तोड़ने को लेकर हुए उपद्रव के मामले में 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

    बुधवार सुबह खाराकुंवा पुलिस 9 आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के लिए चरक अस्पताल लेकर पहुंची। यहां सभी का मेडिकल कराया गया। पुलिस आरोपियों को आज कोर्ट में पेश करेगी।

    दरअसल, सोमवार को छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के कुछ हिस्से को तोड़ने को लेकर ढाबा रोड और सब्जी मंडी की ओर से आए कुछ लोगों ने विवाद किया था। इसके बाद पथराव भी हुआ। भीड़ को भड़काने के लिए सोशल मीडिया पर कुछ मैसेज भी वायरल किए गए थे।

    मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। बुधवार को गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इस दौरान आरोपी मुंह छिपाकर अस्पताल में जाते हुए नजर आए।

    विवाद की जड़ में 12 से 15 मीटर सड़क चौड़ीकरण
    सिंहस्थ 2028 के लिए कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक रोड चौड़ीकरण किया जाना है। पहले से मौजूद 12 मीटर रोड को 15 मीटर किया जा रहा है। इस मार्ग पर कुल 323 मकान और 15 धर्मस्थल चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं। कोयला फाटक से कंठाल चौराहे तक 8 धर्मस्थलों को बिना विवाद हटाकर शिफ्ट किया जा चुका है।

    इस हिस्से में 15 मीटर सड़क भी चौड़ी कर दी गई। विवाद तब बढ़ा, जब नगर निगम कंठाल से गोपाल मंदिर की ओर आगे बढ़ा और छत्री चौक पर शाही मस्जिद के 4.5 बाय 9 फीट हिस्से को हटाने की बात सामने आई। प्रशासन के अनुसार अब तक 12 धर्मस्थलों को हटाया जा चुका है। शाही मस्जिद का भी एक हिस्सा सड़क के दायरे में आया है।

    आठ एफआईआर, 20 से ज्यादा गिरफ्तार
    एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि कुछ लोग दूसरे शहरों से आकर दंगा कराने का प्रयास कर रहे थे। मुस्लिम समाज के धर्मगुरुओं से चर्चा के बाद मुस्लिम कमेटी द्वारा स्वयं मस्जिद हटाने का निर्णय लिया गया।

    उन्होंने बताया कि ढाई हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी पूरे इलाके में तैनात हैं और अगली शिफ्ट में भी इतनी ही संख्या में बल तैनात रहेगा।

    अब तक 30 आरोपी चिन्हित किए गए
    पुलिस ने सोमवार तक 20 आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज की जांच के आधार पर 10 से ज्यादा नए लोगों की पहचान की गई और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस तरह पुलिस के अनुसार अब तक करीब 30 आरोपियों को चिन्हित किया जा चुका है।

    खारा कुंवा थाने में 22 के खिलाफ मामला
    खारा कुंवा थाने में साजिद खान, इमरान, गुलरेज खान, बिल्लू पठान, साजिद खान, इमरान खान, बिलाल, लालू हेला, सलीम, नदीम, तौफीक खान, शाकिर, शाहनवाज उर्फ कल्लू खां, अरसद हुसैन, ईशान खान, तैयब मंसूरी, हुसैन सलमान, कासिम शेख, साहिल खान, साबिर शेख, शेख अल्फेज और समीर सरोठी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इनमें सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वाले भी शामिल हैं।

  • CM यादव का ऐलान- प्रदेश में सुगम परिवहन सेवा का लगातार होगा विस्तार

    CM यादव का ऐलान- प्रदेश में सुगम परिवहन सेवा का लगातार होगा विस्तार

    प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का होगा निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    यात्रियों के लिए जिलों में सुविधायुक्त बस स्टैंड और अन्य प्रबंध किए जाएं
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के हित में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरूआत की गई है। प्रदेश में वर्ष 2005 में राज्य परिवहन निगम बंद किया गया था। राष्ट्रवादी विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, 25 सितम्बर से प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन की शुरूआत हुई है, जिसका निरंतर विस्तार किया जाएगा। अगले पांच वर्ष में 14 हजार 981 बसों के संचालन का लक्ष्य है। इस सेवा में पूर्व से संचालित फिट बसों का उपयोग भी किया जा रहा है, अत: नागरिकों सहित किसी को भी भ्रमपूर्ण जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंर्तगत नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के संबंध में जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक को वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा निर्देशित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सेवा संकल्प माह के अंतर्गत प्रारंभ इस सुविधा से स्थानीय प्रशासन द्वारा यात्रियों को व्यवस्थित बस संचालन का लाभ दिलवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। संबंधित जिलों में प्रशासन के स्तर पर नागरिकों और बस आपरेटर्स को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। सेवा के प्रदेशव्यापी विस्तार के साथ सभी जिलों में प्रशासनिक अमला नागरिकों की सुविधा के लिए सजग भूमिका का निर्वहन करेगा। वर्तमान में जिन रूट्स पर बसों का संचालन किया जा रहा है वहां मैदानी अमले द्वारा सहयोगी रवैया अपनाया जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर बस डिपो या टर्मिनल बंद स्थिति में हो तो उन्हें स्वच्छता अभियान चलाकर और बैठक एवं अन्य सुविधाओं का विकास कर उपयोगी बनाया जाए। जहां स्टाप या बस स्टैंड खत्म हो चुके हैं वहां भूमि उपलब्ध करवाकर यह सुविधा विकसित की जाए। परमिट के अलावा जो बसें चल रही हैं उनके व्यवस्थित और अनुशासित संचालन को प्राथमिकता दी जाए। निजी बस ऑपरेटरों के फिटनेस, परमिट की शर्तें, ड्राइवर का बस संचालन और व्यवहार के लिए मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। क्षेत्रीय कंपनियों के साथ शहरों में आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए स्थानीय प्रशासन सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसों के बाधारहित संचालन के लिए थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का सहयोग दिलवाया जाए। इसके साथ ही जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समिति की नियमित बैठकें की जाएं। जिला कलेक्टर टीएल बैठक में क्षेत्रीय कंपनी के ईडी से भी प्रत्येक सप्ताह चर्चा करें।राज्य परिवहन उपक्रम की ओर से सभी जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों के समक्ष रूट प्रस्तुतिकरण और सुझाव प्राप्त करने की काईवाई भी सुनिश्चित की जाए। आम जनता के हित में सभी एजेंसियों के बीच परस्पर आवश्यक संवाद रहे।

    परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ दिलवाने के लिए निजी बस ऑपरेटरों को आवश्यक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यात्रियों से प्राप्त सुझावों पर भी प्रशासन की ओर से जरूरी प्रबंध किए जाएं।

    मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। परिवहन क्षेत्र में यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले इसलिए बस ऑपरेटर्स से प्रशासन का नियमित संवाद हो। विभिन्न तरह की भ्रांतियां को समाप्त किया जाए। जो पूर्व से संचालित फिट बसें हैं, उनका संचालन किया जा रहा है। अनेक आधुनिक तकनीक भी अपनाई गई हैं, जिसमें यात्री एप के माध्यम से यात्रा के संबंध में बेहतर प्लान कर यात्रा कर सकता है।

    परिवहन सचिव मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन में बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तीन प्रमुख स्तंभ हैं- बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर। वर्तमान में प्रारंभ की गई बसों की संख्या निरंतर बढ़ाई जाएगी। यात्रियों को लाभान्वित करने के साथ निजी ऑपरेटर को उसके कार्य और व्यवसाय का जायज लाभ हो, इसका ध्यान रखा गया है। राज्य परिवहन उपक्रम के लिए भोपाल में कार्यालय की व्यवस्था की गई है। आने वाले तीन माह में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर में क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए शत-प्रतिशत कार्यालय भवन उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में भी क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए कार्यालय भवन की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए आवश्यक कुल 1190 में से 400 पदों के लिए नियुक्ति की कार्रवाई भी पूर्ण की जाएगी। विशेषज्ञ पद भी भरे जाएंगे। प्रदेश में गत 10 माह में यात्री संख्या और रूट सर्वे के माध्यम से जो आकलन किया गया और आवश्यक बसों की संख्या का अनुमान लगाया गया उसके अनुसार प्रदेश में सात क्षेत्र में 3636 मार्गो पर 13006 बसों की व्यवस्था की जाना है। चरणबद्ध विस्तार भी किया जाएगा। वर्ष 2031 तक प्रदेश में 14981 बसों के संचालन में सफलता मिलेगी। राज्य स्तरीय आईटीएमएस प्लेटफार्म एक विशेष सुविधा है। चलो मोबिलिटी के अंतर्गत आईटीएमएस का अंतरिम रूप से प्रयोग करते हुए आवश्यक माड्यूल निर्धारित किए गए हैं। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सुगम बस संचालन के लिए अधोसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी जानकारी दी।

     

  • रिटायर्ड IAS की गला रेतकर हत्या, भोपाल में वारदात के बाद नौकर फरार

    रिटायर्ड IAS की गला रेतकर हत्या, भोपाल में वारदात के बाद नौकर फरार

    भोपाल 

    राजधानी भोपाल में खौफनाक घटना सामने आई है। यहां 70 साल के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की बुधवार को उनके घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर में घटना की सूचना सुबह करीब पांच बजे पुलिस को मिली। रातीबड़ पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ घर में रहते थे और घटना के समय उनकी पत्नी दूसरे कमरे में सो रही थीं।

    2 दिन पहले ही रखा था नया नौकर
    इस घटना की जानकारी देते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में घर में काम करने वाले एक घरेलू सहायक पर संदेह जताया गया है, जो घटना के बाद से लापता है। उन्होंने बताया कि अग्रवाल के घर में दो दिन पहले ही नया नौकर रखा गया था और वह घटना के बाद से लापता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और संदिग्ध की तलाश की जा रही है। हत्या के कारण और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाने के लिए भी जांच जारी है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

    इस मामले में भोपाल पुलिस घर में और घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद भी ले रही है। इससे पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद से लापता चल रहा नौकर कहां गया और कब घर से निकला था। इस दौरान पुलिस घटना के समय हुई हरकतों के माध्यम से मामले का खुलासा करने की कोशिश कर रही है।

    नए नौकर पर शक, वारदात के बाद से गायब
    जानकारी के मुताबिक राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ सूरजनगर स्थित घर में रहते थे. घर के अंदर ही उनका शव मिला. प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि उनकी हत्या गला रेतकर की गई है. वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। 

    पुलिस की शुरुआती जांच में घर पर काम करने वाले एक नौकर पर शक जताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि राकेश अग्रवाल के घर पर करीब दो दिन पहले ही एक नया नौकर रखा गया था. वारदात के बाद से यह नौकर घर से गायब है. इसी वजह से पुलिस की जांच की दिशा फिलहाल उस नौकर के इर्द-गिर्द घूम रही है। 

    पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही पुलिस
    घटना की जानकारी मिलने के बाद फोरेंसिक और दूसरी पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए शहर में कई टीमों को जांच करने में लगा दिया गया है। पुलिस इस घटना के बाद से लापता चल रहे नौकर की तलाश कर रही है। इस दौरान पड़ोसियों के साथ भी पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान उनके घर में या आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखी थी या नहीं।

    घटना के बाद पहुंची पुलिस की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का पूरा शक घर में दो दिन पहले आए नौकर पर ही है। ऐसे में अब पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या नौकर ने इस घटना को अकेले अंजाम दिया है या कोई और भी नौकर के साथ इस घटना को अंजाम देने में शामिल था।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच

    गौरतलब है कि पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें फरार संदिग्ध नौकर की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस हत्या के पीछे की असल वजह रंजिश, लूटपाट या कोई अन्य विवाद का पता लगाने के लिए हर एंगल से जांच कर रही है। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम (FSL) ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।

  • मध्य प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा 20% जॉब रिजर्वेशन

    मध्य प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा 20% जॉब रिजर्वेशन

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश सरकार ने अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली सेवाओं में 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके साथ ही 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

    ये फैसले मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किए गए।

    राज्य सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में अपनी सेवा पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश करते हैं।

    राज्य सरकार ने क्या बताया?
    राज्य सरकार के एक अफसर ने बताया कि युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दी वाली सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण देने को मंजूरी दे दी गई। अफसर के मुताबिक, गृह विभाग के तहत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) के पदों पर भर्ती में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा।

    किसे कितना आरक्षण मिलेगा?
    अफसर के मुताबिक, विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, कारागार विभाग के तहत जेल प्रहरियों की नियुक्ति में होमगार्ड को 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

    राज्य सरकार ने बताया है कि वनरक्षकों की नियुक्ति में भी होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। अधिकारी ने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग के तहत आबकारी आरक्षकों की नियुक्ति में होमगार्ड को 10 फीसदी, पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी और पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया गया है।

    अग्निवीरों के लिए दो राज्यों से गुड न्यूज आई। मध्य प्रदेश सरकार ने ऐलान किया कि वह पूर्व अग्निवीरों को वर्दी वाली नौकरियों में 20 फीसदी आरक्षण देगी। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच सेवा मुक्त हो रहे अग्निवीरों के पहले बैच को बिना किसी लिखित परीक्षा के सीधे पुलिस और सुरक्षा बलों में नौकरी दी जायेगी। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि पहले बैच के सेवानिवृत्त अग्निवीरों को महाराष्ट्र पुलिस, राज्य रिजर्व पुलिस बल और अग्निशमन सेवाओं में सीधे समायोजित किया जाएगा। पात्र उम्मीदवारों को नयी लिखित परीक्षा से छूट मिलेगी, चार साल की आयु में छूट दी जाएगी और अगर जरूरी हुआ तो विशेष रूप से बनाए गए पदों पर समायोजित किया जाएगा।

    एमपी में कहां कहां अग्निवीरों को आरक्षण
    एमपी सरकार के अधिकारी ने बताया कि युवाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दी वाली सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण देने को मंजूरी दी गई। गृह विभाग के तहत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) के पदों पर भर्ती में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। उन्होंने बताया कि विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

    अधिकारी के अनुसार कारागार विभाग के तहत जेल प्रहरियों की नियुक्ति में होमगार्ड को 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वनरक्षकों की नियुक्ति में भी होमगार्ड के लिए 15 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। अधिकारी ने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग के तहत आबकारी आरक्षकों की नियुक्ति में होमगार्ड को 10 फीसदी, पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी और पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया गया है।

    जनवरी 2027 तक 19 हजार से अधिक अग्निवीर घर लौट रहे
    केंद्र की ओर से 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष है। योजना के तहत 25 फीसदी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त किया जाता है। यानी 75 फीसदी को वापस घर भेज दिया जाता है। अब सेना से अग्निवीरों का पहला बैच जनवरी 2027 में सेवामुक्त होने जा रहा है, जिसमें 19 हजार से अधिक अग्निवीर शामिल हैं। इनका चार साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है।

    सेवामुक्त (75 प्रतिशत) होने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने अपने विभिन्न विभागों में ने आरक्षण और प्राथमिकताओं का प्रावधान किया है। अग्निवीरों को बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और असम राइफल्स में सिपाही तथा राइफलमैन के पदों पर 50% आरक्षण। इन्हें लिखित परीक्षा, शारीरिक मानक परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षा से भी छूट मिलेगी।

    भारतीय रेलवे: श्रेणी-2 और उससे ऊपर के पदों में 5 प्रतिशत और श्रेणी-1 के पदों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित किया गया है।

    अफसरों ने बताया कि हॉरिजॉन्टल आरक्षण सभी श्रेणियों यानी सामान्य वर्ग के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में लागू होता है।

    2022 में शुरू की गई थी अग्निपथ योजना
    केंद्र की ओर से 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा अवधि चार वर्ष है, जिसमें छह महीने का प्रशिक्षण शामिल है। योजना के तहत 25 फीसदी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है।

    चार साल की सेवा पूरी कर दिसंबर 2026 में अग्निवीर अपने घरों, अपने परिवारों और अपने प्रियजनों के बीच लौटने वाले हैं। ये वे हजारों युवा पुरुष और महिलाएं हैं, जिन्होंने भारतीय सेना का हिस्सा बनने के लिए चार साल की अवधि के लिए भर्ती होने का विकल्प चुना था।

  • CM यादव बोले- सफल हो रहा सेवा संकल्प अभियान, 3-4 अक्टूबर को शिविर

    CM यादव बोले- सफल हो रहा सेवा संकल्प अभियान, 3-4 अक्टूबर को शिविर

    प्रदेश में सफल हो रहा है सेवा संकल्प अभियान 2026: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत 3 और 4 अक्टूबर को गावों और शहरों में लगेंगे शिविर
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्पन्न गतिविधियों की जानकारी लेकर आगामी कार्यक्रमों के संबंध में दिए निर्देश

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस से प्रारंभ एक माह के सेवा संकल्प अभियान:2026 की गतिविधियों को अच्छी सफलता मिल रही है। अभियान में गत 12 दिवस अनेक अभिनव कार्य सम्पन्न हुए हैं। अभियान के शेष दिनों में ऐसे ही रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित होंगे जिससे जन-जन को जोड़ने का कार्य होगा। जनकल्याण की दिशा में जहां मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं वहीं सेवा संकल्प अभियान 2026 ने नागरिकों में उत्साह का संचार किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत हुई विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को अभियान की गतिविधियां जारी रखने के निर्देश दिए। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, मंत्रीगण प्रह्लाद पटेल, विजय शाह, विश्वास सारंग, नागर सिंह चौहान, उदय प्रताप सिंह, सुनिर्मला भूरिया, श्रीमती प्रतिमा बागरी, नरेंद्र शिवाजी पटेल और मुख्यसचिव अशोक बर्णवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में अन्य मंत्रीगण वर्चुअल रूप से शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से प्रारंभ हुए एक माह अवधि के सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों से नागरिकों को जोड़ने में सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के कार्यो की जानकारी प्राप्त की और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की। मंत्री गण और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित हुए। अनेक मंत्री और जिला स्तर के अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े।

    सेवा सेतु अभियान होगा 3 और 4 अक्टूबर को

    बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को सेवा सेतु अभियान आयोजित किया गया। अभियान में 3 अक्टूबर को ग्रामीण क्षेत्र और 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में शिविर आयोजित होंगे, जिनके माध्यम से नागरिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इस अभियान में 3 अक्टूबर को साप्ताहिक जन विश्वास अभियान को भी जोड़ा जाएगा।

    सेवा के रंग- राष्ट्र के संग (भारत मंडल)

    प्रदेश के 6 जिलों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, झाबुआ और आलीराजपुर में निर्धारित थीम पर मानव रंगोली की परिकल्पना की गई है। इसके साथ ही सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के अंतर्गत विद्यार्थी, उद्यमी, शिक्षक, अधिकारी विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। कुल 16 फोकस सेक्टर चिन्हित किए गए हैं। सेवा ज्योति कलश यात्रा 7 अक्टूबर को निकाली जाएगी, जिसके राज्य नोडल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग और राज्य प्रभारी अधिकारी संजीव सिंह होंगे। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इन यात्राओं में हितलाभ वितरण के साथ विकसित भारत और सेवा के संकल्प से जुड़े आयोजन होंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी 7 अक्टूबर को वर्चुअल संबोधन देंगे।

    आशीर्वाद का दीया गतिविधि से हुए शानदार शुरूआत

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर को अभियान प्रारंभ हुआ, जिसके अंतर्गत प्रदेश में 3 करोड़ 87 लाख 80 हजार 463 दीयें जलाए गए। इसमें कुल 2 करोड़ 64 लाख 85 हजार 60 नागरिकों ने सहभागिता की। उज्जैन में दीपक जलाने का विश्व कीर्तिमान बनाया गया। उज्जैन में 33 लाख 27 हजार 125 दिए जलाये गए। इस गतिविधि के लिए नोडल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राज्य प्रभारी अधिकारी संजय दुबे थे। जनसम्पर्क सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला बाल विकास, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग ने दायित्व संभाला।

    मेरे सपनों का भारत- भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता

    19 सितम्बर से 26 सितम्बर के बीच प्रदेश में 27 लाख 28 हजार 668 प्रतिभागियों ने चित्रकला प्रतियोगिता में और 12 लाख 37 हजार 810 प्रतिभागियों ने भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। नोडल मंत्री उदय प्रताप सिंह और प्रभारी सचिव संजय गोयल ने इस गतिविधि का दायित्व वहन किया।

    नमो सेवा

    प्रदेश में 19 सितम्बर से प्रारंभ नमो सेवा गतिविधि के अंतर्गत 5 अक्टूबर तक सांस्कृतिक दलों द्वारा नुक्कड़ टोलियां बनाकर प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। अब तक 3033 कार्यक्रम हुए हैं जिनमें 5208 कलाकारों ने हिस्सा लिया है। इस गतिविधि के नोडल मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी और राज्य प्रभारी अधिकारी अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला हैं। संबंधित जिला प्रशासन के साथ जनसम्पर्क विभाग द्वारा दायित्व निभाया जा रहा है।

    आंगन मिलन सेवा

    प्रदेश में आंगन मिलन सेवा के अंतर्गत 26 सितम्बर से गतिविधियां प्रारंभ हुई हैं, जो 5 अक्टूबर तक चलना हैं। आंगनवाड़ियों में 24 लाख 28 हजार 116 महिलाओं और बच्चों ने कार्यक्रम में भागीदारी की है। कुल 1 लाख 35 हजार 110 बहनों का सम्मान भी किया गया। प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया और राज्य प्रभारी अधिकारी श्रीमती जीवी रश्मि हैं1

    सेवा की कहानी

    प्रदेश में कुल 5 लाख 25 हजार 54 प्रेरक कहानियां प्राप्त हुई हैं। सेवा की कहानी प्रकल्प में राज्य नोडल मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी और राज्य प्रभारी अधिकारी जनसम्पर्क आयुक्त और परिवहन सचिव मनीष सिंह हैं। सेवा की कहानी के अंतर्गत 17 सितम्बर से प्रारंभ गतिविधियां 17 अक्टूबर तक पूरे एक माह की अवधि में संचालित की जा रही हैं।

    वड़नगर से वाराणसी सेवा यात्रा

    इस गतिविधि की शुरूआत 17 सितम्बर से हुई है। अब तक 1706 नगरों और कस्बों में 6 लाख 48 हजार 520 नागरिकों की सहभागिता से कार्यक्रम सम्पन्न हुए हैं। मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल नोडल मंत्री हैं। सचिव टी इलैया राज राज्य प्रभारी अधिकारी हैं। यह गतिविधियां 7 अक्टूबर तक चलना है।

    सेवा मेरा योगदान

    प्रदेश में 10 गतिविधियों पर केंद्रित सेवा मेरा योगदान का संचालन 2 से 10 अक्टूबर तक किया जाएगा। इसके अंतर्गत स्वच्छता, स्वास्थ्य शिविर, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में सेवा कार्य होंगे। दिव्यांगजन कल्याण और विद्यार्थी कल्याण की गतिविधियां भी राज्य नोडल मंत्री राकेश सिंह और राज्य प्रभारी अधिकारी श्रीमन शुक्ल के पर्यवेक्षण में होंगी।

    विकसित भारत संकल्प यात्रा

    प्रदेश में एक माह (17 सितम्बर से 17 अक्टूबर) की अवधि में विकसित भारत संकल्प यात्रा के अंतर्गत अन्य राज्यों के प्रतिनिधि और इनफ्लूएंसर्स प्रदेश भ्रमण पर आ रहे हैं। राज्य नोडल मंत्री इंदर सिंह परमार और राज्य प्रभारी अधिकारी सचिव मनीष सिंह इन गतिविधियों का पर्यवेक्षण और निर्देशन कर रहे हैं।

     

  • युवाओं को नशे से बचाने पर जोर, CM यादव ने दिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश

    युवाओं को नशे से बचाने पर जोर, CM यादव ने दिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश

    युवाओं को नशे से बचाएं, जो हॉट स्पॉट हैं वहां रखें निगरानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवाओं को हर हाल में नशे से बचाएं। विशेष रूप से शहरों में जो हॉट स्पॉट हैं वहां निगरानी रखी जाए। जिला स्तर पर प्रत्येक माह बैठक होना चाहिए जिसमें नशा मुक्त भारत पर विचार हो और इसके क्रियान्वयन की दिशा में भी आगे बढ़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में नशा मुक्त भारत के संबंध में वीडियो कांफ्रेंस द्वारा कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है। प्रदेश में निरंतर समीक्षा के साथ दोषियों के विरूद्ध सख्त कदम भी उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग आवश्यकतानुसार संयुक्त कार्यवाही में पीछे न हटें।

    बैठक में प्रजेंटेशन में बताया गया कि नशीली दवा, मादक पदार्थों में उत्पादन, व्यापार, सेवन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए एनडीपीएस एक्ट लागू है। इस कड़े काननू के तहत इस वर्ष प्रदेश में 2706 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। कुल 3690 आरोपियों से अगस्त 2026 तक 46 हजार 313 किलो मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। प्रतिबंधित कफ सीरप जप्त करने, शिक्षण संस्थानों की 500 मीटर परिधि में ड्रग्स फ्री परिसर बनाने, नशा मुक्त मित्रों का सहयोग प्राप्त करने और जिलों में नशा मुक्त केंद्रों की भूमिका सक्रिय बनाने के कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। नशा मुक्त हेल्पलाइन 14446 की व्यवस्था भी लागू की गई है।

    मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, एडीजी नार्कोटिक्स डी श्रीनिवास वर्मा सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

     

  • पंचायतों के उप निर्वाचन में 56.62 एवं नगर परिषद सुसनेर में 75.96 प्रतिशत हुआ मतदान

    पंचायतों के उप निर्वाचन में 56.62 एवं नगर परिषद सुसनेर में 75.96 प्रतिशत हुआ मतदान

    भोपाल

    नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन वर्ष 2026 पूर्वाध के घोषित कार्यक्रम अनुसार 29 सितम्बर, 2026 को मतदान सम्पन्न हुआ। जिला आगर-मालवा की नगर परिषद सुसनेर के अध्यक्ष पद के लिए 75.96 प्रतिशत मतदान हुआ। पंचायत उप निर्वाचन के लिये 56.62 प्रतिशत मतदान हुआ।

    नगर परिषद सुसनेर के अध्यक्ष पद के लिए मतगणना 3 अक्टूबर को होगी। सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकास खण्ड मुख्यालय पर ई.व्ही.एम. से की जाने वाली मतगणना 3 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से होगी। इसी दिन सरपंच एवं जनपद पंचायत सदस्य के निर्वाचन परिणामों की घोषणा की जायेगी। जिला पंचायत सदस्यों एवं पंच पद के लिए परिणामों की घोषणा 5 अक्टूबर 2026 को प्रात: 10.30 बजे से की जायेगी।

    पंचायत उप निर्वाचन के तहत जिला पंचायत सदस्य के 7, जनपद पंचायत सदस्य के 28, सरपंच के 110 और 4090 पंच पद के लिये उप निर्वाचन होना था।

     

  • दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के वन्य-जीव कछुओं की अंतर्राज्यीय तस्करी

    दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के वन्य-जीव कछुओं की अंतर्राज्यीय तस्करी

    भोपाल 

    स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, क्षेत्रीय इकाई इंदौर द्वारा अंतर्राज्यीय स्तर पर जलीय वन्य-जीवों की अवैध तस्करी करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ की गई कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर द्वारा वन अपराध प्रकरण में शामिल मुख्य आरोपी कमल मेहता की नियमित जमानत याचिका को निरस्त कर दिया गया है।

    19 अगस्त, 2026 को स्टेट टाइगर फोर्स इंदौर की टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर तीन इमली चौराहा, इंदौर से आरोपी रोहन और केशव को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 30 नग जीवित दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए (विभिन्न प्रजातियों के) जप्त किये गये। पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ और कनाडिया रोड स्थित 'श्री पेट शॉप' (आरोपी कमल मेहता के परिसर) की तलाशी ली गई। वहाँ से अनुसूची-I एवं II के तहत संरक्षित एक इंडियन स्टार टॉरटॉइस तथा एक रोज रिंग पैराकिट पक्षी बरामद किया गया। प्रकरण में अब तक आरोपी कमल मेहता और उसके अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्यों के कब्जे से कुल 33 नग जीवित दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए जप्त किये जा चुके हैं। इस गिरोह के तार मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से जुड़े हुए हैं।

    आरोपी कमल मेहता के विरुद्ध वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध है। एसटीएफ द्वारा आरोपी को 23 सितंबर, 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।

    एसटीएसएफ की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर में सशक्त पक्ष रखते हुए अवगत कराया गया कि आरोपी एक संगठित अंतर्राज्यीय वन्य-जीव तस्करी गिरोह का हिस्सा है। जमानत मिलने पर आरोपी द्वारा साक्ष्यों को प्रभावित करने, विवेचना में बाधा डालने की प्रबल संभावना है। जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर ने प्रकरण में दुर्लभ वन्य-जीवों की अंतर्राज्यीय तस्करी की गंभीरता और आरोपी की प्रथम दृष्ट्या संलिप्तता को देखते हुए 28 सितंबर, 2026 को आरोपी कमल मेहता की जमानत याचिका निरस्त करने का आदेश पारित किया। प्रकरण में विवेचना जारी है।