Category: मध्य प्रदेश

  • युवा, शोधकर्ता और युवा वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर करेंगे संवाद

    युवा, शोधकर्ता और युवा वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर करेंगे संवाद

    भोपाल

    जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और सतत विकास के लक्ष्यों को प्रभावी रूप से प्राप्त करने में युवाओं, शोधकर्ताओं एवं युवा वैज्ञानिकों की भूमिका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 30 सितंबर को भोपाल में प्री-सीओपी31 परामर्श संवाद आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम एमपीसीएसटी, विज्ञान भवन, नेहरू नगर, भोपाल में होगा।

    संवाद का विषय “सही राह पर आगे बढ़ते हुए-जलवायु एवं सतत विकास के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना और राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में राज्य की भूमिका को बढ़ाना” है। कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, नर्मदा समग्र, मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (ईपीसीओ) तथा अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

    कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन और सतत विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, युवा वैज्ञानिकों एवं युवाओं के साथ संवाद होगा। कार्यक्रम में ‘क्लाइमेट शाला’ का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद “जलवायु एवं एसडीजी समन्वय तथा मध्यप्रदेश की प्राथमिकताएं” विषय पर पैनल चर्चा होगी और संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा।कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

     

  • कचरा मुक्त एवं धूल मुक्त शहरों के निर्माण के साथ युवाओं और उद्योगों की सहभागिता से सर्कुलर इकोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा

    कचरा मुक्त एवं धूल मुक्त शहरों के निर्माण के साथ युवाओं और उद्योगों की सहभागिता से सर्कुलर इकोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा

    भोपाल 

    स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत शहरी स्वच्छता, सैनिटेशन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में देश के चयनित 50 शहरों को मॉडल शहर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई प्रगति-50 पहल में मध्यप्रदेश के भोपाल एवं उज्जैन शहरों का चयन किया गया है। चयनित शहरों में स्वच्छता, सैनिटेशन, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा नागरिक सहभागिता के क्षेत्र में समयबद्ध एवं परिणाम आधारित कार्यों को गति दी जाएगी।

    प्रगति-50 पहल के संबंध में आज आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ऑनलाइन शामिल हुए। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे सहित विभागीय अधिकारी एवं संबंधित नगरीय निकायों के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की ।बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत नई पहलों, तकनीकी नवाचारों तथा प्रगति-50 शहरों में स्वच्छता के परिणामों को गति देने के लिए निगरानी एवं क्रियान्वयन व्यवस्था पर चर्चा हुई।

    मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप मध्यप्रदेश PRAGATI-50 के लिए संकल्पित होकर कार्य करेगा। इंदौर, भोपाल और उज्जैन में विस्तृत कार्ययोजना बनाकर हम उत्कृष्ट कार्य कर प्रदेश और इन महानगरों की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम करेंगे। उज्जैन सिंहस्थ की दृष्टि से इन तीनों शहरों का समग्र विकास अति महत्वपूर्ण है। इस पहल से इन शहरों में स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल सेक्टर के विस्तार में गति आएगी। युवा स्वच्छता के लीडर बन पाएंगे।”

    उज्जैन में सिंहस्थ की दृष्टि से विशेष तैयारी

    वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व की दृष्टि से स्वच्छता एवं सैनिटेशन अधोसंरचना को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ करने में इस पहल की बड़ी भूमिका होगी। घाटों, सार्वजनिक शौचालयों, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा भीड़-आधारित स्वच्छता व्यवस्था को उन्नत किया जाएगा। क्षिप्रा नदी की स्वच्छता, उपयोगित जल प्रबंधन एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। ज़ीरो वेस्ट ईवेंट और सर्कुलर सैनिटेशन मैनेजमेंट की अवधारणा को अपनाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।

    मिशन मोड पर होगा काम, युवाओं की सहभागिता का लक्ष्य

    इस पहल के अंतर्गत कचरा मुक्त और धूल मुक्त शहरों की अवधारणा को साकार करने के लिए मिशन मोड पर कार्य किया जाएगा। स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, घर-घर कचरा संग्रहण, एमआरएफ, कम्पोस्टिंग एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रसंस्करण को सुदृढ़ किया जाएगा। सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं दर्शनीय स्वच्छता और सुंदरता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वेस्ट-टू-वेल्थ और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा दिया जाएगा। युवाओं, स्टार्टअप्स एवं उद्योगों की स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में सहभागिता बढ़ाई जाएगी। स्वच्छता क्षेत्र में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए भोपाल के लिए विशेष कार्ययोजना

    वर्ष 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की दृष्टि से भोपाल को स्वच्छ, हरित एवं निवेश-अनुकूल महानगर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, उपयोगित जल का पुनः उपयोग, सार्वजनिक स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं दृश्य स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाएगी। कचरा संभावित स्थलों के उन्मूलन और सार्वजनिक स्थलों के कायाकल्प पर विशेष जोर दिया जाएगा। वेस्ट-टू-वेल्थ, सर्कुलर इकोनॉमी तथा पीपीपी आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहन करना भी इस पहल में शामिल है। इसके अंतर्गत समयबद्ध क्रियान्वयन एवं परिणाम आधारित निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।

    प्रदेश में स्टार्टअप एवं नवाचार को प्रोत्साहन

    स्वच्छता क्षेत्र में नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को प्रारंभिक स्तर पर 20 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की पहल पर कार्य किया जाएगा। आईआईटी कानपुर की सहभागित व सहयोग के साथ स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्चक्रण, सर्कुलर इकोनॉमी एवं तकनीकी नवाचार से जुड़े नए उद्यमों को प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।

     

  • मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के हित में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरूआत की गई है। प्रदेश में वर्ष 2005 में राज्य परिवहन निगम बंद किया गया था। राष्ट्रवादी विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, 25 सितम्बर से प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन की शुरूआत हुई है, जिसका निरंतर विस्तार किया जाएगा। अगले पांच वर्ष में 14 हजार 981 बसों के संचालन का लक्ष्य है। इस सेवा में पूर्व से संचालित फिट बसों का उपयोग भी किया जा रहा है, अत: नागरिकों सहित किसी को भी भ्रमपूर्ण जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंर्तगत नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के संबंध में जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक को वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा निर्देशित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सेवा संकल्प माह के अंतर्गत प्रारंभ इस सुविधा से स्थानीय प्रशासन द्वारा यात्रियों को व्यवस्थित बस संचालन का लाभ दिलवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। संबंधित जिलों में प्रशासन के स्तर पर नागरिकों और बस आपरेटर्स को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। सेवा के प्रदेशव्यापी विस्तार के साथ सभी जिलों में प्रशासनिक अमला नागरिकों की सुविधा के लिए सजग भूमिका का निर्वहन करेगा। वर्तमान में जिन रूट्स पर बसों का संचालन किया जा रहा है वहां मैदानी अमले द्वारा सहयोगी रवैया अपनाया जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर बस डिपो या टर्मिनल बंद स्थिति में हो तो उन्हें स्वच्छता अभियान चलाकर और बैठक एवं अन्य सुविधाओं का विकास कर उपयोगी बनाया जाए। जहां स्टाप या बस स्टैंड खत्म हो चुके हैं वहां भूमि उपलब्ध करवाकर यह सुविधा विकसित की जाए। परमिट के अलावा जो बसें चल रही हैं उनके व्यवस्थित और अनुशासित संचालन को प्राथमिकता दी जाए। निजी बस ऑपरेटरों के फिटनेस, परमिट की शर्तें, ड्राइवर का बस संचालन और व्यवहार के लिए मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। क्षेत्रीय कंपनियों के साथ शहरों में आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए स्थानीय प्रशासन सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसों के बाधारहित संचालन के लिए थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का सहयोग दिलवाया जाए। इसके साथ ही जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समिति की नियमित बैठकें की जाएं। जिला कलेक्टर टीएल बैठक में क्षेत्रीय कंपनी के ईडी से भी प्रत्येक सप्ताह चर्चा करें।राज्य परिवहन उपक्रम की ओर से सभी जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों के समक्ष रूट प्रस्तुतिकरण और सुझाव प्राप्त करने की काईवाई भी सुनिश्चित की जाए। आम जनता के हित में सभी एजेंसियों के बीच परस्पर आवश्यक संवाद रहे।

    परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ दिलवाने के लिए निजी बस ऑपरेटरों को आवश्यक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यात्रियों से प्राप्त सुझावों पर भी प्रशासन की ओर से जरूरी प्रबंध किए जाएं।

    मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। परिवहन क्षेत्र में यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले इसलिए बस ऑपरेटर्स से प्रशासन का नियमित संवाद हो। विभिन्न तरह की भ्रांतियां को समाप्त किया जाए। जो पूर्व से संचालित फिट बसें हैं, उनका संचालन किया जा रहा है। अनेक आधुनिक तकनीक भी अपनाई गई हैं, जिसमें यात्री एप के माध्यम से यात्रा के संबंध में बेहतर प्लान कर यात्रा कर सकता है।

    परिवहन सचिव  मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन में बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तीन प्रमुख स्तंभ हैं- बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर। वर्तमान में प्रारंभ की गई बसों की संख्या निरंतर बढ़ाई जाएगी। यात्रियों को लाभान्वित करने के साथ निजी ऑपरेटर को उसके कार्य और व्यवसाय का जायज लाभ हो, इसका ध्यान रखा गया है। राज्य परिवहन उपक्रम के लिए भोपाल में कार्यालय की व्यवस्था की गई है। आने वाले तीन माह में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर में क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए शत-प्रतिशत कार्यालय भवन उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में भी क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए कार्यालय भवन की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए आवश्यक कुल 1190 में से 400 पदों के लिए नियुक्ति की कार्रवाई भी पूर्ण की जाएगी। विशेषज्ञ पद भी भरे जाएंगे। प्रदेश में गत 10 माह में यात्री संख्या और रूट सर्वे के माध्यम से जो आकलन किया गया और आवश्यक बसों की संख्या का अनुमान लगाया गया उसके अनुसार प्रदेश में सात क्षेत्र में 3636 मार्गो पर 13006 बसों की व्यवस्था की जाना है। चरणबद्ध विस्तार भी किया जाएगा। वर्ष 2031 तक प्रदेश में 14981 बसों के संचालन में सफलता मिलेगी। राज्य स्तरीय आईटीएमएस प्लेटफार्म एक विशेष सुविधा है। चलो मोबिलिटी के अंतर्गत आईटीएमएस का अंतरिम रूप से प्रयोग करते हुए आवश्यक माड्यूल निर्धारित किए गए हैं। परिवहन सचिव  मनीष सिंह ने सुगम बस संचालन के लिए अधोसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी जानकारी दी।

     

  • सेवा की कहानी: खाली पड़ी जमीन पर बायोफ्लॉक मछली पालन से विप्लब ने बनाई आय की नई राह

    सेवा की कहानी: खाली पड़ी जमीन पर बायोफ्लॉक मछली पालन से विप्लब ने बनाई आय की नई राह

    रायपुर

    कभी खाली पड़ी जिस जमीन से कोई आमदनी नहीं होती थी, अब उसी जगह बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर विप्लब हलदर ने आय की नई राह बनाई है। मत्स्य विभाग की योजना के तहत मिली सहायता से उन्होंने बायोफ्लॉक तालाब तैयार कर मछली उत्पादन शुरू किया है। वर्तमान में मछलियां बढ़वार की अवस्था में हैं और करीब तीन माह बाद बिक्री योग्य आकार में आने की उम्मीद है। इसके बाद विप्लब को अपने इस नए व्यवसाय से आमदनी मिलने लगेगी।

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अपनी ‘सेवा की कहानी’ साझा करते हुए विप्लब बताते हैं कि पहले यह जमीन खाली पड़ी रहती थी और इससे किसी प्रकार का उत्पादन या आमदनी नहीं होती थी। मत्स्य विभाग से बायोफ्लॉक पद्धति की जानकारी और योजना के तहत सहायता मिलने के बाद उन्होंने खाली जमीन का उपयोग मछली पालन के लिए करने का निर्णय लिया।

    14 लाख रुपये की इकाई लागत, 40 प्रतिशत मिला अनुदान

    बायोफ्लॉक तालाब निर्माण के लिए 14 लाख रुपये की इकाई लागत निर्धारित है। योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को इकाई लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इस सहायता से हितग्राहियों को आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन अपनाकर स्वरोजगार और आय के नए अवसर विकसित करने में सहयोग मिल रहा है।

    विप्लब ने भी विभागीय सहायता का लाभ लेकर मछली पालन को आजीविका के रूप में अपनाया है। उनका कहना है कि जिस स्थान से पहले कोई उत्पादन नहीं मिल रहा था, अब उसी जगह मछली पालन से आमदनी की संभावना बनी है।

    तीन माह बाद बिक्री की तैयारी, स्थानीय बाजार में मांग का भरोसा

    विप्लब के अनुसार वर्तमान में मछलियों को बिक्री योग्य आकार में आने में लगभग तीन माह का समय और लगेगा। इसके बाद तैयार मछलियों को बाजार में बेचा जाएगा। उन्हें स्थानीय बाजार में मछली की मांग को देखते हुए बिक्री में परेशानी नहीं होने की उम्मीद है। उनके अनुसार बाजार में मछली की कीमत लगभग 120 रुपये तक मिलती है।

    पहली खेप की बिक्री के बाद उत्पादन लागत और आमदनी के आधार पर वास्तविक लाभ का आकलन हो सकेगा। विप्लब को उम्मीद है कि बेहतर परिणाम मिलने पर वे इस गतिविधि को आगे भी जारी रखेंगे।

    खाली जमीन बनी स्वरोजगार का आधार

    बायोफ्लॉक पद्धति से मछली पालन ने विप्लब के लिए खाली पड़ी जमीन के उपयोग की नई संभावना तैयार की है। मत्स्य विभाग से मिली सहायता और आधुनिक तकनीक के उपयोग से वे अब इस स्थान को आयमूलक गतिविधि से जोड़ चुके हैं।

    विप्लब का कहना है कि मछली पालन किसानों और ग्रामीण हितग्राहियों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर माध्यम बन सकता है। योजना के तहत मिलने वाली सहायता से इस व्यवसाय को शुरू करने में सहूलियत मिल रही है।

    उन्होंने योजना के माध्यम से मिली सहायता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत विप्लब हलदर की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि शासकीय सहायता और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर अनुपयोगी पड़ी जमीन को भी स्वरोजगार और आय के अवसर में बदला जा सकता है।

  • पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में अब तक 64 हजार 644 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 440 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

    पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में अब तक 64 हजार 644 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 440 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

    भोपाल 

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक कुल 64 हजार 644 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं, जिन्हें 440 करोड़ 40 लाख से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। लोगों को इस योजना का लाभ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

    गौरतलब है कि इस योजना के तहत एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलो वाट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।

    कहां करें आवेदन

    पीएम सूर्य घर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in अथवा उपाय एप, वॉट्सएप चैटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

    कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं जिससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है।

     

  • 100 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मिलेगा पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति पत्र एवं डिस्क

    100 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मिलेगा पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति पत्र एवं डिस्क

    भोपाल

    नवम्बर 2025 के लिए मध्यप्रदेश पुलिस के 100 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति पत्र एवं डिस्क (DG's Commendation Roll & Disc) प्रदान किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    इस सम्मान के लिए चयनित अधिकारियों में—

    पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी

            01.  अनुराग, पुलिस महानिरीक्षक, ग्रामीण जोन, इंदौर।

            02.  संजय कुमार, पुलिस आयुक्त, नगरीय पुलिस, भोपाल।

            03. मती रूचिवर्धन मिश्र, पुलिस महानिरीक्षक, ग्रामीण जोन, भोपाल।

            04.  अंशुमान सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल (हाल-सेवानिवृत्त)।

            05.  शियाष ए., पुलिस महानिरीक्षक, राज्य सायबर मुख्यालय, भोपाल (हाल-प्रतिनियुक्ति पुलिस महानिरीक्षक, सीमा सुरक्षा बल, नई दिल्ली)।

    पुलिस उप महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी

            06.  सत्येन्द्र कुमार शुक्ल, उप पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन), पुलिस मुख्यालय, भोपाल।

            07.  बीरेन्द्र कुमार सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक, नर्मदापुरम जोन।

            08.  विनीत कपूर, पी.एस.ओ. टू डीजीपी, पुलिस मुख्यालय, भोपाल।

            09.  मनोज कुमार सिंह, उप पुलिस महानिरीक्षक, ग्रामीण रेंज, इंदौर।

            10.  रियाज इकबाल, उप पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक), पुलिस मुख्यालय, भोपाल।

            11.  मंयक अवस्थी, उप पुलिस महानिरीक्षक, जिला धार (हाल-अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, कानून व्यवस्था, नगरीय पुलिस इंदौर)।

    पुलिस अधीक्षक/पुलिस उपायुक्त/सेनानी/अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं सहायक पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी

            12.  अखिल पटेल, पुलिस उपायुक्त, नगरीय पुलिस, भोपाल।

            13.  षियाज के.एम., सेनानी, हॉक फोर्स, बालाघाट (हाल-पुलिस अधीक्षक, जिला सिंगरौली)।

            14.  आदर्शकांत शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बैहर, जिला बालाघाट (हाल-पुलिस उपायुक्त, जोन-4, नगरीय पुलिस भोपाल)।

            15.  मलय जैन, स्टॉफ ऑफिसर टू पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश, पुलिस मुख्यालय, भोपाल।

            16.  अमित सक्सेना, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक), पुलिस मुख्यालय, भोपाल।

            17.  प्रणय नागवंशी, पुलिस अधीक्षक, राज्य सायबर मुख्यालय, भोपाल।

            18.  राकेश कुमार पेन्द्रो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला बालाघाट (हाल-अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रतलाम)।

            19. मती शालिनी दीक्षित, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपायुक्त जोन-3, जिला भोपाल।

            20.  गोपाल सिंह धाकड, सहायक पुलिस महानिरीक्षक, चयन/भर्ती शाखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल।

    पुलिस उप अधीक्षक स्तर के अधिकारी

            21. मती अंकिता खातरकर, सहायक पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त जोन-3, जिला भोपाल।

            22.  सत्येन्द्र घनघोरिया, नगर पुलिस अधीक्षक, जिला रतलाम।

            23. सु नीलम बघेल, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), अनुभाग सैलाना, जिला रतलाम।

            24.  रवि प्रकाश सिंह भदौरिया, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), अनुभाग अम्बाह, जिला मुरैना।

            25.  आकाश अमलकर, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), अनुभाग आष्टा, जिला सीहोर।

            26.  उदित मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक, अजाक, जिला रीवा।

            27.  नीतेश पटेल, उप पुलिस अधीक्षक (प्रशासन), पुलिस मुख्यालय, भोपाल।

            28.  योगेश सिंह तोमर, कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक, क्राईम, जिला उज्जैन।

    इसके अतिरिक्त 14 निरीक्षक, 26 उप निरीक्षक, 7 सहायक उप निरीक्षक, 12 प्रधान आरक्षक तथा 13 आरक्षक को भी पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति पत्र एवं डिस्क के लिए चयनित किया गया है। इस प्रकार पुलिस राजपत्र में निहित प्रावधानों के अंतर्गत कुल 100 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

    उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिया जाता है सम्मान

    वर्ष 2002 से पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति पत्र एवं डिस्क अवॉर्ड विभाग के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 8 श्रेणियों में प्रदान किया जाता है— दस्यु विरोधी अभियान, नक्सल विरोधी अभियान एवं अन्य अभियानों के दौरान प्रशंसनीय उपलब्धि प्राप्त करने पर, प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रशंसनीय कार्य करने पर, क्रीड़ा क्षेत्र में राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने पर, पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार लाने वाले नए प्रयोग करने पर, 15 वर्ष तक लगातार उत्कृष्ट एवं स्वच्छ अभिलेख होने पर, वाहन चालकों द्वारा 15 वर्ष तक लगातार उत्कृष्ट एवं दुर्घटनारहित वाहन चालन करने पर, अनसुलझे प्रकरणों को सुलझाने पर, अन्य प्रशंसनीय कार्य करने पर ये सम्मान दिया जाता है।

     

  • प्रदेश की हर विधानसभा में विकसित होंगे सर्वसुविधायुक्त सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स : मंत्री  सारंग

    प्रदेश की हर विधानसभा में विकसित होंगे सर्वसुविधायुक्त सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स : मंत्री सारंग

    भोपाल 

    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मंत्रालय स्थित समिति कक्ष में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर प्रदेश में निर्माणाधीन सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण, उपलब्ध कराई जाने वाली खेल सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचना को लेकर तैयारी का जायजा लिया ।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना को व्यापक स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की अवधारणा का उद्देश्य प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के युवाओं और खिलाड़ियों को उनके अपने क्षेत्र में आधुनिक एवं बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    एक ही परिसर में अनेक खेलों की सुविधा

    सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में विभिन्न खेलों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परिसर में बैडमिंटन, एथलेटिक्स ट्रैक, मार्शल आर्ट, टेबल टेनिस, खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसे खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सुविधाओं के माध्यम से बच्चों, युवाओं और स्थानीय खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास एवं प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को भी बढ़ावा मिलेगा।

    फिटनेस सेंटर से लेकर उपकरण कक्ष तक

    सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में केवल खेल मैदान ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सहायक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। परिसर में फिटनेस सेंटर, एडमिन ब्लॉक, उपकरण कक्ष, चेंजिंग रूम, इलेक्ट्रिकल रूम और फायर सेफ्टी सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इन सुविधाओं का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के दौरान आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है।

    स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर

    मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण में गुणवत्ता, उपयोगिता और खिलाड़ियों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना का विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इन परिसरों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए।

    मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि उन्हें बेहतर मैदान, प्रशिक्षण, उपकरण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। विधानसभा स्तर पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित होने से स्थानीय प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से ही बेहतर वातावरण मिलेगा और उन्हें जिला, संभाग, राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे।

    हर विधानसभा में बनेगा हेलीपैड

    सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेल सुविधाओं के साथ आपातकालीन सेवाओं को ध्यान में रखते हुए हेलीपैड का भी प्रावधान किया जा रहा है। प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसका उपयोग आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन एवं त्वरित राहत सेवाओं के संचालन के लिए किया जा सकेगा।

    बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण एवं आगामी कार्ययोजना से संबंधित प्रगति की जानकारी मंत्री  सारंग को दी।

     

  • मनीषा कीर ने टीम स्पर्धा में जीता रजत

    मनीषा कीर ने टीम स्पर्धा में जीता रजत

    भोपाल 

    एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी नीरू ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स की महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में नीरू ढांडा ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में उन्होंने 30 में से 28 सटीक निशाने साधते हुए न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि नया एशियन रिकॉर्ड भी कायम किया।

    28 सटीक निशानों के साथ एशियन रिकॉर्ड, नीरू ढांडा का ऐतिहासिक स्वर्ण

    नीरू धांडा ने फाइनल मुकाबले में शानदार एकाग्रता और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। उनके 28 अंकों के प्रदर्शन ने इससे पहले के 24 अंकों के एशियन रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस स्वर्णिम प्रदर्शन के साथ नीरू एशियन गेम्स में महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बन गईं।

    नीरू की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसी दिन उन्होंने आशिमा अहलावत और मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ी मनीषा कीर के साथ महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    30 सितंबर को मिक्स्ड टीम स्पर्धा में नीरू का अगला मुकाबला

    एशियन गेम्स में नीरू ढांडा का शानदार सफर अभी जारी है। 30 सितंबर 2026 को नीरू ढांडा और क्यानन चेनाई की भारतीय जोड़ी ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में चुनौती पेश करेगी। स्पर्धा का क्वालिफिकेशन राउंड सुबह होगा, जबकि फाइनल दोपहर 2:30 बजे निर्धारित है।

    व्यक्तिगत महिला ट्रैप में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक और टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने के बाद अब नीरू के पास मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी भारत के लिए एक और पदक जीतने का अवसर है। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की नीरू ढांडा के अगले मुकाबले पर प्रदेश की खेल प्रेमियों की नजरें रहेंगी।

    मध्यप्रदेश की खेल अकादमी से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक

    नीरू ढांडा का यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही आधुनिक खेल सुविधाओं की सफलता को भी दर्शाता है। भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी ऑफ एक्सीलेंस में 10 मीटर एवं 25 मीटर पिस्टल/राइफल रेंज, 50 मीटर राइफल रेंज तथा शॉटगन के लिए ट्रैप और स्कीट रेंज जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। अकादमी में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के साथ आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था है।

    नीरू ढांडा ने मध्यप्रदेश से जुड़कर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास के माध्यम से अपने खेल कौशल को निखारा है। उनके शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियां खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

    इस वर्ष भी जारी है नीरू का शानदार प्रदर्शन

    नीरू ढांडा का वर्ष 2026 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन जारी है। इससे पहले उन्होंने इटली के लोनाटो में आयोजित ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भी इतिहास रचा था। अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।

    मनीषा कीर ने भी दिलाया भारत को रजत

    मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी मनीषा कीर ने भी एशियन गेम्स में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू ढांडा, मनीषा कीर और आशिमा अहलावत की भारतीय टीम ने 328 अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया। टीम की ओर से नीरू धांडा ने 118, आशिमा अहलावत ने 106 और मनीषा कीर ने 104 अंक अर्जित किए। भारतीय टीम ने चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। मनीषा कीर इससे पहले भी एशियन गेम्स के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक जीत चुकी हैं। वर्ष 2022 के एशियन गेम्स में उनकी यह उपलब्धि उनके अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निरंतर प्रदर्शन को दर्शाती है।

    मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभाओं ने बढ़ाया गौरव

    एशियन गेम्स के मंच पर नीरू धांडा और मनीषा कीर का यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था की सफलता को भी रेखांकित करता है। भोपाल स्थित अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक शूटिंग सुविधाओं के साथ उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

    अकादमी में शॉटगन के लिए 5 ट्रैप और 8 स्कीट शूटिंग स्टेशन सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। खिलाड़ियों के लिए आवास एवं भोजन की व्यवस्था के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के अनुरूप प्रशिक्षण वातावरण भी उपलब्ध कराया जाता है। मनीषा कीर और नीरू धांडा दोनों ही अकादमी के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं।

     खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने नीरू ढांडा और मनीषा कीर को एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश की खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन के बल पर अंतर्राष्ट्रीय खेल मंच पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। नीरू धांडा का ऐतिहासिक स्वर्ण और मनीषा कीर का टीम स्पर्धा में रजत पदक प्रदेश की बेटियों की खेल प्रतिभा का शानदार उदाहरण है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी इसी तरह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और देश का नाम रोशन करते रहें।

    एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश का गौरव

    एशियन गेम्स-2026 में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की नीरू ढांडा और मनीषा कीर की यह उपलब्धि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के लिए गौरव का विषय है। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने न केवल भारतीय निशानेबाजी को मजबूती दी है, बल्कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों की प्रतिभा को भी एशिया के सबसे बड़े खेल मंच पर नई पहचान दिलाई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश की ओर से नीरू धांडा और मनीषा कीर को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

     

  • पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही मिलेगा विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ

    पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही मिलेगा विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेशव्यापी ‘सेवा सेतु अभियान–सरकार आपके द्वार’ की तैयारियों एवं गतिविधियों की समीक्षा की। यह अभियान प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ का महत्वपूर्ण घटक है। अभियान के तहत 3 अक्टूबर को विकासखंड स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अभियान का उद्देश्य शासकीय सेवाओं को नागरिकों के और अधिक निकट पहुंचाना है, जिससे आमजन को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिविरों में पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ एवं आवश्यक सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

    शिविरों में राजस्व विभाग की सेवाओं के साथ विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। इनमें स्वामित्व योजना, फार्मर आईडी, अविवादित नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन, आय एवं स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत, पीएम स्वनिधि, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, संबल, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, महिला एवं बाल विकास की योजनाएं तथा स्वरोजगार एवं कौशल विकास से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।

    स्वास्थ्य शिविर और योजनाओं की जानकारी पर केंद्रित प्रदर्शनी

    प्रत्येक सेवा सेतु शिविर में अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिससे नागरिकों को योजनाओं की जानकारी और पात्रता संबंधी जानकारी एक ही स्थान पर प्राप्त हो सके।

    हितग्राहियों के पंजीयन और विभागीय समन्वय पर जोर

    शिविरों में आने वाले हितग्राहियों के पंजीयन के लिए पृथक स्टॉल की व्यवस्था की जाएगी। संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की शिविर स्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। पूर्व से योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हितग्राहियों के साथ शेष पात्र हितग्राहियों को भी चिन्हित कर शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप लाभ प्रदान किया जाएगा। अभियान के दौरान प्राप्त शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    ग्रामीण क्षेत्रों में विकासखंड स्तर पर तथा नगरीय क्षेत्रों में नगर निगम के जोन एवं नगर पालिका/नगर परिषद स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों के लिए सार्वजनिक एवं सुगम स्थानों का चयन किया जाएगा, जहां नागरिकों के लिए पर्याप्त स्थान, पेयजल, छाया एवं आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो। बैठक में अध्यक्ष अपेक्स बैंक  महेंद्र सिंह यादव, अध्यक्ष नगर आपूर्ति निगम डॉ. के.पी. यादव, पूर्व सांसद भोपाल  आलोक संजर, उपाध्यक्ष विंध्य विकास प्राधिकरण  संजय कुमार तीर्थवानी सहित अपर मुख्य सचिव मती दीपाली रस्तोगी,  ई. रमेश कुमार तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • सेवा ज्योति कलश कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करें  सभी विभाग अभियान चलाकर करें अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण

    सेवा ज्योति कलश कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करें सभी विभाग अभियान चलाकर करें अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पहले 21 साल बाद सुगम बस के रूप में सरकारी बस सेवा प्रारम्भ हुई। अब 21 साल बाद भोपाल के मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट जारी किया गया। यह मास्टर प्लान भोपाल को वर्ष 2047 में विकसित और हरित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से अनुरोध है कि वे मास्टर प्लान के प्रारूप पर अपने दावे-आपत्ति और सुझाव देने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे।

    उज्जैन में धार्मिक पर्यटन के लिए बस सेवा का संचालन आरंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म जयंती और अनंत चतुर्दशी के अवसर पर सुगम परिवहन सेवा के रूप में प्रदेश में एक बार फिर सरकारी बसें शहर-शहर और गांव-गांव तक सड़कों पर दौड़ने लगी है। सुगम परिवहन शहर के अंदर चलने वाली ई-बसें, जिले के अंदर चलने वाली बसें, एक से दूसरे जिले को जोड़ने वाली बसें और अन्य राज्यों को जाने वाली बस सेवाएं प्रदेशवासियों को उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में धार्मिक पर्यटन के लिए बस सेवा का संचालन आरंभ किया गया है।

    मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को मिली वैश्विक पहचान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाओं को यूनेस्को की अस्थाई लिस्ट में शामिल किए जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत की कुल 78 अस्थायी धरोहरों में से 19 मध्यप्रदेश में होना बड़े गौरव की बात है। इससे मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई वैश्विक पहचान मिली है।

    सेवा संकल्प अभियान-2026

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के संदर्भ में आरंभ सेवा-संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम में लगभग 3 करोड़ 88 लाख दीये सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में प्रज्ज्वलित किये गये। प्रदेश में 650 से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित हुए, जिनमें लगभग 11 हजार यूनिट रक्त एकत्र हुआ। भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता में 87 हजार से अधिक स्कूल-कॉलेजों के 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। आंगन मिलन कार्यक्रम अब तक 43 हजार से अधिक आंगनवाडियों में आयोजित हो चुका है, जिनमें 17 लाख से अधिक माताओं और बच्चों ने भाग लिया हैं। नमो – सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 484 नुक्कड़ टोलियों द्वारा 3000 से अधिक प्रस्तुतियां दी गईं। वड़नगर से वाराणसी यात्रा में अब तक 1000 ग्राम और 190 नगरीय क्षेत्रों में 725 सभाएं आयोजित हुई हैं। सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के अंतर्गत 25 सेवा गतिविधियों में 9 लाख से अधिक नागरिकों एवं 10 हजार से अधिक संस्थाओं ने भाग लिया। सेवा की कहानी कार्यक्रम के अंतर्गत 5 लाख से अधिक प्रेरक कहानियां और आभार संदेश रिकार्ड हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 7 अक्टूबर को आयोजित होने वाले सेवा ज्योति कलश कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।

    हाइड्रोजन ट्रेन के बाद अब लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) ट्रेन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच प्रारंभ की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा गुजरात के साबरमती से मेहसाणा तक देश की पहली लिक्विड नेचुरल गैस से चलने वाली ट्रेन को हरी झण्डी दिखाई गई है। यह ट्रेन एलएनजी और डीजल दोनों से चल सकती है। इससे एक तरफ ईंधन की लागत में कमी आएगी तो दूसरी ओर प्रदूषण भी कम होगा।

    एशियन गेम्स-2026

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशियन गेम्स-2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। कबड्डी में महिला और पुरूष दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। महिला क्रिकेट टीम को स्वर्ण पदक मिला है। इस खेल में सुश्री क्रांति गौड़ ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। शूटिंग में खरगौन के ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर एवं भोपाल की आशी चौकसे ने भारत को रजक पदक दिलाया। देवास के श्री जय मीणा ने एशियाई खेलों में सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक जीता है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली सुश्री नीरू ढांडा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

    स्कूल शिक्षा विभाग में 900 से अधिक अनुकम्पा नियुक्ति आदेश जारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में एक साथ 900 से अधिक अनुकम्पा नियुक्ति आदेश जारी कर दिये गये हैं। इनमें 600 से अधिक लिपिकीय पद और 200 से अधिक भृत्य के पद हैं। इस अभियान से, ऐसे शिक्षक जिनका सेवा में रहते हुए निधन हो गया था, उनके परिजन अनुकम्पा नियुक्ति के लिये बरसों से इन्तजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवेदनशील पहल के लिये स्कूल शिक्षा विभाग की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी प्रकार की कार्यवाही अन्य सभी विभागों में करने के निर्देश दिए।

    बैहर बालाघाट में बीता था मुश्ताक खान का बचपन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिन्दी फिल्मों के चर्चित अभिनेता और हास्य कलाकार श्री मुश्ताक खान के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के बैहर और बालाघाट में उनका बचपन बीता, शिक्षा-दीक्षा हुई। एक छोटी सी जगह से निकलकर अपनी प्रतिभा के बल पर उन्होंने अभिनय की दुनिया में एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने लगभग 500 फिल्मों में काम किया है।