Category: मध्य प्रदेश

  • सेवा संकल्प ज्योति यात्रा की तैयारियों को लेकर मंत्री  सारंग ने किया जिला मुख्यालय कार्यक्रम स्थल का दौरा

    सेवा संकल्प ज्योति यात्रा की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग ने किया जिला मुख्यालय कार्यक्रम स्थल का दौरा

    भोपाल 

    सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को सेवा संकल्प ज्योति यात्रा की तैयारियों को लेकर भोपाल जिले के मुख्य कार्यकम स्थल रविन्द्र भवन का दौरा किया। मंत्री  सारंग ने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेकर संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री  सारंग ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में है। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। इसके साथ ही मंत्री  सारंग ने नरेला विधानसभा के समस्त 17 वार्डों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की। मंत्री  सारंग ने कार्यकर्ताओं को सभी तैयारियां तय समय पर पूर्ण करने और निर्धारित समय पर जिला मुख्यालय के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सेवा को समाज के प्रत्येक वर्ग को अवगत कराने के उद्देश्य से 7 अक्टूबर को देशभर में एक साथ सेवा संकल्प ज्योति यात्रा निकाली जा रही है। मंत्री  सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा के समस्त बूथों से यात्रा निकलते हुए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भोपाल जिला मुख्यालय पर एकत्रित होंगी।

    बूथ से लेकर जिला मुख्यालय तक यात्रा की जानकारी

    सेवा ज्योति यात्रा में प्रत्येक बूथ से 20-20 कार्यकर्ता और लाभार्थी सम्मिलित होंगे। सबसे पहले बूथ कार्यकर्ता बाइक से अपने-अपने बूथ का भ्रमण करते हुए मंडल मुख्यालय पर पहुंचेंगे। मंडल पर एकत्रित होकर सभी कार्यकर्ता विधानसभा मुख्यालय पर पहुंचेंगे। विधानसभा मुख्यालय से जिला मुख्यालय पहुंचेंगे। कार्यक्रम स्थल से 1 या 2 किमी दूर से पदयात्रा के रूप कार्यक्रम स्थल जहां विकसित भारत संकल्प सभा होना है वहां पहुंचेंगे। विधानसभा मुख्यालयों से सभी यात्रायें जिला मुख्यालय पर प्रातः 09:30 बजे तक पहुंचेंगी। जिला मुख्यालय सभा स्थल पर प्रातः 09:45 बजे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी वर्चुअल सभा को संबोधित करेंगे।

     

  • बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वर्चुअल संबोधन, किसानों से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

    बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वर्चुअल संबोधन, किसानों से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती किसानी तथा औषधीय फसलों में समृद्ध मंदसौर जिला अब तरक्की के नए आयामों को स्पर्श कर रहा है। 8-लेन एक्सप्रेस वे, गांधी सागर चीता प्रोजेक्ट, पशुपतिनाथ लोक जैसी कई सौगातें जिले को मिली हैं। आगामी दिनों में मंदसौर नीमच जिले को एयरपोर्ट सुविधा, परिवहन सेवा की बसों के माध्यम से भोपाल की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से मंदसौर जिले से जुड़कर बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में नवीन तकनीक के माध्यम से मंदसौर जिला श्रेष्ठ खेती किसानी कर रहा है। जिले में औषधीय फसलें भी उल्लेखनीय हैं। एक जिला एक उत्पाद के तहत मंदसौर जिले के लहसुन की ब्रांडिंग राज्य शासन द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली दी जाएगी, जिससे किसानों को रात में सिंचाई का झंझट नहीं रहेगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गांव-गांव में दुग्ध समितियां बनाई जा रही हैं। ऑर्गेनिक घी और दूध की योजना साकार हो रही है, दुग्ध उत्पादन 12 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत वृद्धि करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारों की बधाई देते हुए कहा कि गोवर्धन पूजा पर कार्यक्रम आयोजित करके उन्नत पशुपालकों को पुरस्कार भी दिया जाएगा।

    सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश शासन किसान कल्याण के लिए कृत संकल्पित है। शासन ने सिंचाई योजनाओं के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। किसान हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। कार्यक्रम में जिले के उन्नत कृषकों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।

    अपेक्स बैंक चेयरमैन श्री महेंद्र सिंह यादव, श्री राजेश दीक्षित, श्री कप्तान सिंह और पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया ने भी संबोधित किया।

    कृषि उपज मंडी परिसर मंदसौर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में जिला पंचायत अध्यक्ष  दुर्गा विजय पाटीदार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ मनुप्रिया यादव, नगर पालिका अध्यक्ष  रमादेवी बंशीलाल गुर्जर तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

     

  • सेवा सेतु शिविर के तहत पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कैम्प 9 अक्टूबर से

    सेवा सेतु शिविर के तहत पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कैम्प 9 अक्टूबर से

    शासन के निर्देशानुसार वर्तमान में संचालित सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत विद्युत कम्पनी द्वारा मुख्य गतिविधि सेवा सेतु शिविर का विकासखंडवार आयोजन 9 से 15 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस दौरान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र उपभोक्ताओं को ऑन द स्पॉट पंजीयन कर वित्तीय व तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। इस क्रम में पन्ना विकासखंड अंतर्गत वितरण केन्द्र पन्ना शहर कार्यालय में 9 अक्टूबर को शिविर लगेगा, जबकि वितरण केन्द्र कार्यालय गुनौर में 12 अक्टूबर, पवई में 13 अक्टूबर, अजयगढ़ में 14 अक्टूबर और शाहनगर में 15 अक्टूबर को शिविर लगाया जाएगा। विद्युत कम्पनी के कार्यपालन अभियंता द्वारा उपभोक्ताओं से अधिकाधिक संख्या में शिविर में शामिल होकर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील की गई है। इन शिविरों में उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर लगाने पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया व बैंक से मिलने वाली आसान ऋण सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

  • सआईआर की अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में दर्ज थे 7 लाख 50 हजार 769 मतदाता

    सआईआर की अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में दर्ज थे 7 लाख 50 हजार 769 मतदाता

    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लगभग एक माह तक संचालित विशेष अभियान में मतदाता सूची में नवीन व पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाना हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान गणना चरण में बीएलओ द्वारा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत एवं दोहरे पंजीकरण मतदाताओं की सूची तैयार की जाकर निर्धारित स्थलों पर चस्पा करने के साथ-साथ बीएलए को प्रति प्रदान की गई थी तथा इसे निर्वाचन वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया था। निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया सतत प्रचलन में रहती है। कोई भी पात्र व्यक्ति, जिसका नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं है अथवा विलोपित हो गया है, किसी भी समय मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकता है।

    आयोग द्वारा विशेष अभियान के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं कि बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची की तुलना एसआईआर पूर्व की मतदाता सूची से करेंगे और ऐसे मतदाताओं की पहचान भी करेंगे, जिनके नाम पूर्व की निर्वाचक नामावली में दर्ज थे, लेकिन वर्तमान निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं हैं। इन मतदाताओं की सूची तैयार कर एवं चिन्हित मतदाताओं की वर्तमान स्थिति का पता लगाकर पात्रता अनुसार नाम शामिल करने हेतु घर-घर जाकर सत्यापन व भ्रमण किया जाएगा तथा प्रारूप-6 भरवाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। बताया गया है कि प्री-एसआईआर की मतदाता संख्या व गणना चरण के दौरान 40 हजार 144 मतदाताओं के गणना पत्रक संकलित नहीं होने से नाम विलोपित हो गए थे। 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम एसआईआर सूची में कुल 7 लाख 50 हजार 769 मतदाता दर्ज हैं।
    इस संबंध में सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से बीएलए को सूचित कर अपने मतदान केन्द्र से बीएलओ को छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया है। साथ ही ऐसे मतदाताओं की पहचान व आगामी एक जनवरी को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए भी सहयोग की अपील की गई है।

  • जनगणना के द्वितीय चरण के लिए प्रशिक्षण 13 से 16 अक्टूबर तक

    जनगणना के द्वितीय चरण के लिए प्रशिक्षण 13 से 16 अक्टूबर तक

    जनगणना कार्य निदेशालय भोपाल द्वारा प्रसारित निर्देशों के अनुक्रम में जनगणना के द्वितीय चरण में जिला जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, सभी अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी, चार्ज जनगणना लिपिक, तकनीकी सहायक एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पन्ना के कला भवन में आगामी 13 से 16 अक्टूबर तक होगा। प्रथम दिवस सुबह 9ः30 बजे से शाम 5ः30 बजे तक एवं द्वितीय दिवस सुबह 09ः30 बजे से शाम 06ः15 बजे तक प्रशिक्षण का समय निर्धारित है। जनगणना निदेशालय द्वारा नियुक्त प्रशिक्षक मिलन गुप्ता एवं हरिओम चौधरी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रथम दो दिवस 33 तथा अंतिम दो दिवस 37 प्रतिभागी प्रशिक्षण में शामिल होंगे। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ऊषा परमार द्वारा नामांकित अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज कराने एवं गंभीरतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया है।

  • कृषि यंत्रों के लिए 13 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित

    कृषि यंत्रों के लिए 13 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित

    ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर आगामी 13 अक्टूबर तक फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर, स्वचलित हाई ग्राउंड क्लियरेंस स्प्रेयर बूम टाईप, रीपर स्वचलित, रीपर ट्रेक्टर चलित, शुगरकेन रेटून मैनेजर, रिजर एवं ब्रॉड बेड फरो प्लांटर कृषि यंत्रों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसकी लॉटरी प्रक्रिया 14 अक्टूबर को संपादित की जाएगी। इच्छुक किसानों को आवेदन के साथ स्वयं के बैंक खाते से संबंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री पन्ना के नाम से निर्धारित राशि का डीडी जमा करना अनिवार्य है। धरोहर राशि के बिना आवेदन मान्य नहीं होगा। फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर के लिए 5500, स्वचलित हाई ग्राउंड क्लियरेंस स्प्रेयर बूम टाईप के लिए 15,000, रीपर स्वचलित के लिए 2300, रीपर ट्रेक्टर चलित के लिए 2300, शुगरकेन रेटून मैनेजर के लिए 5000, रिजर के लिए 2500 एवं ब्रॉड बेड फरो प्लांटर के लिए 3000 रूपए की राशि निर्धारित है।

  • टाउन हॉल पन्ना में जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

    टाउन हॉल पन्ना में जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत के संकल्प एवं युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से संचालित अभियान अंतर्गत युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्त इकाई मेरा युवा भारत द्वारा नशा मुक्त युवा एवं विकसित भारत थीम पर जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन टाउन हॉल, पन्ना में किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के लगभग 300 विद्यार्थियों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं ने नशे के दुष्प्रभावों और नशामुक्ति का संदेश प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों व टीम को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सहभागिता का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी सुमित तोमर भी उपस्थित रहे। जिला युवा अधिकारी अपूर्व तिवारी ने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। साथ ही कार्यक्रम में सहभागिता के लिए सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार भी व्यक्त किया।

  • कलेक्टर की जनसुनवाई में आए 51 आवेदन

    कलेक्टर की जनसुनवाई में आए 51 आवेदन

    जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर ऊषा परमार की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न हुई जनसुनवाई में 51 आवेदन आए। इस मौके पर आम लोगों की समस्याओं को सुनकर निराकरण किया गया। जनसुनवाई में उपस्थित विभागीय अधिकारियों द्वारा भी आवेदकों की समस्याएं सुनी गईं। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को आवेदकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निर्देशित किया।

  • राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के पहले दिन 1.12 करोड़ बच्चों एवं किशोरियों को दी गई कृमिनाशन खुराक

    राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के पहले दिन 1.12 करोड़ बच्चों एवं किशोरियों को दी गई कृमिनाशन खुराक

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (National Deworming Day) के अंतर्गत 06 अक्टूबर 2026 को प्रदेशभर में कृमिनाशन गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रथम दिवस की अब तक प्राप्त प्रारंभिक रिपोर्टिंग के अनुसार, प्रदेश में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1.12 करोड़ बच्चों एवं किशोरों तथा प्रजनन आयु वर्ग (WRA) की लगभग 1 लाख महिलाओं को कृमिनाशन हेतु एल्बेंडाजोल की निर्धारित खुराक दी गई।

    राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान का उद्देश्य बच्चों, किशोरों एवं लक्षित प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं में आंतों के कृमि संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण करना है। कृमि संक्रमण के कारण होने वाली पोषण संबंधी समस्याओं एवं एनीमिया के जोखिम को कम करने तथा बच्चों एवं किशोरों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहयोग के लिए नियमित कृमिनाशन महत्वपूर्ण है। अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं सहित विभिन्न सेवा प्रदायगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को कृमिनाशन सेवाएं प्रदान की गईं।

    राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर दवा सेवन से वंचित रहे पात्र हितग्राहियों के लिए 09 अक्टूबर 2026 मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा। मॉप-अप राउंड के दौरान प्रथम दिवस पर अनुपस्थित अथवा किसी अन्य कारण से एल्बेंडाजोल की खुराक नहीं ले सके पात्र बच्चों, किशोरों एवं लक्षित प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं को कृमिनाशक दवा दी जाएगी, ताकि अभियान के अंतर्गत अधिकतम पात्र हितग्राहियों का कवरेज सुनिश्चित किया जा सके।

     

  • अपराध स्थल से न्यायालय तक—वैज्ञानिक साक्ष्य, पुलिस जांच और अभियोजन की पूरी प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन

    अपराध स्थल से न्यायालय तक—वैज्ञानिक साक्ष्य, पुलिस जांच और अभियोजन की पूरी प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन

    भोपाल 

    नवीन न्याय संहिताओं के प्रावधानों और अपराध की सूचना से लेकर न्यायालय के अंतिम निर्णय तक की पूरी प्रक्रिया को आमजन के लिए सरल, रोचक और व्यावहारिक रूप में समझाने के उद्देश्य से बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित प्रदर्शनी में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं फॉरेंसिक जांच के महत्वपूर्ण पहलुओं का सजीव नाट्य मंचन किया गया। प्रदर्शनी में यह दिखाया गया कि किसी अपराध के बाद पुलिस द्वारा घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करने से लेकर फॉरेंसिक प्रयोगशाला में परीक्षण, रिपोर्ट तैयार करने और आगे की कानूनी कार्रवाई तक विभिन्न विशेषज्ञ एवं इकाइयां किस प्रकार समन्वय के साथ कार्य करती हैं।

    प्रदर्शनी में फॉरेंसिक जांच की पूरी प्रक्रिया को अपराध स्थल से प्रयोगशाला तक चरणबद्ध रूप से प्रस्तुत किया गया। मध्यप्रदेश में विकसित फॉरेंसिक जांच व्यवस्था के अंतर्गत सभी जिलों में उपलब्ध Mobile Forensic Units की भूमिका को भी प्रदर्शित किया गया। प्रशिक्षित फॉरेंसिक विशेषज्ञ अपराध स्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्यों का collection, documentation, photography एवं videography किस प्रकार करते हैं, इसे सजीव प्रस्तुति के माध्यम से समझाया गया।

    प्रदर्शनी में यह भी बताया गया कि BNS की धारा 176(3) के प्रावधानों के अंतर्गत निर्धारित गंभीर अपराधों में crime scene examination तथा photography/videography का विशेष महत्व है। अपराध स्थल पर उपलब्ध साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित करना और उनका दस्तावेजीकरण आगे की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत आधार प्रदान करता है।

    सजीव मंचन में फॉरेंसिक जांच के विभिन्न चरणों को इस प्रकार प्रस्तुत किया गया कि आमजन आसानी से समझ सकें कि—

            · Crime Scene पर Mobile Forensic Unit/Forensic Expert वैज्ञानिक साक्ष्यों का documentation और collection करता है।

            · Hospital में Post-Mortem Forensic Medicine Expert द्वारा किया जाता है, जिसमें मृत्यु के कारण, प्रकृति तथा अन्य medico-legal aspects का परीक्षण किया जाता है।

            · FSL Laboratory में Scientific Officer/Forensic Scientist द्वारा जब्त exhibits का वैज्ञानिक परीक्षण कर examination report तैयार की जाती है।

    DNA से Voice Analysis तक—प्रयोगशाला में वैज्ञानिक परीक्षणों का प्रदर्शन

    प्रदर्शनी में फॉरेंसिक विज्ञान की विभिन्न शाखाओं में होने वाली वैज्ञानिक परीक्षण प्रक्रियाओं को भी व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित किया गया। इसमें DNA, Biology, Chemistry, Toxicology, Ballistics, Physics तथा Voice Analysis से संबंधित परीक्षणों को सरल एवं समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत किया गया।

    आगंतुकों को यह दिखाया गया कि अपराध स्थल से प्राप्त साक्ष्य किस प्रकार प्रयोगशाला तक पहुंचते हैं, विभिन्न शाखाओं के विशेषज्ञ उनका वैज्ञानिक विश्लेषण किस प्रकार करते हैं और परीक्षण के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचने के बाद रिपोर्ट किस प्रकार तैयार की जाती है।

    प्रदर्शनी में e-Forensic 2.0 प्रणाली के माध्यम से फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने, उसके डिजिटल संधारण तथा पुलिस एवं माननीय न्यायालय को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी सजीव नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से समझाया गया।

    इस प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आधुनिक पुलिसिंग में वैज्ञानिक साक्ष्य केवल जांच को दिशा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को भी अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    ‘मुस्कान अभियान’ और महिला सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित

    प्रदर्शनी में ‘मुस्कान अभियान’ के माध्यम से बाल सुरक्षा के प्रति मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील एवं समन्वित कार्यप्रणाली की जानकारी प्रदर्शित की गई है। इसमें बालक-बालिकाओं के गुम होने की सूचना मिलने पर थाना पुलिस, जिला पुलिस, साइबर सेल, जीआरपी तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़ी इकाइयों द्वारा किए जाने वाले समन्वित प्रयासों को दर्शाया गया है। तकनीकी विश्लेषण, CCTV फुटेज, अंतर्राज्यीय समन्वय तथा अन्य माध्यमों से गुमशुदा बच्चों की तलाश और उन्हें सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जा रही है।

    प्रदर्शनी में बाल सुरक्षा से जुड़े गुड टच-बैड टच, POCSO Act, साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार, बाल विवाह, लैंगिक समानता एवं सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार जैसे विषयों पर पुलिस द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर किए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जा रही है।

    महिला हेल्प डेस्क की भूमिका और थानों में महिलाओं को उपलब्ध कराए जाने वाले सहज एवं संवेदनशील प्रथम संपर्क बिंदु की जानकारी भी दी जा रही है। महिला हेल्प डेस्क के माध्यम से महिलाओं को पुलिस प्रक्रिया, उनके विधिक अधिकारों तथा आवश्यक सहायता के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

    विद्यार्थियों और युवा आगंतुकों में भी दिखा उत्साह, पुलिस प्रदर्शनी बनी सीखने का अनुभव

    प्रदर्शनी में विद्यार्थियों एवं युवा आगंतुकों की भी उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिल रही है। एक्सीलेंस कॉलेज, भोपाल के फोरेंसिक विषय के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा FSL अधिकारी डॉ. प्रीति गायकवाड़ द्वारा उन्हें फोरेंसिक विज्ञान एवं अपराध अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी के क्विज जोन में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और डायल-112 की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया।

    कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने पुलिस बैंड दल की आकर्षक एवं मनमोहक संगीतमयी प्रस्तुति का आनंद लिया। वहीं विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में प्रस्तुत अभियोजन एवं न्यायालय से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन कर न्यायिक प्रक्रिया को नजदीक से समझने का अनुभव प्राप्त किया।

    प्रदर्शनी के अवलोकन के बाद युवा विद्यार्थियों ने अपने अनुभव भी साझा किए और पुलिस की कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक, फोरेंसिक अनुसंधान तथा नागरिक सुरक्षा से जुड़ी प्रस्तुतियों को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।