Category: मध्य प्रदेश

  • इंदौर RE-2 पर बुलडोजर चला तो भड़के लोग, पथराव के बाद पुलिस ने खदेड़ा; दो घायल

    इंदौर RE-2 पर बुलडोजर चला तो भड़के लोग, पथराव के बाद पुलिस ने खदेड़ा; दो घायल

    इंदौर
     इंदौर में इस समय विकास कार्यों की तेजी और प्रशासनिक चुनौतियों की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं. एक तरफ जहां शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हुई है. आरई-2 प्रोजेक्ट की तीन साल से अटकी कनेक्टिविटी को पूरा करने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने बड़ा अभियान शुरू किया है. बंगाली चौराहे से पिपलियाना के बीच सड़क निर्माण में बाधा बन रही तीन बस्तियों- पिपलियाना-शेरकांकड़, शिवनगर और शिव दर्शन नगर में बुलडोजर की कार्रवाई जारी है. इस दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशानस पथराव किया. इसका वीडियो भी सामने आया है. पथराव को देखते हुए पुलिस ने लाठी चार्ज किया। 

    टीम जेसीबी, पोकलेन और पुलिस बल के साथ बिचौली कांकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर पहुंची। कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया। इसके बाद रिमूवल टीम और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने प्लास्टिक पाइप से लोगों को खदेड़कर स्थिति नियंत्रित की। पथराव में दो लोगों को चोटें आईं, जिन्हें अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।

    पिपलियाना-शेरकांकड़ में 70 से ज्यादा, शिवनगर में 115 और शिव दर्शन नगर में 72 आवासों को चिन्हित किया गया है.  लगभग 300 परिवारों के मकानों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाकर सड़क के एक किलोमीटर हिस्से को खाली कराया जा रहा है. मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और नगर निगम का अमला तैनात है. इसके बावजूद लोगों ने विरोध और पथराव किया. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया. माहौल शांत होते ही तुरंत ही काम किया जाएगा। 

    4.25 किमी लंबी सड़क, 3.20 किमी काम पूरा
    एसडीएम घनश्याम धनगर के अनुसार, RE-2 की कुल लंबाई 4.25 किमी और चौड़ाई 45 मीटर है। इसमें 3.20 किमी सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। करीब एक किलोमीटर हिस्सा तीन साल से अधूरा है। प्रोजेक्ट पर करीब 55 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। सड़क के रास्ते में कुल सात बस्तियां बाधक हैं।

    325 परिवारों का हो चुका व्यवस्थापन
    पिपलियाहाना-बिचौली कांकड़ क्षेत्र में 325 परिवारों का पहले ही व्यवस्थापन किया जा चुका है। इनमें 303 परिवार आवासीय प्रकोष्ठों में रह रहे हैं। कोर्ट के स्थगन आदेश के कारण 22 मकान नहीं हटाए गए थे। कोर्ट के निर्णय के बाद इन परिवारों को आवास आवंटित कर 15 दिन का नोटिस दिया गया है। वहीं, 22 मकानों के अलावा बने 58 अवैध कच्चे झोपड़े हटाए जा चुके हैं।

    शांति नगर, पंचमुखी हनुमान मंदिर नायता रोड, स्कंदधाम कॉलोनी और आरटीओ के पास की बस्ती के परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना के नीलगिरि परिसर में शिफ्ट किया जा चुका है।

    अब शिव नगर और शिव दर्शन नगर की बारी
    शिव नगर में 80 मकानों में 117 परिवार और शिव दर्शन नगर में 55 मकानों में 72 परिवार रह रहे हैं। इनका भी नीलगिरि परिसर में व्यवस्थापन किया जाना है। निगम के अनुसार, बाधाएं हटने के बाद RE-2 के बचे हिस्से का निर्माण शुरू कराया जाएगा।

    सड़क पूरी होने से भूरी टेकरी, पीपल्याहाना, बंगाली और नायता मुंडला आरटीओ क्षेत्र को वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे आवागमन आसान होने के साथ मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

    स्वच्छता पर हड़ताल की मार
    दूसरी ओर, देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की पहचान पर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से असर पड़ा है. अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर वाल्मीकि समाज और सफाईकर्मी काम बंद हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था ठप हो गई है। 

    जगह-जगह लगे कचरे के ढेर
    नेहरू नगर सहित कई रेजिडेंशियल और कमर्शियल एरिया की सड़कों पर कचरे के अंबार लग गए हैं. कचरा गाड़ियां न आने और डोर-टू-डोर कलेक्शन रुकने से गलियों में बदबू फैल रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन अब वैकल्पिक व्यवस्था कर शहर को वापस साफ सुथरा बनाने और हड़तालियों से बातचीत कर समाधान निकालने के प्रयास में जुटा है। 

  • CM Youth Conclave में CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, MP में दो बार PSC परीक्षा और अगले साल ‘युवा वर्ष’

    CM Youth Conclave में CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, MP में दो बार PSC परीक्षा और अगले साल ‘युवा वर्ष’

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भोपाल के लाल परेड मैदान में युवाओं से संवाद किया है। 20000 युवाओं से संवाद के लिए सीएम यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था। इस दौरान युवाओं के बीच मशहूर सिंगर जुबिन नौटियाल ने अपनी प्रस्तुति दी है। जुबिन ने कहा कि हमें युवाओं से मिलने का मौका मिला है। वहीं, सीएम मोहन यादव ने कहा कि अब मध्य प्रदेश में दो बार पीएससी की परीक्षाएं होंगी।

    चलते-चलते युवाओं को संबोधित किया
    सीएम मोहन यादव का यूथ कॉन्क्लेव में बिल्कुल अलग अंदाज देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि मंच पर चलते-चलते युवाओं को संबोधित किया। संबोधन के दौरान क्रिकेट मैच का जिक्र किया है। साथ ही कहा कि हमने युवाओं के जरिए क्रिकेट मैच में पाकिस्तान को पटखनी दी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सबसे युवा प्रदेश है। साथ ही यहां बेरोजगारी दर भी सबसे कम है।

    हमारे राज्य में सारे असंभव काम पूरे हो रहे
    मोहन यादव ने कहा कि हमारे यहां सारे असंभव काम हो रहे हैं। अब मध्य प्रदेश इंडस्ट्री लगाने वाले प्रदेश बन गया है। नए मेडिकल कॉलेज खोल रहे हैं। हमारे राज्य में अलग-अलग सरकारी पदों पर 85000 लोगों को नौकरियां मिली हैं। हम युवाओं को अपने बीच में पाकर यह पाते हैं कि अब सही समय है।

    अगले साल से दो बार होगी पीएससी
    युवाओं के लिए सीएम मोहन यादव ने एक बड़ी घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा है कि अभी तक प्रदेश में एमपीपीएससी की परीक्षा एक बार होती थी लेकिन अब साल में दो बार होगी। उन्होंने कहा कि युवा मित्रों के लिए हम दो पीएससी की परीक्षा करवाने वाले हैं।

    12 यूनिवर्सिटी खोलेंगे
    सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम प्रदेश में नए 12 यूनिवर्सिटी खोलेंगे। हम लोग लगातार प्रदेश के आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे। मोहन यादव ने कहा कि हम अगले साल युवा वर्ष के रूप में मनाएंगे। मोहन यादव ने बच्चों के बीच गमछा भी लहराया है। वर्ष 2027 युवा वर्ष में शासकीय कॉलेज में अनुसंधान करने वालों का 25000 की स्कॉलरशिप प्रतिमाह मिलेगी ।

    हमारी सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग की व्यवस्था कर रही है। सभी शासकीय महाविद्यालयों में भी यह व्यवस्था होगी।
    मोहन यादव, सीएम

    एआई रोडमैप को लेकर सवाल
    एक छात्रा ने सीएम मोहन यादव से एआई रोडमैप को लेकर सवाल किया है। मोहन यादव ने कहा कि एआई सिटी और नॉलेज एमपी में बन रही है। सरकार अपनी तरफ से स्टार्टअप के लिए पांच-पांच लाख रुपए का अनुदान दे रही है। इंदौर, रीवा और उज्जैन में हम आईटी पार्क बना रहे हैं। देश का सबसे बड़ा टेलीकॉम हब हम ग्वालियर में बनाने जा रहे हैं।

    वहीं, सीएम खेल को बढ़ावे की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि भोपाल में सबसे बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बन रहा है। हम हर विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम बना रहे हैं। हम स्पोर्ट्स को और आगे बढ़ाएंगे।

  • मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका, 10 अप्रैल तक करें आवेदन; SIR पर CM मोहन यादव ने किया अलर्ट

    मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका, 10 अप्रैल तक करें आवेदन; SIR पर CM मोहन यादव ने किया अलर्ट

     भोपाल 
    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। फार्म छह, घोषणा सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए केवल निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मतदाता सूची को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम की स्थिति को लेकर एक्स पर पोस्ट कर यह बात कही। साथ ही 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवाओं से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की अपील की।

    निर्धारित प्रक्रिया पर विश्वास करें
    सीएम   मोहन यादव ने कहा कि एसआईआर को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। फॉर्म 6 और डिक्लेयेरशन सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए सिर्फ निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेरा आग्रह है कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं और प्रत्येक नागरिक अपने नाम की भी पुष्टि करे। आइए, अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।

    विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगा रहे आरोप 
    बता दें मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विपक्षी पार्टियां विरोध कर रहा हैं। इसको लेकर सीजेपी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग के सदस्यों वाली एक संवैधानिक संस्था को मिली शक्तियों का इस्तेमाल कानून के तहत जरूरी सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया का पालन किए बिना किया जा रहा हैं। इनके द्वारा एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देकर आरोप लगाया जा रहा है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 माह के करीब 14 बार मतदात सूची, वोटर रजिस्ट्रेशन और आयोग के टेक्नोलॉजी सिस्टम से जुड़े फैसलों पर औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई, जिस पर कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा हैं।  

    लोकतंत्र की मजबूती के लिए अद्यतन सूची जरूरी
    उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह बेहद जरूरी है कि मतदाता सूची भी अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय हो। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है। प्रत्येक नागरिक मतदाता सूची में अपने नाम की पुष्टि करें। आइए, हम अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।

    10 अप्रैल तक चलाया जा रहा है विशेष अभियान
    उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 10 अप्रैल तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एक अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वालों के साथ जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गए, उनके नाम जोड़ने के लिए आवेदन लिए जाएंगे।

     

  • जबलपुर में बड़ा हादसा टला, 100 साल पुराने मकान के गिरने से मची अफरा-तफरी; कोई जनहानि नहीं

    जबलपुर में बड़ा हादसा टला, 100 साल पुराने मकान के गिरने से मची अफरा-तफरी; कोई जनहानि नहीं

    जबलपुर 
     नया मोहल्ला में दरबार होटल के पीछे मौजूद एक 100 साल पुराना मकान देर रात भरभराकर गिर गया. इस मकान में कोई रहता नहीं था लेकिन पीछे रहने वाले लोगों का रास्ता इसी के नीचे से होकर गुजरता था. बीती रात अचानक मकान गिरते ही यहां अफरा-तफरी मच गई. मौके पर पहुंचे जबलपुर नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर सौरव मिश्रा ने बताया कि जैसे ही जानकारी मिली तो तुरंत नगर निगम व पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंच गया। 

    कोई जनहानि नहीं, रास्ता हुआ ब्लॉक
    सौरभ मिश्रा ने कहा, '' जिस वक्त मकान गिरा उसे वक्त उसके नीचे कोई भी नहीं था बल्कि लोगों ने बताया कि यह केवल हमारा आने जाने का रास्ता था. इस मकान में कोई रहता नहीं था लेकिन फिर भी पीछे रहने वाले 13 लोग इसके पीछे फंस गए क्योंकि उनका रास्ता ब्लॉक हो गया था. इसलिए प्रशासन ने एक साइड वाले घर की बाउंड्री तोड़कर एक अस्थाई रास्ता इन लोगों के लिए शुरू किया है.'' आसपास के लोगों को हिदायत दी गई है कि अभी इस मकान के बचे हुए हिस्से में कोई न जाए, क्योंकि ये काफी पुराना स्ट्रक्चर है. एडिशनल कमिश्नर ने कहा कि, '' आज इस मकान के बचे हुए हिस्से को भी गिरा दिया जाएगा। 

    पहले भी गिरी हैं कई इमारतें
    जबलपुर में यह कोई पहला मौका
    नहीं है जब इस तरह इमारत गिरी हो. 2 महीने पहले जबलपुर में एक पांच मंजिला इमारत भी इसी तरह गिर गई थी. हालांकि, यह गनीमत यह रही कि जबलपुर में किसी जर्जरे इमारत के गिरने से किसी की मौत नहीं हुई। 

    शहर में 100 से ज्यादा जर्जर इमारतें
    जबलपुर में 100 से ज्यादा ऐसी इमारतें हैं, जो पूरी तरह जर्जर हैं. नगर निगम के अधिकारियों को कहना है कि इन इमारत के मालिकों को नोटिस दिए हैं. यदि वे खुद इन इमारत को नष्ट नहीं करते हैं तो हमें यह कार्यवाही करनी होगी. नगर निगम की खुद की कुछ इमारते ऐसी हैं, जिनकी हालत बहुत खराब है. शहर में चार इमारतें ऐसी पाई गई हैं, जो बहुत ज्यादा जर्जर हैं और इन्हें जल्द गिराने की कार्रवाई की जाएगी। 

  • भोपाल मेट्रो फेज-2 के रूट को लेकर विरोध तेज, भोपाल टॉकीज के पास विधायक ने जताई नाराजगी

    भोपाल मेट्रो फेज-2 के रूट को लेकर विरोध तेज, भोपाल टॉकीज के पास विधायक ने जताई नाराजगी

    भोपाल 

    भोपाल में मेट्रो के ऑरेंज लाइन के फेज-2 के रूट पर उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने फिर आपत्ति उठाई है। सोमवार देर रात जब मेट्रो टीम भोपाल टॉकीज के पास स्थित शाही कब्रिस्तान पहुंची और बेरिकेड्स लगाने शुरू किए तो विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने मेट्रो और पुलिस अफसरों से कहा कि चलो बाहर निकलो, वरना मैं बदतमीजी करने लगूंगा।

    उनकी मेट्रो के कब्रिस्तान में से अंडरग्राउंड रूट निकालने को लेकर नाराजगी थी। देर रात जब पता चला कि मेट्रो कॉरपोरेशन के अधिकारी-कर्मचारी कब्रिस्तान के बाहर बेरिकेड्स लगा रहे और मशीनें लेकर पहुंचे तो वे मौके पर पहुंच गए।

    उन्होंने मेट्रो और पुलिस अफसरों से सख्त लहजे में कहा कि कब्रिस्तान को छोड़कर मेट्रो का काम करें। यहां पर सामान लेकर कैसे आए? यह शाही कब्रिस्तान की प्रॉपर्टी है। क्या पहले जानकारी दी थी? या अनुमति है? पुलिस वाले सामने खड़े होकर कब्जा करवा रहे हैं। पहले शाही औकाफ से परमिशन लाना, फिर काम करना।

    बिना अनुमति कोई काम न करें
    समाज के लोगों के साथ विधायक अकील ने कहा कि बिना वैधानिक अनुमति के कोई भी कार्य न किया जाए। सभी मशीनों व सामान को तुरंत मौके से हटाया जाए।

    यह है मेट्रो का फेज-2
    बता दें कि भोपाल में ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो दौड़ रही है। अब दूसरे फेज के रूट यानी, सुभाषनगर से करोंद तक तेजी से काम चल रहा है। इसकी कुल लंबाई 16.74 किमी है।

    दूसरे फेस में सुभाषनगर से करोंद की कुल दूरी 9.74 किमी लंबा है, लेकिन 8.77 किमी में होगा। इसमें से 5.38 Km हिस्से में 6 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे, जिस पर 650 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस काम की शुरुआत हो चुकी है। पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा पर स्टेशन बनेंगे।

    वहीं, बाकी 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह पूरा काम 890 करोड़ रुपए में होगा। इसी रूट को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में सुनवाई भी चल रही है। जिसमें दोनों पक्ष अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं।

    विधायक की यह आपत्ति

    इस मामले में विधायक अकील का कहना है कि यहां हमारे बाप-दादा दफन है। कई कब्र हैं। इसलिए कब्रिस्तान में से मेट्रो कतई न गुजरे। वे पहले भी आपत्तियां लगा चुके हैं।

  • भोपाल पुलिस की कार्यशैली को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, 4 थाने और DCP ऑफिस ISO प्रमाणित

    भोपाल पुलिस की कार्यशैली को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, 4 थाने और DCP ऑफिस ISO प्रमाणित

    भोपाल 
     राजधानी भोपाल के 4 थाने और एक डीसीपी कार्यालय को बेहतर कार्य के लिए आईएसओ सर्टिफिकेट मिला है. जनता की शिकायतों का निर्धारित समय पर निराकरण करने, अपराधियों को पकड़ने, थाने के रखरखाव और रिकॉर्ड कम्प्यूटराइज्ड होने के साथ जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने पर भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के चार थानों और एक एडिशनल DCP कार्यलय जोन-3 को अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन ने सर्टिफिकेट जारी किया है. भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार, एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान और ISO टीम की मौजूदगी में थाना प्रभारियों और अधिकारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। 

    भोपाल के इन थानों को ISO सर्टिफिकेट
    भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा थानों को बेहतर, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी उपलब्धि मिली है. भोपाल शहर के चार थाने कोलार, बागसेवनिया, अशोका गार्डन और खजूरी सड़क सहित एडिशनल डीसीपी कार्यालय जोन-3 को ISO-9001:2015 सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। 

    जर्जर थानों का किया गया कायाकल्प
    भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने शहर के जर्जर पुलिस थानों के जीर्णोद्धार को अभियान के तौर पर शुरू किया है. इन थानों की इमारतें लंबे समय से खराब स्थिति में थीं. पुलिस स्टाफ के साथ-साथ शिकायत लेकर आने वाले आम लोगों और पीड़ितों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. रिकॉर्ड के रखरखाव की स्थिति भी बेहतर नहीं थी. वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में इन थानों का कायाकल्प किया गया. पुराने रिकॉर्ड को नियमानुसार नष्ट करने के साथ आवश्यक रिकॉर्ड को व्यवस्थित और संधारित किया गया. आमजन के बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था, थाना परिसर का सौंदर्यीकरण और जनोन्मुखी सुविधाओं को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। 

    ISO टीम ने गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का किया मूल्यांकन
    थानों में की गई व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, रिकॉर्ड प्रबंधन, जनसुविधाओं और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का ISO टीम द्वारा मूल्यांकन किया गया. मूल्यांकन के बाद बागसेवनिया, अशोका गार्डन, कोलार, खजूरी सड़क थाना और एडिशनल डीसीपी जोन-3 कार्यालय को ISO-9001:2015 प्रमाणन के लिए चयनित किया गया. इससे पहले मिसरोद, रातीबड़ और महिला थाना भी ISO सर्टिफाइड हो चुके हैं। 

    पुलिस कमिश्नर ने स्टाफ को दी बधाई
    पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने ISO प्रमाण पत्र मिलने पर चारो थानों के थाना प्रभारियों सहित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी. उन्होंने कहा, '' थानों में की गई जनोन्मुखी व्यवस्थाओं का उद्देश्य आम नागरिकों और पीड़ितों को बेहतर वातावरण और प्रभावी पुलिस सेवा उपलब्ध कराना है.'' उन्होंने अन्य थानों को भी इसी श्रेणी में लाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रेरित किया. साथ ही उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भोपाल कमिश्नरेट के अन्य थानों का भी इसी तरह जीर्णोद्धार कर उन्हें ISO-9001:2015 प्रमाणन दिलाने का प्रयास किया जाएगा। 

    कार्यक्रम में DCP विकास सहवाल, एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित, एडिशनल डीसीपी मिनी शुक्ला, ACP उमराव सिंह, ACP मनोज कुमार, ISO टीम से योगेंद्र द्विवेदी, RI जयसिंह तोमर सहित सभी थाना प्रभारी, पुलिस स्टाफ, गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। 

  • नाबालिग दुष्कर्म केस में हाई कोर्ट की सख्ती, SIT गठन के निर्देश; DNA रिपोर्ट ने बदला पूरा मामला

    नाबालिग दुष्कर्म केस में हाई कोर्ट की सख्ती, SIT गठन के निर्देश; DNA रिपोर्ट ने बदला पूरा मामला

    जबलपुर
     बागेश्वर धाम में मार्च में सामने आए नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की अदालत ने आरोपित राजू जाटव की दूसरी जमानत याचिका खारिज करते हुए छतरपुर एसपी को विशेष जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।

    कोर्ट ने टीम को यह पता लगाने के लिए जांच करने को कहा है कि नाबालिग का यौन उत्पीड़न किस व्यक्ति ने किया था और उसके गर्भ से मिले भ्रूण का जैविक पिता कौन है। जांच को दो महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

    15 मार्च को अकेली आई थी नाबालिग
    अभियोजन के मुताबिक, नाबालिग 15 मार्च को अकेले बागेश्वर धाम पहुंची थी। 17 मार्च को उसकी मुलाकात राजू जाटव से हुई। आरोप है कि राजू उसे घर छोड़ने की बात कहकर अपने साथ ले गया और करीब 15 दिनों तक अपने पास रखा। इसके बाद वह नाबालिग को ट्रेन से पचोर ले गया।

    पुलिस ने राजू की पत्नी की निशानदेही पर नाबालिग को बरामद किया था। जांच के दौरान नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। गर्भपात के बाद अदालत ने भ्रूण की डीएनए जांच कराने के निर्देश दिए थे।

    डीएनए रिपोर्ट में राजू को जैविक पिता नहीं माना गया

    29 अगस्त को सामने आई डीएनए रिपोर्ट में राजू जाटव को भ्रूण का जैविक पिता नहीं पाया गया। मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब नाबालिग ने अदालत के समक्ष राजू द्वारा दुष्कर्म किए जाने से इन्कार किया।

    हालांकि, पुलिस के समक्ष दर्ज उसके पूर्व बयानों में उसने राजू पर जबरन दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। बयानों में अंतर और डीएनए रिपोर्ट के बाद हाई कोर्ट ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाने की जरूरत महसूस की।

    अब विशेष जांच टीम पूरे मामले की नए सिरे से पड़ताल करेगी और यह पता लगाएगी कि नाबालिग के साथ वास्तव में किसने यौन अपराध किया तथा गर्भ में पल रहे भ्रूण का जैविक पिता कौन था।

    धाम में अकेले न आएं महिलाएं : धीरेंद्र शास्त्री
    इधर, 3 अक्टूबर की रात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिलाओं और माताओं से अकेले धाम नहीं आने की अपील की। उन्होंने अनजान लोगों और सेवादारों पर आंख मूंदकर भरोसा न करने की सलाह भी दी। हालांकि, उनकी अपील में इस नाबालिग से जुड़े प्रकरण का कोई सीधा उल्लेख नहीं था।

     

  • Rajpal Yadav Legal Trouble: महू कोर्ट पहुंचा मामला, राजपाल यादव के खिलाफ जमानती वारंट जारी

    Rajpal Yadav Legal Trouble: महू कोर्ट पहुंचा मामला, राजपाल यादव के खिलाफ जमानती वारंट जारी

     महू 
     फिल्म अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महू सिविल न्यायालय ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई महू निवासी और फिल्म फाइनेंसर प्रकाश जाजू की ओर से दायर प्रकरण की सुनवाई के दौरान की गई। पंचम व्यवहार न्यायाधीश फरहान मसूद कुरैशी ने वारंट जारी करते हुए संबंधित थाने को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
    25 लाख दिए, पोस्ट डेटेड चेक हुए बाउंस

    प्रकरण में प्रकाश जाजू की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता राधेश्याम अग्रवाल के अनुसार, जाजू पिछले करीब 30-40 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं और फिल्मों के लिए फाइनेंसिंग का काम करते हैं। उनकी फर्म निर्मला जानकी सिनेमा के नाम से है।

    अधिवक्ता के मुताबिक, प्रकाश जाजू ने अभिनेता राजपाल यादव को 25 लाख रुपये दिए थे। इस लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच एग्रीमेंट भी हुआ था। रकम की वापसी के लिए राजपाल यादव की ओर से पोस्ट डेटेड चेक दिए गए थे।

    आरोप है कि एग्रीमेंट में तय शर्तों के अनुसार रकम वापस नहीं की गई। जब जाजू ने चेक बैंक में लगाए तो वे बाउंस हो गए।

    चेक बाउंस के बाद कोर्ट पहुंचा मामला
    चेक बाउंस होने के बाद प्रकाश जाजू की ओर से परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत महू न्यायालय में प्रकरण दायर किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने राजपाल पुत्र नौरंग यादव, निवासी रुनवाल हाइट, लोखंडवाला के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है।

    13 अक्टूबर तक पेश होने के निर्देश
    कोर्ट की ओर से जारी वारंट के बाद अब अभिनेता राजपाल यादव को 13 अक्टूबर तक न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना होगा। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय में होने वाली सुनवाई और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर तय होगी।

    प्रकाश जाजू मूल रूप से महू के रहने वाले हैं, हालांकि वर्तमान में मुंबई में निवास करते हैं। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अपने वित्तीय कारोबार के दौरान राजपाल यादव को यह रकम दिए जाने की बात कही है।

  • रेलवे का बड़ा अपडेट: शताब्दी एक्सप्रेस का बदला रूट, ललितपुर तक ही चलेगी ट्रेन; कई गाड़ियां लेट

    रेलवे का बड़ा अपडेट: शताब्दी एक्सप्रेस का बदला रूट, ललितपुर तक ही चलेगी ट्रेन; कई गाड़ियां लेट

    ग्वालियर
     अगासोद यार्ड रीमॉडलिंग के चलते रेलवे ने कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है। इसके तहत नई दिल्ली-रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस को 15 अक्टूबर को ललितपुर से ही वापस लौटाया जाएगा।

    वहीं, रानी कमलापति-नई दिल्ली शताब्दी भी इसी दिन रानी कमलापति के बजाय ललितपुर से रवाना होगी। इसके अलावा कई ट्रेनों को दो से पांच घंटे तक पुनर्निर्धारित समय पर चलाया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों को रास्ते में रोककर नियंत्रित किया जाएगा।

    बता दें कि, अगासोद यार्ड रीमॉडलिंग का असर 12002 नई दिल्ली-रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस पर पड़ेगा। 15 अक्टूबर को यह ट्रेन ललितपुर में ही यात्रा समाप्त करेगी। इसी तरह 12001 रानी कमलापति-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस भी 15 अक्टूबर को रानी कमलापति के बजाय ललितपुर से ही रवाना होगी।

    ये ट्रेनें दो से पांच घंटे की देरी से चलेंगी
    रेलवे ने आठ ट्रेनों को पुनर्निर्धारित समय पर चलाने का निर्णय लिया है। 16031 चेन्नई-श्री माता वैष्णो देवी कटरा 14 अक्टूबर को चार घंटे, 12652 हजरत निजामुद्दीन-मदुरै 15 अक्टूबर को पांच घंटे, 19484 सहरसा-अहमदाबाद 14 अक्टूबर को दो घंटे और 11077 पुणे-जम्मू तवी 14 अक्टूबर को पांच घंटे देरी से चलेगी।

    12650 हजरत निजामुद्दीन-यशवंतपुर 15 अक्टूबर को चार घंटे, 12808 हजरत निजामुद्दीन-विशाखापट्टनम तीन घंटे, 18238 अमृतसर-बिलासपुर तीन घंटे और 12138 फिरोजपुर कैंट-मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस चार घंटे पुनर्निर्धारित समय पर चलेगी।

    कुछ ट्रेनों को मार्ग में नियंत्रित कर चलाने का निर्णय लिया गया है। 12138 फिरोजपुर कैंट-मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस को 10 से 14 अक्टूबर तक 90 मिनट, 12648 हजरत निजामुद्दीन-कोयंबटूर को 14 अक्टूबर को 90 मिनट और 12650 हजरत निजामुद्दीन-यशवंतपुर को 10 से 13 अक्टूबर तक 90 मिनट नियंत्रित किया जाएगा।

    इसके अलावा 12808 हजरत निजामुद्दीन-विशाखापट्टनम को 10, 12 और 13 अक्टूबर को 60 मिनट, 18238 अमृतसर-बिलासपुर को 10 से 14 अक्टूबर तक 60 मिनट, 12630 हजरत निजामुद्दीन-यशवंतपुर को 14 अक्टूबर को 30 मिनट और 22686 को 10 व 13 अक्टूबर को 30 मिनट नियंत्रित किया जाएगा।

    साहिबाबाद यार्ड में निर्माण कार्य से बदलेगा
    बलरामपुर-ग्वालियर एक्सप्रेस का मार्ग दिल्ली रेल मंडल के साहिबाबाद यार्ड में निर्माण कार्य के चलते आठ अक्टूबर को बलरामपुर-ग्वालियर एक्सप्रेस बदले मार्ग से संचालित होगी।

    रेलवे के अनुसार साहिबाबाद यार्ड में समपार संख्या चार के स्थान पर सीमित ऊंचाई वाले भूमिगत मार्ग के निर्माण के लिए आरसीसी गर्डर लगाने और सुरक्षा प्लेटें स्थापित करने का काम किया जा रहा है।

    इसके लिए पावर और यातायात ब्लॉक लिया गया है। गाड़ी संख्या 22200 बलरामपुर-ग्वालियर एक्सप्रेस साहिबाबाद से आनंद विहार टर्मिनल, तिलक ब्रिज और हजरत निजामुद्दीन के बजाय साहिबाबाद-दिल्ली जंक्शन-नई दिल्ली-हजरत निजामुद्दीन होकर चलेगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गाडरवारा के नागरिकों ने किया अभिनंदन, बोले- राजधानी तक पहुंचना हुआ सुगम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गाडरवारा के नागरिकों ने किया अभिनंदन, बोले- राजधानी तक पहुंचना हुआ सुगम

    कस्बों और नगरों से राजधानी तक पहुंचना हुआ है सुगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का गाडरवारा क्षेत्र के नागरिकों ने किया मुख्यमंत्री निवास में अभिनन्दन

    गाडरवारा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गाडरवारा और नरसिंहपुर ही नहीं प्रदेश के अनेक कस्बों और नगरों से सड़क मार्ग द्वारा राजधानी तक पहुंचना सुगम हो गया है। सड़कों के शानदार नेटवर्क से यह संभव हुआ है। फोर लेन और सिक्स लेन मार्गों ने नागरिकों की आवाजाही को आसान बनाया है। इसके साथ ही सिंचाई, कृषि, शिक्षा और अन्य प्राथमिक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। विकास की यह यात्रा तेज गति के साथ जारी रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के लिए आए गाडरवारा क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र में विकास के लिए राज्य शासन द्वारा किए गए प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वृहद आकार की गजमाला और स्मृति चिन्ह प्रदान कर अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को सुविधायुक्त शिक्षा प्रदान की जा रही है। विद्यालय का नामकरण सांदीपनि महर्षि के नाम से किया गया है जिससे महर्षि के शिष्यों भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के मैत्री भाव का महत्व विद्यार्थी समझ सकें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी क्षेत्रों में विकास की गति को बढ़ाने का कार्य किया है। विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया जा रहा है।

    स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा गत ढाई वर्ष में क्षेत्र को अनेक सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में जो स्वीकृतियां प्रदान की हैं, उनमें 20 किलोमीटर लंबाई की नगर चीचली- सालीचौका रोड शामिल है जिसकी लागत 60 करोड़ होगी। वर्तमान सिंगल रोड के कारण नागरिकों को होने वाली असुविधा समाप्त हो जाएगी। इस निर्माण कार्य के अंतर्गत दूधी नदी पर पुल भी बनाया जाएगा। इसके अलावा अर्जुन गांव- गाडरवारा मार्ग का निर्माण भी 27 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। यह 17.50 किलोमीटर लंबाई का मार्ग होगा। इससे मारेगांव, बसुरिया, अमाड़ा, पचामा और घुटंगा ग्रामों के निवासी भी लाभान्वित होंगे। साईं खेड़ा में 132 केवी विद्युत सब स्टेशन का निर्माण होने से भविष्य में विद्युत प्रदाय अधिक सुचारू हो जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा गाडवारा नगर में 5 करोड़ रुपए लागत से गौशाला के निर्माण और 35 सामुदायिक भवनों की स्वीकृति दी गई है। यही नहीं इंडोर स्टेडियम के निर्माण की मंजूरी भी प्रदान की गई है।

    अच्छी सड़कों ने बचाया समय, ईंधन और ऊर्जा

    कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने बताया कि गाडरवारा क्षेत्र विकास के ऐसे आयाम प्राप्त कर रहा है जिसकी कल्पना नहीं की गई थी। गाडरवारा से भोपाल आने में कभी 6 से 8 घंटे का समय लगता था। अब सड़क मार्ग द्वारा लगभग 3 घंटे में यह दूरी तय करना संभव हो गया है। अच्छी सड़कों से समय, ईंधन और ऊर्जा की बचत हो रही है। नगर चीचली- सालीचौका, अर्जुन गांव- गाडरवारा मार्ग की स्वीकृति के साथ ही 13 अन्य मार्गों के निर्माण की पहल भी हुई है, जो क्षेत्र के नागरिकों के हित में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।