Category: मध्य प्रदेश

  • IAS मनु के पास सबसे ज्यादा संपत्ति, मुख्य सचिव से 4 गुना अधिक; MP के 12 कलेक्टरों के पास अपना घर नहीं

    IAS मनु के पास सबसे ज्यादा संपत्ति, मुख्य सचिव से 4 गुना अधिक; MP के 12 कलेक्टरों के पास अपना घर नहीं

    भोपाल 

     प्रदेश में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) मनु श्रीवास्तव एमपी में तैनात एसीएस स्तर के अफसरों में सबसे अमीर आइएएस हैं। उनके पास 19.50 करोड़ की अचल संपत्ति है। जबकि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा एसीएस अशोक बर्णवाल पगार के अलावा अपनी संपत्तियों से सबसे अधिक कमाने वाले अफसर हैं। बर्णवाल के पास 7.50 करोड़ की संपत्ति है। इससे उन्हें हर साल 23.68 लाख रुपए आय हो रही है। 

    MP में 391 IAS अधिकारियों में अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सबसे अमीर हैं। उनके पास 19 करोड़ 50 लाख रुपए की संपत्ति है, जबकि मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास 4 करोड़ 15 लाख रुपए की संपत्ति है। इस तरह मनु श्रीवास्तव की संपत्ति अनुराग जैन से लगभग 4.7 गुना अधिक है।

    इसके अलावा प्रदेश के 55 जिलों के कलेक्टरों में से 12 जिलों के कलेक्टरों के पास न तो अपना घर है और न ही खेती की जमीन है। इन अधिकारियों ने अपनी अचल संपत्ति निल बताई है। वहीं 17 कलेक्टर ऐसे भी हैं, जिनके पास मकान और दुकान के साथ-साथ खेती की जमीन भी है।

    कलेक्टरों में किशोर कन्याल सबसे अमीर
    जिला कलेक्टरों में गुना कलेक्टर किशोर कन्याल सबसे अधिक संपत्ति वाले अधिकारी हैं। उनके पास करीब 3 करोड़ 18 लाख रुपए की संपत्ति है। उनके पास दो मकान, एक प्लॉट और कृषि भूमि है, जो भोपाल, उत्तर प्रदेश और नोएडा में स्थित है।

    विवेक अग्रवाल के पास सबसे अधिक जमीन
    केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी विवेक अग्रवाल के पास सबसे अधिक जमीन है। उनके पास भटिंडा, गंगानगर, सिरसा, मुक्तसर, पंचकुला, मुल्लानपुर, इंदौर और भोपाल में मिलाकर करीब 65 एकड़ किसान जमीन है। इसके अलावा इंदौर के अपर कलेक्टर नवजीवन पवार के पास सबसे अधिक 20 अलग-अलग प्रॉपर्टी दर्ज हैं।

    16 साल में 4.5 लाख का प्लॉट घटकर 1 लाख का हुआ
    इन सबके बीच नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीणा का मामला अलग नजर आता है। वर्ष 2010 में उन्होंने 4.5 लाख रुपए में एक प्लॉट खरीदा था। आमतौर पर समय के साथ प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ती है, लेकिन इस मामले में उल्टा हुआ। 4 लाख 50 हजार रुपए का वह प्लॉट अब घटकर केवल 1 लाख रुपए का रह गया है। यानी करीब 16 साल में उस प्लॉट की कीमत लगभग 4.5 गुना कम हो गई है।

    मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास कुल 4.14 करोड़ की संपत्ति
    मध्य प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया यानी प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास कुल 4.14 करोड़ कीमत की अचल संपत्ति है. हालांकि उनके पास 3 राज्यों में संपत्ति है. इसमें भोपाल के प्रेमपुरा नगर में भूखंड, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में 79 लाख कीमत का एक अंडरकंस्ट्रक्शन फ्लैट, जयपुर में एक फ्लैट और शिवाजी नगर भोपाल में 2 करोड़ 72 लाख कीमत का एक मकान है।

    अलका उपाध्याय के पास करोड़ों की संपत्ति,नहीं दर्शाई कीमत
    राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में सेक्रेटरी और मध्य प्रदेश कैडर की 1990 बैच की आईएएस अलका उपाध्याय के पास दिल्ली, गुडगांव और भोपाल में मकान, भूखंड हैं. गुडगांव में 2930 स्क्वायर फीट का फ्लैट, दिल्ली में 3244 स्क्वायर फीट पर निर्मित मकान, भोपाल में करीब 1 हजार स्क्वायर मीटर का प्लॉट है. इसके अलावा नर्मदापुरम जिले में 2 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जो उन्हें अपने पिता से मिली है. उन्होंने प्रॉपर्टी की मौजूदा कीमत नहीं बताई है। 

    अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा भी करोड़पति
    1990 बैच के आईएएस अधिकारी और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा के पास भोपाल के मिंडोरी में 163.4 एकड़ कृषि भूमि है. इसकी कीमत उन्होंने 48 लाख रुपए बताई है. गुजरात के अहमदाबाद में 50 लाख रुपए कीमत का एक ऑफिस, मिंडोरी में 0.25 एकड़ भूमि इसकी कीमत 27 लाख रुपए दिखाई गई है. भोपाल के सेमरी बजाफ्त में 0.580 हेक्टेयर भूमि कीमत 28.92 लाख और मिडोरी में 0.25 एकड़ कृषि भूमि है. इसकी कीमत 20 लाख दिखाई गई है। 

    अशोक वर्णवाल के पास 7 करोड़ 50 लाख की संपत्ति
    वर्ष 1990 बैच के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के पास कुल अचल संपत्ति 7 करोड़ 50 लाख है. भोपाल के बिसनखेड़ी में 0.202 हेक्टेयर कृषि भूमि, झारखंड के डुमरी में 1200 स्क्वायर फीट का दो मंजिला मकान, बिसनखेड़ी में 0.202 हेक्टेयर कृषि भूमि और बावड़िया कला में फ्लैट भी है. इसके अलावा बावड़िया कला भोपाल में 2 फ्लैट हैं. इनकी कीमत 4.50 करोड़ रुपए है। 

    मनोज गोविल के पास 2 करोड़ 64 लाख की अचल संपत्ति
    1991 बैच के आईएएस अधिकारी दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ मनोज गोविल ने कुल अचल संपत्ति 2 करोड़ 64 लाख दशाई है. भोपाल के तुलसी नगर में उनका एक फ्लैट, गुडगांव, हरियाणा में एक फ्लैट है। 

    अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव के पास 20 करोड़ की अचल संपत्ति
    1991 बैच के नवकरर्णीय ऊर्जा में अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव का प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में पुस्तैनी 699.86 स्क्वायर मीटर का मकान है, इसकी कीमत 16 करोड़ रुपए है. इसके अलावा गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में 3.50 करोड़ रुपए कीमत का एक प्लॉट है। 

    आशीष श्रीवास्तव भी करोड़पति, नहीं दर्शाई संपत्ति की कीमत
    1992 बैच के आईएएस और दिल्ली में केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ आशीष श्रीवास्तव के पास भोपाल के गौंदरमऊ में 240 स्क्वायर मीटर प्लॉट और हरियाणा गुरूग्राम में 2 फ्लैट हैं. इसकी खरीद के समय कीमत 66 लाख रुपए दर्शाई गई है.

    अपर मुख्य सचिव कैलाश चंद्र गुप्ता के पास करोड़ों की संपत्ति
    1992 बैच के आईएएस अपर मुख्य सचिव कैलाश चंद्र गुप्ता के पास जाटखेड़ी, भोपाल में 3858 स्क्वायर फीट पर निर्मित मकान, कटारा, भोपाल में 0.1़6 हेक्टेयर कृषि भूमि, गौहरगंज रायसेन में 220 स्क्वायर मीटर का प्लॉट, इंदौर में 6877 स्क्वायर फीट का प्लॉट और अरेरा कॉलोनी, भोपाल में 588 स्क्वायर मीटर पर मकान है, जिसकी खरीद के समय कीमत 3.95 करोड़ रुपए थी। 

    वीएल कांताराव के पास भोपाल, तमिलनाडु में करोड़ों की संपत्ति
    1992 बैच के आईएएस और केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में पदस्थ वीएल कांताराव का कटारा हिल्स, भोपाल में 0.75 एकड़ भूमि और कांजीपुरम, तमिलनाडु में 2500 स्क्वायर फीट का प्लॉट है। 

    अनिरूद्ध मुखर्जी के पास 8 करोड़ 45 लाख की संपत्ति
    1993 बैच के आईएएस और दिल्ली के मध्य प्रदेश भवन में पदस्थ अनिरूद्ध मुखर्जी की कुल अचल संपत्ति की कीमत 8 करोड़ 45 लाख है. बागमुंगालिया, भोपाल में 3350 स्क्वायर मीटर का प्लाट, बागमुंगालिया, भोपाल में 199 स्क्वायर मीटर का प्लॉट, लखनऊ में पुस्तैनी मकान, फतेहपुर डोगरा, भोपाल में 0.36 हेक्टेयर कृषि भूमि और अरेरा कॉलोनी, भोपाल में मकान है. इसकी कीमत 3 करोड़ रुपए बताई गई है। 

    अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन के पास 3 करोड़ की संपत्ति
    1939 बैच के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने अचल संपत्ति की कीमत करीब 3 करोड़ रुपए दर्शाई है. हुजूर, भोपाल में 2402 स्क्वायर फीट भूमि, हुजूर, भोपाल में 1 एकड़ भूमि, बावड़िया कला, भोपाल में फ्लैट और आकृति ईको सिटी, भोपाल में एक अन्य फ्लैट है. इसकी कीमत 70 लाख रुपए बताई गई है। 

    नीरज मंडलोई के पास 5.43 करोड़ की संपत्ति

    1993 बैच के आईएएस अधिकारी और मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई की अचल संपत्ति 5.43 करोड़ की है. इंदौर में 259 स्क्वायर मीटर प्लॉट पर मकान और ऑफिस है. इसकी कीमत करीबन 1 करोड़ 30 लाख रुपए है. इंदौर में 0.688 हेक्टेयर कृषि भूमि, हुजूर भोपाल में 1020 स्क्वायर मीटर का प्लॉट, इंदौर में 350 स्क्वायर मीटर का प्लॉट है. इन्हें अचल संपत्ति से साढ़े 4 लाख रुपए की सालाना कमाई होती है। 

    संजय दुबे के पास 4 करोड़ 62 लाख की अचल संपत्ति
    1993 बैच के नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग और आईटी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे को अचल संपत्ति के किराए से सालाना 41 लाख रुपए की कमाई होती है. संजय दुबे के पास 4 करोड़ 62 लाख की अचल संपत्ति मौजूद है. भोपाल में 2.80 करोड़ कीमत का मकान, भोपाल के शाहपुरा में 3600 स्क्वायर फीट पर निर्मित मकान इसकी कीमत 1 करोड़ रुपए दर्शाई गई है. भोपाल के बर्रई में 0.410 हेक्टेयर कृषि भूमि इसकी कीमत 25 लाख दर्शाई गई है. इसके अलावा न्यू मार्केट में फ्लैट और टीकमगढ़ में 10 हेक्टेयर कृषि भूमि उपलब्ध है। 

    आईएएस संजय शुक्ला के पास करोड़ों की संपत्ति, नहीं दर्शाई कीमत
    1994 बैच के आईएएस संजय शुक्ला के पास दिल्ली, झारखंड और भोपाल में अचल संपत्ति है, हालांकि उन्होंने अचल संपत्ति की कीमत नहीं दर्शाई है. इनके पास झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरी तलैया में 2178 स्क्वायर फीट का प्लॉट, भोपाल के हुजूर में 0.075 हेक्टेयर कृषि भूमि, हुजूर के प्रेमपुरा में 1000 स्क्वायर मीटर का रहवासी प्लॉट, हुजूर के बरखेड़ी खुर्द में 1000 स्कवायर मीटर रहवासी प्लॉट, नोयडा में फ्लैट, सीहोर में 0.6075 हेक्टेयर कृषि भूमि है. इन्हें अचल संपत्ति से सालाना साढ़े 8 लाख की कमाई होती है। 

  • मध्यप्रदेश में डाटा एंट्री ऑपरेटर के 770 पदों के लिए आवेदन की शुरुआत

    मध्यप्रदेश में डाटा एंट्री ऑपरेटर के 770 पदों के लिए आवेदन की शुरुआत

    भोपाल
    बेरोजगार युवाओं के मध्यप्रदेश लैंड रिकार्ड्स मैनेजमेंट सोसाइटी ने डाटा एंट्री आपरेटर के 770 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती में शामिल होने के इच्छुक युवा आवेदन कर सकते हैं। जो उम्मीदवार मध्य प्रदेश राज्य में बतौर डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर नौकरी करना चाहते हैं। उन उम्मीदवारों के लिए यह एक सुनहरा मौका है। उम्मीदवार MPLRS की आफिशियल वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी कर सकते हैं। इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि तीन अप्रैल निर्धारित की गई है। इसके साथ ही फार्म में सुधार करने के लिए उम्मीदवारों को चार अप्रैल तक का समय दिया गया है।

    इतनी मिलेगी सैलरीः
    डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 5,200 रुपये से लेकर 20,200 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
    आवेदन करने के लिए पात्रता मानदंडः
    इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों ने भारत के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण की हो। इसके अलावा, उम्मीदवारों के पास सीपीसीटी उत्तीर्ण प्रमाण-पत्र होना चाहिए।

    आयु-सीमाः
    आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की आयु की गणना 01 जनवरी, 2026 के आधार पर की जाएगी। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में कुछ वर्षों की छूट भी दी जाएगी।
    पद संबंधित विवरणः
    डाटा एंट्री आपरेटर के कुल 770 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें जनरल वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 2029 पद, एससी के लिए 123 पद, एसटी के लिए 154 पद, ओबीसी के लिए 208 पद और ईडब्ल्यूएस के लिए कुल 76 पद आरक्षित किए गए हैं।
    ऐसे करें आवेदनः

    डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.mponline.gov.in पर जाकर विजिट कर सकते हैं। अब रजिस्ट्रेशन करने के लिए MPLRS Data Entry Operator Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद मांगी गई सभी डिटेल को ध्यान से दर्ज कर लें। इसके बाद दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अपलोड करके अंत में इसका एक प्रिंट आउट निकाल लें।

  • रेलवे ने गर्मी की छुट्टियों के लिए 1,484 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की, वेटिंग लिस्ट कम होगी

    रेलवे ने गर्मी की छुट्टियों के लिए 1,484 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की, वेटिंग लिस्ट कम होगी

    भोपाल 

     गर्मी की छुट्टियों का आगाज़ और होली के त्योहार के बाद काम पर लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कमर कस ली है। वेटिंग लिस्ट की लंबी कतारों से राहत दिलाने के लिए रेलवे ने देशभर में स्पेशल ट्रेनों के जाल बिछाने और मौजूदा सेवाओं की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है।

    यात्रियों को बड़ी राहत
    उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने गर्मियों में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं की बढ़ती मांग को देखते हुए तीन जोड़ी प्रमुख स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए हैं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के मुताबिक, रेवाड़ी-रींगस और जयपुर-भिवानी जैसे व्यस्त रूटों पर अब जुलाई तक ट्रेनें उपलब्ध रहेंगी।

    विस्तारित ट्रेनों का विवरण:
        रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी (09633/34): अब 1 अप्रैल से 29 जून 2026 तक संचालित होगी।
        रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी (09637/38): दोनों दिशाओं में 38 अतिरिक्त ट्रिप लगाएगी।
        जयपुर–भिवानी–जयपुर (09733/34): इस सेवा को 15 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया गया है, जिससे कुल 92 नए ट्रिप मिलेंगे।

    लंबी दूरी के लिए 1,484 समर स्पेशल
    मध्य रेलवे (Central Railway) ने इस साल के ग्रीष्मकालीन सीजन के लिए एक विशाल योजना तैयार की है। कुल 1,484 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनमें आरक्षित और अनारक्षित दोनों श्रेणियों का संतुलन रखा गया है:

        749 आरक्षित (Reserved) सेवाएं: मध्यम और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए।
        735 अनारक्षित (Unreserved) सेवाएं:
    अचानक यात्रा करने वाले आम यात्रियों के लिए।

    ये ट्रेनें मुख्य रूप से मुंबई–बलिया, पुणे–कोल्हापुर, नासिक–बडनेरा और सोलापुर–कलबुर्गी जैसे मार्गों पर दबाव कम करेंगी।

    होली के बाद 'घर वापसी' के लिए विशेष इंतजाम
    होली मनाकर महानगरों की ओर लौटने वाले कामगारों और छात्रों के लिए हाजीपुर जोन ने विशेष फेरे बढ़ाए हैं। मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि बिहार के विभिन्न जिलों से दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत के लिए विशेष रेल सेवाएं शुरू की गई हैं।
    प्रमुख होली स्पेशल ट्रेनें और उनकी नई तिथियां

        03697 शेखपुरा–आनंद विहार – 16 से 30 मार्च 2026 – सोम, मंगल, शुक्र, शनि।
        03309 धनबाद–दिल्ली स्पेशल – 14 से 28 मार्च 2026 – मंगल और शनिवार।
        02397 शेखपुरा–आनंद विहार – 22 और 29 मार्च 2026 – रविवार।

    इमरजेंसी कोटा और यात्रियों के लिए सलाह
    रेलवे ने वेटिंग लिस्ट के बीच 'इमरजेंसी कोटा' की व्यवस्था को भी चुस्त-दुरुस्त रखा है, ताकि अत्यंत आवश्यक कारणों से यात्रा करने वालों को अंतिम समय पर बर्थ मिल सके। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि किसी भी भ्रम से बचने के लिए यात्रा से पहले NTES (National Train Enquiry System) या आधिकारिक वेबसाइट पर शेड्यूल और उपलब्धता की पुनः जांच जरूर कर लें।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आश्वासन—प्रदेश में घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति बनी रहेगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आश्वासन—प्रदेश में घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति बनी रहेगी

    प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं-निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर फोकस
    मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स के साथ की वी.सी.

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट-एशिया में युद्ध की स्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मंत्रीगण सजग हैं। नागरिकों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे प्रबंधन किए गए हैं। नागरिकों को रसोई गैस संबंधी परेशानी नहीं होगी। प्रदेश में घरेलू रसोई गैस सहित पीएनजी और सीएनजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक गतिविधियों के कारण से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के संबंध में वर्तमान स्थितियों में अभी तक अधिकांश कच्चे तेल की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती थी, जिसे परिवर्तित कर अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही देश की रिफाइनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिये वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया जारी है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति बिना कटौती के हो रही है। रिफाइनरी को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वर्तमान में एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है। इसके अलावा एक विशेष उपलब्धि प्राप्त हुई है कि जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले ऐसे जहाज एवं टेंकर जिनमें भारतीय फ्लेग लगे हैं उनको नहीं रोका जाएगा, यह एक राजनयिक विजय है, जिससे पेट्रोलियम सप्लाई में बाधा समाप्त होगी। गैस आपूर्ति प्रबंधन के लिये प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी किया गया है, जिससे देश में किसी भी प्रकार की घरेलू गैस की आपूर्ति में कमी न हो। उपरोक्त के अनुक्रम में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एटीएस, क्रूड ऑयल और घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है तथा निरंतर आपूर्ति जारी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वरिष्ठ मंत्रियों की समिति का गठन भी किया गया है।

    मुख्य सचिव  जैन ने जिला कलेक्टर्स को दिये निर्देश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कमिश्नर-कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ पश्चिम-मध्य एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न हुई स्थिति के दृष्टिगत एलपीजी सहित अन्य ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी  कैलाश मकवाना और एसीएस  शिवशेखर शुक्ला एवं मती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि घरेलू गैस वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था को और मजबूत करें तथा इससे जुड़ी कंपनियां भी सर्वर आदि की क्षमता बढाएं जिससे रिफिल बुकिंग ओटीपी जनरेशन और वितरण बिना असुविधा के सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनिश्चत करें कि गलत सूचनाओं का प्रसार और अफवाहों को सख्ती से रोंके और उपभोक्ताओं तक मीडिया आदि का उपयोग कर सही सूचना पहुचाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाए और सूचना तंत्र मजबूत कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी की कोई भी घटना नही हो, यह सुनिश्चत करें।

    मुख्य सचिव  जैन ने कई कलेक्टर्स द्वारा होटल्स, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन आदि के संचालकों से बात कर रसोई गैस की जगह इलेक्ट्रिक भट्टी और इंडेक्शन आदि का उपयोग बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे भी वैकल्पिक और सुरक्षित ईंधन के उपयोग के प्रति नागरिकों और खानपान व्यवसाय में लगे लोगों बीच वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के प्रति जागरूकता बढाएं।

    मुख्य सचिव  जैन ने विभिन्न शहरों में पीएनजी के कनेक्शन की जानकारी ली और कलेक्टर्स से कहा कि वे अधिकाधिक उपभोक्ताओं को पाइप लाइन गैस प्रणाली से जोड़ें। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों का उसी दिन संतुष्टि पूर्वक समाधान सुनिश्चित किया जाए। डी.जी.पी.  मकवाना ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेट फार्म पर गलत सूचनाओं और अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही करें और संपूर्ण व्यवस्था में सुरक्षात्मक इंतजाम सुनिश्चित करें।

    अपर मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति मती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी सहित पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश के सीएनजी स्टेशन एवं पीएनजी उपभोक्ताओं के उपयोग के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश मे पेट्रोलियम/ सीएनजी/पीएनजी गैस की आपूर्ति लगातार जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त मात्रा में एलपीजी की लगातार उपलब्धता है। शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों को वाणिज्यिक सिलेंडर के उपयोग की छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कलेक्टर्स से मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा है।

    कांफ्रेंस में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, धार के कलेक्टर्स सहित ग्वालियर एवं रीवा के कमिश्नर ने किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। एसीएस मती शमी ने अधिकारियों से कहा कि वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह दें। जहां पीएनजी लाइन उपलब्ध है वहां पीएनजी के कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला कलेक्टर, जिले के खाद्य नियंत्रक/अधिकारी, ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी तथा एलपीजी वितरकों से समन्वय कर एलपीजी की आवश्यकता तथा उपलब्धता की प्रतिदिन समीक्षा भी करें।

    वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा

    प्रदेश में घरेलू रसोई गैस की कोई कमीं नहीं है और उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। राज्य शासन एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह से सतर्क है।

    खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव को समन्वय अधिकारी बनाया गया है, वे प्रतिदिन सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से संवाद और समन्वय करेंगी। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद गलत सूचनाओं के कारण घरेलू गैस की कमी की अफवाह फैलने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सहित अन्य ईंधन का सुरक्षित परिवहन, भंडारण और वितरण सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तर के साथ ही जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाए जाएं जहां प्रतिदिन की स्थिति की समीक्षा के साथ ही समाधान हो। बैठक में बताया गया कि गैस कंपनियों की भी हेल्पलाइन से लोगों को सही जानकारी दी जा रही है। मुख्य सचिव  जैन ने निर्देश दिए कि जन भावनाओं के दृष्टिगत कंट्रोल रूम में कई फोन नम्बर रखें तथा दक्ष अमले की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस वितरण की पारदर्शी व्यवस्था है और संबंधित विभागों का दायित्व है कि वे ऐसा वातावरण तैयार करें जिससे जन भावनाएं व्यवस्था के साथ हों।

     

  • सिलेंडर सप्लाई को लेकर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

    सिलेंडर सप्लाई को लेकर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

    भोपाल

     युद्ध के बाद खाड़ी देशों में बिगड़े हालातों का असर अब अन्य देशों में भी दिखने को मिल रहा है. इस कारण भारत में भी एलपीजी गैस की सप्लाई बाधित (LPG Supply Shortage) हो रही है. इसको देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव ने गुरुवार को गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली. इसके बाद मुख्य सचिव ने भोपाल कलेक्टर के लिए आदेश जारी किया है. ईंधन के आयात में हुई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली। 

    फिलहाल एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही करने का निर्देश दिया है. उपभोक्ताओं के लिए गैस एजेंसियों ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां भारत गैस उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर-1800-22-4344, इंडेडेन ऑयल गैस- 1800-2333-555, एचपी गैस- 1800-2333-555 नंबर है. इसके साथ ही मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध गैस रिफलिंग की जांच करने का भी आदेश दिया है। 

    • मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली
    • मुख्य सचिव की बैठक लेने के बाद भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी किया
    • एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को करने के संबंध में आदेश दिया
    • आयात में हुई रूकावट को देखते हुये पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली  
    • भारत गैस हेल्पलाईन नंबर-1800-22-4344, इण्डेन ऑयल गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555, एचपी गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555
    • गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी एवं अवैध गैस रिफलिंग की सतत जांच करने मुख्य सचिव ने दिया आदेश

    होटल-रेस्तरां में नहीं होगी सप्लाई
    भोपाल कलेक्टर ने भी आदेश जारी करते हुए कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की होटल, रेस्तरां और मॉल में सप्लाई नहीं होगी. इसके अलावा एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्री में भी गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी. फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सिर्फ चिकित्सालय और शैक्षणिक संस्थाओं में की जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए हैं कि सिलेंडर की जमाखोरी करने वालों पर जिला प्रशासन निगरानी रखेगा. अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. SDM, ACP और आपूर्ति अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है। 

  • अल रशीद चैरिटेबल हॉस्पिटल की धोखाधड़ी के कारण आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना से निलंबन, जांच जारी

    अल रशीद चैरिटेबल हॉस्पिटल की धोखाधड़ी के कारण आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना से निलंबन, जांच जारी

    अल रशीद चैरिटेबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर भोपाल अनियमितताओं एवं धोखाधड़ी मामले में आयुष्मान भारत "निरामयम्" योजना से निलंबित

    राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा की जा रही है सतत निगरानी

    भोपाल 

    राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा आयुष्मान भारत "निरामयम्" योजना अंतर्गत पात्र एवं जरूरतमंद हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने तथा योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से सतत निगरानी की जा रही है। भोपाल के अल रशीद चैरिटेबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के विरुद्ध गंभीर वित्तीय अनियमितताओं एवं धोखाधड़ी के मामले पर संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से आयुष्मान भारत "निरामयम्" योजना से निलंबित किया गया है।

    एजेंसी ने परीक्षण में पाया गया कि संबंधित चिकित्सालय द्वारा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपलब्ध पैकेजों का दुरुपयोग किया गया, अनाधिकृत आर्थिक लाभ लेने का प्रयास किया गया तथा मरीजों को अनावश्यक रूप से अधिक दिनों तक भर्ती रखकर योजना का अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया गया। इसके अतिरिक्त गुणवत्तापूर्ण एवं नियमानुसार क्लेम प्रस्तुत न करने जैसी गंभीर कमियाँ भी सामने आईं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी इस चिकित्सालय पर 69,800 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया जा चुका है। बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद अनियमितताओं की पुनरावृत्ति किए जाने पर व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए अल रशीद चैरिटेबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को तत्काल प्रभाव से आयुष्मान भारत "निरामयम्" योजना से निलंबित किया गया है। साथ ही संबंधित चिकित्सालय को योजना से असम्बद्ध किए जाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

    राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान भारत "निरामयम्" योजना में पात्र हितग्राहियों तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, धोखाधड़ी अथवा बाधा को गंभीरता से लिया जाएगा तथा दोषी संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

     

  • तमिलनाडु में 24 बंधुआ श्रमिकों का रेस्क्यू, बैतूल और हरदा के 24 श्रमिक सुरक्षित घर लौटे

    तमिलनाडु में 24 बंधुआ श्रमिकों का रेस्क्यू, बैतूल और हरदा के 24 श्रमिक सुरक्षित घर लौटे

    तमिलनाडु में बंधुआ बनाए गए 24 श्रमिकों का प्रशासन ने कराया सफल रेस्क्यू

    बैतूल के 20 श्रमिक और हरदा के 4 श्रमिकों की सुरक्षित हुई घर वापसी

    सभी ने राज्य सरकार का माना आभार
    प्रत्येक को मिलेगी 30-30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
    बैतूल रेलवे स्टेशन पर कलेक्टर एवं एसपी ने किया श्रमिकों का आत्मीय स्वागत

    भोपाल

    मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीबों के कल्याण के कार्य निरंतर कर रही हैं। तमिलनाडु के इरोड जिले में बंधुआ बनाकर रखे गए बैतूल जिले के 20 और हरदा के 4 श्रमिकों को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, जिला प्रशासन तथा वनवासी कल्याण आश्रम  के त्वरित एवं समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। सभी श्रमिकों के बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंचने पर स्थानीय कलेक्टर  नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी एवं पुलिस अधीक्षक  वीरेंद्र जैन ने आत्मीय स्वागत किया। वनवासी कल्याण आश्रम के जिला अध्यक्ष  महेश्वर भलावी, जिला श्रम पदाधिकारी  धम्मदीप भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    स्टेशन पर सभी श्रमिकों की पहचान सुनिश्चित की गई। कलेक्टर  सूर्यवंशी ने श्रमिकों से चर्चा करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन द्वारा उनके सुरक्षित घर पहुंचने की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए राजस्व, पुलिस और श्रम विभाग निरंतर उनके संपर्क में रहेंगे। साथ ही श्रम पदाधिकारी को निर्देशित किया कि श्रमिकों से संपर्क बनाए रखते हुए आर्थिक सहायता स्वीकृति हेतु आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएं।

    रेलवे स्टेशन से सभी श्रमिकों को उनके गृह ग्राम तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई तथा भोजन की भी व्यवस्था की गई।सुरक्षित वापसी पर श्रमिकों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन  आभार व्यक्त किया।

    जिला श्रम पदाधिकारी  धम्मदीप भगत ने बताया कि उक्त श्रमिक काम करने के लिए तमिलनाडु के इरोड जिले गए थे, जहां होली पर्व पर अवकाश मांगने पर उन्हें छुट्टी नहीं दी गई और बंधुआ बनाकर कार्य कराया जा रहा था। मामले की जानकारी राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य  प्रकाश ऊईके माध्यम से मिलते ही बैतूल जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए श्रम, पुलिस एवं राजस्व विभाग के संयुक्त समन्वय से इरोड जिला प्रशासन से संपर्क स्थापित किया और सभी श्रमिकों को मुक्त कराया।

    रेस्क्यू किए गए प्रत्येक श्रमिक को शासन द्वारा 30-30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाएगी, जिससे वे अपने जीवन को पुनः व्यवस्थित कर सकें। जिला प्रशासन द्वारा उनके पुनर्वास एवं आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की भी बात कही गई है।

    उन्होंने बताया कि कुल 24 श्रमिकों में से 4 हरदा जिले तथा 20 बैतूल जिले के निवासी हैं। बैतूल के सभी श्रमिक भीमपुर ब्लॉक के काबरा, बोरकुंड, बीरपुरा और बासिंदा ग्राम के रहने वाले हैं। हरदा जिले के चार श्रमिकों को सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की गई। उक्त कार्य में समाजसेवी  प्रवीण ढोलके ओर विक्रांत कुमरे ने भी सक्रिय भूमिका निभाई ।

     

  • रेलवे अलर्ट: भोपाल रूट की कई ट्रेनें कैंसिल, यात्रियों को जानकारी के लिए लिस्ट देखें

    रेलवे अलर्ट: भोपाल रूट की कई ट्रेनें कैंसिल, यात्रियों को जानकारी के लिए लिस्ट देखें

    भोपाल 

    देश में रोजाना करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे हर दिन हजारों ट्रेनें चलाता है, जो लोगों को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाती हैं. हालांकि कई बार तकनीकी काम या ट्रैक मेंटेनेंस की वजह से यात्रियों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है. इसी तरह अब भोपाल रूट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आया है. रेलवे की ओर से बताया गया है कि गोंदिया स्टेशन पर ट्रैक से जुड़ा जरूरी काम किया जाना है. इस वजह से भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली कुछ ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा. ऐसे में इस रूट से यात्रा करने की योजना बना रहे यात्रियों को पहले से ट्रेन से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए, ताकि बाद में परेशानी का सामना न करना पड़े।

    इतने दिन कैंसिल रहेंगी ट्रेनें

    रेलवे की ओर से ट्रैक से जुड़ा जरूरी काम किया जा रहा है, जिसके कारण इस रूट से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा. जानकारी के मुताबिक इस काम के लिए 5 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक ब्लॉक लिया गया है. इस दौरान भोपाल मंडल से होकर चलने वाली कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी रूप से कैंसिल करने का फैसला लिया गया है. ऐसे में जो यात्री इस रूट से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें पहले ही अपनी ट्रेन की स्थिति जांच लेने की सलाह दी जा रही है. रेलवे का कहना है कि यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए यह जानकारी पहले से जारी की जा रही है, ताकि लोग अपनी यात्रा की योजना उसी हिसाब से बना सकें।

    इन ट्रेनों को किया गया कैंसिल

        ट्रेन नंबर 18237 कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस कोरबा से 5 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक के लिए कैंसिल.
        ट्रेन नंबर 18238 अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस अमृतसर से 7 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक के लिए कैंसिल.
        ट्रेन नंबर 12410 हज़रत निजामुद्दीन-रायगढ़ एक्सप्रेस 2, 4, 6, 7, 8, 9, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 और 22 अप्रैल 2026 को कैंसिल.
        ट्रेन नंबर 12409 रायगढ़-हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 और 24 अप्रैल 2026 को कैंसिल.
        ट्रेन नंबर 12807 विशाखापत्तनम-हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 5, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 और 23 अप्रैल 2026 को कैंसिल.
        ट्रेन नंबर 12808 हज़रत निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस 7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 और 25 अप्रैल 2026 को कैंसिल.

     

  • उपलब्धियों का उत्सव मनाते हुए भविष्य की जिम्मेदारियों को भी निभाना होगा : राज्यपाल पटेल

    उपलब्धियों का उत्सव मनाते हुए भविष्य की जिम्मेदारियों को भी निभाना होगा : राज्यपाल पटेल

    उपलब्धियों के उत्सव से शुरू होती भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियाँ : राज्यपाल  पटेल

    गरीब और वंचितों का जीवन बेहतर बनाने में ज्ञान से करें सहयोग

    भोपाल

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने युवाओं से कहा कि आज का समारोह उनके जीवन की उपलब्धियों का उत्सव तो है, लेकिन यह उनके भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। उन्होंने युवाओं से अपेक्षा की कि वे संवेदना, सेवा और सहयोग के पथ पर निरंतर अग्रसर रहें और अपने हौसले तथा हुनर से गरीब, वंचित और जरूरतमंदों का जीवन बेहतर बनाने में योगदान दें। गरीब बस्तियों में जाकर जरूरतमंदों की मदद को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और अपने ज्ञान को सार्थकता प्रदान करें।

    राज्यपाल  पटेल ने  स्वशासी संस्थान टेक्नोक्रेट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (टी.आई.टी.) के वार्षिक ‘प्लेसमेंट डे’ समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उनका स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया।राज्यपाल  पटेल ने समारोह में प्लेसमेंट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और हायरिंग कम्पनियों के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया।

    राज्यपाल  पटेल ने ‘प्लेसमेंट डे’ के अवसर पर रोजगार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके गुरुजनों और अभिभावकों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी युवाओं को विकसित भारत का कर्णधार मानते हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्टार्टअप, कौशल विकास और डिजिटल इंडिया जैसे अभिनव कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं की प्रतिभा को नए पंख मिले हैं। उन्होंने वैश्विक मानकों और अपेक्षाओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने के प्रयासों के लिए टी.आई.टी. ग्रुप से जुड़े सभी सहयोगियों को साधुवाद दिया।

    पूर्व मंत्री एवं विधायक  अजय विश्नोई ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सामान्य हवा और हीलियम से भरे गुब्बारों के प्रसंग के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान की शक्ति का महत्व बताया। उन्होंने असफलता को सफलता में बदलने के लिए स्वयं की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन, संस्थान की अध्यक्ष मती साधना करसोलिया और विभिन्न कंपनियों के कैंपस हायरिंग प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संस्थान के मुख्य संरक्षक  रामराज करसोलिया भी मंचासीन थे।

     

  • कलेक्टर गाइड लाइन में 20 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव, भोपाल में प्रॉपर्टी होगी महंगी

    कलेक्टर गाइड लाइन में 20 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव, भोपाल में प्रॉपर्टी होगी महंगी

    भोपाल.

    भोपाल में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई कलेक्टर गाइडलाइन में कई क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। शहर की करीब 500 से अधिक लोकेशन पर जमीन और प्रॉपर्टी के दामों में 50 से 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की तैयारी की गई है।
    हालांकि नई गाइडलाइन में लोकेशन की संख्या घटाकर 2,175 कर दी गई है, जबकि वर्तमान गाइडलाइन में 2,881 लोकेशन शामिल थीं। कई क्षेत्रों में सरकारी परियोजनाओं के कारण कीमतों में वृद्धि प्रस्तावित नहीं की गई है।

    706 लोकेशन कम की गईं
    नई कलेक्टर गाइडलाइन में कुल 706 लोकेशन कम कर दी गई हैं। पहले जहां 2,881 लोकेशन शामिल थीं, वहीं अब केवल 2,175 लोकेशन को ही गाइडलाइन में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार कई क्षेत्रों में सरकारी परियोजनाएं शुरू होने के कारण वहां किसी प्रकार की वृद्धि प्रस्तावित नहीं की गई है।

    कई इलाकों में 20 से 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
    कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्ताव के अनुसार शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में प्रॉपर्टी के दामों में बड़ी वृद्धि की तैयारी है। करोंद, पलासी, गांधीनगर, बैरागढ़, परवलिया सड़क, अयोध्या बायपास, आनंद नगर, रातीबड़, नीलबड़ और कोलार सहित कई क्षेत्रों में जमीन की कीमतों में 20 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा रायसेन रोड, विदिशा रोड, बैरसिया रोड, नर्मदापुरम रोड, भोपाल-इंदौर रोड, भोपाल बायपास, बंगरसिया, 11 मील और कटारा हिल्स जैसे क्षेत्रों में भी कीमतों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है।

    621 लोकेशन पर 11 प्रतिशत वृद्धि का दावा
    पंजीयन और राजस्व अधिकारियों ने प्रस्ताव में 621 लोकेशन पर औसतन 11 प्रतिशत वृद्धि का दावा किया है। हालांकि जब यह प्रस्ताव पोर्टल पर अपलोड हुआ तो कई क्षेत्रों में इससे कहीं अधिक वृद्धि का प्रस्ताव सामने आया।

    अभी तक नहीं आई आपत्ति
    कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव दो दिन पहले ही आम लोगों के लिए पोर्टल पर अपलोड किया गया है। जानकारी के अभाव में अब तक इस पर एक भी ऑनलाइन आपत्ति दर्ज नहीं हुई है। अगर, इसी तरह कोई आपत्ति नहीं आती है, तो अधिकतम वृद्धि वाले प्रस्ताव को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा।

    सर्वर ठप होने से रजिस्ट्री में परेशानी
    प्रॉपर्टी की कीमतों में संभावित वृद्धि को देखते हुए लोग जल्दी रजिस्ट्री कराने के लिए पंजीयन कार्यालय पहुंच रहे हैं। हालांकि सोमवार को सर्वर ठप होने के कारण कई लोगों को रजिस्ट्री के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।