Category: मध्य प्रदेश

  • 400 जवानों के साथ बड़ा अभियान, भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा से अपराधियों को निकाला

    400 जवानों के साथ बड़ा अभियान, भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा से अपराधियों को निकाला

    भोपाल 
     कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे पर बड़ा प्रहार किया है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात पुलिस की बड़ी टीम ने ईरानी डेरे पर प्रहार किया है। इस दौरान सैकड़ों पेंडिंग वारंट तामील करवाए गए हैं। साथ ही दर्जनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भोपाल पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। ईरानी डेरा अमन कॉलोनी के पास है।

    अलग-अलग राज्यों के अपराधी छुपे यहां
    भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार यहां अलग-अलग जिलों और राज्यों के अपराधी छिपे हुए थे। ये उन जगहों के वांटेड क्रिमिनल थे। पुलिस ने इस ऑपरेशन के लिए डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में एक टीम बनाई थी। इसके बाद बेहद गोपनीय तरीके से पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है।

    400 जवान हुए शामिल
    वहीं, स्पेशल टीम में 9 असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, 16 इंस्पेक्टर और 400 पुलिस बल के जवान थे। निशातपुरा थाना क्षेत्र के अमन कॉलोनी की घेराबंदी की गई। इसे ही ईरानी डेरा भी कहा जाता है। घेराबंदी के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग और महिलाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस टीम ने सख्ती बरती और उन्हें रोक दिया गया। साथ ही कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

    यूपी का मोस्टवांटेड शहादत भी गिरफ्तार
    इस कार्रवाई के दौरान भोपाल पुलिस ने 31 आदमी और 8 औरतों को गिरफ्तार किया है। इसमें शहादत भी शामिल है जो यूपी पुलिस का वांटेड क्रिमिनिल है। साथ ही उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए से ज्यादा का इनाम है। गिरफ्तार आरोपियों कई लोग भोपाल ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी वॉन्टेड थे।

    इनके पास से पुलिस ने चोरी के 17 टू-व्हीलर, 644 ग्राम सोना, 240 ग्राम चांदी, 39 मोबाइल फोन, 1.34 लाख रुपए कैश और 1.7 केजी गांजा बरामद किया है।

    गौरतलब है कि भोपाल पुलिस ने वारंटियों को गिरफ्तार करने के लिए पूरे शहर में अभियान चलाया था। पुलिस ने 238 परमानेंट वारंट, 125 अरेस्ट वारंट और 121 बेलेबल वारंट तामील करवाए हैं। इसके अलावे 21 दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फरार, गाड़ी चोर और जिले के बाहर के क्रिमिनल शामिल हैं। साथ ही गंभीर क्राइम के पेंडिंग केस में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

  • लेबर कानून विरोध प्रदर्शन: जबलपुर-इटारसी में मिली-जुली प्रतिक्रिया, सरकारी ऑफिस में हल्की हड़ताल

    लेबर कानून विरोध प्रदर्शन: जबलपुर-इटारसी में मिली-जुली प्रतिक्रिया, सरकारी ऑफिस में हल्की हड़ताल

    भोपाल 

    केंद्र सरकार की ' नो वर्क नो पे' (No Work No Pay) सहित अन्य जनविरोधी और कॉर्पोरेट परस्त आर्थिक नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी गुरुवार को देशव्यापी आम हड़ताल का बिगुल फूंका गया है। ग्वालियर में भी इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंक इस हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं।

    नए लेबर लॉ समेत कई मुद्दों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठन आज हड़ताल कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में इसका मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।जबलपुर और इटारसी में डिफेंस फैक्टरियों के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन ​​किया। इटारसी में एक घंटा विरोध करने के बाद कर्मचारी काम पर लौट गए। हालांकि, इन जगह स्कूल, कॉलेज और बाजार खुले हुए हैं।

    हड़ताल में ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा- आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, बैंक, बीमा, केंद्रीय कर्मचारी, बीएसएनएल के संगठन शामिल हैं।मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया, हड़ताल में सरकारी के साथ प्राइवेट बैंक भी शामिल होंगे। भारतीय स्टेट बैंक यूनियन ने हड़ताल का समर्थन किया है, लेकिन वह सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल नहीं रहेगा।

    हड़ताल का असर बीमा सेक्टर पर भी पड़ेगा। भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहेंगे। वहीं, बीएसएनएल-डाक विभाग में भी हड़ताल का असर दिखाई देगा।

    बीओआइएसयूइयू के एजीएस सौरभ सिकरवार ने बताया कि ग्वालियर में राष्ट्रीयकृत 11 बैंकों की 70 शाखाओं के 900 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी इस हड़ताल में 'नो वर्क-नो पे' के आधार पर शामिल होंगे। हड़ताल के चलते कल सुबह 9 से 11 बजे तक फूलबाग स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान बैंक, बीमा, बीएसएनएल, डाक, आयकर और आंगनबाड़ी जैसे विभागों में भी काम पूरी तरह ठप रहेगा। 

    हड़ताल में ये भी शामिल

    ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रवक्ता वीके शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ देशभर के दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं सौ से अधिक स्वतंत्र ट्रेड यूनियंस के आह्वान पर देशभर के 25 अधिकारी- इस राष्ट्रव्यापी आम हड़‌ताल में भाग लेंगे। इस हड़ताल में बैंक, बीमा, केंद्र, बीएसएनएल, पोस्टल, आयकर, आंगनबाड़ी, आशाकर्मी, मध्यान्ह भोजन कर्मी, खेतिहर मजदूर, किसान संघ, पेंशनर्स, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, हम्माल मजदूर सभा आदि से संबंधित यूनियंस के साथ-साथ इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआइयूटीयूसी, सेवा समेत दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं अन्य संस्थानों में कार्यरत ट्रेड यूनियंस के सदस्य भाग ले रहे हैं।

    संगठनों की प्रमुख मांगें

    •     चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) और उनसे जुड़े नियमों को रद्द करने की मांग।
    •     ड्राफ्ट सीड बिल को वापस लेने की मांग।
    •     बिजली संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग।
    •     SHANTI Act (न्यूक्लियर एनर्जी से संबंधित कानून) को वापस लेने की मांग।
    •     मनरेगा की बहाली की मांग।
    •     विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को रद्द करने की मांग।
  • वित्तीय वर्ष में कर्ज का बूम: सरकार ने एक हफ्ते में दूसरी बार उठाए 5,000 करोड़

    वित्तीय वर्ष में कर्ज का बूम: सरकार ने एक हफ्ते में दूसरी बार उठाए 5,000 करोड़

    भोपाल 

    विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट के पहले मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र के पहले बाजार से 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया है। पिछले एक सप्ताह में सरकार ने दूसरी बार कर्ज लिया है। इससे पहले 4 फरवरी को ही सरकार ने 5300 करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ये कर्ज ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा अब तक 67,300 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है। उल्लेखनीय है कि, बजट सत्र 16 फरवरी से शुरु हो रहा है और 18 एमपी का बजट पेश होगा।

    बता दें कि, एक हफ्ते में लिया गया ये दूसरा कर्ज है, जो सरकार ने तीन किस्तों में लिया है। इसका भुगतान सरकार को आज यानी बुधवार को होने वाला है। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में लिए गए कुल कर्ज की संख्या 36 हो गई है और कर्ज का आंकड़ा 67300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
    अलग-अलग किस्तों में लिया गया कर्ज

    जनवरी 2026 तक सरकार ने 30 कर्ज लिए थे, जो फरवरी के पहले 10 दिनों में लिए गए कुल 6 कर्ज मिलाकर 36 तक पहुंच गया है। 3 फरवरी को 3 नए कर्ज लिए जाने के बाद आंकड़ा 33 तक पहुंचा था और आज फिर तीन अलग-अलग किस्तों में कर्ज लिया गया है।

    इसलिए लिया गया कर्ज

    10 फरवरी को लिए गए दो-दो हजार करोड़ के दोनों ही कर्ज 21 साल और 16 साल की अवधि के हैं, जबकि 1000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 8 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। यहां गौरतलब है कि, मंगलवार को मोहन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट का प्रजेंटेशन कैबिनेट के सामने किया है, जिसे 18 फरवरी को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। एग्रीकल्चर स्कीम, सिंचाई और पॉवर प्रोजेक्ट तथा कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के नाम पर यह कर्ज लिए गए हैं।

    2025-26 में महीने दर महीने ऐसे लिया कर्ज

    -चालू वित्त वर्ष में पहला और दूसरा कर्ज मई में ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए का लिया।
    -जून में 2 हजार और ढाई हजार के दो लोन लिए गए।
    -जुलाई माह में पहली बार 2500 और 2300 तथा दूसरी बार 2000 और 2300 करोड़ के चार कर्ज लिए गए।
    -अगस्त में 1600 करोड़, 1400 करोड़ और 1000 करोड़ रुपए के तीन कर्ज पहले राउंड में और 2500 तथा 2300 करोड़ के दो कर्ज दूसरे राउंड में लिए गए।
    -सितम्बर महीने में पहले राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ और एक हजार करोड़ के तीन लोन, दूसरे राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो लोन और तीसरे राउंड में 1500 करोड़ तथा 1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए। इस तरह सितम्बर में सात कर्ज लिए गए।

    -अक्टूबर में 2700 करोड़ और 2500 करोड़ के दो लोन लिए गए।
    -नवम्बर में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो और एक हजार करोड़ का एक कर्ज समेत तीन लोन लिए गए।
    -दिसम्बर में 1000-1000 करोड़ के तीन कर्ज लिए गए।
    -जनवरी 2026 में 1500-1500 करोड़ रुपए के दो और एक हजार करोड़ रुपए का एक कर्ज लिया गया।
    -तीन फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो और 1200 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।
    -10 फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो कर्ज और 1000 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।

  • भोपाल-इंदौर और 13 अन्य शहरों में गर्मी का असर, रात में तापमान गिरकर 10°C से भी नीचे

    भोपाल-इंदौर और 13 अन्य शहरों में गर्मी का असर, रात में तापमान गिरकर 10°C से भी नीचे

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। दोपहर में धूप तेज हो रही है और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है, वहीं रात और सुबह के समय सर्दी अब भी महसूस की जा रही है। मंगलवार को भोपाल और इंदौर सहित 15 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार दर्ज किया गया, जबकि रात के समय 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा।मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल देश में दो सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन वे कमजोर स्थिति में हैं, इसलिए प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। हालांकि 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। 

    मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल देश में दो सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन वे कमजोर स्थिति में हैं, इसलिए प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। हालांकि 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सागर, दमोह, खजुराहो, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम और मंडला सहित कई शहरों में पारा 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा।वहीं रात के तापमान की बात करें तो शहडोल जिले के कल्याणपुर में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई, जहां पारा 4.5 डिग्री तक लुढ़क गया। कटनी के करौंदी में 5.9 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी और उमरिया में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.5 डिग्री और नौगांव में 9.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    दिन में नर्मदापुरम सबसे गर्म, कल्याणपुर की रात ठंडी मंगलवार को भोपाल, इंदौर, दमोह, खजुराहो, मंडला, सागर, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम समेत 15 शहरों में पारा 30 डिग्री से ज्यादा रहा। नर्मदापुरम में तापमान सबसे ज्यादा 33 डिग्री दर्ज किया गया।

    वहीं, सोमवार-मंगलवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर की रात सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री पहुंच गया। कटनी के करौंदी में 5.9 डिग्री, अनूपपुर के अमरकंटक में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी-उमरिया में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.5 डिग्री और नौगांव में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बर्फ पिघलने के बाद बढ़ेगी सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक साइक्लोनिक सर्ककुलेशन एवं वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। वहीं, पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश होने का अनुमान है। इस वजह से प्रदेश में अगले 2 दिन तक तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्से में मंगलवार को दिन में तेज धूप खिली रही। इससे अधिकतम तापमान में बढ़ा हुआ रहा। हालांकि, रात व अलसुबह ठंड का असर बरकरार रहेगा। पारे में जरूर बढ़ोतरी होगी।

    इसलिए बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट होगी और ठंड का असर बढ़ जाएगी। उत्तर से ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा।

    अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम

        12 फरवरी- अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दिन में तेज धूप खिली रहेगी।
        13 फरवरी- तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी। रात और अलसुबह ही ठंड का असर रहेगा।

    MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम…

    भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म

    भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक 13, 14 और 15 फरवरी के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। दिन और रात दोनों के पारे में 3 से 4 डिग्री तक कमी आ सकती है। इससे एक बार फिर ठंड का असर बढ़ेगा, खासकर सुबह और देर रात के समय सर्दी ज्यादा महसूस होगी। फिलहाल प्रदेश में मौसम का यह ‘मिक्स पैटर्न’ लोगों को हैरान कर रहा है दोपहर में गर्मी और रात में सर्दी, यानी एक ही दिन में दो मौसम का एहसास। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और बारिश का असर आने वाले दिनों में प्रदेश पर पड़ेगा। फिलहाल अगले दो दिन तक दिन का तापमान बढ़ा हुआ रह सकता है, क्योंकि धूप तेज बनी हुई है। लेकिन जैसे ही सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलेगी, उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे मौसम में फिर बदलाव आएगा। 

  • MP में बर्फ पिघलने के बाद ठंडी हवाएं, अगले 2 दिन तेज ठंड नहीं, ग्वालियर-चंबल में ज्यादा असर

    MP में बर्फ पिघलने के बाद ठंडी हवाएं, अगले 2 दिन तेज ठंड नहीं, ग्वालियर-चंबल में ज्यादा असर

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड से फिलहाल थोड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन प्रदेश में तापमान बढ़ेगा और दिन में सर्दी का असर कम रहेगा। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही पहाड़ी इलाकों में सक्रिय सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलने की प्रक्रिया तेज होगी, वैसे ही उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं एक बार फिर प्रदेश में ठंड बढ़ा देंगी। फरवरी महीने में मौसम का मिजाज बार-बार बदलता रहेगा। फिलहाल प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। 

    पहाड़ी इलाकों की बर्फ से बढ़ी एमपी में ठंड
    भोपाल के मौसम वैज्ञानिक डॉ अरुन शर्मा के मुताबिक, पहाड़ों के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन आगे बढ़ रहा है. जैसे ही यह सिस्टम कमजोर होगा और बर्फ पिघलेगी, उसके बाद उत्तर से ठंडी हवाएं फिर से प्रदेश में असर दिखाएंगी. इसी कारण फरवरी महीने में मौसम में बार-बार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.

    अब धीरे-धीरे बढ़ेगा तापमान
    मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में सोमवार को दिनभर तेज धूप रही. इससे अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. हालांकि, रात और तड़के सुबह ठंड का असर अभी बना रहेगा, लेकिन पारा धीरे-धीरे ऊपर चढ़ेगा.

    13 से 15 फरवरी के बीच फिर बढ़ेगी ठंड
    एमपी के मौसम को लेकर मौसम विभाग का कहना है कि सिस्टम गुजरने के बाद 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट आएगी. इस दौरान उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण एक बार फिर ठिठुरन बढ़ सकती है.

    प्रदेश में कटनी का इलाका सबसे ठंडा, तापमान 5.9 दर्ज
    रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. जहां प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान कटनी का करौंदी रहा, यहां तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा खजुराहो में तापमान 6.4 दर्ज हुआ तो शहडोल के कल्याणपुर में 6.6 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4, अमरकंटक में 7.8 तक पारा दर्ज हुआ है.

     बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक पांडे ने बताया, सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट होगी और ठंड का असर बढ़ जाएगी। उत्तर से ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा।

    13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रविवार-सोमवार की रात में प्रदेश के 13 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा कटनी का करौंदी रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री, दतिया में 8.1 डिग्री, रीवा में 8.3 डिग्री, राजगढ़ में 8.6 डिग्री, उमरिया में 8.8 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.4 डिग्री, मलाजखंड में 9.5 डिग्री और नौगांव में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

    पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में सबसे कम 10.2 डिग्री, इंदौर में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12.4 डिग्री और जबलपुर में 11.4 डिग्री दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों के मौसम का हाल 
    मध्यप्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर में 11.2, ग्वालियर में 10.6, उज्जैन में 12.4 और जबलपुर में 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.

    अगले दो दिन का मौसम अनुमान
    एमपी में 11 फरवरी को दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी. दिन में धूप तेज रहेगी.
    एमपी में 12 फरवरी को तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है. ठंड का असर मुख्य रूप से रात और सुबह के समय ही रहेगा.

  • गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार

    गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार

    गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार 

     थाने में दर्ज आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड, लंबित प्रकरणों की जानकारी और बीटचार्ज का लिया जायजा 

    भोपाल 

    राजधानी भोपाल के नवागत पुलिस आयुक्त संजय कुमार लगातार थानों का जायजा ले रहे हैं। इसी कड़ी में पुलिस आयुक्त सोमवार रात गोविंदपुरा थाने पहुंचे। उन्होंने थाने में दर्ज अपराधों की जानकारी और लंबित मामलों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने बीटचार्ट और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही थाने की स्वच्छता और आगंतुकों के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

    दरअसल नए पुलिस आयुक्त संजय कुमार की कार्य प्रणाली अन्य अधिकारियों से कुछ हटकर है। वह कार्यालय से दिशा निर्देश देने से ज्यादा जरूरी फील्ड में उतरकर काम करने में विश्वास रखते हैं। इसी के चलते पुलिस आयुक्त लगातार अलग-अलग थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। पुलिस आयुक्त अपराधियों से सख्ती से निपटने और आमजनों से सद्व्यवहार करने की नसीहत पहले ही दे चुके हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि थानों के निरीक्षण के बाद काम में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

  • विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, कर्नल कुरैशी पर टिप्पणी और माफी पर होगी चर्चा

    विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, कर्नल कुरैशी पर टिप्पणी और माफी पर होगी चर्चा

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज, 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। अब अदालत के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए या नहीं। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के रुख और संभावित निर्देशों को देखते हुए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है।

    दिल्ली में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक

    सुनवाई से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्री विजय शाह को लेकर बने राजनीतिक और कानूनी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके।

    सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे।

    इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया।

    पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है।

    बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।

    बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह ली है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कुछ बिंदुओं पर जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग अदालत से की जाए। इस पहलू पर पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है।

    प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात और माफी का दबाव

    इस पूरे घटनाक्रम से पहले, दो दिन पूर्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह से एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया।

    इसी क्रम में 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। यह इस पूरे विवाद में उनकी चौथी माफी थी।

    क्या है पूरा विवाद?

    मामले की जड़ 11 मई 2025 की है, जब मंत्री विजय शाह ने महू के रायकुंडा क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बयान को सेना, महिलाओं और एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

    पहली और दूसरी माफी:

    विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह ने 13 मई 2025 को पहली बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, “सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।”

    अगले दिन, 14 मई 2025 को लगभग इसी शब्दों में उन्होंने दोबारा माफी दोहराई। हालांकि, इन दोनों माफियों को लेकर यह सवाल उठता रहा कि क्या वे पर्याप्त और बिना शर्त थीं।

    तीसरी माफी: 23 मई 2025 का विस्तृत बयान

    23 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने एक लंबा बयान जारी करते हुए तीसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से उनका मन विचलित था और उसी मानसिक स्थिति में उनसे भाषाई भूल हुई।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे भारतीय सेना, कर्नल सोफिया कुरैशी तथा देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हैं।

    चौथी माफी: 7 फरवरी 2026, कोर्ट की सुनवाई से पहले

    सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले, 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे, जो उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे।

    उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है, इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी।

    सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर

    अब पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई से तय होगी। अदालत यह निर्णय कर सकती है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या राज्य सरकार की दलीलों और माफियों को देखते हुए कोई अन्य रास्ता अपनाया जाएगा।

     

  • सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

    सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

    भोपाल
    भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है।

    अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।  

    क्या होगा यहां खास
    यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।
     
    छात्रों के लिए नई राह
    आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।
     
    सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।

    शहर को क्या मिलेगा
        ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा
        प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी
        लोकल जॉब्स बढ़ेंगी
        नई इंडस्ट्री निवेश आएगा
        स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे।

    इन 5 कामों पर फोकस
        ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल
        सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन
        बिजली सप्लाई में कम नुकसान
        कार्बन उत्सर्जन में कमी
        विंड एनर्जी को सस्ता बनाना

    52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक
    हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर किया स्मरण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर किया स्मरण

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर उनका स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा, गरीब कल्याण और कमजोर वर्ग के उत्थान के प्रति डॉ. जाकिर हुसैन का समर्पण सदैव याद किया जाएगा।

     

  • कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी विवाद: माफी मांगते वक्त भी नहीं छुपी मंत्री की मुस्कान

    कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी विवाद: माफी मांगते वक्त भी नहीं छुपी मंत्री की मुस्कान

    भोपाल
    अपने ही गैर-जिम्मेदाराना और विवादित बयानों के लिए मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय शाह अब तक चार बार सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। 13 मई 2025, 14 मई 2025, फिर 23 मई 2025 और अब 07 फरवरी 2026, एक ही बयान और एक ही विषय पर इतनी बार माफी मांगने का रिकॉर्ड शायद ही किसी मंत्री के नाम दर्ज हो। यह रिकॉर्ड गिनीज बुक में दर्ज हो या नहीं, लेकिन सियासी शर्मनाक घटनाओं की सूची में जरूर दर्ज किया जाना चाहिए। हैरानी की बात यह है कि शनिवार को इंदौर के रेसिडेंसी क्षेत्र में जब मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया को लेकर माफीनामा पढ़ रहे थे, तो वह भी बिना तैयारी के नहीं, बल्कि पूरी लिखित स्क्रिप्ट के साथ।
     
    मीडिया के सवालों के दौरान शाह का रवैया भी अपने आप में कई सवाल खड़े करता नजर आया। माफी मांगने आए मंत्री जी के हाव भाव ऐसे थे मानों वह किसी गंभीर गलती पर पछतावा जताने नहीं, बल्कि सिर्फ औपचारिकता निभाने आए हों। “बोल दिया था, इसलिए माफी मांगनी पड़ रही है।” अगर वास्तव में उन्हें अपने बयान पर जरा भी मलाल या आत्मग्लानि होती, तो वह मीडिया से चर्चा से पहले कैमरों के सामने इस तरह बेशर्मी भरी मुस्कान के साथ खड़े नजर नहीं आते। उनके चेहरे पर न पश्चाताप था, न संकोच और न ही शब्दों की जिम्मेदारी का कोई भार।

    औपचारिकता निभाने आए थे?
    पूरा घटनाक्रम यही संकेत देता है कि शाह इंदौर केवल औपचारिकता निभाने आए थे, न कि अपने बयान की गंभीरता को समझने। कैमरों के सामने मुस्कुराते रहना और माफी को एक मजबूरी की तरह पेश करना, यह साफ दर्शाता है कि सत्ता के अहंकार में संवेदनशील मुद्दों को भी हल्के में लिया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या यह वही गंभीरता है, जिसकी उम्मीद जनता एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री से करती है, या फिर अब माफी भी एक राजनीतिक ड्रामा बनकर रह गई है? सवाल यह है कि क्या अब मंत्री को माफी मांगने के लिए भी स्क्रिप्ट की जरूरत पड़ने लगी है? क्या शब्द इतने अविश्वसनीय हो चुके हैं कि बिना कागज के बोलना भी जोखिम भरा हो गया है?

    11 मई को दिया था विवादित बयान
    बीते वर्ष 11 मई को इंदौर के महू क्षेत्र के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह द्वारा दिया गया विवादित और आपत्तिजनक बयान अब कानूनी शिकंजे में बदल चुका है। कार्यक्रम में मंत्री शाह ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा था कि जिन आतंकियों ने लोगों को मारा, उन्होंने कपड़े उतरवाए और हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लेते हुए कहा था कि “प्रधानमंत्री ने उन्हीं की बहन को भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई।” मंत्री द्वारा सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई इस आपत्तिजनक टिप्पणी ने सियासी और सामाजिक हलकों में तीखा आक्रोश पैदा कर दिया।

    15 दिनों के भीतर फैसला लेने के निर्देश
    मंत्री विजय शाह को यह बयान देना अब भारी पड़ रहा है। हाईकोर्ट जबलपुर के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए डीजीपी को मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के निर्देश मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हुई और इंदौर जिले के मानपुर थाने में शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। चूंकि आपत्तिजनक बयान मानपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया गया था, इसलिए मूल प्रकरण यहीं दर्ज किया गया था । मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रोसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्य प्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर फैसला लेने के निर्देश दिए थे।