Category: मध्य प्रदेश

  • ओंकारेश्वर को मिलेगा भव्य पञ्चायतन मंदिर, अनोखी वास्तुकला और नक्काशी बनेगी आकर्षण का केंद्र

    ओंकारेश्वर को मिलेगा भव्य पञ्चायतन मंदिर, अनोखी वास्तुकला और नक्काशी बनेगी आकर्षण का केंद्र

      ओंकारेश्वर
    ओंकारेश्वर के मान्धाता पर्वत पर विकसित हो रहे एकात्म धाम में गुरुवार को भव्य पञ्चायतन मंदिर के निर्माण की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव और संतों की मौजूदगी में सुबह 6 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर का शिलान्यास किया जाएगा। इस मौके पर 45 पवित्र शिलाओं का पूजन होगा। यह मंदिर इसलिए खास है, क्योंकि यहां एक ही परिसर में पांच प्रमुख देव परंपराओं का समन्वय देखने को मिलेगा। मंदिर के बीच में भगवान शिव का मुख्य मंदिर होगा, जबकि चारों कोनों में भगवान विष्णु, सूर्य, गणेश और भगवती शक्ति के मंदिर बनाए जाएंगे। पञ्चायतन पूजा का यही मूल विचार है कि अलग-अलग रूपों में पूजे जाने वाले देव एक ही परम सत्ता के स्वरूप हैं।

    16 फीट ऊंचे आधार पर बनेगा मंदिर
    पञ्चायतन मंदिर को पारंपरिक नागर शैली में तैयार किया जा रहा है। पूरा मंदिर 16 फीट ऊंचे आधार यानी ‘जगति’ पर खड़ा होगा। मुख्य मंदिर का गर्भगृह चारों दिशाओं से खुला होगा, जिससे श्रद्धालु चारों दिशाओं से प्रवेश कर सकेंगे। मंदिर का मुख्य शिखर ‘सोमतिलक’ शैली में बनाया जाएगा। मुख्य मंडप में 26 फीट व्यास का विशाल कलात्मक गुंबद होगा। मंदिर वर्ष 2028 तक बनकर तैयार होगा। इसकी लागत अदैत्य लोक के लिए स्वीकृत राशि में ही शामिल हैं।   

    100 नक्काशीदार स्तंभ और 121 कलश
    मंदिर की सबसे आकर्षक विशेषताओं में इसकी शिल्पकला होगी। परिसर में 100 नक्काशीदार स्तंभ लगाए जाएंगे। इसके अलावा मंदिर 121 कलशों से सुशोभित होगा। निर्माण में करीब 80 हजार घन फीट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर इस्तेमाल किया जा रहा है। मंदिर में आठ लघु संवर्णा और भव्य तोरण द्वार भी बनाए जाएंगे। बाहरी दीवारों पर भारतीय मंदिर स्थापत्य के पारंपरिक तत्वों की नक्काशी होगी। 

    क्यों खास है पंचायतन मंदिर?
    पंचायतन परंपरा को आदि शंकराचार्य से जोड़ा जाता है। इसका उद्देश्य अलग-अलग उपासना परंपराओं के बीच समन्वय स्थापित करना था। इसमें भगवान शिव, विष्णु, सूर्य, गणेश और शक्ति की उपासना एक साथ की जाती है। यानी शैव, वैष्णव, शाक्त, सौर और गाणपत्य परंपराओं का एक ही स्थान पर संगम होगा। मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय दर्शन और प्राचीन मंदिर स्थापत्य को समझने का भी केंद्र बनेगा। 

    एकात्म धाम में पहले से स्थापित है 108 फीट की प्रतिमा
    एकात्म धाम परियोजना के पहले चरण में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची ‘एकात्मता की मूर्ति’ स्थापित की जा चुकी है। दूसरे चरण में करीब 2195 करोड़ रुपये की लागत से ‘अद्वैत लोक’ संग्रहालय विकसित किया जा रहा है। यहां आचार्य शंकर के जीवन, दर्शन और भारतीय ज्ञान परंपरा को प्रदर्शित किया जाएगा। ऐसे में पंचायतन मंदिर एकात्म धाम की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और विस्तार देगा। ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आने वाले समय में यह परिसर आस्था के साथ भारतीय स्थापत्य और दर्शन को समझने का प्रमुख केंद्र बन सकता है। 

  • ग्वालियर और चंबल संभाग में पहली बार किसी शासकीय अस्पताल में हुआ किडनी ट्रांसप्लांट

    ग्वालियर और चंबल संभाग में पहली बार किसी शासकीय अस्पताल में हुआ किडनी ट्रांसप्लांट

    भोपाल 

    प्रदेश के सभी अंचलों में उच्चस्तरीय और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य शासन निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में ग्वालियर के गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में ग्वालियर और चंबल संभाग के किसी शासकीय चिकित्सीय संस्थान में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट की सफल प्रक्रिया पूरी होना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने इस उपलब्धि पर गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की पूरी चिकित्सा टीम और विशेषज्ञों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में जटिल और अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। अंग प्रत्यारोपण जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधा का ग्वालियर में शुरू होना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश के बड़े शहरों के साथ-साथ विभिन्न अंचलों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा का लाभ क्षेत्र के जरूरतमंद मरीजों को मिलेगा और आयुष्मान योजना के माध्यम से नि:शुल्क उपचार उपलब्ध होना सरकार की जनकल्याणकारी प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।

    ग्वालियर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट के बाद मरीज और डोनर दोनों की हालत स्थिर है और चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। छतरपुर निवासी  कृष्णकांत गुप्ता (60 वर्ष) की दोनों किडनियां खराब हो गई थीं। परिवार की सहमति के बाद उनकी पत्नी मती मीना गुप्ता (55 वर्ष) ने पति को किडनी दान करने की इच्छा जताई। इसके बाद मरीज और डोनर की आवश्यक मेडिकल जांच, काउंसलिंग, अनुकूलता परीक्षण तथा ट्रांसप्लांट से संबंधित अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद मरीज और डोनर को 29 अगस्त को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया।

    रविवार सुबह करीब 8:30 बजे किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू हुई। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी, एनेस्थीसिया और यूरोलॉजी विभाग के नेतृत्व में मणिपाल हॉस्पिटल के यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट विभागाध्यक्ष डॉ. विकास जैन के सहयोग से विशेषज्ञों की टीम ने पूरी प्रक्रिया को पूर्ण किया। करीब साढ़े छह घंटे चली जटिल प्रक्रिया दोपहर लगभग 3 बजे पूरी हुई। ट्रांसप्लांट के दौरान मरीज और डोनर की स्थिति पर विशेषज्ञों ने लगातार नजर रखी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई और किसी प्रकार की बड़ी समस्या सामने नहीं आई।

    आयुष्मान कार्ड से नि:शुल्क हुआ ट्रांसप्लांट

     गुप्ता का किडनी ट्रांसप्लांट आयुष्मान योजना के तहत नि:शुल्क किया गया। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए भी शासकीय अस्पताल में अत्याधुनिक अंग प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध होने का मार्ग मजबूत हुआ है। परिजनों ने अस्पताल की पूरी टीम और शासन की स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति आभार जताया।

    इंफेक्शन से बचाव के लिए विशेष आईसीयू की व्यवस्था

    ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को संक्रमण से बचाना सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मरीज के लिए अलग से आईसीयू की व्यवस्था की गई है। अस्पताल में सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम होने के बावजूद ट्रांसप्लांट मरीज के आईसीयू में अलग से एसी की व्यवस्था की गई है, ताकि संक्रमण का खतरा न्यूनतम रखा जा सके। मरीज के कक्ष में डॉक्टरों और अधिकृत चिकित्सा स्टाफ के अलावा अन्य किसी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मरीज को सात दिन तक मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी और एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सकों की विशेष निगरानी में रखा जाएगा। इसके लिए चिकित्सकों की राउंड-द-क्लॉक ड्यूटी लगाई गई है। किडनी ट्रांसप्लांट को सफल बनाने में डॉ. नीलिमा टंडन, डॉ. प्रशांत वास्तव, डॉ. शिवम यादव, डॉ. अंकित शर्मा, डॉ. सीमा शिंदे, डॉ. जिंदल, डॉ. नम्रता जैन, डॉ. कुशल, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर कविता और राहुल सहित पूरी चिकित्सा टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    परिजनों ने जताया आभार

     कृष्णकांत गुप्ता के बेटे सुमित कनकने ने बताया कि ट्रांसप्लांट के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आई। उन्होंने बताया कि पूरा ऑपरेशन आयुष्मान योजना के तहत हुआ है। सुमित ने महाविद्यालय अधिष्ठाता प्रो. डॉ. आर.के.एस. धाकड़, डॉ. शिवम यादव और डॉ. अंकित शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों से ही ग्वालियर में यह ट्रांसप्लांट संभव हो सका।

    महाविद्यालय अधिष्ठाता प्रो. डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में पहला किडनी ट्रांसप्लांट होना गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय और पूरे ग्वालियर और चंबल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में शामिल मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. विकास जैन ने कहा कि वे अपनी टीम के साथ दिल्ली से यहां आए और पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के स्टाफ की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कार्य के दौरान उन्हें ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वे किसी नए सेटअप में पहली बार काम कर रहे हैं।

     

  • मध्यप्रदेश लेखक संघ के साहित्यिक सम्मान घोषित

    मध्यप्रदेश लेखक संघ के साहित्यिक सम्मान घोषित

    भोपाल

     मध्यप्रदेश लेखक संघ की वार्षिक साधारण सभा‌ की बैठक आज सम्पन्न हुई । वार्षिक सभा की कार्यवाही का वाचन किया, जिसकी उपस्थित सदस्यों ने करतल ध्वनि से पुष्टि की । प्रादेशिक कोषाध्यक्ष  सुनील‌ चतुर्वेदी द्वारा वर्ष 2025-26 की चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा  आडिटेड एकाउंट रिपोर्ट एवं वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया जिसका सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया ।‌ बैठक में संघ के प्रदेशाध्यक्ष  राजेन्द्र गट्टानी ने चयन समिति द्वारा चयनित एवं कार्यकारिणी समिति द्वारा अनुमोदित वर्ष 2026 के साहित्यिक सम्मानों‌ की घोषणा की । सभा में उपस्थित सम्मान हेतु चयनित साहित्यकारों का लेखक संघ पदाधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया । सम्मानित सदस्यों की सूची इस प्रकार है –
    ** पं.बटुक चतुर्वेदी अक्षर आदित्य सम्मान –
    •.  प्रभु दयाल मिश्र, भोपाल
    ** सारस्वत सम्मान –
    •.  शिव चौरसिया एवं डॉ. हरिमोहन बुधौलिया उज्जैन
    **  अरविन्द चतुर्वेदी स्मृति साहित्य सेवी सम्मान –
    •.  जगदीश कौशल, भोपाल
    **  राधेश्याम द्विवेदी ऐतिहासिक/पौराणिक उपन्यास/ नाटक सम्मान –
    •.  कुमार सुरेश, भोपाल
    ** डाॅ. सरोजिनी कुलश्रेष्ठ कहानी सम्मान –
    •. डाॅ. संतोष वास्तव, भोपाल
    ** डाॅ. पुष्पा चौरसिया श्रेष्ठ गीतकार सम्मान –
    •. मती मधु शुक्ला, भोपाल
    ** इंजी. प्रमोद शिरढोणकर विरहमन स्मृति राष्ट्र प्रेरणा सम्मान
    •.  शंभु सिंह मनहर, खरगोन
    **  हरि शंकर यात्रा वृतान्त सम्मान –
    •.  संतोष मोहन्ती "दीप", इन्दौर
    ** सुधा सावित्री श्रेष्ठ बुन्देली साहित्यकार सम्मान –
    •.  मनीराम शर्मा, दतिया
    ** सरदार दिलजीत सिंह रील व्यंग्य सम्मान –
    •.  महेन्द्र अग्रवाल, शिवपुरी
    ** स्व. जैतराम धमेनियाँ स्मृति छांदस रचनाकार सम्मान –
    •.  अशोक तिवारी " अमन", भोपाल
    ** स्व. कैलाश चन्द्र जायसवाल सुदीर्घ साहित्य साधना सम्मान –
    •.  राजेन्द्र शर्मा "अक्षर", भोपाल
    **  मदन मोहन चतुर्वेदी साहित्यिक/सांस्कृतिक पत्रकारिता सम्मान –
    •.  गौरीशंकर शर्मा गौरीश, संपादक "कला वीथिका" भोपाल
    •.  अशोक चन्द्र दुबे "अशोक", संपादक "विप्र वाणी", भोपाल
    ** देवेन्द्र जोशी हिन्दी/ मालवी साहित्य सेवी सम्मान –
    •.  राजेश रावल, उज्जैन
    ** संतोष तिवारी समीक्षा सम्मान –
    •. डाॅ. शोभा सिंह, गुना एवं
    •. डाॅ. संध्या सिलावट, इन्दौर
    ** पं. बृज वल्लभ आचार्य संस्कृतज्ञ सम्मान –
    •.  संजय द्विवेदी, ध्रुवा, भोपाल
    ** हरि ॐ शरण चौबे गीतकार सम्मान –
    •.  राम प्रकाश तिवारी, उज्जैन
    ** मेहमूद जकी ग़ज़ल सम्मान –
    •.  राज कुमार कोरी, बैतूल
    ** पुष्कर सम्मान –
    •. डाॅ. रश्मि दीक्षित, खंडवा
    ** देवकी नंदन माहेश्वरी सम्मान –
    •.  कुमार चन्दन, भोपाल
    ** कस्तूरी देवी चतुर्वेदी लोकभाषा सम्मान –
    •.  छोगालाल कुमरावत, खरगोन
    ** हरीश निगम स्मृति मालवी भाषा सम्मान –
    •. डाॅ. कृष्ण जोशी, उज्जैन
    ** काशी बाई मेहता लेखिका सम्मान
    •. मती नीता सक्सेना, भोपाल
    ** कमला चौबे स्मृति लेखिका सम्मान –
    * मती सुबोध चतुर्वेदी, ग्वालियर
    ** अमित रमेश शर्मा मंचीय हास्य व्यंग्य कवि सम्मान –
    •.  राज कुमार वर्मा, इन्दौर
    ** राम पूजन मलिक नवोदित गीतकार सम्मान –
    •.  अंशुल जैन, इन्दौर
    ** मालती वसंत बाल साहित्यकार सम्मान –
    •. डाॅ. विनीता सिंह चौहान, इन्दौर
    ** उत्कृष्ट इकाई सम्मान –
    •. टीकमगढ़ इकाई
               गट्टानी ने बताया कि सम्मान समारोह वर्षान्त में उपयुक्त तिथि को भोपाल में आयोजित किया जायेगा । प्रारंभ में संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष  ऋषि ‌श्रंगारी ने स्वागत वक्तव्य दिया तथा अंत में प्रादेशिक उपाध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह सेंगर ने आभार व्यक्त किया । बैठक में संघ की विभिन्न आंचलिक‌ इकाइयों के सदस्य भी शामिल हुए ।

  • डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा, प्रदेश के 1.22 लाख छात्रों के खाते में आएंगे लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये

    डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा, प्रदेश के 1.22 लाख छात्रों के खाते में आएंगे लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये

    प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए मिलेंगे 25-25 हजार रुपये

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 1 सितंबर को 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि का करेंगे अंतरण

    कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थी होंगे लाभान्वित

    भोपाल 

    कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों का आधुनिक तकनीक से जुड़ने का सपना जल्द ही पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि का अंतरण करेंगे। विद्यार्थियों को यह राशि 1 सितंबर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित लैपटॉप क्रय के लिये राशि वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रदान की जाएगी।

    प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें डिजिटल तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत कक्षा 12वीं की परीक्षा में पहले ही प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

    प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का संबल

    प्रदेश सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत इस वर्ष प्रदेश के लगभग 1 लाख 22 हजार विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रत्येक विद्यार्थी के खाते में 25 हजार रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। इस प्रकार विद्यार्थियों को कुल 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की यह पहल प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लैपटॉप के माध्यम से विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लर्निंग और अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर अपनी शिक्षा को और बेहतर बना सकेंगे।

     

  • मथुरा-वृंदावन जाना होगा आसान! जन्माष्टमी पर झांसी से मथुरा के लिए दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनें

    मथुरा-वृंदावन जाना होगा आसान! जन्माष्टमी पर झांसी से मथुरा के लिए दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनें

    ग्वालियर

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा-वृंदावन जाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने तोहफा दिया है। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी और मथुरा के बीच दो जोड़ी अनारक्षित विशेष (स्पेशल) ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है।

    नियमित ट्रेनों में यात्रियों के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए यह विशेष संचालन 3 और 4 सितंबर को किया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश के अंतर्गत आने वाले ग्वालियर – चंबल अंचल के कृष्ण भक्तों को आवाजाही में खासी सहूलियत मिलेगी।

    पहली विशेष ट्रेन 3 और 4 सितंबर का शेड्यूल
    ट्रेन 01825 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-मथुरा अनारक्षित विशेष ट्रेन 3 सितंबर को शाम 7.20 बजे झांसी से प्रस्थान करेगी। ये ट्रेन रात 9.15 बजे ग्वालियर पहुंचेगी और रात 12.25 बजे मथुरा जंक्शन पहुंचेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन संख्या 01826, 4 सितंबर को सुबह 5.30 बजे मथुरा से रवाना होगी। ये ट्रेन आगरा कैंट, धौलपुर, मुरैना, ग्वालियर, डबरा और दतिया के रास्ते होते हुए सुबह 11.15 बजे वापस वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पहुंचेगी। वापसी के दौरान ये विशेष ट्रेन ग्वालियर स्टेशन पर सुबह 8.30 बजे रुकेगी।

    दूसरी विशेष ट्रेन 4 सितंबर को दिन में होगा संचालन
    दूसरी विशेष ट्रेन 01827 आगामी 4 सितंबर को वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से सुबह 11. 45 बजे रवाना होगी। ये दोपहर 1.25 बजे ग्वालियर पहुंचेगी और शाम 5.10 बजे मथुरा जंक्शन पहुंचेगी। वहीं, वापसी के लिए ट्रेन 01828 मथुरा से शाम 7.30 बजे रवाना होगी, जो रात 10.35 बजे ग्वालियर और रात 1 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पहुंचेगी।

    नई दिल्ली- आगरा कैंट इंटरसिटी आएगी ग्वालियर तक
    ट्रेन 14212 नई दिल्ली – आगरा कैंट एक्सप्रेस को ग्वालियर तक चलाया जाएगा। ये ट्रेन 3 से 7 सितंबर तक और 14211 आगरा कैंट- नई दिल्ली 4 से 8 सितंबर तक ग्वालियर से शुरु होगी।

    12 कोच की होगी ट्रेन
    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दोनों ही विशेष ट्रेनों में कुल 12 कोच की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 सामान्य श्रेणी (जनरल) और 2 सेकेंड सीटिंग / अनारक्षित कोच शामिल होंगे। इन ट्रेनों में सफर करने वाले श्रद्धालुओं को सामान्य अनारक्षित टिकट की सुविधा मिलेगी, जिससे काउंटर या यूटीएस एप के जरिए आसानी से टिकट प्राप्त किया जा सकता है।

    आगरा कैंट – वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी एक्सप्रेस जाएगी मथुरा तक
    ट्रेन 11901 आगरा कैंट- वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी एक्सप्रेस को 3 से 6 सितंबर तक मथुरा तक चलाया जाएगा। वहीं, ट्रेन 11902 मथुरा से आगरा कैंटवीरांगना लक्ष्मीबाई के बीच 4 से 7 सितंबर तक चलेगी।

     

  • नरेला में रचा गया इतिहास, विश्व के सबसे बड़े रक्षाबंधन महोत्सव का दावा: मंत्री सारंग

    नरेला में रचा गया इतिहास, विश्व के सबसे बड़े रक्षाबंधन महोत्सव का दावा: मंत्री सारंग

    विशेष लेख
    नरेला रक्षाबंधन महोत्सव बना विश्‍व का सबसे बड़ा राखी महोत्सव : विश्वास कैलाश सारंग

    भोपाल

    रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का वह पावन पर्व है, जिसमें एक धागा रिश्ते की परिभाषा को रक्त संबंधों से आगे ले जाकर विश्‍वास, कर्तव्य, सुरक्षा, सम्मान और आत्मीयता से जोड़ देता है। कलाई पर बंधने वाला रक्षासूत्र आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन उसके भीतर निहित भावनाएं अनंत होती हैं। यही कारण है कि हजारों वर्षों की यात्रा के बाद भी रक्षाबंधन आज भारतीय जनमानस में उतनी ही श्रद्धा और आत्मीयता के साथ जीवंत है।

    सनातन संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यहां पर्व केवल उत्सव नहीं होते, वे जीवन दर्शन के वाहक होते हैं। प्रत्येक पर्व मनुष्य को स्वयं से, परिवार को समाज से और समाज को अपनी संस्कृति से जोड़ता है। रक्षाबंधन भी इसी महान परंपरा का पर्व है जो हमें याद दिलाता है कि रिश्ते अधिकार से नहीं, विश्वास और जिम्मेदारी से मजबूत होते हैं।

    इसी सांस्कृतिक और सामाजिक भावना को केंद्र में रखकर 18 वर्ष पूर्व नरेला में रक्षाबंधन महोत्सव प्रारंभ किया था। तब मेरा केवल एक ही उद्देश्य था कि हर बहन को यह विश्वास दिलाना कि मैं उनका भाई हूं, उनका रक्षक हूं और उनके जीवन में खुशियां लाने के लिए सदैव समर्पित रहूंगा।

    आज वही भावना एक सामाजिक उत्सव का रूप ले चुकी है। हर वर्ष लाखों बहनें मुझे रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान करती हैं। पिछले वर्ष 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर अपना आशीर्वाद प्रदान किया। यह संख्या केवल एक रिकॉर्ड नहीं है। यह लाखों बहनों के विश्वास, स्नेह और आत्मीयता की अभिव्यक्ति है। इसी अपार स्नेह ने नरेला रक्षाबंधन महोत्सव को विश्व के सबसे बड़े रक्षाबंधन महोत्सव के रूप में पहचान दिलाई है।

    लेकिन किसी भी आयोजन की वास्तविक सफलता उसके आकार से नहीं बल्कि समाज पर उसके प्रभाव से तय होती है। नरेला के इस महोत्सव की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि अब यह पर्व केवल नरेला परिवार तक सीमित नहीं रहा बल्कि भोपाल की अन्य विधानसभाओं की बहनें भी बड़ी संख्या में मुझे रक्षासूत्र बांधती हैं।

    इस पर्व ने जनप्रतिनिधि और जनता के बीच औपचारिक संबंधों की सीमाओं को पार कर एक परिवार जैसा आत्मीय रिश्ता निर्मित किया है। जब कोई बहन राखी बांधती है, तो वह केवल एक धागा नहीं बांधती। वह अपने भाई की कलाई पर अपना विश्वास रखती है। वह यह उम्मीद रखती है कि आवश्यकता के समय उसका भाई उनके साथ है।

    हर राखी यह स्मरण कराती है कि सार्वजनिक जीवन में प्राप्त पद सम्मान का विषय हो सकता है, लेकिन उससे कहीं बड़ी चीज जनता का विश्वास है। यह विश्वास जितना बड़ा होता है, जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती जाती है। इस वर्ष भी विश्व का सबसे बड़ा नरेला रक्षाबंधन महोत्सव 31 अगस्त से प्रारंभ होने जा रहा है। जिसमें लाखों की संख्या में बहनें मुझे रक्षासूत्र बांधकर अपना अमूल्य आशीर्वाद प्रदान करेंगी। जब बहनें मुझे राखी बांधती हैं, तो मैं केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं बल्कि उनके परिवार के एक सदस्य के रूप में उपस्थित होता हूं। हर राखी मेरे कर्तव्यों की याद दिलाती है, हर मुस्कान मुझे प्रेरणा देती है और हर बहन की आँखों में विश्वास मुझे शक्ति देता है।

    आज नरेला विधानसभा की पहचान एक विधानसभा के रुप में नहीं बल्कि नरेला परिवार के रुप में है। यहां हर हिन्दू पर्व केवल परंपरा नहीं बल्कि उत्सव और उल्लास की जीवंत धारा बनकर बहता है। नरेला परिवार की हर बहन मेरी शक्ति है, मेरी प्रेरणा है और मेरी विजय का प्रतीक है। बहनों मैं यह वचन देता हूं कि जब तक मेरे जीवन में श्वास है, जब तक मेरे कर्म में शक्ति है, तब तक हर बहन की रक्षा, सम्मान, सशक्तिकरण और स्वाभिमान के लिए मैं सदैव समर्पित रहूंगा।

    मैं इस पवित्र पर्व पर एक बार फिर समस्त बहनों को नमन करता हूं और वचन देता हूं कि जब तक आपके भाई विश्‍वास की कलाई धड़कती रहेगी, तब तक हर बहन की मुस्कान मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। बहनों के विश्वास का यह पावन पर्व मेरे जीवन की अक्षय पूंजी है। बहनों आपका स्नेह, आशीर्वाद और अपनापन ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। आपका स्नेह और आशीर्वाद सदैव बना रहे।

     

  • बाढ़ आपदा पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश, हर पीड़ित के साथ खड़ी है सरकार

    बाढ़ आपदा पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश, हर पीड़ित के साथ खड़ी है सरकार

    संकट की घड़ी में पूरी सरकार है बाढ़ पीड़ितों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया पैदल भ्रमण, किया नुकसान का मुआयना
    अधिकारियों को 3 दिन तक चित्रकूट में ही रहकर राहत पहुंचाने के दिए निर्देश
    मुख्यमंत्री ने आश्रय स्थल जाकर बाढ़ प्रभावितों को दिए वस्त्र, घरेलू सामग्री और खाद्यान्न

    रीवा/चित्रकूट
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को रीवा से सीधे चित्रकूट पहुंचे। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में बाढ़ की आपदा से उत्पन्न परिस्थितियों का मुआयना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राचीन मुखार विन्द के पास बनाए गए आश्रय स्थल (राहत शिविर) पहुंचकर सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनके कुशल-क्षेम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री का वितरण किया और कहा कि संकट की इस घड़ी में हमारी पूरी सरकार आप लोगों के साथ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंदाकिनी नदी की बाढ़ से नदी का पानी घरो में घुसने से काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा चित्रकूट की अधोसंरचनाओं को भी क्षति पहुंची है। उन्होंने सभी प्रभावितों से कहा कि सरकार और प्रशासन आपदा की घड़ी में पीड़ितों के साथ है। सभी प्रभावितों को उनके हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट में जन जीवन सामान्य होने तक सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यहीं रूककर प्रभावितों को राहत पहुंचाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रय स्थल पर बांदा के बबेरू से आए श्रद्धालु राजू सिंह से बात की। राजू ने बताया कि वे 20 लोगों के साथ कामतानाथ स्वामी के दर्शन करने आए थे। बाढ़ का पानी होने से वे सब अपने घर वापस नहीं लौट पाए। उन्होंने बताया कि इस आश्रय स्थल पर प्रशासन द्वारा उन सभी के लिए भोजन, पानी, नाश्ते की समुचित व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रय स्थल पर बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को वस्त्र, घरेलू सामग्री और खाद्यान्न आदि राहत सहायता सामग्री भी वितरित की।

    जल भराव वाले क्षेत्रों का किया पैदल भ्रमण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट नगर के रामधाम मोहल्ले में जलभराव (बाढ़) से प्रभावित क्षेत्रों का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने कीचड़ से सने मार्ग में पैदल चलकर प्रभावितों के घरों तक पहुंचकर जल भराव से हुए नुकसान का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामफल गर्ग और किस्मत कुमार गर्ग के घर पहुंचकर जलभराव से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा प्रभावित परिवारों से आत्मीय चर्चा कर उन्हें आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना से चित्रकूट मार्ग पर सियाराम कुटीर स्थित माधव धर्मशाला के समीप अग्रहरि किराना स्टोर पहुंचकर दुकानदार कामता प्रसाद गुप्ता से मुलाकात की और उनकी दुकान में पानी भरने से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में सरकार उनके साथ है और सभी प्रभावितों को नियमानुसार हरसंभव राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलाधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी प्रभावित परिवारों को हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तत्परता, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ सभी प्रभावितों को राहत सहायता उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की कोई भी कमी न रहे।

    इस अवसर पर चित्रकूट के विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, नगर परिषद की अध्यक्षा सुसाधना पटेल, प्रबल श्रीवास्तव, कमिश्नर रीवा संभाग शीलेन्द्र सिंह, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिलाधिकारी उपस्थित थे।

    मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावितों को राहत सहायता वितरण एवं नगर के पैदल निरीक्षण के उपरांत मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि चित्रकूट में में बीते दिनों से लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण यहां की सेमरावल एवं मंदाकिनी नदी के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। नगर के कई क्षेत्रों में लोगों के घरों में पानी भर गया है और उनके घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन की मुस्तैदी से अबतक किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। यहां राहत एवं बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं। साथ ही प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से नुकसान तो हुआ है, जिसका आंकलन किया जा रहा है। जिला प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारी इस समय मौके पर ही मौजूद हैं। प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर सतत् निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, वस्त्र, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने स्वयं शनिवार की रात रीवा में ही रुककर सतना और रीवा जिले में बाढ़ की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि चित्रकूट और सतना में अतिवृष्टि के कारण सेमरावल एवं मंदाकिनी नदी में बाढ़ का भयावह रूप देखने को मिला। राहत की बात यह है कि घटना दिन के समय हुई थी और मौसम के पूर्वानुमान के चलते जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में था। शासन की सजगता और सतर्कता तथा जिला प्रशासन की तत्परता से अब तक किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिलहाल हमारा पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने पर है, ताकि जलस्तर कम होने के बाद सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित रूप से उनके घरों तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाढ़ से हुए नुकसान का समुचित आंकलन कर सभी प्रभावित परिवारों को प्रशासन द्वारा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से स्वयं मुलाकात कर जिलाधिकारियों को सभी प्रभावितों को सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है या अन्य किसी भी प्रकार का नुकसान हुआ है, उसका विधिवत सर्वे कराया जाएगा और उन्हें भी नियमानुसार राहत एवं आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

     

  • सतना-मानिकपुर रेलखंड पर बाढ़ का खौफनाक मंजर, 3 फीट पानी में डूबे ट्रैक से गुजरी ट्रेन

    सतना-मानिकपुर रेलखंड पर बाढ़ का खौफनाक मंजर, 3 फीट पानी में डूबे ट्रैक से गुजरी ट्रेन

    सतना

    मध्यप्रदेश के सतना-चित्रकूट इलाके में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. क्षेत्र की नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसी बीच मानिकपुर के पास स्थित डोडा डैम के ओवरफ्लो होकर टूटने से अचानक मानिकपुर और चित्रकूट इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. इसके चलते सतना-मानिकपुर रेलखंड पर चितहरा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पूरी तरह जलमग्न हो गया। 

    सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें एक तरफ यात्री ट्रेन और दूसरी तरफ मालगाड़ी खड़ी नजर आ रही है. ट्रैक के आसपास घुटनों से ऊपर लगभग तीन फीट तक पानी बहता दिखाई दे रहा है. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई जगहों पर पटरियां दिखना पूरी तरह बंद हो गईं। 

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे कर्मचारियों और लाइनमैन ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक की स्थिति को परखा. रेलकर्मी हाथ में लाल झंडी लेकर घुटनों से ऊपर उफनते पानी में उतरे और धीरे-धीरे आगे बढ़े. लाल झंडी दिखाते कर्मचारी के पीछे-पीछे ट्रेन पानी को चीरती हुई बेहद धीमी गति से आगे बढ़ती नजर आई। 

    रेलवे ने प्रोटोकॉल के तहत रोकी गाड़ियां, 48 ट्रेनें प्रभावित
    घटना और रेल यातायात पर पड़े असर की जानकारी देते हुए जबलपुर डिवीजन की CPRO मधु वर्मा ने बताया, पिछले 3-4 दिनों से लगातार बारिश हो रही थी और बीती रात भी काफी तेज बारिश हुई, जिससे नदियां उफान पर आ गईं. सुबह लगभग 6:30 बजे ट्रैक पर पानी भरने की स्थिति बनी. चितहरा और मझगवां के पास रेल ट्रैक के ऊपर पानी आ गया था. रेलवे के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए हमारी पेट्रोलिंग टीम, की-मैन और सुपरवाइजर्स ने ट्रैक की सघन जांच की. जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेनों को सुरक्षित रवाना किया गया। 

    CPRO ने आगे बताया कि इस चेकिंग और सुरक्षा प्रक्रिया के कारण लगभग 28 यात्री ट्रेनों और 20 मालगाड़ियों के संचालन में विलंब (डिले) हुआ है. राहत की बात यह है कि लंबी दूरी की किसी भी ट्रेन को निरस्त नहीं किया गया, केवल सतना से मानिकपुर के बीच चलने वाली मेमू (MEMU) ट्रेन को ही रद्द किया गया। 

     

  • ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण में PM मोदी की युवाओं से अपील, नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ें

    ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण में PM मोदी की युवाओं से अपील, नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ें

    प्रधानमंत्री मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 137 वें संस्करण का प्रसारण

    प्रधानमंत्री ने युवाओं से की नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान से जुड़ने की अपील
    देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के युवाओं को किसी भी प्रकार के नशे के सेवन से बचाने और नशे की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि सबके सहयोग से पूरे देश में यह अभियान बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह अभियान 2 अगस्त से पूरे देश में प्रारंभ हो चुका है। अभियान 100 सप्ताह तक लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत नागरिकों विशेषकर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर उन्हें संकल्पित कराया जा रहा है। अभियान के तहत प्रत्येक रविवार को समाज सेवा और जन-जागरूकता से जुड़ी विशेष गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रविवार को प्रसारित हुए लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 137वें संस्करण में नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान का जिक्र किया। उन्होंने देश के सभी युवाओं से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे युवा साथी वर्तमान जनरेशन की अभिरूचि के अनुसार रोचक कैम्पेन कंटेंट, प्ले, स्लोगन्स, जिंगल्स, सांग्स, क्रियेटिव्स, ग्राफ्रिक्स आदि बनाकर इस अभियान को और भी गति दे सकते हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान इस समय पूरे देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका लक्ष्य बिल्कुल साफ है – नशा मुक्त युवा, ड्रग फ्री इंडिया। बहुत सारे लोग, विशेषकर हमारे युवा बहुत बड़ी संख्या में इसका हिस्सा बन रहे हैं। आखिर यह भारत के युवाओं की हेल्थ, उनकी हैप्पीनेस और उज्ज्वल भविष्य के लिए ही हमारा सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि नशे की लत सिर्फ एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती , इसके दुष्परिणाम पूरे परिवार और समाज को भी झेलने पड़ते हैं। मैं उन लोगों की सराहना करूंगा जो ड्रग्स के खिलाफ दूसरों को जागरूक करते हैं और नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद में आगे आते हैं। नशा मुक्त भारत के लिए क्या आप कोई पॉवरफुल स्लोगन बना सकते हैं ? क्या हमारे यंग म्युजिशियन्स ऐसे सांग्स बना सकते हैं, जिनमें ड्रग फ्री लाइफ का मैसेज हो ? क्या स्टूडेंट्स और थियेटर ग्रुप्स दिल को छू लेने वाले शॉर्ट प्लेज़ लिख सकते हैं, जिनमें ड्रग्स के खतरों के साथ-साथ उनसे बाहर निकलने का रास्तों का जिक्र भी हो। हमारे देश में बेहतरीन कंटेंट क्रियेटर्स की कमी नहीं हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि वे अलग-अलग भाषाओं में ऐसा कंटेंट बनाएं, जिससे इस दिशा में समाज को मदद मिले। आप अपने प्रयासों को हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर भी जरूर शेयर करें। कई बार क्रियेटिव एफर्ट फॉरमल कैम्पेन से भी ज्यादा असरदार होते हैं। आइए, भारत के युवा को नशे से दूर रखने, नशे से मुक्त रखने, इस पवित्र कार्य में हम सब अपनी भूमिका निभाएं। आप अपने प्रयास को नशा मुक्त युवा के साथ सोशल मीडिया पर भी जरूर शेयर करें।

     

  • ओरछा में जगदीश देवड़ा ने कांग्रेस को घेरा, जाति की राजनीति और युवाओं को लेकर साधा निशाना

    ओरछा में जगदीश देवड़ा ने कांग्रेस को घेरा, जाति की राजनीति और युवाओं को लेकर साधा निशाना

    ओरछा
     14 साल बाद ओरछा में हो रही बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश बीजेपी के तमाम दिग्गज नेता जुटे हैं. जगदीश देवड़ा ने राहुल गांधी की प्रस्तावित इंदौर यात्रा को लेकर कहा कि, ''वे देश के किसी भी हिस्से में जाएं, जनता उनके और कांग्रेस के भविष्य का फैसला पहले ही कर चुकी है.'' बैठक में युवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि, ''देश का युवा हमेशा सही रीति और नीति वाली पार्टी के साथ ही रहना चाहता है। 

    बैठक में पहुंचने वाले नेताओं को पीएम मोदी पर लिखी गई किताब ''मोदी एट दा रेट 20 सपने हुए साकार' भी दी गई है. बैठक में केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, "बैठक में युवा, किसान, महिला जैसे की मुद्दों पर चर्चा होगी. राजा राम के रूप में विराजे भगवान श्री राम का आर्शिवाद मिलेगा.'' वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ''मैं सौभाग्यशाली हूं जो मीटिंग में आने का अवसर मिला. बैठक में महिला सशक्तिकरण, युवाओं, विकसित भारत 2047 सहित कई मुद्दों पर मशवरा होगा। 

    पूरी बीजेपी पार्टी युवाओं के साथ है
    वित्त मंत्री जगदीश देवडा ने कहा कि, ''दो दिन चलने वाली बैठक में केन्द्रीय नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन मिलेगा. प्रदेश में पार्टी की आगामी रणनीति क्या हो, इसको लेकर बैठक में तय किया जाएगा.'' युवाओं को लेकर उन्होंने कहा, ''पूरी बीजेपी पार्टी युवाओं के साथ है. युवा भी ऐसे दल के साथ रहना चाहते हैं जिसकी नीति और रीति सही हो.'' कांग्रेस को लेकर उन्होंने कहा कि, ''आरोप लगाने वाली कांग्रेस को अपनी गिरवां में झांकना चाहिए। 

    दतिया हार पर बोले मंत्री, पार्टी में जीत और हार लगी रहती है
    बैठक में शामिल होने पहुंचे मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने दतिया उपचुनाव में पार्टी की हार और गुटबाजी के सवाल पर कहा कि, ''यह सभी मुद्दे पार्टी के संज्ञान में हैं. बैठक में ऐसे सभी मुद्दों पर चर्चा होगी.'' पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि, ''देश और प्रदेश के मुद्दो को लेकर मंथन हमेशा चलते रहना चाहिए, भले ही स्थान बदलता रहे. इस तरह की बैठकों के माध्यम से एक चित्रण सामने आ जाता है इसलिए बैठकें जरूरी हैं.'' दतिया उपचुनाव पर उन्होंने कहा कि, ''पार्टी में जीत और हार लगी रहती है, अब हम आगे की रणनीति पर काम करेंगे। 

    भाजपा का फोकस पूरे समाज और देश पर
    बीजेपी उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि, ''बीजेपी का फोकस कोई जाति या वर्ग नही है, पार्टी का फोकस पूरा समाज और देश हमेशा से रहा है और इसी को ध्यान में रखकर पार्टी काम करती है. पार्टी का एक ही एजेंडा है देश को श्रेष्ठ भारत बनाना. इसमें देश और प्रदेश का युवा, महिला, किसान, दलित सभी वर्ग आते हैं. प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सभी को ध्यान में रखकर चर्चा होगी. बीजेपी कभी जातियों के लिए काम नहीं करती. जातियों को ध्यान में रखकर काम करने वाले उन्हें लड़ाने वालों का काम कांग्रेस और उनके गठबंधन का काम है।