Category: मध्य प्रदेश

  • भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और सुदृढ़ होते अंतर्राष्ट्रीय संबंध राष्ट्रवासियों के लिए गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और सुदृढ़ होते अंतर्राष्ट्रीय संबंध राष्ट्रवासियों के लिए गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को उज़्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओलि दराजली दोस्तलिक (Oliy Darajali Do‘stlik’) से सम्मानित किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  मोदी को इस विशेष सम्मान के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "एक्स" पर अपनी पोस्ट में लिखा कि यह सम्मान भारत और उज़्बेकिस्तान राष्ट्रों के बीच परस्पर अटूट मित्रता, आपसी विश्वास और सांस्कृतिक साझेदारी का प्रतीक है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और सुदृढ़ होते अंतर्राष्ट्रीय संबंध सभी राष्ट्रवासियों के लिए गर्व का विषय है।

     

  • सतना जिले के सभी विद्यालयों में दो दिन का अवकाश घोषित

    सतना जिले के सभी विद्यालयों में दो दिन का अवकाश घोषित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सुबह सतना जिले के चित्रकूट में अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और नागरिकों से भेंट के बाद जिला प्रशासन सतना को आवश्यक कार्यों के लिए स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओरछा (जिला निवाड़ी) से दिन भर सतना जिला प्रशासन से राहत कार्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनता को राहत पहुंचाने में कोई कमी नहीं रहना चाहिए। कलेक्टर, सतना द्वारा जानकारी दी गई कि अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए जिले के सभी विद्यालयों में 31 अगस्त और 1 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार अतिवृष्टि के कारण प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए अधिकारियों को तीन दिन तक चित्रकूट में रहकर आवश्यक सहायता कार्यों को सुनिश्चित करने और क्षेत्र की निरंतर निगरानी के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि प्रभावितों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6/4 के प्रावधानों के अनुसार विभिन्न तरह की हानि के लिए निर्धारित सहायता राशि प्रदान करने का कार्य किया जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश

    • सभी बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, वस्त्र, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं।
    • प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई जाए, रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों के लिए भी शुद्ध पेयजल और भोजन सुनिश्चित किया जाए।
    •   बाढ़ से नुकसान के आकलन का कार्य समय पर हो।
    •  जिला प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारी, प्रभावित क्षेत्र का निरंतर दौरा करे एवं वहीं रात्रि विश्राम करें। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ का समुचित सहयोग प्राप्त किया जाए।
    •  सभी प्रभावितों को सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई जाए।
    • प्रभावित परिवारों को प्रशासन के साथ ही अन्य आवश्यक सामग्री देने वाले स्वैच्छिक सहयोगियों से प्राप्त सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाए।
    •  स्थानीय निवासियों के साथ ही जो श्रद्धालु इस समय चित्रकूट आए हुए हैं, उन्हें भी आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।

     

  • पेंशन विवाद पर बड़ी बेंच की नजर, MP में कर्मचारियों की सेवा अवधि तय करेगी हाईकोर्ट

    पेंशन विवाद पर बड़ी बेंच की नजर, MP में कर्मचारियों की सेवा अवधि तय करेगी हाईकोर्ट

    भोपाल 

    एमपी में कर्मचारियों की पेंशन पर बड़ा फैसला सामने आया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की पेंशन और अर्हक सेवा क्वालीफाइंग सर्विस से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी सवाल को लार्जर बेंच के समक्ष भेज दिया है। सिंगल बेंच ने इस मुद्दे पर हाईकोर्ट के पूर्व 4 निर्णयों में विरोधाभासी अभिमत सामने आने के बाद मामला बड़ी बेंच के विचारार्थ भेजने का निर्देश दिया। अब लार्जर बेंच तय करेगी कि नियमितीकरण अथवा नियमित पद पर संविलियन से पहले दैनिक वेतन भोगी के रूप में की गई सेवा अवधि को पेंशन के लिए अर्हक सेवा में शामिल किया जा सकता है या नहीं? फैसला प्रदेश के हजारों पूर्व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

    मामला नरसिंहपुर लोक निर्माण विभाग से चौकीदार पद से सेवानिवृत्त कल्याण सिंह की याचिका से जुड़ा है। सुनवाई के बाद कोर्ट के चार विरोधाभासी फैसलों और अभिमतों को देखते हुए जस्टिस दीपक खोत की सिंगल बेंच ने मामले को बड़ी बेंच के सुपुर्द करने की बात कही। अब लार्जर बेंच तय करेगी कि कर्मचारियों के नियमित पद पर हुए संविलियन से पहले दी गई सेवाएं पेंशन लाभ में जुड़ेंगी या नहीं।

    1985 में बने थे दैनिक वेतन भोगी
    नरसिंहपुर के लोक निर्माण विभाग से चौकीदार के पद से रिटायर हुए कल्याण सिंह गौंड़ ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनकी नियुक्ति एक जुलाई 1985 को दैनिक वेतन भोगी चौकीदार के रूप में हुई थी। 13 फरवरी 1997 को कल्याण सिंह गौंड़ का नियमित पद पर संविलियन कर दिया गया। वे 31 जनवरी 2018 को सेवानिवृत्त हुए।

    रिटायरमेंट के बाद दाखिल की याचिका
    कल्याण सिंह गौंड़ की संविलियन से पहले की सेवा अवधि को पेंशन के लिए अर्हक सेवा में शामिल नहीं किया गया। इसके खिलाफ उन्होंने 2019 में हाईकोर्ट में याचिका लगाई। कल्याण सिंह गौंड़ ने दैवेभो के रूप में दी गईं सेवाओं का लाभ पेंशन में नहीं देने पर आपत्ति जताई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजेन्द्र कुमार पाण्डेय और राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सुयश ठाकुर ने दलीलें दी।

    जस्टिस दीपक खोत ने सुनवाई के दौरान मामले में चार फैसलों में विरोधाभासी अभिमत पाए। इस पर उन्होंने रजिस्ट्री कार्यालय को एक्टिंग चीफ जस्टिस के सामने केस प्रस्तुत करने को कहा। इसके साथ ही अब मामले में लार्जर बेंच ही फैसला सुनाएगी। लार्जर बेंच के सामने मुख्य रूप से यह तय होगा कि कामचलाऊ या आकस्मिक स्थापना और नियमित स्थापना में संविलियन के लिए दैनिक वेतन भोगी की पेंशन के लिए अर्हक सेवा क्या होगी। इसी के बाद प्रदेश के हजारों पूर्व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के पेंशन लाभ को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

     

  • रक्षाबंधन पर MP पुलिस की सौगात, नागरिकों को मिला खास तोहफा

    रक्षाबंधन पर MP पुलिस की सौगात, नागरिकों को मिला खास तोहफा

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही हैं। तकनीकी संसाधनों, CEIR पोर्टल, Citizen Cop एप एवं अन्य साइबर तकनीकों की मदद से विगत दो सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस ने गुम एवं चोरी हुए 1,195 मोबाइल फोन जब्त कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर मोबाइल फोन वापस मिलने से बड़ी संख्या में नागरिकों के चेहरों पर खुशी लौटी।

    विदिशा

    पुलिस ने Mission Mobile Recovery के तहत गुम/चोरी के 537 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत लगभग 1 करोड़ 10 लाख 8 हजार रुपए है, जब्त कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए।

    इंदौर

    क्राइम ब्रांच पुलिस ने CEIR पोर्टल एवं तकनीकी संसाधनों के माध्यम से 238 मोबाइल, जिनकी कीमत लगभग 75 लाख रुपए है, जब्त कर उनके स्वामियों को लौटाए ।

    वहीं जोन-1 पुलिस ने 51 मोबाइल तथा जोन-2 पुलिस ने परदेशीपुरा, एमआईजी, विजयनगर, लसूडिया, खजराना, कनाड़िया एवं तिलकनगर थाना क्षेत्रों से गुम हुए 63 से अधिक मोबाइल फोन जब्त कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे।

    इस प्रकार इंदौर पुलिस द्वारा कुल 352 मोबाइल फोन जब्त कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए।

    आगर मालवा

    पुलिस ने ऑपरेशन रिंगटोन 2.0 के तहत कार्रवाई करते हुए 125 गुम मोबाइल फोन, जिनकी कीमत लगभग 24 लाख रुपए है, जब्त कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए।

    अशोकनगर

    पुलिस ने आमजन को विशेष सौगात देते हुए 130 गुम मोबाइल फोन जब्त किए है।

    आलीराजपुर

    पुलिस ने जोबट अनुभाग में सघन अभियान के दौरान गुम हुए 33 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत लगभग 5 लाख रुपए है, जब्त किए।

    खरगोन

    पुलिस ने जैतापुर शिवडोला चल समारोह के दौरान लोगों की जेब से मोबाइल चोरी करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किए गए 3 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत लगभग 60 हजार, बरामद किए।

    जीआरपी जबलपुर

    पुलिस ने अनूपपुर जीआरपी चौकी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए शातिर मोबाइल चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 10 एंड्राइड मोबाइल फोन, जिनकी कीमत लगभग 1 लाख 14 हजार रुपए हैं, जब्त किए।

    जीआरपी भोपाल

    ट्रेनों एवं प्लेटफार्मों पर चोरी करने वाले शातिर बदमाशों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए चोरी गए 5 मोबाइल फोन जब्त किए।

    मध्यप्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई नागरिकों के गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन को वापस दिलाने के साथ-साथ तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग और अपराधियों के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्रवाई का उदाहरण है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराने के साथ CEIR पोर्टल पर IMEI ब्लॉक कराएं, ताकि मोबाइल की ट्रेसिंग एवं बरामदगी में पुलिस को मदद मिल सके।

     

  • 9 वर्ष पुराने प्रकरण में भी अपहृता को सकुशल दस्तयाब कर परिवार से मिलाया

    9 वर्ष पुराने प्रकरण में भी अपहृता को सकुशल दस्तयाब कर परिवार से मिलाया

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नाबालिग बालक-बालिकाओं की गुमशुदगी एवं अपहरण के प्रकरणों में संवेदनशीलता, तत्परता और आधुनिक तकनीक के समन्वय से लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सागर पुलिस ने वर्षों से लंबित अपहरण के 22 प्रकरणों में गुम/अपहृत बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इन प्रकरणों में पुलिस टीमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ गुजरात एवं महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों तक पहुंचीं और लंबे समय से अपने बच्चों की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को राहत प्रदान की।

    पुलिस अधीक्षक सागर  अनुराग सुजानिया के निर्देशन में जिले में लंबे समय से लंबित अपहरण प्रकरणों की विशेष समीक्षा कर प्रत्येक प्रकरण के लिए सुनियोजित कार्ययोजना तैयार की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा चिन्हित प्रकरणों में विशेष पुलिस टीमों का गठन कर उन्हें अलग-अलग टास्क सौंपे गए।

    पुलिस टीमों ने परिचितों से प्राप्त जानकारी सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। तकनीकी विश्लेषण से प्राप्त संभावित स्थानों एवं सुरागों के आधार पर पुलिस टीमों ने मैदानी स्तर पर कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थानों पर पहुंचकर दस्तयाबी की कार्रवाई की।

    9 वर्ष से लंबित प्रकरण में लौटी परिवार की खुशियां

    थाना भानगढ़ में एक अपहृता के घर से स्कूल जाने के बाद वापस नहीं लौटने पर प्रकरण दर्ज किया गया था। लगभग 9 वर्षों से लंबित इस प्रकरण में पुलिस द्वारा अपहृता से संबंधित नवीनतम आधार कार्ड एवं अन्य व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त कर तकनीकी विश्लेषण के दौरान अपहृता के नवीनतम पते की जानकारी प्राप्त कर सकुशल दस्तयाब किया। लगभग नौ वर्ष बाद अपनी बेटी को सकुशल सामने देखकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

    तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से सूरत तक पहुंची पुलिस

    थाना रहली में दर्ज अपराध में तकनीकी विश्लेषण कर लोकेशन के आधार पर अपहृता की उपस्थिति सूरत, गुजरात में होना पाया गया। पुलिस टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए सूरत पहुंचकर अपहृता को सकुशल दस्तयाब किया गया।

    परिजनों से निरंतर समन्वय कर बीना पुलिस ने अपहृता को खोज निकाला

    थाना बीना में दर्ज अपराध के तहत को पुलिस द्वारा अपहृता के परिजनों से लगातार समन्वय स्थापित कर उपलब्ध जानकारी का संकलन किया गया। प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर तलाश को आगे बढ़ाया गया और अपहृता को सकुशल दस्तयाब किया।

    स्कूल जाने की बात कहकर निकली, महाराष्ट्र में मिली

    स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली अपहृता के वापस नहीं लौटने पर थाना केसली में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। पुलिस द्वारा प्रकरण में संदेही के परिजनों से लगातार समन्वय स्थापित कर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की गई। प्राप्त सुरागों के आधार पर पुलिस टीम द्वारा नलवाड़ी, महाराष्ट्र पहुंचकर अपहृता को सकुशल दस्तयाब किया गया।

    इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में थाना केसली में घर से बिना बताए चले जाने के बाद वापस नहीं आने पर प्रकरण दर्ज किया गया था।

    पुलिस द्वारा अपहृता की बहन से लगातार समन्वय स्थापित कर उसकी संभावित उपस्थिति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर चिंचवाड़ा, महाराष्ट्र से दस्तयाब किया।

    22 परिवारों में लौटी खुशियां

    सागर पुलिस की इस विशेष कार्ययोजना के अंतर्गत कुल 22 लंबित प्रकरणों में गुम/अपहृत बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी की गई। इनमें ऐसे प्रकरण भी शामिल हैं, जो लंबे समय से लंबित थे और जिनमें परिजन वर्षों से अपने बच्चों की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे थे।

    इन प्रकरणों में पुलिस ने परिजनों से निरंतर संपर्क, व्यक्तिगत जानकारी का अद्यतन संकलन, साइबर तकनीक का उपयोग और मैदानी पुलिसिंग को एक साथ जोड़कर बालिकाओं की दस्तयाबी सुनिश्चित की।

    इस समन्वित प्रयास का परिणाम रहा कि लंबे समय से लंबित मामलों में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई और अनेक परिवारों के चेहरों पर वर्षों बाद खुशी लौटी।

    सागर पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि पुराने एवं लंबित प्रकरणों में भी यदि सुनियोजित समीक्षा, आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण, उपलब्ध व्यक्तिगत जानकारी के अद्यतन संकलन और निरंतर मैदानी प्रयास किए जाएं, तो लंबे समय बाद भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की जा सकती है।

    मध्यप्रदेश पुलिस नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुमशुदगी एवं अपहरण के प्रत्येक प्रकरण में त्वरित, संवेदनशील एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

    मध्यप्रदेश पुलिस अपील करती है कियदि कोई बालक या बालिका गुम होता है तो परिजन बिना किसी देरी के तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा पुलिस को सूचना दें। समय पर प्राप्त सूचना पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने तथा बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित दस्तयाब करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है।

     

  • बाढ़ प्रभावित चित्रकूट पहुंचे CM मोहन यादव, राहत-बचाव की समीक्षा कर अफसरों को दिए निर्देश

    बाढ़ प्रभावित चित्रकूट पहुंचे CM मोहन यादव, राहत-बचाव की समीक्षा कर अफसरों को दिए निर्देश

     सतना/चित्रकूट

    अतिवृष्टि के बाद चित्रकूट में आई बाढ़ से हुई तबाही का जायजा लेने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चित्रकूट पहुंचे। हेलीकॉप्टर से आरोग्यधाम पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने प्राचीन मुखारबिंद के पास बनाए गए आश्रय स्थल में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। इसके बाद वे रामधाम मोहल्ले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कीचड़ के बीच पैदल पहुंचे और लोगों के घरों में पानी भरने से हुए नुकसान का जायजा लिया।
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की मुस्तैदी के कारण अब तक बाढ़ से कोई जन हानि नहीं हुई है, लेकिन संपत्ति और अन्य नुकसान काफी हुआ है। उन्होंने कहा कि नुकसान की भरपाई की जा सकती है, लेकिन जन हानि की भरपाई संभव नहीं होती। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।

    तीन दिन चित्रकूट में रहकर बाढ़ की स्थिति पर नजर रखें

    साथ ही मुख्यमंत्री ने एसीएस, कलेक्टर, एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार तीन दिन चित्रकूट में रहकर बाढ़ की स्थिति पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित क्षेत्रों से पानी पूरी तरह नहीं उतर जाता, तब तक राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रहें। साथ ही बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री इसके बाद हेलीकॉप्टर से ओरछा रवाना हुए, जहां उन्हें भाजपा की दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक में शामिल होना है।
    अतिक्रमण से हुए निर्माणों की भी जांच

    मुख्यमंत्री ने बाढ़ की वजहों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा के साथ ही अन्य कारणों की भी जांच जरूरी है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अतिक्रमण कर किए गए निर्माणों की रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन से कहा गया है कि ऐसे निर्माणों को चिन्हित कर वस्तुस्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट की प्राकृतिक और धार्मिक गरिमा को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही।
    घर और दुकान पहुंचकर जाना नुकसान

    मुख्यमंत्री रामफल गर्ग और किस्मत कुमार गर्ग के घर पहुंचे और परिवार से बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी ली। इसके बाद सतना-चित्रकूट मार्ग पर सियाराम कुटीर स्थित माधव धर्मशाला के समीप अग्रहरि किराना स्टोर पहुंचकर दुकानदार कामता प्रसाद गुप्ता से मुलाकात की। उन्होंने दुकान में पानी भरने से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    आश्रय स्थल में बांटी राहत सामग्री

    मुख्यमंत्री ने चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया। यहां बाढ़ प्रभावितों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को साड़ी, टी-शर्ट, कंबल सहित अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।

    चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति बनी थी। राहत और बचाव कार्य जारी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही नुकसान के विस्तृत आकलन की प्रक्रिया तेज कर दी है।

    मंदाकिनी की धार में बहा 300 मीटर लंबा पुल

    बाढ़ का पानी उतरने के बाद रामघाट क्षेत्र में तबाही का मंजर सामने आया है। मंदाकिनी नदी पर बना करीब 300 मीटर लंबा पुल तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। पानी कम होने के बाद पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से और मलबे ने बाढ़ की भयावहता सामने ला दी। इसके अलावा कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों के सामान और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन नुकसान का आकलन करा रहा है।

     

  • नरेला रक्षाबंधन महोत्सव बना विश्वश का सबसे बड़ा राखी महोत्सव : विश्वास कैलाश सारंग

    नरेला रक्षाबंधन महोत्सव बना विश्वश का सबसे बड़ा राखी महोत्सव : विश्वास कैलाश सारंग

    भोपाल

    रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का वह पावन पर्व है, जिसमें एक धागा रिश्ते की परिभाषा को रक्त संबंधों से आगे ले जाकर विश्वावस, कर्तव्य, सुरक्षा, सम्मान और आत्मीयता से जोड़ देता है। कलाई पर बंधने वाला रक्षासूत्र आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन उसके भीतर निहित भावनाएं अनंत होती हैं। यही कारण है कि हजारों वर्षों की यात्रा के बाद भी रक्षाबंधन आज भारतीय जनमानस में उतनी ही श्रद्धा और आत्मीयता के साथ जीवंत है।

    सनातन संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यहां पर्व केवल उत्सव नहीं होते, वे जीवन दर्शन के वाहक होते हैं। प्रत्येक पर्व मनुष्य को स्वयं से, परिवार को समाज से और समाज को अपनी संस्कृति से जोड़ता है। रक्षाबंधन भी इसी महान परंपरा का पर्व है जो हमें याद दिलाता है कि रिश्ते अधिकार से नहीं, विश्वास और जिम्मेदारी से मजबूत होते हैं।

    इसी सांस्कृतिक और सामाजिक भावना को केंद्र में रखकर 18 वर्ष पूर्व नरेला में रक्षाबंधन महोत्सव प्रारंभ किया था। तब मेरा केवल एक ही उद्देश्य था कि हर बहन को यह विश्वास दिलाना कि मैं उनका भाई हूं, उनका रक्षक हूं और उनके जीवन में खुशियां लाने के लिए सदैव समर्पित रहूंगा।

    आज वही भावना एक सामाजिक उत्सव का रूप ले चुकी है। हर वर्ष लाखों बहनें मुझे रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद  प्रदान करती हैं। पिछले वर्ष 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर अपना आशीर्वाद प्रदान किया। यह संख्या केवल एक रिकॉर्ड नहीं है। यह लाखों बहनों के विश्वास, स्नेह और आत्मीयता की अभिव्यक्ति है। इसी अपार स्नेह ने नरेला रक्षाबंधन महोत्सव को विश्व के सबसे बड़े रक्षाबंधन महोत्सव के रूप में पहचान दिलाई है।

    लेकिन किसी भी आयोजन की वास्तविक सफलता उसके आकार से नहीं बल्कि समाज पर उसके प्रभाव से तय होती है। नरेला के इस महोत्सव की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि अब यह पर्व केवल नरेला परिवार तक सीमित नहीं रहा बल्कि भोपाल की अन्य विधानसभाओं की बहनें भी बड़ी संख्या में मुझे रक्षासूत्र बांधती हैं।

    इस पर्व ने  जनप्रतिनिधि और जनता के बीच औपचारिक संबंधों की सीमाओं को पार कर एक परिवार जैसा आत्मीय रिश्ता निर्मित किया है। जब कोई बहन राखी बांधती है, तो वह केवल एक धागा नहीं बांधती। वह अपने भाई की कलाई पर अपना विश्वास रखती है। वह यह उम्मीद रखती है कि आवश्यकता के समय उसका भाई उनके साथ है।

    हर राखी यह स्मरण कराती है कि सार्वजनिक जीवन में प्राप्त पद सम्मान का विषय हो सकता है, लेकिन उससे कहीं बड़ी चीज जनता का विश्वास है। यह विश्वास जितना बड़ा होता है, जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती जाती है। इस वर्ष भी विश्व का सबसे बड़ा नरेला रक्षाबंधन महोत्सव 31 अगस्त से प्रारंभ होने जा रहा है। जिसमें लाखों की संख्या में बहनें मुझे रक्षासूत्र बांधकर अपना अमूल्य आशीर्वाद प्रदान करेंगी। जब बहनें मुझे राखी बांधती हैं, तो मैं केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं बल्कि उनके परिवार के एक सदस्य के रूप में उपस्थित होता हूं। हर राखी मेरे कर्तव्यों की याद दिलाती है, हर मुस्कान मुझे प्रेरणा देती है और हर बहन की आँखों में विश्वास मुझे शक्ति देता है।

    आज नरेला विधानसभा की पहचान एक विधानसभा के रुप में नहीं बल्कि नरेला परिवार के रुप में है। यहां हर हिन्दू पर्व केवल परंपरा नहीं बल्कि उत्सव और उल्लास की जीवंत धारा बनकर बहता है। नरेला परिवार की हर बहन मेरी शक्ति है, मेरी प्रेरणा है और मेरी विजय का प्रतीक है। बहनों मैं यह वचन देता हूं कि जब तक मेरे जीवन में श्वास है, जब तक मेरे कर्म में शक्ति है, तब तक हर बहन की रक्षा, सम्मान, सशक्तिकरण और स्वाभिमान के लिए मैं सदैव समर्पित रहूंगा।

    मैं इस पवित्र पर्व पर एक बार फिर समस्त बहनों को नमन करता हूं और वचन देता हूं कि जब तक आपके भाई विश्वा स की कलाई धड़कती रहेगी, तब तक हर बहन की मुस्कान मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। बहनों के विश्वास का यह पावन पर्व मेरे जीवन की अक्षय पूंजी है। बहनों आपका स्नेह, आशीर्वाद और अपनापन ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। आपका स्नेह और आशीर्वाद सदैव बना रहे।

     

  • क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर के लिए अधिकतम समय-सीमा निर्धारित

    क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर के लिए अधिकतम समय-सीमा निर्धारित

    भोपाल 

    प्रदेश में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों के निराकरण में होने वाली देरी अब अधिकारियों-कर्मचारियों को भारी पड़ सकती है। वित्त विभाग ने राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल (SCPPC) के तहत ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकतम समय-सीमा तय कर दी है। निर्धारित समय में प्रकरण का निराकरण नहीं होने पर संबंधित स्तर की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    नई व्यवस्था के तहत किसी नवीन पेंशन प्रकरण को क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर के तीनों स्तरों से गुजरना होगा। प्रत्येक स्तर पर अधिकतम पांच-पांच कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं। इस तरह सामान्य नवीन पेंशन प्रकरण के लिए तीनों स्तरों पर कुल 15 कार्य दिवस की समय-सीमा तय है। वहीं पुनरीक्षित पेंशन और वेतन निर्धारण के मामलों में प्रक्रिया को और तेज किया गया है।

    पुनरीक्षित पेंशन प्रकरण 10 दिन में होंगे पूरे

    पुनरीक्षित पेंशन प्रकरणों के लिए क्रियेटर को अधिकतम चार कार्य दिवस, जबकि वेरीफायर और एप्रूवर को तीन-तीन कार्य दिवस में कार्यवाही पूरी करनी होगी। यानी ऐसे प्रकरण के लिए कुल 10 कार्य दिवस की अधिकतम समय-सीमा निर्धारित की गई है।

    इसी तरह वेतन निर्धारण के प्रकरणों में क्रियेटर को पांच कार्य दिवस और वेरीफायर तथा एप्रूवर को तीन-तीन कार्य दिवस में कार्यवाही करनी होगी। इस प्रक्रिया के लिए कुल 11 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं।

    समीक्षा में सामने आए थे लंबे समय से लंबित मामले

    वित्त विभाग द्वारा किए गए विभागीय अनुश्रवण और समीक्षा में सामने आया कि विभिन्न संभागीय और जिला कार्यालयों में SCPPC के अंतर्गत क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर स्तर पर पेंशन प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। कुछ प्रकरण लंबे समय से लंबित भी पाए गए। विभाग ने इसे शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं माना है।

    इसके बाद वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इससे पेंशन प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब रोकने के साथ प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय होगी।

    सेवानिवृत्ति का इंतजार नहीं, पहले ही तैयार होगा पेंशन प्रकरण

    सरकार ने उन कर्मचारियों के मामलों पर भी विशेष जोर दिया है, जिनकी सेवानिवृत्ति आगामी महीनों में होने वाली है। ऐसे अग्रिम पेंशन प्रकरणों में स्वीकृति की कार्यवाही वित्त विभाग द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार तय समयावधि में पूरी करनी होगी, ताकि कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन शुरू होने में अनावश्यक देरी न हो।

    2025 में बना था केंद्रीकृत पेंशन सेल

    शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से वित्त विभाग ने 9 जून 2025 के आदेश के माध्यम से राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल (SCPPC) का गठन किया था। 1 अप्रैल 2026 से पूर्व की व्यवस्था समाप्त कर ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों का निराकरण एससीपीपीसी के माध्यम से किया जा रहा है।

    राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को नवीन पेंशन प्रकरणों के निराकरण के साथ पुनरीक्षित पेंशन प्रकरणों की स्वीकृति तथा सेवानिवृत्ति से दो वर्ष पूर्व तक विभागीय सक्षम अधिकारियों द्वारा किए गए वेतन निर्धारण के अनुमोदन की जिम्मेदारी भी दी गई है।

    सरकार का संदेश साफ—पेंशन अधिकार में देरी बर्दाश्त नहीं

    नई समय-सीमा व्यवस्था का उद्देश्य पेंशन प्रक्रिया को केवल ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि समयबद्ध और जवाबदेह बनाना है। वित्त विभाग के निर्देशों से यह स्पष्ट है कि पेंशन प्रकरण किसी कार्यालय या अधिकारी के स्तर पर अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रह सकेंगे। प्रत्येक चरण के लिए समय निर्धारित होने से अब यह आसानी से तय किया जा सकेगा कि प्रकरण किस स्तर पर और कितने समय से लंबित है।

     

  • भाजपा सरकार ने केन बेतवा लिंक परियोजना बनाई, कांग्रेस ने इसका विरोध किया, राजनीतिक प्रस्ताव में हुई कांग्रेस की भर्त्सना राहुल कोठारी

    भाजपा सरकार ने केन बेतवा लिंक परियोजना बनाई, कांग्रेस ने इसका विरोध किया, राजनीतिक प्रस्ताव में हुई कांग्रेस की भर्त्सना राहुल कोठारी

    ओरछा

    भारतीय जतना पार्टी के प्रदेश महामंत्री  राहुल कोठारी ने रविवार को ओरछा में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति बैठक के मीडिया सेंटर में राजनीतिक प्रस्ताव को लेकर प्रेस-ब्रीफिंग को किया संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया गया। इसमें बुंदेलखंड के विकास, जनजातीय वर्ग के उत्थान, युवाओं, किसानों, महिलाओं, उद्योगों का विकास, रोजगार सहित कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई एवं उन्हें समर्थन दिया गया। जनजातीय वर्ग के लिए समर्थन पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री  गजेंद्र सिंह पटेल ने दिया। इसी तरह औद्योगिक विकास एवं रोजगार को लेकर उपमुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल, किसानों को लेकर किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बंशीलाल गुर्जर, महिलाओं को लेकर पूर्व मंत्री व प्रदेश प्रवक्ता मती अर्चना चिटनिस, युवाओं को लेकर समर्थन विधायक  अभिलाष पांडेय एवं  वैभव पंवार ने पेश किए। इससे पहले भाजपा के ध्वजारोहण के साथ कार्यसमिति की बैठक की शुरूआत हुई। इसके बाद सभी पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के मन की बात का कार्यक्रम सुना।

    भाजपा का लक्ष्य सेवा, सुशासन, समरसता और विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प

    भाजपा के प्रदेश महामंत्री  राहुल कोठारी ने कहा कि भगवान  रामराजा सरकार की पावन नगरी ओरछा से भाजपा मध्यप्रदेश की प्रदेश कार्यसमिति का स्पष्ट संदेश है कि पार्टी सेवा, सुशासन, समरसता और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। यह कार्यसमिति केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सुशासन, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण बैठक है। प्रदेश कार्यसमिति में प्रस्तुत राजनीतिक प्रस्ताव केवल सरकार की उपलब्धियों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए भाजपा कार्यकर्ता का दिशा-पत्र है। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, सेवा, तपस्या और सुशासन का अभिनंदन किया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत, आर्थिक प्रगति, डिजिटल इंडिया, गरीब कल्याण, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के अवसर, स्वास्थ्य सुविधाओं, औद्योगिक निवेश और मध्यप्रदेश के समग्र विकास को प्रस्ताव में प्रमुखता से रखा गया है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के 25 वर्षों के लोकसेवा काल में भारत ने सेवा और सुशासन को विकास का आधार बनाकर वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान बनाई है। प्रदेश कार्यसमिति ने प्रधानमंत्री जी के इस सेवाकाल के लिए उनका अभिनंदन किया है। आज देश के 22 राज्यों में भाजपा एवं सहयोगी दलों की सरकारें हैं और यह कार्यकर्ताओं के त्याग, परिश्रम तथा वैचारिक समर्पण का परिणाम है।

    प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन के कार्यों पर प्रदर्शनी लगाई

    प्रदेश महामंत्री  राहुल कोठारी ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के 25 वर्षों के कार्यकाल पर प्रदर्शनी लगाई गई है। इसमें वर्ष 2001 में जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब से लेकर प्रधानमंत्री के कार्यकाल की सभी उपलब्धियों को प्रदर्शनी के माध्यम से दिखाया गया है। उन्होंने गुजरात में जिस तरह से विकास एवं औद्योगिक विकास के कार्यों को किया उससे आज गुजरात देश का सबसे प्रगतिशील राज्य है। इसी तरह वर्ष 2014 से लेकर अब तक उनके द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चलाईं गईं। गरीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों सहित सभी वर्गों के जीवन को बेहतर बनाया गया। विश्वस्तर पर देश को नई पहचान दिलाई। यह भी प्रदर्शनी के माध्यम से बताया गया है। इसी तरह प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यकाल के दौरान मध्यप्रदेश में किए गए कार्यों, योजनाओं व अन्य उपलब्धियों को भी प्रदर्शनी के माध्यम से बताया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक  हेमंत खंडेलवालजी के कार्यकाल में भी संगठन को एक नई दिशा मिली है। कार्यकर्ताओं के लिए विभिन्न आयाम स्थापित किए गए हैं। 

    तेजी से बढ़ रही मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था
     
    भाजपा के प्रदेश महामंत्री  राहुल कोठारी ने कहा कि मध्यप्रदेश आज तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा है। वर्ष 2025-26 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है तथा सकल घरेलू उत्पाद 18.48 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 21.40 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। वहीं 8.73 लाख करोड़ रुपए के निवेश कार्य धरातल पर उतर चुके हैं। धार में 2,000 करोड़ रुपए की लागत से पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे 3 लाख रोजगार अवसरों का लक्ष्य है। प्रदेश में उद्योग, रोजगार, तकनीक, लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    केन-बेतवा से बुंदेलखंड का होगा कायाकल्प, कांग्रेस के विरोध की हुई भर्त्सना

    भाजपा के प्रदेश महामंत्री  राहुल कोठारी ने कहा कि भाजपा की सरकार में हर वर्ग की चिंता की गई है। बुंदेलखंड का विकास भी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में रहा है। बुंदेलखंड के विकास को गति मिले, इसके लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना भी शुरू की गई, लेकिन बुंदेलखंड के विकास को गति देने वाली इस महत्वपूर्ण योजना का भी कांग्रेस ने विरोध किया। कांग्रेस की मानसिकता हमेशा से विकास विरोधी रही है। भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास पर आधारित पार्टी है और हर वर्ग के विकास की चिंता करती है, लेकिन कांग्रेस की सोच हमेशा से विकास की विरोधी रही है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के राजनीतिक प्रस्ताव में कांग्रेस के विरोध की भी भर्त्सना की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है। कृषि क्षेत्र के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से 84 लाख किसानों को लगभग 1 लाख करोड़ रुपए की राशि दी जा चुकी है। सरकार वर्ष 2028-29 तक सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड की जीवनरेखा बनने जा रही है। इससे क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल, कृषि, विद्युत, रोजगार और समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे।

  • ओरछा में BJP का बड़ा सियासी मंथन, 14 साल बाद प्रदेश कार्यसमिति बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा

    ओरछा में BJP का बड़ा सियासी मंथन, 14 साल बाद प्रदेश कार्यसमिति बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा

    ओरछा
     मध्य प्रदेश के ओरछा में आज रविवार से दो दिवसीय बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हो रही है. माना जा रहा है कि इस बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ सशक्तिकरण और विकसित भारत के संकल्प पर मंथन किया जाएगा. इसके अलावा जेन जी को लेकर भी चर्चा होगी. कार्यक्रम की शुरुआत 30 अगस्त को सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक रजिस्ट्रेशन से हुई. 10:30 बजे ध्वजारोहण किया गया. 10:45 बजे प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ। निवाड़ी जिले के ओरछा में रविवार सुबह 10 बजे से भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। 14 साल बाद ओरछा में हो रही इस बैठक में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ करीब 350 प्रतिनिधि शामिल होंगे।

    बैठक ओरछा के होटल राजमहल में आयोजित की जा रही है। इसमें प्रदेश कार्यसमिति के 106 सदस्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बैठक में शामिल होने के लिए चित्रकूट से ओरछा पहुंचे।

    प्रदेश अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता ओरछा पहुंचे
    प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नारायण सिंह, वीडी शर्मा, नरोत्तम मिश्रा और रामेश्वर शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता ओरछा पहुंच चुके हैं। नेताओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी के काम को आगे बढ़ाने के लिए रामराजा सरकार की नगरी ओरछा से पवित्र स्थान और कोई नहीं हो सकता।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रामराजा सरकार के चरणों में आने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम यहां भगवान के साथ राजा भी हैं और रामराज्य की स्थापना भाजपा का लक्ष्य है। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का काम चल रहा है। मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में रामराज्य की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कार्यसमिति के लिए रामराजा सरकार की नगरी में आना उनका सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय के लिए नीतिगत फैसलों और कार्यशैली को बेहतर बनाने की दिशा में कार्यसमिति से परिणाम निकलेंगे।

    बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री अजय जामवाल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सांसद, मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी समेत करीब 350 प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

    नरोत्तम मिश्रा बोले- भाजपा में गुटबाजी-बदलाव की चर्चाएं काल्पनिक
    पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा में गुटबाजी और बदलाव की चर्चाओं को काल्पनिक बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन मजबूती से खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, नितिन नवीन तथा मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में काम हो रहा है। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की बात कही।

    बूथ सशक्तिकरण और संगठन विस्तार पर फोकस
    बैठक में संगठन की मजबूती और बूथ सशक्तिकरण को लेकर रणनीति पर चर्चा होगी। संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में मिशन 2028 और 2029 की चुनावी तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    पार्टी की जमीनी गतिविधियों को मजबूत करने के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों का रोडमैप तैयार किया जाएगा। ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर भी चर्चा होगी। ‘समरसता का संकल्प’ विषय के तहत समाज के सभी वर्गों को संगठन और सरकार की योजनाओं से जोड़ने पर मंथन किया जाएगा।

    कार्यक्रम की शुरुआत ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण से हुई
    कार्यसमिति के पहले दिन ध्वजारोहण और प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। सुबह 11 बजे कार्यसमिति के लिए पहुंचे सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया।

    शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। रात में वरिष्ठ नेताओं और अतिथियों के रामराजा सरकार के दर्शन का कार्यक्रम रखा गया है।

    31 अगस्त को ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला होगी। इसमें सेवा, सुशासन और संगठन विस्तार को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों का रोडमैप भी तैयार किया जाएगा।