Category: मध्य प्रदेश

  • सेवा संकल्प के तहत 17 सितंबर की शाम उज्जैन में शिप्रा के घाटों पर प्रज्वलित होंगे 25 लाख से अधिक दीप।

    सेवा संकल्प के तहत 17 सितंबर की शाम उज्जैन में शिप्रा के घाटों पर प्रज्वलित होंगे 25 लाख से अधिक दीप।

    उज्जैन 
     उज्जैन में 17 से 19 सितंबर तक राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और संगठनात्मक आयोजन होंगे. तीन दिन तक देशभर से आए युवा, संत, धर्माचार्य, शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शहर में मौजूद रहेंगे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, आचार्य पुंडरीक गोस्वामी, गीतकार मनोज मुंतशिर सहित कई प्रमुख हस्तियां उज्जैन पहुंचेंगी.

    24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 1600 से अधिक युवा 3 दिवसीय युवा धर्म संसद 2026 का हिस्सा होंगे. 17 सितंबर की शाम शिप्रा के श्री रामघाट सहित अन्य घाट क्षेत्र में सेवा संकल्प के तहत 25 लाख से अधिक दीप प्रज्जविलत होंगे. 

    एक मंच पर देशभर के युवा, संत और विशेषज्ञ

    सेवाज्ञ संस्थानम् द्वारा आयोजित युवा धर्म संसद 2026 अवंतिका को लेकर मध्य प्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने ETV भारत को बताया "24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 1600 से अधिक युवा विद्यार्थी शिक्षक और अलग-अलग क्षेत्र में काम करने वाले प्रतिभागी शामिल होंगे, जिन्होंने दो माह पहले ही रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. उज्जैन के लगभग 100 युवा शामिल होंगे."

    साल 2019 में काशी, 2022 में अयोध्या, 2023 में मथुरा, 2024 में हरिद्वार, 2025 में कांचीपुरम युवा धर्म संसद हो चुकी है. अब 2026 के लिए उज्जैन को चुना गया है. आयोजन का उद्देश्य युवाओं को धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा, जीवन दृष्टि, चरित्र निर्माण और सामाजिक एवं राष्ट्रीय उत्तरदायित्व जैसे विषयों से जोड़ना है. तीनों दिन व्याख्यान, संवाद, युवा पंचायत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुस्तक मेला, कला प्रदर्शनी और जनजातीय मेला सहित कई गतिविधियां होंगी.

    ये हस्तियां भी युवा धर्म संसद में आएंगी

    आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण ने बताया "आयोजन में सद्विद्यानंद, प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, जे. नंद कुमार, विष्णु प्रकाश त्रिपाठी, प्रो. हिमांशु राय, पद्मभूषण रामबहादुर राय, डॉ. इंदुमति काटदरे, प्रो. आनंद रंगनाथन, प्रो. सच्चिदानंद मिश्र, डॉ. बलराम शुक्ल, अमृत अभिजात, राम तिवारी, निशा उरांव, बृजेश कुमार सहित अनेक संत, विद्वान, शिक्षाविद, वैज्ञानिक, लेखक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे."

    बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा

    17 सितंबर को पुस्तक मेला, युवा पंचायत, संघ की गतिविधियां और 25 लाख दीपों का आयोजन होना है. 18 सितंबर को डॉ. मोहन भागवत युवा धर्म संसद का उद्घाटन करेंगे. 19 सितंबर को ऋषि, कृषि, संस्कृति से आस्था और धर्म स्थलों तक विमर्श कर मुख्यमंत्री समापन करेंगे. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 17 सितंबर को इंदौर पहुंचने के बाद उज्जैन आएंगे. वह शाम को शिप्रा आरती और श्रीराम घाट पर आयोजित दीप उत्सव में शामिल होंगे. वह 18 सितंबर की सुबह भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल होकर इंदौर होते हुए पंजाब रवाना हो जाएंगे.

    3000 से ज्यादा पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा

    उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया "उज्जैन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है. रिहर्सल करवा कर 3000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती चप्पे-चप्पे पर की गई है. कार्यक्रम स्थलों पर वीआईपी रूट और घाट क्षेत्र में सुरक्षा के साथ भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान रखा गया. दीपोत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था संभालने के लिए करीब 450 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. घाट क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी." 

  • पश्चिमी एमपी में मौसम रहेगा शुष्क, नर्मदापुरम और जबलपुर संभागों में पिछले 24 घंटे में दर्ज हुई बारिश।

    पश्चिमी एमपी में मौसम रहेगा शुष्क, नर्मदापुरम और जबलपुर संभागों में पिछले 24 घंटे में दर्ज हुई बारिश।

    भोपाल
    मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अभी पूरी तरह थमी नहीं हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल के कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई है। दूसरी ओर पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के आसार हैं।

    मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटे में नर्मदापुरम, चंबल और जबलपुर संभागों के कुछ स्थानों पर बारिश हुई। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में भी कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के शेष हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा।

    सेवढ़ा में चार इंच बारिश

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक दतिया जिले के सेवढ़ा में सर्वाधिक 100 मिमी यानी करीब चार इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा शाहपुरा-जबलपुर में 75.3 मिमी, मंडला में 25.3 मिमी और जबलपुर में 12.9 मिमी वर्षा दर्ज हुई।

    इन जिलों में बौछारें पड़ने के आसार

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 24 घंटे में सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, पन्ना और मैहर जिलों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है।

    वहीं विदिशा, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा सहित कई जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

    इन इलाकों में हो सकती है बूंदाबांदी

    भोपाल, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच में अगले 24 घंटे के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
    19 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई के संकेत

    मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। हालांकि मध्य प्रदेश में अभी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

    ये वेदर सिस्टम सक्रिय

    फिलहाल सौराष्ट्र और उससे लगे पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर की ओर पहुंच सकता है।

    इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जो आगे चलकर दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में सिंधु कला केंद्र के भूमि पूजन कार्यक्रम में हुए वर्चुअली शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में सिंधु कला केंद्र के भूमि पूजन कार्यक्रम में हुए वर्चुअली शामिल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंधी समाज का कठिनाईयों से भरा लंबा संघर्ष रहा है। उनकी जीवटता और कर्मठता हर किसी को प्रभावित करती है। उनकी मधुर बोली और स्वभाव सबका दिल जीत लेती है। सिंधी समाज ने विभाजन की विभिषिका झेली है। उन्होंने अपनी जन्म भूमि-घर और व्यापार छोड़ा लेकिन अपने संस्कार के साथ धर्म और हौसला नहीं खोया। प्राचीनतम सिंधु घाटी सभ्यता का इतिहास हम सभी को एक गौरवशाली अतीत से परिचित करवाता है। स्वाभिमान से जीवन जीने के प्रतीक बन चुके सिंधी समाज की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। अनेकों बार चुनौतियों को अवसर में बदलकर अपनी पहचान और गौरव को संजोए रखने वाले सिंधी समाज पर प्रदेशवासियों को गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से इंदौर में आयोजित सिंधु कला केंद्र के भूमि पूजन कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में सिंधु कला केंद्र का भव्य और दिव्य भवन बनकर तैयार होगा, जो सिंधी समाज की कला, संस्कृति और विरासत से भविष्य की पीढ़ियों को परिचित कराएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधी समाज के महापुरुषों की जीवनी जिनमें वीर राजा दाहिर, समाज सुधारक और संत कंवरराम और शहीद हेमू कालानी शामिल हैं,  स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कर राज्य सरकार ने अपना वादा निभाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान झूलेलाल का जयकारा लगाते हुए भूमि-पूजन कार्यक्रम में उपस्थित जन समुदाय को आश्वासन दिलाया कि वे सिंधु कला केंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम में जरूर आएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस पर 17 सितम्बर को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इंदौर पधार रहे हैं। वे लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की नगरी से एक माह तक चलने वाले सेवा से संकल्प अभियान, स्वामित्व योजना का शुभारंभ करेंगे एवं विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इंदौर में भूमि-पूजन कार्यक्रम के अवसर पर स्थानीय सांसद शंकर लालवानी, ईश्वर झामनानी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में सिंधी समाज के प्रतिष्ठित जन उपस्थित थे।

     

  • शिक्षकों की मांग पर बड़ा फैसला: ऑनलाइन की बजाय अब पारंपरिक पेन-पेपर मोड में होगी विशेष TET परीक्षा।

    शिक्षकों की मांग पर बड़ा फैसला: ऑनलाइन की बजाय अब पारंपरिक पेन-पेपर मोड में होगी विशेष TET परीक्षा।

    भोपाल
    मध्य प्रदेश में बिना पात्रता परीक्षा दिए भर्ती हुए करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अब माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) कराएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा आयोजन की अधिसूचना जारी कर दी है। पहले इसकी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) को दी गई थी, लेकिन बाद में उसने परीक्षा आयोजन को लेकर असमर्थता जता दी।

    ESB ने परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी थी और 18 सितंबर आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित थी। हालांकि शिक्षकों की मांग के बाद परीक्षा ऑनलाइन के बजाय पारंपरिक ऑफलाइन माध्यम से कराने का फैसला लिया गया। इसके बाद परीक्षा एजेंसी बदलनी पड़ी।

    शिक्षकों के विरोध के बाद बदला परीक्षा का तरीका

    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 के आदेश के अनुसार प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों के लिए विशेष TET आयोजित की जानी है, जिन्होंने पात्रता परीक्षा पास किए बिना शिक्षक के रूप में नियुक्ति पाई है।
    परीक्षा कराने की जिम्मेदारी पहले ESB को दी गई थी। पिछले महीने ESB ने ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवेदन मांगे। इसके बाद बड़ी संख्या में शिक्षकों ने ऑनलाइन परीक्षा का विरोध करते हुए ऑफलाइन मोड में परीक्षा कराने की मांग की।
    मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा, जिसके बाद परीक्षा पारंपरिक ऑफलाइन तरीके से कराने के निर्देश दिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग ने ESB से ऑफलाइन परीक्षा कराने का प्रस्ताव रखा, लेकिन ESB ने इससे असमर्थता जता दी।

    अब माशिमं जारी करेगा नया शेड्यूल

    ESB के मुताबिक उसकी परीक्षा व्यवस्था मुख्य रूप से ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए तैयार है। ऐसे में विशेष TET कराने की जिम्मेदारी अब माध्यमिक शिक्षा मंडल को सौंप दी गई है। मंगलवार शाम विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी।

    ESB ने इस परीक्षा के लिए 12 अक्टूबर की संभावित तारीख तय की थी। एजेंसी बदलने के बाद अब परीक्षा का कार्यक्रम नए सिरे से तैयार होगा। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा दिसंबर तक आयोजित किए जाने की संभावना है।

    माशिमं अगले एक-दो दिन में बैठक कर परीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया तय करेगा। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा की जाएगी।

    पहले आवेदन कर चुके शिक्षकों को राहत

    परीक्षा एजेंसी बदलने के बावजूद जिन शिक्षकों ने ESB के पोर्टल पर पहले ही आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

    वहीं, जिन शिक्षकों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, उनके लिए माशिमं नए सिरे से आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगा। इसकी तारीख और अन्य दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।

     

  • उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील की

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान की अपील की

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले “सेवा संकल्प अभियान” के अंतर्गत प्रदेशवासियों से स्वैच्छिक रक्तदान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद का जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। गर्भवती महिलाओं, सिकल सेल, थैलेसीमिया, एनीमिया, डायलिसिस एवं कैंसर से पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अभियान के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों में सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा संगठनों, क्लबों तथा औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थानों की सहभागिता होगी।

    उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों की निगरानी भारत सरकार के e-RaktKosh पोर्टल के माध्यम से की जाएगी तथा रक्तदाताओं का ABHA ID के माध्यम से पंजीयन किया जाएगा। चिकित्सकीय पात्रता के अनुसार 18 से 65 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन 45 किलोग्राम से अधिक है, स्वैच्छिक रक्तदान कर सकते हैं।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से युवाओं से अभियान से जुड़ने और नियमित स्वैच्छिक रक्तदाता बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने मोबाइल में e-RaktKosh App डाउनलोड कर अपने आसपास आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और रक्तदान के लिए पंजीयन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश का प्रत्येक स्वस्थ युवा नियमित रूप से रक्तदान करे, तो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

     

  • शिविरों में संकलित रक्त का व्यवस्थित संधारण एवं सुरक्षित रख-रखाव किया जाये सुनिश्चित

    शिविरों में संकलित रक्त का व्यवस्थित संधारण एवं सुरक्षित रख-रखाव किया जाये सुनिश्चित

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शहडोल जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों एवं विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों का व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालन सुनिश्चित किया जाए। सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

    17 सितम्बर को रक्तदान शिविरों का आयोजन

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 17 सितम्बर को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिविरों में संकलित रक्त का व्यवस्थित संधारण एवं सुरक्षित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    जनसेवा संकल्प यात्रा में जनसंवाद एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जनसेवा संकल्प यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान निर्धारित सभी आयोजन व्यवस्थित रूप से संपन्न किए जाएं। यात्रा में शामिल दल एवं स्थानीय जनता के बीच प्रभावी संवाद सुनिश्चित किया जाए। यात्रियों के ठहरने एवं भोजन की समुचित व्यवस्था के साथ निर्धारित रूट एवं कार्यक्रम के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से पूर्ण करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रतियोगिताओं का व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।

    आंगनवाड़ी केन्द्रों में ‘आंगन का मिलन’ की गतिविधियां हों

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में आयोजित होने वाले ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित सभी गतिविधियों का व्यवस्थित रूप से आयोजन किया जाए। आंगनवाड़ी केन्द्रों में कार्यक्रमों की नियमित निगरानी एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    कलेक्टर पार्थ जायसवाल एवं सीईओ जिला पंचायत शिवम प्रजापति ने सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, जिला योजना समिति सदस्य श्रीमती अमिता चपरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता: वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और मजबूत होती कूटनीति के आयाम।

    विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता: वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और मजबूत होती कूटनीति के आयाम।

    भोपाल
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके राजनीतिक और प्रशासनिक सफर को रेखांकित करते हुए विशेष लेख लिखा है। डॉ. यादव ने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की मोदी की यात्रा को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने राष्ट्रीय विकास के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी भूमिका और प्रभाव को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा कि यशस्वी नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में ढाई दशक की गौरवपूर्ण यात्रा पर विशेष राजनीति के मैदान में ऐसे अनेक नेता और जननेता हुए हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। इनमें कुछ अपनी प्रशासनिक क्षमता के लिए जाने गए, तो कुछ ने अपने राजनीतिक कौशल से अलग पहचान बनाई। लेकिन ऐसे नेता विरले ही होते हैं, जो संगठन से निकलकर मुख्यमंत्री के रूप में अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यकुशलता की मिसाल कायम करें और आगे चलकर प्रधानमंत्री के रूप में न केवल देश की राजनीति और शासन-व्यवस्था को नई दिशा दें, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा और प्रभाव को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाये। 

    भारत के संबंधों को मजबूत किया है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का सार्वजनिक जीवन ऐसी ही असाधारण यात्रा का उदाहरण है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगभग 13 वर्षों तक उन्होंने शासन की एक ऐसी शैली विकसित की, जिसमें विकास, सुशासन और जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया। इसके बाद वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और विश्व में प्रभावशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे परिस्थितियों को केवल देखते नहीं, बल्कि उनमें परिवर्तन लाने का प्रयास करते हैं। दुनिया की राजनीति में कहाँ मौन रहना है, कहाँ अपनी बात स्पष्ट रूप से रखनी है और कहाँ दृढ़ता के साथ भारत के हितों की रक्षा करनी है। इसका संतुलन प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने अपनी विदेश नीति में लगातार प्रदर्शित किया है। भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने विश्व के विभिन्न शक्ति-केंद्रों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत किया है।
    आज भारत विश्व राजनीति में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। अमेरिका और रूस जैसे देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखना हो, पश्चिम एशिया में भारत के हितों की रक्षा करनी हो या रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे जटिल अंतरराष्ट्रीय विषयों पर शांति और संवाद का पक्ष रखना हो, प्रधानमंत्री जी ने भारतीय दृष्टिकोण को मजबूती से दुनिया के सामने रखा है।

    भारतीय संस्कृति की भावना का परिचायक

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी रही है कि संकट के समय भारत ने केवल अपने नागरिकों की ही चिंता नहीं की, बल्कि मानवता के प्रति अपने दायित्व को भी निभाया।कोरोना महामारी के कठिन दौर में भारत ने जिस प्रकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और जरूरतों का ध्यान रखा, वह अभूतपूर्व था। इसके साथ ही भारत ने अनेक देशों को दवाइयाँ, वैक्सीन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से लेकर तुर्किए तक, जब भी आवश्यकता पड़ी, भारत ने सहायता का हाथ बढ़ाया।
    युद्धग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अनेक अभियान चलाए गए। यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी हो या संकटग्रस्त परिस्थितियों में अन्य भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाना इन प्रयासों ने यह संदेश दिया कि भारत अपने प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।भारत की मानवीय संवेदनशीलता का परिचय उस समय भी मिला, जब कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद पड़ोसी देश पाकिस्तान के विद्यार्थियों को भी सुरक्षित उनके देश वापस पहुँचाने के प्रयास किए गए। यह भारतीय संस्कृति की उस भावना का परिचायक है, जिसमें मानवता को सर्वोपरि माना गया है।

    प्रधानमंत्री मोदी जी ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय 

    राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी जी ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा आतंकी हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत आतंकवाद को सहन करने वाला देश नहीं है।ऑपरेशन सिंदूर ने भी आतंकवाद के विरुद्ध भारत के संकल्प को दुनिया के सामने दृढ़ता से रखा। भारत ने यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई उसके लिए केवल सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान और नागरिकों की सुरक्षा का प्रश्न भी है।प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आतंकवाद को लेकर भारत की नीति में जो दृढ़ता आई है, उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भी ध्यान आकर्षित किया है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के मुद्दे को वैश्विक मंचों पर प्रभावी ढंग से उठाने और आतंकवाद के खिलाफ व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में भारत को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
    हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन के माध्यम से भारत ने वैश्विक मंच पर स्वयं को एक संतुलित, व्यवहारिक और नीतिगत रूप से स्वायत्त राष्ट्र के रूप में मजबूती से स्थापित किया है। भारत की साख एक ऐसे देश के रूप में बनी है जो वैश्विक दक्षिण (Global South) की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और पश्चिमी देशों तथा पूर्वी शक्तियों के बीच संवाद का संतुलन बनाए रखने में सक्षम है। भारत ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि ब्रिक्स किसी पश्चिम-विरोधी गुट के रूप में नहीं, बल्कि एक समावेशी और सुधारात्मक बहुपक्षीय मंच के रूप में कार्य करता है। इसके अतिरिक्त, भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक विकास और आतंकवाद के प्रति कड़े रुख ने वैश्विक स्तर पर देश की विश्वसनीयता को और अधिक बढ़ाया है।इस पूरे परिदृश्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका अत्यंत निर्णायक और प्रभावी रही है। सम्मेलनों के दौरान विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के साथ की गई उनकी द्विपक्षीय बैठकों ने न केवल जटिल क्षेत्रीय मुद्दों को सुलझाने में मदद की, बल्कि भारत के आर्थिक और व्यापारिक हितों को भी नई दिशा दी है।

    ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष गरीब और वंचित वर्गों के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास है। जनकल्याण की योजनाओं में जाति, क्षेत्र या धर्म के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों परिवारों तक पहुँचा है।गरीबों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि उनके जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पक्का घर, शौचालय, बिजली, गैस कनेक्शन, बैंक खाता, स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्यान्न की उपलब्धता जैसे विषयों को जनकल्याण की मुख्यधारा में लाया गया।
    आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और असहाय परिवारों के लिए गंभीर बीमारियों के उपचार को आर्थिक रूप से अधिक सुलभ बनाया। इसी प्रकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से करोड़ों जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया।प्रधानमंत्री जी के लिए ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ केवल नारा नहीं, बल्कि शासन का मूल मंत्र रहा है।
    प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व संभालते ही मोदी जी ने स्वच्छता को राष्ट्रीय अभियान का रूप दिया। उन्होंने स्वयं हाथ में झाड़ू लेकर स्वच्छता का संदेश दिया और देशवासियों से स्वच्छ भारत के निर्माण में भागीदारी का आह्वान किया।इस अभियान ने देश की सोच में परिवर्तन लाने का काम किया। गांवों से लेकर शहरों तक स्वच्छता जनआंदोलन बनी। मध्यप्रदेश ने भी इस अभियान में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। इंदौर का लगातार स्वच्छ शहरों में अग्रणी रहना इस जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण है।
    प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया। आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत स्थिति बना चुका है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों ने उत्पादन, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाएँ पैदा की हैं। रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत की बढ़ती क्षमता इसका प्रमाण है।भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। चंद्रयान-3 की सफलता और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सफल सॉफ्ट लैंडिंग ने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की वैज्ञानिक क्षमता की ओर आकर्षित किया।

    प्रधानमंत्री जी का मानना है कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है। युवाओं को कौशल, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की गई हैं।मुद्रा योजना ने छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर लाखों युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। कौशल विकास और स्टार्टअप संस्कृति ने युवाओं में नौकरी खोजने के साथ-साथ रोजगार देने की भावना को भी मजबूत किया है।

     महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का कार्यक्रम 

    महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए भी प्रधानमंत्री जी ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए। उज्ज्वला योजना ने करोड़ों महिलाओं को रसोई के धुएँ से राहत दिलाई। प्रधानमंत्री आवास योजना ने महिलाओं को परिवार की संपत्ति में अधिक सम्मानजनक भागीदारी का अवसर दिया। महिला आरक्षण कानून ने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम रखा है।‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह केवल महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने विकास के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रति समाज में आत्मविश्वास जगाने का कार्य किया है। ‘विरासत के साथ विकास’ की भावना के अनुरूप उन्होंने आधुनिक भारत को उसकी प्राचीन सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया है।योग, जो भारत की हजारों वर्ष पुरानी जीवन पद्धति है, उसे वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने में प्रधानमंत्री जी की भूमिका उल्लेखनीय रही है। उनके प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने स्वस्थ जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।

    यशस्वी मोदी जी के प्रयासों से अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा ने करोड़ों भारतीयों की आस्था और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दी। इसी प्रकार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने का निर्णय राष्ट्रीय एकता और अखंडता की दृष्टि से ऐतिहासिक माना गया।

    ‘मन की बात’

    ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने देश के सामान्य नागरिकों से सीधे संवाद की एक अनूठी परंपरा विकसित की। देश के दूरदराज के गांवों, छोटे शहरों और सामान्य परिवारों से जुड़े अनेक लोगों के कार्यों को राष्ट्रीय मंच मिला।यह संवाद प्रधानमंत्री जी के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें भारत का विकास केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से संभव माना गया है।

    यशस्वी नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष केवल सत्ता में रहने की अवधि नहीं, बल्कि सेवा, संघर्ष, परिश्रम और राष्ट्र निर्माण की निरंतर यात्रा हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से समाज और राष्ट्र सेवा का संकल्प लेकर शुरू हुई यह यात्रा गुजरात के मुख्यमंत्री से होते हुए देश के प्रधानमंत्री तक पहुँची। उनके लिए राष्ट्र प्रथम है और यही भावना उनके प्रत्येक निर्णय में दिखाई देती है। उन्होंने भारत को आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र बनाने का लक्ष्य सामने रखा है।उनके जन्मदिवस पर हम सभी का यह संकल्प होना चाहिए कि हम राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँगे।
    कहा गया है……

    “परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है। जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है।

    समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।” यह उद्घोष आज भारत के उस नेतृत्व के प्रति हमारे विश्वास को व्यक्त करता है, जिसने सेवा को साधना और राष्ट्र निर्माण को अपना ध्येय बनाया है। आइए, प्रधानमंत्री जी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा के अवसर पर हम भी राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में अपनी आहुति देने का संकल्प लें। देश के लिए नई उम्मीदों का दीप जलाएँ, अपने सामर्थ्य के अनुसार योगदान दें और उस भारत के निर्माण में सहभागी बनें, जिसका सपना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों ने देखा था।

    प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन 17 सितंबर को हम सभी अपने घरों और प्रतिष्ठानों में आशीर्वाद का एक दीप जलाएँ और उनकी दीर्घायु, स्वस्थ एवं यशस्वी जीवन की कामना करें। यह दीप उस विश्वास का प्रतीक बने कि भारत की विकास यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहे, देश आत्मनिर्भर एवं शक्तिशाली बने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प साकार हो। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की यात्रा निरंतर आगे बढ़े, यही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस पर हमारी सबसे बड़ी शुभकामना है।
    “जिसने जीवन संवारा, उसको नमन हमारा।”

  • एनएमडीसी, बस्तर के धावक फुलधर नेताम की सहायता करेगा

    एनएमडीसी, बस्तर के धावक फुलधर नेताम की सहायता करेगा

    रायपुर

     एनएमडीसी बस्तर के धावक फुलधर नेताम की व्यापक सहायता करने के लिए तैयार है, जो एनएमडीसी हैदराबाद मैराथन की ओपन श्रेणी में विजेता के रूप में उभरे हैं, जिसका उद्देश्य उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका में आगामी बोस्टन मैराथन में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम एक बेहतरीन एथलीट के रूप में विकसित करना है ।
     
    छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के रहने वाले पुलिस कर्मी फूलधर नेतम ने मैराथन में 2 घंटे और 45 मिनट का समय लिया । एनएमडीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अमिताभ मुखर्जी ने उनकी उपलब्धि के लिए उन्हें सम्मानित किया और रू.5 लाख का चेक सौंपा।
     
    एनएमडीसी के निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार ठाकुर ने कहा कि कंपनी नेताम की सहायता के लिए संरचित कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, व्यावसायिक सुविधाओं की उपलब्धता और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी सहित सभी संभावित मार्गों की तलाश करेगी ।
     
    ठाकुर ने कहा कि “एनएमडीसी उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भारत और विदेशों में संरचित प्रशिक्षण सुविधाओं सहित उनकी सहायता के लिए सभी संभावित मार्गों की तलाश करेगा । इसका उद्देश्य उन्हें उनकी पूरी क्षमता को विकसित करने और उन्हें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए तैयार करने में मदद करना है ।”
     
    अभी मुख्य फोकस नेताम को बोस्टन मैराथन में प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और अनुभव दिलाने में है, जो दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित लंबी दूरी की दौड़ में से एक है ।
     
    एनएमडीसी और हैदराबाद रनर्स सोसाइटी भी इस ईवेंट में उनकी एंट्री सुनिश्चित करने में मदद करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं ।
     
    नेतम बस्तर और दंतेवाड़ा के लगभग 170 धावकों में से एक हैं, जिन्हें इस वर्ष हैदराबाद मैराथन में भाग लेने के लिए एनएमडीसी द्वारा प्रायोजित किया गया था। इस क्षेत्र से धावकों की पहचान की गई और उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण, यात्रा, आवास, दौड़ने के लिए किट और अन्य लॉजीस्टिक सहायता प्रदान की गई ।
     
    नेताम के लिए तो शुरुआती लाइन तक पहुंचना भी अनिश्चित था ।
     
    “मैंने तो यह भी नहीं सोचा था कि मुझे एंट्री मिलेगी या नहीं । मेरे दोस्त पाण्ड्रू और बसंत सर ने मुझे हैदराबाद में एंट्री पाने में मदद की । एनएमडीसी ने जूते, किट और आवास सहित शुरू से अंत तक सब कुछ मुहैया कराया” नेताम ने कहा ।
     
    यह पहल बस्तर से खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें विकसित करने के लिए एनएमडीसी के प्रयास का हिस्सा है । यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां एथलेटिक्स के लिए संगठित बुनियादी ढांचे और पेशेवर कोचिंग तक पहुंच पारंपरिक रूप से सीमित रही है ।
     
    नेताम, जो कि जगदलपुर में महानिरीक्षक कार्यालय में तैनात हैं, उन्होंने अपने पुलिस ड्यूटी के साथ संतुलन बनाए रखते हुए मुख्यत: अपने बलबूते पर तैयारी की ।
     
    वे सुबह और शाम प्रशिक्षण लेते थे और अपने अवकाश के दिनों में कठिन वर्कआउट करते थे ।
     
    उन्होंने कहा “मैं अपनी ड्यूटी से समय निकालता था । छुट्टी के दिनों में मैं मुश्किल वर्कआउट करता था । मैं सुबह और शाम अभ्यास करता था और सब कुछ खुद ही संभालता था ।”
     
    कृष्ण कुमार ठाकुर ने नेताम की इस उपलब्धि को उनके बैकग्राउन्ड और क्षेत्र में व्यवस्थित खेल सुविधाओं की कमी को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया ।
     
    ठाकुर ने कहा “यह बहुत, बहुत बड़ी उपलब्धि है । वे पूरी तरह से एक रॉ टैलेंट हैं और देश के सबसे दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, जो हाल तक हिंसा से बुरी तरह प्रभावित था ।”
     
    उन्होंने कहा कि एनएमडीसी "बहुत संतुष्ट" है कि उसकी पहल ने इस क्षेत्र के युवाओं को एक मंच प्रदान करने में मदद की है ।
     
    ''इस वर्ष, उस क्षेत्र के 170 से अधिक युवाओं की पहचान की गई, उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया गया और उनकी भागीदारी के लिए सभी व्यवस्थाओं के साथ हैदराबाद लाया गया ।
     
    ऐसी व्यवस्था के पहले वर्ष में किसी अज्ञात व्यक्ति को प्रथम स्थान मिलता है । यह एनएमडीसी के लिए अत्यंत संतोष की बात है ।”
     
    हैदराबाद मैराथन के रेस डायरेक्टर ने भी नेताम की क्षमता पर भरोसा जताया और कहा कि पेशेवर सहायता से उनके प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है ।
     
    उनके परफ़ॉर्मेंस को "बहुत उत्साहवर्धक" बताते हुए रेस डायरेक्टर ने कहा कि नेताम ने बताया था कि उनकी अधिकांश ट्रेनिंग खुद से ही हुई है ।
     
    उन्होंने कहा, "मैं कहूंगा कि यह एक महान प्रतिभा की पहचान है और अगर एनएमडीसी इनकी सहायता करता है, तो इसे और आगे ले जाया जा सकता है ।”

    रेस डायरेक्टर ने कहा कि नेताम ने पहले एक अन्य प्रतियोगिता में 2 घंटे और 30 मिनट का समय लिया था, जिससे पता चलता है कि पेशेवर कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन के साथ सुधार की काफी गुंजाइश है ।

    एनएमडीसी का प्रस्तावित सहयोग एक संरचित प्रशिक्षण योजना, विशेषज्ञ कोचिंग, रिकवरी सहयोग, प्रतियोगिता एक्सपोजर और अंतरराष्ट्रीय दौड़ की तैयारी के माध्यम से नेताम की रॉ क्षमता को निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन में बदलने पर ध्यान केंद्रित करेगा ।

    नेताम का लक्ष्य पहले से ही स्पष्ट है ।

    उन्हें सहयोग देने के लिए एनएमडीसी को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा, "मैं एनएमडीसी के सहयोग से मैराथन और ट्रैक में दौड़ना जारी रखना चाहता हूं और एक अंतरराष्ट्रीय एथलीट बनना चाहता हूं ।"

    एनएमडीसी की स्पॉन्सरशिप और लंबे समय तक मिलने वाले सहयोग से, नेताम के पास अब पुलिस ड्यूटी के बीच स्व-निर्देशित प्रशिक्षण से बोस्टन मैराथन और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए एक प्रोफेशनल रास्ते पर आगे बढ़ने का मौका है ।

    बस्तर से हैदराबाद मैराथन पोडियम तक का उनका सफर एनएमडीसी की उस कोशिश की शुरुआत है जिसका मकसद एक होनहार क्षेत्रीय धावक को वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एक बेहतरीन एथलीट में बदलना है ।

     

  • PM मोदी के जन्मदिन पर इंदौर में बड़ा कार्यक्रम, सेवा-संकल्प अभियान और स्वामित्व अधिकार योजना की शुरुआत

    PM मोदी के जन्मदिन पर इंदौर में बड़ा कार्यक्रम, सेवा-संकल्प अभियान और स्वामित्व अधिकार योजना की शुरुआत

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर इंदौर से होगा सेवा-संकल्प अभियान और स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना का शुभारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    बीते कुछ सालों में ही देशवासियों ने देखा है बहुत कुछ बदलते
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन उज्जैन के शिप्रा तट पर दीपोत्सव और आरती में होंगे शामिल

    इंदौर 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर देशभर में 'सेवा संकल्प अभियान' का शुभारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में सबसे पहले गुजरात और अब भारत को नई दिशा, नई गति और नया आत्मविश्वास मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में जब देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, उसके बाद से देशवासियों ने बहुत कुछ बदलते हुए देखा है। दुनिया में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर सबसे तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करते हुए सभी देशवासी प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर देश के कोने-कोने में विशेष रूप से दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का पहली बार मध्यप्रदेश आगमन हो रहा है। वे 17 सितम्बर को इंदौर में 'सेवा-संकल्प अभियान' के शुभारंभ सहित अन्य कई कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस दौरान 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना – 2026'के अंतर्गतप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित जमीन के 50 लाख से अधिक पट्टेधारियों के पट्टों की रजिस्ट्री कराकर उन्हें नि:शुल्क प्रदान करने के प्रदेशव्यापी कार्य की शुरुआत की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की उपस्थिति में प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर प्रदेशवासियों के लिए यह एक बहुत बड़ी सौगात है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन 17 सितम्बर को शाम 7 बजे उज्जैन में शिप्रा के तट पर आयोजित ऐतिहासिक दीपोत्सव और संध्या आरती में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2022 में उज्जैन में महाकाल के महालोक का लोकार्पण किया, जो अब तीर्थाटन से अर्थव्यवस्था में आए बड़े बदलावों का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सुदृढ़ और समृद्ध राज्यों में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी।

     

  • CM यादव की अध्यक्षता में जल निगम की 26वीं बैठक, नाम बदलने समेत कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

    CM यादव की अध्यक्षता में जल निगम की 26वीं बैठक, नाम बदलने समेत कई प्रस्तावों पर लगी मुहर

    म.प्र. जल निगम अब कहलायेगा म.प्र. जल एवं स्वच्छता निगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    म.प्र. जल निगम के संचालक मंडल की हुई 26वीं बैठक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न प्रस्तावों को दी मंजूरी

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित (एमपीजेएनएम) को पुनर्गठित कर मध्यप्रदेश जल एवं स्वच्छता निगम (एमपी-वास्को) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जल निगम अब अपने नए नाम और नई जिम्मेदारियों के साथ प्रदेश में जल विकास एवं स्वच्छता प्रबंधन में नए लक्ष्यों के साथ काम करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित के संचालक मण्डल की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम द्वारा विचार एवं अनुमोदन के लिए रखे गये विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम के वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए तैयार संचालक मण्डल के प्रतिवेदन तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनअंकेक्षित वार्षिक लेखों का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैप्टिव मोड के तहत 60 मेगावॉट ग्रिड-कनेक्टेड पवन ऊर्जा परियोजना विकसित करने के लिए गठित परियोजना कंपनी में म.प्र. जल निगम के प्रतिनिधित्व के लिए एमडी को अधिकृत कर दिया। साथ ही इसी परियोजना के विकास के लिए गठित प्रोजेक्ट कंपनी में डीमैटीरियलाइज्ड रूप में 26 प्रतिशत इक्विटी शेयर रखने का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. जल निगम के इक्विटी शेयरों के नए पदाधिकारियों को हस्तांतरण तथा जल निगम द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किए गए बजट अनुमान (57 करोड़ रुपए) का अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल निगम के संचालक मण्डल में स्वतंत्र निदेशक के पद पर सुमित बोस की पुन: नियुक्ति का भी अनुमोदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन और एक्जीक्यूशन मेथोडोलॉजी के अनुसार म.प्र. जल निगम के एमडी की टेंडर मंजूरी की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए करने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया।

    बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपत्तिया उइके, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव पीएचई सचिन सिन्हा, प्रमुख सचिव पीएचई मनीष सिंह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, म.प्र. जल निगम मर्यादित के प्रबंध संचालक वीएस चौधरी कोलसानी सहित संचालक मण्डल के अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे।