Category: मध्य प्रदेश

  • आंगनवाड़ी से प्राथमिक स्कूल तक स्क्रीनिंग कैंप पर जोर, राज्यपाल पटेल ने दिए निर्देश

    आंगनवाड़ी से प्राथमिक स्कूल तक स्क्रीनिंग कैंप पर जोर, राज्यपाल पटेल ने दिए निर्देश

    आंगनवाड़ी, प्राथमिक विद्यालयों में स्क्रीनिंग कैम्प लगाए : राज्यपाल पटेल

    रोगों की जागरूकता प्रयासों में विद्यार्थियों को जोड़े
    राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन 2047 और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन समीक्षा बैठक हुई

    भोपाल

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सिकल सेल की स्क्रीनिंग में बच्चों की जाँच को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय और आंगनवाड़ी केन्द्रों में कैम्प लगाकर स्क्रीनिंग का कार्य किया जाना चाहिए। राज्यपाल पटेल बुधवार को लोकभवन में राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन 2047 और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार भी मौजूद थे। राज्यपाल ने बैठक उपरांत जनजातीय कार्य विभाग के साथ की धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं पी.एम. जनमन योजना की समीक्षा की।

    राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सेल और क्षय रोग उन्मूलन प्रयासों में जन प्रतिनिधियों का सहयोग प्राप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की है कि सांसद, विधायक से सम्पर्क कर उनके क्षेत्र में सिकल एवं क्षय रोग उन्मूलन अभियान के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था और स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन में आवश्यक वित्तीय सहयोग प्राप्त करने का प्रयास करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सेल और क्षय रोग उन्मूलन प्रयासों में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण घटक है। जरूरी है कि जागरूकता प्रयासों में युवाओं को सहयोगी बनाया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में छात्रों के बीच जाने और उन्हें सिकल मित्र बनने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि क्षय रोग 6 माह में पूरी तरह से ठीक हो सकता है। आवश्यकता रोगी द्वारा नियमित रूप से औषधि का सेवन किया जाए। उन्होंने रोगियों के औषधि सेवन की मॉनिटरिंग की जरूरत भी बताई। राज्यपाल पटेल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रकाशनों का लोकार्पण किया।

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि प्रदेश में कुल एक करोड़ 34 लाख की सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग हो चुकी है। इनमें से 92 प्रतिशत को जेनेटिक कार्ड का वितरण किया जा चुका है। सिकल मित्र पहल के अंतर्गत 4,825 मित्र बनाएं गए। उनकी संख्या को बढ़ाने के बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की टी.बी. रोग मुक्त रोगियों की दर 89 प्रतिशत हो गई है। मृत्यु दर में भी कमी आयी है।

    आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि विभाग द्वारा 30 हजार से अधिक सिकल सेल रोगियों को डोर-टू-डोर जाकर दवा का वितरण किया जा रहा है। सिकल सेल प्रभावित व्यक्तियों से भी सम्पर्क किया जाता है। उन्होंने कहा कि सिकल मित्र बनाने के लिए महाविद्यालयों के छात्रों, राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों को प्रेरित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसका प्रारंभ सिकल सेल प्रभावित जिलों बड़वानी, धार और अनूपपुर से किया जाएगा।

    बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह, राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, सचिव जनजाति प्रकोष्ठ श्रीमती मीनाक्षी सिंह सहित प्रकोष्ठ के सदस्य एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।  

    राज्यपाल ने जनजातीय विकास योजनाओं की समीक्षा की

    राज्यपाल पटेल ने जनजातीय कार्य विभाग के साथ की धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं पीएम जनमन योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं। बच्चों के विकास और कल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उनकी गुणवत्ता उत्कृष्ट हो। अधिकारी क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों की नियमित निगरानी करें। उन्होंने पी.एम. जनमन योजना के विभिन्न घटकों की जानकारी प्राप्त की। उनको हितग्राही मूलक योजनाओं की शत प्रतिशत उपलब्धि की जानकारी दी गई। राज्यपाल ने योजना अंतर्गत 9 विभागों की 11 अधोसंरचनात्मक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 17 विभागों की 25 योजनाओं की अद्यतन स्थिति के विषय में भी जानकारी प्राप्त की।

    इस अवसर पर जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, सचिव जनजाति प्रकोष्ठ श्रीमती मीनाक्षी सिंह सहित प्रकोष्ठ के सदस्य एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

     

  • विकसित भारत के संकल्प के साथ 7 अक्टूबर को निकलेगी ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’

    विकसित भारत के संकल्प के साथ 7 अक्टूबर को निकलेगी ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’

    7 अक्टूबर को निकलेगी ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’

    गांव-गांव पहुंचेगा विकसित भारत का संकल्प

    भोपाल 

    विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और सरकार की उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा–विकसित भारत का संकल्प’ का आयोजन 7 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। यात्रा जिले के कस्बों, गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए विधानसभा तथा वहां से जिला मुख्यालय पहुंचेगी, जहां इसका भव्य समापन होगा।

    गांव-गांव पहुंचेगी यात्रा

    जिले की प्रत्येक विधानसभा से एक सेवा ज्योति कलश यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा का मार्ग इस प्रकार निर्धारित किया जाएगा कि वह विधानसभा क्षेत्र के अधिक से अधिक कस्बों और गांवों से होकर गुजरे और आमजन को इससे जोड़ा जा सके। यात्रा में कलश एवं कृत्रिम मशाल प्रमुख आकर्षण होंगे। साथ ही एक प्रचार वाहन के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

    विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से होते हुए यात्रा विधानसभा मुख्यालय पहुंचेगी, जहां स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद सभी यात्राएं जिला मुख्यालय पहुंचकर एक बड़े आयोजन में शामिल होंगी।

    जिला मुख्यालय पर होगा भव्य समापन

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जिला मुख्यालय पर यात्रा के समापन अवसर पर वर्चुअल संबोधन होगा। इस कार्यक्रम में जिले के केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के मंत्री और सांसद शामिल होंगे। साथ ही विधायक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

    समापन कार्यक्रम में जिले की विकास यात्रा और सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। उपस्थित जनसमूह को जिला विकास पुस्तिका भी वितरित की जाएगी। यात्रा के लिए रूट, कलश, प्रचार वाहन, सुरक्षा, यातायात एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएंगी।

    ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ का उद्देश्य केवल एक यात्रा निकालना नहीं, बल्कि गांव-गांव तक विकास का संदेश पहुंचाते हुए आमजन को ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़ना है। 

  • उज्जैन में ‘आशीर्वाद का दिया’ दीपोत्सव, 7 लाख दीपों से बनेगी PM मोदी की आकृति

    उज्जैन में ‘आशीर्वाद का दिया’ दीपोत्सव, 7 लाख दीपों से बनेगी PM मोदी की आकृति

    उज्जैन 
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू हो रहे 'सेवा से संकल्प अभियान' के तहत एमपी के उज्जैन में गुरुवार शाम 7 बजे भव्य दीपेंसव 'आशीर्वाद का दिया' आयोजित होगा। शिप्रा के घाटों और श्री महाकाल लोक में 25 लाख से अधिक दीपक एक साथ प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। आयोजन के जरिए उज्जैन एक बार फिर सर्वाधिक दीप प्रज्वलित करने का विश्व कीर्तिमान बनाने का दावा भी कर सकता है। इसके साथ ही कार्तिक मेला ग्राउंड में करीब सात लाख दीपों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आकृति बनाने की तैयारी है।

    जनभागीदारी से होने वाले आयोजन में करीब 25 हजार वॉलेंटियर्स की तैनाती की जा रही है। दीप प्रज्वलन के लिए करीब 45 हजार लीटर खाद्य तेल और एक हजार किलो कपूर की व्यवस्था की गई है। कपूर का उपयोग रुई की बत्ती में किया जाएगा, ताकि दीपक आसानी से प्रज्वलित हो सकें। इसके अलावा 53 हजार मोमबत्तियां और 10 हजार माचिस की व्यवस्था भी की गई है।
    7 सेक्टर, 250 सब-सेक्टर में बंटा क्षेत्र

    दीपोत्सव के लिए शिप्रा किनारे के क्षेत्र को सात सेक्टर और 250 सब-सेक्टर में बांटा गया है। इनमें 11 हजार से अधिक ब्लॉक बनाए गए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में 225 दीपक लगाए जाएंगे। मंगलवार तक 15 लाख से अधिक दीपक बॉक्स में पैक किए जा चुके थे और इन्हें ट्रैक्टरों के जरिए घाटों तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया। अतिरिक्त दीपकों के बॉक्स भी तैयार किए जा रहे है, ताकि जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग किया जा सके। सात सेक्टरों में केदारेश्वर घाट से दत्त अखाड़ा होते हुए गुरु नानक घाट, सुनहरी घाट से रामघाट होते हुए नरसिंह घाट ब्रिज, नरसिंह घाट ब्रिज से कर्कराज मंदिर, माली कैफे से भूखी माता, भूखी माता से लालपुल, लालपुल से गऊघाट और कर्कराज मंदिर से लालपुल तक का क्षेत्र शामिल है।

     13 हजार फाइबर शीट मंगाई
    बारिश से बचाव के लिए फाइबर शीट-बारिश की संभावना को देखते हुए प्रत्येक ब्लॉक को ढंकने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए करीब 13 हजार फाइबर शीट मंगाई गई है। बारिश होने पर वॉलेंटियर्स की मदद से दीपों वाले ब्लॉकों को शीट से ढंका जाएगा। बुधवार से ब्लॉकों में दीपक जमाने का काम शुरू किया जाएगा। अयोध्या के रिकॉर्ड को चुनौती-उज्जैन इस आयोजन के जरिए दीप प्रज्वलन का विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। वर्तमान रिकॉर्ड अयोध्या के नाम है, जहां 26 लाख 17 हजार 215 दीपक एक साथ प्रज्वलित किए गए थे। उज्जैन भी 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित कर इस रिकॉर्ड को चुनौती देने की तैयारी में है। इससे पहले 2023 में महाशिवरात्रि पर उज्जैन में 18 लाख 82 हजार 229 दीप प्रज्वलित किए गए थे।

    आज होगा ट्रायल
    कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने मंगलवार को तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को समन्वय, अनुशासन और समयबद्धता के साथ काम करने के निर्देश दिए। बुधवार दोपहर 12 बजे दीपोत्सव का ट्रायल होगा। इसमें दीप प्रज्वलन सहित अन्य व्यवस्थाओं का परीक्षण कर कमियां दूर की जाएंगी। 17 सितंबर को दोपहर 1 बजे सेक्टर व सब-सेक्टर अधिकारी और वॉलेंटियर्स अपनी टीमों के साथ निर्धारित घाटों पर पहुंचेंगे। सभी वॉलेंटियर्स को आईडी दिए जाएंगे।

     

     हर गांव को 500 दीप जलाने का जिम्मा, फोटो-रील भी अपलोड करने होंगे

    र पंचायत में कम से कम 500 दीपक जलाने का लक्ष्य दिया है। साथ ही इनकी रील और फोटो वीडियो भी पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा गया है। जनपद पंचायत के आदेश में कलेक्टर के आदेश (बकायदा क्रमांक) का जिक्र है। वहीं जिले में इस अभियान के तहत करीब 5 लाख दीप जलाने की तैयारी है।

    पंधाना जनपद पंचायत सीईओ शुभम निमामे ने कहा कि शासन के आदेश अनुसार निचले स्तर पर आदेश जारी किए हैं। जनपद पंचायत स्तर पर कलेक्टर कार्यालय से निर्देश आए थे।

    17 सितंबर को शाम 7 बजे होगा दीप प्रज्ज्वलन
    जनपद पंचायत सीईओ कार्यालय से 15 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को शाम 7 बजे ग्राम पंचायत मुख्यालय, गांवों के प्रमुख स्थानों और शासकीय परिसरों में दीप जलाए जाएंगे।

    कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, शिक्षक, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, ग्राम कोटवार और एएनएम का सहयोग भी लिया जाएगा।

    इन जगहों पर जलाए जाएंगे दीप
    दीप प्रज्ज्वलन के लिए पीएम आवास योजना की कॉलोनियां और मोहल्ले, अमृत सरोवर, जल संरचनाएं, नवनिर्मित पुल-बांध, जन-औषधि केंद्र, आयुष्मान सूचीबद्ध अस्पताल, एक्स-रे केंद्र, स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान चिन्हित किए गए हैं।

    इसके अलावा मंदिर, घाट, आध्यात्मिक केंद्र, पंचायत भवन, सामुदायिक केंद्र, ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाएं, पर्यटन और आध्यात्म से जुड़े प्रमुख स्थल, नगरीय व ग्रामीण विकास की परियोजनाएं तथा जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास से जुड़ी परियोजनाओं को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

    इन वर्गों को भी कार्यक्रम से जोड़ने का लक्ष्य दिया
    आदेश में अलग-अलग वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। इसमें राशन कार्डधारी, युवा विद्यार्थी, किसान, व्यापारी, लघु उद्यमी, स्टार्टअप, पशुपालक, मधुमक्खी पालक परिवार, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, जनजातीय व वनवासी परिवार शामिल हैं।

    इसके साथ महिला स्व-सहायता समूह, लाड़ली बहना योजना के हितग्राही, पीएम आवास योजना और स्वामित्व योजना के लाभार्थी, पथ विक्रेता, पारंपरिक कारीगर, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पूर्व सैनिक और दिव्यांगजन को भी जोड़ा जाएगा।

    फोटो-वीडियो और रील पोर्टल पर करनी होगी अपलोड
    कार्यक्रम के दौरान फोटो, वीडियो और रील तैयार कर निर्धारित वेबसाइट www.modiat25.in पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे गांवों में होने वाले कार्यक्रम का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा।

    आयोजन के दौरान ग्रामीणों को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का ऑडियो संदेश भी सुनाया जाएगा। इसमें दीप प्रज्ज्वलन की अपील की गई है। सीईओ ने मैदानी अमले को समय पर उपस्थित रहकर कार्यक्रम का समन्वय और आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    जिले के 27 प्रमुख स्थलों पर भी जलेंगे दीप
    पंचायतों के अलावा जिले के 27 प्रमुख आइकॉनिक स्थलों पर भी विशेष दीप प्रज्ज्वलन होगा। इनमें धार्मिक, ऐतिहासिक और सार्वजनिक महत्व के स्थान शामिल हैं।

    नगरीय क्षेत्र में भी हर वार्ड में कार्यक्रम कराने की तैयारी है। इसके लिए कर्मचारियों की वार्डवार ड्यूटी लगाई जाएगी। मंदिर, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, घाट, बाजार, पीएम आवास की कॉलोनियां, पंचायत भवन, सामुदायिक केंद्र, स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालयों को भी कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा।

    सीएम करेंगे शुभारंभ
    कार्यक्रम को लेकर संभागायुक्त आशीष सिंह और एडीजीपी राकेश गुप्ता ने मंगलवार को रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। अधिकारियों ने सभी सेक्टरों में मेडिकल टीम, बड़ी स्क्रीन और आपातकालीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम से पहले रिहर्सल भी होगी।

    ये भी जानिए

    दीपक- 25 लाख
    सेक्टर- सात
    सब सेक्टर- 250
    ब्लॉक- 11 हजार
    एक ब्लॉक दीये- 225
    वालेंटियर- 25 हजार
    तेल- 45 हजार लीटर
    मोमबत्ती- 53 हजार
    कपूर- 1 हजार किलो
    माचिस- 10 हजार

  • ‘मद्य निषेध सप्ताह’ में ऑनलाइन शपथ समेत होंगे कई कार्यक्रम, महिला समूहों से लेकर शिक्षण संस्थान होंगे शामिल

    ‘मद्य निषेध सप्ताह’ में ऑनलाइन शपथ समेत होंगे कई कार्यक्रम, महिला समूहों से लेकर शिक्षण संस्थान होंगे शामिल

    गांधी जयंती से प्रदेशभर में मनाया जाएगा ‘मद्य निषेध सप्ताह’

    2 से 8 अक्टूबर तक होंगी जन-जागरूकता गतिविधियां, नशामुक्ति के लिए दिलाई जाएगी ऑनलाइन शपथ
    विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्राम सभाओं से लेकर महिला स्व-सहायता समूहों तक होगी सहभागिता

    भोपाल 

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश में 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक “मद्य निषेध सप्ताह” मनाया जाएगा। सप्ताह के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में नशामुक्ति रैली, नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी, प्रतियोगिताएं, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, ग्राम सभाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ऑनलाइन शपथ सहित विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

    सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग आयुक्त के.जी. तिवारी ने सभी कलेक्टरों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा विभागीय संयुक्त एवं उप संचालकों को सप्ताह के आयोजन के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रमों में विभाग से मान्यता प्राप्त अशासकीय संस्थाओं, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, आध्यात्मिक संस्थाओं तथा नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रहे संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।

    मद्य निषेध सप्ताह का प्रमुख उद्देश्य समाज में बढ़ती मद्यपान की प्रवृत्ति तथा नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों एवं दुष्परिणामों के प्रति युवाओं, विद्यार्थियों और नागरिकों को जागरूक करना है। सप्ताह के दौरान स्कूलों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों सहित विभिन्न वर्गों को “नशा न करेंगे, न करने देंगे” की शपथ भी दिलाई जाएगी।

    2 अक्टूबर : नशामुक्ति रैली और प्रदर्शनी

    सप्ताह के पहले दिन महात्मा गांधी जयंती पर नशामुक्ति के लिए जन-जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी और नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के लिए नशामुक्ति पर आधारित पोस्टर, फोटो और चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। कार्यक्रमों में शामिल नागरिकों को नशा नहीं करने की ऑनलाइन शपथ दिलाई जाएगी।

    3 अक्टूबर : शैक्षणिक प्रतियोगिताएं और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर

    दूसरे दिन स्थानीय विद्यालयों और महाविद्यालयों में नशामुक्ति विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं, संवाद तथा संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आवासीय नशामुक्ति केंद्रों में नशा पीड़ित व्यक्तियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर लगाए जाएंगे।

    शिविरों में नशा पीड़ितों की एचआईवी-एड्स, टीबी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जांच में पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों के समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

    4 अक्टूबर : ग्राम सभाओं में नशामुक्त गांव का संकल्प

    तीसरे दिन ग्राम सभाओं में गांवों को नशामुक्त बनाने के संबंध में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। पारित प्रस्तावों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में नशामुक्ति संबंधी साहित्य, पोस्टर, पेम्फलेट और अन्य प्रचार सामग्री का वितरण किया जाएगा। ग्राम सभाओं में उपस्थित ग्रामीणों को नशामुक्ति की ऑनलाइन शपथ भी दिलाई जाएगी।

    5 अक्टूबर : सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता

    चौथे दिन ग्राम और नगरीय स्तर पर स्थानीय व्हाट्सऐप समूह बनाए जाएंगे। इन समूहों के माध्यम से नशामुक्ति के संदेश, जागरूकता सामग्री और लघु फिल्में नागरिकों तक पहुंचाई जाएंगी। सोशल मीडिया के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

    6 अक्टूबर : महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी

    पांचवें दिन महिला स्व-सहायता समूहों और शौर्या दलों द्वारा स्थानीय स्तर पर नशामुक्ति संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए अभियान चलाया जाएगा। महिलाओं को परिवार और समाज में नशे के कारण होने वाले आर्थिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। महिला समूह समुदाय को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।

    7 अक्टूबर : स्कूल-कॉलेजों में ऑनलाइन शपथ

    छठवें दिन ग्राम एवं नगरीय क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान के लिए तैयार किए गए स्थानीय मास्टर वॉलंटियर और “नशामुक्ति मित्र” स्कूलों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन नशामुक्ति शपथ दिलाएंगे। युवाओं को नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया जाएगा।

    8 अक्टूबर : जिला मुख्यालयों पर समापन समारोह

    मद्य निषेध सप्ताह के अंतिम दिन सभी जिला मुख्यालयों पर जिलास्तरीय समापन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें नशामुक्ति पर आधारित नाटक, नृत्य, संगीत और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियां होंगी। सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

    ऑनलाइन पोर्टल पर दिलाई जाएगी शपथ

    सप्ताह के प्रत्येक दिन आयोजित कार्यक्रमों में शामिल विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और नागरिकों को भारत सरकार के नशामुक्त भारत अभियान के ऑनलाइन पोर्टल पर ई-प्लेज के माध्यम से नशा नहीं करने की शपथ दिलाई जाएगी।

    जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रमों में स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, महिला एवं बाल विकास, पुलिस तथा जनसम्पर्क विभाग सहित संबंधित संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। जिलों को आयोजित गतिविधियों का प्रतिवेदन फोटोग्राफ सहित सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण संचालनालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

     

  • शहडोल की बास्केटबॉल टीम का शानदार प्रदर्शन, 15 साल से लगातार खेलों में बनाई पहचान: CM यादव

    शहडोल की बास्केटबॉल टीम का शानदार प्रदर्शन, 15 साल से लगातार खेलों में बनाई पहचान: CM यादव

    शहडोल है खेल की दुनिया उभरता सितारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    बीते 15 सालों से शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता के शुभारंभ को वीसी से संबोधित कर खिलाड़ियों की दीं शुभकामनाएं

    शहडोल में हो रही है बास्केटबॉल प्रतियोगिता, 10 टीमों के 240 खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश के जनजातीय अंचल यह साबित कर रहे हैं कि प्रतिभा शहरों की ही मोहताज नहीं होती। शहडोल, जिसकी पहचान मिनी ब्राजील के रूप में है, आज उसी शहडोल में बास्टकेटबॉल का कुंभ सजा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल खेल की दुनिया का उभरता हुआ सितारा है। यहां का विचारपुर गांव आज फुटबॉल की नर्सरी और 'मिनी ब्राजील' के रूप में देश-दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है। फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल के साथ बास्केटबॉल भी जिले के युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचारपुर जैसे आदिवासी अंचल से खिलाड़ियों का प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना यह साबित करता है कि प्रतिभा गांवों और छोटे क्षेत्र में भी मौजूद है। शहडोल ने खेलो एमपी और यूथ गेम्स जैसी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई है। शहडोल ने प्रदेश को अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और भावी खिलाड़ियों को प्रेरणा देने का काम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से शहडोल जिले में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कराई जा रही 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को वीसी से संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल संभाग का बास्केटबॉल से पुराना और गौरवशाली रिश्ता रहा है, यहां के अनेक खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रौशन किया है। खिलाड़ियों के पास संसाधन भले सीमित थे, लेकिन उनका बास्केटबॉल के प्रति उत्साह कम नहीं था। इसी जुनून का परिणाम है कि आज शहडोल में तीन बास्केटबॉल कोर्ट उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय स्कूली बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं में भी शहडोल के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शालेय खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में बाल्यकाल से ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन मात्र न होकर बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को निखारने का महत्वपूर्ण साधन भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब कोई युवा खिलाड़ी मैदान में पसीना बहाता है, तो वह आगे चलकर सिर्फ़ अपना नहीं, पूरे देश-प्रदेश-जिले का नाम रौशन करता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी संभागों से प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे शालेय बास्केटबॉल खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 10 संभागों के 17 वर्ष तक की आयु के कुल 240 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023-24 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद वर्ष 2024-25 में शहडोल को राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी मिली थी। यह पूरे जिले के लिए अत्यंत गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों से कहा कि मैदान में उतरना ही जीत की पहली सीढ़ी है। इसलिए हारने-जीतने की भावना से कम खेलने और सीखने की भावना से ज्यादा खेले। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में देश में खेलों को लेकर एक नया उत्साह आया है। आज भारत खेलों में जीतने के लिए मैदान में उतरने वाला देश बन चुका है। ओलंपिक, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर हमारे खिलाड़ी लगातार देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियानों से गांव और छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में भी प्रयासरत है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भी भारत का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार 'खेलो एम.पी. यूथ गेम्स' का सफल आयोजन हुआ।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले वर्ष 2027 को मध्यप्रदेश में 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्टार्टअप, खेल और नेतृत्व विकास पर विशेष ध्यान रहेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से आहवान किया कि मिल-जुलकर खेलिए और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाइए।

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी वीसी के जरिए खिलाड़ियों को संबोधित कर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपत्तिया उइके, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

    शहडोल में हो रही स्पर्धा के मुख्य कार्यक्रम स्थल में विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुप्रभा मिश्रा, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर सुहीरावती कोल, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, सुअमिता छपरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी उपस्थित थे।

     

  • 10-15 हजार में जाली दस्तावेज, MP में फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा

    10-15 हजार में जाली दस्तावेज, MP में फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा

    ग्वालियर/ भोपाल
    धर्म की आड़ में फर्जी पासपोर्ट (MP fake passport racket) बनवाने का खेल ठेके पर चल रहा था। एसटीएफ की गिरफ्त में आए रियाल चौधरी सहित चार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पांच जिलों ग्वालियर, भोपाल, पांढुर्ना, छिंदवाड़ा और बैतूल- से 70 बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनवाने करीब 17.50 लाख रुपए दलालों और सरकारी अमले को घूस दी गई। चोरी-छिपे बॉर्डर पार कराने से लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और सरकारी मुहर लगवाने हर कदम पर रुपए दिए गए।

    25-30 हजार में बन रहे थे फर्जी पासपोर्ट
    जांच में पता चला है कि अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षणिक अंकसूचियां और मूल निवास प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज तैयार करने के बदले दलालों ने प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपए वसूले। इसके अलावा इन जाली दस्तावेजों के पुलिस सत्यापन और सरकारी कार्यालयों से मुहर लगवाने के नाम पर 5-5 हजार रुपए अलग से खर्च किए गए।

    शेष पांच से दस हजार रुपए रकम दलालों और सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों के कमीशन के रूप में बंटी। कुल मिलाकर प्रत्येक घुसपैठिए ने 25-30 हजार रुपए खर्च कर भारतीय पासपोर्ट हासिल किए। अकेले डबरा क्षेत्र में एक ही पते पर 17 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनने की बात सामने आई है। हर सरकारी मुहर के लिए 3-3 हजार रुपए की घूस दी गई।

    अब तक मिल चुके हैं 70 फर्जी पासपोर्ट

    बता दें कि अभी तक भोपाल के अन्नानगर बौद्ध मठ से बने 40 सहित पांच जिलों से बने 70 फर्जी पासपोर्ट मिल चुके हैं। इनकी संख्या 200 तक हो सकती है। अन्नानगर मठ के आसपास रहने वाले लोगों ने एसटीएफ को बताया है कि रियाल चौधरी लगभग डेढ़ वर्ष से यहां रह रहा था।

    ऐसे रची गई थी साजिश
    इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड रियाल चौधरी (Riyal Chaudhary) खुद एक अवैध बांग्लादेशी नागरिक है। उसने वर्षों पहले चोरी-छिपे भारतीय सीमा में प्रवेश किया था। लंबे समय तक असम में छिपा रहा। इसके बाद बौद्ध धर्म के अनुयायियों के संपर्क में आकर मध्यप्रदेश में अपना जाल फैलाया। खुद का फर्जी पासपोर्ट बनवाया। इसी ट्रैक का इस्तेमाल कर अन्य घुसपैठियों को भी बॉर्डर पार कराई। फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पासपोर्ट दिलवाए।

    सरकारी तंत्र और स्थानीय मददगारों पर शिकंजा
    इस देशविरोधी साजिश में लिप्त स्थानीय मददगारों, नगर निगम, नगर पालिका, राजस्व विभाग, सरपंच, पार्षदों के साथ ही कई पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को भी चिह्नित किया गया है। एसटीएफ इन संदेहियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। नोटिस जारी किए जा रहे हैं। भोपाल एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार फर्जीवाड़े में संलिप्त हर एक चेहरा बेनकाब कर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

    बच्चों को लाने की थी तैयारी
    रियाल की साजिश बांग्लादेश से बच्चों को भोपाल लाकर पढ़ाने, जाली दस्तावेज तैयार कर थाईलैंड, म्यांमार, जापान और कंबोडिया भेजने की थी। मठ के पीछे 40 बच्चों की क्षमता वाला हॉस्टल भी तैयार कराया जा रहा था। वह बच्चों की मदद और विभिन्न कामों के नाम पर स्थानीय लोगों से 5 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक डोनेशन वसूलता था। विदेशी फंडिंग की भी जांच की जा रही है। उसने पासपोर्ट गुम होने का बहाना बनाकर अलग-अलग समय में चार बार पासपोर्ट बनवाए थे।

    जानिए…. किस स्तर पर कितने रुपए दिए गए
    एसटीएफ की जांच में यह भी पता चला है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए दस्तावेज बनवाने के बदले 10 से 15 हजार रुपए प्रति व्यक्ति वसूले गए। पुलिस सत्यापन और सरकारी मुहर लगवाने के नाम पर पांच हजार रुपए अलग से खर्च किए गए। दलालों और सिंडिकेट के कमीशन को मिलाकर हर घुसपैठिए ने 25 हजार से 30 हजार रुपए खर्च कर भारतीय पासपोर्ट हासिल किए। अकेले डबरा (ग्वालियर) क्षेत्र में एक ही पते पर 17 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनने की बात सामने आ चुकी है। हर सरकारी मुहर के लिए रिश्वत दी गई।

    इनसे भी पूछताछ
    एसटीएफ ने भोपाल में रियाल के साथ रहने वाले सेवक सुभाष और दस्तावेज तैयार करने वाले कैफे संचालक विजय को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मठ की छानबीन के दौरान राजस्थान के दो भंते भी मिले। उनसे भी पूछताछ की है।

    सरकारी तंत्र और मददगारों पर कसा शिकंजा
    इस देशविरोधी साजिश में लिप्त स्थानीय मददगारों, नगर निगम, राजस्व विभाग, सरपंच, पार्षदों के साथ ही पुलिस सत्यापन से जुड़े 2021 और वर्ष 2022-23 में पदस्थ रहे 15 अधिकारियों की भूमिका संदेह के दायरे में है। एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की गहराई से छानबीन कर रही है। 100 से ज्यादा संदिग्ध पासपोर्ट्स की जांच जारी है।

  • महिलाओं-बच्चों के सर्वोत्तम हित पर जोर, डिजिटल अनुदान प्रक्रिया के लिए 230 प्रतिनिधि प्रशिक्षित

    महिलाओं-बच्चों के सर्वोत्तम हित पर जोर, डिजिटल अनुदान प्रक्रिया के लिए 230 प्रतिनिधि प्रशिक्षित

    अनुदान प्रक्रिया में डिजिटल पारदर्शिता की नई पहल

    230 प्रतिनिधियों को दिया गया पोर्टल संचालन का प्रशिक्षण

    महिलाओं और बच्चों का सर्वोत्तम हित सर्वोच्च प्राथमिकता : आयुक्त संदीप

    भोपाल 

    महिला एवं बाल विकास विभाग ने मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य से जुड़ी अशासकीय संस्थाओं को दिए जाने वाले अनुदान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग द्वारा विकसित ‘अनुदान पोर्टल’ का ऑनलाइन शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया ने 15 सितम्बर को किया था। पोर्टल के प्रभावी संचालन के लिए बुधवार को भोपाल के राष्ट्रीय होटल प्रबंधन संस्थान, शाहपुरा में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 230 प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सहभागिता की।

    नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अशासकीय संस्थाएं अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन से लेकर दस्तावेज अपलोड करने, प्रस्ताव परीक्षण, स्वीकृति, अनुदान वितरण और प्रगति की निगरानी तक की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकेंगी। इससे अनुदान प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होने के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा तथा भुगतान एवं स्वीकृति की प्रक्रिया को अधिक समयबद्ध बनाने में सहायता मिलेगी।

    महिलाओं और बच्चों के हित में संवेदनशीलता के साथ काम करें संस्थाएं

    आयुक्त महिला एवं बाल विकास संदीप जी.आर. ने कहा कि विभागीय योजनाओं की सफलता का वास्तविक आकलन उनके फील्ड स्तर पर दिखाई देने वाले प्रभाव से होता है। उन्होंने सभी अशासकीय संस्थाओं और विभागीय अधिकारियों से महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, परामर्श और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय घटनाओं और उनके बदलते ट्रेंड का चिन्हांकन कर संवेदनशील क्षेत्रों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों से अनुदान पोर्टल का गंभीरता से अध्ययन कर उसका अधिकतम और सार्थक उपयोग करने तथा पोर्टल को और अधिक उपयोगी बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव देने को कहा।

    ऑनलाइन होगी अनुदान की पूरी प्रक्रिया

    प्रशिक्षण के दौरान मिशन वात्सल्य के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. अमिताभ अवस्थी ने पोर्टल की उपयोगिता, विभिन्न मॉड्यूल और अशासकीय संस्थाओं द्वारा इसके उपयोग की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। मिशन शक्ति की प्रभारी डॉ. प्रज्ञा अवस्थी ने पोर्टल के माध्यम से विभिन्न रिपोर्ट तैयार करने तथा आवश्यक सूचनाओं को अद्यतन रखने की प्रक्रिया समझाई। तकनीकी सत्र में पोर्टल संचालन, ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज अपलोड सहित विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

    मिशन शक्ति में 14 शक्ति सदन, मिशन वात्सल्य में 130 बाल देखरेख संस्थाएं

    प्रदेश में मिशन शक्ति अंतर्गत 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित हैं, जहां कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाली महिलाओं को आश्रय, संरक्षण और पुनर्वास सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विगत वर्ष 2,386 महिलाएं इन सेवाओं से लाभान्वित हुई हैं।

    मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रदेश में 130 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें वर्तमान में 2,377 बच्चे निवासरत हैं। इनमें 79 अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं को वर्तमान में अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

    प्रशिक्षण में मिशन शक्ति की 11 और मिशन वात्सल्य की लगभग 68 अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ विभागीय अधिकारियों एवं डेवलपमेंट पार्टनर्स सहित लगभग 230 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

     

  • सेवा संकल्प अभियान को लेकर शहडोल में समीक्षा बैठक, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिए जरूरी निर्देश

    सेवा संकल्प अभियान को लेकर शहडोल में समीक्षा बैठक, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिए जरूरी निर्देश

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की

    जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने एवं पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

    शिविरों में संकलित रक्त का व्यवस्थित संधारण एवं सुरक्षित रख-रखाव किया जाये सुनिश्चित

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शहडोल जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों एवं विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों का व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालन सुनिश्चित किया जाए। सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

    17 सितम्बर को रक्तदान शिविरों का आयोजन

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 17 सितम्बर को आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिविरों में संकलित रक्त का व्यवस्थित संधारण एवं सुरक्षित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने रक्तदान शिविरों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    जनसेवा संकल्प यात्रा में जनसंवाद एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जनसेवा संकल्प यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान निर्धारित सभी आयोजन व्यवस्थित रूप से संपन्न किए जाएं। यात्रा में शामिल दल एवं स्थानीय जनता के बीच प्रभावी संवाद सुनिश्चित किया जाए। यात्रियों के ठहरने एवं भोजन की समुचित व्यवस्था के साथ निर्धारित रूट एवं कार्यक्रम के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से पूर्ण करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रतियोगिताओं का व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।

    आंगनवाड़ी केन्द्रों में ‘आंगन का मिलन’ की गतिविधियां हों

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में आयोजित होने वाले ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित सभी गतिविधियों का व्यवस्थित रूप से आयोजन किया जाए। आंगनवाड़ी केन्द्रों में कार्यक्रमों की नियमित निगरानी एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    कलेक्टर पार्थ जायसवाल एवं सीईओ जिला पंचायत शिवम प्रजापति ने सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, जिला योजना समिति सदस्य श्रीमती अमिता चपरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • कर्नल सोफिया मामले में विजय शाह को बड़ी राहत, राज्यपाल ने कैबिनेट की सिफारिश मंजूर की

    कर्नल सोफिया मामले में विजय शाह को बड़ी राहत, राज्यपाल ने कैबिनेट की सिफारिश मंजूर की

    भोपाल 
    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम की जानकारी देशवासियों के बीच लाने वाली सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान देने वाले मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ अब आगे मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। कैबिनेट की अनुशंसा पर एमपी के राज्यपाल की मुहर लग चुकी है। अब इस केस को आगे बढ़ाने की अनुमति न देने की रिपोर्ट प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट भेजी जाएगी।

    बता दें कि, कैबिनेट की अनुशंसा पर मंगलवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी मुहर लगा दी है। वहीं, गृह विभाग ने अपने स्तर पर मामले का परीक्षण कराकर आदेश प्रारूप मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है। एक-दो दिन में यहा से हरी झंडी मिलते ही गृह विभाग अभियोजन की स्वीकृति न देने संबंधी आदेश जारी कर उसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट भेज देगा।
    क्या है पूरा मामला?

    आपको बता दें कि, मोहन कैबिनेट में मंत्री विजय शाह ने पिछले साल यानी 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। मंच को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि, उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतारकर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उन्हीं की बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेज दिया।' विजय शाह के इस बयान के बाद विपक्षी दलों के साथ-साथ आम जन ने भी उनकी शब्दावली पर सवाल उठाए थे। जमकर बवाल मचने के बाद हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया था।

    कर्नल सोफिया पर टिप्पणी करके विवादों में आए थे विजय शाह
    भारत ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकवादियों की कमर तोड़ दी और पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए थे. इसके बाद भारत की तरफ से मीडिया ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी ने हिस्सा लिया था. तब विजय शाह ने कथित तौर पर उनको लेकर विवादित टिप्पणी कर दी थी. बाद में विजय ने अपने बयान के लिए माफी भी मांगी थी और उन्होंने कहा था कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया था। 

    खामोश हो गए विजय शाह
    इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम और राहत की खबरों के बीच जब मीडिया ने भोपाल में मंत्री विजय शाह से सवाल पूछे, तो उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध ली. इस दौरान उनके चेहरे पर एक राहत भरी मुस्कान बनी रही. उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि नौ कमेंट्स. वह अब इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। 

    लगातार 8 बार से विधायक है कुंवर विजय शाह
    कुंवर विजय शाह मकराई रियासत शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं. बताया जाता है कि उनके परिवार ने कई सदियों तक मकराई पर शासन किया. वह हरसूद विधानसभा से लगातार 8 बार से विधायक हैं और कांग्रेस उनके अभेद किले को जीत नहीं पाई है. उनकी गिनती बीजेपी के बड़े नेताओं में होती है और उनकी अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ है। 

    कर्नल सोफिया कुरैशी पर कथित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह को बड़ी राहत मिली है. कैबिनेट ने उनके खिलाफ मुकदमा न चलाने का फैसला लिया था, जिसे अब राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने भी मंजूरी दे दी है. इसके बाद राज्य सरकार का गृह विभाग सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट भेजेगा कि मंत्री के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए। 

    कैबिनेट रिपोर्ट के अनुसार, विजय शाह अपने बयान के लिए लिखित और मौखिक रूप से चार बार से अधिक माफी मांग चुके हैं. इसके अलावा, सरकार के पांच सूत्रीय स्पष्टीकरण में कहा गया है कि इस मामले में किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, उन्होंने कर्नल सोफिया का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया था और उनका इरादा सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने या उनका अपमान करने का नहीं था। 

    पिछले साल भारत द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी ने एक मीडिया ब्रीफिंग में हिस्सा लिया था. इस दौरान मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने उन पर कथित तौर पर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह मामला कानूनी विवाद और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। 

    SIT ने सौंपी रिपोर्ट
    मंत्री विजय शाह की इस टिप्पणी पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी के निर्देश दिए। आगे मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई। एसआईटी ने जांच करके सीलबंद रिपोर्ट न्यायालय में पेश की। साथ ही, विजय शाह के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी। लगातार मामला टलने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए सरकार को शीघ्र निर्णय करने के निर्देश दिए थे।

    कैबिनेट की अनुशंसा पर राज्यपाल की मुहर
    पिछली बार 31 अगस्त को सुनवाई से पहले 25 अगस्त को कैबिनेट की बैठक में राज्यपाल (सक्षम प्राधिकारी) से मुकदमा न चलाने संबंधी अनुशंसा का फैसला लेकर प्रस्ताव भेजा, जिसे अनुमोदन के साथ उन्होंने लौटा दिया है। सूत्रों की मानें तो गृह विभाग ने विधि एवं विधायी विभाग से आदेश के प्रारूप का परीक्षण कराकर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा है। यहां से स्वीकृति मिलते ही विभाग सरकार के फैसले के आधार पर आदेश जारी कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट भेजेगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल से की सौजन्य भेंट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल से की सौजन्य भेंट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल से की सौजन्य भेंट

    भोपाल

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार की सुबह लोक भवन पहुंचकर सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान विभिन्न सम-सामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल पटेल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर प्रदेश में 17 सितम्बर 2026 से प्रारंभ हो रहे एक माह की अवधि के 'सेवा संकल्प अभियान' एवं 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना-2026' के तहत प्रदेश के 50 लाख लोगों को उनके पट्टे की पक्की रजिस्ट्री कराकर संबंधितों को नि:शुल्क वितरण करने के लिए राज्य सरकार द्वारा की जा रही व्यापक तैयारियों की जानकारी दी।