Category: मध्य प्रदेश

  • सीवर समस्या निराकरण के लिए शहर का करें सर्वे : निगमायुक्त ,हर गली की चौड़ाई की करें जांच

    सीवर समस्या निराकरण के लिए शहर का करें सर्वे : निगमायुक्त ,हर गली की चौड़ाई की करें जांच

    ग्वालियर
    शहर की सीवर समस्या के निराकरण के लिए नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने वार्ड क्रमांक 18, 17 का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने दीनदयाल नगर में सीवर लाइनों की सफाई करने वाली मशीनों को बुलाकर उनका प्रेजेंटेशन देखा। इसके बाद निगमायुक्त ने निर्देश  दिए हैं कि शहर की गलियों का सर्वे करें जिससे पता चल सके कि कौन सी मशीन खरीदी जाए। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त मुकेश बंसल, कार्यपालन यंत्री महेंद्र प्रसाद अग्रवाल, शिशिर श्रीवास्तव, सहायक यंत्री सिद्धार्थ सोनी आदि उपस्थित थे।
    नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने माधौनगर के सामने स्थित गाटर वाली पुलिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि गाटर वाली पुलिया के नीचे सीवर की समस्या का समाधान कर दिया गया है, जिससे अब पानी नहीं भर रहा है। इसके बाद नगर निगम आयुक्त ने बस स्टैण्ड के पास निरीक्षण किया। यहां पर नाला सीवर लाइन में मिल रहा था, जिसके कारण सीवर लाइन सडक पर बह रही थी, निगमायुक्त ने नाले निर्माण के निर्देष दिए हैं।
    इसके बाद नगर निगम आयुक्त ने वार्ड क्रमांक 18 स्थित दीनदयाल नगर निगम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीवर समस्या को देखते हुए नगर निगम आयुक्त ने मौके पर सीवर सक्षन कम जेटिंग मशीन, डी सिल्टिंग मशीन, डी सिंल्टिम कम जेटिंग मशीनों  को मंगाया। निगमायुक्त ने मौके पर खडे होकर सीवर लाइनों को खुलवाया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश   दिए कि शहर की सभी गलियों का सर्वे किया जाए, साथ ही उन क्षेत्रों की प्रत्येक गली का सर्वे किया जाए जहां सीवर लाइन की सबसे अधिक समस्या आ रही है, वहां पर गलियों की चौड़ाई के अनुपात के हिसाब से मशीनों के क्रय करने की रूपरेखा बनाई जाए।

     

  • प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा की कुल सीटें 620 से बढ़कर 8,675 हुईं

    प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा की कुल सीटें 620 से बढ़कर 8,675 हुईं

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में पिछले दो दशकों में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। वर्ष 2002 में प्रदेश में जहां केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं वर्ष 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 33 हो गई है। चिकित्सा शिक्षा की कुल सीटें भी 620 से बढ़कर 8,675 हो गई हैं। वर्ष 2023 के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए नए मेडिकल कॉलेज, विशेषज्ञ विभाग, आवश्यक मानव संसाधन और आधुनिक उपचार सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसका प्रभाव प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों के साथ-साथ विशेषज्ञ एवं उच्च स्तरीय उपचार की उपलब्धता बढ़ने के रूप में भी दिखाई दे रहा है।

    मेडिकल कॉलेजों के विस्तार से बढ़ी चिकित्सा शिक्षा की क्षमता

    प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों के विस्तार के साथ चिकित्सा शिक्षा की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2002 में 5 मेडिकल कॉलेजों से शुरू हुआ यह नेटवर्क वर्ष 2026 में 33 मेडिकल कॉलेजों तक पहुंच गया है। इसी अवधि में चिकित्सा शिक्षा की कुल सीटें 620 से बढ़कर 8,675 हो गई हैं। वर्ष 2023 के बाद चिकित्सा शिक्षा को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए नए मेडिकल कॉलेजों, विशेषज्ञ विभागों और आवश्यक मानव संसाधन के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों के विस्तार के साथ नागरिकों को बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यों को प्राथमिकता दी है।

    विशेषज्ञ एवं सुपर स्पेशियलिटी उपचार का विस्तार

    मेडिकल कॉलेजों के विस्तार के साथ प्रदेश में उच्च स्तरीय उपचार सुविधाओं का दायरा भी बढ़ा है। वर्ष 2002 में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की संख्या शून्य थी, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 4 हो गई है। पैथोलॉजी सेवाओं की उपलब्धता भी 45 से बढ़कर 134 हुई है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार करने तथा आधुनिक जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में वर्ष 2023–26 के दौरान विशेष प्रयास किए गए हैं। प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में ऑन्को सर्जरी विभाग और कैथ लैब जैसी सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना पर भी जोर दिया गया है।

     स्वास्थ्य अधोसंरचना का हुआ व्यापक विस्तार

    वर्ष 2002 की तुलना में वर्ष 2026 में प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थाओं के नेटवर्क का भी विस्तार हुआ है। जिला अस्पतालों की संख्या 36 से बढ़कर 55, सिविल अस्पताल 58 से बढ़कर 158, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र 229 से बढ़कर 348 और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र 1,194 से बढ़कर 1,442 हो गए हैं। उप स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या भी 8,835 से बढ़कर 10,256 हुई है। सामान्य बेड की संख्या 21,234 से बढ़कर 61,817 तथा आईसीयू बेड 277 से बढ़कर 3,395 हो गए हैं।

    2023 के बाद मानव संसाधन का हुआ सशक्तीकरण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में स्वास्थ्य अधोसंरचना के साथ मानव संसाधन को भी प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2024 में स्वास्थ्य संस्थाओं में 46,491 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। इनमें नियमित, संविदा और आउटसोर्स पद शामिल हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने की दिशा में भी निर्णय लिए गए। नर्सिंग संवर्ग की भर्ती, मेडिकल कॉलेजों में आवश्यक मैनपावर और विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

    मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में लगातार सुधार

    स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का प्रभाव मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण संकेतकों में भी दिखाई देता है। वर्ष 2002 में मातृ मृत्यु अनुपात 379 था, जो वर्ष 2026 में घटकर 135 रह गया है। इसी अवधि में शिशु मृत्यु दर 82 से घटकर 35 हुई है। संस्थागत प्रसव की दर वर्ष 2002 के 35 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2026 में 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है। गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीयन, प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान जैसी सेवाओं पर निरंतर जोर दिया जा रहा है।

    दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं

    प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री जनमन अभियान के अंतर्गत 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की गईं। ये यूनिट 21 जिलों के 87 विकासखंडों के 1,268 गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए संचालित की गईं। इनमें चिकित्सकीय परामर्श, जांच, दवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा विभिन्न रोगों की स्क्रीनिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

    आपातकालीन सेवाओं को मिली मजबूती

    आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन व्यवस्था का भी विस्तार हुआ है। प्रदेश में एम्बुलेंस सेवाओं की संख्या वर्ष 2002 के 256 से बढ़कर वर्ष 2026 में 2,052 हो गई है। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर उच्च स्तरीय उपचार तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूती मिली है। आवश्यक दवाओं की उपलब्धता वाले संस्थानों की संख्या भी वर्ष 2002 के 214 से बढ़कर 2026 में 650 हो गई है।

     आयुष्मान भारत से उपचार की आर्थिक पहुंच

    स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ उपचार की आर्थिक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2023–26 के दौरान अधिकाधिक अस्पतालों और चिकित्सकों को योजना से जोड़ने, इसकी पहुंच बढ़ाने और पात्र हितग्राहियों को उपचार सुविधा उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया गया है।

    प्राथमिक स्वास्थ्य से मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी तक विकसित हुआ नेटवर्क

    मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र का विस्तार अब प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और उप स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तक एक व्यापक व्यवस्था के रूप में दिखाई देता है। वर्ष 2002 से 2026 के बीच मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा की क्षमता में हुई वृद्धि ने प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों और उच्च स्तरीय उपचार सुविधाओं के विस्तार का आधार तैयार किया है। वहीं वर्ष 2023 के बाद स्वास्थ्य अधोसंरचना, मानव संसाधन, आधुनिक तकनीक, मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक उपचार की पहुंच को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया गया है। 

  • बैंक कॉलोनी में अनुमति के विपरीत निर्माण करने पर 18 दुकानों पर निगम का चला बुल्डोजर  

    बैंक कॉलोनी में अनुमति के विपरीत निर्माण करने पर 18 दुकानों पर निगम का चला बुल्डोजर  

    ग्वालियर
    भवन अधिकारी यशवंत मैकले ने बताया कि नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी के निर्देशानुसार सिटी प्लानर सुरेश अहिरवार के निर्देशन में अवैध रूप से किए गए निर्माण कार्यों को हटाने की कार्यवाही निरंतर की जा रही हैं। जिसके तहत आज वार्ड क्रमांक 21 न्यू बैंक कॉलोनी में मोहन वादिल एवं ऋषभ जैन द्वारा नगर निगम से प्राप्त अनुमति, खिलाफ पार्किंग के स्थान पर 18 दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। जिसके लिए निगम द्वारा अवैध निर्माण हटाने हेतु निगम द्वारा विधिवत नोटिस दिए गए थे। किन्तु भवन स्वामी द्वारा अनुमति निर्माण नही हटाया गया। जिस पर निगम द्वारा कार्यवाही करते हुए अनुमति के विपरीत बनाई गई 18 दुकानों को हटाया गया।
    इसके साथ ही पूर्व विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत माधव प्लाजा के सामने थौराट की गोठ में रोड़ पर बनी दीवाल की तुड़ाई कर गेट फावड़ा जप्त कर कार्यवाही की गई। इसके पश्चात मुरार बारादरी से सदर बाजार अग्रसेन चौराहा गणेश मंदिर गर्म सड़क गर्ल्स कॉलेज तक यातायात में अवरुद्ध हाथ ठेले फुटपाथियों दुकानदारों के सामान को हटवाया और जप्त सामान को मदाखलत कार्यालय पर जमा किया। कार्यवाही के दौरान मदाखलत अधिकारी शैलेन्द्र चौहान, जोनल ऑफिसर सौरव चौधरी, मदाखलत निरीक्षक सुघर सिंह सिसोदिया सहित मदाखलत अमला मौजूद रहा।

     

  • श्रीनिवास तिवारी की कार्यशैली को CM यादव ने किया याद, बोले- उनके प्रसंग आज भी प्रेरणा देते हैं

    श्रीनिवास तिवारी की कार्यशैली को CM यादव ने किया याद, बोले- उनके प्रसंग आज भी प्रेरणा देते हैं

    श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी के विधानसभा संचालन संबंधी अनेक प्रसंग आज भी प्रेरणादायी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की जयंती पर किया नमन
    विधानसभा के सेन्ट्रल हॉल में की पुष्पांजलि अर्पित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्रीनिवास तिवारी की जयंती पर मध्यप्रदेश विधानसभा के सेन्ट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय श्रीनिवास तिवारी का स्मरण करते हुए कहा कि श्री तिवारी ने विद्यार्थी जीवन में स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। सन् 1952 में वे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में विंध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। मध्यप्रदेश राज्य की राजनीति में उनका लंबा कार्यकाल रहा। श्री तिवारी 1993 से 2003 तक मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री अर्जुन सिंह मंत्रिमण्डल में भी उन्होंने मंत्री पद के दायित्व का निर्वाहन किया। श्री तिवारी 'सफेद शेर' के नाम से प्रसिद्ध रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सर्वोच्च स्थान विधानसभा का है। श्री तिवारी ने अपनी प्रशासनिक दक्षता, लोकतांत्रिक परम्पराओं और विधायिनी प्रक्रियाओं के ज्ञान के आधार पर विधानसभा के मान-सम्मान का विशेष ध्यान रखा। विधानसभा संचालन से संबंधित उनके अनेक प्रसंग आज भी प्रेरणादायी है। ऐसे नेता का स्मरण कर हम सब गौरवान्वित हैं। इस अवसर पर विधायक श्री भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री श्री पीसी शर्मा, श्रद्धेय श्री तिवारी के परिजन, जनप्रतिनिधि तथा विधानसभा के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • रक्षा मंत्री बोले-2014 से पहले सरकारों को रहती थी कुर्सी बचाने की चिंता, देश के हाथ से निकल जाते थे अवसर

    रक्षा मंत्री बोले-2014 से पहले सरकारों को रहती थी कुर्सी बचाने की चिंता, देश के हाथ से निकल जाते थे अवसर

    वाराणसी
     रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विरासत लिखी जाएगी तो उसमें यह भी लिखा जाएगा कि उन्होंने देश को नक्सलवाद से कैसे मुक्ति दिलाई, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 कैसे समाप्त किया, करोड़ों लोगों को गरीबी से कैसे बाहर निकाला, संसद में महिलाओं को बराबर की भागीदारी कैसे दिलाई और नौजवानों के सपनों को कैसे पंख दिए। एक महान नेता लोगों को स्वावलंबी बनाता है और प्रधानमंत्री मोदी ने यही किया है।
     
    प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर वाराणसी में सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि काशी और वडनगर को जोड़ने वाली यात्रा प्रधानमंत्री की जन्मभूमि को कर्मभूमि से जोड़ने की यात्रा है। एक ओर काशी है, जहां से उनके सार्वजनिक जीवन को नई ऊर्जा मिली और दूसरी ओर वडनगर है, जहां उन्हें मां हीराबेन का आशीर्वाद और संस्कार मिले। उन्होंने इसे सेवा, संस्कार और साधना की संगम यात्रा बताया।
     
    पहले सरकारों को कुर्सी बचाने की रहती थी चिंता
    राजनाथ सिंह ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2014 से पहले भारत के हाथ से अवसर निकल जाते थे। पहले की सरकारें सोती रहती थीं या उन्हें अपनी कुर्सी बचाने की चिंता रहती थी। उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया की बड़ी चिप निर्माता कंपनी भारत में फैक्ट्री लगाना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उसे दो बार अनुमति नहीं दी और देश ने रोजगार का बड़ा अवसर खो दिया।
     
    भारत जो बोलता है उसे पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती
    रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने की पहल की तो सवाल उठाए गए कि भारत में इसकी इंडस्ट्री कैसे लग सकती है। पीएम मोदी को अभी दशकों तक देश की सेवा करनी है। पहले 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और पिछले 12 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपनी योग्यता का निर्वाहन कर रहे हैं। 25 वर्षों तक उन्होंने अनवरत जन सेवा का काम किया है। पीएम ने भारत को ऐसे स्थिति में पहुंचाया है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर आज भारत जो बोलता है उसे पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत बोल क्या रहा है। पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब भारत बोलता था उसे जितना गंभीरता से लिया जाना चाहिए था वो नहीं होता था।

    दो हजार साल पुराना काशी-वडनगर का रिश्ता
    रक्षा मंत्री ने कहा कि वडनगर और काशी का रिश्ता बहुत पुराना है। करीब दो हजार साल पहले बौद्ध भिक्षुओं ने सारनाथ से वडनगर की यात्रा की थी। उस समय उद्देश्य ज्ञान और अध्यात्म को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना था। आज उसी प्राचीन परंपरा को नए रूप में सेवा यात्रा के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री के द्वारा गुजरात में लिए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि क्रिकेट में टेस्ट मैच की गति से चलने वाले विकास कार्य को उन्होंने वन-डे मैच में बदलने का काम किया।
     
    मोबाइल की टॉर्च जलवाकर पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दिलाई
    रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि वह दुनिया के बड़े नेताओं से मिलते समय उन्हें भारत में बनी वस्तुएं उपहार में देते हैं। उन्होंने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन को वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी से बना पिकॉक ब्रोच दिए जाने का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने उपस्थित लोगों से मोबाइल की टॉर्च जलवाकर प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई दिलाई।
     
    250 बाइक से वडनगर जाएंगे 500 यात्रीः पंकज चौधरी
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि काशी से 250 बाइक पर सवार 500 यात्री गंगाजल लेकर वडनगर जा रहे हैं। इसी तरह 250 बाइक पर 500 यात्री गुजरात की पवित्र नदियों का जल लेकर वडनगर से काशी आ रहे हैं। सात अक्तूबर को वडनगर में बाबा हाटकेश्वर को जल अर्पित किया जाएगा और काशी में बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर यात्रा पूर्ण होगी।
     
    प्रतिदिन 60 से 80 स्थानों पर कार्यक्रम होंगे
    पंकज चौधरी ने कहा कि हजारों किलोमीटर की यह यात्रा 10 राज्यों के 193 जिलों और 1,159 गांवों से होकर गुजरेगी। उत्तर प्रदेश के 50 जिले यात्रा के मार्ग में आएंगे। प्रतिदिन 60 से 80 स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। यात्रा के दौरान वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और प्लास्टिक मुक्त भारत का संकल्प दिलाया जाएगा। प्रत्येक पड़ाव पर 15 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी, स्थानीय नेताओं से संवाद होगा और स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के निरोगी जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान वैश्विक स्तर पर बढ़ा है। काशी के सांसद के रूप में वह काशी के कोने-कोने को विकसित कर रहे हैं।
     
    नरेंद्र मोदी भारत के सम्मान और गौरव का नामः चिराग पासवान
    केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि पूर्व में भी सरकारें रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को देश और विदेश में नई पहचान दिलाने का काम किया है। पिछले 12 वर्षों में उन्होंने हर दिशा में अपनी सोच को स्थापित किया है और आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। नरेंद्र मोदी केवल देश के प्रधानमंत्री का नाम नहीं, भारत के सम्मान और गौरव का नाम है। यदि देश का प्रत्येक युवा उनके व्यक्तित्व का अंश भर भी अपने जीवन में उतार ले तो देश का भविष्य और बेहतर होगा।
     
    काशी की धरती पर खड़ा होना गर्व का क्षणः चंद्रबाबू नायडू

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि काशी की धरती पर खड़ा होना उनके लिए गर्व का क्षण है। काशी सबसे प्राचीन नगरी है और नई सोच देती है। वडनगर से काशी तक प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा की यात्रा दिखाई है। आज देश बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है। अन्नदाता मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तकनीक की समझ का उल्लेख करते हुए कहा कि वह युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। यही नया और आत्मनिर्भर भारत है। उन्होंने वाराणसी में बड़ी संख्या में लोगों के आने का जिक्र करते हुए यहां बालाजी का मंदिर बनाने की बात भी कही।

  • भोपाल में विश्वकर्मा जयंती कार्यक्रम, मंत्री कृष्णा गौर ने सुख-समृद्धि की कामना की

    भोपाल में विश्वकर्मा जयंती कार्यक्रम, मंत्री कृष्णा गौर ने सुख-समृद्धि की कामना की

    भोपाल
    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के दिव्य शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। उनका अद्वितीय ज्ञान, कौशल और निर्माण क्षमता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। भारतीय संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा का विशेष महत्व है और उनकी जयंती हमें सृजन, परिश्रम एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी धर्म, संस्कृति और हमारी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है। राज्यमंत्री गौर विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गोविंदपुरा क्षेत्र के बागसेवनिया स्थित विश्वकर्मा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

    प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में साकार हो रहा 'विकसित भारत' का संकल्प
    राज्यमंत्री गौर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मोत्सव पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ है।प्रधानमंत्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में देश में निर्माण और विकास की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि 'विकसित भारत' के संकल्प के तहत प्रधानमंत्री मोदी समाज के सभी वर्गों के कल्याण और देश के सर्वांगीण विकास के लिए अहर्निश कार्य कर रहे हैं।

    कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद प्रताप बारे, प्रदीप पाठक, रामबाबू पाटीदार, सुरेंद्र पंडित सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • CM डॉ. यादव ने बताया रक्तदान का महत्व, कहा- जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम

    CM डॉ. यादव ने बताया रक्तदान का महत्व, कहा- जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम

    रक्तदान है जीवन का सबसे बड़ा दान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 290 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के तहत रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ
    भोपाल के शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय में हुआ आयोजन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय, भोपाल में आयोजित 'सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम' के तहत रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्तदान करने वाले प्रतिभागियों की कुशलक्षेम पूछी तथा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्तदाताओं से भेंट कर उन्हें प्रोत्साहित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा के सम्मान में मध्यप्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 290 से अधिक स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए हैं। शिविरों में अब तक 6 हजार 744 यूनिट रक्तदान किया जा चुका है। इस संख्या में शाम तक लगातार बढ़ोत्तरी होगी। रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होती है और अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर उनके स्वस्थ और शतायु जीवन की बाबा महाकाल से कामना करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश के हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय में मीडिया से चर्चा में यह जानकारी दी। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी उपस्थित थे। 

  • अथर्व ब्लड सेंटर की अनियमितताओं पर होगी कार्रवाई, आपराधिक केस दर्ज करने के निर्देश

    अथर्व ब्लड सेंटर की अनियमितताओं पर होगी कार्रवाई, आपराधिक केस दर्ज करने के निर्देश

    रीवा में उपचार में लापरवाही एवं अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई

    डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त, औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी निलंबित
    अथर्व ब्लड सेंटर की अनियमितताओं पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश

    रीवा

    रीवा में मरीज के उपचार में लापरवाही एवं अनियमितताओं पर जांच के उपरांत कड़ी कार्रवाई की गई है। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं 16 सितंबर 2026 के अपरान्ह से समाप्त कर दी गई हैं। डॉ. अग्रवाल के विरुद्ध मरीजों को नर्सिंग होम जाने के लिए बाध्य करने संबंधी शिकायत पर गठित उच्च स्तरीय समिति की जांच में दीर्घशास्ति हेतु अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जांच प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद कार्यकारिणी समिति के संकल्प के आधार पर मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयीन शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम, 2018 के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है। आदेशानुसार डॉ. अग्रवाल भविष्य में किसी भी शासकीय/स्वशासी सेवा के लिए अनर्ह होंगी।

           श्रीमती कल्पना मिश्रा की प्रसव के दौरान रीवा में हुई मृत्यु के संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा गठित जांच समिति की कार्यवाही के अनुक्रम में अथर्व ब्लड सेंटर से संबंधित औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी को निलंबित किया गया है। बट्टी को गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता के कारण म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला शहडोल निर्धारित किया गया है।

    अथर्व ब्लड सेंटर की अनियमितताओं के संबंध में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश

          अथर्व ब्लड सेंटर, जिला रीवा द्वारा की गई अनियमितताओं के संबंध में संबंधित अधीनस्थ औषधि निरीक्षक के माध्यम से आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

     

  • रक्तदान-स्वास्थ्य शिविर में 370 लोगों ने लिया हिस्सा, राज्यपाल पटेल ने किया शुभारंभ

    रक्तदान-स्वास्थ्य शिविर में 370 लोगों ने लिया हिस्सा, राज्यपाल पटेल ने किया शुभारंभ

    राज्यपाल पटेल ने रक्तदान स्वास्थ्य शिविर का लोकभवन में किया शुभारंभ

    लोक भवन में आयोजित शिविर में 370 लोगों ने लिया भाग

    भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के तहत लोकभवन में आयोजित स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। शिविर के विभिन्न काउन्टरों पर जाकर परामर्श जाँच एवं परीक्षण व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपनी बोन मिनरल डेनसिटी (बी.एम.डी.) जांच कराकर शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दंत परीक्षण, फिजियोथेरेपी जाँच, बोन मिनरल डेनसिटी (बी.एम.डी.) जांच एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं औषधि वितरण व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने रक्तदाताओं को फलो की टोकरी भेंट कर, उनके सेवा संकल्प की सराहना की। रक्तदान करने आए छात्र-छात्राओं से चर्चा की। उनका उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल ने प्रारंभ में लोक भवन में आयोजित नि:शुल्क परामर्श, जाँच और रक्तदान शिविर का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।

    रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन गुरुवार को सुबह 10 बजे से एक बजे तक लोक भवन के सांदीपनि सभागार में किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। शिविर में रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन श्याम सिंह कुमरे एवं जनरल सेक्रेटरी रामेंद्र सिंह सहित चिकित्सक, विशेषज्ञ एवं अन्य संबंधित जन उपस्थित रहे।

    लोक भवन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 370 आमजन शामिल हुए। रक्तदान के लिए 109 रक्तदाताओं ने पंजीयन कराया, जिनमें चिकित्सकीय परामर्श के बाद 77 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। दंत परीक्षण शिविर में 74 व्यक्तियों ने जांच कराई। उन्हें उपचार संबंधी परामर्श और आवश्यक औषधियां प्रदान की गई। बी.एम.डी. जाँच शिविर 125 आमजन ने जांच कराई। जांच में 77 आमजन की हड्डियों की स्थिति सामान्य पाई गई, जबकि 45 व्यक्तियों में हड्डियों की मामूली कमजोरी ऑस्टियोपेनिया तथा 3 व्यक्तियों में ऑस्टियोपोरोसिस पाया गया। सभी को चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक औषधियां प्रदान की गईं। फिजियोथेरेपी जाँच शिविर में 62 व्यक्तियों ने भाग लिया। उनकी फिजियोथेरेपी से संबंधित समस्याओं के संबंध में चिकित्सकों द्वारा आवश्यक परामर्श एवं व्यायाम बताए गए।

     

  • MP में दीपोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, उज्जैन में 35 लाख दीप जलाने की तैयारी

    MP में दीपोत्सव को लेकर तैयारियां तेज, उज्जैन में 35 लाख दीप जलाने की तैयारी

    उज्जैन
     महाकाल की नगरी एक बार फिर दीपों की रोशनी में इतिहास रचने की तैयारी कर रही है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और जन सेवा के 25 साल पूरे होने पर 17 सितंबर की शाम 7 बजे उज्जैन में सेवा संकल्प अभियान के दिन भव्य दीपोत्सव होगा. क्षिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक क्षेत्र में 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित करने की तैयारी की गई है। 

    इस आयोजन को जन भागीदारी से जोड़ते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को 7 सेक्टर और 250 सब सेक्टर में बांटा है. यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि उज्जैन पहले ही दीप प्रज्वलन का विश्व रिकॉर्ड बना चुका है. अब 3 साल बाद 18.82 लाख के पुराने आंकड़े से काफी आगे निकलने की तैयारी है. हालांकि मौजूदा गिनीज रिकॉर्ड अयोध्या के नाम है, जहां साल 2025 में 26,17,215 दीप प्रज्वलित किए गए थे। 

    'उज्जैन का रिकॉर्ड 18.82 लाख, अब 25 लाख का लक्ष्य'
    कलेक्टर रोशन कुमार सिंहने बताया, "साल 2023 में महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन के क्षिप्रा तट पर 18,82,229 दीप एक साथ जलाए गए थे, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया था. अब साल 2026 में सेवा संकल्प के तहत लक्ष्य है कि 25 लाख से अधिक दीपों को प्रज्वलित कर नया रिकॉर्ड कायम किया जाए. जिसकी तैयारियां उज्जैन नगर निगम और स्मार्ट सिटी की ओर से पूरी कर ली गई है। 

    इसी तरह इंदौर में 2.51 लाख, मैहर में 4.86 लाख, खजुराहो में तीन लाख, अमरकंटक में 21 हजार, जबलपुर में नर्मदा घाटों समेत प्रदेशभर में दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। एमपी में दीपोत्सव पर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट की। उन्होंने लिखा- 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच मौत हो चुकी है। संवेदनहीनता का आलम यह है मासूमों की मौतें होती रहीं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही, सरकार सोती रही। मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो ज़रा राज्य की ज़मीनी हालत भी देखिए। छात्र, बच्चे, गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े या महिलाएं – हर वर्ग प्रताड़ित है, कोई खुश नहीं।

    उज्जैन में देशभर के 500 कलाकार प्रस्तुतियां देंगे
    शिप्रा के रामघाट पर शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीप’ प्रज्ज्वलित कर दीपोत्सव की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद आरती होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहां रहेंगे।

    दीपोत्सव में देशभर से 500 से अधिक कलाकार शामिल होंगे। कार्यक्रम में बाबा महाकाल पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, गायन, वादन, नृत्य और युवाओं के लिए भजन जैमिंग होगा।

    कवि शैलेश लोढ़ा प्रधानमंत्री के कार्यकाल पर आधारित नरेशन प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम का समापन आतिशबाजी के साथ होगा। कार्तिक मेला ग्राउंड में पीएम मोदी का पोर्ट्रेट भी बनाया गया है, जिस पर जनभागीदारी से दीप रखे जाएंगे।

    26 हजार वॉलंटियर्स संभालेंगे दीप जलाने की जिम्मेदारी
    दीपोत्सव के लिए करीब 26 हजार वॉलंटियर्स को जिम्मेदारियां दी गई हैं। इन्हें पहले से ब्लॉक और दीपों की संख्या के हिसाब से तैनात किया गया है। केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट, दत्त अखाड़ा, भूखी माता, महाकाल लोक और रामघाट के दो सेक्टर सहित शिप्रा तट के विभिन्न हिस्सों में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

    '11 हजार ब्लॉक, हर ब्लॉक में 225 दीप'
    स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन ने बताया, "पूरे आयोजन क्षेत्र को 7 सेक्टर और 250 सब सेक्टर में बांटा गया है. करीब 11000 ब्लॉक तैयार किए गए हैं और प्रत्येक ब्लॉक में 225 दीप लगाए जाएंगे. सभी ब्लॉक के लिए 30 हजार वॉलेंटियर्स, जिसमें शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, शहर के सामाजिक संगठन और अन्य को आवश्यक दीप, तेल, मोमबत्ती, माचिस, कपूर और दूसरी जरुरी सामग्रियां पहले से उपलब्ध करवाई जाएंगी। 

    '30 लाख दीप, 45000 लीटर तेल की व्यवस्था'
    नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्राके अनुसार, "शहर के कार्तिक मेला प्रांगण में दीपों की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है. दीपों की धुलाई, छंटाई, पैकिंग और ब्लॉक वार सामग्री तैयार की जा रही है. आयोजन के लिए 45000 लीटर तेल, 10000 माचिस, 700 किलो कपूर, 30 लाख दीए, 53000 से अधिक मोमबत्ती मंगवाई गई हैं। 

    'रामघाट से महाकाल लोक तक बनेगा रोशनी का कॉरिडोर'
    नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया, "दीपोत्सव सिर्फ रामघाट तक सीमित नहीं है बल्कि यह रामघाट से महाकाल लोक तक रोशनी के लिए कॉरिडोर बनाया जाएगा. केदारेश्वर घाट, दत्त अखाड़ा घाट, सुनहरी घाट, कर्कराज मंदिर, भूखी माता घाट, लालपुल घाट सहित क्षिप्रा नदी के अलग-अलग घाटों को शामिल किया गया है. घाटों की सफाई ब्लॉक निर्माण और मार्किंग का काम लगातार चल रहा है। 

    बारिश हुई तो क्या होगा, प्रशासन ने बनाया प्लान बी
    स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन ने बताया, "चूंकि बारिश का भी मौसम है, उसको ध्यान में रखते हुए बैकअप तैयारी भी शुरू की गई है. दीप, तेल, बत्ती और दूसरी सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए टीन शेड और अन्य व्यवस्थाएं भी की जा रहीं हैं. हर ब्लॉक के लिए 1/1 मीटर की प्लास्टिक शीट ढंकने के लिए मंगवाई है. दीप जलने से पहले बारिश आती है तो व्यवस्था चाक चौबंद है। 

    'जीरो वेस्ट मॉडल पर जलेंगे 25 लाख दीप'
    नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्राके अनुसार, "इस आयोजन का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा जीरो वेस्ट मॉडल है. दीपोत्सव के दौरान स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. हर क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती और आयोजन के बाद तत्काल सफाई की व्यवस्था की गई है. बची हुई सामग्री को भी रीसायकल किया जाएगा।