Category: लाइफ स्टाइल

  • Junk Food Ban: स्कूलों के बाहर बिक्री पर रोक की तैयारी, बच्चों की सेहत बचाने के लिए सरकार उठाएगी ये बड़े कदम

    Junk Food Ban: स्कूलों के बाहर बिक्री पर रोक की तैयारी, बच्चों की सेहत बचाने के लिए सरकार उठाएगी ये बड़े कदम

    नई दिल्ली 
     देश में जंक फूड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की तेजी से बढ़ती खपत ने सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में देश के भीतर जंक फूड की बिक्री में 150 प्रतिशत का भारी इजाफा दर्ज किया गया है। बच्चों और युवाओं को इसके खतरनाक दुष्प्रभावों से बचाने के लिए ‘इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च’ (ICMR) और ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन’ (NIN) की अगुवाई वाले विशेषज्ञ समूह ने एक नीतिगत रिपोर्ट जारी कर सख्त कदम उठाने की सिफारिश की है।

    भारत में जंक फूड की खपत कितनी तेजी से बढ़ी है?
    रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की खपत लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2006 में इन उत्पादों की खुदरा बिक्री 0.9 अरब डॉलर थी, जो 2019 तक बढ़कर 37.9 अरब डॉलर पहुंच गई। वहीं 2009 से 2023 के बीच जंक फूड की बिक्री में करीब 150 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। 

    मोटापे को लेकर रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ है?
    रिपोर्ट के मुताबिक, 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग के 23.5 फीसदी भारतीय अधिक वजन या मोटापे का शिकार हैं। पुरुषों में यह आंकड़ा 22.9 फीसदी से बढ़कर 27.3 फीसदी हो गया है, जबकि महिलाओं में यह 24 फीसदी से बढ़कर 30.7 फीसदी तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंक फूड की बढ़ती खपत इस समस्या के प्रमुख कारणों में से एक है।

    अब सख्ती की तैयारी
    भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) की अगुवाई में तैयार विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट ने चेताया है कि अगर बच्चों को अभी नहीं संभाला गया तो मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी बीमारियाँ कम उम्र में ही सामान्य हो सकती हैं। इसी खतरे को देखते हुए समिति ने कई सख्त सुझाव दिए हैं। इनमें स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री पर रोक, बच्चों को ध्यान में रखकर किए जाने वाले विज्ञापनों पर नियंत्रण, खाद्य पैकेटों पर बड़े और आसानी से पहचान में आने वाले चेतावनी लेबल और ज़्यादा नमक, चीनी और वसा वाले खाद्य पदार्थों पर अतिरिक्त टैक्स लगाने की सिफारिश शामिल है। सरकार इन सुझावों पर विचार कर रही है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य से होने वाले खिलवाड़ को रोका जा सकेगा।

    मोटापे को लेकर रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ है?
    जंक फूड के कारण मोटापा भी तेज़ी से फैल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग के 23.5% भारतीय ज़्यादा वजन या मोटापे का शिकार हैं। पुरुषों में यह आंकड़ा 22.9 % से बढ़कर 27.3% हो गया है। महिलाओं में यह 24% से बढ़कर 30.7% तक पहुंच गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जंक फूड की बढ़ती खपत इस समस्या के प्रमुख कारणों में से एक है।

    कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला
    कर्नाटक सरकार ने कुछ दिन पहले ही राज्य में स्कूलों और अस्पतालों में जंक फूड की बिक्री पर बैन लगाने की घोषणा की है। स्वास्थ्य पर जंक फूड के दुष्परिणामों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया।

    ​विशेषज्ञ समिति की मुख्य सिफारिशें

    ​स्वास्थ्य मंत्रालय और सरकार के विचारार्थ सौंपी गई इस रिपोर्ट में निम्नलिखित कड़े कदम उठाने का सुझाव दिया गया है:

        ​स्कूलों के पास बिक्री पर पाबंदी: देश भर के स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड और अनहेल्दी स्नेक्स की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।

        ​विज्ञापन नीति में सख्ती: बच्चों को आकर्षित करने वाले जंक फूड के विज्ञापनों और प्रचार-प्रसार पर कड़े नियम लागू किए जाएं।

        ​पैकेट पर चेतावनी लेबल: पैकेज्ड फूड के फ्रंट पैकेट पर स्पष्ट, सरल और आसानी से पढ़े जाने वाले चेतावनी लेबल अनिवार्य हों।

        ​अधिक नमक, चीनी व फैट पर अतिरिक्त टैक्स: अत्यधिक नमक, चीनी और वसा वाले उत्पादों पर अतिरिक्त टैक्स लगाया जाए, ताकि इनकी खपत को कम किया जा सके।

    ​बाजार में बेतहाशा बढ़ोतरी (2006 से 2023 के आंकड़े)

    ​रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का बाजार बहुत तेजी से फैला है:

        ​2006 से 2019 तक का सफर: वर्ष 2006 में इन उत्पादों की रिटेल बिक्री $0.9 बिलियन (लगभग 90 करोड़ डॉलर) थी, जो 2019 तक बढ़कर $37.9 बिलियन हो गई।

        ​150% की वृद्धि: वर्ष 2009 से 2023 के बीच जंक फूड की कुल बिक्री में लगभग 150 प्रतिशत का उछाल देखा गया।

    ​देश में गहराता मोटापे का संकट
    ​विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि जंक फूड की लत देश में मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों का मुख्य कारण बन रही है। आंकड़े बताते हैं कि 15 से 49 वर्ष की आयु के 23.5 प्रतिशत भारतीय अधिक वजन या मोटापे की समस्या से ग्रस्त हैं।

    ​पुरुषों में यह आंकड़ा 22.9 प्रतिशत से बढ़कर 27.3 प्रतिशत हो गया है, जबकि महिलाओं में यह 24 प्रतिशत से बढ़कर 30.7 प्रतिशत तक पहुँच चुका है। सरकार अब इन सिफारिशों का अध्ययन कर रही है और जल्द ही इस दिशा में ठोस नीतिगत फैसले ले सकती है।

  • ज्वार के आटे से बनाएं हेल्दी ग्लूटेन फ्री ब्रेड, बिना ओवन के

    ज्वार के आटे से बनाएं हेल्दी ग्लूटेन फ्री ब्रेड, बिना ओवन के

    ज्वार का आटा सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. यह ग्लूटेन-फ्री होता है और इसमें फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह डाइजेशन को बेहतर बनाने, लंबे समय तक पेट भरा रखने और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद कर सकता है. आज हम आपको ज्वार के आटे से ब्रेड बनाना बताएंगे.

    यह ब्रेड ग्लूटेन-फ्री होने के साथ-साथ फाइबर से भी भरपूर होती है. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए न तो यीस्ट की जरूरत पड़ती है और न ही ओवन की. आप इसे कड़ाही, हांडी या प्रेशर कुकर में भी आसानी से बना सकते हैं. तो आइए जानते हैं कि ज्वार के आटे का टेस्टी ब्रेड कैसै बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है.

    इंग्रेडिएंट्स (ingredients)
    2 कप ज्वार का आटा
    3 बड़े चम्मच इसबगोल
    1/2 छोटा चम्मच नमक
    1½ बड़े चम्मच शहद
    1 छोटा चम्मच बेकिंग सोडा
    1 बड़ा चम्मच सिरका
    2 कप दूध
    ऊपर से डालने के लिए मिक्स सीड्स (ऑप्शनल)

    ज्वार के आटे से ब्रेड कैसे बनाते हैं?
        ज्वार के आटे से ब्रेड बनाने के लिए सबसे पहले हांडी, कड़ाही या प्रेशर कुकर को 10 से 15 मिनट तक कम गैस पर पहले से गर्म कर लें.
        अब एक बड़े बाउल में ज्वार का आटा, इसबगोल, नमक, शहद और बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें.
        इसके बाद धीरे-धीरे दूध डालते हुए बैटर तैयार करें. अब इसमें सिरका डालें और दोबारा अच्छी तरह मिला लें.
        मिश्रण को ढककर 2 से 3 मिनट के लिए छोड़ दें, ताकि इसबगोल अच्छी तरह लिक्विड सोख ले.
        अब घोल को बटर पेपर लगे हुए लोफ टिन या किसी बेकिंग टिन में डालें. चाहें तो ऊपर से मिक्स सीड्स छिड़क दें.
        टिन को पहले से गर्म कड़ाही या कुकर में रखें और कम गैस पर  40 से 45 मिनट तक पकाएं.
        ब्रेड तैयार होने के बाद इसे पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद स्लाइस काटकर नाश्ते में मक्खन, पीनट बटर या अपनी पसंद की स्प्रेड के साथ सर्व करें.
        नॉर्मल टेंपरेचर पर यह ब्रेड 1 से 2 दिन तक ताजा रह सकती है. अगर मौसम गर्म या बहुत उमस वाला हो तो इसे फ्रिज में रखना बेहतर है. फ्रिज में रखने पर यह 4 से 5 दिन तक चल सकती है.

     

  • सूखे नारियल को न फेंकें, घर पर ऐसे बनाएं शुद्ध नारियल तेल

    सूखे नारियल को न फेंकें, घर पर ऐसे बनाएं शुद्ध नारियल तेल

    घर में पूजा-पाठ, त्योहार या किसी शुभ मौके पर सूखे नारियल लाए जाते हैं. अक्सर पूजा-पाठ के बाद ये सूखे नारियल बच जाते हैं. इन्हें स्टोर करने के लिए लोग फ्रिज में रख देते हैं, जिसकी वजह से कुछ समय बाद ही ये सख्त हो जाते हैं. जब नारियल बहुत सख्त हो जाता है, तो समझ नहीं आता कि इसका क्या किया जाए. कई लोग इसे बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं. लेकिन अगर आपके घर में भी ऐसा सूखा नारियल पड़ा है, तो उसे फेंकने से पहले दो बार जरूर सोचें.

    दरअसल, जिस सूखे नारियल को आप बेकार समझ रहे हैं, उससे घर पर ही शुद्ध और खुशबूदार नारियल तेल तैयार किया जा सकता है. खास बात ये है कि आज हम आपको नारियल तेल निकालने का ऐसा तरीका बताने वाले हैं, जिसके लिए आपको किसी महंगी मशीन या खास गैजेट की जरूरत नहीं पड़ेगी. घर में मौजूद मिक्सी और कुछ आसान स्टेप्स की मदद से आप सूखे नारियल से तेल निकाल सकते हैं. तो चलिए जानते हैं कि सूखे नारियल से घर पर तेल निकालने का आसान तरीका क्या है.

    बनाने का तरीका:
    1. घर पर नारियल तेल निकालने के लिए सबसे पहले सूखे नारियल को तोड़कर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इन टुकड़ों को पानी से भरे एक बड़े बर्तन में डालकर करीब 2 घंटे के लिए भिगोकर रख दें. इससे नारियल थोड़ा नरम हो जाएगा. ऐसा करने से उसे पीसना आसान रहेगा.

    2. अब भीगे हुए नारियल के टुकड़ों को मिक्सी में डालें. इसमें जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी मिलाएं और अच्छी तरह पीसकर बारीक पेस्ट बना लें. ध्यान रखें कि पेस्ट जितना बारीक और स्मूद होगा, उससे दूध निकालना उतना ही आसान होगा.

    3. अब इस तैयार पेस्ट को एक साफ मलमल के कपड़े में डालकर अच्छी तरह निचोड़ लें. इससे जो गाढ़ा सफेद लिक्विड निकलेगा, वो नारियल का दूध होगा.

    4. दूध निकालने के बाद नारियल का बचे हुए बुरादे को फेंकने या बेकार समझने की जरूरत नहीं है. आप इसे सुखाकर चटनी, मिठाई या दूसरी रेसिपी में इस्तेमाल कर सकते हैं.

    5. अब नारियल के दूध को किसी गहरे बर्तन में डालकर ढक दें और करीब 12 से 15 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें. इस दौरान नारियल की मलाई ऊपर जम जाएगी और पानी नीचे रह जाएगा.

    6. अगले दिन ऊपर जब आप दूध को बाहर निकालेंगे तो उसके ऊपर सफेद और गाढ़ी लेयर जमी होगी. इसे चम्मच की मदद से बहुत ही ध्यान से निकाल लें. यही मलाई आगे चलकर नारियल के तेल में बदलेगी.

    7. निकाली हुई नारियल की मलाई को एक भारी तले वाली कड़ाही में डालें और मीडियम आंच पर पकाएं. इसे बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि मलाई कड़ाही के नीचे चिपके नहीं.

    8. करीब 45 से 60 मिनट तक पकाने के बाद मलाई का सॉलिड हिस्सा धीरे-धीरे सुनहरा-भूरा होने लगेगा और ऊपर साफ तेल दिखाई देने लगेगा.

    9. जब तेल पूरी तरह अलग हो जाए, तो गैस बंद कर दें. तेल को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर इसे मलमल के कपड़े या बारीक छलनी से छान लें.

    आपका घर का बना नारियल तेल तैयार है. इसे सूखी कांच की बोतल में भरकर रखें. ध्यान रखें कि तेल में पानी या गीली चम्मच न जाए. इस तरह घर में पड़े पुराने सूखे नारियल को फेंकने के बजाय आप उससे तेल निकाल सकते हैं और उसका भरपूर इस्तेमाल कर सकते हैं.

  • अलसी, चावल और एलोवेरा से बनाएं नेचुरल कोलेजन सीरम, पाएं ग्लो

    अलसी, चावल और एलोवेरा से बनाएं नेचुरल कोलेजन सीरम, पाएं ग्लो

    उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारी त्वचा में प्राकृतिक रूप से कोलेजन का स्तर कम होने लगता है जिससे स्किन ढीली पड़ने लगती है और चेहरे पर बारीक रेखाएं व झुर्रियां नजर आने लगती हैं. अक्सर लोग झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए बाजार में मिलने वाले महंगे एंटी-एजिंग क्रीम और सीरम का इस्तेमाल करते हैं जिनमें कई तरह के केमिकल्स होते हैं.

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में ही कुछ ऐसी चीजें मौजूद हैं, जो स्किन में नेचुरल कोलेजन को बूस्ट कर सकती हैं. अलसी चावल के पानी और एलोवेरा जेल से बना यह होममेड सीरम त्वचा को गहराई से पोषित करता है, कसाव लाता है और ढीली स्किन को फिर से टाइट व चमकदार बनाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने का सबसे आसान तरीका.

    होममेड कोलेजन सीरम बनाने के लिए सामग्री
    अलसी के बीज : 2 बड़ी चम्मच (ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर, जो कोलेजन को बूस्ट करते हैं)

    चावल का पानी : ½ कप (एंटी-एजिंग गुणों और स्किन ब्राइटनिंग के लिए)

    एलोवेरा जेल : 2 बड़ी चम्मच (स्किन को हाइड्रेट और टाइट करने के लिए)

    विटामिन-ई कैप्सूल – 1 (सीरम की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और एक्स्ट्रा ग्लो के लिए)

    बनाने की विधि:
    अलसी का जेल बनाएं: एक पैन में 1 कप पानी और 2 चम्मच अलसी के बीज डालकर 5-7 मिनट तक मध्यम आंच पर उबालें. जब पानी गाढ़ा होकर चिपचिपा (जेल जैसा) हो जाए, तो गैस बंद कर दें और इसे तुरंत सूती कपड़े या छलनी से छान लें.

    चावल का पानी तैयार करें: चावल को 1 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें और उस पानी को छानकर अलग रख लें.

    सीरम मिक्स करें: अब एक बाउल में 2 चम्मच तैयार अलसी का जेल, 2 चम्मच चावल का पानी और 2 चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल मिलाएं. इसमें 1 विटामिन-ई कैप्सूल का ऑयल डालें.

    अच्छी तरह फेंटें: सभी चीजों को तब तक अच्छी तरह मिलाएं जब तक कि यह एक क्रीमी और स्मूथ सीरम जैसा न बन जाए.

    स्टोर करें: इस सीरम को किसी कांच की ड्रॉपर बोतल में भरकर फ्रिज में रखें. यह 10-12 दिनों तक खराब नहीं होता.

    इस्तेमाल करने का सही तरीका:
    रोजाना रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छे से धोकर सुखा लें. अब इस सीरम की 4-5 बूंदें अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 2-3 मिनट तक ऊपर की दिशा में हल्के हाथों से मसाज करें. रात भर इसे चेहरे पर लगा रहने दें और सुबह नॉर्मल पानी से धो लें.

  • बरगद की छाल और नारियल तेल से पाएं मजबूत और घने बाल

    बरगद की छाल और नारियल तेल से पाएं मजबूत और घने बाल

    आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रदूषण, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खान-पान और स्ट्रेस की वजह से बालों का झड़ना, टूटना और समय से पहले सफेद होना आम समस्या बन गए हैं.  इससे बचने के लिए कई लोग महंगे हेयर प्रोडक्ट्स और केमिकल वाले शैंपू का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन आप बालों की देखभाल के लिए कोई नेचुरल उपाय अपनाना चाहते हैं तो बरगद की छाल और नारियल का तेल का पारंपरिक मिश्रण ट्राई कर सकते हैं.

    माना जाता है कि यह मिश्रण बालों को जड़ों से पोषण देता है, जिससे बालों का टूटना कम होता है और बाल लंबे और घने होते हैं. तो आइए जानते हैं कि बरगद की छाल और नारियल के तेल का मिश्रण कैसे बनाया जाता है और इसे लगाने का सही तरीका क्या है.

    इंग्रेडिएंट्स (ingredients)
    बरगद की सूखी छाल या जटा
    200–250 मिली नारियल का तेल

    बरगद और नारियल तेल का मिश्रण कैसे बनाएं?
        सबसे पहले बरगद की छाल या जटा को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि उस पर लगी धूल-मिट्टी निकल जाए. इसके बाद इसे धूप में अच्छी तरह सुखा लें. ध्यान रखें कि इसमें बिल्कुल भी नमी न रहे, क्योंकि नमी रहने से तेल जल्दी खराब हो सकता है.
        अब सूखी छाल या जटा को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें या हल्का-सा कूट लें.
        इसके बाद एक भारी तले के बर्तन में नारियल का तेल डालें और उसमें बरगद की सूखी छाल या जटा मिला दें. अब इसे कम गैस पर लगभग 15 से 20 मिनट तक पकाएं. जब छाल का रंग हल्का बदलने लगे और उसका अर्क तेल में मिल जाए तो गैस बंद कर दें.
        तेल को पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद इसे छानकर एक साफ और सूखी कांच की बोतल में भर लें. अब आपका बरगद और नारियल का तेल इस्तेमाल के लिए तैयार है.

    कैसे करें इस्तेमाल?
    हफ्ते में 1 से 2 बार इस तेल को हल्का गुनगुना करके स्कैल्प और बालों की जड़ों में हल्के हाथों से मसाज करें. लगभग 30 मिनट से 1 घंटे बाद या रातभर लगाकर अगली सुबह माइल्ड शैंपू से बाल धो लें.

    बरगद और नारियल के तेल का मिश्रण लगाने के क्या फायदे हैं?
    बरगद और नारियल के तेल का यह मिश्रण पारंपरिक तौर पर बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है. नारियल का तेल स्कैल्प को नमी देने, बालों को मुलायम बनाने और टूटने से बचाने में मदद करता है. वहीं, माना जाता है कि बरगद की छाल या जटा में मौजूद प्राकृतिक गुण स्कैल्प को हेल्दी रखने और बालों की जड़ों को पोषण देने में मदद करते हैं, जिससे बाल जड़ों से मजबूत होतें हैं और बालों का झड़ना काफी हद तक कम हो जाता है. इन दोनों का मिश्रण हफ्ते में 1 या 2 बार लगाने से बाल लंबे, घने और हेल्दी बनते हैं.

    इन बातों का रखें ध्यान:
        पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें.
        अगर स्कैल्प पर घाव, संक्रमण या किसी तरह की एलर्जी है तो इसका उपयोग न करें.
        अगर तेल लगाने के बाद खुजली, लालपन या जलन हो तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें और जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट की सलाह लें.

     

  • मानसून में ऑयली स्किन से राहत देंगे ये तीन नेचुरल फेस पैक

    मानसून में ऑयली स्किन से राहत देंगे ये तीन नेचुरल फेस पैक

     मॉनसून अपनी दस्तक दे चुका है, जिसका लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. बारिश गर्मी से तो राहत देता है, लेकिन इसके साथ आने वाली उमस और नमी त्वचा की कई परेशानियों को बढ़ा देती है. बारिश का मौसम खासकर ऑयली स्किन वालों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता. इन दिनों उनके चेहरे पर अतिरिक्त तेल जमा होने लगता है, जिससे त्वचा चिपचिपी महसूस होती है. साथ ही पिंपल्स, ब्लैकहेड्स और चेहरे की चमक कम होने लगती है.

    इन सभी स्किन की दिक्कतों को कम करने के लिए लोग महंगे प्रोडक्ट्स लगाना शुरू कर देते हैं, जबकि मॉनसून में आप स्किन की देखभाल में नेचुरल चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आपकी स्किन की समस्याओं को जल्दी और लंबे समय के लिए सही करने में मदद करती है. मानसून में अगर आपका चेहरा भी चिपचिपा हो जाता है तो आप घर में मौजूद नेचुरल चीजों से बना फेस पैक अपने चेहरे पर लगा सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे 3 आसान नेचुरल फेस पैक, जो बारिश के मौसम में आपकी स्किन की बेहतर देखभाल कर सकते हैं.

    मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल फेस पैक
    अगर आपकी स्किन जरूरत से ज्यादा ऑयली हो जाती है, तो मुल्तानी मिट्टी आपके लिए बेस्ट है. यह त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी को सोखने में मदद करती है, जबकि गुलाब जल त्वचा को ठंडक और ताजगी देता है. इस फेस पैक को बनाने के लिए 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी में जरूरत के अनुसार गुलाब जल मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें. इसे चेहरे पर 15 मिनट तक लगाएं और सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें. हफ्ते में 1 से 2 बार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

    बेसन और दही का फेस पैक
    बेसन स्किन की गहराई से सफाई करने के लिए जाना जाता है, जबकि दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है. इसके लिए 2 चम्मच बेसन में 1 चम्मच ताजा दही मिलाएं. चाहें तो इसमें एक चुटकी हल्दी भी मिला सकते हैं. इस मिक्सर को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर रखें और फिर हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लें. इससे स्किन साफ और फ्रेश महसूस होती है और बारिश में यह फेस पैक आपके बहुत काम आ सकता है.

    खीरा और एलोवेरा जेल फेस पैक
    इस मौसम में खीरा खूब बाजारों में मिलता है और वो शरीर में पानी की कमी भी पूरी करता है. मानसून में त्वचा को ठंडक और हाइड्रेशन की भी जरूरत होती है, ऐसे में खीरा और एलोवेरा जेल का फेस पैक काफी फायदेमंद हो सकता है. आधे खीरे को पीसकर उसमें 1 चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं. इस पेस्ट को चेहरे पर 15 से 20 मिनट तक लगाकर रखें और फिर पानी से धो लें. यह फेस पैक त्वचा को ठंडक देने के साथ अतिरिक्त ऑयल को कम करने में मदद करता है.

    मानसून में रखें इन बातों का ध्यान
    चेहरे को दिन में दो बार हल्के फेसवॉश से साफ करें, ताकि धूल, पसीना और अतिरिक्त तेल हट सके. जितना हो ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर का ही इस्तेमाल करें और मौसम चाहे जैसा भी हो, सनस्क्रीन लगाना न भूलें. साथ ही पर्याप्त पानी पीना और बैलेंस डाइट लेना भी स्किन को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है.

    Disclaimer: ये घरेलू उपाय सामान्य त्वचा की देखभाल के लिए हैं. अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है, एलर्जी की समस्या है या लगातार पिंपल्स हो रहे हैं, तो किसी भी फेस पैक का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करें और जरूरत पड़ने पर अपने डॉक्टर की सलाह लें.

  • नारियल पानी महंगा पड़ रहा? गर्मी में हाइड्रेशन के लिए ये 5 सस्ते देसी ड्रिंक्स हैं बेहतरीन विकल्प

    नारियल पानी महंगा पड़ रहा? गर्मी में हाइड्रेशन के लिए ये 5 सस्ते देसी ड्रिंक्स हैं बेहतरीन विकल्प

     बारिश के बाद निकलने वाली तेज धूप से उमस भरी गर्मी होती है. इस तरह की गर्मी में शरीर से पानी की तरह पसीना बहता है, जिसकी वजह से शरीर में पानी की कमी होना आम बात है. बहुत लोग आपको शिकायत करते दिख जाएंगे कि वो कितना भी पानी पी लें, लेकिन फिर भी उनका गला बार-बार सूखता है और उन्हें जल्दी-जल्दी प्यास लगती है. हेल्थ को ध्यान में रखते हुए अपनी प्यास बुझाने और शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने से बचाने के लिए नारियल पानी पीना पसंद करते हैं. ये उन्हें तरोताजा रखने के साथ ही खूब सारे पोषण भी देता है.

    नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं. इसकी वजह से डॉक्टर्स भी लोगों को नारियल पानी पीने की सलाह देते हैं. लेकिन अब कई शहरों में एक नारियल पानी 80 से 100 रुपये या उससे भी ज्यादा का मिलने लगा है. ऐसे में हर दिन इसे खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं है. अगर आप भी नारियल पानी नहीं खरीद पाते हैं, तो ये खबर आपके लिए है. शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखने के लिए सिर्फ नारियल पानी ही ऑप्शन नहीं है. ऐसी कई देसी और सस्ती ड्रिंक्स हैं, जो गर्मियों में शरीर को राहत देने के साथ जरूरी पोषक तत्व भी देती हैं. आइए जानते हैं ऐसे 5 हेल्दी विकल्पों के बारे में.

    1. तरबूज का जूस: तरबूज गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में से एक है. इसका जूस शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मदद करता है. इसमें पोटैशियम, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को तरोताजा रखने और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद कर सकते हैं.

    2. लौकी का जूस: लौकी पोषक तत्वों से भरपूर होती है, लेकिन फिर भी लोग इसे खाने में मुंह बनाते हैं. लेकिन अगर आप सस्ते में पोषण लेना चाहते हैं तो इसका जूस पीना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. इसमें लगभग 92 प्रतिशत पानी होता है. साथ ही कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और फॉस्फोरस जैसे जरूरी मिनरल्स भी मिलते हैं. गर्मियों में इसका जूस शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन देने में मदद कर सकता है.

    3. सफेद पेठे का जूस: सफेद पेठा यानी ऐश गॉर्ड का जूस भी उमस भरी गर्मी के लिए बेहतरीन ऑप्शन माना जाता है. इसमें करीब 96 प्रतिशत पानी होता है, जिससे शरीर लंबे समय तक हाइड्रेट रहता है. इसके अलावा इसमें कैल्शियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करते हैं.

    4. केले के तने का जूस: केले का तना भी कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा सोर्स माना जाता है. केले के तने के जूस में विटामिन बी6, पोटैशियम, आयरन और मैग्नीशियम मौजूद होते हैं. ये शरीर को एनर्जी देने के साथ गर्मियों में ठंडक बनाए रखने में भी मदद कर सकता है.

    5. चिचिंडा (स्नेक गॉर्ड) का जूस: स्नेक गॉर्ड का जूस भी पीने के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इसमें फाइबर, मैग्नीशियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. ये शरीर में पानी की कमी पूरी करने के साथ पाचन को बेहतर रखने और शरीर को अंदर से तरोताजा महसूस कराने में मदद कर सकता है.

  • शैम्पू बदलने से नहीं रुकता हेयर फॉल? जानिए बाल झड़ने की असली वजह

    शैम्पू बदलने से नहीं रुकता हेयर फॉल? जानिए बाल झड़ने की असली वजह

    जब भी अधिक बाल झड़ते हैं अक्सर अधिकतर लोग सबसे पहले अपने शैम्पू को बदलने का फैसला करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि शैम्पू में ही कोई खराबी है या वो शैम्पू उनको सूट नहीं कर रहा. शैम्पू का मुख्य काम स्कैल्प और बालों से गंदगी, तेल और धूल-मिट्टी को साफ करना है. यह महज एक साबुन या क्लीन्जर की तरह होता है.

    अक्सर लोग भ्रम में रहते हैं कि शैम्पू बदलने से हेयर फॉल की समस्या रातों-रात खत्म हो जाएगी. सच तो यह है कि शैम्पू बालों की जड़ों के भीतर जाकर हेयर फॉलिकल्स को डैमेज नहीं करता, जिससे स्थायी हेयर लॉस हो सके. तो इसके पीछे का कारण क्या है, इसे समझ लीजिए.

    हेयर फॉल और हेयर ब्रेकेज में अंतर समझें
    अक्सर जिसे हम हेयर फॉल समझते हैं वह वास्तव में 'हेयर ब्रेकेज' यानी बालों का टूटना होता है. क्लीवलैंड क्लिनिक का कहना है, कई लोग शैम्पू के दौरान टूटने वाले बालों को हेयर फॉल समझ लेते हैं. यदि शैम्पू बहुत ज्यादा हार्श है या उसमें ऐसे तत्व हैं जो बालों को सूखा बना देते हैं तो बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं. इसे फॉलिकल डैमेज नहीं बल्कि बालों का टूटना यानी हेयर ब्रेकेज कहा जाता है. इसलिए शैम्पू बदलते रहने के बजाय अपनी स्कैल्प की जरूरत को समझना ज्यादा जरूरी है.

    क्यों होता है हेयर फॉल?
    बालों के झड़ने के पीछे की असली वजहें बहुत गहरी होती हैं. हेल्थलाइन पर दी गई जानकारी के मुताबिक, अधिकतर मामलों में हेयर फॉल के लिए जेनेटिक्स, हार्मोनल असंतुलन, तनाव, पोषण की कमी या थायराइड जैसी मेडिकल स्थितियां जिम्मेदार होती हैं.

    शैम्पू स्कैल्प की सफाई के लिए है न कि बालों की ग्रोथ बढ़ाने वाली कोई दवा. यदि आप शैम्पू बदलने के बाद भी बहुत ज्यादा हेयर फॉल महसूस कर रहे हैं तो समस्या आपकी बोतल के अंदर नहीं, बल्कि आपकी बॉडी के अंदर हो सकती है.

    सही शैम्पू और वॉश करने का सही तरीका
    बालों को स्वस्थ रखने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपनी स्कैल्प टाइप के अनुसार शैम्पू चुनें. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, शैम्पू को हमेशा स्कैल्प पर लगाना चाहिए पूरी लंबाई पर रगड़ने की जरूरत नहीं होती. स्कैल्प को धीरे-धीरे मसाज करें और फिर पानी से अच्छी तरह धो लें.

    अधिक मेहनत करने या नाखूनों से रगड़ने से स्कैल्प में इन्फेक्शन और इरिटेशन हो सकती है जो हेयर फॉल को और बढ़ा सकता है. इसलिए शैम्पू को दोषी ठहराने से पहले अपनी हेयर केयर रूटीन और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना बहुत जरूरी है.

  • अमरूद के पत्ते भी हैं सेहत का खजाना, जानें चाय से लेकर फेस पैक तक इस्तेमाल के फायदे

    अमरूद के पत्ते भी हैं सेहत का खजाना, जानें चाय से लेकर फेस पैक तक इस्तेमाल के फायदे

     आम, केला, सेब, पपीते के अलावा अमरूद भी लोग बड़े चाव से खाते हैं. इसके अलावा यह अनार की तरह ज्यादा महंगा भी नहीं होता है. अमरूद एक ऐसा फल है, जो स्वाद और पोषण दोनों के लिए जाना जाता है. मगर अमरूद के पत्तों को निकालकर कूड़े में फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पत्ते भी कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं?

    आमतौर पर ज्यादातर लोग अमरूद के पत्तों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, जबकि इनमें फ्लेवोनॉइड्स, पॉलीफेनॉल्स, टैनिन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि आयुर्वेद में भी इनका इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है. अमरूद के पत्तों को सेहत के लिए वरदान कहना भी गलत नहीं होगा, इसका इस्तेमाल कई तरीके से किया जाता है.स्किन से लेकर बालों तक के लिए अमरूद की पत्तियां फायदेमंद होती हैं.

    दिल्ली के न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. अंशुल जयभारत के मुताबिक, अमरूद के पत्ते विटामिन C जैसे एंटीऑक्सीडेंट और क्वेरसेटिन जैसे फ्लेवोनॉयड्स का पावरहाउस हैं, जो हमारी हेल्थ और ब्यूटी के लिए कई तरह के फायदे पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. आइए आपको बताते हैं कि आप अमरूद के पत्तों का आप कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं.

    हर्बल चाय बनाकर पिएं
    अमरूद के पत्तों को बेकार समझकर फेंकने की गलती न करें, बल्कि इससे आप हर्बल चाय बनाकर पी सकते हैं. चाय बनाने के लिए 8 से 10 ताजे अमरूद के पत्तों को धोकर 2 कप पानी में करीब 10 मिनट तक उबालें. इसके बाद छानकर गुनगुना पिएं. आप इसका टेस्ट चेंज करने के लिए चाहें तो थोड़ा शहद या नींबू मिला सकते हैं.

    माउथ रिंस बनाएं
    माउथ रिंस के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है और इससे आपको बाजार से महंगा माउथ फ्रेशनर खरीदने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. अमरूद के पत्तों को पानी में उबालकर ठंडा कर लें. इस पानी से कुल्ला करने से मुंह की सफाई बनाए रखने और सांस की बदबू कम करने में मदद मिल सकती है.

    बाल धोने के लिए
    अमरूद के पत्ते बालों के लिए भी फायदेमंद होता है और आप इसके पानी का इस्तेमाल बालों के लिए कर सकते हैं. पत्तों को उबालकर तैयार पानी को ठंडा करें और बाल धोने के बाद आखिर रिंस के रूप में इस्तेमाल करें. इससे स्कैल्प की सफाई में मदद मिल सकती है.

     फेस पैक में बनाएं
    अमरूद के पत्तों से आप फेस पैक बना सकते हैं. पत्तों का पेस्ट बनाकर उसमें गुलाब जल मिलाएं और चेहरे पर 10 से 15 मिनट लगाएं. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण स्किन की देखभाल में मदद कर सकते हैं.

    अमरूद के पत्तों के संभावित फायदे
    डाइजेस्टिव सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.
    ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मददगार हो सकते हैं.
    एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को फ्री-रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं.
    इम्युनिटी पावर को सपोर्ट कर सकते हैं.
    त्वचा और बालों की देखभाल में गुणकारी माने जाते हैं.

    अमरूद के पत्तों के इस्तेमाल रखें ये सावधानी
    हालांकि अमरूद के पत्ते प्राकृतिक हैं, लेकिन इन्हें किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जा सकता. यदि आप डायबिटीज, हाई बीपी या किसी अन्य बीमारी की दवा ले रहे हैं, गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं, तो अमरूद के पत्तों का नियमित सेवन या उपयोग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

  • घर पर बनाएं हलवाई जैसी स्पंजी मलाई चमचम, आसान रेसिपी जानें

    घर पर बनाएं हलवाई जैसी स्पंजी मलाई चमचम, आसान रेसिपी जानें

     खाने के बाद कुछ मीठा मिल जाए तो मन खुश हो जाता है और पेट भी भर जाता है. भारतीय घरों में आज भी घरों में मिठाइयां बनाई जाती हैं और लोग बड़े चाव से उनको खाते भी हैं. गुलाब जामुन, रसमलाई, पेड़ा जैसी मिठाई तो लोग आराम से बना लेते हैं, लेकिन कुछ मिठाइयों के लिए उनको हलवाई की दुकान का रूख करना पड़ता है. स्पंजी, रसीली और मलाई से लिपटी मलाई चमचम का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाना बेहद आम बात है.

    अक्सर हमें लगता है कि हलवाई जैसी जालीदार और मुंह में जाते ही घुल जाने वाली चमचम सिर्फ बाजार में ही मिल सकती है. घर पर बनाने की कोशिश में कभी छेना सख्त हो जाता है, तो कभी चाशनी में डालते ही चमचम टूटने लगती है. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं मलाई चमचम की बेहद आसान और अचूक रेसिपी, जिसे बनाकर आप खुद कहेंगे…अरे, इसे बनाना इतना आसान था क्या? तो चलिए,  हलवाई जैसी मखमली और स्पंजी मलाई चमचम की आसान रेसिपी जानते हैं.

    मलाई चमचम के लिए आवश्यक सामग्री
        फुल क्रीम दूध – 1 लीटर
        नींबू का रस या विनेगर – 2 चम्मच (थोड़े पानी में मिलाकर)
        आरारोट या मैदा – 1 छोटा चम्मच
        चीनी – 2 कप (चाशनी बनाने के लिए)
        खोया (मावा) – ½ कप
        पिसी हुई चीनी – 2 चम्मच
        बारीक कटे पिस्ता और बादाम – 2-3 बड़े चम्मच
        इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
        केसर – कुछ धागे
        पानी – 5-6 कप (चाशनी के लिए)

    बनाने की आसान विधि
    सॉफ्ट छेना तैयार करें: दूध को उबालकर गैस बंद कर दें और 2 मिनट ठंडा होने दें. अब धीरे-धीरे नींबू का पानी डालकर दूध को फाड़ लें. छेने को मलमल के कपड़े में छानकर ठंडे पानी से धो लें, ताकि खटास निकल जाए. कपड़े को हल्के हाथों से निचोड़कर 30 मिनट के लिए लटका दें, जिससे अतिरिक्त पानी निकल जाए.

    डो और शेप बनाएं: छेनी को एक थाली में निकालकर हथेली से 5से 6 मिनट तक अच्छी तरह मसलें जब तक वह चिकना न हो जाए. अब इसमें मैदा और एक चुटकी पीला रंग मिलाकर मिक्स करें. इसके छोटे-छोटे ओवल शेप के चमचम बना लें. ध्यान रहे, इनमें दरारें न हों.

    चाशनी में पकाएं: एक चौड़े बर्तन में 2 कप चीनी और 4-5 कप पानी डालकर तेज उबालें. उबलती चाशनी में चमचम डालकर ढक दें और तेज आंच पर 15 मिनट पकाएं. चमचम फूलकर दोगुनी हो जाएगी. इसे चाशनी में ही ठंडा होने दें.

    मलाई स्टफिंग: पैन में मावा, पिसी चीनी, इलायची पाउडर और केसर का दूध मिलाकर 3 मिनट धीमी आंच पर पकाएं और ठंडा कर लें. अब ठंडी चमचम को चाशनी से निकालकर हल्का दबाएं. बीच से लंबाई में एक चीरा लगाएं और तैयार क्रीमी मावा स्टफिंग भर दें.

    ऐसे करें सर्व: आखिर में ऊपर से पिस्ता और बादाम से सजाकर फ्रिज में ठंडा करें. आपकी सुपर सॉफ्ट हलवाई जैसी मलाई चमचम तैयार है. इसे खाने के बाद हर कोई आपकी तारीफ करेगा और खुद को इसकी रेसिपी भी पूछने से रोक नहीं पाएगा.