Category: छत्तीसगढ़

  • पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा। सक्ती में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के राज्यस्तरीय गृह प्रवेश समारोह में 2 लाख नवनिर्मित आवासों का गृह प्रवेश कराया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से उनके नए घरों की चाबी सौंपी गई।

    इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने नवगठित सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की। केंद्रीय मंत्री  चौहान ने अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति संबंधी पत्र मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को सौंपा।

    छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 1600 से अधिक पीएम आवास हो रहे पूर्ण : केंद्रीय मंत्री  चौहान

    केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण इसी संकल्प को जमीन पर साकार करने वाली महत्वपूर्ण योजना है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है और प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विकास कार्यों की सराहना की।

    केंद्रीय मंत्री  चौहान ने कहा कि सरकार जो कहती है, उसे पूरा करके दिखाती है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को नई गति मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के आवास, सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से गरीब परिवारों को केवल पक्की छत ही नहीं मिल रही, बल्कि उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, निःशुल्क राशन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में व्यापक बदलाव लाने का कार्य किया जा रहा है।

    कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर कर रहे काम

    केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। प्रदेश अब केवल धान के कटोरे के रूप में ही नहीं, बल्कि तेजी से सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बना रहा है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि में आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं।

    उन्होंने कहा कि सक्ती में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती, फसल विविधीकरण और कृषि संबंधी वैज्ञानिक मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा।

    गरीब का पक्का घर हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री  साय

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि  चौहान का छत्तीसगढ़ के प्रति विशेष स्नेह रहा है और उनके प्रत्येक प्रवास से प्रदेश को विकास की नई सौगातें मिली हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आज अपने नए पक्के घर में प्रवेश कर रहे 2 लाख हितग्राही परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

    उन्होंने कहा कि आवास सर्वे-2011 और आवास प्लस सर्वे के अंतर्गत आवासों के लक्ष्य की स्वीकृति मिल चुकी है। अब आवास प्लस-प्लस सर्वे में शामिल शेष पात्र परिवारों के लिए भी आवास स्वीकृत करने का अनुरोध केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से किया गया है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे।

    13.85 लाख बहनें बनीं लखपति दीदी

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में हमारी माताओं-बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और बिहान के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे बड़े बदलाव का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को लाभान्वित किया जा रहा है और अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत अब तक 750 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया बिजली बिल माफ किए जा चुके हैं।

    ग्रामीण विकास के कई अभिनव अभियानों का शुभारंभ

    कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत निर्मित 2 लाख आवासों के गृह प्रवेश के साथ ही विभिन्न ग्रामीण विकास अभियानों और नवाचारों का भी शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश की चाबी प्रदान की गई।

    मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन का शुभारंभ किया गया। विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत ‘धार अपार’ और ‘सुघ्घर बाड़ी’ अभियान प्रारंभ किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 270 नवीन इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टरों का विमोचन किया गया। साथ ही इन्क्यूबेशन प्रोग्राम ‘अथ उद्यमिता की ओर’ के अंतर्गत चैलेंज फंड इवेंट का शुभारंभ हुआ।

    कार्यक्रम में आजीविका के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति दीदियों एवं डीलर दीदियों तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पंचायतों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।

    अंत्योदय के संकल्प के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ :  तोखन साहू

    केंद्रीय राज्यमंत्री  तोखन साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का चिंतन सरकार के लिए मार्गदर्शक है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में इसी भावना के अनुरूप गरीब, किसान, महिला और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

    उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में विकास को नई गति मिली है और गांवों में बुनियादी सुविधाओं के साथ ही रोजगार एवं आजीविका के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

    कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे : उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा

    उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद 11.50 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। गरीब परिवारों के साथ नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों के आवास की भी चिंता की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है। 26 जनवरी 2027 तक प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में बालिका शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मुक्तिधाम शेड और आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण भी वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत कराया जाएगा।

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों पर बारकोड लगाया जा रहा है। नागरिक इसे स्कैन कर संबंधित विकास कार्य की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे ग्रामीण विकास में पारदर्शिता बढ़ने के साथ आम नागरिक भी विकास कार्यों की निगरानी में सहभागी बनेंगे।

    कार्यक्रम के अंत में जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद मती कमलेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष मती द्रौपती कीर्तन चंद्रा सहित जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, लखपति दीदियां, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

  • पक्के घर में कदम रखते ही चेहरे पर आई मुस्कान, 5,596 परिवारों के साकार हुए अपने आशियाने के सपने

    पक्के घर में कदम रखते ही चेहरे पर आई मुस्कान, 5,596 परिवारों के साकार हुए अपने आशियाने के सपने

    रायपुर

     आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के ग्राम पंचायत गोरता में आज उस समय खुशी का माहौल बन गया, जब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत निर्मित पक्के मकानों में हितग्राहियों ने विधिवत गृह प्रवेश किया। छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर हितग्राही परिवारों को उनके नए आशियाने की चाबी सौंपी और उन्हें सुखद एवं सुरक्षित गृहस्थ जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मंत्री श्री अग्रवाल ने विधिवत पूजन एवं फीता काटकर गृह प्रवेश कराया तथा प्रतीकात्मक रूप से हितग्राहियों को ‘खुशियों की चाबी’ प्रदान की।

    अपने पक्के घर का सपना साकार होने पर हितग्राही परिवारों के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ नजर आया। लंबे समय से सुरक्षित और पक्के आवास की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों के लिए यह दिन नई उम्मीद, सम्मान, स्थायित्व और आत्मविश्वास की शुरुआत लेकर आया।

    मंत्री ने सौंपी ‘खुशियों की चाबी’, परिवारों के चेहरे पर खिली मुस्कान

    गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हितग्राही जुगेंद्र राजवाड़े एवं उनकी पत्नी फूलमती को उनके नवनिर्मित पक्के आवास की चाबी सौंपी। जैसे ही परिवार को अपने नए घर की चाबी मिली, परिवार के सदस्यों के चेहरे खुशी से खिल उठे। हितग्राही परिवार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्का घर मिलने पर शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

    इसी क्रम में अन्य हितग्राहियों जोगेंद्र राजवाड़े, छीहारो और संतोष सहित अन्य परिवारों को भी मंत्री श्री अग्रवाल ने ‘खुशियों की चाबी’ प्रदान की। उन्होंने हितग्राहियों को नए घर के लिए बधाई देते हुए कहा कि पक्का आवास केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं, बल्कि परिवार के सुरक्षित भविष्य, सम्मान और स्थायी आशियाने की मजबूत नींव है।

    अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूरा करने हितग्राहियों को किया प्रेरित

    कार्यक्रम के दौरान पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने ग्रामवासियों से संवाद भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत शेष आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए हितग्राहियों को प्रेरित किया। अधिकारियों ने हितग्राहियों से चर्चा कर आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी ली तथा अपूर्ण आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

    कार्यक्रम में जनपद पंचायत लखनपुर की अध्यक्ष शशिकला सिंह, उपाध्यक्ष श्री कामेश्वर राजवाड़े, ग्राम पंचायत के सरपंच एवं पंच, जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी खुशबू शास्त्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, एबीपी फेलो और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

    ‘हर पात्र परिवार को पक्का घर’ के संकल्प को मिल रही गति

    प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ऐसे पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, जिनके पास स्वयं का पक्का घर नहीं है। योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक जीवन, बेहतर आवासीय सुविधा और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    ग्राम गोरता में आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम ने इस संकल्प की जमीनी तस्वीर प्रस्तुत की। जब हितग्राही परिवार अपने नए घर में प्रवेश कर रहे थे, तब पूरे गांव में उत्साह और प्रसन्नता का वातावरण देखने को मिला।

    5,596 आवासों में एक साथ गूंजी गृह प्रवेश की खुशियां

    सरगुजा जिले में आज प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) एवं मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (MMAY-G) के तहत निर्मित कुल 5,596 आवासों में गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया गया। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 4,967, पीएम जनमन योजना के 398 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 231 आवास शामिल हैं।
    विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार अंबिकापुर में कुल 1,235 आवासों में गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 1,170, पीएम जनमन योजना के 41 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के 24 आवास शामिल हैं। इसी प्रकार बतौली में कुल 737 आवासों में गृह प्रवेश हुआ, जिनमें PMAY-G के 642, PM-JANMAN के 81 और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 14 आवास शामिल हैं। लखनपुर विकासखंड में कुल 1,033 आवासों में गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 978, पीएम जनमन योजना के 11 और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 44 आवास शामिल हैं। लुंड्रा में कुल 685 आवासों में गृह प्रवेश हुआ, जिनमें PMAY-G के 450, PM-JANMAN के 142 और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 93 आवास शामिल हैं।
    इसी तरह मैनपाट विकासखंड में कुल 577 आवासों में गृह प्रवेश कार्यक्रम हुआ। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 469, पीएम जनमन योजना के 83 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 25 आवास शामिल हैं। सीतापुर में कुल 626 आवासों में गृह प्रवेश हुआ, जिनमें PMAY-G के 593, पीएम जनमन योजना के 24 और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 9 आवास शामिल हैं। उदयपुर विकासखंड में कुल 703 आवासों में गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 665, पीएम जनमन योजना के 16 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 22 आवास शामिल हैं।
    जिले के विभिन्न विकासखंडों में एक साथ आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम ने हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियां भर दीं। जिन परिवारों के लिए पक्के घर का सपना लंबे समय से एक आकांक्षा था, आज वही सपना उनके अपने घर की चौखट पर साकार हुआ। पक्की छत, सुरक्षित दीवारों और अपने घर की चाबी के साथ इन परिवारों को न केवल आवास मिला, बल्कि सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित भविष्य का भरोसा भी मिला। शासन की आवास योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को पक्का आशियाना उपलब्ध कराने का यह प्रयास सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

     

  • सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोर, ग्रामीण अधोसंरचना मजबूत होने से बढ़ेंगी सुविधाएं

    सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जोर, ग्रामीण अधोसंरचना मजबूत होने से बढ़ेंगी सुविधाएं

    रायपुर 

     केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा में आयोजित कार्यक्रम में जिले को लगभग 122 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। दोनों अतिथियों ने 121 करोड़ 70 लाख रुपए से अधिक की लागत के कुल 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।

    इनमें लगभग 79.25 करोड़ रुपए की लागत के 23 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा लगभग 42.46 करोड़ रुपए की लागत के 15 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इन कार्यों से जिले में सड़क संपर्क के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्रशासनिक और ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।

    भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में लगभग 25.82 करोड़ रुपए की लागत से देवरघटा, बरतुंगा, तुलसीडीह, अण्डा, चरौदा होते हुए सपिया नहरपार तक 22 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण तथा लगभग 15.30 करोड़ रुपए की लागत से छुहीपाली से कटेकोनी बड़े-कर्राखई-ठाकुरपाली होते हुए सेमराडीह तक 12 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण शामिल है। इसके साथ ही अण्डी-किरकार-जगमहन से सातबहिनिया तक सड़क, नगझर-नवापारा मार्ग और गुरेराडीह किरारी से केसला मुख्य मार्ग सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया।

    शिक्षा और युवाओं के लिए शासकीय कन्या महाविद्यालय सक्ती के नवीन भवन, बेदराम शासकीय महाविद्यालय मालखरौदा में अतिरिक्त भवन तथा नवीन लाइवलीहुड संस्थान भवन का भूमिपूजन किया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न ग्रामों में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा महिलाओं के लिए महतारी सदनों के निर्माण कार्यों की भी आधारशिला रखी गई। 

    लोकार्पित प्रमुख कार्यों में लगभग 14.35 करोड़ रुपए की लागत से मालखरौदा क्षेत्र में कलमी नहरपार से चिखली, छोटेकोट, बड़ेकोट, सिंघरा होते हुए बेल्हाडीह तक सड़क तथा लगभग 11.35 करोड़ रुपए की लागत से देवरघटा से कठरापाली, निमोही, सिंघीतराई, बेनीपाली होते हुए ओड़ेकेरा मुख्य मार्ग तक पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण शामिल है। बुंदेली-अड़भार मार्ग का भी लोकार्पण किया गया।

    इसके अलावा जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित सोलर ड्यूल पंप, चन्द्रपुर एवं हसौद के नवीन तहसील कार्यालय भवन, डभरा, चन्द्रपुर एवं जैजैपुर के नवीन पुलिस थाना भवन, अड़भार पुलिस चौकी भवन, सुलौनी हाईस्कूल भवन, गोपालपुर प्रशिक्षण भवन तथा गोबरा में महतारी सदन सहित अन्य विकास कार्य जनता को समर्पित किए गए।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद मती कमलेश जांगड़े सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • केंद्रीय मंत्री  चौहान ने लगाया कदम और मुख्यमंत्री  साय ने बादाम का पौधा

    केंद्रीय मंत्री चौहान ने लगाया कदम और मुख्यमंत्री साय ने बादाम का पौधा

    रायपुर 

     पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।

    केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कदम का पौधा और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बादाम का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान मातृ सम्मान की भावना को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ता है। अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी माँ के सम्मान में पौधा लगाने के साथ ही उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल और उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी का भाव भी इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

    यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को केवल शासकीय प्रयास तक सीमित न रखते हुए उसे जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने की पहल है। अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता से हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण का संदेश अभियान के माध्यम से दिया जा रहा है।

    उल्लेखनीय है कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से देशभर में नागरिकों को पौधरोपण से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले में केंद्रीय मंत्री  चौहान और मुख्यमंत्री  साय द्वारा किया गया पौधरोपण प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जांजगीर-चांपा सांसद मती कमलेश जांगड़े, बिलासपुर संभागायुक्त  सुनील जैन, विकसित भारत जीरामजी के आयुक्त  तारण प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर मती जय जैन, पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ  वासु जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

  • उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की

    रायपुर

     उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज दन्तेवाड़ा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान को जनभागीदारी के साथ व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रम केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि जनपद, तहसील, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी रूप से आयोजित किए जाएं।

    उप मुख्यमंत्री  साव ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्वसहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विभागवार तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘सेवा की कहानी’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ ‘जल जन सेवा संकल्प’ और ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं, आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण जागरूकता कार्यक्रम तथा स्वच्छता एवं जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां भी होंगी।

    कलेक्टर  देवेश ध्रुव ने जिले में अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि व्यापक जनभागीदारी के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित कर दिनवार एवं तिथिवार कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के साथ नियमित समीक्षा कर तैयारियों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल शासकीय कार्यक्रमों की श्रृंखला न होकर सेवा, समर्पण और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करने का अवसर बने। डीएफओ  रामाकृष्ण रंगानाथा वाय. और अपर कलेक्टर  राजेश पात्र सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

  • नारायणपुर के होनहारों को मिलेगी सफलता की नई उड़ान

    नारायणपुर के होनहारों को मिलेगी सफलता की नई उड़ान

    रायपुर

    बस्तर अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों में छुपी प्रतिभाओं को तराशने और उनके प्रशासनिक सेवाओं में जाने के सपनों को साकार करने के लिए नारायणपुर में एक बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत हुई है। जिले के प्रभारी मंत्री  टंक राम वर्मा और वन मंत्री  केदार कश्यप ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि से संचालित निःशुल्क पीएससी एवं व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया।

     ​जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे मेधावी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अनुकूल माहौल और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देना है। कोचिंग सेंटर के पहले बैच के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए 50 प्रतिभावान अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जिनमें 26 बालिकाएं और 24 बालक शामिल हैं।

     ​शुभारंभ समारोह के दौरान मंत्रियों और अतिथियों ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बैग, कॉपी, मानक पुस्तकें, पेन और आवश्यक स्टडी किट भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इन अभ्यर्थियों को न केवल सर्वसुविधायुक्त निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा मिलेगी, बल्कि विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कक्षाओं के माध्यम से राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) और व्यापम जैसी कठिन परीक्षाओं की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी।

    ​आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को इस योजना की क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो सेंटर की व्यवस्थाओं और गुणवत्ता पर सीधी नजर रखेगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, छोटेडोंगर सरपंच, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

  • कुपोषण पर कड़ा प्रहार नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता

    कुपोषण पर कड़ा प्रहार नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता

    ​रायपुर

    छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले क अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार नारायणपुर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और नियमित शिक्षा की दिशा में एक नई और क्रांतिकारी शुरुआत हुई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। जिले के प्रभारी मंत्री  टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने इस दूरगामी पहल का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया और स्वयं अपने हाथों से नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया।

    ​यह महत्वाकांक्षी पहल नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के कुल 476 विद्यालयों में लागू की जा रही है, जिससे 13 हजार 15 स्कूली बच्चे सीधे लाभान्वित होंगे। योजना के तहत हर विद्यार्थी को प्रतिदिन 150 ग्राम ताजा और सेहतमंद नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों के स्वाद और पोषण का विशेष ध्यान रखते हुए दिन के हिसाब से एक संतुलित मेन्यू तय किया गया है, जिसमें पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं। भोजन तैयार करने वाली व्यवस्था को मजबूती देने के लिए जिले के 676 रसोइयों को 800 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त मानदेय भी दिया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।

     ​यह कार्यक्रम न केवल नौनिहालों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालेगा, बल्कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, ठहराव सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इस गरिमामय अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, ग्रामीण और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।

  • समान नागरिक संहिता पर रायशुमारी के लिए विभिन्न संगठनों व सामाजिक प्रतिनिधियों से की गई चर्चा

    समान नागरिक संहिता पर रायशुमारी के लिए विभिन्न संगठनों व सामाजिक प्रतिनिधियों से की गई चर्चा

    रायपुर,

    समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के पूर्व राज्य स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा विस्तृत चर्चा एवं सुझाव के लिए दो दिवसीय  बैठक 10 सितंबर से आयोजित की गई, जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एवं समिति के सदस्य  एम. के. राउत की अध्यक्षता में पीपीटी के माध्यम से समान नागरिक संहिता के वर्तमान नियमों एवं कानूनों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता  मोहन पवार उपस्थित थे।

    पुराना सर्किट हाउस के सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय परामर्श बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने विभिन्न सामाजिक संगठनों,  जनप्रतिनिधियों और राज्य आयोगों के प्रमुखों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। दो दिनों तक चले इस गहन मंथन सत्र के दौरान मुख्य रूप से विवाह और तलाक, उत्तराधिकार और विरासत, भरण-पोषण तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर सभी पक्षों से खुलकर सुझाव लिए गए।

     इस दौरान गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति के प्रांतीय सचिव  गजानंद नुरूटी ने आदिवासी समाज की रूढ़िगत परंपराओं और विशिष्ट सांस्कृतिक ताने-बाने की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आदिवासी समुदाय की मौलिक पहचान और अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें समान नागरिक संहिता के दायरे से पृथक रखने का औपचारिक अनुरोध किया। वहीं, दूसरी ओर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत सिंह छाबड़ा ने समाज में लैंगिक समानता की पुरजोर वकालत की। उन्होंने महिला एवं पुरुष को समान अधिकार देने, बेटे और बेटी को संपत्ति में बराबर का उत्तराधिकार सौंपने, विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीयन कराने तथा संपत्ति व वसीयत से जुड़े स्पष्ट कानूनी प्रावधान स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास करने का सुझाव दिया। क्रिश्चन समाज के  राजेश जॉन पाल सहित समाज के आए प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव में कहा कि विवाह को ईश्वर के द्वारा बनाई गई अटूट जोड़ी मानी जाती है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। लिव-इन संबंध को समाज द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मती वर्णिका शर्मा भी उपस्थित रहीं और उन्होंने बच्चों के अधिकारों एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। ​समिति के सदस्यों ने सभी प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सुझावों को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभिन्न सामाजिक समूहों से प्राप्त इन सभी महत्वपूर्ण व्यावहारिक तथ्यों और सुझावों का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा, ताकि एक समावेशी, संतुलित और निष्पक्ष मसौदा तैयार किया जा सके।

    बैठक में अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ अधिवक्ता  बृजेश पांडेय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष  दिनेश देवांगन, अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष  प्रमोद तिवारी तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष मती भारती राठौर ने समान नागरिक संहिता के प्रावधानों को अधिक कारगर, स्पष्ट व पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। चर्चा बैठक के द्वितीय सत्र में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मिश्रा तथा  आशीष बाजपेयी ने समान नागरिक संहिता पर अपने विचार एवं अभिमत समिति के समक्ष दर्ज कराया। इसी प्रकार मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉ. कुलदीप सोलंकी, डॉ. सुरभि दुबे तथा डॉ. के.पी. आजमानी ने समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के संबंध में अपनी राय दी तथा उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों को सुझाव दिए।

  • एच.डी. शेफर मेमोरियल फाउंडेशन के शिक्षक दिवस समारोह में सम्मानित हुए शिक्षक, पियून और रसोइये

    एच.डी. शेफर मेमोरियल फाउंडेशन के शिक्षक दिवस समारोह में सम्मानित हुए शिक्षक, पियून और रसोइये

    बिलासपुर, छत्तीसगढ़

     शिक्षक दिवस के अवसर पर एच.डी. शेफर मेमोरियल फाउंडेशन के तत्वावधान में सीओसीएमआई परिसर, कुडुदंड में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शहर के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शिक्षकों के साथ विद्यालयों में कार्यरत पियून, रसोइयों और संडे स्कूल शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ पास्टर निखिल पॉल की आशीष प्रार्थना से हुआ। फाउंडेशन के निदेशक संजय विल्सन ने संस्था की गतिविधियों एवं भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए शिक्षकों से AI एवं नई तकनीकों के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उन्हें जीवनभर सीखने के लिए प्रेरित करने तक है।
    कोडक्राफ्ट के संस्थापक अप्रतिम सैमुएल ने बताया कि फाउंडेशन के अंतर्गत कोडक्राफ्ट सेंटर फॉर एआई एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से बिलासपुर जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में इस शैक्षणिक सत्र से निःशुल्क AI साक्षरता कक्षाएं संचालित करने की योजना है।

    उन्होंने भविष्य में कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र, ‘ई-टेक्नो स्कूल’ तथा स्टार्टअप एवं इनोवेशन इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की जानकारी दी। साथ ही दक्षिण कोरिया एवं इज़राइल की टेल अवीव यूनिवर्सिटी के साथ स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की दिशा में कार्य किए जाने की बात कही।

    केन मेमोरियल स्कूल के प्राचार्य एरिक जोसेफ ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए Integrity और निरंतर मेहनत के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में नूतन सैमुएल, प्रमोद कुजूर, अहरलिश पॉल, आलोक विल्सन, हेमंत लाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह के अंत में फाउंडेशन ने भविष्य में भी शिक्षकों के उत्साहवर्धन के लिए ऐसे आयोजन जारी रखने तथा राज्य स्तरीय टेक एवं स्टार्टअप समिट आयोजित करने की घोषणा की।

  • CG में दो दिन बरसेंगे बदरा, सुकमा-बीजापुर समेत कई जिलों में बारिश के आसार; रायपुर में बादल

    CG में दो दिन बरसेंगे बदरा, सुकमा-बीजापुर समेत कई जिलों में बारिश के आसार; रायपुर में बादल

    रायपुर.

    प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. गुरुवार को रायपुर में करीब 3 बजे के बाद अचानक तेज हवा के साथ तेज बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली.

    मौसमी सब-डिविजनल वर्षा सामान्य रही और इसमें 6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश के वितरण और तीव्रता में वृद्धि होने की संभावना है. इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रहा.

    रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
    रायपुर में 11 सितंबर को आकाश सामान्यतः मेघमय रहने के साथ कुछ बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. शहर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. 

    इन इलाकों में हुई बारिश 
    प्रदेश में गुरुवार को पखांजूर में 5 सेमी, सोनहत और मालखरौदा में 4-4 सेमी, बिहारपुर और सूरजपुर में 3-3 सेमी बारिश हुई. रघुनाथनगर, चांदो, बास्तानार, प्रेमनगर, बलरामपुर, बकावंड और दौरा कोचली में 2-2 सेमी वर्षा दर्ज की गई. रायपुर में भी 1 सेमी बारिश हुई.

    कई जिलों मे अलर्ट जारी
    मौसम विभाग ने आज सुबह कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरीऔर गरियाबंद में आकाशीय बिजली गिरने और वर्षा की संभावना जताई है.