Category: छत्तीसगढ़

  • मासिक धर्म स्वच्छता पर डॉ. वर्णिका शर्मा का जोर, स्कूल-छात्रावासों में मिलेगी सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन की सुविधा

    मासिक धर्म स्वच्छता पर डॉ. वर्णिका शर्मा का जोर, स्कूल-छात्रावासों में मिलेगी सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन की सुविधा

    ” डॉ. वर्णिका शर्मा की अनुशंसा पर प्रदेश के स्कूलों एवं बालिका छात्रावासों में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर” 

    ” किशोरियों के स्वास्थ्य एवं मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर डॉ. वर्णिका शर्मा की महत्वपूर्ण पहल” 

    ” छात्राओं को आवश्यकता के समय सहज एवं सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध कराने सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन की अनुशंसा” 

    रायपुर 

           छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा दिनांक 10 सितम्बर 2026 को प्रदेश के समस्त कन्या एवं सहशिक्षा शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों तथा आवासीय बालिका छात्रावास/आश्रमों में छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन उपलब्ध कराने की अनुशंसा की गई है।

    जिलों में विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि माहवारी के दौरान छात्राओं को आवश्यकता पड़ने पर विद्यालयों में सेनेटरी पैड की सहज उपलब्धता नहीं हो पाती है। ऐसी स्थिति में छात्राओं को असुविधा एवं कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। किशोरियों में कम आयु में ही मासिक धर्म प्रारंभ होने की स्थिति को देखते हुए विद्यालयों में मासिक धर्म स्वच्छता से संबंधित आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

    आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कन्या एवं सहशिक्षा विद्यालय में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन जैसी सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। विद्यालय परिसर के शौचालय क्षेत्र में मशीन स्थापित होने से छात्राओं को आवश्यकता के समय आसानी से सेनेटरी पैड उपलब्ध हो सकेगा और उन्हें असहज परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    उन्होंने यह भी अनुशंसा की है कि छात्राओं को आवश्यकता के समय सहयोग एवं उचित परामर्श उपलब्ध कराने के लिए महिला शिक्षिका/अधीक्षिका की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से आवासीय बालिका छात्रावासों एवं आश्रमों में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन की स्थापना छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी होगी।

    इस संबंध में आयोग द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव/सचिव को अनुशंसा की है। पत्र में प्रदेश के समस्त कन्या एवं सहशिक्षा शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों तथा आवासीय बालिका छात्रावास/आश्रमों में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन जैसी आवश्यक सुविधाओं का सर्वेक्षण कराकर द्रुत गति से सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराया जाए।

    साथ ही स्थापित की जाने वाली मशीनों की समुचित देखरेख एवं निरंतर संचालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन एवं छात्रावास अधीक्षक द्वारा सुनिश्चित किए जाने की अनुशंसा की गई है, ताकि छात्राओं को इस सुविधा का नियमित एवं सुगम लाभ मिल सके।
    आयोग का उद्देश्य किशोरियों के लिए स्वास्थ्य, स्वच्छता, गरिमा एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है, ताकि मासिक धर्म के दौरान आवश्यक सुविधाओं के अभाव में उनकी शिक्षा एवं विद्यालय में नियमित उपस्थिति प्रभावित न हो।

  • 10 साल से बिस्तर पर पड़े शशिकांत को CM साय की मदद का भरोसा, इलाज की जगी उम्मीद

    10 साल से बिस्तर पर पड़े शशिकांत को CM साय की मदद का भरोसा, इलाज की जगी उम्मीद

    धमतरी.

    10 साल से बिस्तर पर जिंदगी गुजार रहे शशिकांत भरत के लिए अब इलाज की नई उम्मीद जगी है। उनकी परेशानी जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंची, तो सीएम ने खुद फोन पर शशिकांत से बात कर बेहतर इलाज का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री की पहल के बाद जिला प्रशासन ने शशिकांत को बेहतर उपचार के लिए एम्स भेजा है।

    सड़क हादसे में रीढ़ की हड्डी में आई थी गंभीर चोट
    दरअसल, धमतरी के नगरी वनांचल निवासी शशिकांत भरत करीब 10 साल पहले सड़क हादसे का शिकार हुए थे। हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद वह पूरी तरह से लकवाग्रस्त हो गए थे। इसके बाद से शशिकांत कई वर्षों से बिस्तर पर ही जिंदगी गुजार रहे हैं। लंबे समय से इलाज की जरूरत के बीच उन्होंने मदद के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से गुहार लगाई।

    शशिकांत की परेशानी की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद सीएम साय ने उनसे फोन पर बातचीत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शशिकांत को बेहतर इलाज का वादा किया। मुख्यमंत्री की पहल के बाद जिला प्रशासन ने उनके उपचार की जिम्मेदारी लेते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें एम्स भेजा है। अब शशिकांत को बेहतर उपचार के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से उन्हें 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई है।

    शशिकांत ने वीडियो जारी कर जताया आभार
    शशिकांत ने खुद वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री की पहल और प्रशासन की मदद की जानकारी दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ ही जिला प्रशासन का आभार जताया। लंबे समय बाद बेहतर इलाज की उम्मीद मिलने से शशिकांत और उनके परिवार में भी उम्मीद जगी है।

  • एकलव्य आवासीय विद्यालय में 10वीं के छात्र की मौत से सनसनी, फांसी लगाने की खबर

    एकलव्य आवासीय विद्यालय में 10वीं के छात्र की मौत से सनसनी, फांसी लगाने की खबर

    बालोद.

    छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। डौंडी स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 10वीं के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना के बाद विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है।

    कमरे नंबर 16 में फंदे से लटकी मिली लाश
    जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान विनय कुमार, पिता कामता राम के रूप में हुई है। वह ग्राम रीवागहन खेरथा का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि आज सुबह विनय कुमार पीटी में शामिल होने नहीं गया था। इसके बाद जब पीटी से बाकी बच्चे वापस आए, तब उन्हें घटना की जानकारी हुई। छात्र को कमरे में फंदे पर लटका देख विद्यालय में हड़कंप मच गया। छात्र ने विद्यालय के कमरा नंबर 16 में फांसी लगाई है।

    जांच में जुटी पुलिस
    घटना की सूचना मिलते ही डौंडी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं मामले की जानकारी मिलने के बाद सहायक आयुक्त भी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। फिलहाल छात्र ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी में है। पीएम रिपोर्ट और मृतक छात्र के करीबियों से पूछताछ के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • बीजापुर के दूरदराज गांवों में स्वास्थ्य शिविर, 405 मरीजों को मिला इलाज और चिकित्सा सुविधा

    बीजापुर के दूरदराज गांवों में स्वास्थ्य शिविर, 405 मरीजों को मिला इलाज और चिकित्सा सुविधा

    बीजापुर.

    बीजापुर के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुश्किल रास्तों को चुनौती दी। ग्राम बोड़गा और ताकिलोड में आयोजित दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर के लिए टीम ने इंद्रावती नदी मोटर बोट से पार की।

    इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने करीब 25 से 30 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर गांव तक पहुंच बनाई। कच्चे और दुर्गम रास्तों के बावजूद टीम दो दिनों तक ग्रामीणों की जांच और उपचार में जुटी रही।
    शिविर में कुल 405 मरीजों की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर बीमारियों के मरीज भी सामने आए। जांच के दौरान 21 मलेरिया, 70 बुखार, 2 टीबी, 2 कुष्ठ और 5 मोतियाबिंद के मरीज मिले। 10 मरीजों में खुजली की समस्या भी सामने आई, जिन्हें उपचार और जरूरी सलाह दी गई। स्वास्थ्य टीम की सक्रियता रात में भी जारी रही, जब ग्राम झिल्ली में सर्पदंश की सूचना मिली।

    परिजन पहले पीड़ित को झाड़-फूंक के लिए ले गए थे, लेकिन सूचना मिलते ही टीम ने उसे अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कराया। दुर्गम इलाकों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं देना विभाग के लिए चुनौती है, लेकिन इस शिविर ने ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने की तस्वीर सामने रखी है।

  • छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय आज देखेंगे ‘हनुमान अंश’, फिल्म से जुड़ा खास कार्यक्रम

    छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय आज देखेंगे ‘हनुमान अंश’, फिल्म से जुड़ा खास कार्यक्रम

    रायपुर.

    7 अगस्त को एक फिल्म रिलीज हुई 'हनुमान अंश' जिसने देखते ही देखते बॉक्स ऑफिस पर कई धुरंधरों को पछाड़ दिया, क्योंकि इस फिल्म ने अपने बजट से ज्यादा की कमाई कर डाली. फिल्म की इतना चर्चा हो रही है कि अब छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय भी फिल्म हनुमान अंश देखने जा रहे हैं.

    वो आज शाम को एक निजी मॉल में फिल्म देखेंगे, उनके मंत्री भी इस फिल्म को देखने जाएंगे. महज 2 करोड़ बजट मे बनी ये फिल्म कई रिकॉर्ड अपने नाम कर रही है. ऐसा माना जा रहा है कि शायद वो इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दें. 

    सीएम योगी से मिली हनुमान अंश की टीम 
    फिल्म 'हनुमान अंश' की टीम ने हाल ही में लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष मुलाकात की. इस प्रतिनिधिमंडल में फिल्म के निर्माता, लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, मुख्य अभिनेता शोभिनव और फिल्म से जुड़े अन्य प्रमुख कलाकार एवं टीम सदस्य शामिल थे. मुलाकात के दौरान विशाल चतुर्वेदी और शोभिनव ने मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु और उसकी आध्यात्मिक यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

    उन्होंने बताया कि 'हनुमान अंश' श्रद्धेय संत बाबा नीम करोली के जीवन, उनकी आध्यात्मिक साधना और भगवान हनुमान के प्रति उनकी अटूट भक्ति को केंद्र में रखकर बनाई गई है. मुख्यमंत्री योगी ने फिल्म से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की और पूरी टीम को फिल्म की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं. विचारों के इस सकारात्मक आदान-प्रदान और आत्मीय बातचीत ने इस मुलाकात को कलाकारों और निर्माताओं के लिए एक यादगार अनुभव बना दिया.

  • छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मनेगा पोला पर्व, CM विष्णुदेव साय की कार्यक्रमों में होगी शिरकत

    छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मनेगा पोला पर्व, CM विष्णुदेव साय की कार्यक्रमों में होगी शिरकत

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज पोला पर्व के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 2.30 बजे रायपुर से दुर्ग के लिए रवाना होंगे। दोपहर 3 बजे ग्राम मडियापार में आयोजित पोरा महोत्सव-2026 में शामिल होंगे।

    कार्यक्रम के बाद 3.45 बजे भिलाई के रिसाली सेक्टर के लिए रवाना होंगे। यहां मुख्यमंत्री शाम 4.30 बजे दशहरा मैदान में आयोजित पोला उत्सव कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 5.45 बजे तक रायपुर लौटेंगे।

    सक्ती में होगा ग्रामीण विकास का बड़ा आयोजन
    रायपुर। सक्ती जिले के ग्राम जेठा में 11 सितंबर को ग्रामीण विकास को लेकर बड़ा आयोजन होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि होंगे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2 लाख परिवारों को पक्के घर की सौगात देते हुए गृह प्रवेश कराया जाएगा। साथ ही आवास योजना में एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन प्रणाली की शुरुआत होगी। इस दौरान नदियों और जलधाराओं के पुनर्जीवन के लिए ‘धार अपार अभियान’ शुरू किया जाएगा।

    ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए 270 नए इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर भी शुरू होंगे। कार्यक्रम में लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और रानी मिस्त्री को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाली 5 पंचायतों के प्रतिनिधियों का भी सम्मान होगा। कार्यक्रम के दौरान 122 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 39 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन-शिलान्यास किया जाएगा। आयोजन में प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और पंचायत प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहेंगे।

  • नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं रहेंगी बंद

    नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं रहेंगी बंद

    नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं रहेंगी बंद

    तीन स्थानीय अवकाश किए घोषित

    रायपुर
     सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के तहत रायपुर जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। यह अवकाश रायपुर जिले, शहर (राजधानी) स्थित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में लागू होंगे।

            जारी आदेश के अनुसार नुआखाई पर्व के लिए 15 सितंबर 2026 (मंगलवार), महाअष्टमी के लिए 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) तथा गोवर्धन पूजा (दीपावली के दूसरे दिन) के लिए 9 नवंबर 2026 (सोमवार) को स्थानीय अवकाश रहेगा। जारी आदेश के अनुसार ये अवकाश रायपुर जिले के अंतर्गत संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं पर लागू होंगे।

  • प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, बिलासपुर में 2 आरोपी गिरफ्तार

    प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, बिलासपुर में 2 आरोपी गिरफ्तार

    बिलासपुर.

    सरकंडा पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कार की डिक्की से 520 नग प्रतिबंधित ऑनरेक्स कफ सिरप बरामद किया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कफ सिरप उपलब्ध कराने वाले दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कार के जरिए प्रतिबंधित कफ सिरप ले जाया जा रहा है। सूचना पर सरकंडा पुलिस की टीम ने बिरकोना रोड गैस गोदाम के पास घेराबंदी की। इसी दौरान काले रंग की कार क्रमांक CG 04 QD 9753 को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन की डिक्की से 520 नग ऑनरेक्स कफ सिरप बरामद हुआ। बरामद कफ सिरप का कुल वजन 85.02 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1,04,780 है। पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सिरप के अलावा एक कार और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

    पुलिस ने मामले में मिथुन बघेल व अमन कुमार चौबे को गिरफ्तार किया है। वहीं राजा भोई और नीरज पटेल फरार हैं। दोनों पर गिरफ्तार आरोपियों को बिक्री के लिए कफ सिरप उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। आरोपियों के खिलाफ थाना सरकंडा में धारा 21, 22 एवं 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

  • छत्तीसगढ़ के जंगलों में प्लास्टिक फेंका तो खैर नहीं, वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला

    छत्तीसगढ़ के जंगलों में प्लास्टिक फेंका तो खैर नहीं, वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला

    बिलासपुर.

    वन्यप्राणियों की सुरक्षा और संरक्षण को देखते हुए वन मुख्यालय ने बड़ा निर्णय लिया है। एटीआर सहित प्रदेश के सभी वन मंडलों और संरक्षित क्षेत्रों में प्लास्टिक के इस्तेमाल और कचरे पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

    अब यदि किसी सैलानी के पास प्रतिबंधित प्लास्टिक पाया जाता है या उसे जंगल में फेंकते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 500 रुपए या उससे अधिक की प्रशमन राशि वसूल की जाएगी।

    वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए सख्त होगी कार्रवाई
    वन्यप्राणियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए शासन स्तर पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। प्रदेश के सभी वन मंडलों, रेंज, डिवीजन, अचानकमार टाइगर रिजर्व सहित राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करने के लिए कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा रहा है। संरक्षित क्षेत्रों में प्रतिबंधित प्लास्टिक मिलने पर केवल समझाइश देने के बजाय तलाशी, जब्ती, प्लास्टिक हटाने और नियमों के तहत प्रशमन राशि वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सर्किल फॉरेस्ट ऑफिसर और बीट फॉरेस्ट ऑफिसर स्तर तक के अधिकारियों को अधिकार देने के निर्देश जारी किए गए हैं। वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन कार्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि संरक्षित क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग पर पहले से रोक के निर्देश हैं। इसके बावजूद प्लास्टिक के उपयोग और कचरे पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। इसे देखते हुए अब छत्तीसगढ़ प्लास्टिक एवं अन्य जैव अनाशित सामग्री नियम, 2023 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य के नियमों के तहत प्लास्टिक कैरी बैग, नॉन-वूवन पॉलीप्रोपलीन बैग, प्लास्टिक और थर्मोकोल से बने डिस्पोजेबल कप, प्लेट, गिलास, कटोरे, चम्मच और स्ट्रॉ समेत कई वस्तुएं प्रतिबंधित हैं।

    टाइगर रिजर्व में भी सख्त प्रावधान लागू
    अचानकमार टाइगर रिजर्व के अलावा प्रदेश के उदंती-सीतानदी, इंद्रावती और गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व सहित राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित क्षेत्रों के सर्किल और बीट फॉरेस्ट अधिकारियों को नियमों के तहत कार्रवाई के लिए अधिकृत एवं सशक्त किया जा सकता है।

    500 से 1 लाख रुपए तक प्रशमन राशि
    नियमों में अपराध की प्रकृति और संबंधित व्यक्ति के आधार पर प्रशमन राशि निर्धारित की गई है। पहली बार उल्लंघन करने पर व्यक्ति या स्ट्रीट वेंडर से 500 रुपए, दुकान या प्रतिष्ठान से 5 हजार रुपए और निर्माता से 1 लाख रुपए तक की राशि ली जा सकती है। दूसरी बार अपराध करने पर यह राशि क्रमशः 5 हजार, 50 हजार और 2 लाख रुपए होगी। इसके बाद के अपराधों को अशमनीय रखा गया है।
    जुर्माने की राशि और अपराध के प्रशमन के रूप में प्राप्त राशि राज्य सरकार के संबंधित खाते में जमा की जाएगी। इस राशि का उपयोग पर्यावरण संरक्षण और पर्यावरण से जुड़ी विभिन्न कार्ययोजनाओं में किया जाएगा।

  • रायपुर में अफसरों की फील्ड विजिट पर जोर, अरुण साव बोले- जमीनी हकीकत देखकर तेज करें काम

    रायपुर में अफसरों की फील्ड विजिट पर जोर, अरुण साव बोले- जमीनी हकीकत देखकर तेज करें काम

    रायपुर : सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री ने नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की

    संपत्ति कर के भुगतान के लिए निकायों में ऑनलाइन व्यवस्था बनाने के दिए निर्देश, सभी कार्यों और योजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए प्रभावी कार्यपद्धति अपनाने कहा

    जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश, अगले 50 वर्षों की जरूरत को देखते हुए बनाएं दीर्घकालिक योजना

    रायपुर.

    उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज राज्य के सभी नगर निगमों तथा जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के विकास, स्वच्छता, राजस्व वसूली, योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ ही जवाबदेही से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्था नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की योजनाएं बनाने, जनसुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नागरिकों की कल्याणकारी संस्था है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और संचालक नीलेशकुमार क्षीरसागर भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

    सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में कहा कि शहरों के विकास के काम तथा राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी सक्रियता से काम करें। प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। उन्होंने निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों के सर्वे कर नई संपत्तियों की पहचान करने और संपत्ति कर जमा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा निकायों में आनलाइन भुगतान की सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि वे निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा निर्माणाधीन कार्यों की कड़ाई से निरीक्षण करें। उन्होंने सप्ताह के अलग-अलग दिनों में राजस्व वसूली, निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए कार्य-पद्धति विकसित करने के निर्देश दिए। 

    उप मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों और अतिक्रमणों का पता चलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं का अतिरिक्त भार निकाय पर पड़ता है। उन्होंने निगम आयुक्तों और सीएमओ को प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर साफ-सफाई की व्यवस्था और निर्माण कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए। इससे कार्यों की मैदानी हकीकत पता चलने के साथ ही शहर की समस्याओं और लोगों के फीडबैक की भी जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश और पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में शहरों की अधोसंरचना भी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित होनी चाहिए। 

    साव ने नगरीय निकायों में अगले 50 वर्षों की जल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चिंतन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक योजना बनाने पर जोर देते हुए शहरों के सभी घरों में पेयजल आपूर्ति की पुख्ता व्यवस्था तैयार करने को कहा। भविष्य के जल संकट से बचने के लिए अभी से दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निकायों के अधिकारी ही शहर की छवि और विकास की दिशा तय करने वाले प्रमुख जिम्मेदार अधिकारी हैं, इसलिए पूरी क्षमता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें।

    शहरों की व्यवस्था ऐसी हो कि नागरिकों को निकाय की मौजूदगी का अहसास हो : सोनमणि बोरा

    नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि नगरीय निकायों का दायित्व केवल निर्माण कार्यो और योजनाओं को पूरा करना नहीं है, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं का निर्बाध और सुचारू संचालन भी है। तेजी से हो रहे शहरीकरण और बढ़ती जनआकांक्षाओं के अनुरूप निकायों को भविष्य की जरूरतों का रोडमैप तैयार कर उस पर प्रभावी ढंग से अमल करना होगा। शहरवासियों को निकाय की मौजूदगी का अहसास होना चाहिए। उन्हें विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों में सहभागी बनाया जाना चाहिए। 

    प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि नगरीय निकायों का काम संवैधानिक जिम्मेदारी है और इसका कार्यक्षेत्र बेहद व्यापक है। नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही शहरों में आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं और विकास कार्यों का असर कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। निगम आयुक्त और सीएमओ शहरी विकास और कल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

    उन्होंने शहरों में उपलब्ध खाली स्थानों का चिन्हांकन कर वहां सघन वृक्षारोपण कराने और 'अर्बन फारेस्ट' विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखने और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का गंभीरता और सक्रियता से पालन करने को कहा। उन्होंने सामान्य सभा और एमआईसी की बैठकें भी समयबद्ध तरीके से नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए।

    समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन सभी नालंदा परिसरों को शीघ्र शुरू करने की दिशा में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने पर भी जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने फर्नीचर, आइटी सुविधाओं, किताबों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए राशि स्वीकृत कर जल्द टेंडर जारी करने के निर्देश दिए। सूडा के सीईओ सुमित अग्रवाल, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता रमेश शर्मा सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों के सीएमओ, राजस्व अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता और संभागीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

    इन कार्यों की हुई समीक्षा

    उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री की घोषणाओं की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचना कार्यों, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजनाओं, पीएम स्वनिधि और पीएम ई-बस सहित विभिन्न राज्य प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, एनर्जी बिल ऑडिट, एबीसी रूल्स एवं गोधाम योजना, निकायों की टीम द्वारा प्रतिदिन मॉर्निंग विजिट, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।