Category: छत्तीसगढ़

  • बीजापुर के दूरदराज गांवों में स्वास्थ्य शिविर, 405 मरीजों को मिला इलाज और चिकित्सा सुविधा

    बीजापुर के दूरदराज गांवों में स्वास्थ्य शिविर, 405 मरीजों को मिला इलाज और चिकित्सा सुविधा

    बीजापुर.

    बीजापुर के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुश्किल रास्तों को चुनौती दी। ग्राम बोड़गा और ताकिलोड में आयोजित दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर के लिए टीम ने इंद्रावती नदी मोटर बोट से पार की।

    इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने करीब 25 से 30 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर गांव तक पहुंच बनाई। कच्चे और दुर्गम रास्तों के बावजूद टीम दो दिनों तक ग्रामीणों की जांच और उपचार में जुटी रही।
    शिविर में कुल 405 मरीजों की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर बीमारियों के मरीज भी सामने आए। जांच के दौरान 21 मलेरिया, 70 बुखार, 2 टीबी, 2 कुष्ठ और 5 मोतियाबिंद के मरीज मिले। 10 मरीजों में खुजली की समस्या भी सामने आई, जिन्हें उपचार और जरूरी सलाह दी गई। स्वास्थ्य टीम की सक्रियता रात में भी जारी रही, जब ग्राम झिल्ली में सर्पदंश की सूचना मिली।

    परिजन पहले पीड़ित को झाड़-फूंक के लिए ले गए थे, लेकिन सूचना मिलते ही टीम ने उसे अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कराया। दुर्गम इलाकों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं देना विभाग के लिए चुनौती है, लेकिन इस शिविर ने ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने की तस्वीर सामने रखी है।

  • छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय आज देखेंगे ‘हनुमान अंश’, फिल्म से जुड़ा खास कार्यक्रम

    छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय आज देखेंगे ‘हनुमान अंश’, फिल्म से जुड़ा खास कार्यक्रम

    रायपुर.

    7 अगस्त को एक फिल्म रिलीज हुई 'हनुमान अंश' जिसने देखते ही देखते बॉक्स ऑफिस पर कई धुरंधरों को पछाड़ दिया, क्योंकि इस फिल्म ने अपने बजट से ज्यादा की कमाई कर डाली. फिल्म की इतना चर्चा हो रही है कि अब छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय भी फिल्म हनुमान अंश देखने जा रहे हैं.

    वो आज शाम को एक निजी मॉल में फिल्म देखेंगे, उनके मंत्री भी इस फिल्म को देखने जाएंगे. महज 2 करोड़ बजट मे बनी ये फिल्म कई रिकॉर्ड अपने नाम कर रही है. ऐसा माना जा रहा है कि शायद वो इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दें. 

    सीएम योगी से मिली हनुमान अंश की टीम 
    फिल्म 'हनुमान अंश' की टीम ने हाल ही में लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष मुलाकात की. इस प्रतिनिधिमंडल में फिल्म के निर्माता, लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, मुख्य अभिनेता शोभिनव और फिल्म से जुड़े अन्य प्रमुख कलाकार एवं टीम सदस्य शामिल थे. मुलाकात के दौरान विशाल चतुर्वेदी और शोभिनव ने मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु और उसकी आध्यात्मिक यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

    उन्होंने बताया कि 'हनुमान अंश' श्रद्धेय संत बाबा नीम करोली के जीवन, उनकी आध्यात्मिक साधना और भगवान हनुमान के प्रति उनकी अटूट भक्ति को केंद्र में रखकर बनाई गई है. मुख्यमंत्री योगी ने फिल्म से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की और पूरी टीम को फिल्म की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं. विचारों के इस सकारात्मक आदान-प्रदान और आत्मीय बातचीत ने इस मुलाकात को कलाकारों और निर्माताओं के लिए एक यादगार अनुभव बना दिया.

  • छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मनेगा पोला पर्व, CM विष्णुदेव साय की कार्यक्रमों में होगी शिरकत

    छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मनेगा पोला पर्व, CM विष्णुदेव साय की कार्यक्रमों में होगी शिरकत

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज पोला पर्व के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 2.30 बजे रायपुर से दुर्ग के लिए रवाना होंगे। दोपहर 3 बजे ग्राम मडियापार में आयोजित पोरा महोत्सव-2026 में शामिल होंगे।

    कार्यक्रम के बाद 3.45 बजे भिलाई के रिसाली सेक्टर के लिए रवाना होंगे। यहां मुख्यमंत्री शाम 4.30 बजे दशहरा मैदान में आयोजित पोला उत्सव कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 5.45 बजे तक रायपुर लौटेंगे।

    सक्ती में होगा ग्रामीण विकास का बड़ा आयोजन
    रायपुर। सक्ती जिले के ग्राम जेठा में 11 सितंबर को ग्रामीण विकास को लेकर बड़ा आयोजन होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि होंगे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2 लाख परिवारों को पक्के घर की सौगात देते हुए गृह प्रवेश कराया जाएगा। साथ ही आवास योजना में एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन प्रणाली की शुरुआत होगी। इस दौरान नदियों और जलधाराओं के पुनर्जीवन के लिए ‘धार अपार अभियान’ शुरू किया जाएगा।

    ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए 270 नए इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर भी शुरू होंगे। कार्यक्रम में लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और रानी मिस्त्री को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाली 5 पंचायतों के प्रतिनिधियों का भी सम्मान होगा। कार्यक्रम के दौरान 122 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 39 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन-शिलान्यास किया जाएगा। आयोजन में प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और पंचायत प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहेंगे।

  • नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं रहेंगी बंद

    नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं रहेंगी बंद

    नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर शासकीय कार्यालय एवं संस्थाएं रहेंगी बंद

    तीन स्थानीय अवकाश किए घोषित

    रायपुर
     सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के तहत रायपुर जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। यह अवकाश रायपुर जिले, शहर (राजधानी) स्थित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में लागू होंगे।

            जारी आदेश के अनुसार नुआखाई पर्व के लिए 15 सितंबर 2026 (मंगलवार), महाअष्टमी के लिए 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) तथा गोवर्धन पूजा (दीपावली के दूसरे दिन) के लिए 9 नवंबर 2026 (सोमवार) को स्थानीय अवकाश रहेगा। जारी आदेश के अनुसार ये अवकाश रायपुर जिले के अंतर्गत संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं पर लागू होंगे।

  • प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, बिलासपुर में 2 आरोपी गिरफ्तार

    प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, बिलासपुर में 2 आरोपी गिरफ्तार

    बिलासपुर.

    सरकंडा पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कार की डिक्की से 520 नग प्रतिबंधित ऑनरेक्स कफ सिरप बरामद किया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कफ सिरप उपलब्ध कराने वाले दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कार के जरिए प्रतिबंधित कफ सिरप ले जाया जा रहा है। सूचना पर सरकंडा पुलिस की टीम ने बिरकोना रोड गैस गोदाम के पास घेराबंदी की। इसी दौरान काले रंग की कार क्रमांक CG 04 QD 9753 को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन की डिक्की से 520 नग ऑनरेक्स कफ सिरप बरामद हुआ। बरामद कफ सिरप का कुल वजन 85.02 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1,04,780 है। पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सिरप के अलावा एक कार और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

    पुलिस ने मामले में मिथुन बघेल व अमन कुमार चौबे को गिरफ्तार किया है। वहीं राजा भोई और नीरज पटेल फरार हैं। दोनों पर गिरफ्तार आरोपियों को बिक्री के लिए कफ सिरप उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। आरोपियों के खिलाफ थाना सरकंडा में धारा 21, 22 एवं 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

  • छत्तीसगढ़ के जंगलों में प्लास्टिक फेंका तो खैर नहीं, वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला

    छत्तीसगढ़ के जंगलों में प्लास्टिक फेंका तो खैर नहीं, वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला

    बिलासपुर.

    वन्यप्राणियों की सुरक्षा और संरक्षण को देखते हुए वन मुख्यालय ने बड़ा निर्णय लिया है। एटीआर सहित प्रदेश के सभी वन मंडलों और संरक्षित क्षेत्रों में प्लास्टिक के इस्तेमाल और कचरे पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

    अब यदि किसी सैलानी के पास प्रतिबंधित प्लास्टिक पाया जाता है या उसे जंगल में फेंकते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 500 रुपए या उससे अधिक की प्रशमन राशि वसूल की जाएगी।

    वन्यप्राणियों के संरक्षण के लिए सख्त होगी कार्रवाई
    वन्यप्राणियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए शासन स्तर पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। प्रदेश के सभी वन मंडलों, रेंज, डिवीजन, अचानकमार टाइगर रिजर्व सहित राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करने के लिए कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा रहा है। संरक्षित क्षेत्रों में प्रतिबंधित प्लास्टिक मिलने पर केवल समझाइश देने के बजाय तलाशी, जब्ती, प्लास्टिक हटाने और नियमों के तहत प्रशमन राशि वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सर्किल फॉरेस्ट ऑफिसर और बीट फॉरेस्ट ऑफिसर स्तर तक के अधिकारियों को अधिकार देने के निर्देश जारी किए गए हैं। वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन कार्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि संरक्षित क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग पर पहले से रोक के निर्देश हैं। इसके बावजूद प्लास्टिक के उपयोग और कचरे पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। इसे देखते हुए अब छत्तीसगढ़ प्लास्टिक एवं अन्य जैव अनाशित सामग्री नियम, 2023 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य के नियमों के तहत प्लास्टिक कैरी बैग, नॉन-वूवन पॉलीप्रोपलीन बैग, प्लास्टिक और थर्मोकोल से बने डिस्पोजेबल कप, प्लेट, गिलास, कटोरे, चम्मच और स्ट्रॉ समेत कई वस्तुएं प्रतिबंधित हैं।

    टाइगर रिजर्व में भी सख्त प्रावधान लागू
    अचानकमार टाइगर रिजर्व के अलावा प्रदेश के उदंती-सीतानदी, इंद्रावती और गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व सहित राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित क्षेत्रों के सर्किल और बीट फॉरेस्ट अधिकारियों को नियमों के तहत कार्रवाई के लिए अधिकृत एवं सशक्त किया जा सकता है।

    500 से 1 लाख रुपए तक प्रशमन राशि
    नियमों में अपराध की प्रकृति और संबंधित व्यक्ति के आधार पर प्रशमन राशि निर्धारित की गई है। पहली बार उल्लंघन करने पर व्यक्ति या स्ट्रीट वेंडर से 500 रुपए, दुकान या प्रतिष्ठान से 5 हजार रुपए और निर्माता से 1 लाख रुपए तक की राशि ली जा सकती है। दूसरी बार अपराध करने पर यह राशि क्रमशः 5 हजार, 50 हजार और 2 लाख रुपए होगी। इसके बाद के अपराधों को अशमनीय रखा गया है।
    जुर्माने की राशि और अपराध के प्रशमन के रूप में प्राप्त राशि राज्य सरकार के संबंधित खाते में जमा की जाएगी। इस राशि का उपयोग पर्यावरण संरक्षण और पर्यावरण से जुड़ी विभिन्न कार्ययोजनाओं में किया जाएगा।

  • रायपुर में अफसरों की फील्ड विजिट पर जोर, अरुण साव बोले- जमीनी हकीकत देखकर तेज करें काम

    रायपुर में अफसरों की फील्ड विजिट पर जोर, अरुण साव बोले- जमीनी हकीकत देखकर तेज करें काम

    रायपुर : सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री ने नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की

    संपत्ति कर के भुगतान के लिए निकायों में ऑनलाइन व्यवस्था बनाने के दिए निर्देश, सभी कार्यों और योजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए प्रभावी कार्यपद्धति अपनाने कहा

    जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश, अगले 50 वर्षों की जरूरत को देखते हुए बनाएं दीर्घकालिक योजना

    रायपुर.

    उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज राज्य के सभी नगर निगमों तथा जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के विकास, स्वच्छता, राजस्व वसूली, योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ ही जवाबदेही से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्था नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की योजनाएं बनाने, जनसुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नागरिकों की कल्याणकारी संस्था है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और संचालक नीलेशकुमार क्षीरसागर भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

    सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में कहा कि शहरों के विकास के काम तथा राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी सक्रियता से काम करें। प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। उन्होंने निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों के सर्वे कर नई संपत्तियों की पहचान करने और संपत्ति कर जमा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा निकायों में आनलाइन भुगतान की सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि वे निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा निर्माणाधीन कार्यों की कड़ाई से निरीक्षण करें। उन्होंने सप्ताह के अलग-अलग दिनों में राजस्व वसूली, निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए कार्य-पद्धति विकसित करने के निर्देश दिए। 

    उप मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों और अतिक्रमणों का पता चलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं का अतिरिक्त भार निकाय पर पड़ता है। उन्होंने निगम आयुक्तों और सीएमओ को प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर साफ-सफाई की व्यवस्था और निर्माण कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए। इससे कार्यों की मैदानी हकीकत पता चलने के साथ ही शहर की समस्याओं और लोगों के फीडबैक की भी जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश और पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में शहरों की अधोसंरचना भी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित होनी चाहिए। 

    साव ने नगरीय निकायों में अगले 50 वर्षों की जल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चिंतन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक योजना बनाने पर जोर देते हुए शहरों के सभी घरों में पेयजल आपूर्ति की पुख्ता व्यवस्था तैयार करने को कहा। भविष्य के जल संकट से बचने के लिए अभी से दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निकायों के अधिकारी ही शहर की छवि और विकास की दिशा तय करने वाले प्रमुख जिम्मेदार अधिकारी हैं, इसलिए पूरी क्षमता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें।

    शहरों की व्यवस्था ऐसी हो कि नागरिकों को निकाय की मौजूदगी का अहसास हो : सोनमणि बोरा

    नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि नगरीय निकायों का दायित्व केवल निर्माण कार्यो और योजनाओं को पूरा करना नहीं है, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं का निर्बाध और सुचारू संचालन भी है। तेजी से हो रहे शहरीकरण और बढ़ती जनआकांक्षाओं के अनुरूप निकायों को भविष्य की जरूरतों का रोडमैप तैयार कर उस पर प्रभावी ढंग से अमल करना होगा। शहरवासियों को निकाय की मौजूदगी का अहसास होना चाहिए। उन्हें विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों में सहभागी बनाया जाना चाहिए। 

    प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि नगरीय निकायों का काम संवैधानिक जिम्मेदारी है और इसका कार्यक्षेत्र बेहद व्यापक है। नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही शहरों में आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं और विकास कार्यों का असर कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। निगम आयुक्त और सीएमओ शहरी विकास और कल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

    उन्होंने शहरों में उपलब्ध खाली स्थानों का चिन्हांकन कर वहां सघन वृक्षारोपण कराने और 'अर्बन फारेस्ट' विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखने और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का गंभीरता और सक्रियता से पालन करने को कहा। उन्होंने सामान्य सभा और एमआईसी की बैठकें भी समयबद्ध तरीके से नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए।

    समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन सभी नालंदा परिसरों को शीघ्र शुरू करने की दिशा में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने पर भी जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने फर्नीचर, आइटी सुविधाओं, किताबों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए राशि स्वीकृत कर जल्द टेंडर जारी करने के निर्देश दिए। सूडा के सीईओ सुमित अग्रवाल, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता रमेश शर्मा सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों के सीएमओ, राजस्व अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता और संभागीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

    इन कार्यों की हुई समीक्षा

    उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री की घोषणाओं की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचना कार्यों, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजनाओं, पीएम स्वनिधि और पीएम ई-बस सहित विभिन्न राज्य प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, एनर्जी बिल ऑडिट, एबीसी रूल्स एवं गोधाम योजना, निकायों की टीम द्वारा प्रतिदिन मॉर्निंग विजिट, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। 

  • आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम को लेकर एक्शन में सरकार, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की वर्चुअल समीक्षा

    आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम को लेकर एक्शन में सरकार, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की वर्चुअल समीक्षा

    रायपुर : सेवा संकल्प अभियान- ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की वर्चुअल समीक्षा
    बस्तर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और दुर्ग के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की चर्चा

    जिला, संभाग, नगरीय निकाय एवं विकासखंड मुख्यालयों में सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन की तैयारी के निर्देश

    रायपुर

    प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने प्रभार वाले जिलों बस्तर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद एवं दुर्ग में आगामी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में संबंधित जिलों के विधायकगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, नोडल अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी शामिल हुए।

             उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस की संध्या पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके तहत जिला एवं संभाग मुख्यालयों में सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनभागीदारी और सामाजिक समरसता के साथ सेवा एवं संकल्प की भावना को मजबूत करने का अवसर होगा।

    जनप्रतिनिधियों के साथ स्थान का करें चयन

             शर्मा ने कलेक्टरों एवं संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थान का चयन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल ऐसा हो, जहां अधिक से अधिक नागरिक सुविधाजनक रूप से शामिल हो सकें और आयोजन गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूरी करने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए।

    नगरीय निकाय एवं विकासखंड स्तर पर भी हो सामूहिक आयोजन

             उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ की भावना को जिला मुख्यालयों तक सीमित न रखते हुए सभी जिलों के नगरीय निकायों एवं विकासखंड मुख्यालयों में भी सामूहिक रूप से एक निर्धारित स्थान पर दीप प्रज्वलित करने की पहल की जाए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, नागरिकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप देने पर जोर दिया।

    सामाजिक संगठनों और प्रशासन के समन्वय से सफल बनेगा अभियान

           शर्मा ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के बीच सहभागिता एवं सेवा भावना को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ते हुए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि सभी जिलों में आयोजन की तैयारियां समय पर पूरी हों और कार्यक्रम का उद्देश्य एवं संदेश समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर समुचित समन्वय एवं प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य किया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उप मुख्यमंत्री शर्मा ने जिलावार तैयारियों की जानकारी ली तथा आयोजन को सफल, गरिमापूर्ण एवं जनभागीदारीपूर्ण बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

  • दहेज की कुरीति पर रंगमंच से प्रहार, ‘मया के मुंदरी’ ने जगाई सामाजिक चेतना

    दहेज की कुरीति पर रंगमंच से प्रहार, ‘मया के मुंदरी’ ने जगाई सामाजिक चेतना

    रायपुर

    संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘रंग परब नाट्य श्रृंखला’ का शुभारंभ बुधवार को मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस, घड़ी चौक रायपुर में हुआ। 9 से 11 सितंबर तक आयोजित इस नाट्य श्रृंखला में प्रतिदिन दो नाटकों की रंगमंचीय प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। आयोजन में सामाजिक सरोकार, सांस्कृतिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और पौराणिक कथाओं को रंगमंच के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

    कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संस्कृति एवं पुरातत्व संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज का जीवंत दर्पण है। रंगमंच हमारी संवेदनाओं, संघर्षों और सामाजिक सरोकारों को प्रभावशाली ढंग से सामने लाता है। कलाकार अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से दर्शकों को सोचने, समझने और सामाजिक बदलाव के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि नाटक हमारी संस्कृति, परंपराओं और मानवीय मूल्यों को भी समृद्ध करने का सशक्त माध्यम है।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कवि मीर अली मीर, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार श्री दीपेंद्र दीवान, साहित्यकार श्री विजय मिश्रा, फिल्म बोर्ड की सदस्य श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी तथा समाजसेवी श्री उदयभान चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    ‘मया के मुंदरी’ ने दहेज प्रथा के खिलाफ बुलंद की आवाज

    नाट्य श्रृंखला की पहली प्रस्तुति ‘मया के मुंदरी’ रही, जिसका मंचन रिखी क्षत्रिय एवं समूह द्वारा किया गया। नाटक ने शुरुआत से ही दर्शकों का ध्यान एक गंभीर सामाजिक समस्या की ओर आकर्षित किया। दहेज प्रथा पर केंद्रित इस प्रस्तुति में दिखाया गया कि किस तरह धन-संपत्ति का लालच विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को रिश्ते से सौदेबाजी में बदल देता है।

    नाटक में दहेज के लालची पिता के चरित्र के माध्यम से यह दिखाया गया कि बेटे का विवाह उसके लिए संस्कार, प्रेम और पारिवारिक संबंधों का अवसर न रहकर धन-संपत्ति और गाड़ी हासिल करने का माध्यम बन जाता है। दहेज के लालच की यह मानसिकता केवल सामाजिक और नैतिक मूल्यों को कमजोर नहीं करती, बल्कि परिवार और रिश्तों की बुनियाद को भी प्रभावित करती है।

    कहानी का सबसे प्रभावशाली पक्ष यह रहा कि स्वाभिमानी बेटा और उसकी मां दहेज के खिलाफ मजबूती से खड़े होते हैं। वे गरीब लड़की और उसके पिता का समर्थन करते हैं तथा विवाह को आर्थिक लेन-देन से अलग मानवीय संबंध के रूप में स्थापित करने का प्रयास करते हैं।

    नाटक में अंततः युवक दहेज रूपी कुरीति का विरोध करते हुए गरीब लड़की से विवाह स्वीकार करता है। ग्रामीण रीति-रिवाजों और परंपराओं के बीच विवाह संपन्न होता है। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को यह संदेश दिया कि विवाह किसी सौदे का नाम नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और समानता पर आधारित जीवन-संबंध है।

    ‘हरित सागर’ ने पौराणिक कथा को दिया रंगमंचीय स्वरूप

    नाट्य श्रृंखला की दूसरी प्रस्तुति 7वीं शताब्दी की संस्कृत उत्तरकथा ‘हरित सागर’ पर आधारित रही। इस नाटक के लेखक एवं निर्देशक श्री किशोर वैभव हैं। पौराणिक कथा पर आधारित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को एक अलग ही रंगमंचीय संसार से परिचित कराया।

    नाटक की कथा भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को एकांत में सुनाई गई कथा से जुड़ी है। कथा को जलंधर द्वारा सुन लिए जाने के बाद घटनाक्रम आगे बढ़ता है। इसके पश्चात माता पार्वती द्वारा दिए गए श्राप और उस श्राप से मुक्ति की कथा को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया गया।

    कलाकारों ने संवाद, अभिनय और रंगमंचीय प्रस्तुति के माध्यम से पौराणिक प्रसंगों को जीवंत बनाने का प्रयास किया। कथा की प्रस्तुति ने दर्शकों को पौराणिक आख्यानों की रोचकता और रंगमंच की सृजनात्मक शक्ति से रूबरू कराया।

    रंगमंच के जरिए सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक संवाद का प्रयास

    ‘रंग परब नाट्य श्रृंखला’ का विशेष आकर्षण यह है कि इसमें मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक चिंतन और सांस्कृतिक चेतना को भी केंद्र में रखा गया है। एक ओर ‘मया के मुंदरी’ जैसी प्रस्तुति दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध आवाज बुलंद करती है, वहीं ‘हरित सागर’ जैसी प्रस्तुति पौराणिक कथा और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को रंगमंच के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाती है।

    तीन दिनों तक चलने वाली इस नाट्य श्रृंखला में विभिन्न विषयों और कथानकों पर आधारित नाटकों की प्रस्तुतियां होंगी। संस्कृति विभाग का यह आयोजन रंगमंच के कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ ही दर्शकों को चिंतन, संवेदना, संस्कृति और मनोरंजन का समन्वित अनुभव देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

  • प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी से मिलेगा नया विस्तार

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी से मिलेगा नया विस्तार

    रायपुर

     प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देने के उद्देश्य से जीपीएम जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। एक माह तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाने, उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने और विकास की प्रक्रिया में प्रत्येक परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा।

    कलेक्टर  विजय दयाराम के. ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय, स्पष्ट एवं समयबद्ध कार्ययोजना तथा प्रभावी मैदानी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मुकेश रावटे को ‘सेवा संकल्प अभियान’ का जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है।

    ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगा अभियान का शुभारंभ

    अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इस दिन शाम को जिले के प्रत्येक परिवार को दीप प्रज्वलित कर अभियान से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक दीप प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति नागरिकों के आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प का प्रतीक होगा।

    मैदानी अमला घर-घर पहुंचकर नागरिकों को इस पहल की जानकारी देगा तथा उन्हें दीप प्रज्वलन के माध्यम से अभियान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करेगा। इस गतिविधि का उद्देश्य विकास के संकल्प को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे जन-जन और घर-घर का संकल्प बनाना है।

    बच्चों की कल्पनाओं में दिखेगा विकसित भारत

    ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के अंतर्गत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को विकसित भारत की अपनी कल्पना और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा कार्यों को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का अवसर मिलेगा।

    उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही बच्चों द्वारा तैयार की गई श्रेष्ठ कलाकृतियों एवं उनकी कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से आमजन के सामने रखा जाएगा।

    नुक्कड़ नाटकों के जरिए आमजन तक पहुंचेगी ‘नमो सेवा गाथा’

    अभियान के दौरान ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत 17 सितंबर से विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, उनके उद्देश्यों और योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की कहानियों को रोचक एवं प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

    नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नागरिकों को पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि सरकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर तक पहुंच सके।

    ‘आंगन का उत्सव’ में पोषण और महिला-बाल कल्याण पर जोर

    25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों को दी जाएगी।

    कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उनका सम्मान भी किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

    ‘कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी सफलता की वास्तविक कहानियां

    अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियों का संकलन किया जाएगा। इन कहानियों के माध्यम से यह बताया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का प्रभाव किस तरह आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

    हितग्राहियों की सफलता की कहानियां अन्य पात्र नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।

    जनभागीदारी से विकसित भारत के संकल्प को मिलेगा विस्तार

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से जिले में शासन की योजनाओं की जानकारी को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ-साथ सेवा, सहभागिता और संकल्प की भावना को जन-जन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। एक माह तक चलने वाली विभिन्न गतिविधियों में बच्चे, महिलाएं, युवा, किसान, हितग्राही और आम नागरिक सहभागी बनेंगे।

    इस तरह ‘सेवा संकल्प अभियान’ 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार से लेकर विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प तक की यात्रा को जनभागीदारी से सशक्त करने का व्यापक अभियान बनेगा।