Category: छत्तीसगढ़

  • अवैध शराब कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें! आबकारी विभाग ने पूरे प्रदेश में चलाया सघन जांच अभियान

    अवैध शराब कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें! आबकारी विभाग ने पूरे प्रदेश में चलाया सघन जांच अभियान

    अवैध एवं जहरीली शराब पर नियंत्रण हेतु आबकारी विभाग का प्रदेशव्यापी सघन जांच अभियान प्रारंभ

    मध्य प्रदेश के सागर की दुखद घटना के मद्देनजर छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग हुआ पूरी तरह अलर्ट

    रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, चेकपोस्ट और संदिग्ध ठिकानों पर 24 घंटे सघन गश्त व जांच के कड़े निर्देश

    आबकारी आयुक्त ने जिला अधिकारियों एवं उड़नदस्ता टीमों को दिए सख्त कार्रवाई के आदेश, राज्य उड़नदस्ता प्रभारी बने नोडल अधिकारी

    रायपुर, 
     पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के सागर जिले में हाल ही में जहरीली शराब के सेवन से हुई दुखद मौतों एवं गंभीर घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन के आबकारी विभाग ने राज्यभर में अवैध मदिरा के विनिर्माण, तस्करी, भंडारण एवं विक्रय पर पूर्ण अंकुश लगाने हेतु व्यापक स्तर पर विशेष सघन जांच अभियान शुरू किया है। शासन की मंशा के अनुरूप  छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा द्वारा समस्त मैदानी अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

    09 सितंबर 2026 को सचिव  वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) समीक्षा बैठक के उपरांत विभाग द्वारा यह आदेश प्रसारित किया गया।

    अभियान के अंतर्गत प्रमुख दिशा-निर्देश एवं कार्ययोजनाः

    सार्वजनिक स्थलों एवं चेकपोस्टों पर सख्त नाकाबंदीः प्रदेश के समस्त रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों तथा अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों पर वाहनों की 24 घंटे सघन जांच की जा रही है, ताकि बाहरी राज्यों से आने वाली अवैध शराब की तस्करी को पूरी तरह रोका जा सके।

    विशेष जांच दल (Special Task Team) का गठनः प्रत्येक जिले में उड़नदस्ते के अतिरिक्त विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अवैध व जहरीली शराब के कारोबार पर पैनी नजर रखेंगी।

    मदिरा दुकानों एवं ढाबों की सघन जांचः देशी व विदेशी मदिरा दुकानों में नॉन-ड्यूटी पेड (NDP), लीकेज व मिलावटी मदिरा की औचक जांच की जा रही है। साथ ही होटल, ढाबों एवं अवैध अहातों पर दबिश देकर जब्ती की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

    अवैध आसवन एवं स्पिरिट सिंडिकेट पर प्रहारः वनांचलों, नदी नालों व संदिग्ध क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ सर्च अभियान चलाया जा रहा है। अवैध स्पिरिट के कारोबारियों और उनके आपूर्ति स्रोतों (Source of Origin) का पता लगाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई: आबकारी विभाग के टोल-फ्री नंबर, 'मनपसंद ऐप', समाचार पत्रों एवं आम नागरिकों से प्राप्त होने वाली हर सूचना पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

    नोडल अधिकारी नियुक्त, प्रतिदिन होगी मॉनिटरिंग

    समस्त जिलों एवं संभागों में चल रही कार्रवाइयों की दैनिक निगरानी के लिए प्रभारी अधिकारी, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे तक पूरे प्रदेश की समेकित रिपोर्ट आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत करेंगे।

    आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण अथवा विक्रय की सूचना तत्काल विभागीय टोल-फ्री नंबर 14405 या मनपसंद ऐप पर साझा करें एवं मदिरा के उपभोग हेतु केवल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित मदिरा दुकानों से ही मदिरा क्रय किए जाने की अपील की है।

  • सेवा संकल्प अभियान को लेकर एक्शन मोड में सरकार, ओ.पी. चौधरी ने प्रभार जिलों की तैयारियों की समीक्षा की

    सेवा संकल्प अभियान को लेकर एक्शन मोड में सरकार, ओ.पी. चौधरी ने प्रभार जिलों की तैयारियों की समीक्षा की

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रभार जिले की वर्चुअल बैठक लेकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन

    जनभागीदारी के साथ अभियान को सफल एवं प्रभावी बनाने के दिए निर्देश

    आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ सहित होंगी विविध गतिविधियां

    रायपुर,
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरगुजा, जशपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की प्रशासनिक बैठक ली। उन्होंने अभियान की तैयारियों की विस्तार समीक्षा करते हुए नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, कार्ययोजना, विभागीय दायित्वों एवं प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी ली।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की यात्रा केवल वर्षों का हिसाब नहीं है, बल्कि यह 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व और भारत की क्षमता में अटूट विश्वास की कहानी है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से इस यात्रा के प्रति जन-आभार व्यक्त करने के साथ विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सभी कार्यक्रमों का बेहतर विभागीय समन्वय के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की प्रत्येक गतिविधि ग्राम, वार्ड, विकासखंड एवं जिला स्तर पर अधिकतम जनभागीदारी के साथ आयोजित करना सुनिश्चित करें। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों को अभियान से जोड़ा जाए।

    17 सितंबर की शाम हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

    अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इसके तहत प्रत्येक परिवार को दीप प्रज्वलन से जोड़ने की पहल की जाएगी। प्रत्येक दीप को 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प का प्रतीक बनाया जाएगा। मैदानी टीमें घर-घर पहुंचकर नागरिकों को इस पहल में सहभागी बनने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।

    ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ से सामने आएगी नई पीढ़ी की कल्पना

    17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक शासकीय एवं निजी विद्यालयों में ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के तहत विकसित भारत की संकल्पना और 25 वर्षों की सेवा यात्रा पर आधारित ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों की कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

    ‘नमो सेवा गाथा’ से गांव-गांव पहुंचेगी सेवा और बदलाव की कहानी

    ‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत 17 सितंबर से नुक्कड़ नाट्य का आयोजन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को देश के 100 प्रमुख स्थलों पर विशेष मंचन प्रस्तावित है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से 25 वर्षों के सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आए सकारात्मक बदलाव की कहानियों को सरल, भावनात्मक एवं प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

    ‘आंगन का उत्सव’ में माताओं से संवाद और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान

    25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित होगी। इसमें माताओं एवं बच्चों की सहभागिता के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। योजनाओं से लाभान्वित महिलाएं अपने जीवन में आए बदलाव की कहानियां भी साझा करेंगी।

    ‘कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियां

    अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से सकारात्मक बदलाव का अनुभव करने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियां संकलित की जाएंगी। प्रत्येक कहानी में हितग्राही का नाम, स्थान, जिला, संबंधित योजना और जीवन में आए बदलाव की जानकारी दर्ज की जाएगी। इन कहानियों का डिजिटल डेटा बैंक भी तैयार किया जाएगा।

    ‘सेवा ज्योति यात्रा’ से जन-जन जुड़ेगा विकसित भारत के संकल्प से

    25 वर्षों की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने के लिए गांव, जिला एवं राज्य स्तर पर जनभागीदारी यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ को व्यापक जनसहभागिता के साथ आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

    ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत सेवा गतिविधियों में भाग लेंगे नागरिक

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के अंतर्गत नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं की सेवा गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। नदी-घाट स्वच्छता सहित विभिन्न सेवा कार्यों को अभियान में शामिल किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

    ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ से पात्र हितग्राहियों को मिलेगा योजनाओं का लाभ

    ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी। शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने, उन्हें योजनाओं से जोड़ने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहेगा।

    विविध गतिविधियों से अभियान को मिलेगा व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप

    अभियान के दौरान ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘जल जन सेवा संकल्प’, ‘रंगोली राष्ट्र/भारत मंडल’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज‘ तथा ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अंतर्गत परिवर्तनकारी स्थलों का भ्रमण तथा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है।

    इस बैठक में संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

  • पूरी ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभाएं जिम्मेदारी, जनहित को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

    पूरी ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभाएं जिम्मेदारी, जनहित को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

    भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अब युवा टाउन प्लानर्स के कंधों पर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    राज्य निर्माण के बाद पहली बार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ 21 सहायक संचालकों की नियुक्ति

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 नवचयनित सहायक संचालकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

    पूरी ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभाएं जिम्मेदारी, जनहित को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

    सुनियोजित शहरीकरण से मजबूत होगी विकसित छत्तीसगढ़ की नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    निष्पक्ष भर्ती, प्रोफेशनल कार्य संस्कृति और आधुनिक टाउन प्लानिंग के साथ विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा प्रदेश

    रायपुर 
    शहरों का विकास केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों के अनुरूप किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के 21 नवचयनित सहायक संचालकों (योजना) को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री साय ने सभी नवचयनित अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई है। यह नियुक्ति विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ प्रदेश में तेजी से हो रहे शहरीकरण को सुनियोजित दिशा देने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

    मुख्यमंत्री साय ने नवचयनित अधिकारियों के माता-पिता और परिजनों को भी विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर योग्य बनाना और उन्हें जिम्मेदार पद पर प्रदेश तथा जनता की सेवा करते देखना प्रत्येक माता-पिता के लिए गर्व और प्रसन्नता का अवसर होता है। आज इन युवाओं के जीवन में नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है और इसके साथ उनके परिवारों की अपेक्षाएं तथा प्रदेश की आशाएं भी जुड़ी हुई हैं।

    राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में 17 नियुक्तियां, अब एक साथ 21 युवा अधिकारी

    *मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में कुल 17 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई थी, जबकि आज एक साथ 21 युवा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभागों को पर्याप्त मानव संसाधन और प्रोफेशनल क्षमता से सशक्त कर रही है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। गांवों से शहरों की ओर आबादी का विस्तार होने के साथ नगरों की सीमाएं बढ़ रही हैं और प्रमुख सड़कों तथा शहरों के आसपास नई बसाहटें विकसित हो रही हैं। आने वाले वर्षों में यह गति और तेज होगी। ऐसे में आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों, सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए दीर्घकालीन एवं वैज्ञानिक योजना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि टाउन प्लानिंग केवल नक्शे बनाने या भू-उपयोग तय करने का कार्य नहीं है। इसका सीधा संबंध नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और शहरों के भविष्य से है। एक अच्छी योजना शहर को व्यवस्थित बनाती है, नागरिक सुविधाओं को सुलभ करती है और भविष्य में अनियोजित विस्तार से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोकती है। इसलिए आज नियुक्त हुए युवा अधिकारियों के कंधों पर भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    जनहित और पारदर्शिता को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दें

    मुख्यमंत्री साय ने नवचयनित अधिकारियों को दायित्वबोध का संदेश देते हुए कहा कि शासकीय सेवा  जनता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। शासन में अधिकारी द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय किसी न किसी रूप में आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करें।

    उन्होंने कहा कि शासन की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें आम नागरिक को अपने छोटे से छोटे कार्य के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों की सुविधा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना अधिकारियों का दायित्व है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से अपनी तकनीकी शिक्षा, आधुनिक ज्ञान और नवाचार का उपयोग प्रदेश के बेहतर नियोजन में करने का आह्वान किया।

    विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भागीदारी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ देश इस लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों के विकास की स्पष्ट दिशा तय करते हुए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर : विजन 2047’ तैयार किया है। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ बेहतर नागरिक सुविधाएं हों, युवाओं के लिए पर्याप्त अवसर हों और विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें शासन-प्रशासन, युवाओं और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

    ढाई वर्षों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। पुलिस विभाग में 7 हजार से अधिक और शिक्षा विभाग में 3 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। बिजली विभाग में भी 1200 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए अवसरों का दायरा केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं। रोजगार मेलों, निजी क्षेत्र, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से भी रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता और रुचि के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।

    पारदर्शी व्यवस्था से मिली नियुक्ति, उसी पारदर्शिता का लाभ जनता तक पहुंचाएं : ओ.पी. चौधरी

    वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवचयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सुनियोजित शहरीकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अर्थव्यवस्था के विकास के साथ शहरी आबादी और शहरों का विस्तार बढ़ना स्वाभाविक है। इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं का पहले से आकलन कर आधुनिक और वैज्ञानिक टाउन प्लानिंग करना समय की आवश्यकता है।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में पहले एक बार में तीन या चार सहायक संचालकों की नियुक्तियां होती थीं, लेकिन इस बार एक साथ 21 अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। इससे विभाग की प्रोफेशनल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

    उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि उनकी भर्ती पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई है। अब उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वे इसी पारदर्शिता और ईमानदारी को अपनी कार्यशैली का आधार बनाएं। जब कोई नागरिक नक्शा स्वीकृति या अपने किसी अन्य कार्य के लिए विभाग के कार्यालय आए, तो उसे व्यवस्था में सरलता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता का अनुभव होना चाहिए।

    नई पीढ़ी के अधिकारियों की ऊर्जा से विकास को मिलेगी नई गति : केदार कश्यप

    वन मंत्री केदार कश्यप ने नवचयनित अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। 
    उन्होंने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों की नियुक्ति प्रदेश के सुनियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नई पीढ़ी के अधिकारियों का ज्ञान, ऊर्जा और आधुनिक दृष्टिकोण विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवचयनित अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

    कार्यक्रम में विभागीय सचिव अंकित आनंद, आयुक्त अवनीश शरण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नवचयनित सहायक संचालक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

  • छात्रों के लिए बड़ी पहल, CG के स्कूलों में NEET-JEE कोचिंग; शिक्षक भी हुए प्रशिक्षित

    छात्रों के लिए बड़ी पहल, CG के स्कूलों में NEET-JEE कोचिंग; शिक्षक भी हुए प्रशिक्षित

    दुर्ग.

    जिले के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत ऐसे मेधावी विधार्थी जो आर्थिक कारणों से नीट/जेईई जैसे परीक्षाओं में कोचिंग के अभाव में चयनित होने से वंचित हो जाते हैं, ऐसे विद्यार्थियों के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के नेतृत्व व मार्गदर्शन में जिले में एक अभिनव प्रयास किया जा रहा है।

    चयन परीक्षा के माध्यम से कक्षा 11वीं एवं 12वीं विज्ञान के 40-40 विद्यार्थियों’ का चयन नीट एवं जेईई कोचिंग के लिए किया गया है। कोचिंग कक्षाओं का संचालन जिले के चयनित विषय विशेषज्ञ व्याख्याताओं के माध्यम से किया जाना है। इस हेतु चयनित विशेषज्ञ व्याख्याताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 8 सितंबर को जेआरडी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय दुर्ग में किया गया। प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि यदि हम वास्तव में अपने कार्य का परिणाम देखना चाहते है, तो हमें केवल एप्रोच के साथ क्लास में जाने के बजाए पूरी तैयारी के साथ जाना होगा, यदि एक घंटे की क्लास लेनी है तो दो घंटे की क्लासेस की तैयारी होनी चाहिए। बच्चों की मानसिकता को परखते हुए पहले किस टॉपिक को डील किया जाना है इस बात को विशेष ध्यान देना होगा।

    कार्यशाला में मौजूद डॉ. केवी राव, संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि हमें एक मूल मंत्र याद रखना होगा कि इस पूरे प्रोसेस में हम जितना इंवॉल्व होंगे उतना ही बेहतर परिणाम दे पाएंगे। इससे एक उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में पहचान बना पाएंगे।

  • सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी, उत्तराखंड में समूह ‘ग’ के पदों पर भर्ती

    सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी, उत्तराखंड में समूह ‘ग’ के पदों पर भर्ती

    देहरादून.

    उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक, आशुलिपिक ग्रेड-तृतीय और आशुलिपिक ग्रेड-2/ स्टेनोग्राफर ग्रेड-2 के 101 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।

    आवेदन प्रक्रिया 14 सितंबर से शुरू होकर 14 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। भर्ती में आवास विभाग में वैयक्तिक सहायक के सर्वाधिक 22 पद हैं। उत्तराखंड वन विकास निगम में 10, आयुक्त कुमाऊं मंडल में आठ, ग्राम्य विकास विभाग में आठ, स्टाम्प एवं निबंधन विभाग में सात, उच्च शिक्षा विभाग में छह और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में पांच पद शामिल हैं।

    आयोग के सचिव एनएस डुगरियाल के अनुसार अभ्यर्थी के नाम और जन्मतिथि के सत्यापन के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र के साथ हाईस्कूल प्रमाण-पत्र तथा आधार कार्ड के दोनों तरफ की छायाप्रति अपलोड करना अनिवार्य होगा। आरक्षण से संबंधित श्रेणी का प्रमाण-पत्र भी अपलोड करना होगा। जिन पदों के लिए अनुभव प्रमाण-पत्र अनिवार्य है, उनके लिए संबंधित प्रमाण-पत्र भी देना होगा।

    संशोधन का मौका 17 से 19 अक्टूबर तक
    आयोग की वेबसाइट पर आवेदन पत्र में संशोधन 17 से 19 अक्टूबर तक किया जा सकेगा। लिखित परीक्षा की अनंतिम तिथि 20 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन संबंधी सहायता के लिए आयोग ने टोल फ्री नंबर 9520991172 और वाट्सऐप नंबर 9520991174 पर अभ्यर्थी संपर्क कर सकते हैं।

  • साय कैबिनेट के अहम फैसले, निर्यात नीति 2026-30 मंजूर; NSTI खोलने 10 एकड़ भूमि आवंटित

    साय कैबिनेट के अहम फैसले, निर्यात नीति 2026-30 मंजूर; NSTI खोलने 10 एकड़ भूमि आवंटित

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में लिए गए निर्णयों के संबंध में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी दी।

    मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक एवं मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को ‘राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।

    मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को आज के उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

    NSTI की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा नवा रायपुर को देश में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

    इस निर्णय से शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों एवं अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज उक्त भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है। इस निर्णय से दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा और न्यायिक अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

  • 2015 के कोरर नक्सली हमले का आया फैसला, 25 लाख के इनामी प्रभाकर समेत नक्सली दंपति को 7 साल की सजा

    2015 के कोरर नक्सली हमले का आया फैसला, 25 लाख के इनामी प्रभाकर समेत नक्सली दंपति को 7 साल की सजा

    कांकेर 

    छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले अंतर्गत आने वाले कोरर थाना क्षेत्र में साल 2015 में सुरक्षाबलों की संयुक्त पुलिस पार्टी पर घात लगाकर किए गए जानलेवा नक्सली हमले के मामले में 9 साल के लंबे इंतजार के बाद अदालत का फैसला आ गया है. एनआईए एक्ट एवं अनुसूचित अपराध की विशेष न्यायाधीश विभा पाण्डेय की अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और केस डायरी के आधार पर प्रतिबंधित नक्सली संगठन के शीर्ष कैडर SZDCM प्रभाकर राव और उसकी पत्नी DVCM राजे कांगे सहित कुल 5 आरोपियों को दोषी पाया है. अदालत ने मुख्य आरोपी प्रभाकर राव और उसकी पत्नी राजे कांगे को बलवे की धारा 147 के तहत 2-2 साल की कैद तथा विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम (UAPA) की धारा 38(2) व 39(2) के तहत 7-7 साल के सश्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 

    सजा पाने वाले दोनों नक्सली दंपत्ति बस्तर के जंगलों में पिछले चार दशकों से लाल आतंक का खौफनाक नेटवर्क चला रहे थे. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 40 सालों से नक्सली संगठन में सक्रिय प्रभाकर राव के खिलाफ अकेले कांकेर जिले के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, बारूदी सुरंग विस्फोट और लूट जैसे गंभीर अपराधों के कुल 64 मामले दर्ज हैं. शासन की ओर से उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. वहीं, उसकी पत्नी राजे कांगे पर 36 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। 

    2015 के हमले के दौरान आखिर हुआ क्या था?
    साल 2015 में कांकेर जिले का कोरर थाना क्षेत्र घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच नक्सली गतिविधियों का बड़ा केंद्र माना जाता था. उस दौरान जिला पुलिस और सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टुकड़ी पेट्रोलिंग के उद्देश्य से कोरर के जंगलों की तरफ रवाना हुई थी. नक्सलियों के शीर्ष लीडर प्रभाकर राव और उसकी पत्नी राजे कांगे को पहले से ही सुरक्षाबलों की मूवमेंटकी भनक लग चुकी थी. उन्होंने अपनी पूरी सशस्त्र नक्सली टुकड़ी के साथ पहाड़ी और घने पेड़ों के पीछे घात लगा रखा था. जैसे ही पुलिस पार्टी नक्सलियों द्वारा तय किए गए डेंजर जोन में दाखिल हुई, नक्सलियों ने बिना संभलने का मौका दिए अंधाधुंध गोलाबारी शुरू कर दी और पुलिस जवानों को निशाना बनाकर आईईडी से हमला करने का प्रयास किया। 

    अचानक हुए इस भीषण हमले के बावजूद जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. जवानों की ओर से मुंहतोड़ और कड़ा जवाब मिलता देख, भारी पड़ता पलड़ा महसूस कर प्रभाकर राव, उसकी पत्नी राजे कांगे और उनके साथी घने जंगलों, पहाड़ियों और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले थे. इस घटना के बाद कोरर थाने में नक्सलियों के खिलाफ जानलेवा हमला, बलवा, विस्फोटक कानून और यूएपीए के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी व विवेचनात्मक कार्रवाई शुरू की गई थी। 

     

  • भिलाई समेत रिसाली-चरोदा में वार्ड आरक्षण आज, चुनावी समीकरण पर पड़ेगा असर

    भिलाई समेत रिसाली-चरोदा में वार्ड आरक्षण आज, चुनावी समीकरण पर पड़ेगा असर

    भिलाई.

    जिले के तीन निगमों के वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया 9 सितंबर को होगी। भिलाई नगर निगम के लिए, रिसाली निगम के लिए और भिलाई चरोदा निगम के वार्डों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया होगी।

    कलामंदिर में आयोजित आरक्षण प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण होगा। आरक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किस वार्ड के लिए किस वर्ग का पार्षद प्रत्याशी होगा। आरक्षण प्रक्रिया के बाद ही पार्षद पद के दावेदार सक्रिय हो जाएंगे। याद रहे कि महापौर पद का आरक्षण पूर्व में ही हो चुका है। इसके तहत भिलाई निगम और भिलाई चरोदा निगम ओबीसी और रिसाली निगम अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो चुका है। इसके अलावा इस बार महापौर के लिए सीधे चुनाव होगा। इससे चुनाव और दिलचस्प हो जाएगा। पिछली बार ऐसा पहली बार हुआ कि पार्षदों ने बहुमत के आधार पर महापौर चुना।

    कांग्रेस ने पर्यवेक्षक घोषित किए
    इस बीच नगरीय निकाय चुनावों के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पर्यवेक्षक व सहपर्यवेक्षक घोषित कर दिया है। भिलाई शहर जिला कांग्रेस कमेटी के तहत भिलाई निगम के लिए पर्यवेक्षक धनेन्द्र साहू, सह पर्यवेक्षक दीपक दुबे, रिसाली निगम के लिए पर्यवेक्षक मोहन मरकाम, सह पर्यवेक्षक कन्हैया अग्रवाल, दुर्ग ग्रामीण के तहत भिलाई चरोदा निगम के लिए पर्यवेक्षक विकास उपाध्याय व सह पर्यवेक्षक राजेन्द्र साहू, जामुल नगर पालिका के लिए पर्यवेक्षक प्रमोद दुबे बनाए गए हैं।

  • पंधी में महरा वस्त्रकार समाज की अहम बैठक, आसपास के कई गांवों से पहुंचे समाजजन; संगठन को मजबूत करने पर मंथन

    पंधी में महरा वस्त्रकार समाज की अहम बैठक, आसपास के कई गांवों से पहुंचे समाजजन; संगठन को मजबूत करने पर मंथन

    पंधी
    महरा वस्त्रकार समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक बैठक  पंधी (देवरी) मे रखा गया 
    बैठक मे कोर कमेटी के सदस्य और विभिन्न जिलों के  पदाधिकारियों की उपस्थित रही जिसमे आसपास के बहुत सारे गांव के लोग उपस्थित थे देवरी, कौडिया,रांक, नवागांव,  समाज के सभी सदस्यों से आपसी समन्वय और एकजुटता के साथ संगठन को मजबूत करने का आव्हान किया बैठक में समाज के वरिष्ठजनो ने भी अपने विचार रखते हुए कहा की बदलते समय के साथ  समाज को संगठित होकर और आगे बढ़ाने की जरुरत है गांव स्तर पर संपर्क बढ़ाने समाज के लोगों के बीच संवाद स्थापित करने और सामाजिक गतिविधियों मे अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोड़ दिया गया बैठक की अंत मे समाज की एकता और संगठनात्म मजबूती को प्राथमिकता देते हुए आगामी समाजिक  चुनाव  और गांव गांव   जागरूता अभियान को सफल बनाने में की सहमति बनी। 

     पदाधिकारियों ने समाज के अधिक से अधिक लोगों को संगठन जोडते हुए सामाजिक हित मे कार्यों को आगे बढ़ने का संकल्प लिया
    बैठक मे श्री डहकराम वस्त्रकार, रामाधार वस्त्रकार, सुधीर वस्त्रकार, राजु वस्त्रकार,शिव वस्त्रकार, सत्या वस्त्रकार,सहित समाज के अनेक पदाअधिकारी उपस्थित रहे, कोर कमेटी सदस्य और समाजिक बंधु उपस्थित रहे।