Category: छत्तीसगढ़

  • बिहान की सोलर दीदियों ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता की ओर कदम

    बिहान की सोलर दीदियों ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता की ओर कदम

    बिहान की सोलर दीदियों ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता की ओर कदम

    सोलर वेंडर के रूप मे कराया पंजीयन, छतो पर लगा रही सोलर पैनल

    ​“सोलर दीदी हर घर रोशनी, हर हाथ को रोजगार” के सेवा संकल्प के साथ आर्थिक सशक्तिकरण की ओर 

    रायपुर,
     छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्यों में ग्रामीण स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा पहलों के तहत सोलर दीदी के रूप में अपनी एक मजबूत पहचान बना रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अब सोलर दीदी के रूप में पहचान बना रही हैं। ​“​“सोलर दीदी हर घर रोशनी, हर हाथ रोजगार” के संकल्प के साथ यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करेगा।े सेवा संकल्प को आदर्श मानकर यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करेगा।

           बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम दसरमा में हितग्राही तारनी घृतलहरे के घर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है।​ यह पूरी कार्ययोजना कलेक्टर  कुलदीप शर्मा एवं जिला पंचायत बलौदाबाजार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल योजनाओं के लाभ तक सीमित न रखकर, उन्हें सौर ऊर्जा आधारित तकनीकी कार्यों में रोजगार व उद्यमिता से जोड़ना है।

    ​संकुल संगठन ने स्वयं कराया वेंडर पंजीयन

            इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बिहान के तहत गठित संकुल स्तरीय संगठन  ने स्वयं को आधिकारिक सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कराया है। वेंडर पंजीयन के बाद अब बिहान की प्रशिक्षित सोलर दीदियां सीधे ग्राउंड लेवल पर जाकर हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल लगाने का कार्य संभाल रही हैं।

    ​पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक सशक्तिकरण

            सोलर दीदियों द्वारा किए जा रहे इस कार्य से ग्रामीण महिलाओं में तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल का विकास हो रहा है। इससे एक ओर जहां स्वच्छ ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों को बिजली बिल में राहत मिल रही है।

  • तेज आवाज में DJ बजाना पड़ा भारी, रायपुर में जर्जर इमारत का हिस्सा गिरा

    तेज आवाज में DJ बजाना पड़ा भारी, रायपुर में जर्जर इमारत का हिस्सा गिरा

    रायपुर.

    राजधानी रायपुर के सदर बाजार इलाके में शुक्रवार देर रात तेज आवाज में डीजे बजाने से एक पुरानी और जर्जर इमारत का सामने का हिस्सा अचानक गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। इमारत गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची।

    एहतियात के तौर पर पुलिस ने कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई अनहोनी नहीं हुई। जानकारी के मुताबिक, यह जर्जर इमारत सहेली ज्वेलर्स के सामने स्थित है। इमारत के नीचे पान की दुकान संचालित होती है। बिल्डिंग का हिस्सा गिरने का आभास होते ही दुकानदार और वहां मौजूद लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए। दिन के समय इस इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। देर रात घटना होने से एक बड़ा हादसा टल गया।

    सीएम साय ने बैठक लेकर जर्जर भवनों को ढहाने के दिए थे निर्देश
    बता दें कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दो दिन पहले ही जर्जर भवनों को लेकर सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को बैठक ली थी। सीएम ने निर्देश दिया था कि जर्जर भवन ढहाए जाएं और कलेक्टर-एसपी अपने-अपने क्षेत्रों में भवनों की नियमित निगरानी करें। अधिकारी सुनिश्चित करें कि शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन हो। मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि जोखिमपूर्ण भवनों की जांच में लापरवाही हुई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संभावित खतरों की पहचान कर समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

    नगर निगम ने पहले ही जारी किया था नोटिस
    नगर निगम जोन-4 के कमिश्नर के मुताबिक, संबंधित मकान काफी जर्जर स्थिति में था और नगर निगम की ओर से भवन मालिक को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था। शुक्रवार देर रात अचानक इमारत का एक हिस्सा गिर गया। घटना के बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने का काम शुरू किया। आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

    तेज आवाज में डीजे बजाने से पुलिस ने किया मना
    पुलिस ने आसपास के लोगों से भवन के पास तेज आवाज में डीजे या साउंड सिस्टम नहीं बजाने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, जर्जर हिस्से को हटाने और इलाके को सुरक्षित करने के दौरान किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी या खतरा न हो, इसके लिए सावधानी बरती जा रही है। फिलहाल नगर निगम जोन अध्यक्ष और निगम की टीम मौके पर मौजूद है। क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने के साथ ही आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित करने की कार्रवाई जारी है।

  • आधार बना जीवन का आधार- कलेक्टर के पहल से वृद्ध कृषक की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ निराकरण

    आधार बना जीवन का आधार- कलेक्टर के पहल से वृद्ध कृषक की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ निराकरण

    आधार बना जीवन का आधार- कलेक्टर के पहल से वृद्ध कृषक की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ निराकरण

    तकनीकी अड़चनों के बीच फँसा आधार हुआ अपडेट, 75 वर्षीय वासुदेव गुप्ता को मिली राहत, खुले शासकीय योजनाओं के द्वार

    रायपुर, 
    पहचान का एक छोटा-सा दस्तावेज किसी व्यक्ति के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है, इसका जीवंत उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत झलपी (पोस्ट-महाराजगंज) निवासी 75 वर्षीय श्री वासुदेव गुप्ता का प्रकरण है। पहचान पत्र न बन पाने के कारण उन्हें लंबे समय से विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा था। किन्तु  यह बदलाव तब संभव हुआ जब प्रशासन की संवेदनशील सोच ने सेवा संकल्प का प्राथमिकता में रखकर कार्य किया।

    चार वर्षों की लंबी भागदौड़ और संघर्ष

           आधार कार्ड आज के समय में हर भारतीय नागरिक की पहचानए वित्तीय लेन.देन और सरकारी योजनाओं का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन गया है। बीते चार वर्षों के दौरान श्री वासुदेव गुप्ता ने क्षेत्र के लगभग हर आधार केंद्र के चक्कर काटे और कई बार नामांकन भी करवाया। हालांकि, जब भी वे पावती से स्थिति की जांच करवाते, तो हर बार तकनीकी कारणों का हवाला देकर उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाता था। इस समस्या के समाधान और पहचान संख्या प्राप्त करने की उम्मीद में उन्होंने अंबिकापुर स्थित सेवा केंद्र तक की दौड़ लगाई, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। लगातार आ रही इन बाधाओं के चलते उनकी उम्मीदें धीरे-धीरे टूटने लगी थीं।

    प्रशासन की संवेदनशील पहल और त्वरित समाधान

          इस मामले में नया मोड़ तब आया जब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की संवेदनशील पहल पर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों की ऐसी लंबित शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला टीम तथा संबंधित तकनीकी कार्यालयों (ई-डीएम, डीसी एवं एमटीओ) ने तकनीकी अड़चनों की गहराई से पड़ताल की। आपसी समन्वय से समाधान का मार्ग निकालते हुए अंततः श्री गुप्ता का दस्तावेज सफलतापूर्वक तैयार कर उन्हें सौंप दिया गया।

    खुले शासकीय और जनकल्याणकारी योजनाओं के द्वार

           दस्तावेज के तैयार होते ही वृद्ध कृषक के लिए शासन की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के रास्ते खुल गए हैं। इसके अपडेट होने से अब श्री वासुदेव गुप्ता एग्री स्टैक पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकेंगे, जिससे उन्हें सुगमता से धान विक्रय करने और अन्य कृषि-हितैषी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। इसके अतिरिक्त पेंशन योजना, राशन कार्ड की ई-केवायसी, बैंकिंग सेवाओं तथा ऋण संबंधी प्रक्रियाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है, जिससे वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संबल प्राप्त होगा।

    प्रशासन की दूरदर्शी सोच

             जिला प्रशासन का यह प्रयास केवल एक अकेले प्रकरण के निराकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक ऐसी पुख्ता व्यवस्था विकसित करना है जहाँ पहचान से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें किसी भी पात्र हितग्राही के अधिकारों के आड़े न आएं। इस दिशा में नामांकन व अपडेशन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने, तकनीकी कारणों से अटके मामलों की पहचान कर उन्हें विशेष अभियान के तहत पूरा करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन के इस संवेदनशील दृष्टिकोण से दूरस्थ अंचलों और वृद्धजनों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है, जो कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

  • बलरामपुर जिले के 6 हजार 968 परिवारों को मिला अपना पक्का आशियाना

    बलरामपुर जिले के 6 हजार 968 परिवारों को मिला अपना पक्का आशियाना

    बलरामपुर जिले के 6 हजार 968 परिवारों को मिला अपना पक्का आशियाना

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हुआ भव्य सामूहिक गृह प्रवेश, नए घरों की चौखट पर खिले हितग्राहियों के चेहरे

    पक्का आवास परिवार की सुरक्षा और सम्मान का आधार

    रायपुर, 
     छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ग्रामीण विकास और आवासहीन जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल 2026 से अब तक पूर्ण हुए कुल 6 हजार 968 नवनिर्मित आवासों का भव्य एवं सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम 11 सितंबर 2026 को पूरे जिले में बेहद उत्साह के साथ संपन्न हुआ। आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान से पहले हजारों परिवारों का अपने पक्के घर में प्रवेश करना जिले के लिए एक विशेष उपलब्धि बन गया है।

    परंपरागत रीति-रिवाज के साथ सौंपी गई चाबियां

           बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सभी विकासखंडों में पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में पारंपरिक रीति-रिवाजों और पूजा-अर्चना के साथ हितग्राहियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी गईं। वर्षों तक कच्चे मकानों और झोपड़ियों में जीवन बिताने वाले परिवारों के लिए यह पल बेहद भावुक और गौरव से भरा हुआ था।

    विकासखंडवार पूर्ण हुए आवासों की स्थिति

          प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकासखंड रामचन्द्रपुर में 2,276 आवास, विकासखंड वाड्रफनगर 1 हजार 772 आवास, विकासखंड कुसमी 1 हजार 215 आवास, विकासखंड बलरामपुर 1 हजार 142 आवास, विकासखंड राजपुर 353 आवास और विकासखंड शंकरगढ़ 210 पक्का आवास पूर्ण कराए गए हैं।

    *पक्का आवास सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य का आधार *

           गृह प्रवेश करने वाले सभी हितग्राही परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि पक्का आवास केवल ईंट-गारे का ढांचा नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि हर पात्र परिवार को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास मिले और शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने हितग्राहियों को आवास के साथ-साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष स्वीकृत आवासों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए और श्सेवा संकल्प अभियानश् की तैयारियां समय पर सुनिश्चित हों।

    प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार

          सेवा संकज्प के इस अवसर पर लाभान्वित हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी संकल्प और आमजन के हित में उठाए जा रहे कदमों के कारण ही आज उनका अपने पक्के घर का सपना साकार हो सका है। हितग्राहियों ने सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने और विकसित भारत 2047 के सपने में अपनी सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।

           प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन और मैदानी अमले की लगातार निगरानी के चलते सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए गए हैं। पक्की छत मिलने से गदगद परिवारों ने मुख्यमंत्री विश्णुदेव साय का और शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है, वहीं प्रशासन ने भी बाकी बचे स्वीकृत आवासों को जल्द और गुणवत्ता के साथ पूरा करने की बात दोहराई है।

  • CG में बदलेगा लैंड यूज का नियम, कृषि जमीन पर मॉल और आवासीय क्षेत्र में गोदाम-कबाड़खाने होंगे प्रतिबंधित

    CG में बदलेगा लैंड यूज का नियम, कृषि जमीन पर मॉल और आवासीय क्षेत्र में गोदाम-कबाड़खाने होंगे प्रतिबंधित

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में जमीन के इस्तेमाल का पूरा नियम बदलने की तैयारी है। सरकार ने भूमि विकास से जुड़े मौजूदा नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार किया है। किसी लैंड यूज में कौन-कौन से काम नहीं किए जा सकेंगे, प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची तय कर दी गई है।

    यानी जमीन के उपयोग की श्रेणी के हिसाब से यह तय होगा कि वहां कौन-सा निर्माण या गतिविधि नहीं की जा सकती। आवास एवं पर्यावरण विभाग से जारी ड्राफ्ट में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक, परिवहन, मनोरंजन और कृषि समेत 7 तरह के लैंड यूज के लिए अलग-अलग प्रतिबंध प्रस्तावित किए गए हैं। अभी यह प्रस्ताव है, अंतिम नियम नहीं है। इस पर 23 सितंबर तक आपत्ति-सुझाव दे सकते हैं।

    जमीन की श्रेणी और नए प्रतिबंध
    आवासीय भूमि : हरित, नारंगी, लाल और नीली श्रेणी के उद्योग, गोदाम, कबाड़खाने, बूचड़खाने संक्रामक रोग अस्पताल, जेल, बड़े परिवहन टर्मिनल, धोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम व ज्वलनशील पदार्थ व गैस भंडारण, पशुपालन, मछली पालन, डेयरी, पोल्ट्री फार्म, दाह संस्कार कनिस्तान और खनन गतिविधियां भी प्रतिबंधित रहेंगी।
    व्यावसायिक भूमि : नारंगी, लाल और नीली श्रेणी के उद्योग, खतरनाक- विषाक्त रसायन व विस्फोटक भंडारण, पशु-मछली पालन, डेयरी, पोल्ट्री, दाह संस्कार कब्रिस्तान और खनन गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।
    औद्योगिक भूमि : कर्मचारी आवास और डॉरमेट्री को छोड़कर आवासीय टाउनशिप नहीं बन सकेगी।
    सार्वजनिक व अर्ध- सार्वजनिक भूमि: कर्मचारी आवास छोड़कर टाउनशिप, पोल्ट्री और गोदाम प्रतिबंधित होंगे।
    परिवहन भूमि : आवासीय बस्तियां, खतरनाक रसायन भंडारण, असंगत वाणिज्यिक गतिविधियां, नारंगी लाल-नीले उद्योग पर रोक रहेगी।
    आमोद-प्रमोद भूमि: आवासीय बस्तियां, सभी उद्योग, वाणिज्यिक परिसर, प्रदूषणकारी गतिविधियां, खनन, डेयरी और दाह संस्कार – कनिस्तान प्रतिबंधित होंगे।
    कृषि भूमि: अफोर्डेबल हाउसिंग और इंटीग्रेटेड टाउनशिप को छोड़कर बड़े मॉल प्रतिबंधित रहेंगे।

    क्या कहते हैं मुख्यमंत्री और मंत्री
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नागरिकों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए। भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित संशोधन एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बदलती जरूरतों के अनुरूप विकास गतिविधियों, निवेश, रोजगार और अधोसंरचना विकास को गति मिलेगी। वहीं मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नियमन को अधिक स्पष्ट, सरल, लचीला और परिणामोन्मुख बनाना है। इससे बदलती आर्थिक जरूरतों के अनुरूप भूमि उपयोग व्यवस्था अधिक व्यावहारिक बनेगी।

  • तीजा पोरा तिहार से रंगा मुख्यमंत्री निवास, लोक संस्कृति और परंपरा का दिखा अनूठा संगम

    तीजा पोरा तिहार से रंगा मुख्यमंत्री निवास, लोक संस्कृति और परंपरा का दिखा अनूठा संगम

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री निवास में शनिवार को तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया. आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा और संस्कृति की झलक मुख्यमंत्री निवास में देखने को मिली. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही.

    तीजा जहां महिलाओं के लिए मायके, परिवार और रिश्तों की भावनाओं से जुड़ा पर्व है, वहीं पोरा तिहार खेती-किसानी और पशुधन के प्रति आस्था और सम्मान को दर्शाता है। इस दिन मिट्टी से बने नंदी-बैल और पारंपरिक खिलौनों की पूजा की जाती है। गांवों से लेकर शहरों तक इस पर्व की खास रौनक देखने को मिल रही हैं. लोकगीत, पारंपरिक नृत्य, झूले और छत्तीसगढ़ी पकवान इस उत्सव को और खास बना रहे हैं. मुख्यमंत्री आवास में हुए आयोजन में मंत्री गजेंद्र यादव के अलावा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, रायपुर महापौर मीनल चौबे, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पत्नी वीणा सिंह और उनकी बहू के अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं. 

  • छात्रों के लिए बड़ी खबर, Bastar मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल के नए डिप्लोमा-डिग्री पाठ्यक्रम

    छात्रों के लिए बड़ी खबर, Bastar मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल के नए डिप्लोमा-डिग्री पाठ्यक्रम

    जगदलपुर.

    डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से पैरामेडिकल के डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। पहले चरण में 90 सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिसमें सीटी स्कैन, एक्स-रे, एमआरआई और ऑपरेशन थिएटर जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।

    खास बात यह है कि प्रशिक्षण केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, पैथोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे विषय भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे। पैरामेडिकल स्टाफ अस्पताल की वह महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसके बिना आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था पूरी नहीं हो सकती। मरीज की जांच से लेकर रिपोर्ट तैयार करने और ऑपरेशन थिएटर तक इनकी भूमिका अहम रहती है।

    पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद सरकारी सेवा में नियमित नियुक्ति का अवसर युवाओं के लिए इसे और आकर्षक बना रहा है। स्थानीय युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर के लिए बस्तर से बाहर जाने की जरूरत भी कम होगी। इससे एक तरफ युवाओं को रोजगार का रास्ता मिलेगा तो दूसरी तरफ बस्तर के अस्पतालों को प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन मिल सकेगा। यानी डिमरापाल में शुरू होने वाला पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शिक्षा के साथ रोजगार और स्वास्थ्य व्यवस्था, तीनों मोर्चों पर बड़ा बदलाव ला सकता है।

  • सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र

    सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र

    सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र 

    बिलासपुर
    शासन द्वारा नागरिकों
    को सरल, सहज एवं समयबद्ध तरीके से शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा सेतु’ डिजिटल व्यवस्था आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही है। सेवा सेतु के माध्यम से नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 
          कोटा विकासखण्ड के मझगांव निवासी मुक्तामणि मानिकपुरी ने तहसील कार्यालय बेलगहना में आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया। उनका आवेदन 18 जुलाई 2026 को प्रक्रिया में लिया गया। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी श्री संदीप कुमार कश्यप द्वारा समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया गया। मात्र छह दिनों में मुक्तामणि मानिकपुरी को आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। महज छह दिनों में आय प्रमाण पत्र प्राप्त होने से मुक्तामणि मानिकपुरी को अपने आवश्यक व्यक्तिगत एवं शासकीय कार्यों को पूरा करने में सुविधा मिली। उन्होंने सेवा सेतु की त्वरित एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली की सराहना की।
          सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और समयबद्ध निराकरण की यह प्रक्रिया नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयीन भागदौड़ से राहत देने के साथ ही शासकीय सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने में सहायक हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन का सेवा सेतु पोर्टल नागरिकों को विभिन्न सेवाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। 
     

  • सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र

    सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र

    सेवा सेतु की त्वरित सेवा से 6 दिन में मिला आय प्रमाण पत्र 

    बिलासपुर
    शासन द्वारा नागरिकों
    को सरल, सहज एवं समयबद्ध तरीके से शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा सेतु’ डिजिटल व्यवस्था आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही है। सेवा सेतु के माध्यम से नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 
          कोटा विकासखण्ड के मझगांव निवासी मुक्तामणि मानिकपुरी ने तहसील कार्यालय बेलगहना में आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया। उनका आवेदन 18 जुलाई 2026 को प्रक्रिया में लिया गया। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी श्री संदीप कुमार कश्यप द्वारा समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया गया। मात्र छह दिनों में मुक्तामणि मानिकपुरी को आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। महज छह दिनों में आय प्रमाण पत्र प्राप्त होने से मुक्तामणि मानिकपुरी को अपने आवश्यक व्यक्तिगत एवं शासकीय कार्यों को पूरा करने में सुविधा मिली। उन्होंने सेवा सेतु की त्वरित एवं व्यवस्थित कार्यप्रणाली की सराहना की।
          सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और समयबद्ध निराकरण की यह प्रक्रिया नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयीन भागदौड़ से राहत देने के साथ ही शासकीय सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने में सहायक हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन का सेवा सेतु पोर्टल नागरिकों को विभिन्न सेवाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। 
     

  • ‘इटालियन चश्मा’ वाले बयान से गरमाई सियासत, अरुण साव ने भूपेश बघेल पर साधा निशाना

    ‘इटालियन चश्मा’ वाले बयान से गरमाई सियासत, अरुण साव ने भूपेश बघेल पर साधा निशाना

    रायपुर.

    पीएम आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बहस की चुनौती को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि जब आंखों में इटालियन चश्मा हो, जिसने मुख्यमंत्री रहते हुए 18 लाख परिवारों को पीएम आवास से वंचित किया हो, छत्तीसगढ़ के भोले-भाले जनता को ठगने का काम किया हो, वह क्या बहस करेंगे.

    इस तरह की बातें कहकर गरीबों और जरूरतमंदों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सख्त तेवर पर कहा कि राज्य के मुखिया होने के नाते यही कर्तव्य है. जहां लोगों को समस्या हो लोगों के साथ खड़े हो और उनकी मदद भी करें. वही काम हमारे मुख्यमंत्री साय कर रहे हैं. यही विष्णु का सुशासन है. तालाबों के सौंदरीकरण के लिए राशि जारी किए जाने को लेकर अरुण साव ने कहा कि अलग-अलग योजनाओं में केंद्र सरकार तालाब के सौंदरीकरण और जीणोद्धार के लिए राशि आवंटित करती है. इसको लेकर भी लगातार काम होता है, और यह भी एक बड़ा काम है. इसलिए इतनी बड़ी राशि स्वीकृत हुई है.

    सेवा संकल्प अभियान के लिए मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी
    सेवा संकल्प अभियान को लेकर मंत्रियों को जिम्मेदारी दिए जाने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब से अब तक, मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में सेवा कर रहे है. सेवा संकल्प अभियान में 12 अलग-अलग प्रकार की सेवा के काम पूरे देश भर में होंगे. राज्य में भी उसके लिए व्यापक रूप से तैयारी की गई है. सभी 12 योजनाओं के लिए संगठन और सरकार तैयारी कर रही है. सभी लोग अपने जिम्मेदारी को निभाएंगे.