Category: छत्तीसगढ़

  • 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का कल से आगाज, रायगढ़ में जुटेंगे देश-विदेश के कलाकार

    41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का कल से आगाज, रायगढ़ में जुटेंगे देश-विदेश के कलाकार

    रायगढ़.

    कला और संस्कृति की नगरी रायगढ़ में 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का भव्य आयोजन कल से शुरू होगा। रामलीला मैदान में आयोजित होने वाला यह समारोह 23 सितंबर तक चलेगा। हर शाम 6 बजे से देश-प्रदेश के नामचीन कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

    समारोह की शुरुआत पद्मश्री डॉ. उषा बारले की प्रस्तुति से होगी। इसके अलावा पद्मश्री से सम्मानित कलाकारों के साथ इंडियन आइडल फेम कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। समारोह के दौरान संगीत, नृत्य और लोककला की विविध प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। चक्रधर समारोह का भव्य समापन कविता कृष्णमूर्ति और जान कुमार सानू की सुरमयी प्रस्तुतियों के साथ होगा। आयोजन की खास बात यह भी है कि स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध कलाकारों के साथ एक ही मंच साझा करने का अवसर मिलेगा।

    आयोजकों के अनुसार, चक्रधर समारोह रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को देश और दुनिया तक पहुंचाने वाला प्रमुख आयोजन है। इस बार भी बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है।

  • छत्तीसगढ़ में आज ट्रेनों पर असर, यार्ड रीमॉडलिंग के लिए इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कई ट्रेनें रद्द

    छत्तीसगढ़ में आज ट्रेनों पर असर, यार्ड रीमॉडलिंग के लिए इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कई ट्रेनें रद्द

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में तीज पर्व पर मायके जाने की तैयारी कर रही महिलाओं और दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में उरकुरा स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।

    इसके चलते 13 और 14 सितंबर को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच चलने वाली 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं 2 मेमू ट्रेनों का परिचालन बिलासपुर तक सीमित रहेगा। रेलवे के मुताबिक, यह काम उरकुरा-रायपुर स्टोर डिपो के बीच दोहरीकरण परियोजना के तहत उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग के लिए किया जा रहा है।

    यात्रियों के लिए जरूरी बात
    तीजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार मायके आने-जाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में दोनों दिन यात्रा से पहले ट्रेन नंबर जरूर चेक कर लें। रद्द ट्रेन से यात्रा की योजना है तो वैकल्पिक ट्रेन या बस की व्यवस्था पहले कर लेना बेहतर होगा।

    आज रद्द रहने वाली ट्रेनें –

    • आज रायपुर-बिलासपुर मेमू 68728 का परिचालन रहेगा रद्द
    • आज बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू 68734 नहीं चलेगी
    • आज गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू 68733 रहेगी रद्द
    • आज बिलासपुर-रायपुर मेमू 68719 का परिचालन रद्द
    • आज कोरबा-रायपुर पैसेंजर 58203 नहीं चलेगी
    • आज रायपुर-इतवारी पैसेंजर 58206 का परिचालन रद्द
    • आज रायपुर-गेवरा रोड मेमू 68746 रहेगी रद्द

    कल रद्द रहने वाली ट्रेनें –

    • कल रायपुर-कोरबा पैसेंजर 58204 रहेगी रद्द
    • कल इतवारी-रायपुर पैसेंजर 58206 भी रहेगी रद्द
    • कल कोरबा-रायपुर मेमू 68745 का परिचालन रद्द रहेगा
  • छत्तीसगढ़ में पीएम आवास पर सियासी घमासान, भाजपा ने पोस्टर के जरिए कांग्रेस पर साधा निशाना

    छत्तीसगढ़ में पीएम आवास पर सियासी घमासान, भाजपा ने पोस्टर के जरिए कांग्रेस पर साधा निशाना

    रायपुर.

    पीएम आवास को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत जारी है. मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच बहस की तारीख को लेकर एक तरफ जहां तारीख का इंतजार किया जा रहा है, इस बीच भाजपा ने कांग्रेस या कहें भूपेश बघेल पर सोशल मीडिया में पोस्टर जारी कर फिर से हमला कर दिया है.

    छत्तीसगढ़ बीजेपी ने सोशल मीडिया में पीएम आवास को लेकर कांग्रेस पर या कहें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधा है. पोस्टर में कांग्रेस के कुशासन और भाजपा के सुशासन का फर्क दिखाया गया है, जिसमें एक तरफ जहां पूर्व सीएम भूपेश बघेल के हाथ में आवास रद्द का पर्चा दिखाया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी देते नजर आ रहे हैं.
    कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश के जरूरतमंद परिवार मन के पक्का घर के हक ला छीन ले गे रिहिस, फेर आज सुशासन के सरकार म गरीब परिवार मन के सपना साकार होवत हे।

    भाजपा ने पोस्टर से साथ लिखा है कि कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश के जरूरतमंद परिवार मन के पक्का घर के हक ला छीन ले गे रिहिस, फेर आज सुशासन के सरकार म गरीब परिवार मन के सपना साकार होवत हे। माननीय मुख्यमंत्री श्री @vishnudsai जी के प्रयास ले प्रदेश ला 3.65 लाख अतिरिक्त पीएम आवास के स्वीकृति मिलिस। अब गांव-गांव म बनत हे पक्का घर, बढ़त हे रोजगार अउ मजबूत होवत हे परिवार मन के भविष्य। इही तो फर्क हे… कांग्रेस के कुशासन अउ भाजापा के सुशासन म।

  • स्टील स्लैग रोड से जिंदल स्टील ने रचा नया इतिहास, दुनिया की सबसे लंबी सड़क का गिनीज रिकॉर्ड

    स्टील स्लैग रोड से जिंदल स्टील ने रचा नया इतिहास, दुनिया की सबसे लंबी सड़क का गिनीज रिकॉर्ड

    रायगढ़.

    रायगढ़ में जिंदल स्टील ने देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने फैक्ट्रियों से निकलने वाले स्टील कचरे (स्टील स्लैग) का 100% इस्तेमाल करके 1.85 किलोमीटर लंबी 4-लेन सड़क बनाई है। पूरी तरह से प्रोसेस किए गए स्टील स्लैग से बनी यह दुनिया की सबसे लंबी सड़क है, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है।

    इस सड़क का उद्घाटन नयी दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह एवं जिंदल स्टील लिमिटेड के चेयरमैन नवीन जिंदल ने आॅनलाइन किया।
    कचरे से कंचन (वेस्ट टू वेल्थ) का सपना साकार करने वाली इस सड़क के निर्माण में लगभग 2 लाख टन प्रोसेस्ड स्टील स्लैग का इस्तेमाल हुआ है। इससे प्राकृतिक पत्थरों की खुदाई और खनन पर निर्भरता खत्म हुई है। यह सड़क सिर्फ दिखाने के लिए नहीं, बल्कि भारी कमर्शियल गाड़ियों (ट्रक आदि) की आवाजाही को ध्यान में रखकर बेहद मजबूत बनाई गई है। इससे पैसे और संसाधनों की बचत होगी। पारंपरिक सड़कों के मुकाबले यह सड़क लगभग 35% पतली है और इसे बनाने में करीब 40% लागत की बचत हुई है।  

    जिंदल स्टील ने सीएसआईआर और सड़क अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर इस स्लैग को वैज्ञानिक प्रक्रिया (क्रशिंग, मेटल निकालना और ग्रेडिंग) के जरिए सड़क बनाने लायक पत्थरों में बदला और सड़क की सबसे निचली परत से लेकर ऊपरी डामर (बिटुमिन) की परत तक इसी का इस्तेमाल किया। सभी कड़े पर्यावरणीय परीक्षणों के बाद ही इसे मंजूरी दी गई है। जिन्दल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने इस अवसर पर कहा  कि  भारत की तरक्की ऐसे नए प्रयोगों से होनी चाहिए जो पर्यावरण को बचाते हुए देश को फायदा पहुंचाएं। यह तकनीक दिखाती है कि कैसे उद्योग का कचरा देश निर्माण का जरिया बन सकता है।

    डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री) ने कहा कि यह प्रोजेक्ट 'वेस्ट टू वेल्थ' (कचरे से संपत्ति) के सपने को साकार करता है। यह साबित करता है कि हमारी स्वदेशी तकनीक से देश की बड़ी समस्याओं का हल निकाला जा सकता है। जिंदल स्टील ने इस प्रोसेस्ड स्लैग का नाम स्टील ग्रिट रखा है। इसका लोगो आज लोकार्पित किया गया। इस तकनीक को देश भर में बाकी सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल करने के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।

    इस्पात संयंत्रों से निकलने वाले स्लैग का उच्च गुणवत्ता वाली सड़क निर्माण में उपयोग करने का मार्ग प्रशस्त करने वाली इस मील का पत्थर परियोजना का निर्माण जिंदल सीमेंट परियोजना स्थल को नेशनल हाइवे—49 से सीधे जोड़ने के लिए किया गया है। परियोजना के दौरान देश के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने निरंतर दौरा कर इसका निरीक्षण किया एवं महत्वपूर्ण सुझाव दिए। विगत दिनों गिनीज बुक आॅफ वल्र्ड रिकाड्र्स की टीम ने भी रायगढ़ का दौरा कर स्थल का मुआयना किया। शनिवार को उद्घाटन समारोह के दौरान जिंदल स्टील लिमिटेड रायगढ़ के समस्त अधिकारी—कमर्चारी आॅनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

  • ग्वालियर-झांसी बायपास पर दूर होंगे ब्लैक स्पॉट, 109 करोड़ से 3 अंडरपास-फ्लाईओवर का निर्माण

    ग्वालियर-झांसी बायपास पर दूर होंगे ब्लैक स्पॉट, 109 करोड़ से 3 अंडरपास-फ्लाईओवर का निर्माण

    ग्वालियर.

    एनएच-44 के ग्वालियर-झांसी बायपास रूट पर सिकरौदा के बाद अब तीन पॉइंट पर और फ्लाई ओवर एवं अंडरपास बनेंगे। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के इस प्लान को स्वीकृति मिल गई है और अब कंस्ट्रक्शन कंपनियों के साथ फाइनल एग्रीमेंट हो गए हैं।

    बताया जा रहा है कि बारिश के बाद बिलौआ, कल्याणी और अर्रू तिराहे पर फ्लाई ओवर व अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इन तीनों स्थानों पर होने वाले कामों पर करीब 109 करोड़ 43 लाख रुपये खर्च होंगे। सिकरौदा, बिलौआ, कल्याणी व अर्रू तिराहे पर लगातार होने वाले एक्सीडेंट को देखते हुए यह निर्णय जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया था। जिसमें समिति अध्यक्ष व सांसद भारत सिंह कुशवाह ने एनएचएआई से डीपीआर तैयार कराई थी और फिर केंद्र सरकार से राशि स्वीकृत कराई। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद तिराहे पर होने वाले हादसों में कमी आएगी। यह निर्माण कार्य अगले महीने अक्तूबर में शुरू हो जाएगा। इसके तहत अलग-अलग पॉइंट्स की समस्या का समाधान हो सकेगा।

    हादसे के बड़े कारण…
    सिकरौदा और अर्रू तिराहा
    ग्रामीणों और स्थानीय वाहनों के आवागमन के लिए अवैध कट बने हुए हैं, जहां से अचानक वाहन मुख्य हाइवे पर आ जाते हैं।
    क्रेशर व हैवी माइनिंग ट्रैफिक
    बिलौआ क्रेशर मंडी क्षेत्र से यहां मिट्टी व पत्थरों से लदे डंपर, ट्रक व ओवरलोडेड वाहन अनियंत्रित गति में हाइवे पर आते हैं।
    ओवरटेकिंग
    एनएच-44 पर वाहन 100-120 किमी घंटा से अधिक की रफ्तार में चलते हैं। तिराहे या मोड़ पर अचानक ब्रेक लगाने का समय नहीं मिलता।
    स्ट्रीट लाइट और संकेतक
    कल्याणी व अर्रू तिराहे के पास रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था और सर्विस रोड/साइन बोर्ड न होने से दूर से आ रहे वाहनों को मोड़ का अंदाजा नहीं लगता।
    रॉन्ग-साइड ड्राइविंग
    स्थानीय ग्रामीण और क्रेशर क्षेत्र के वाहन चालक समय और दूरी बचाने के चक्कर में हाइवे की गलत दिशा में वाहन चलाते हैं, जो कई बार आमने-सामने की भिड़ंत का कारण बनता है।

    लोगों को मिलेगी राहत
    इस बायपास पर सबसे बड़ा ब्लैक स्पॉट सिकरौदा तिराहे पर है। जहां आए दिन बड़े हादसे होते हैं और अब तक सैकड़ों लोगों की मौत इन हादसों में हो चुकी है। अब यहां एक फ्लाई ओवर बनने से सड़क हादसों में कमी आएगी।

  • खैरागढ़ में साइबर सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान, 2 हजार लोगों ने लिया सतर्क रहने का संकल्प

    खैरागढ़ में साइबर सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान, 2 हजार लोगों ने लिया सतर्क रहने का संकल्प

    खैरागढ़.

    साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा को लेकर खैरागढ़ में साइबर जागृति अभियान के तहत बड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजकुमारी इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय के कैंपस-2 स्थित IKSV ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में करीब 2 हजार छात्र-छात्राओं, नागरिकों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार यादव ने की। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बदल रहे हैं और थोड़ी सी लापरवाही लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। आईजी अजय कुमार यादव ने कहा कि समय के साथ अपराध का तरीका बदल रहा है। पारंपरिक अपराधों के साथ अब साइबर अपराध भी बड़ी चुनौती बन रहे हैं। ऐसे में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और साइबर जागरूकता बेहद जरूरी है।कार्यक्रम में लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध कॉल और मैसेज से सावधान रहने तथा OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की समझाइश दी गई।

    सेल्फी के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश फैलाने की अपील
    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस की ओर से साइबर अपराधों से बचाव को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। खासकर विद्यार्थियों और युवाओं को डिजिटल फ्रॉड के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और आईजी अजय कुमार यादव ने सेल्फी लेकर साइबर जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने मौजूद लोगों से भी सेल्फी के जरिए सोशल मीडिया पर साइबर सुरक्षा का संदेश फैलाने की अपील की।

    साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
    कार्यक्रम में एडीजे खैरागढ़, विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्हन ताम्रकार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, वनमंडलाधिकारी संजय यादव, एसडीएम खैरागढ़, जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा चंद्राकर, जनपद पंचायत खैरागढ़ की अध्यक्ष राजश्री त्रिपाठी समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जागरूक रहें, डिजिटल माध्यमों का सावधानी से इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

  • BSP में नई व्यवस्था लागू, सेजेस प्रणाली से भागने वाले कार्मिकों की होगी पहचान

    BSP में नई व्यवस्था लागू, सेजेस प्रणाली से भागने वाले कार्मिकों की होगी पहचान

    भिलाई.

    भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा एवं प्रवेश प्रबंधन व्यवस्था को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में सेजेस (स्मार्ट एक्सेस एंड गेट एंट्री सिस्टम) परियोजना का शुभारंभ किया गया। इसे सुरक्षा के नाम पर लगाया गया है लेकिन इससे ड्यूटी टाइम में संयंत्र से बाहर जाने वाले यानी भगोड़े कार्मिकों की शिनाख्त करना आसान होगा। संयंत्र के सभी 12 गेटों में यह सिस्टम लगेगा।

    बीएसपी प्रबंधन का कहना है कि इस स्मार्ट गेट प्रवेश प्रणाली का उद्देश्य अनधिकृत प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ संयंत्र के कर्मचारियों, अधिकारियों एवं अन्य अधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश एवं निकास को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित, सुगम एवं दक्ष बनाना है। सेजेस परियोजना के अंतर्गत संयंत्र के सभी 12 प्रवेश द्वारों पर आरएफआईडी आधारित स्मार्ट गेट पास प्रणाली लागू की जाएगी।यह आधुनिक प्रणाली वतर्मान गेट पास व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुगम एवं तकनीक सक्षम बनाने में सहायक होगी तथा प्रवेश प्रक्रिया में पहचान एवं सत्यापन को अधिक सरल और सहज बनाएगी। इससे कार्मिकों एवं अन्य अधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाते हुए गेट प्रबंधन की कार्यप्रणाली को और अधिक दक्ष बनाया जा सकेगा।

    आरएफआईडी एवं फेस- रिकग्निशन आधारित यह प्रणाली प्रवेश के समय पहचान एवं सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के साथ-साथ संयंत्र के विभिन्न प्रवेश द्वारों से होने वाली आवाजाही की निगरानी एवं ट्रैकिंग को भी बेहतर बनाएगी।

  • ‘डिजिटल एडिक्शन सबसे खतरनाक नशा’, ICFAI विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल डेका ने किया आगाह

    ‘डिजिटल एडिक्शन सबसे खतरनाक नशा’, ICFAI विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल डेका ने किया आगाह

    डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक – राज्यपाल  डेका

    आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल हुए शामिल

    19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित

    504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई

    रायपुर, 
     राज्यपाल रमेन डेका आज आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 शैक्षणिक सत्र  के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए गए,  जिनमें 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया शामिल हैं। स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई

    विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचने सलाह

            राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि हम उस दौर के विद्यार्थी हैं, जब शिक्षा चाक ,पेंसिल पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त करते थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज बहुत जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है। आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी।

    विद्यार्थियों पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहें

            राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता किए बिना कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान कोई आपसे नहीं छीन सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें।

    विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए

           डेका ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है कि उसका उपयोग मानव समाज के हित में हो। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

           समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।

  • मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर BJP का बड़ा कार्यक्रम, एक लाख दीपों से जगमगाएगा शहर

    मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर BJP का बड़ा कार्यक्रम, एक लाख दीपों से जगमगाएगा शहर

    रायपुर.

    भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन के लिए 17 सितंबर को पूरे प्रदेश में 36 लाख ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाए जाएंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर कम से कम 100 दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है।

    व्यापक जनांदोलन बनेगा यह अभियान
    शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि यह अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और राष्ट्र निर्माण का व्यापक जनांदोलन बनेगा। इसमें हर गांव, शहर, बूथ और परिवार की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक बूथ पर हर परिवार दीप जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के सेवा समर्पण के प्रति आभार प्रकट करेगा और ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प लेगा। सात अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर विशेष मशाल स्थापित की जाएगी और प्रमुख चौकों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी, जिससे प्रधानमंत्री सभी जिला केंद्रों को संबोधित करेंगे।

    वडनगर से वाराणसी तक युवाओं की विशेष यात्रा
    इस दौरान युवाओं की एक विशेष यात्रा प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर से उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक निकाली जाएगी। ‘वडनगर से वाराणसी’ कार्यक्रम में 250 बाइकों पर 500 यात्री वडनगर में हाटकेश्वर महादेव का अभिषेक करेंगे।

    ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान में होगी आम जन की भागीदारी
    ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान में भाजपा कार्यकर्ता और आम नागरिक प्रशासनिक एवं सामाजिक स्तर पर सेवा गतिविधियों में भाग लेंगे। उप मुख्यमंत्री ने ‘सेवा के रंग’ रंगोली प्रतियोगिता, ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं, और नमो सेवा गाथा कार्यक्रम की जानकारी दी।

    सीएम-पीएम रहते हुए मोदी की कहानियां सुनाएंगे
    जनसेवक महाकुंभ कार्यक्रम के तहत सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन होगा। मोदी के सीएम और पीएम रहते ‘25 साल की 25 कहानियां’ कार्यक्रम में देश के बड़े बदलावों को प्रस्तुत किया जाएगा। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों की सूची जारी की जाएगी, जिनमें नागरिक स्वेच्छा से कार्य चुनकर सुधार करेंगे। पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, उपाध्यक्ष जी. वेंकट, मंत्री अमित साहू, अंबिकेश केशरी, और भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकारिहा भी उपस्थित रहे।

     

  • CM विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान- खिलाड़ियों के लिए बढ़ेंगे संसाधन और अवसर, प्रतिभाओं को मिलेगा पूरा मंच

    CM विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान- खिलाड़ियों के लिए बढ़ेंगे संसाधन और अवसर, प्रतिभाओं को मिलेगा पूरा मंच

    खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों और अवसरों की नहीं होगी कमी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    प्रदेश में खेल अधोसंरचना का तेजी से हो रहा विस्तार, रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी

    जशपुर के पंडरापाठ में 20–25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी, वनांचल की प्रतिभाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण

    शासन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के बीच बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी को दी जाएगी विशेष जिम्मेदारी

    बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाओं को मिल रहा बड़ा मंच, खेल उत्कर्ष मिशन से प्रतिभाओं को तराशने पर जोर

    40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए शासन स्तर पर किए जाएंगे प्रयास

    रायपुर 
     छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के गांवों, वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। आवश्यकता है कि उनकी समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार करने के साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए संसाधनों और अवसरों की कमी नहीं होने दी जाएगी।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी मीटिंग एवं जनरल काउंसिल मीटिंग को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता और पदक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के अनुरूप तैयार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए खेल अधोसंरचना के विकास के साथ प्रशिक्षण और प्रतिभा चयन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के विभिन्न खेल संघों को उद्योग समूहों से जोड़ने की पहल में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अनेक बड़े उद्योग समूह कार्यरत हैं। इन समूहों के सहयोग को खेलों के विकास से जोड़ा जाए तो खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खेल अधोसंरचना के विस्तार में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उद्योग जगत और खेल गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय के सकारात्मक परिणामों को करीब से देखा है। यदि अलग-अलग उद्योग समूह विभिन्न खेलों और खेल संघों के साथ जुड़कर सहयोग करें, तो प्रदेश में खेलों के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने इस दिशा में सुनियोजित ढंग से पहल करने को कहा।
                  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और राज्य शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। खेल संघों से जुड़े विषयों, उनकी आवश्यकताओं और शासन स्तर पर जरूरी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे खेल संघों की आवश्यकताओं और विभिन्न प्रस्तावों पर शासन स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास से जुड़े विषयों का समयबद्ध समाधान हो और खिलाड़ियों को योजनाओं तथा सुविधाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए शासन और खेल संगठनों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।

    रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। रायपुर में लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी का निर्माण भी किया जा रहा है। इन सुविधाओं के विकसित होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी खेल अधोसंरचना तैयार करने का प्रयास है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और आवश्यक संसाधनों के साथ अपनी क्षमता को निखार सकें। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।

    पंडरापाठ में बनेगी आर्चरी अकादमी, वनांचल की नैसर्गिक प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर

    मुख्यमंत्री साय ने जशपुर अंचल में तीरंदाजी की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा है। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय में यह खेल जीवन और परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है। इन प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर बड़े खेल मंचों तक पहुंचाया जा सकता है।

    उन्होंने बताया कि जशपुर के पंडरापाठ में लगभग 20 से 25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। अकादमी के माध्यम से जशपुर सहित आसपास के वनांचल के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। इससे ग्रामीण और जनजातीय अंचलों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से सामने आ रही नई प्रतिभाएं

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर ओलंपिक ने दूरस्थ क्षेत्रों के हजारों युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच उपलब्ध कराया है। राज्य सरकार बस्तर ओलंपिक का आयोजन प्रत्येक वर्ष करेगी। सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से भी क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे आने के अवसर मिल रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास के नए वातावरण के बीच खेलों को भी नई गति देने का समय है। क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि और असाधारण क्षमता है। उन्हें उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं। खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का भी प्रभावी माध्यम हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल उत्कर्ष मिशन के माध्यम से प्रदेश की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी चाहे किसी बड़े शहर से हो या दूरस्थ गांव और वनांचल से, उसे आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।

    खेल अलंकरण की पुनः शुरुआत से खिलाड़ियों का बढ़ा उत्साह

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों और खिलाड़ियों को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है। प्रधानमंत्री खिलाड़ियों से नियमित संवाद करते हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन का उत्साहवर्धन करते हैं। इससे देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बना है और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के साथ प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य में खेल अलंकरण समारोह की पुनः शुरुआत की गई है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। खेल प्रतिभाओं को शासकीय सेवा में अवसर देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

    40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए प्रयास करेगा छत्तीसगढ़

    बैठक में 40वें नेशनल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में कराने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ अब बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की दिशा में भी गंभीरता से आगे बढ़ने का समय है। 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलती है, तो इसके आयोजनों को बस्तर से भी जोड़ने की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। बस्तर में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है। राष्ट्रीय स्तर का बड़ा खेल आयोजन यहां के युवाओं को प्रेरणा देने के साथ देश-दुनिया के सामने बदलते और आगे बढ़ते बस्तर तथा छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर प्रस्तुत करने का अवसर भी बनेगा।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों जैसे बड़े आयोजन से प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को और गति मिलेगी, स्थानीय खिलाड़ियों को देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों को करीब से देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा तथा प्रदेश में खेल संस्कृति व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित होगी।

    वनांचल में तीरंदाजी और मलखम्ब की अपार संभावनाएं : वन मंत्री केदार कश्यप

    वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खेल अधोसंरचना के निर्माण और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट में आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं। लंबे अंतराल के बाद खेल अलंकरण समारोह आयोजित कर खिलाड़ियों को सम्मानित करने से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं का उत्साह बढ़ा है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के वनांचलों में तीरंदाजी जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन देने की है। बस्तर के जनजातीय युवा मलखम्ब में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। सामूहिक खेलों के साथ व्यक्तिगत खेलों में भी खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है।

    सांसद विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल गतिविधियों का तेजी से विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करते हैं। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और भारतीय खिलाड़ी दुनिया के विभिन्न खेल मंचों पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इसी भावना के अनुरूप मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों और खेल अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। खेल अलंकरण की पुनः शुरुआत और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर प्रदान करने जैसे निर्णयों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने खेल संबंधी विषयों में बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी दिए जाने की पहल का स्वागत किया।

    अन्य जिलों में भी गठित किए जाएंगे जिला ओलंपिक संघ

    छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिसोदिया ने पिछली एग्जीक्यूटिव बॉडी बैठक का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों, संघ की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।

    बैठक में 23 जून को ओलंपिक दिवस के आयोजन, विभिन्न खेल गतिविधियों, नेशनल गेम्स, खेल संघों की आवश्यकताओं और आगामी गतिविधियों के लिए जरूरी बजटीय प्रावधानों पर चर्चा हुई। संघ की आय-व्यय की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। प्रदेश में वर्तमान जिला ओलंपिक संघों के अतिरिक्त अन्य जिलों में भी जिला ओलंपिक संघ गठित करने के लिए समिति बनाए जाने पर सहमति प्रदान की गई। हैंडबॉल एसोसिएशन सहित विभिन्न खेल संघों से जुड़े विषयों तथा प्रदेश में खेल गतिविधियों के विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में ओलम्पिक संघ के उपाध्यक्ष विजय बघेल, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, शरद शुक्ला, रमेश कुमार श्रीवास्तव और सुनील कुमार अग्रवाल समेत छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के पदाधिकारी, विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।