Category: छत्तीसगढ़

  • छत्तीसगढ़ में AI मिशन को मिलेगी रफ्तार, ₹500 करोड़ से युवाओं और तकनीक को बढ़ावा

    छत्तीसगढ़ में AI मिशन को मिलेगी रफ्तार, ₹500 करोड़ से युवाओं और तकनीक को बढ़ावा

    एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़

    500 करोड़ के मुख्यमंत्री एआई मिशन से संवरेगा युवाओं और तकनीक का भविष्य
                     

    रायपुर
    दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में छत्तीसगढ़ भी अब एक नई छलांग लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एआई को विकास, रोजगार और सुशासन के नए अवसरों से जोड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। खेती-किसानी से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन तक हर क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग से रोजगार और नवाचार के नए अवसर सृजित करते हुए हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।

    500 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री एआई मिशन

                भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 500 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री एआई मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल एआई तकनीक अपनाने वाला राज्य नहीं, बल्कि इसके उपयोग और नवाचार में सिरमौर बनाना है। इस मिशन के तहत प्रदेश में 100 एआई लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे।

              योजना के अंतर्गत लगभग 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय अधिकारी- कर्मचारियों को एआई के उपयोग से जोड़ा जाएगा। साथ ही, शासन की 50 से अधिक सेवाओं को एआई के जरिए अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। युवाओं को जॉब सीकर (नौकरी तलाशने वाला) की बजाय जॉब क्रिएटर (नौकरी पैदा करने वाला) बनाने के लिए मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    कृषि, स्वास्थ्य और प्रशासन में एआई का प्रयोग

              इस मिशन का दायरा केवल आईटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे धरातल पर आम जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए उतारा जा रहा है। कृषि मौसम, फसल, कीट और रोगों के आंकड़ों के विश्लेषण से किसानों को समय पर सटीक सलाह मिल सकेगी। एआई आधारित तकनीक से जांच, रोग पहचान और स्वास्थ्य संसाधनों के प्रबंधन में सुधार होगा।

    सुशासन एवं उद्योग

             सरकारी पोर्टलों (जैसे सेवा सेतु) के विस्तार और एआई के उपयोग से योजनाओं की मॉनिटरिंग और नागरिक सेवाओं को सुगम बनाया जा रहा है। वहीं उद्योगों में उत्पादकता और ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी। कारखानों में रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के उपयोग से उत्पादन की गति बढ़ती है और त्रुटियाँ कम होती हैं। AI सेंसर मशीनों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और खराबी आने से पहले ही चेतावनी दे देते हैं, जिससे लागत बचती है। उद्योगों में व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को समझने और 24X7 सहायता प्रदान करने के लिए AI संचालित टूल का उपयोग किया जाता है।

    नवा रायपुर बन रहा तकनीक और एआई का नया हब

             नवा रायपुर को आईटी, एआई और डाटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ लगभग 1 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एआई आधारित डाटा सेंटर और एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, नवा रायपुर में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय लिया गया है। एनआईटी रायपुर और ट्रिपल आईटी (IIIT) नवा रायपुर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से खनन, इस्पात, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और स्टार्टअप को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।

    नवा रायपुर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर

              नवा रायपुर अटल नगर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट न केवल प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि आम जनता के लिए भी बड़े बदलाव लेकर आएगा।  प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही एआइ तकनीक का फायदा किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी मिलेगा। डिजिटल सेवाएं मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेगा।

           धनंजय राठौर
           सयुक्त संचालक, जनसंपर्क

  • मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं

    सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

    मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सृजन, शिल्प और निर्माण के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित मुख्यमंत्री निवास के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों, अभियंताओं, तकनीशियनों तथा उद्योग और निर्माण क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजनशीलता, कौशल, कर्मनिष्ठा और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें अपने ज्ञान, हुनर और परिश्रम से समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देती है। विश्वकर्मा जयंती केवल हमारी आस्था और परंपरा से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि यह श्रम की प्रतिष्ठा, कौशल के सम्मान और सृजन की शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रदेश और राष्ट्र की प्रगति के पीछे उसके श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों और निर्माणकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। खेत-खलिहानों से लेकर कारखानों तक, छोटे-छोटे प्रतिष्ठानों से लेकर बड़े उद्योगों तक और पारंपरिक शिल्प से लेकर आधुनिक तकनीक तक, हमारे कुशल हाथ अपने परिश्रम और प्रतिभा से विकास को आकार देते हैं।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान सदैव मेहनतकश लोगों और समृद्ध शिल्प परंपरा की रही है। हमारे शिल्पकारों और कारीगरों ने पीढ़ियों से अपने हुनर के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजा है। वहीं आज के श्रमिक, अभियंता और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवा आधुनिक छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। परंपरागत कौशल और आधुनिक तकनीक का यह समन्वय प्रदेश के विकास को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रम केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सृजन और राष्ट्र निर्माण की शक्ति है। प्रत्येक श्रमिक के परिश्रम और प्रत्येक कारीगर के हुनर का सम्मान करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ के श्रमिक, कारीगर और निर्माण से जुड़े लाखों हाथ अपने परिश्रम से प्रदेश की प्रगति को निरंतर गति दे रहे हैं। उनका श्रम और कौशल समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत नींव है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती हमें यह संदेश भी देती है कि हम अपने प्रत्येक कार्य को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ करें। बदलते समय के अनुरूप कौशल को निरंतर निखारना और नई तकनीक को अपनाना आज की आवश्यकता है। कौशलयुक्त और परिश्रमी मानव संसाधन के बल पर ही हम आत्मनिर्भर, आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकते हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की कि वे प्रदेश के सभी श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों, अभियंताओं और उद्यमियों को अपने कार्य में निरंतर सफलता प्रदान करें तथा उनके कौशल और परिश्रम से छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और खुशहाली के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

  • मुक्ताकाशी मंच में सजेगी काव्य की महफिल, नामचीन कविगण करेंगे रचनाओं का पाठ

    मुक्ताकाशी मंच में सजेगी काव्य की महफिल, नामचीन कविगण करेंगे रचनाओं का पाठ

    मुक्ताकाशी मंच में सजेगी काव्य की महफिल, नामचीन कविगण करेंगे रचनाओं का पाठ

    सेवा संकल्प अभियान के तहत 18 सितंबर को होगा ‘भव्य काव्य संध्या’ का आयोजन, छत्तीसगढ़ के नामचीन कवियों के साथ लखनऊ और जबलपुर के रचनाकार भी देंगे प्रस्तुति

    रायपुर
    संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सेवा संकल्प अभियान के तहत 18 सितंबर 2026 को रायपुर के महंत घासीदास स्मारक परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच में ‘भव्य काव्य संध्या’ का आयोजन किया जाएगा। शाम 7 बजे से आयोजित इस विशेष काव्य संध्या में छत्तीसगढ़ के नामचीन कविगण अपनी बहुचर्चित रचनाओं की प्रस्तुति देंगे।

    कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित रचनाकार भी अपनी साहित्यिक प्रस्तुतियों से काव्य संध्या की गरिमा बढ़ाएंगे। लखनऊ की श्रृंगार रस की कवयित्री सुश्री सोनी मिश्रा अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देंगी, वहीं जबलपुर के श्री विनोद नयन भी काव्य पाठ करेंगे। छत्तीसगढ़ के स्थानीय कवियों की सहभागिता के साथ यह आयोजन साहित्य और काव्य प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह काव्य संध्या साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक विशेष आयोजन है। मुक्ताकाशी मंच का वातावरण काव्य पाठ और साहित्यिक प्रस्तुतियों से सराबोर होगा, जहां श्रोताओं को विभिन्न रस और भावों से जुड़ी रचनाएं सुनने का अवसर मिलेगा।

    संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन 18 सितंबर को शाम 7 बजे से महंत घासीदास स्मारक परिसर, रायपुर के मुक्ताकाशी मंच में किया जाएगा। साहित्य एवं कविता प्रेमियों से इस काव्य संध्या में सहभागिता का आह्वान किया गया है।

    उल्लेखनीय है कि संस्कृति विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के तहत सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित ‘भव्य काव्य संध्या’ छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को मंच प्रदान करने का अवसर भी बनेगी।

  • सेवा संकल्प अभियान में सामने आईं सफलता की कहानियां, ग्रामीणों से मिले मंत्री राजेश अग्रवाल

    सेवा संकल्प अभियान में सामने आईं सफलता की कहानियां, ग्रामीणों से मिले मंत्री राजेश अग्रवाल

    सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीणों के बीच पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

    पीएम जनमन आवास के हितग्राहियों से की आत्मीय मुलाकात,  लखपति दीदी भानुकला बैगा की सफलता को सराहा

    जनकल्याणकारी योजनाओं से बदली जिंदगी, सेवा संकल्प अभियान में सामने आईं सफलता की कहानियां

    रायपुर, 
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की समर्पित जनसेवा के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर हितग्राहियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत धनौली पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित परिवारों से मुलाकात की और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली।

    मंत्री अग्रवाल ने पीएम जनमन आवास योजना के हितग्राही कार्तिक राम बैगा एवं धीरपाल सिंह बैगा के नवनिर्मित आवासों का अवलोकन किया। उन्होंने दोनों परिवारों से चर्चा कर आवास मिलने के बाद उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में जाना। हितग्राहियों ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया।

    सेवा संकल्प अभियान के दौरान ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने धीरपाल सिंह बैगा की पत्नी श्रीमती भानुकला बैगा की सफलता की कहानी भी जानी। श्रीमती भानुकला बैगा ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं और बकरी पालन सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं।

    स्वसहायता समूह से जुड़कर निरंतर मेहनत और आजीविका गतिविधियों के विस्तार के माध्यम से उन्होंने लखपति दीदी बनने की उपलब्धि हासिल की है। मंत्री अग्रवाल ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाओं का स्वसहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने श्रीमती भानुकला बैगा को आगे भी अपनी आजीविका गतिविधियों को विस्तार देने के लिए प्रोत्साहित किया।

    आयुष्मान भारत योजना के हितग्राही से जाना योजना का लाभ

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद की कड़ी में मंत्री राजेश अग्रवाल ने आयुष्मान भारत योजना के हितग्राही नेमचंद गुर्जर से भी मुलाकात की। उन्होंने गुर्जर एवं उनके परिवार से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और आयुष्मान भारत योजना से मिले लाभ के बारे में जाना।

    नेमचंद गुर्जर ने बताया कि उन्होंने आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उपचार का लाभ लिया है। उन्होंने रेबीज का टीकाकरण भी कराया है। मंत्री अग्रवाल ने योजना से मिले लाभ की जानकारी लेते हुए परिवार के स्वास्थ्य का हालचाल जाना।

    ग्रामीणों की आत्मीयता से अभिभूत हुए मंत्री अग्रवाल

    मुलाकात के दौरान गुर्जर परिवार ने मंत्री राजेश अग्रवाल का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें गरमा-गरम स्वादिष्ट भुट्टा खिलाया। ग्रामीण परिवार के इस सहज और आत्मीय आतिथ्य के लिए मंत्री अग्रवाल ने परिवार का धन्यवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों और मंत्री के बीच सहज संवाद का वातावरण बना रहा।

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने ग्रामीणों से सेवा संकल्प अभियान में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने ग्रामीणों से ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाकर अभियान से जुड़ने और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

    उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक होता है, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लाभार्थी अपने अनुभव साझा कर दूसरे लोगों को भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। सेवा संकल्प अभियान इसी जनभागीदारी और सेवा भावना को व्यापक बनाने का माध्यम है।

    इस अवसर पर विधायक प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, कलेक्टर विजय दयाराम के., जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

  • राज्यपाल  रमेन डेका से मंत्री टंकराम वर्मा ने की सौजन्य भेंट

    राज्यपाल रमेन डेका से मंत्री टंकराम वर्मा ने की सौजन्य भेंट

    राज्यपाल  रमेन डेका से मंत्री टंकराम वर्मा ने की सौजन्य भेंट

    रायपुर
     राज्यपाल रमेन डेका से आज लोक भवन में उच्च शिक्षा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  टंकराम वर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

  • सेवा और समर्पण के संकल्प से जगमगाएगा छत्तीसगढ़, हर घर जलेगा आशीर्वाद का दीया

    सेवा और समर्पण के संकल्प से जगमगाएगा छत्तीसगढ़, हर घर जलेगा आशीर्वाद का दीया

    रायपुर : सेवा संकल्प अभियान में हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’, सेवा और समर्पण के संकल्प से जगमगाएगा छत्तीसगढ़

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल का प्रदेशवासियों से आह्वान, 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, आभार और सकारात्मकता का दें संदेश

    रायपुर

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल के माध्यम से प्रदेशभर में सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़वासियों से आह्वान किया है कि वे 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अवश्य जलाएं और सेवा, समर्पण, आभार एवं सकारात्मकता के इस सामूहिक संकल्प का हिस्सा बनें।

              पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दीप भारतीय संस्कृति में केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह आशा, सद्भाव, सकारात्मकता और सेवा की भावना का भी प्रतीक है। ‘आशीर्वाद का दीया’ के माध्यम से हम अपने परिवार और समाज में सेवा की भावना को और मजबूत करने का संकल्प ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर की शाम जब प्रदेश के घर-घर में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होंगे, तब यह दृश्य जनभागीदारी की शक्ति और सामूहिक संकल्प की भावना का संदेश देगा।

              उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि ‘आशीर्वाद का दीया’ को केवल दीप जलाने की पहल तक सीमित न रखें, बल्कि इसे किसी जरूरतमंद की सहायता, बुजुर्गों के सम्मान, बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, पर्यावरण संरक्षण अथवा समाज के लिए किए जाने वाले किसी सकारात्मक योगदान के संकल्प से जोड़ें। उन्होंने कहा कि सेवा के लिए बड़े साधनों की नहीं, बल्कि संवेदनशील मन और सहयोग की भावना की आवश्यकता होती है।

    सेवा और समर्पण के 25 वर्ष, जनभागीदारी का नया संकल्प

              ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में सेवा, जनभागीदारी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी विभिन्न पहलें आयोजित की जाएंगी।

              अभियान का उद्देश्य सेवा और समर्पण की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा नागरिकों को अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार जनकल्याण के कार्यों में सहभागी बनाना है। ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी व्यापक भावना की शुरुआत का प्रतीक बनेगा।

    घर-घर का दीप बनेगा सेवा और सकारात्मकता का संदेश

              मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि एक दीपक का प्रकाश भले ही छोटा हो, लेकिन जब लाखों दीप एक साथ प्रज्ज्वलित होते हैं तो वह सामूहिक ऊर्जा और एकता का बड़ा संदेश बन जाता है। इसी भावना के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल में प्रदेश के प्रत्येक परिवार की सहभागिता महत्वपूर्ण है।

              उन्होंने कहा कि 17 सितंबर की शाम 7 बजे जब गांवों, कस्बों और शहरों में घर-घर दीप जलेंगे, तो यह केवल रोशनी का उत्सव नहीं होगा, बल्कि सेवा के प्रति कृतज्ञता और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार करने का सामूहिक अवसर होगा। यह दीप हमें प्रेरणा देगा कि हम अपने आसपास किसी एक व्यक्ति, परिवार या समुदाय के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपनी ओर से कुछ योगदान करें।

    सेवा को जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान

              पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में सेवा को सदैव जीवन-मूल्य के रूप में देखा गया है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी भावना को जनभागीदारी से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कोई विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से, युवा अपने नवाचार से, महिला अपने अनुभव और सामुदायिक सहभागिता से, किसान जल एवं पर्यावरण संरक्षण से और कलाकार अपनी कला के माध्यम से समाज के लिए योगदान दे सकता है।

              उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल के माध्यम से हम अपने पूर्वजों, बुजुर्गों और समाज से मिले संस्कारों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए सेवा और संवेदनशीलता की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी ले सकते हैं।

    विभिन्न गतिविधियों से जुड़ेगा समाज का हर वर्ग

              ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘आशीर्वाद का दीया’ के साथ विभिन्न सामाजिक एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ के माध्यम से बच्चों और विद्यार्थियों को अपने सपनों के भारत की कल्पना को चित्र और भाषण के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर मिलेगा। ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के माध्यम से संगीत, नाटक और स्थानीय कला के जरिए सेवा एवं सामाजिक बदलाव की कहानियों को सामने लाया जाएगा।

              ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय की सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करने, ‘सेवा की कहानी’ के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की वास्तविक कहानियों को सामने लाने तथा ‘सेवा संकल्प यात्रा’ और ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के माध्यम से सेवा एवं जनभागीदारी का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

              इसी प्रकार ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसी पहलें समाज के विभिन्न वर्गों को अपनी क्षमता और रचनात्मकता के साथ अभियान से जोड़ेंगी।

    हर परिवार बने सेवा संकल्प का सहभागी

              मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ किसी एक व्यक्ति, संस्था या विभाग का अभियान नहीं है। इसकी सफलता प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं और अपने परिवार के साथ सेवा का एक संकल्प भी लें।

              उन्होंने कहा कि यह संकल्प किसी जरूरतमंद की सहायता करने, किसी बुजुर्ग का सम्मान करने, किसी बच्चे की शिक्षा में सहयोग करने, पौधा लगाने, जल बचाने, स्वच्छता अपनाने या समाज के लिए अपनी क्षमता के अनुसार कोई अन्य सकारात्मक कार्य करने का हो सकता है।

    आइए, एक दीप जलाएं, एक सेवा करें

              पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रज्ज्वलित होने वाला प्रत्येक ‘आशीर्वाद का दीया’ सेवा, आभार, आशा और सकारात्मकता का प्रतीक बने। जब छत्तीसगढ़ के लाखों परिवार एक साथ इस पहल में सहभागी होंगे, तब यह जनभागीदारी की एक सुंदर मिसाल बनेगी।

              उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं और 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान की विभिन्न गतिविधियों में अपनी सुविधानुसार सहभागी बनें। एक दीप से निकला प्रकाश किसी दूसरे के जीवन में आशा जगा सकता है। एक छोटा-सा सेवा कार्य किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। आइए, 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं, सेवा का संकल्प लें और मिलकर संवेदनशील, समर्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

  • ‘आशीर्वाद का दीया उत्सव’ से शुरू होगा अभियान, रायगढ़ में जलेंगे 5 लाख दीप

    ‘आशीर्वाद का दीया उत्सव’ से शुरू होगा अभियान, रायगढ़ में जलेंगे 5 लाख दीप

    रायपुर : सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ में जलेंगे 5 लाख दीप

    17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया उत्सव’ से होगी अभियान की शुरुआत

    सिंदूर पार्क में 40 हजार से अधिक दीपों से जगमगाएगा रायगढ़

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य कार्यक्रम में होंगे शामिल

    रायपुर

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत रायगढ़ जिले में व्यापक जनभागीदारी के साथ विभिन्न सेवा एवं जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिले में 17 सितम्बर को ‘आशीर्वाद का दीया उत्सव’ के साथ अभियान की शुरुआत होगी। इस अवसर पर जिले में 5 लाख दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। रायगढ़ शहर के सिंदूर पार्क में शाम 7 बजे 40 हजार से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी इस मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    ‘आशीर्वाद का दीया’ जनभागीदारी, सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति विश्वास का प्रतीक होगा। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राही सहित जिलेवासी अपने-अपने घरों में दीप प्रज्वलित करेंगे। नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में भी अधिक से अधिक घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार एवं शुभकामनाओं के साथ ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का संदेश देगी।

    योजनाओं की जानकारी से लेकर सेवा गतिविधियों तक जनभागीदारी

    17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के दौरान राज्य, जिला, विकासखंड, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर विभिन्न विभागों द्वारा अनेक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का प्रमुख उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाना, उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना तथा सेवा गतिविधियों में आमजन की भागीदारी बढ़ाना है।

    बच्चों और युवाओं की सहभागिता से ‘विकसित भारत’ की संकल्पना पर भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला, नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं से आए सकारात्मक बदलावों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर होंगी। ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण एवं सामुदायिक सेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं ‘कहानी बदलाव की’ के तहत योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की प्रेरक अनुभव एवं सफलता की कहानियां साझा की जाएंगी।

    रक्तदान, स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण पर रहेगा जोर

    अभियान के दौरान रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता, योग एवं ध्यान, प्लास्टिक मुक्त अभियान, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग तथा कैरियर काउंसलिंग जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता, अंगदान संकल्प और नशामुक्ति जागरूकता को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

    इसके साथ ही पोषण, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, जल स्रोतों की सफाई, कचरा पृथक्करण एवं कंपोस्टिंग, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, वीरगाथा एवं सैनिकों का सम्मान, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता एवं पंजीयन, वोकल फॉर लोकल तथा सहकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

    ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से मजबूत होगा नागरिकों और शासन के बीच संवाद

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘जल-जन सेवा संकल्प’, ‘सेवा सेतु अभियान’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी। इन पहलों के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को नागरिकों तक पहुंचाने के साथ ही आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

    अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देने के लिए विभागीय अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, हितग्राहियों, युवाओं, महिलाओं और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। ‘आशीर्वाद का दीया’ से शुरू होने वाला यह अभियान सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के माध्यम से ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

  • विकास परियोजनाओं को गति देने पर जोर, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की समीक्षा बैठक

    विकास परियोजनाओं को गति देने पर जोर, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की समीक्षा बैठक

    रायपुर : सरिया क्षेत्र में विकास परियोजनाओं की कार्य प्रगति की हुई समीक्षा

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन बैठक में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    रायपुर

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़कर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।

    बैठक में विकास परियोजनाओं की प्रगति, कार्यों के क्रियान्वयन तथा निर्धारित समय-सीमा में उन्हें पूर्ण करने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। वित्त मंत्री चौधरी ने विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की सतत निगरानी करने तथा कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने देने के निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की बात कही।

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रत्येक कार्य का लाभ आम नागरिकों तक समय पर पहुंचे, यह शासन की प्राथमिकता है। विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग से कार्यों में गति एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है।

  • उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम सरेखा में गौशाला के लिए उपयुक्त स्थल चयन के निर्देश

    उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम सरेखा में गौशाला के लिए उपयुक्त स्थल चयन के निर्देश

    रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम के गौसेवकों एवं अधिकारियों की ली बैठक

    उप मुख्यमंत्री शर्मा ने गौधन की सुरक्षा, देखभाल एवं संरक्षण के लिए ठोस व्यवस्था बनाने के निर्देश

    उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम सरेखा में गौशाला के लिए उपयुक्त स्थल चयन के निर्देश

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने  कबीरधाम जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले में गौधन की सुरक्षा, समुचित देखभाल, संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, गौसेवकों एवं पशुपालकों की बैठक ली। बैठक में जिले में गौधन के रखरखाव, उपचार, संरक्षण तथा दुर्घटना एवं आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गौधन की सुरक्षा और उनकी समुचित देखभाल के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जो प्रभावी होने के साथ-साथ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप भी हो। उन्होंने अधिकारियों को जिले में गौधन के लिए पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को ग्राम सरेखा में गौशाला निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने को कहा, ताकि गौधन के संरक्षण और देखभाल के लिए व्यवस्थित सुविधा विकसित की जा सके।

             बैठक में प्रमुख मार्गों पर दुर्घटनाओं से संबंधित विषय पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले के अन्य प्रमुख मार्गों पर दुर्घटना अथवा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्रेन, जेसीबी मशीन सहित अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता रखने को कहा, ताकि दुर्घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई कर स्थिति को सामान्य किया जा सके।

    गुजरात की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर कबीरधाम में लागू करने पर जोर
           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने गुजरात राज्य में गौधन की देखभाल और पशुधन प्रबंधन के लिए अपनाई गई व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की अच्छी व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कबीरधाम की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वहां की उपयोगी व्यवस्थाओं को अपनाने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। उन्होंने गौसेवकों एवं गौ रक्षकों को गुजरात में पशुधन की देखभाल और प्रबंधन की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कराने के लिए भ्रमण कराने की बात भी कही। इससे गौसेवकों को वहां की कार्यप्रणाली को समझने और जिले में बेहतर व्यवस्था विकसित करने में सहयोग मिलेगा।

    समय पर उपचार के लिए पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता

             शर्मा ने पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक को निर्देश दिए कि जिले में गौधन के समुचित उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयां एवं अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध रखी जाए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार पशु चिकित्सकों तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बीमार एवं घायल पशुओं को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि गौधन की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए प्रशासनिक व्यवस्था के साथ समाज की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। गौसेवकों, पशुपालकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गौसेवकों एवं पशुपालकों के साथ बैठक कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ठोस रणनीति एवं कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

             बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, अपर कलेक्टर नरेंद्र पैकरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गौसेवक एवं पशुपालक उपस्थित थे।

  • झीरम घाटी हत्याकांड में 10 दोषियों को सजा-ए-मौत, हाईकोर्ट की मंजूरी तक जेल में रहेंगे; 29 लोगों की गई थी जान

    झीरम घाटी हत्याकांड में 10 दोषियों को सजा-ए-मौत, हाईकोर्ट की मंजूरी तक जेल में रहेंगे; 29 लोगों की गई थी जान

    रायपुर 

    2013 में झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं समेत 29 लोगों की हत्या के मामले में जगदलपुर NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इनमें 2 महिला और 8 पुरुष शामिल हैं।25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर नक्सली हमला हुआ था। NIA के मुताबिक इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 27 लोगों की मौत हुई थी।

    करीब 13 साल चली सुनवाई में 101 गवाहों के बयान और दस्तावेज दर्ज किए गए। यह सजा हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही लागू होगी। तब तक सभी दोषी केंद्रीय जेल जगदलपुर में रहेंगे। 30 दिन के अंदर हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। अभियोजन पक्ष ने फांसी की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने दलील में सजा कम करने की मांग की थी।

    न्यायालय के फैसले का सम्मान, लेकिन न्याय की लड़ाई जारी
    झीरम नक्सली हमले के मामले में न्यायालय के फैसले के बाद पीड़ितों की प्रतिक्रिया सामने आई है. हमले में घायल हुए शिवनारायण द्विवेदी ने न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए इसका स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी. द्विवेदी के मुताबिक, झीरम हमले में बड़े नेताओं समेत कई निर्दोष लोगों की हत्या हुई थी. वे खुद भी इस हमले में घायल हुए थे और आज भी उस घटना के पीड़ित हैं. उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले का सम्मान है, लेकिन न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। 

    क्या था झीरम घाटी हमला ?
    झीरम घाटी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में दरभा इलाके के पास स्थित है। 25 मई 2013 को CPI (माओवादी) के सदस्यों ने कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ के काफिले पर हमला किया। NIA के रिकॉर्ड के मुताबिक हमला करीब शाम 4:15 बजे NH-221 के झीरम घाटी क्षेत्र में हुआ था।

    हमले में माओवादी दस्ते ने काफिले को निशाना बनाया। NIA के अनुसार 27 लोगों की मौके पर मौत हुई थी, जिनमें 10 पुलिसकर्मी शामिल थे और 38 लोग घायल हुए थे। सार्वजनिक रिपोर्टों में बाद में मृतकों की संख्या 29 बताई गई, जिसमें बाद में चोटों के कारण हुई मौतें भी शामिल हैं।

    हमला किसने किया था?
    जांच एजेंसी के अनुसार हमला CPI (Maoist) के सदस्यों ने किया था। NIA के मामले में इसी संगठन के सदस्यों पर काफिले पर हमले, हत्या और साजिश समेत विभिन्न अपराधों के आरोप लगाए गए।

    2026 में हुई सुनवाई में 10 आरोपियों को दोषी ठहराया गया और 16 सितंबर को इन्हीं 10 को मृत्युदंड सुनाया गया। हालांकि आरोपपत्र में इससे अधिक लोगों के नाम आरोपी के तौर पर दर्ज थे और कुछ आरोपी फरार/वांछित बताए गए हैं।

    आखिर हमला क्यों किया गया था?
    हमले के उद्देश्य को लेकर जांच और सार्वजनिक रिपोर्टों में कांग्रेस के राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बनाने की बात सामने आई है। खास तौर पर तत्कालीन कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा माओवादियों के निशाने पर बताए गए, क्योंकि वे माओवादी विरोधी सलवा जुडूम अभियान से जुड़े प्रमुख नेताओं में थे।

    हालांकि पूरे हमले के पीछे के उद्देश्य को एक ही कारण तक सीमित करना उचित नहीं होगा। उस समय बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा, सुरक्षा अभियानों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर तनाव पहले से मौजूद था।

    कांग्रेस के कौन-कौन से बड़े नेता मारे गए?
    झीरम घाटी हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेता मारे गए। इस हमले में कांग्रेस नेताओं, आम नागरिकों और 10 सुरक्षाकर्मियों समेत 29 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए थे। मारे गए लोगों में प्रमुख कांग्रेस नेताओं में…

    विद्या चरण शुक्ल – पूर्व केंद्रीय मंत्री, हमले में गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मृत्यु हुई

    नंद कुमार पटेल – तत्कालीन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

    दिनेश पटेल – नंद कुमार पटेल के बेटे

    महेंद्र कर्मा – कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष

    उदय मुदलियार – कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक

    इनके अलावा पार्टी कार्यकर्ता, आम नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी हमले में मारे गए।

    उस दिन क्या हुआ था?
    कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले ‘परिवर्तन यात्रा’ निकाली थी। यात्रा के बाद नेताओं का काफिला बस्तर के रास्ते लौट रहा था। झीरम घाटी के पास माओवादियों ने काफिले को घेर लिया और हमला शुरू कर दिया। NIA के रिकॉर्ड के अनुसार हमले में हथियार और गोला-बारूद भी लूटा गया था। जांच में दो AK-47 राइफल, एक 9mm पिस्टल, हैंड ग्रेनेड और अन्य सामान के लूटे/गायब होने का उल्लेख है।

    जांच कैसे आगे बढ़ी?
    हमले के बाद मामला पहले छत्तीसगढ़ पुलिस ने दर्ज किया। केंद्र सरकार ने इसके बाद NIA को जांच सौंपी। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने घटना की न्यायिक जांच के लिए तत्कालीन हाईकोर्ट जज न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आयोग बनाया था। NIA की जांच के बाद मामला अदालत में पहुंचा और लंबे समय तक सुनवाई चलती रही। 5 सितंबर 2026 को विशेष NIA अदालत ने ट्रायल का सामना कर रहे 10 आरोपियों को दोषी ठहराया। 16 सितंबर 2026 को अदालत ने सभी 10 को मृत्युदंड सुनाया।

    झीरम घाटी हमला इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
    झीरम घाटी हमला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के एक बड़े हिस्से का नेतृत्व एक ही हमले में मारा गया था। घटना ने राज्य की राजनीति और माओवादी हिंसा के बीच संबंधों पर देशभर में चर्चा छेड़ दी थी।

    13 साल बाद आया अदालत का फैसला अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मृत्युदंड के फैसले के बाद दोषियों के पास कानून के तहत उपलब्ध आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता रहेगा।

    वे माओवादी जिन्हें आरोपी बनाया गया था, अब मिली फांसी
    झीरम घाटी के हमले को नक्सली संगठन के टॉप लीडरों ने प्लान किया है। जानकारी के अनुसार, झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड हिडमा था। 25 मई 2013 को यह हमला हुआ था। माओवादियों ने बस्तर जिले के दरभा थाना क्षेत्र के झीरम घाटी इलाके में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ पर घात लगाकर हमला किया था। हमला करने वाले सभी नक्सली संगठन के मेंबर थे। आरोपियों में जो शामिल थे, उनमें…

        प्रमिला कोडियाम उर्फ ज्योति
        बंजामी उर्फ सन्ना
        अयाता मरकारम
        कवासी कोसा
        चौतू उर्फ मुन्ना
        कवासी
        महादेव नाग
        सुमित्रा
        मुक्का मंडावी
        मड़कामी देवा

    बता दें कि, जांच एजेंसी एनआईए ने इस मामले में लंबी और विस्तृत जांच के बाद साल 2015 में कोर्ट में करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। इस चार्जशीट में शुरुआत में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

    NIA की जांच पर सवाल, बड़े नक्सली कमांडरों को लेकर उठाई आपत्ति
    शिवनारायण द्विवेदी ने NIA की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में छोटे स्तर के नक्सलियों को आरोपी बनाया गया, लेकिन हमले में कथित रूप से शामिल बड़े नक्सली कमांडरों को जांच के दायरे में नहीं लाया गया. उन्होंने दावा किया कि झीरम हमले को करीब 300 नक्सलियों ने अंजाम दिया था और इसमें कई बड़े कमांडर शामिल थे. द्विवेदी का सवाल है कि इतनी बड़ी घटना के लिए केवल छोटे स्तर के लोगों को दोषी ठहराने से क्या हमले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी? उन्होंने कहा कि NIA की जांच किस दिशा में हुई, यह शुरू से ही उनके लिए सवाल का विषय रहा है। 

    खुद घायल हुए, प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा, फिर भी बयान नहीं लिया गया
    झीरम हमले में खुद गोली लगने से घायल हुए शिवनारायण द्विवेदी ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि घटना के समय वे मौके पर मौजूद थे और पूरे घटनाक्रम के प्रत्यक्षदर्शी हैं. इसके बावजूद उनका बयान दर्ज नहीं किया गया. द्विवेदी ने कहा कि घटना के पीड़ितों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन उनकी बात को जांच में शामिल नहीं किया गया. उन्होंने इसे पीड़ितों के साथ बड़ा अन्याय बताया। 

    राजनीतिक षड्यंत्र की जांच नहीं होने का आरोप
    शिवनारायण द्विवेदी ने झीरम हमले के पीछे कथित राजनीतिक षड्यंत्र की जांच नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि वे शुरू से ही इस मामले में राजनीतिक षड्यंत्र की जांच की मांग करते रहे हैं. उनका कहना है कि NIA को हमले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करनी चाहिए थी. द्विवेदी ने मांग की कि बड़े नक्सली नेताओं और कमांडरों से पूछताछ होनी चाहिए, ताकि हमले की पूरी सच्चाई सामने आ सके. उन्होंने कहा कि जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य छूट गए हैं, जिन पर आगे भी लड़ाई जारी रहेगी। 

    सरेंडर करने वाले कथित कमांडरों से पूछताछ की मांग
    शिवनारायण द्विवेदी ने झीरम हमले में कथित रूप से शामिल रहे नक्सली कमांडर देवा का जिक्र करते हुए उसके सरेंडर का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत किसी नक्सली के सरेंडर करने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सरकार की पुनर्वास नीति के खिलाफ नहीं हैं. हालांकि, उनका सवाल है कि इतनी बड़ी घटना में कथित भूमिका रखने वाले लोगों से पूछताछ क्यों नहीं की गई? द्विवेदी ने कहा कि यदि बड़े नक्सली कमांडर जांच के दायरे से बाहर रह जाते हैं और छोटे स्तर के लोगों को सजा मिलती है, तो इससे न्याय की प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। 

    छोटे नक्सलियों को सजा, बड़े कमांडरों पर सवाल बरकरार
    शिवनारायण द्विवेदी ने कहा कि मामले में जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है, उनमें कई ऐसे लोग हैं, जो कथित तौर पर छोटे स्तर पर काम करते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बर्तन और लकड़ी उठाने जैसे काम करते थे. द्विवेदी का कहना है कि इतने बड़े हमले को अंजाम देने में बड़े स्तर के कमांडरों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए थी. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी घटना के पीछे जिम्मेदार सभी लोगों को कटघरे में क्यों नहीं लाया गया? हालांकि, उन्होंने न्यायालय के फैसले का सम्मान करने की बात दोहराई। 

    हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई जारी रखने का ऐलान
    शिवनारायण द्विवेदी ने कहा कि वे झीरम हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आगे भी अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि NIA की जांच में जिन तथ्यों को कथित तौर पर नजरअंदाज किया गया है, उन्हें लेकर वे आगे कदम उठाएंगे. द्विवेदी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे. उनकी मांग है कि पीड़ितों के बयान दर्ज किए जाएं, बड़े नक्सली कमांडरों से पूछताछ हो और कथित राजनीतिक षड्यंत्र की जांच की जाए।