Category: छत्तीसगढ़

  • सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त

    सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त

    रायपुर

     गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत अंडी निवासी मती रानू कैवर्त की सफलता ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर मती रानू कैवर्त ने अपने हुनर, मेहनत और उपलब्ध संसाधनों को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़ा और आज उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 3 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

    रानू कैवर्त शिव गुरु महिला स्व-सहायता समूह की सचिव हैं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें समूह के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का उपयोग करते हुए एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय कई आजीविका गतिविधियों को अपनाया। सिलाई कार्य, कपड़ों की दुकान, किराना स्टोर, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी जैसे कार्यों को उन्होंने अपनी आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया।

    इन प्रयासों ने न केवल उनकी आय के स्रोतों में विस्तार किया, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया। आज मती रानू कैवर्त अपनी मेहनत और बहुआयामी आजीविका गतिविधियों के माध्यम से सालाना लगभग 2 से 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से महिलाओं को मिला नया अवसर

    रानू कैवर्त की सफलता को ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की उस व्यापक पहल से जोड़कर देखा जा सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को प्रमुखता दी है। केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका, वित्तीय समावेशन, कौशल, उद्यमिता और संस्थागत ऋण तक पहुंच के लिए सहायता दी जाती है। लखपति दीदी पहल इसी मिशन का एक परिणाम है, जिसका उद्देश्य स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों को टिकाऊ आधार पर कम से कम एक लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। केन्द्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक देशभर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवारों को लगभग 92 लाख स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका था और 3.46 करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी के रूप में सक्षम हुई थीं।

    छत्तीसगढ़ में भी लाखों महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं

    केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत   2.79 लाख स्व-सहायता समूह सक्रिय थे और लगभग 29.78 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही थीं।

    यह व्यवस्था महिलाओं को केवल समूह से जोड़ने तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों को वित्तीय समावेशन, टिकाऊ आजीविका और सामुदायिक संस्थाओं के सशक्तिकरण से जोड़ा जाता है। केन्द्र सरकार की ओर से समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड जैसी सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है, जिससे महिलाएं अपनी आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी और संस्थागत सहयोग प्राप्त कर सकें।

    एक नहीं, कई आजीविका गतिविधियों से बढ़ी आय

    रानू कैवर्त की कहानी की खासियत यह है कि उन्होंने अपनी आय के लिए एक ही साधन पर निर्भर रहने के बजाय कई गतिविधियों को जोड़ा। सिलाई और कपड़ों की दुकान से लेकर किराना व्यवसाय, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी तक के कार्यों ने उनके लिए आय के अलग-अलग अवसर तैयार किए हैं।

    रानू बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने का अवसर मिला। बिहान समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का बेहतर उपयोग करते हुए उन्होंने अलग-अलग आजीविका गतिविधियां अपनाईं। उनके अनुसार, समूह से जुड़ने से उनमें अपने दम पर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

    महतारी वंदन योजना से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल

    रानू कैवर्त को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी प्राप्त होती है। उनके अनुसार नियमित आर्थिक सहायता से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलता है और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। अपनी सफलता और आत्मनिर्भरता की दिशा में मिले अवसरों के लिए मती रानू कैवर्त ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

    सेवा संकल्प अभियान में सामने आई आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी

    रानू कैवर्त की कहानी यह बताती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठन, मार्गदर्शन, वित्तीय एवं आजीविका संबंधी अवसर मिलते हैं और वे अपनी मेहनत व हुनर को व्यवसाय से जोड़ती हैं, तो परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

    सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई यह कहानी केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व्यवस्था, प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के लखपति दीदी के संकल्प और राज्य में बिहान के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को मिल रहे सहयोग के बीच बने समन्वय की एक मिसाल है। रानू कैवर्त ने अपने हुनर और मेहनत को अवसर से जोड़कर आत्मनिर्भरता की राह बनाई है और अब गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

     

  • हॉकी एशिया कप में छत्तीसगढ़ की गीता-मधु का दमदार प्रदर्शन, भारत की जीत में निभाई अहम भूमिका

    हॉकी एशिया कप में छत्तीसगढ़ की गीता-मधु का दमदार प्रदर्शन, भारत की जीत में निभाई अहम भूमिका

    रायपुर

    चीन के मोकी शहर में आयोजित जूनियर महिला हॉकी एशिया कप में छत्तीसगढ़ की गीता यादव और मधु सिदार ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। बिलासपुर के राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की आवासीय हॉकी अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में प्रभावी खेल दिखाते हुए चार-चार गोल दागे। उनके इस प्रदर्शन से बिलासपुर आवासीय हॉकी अकादमी के साथ ही छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।

    टूर्नामेंट में भारतीय टीम के मुकाबलों के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने लगातार अपनी छाप छोड़ी। दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुकाबले में मधु सिदार ने एक गोल कर भारत की जीत में योगदान दिया। इसके बाद मलेशिया के खिलाफ भारत ने 11-1 से शानदार जीत दर्ज की, जिसमें गीता यादव ने दो गोल दागे।

    भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में भी छत्तीसगढ़ की दोनों बेटियों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से शिकस्त दी। इस मुकाबले में गीता यादव और मधु सिदार ने दो-दो गोल कर भारतीय आक्रमण को मजबूती दी। प्रतियोगिता में दोनों खिलाड़ियों ने चार-चार गोल दागे।

    खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो ने आज दोनों खिलाड़ियों से मिलकर शानदार प्रदर्शन पर  बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि गीता यादव और मधु सिदार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने खेल कौशल से छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं और विभाग की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।
    इस अवसर पर बिलासपुर आवासीय हॉकी अकादमी के वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री राकेश टोप्पो, खेलो इंडिया एक्सीलेंस सेंटर बिलासपुर के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर श्री कुलदीप बरार तथा बिलासपुर के खेल अधिकारी श्री सुशील भी मौजूद थे।

  • समूह से आर्थिक सहयोग लेकर शुरू किया किराना और मुर्गी व्यवसाय, आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा

    समूह से आर्थिक सहयोग लेकर शुरू किया किराना और मुर्गी व्यवसाय, आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा

    रायपुर

    जीपीएम जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की  सीता मरावी की सफलता ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। महिला स्वसहायता समूह से जुड़कर उन्होंने आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत की और आज किराना दुकान तथा मुर्गी व्यवसाय के माध्यम से उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

     सीता मरावी वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। उन्होंने बैंक लोन तथा समूह के माध्यम से प्राप्त सीआईएफ एवं आरएफ की राशि से 25 हजार रुपये की सहायता लेकर गांव में किराना दुकान शुरू की। इसके बाद समूह के संकुल से 50 हजार रुपये की राशि प्राप्त कर मुर्गी व्यवसाय भी प्रारंभ किया।

    दोनों व्यवसायों को उन्होंने मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया। अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से होने वाली आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज  सीता मरावी अपने गांव में ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना रही हैं।

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से जुड़ी आत्मनिर्भरता की कहानी

     सीता मरावी की सफलता ग्रामीण महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर उनकी आजीविका और उद्यमिता को मजबूत करने की केन्द्र सरकार की पहल से भी जुड़ती है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन केन्द्र प्रायोजित योजना है, जिसे केन्द्र और राज्य सरकारों की साझेदारी से लागू किया जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर वित्तीय समावेशन, आजीविका और छोटे उद्यमों को बढ़ावा दिया जाता है। 

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा महिला स्वसहायता समूहों की सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को प्रमुखता दी गई है। इस पहल का उद्देश्य स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को टिकाऊ तरीके से कम से कम एक लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। इसके लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बैंक ऋण, उद्यमिता और आजीविका गतिविधियों के विस्तार जैसी व्यवस्थाओं को जोड़ा गया है। केन्द्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक देशभर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवार लगभग 92 लाख स्वसहायता समूहों से जुड़े थे और 3.46 करोड़ से अधिक स्वसहायता समूह सदस्यों को ‘लखपति दीदी’ के रूप में सक्षम बनाया जा चुका था। 

    छत्तीसगढ़ में लाखों महिलाओं को स्वसहायता समूहों से मिला मंच

    केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2.79 लाख स्वसहायता समूह सक्रिय हैं और लगभग 29.78 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही हैं। 

    स्वसहायता समूहों को मिलने वाले रिवॉल्विंग फंड (आरएफ), कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) तथा बैंक लिंकेज जैसी व्यवस्थाएं महिलाओं को अपनी आजीविका गतिविधियों को शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय आधार उपलब्ध कराने में मदद करती हैं। केन्द्र सरकार के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आरएफ और सीआईएफ के माध्यम से स्वसहायता समूहों को पूंजी उपलब्ध कराने का प्रावधान है। 

    सीता मरावी की कहानी में भी समूह से मिली वित्तीय सहायता का उपयोग किराना दुकान और मुर्गी व्यवसाय शुरू करने में किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्वसहायता समूह केवल महिलाओं को संगठित करने का माध्यम नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का आधार भी बन रहे हैं।

    किराना दुकान से मुर्गी व्यवसाय तक, बढ़े आय के अवसर

    सीता मरावी ने एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आय के अलग-अलग स्रोत विकसित किए। किराना दुकान ने उन्हें गांव में ही नियमित व्यवसाय का अवसर दिया, जबकि मुर्गी पालन ने उनकी आय में एक और स्रोत जोड़ा। दोनों गतिविधियों को उन्होंने निरंतर मेहनत और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ाया।

    सीता मरावी बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। समूह से मिले आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिला। आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं और गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन र…

  • सेवा संकल्प अभियान- बलौदाबाजार-भाटापारा में वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन

    सेवा संकल्प अभियान- बलौदाबाजार-भाटापारा में वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन

    ​रायपुर

     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में सफल 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सेवा संकल्प अभियान के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिला अस्पताल बलौदाबाजार और सिविल अस्पताल भाटापारा में आयोजित इस मानवीय पहल में युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप कुल 94 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।

    एक यूनिट रक्त से अधिकतम तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है

      राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि रक्तदान एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया जाने वाला वह पुनीत कार्य है जो किसी जरूरतमंद को नया जीवन प्रदान कर सकता है।  आपके द्वारा दान की गई एक यूनिट रक्त से अधिकतम तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। आपका रक्त किसी को जीवन दे सकता है। रक्त अमूल्य है, इसका दान अवश्य करें।

    रक्तदान शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने रक्तदान करने वाले युवाओं और नागरिकों को गुलाब का फूल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। मंत्री वर्मा ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा महादान है जो असमय संकट में पड़े किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। समाज के हर सक्षम नागरिक को इस पुनीत कार्य में आगे आना चाहिए।

    ​जनप्रतिनिधियों ने स्वयं रक्तदान कर दिया प्रेरणादायी संदेश

     ​शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल और उपाध्यक्ष पवन साहू ने स्वयं रक्तदान कर युवाओं के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। एकत्रित किए गए 94 यूनिट रक्त में से 51 यूनिट भाटापारा सिविल अस्पताल तथा 43 यूनिट बलौदाबाजार जिला अस्पताल में दर्ज किया गया। ​स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एकत्रित रक्त का उपयोग सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों, सिकलसेल पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं और आपातकालीन शल्य चिकित्सा के दौरान जरूरतमंद मरीजों के उपचार के लिए किया जाएगा।

    ​इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यदु, भारत स्काउट एंड गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन विशेष रूप से उपस्थित रहे।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आलेख की सराहना:  मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री के प्रति व्यक्त किया हृदय से आभार

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आलेख की सराहना: मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री के प्रति व्यक्त किया हृदय से आभार

    रायपुर 

     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को निरंतर नई ऊर्जा और दिशा देता रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा उनके आलेख के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, विशेषकर बस्तर में आए परिवर्तन और विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश की भूमिका को रेखांकित किए जाने के संदर्भ में आभार व्यक्त किया है।

    मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में लिखा है कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहा है। उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है और राष्ट्र की प्रगति में अपना सशक्त योगदान देता रहेगा। 

    उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आलेख को साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और विशेष रूप से बस्तर में आए परिवर्तन को रेखांकित किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा इस बात का बड़ा उदाहरण है कि आज देश की प्रगति केवल महानगरों और बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। बस्तर में आया बड़ा बदलाव इसकी जीवंत तस्वीर है और यह बताता है कि विकास की मुख्यधारा से जुड़कर जनजातीय समाज भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री साय के आलेख का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया गया है।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने अपने आलेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को सेवा, सुशासन, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ते हुए गुजरात के पुनर्निर्माण से लेकर विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य तक की यात्रा का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की अवधारणा गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और जनजातीय समाज की आकांक्षाओं से जुड़ी है।

    मुख्यमंत्री साय ने आलेख में छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर में हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा है कि कभी हिंसा और पिछड़ेपन के कारण चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर आज शांति, विकास, पर्यटन और नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहा है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से दूरस्थ जनजातीय अंचल भी विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने आलेख में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के कर्मयोग ने भारत को नया आत्मविश्वास दिया है और अब देश के सामने विकसित भारत का लक्ष्य है। इस राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ केवल सहभागी नहीं, बल्कि अपनी मेहनत, प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभा के बल पर एक मजबूत भागीदार की भूमिका निभाएगा।

    उन्होंने कहा है कि गांव से शहर तक विकास की ऐसी यात्रा को आगे बढ़ाना छत्तीसगढ़ का संकल्प है, जिसमें समृद्धि के साथ संस्कृति, आधुनिकता के साथ परंपरा तथा प्रगति के साथ प्रकृति का संतुलन बना रहे।

    मुख्यमंत्री साय ने अपने आलेख के माध्यम से यह संकल्प व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण के महायज्ञ में पूरी शक्ति और सामर्थ्य के साथ अपना योगदान देगा। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के बीते 25 वर्ष सेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहे हैं तथा आने वाला समय विकसित भारत और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने का है।

  • प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवाकाल पर बलौदाबाजार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य आगाज

    प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवाकाल पर बलौदाबाजार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य आगाज

    ​रायपुर

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के अथक जनसेवा और समर्पण काल के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर को बलौदाबाजार जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' का ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। इस खास अवसर पर आयोजित 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे जिले भर में एक साथ लगभग 11 लाख दीपक जलाकर जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त किया गया। जिला मुख्यालय स्थित चौपाटी में आयोजित मुख्य समारोह के मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस महाअभियान की विधिवत शुरुआत की।    

    ​दीप प्रज्वलन के मुख्य कार्यक्रम से पहले राजस्व मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने शहीद वीर नारायण सिंह चौक पर उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए माल्यार्पण किया। इसके पश्चात ढोल-नगाड़ों की गूंज और भारी जनउत्साह के साथ चौक से चौपाटी तक एक भव्य रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का सबसे प्रमुख और मनमोहक केंद्र बिंदु विवेकानंद सरोवर बना, जहां सवा लाख दीयों की स्वर्णिम रोशनी और वृक्षों पर सजी रंग-बिरंगी लाइटों ने पूरे वातावरण को दिव्य और अलौकिक स्वरूप प्रदान कर दिया। सरोवर के शांत जल पर तैरती दीपों की परछाई को देखने के लिए शहरवासी उमड़ पड़े।      

    ​समारोह में सांस्कृतिक छटा उस समय और भी निखर आई जब आर्केस्ट्रा टीम के देशभक्ति भजनों के बीच राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने अपने चिरपरिचित अंदाज में खुद एक मनमोहक गीत गाकर उपस्थित जनसमुदाय को झूमने पर मजबूर कर दिया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि यह 'आशीर्वाद का दीया' केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है, बल्कि हर नागरिक के मन में सेवा भावना, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण की प्रतिबद्धता को जगाने का एक पवित्र प्रयास है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को प्रगति के शिखर पर ले जाने और विकसित भारत के सपने को साकार करने का आह्वान किया।
         

    ​जनभागीदारी, सेवा और संकल्प के इस भव्य उत्सव में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, कलेक्टर, एसपी, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा और जिला पंचायत सीईओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और नगरवासी मौजूद रहे।

  • छत्तीसगढ़ बना AI संवाद का केंद्र, देश के पहले राज्य स्तरीय ‘AI Conclave’ में जुटे विशेषज्ञ

    छत्तीसगढ़ बना AI संवाद का केंद्र, देश के पहले राज्य स्तरीय ‘AI Conclave’ में जुटे विशेषज्ञ

    रायपुर

    स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समग्र शिक्षा के अंतर्गत विद्यालयीन शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों के समग्र विकास के उद्देश्य से आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय AI Conclave (ए.आई. कॉन्क्लेव) का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालयीन शिक्षा के स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सार्थक एवं प्रभावी उपयोग करने वाला छत्तीसगढ़ देश का प्रथम राज्य बन गया है।

    ‘लाईका चिन्हारी’ ऐप का विमोचन

     कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, स्कूल शिक्षा मंत्री माननीय श्री गजेंद्र यादव ने शाला त्यागी (ड्रॉपआउट) बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विकसित ‘लाईका चिन्हारी’ ऐप का आधिकारिक विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री के जन्मदिवस की बधाई देते हुए कहा कि इस कॉन्क्लेव से प्राप्त निष्कर्ष शिक्षकों के लिए एक सशक्त सहायक के रूप में कार्य करेंगे और विद्यार्थियों में कौशल विकास को बढ़ावा देंगे।

    शिक्षा में AI: शिक्षक का विकल्प नहीं, बल्कि मददगार साथी

    डॉ. कमलजीत सिंह (सचिव, स्कूल शिक्षा): उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हम तकनीकी युग में अनजाने ही AI का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर तालमेल से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI शिक्षकों का स्थान नहीं लेगा, बल्कि उनके सहायक साथी के रूप में काम करेगा।

    डॉ. किरण कौशल (आयुक्त, समग्र शिक्षा): उन्होंने स्वागत उद्बोधन में कहा कि इस कॉन्क्लेव से प्रदेश में स्मार्ट क्लास और ICT लैब का AI की मदद से और अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा, जिससे सरल और सुगम शिक्षा हर बच्चे तक पहुँचेगी।

    देश-विदेश के दिग्गजों की सहभागिता

    इस कॉन्क्लेव में देश और दुनिया के कई प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों और कंपनियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में गूगल, वाधवानी एआई, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, खान एकेडमी, फिजिक्स वाला, आईआईटी भिलाई, आईआईएम रायपुर, एनआईटी रायपुर और चिप्स सहित कई संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने विचार और प्रस्तुतियां दीं।

    तैयार होगा व्यापक रोडमैप

     कार्यक्रम के अंत में यह रेखांकित किया गया कि कॉन्क्लेव के दौरान आए नवाचारों और तकनीकी समाधानों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के लिए एक व्यापक AI रोडमैप तैयार किया जाएगा। यह रोडमैप शिक्षकों के लिए सहायक संसाधन विकसित करने और शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाने का मुख्य आधार बनेगा।

  • ईवीएम प्रबंधन, चुनावी डेटाबेस साझा करने और समय पर चुनाव कराने पर बनी सहमति

    ईवीएम प्रबंधन, चुनावी डेटाबेस साझा करने और समय पर चुनाव कराने पर बनी सहमति

    रायपुर

     राज्य निर्वाचन आयोग, छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर स्थित कार्यालय में आज राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति की अहम बैठक संपन्न हुई। 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन के तहत आयोजित इस बैठक में विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने स्थानीय निकाय चुनावों को और अधिक सुगम, निष्पक्ष, आधुनिक तकनीक से लैस एवं समय पर कराने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। 

    बैठक में स्थायी समिति द्वारा बनाई गई तीन उप-समितियों के कामकाज की प्रगति पर चर्चा की गई। इसमें राज्यों में लागू तकनीकी पहलों और ऑनलाइन व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई, ताकि दूसरे राज्य भी इन्हें अपने यहां लागू कर चुनावी कामकाज को बेहतर बना सकें। इसी तरह जरूरत पड़ने पर राज्यों के बीच ईवीएम साझा करने के लिए एक 'ईवीएम प्रबंधन प्रणाली सॉफ्टवेयर' तैयार करने पर विमर्श हुआ, जिसकी जिम्मेदारी बिहार राज्य निर्वाचन आयोग संभाल रहा है। इसके साथ ही चुनावों के सफल संचालन के लिए अपनाए गए अच्छे तौर-तरीकों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) के आदान-प्रदान और तय समय पर चुनाव कराने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने पर भी बात हुई।

    चुनावी डेटाबेस और M-3 मॉडल EVM पर सहमति

     बैठक में राज्यों के बीच चुनावी डेटाबेस साझा करने पर विचार हुआ, जिसका सुझाव गुजरात और महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने दिया था। इसके साथ ही जरूरत के समय राज्यों को M-3 मॉडल ईवीएम उपलब्ध कराने और उनके मिलकर इस्तेमाल करने की व्यवस्था पर भी सहमति बनी, जिसे पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रस्तावित किया था। अन्य राज्यों की चुनाव व्यवस्था और नवाचारों को समझने के लिए चुनाव कार्यक्रमों की जानकारी साझा करने और एक-दूसरे के यहां अध्ययन दौरे करने पर भी जोर दिया गया।

     बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्तों के ‘कोऑपरेटिव फेडरलिज्म और मल्टीलेवल गवर्नेंस’ विषय पर होने वाले आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए पुणे को संभावित स्थल तय किया गया। वहीं नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार ने नवा रायपुर के विकास और आधुनिक स्वरूप पर एक प्रस्तुति दी।

    नवीन विधानसभा और नवा रायपुर की सराहना

    बैठक के बाद विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने सपरिवार नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित छत्तीसगढ़ के नवीन विधानसभा भवन का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सदन के भीतर जाकर विधायी कामकाज और सदन चलाने की व्यवस्था की जानकारी ली। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया था। उन्होंने नवा रायपुर के प्रमुख सेक्टरों का भी जायजा लिया। आयुक्तों ने यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और नई तकनीक के क्षेत्र में तेजी से तैयार हो रही विश्वस्तरीय सुविधाओं को देखा तथा एक आधुनिक और सुनियोजित स्मार्ट शहर के रूप में नवा रायपुर के विकास मॉडल की सराहना की।

    डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम में देखी छत्तीसगढ़ के जनजातीय संघर्षों की झलक

     भ्रमण के अंत में निर्वाचन आयुक्तों ने नवा रायपुर स्थित देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का सपरिवार अवलोकन किया। आयुक्तों ने संग्रहालय के 14 अलग-अलग सेक्टरों में डिजिटल तकनीक और स्क्रीन के जरिए दिखाए गए छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों और आजादी की लड़ाई की प्रेरक गाथाओं को करीब से देखा और समझा। उन्होंने हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई, मेरिया, मुरिया, रानी चौरिस, भूमकाल, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह जैसे ऐतिहासिक संघर्षों की जीवंत प्रस्तुतियों की जमकर तारीफ की। इसके पश्चात उन्होंने ट्राइबल म्यूजियम में आयोजित संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

  • गांव से शहर तक दीपों की रोशनी, ‘सेवा संकल्प अभियान’ में 1.50 करोड़ से ज्यादा ‘आशीर्वाद के दीये’ जले

    गांव से शहर तक दीपों की रोशनी, ‘सेवा संकल्प अभियान’ में 1.50 करोड़ से ज्यादा ‘आशीर्वाद के दीये’ जले

    रायपुर

     प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आज छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम का व्यापक आयोजन किया गया। प्रदेशभर में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए 1.50 करोड़ से अधिक दीये प्रज्वलित किए। गांव से लेकर शहर तक विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दीर्घ सार्वजनिक जीवन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के प्रति जनभावनाएं व्यक्त की गईं।

    ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं, युवाओं, किसानों, श्रमिकों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने सामूहिक रूप से दीये जलाकर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं दीं। अनेक स्थानों पर दीपों से आकर्षक आकृतियां एवं संदेश भी बनाए गए।

    प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में सेवा और जनभागीदारी का विशेष वातावरण देखने को मिला। मंदिरों, चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मैदानों में बड़ी संख्या में नागरिक एकत्रित हुए और दीप प्रज्वलित किए। कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और सकारात्मक बदलाव के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न जनसेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य सेवा और सुशासन की भावना को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज के विभिन्न वर्गों को रचनात्मक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों से जोड़ना है।

    प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद के दीये’ का यह आयोजन जनभागीदारी और सामूहिक उत्साह का प्रतीक बना। हजारों स्थानों पर एक साथ प्रज्वलित हुए दीपों ने सेवा और संकल्प के संदेश को व्यापक स्वरूप दिया।

     

  • आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन विषय पर एक-दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

    आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन विषय पर एक-दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ शासन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आज गुरुवार को ‘आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन’ विषय पर एक-दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य शासन के अधिकारियों- कर्मचारियों को आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन की तकनीकी प्रक्रियाओं, ऑफलाइन सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन तथा आधार सेवाओं के सुरक्षित उपयोग से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

    कार्यशाला की मुख्य अतिथि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले रहीं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सही हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए आधार प्रमाणीकरण एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन में कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आती हैं। ऐसे में आधार की ऑफलाइन सत्यापन व्यवस्था की जानकारी अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण और उपयोगी है।

     कंगाले ने हितग्राही सत्यापन से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि फिंगरप्रिंट आधारित आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित करने से छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला से अधिकारियों एवं विभागीय प्रतिनिधियों को आधार प्रमाणीकरण एवं सत्यापन की प्रक्रियाओं की बेहतर समझ मिलेगी तथा वे निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप इसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कर सकेंगे।  

    33 जिलों में 1,100 से अधिक आधार सेवा केंद्र संचालित

     कार्यशाला में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में इन-हाउस मॉडल के तहत 1,100 से अधिक आधार सेवा केंद्र शासकीय परिसरों में संचालित किए जा रहे हैं । इन केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को आधार नामांकन एवं अद्यतन की सुरक्षित, सुगम और विश्वसनीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है । उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 3 करोड़ 17 लाख 33 हजार से अधिक आधार पंजीकरण किए जा चुके हैं। 

    7 लाख से अधिक बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन

    अग्रवाल ने बताया कि नागरिकों तक आधार सेवाओं की सहज पहुँच सुनिश्चित करने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में विशेष आधार शिविरों का आयोजन किया गया है। विशेष रूप से 5-15 वर्ष तथा 15-17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन पर विशेष ध्यान देते हुए, इन शिविरों के माध्यम से अब तक 7 लाख से अधिक बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

    राज्य में 14 नये आधार सेवा केंद्र खोलने की अनुमति

    अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़़ राज्य के नागरिकों की सुविधा के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने राज्य में 14 नये आधार सेवा केंद्र खोलने की अनुमति प्रदान की है, जिसमें से 5 जिलों दुर्ग, महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में आधार सेवा केंद्र का संचालन भी प्रारम्भ कर दिया गया है शेष स्थानों पर कार्य प्रगतिरत है । चिप्स द्वारा इन 14 स्थानों के अतिरिक्त 7 अन्य जिलों में आधार सेवा केंद्र खोलने का प्रस्ताव भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण को प्रेषित किया है।  

    आधार के सुरक्षित उपयोग एवं निर्धारित प्रक्रियाओं की दी जानकारी
     
    कार्यशाला में वक्ता के रूप में नई दिल्ली से आये भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के आधार उपयोग प्रभाग एवं मीडिया के  निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने कहा कि आधार अधिनियम के प्रावधानों के तहत आधार से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए स्पष्ट नियम एवं निर्धारित व्यवस्थाएं लागू हैं। उन्होंने कहा कि आधार का उपयोग नागरिकों की पहचान के सत्यापन को सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने बताया कि नागरिक स्वयं भी अपने आधार का सत्यापन कर सकते हैं, जिसके लिए ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन माध्यम की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने आधार के सुरक्षित उपयोग, सत्यापन की निर्धारित प्रक्रियाओं, नागरिक सुविधा तथा डेटा सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि आधार सेवाओं का उपयोग निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप किया जाना आवश्यक है। लेफ्टिनेंट कर्नल प्रवीण चौधरी ने बताया कि ऑफलाइन आधार सत्यापन का उपयोग व्यवसायिक संस्थाएं, बैंक आदि निजी संस्थाओं द्वारा आधार के मोबाइल एप के माध्यम से भी किया जा सकेगा।

     कार्यशाला में वक्ता के रूप में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, हैदराबाद के निदेशक  टी. रामकृष्ण उपस्थित रहे। उन्होंने देश में आधार व्यवस्था के क्रमिक विस्तार तथा इसके लिए विकसित की गई तकनीकी एवं संस्थागत अधोसंरचना की विस्तृत जानकारी दी । उन्होंने बताया कि आधार सेवा केंद्रों के निरंतर विस्तार के साथ नागरिकों के लिए नामांकन, अद्यतन एवं प्रमाणीकरण जैसी सेवाओं की पहुंच भी लगातार बढ़ी है। उन्होंने आधार की तकनीकी संरचना, सेवा वितरण तंत्र तथा इसके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यरत व्यवस्थाओं और प्रक्रियाओं पर भी जानकारी दी।

    तकनीकी सत्रों में आधार सत्यापन की प्रक्रियाओं पर हुई विस्तार से चर्चा

    कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को ऑफलाइन आधार सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन तथा आधार सेवाओं के सुरक्षित उपयोग से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने सीमित नेटवर्क वाले क्षेत्रों में ऑफलाइन सत्यापन की उपयोगिता तथा फिंगरप्रिंट अथवा आइरिस प्रमाणीकरण में कठिनाई होने की स्थिति में फेस ऑथेंटिकेशन के उपयोग और लाभों के बारे में विस्तार से बताया। 

    150 से अधिक अधिकारियों ने लिया भाग

    कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक भास्कर विलास संदीपन, कोष एवं लेखा संचालनालय के संचालक एस. जयवर्धन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय की संचालक डॉ. फरिहा आलम, चिप्स के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पांडे, संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपम आशीष टोप्पो एवं आशीष जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के 150 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।