Category: छत्तीसगढ़

  • विघ्नहर्ता भगवान गणेश की भक्ति में रमा संजय श्रीवास्तव का निवास’

    विघ्नहर्ता भगवान गणेश की भक्ति में रमा संजय श्रीवास्तव का निवास’

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ’’ संजय श्रीवास्तव’’ ने अपने निज निवास ’’न्यू शांति नगर, रायपुर’’ में विधि-विधान एवं श्रद्धा-भक्ति के साथ विघ्नहर्ता, मंगलमूर्ति भगवान गणेश जी की स्थापना की।

    इस अवसर पर श्रीवास्तव एवं उनके परिवारजनों ने भगवान गणेश जी का विधिवत पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना की गई तथा भगवान गणेश को मोदक एवं विभिन्न प्रकार के नैवेद्य अर्पित किए गए।

    संजय श्रीवास्तव ने कहा कि ’’भगवान गणेश बुद्धि, विवेक, शुभता और मंगल के प्रतीक हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश के स्मरण और पूजन से करने की हमारी सनातन परंपरा रही है।’’ गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ने का पर्व भी है।

    उन्होंने कहा कि भगवान गणेश सभी के जीवन से विघ्न.बाधाओं को दूर करें और प्रदेशवासियों के जीवन में सुखए शांतिए समृद्धि एवं खुशहाली लेकर आएं। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को गणेश उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।

    इस अवसर पर परिवारजन, शुभचिंतक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। पूरे परिसर में ’गणपति बप्पा मोरया’’ के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

  • PM मोदी की 25 साल की सेवा यात्रा को समर्पित ‘आशीर्वाद का दीया’, मोहला में जलेंगे 1.08 लाख दीप

    PM मोदी की 25 साल की सेवा यात्रा को समर्पित ‘आशीर्वाद का दीया’, मोहला में जलेंगे 1.08 लाख दीप

     मोहला : सेवा संकल्प अभियान : जिले में प्रज्ज्वलित होंगे 1 लाख 8 हजार दीप

    तीनों ब्लॉक मुख्यालयों में शाम 5 बजे से आयोजन, शाम 7 बजे होगा सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन

     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा को समर्पित होगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम

    मोहला

    छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 1 लाख 8 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा को समर्पित रहेगा।

              मोहला के मिनी स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य आयोजन होगा, जिसमें 500 से अधिक नागरिक शामिल होंगे और 5 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान रंगोली प्रदर्शन सहित विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इसी प्रकार जिले के तीनों ब्लॉक मुख्यालयों में शाम 5 बजे से कार्यक्रम प्रारंभ होंगे तथा शाम 7 बजे सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। मोहला में मिनी स्टेडियम, मानपुर में इंद्रप्रस्थ स्टेडियम तथा अंबागढ़ चौकी में शिवनाथ नदी घाट पर विशेष आयोजन किए जाएंगे।

             कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में नागरिकों को दीप वितरित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने जिला मुख्यालय मोहला के जय स्तंभ चौक एवं फव्वारा चौक में नागरिकों को दीप वितरित किए। उन्होंने नागरिकों से ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने तथा 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने घर, दुकान एवं प्रतिष्ठान में दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील की। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में सहभागी बनकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ को जनभागीदारी के उत्सव के रूप में मनाएं।

  • महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : डॉ. ममता साहू

    महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : डॉ. ममता साहू

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने रायगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण, विधिक सहायता तथा महिलाओं एवं बच्चों को शासन की योजनाओं का समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद महिलाओं को हर परिस्थिति में आवश्यक सहायता, संरक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।

    डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहनी चाहिए। इसके लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही जमीनी स्तर पर विभागीय अमले के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने तथा महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया।

    समीक्षा बैठक में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं, बाल संरक्षण व्यवस्था, महिलाओं को विधिक सहायता, संरक्षण एवं परामर्श सेवाओं सहित विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली गई। अध्यक्ष ने मैदानी स्तर पर योजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों तक शासकीय सहायता की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में जिला परियोजना अधिकारी श्री अरुण कुमार पांडेय, महिला संरक्षण अधिकारी चैताली राय, केंद्र प्रशासक निहारिका पटनायक, जिला पंचायत सभापति महिला एवं बाल विकास सुषमा खलको, एमआईसी महिला एवं बाल विकास त्रिवेणी डहरे सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

     

  • महासमुंद की दीदियों के हाथों आकार ले रहे खास दीए, सेवा संकल्प अभियान ने महिलाओं के जीवन में बिखेरा उजाला।

    महासमुंद की दीदियों के हाथों आकार ले रहे खास दीए, सेवा संकल्प अभियान ने महिलाओं के जीवन में बिखेरा उजाला।

    रायपुर

    मिट्टी को आकार देती उंगलियां, आंखों में आत्मनिर्भरता का सपना और मन में सेवा का संकल्प महासमुंद जिले की महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां इन दिनों कुछ ऐसा ही कर रही हैं। उनके हाथों से आकार ले रहा हर दीया सिर्फ मिट्टी का दीपक नहीं, बल्कि संकल्प, स्वावलंबन और आभार की रोशनी का प्रतीक बन रहा है।
    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने जिले की समूह की महिलाओं के जीवन में भी खुशियों का उजाला किया है। दीयों के मिले बड़े ऑर्डर ने महिलाओं को दीपावली से पहले ही दीपावली मनाने का अवसर दे दिया है।

    लड्डू गोपाल समूह को मिला 37 हजार दीयों का ऑर्डर
    महासमुंद जिले के लड्डू गोपाल स्व-सहायता समूह की दीदियों को 37 हजार दीये बनाने का ऑर्डर मिला है। इसके अलावा जिले के विभिन्न क्लस्टरों में भी बड़ी संख्या में दीयों के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। खल्लारी क्लस्टर को 8 हजार, खम्हरिया को 7 हजार, कोमाखान को 10 हजार और तेंदुकोना को 9 हजार दीयों का ऑर्डर मिला है। एक दीये की कीमत 1 रुपये निर्धारित है। महिलाओं के लिए यह सिर्फ आय का माध्यम नहीं, बल्कि अपने हुनर को पहचान दिलाने और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने का अवसर भी है।

    हमारे हाथों का दीया बनेगा आभार का संदेश
    समूह की अध्यक्ष भोज बाई चक्रधारी ने भावुक होकर बताया कि हम मिट्टी से दीये बनाते हैं, लेकिन इस बार इन दीयों के साथ हमारे मन की भावनाएं भी जुड़ी हैं। हमारे हाथों से बने ये दीये जब जलेंगे, तो यह हमारे लिए गर्व और खुशी की बात होगी। हमें दीपावली से पहले ही दीपावली मनाने का अवसर मिल रहा है। मेहनत का ऑर्डर मिला है, आमदनी का रास्ता खुला है और हमारे बनाए दीये सेवा एवं संकल्प की इस भावना को आगे बढ़ाएंगे।
    साथ ही रमा चक्रधारी, गायत्री सिन्हा, योगेश्वरी दीवान, कविता दीवान, सुनीता सिन्हा का कहना है कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे ये दीये प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार और सेवा-संकल्प की भावना का संदेश लेकर रोशनी फैलाएंगे। उनके लिए यह केवल दीया बनाना नहीं, बल्कि अपने श्रम और हुनर के माध्यम से एक बड़े सामाजिक आयोजन में सहभागी बनने का अवसर है।

    17 सितंबर को महासमुंद में जलेगा 6 लाख ‘आशीर्वाद का दीया‘
    उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर को शाम महासमुंद जिले में 6 लाख ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित किए जाएंगे। मंदिरों, चौक-चौराहों, ग्राम पंचायतों, पीडीएस भवनों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ घर-घर दीया जलाने का आह्वान किया गया है। इन लाखों दीयों की रोशनी में उन महिलाओं के श्रम की चमक भी शामिल होगी, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इन्हें अपने हाथों से आकार दिया है।

  • युवाओं, महिलाओं, किसानों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री साय

    युवाओं, महिलाओं, किसानों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री साय

    बस्तर-सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक बैंकिंग नेटवर्क का करें विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    गांव के नजदीक बैंकिंग सुविधा से वित्तीय समावेशन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

    युवाओं, महिलाओं, किसानों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री साय ने एचडीएफसी बैंक के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लोगो का किया विमोचन

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित  मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को एचडीएफसी बैंक द्वारा छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाओं के 25 वर्ष पूर्ण किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि पर बैंक प्रबंधन, अधिकारियों-कर्मचारियों और ग्राहकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने बैंक के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तैयार किए गए विशेष लोगो का विमोचन भी किया।

    मुख्यमंत्री साय ने बैंक के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति में मजबूत और सर्वसुलभ बैंकिंग व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पिछले वर्षों में बैंकिंग सेवाओं में तेजी से विस्तार हुआ है और डिजिटल तकनीक ने वित्तीय सेवाओं को पहले से अधिक सहज बनाया है। अब आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ केवल बड़े शहरों और व्यावसायिक केंद्रों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक भी समान रूप से पहुंचे।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बैंकिंग नेटवर्क का और विस्तार करते हुए विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा अंचल के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण और जनजातीय बहुल है। इन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के अधिक अवसर मिलेंगे और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक सुगमता से उन तक पहुंच सकेगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गांव के नजदीक बैंक की शाखा या बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होने का प्रभाव केवल बैंकिंग लेन-देन तक सीमित नहीं रहता। इसके दूरगामी सामाजिक और आर्थिक परिणाम होते हैं। ग्रामीणों को अपने खाते से संबंधित सामान्य कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, उनका समय और संसाधन बचता है तथा बचत और औपचारिक बैंकिंग के प्रति उनका विश्वास बढ़ता है। ऋण, बीमा, डिजिटल भुगतान और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच मिलने से परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केंद्र और राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। ऐसे में अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की सहज उपलब्धता सुशासन की व्यवस्था को भी मजबूत करती है। बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार का लाभ नागरिकों के साथ-साथ शासन को भी मिलता है, क्योंकि इससे योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध ढंग से हितग्राहियों तक पहुंचाने में सहायता मिलती है।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा आती है। किसानों को कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता, युवाओं को स्वरोजगार और उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण तथा छोटे व्यवसायियों को अपने कारोबार के विस्तार के लिए पूंजी आसानी से उपलब्ध हो सकती है। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार होते हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। बैंकिंग संस्थाएं यदि इन समूहों तक ऋण, वित्तीय साक्षरता और अन्य बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच को और मजबूत करें तो महिलाओं की उद्यमशीलता को बड़ा संबल मिल सकता है। आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं अपने परिवार के साथ पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास छत्तीसगढ़ में ऐसा अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिसमें युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के भी अधिक से अधिक अवसर मिलें। प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता है। उनके विचारों और उद्यमशीलता को वित्तीय सहयोग से जोड़ने में बैंक महत्वपूर्ण भागीदार बन सकते हैं। छोटे और मध्यम उद्यमों को समय पर वित्तीय सहायता मिलने से प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास के नए दौर से गुजर रहा है। प्रदेश में अधोसंरचना के विस्तार के साथ उद्योग, व्यापार, कृषि, सेवा क्षेत्र और नई अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास के इन अवसरों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में बैंकिंग और वित्तीय संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि बैंक केवल वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि लोगों के सपनों और आर्थिक संभावनाओं को संसाधनों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। किसी युवा को अपना व्यवसाय प्रारंभ करना हो, किसी महिला समूह को अपने उत्पादों का विस्तार करना हो, किसी किसान को अपनी आय बढ़ाने के लिए नई गतिविधि शुरू करनी हो अथवा किसी छोटे व्यापारी को अपना कारोबार आगे बढ़ाना हो – सुलभ वित्तीय सहायता उनके प्रयासों को नई दिशा दे सकती है।

    मुख्यमंत्री साय ने वित्तीय साक्षरता पर भी जोर देते हुए कहा कि बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के साथ नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेन-देन, बचत, बीमा और वित्तीय प्रबंधन के संबंध में जागरूक करना भी आवश्यक है। विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाकर लोगों को आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की यात्रा में सरकार के साथ निजी क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में निवेश, उद्यमिता, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बैंकिंग संस्थाएं राज्य सरकार की विकासपरक पहलों में महत्वपूर्ण सहयोगी बन सकती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एचडीएफसी बैंक अपने अनुभव और व्यापक बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास एवं वित्तीय समावेशन में अपनी सहभागिता को आने वाले वर्षों में और विस्तार देगा।

    मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में एचडीएफसी बैंक की 25 वर्षों की यात्रा को महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह अवसर बीते वर्षों की उपलब्धियों के साथ भविष्य के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करने का भी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बैंक आने वाले समय में शहरों के साथ गांवों, विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में अपनी पहुंच बढ़ाकर अधिक से अधिक परिवारों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ेगा।

    इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, एचडीएफसी बैंक के ग्रुप हेड अरुण मेदीरत्ता, ब्रांच बैंकिंग हेड सेंट्रल इंडिया प्रतीक शर्मा सहित बैंक के माई प्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • राज्य योजनाओं के लिए S-SNA मॉडल लागू करने की तैयारी, एक एजेंसी के जरिए होगा फंड प्रबंधन

    राज्य योजनाओं के लिए S-SNA मॉडल लागू करने की तैयारी, एक एजेंसी के जरिए होगा फंड प्रबंधन

    राज्य योजनाओं में लागू होगा State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल

    योजनाओं की राशि का पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी उपयोग होगा सुनिश्चित

    एक योजना–एक बैंक खाता, आवश्यकता के समय ही सीधे हितग्राही एवं वेंडर को भुगतान

    रियल-टाइम मॉनिटरिंग से वित्तीय अनुशासन और नकदी प्रबंधन होगा मजबूत

    रायपुर, 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में राज्य योजनाओं के लिए State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य राज्य-पोषित योजनाओं में निधि के प्रवाह को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, कुशल और प्रभावी बनाना है।

    S-SNA मॉडल के अंतर्गत विभिन्न क्रियान्वयन एजेंसियों के अनेक बैंक खातों में राशि रखने के स्थान पर प्रत्येक चिन्हित योजना के लिए एक केंद्रीकृत S-SNA Mother Account की व्यवस्था होगी। योजनाओं की राशि आवश्यकता के अनुसार ही जारी की जाएगी और भुगतान के समय S-SNA खाते से संबंधित Zero Balance Subsidiary Account (ZBSA) के माध्यम से सीधे वेंडर अथवा हितग्राही के खाते में भुगतान किया जाएगा। इससे सरकारी धन लंबे समय तक निष्क्रिय नहीं रहेगा और उपलब्ध निधि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजनाओं के लिए उपलब्ध प्रत्येक रुपये का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। S-SNA मॉडल से सरकारी धन के प्रवाह में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। यह व्यवस्था वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के साथ सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाएगी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योजनाओं की राशि अनावश्यक रूप से अलग-अलग बैंक खातों में पड़ी रहने के बजाय आवश्यकता के समय सीधे हितग्राही और वेंडर तक पहुंचेगी। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि S-SNA मॉडल राज्य के वित्तीय प्रबंधन को अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम और परिणामोन्मुख बनाएगा। इस व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह है कि सरकार को जिस राशि की आवश्यकता आज नहीं है, उसे पहले से बैंक खातों में रखने के बजाय आवश्यकता के समय ही उपयोग में लाया जाए। इससे राज्य की नकदी प्रबंधन क्षमता बेहतर होगी और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि एक ओर सरकार को विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने पड़ते हैं और दूसरी ओर विभिन्न बैंक खातों में सरकारी राशि निष्क्रिय पड़ी रहती है। S-SNA मॉडल इस अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे अनावश्यक ऋण और उस पर लगने वाले ब्याज के भार को कम करने में मदद मिलेगी तथा वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा।

    भारत सरकार की SNA व्यवस्था की तर्ज पर राज्य योजनाओं में होगा क्रियान्वयन

    केंद्र प्रायोजित योजनाओं में भारत सरकार द्वारा लागू Single Nodal Agency व्यवस्था के अनुरूप अब राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित चिन्हित योजनाओं में भी S-SNA मॉडल लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत योजनाओं के फंड फ्लो की शुरुआत State Treasury/e-Kosh से S-SNA खाते तक होगी। इसके बाद क्रियान्वयन एजेंसियों को राशि स्थानांतरित करने के बजाय निर्धारित Spending/Drawing Limit उपलब्ध कराई जाएगी और वास्तविक भुगतान के समय ही संबंधित हितग्राही या वेंडर को राशि जारी होगी।

    एक योजना–एक बैंक खाता, फ्लोट लगभग शून्य

    S-SNA मॉडल की प्रमुख विशेषता Just-in-Time Fund Release है। इसमें योजना की राशि को पहले से विभिन्न खातों में जमा रखने के बजाय वास्तविक आवश्यकता के समय ही भुगतान किया जाएगा। इससे बैंक खातों में अनावश्यक रूप से पड़ी राशि में कमी आएगी और योजनाओं की निधि का लगभग शून्य फ्लोट सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    इस व्यवस्था में Mother–Child Account प्रणाली, DBT एवं Non-DBT दोनों प्रकार के भुगतान तथा जिला, ब्लॉक, पंचायत एवं ग्राम स्तर की चिन्हित Implementing Agencies को शामिल किया जा सकेगा।

    रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही

    S-SNA मॉडल से योजनाओं के Fund Flow और व्यय की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। विभागों को उपलब्ध निधि, जारी व्यय सीमा, वास्तविक व्यय और अप्रयुक्त राशि की स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सकेगी। डिजिटल प्रणाली में Maker-Checker आधारित ऑडिट ट्रेल होने से वित्तीय लेन-देन की निगरानी मजबूत होगी तथा गबन, अनधिकृत भुगतान और बैंकिंग धोखाधड़ी की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि डिजिटल ऑडिट ट्रेल और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से प्रत्येक स्तर पर निधि के उपयोग की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध होगी। इससे वित्तीय अनियमितताओं की संभावनाएं कम होंगी और विभागों को अपने संसाधनों एवं व्यय की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।

    निष्क्रिय राशि और अनावश्यक ऋण भार पर लगेगा नियंत्रण

    वर्तमान व्यवस्था में आवश्यकता से पहले राशि आहरित होने के कारण विभिन्न विभागीय खातों में बड़ी मात्रा में राशि निष्क्रिय पड़ी रहती है। प्रस्तावित व्यवस्था से इस समस्या का समाधान होगा। विभागीय निष्क्रिय खातों में लगभग 530 करोड़ रुपये तथा RBI के DEAF खातों में लगभग 100 करोड़ रुपये की निष्क्रिय राशि जैसी समस्याओं को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।

    एक ओर सरकार को अपनी योजनाओं के लिए ऋण लेकर ब्याज का भुगतान करना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न बैंक खातों में सरकारी राशि निष्क्रिय पड़ी रहती है। S-SNA मॉडल से उपलब्ध निधियों के बेहतर प्रबंधन के कारण अनावश्यक ऋण की आवश्यकता कम होगी और ब्याज भार एवं राजस्व घाटे को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।

    अर्जित ब्याज राज्य की संचित निधि में जमा होगा

    S-SNA व्यवस्था में योजनाओं की राशि के प्रबंधन से अर्जित ब्याज को राज्य की संचित निधि में जमा किया जाएगा। इससे सार्वजनिक वित्तीय संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग सुनिश्चित होगा और राज्य की नकदी प्रबंधन क्षमता मजबूत होगी।

    महालेखाकार कार्यालय की आपत्तियों के निराकरण में भी मदद

    नई व्यवस्था से DDO एवं अन्य क्रियान्वयन एजेंसियों के खातों में लंबे समय तक निष्क्रिय पड़ी राशि की समस्या दूर होगी। साथ ही मैनुअल मिलान, विलंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र और ऑफलाइन सत्यापन से जुड़ी समस्याओं में कमी आएगी। डिजिटल फंड फ्लो और ऑडिट ट्रेल से वित्तीय रिपोर्टिंग अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध होगी।

    चरणबद्ध तरीके से होगा क्रियान्वयन

    S-SNA मॉडल के क्रियान्वयन के लिए छह प्रमुख चरण निर्धारित किए गए हैं। इनमें योजना की पहचान, वित्त विभाग से अनुमोदन, Scheme Code आवंटन, e-Kosh Mapping, S-SNA एवं ZBSA खाते खोलना तथा Treasury से S-SNA और Implementing Agency के माध्यम से हितग्राही/वेंडर को भुगतान शामिल है।

    यह व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित चिन्हित योजनाओं तथा विभागों की अन्य चिन्हित योजनाओं पर लागू होगी। DBT एवं Non-DBT दोनों प्रकार की योजनाओं के साथ जिला, ब्लॉक, पंचायत एवं ग्राम स्तर की Implementing Agencies को इसके दायरे में लाया जा सकेगा। वहीं PFMS-SNA/SPARSH के अंतर्गत आने वाली केंद्र प्रायोजित योजनाएं, Central Sector योजनाएं तथा ऐसी योजनाएं जहां DDO सीधे e-Kosh के माध्यम से भुगतान करते हैं, इस व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगी।

    मंत्रिपरिषद् ने S-SNA मॉडल के क्रियान्वयन पर सहमति प्रदान करते हुए इससे संबंधित आवश्यक कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया है। यह व्यवस्था राज्य में पारदर्शी, कुशल एवं अनुशासित निधि-प्रवाह के साथ-साथ बेहतर वित्तीय प्रबंधन और सुशासन को नई मजबूती प्रदान करेगी।

  • महतारी वंदन, पीएम आवास और राशन कार्ड समेत प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की प्रगति पर हुई गहन चर्चा।

    महतारी वंदन, पीएम आवास और राशन कार्ड समेत प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की प्रगति पर हुई गहन चर्चा।

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज

    छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए महत्वाकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति को लेकर आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने इस दौरान सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैश-बोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की।

    डैश-बोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता और निगरानी

    सुघ्घर छत्तीसगढ़ ग्रामीण योजना के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए एक विशेष राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड तैयार किया गया है। इस डैश-बोर्ड पर राज्य एवं केंद्र शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वेक्षित हितग्राहियों की सूची दर्ज है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड में शासन की सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति का स्पष्ट विवरण होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और त्वरित गति से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

    प्रमुख योजनाओं की समीक्षा

    बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री किसान योजना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन वितरण, जॉब कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, कौशल विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन-धन योजना व अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के साथ ही, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुसार संतृप्ति अभियान की प्रगति, ग्रेन्यूल आंकड़ों, बस्तर संभाग के अंतर्गत संतृप्तिकरण, नियद नेल्ला नार-2.0 और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल में राशन कार्ड के आधार पर हितग्राहियों की सूची की भी गहन समीक्षा की गई।

    इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

     

  • जशपुर में भव्य दीपोत्सव की तैयारी, सेवा संकल्प अभियान में जलेंगे 5 लाख से ज्यादा दीप

    जशपुर में भव्य दीपोत्सव की तैयारी, सेवा संकल्प अभियान में जलेंगे 5 लाख से ज्यादा दीप

    रायपुर : सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस जशपुर में जगमगाएंगे 5 लाख से अधिक आशीर्वाद के दीप

    17 सितंबर को शाम 7 बजे रणजीता स्टेडियम, गौरव पथ, महाराजा चौक, दिलीप सिंह जूदेव प्रतिमा एवं बिरसा मुंडा चौक सहित जिलेभर में होगा दीप प्रज्वलन

    अमृत सरोवरों, प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन हितग्राहियों, बिहान समूहों और शासकीय संस्थानों में भी प्रज्वलित होंगे दीप

    रायपुर

    सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जशपुर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में विभिन्न जनकल्याणकारी एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। अभियान के प्रथम दिवस 17 सितंबर को शाम 7 बजे जिले में 5 लाख से अधिक आशीर्वाद के दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है।

        सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों रणजीता स्टेडियम, गौरव पथ, महाराजा चौक, दिलीप सिंह जूदेव प्रतिमा चौक और बिरसा मुंडा चौक सहित सभी विकासखंडों, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जिलेवासी सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के संकल्प के साथ अभियान से जुड़ेंगे।

        अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के लिए जिले के सभी अमृत सरोवरों, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों, बिहान समूह की महिलाओं सहित शासकीय कार्यालयों एवं विभिन्न संस्थाओं में भी दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ ही नागरिकों से अपने घरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्वलित कर अभियान में सहभागी बनने की अपील की गई है।

        कलेक्टर रोहित व्यास ने सभी विभागों को बेहतर आपसी समन्वय के साथ अभियान के लिए निर्धारित कैलेंडर के अनुरूप कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान जनभागीदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है, इसलिए इसकी सभी पहलों की समयबद्ध तैयारी करते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

        कलेक्टर ने अभियान के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं आयोजित गतिविधियों की फोटो और वीडियो सहित जानकारी निर्धारित गूगल ड्राइव में नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान की गतिविधियों का समुचित दस्तावेजीकरण एवं संधारण किया जा सके।

        जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने घरों, ग्रामों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में सहभागी बनें और जनभागीदारी के इस अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

  • सेवा संकल्प अभियान के तहत नागरिकों को मिलेगी विशेषज्ञ चिकित्सकों की निःशुल्क परामर्श व जांच सुविधा।

    सेवा संकल्प अभियान के तहत नागरिकों को मिलेगी विशेषज्ञ चिकित्सकों की निःशुल्क परामर्श व जांच सुविधा।

    रायपुर, 

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित इस अभियान के अंतर्गत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी दो महत्वपूर्ण पहलें आयोजित की जा रही हैं। अभियान के तहत 17 सितंबर को पेंड्रा में रक्तदान शिविर तथा 20 सितंबर को जिला चिकित्सालय में विशेष मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित होगा। इन आयोजनों के माध्यम से जिलेवासियों को रक्तदान जैसे जीवनदायी कार्य से जुड़ने के साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

    17 सितंबर को पेंड्रा में रक्तदान शिविर

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को दोपहर 3 बजे से मल्टीपरपज हायर सेकेंडरी स्कूल, पेंड्रा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर के माध्यम से नागरिकों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाएगा। रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों से इस मानवीय पहल में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की गई है।

    शिविर के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था, सामग्री, उपकरण तथा स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    20 सितंबर को जिला चिकित्सालय में विशेष मेगा स्वास्थ्य शिविर

    अभियान के अगले चरण में 20 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जिला चिकित्सालय में विशेष मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जिलेवासियों को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच की सुविधा प्रदान की जाएगी।

    कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित अधिक से अधिक नागरिकों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। शिविर में एक ही स्थान पर विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने और आवश्यक स्वास्थ्य जांच कराने की सुविधा मिलेगी।
    हृदय, किडनी, मेडिसिन और नेत्र रोग विशेषज्ञ देंगे परामर्श

    मेगा स्वास्थ्य शिविर में अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा हृदय रोग, किडनी रोग, मेडिसिन एवं नेत्र रोग सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित जांच और चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया जाएगा। मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उन्हें आगे की जांच, उपचार तथा आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं के संबंध में उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।

    विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से ऐसे मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा, जिन्हें किसी विशिष्ट स्वास्थ्य समस्या के लिए विशेषज्ञ परामर्श की आवश्यकता है। शिविर के माध्यम से प्रारंभिक स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करने और समय पर उचित उपचार की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।

    परिवार सहित स्वास्थ्य परीक्षण कराने की अपील

    जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे स्वयं के साथ अपने परिवार के सदस्यों, बुजुर्गों एवं बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए मेगा स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित हों और विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क परामर्श एवं जांच का लाभ उठाएं। नियमित एवं समय पर स्वास्थ्य जांच से कई गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान में मदद मिल सकती है, जिससे समय पर उपचार शुरू करने में सुविधा होती है।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ये दोनों आयोजन जिले में सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और जनभागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित अभियान में स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाया जा रहा है। रक्तदान के माध्यम से जहां नागरिक जरूरतमंदों के जीवन बचाने में योगदान दे सकेंगे, वहीं मेगा स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं लोगों के और करीब पहुंचेंगी।

  • आगामी त्योहारों के मद्देनजर बिलासपुर पुलिस का कड़ा रुख, असामाजिक तत्वों पर कसा जा रहा है शिकंजा।

    आगामी त्योहारों के मद्देनजर बिलासपुर पुलिस का कड़ा रुख, असामाजिक तत्वों पर कसा जा रहा है शिकंजा।

    बिलासपुर 
    आगामी त्योहारों के दौरान जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने असामाजिक तत्वों और निगरानीशुदा बदमाशों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसएसपी के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को तलब कर उनकी परेड कराई गई।

    उन्हें त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की अशांति या उपद्रव से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई। एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि एसएसपी रजनेश सिंह ने आगामी गणेश पूजा, नवरात्र, दशहरा और दीपावली को देखते हुए सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। इसके तहत थाना क्षेत्रों में दर्ज गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की जानकारी जुटाकर उन्हें तलब किया गया।

    जुटाकर उन्हें तलब किया गया।

    अधिकारियों ने बदमाशों से उनके वर्तमान कार्य और गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। परेड के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के समय किसी भी व्यक्ति द्वारा कानून व्यवस्था बिगाड़ने, विवाद करने या शांति भंग करने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने बदमाशों से अपने परिवार के साथ शांतिपूर्वक त्योहार मनाने और किसी विवाद में शामिल नहीं होने की अपील भी की। अधिकारियों को सक्रिय बदमाशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर इस्तगासा तैयार करने और बाउंड ओवर की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजने को कहा गया है।
    पुलिस का उद्देश्य त्योहारों के दौरान संवेदनशील इलाकों में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति बनने से पहले ही प्रभावी नियंत्रण कायम करना है।

    किन त्योहारों पर रहेगी खास नजर

    आने वाले दिनों में गणेश पूजा, नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे। इन आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। ऐसे में पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहने को कहा है।
    त्योहारों के दौरान विवाद की आशंका वाले स्थानों और लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का फोकस किसी घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से रोकथाम पर है।

    सक्रिय बदमाशों पर होगी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

    पुलिस ने केवल समझाइश तक कार्रवाई सीमित नहीं रखने के संकेत दिए हैं। सक्रिय पाए जाने वाले बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित थाना स्तर पर इस्तगासा तैयार कर बाउंड ओवर की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
    बाउंड ओवर की प्रक्रिया का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति को भविष्य में शांति भंग करने वाली गतिविधियों से दूर रखना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान उपद्रव या शांति भंग करने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में परिस्थितियों के अनुसार संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।