Category: छत्तीसगढ़

  • जगदलपुर से बिलासपुर प्रतिनियुक्ति मामले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बिना सहमति आदेश पर लगाई रोक

    जगदलपुर से बिलासपुर प्रतिनियुक्ति मामले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, बिना सहमति आदेश पर लगाई रोक

    बिलासपुर
     जगदलपुर नगर निगम के एक कर्मचारी को उसकी सहमति लिए बिना बिलासपुर नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर भेजने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान की है। कोर्ट ने 4 अगस्त 2026 के उस आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है, जिसके तहत कर्मचारी को नगर निगम जगदलपुर से नगर निगम बिलासपुर भेजा गया था।

    यह मामला गोविंदनारायण सिंह विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य का है। सुनवाई जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की अदालत में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनोज चौहान, शासन की ओर से अधिवक्ता आकांक्षा वर्मा तथा प्रतिवादी क्रमांक दो और तीन की ओर से अधिवक्ता ए.एस. कछवाहा उपस्थित हुए।

    याचिकाकर्ता ने दलील दी कि छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 58(5) और 58(6) में एक नगर निगम से दूसरे नगर निगम में कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति के संबंध में सुरक्षा प्रावधान हैं। सामान्यतः प्रतिनियुक्ति के लिए संबंधित कर्मचारी की सहमति आवश्यक होती है।

    अंतरिम व्यवस्था के तहत रोक
    शासन ने इसका विरोध करते हुए धारा 58(5) का हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि प्रतिनियुक्ति आदेश जारी करने से पहले कर्मचारी की सहमति लेना अनिवार्य नहीं है। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि कर्मचारी को उसकी सहमति के बिना प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है।

    हालांकि, कोर्ट ने धारा 58(5) और 58(6) की व्याख्या पर कोई अंतिम राय नहीं दी। अंतरिम व्यवस्था के तहत, कोर्ट ने 4 अगस्त 2026 के प्रतिनियुक्ति आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले को चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। 

  • मुख्यमंत्री ने कहा – नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान, गोल्फ को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग

    मुख्यमंत्री ने कहा – नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान, गोल्फ को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग

    देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर नई पहचान बना रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री ने किया ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ की ट्रॉफी का अनावरण, गोल्फ में हाथ आजमाकर बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

    देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल गोल्फर ले रहे हिस्सा, 18 विदेशी खिलाड़ी भी दिखाएंगे अपना कौशल

    मुख्यमंत्री ने कहा – नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान, गोल्फ को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग

    1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान एवं पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ आयोजन

    दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता की तरह भविष्य में प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन बनेगा छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए खिलाड़ियों का किया आत्मीय स्वागत, बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता देखने का दिया न्योता

    रायपुर 
     छत्तीसगढ़ तेजी से देश के उभरते स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार, प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित खेल आयोजनों की मेजबानी से छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े टूर्नामेंट का नवा रायपुर में आयोजन इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा और नवा रायपुर को देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रतियोगिता की आकर्षक ट्रॉफी का अनावरण किया तथा देश-विदेश से आए प्रोफेशनल गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर 1983 क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम के कप्तान एवं प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कपिल देव की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

    मुख्यमंत्री ने गोल्फ कोर्स पर स्वयं गोल्फ में हाथ आजमाया और शानदार शॉट लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री को गोल्फ खेलते देखकर उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और अतिथियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

    132 प्रोफेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि नवा रायपुर में देश के प्रोफेशनल गोल्फ का इतना प्रतिष्ठित आयोजन हो रहा है। प्रतियोगिता में देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर देश और दुनिया के श्रेष्ठ गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आना प्रदेश में खेलों के लिए विकसित हो रहे अनुकूल वातावरण का परिचायक है।

    उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का प्रभाव केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं रहता। इससे प्रदेश की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होती है, खेल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को करीब से देखने एवं उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न खेलों के बड़े आयोजन लगातार हों और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो।

    पहले फिल्मों में देखते थे गोल्फ, आज छत्तीसगढ़ कर रहा बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी

    मुख्यमंत्री साय ने गोल्फ से जुड़ी अपनी स्मृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय था, जब हम गोल्फ के बारे में केवल सुना करते थे या फिल्मों में लोगों को गोल्फ खेलते देखते थे। आज बदलते छत्तीसगढ़ में हम स्वयं प्रोफेशनल गोल्फ के इतने बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं। यह प्रदेश के विकास के साथ यहां तेजी से विस्तार ले रही खेल संस्कृति का सुखद संकेत है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोल्फ को सामान्यतः उद्योगपतियों और संपन्न वर्ग से जुड़ा खेल माना जाता था, लेकिन समय के साथ इस खेल का दायरा बढ़ा है और बड़ी संख्या में नए खिलाड़ी इससे जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी गोल्फ की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। राज्य सरकार गोल्फ को प्रोत्साहित करने, इसके लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार और प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं के आयोजन में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

    खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ प्रतिभाओं को मिल रहे नए अवसर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रदेश की पहचान से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल भव्य क्रिकेट स्टेडियम मौजूद है और विभिन्न खेल विधाओं के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन लगातार हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को बजट में शामिल किया है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के आगे बढ़ने में संसाधनों और अवसरों की कमी बाधा नहीं बनेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में खेलों के प्रति व्यापक वातावरण तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में नेशनल ट्राइबल गेम्स का सफल आयोजन हुआ, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 2500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसी प्रकार बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजनों ने दूरस्थ अंचलों के हजारों बच्चों और युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच प्रदान किया है।

    बस्तर में शांति और विकास के साथ युवाओं के सपनों को मिल रही नई उड़ान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। आज बस्तर शांति, विश्वास, विकास और नई संभावनाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक में युवाओं की व्यापक भागीदारी इस सकारात्मक बदलाव की सशक्त अभिव्यक्ति है। जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा और नक्सलवाद के कारण जाना जाता था, वहां आज खेल के मैदानों में युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और सपनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह बदलते बस्तर और बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में क्रिकेट, हॉकी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स सहित अनेक खेल विधाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े आयोजनों का सिलसिला प्रदेश की खेल यात्रा को एक नया आयाम प्रदान करेगा।

    गोल्फ के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को भी जानें – मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री साय ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे देश-विदेश के खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों को देखने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब यहां से लौटें तो अपने साथ केवल टूर्नामेंट की यादें ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोगों के आत्मीय आतिथ्य और यहां की खूबसूरत स्मृतियां भी लेकर जाएं।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को अनुपम सौंदर्य से समृद्ध किया है। बस्तर का प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, जिसे भारत का नियाग्रा भी कहा जाता है, सहित अनेक जलप्रपात, वन क्षेत्र और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसी तरह सरगुजा भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ियों, वनों और विशिष्ट संस्कृति के लिए जाना जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रतियोगिता के साथ समय निकालकर छत्तीसगढ़ को करीब से जानने और यहां के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन से जुड़े सभी प्रायोजकों, प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए प्रतियोगिता की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    हर वर्ष छत्तीसगढ़ में हो गोल्फ का बड़ा टूर्नामेंट : कपिल देव

    प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं 1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कपिल देव ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े प्रोफेशनल आयोजन किसी भी प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    कपिल देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गोल्फ के साथ-साथ अन्य खेलों के विकास की भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि इस प्रतिष्ठित गोल्फ प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ में प्रत्येक वर्ष हो और आने वाले वर्षों की तारीखें पहले से निर्धारित की जाएं। इससे देश-विदेश के प्रोफेशनल खिलाड़ी अपने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कैलेंडर के अनुरूप छत्तीसगढ़ आने की योजना बना सकेंगे।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का वातावरण गोल्फ के लिए बेहद अनुकूल है और यहां खिलाड़ियों को मिल रहा आत्मीय आतिथ्य इसकी एक विशेष पहचान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार आज दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता गोल्फ के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में जाने जाते हैं, उसी तरह आने वाले समय में छत्तीसगढ़ भी देश के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

    कपिल देव ने खेलों के प्रति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सकारात्मक सोच की सराहना करते हुए गोल्फ जैसे खेल को प्रोत्साहित करने और बड़े प्रोफेशनल टूर्नामेंट के आयोजन को सहयोग देने के लिए उनका विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

    पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप चहल ने कहा कि प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम जब भी छत्तीसगढ़ आती है, यहां उसका आत्मीय और भव्य स्वागत होता है। छत्तीसगढ़ में खेलने वाले खिलाड़ी यहां के वातावरण, गोल्फ कोर्स और व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर दोबारा यहां आकर खेलने की इच्छा व्यक्त करते हैं।छत्तीसगढ़ को अब पर्यटन और अन्य खेलों के साथ-साथ एक उभरते हुए गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचाना जाने लगा है।

    उल्लेखनीय है कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ का आयोजन न केवल देश-विदेश के शीर्ष खिलाड़ियों को एक प्रतिष्ठित प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध करा रहा है, बल्कि नवा रायपुर और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय गोल्फ मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। राज्य में लगातार हो रहे बड़े खेल आयोजन, विकसित होती खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के लिए तैयार हो रहे नए अवसर छत्तीसगढ़ को आने वाले समय में देश के प्रमुख स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

  • CGPSC घोटाले में ED का खुलासा, 66.64 लाख के लेन-देन का दावा; मैरिज पैलेस में प्रश्नपत्र बांटने का आरोप

    CGPSC घोटाले में ED का खुलासा, 66.64 लाख के लेन-देन का दावा; मैरिज पैलेस में प्रश्नपत्र बांटने का आरोप

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) पेपर लीक मामले में पूर्व CM भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया गया था। ED ने चेतन बोरघारिया से पूछताछ की है। ED के अनुसार चेतन के बैंक खाते में 170 ट्रांजेक्शन के जरिए 66.64 लाख कैश जमा हुए। चेतन बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कई वित्तीय लेन-देन भी सामने आए हैं।

    ED के मुताबिक, CGPSC परीक्षा 2021 में कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था। प्रिलिम्स एग्जाम से पहले रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र बांटा गया। इसके बाद बरनवापारा अभयारण्य के एक रिसॉर्ट में ठहराकर मुख्य परीक्षा के लीक प्रश्नपत्र के आधार पर कथित तौर पर कोचिंग दी गई।

    3 करोड़ से ज्यादा की अवैध रकम लेने का आरोप
    ED की जांच के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2021 के अलग-अलग अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की कथित अवैध रकम जुटाई।

    आरोप है कि अभ्यर्थियों को पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और उनका चयन कराने का भरोसा दिया गया था। इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में अपने कथित संपर्क और प्रभाव का इस्तेमाल करने की बात कही गई।

    जांच में यह भी सामने आया कि ऐसे आश्वासनों के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD रहे चेतन बोरघरिया के नाम और उनके आधिकारिक पद का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया।

    मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में बातचीत सामने आई
    ED के मुताबिक, जब्त डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच में चेतन बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई बातचीत सामने आई। इनमें वित्तीय लेन-देन और रकम वापस करने या भुगतान की मांग से संबंधित बातचीत भी शामिल थी।

    जांच में M/s Figurecave E-Com (OPC) Private Limited से जुड़े कई वित्तीय लेन-देन भी सामने आए हैं। ED को संदेह है कि इस कंपनी का इस्तेमाल रकम को अलग-अलग स्तर पर घुमाने और फंड की लेयरिंग के लिए किया गया।

    11 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी
    ED ने कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग लेन-देन और PMLA के तहत दर्ज बयानों से चेतन बोरघरिया की अपराध से अर्जित रकम से जुड़े कामों में कथित संलिप्तता सामने आई है। इनमें रकम हासिल करना, अपने कब्जे में रखना, छिपाना और उसका इस्तेमाल करना शामिल है।

    इसके आधार पर चेतन बोरघरिया को PMLA की धारा 19 के तहत 11 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। ED के अनुसार, चेतन बोरघरिया वर्तमान में बलरामपुर-रामानुजगंज में अतिरिक्त कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं।

    जानिए क्या है CGPSC घोटाला
    यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।

    इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।

    वसूली गई रकम कहां से आई, जांच जारी
    इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।

    एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।

  • एक साथ तीन मौसमी सिस्टम एक्टिव, छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी; रायपुर में 33°C तक चढ़ेगा पारा

    एक साथ तीन मौसमी सिस्टम एक्टिव, छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी; रायपुर में 33°C तक चढ़ेगा पारा

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर फिलहाल बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके पीछे एक साथ तीन मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। मानसून ट्रफ, कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ी ट्रफ और बंगाल की खाड़ी के पास बना चक्रवाती घेरा प्रदेश में नमी पहुंचा रहे हैं। इन्हीं मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

    पिछले 24 घंटे में कई जगह बारिश
    पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान माना में सबसे अधिक 33.2°C अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 20°C दर्ज हुआ।

    रायपुर में बादल और बारिश के आसार
    राजधानी रायपुर में 15 सितंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।रायपुर में आज अधिकतम तापमान करीब 33°C और न्यूनतम तापमान करीब 25°C रहने का अनुमान है।

    82 दिन पहले छत्तीसगढ़ पहुंचा था मानसून
    छत्तीसगढ़ में मानसून को आए 82 दिन हो चुके हैं। 23 जून को दंतेवाड़ा के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करने के बाद से अब तक अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 12 सितंबर तक प्रदेश में 1001 मिमी बारिश हो चुकी है। यह इस अवधि के औसत 1041.1 मिमी से करीब 4% कम है।

    46 जलाशयों में 91% से ज्यादा औसत जलभराव
    लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। 46 प्रमुख और मध्यम जलाशयों में औसत जलभराव 91.10% तक पहुंच गया है।

    7 जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं।

    18 जलाशयों में 90% से ज्यादा पानी है।

    कई जलाशयों का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी की निकासी करनी पड़ी है।

    धमतरी के रविशंकर सागर समेत कई जलाशयों के गेट खोले गए हैं।

    इससे साफ है कि प्रदेश में मानसून के दौरान हुई बारिश ने जलाशयों की स्थिति मजबूत की है।

    अगले दो दिन मौसम का हाल
    अगले दो दिनों में छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए विशेषकर खुले क्षेत्रों और खेतों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

    46 जलाशयों में 90 फीसदी से ज्यादा पानी
    मानसून को प्रदेश में पहुंचे 82 दिन हो चुके हैं। 23 जून को दंतेवाड़ा के रास्ते दाखिल हुए मानसून से अब तक अच्छी बारिश हुई। 12 सितंबर तक प्रदेश में 1001 मिमी पानी बरस चुका है। यह इस अवधि के औसत 1041.1 मिमी से केवल 4% कम है।

    लगातार बारिश से बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। प्रदेश के 46 प्रमुख और मध्यम जलाशयों में औसत जलभराव 91.10% पहुंच गया है। इनमें सात जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि 18 अन्य में 90% से ज्यादा पानी है। धमतरी के रविशंकर सागर समेत कई जलाशयों के गेट खोलने पड़े हैं।

     

  • तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर मीरा के पसरे पहुंचे CM साय, योजनाओं का पूछा हाल और खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’

    तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर मीरा के पसरे पहुंचे CM साय, योजनाओं का पूछा हाल और खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’

    सड़क किनारे पसरे पर अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मीरा के पसरे से खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’

    तेलीबांधा मरीन ड्राइव में मिट्टी के दीये बेच रही मीरा  से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय बातचीत, एक हजार रुपए देकर किया उसके श्रम और स्वावलंबन का सम्मान

    मुख्यमंत्री ने पूछा – सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है? मीरा ने बताया – जनधन खाता खुला है, महतारी वंदन योजना की राशि भी मिल रही

    ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं खरीदा मिट्टी का दीया, सेवा और जनभागीदारी के संकल्प से जुड़ने का किया आह्वान

    स्थानीय श्रम और स्वावलंबन के सम्मान का संदेश दे गया मुख्यमंत्री का सहज अंदाज

    रायपुर 
    राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे पसरा लगाकर मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए आज का दिन अचानक बेहद खास बन गया। रोज की तरह वह अपने छोटे से पसरे पर दीये सजाकर ग्राहकों की प्रतीक्षा कर रही थी। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक उसके पसरे के पास जाकर रुक गया। 

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीरा के पसरे पर रखे मिट्टी के दीयों को देखा और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए वहीं से एक दीया खरीदा। मुख्यमंत्री ने महिला को एक हजार रुपए प्रदान किए। मुख्यमंत्री का यह सहज भाव स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय के माध्यम से आजीविका अर्जित करने वाली मीरा के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान का सुंदर संदेश भी दे गया।

    मुख्यमंत्री का सड़क किनारे लगे छोटे से पसरे पर अचानक पहुंचना आसपास मौजूद लोगों के लिए भी सुखद आश्चर्य का अवसर बन गया। बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल पूछा। 

    बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री साय ने मीरा से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री के सवाल पर मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत उसका बैंक खाता खुल चुका है। उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उसे हर महीने एक हजार रुपए की राशि प्राप्त हो रही है।

    महिला के मुंह से योजनाओं का लाभ मिलने की बात सुनकर मुख्यमंत्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक सीधे पहुंचे, उसे संबल दे और उसके जीवन को बेहतर बनाने में सहायक बने। शासन की प्राथमिकता यही है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी सहजता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जनधन योजना ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार तैयार किया है। बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के कारण आज विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रही है।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि उनके छोटे-बड़े दैनिक खर्चों में सहयोग देने के साथ उनमें आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है। 

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता हों, कुम्हार हों, शिल्पकार हों अथवा स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली हमारी माताएं और बहनें – इन सभी के परिश्रम में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति निहित है। अपने हुनर और मेहनत से आजीविका अर्जित करने वाले ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल किसी वस्तु की खरीद नहीं है। उसके पीछे किसी परिवार का श्रम, किसी कारीगर का हुनर और किसी छोटे व्यवसायी के आत्मसम्मान से जुड़ी आजीविका होती है। जब हम स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदते हैं तो हमारे इस छोटे से प्रयास से उनके परिवार और उनकी आजीविका को संबल मिलता है।

    सेवा और जनभागीदारी का प्रतीक बनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

    मुख्यमंत्री साय द्वारा मीरा से खरीदा गया मिट्टी का यह दीया ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। मिट्टी का एक छोटा-सा दीया जब जलता है तो अपने आसपास के अंधकार को दूर करता है। इसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति जब सेवा का एक छोटा-सा संकल्प लेकर आगे बढ़ता है तो सामूहिक प्रयास से बड़े और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है।

    उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी भावना को अभिव्यक्त करता है। यह सेवा और विकास के प्रति हमारे संकल्प तथा जनभागीदारी के सामर्थ्य का प्रतीक है। प्रदेश के नागरिक जब इस भावना से जुड़ेंगे तो सेवा का यह संकल्प घर-घर और जन-जन तक पहुंचेगा।

    सेवा को जन-जन का संकल्प बनाने का अभियान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को जनभागीदारी के माध्यम से और मजबूत करने का अवसर है।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा संकल्प अभियान से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ें। अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता के कार्यों में सहभागी बनें, पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं, जरूरतमंदों की सहायता करें और अपनी क्षमता के अनुरूप जनसेवा का कोई न कोई संकल्प अवश्य लें।

    उन्होंने कहा कि सेवा का कोई कार्य छोटा नहीं होता। किसी जरूरतमंद की सहायता, अपने आसपास स्वच्छता, एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, स्थानीय कारीगर से कोई वस्तु खरीदना अथवा समाज के हित में किया गया छोटा-सा प्रयास भी जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

    एक छोटे से दीये में समाया बड़ा संदेश

    तेलीबांधा मरीन ड्राइव के सड़क किनारे लगे एक छोटे से पसरे से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा खरीदा गया मिट्टी का यह दीया कई मायनों में खास बन गया। इसमें एक ओर मेहनत से आजीविका अर्जित कर रही महिला के श्रम और स्वावलंबन का सम्मान जुड़ा, तो दूसरी ओर सहज बातचीत में जनधन और महतारी वंदन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच भी सामने आई। इसके साथ ही यही दीया अब ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा।

    इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

  • सेवा संकल्प अभियान को लेकर प्रदेश में उत्साह, जगह-जगह होंगे जनसेवा के आयोजन

    सेवा संकल्प अभियान को लेकर प्रदेश में उत्साह, जगह-जगह होंगे जनसेवा के आयोजन

    विशेष लेख 
    सेवा संकल्प अभियान

    प्रदेशभर में होंगे जनसेवा के कार्यक्रम

    रायपुर                       

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक महीने का देशव्यापी अभियान है। इसका मकसद मोदी के सेवा और विकास से जुड़े कामों को लोगों तक पहुंचाने के साथ जनसेवा के कार्यक्रमों को बढ़ाना है। इन कार्यक्रमों में रक्तदान शिविर, सफाई अभियान, स्कूलों में प्रतियोगिताएं आदि शामिल हैं।

                 इस अभियान का उद्देश्य जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करना, विकसित भारत 2047 का सामूहिक संकल्प लेना, केन्द्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाना तथा प्रत्येक परिवार की सहभागिता के साथ व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

               ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में) निरंतर जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यकाल के सम्मान में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला एक राष्ट्रव्यापी अभियान है।  सेवा गतिविधियां में नागरिकों को रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य परीक्षण, जल संरक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसी 25 सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। श्रमदान के रूप में नागरिकों से कम से कम 25 मिनट श्रमदान करने की अपील की गई है, जिसकी फोटो या वीडियो माई भारत पोर्टल पर अपलोड करने पर डिजिटल प्रमाण-पत्र मिलेगा। 

                    विशेष कार्यक्रम के रूप में 17 सितम्बर 2026 को आशीर्वाद का दीया, नमो सेवा गाथा के तहत  संभागीय मुख्यालय रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर (सरगुजा), और जगदलपुर (बस्तर), के आडिटोरियम में संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन से समन्वय कर प्रस्तावित तिथि अनुसार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। नमो सेवा गाथा अंतर्गत नुक्कड नाटक, नृत्य नाटिका जिले केस्थानीय कलाकार के माध्यम से सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा। सेवा सेतु अभियान (विकासखंडों में बहुउद्देशीय शिविर) और सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज जैसी अभिनव गतिविधियां आयोजित होंगी।

              इन गतिविधियों का संचालन शासकीय विभागों के साथ-साथ नागरिकों तथा सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से भी किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में सभी आयु वर्ग की महिलायें, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रतिष्ठित व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों, स्वैच्छिक संगठन, शैक्षणिक संस्थाएँ, स्वयं-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं एवं आम नागरिकों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।

    कब से कब तक चलेगा अभियान

          यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। 17 सितंबर को पीएम मोदी का जन्मदिन है, जबकि 7 अक्टूबर को उनके सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होंगे। 17 अक्टूबर 2026 को अभियान का समापन बड़े कार्यक्रम के साथ किया जाएगा। 

    प्रदेशभर में होंगे सेवा कार्यक्रम

         अभियान के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच स्कूल और कॉलेजों में ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिता सभी सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों में आयोजित  किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किये गए सेवा कार्यो और विकसित भारत की संकल्पना पर जानकारी दी जाएगी और ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा रक्तदान शिविर, सफाई अभियान, प्रदर्शनियां, सेमिनार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जागरूकता गतिविधियां होंगी। ब्लॉक स्तर पर ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में मदद दी जाएगी।

    आंगन का उत्सव’ में पोषण और महिला-बाल कल्याण पर जोर

                 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों को दी जाएगी। कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उनका सम्मान भी किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

    कहानी बदलाव की’में सामने आएंगी सफलता की वास्तविक कहानियां

               अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियों का संकलन किया जाएगा। इन कहानियों के माध्यम से यह बताया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का प्रभाव किस तरह आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। हितग्राहियों की सफलता की कहानियां अन्य पात्र नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।

    ‘विकसित भारत’ पर रहेगा जोर

            स्कूलों में विकसित भारत 2047 विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। ‘नमो सेवा’ के तहत नुक्कड़ नाटक और आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन मिलन सेवा’ जैसे कार्यक्रम भी रखे गए हैं। पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यो में, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं और देश में आए बदलावों की कहानी को एक सरल, भावनात्मक और संगीतपूर्ण नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से गाँव – गाँव तक पहुंचाया जाएगा। यह कार्य प्रदेशभर के स्कूलों, कॉलेजों, पंचायत, सामुदायिक केंद्र एवं अन्य सार्वजानिक स्थलों पर आयोजित किया जाएगा ।

    50 बदलाव वाले स्थानों का दौरा

           ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत करीब 50 ऐसे स्थान चुने जाएंगे, जिन्हें बीजेपी मोदी सरकार के दौर में हुए बदलाव का उदाहरण मानती है। इनमें गुजरात की GIFT City और बस्तर जैसे स्थान शामिल हैं। सोशल मीडिया क्रिएटर्स को भी इन जगहों पर ले जाने की योजना है।

    17 अक्टूबर को बड़ा समापन

         अभियान के अंतिम दिन ‘जनसेवक महाकुंभ’ में पंचायत से संसद तक के करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की योजना है। इस दौरान सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ की सभी छह कड़ियां गाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

    धनंजय राठौर
    संयुक्त संचालक, (जनसंपर्क) रायपुर

                               

  • उत्सव में दिखे सामाजिक सरोकार, DJ के शोर और अव्यवस्था से बचने की अपील

    उत्सव में दिखे सामाजिक सरोकार, DJ के शोर और अव्यवस्था से बचने की अपील

    डी जे के शोर और अव्यवस्था से मुक्त हों त्यौहार. डॉ दिनेश मिश्र
     
    उत्सव का महत्व डी जे से नहीं सामाजिक उपयोगिता से तय हो

    बिलासपुर/रायपुर
    पिछले वर्ष  महाराष्ट्र के सोलापुर और इस वर्ष पूना में आम नागरिकों के गणेशोत्सव में डी जे, कोलाहल, से मुक्त करने के लिए पहल की , जिसमें से सोलापुर तो पिछले वर्ष से ही डीजे मुक्त हो चुका है और इस वर्ष पूना में यह आवाज उठी  है. जबकि गणेशोत्सव की परंपरा करीब  125 वर्ष पहले लोकमान्य तिलक के नेतृत्व में महाराष्ट्र से ही आरंभ हुई थी ताकि लोगों में एकता बने, एक दूसरे के साथ मिलकर दुख सुख बाँटे.  अंध श्रद्धा उन्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्रा ने उक्त अपील जारी करते हुए कहा कि 
    सांस्कृतिक कार्यक्रम,  साहित्यिक प्रतियोगिताएं, कवि सम्मेलन, जैसे कार्यक्रम के बदले  अब उत्सव का स्वरूप प्रति वर्ष बदलता हुआ नजर आ रहा है , जिसमें आस्था के नाम परशोरशराबे, फिल्मी गानों, मनमानी पूर्ण रोकटोक, हावी होने लगी है. क्या रायपुर बल्कि कहा जाए पूरे देश के नागरिकों को अपने इन उत्सवों की गरिमा, महत्व के सम्बन्ध में सोचने की आवश्यकता है. प्रशासन, नगरनिगम, पुलिस व्यवस्था बनाने  का प्रयास करते है ,पर जनसमर्थन के बिना वे भी सफल नहीं हो पाते.
    हमारे त्योहार , की पहचान ,शोर, शराबे और दिखावे से नहीं,  आस्था व संस्कारों से है. गणेशोत्सव हमारी धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण पर्व है। गणेश जी बुद्धि, विवेक, ज्ञान और शुभारंभ के प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए गणेशोत्सव केवल पूजा और मनोरंजन का अवसर नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक संदेश देने का माध्यम भी होना चाहिए।

    लेकिन आज सार्वजनिक उत्सवों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। भक्ति और सामाजिक सहभागिता के स्थान पर कई बार तेज आवाज में डीजे, अत्यधिक शोर, चकाचौंध, दिखावा और अनावश्यक प्रतिस्पर्धा उत्सव का प्रमुख हिस्सा बन जाते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि जिस त्योहार से आनंद और शांति मिलनी चाहिए, वही आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है।

    गणेशोत्सव का अर्थ तेज आवाज में डीजे बजाना नहीं है।हमें यह विचार करना होगा कि क्या हमारी आस्था इतनी कमजोर है कि उसे व्यक्त करने के लिए अत्यधिक शोर आवश्यक हो? क्या भक्ति की गहराई डीजे की आवाज से निर्धारित होगी?निश्चित रूप से नहीं।

    डीजे का बढ़ता शोर और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है .आज सार्वजनिक आयोजनों में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाना आम होता जा रहा है। इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, विद्यार्थियों, बीमार व्यक्तियों और उन लोगों पर पड़ता है जिन्हें सुबह जल्दी अपने काम पर जाना होता है।

    अत्यधिक ध्वनि वातावरण में बेचैनी, चिड़चिड़ापन, तनाव, नींद में बाधा और एकाग्रता में कमी जैसी परेशानियां बढ़ा सकती है। लंबे समय तक अत्यधिक शोर स्वास्थ्य के लिए भी उचित नहीं माना जाता।
    एक चिकित्सक के रूप में मेरा मानना है कि सार्वजनिक उत्सवों में स्वास्थ्य और नागरिक सुविधा का ध्यान रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।जिस उत्सव के  कोलाहल से किसी बीमार व्यक्ति की परेशानी बढ़े, किसी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित हो या किसी बुजुर्ग की नींद खराब हो, उसके स्वरूप पर हमें गंभीरता से विचार करना चाहिए।

    न्यायालय के निर्देशों का सम्मान जरूरी

    ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े मामलों में उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने समय-समय पर ध्वनि की सीमा, समय और नागरिकों के अधिकारों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

    त्योहार मनाने की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन किसी की स्वतंत्रता दूसरे व्यक्ति के शांतिपूर्ण जीवन के अधिकार को प्रभावित नहीं कर सकती।

    इसलिए धार्मिक आयोजनों में भी निर्धारित नियमों का पालन होना चाहिए।कानून का पालन करना आस्था के विरुद्ध नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक होने का प्रमाण है।

    सड़कें जाम नहीं, व्यवस्था चाहिए .सार्वजनिक गणेशोत्सव के दौरान एक और गंभीर समस्या सड़कों पर पंडाल और अन्य व्यवस्थाओं के कारण होने वाला अतिक्रमण तथा यातायात अव्यवस्था है।

    कई स्थानों पर सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाने से यातायात बाधित होता है और जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसी स्थिति में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी परेशानी हो सकती है।

    उत्सव सार्वजनिक स्थान पर हो तो सार्वजनिक जिम्मेदारी भी साथ होनी चाहिए।पंडाल लगाने से पहले यातायात, पैदल यात्रियों और आपातकालीन सेवाओं के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    लेजर की तेज रोशनी भी परेशानी का कारण है.आज सजावट के नाम पर अत्यधिक तेज और चमकदार लाइटों का उपयोग बढ़ गया है। आकर्षक सजावट अच्छी बात है, लेकिन वह सुरक्षित और मर्यादित भी होनी चाहिए।अत्यधिक चमकदार रोशनी से आसपास के लोगों को असुविधा हो सकती है और वाहन चालकों का ध्यान भी प्रभावित हो सकता है। 
    पिछले ही वर्ष मेरे पास एक मरीज आया था जिसकी आँखों में लेसर लाइट के प्रभाव से रक्तस्राव हो गया था, इसके पहले भी अलग अलग स्थानों से हार्ट फेल होने , साँस रुकने के अनेक मामले आए हैं .उत्सव की सुंदरता ऐसी हो जो आंखों को सुख दे, परेशानी नहीं।

    हमारी पुरानी परंपराओं में सामाजिकता थीछत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं में सामूहिकता और आपसी संवाद का विशेष महत्व रहा है। पहले सार्वजनिक अवसरों पर लोग एक-दूसरे के घर और कार्यक्रमों में बैठते थे, बातचीत करते थे और सामाजिक संबंध मजबूत करते थे।

    रायपुर के अनेक गणेशोत्सव के पंडालों में पान-सुपारी खिलाने का कार्यकम की परंपरा केवल खान-पान से जुड़ी नहीं थी, बल्कि उसमें अपनापन और संवाद का भाव भी था। लोग बैठते थे, बातचीत करते थे और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनते थे।

    आज जब समाज में संवाद का समय कम होता जा रहा है, तब सार्वजनिक उत्सवों को लोगों को जोड़ने का माध्यम बनाया जाना चाहिए।

    साहित्य और संस्कृति को मिले मंच.गणेशोत्सव में साहित्यिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकती हैं।

    निबंध लेखन, भाषण, कविता पाठ, वाद-विवाद, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया जा सकता है।

    गणेश जी बुद्धि और ज्ञान के प्रतीक हैं। इसलिए गणेशोत्सव में ज्ञान आधारित कार्यक्रमों को विशेष स्थान मिलना चाहिए।

    खेलकूद से स्वस्थ समाजगणेशोत्सव के दौरान कबड्डी, खो-खो, दौड़, शतरंज, कैरम, बैडमिंटन तथा अन्य खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकती हैं।.इससे बच्चों और युवाओं को मोबाइल और स्क्रीन से कुछ समय दूर रहकर मैदान से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

    डीजे कुछ घंटों का मनोरंजन देता है, लेकिन खेल जीवनभर के लिए अनुशासन, स्वास्थ्य और टीम भावना सिखा सकता है।

    फिल्मी फूहड़ता नहीं, संस्कृति की प्रस्तुति होधार्मिक उत्सवों में मनोरंजन का स्थान अवश्य है, लेकिन उसकी अपनी मर्यादा होनी चाहिए।
    फिल्मी गानों पर आधारित फूहड़ या अशोभनीय प्रस्तुतियों के बजाय भजन, लोकगीत, लोकनृत्य, नाटक, देशभक्ति कार्यक्रम और सामाजिक संदेश देने वाली प्रस्तुतियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

    छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और लोकसंस्कृति नाचा , पंडवानी को मंच मिलना चाहिए।हमारे त्योहार हमारी संस्कृति को मजबूत करने का अवसर हैं—उन्हें केवल मनोरंजन का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए।

    गणेशोत्सव सामाजिक जागरूकता का अभियान बनेगणेशोत्सव के मंच से भी समाज के लिए महत्वपूर्ण संदेश भी दिए जा सकते हैं 

    – नशामुक्ति,सड़क सुरक्षा,स्वच्छतापर्यावरण संरक्षण,वृक्षारोपण,जल संरक्षण,रक्तदा- नेत्रदान,शिक्षा,बालिका शिक्ष,स्वास्थ्य जागरूकता,अंधविश्वास के विरुद्ध वैज्ञानिक दृष्टिकोण

    यदि प्रत्येक गणेश पंडाल प्रतिदिन समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश दे, तो हजारों लोगों तक जागरूकता पहुंच सकती है।

    आस्था रहे, लेकिन दूसरों की शांति भी रहे यह उत्सव की गरिमा और धार्मिक भावना को बनाए रखने का प्रयास बनाया जाए.

     धार्मिक उत्सव में पूजा  अर्चना करें, आरती करें, भजन गाएं, प्रसाद बांटें, सांस्कृतिक कार्यक्रम करें और लोगों को जोड़ें—लेकिन साथ ही यह भी ध्यान रखें कि हमारे उत्सव से किसी अन्य व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी न हो।
     सोचने की बात यह है कि मेरी आस्था मेरे लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन दूसरे व्यक्ति की शांति और स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

  • 100 फीट के भव्य पंडाल में विराजे कचहरी चौक के राजा, पार्वती-परमेश्वर के साथ बालाजी-जगन्नाथ भी देंगे दर्शन

    100 फीट के भव्य पंडाल में विराजे कचहरी चौक के राजा, पार्वती-परमेश्वर के साथ बालाजी-जगन्नाथ भी देंगे दर्शन

    जांजगीर चांपा
     गणेश चतुर्थी के दिन घर घर बप्पा का आगमन हो गया है. पंडालों में भी गणेश जी विराजमान हो गए हैं. छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में कचहरी चौक पर भव्य गणेश पंडाल बनाया गया है. 100 फीट के इस गणेश पंडाल में सोमवार को 20 फीट के गणपति बप्पा विराजमान हुए. गणेश जी की स्थापना विधि विधान से की गई। 

    क्यों खास है कचहरी चौक का गणेश पंडाल
    जिला मुख्यालय के कचहरी चौक पर इस बार तिरुपति बालाजी मंदिर के तर्ज पर पंडाल बनाया गया है. पंडाल 100 फीट ऊंचा और 80 फीट चौड़ा है. इस पंडाल को कोलकाता से आए कारीगरों ने दिनरात की मेहनत से बनाया है. पंडाल को खूबसूरत झालरों से सजाया गया है।

        समिति पिछले 18 साल से गणेश उत्सव मना रही है. तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया गया है -अवि सिंह, सदस्य, गणेश उत्सव समिति 

    मां पार्वती और पिता शंकर के साथ 20 फीट के गणपति
    कचहरी चौक के राजा के रूप में भगवान गणेश की लगभग 20 फीट की प्रतिमा स्थापित की गई है. भगवान गणेश के साथ मां पार्वती और भगवान शंकर भी है. इसके अलावा तिरुपति बालाजी, भगवान जगन्नाथ के दर्शन भी श्रद्धालुओं को मिलेंगे. भटगांव के कलाकारों ने सभी प्रतिमाओं को तैयार किया है. कलाकारों ने सभी मूर्तियां मिट्टी से बनाई है. साथ ही जल प्रदूषण करने वाले कैमिकल रंगों का भी उपयोग नहीं किया है। 

        कचहरी चौक के गणेश को देखने को लेकर लोगों में काफी उत्साह है. लोग बढ़चढ़ कर भगवान गणपति के दर्शन करने पहुंच रहे हैं. समिति के कार्यकर्ताओं में भी काफी उत्साह है-भूपेंद्र नेमी, सदस्य, गणेश उत्सव समिति 

    गणेश पंडाल में कोलकाता का लाइट एंड साउंड शो
    जांजगीर चांपा गणेश उत्सव समिति हर साल कुछ नया कर लोगों को आकर्षक झांकी दिखाने का प्रयास करती है. इस बार आकर्षक पंडाल के साथ ही कोलकाता का लाइट एंड साउंड शो विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो आज से शुरू होगा। 

  • कोई जरूरतमंद परिवार आवास से वंचित न रहे, सम्मानजनक घर उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य: राजेश अग्रवाल

    कोई जरूरतमंद परिवार आवास से वंचित न रहे, सम्मानजनक घर उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य: राजेश अग्रवाल

    हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता: मंत्री राजेश अग्रवाल

    लखनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मिले पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

    17 सितंबर को आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर ‘सेवा संकल्प अभियान‘ में सहभागी बनने का किया आह्वान

    रायपुर, 
     सरगुजा दौरे के दौरान नगर पंचायत लखनपुर पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने हितग्राहियों से आवास निर्माण की स्थिति, योजना से मिले लाभ तथा आवास से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प का महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से अनेक परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिला है।
    मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के सम्मान, स्वाभिमान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया है, उससे देश के लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पक्का मकान मिलने से परिवारों को न केवल सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति नई उम्मीद भी मजबूत हुई है।

    उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र हितग्राहियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास योजना ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहना पड़े। 

    हितग्राहियों से चर्चा के दौरान मंत्री अग्रवाल ने उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और आवास निर्माण से संबंधित आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की।

    ‘सेवा संकल्प अभियान‘ से जुड़कर जनभागीदारी को मजबूत करने का आह्वान

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, जनकल्याण और जनभागीदारी के भाव को निरंतर मजबूती मिल रही है। सेवा संकल्प अभियान इसी भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

    उन्होंने हितग्राहियों से आग्रह किया कि 17 सितंबर की संध्या 7 बजे अपने-अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित करें और सेवा, समर्पण तथा जनभागीदारी के इस संकल्प से जुड़ें। उन्होंने कहा कि घरों में प्रज्ज्वलित होने वाला आशीर्वाद का दीया समाज में सेवा और सकारात्मकता का संदेश भी देगा।

    मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान‘ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री आवास योजना ने जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा और खुशहाली का प्रकाश फैलाया है, उसी तरह ‘आशीर्वाद का दीया‘ सेवा, विश्वास और संकल्प की भावना को घर-घर तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

    उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों सहित नागरिकों से अपील की कि वे 17 सितंबर को अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और अधिक से अधिक लोगों को इस जनभागीदारी से जोड़ें।

    इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों ने मंत्री अग्रवाल से अपने अनुभव साझा किए और योजना से मिले लाभ के संबंध में जानकारी दी। हितग्राहियों ने बताया कि पक्का आवास मिलने से उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की उम्मीद बढ़ी है। मंत्री अग्रवाल ने हितग्राहियों की बातों को सुना और शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से संबंधित सुझावों पर भी चर्चा की।

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और जनसेवा को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को पक्की छत देकर उनके जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव तभी तैयार होगी, जब प्रत्येक परिवार के पास सुरक्षित आवास, सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हों। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनभागीदारी को मजबूत करते हुए सेवा और सामाजिक सरोकारों की इस भावना को और व्यापक बनाया जा सकता है।

  • UCC को लेकर OP चौधरी ने गिनाईं मुस्लिम महिलाओं की मुश्किलें, कहा- समान कानून से परंपराएं रहेंगी सुरक्षित

    UCC को लेकर OP चौधरी ने गिनाईं मुस्लिम महिलाओं की मुश्किलें, कहा- समान कानून से परंपराएं रहेंगी सुरक्षित

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को 2029 तक भाजपा शासित राज्यों में लागू करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने यूसीसी को संविधान के अनुच्छेद 44 में वर्णित नीति निर्देशक तत्वों का हिस्सा बताते हुए इसे भाजपा के घोषित एजेंडे का हिस्सा बताया। इसके साथ ही उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन में विपक्षी दलों के कुछ मुख्यमंत्रियों के शामिल नहीं होने पर भी सवाल उठाए। भारत-चीन संबंधों और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सेना पीएलए की तैनाती में कमी की खबरों पर भी चौधरी ने केंद्र की कूटनीति की सराहना की।

    अमित शाह के बयान का किया समर्थन
    अमित शाह के 2029 तक भाजपा शासित प्रदेशों में समान नागरिक संहिता लागू करने के बयान पर ओपी चौधरी ने कहा कि शाह अपने संकल्पों को दृढ़ता से लागू करने के लिए जाने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने यूसीसी को अपने घोषित एजेंडे और चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के लिए समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास करने की बात कही गई है। यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत कानूनों में समानता की दिशा में आगे बढ़ना है।
    विपक्ष भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है

    उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूसीसी नहीं होने के कारण मुस्लिम समाज की महिलाओं को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने संपत्ति में अधिकार, तीन तलाक और बहुविवाह जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी वर्ग की महिलाओं को समान अधिकार मिलना जरूरी है। यूसीसी को लेकर आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति पर उठने वाली आशंकाओं को खारिज करते हुए ओपी चौधरी ने कहा कि विपक्षी ताकतों की ओर से इस संबंध में भ्रम और अफवाह फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।

    आदिवासी परंपरा को कोई नुकसान नहीं
    उन्होंने दावा किया कि समान नागरिक संहिता से आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति को कोई नुकसान नहीं होगा। आदिवासी समुदाय को इस मुद्दे पर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। भाजपा यूसीसी को एक प्रगतिशील और समान अधिकारों वाले समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती है। इसके माध्यम से महिलाओं को अधिक समान और उचित अधिकार देने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।