Category: छत्तीसगढ़

  • मुख्यमंत्री साय बोले – मिशन अमृत 2.0 से शहरों में बढ़ेगी हरियाली, नागरिकों को मिलेंगे बेहतर और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल

    मुख्यमंत्री साय बोले – मिशन अमृत 2.0 से शहरों में बढ़ेगी हरियाली, नागरिकों को मिलेंगे बेहतर और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में आधुनिक उद्यान विकसित किए जाएंगे। तीनों उद्यानों के निर्माण के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर और सुविधायुक्त जीवन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शहरों में ऐसे सार्वजनिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जहां हरियाली और स्वच्छ वातावरण के साथ बच्चों को खेलने, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को व्यायाम, पैदल भ्रमण और विश्राम की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। नए उद्यानों का विकास इसी सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के निर्देशन में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन उद्यानों का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में विकसित होने वाले इन उद्यानों में कुल 8,732 पौधे लगाए जाएंगे। व्यापक पौधरोपण के साथ ही नागरिकों की अलग-अलग आयु वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    उद्यानों में बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, युवाओं और अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, पैदल भ्रमण के लिए पाथवे, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान, प्रकाश व्यवस्था, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी।

    निर्माण के बाद उद्यानों के बेहतर रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद पांच वर्षों तक इन परिसरों का संचालन एवं संधारण चयनित निर्माण एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इससे उद्यानों में विकसित हरियाली, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित होगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों में अधोसंरचना के विस्तार के साथ पर्यावरण और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता का ध्यान रखना भी आवश्यक है। मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से विकसित किए जा रहे ये उद्यान केवल हरित क्षेत्र नहीं होंगे, बल्कि बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होंगे।

    उन्होंने कहा कि व्यापक पौधरोपण से इन परिसरों का हरित स्वरूप समृद्ध होगा। साथ ही ओपन जिम, पाथवे, खेल एवं विश्राम की सुविधाएं लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करेंगी। वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संवर्धन के प्रयासों को भी मजबूती देंगी।

    हरित और सुविधायुक्त शहरों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही सरकार : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
    उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और सुविधायुक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन परियोजनाओं से शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ने के साथ नागरिकों को मनोरंजन, व्यायाम और विश्राम के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

    उन्होंने कहा कि सरकार का विशेष जोर इस बात पर है कि निर्माण कार्य केवल अधोसंरचना तैयार करने तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लंबे समय तक बेहतर रख-रखाव भी सुनिश्चित हो। इसी उद्देश्य से इन उद्यानों के निर्माण के बाद पांच वर्षों तक चयनित एजेंसी द्वारा संचालन एवं संधारण की व्यवस्था की गई है। इससे विकसित सुविधाओं का लाभ नागरिकों को लंबे समय तक मिल सकेगा।

    अहिवारा में 2.07 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होगा उद्यान
    अहिवारा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-01 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर आधुनिक उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    उद्यान परिसर में करीब 2,115 पौधे लगाए जाएंगे। यहां सोलर लाइट की व्यवस्था के साथ बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, युवाओं एवं अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान तथा सुगम आवागमन के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो के निर्माण के साथ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।

    मुंगेली में 3.52 करोड़ रुपए से 3.08 एकड़ में विकसित होगा हरित परिसर
    मुंगेली नगर पालिका के पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 3 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तीनों परियोजनाओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ा उद्यान होगा। यहां लगभग 4,453 पौधों का रोपण किया जाएगा। बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, नागरिकों के लिए ओपन जिम और बैठने की सुविधा तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे विकसित किए जाएंगे। टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी बनाया जाएगा।

    कांकेर में 1.69 करोड़ रुपए से बनेगा आधुनिक उद्यान
    कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-09 श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। यहां करीब 2,164 पौधे लगाए जाएंगे। नागरिकों के बैठने एवं विश्राम के लिए निर्धारित स्थान, बच्चों के लिए प्ले-इक्वीपमेंट, स्वास्थ्य और व्यायाम के लिए ओपन जिम तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। उद्यान में सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो की सुविधा के साथ वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा।

    गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयसीमा  में पूरे किए जाएंगे कार्य
    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में हरित अधोसंरचना को मजबूत करने और नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्थल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में प्रस्तावित उद्यान इसी दिशा में विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्थानीय नागरिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

  • बस हादसे से मचा हड़कंप, एक की मौत और 20 यात्री घायल

    बस हादसे से मचा हड़कंप, एक की मौत और 20 यात्री घायल

    बालोद.

    छत्तीसगढ़ के बालोद में बेलगाम रफ्तार शनिवार को सुबह-सुबह दर्दनाक सड़क हादसे का कारण बन गई. यात्रियों से भरी बस करहीभदर के पास दुर्घटना का शिकार हो गई. एक युवक की मौत हो गई है. वहीं 20 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है.

    जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई बस डीआरडी की बताई जा रही है. बड़ी संख्या में आम यात्री सवार थे. शनिवार सुबह बस बालोद से धमतरी की ओर जा रही थी. इसी दौरान करहीभदर के पास बस अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो गई. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास से गुजर रहे लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. हादसे के बाद शव को बस से बाहर निकालने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी. बताया जा रहा है कि शव को बाहर निकालने में करीब एक घंटे का समय लगा. वहीं घायलों को तत्काल एंबुलेंस 108 की मदद से बालोद जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार कराया जा रहा है.

    हादसे के कारणों की जांच जारी
    फिलहाल हादसे की सूचना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. हादसा किस वजह से हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. शुरुआती तौर पर बस की तेज रफ्तार को हादसे की वजह बताया जा रहा है. हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. बालोद में सुबह-सुबह हुए इस सड़क हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मृतक की पहचान के साथ हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है.

  • रायगढ़ पंजीयन कार्यालय में नागरिक सुविधाओं का विस्तार, हेल्प डेस्क से डिजिटल पेमेंट तक नई व्यवस्था

    रायगढ़ पंजीयन कार्यालय में नागरिक सुविधाओं का विस्तार, हेल्प डेस्क से डिजिटल पेमेंट तक नई व्यवस्था

    सेवा संकल्प अभियान: नागरिक सुविधा का मॉडल बना रायगढ़ का पंजीयन कार्यालय

    हेल्प डेस्क से लेकर डिजिटल भुगतान तक, पूरी व्यवस्था हुई नागरिक-केंद्रित

    औसत प्रतीक्षा समय 15.33 मिनट, प्रतिदिन 64 नागरिकों को मिल रही सेवा

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से नागरिकों को मिल रही बेहतर पंजीयन सुविधा

    रायपुर, 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से रायगढ़ के पंजीयन कार्यालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल पंजीयन कार्यालय के रूप में विकसित किया गया है। सेवा संकल्प अभियान के तहत विकसित इस कार्यालय में पंजीयन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है। अब व्यवस्था का केंद्र कार्यालय की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिक की सुविधा और आवश्यकता को बनाया गया है।

    संपत्ति की रजिस्ट्री किसी भी व्यक्ति और परिवार के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसे ध्यान में रखते हुए पंजीयन कार्यालय में नागरिकों को अनावश्यक परेशानी और बार-बार कार्यालय आने की स्थिति से बचाने के लिए प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को व्यवस्थित किया गया है।

    प्रवेश से पंजीयन तक हर चरण में सुविधा

    कार्यालय में प्रवेश करते ही नागरिकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हेल्प डेस्क एवं रिसेप्शन की व्यवस्था की गई है। दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की सुविधा होने से कमियों की जानकारी प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही मिल जाती है। इससे अंतिम चरण में होने वाली परेशानी और अनावश्यक समय की बचत होती है। भीड़ और कतार की व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए टोकन आधारित कतार प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है।

    मुद्रांक शुल्क, पंजीयन शुल्क और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी बोर्ड एवं डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से प्रदर्शित की जा रही है। डिजिटल एवं कैशलेस भुगतान की सुविधा से लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ी है। मॉडल पंजीयन कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 64 नागरिक सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं, जबकि प्रतिदिन औसतन 16 दस्तावेजों का पंजीयन हो रहा है। नागरिकों का औसत प्रतीक्षा समय 15.33 मिनट दर्ज किया गया है। अब तक प्राप्त फीडबैक में 105 सकारात्मक नागरिक प्रतिक्रियाएं भी दर्ज की गई हैं।

    मॉडल पंजीयन कार्यालय में नागरिकों की पूरी प्रक्रिया को 9 चरणों में व्यवस्थित किया गया है। इसमें कार्यालय में प्रवेश, हेल्प डेस्क से मार्गदर्शन, दस्तावेजों का प्री-चेक, टोकन प्राप्त करना, व्यवस्थित प्रतीक्षा, निर्धारित पंजीयन प्रक्रिया, डिजिटल अथवा कैशलेस भुगतान, दस्तावेज एवं स्टेटस की जानकारी और कार्य पूर्ण होने के बाद सम्मानजनक निकास शामिल है।

    वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था

    नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वातानुकूलित प्रतीक्षालय, आरामदायक लाउंज, चार्जिंग स्टेशन, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता की व्यवस्था भी की गई है। नागरिक अपने अनुभव और सुझाव क्यूआर कोड के माध्यम से सीधे साझा कर सकते हैं।

    तकनीक के साथ कार्यसंस्कृति में भी बदलाव

    सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए कार्यालय में समर्पित सर्वर रूम और मजबूत आईटी अधोसंरचना विकसित की गई है। मॉडल पंजीयन कार्यालय की व्यवस्था केवल आधुनिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सरल प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को भी इसका हिस्सा बनाया गया है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने की दिशा में तथा वित्त मंत्री ओपी चौधरी की पहल से विकसित रायगढ़ का मॉडल पंजीयन कार्यालय इस बात का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है कि तकनीक, सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं और संवेदनशील कार्यसंस्कृति के माध्यम से सरकारी सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जा सकता है। यह व्यवस्था नागरिकों के समय का सम्मान करने और उन्हें बेहतर सेवा अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में सामने आई है।

  • प्रवेश प्रक्रिया खत्म, कॉलेजों की खाली सीटों पर अब नहीं होगा एडमिशन

    प्रवेश प्रक्रिया खत्म, कॉलेजों की खाली सीटों पर अब नहीं होगा एडमिशन

    राजनांदगांव.

    नए शिक्षा सत्र में कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। प्रवेश के लिए निर्धारित समय और काउंसलिंग के दौर के बाद भी जिन सीटों पर विद्यार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई, उनके इस सत्र में खाली रहने की स्थिति बन गई है। निजी महाविद्यालयों में भी सीटें नहीं भर पाई है।

    ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले में 25 से अधिक महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। राजनांदगांव जिला मुख्यालय में शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय से लेकर शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय कमला देवी महिला महाविद्यालय के साथ-साथ 6 से अधिक निजी महाविद्यालयों का भी संचालन किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े केंद्रों में महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। उसके बाद भी प्रवेश के समय सेट फूल नहीं हो पाई। निजी महाविद्यालयों में भी कई पाठ्यक्रमों की सीटें विद्यार्थियों का इंतजार करती रह गईं। कॉलेज प्रबंधन द्वारा प्रवेश के लिए प्रचार-प्रसार और विद्यार्थियों से संपर्क के प्रयास किए गए, लेकिन अपेक्षित संख्या में प्रवेश नहीं हो पाया। ऐसे में अब शेष विद्यार्थी प्राइवेट परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट कॉलेजों में निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब रिक्त सीटों की स्थिति स्पष्ट हो गई है।

    विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर देने के लिए अलग-अलग चरणों में प्रक्रिया चलाए जाने के बावजूद जो सीटें नहीं भर सकीं, उनके इस शैक्षणिक सत्र में रिक्त रहने की संभावना है। इससे कॉलेज प्रबंधन के सामने भी अगले सत्र में विद्यार्थियों को आकर्षित करने और पाठ्यक्रमों के प्रति रुचि बढ़ाने की चुनौती रहेगी। शासकीय कॉलेजों में भी सीटें रिक्त शासकीय महाविद्यालय भी खाली सीटों की समस्या से अछूते नहीं हैं। विशेष रूप से बीकॉम तथा बीएससी गणित और बायो जैसे पाठ्यक्रमों में कुछ सीटें रिक्त रह गई हैं। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी पसंद के विषय और पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी, जिसके कारण कुछ पाठ्यक्रमों में सीटें भर गईं तो कुछ में सीटें खाली रह गईं। यही स्थिति निजी महाविद्यालय में भी बनी हुई है।

  • राजनांदगांव बस स्टैंड में दुकानें लेने का मौका, जल्द होगी नीलामी

    राजनांदगांव बस स्टैंड में दुकानें लेने का मौका, जल्द होगी नीलामी

    राजनांदगांव.

    पांच करोड़ रुपए खर्च कर बनाए गए शहर के नया हाईटेक बस स्टैंड की दुकानों की नीलामी करने के साथ स्टैड की समस्याओं को ठीक किया जाएगा। दुकान खुलने के बाद चहल-पहल बढ़ने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा खत्म होगा, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।

    वर्तमान में हाईटेक बस स्टैंड की सुध नही लेने की वजह से यहां चारों ओर गंदगी का आलम है, वहीं नालियों में कचरा जाम होने के कारण बदबू भी उठ रही है। नया बस स्टैंड को संवारने में करोड़ों रूपए खर्च कर दिए गए। लेकिन इसके रखरखाव को लेकर ध्यान नही दिए जाने के चलते यहां गौठान बन गया है। बस स्टैंड में दिनभर भैंसे बैठी हुई मिल जाएगी। ये बस स्टैंड कम और तबेला ज्यादा दिखने लगा है। स्टैंड परिसर जहां यात्री के रूकने के लिए बिलिडंग बनाया गया वहां चारों ओर गोबर दिख रहा हैं। यहां की कुर्सी टूटी हुई है। वहीं कंट्रोल रूम में ताला लगा हुआ है। चारो और धूल से नया बस स्टैंड पटा हुआ है।

    जायजा लेने पर पाया गया कि यहां कई महिनो से सफाई तक नही की गई है। जिसके चलते यहां यात्री भी रूकना पसंद नहीं कर रहे है। परिसर के अंदर ही शौचालय का उपयोग हो रहा है। पंखे बंद, बिजली गायब, प्लास्टर उखड़ रही नया बस स्टैंड के भवन की उतरी छत पीयूपी पूरी तरह से उखड़ने लगी है। खिड़की की कांच टूटी हुई है। कई जरूरी रूम भी बनाए गए है, जिसमें ताला जड़ दिया गया है।

    यात्री की सुविधा के लिए बनाए गए कमरों का उपयोग ही नही किया जा रहा है। नालियां में गंदगी पटी हुई हैं। देखा गया कि बसों के आने और जाने के लिए डिजीटल बोर्ड लगाया गया था, जिसकी टाइमिंग यात्री जान सके। वह भी कई सालों से बंद हो चुका है।

  • भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप चोरी का खुलासा, दो डायरेक्टर गिरफ्तार

    भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप चोरी का खुलासा, दो डायरेक्टर गिरफ्तार

    दुर्ग.

    भिलाई इस्पात संयंत्र से स्क्रैप चोरी कर रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड रसमड़ा औद्योगिक संस्थान में खपाए जाने के संबंध में थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने दो डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। 26 मई को लोहा स्क्रैप अकलोरडीह खदान पर स्थित ए के ट्रेडर्स से भारी मात्रा में स्क्रैप बरामद हुआ था।

    इस मामले में विवेचना के दौरान पुलिस ने अब तक 19 आरोपियों की गिरफ्तारी की है और आगे विवेचना जारी है। इस प्रकरण में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारी तथा तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किए गए स्क्रैप को रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड रसमड़ा स्थित औद्योगिक संस्थान में खपाए जाने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग निवासी भाठागांव रायपुर थाना पुरानी बस्ती एवं डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह निवासी जुनवानी रोड स्मृति नगर थाना सुपेला को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इस प्रकरण में अब तक कुल 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

  • ‘विद्यार्थी देश सेवा कर रहे, हम रोटी के लिए तरस रहे’, पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्राध्यापकों का विरोध

    ‘विद्यार्थी देश सेवा कर रहे, हम रोटी के लिए तरस रहे’, पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्राध्यापकों का विरोध

    हमारे पढ़ाए विद्यार्थी देश सेवा कर रहे हैं पर हमें रोटी के लिए तरसा दिए

    पेंशन बंद कर देने से प्राध्यापक परेशान, अपना फैसला वापस ले 

    रायपुर/ बिलासपुर
    छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 सितम्बर 2026 को एक तुगलकी और दमनकारी आदेश जारी कर प्रदेश के अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों से सेवानिवृत हुए 400 से अधिक प्राध्यापकों और तृतीय व चतुर्थ कर्मचारियों की पेंशन अचानक बंद कर उनके समक्ष उनके जीवन-यापन, अपने इलाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है l 

    छत्तीसगढ़ अनुदानित अशासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार के 11 सितम्बर 2026 को जारी आदेश के अनुसार इन अनुदानित अशासकीय महाविधालयों में वर्तमान में कार्यरत प्राध्यापकों एवं तृतीय व चतुर्थ कर्मचारियों की पेंशन व ग्रेच्युटी की पात्रता व प्रावधान को अचानक सेवावधि के बीच में ही समाप्त कर दिया है l इससे वर्त्तमान में कार्यरत प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को सेवानिवृत होने पर जीवन-यापन की समस्याओं से जूझना होगा l 

    राज्य सरकार अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों व कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर पेंशन व ग्रेच्युटी का निरंतर भुगतान गत 37 वर्षों से करती आ रही है। 26 अक्टूबर 2010 को तत्कालीन मुख्य मंत्री डॉ रमन सिंह ने इन प्राध्यापकों व कर्मचारियों की मांग पर पांचवें वेतनमान में पेंशन तथा चौथे वेतनमान में ग्रेच्युटी देना आरम्भ किया। तब से सेवानिवृत प्राध्यापक व कर्मी पांचवें वेतनमान में निरंतर पेंशन प्राप्त करते रहे हैं । हालांकि पेंशनर्स की यह मांग थी कि शासकीय महाविद्यालयों के पेंशनर्स के समकक्ष जो जिस वेतनमान में सेवानिवृत हो रहा है, उसे उसी वेतनमान में पेंशन व ग्रेच्युटी प्रदान की जाए । 

    संघ के अध्यक्ष डी एन शर्मा व महासचिव।       ने बताया कि वेतनमान के अनुरूप पेंशन व ग्रेच्युटी के अधिकार को लेकर  उच्च न्यायालय में 80 से अधिक सेवानिवृत्त प्राध्यापकों द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर अलग अलग निर्णयों में राज्य सरकार को आदेश दिया कि जो प्राध्यापक जिस वेतनमान में सेवानिवृत हुआ है, उसे उसी वेतनमान में पेंशन तथा ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाए । इस निर्णय के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय (डबल बेंच) में दायर कई रिवीजन याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेना करने पर 50 से अधिक पेंशनभोगी प्राध्यापकों ने उच्च न्यायालय में राज्य सरकार के विरुद्ध ‘न्यायालय की अवमानना’ के कंटेंप्ट प्रकरण दायर किये हैं, जिन पर कार्यवाही लंबित है । हालाकि डॉ आर के उपाध्याय व डॉ सी के तिवारी के कंटेंप्ट प्रकरण पर उच्च न्यायालय के आदेश पर राज्य सरकार द्वारा उन्हें 6वें वेतनमान में ग्रेच्युटी का भुगतान कर, 6वें वेतनमान में पेंशन दी जा रही है, जो इस आदेश के बाद रोक दी गई है l स्थिति यह है कि गत दो माहों (जुलाई व अगस्त) की किसी भी पेंशनभोगी को पेंशन का भुगतान राज्य सरकार द्वारा अब तक नहीं किया गया है l    उच्च न्यायालय द्वारा पेंशनर्स के उपयुक्त वेतनमान में पेंशन देने के अधिकार को मान्य कर उनके हित में दिये गए आदेशों से क्षुब्ध होकर राज्य सरकार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी (विशेष पुनरीक्षण याचिका) दायर की थी; जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गईं हैं l पेंशनर्स को उनका हक नहीं देने के लिए राज्य सरकार ने 27 पेंशनर्स के मामले फिर से सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर कर दी है। 

    जब सरकार को लगा कि मा न्यायालयों से पेंशनर्स प्राध्यापकों को उनका अधिकार मिल जाएगा तो दमनकारी रवैया अपनाते हुए पांचवें वेतनमान में पेंशन तथा चौथे वेतनमान में ग्रेच्युटी प्रदान करने के डॉ रमन सिंह सरकार द्वारा जारी आदेश को विष्णुदेव साय सरकार ने 22 अगस्त 26 की मंत्रिमंडल की बैठक में पलटकर निरस्त कर दिया। इस निर्णय के अनुसरण में 1 सितंबर 2026 और 11 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर राज्य में अनुदानित अशासकीय महाविद्यालय के प्राध्यापकों और कर्मचारियों को मिल रही पेंशन 1 सितंबर 2026 से बंद कर दी है। यहाँ तक कि जुलाई व अगस्त माहों की पेंशन का भुगतान भी राज्य सरकार ने रोक दिया है । 

    विष्णुदेव साय सरकार के इस दमनकारी निर्णय से सेवानिवृत वृद्द प्राध्यापक व कर्मचारी गंभीर आर्थिक कठिनाइयों में आ गए हैं । बीपी, डायबिटीज, हार्ट रोगों, घुटनों के दर्द सहित उम्र जनित बीमारियों के चलते बुढ़ापे के दौर में पारिवारिक जिम्मेदारियां के निर्वाह के लिए पेंशन ही उनके जीवन का सहारा थी l  
    उक्त जानकारी देते हुए संघ ने मांग की है कि 
    हमारे राज्य सरकार से यह मांग है कि राज्य सरकार 1 सितंबर 2026 तथा 11 सितंबर 2026 के पेंशन व ग्रेच्युटी बंद करने के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले और सभी पेंशनर्स की पेंशन को यथावत लागू करें। जुलाई व अगस्त की पेंशन का भुगतान अति शीघ्र किया जाये ।वयोवृद्द व असहाय होते प्राध्यापकों और कर्मचारियों के प्रति सरकार की हठधर्मिता और भेदभाव व उत्पीडन वाले   उपेक्षापूर्ण रवैय्ये से हम सब प्राध्यापक हैरान व दुखी हैं। हम अत्यधिक वेदना और पीड़ा के साथ यह व्यक्त कर रहे हैं कि हम प्राध्यापकों ने प्रदेश की उच्च शिक्षा में उस समय से अपना महत्वपूर्ण योगदान देते आ रहे हैं जब अंचल/प्रदेश में गुणवत्तायुक्त उच्च शिक्षा के संस्थान बहुत ही कम थे; और फिर भी हम वर्तमान राज्य सरकार द्वारा पुरस्कारस्वरूप सताये जा रहे हैं। हमारे पढ़ाये हुए विद्यार्थी आईएएस, आईपीएस, वैज्ञानिक, न्यायाधीश,  मंत्री, विधायक, सांसद जैसे राजनेता व अन्य उच्च पदों आसीन हुए हैं। कई अंतर-राष्ट्रीय खिलाडी भी दिए हैं l

  • महंगाई के बीच दुर्ग नगर निगम का तोहफा, अब किफायती दाम में मिलेगी सब्जी की टोकरी

    महंगाई के बीच दुर्ग नगर निगम का तोहफा, अब किफायती दाम में मिलेगी सब्जी की टोकरी

    दुर्ग.

    नगर निगम दुर्ग द्वारा शहरवासियों को किफायती दरों पर ताजी, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण फल-सब्जियां उपलब्ध कराने की दिशा में एक अभिनव पहल की गई है। सेवा संकल्प अभियान के तहत रायपुर नाका स्थित वार्ड 21 के पंचरत्न गार्डन में ‘सब्जी की टोकरी’ केंद्र का शुभारंभ मेयर अलका बाघमार ने किया।

    महापौर ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निगम द्वारा जनहित में यह अभिनव पहल शुरू की गई है। सब्जी की टोकरी का उद्देश्य आमजन को उनके आसपास ही ताजी, स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती दरों पर फल-सब्जियां उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहरवासियों को बेहतर गुणवत्ता की ताजी सब्जियां एवं फल आसानी से उपलब्ध होंगे। निकट भविष्य में कीटनाशक एवं रसायन मुक्त फल- सब्जियां उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। निगम का उद्देश्य शहरवासियों को सुविधाजनक, स्वच्छ और व्यवस्थित बाजार की सुविधा उपलब्ध कराना है। पंचरत्न गार्डन, रायपुर नाका, वार्ड 21 में दोपहर 2 बजे से सुविधा उपलब्ध होगी। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य लीना दिनेश देवांगन, वार्ड पार्षद विद्यावती सिंह, अरुण सिंह, चंद्रिका चन्द्राकर, कुमुद बघेल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

    मेयर ने कहा कि सब्जी की टोकरी केवल फल-सब्जी उपलब्ध कराने की पहल नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का माध्यम भी है। प्रत्येक केंद्र पर दो महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि दुर्ग नगर निगम द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्मार्ट बनाने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। सब्जी की टोकरी भी इसी दिशा में एक जनहितकारी पहल है, जिसका लाभ शहरवासियों को सीधे मिलेगा। इससे नागरिकों को उचित एवं किफायती दरों पर ताजी सब्जियां और फल उपलब्ध होने के साथ ही स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

    नाना-नानी पार्क सहित 10 अन्य स्थान चिन्हित
    मेयर ने कहा कि नगर निगम द्वारा शहर के लगभग 10 विभिन्न स्थानों पर किफायती सब्जी एवं फल की दुकानें शुरू की जाएंगी। इसके लिए वार्ड 51 स्थित नाना-नानी पार्क सहित अन्य स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है, जहां जल्द ही ऐसी दुकानें प्रारंभ की जाएंगी। निगम प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि यदि वे सस्ती, ताजी एवं गुणवत्तापूर्ण फल सब्जियां खरीदना चाहते हैं, तो सेवा संकल्प सब्जी टोकरी केंद्र का लाभ उठाएं।

  • मृत व्यापारी से ₹23 करोड़ का टैक्स रिटर्न, अगस्त्य इंटरप्राइजेस की खरीद पर उठे सवाल

    मृत व्यापारी से ₹23 करोड़ का टैक्स रिटर्न, अगस्त्य इंटरप्राइजेस की खरीद पर उठे सवाल

    रायपुर.

    राजधानी में अगस्त्य इंटरप्राइजेस के नाम पर जीएसटी फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कंपनी ने बोगस कंपनियों से 141.74 करोड़ रुपए की खरीदी- बिक्री दिखाकर 23.43 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) ली। /बिलों की जांच और संबंधित कंपनियों के भौतिक सत्यापन में कई फमें फर्जी या अस्तित्वहीन मिली।

    जीएसटी अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने संचालक अमन अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, लाभांडी सिग्नेचर होम निवासी अमन अग्रवाल अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक हैं। विभाग की जांच में सामने आया कि कंपनी ने अलग-अलग फर्मों से खरीदी के बिल दिखाए और उनके आधार पर आईटीसी का दावा किया। सत्यापन के दौरान कई दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली। इनमें 16 साल पहले मृत व्यक्ति के नाम से किरायानामा बनाकर कारोबार दिखाने का मामला भी शामिल हैं।

    मृत व्यापारी के नाम किरायानामा, बैंक खाते से भी इनकार
    भिलाई की हुसैनी इंटरप्राइजेस से अगस्त्य इंटरप्राइजेस ने 16.61 करोड़ रुपए की बिक्री और 2.99 करोड़ रुपए की आईटीसी दिखाई। फर्म के पते के लिए फूल सिंह के नाम किरायानामा लगाया गया था। जीएसटी जांच में सामने आया कि फूल सिंह की वर्ष 2010 में ही मौत हो चुकी थी, जबकि किरायानामा 21 मार्च 2025 का बनाया गया था। भिलाई में चूड़ी की दुकान चलाने वाले मोहम्मद इस्लाम ने अगस्त्य इंटरप्राइजेस से कारोबार और बैंक खाते में लेन- देन से इनकार किया। इंटरप्राइजेस के नाम पर 11.61 करोड़ रुपए की विक्री और 2.08 करोड़ रुपए की आईटीसी दिखाई गई।

    इन फर्मों से दिखाया कारोबार
    अंसारी ट्रेडर्स: 30.71 करोड़ बिक्री, 5.52 करोड़, आईटीसी ललित ट्रेड लिंक: 29.72 करोड़ बिक्री, 5.17 करोड़, आईटीसी अगस्त इंटरप्राइजेस: 22.47 करोड़ बिक्री 4.04 करोड़, आईटीसी विनायक वेंचर्स: 17.95 करोड़ बिक्री, 1.36 करोड़, आईटीसी हुसैनी इंटरप्राइजेस: 16.61 करोड़ बिक्री, 2.99 करोड़ आईटीसी महावीर इंटरप्राइजेस: 12.67 करोड़ बिक्री, 2.27 करोड़ आईटीसी यूनिक इंटरप्राइजेस: 11.61 करोड़ बिक्री, 2.08 करोड़ आईटीसी (तीन अन्य कंपनियों के नाम पर भी आईटीसी का दावा किया गया।)

    फर्जी बिल से ऐसे होता है खेल
    सबसे पहले जाली दस्तावेजों, झूठे पते या फर्जी किरायानामे के जरिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। बिना कोई असली सामान खरीदे या बेचे, सिर्फ कागजों पर जीएसटी वाले बिल बना लिए जाते हैं। खरीदार इन्हीं फर्जी बिलों को दिखाकर सरकार से टैक्स में छूट या रिफंड (इनपुट टैक्स क्रेडिट) ले लेता है। जांच से बचने के लिए एक फर्जी कंपनी दूसरी और फिर तीसरी कंपनी को बिल काटती है, ताकि कागजों पर कारोबार असली लगे। जब जीएसटी विभाग पते पर जाकर भौतिक जांच करता है या बैंक खातों और ई-वे बिल का मिलान करता है, तो वहां कोई असली दुकान या माल नहीं मिलता और चोरी पकड़ी जाती है।

  • रायपुर से सरगुजा तक CM साय का व्यस्त कार्यक्रम, कैंसर कॉन्क्लेव से अग्र महाकुंभ तक होंगे शामिल

    रायपुर से सरगुजा तक CM साय का व्यस्त कार्यक्रम, कैंसर कॉन्क्लेव से अग्र महाकुंभ तक होंगे शामिल

    रायपुर.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 सितंबर को दोपहर साढ़े बारह बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले से जुड़ेंगे. इस अवसर पर वे देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों व संगठनों में नवनियुक्त 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे तथा चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करेंगे.

    रायपुर में रोजगार मेले का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार साइंस कॉलेज परिसर जीई रोड में किया जाएगा. कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे. रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से 125 अभ्यर्थी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहेंगे। रायपुर में केंद्रीय राज्यमंत्री नियुक्ति पत्र वितरण करेंगे.

    PM मोदी रोजगार मेले में युवाओं से होंगे रूबरू
    रायपुर.
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर और सरगुजा जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11:25 बजे रायपुर स्थित एक निजी रिजॉर्ट पहुंचेंगे, जहां वे 4th Annual BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर पुलिस मुख्यालय हेलीपैड पहुंचेंगे और हेलीकॉप्टर से अंबिकापुर के लिए रवाना होंगे. मुख्यमंत्री दोपहर 1:25 बजे अंबिकापुर के राजमोहिनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैदान पहुंचेंगे. यहां से 1:40 बजे एक निजी होटल में आयोजित अग्र महाकुंभ 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे. दोपहर 3:40 बजे अंबिकापुर से रवाना होकर 3:55 बजे सूरजपुर के बिश्रामपुर स्थित अयप्पा ग्राउंड हेलीपैड पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 4:10 बजे बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन मुख्य मार्ग पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री शाम 5:55 बजे वापस रायपुर लौटेंगे.