Category: छत्तीसगढ़

  • कमरे में बंद कर युवक की पिटाई का मामला, आरोपी पिता-पुत्र का पुलिस ने निकाला जुलूस

    कमरे में बंद कर युवक की पिटाई का मामला, आरोपी पिता-पुत्र का पुलिस ने निकाला जुलूस

    राजनांदगांव.

    रुपए के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति को कमरे में बंद कर उसकी बेदम पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने पिता पुत्र व अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर शहर में उनका जुलूस निकाला। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।

    बसंतपुर पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी – के अनुसार आरोपियों के नाम सौरभ जैन पिता दीपक जैन उम्र 25 वर्ष, दीपक जैन पिता भीखमचंद जैन उम्र 50 वर्ष दोनों निवासी सदर लाईन तथा करण साहू पिता मुकेश साहू उम्र 30 वर्ष निवासी चौखड़ियापारा राजनांदगांव बताया जाता है। प्रकरण में प्रार्थी सन्नी पंसारी पिता स्व. धन्नू राम पंसारी निवासी ठेठवारपारा, राजनांदगांव द्वारा थाना बसंतपुर में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी कि उसके द्वारा आरोपी दीपक जैन एवं सौरभ जैन, निवासी सदर बाजार, राजनांदगांव से लगभग 3 लाख रुपये उधार लिया गया था, जिसकी वह प्रतिमाह किश्त अदा कर रहा था।

    गत 18 सितम्बर को प्रार्थी समदा अस्पताल से वापस अपने घर जा रहा था। दोपहर करीब 1.30 बजे दुर्गा चौक के पास पहुंचने पर आरोपी सौरभ जैन, दीपक जैन एवं उनके एक अन्य साथी द्वारा प्रार्थी को जबरदस्ती अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने घर ले जाया गया। वहां घर का शटर बंद कर उधारी रकम वापस करने की बात कहते हुए पैसों की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा तत्काल रकम नहीं होने की बात कहने पर आरोपीगण द्वारा एक राय होकर लकड़ी के बैट एवं हाथ-मुक्के से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 443/2026, धारा 296, 115 (2), 351(2), 127(2), 119(1), 140(3), 3 ( 5 ) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई
    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक कौशलेश देवांगन के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा आरोपियों की पतासाजी कर उन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई। आरोपियों के कब्जे/पेश करने पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का बैट एवं आई – क्यूब स्कूटी क्रमांकसीजी 08-ए वाय-7009 जप्त की गई। आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

  • नारायणपुर में शिक्षा से बदल रही तस्वीर, श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रहा बेहतर भविष्य का अवसर

    नारायणपुर में शिक्षा से बदल रही तस्वीर, श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रहा बेहतर भविष्य का अवसर

    ​रायपुर

     छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना नारायणपुर जिले के श्रमिक परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की एक नई और मजबूत राह तैयार कर रही है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण जिन प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए केवल एक अधूरा सपना हुआ करता था, आज इस योजना की बदौलत उन्हीं संस्थानों के दरवाजे उनके मेधावी बच्चों के लिए पूरी तरह खुल गए हैं। जिले के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा प्रदान कर यह योजना उनके सपनों को पंख लगा रही है।     

    ​जिले के ग्राम खरगांव में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले रामधर दुग्गा के पुत्र साहिल दुग्गा का चयन जब राज्य के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार 'राजकुमार कॉलेज, रायपुर' में हुआ, तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रामधर भावुक होकर कहते हैं कि एक श्रमिक परिवार के लिए ऐसे बड़े विद्यालय में बच्चे को पढ़ाने की कल्पना करना भी आसान नहीं होता, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बेटे की राह बेहद आसान कर दी है। 

     ​इसी तरह नारायणपुर के जगदीश मंदिर वार्ड की रहने वाली डिगेश्वरी जैन, जो स्वयं रेजा-कुली का कठिन काम करती हैं, अपनी पुत्री तेजल जैन के इस बड़े अवसर को लेकर बेहद उत्साहित हैं। तेजल का चयन 'दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), राजनांदगांव' में निःशुल्क अध्ययन के लिए हुआ है। वहीं ओरछा तहसील के सुदूर ग्राम कुतुल की रेजा-कुली गणेशिया उसेंडी की बेटी दिप्ती उसेंडी और ग्राम बाकुलवाही के दयाल सिंह पात्र की पुत्री पूर्वी पात्र का चयन 'संस्कार द गुरुकुल, बस्तर' में हुआ है। ग्राम बोरण्ड निवासी बेनु राम राना के पुत्र हिमांशु राना को भी 'कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई' में रहकर पढ़ने का बेहतरीन मौका मिला है।

    यह योजना केवल निःशुल्क शिक्षा का जरिया मात्र नहीं है, बल्कि दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के भीतर आत्मविश्वास का नया संचार कर उनके करियर को संवारने की एक मजबूत नींव साबित हो रही है। एक समृद्ध और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण पाकर बच्चे न केवल अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे, बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए भी तैयार हो सकेंगे। इस सुखद बदलाव से गदगद हितग्राही परिवारों ने श्रम विभाग के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन का सहृदय धन्यवाद व्यक्त किया है, जिनकी दूरगामी सोच से आज गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य संवर रहा है।

  • सेवा संकल्प अभियान : पंजीयन शुल्क में मिली राहत बनी बेटी के भविष्य की बचत

    सेवा संकल्प अभियान : पंजीयन शुल्क में मिली राहत बनी बेटी के भविष्य की बचत

    रायपुर

    एक महिला के लिए अपने नाम संपत्ति होना आर्थिक सुरक्षा का आधार बना और पंजीयन शुल्क में मिली बचत ने उसकी बेटी के भविष्य के लिए एक नई उम्मीद जोड़ दी। बलौदाबाजार की मती पायल भट्टर के लिए संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान मिली 50 प्रतिशत की पंजीयन शुल्क छूट महज आर्थिक राहत नहीं रही, बल्कि यह उनकी बेटी के भविष्य के लिए बचत का अवसर बन गई। पंजीयन शुल्क में छूट से बचे 1 लाख 32 हजार रुपये उन्होंने अपनी बेटी के बचत खाते में जमा कर दिए हैं।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं एवं नागरिक सुविधाओं के जमीनी प्रभाव को जाना जा रहा है। इसी संवाद के दौरान मती पायल भट्टर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पंजीयन शुल्क में मिली राहत से संपत्ति खरीदने का खर्च कम हुआ और बची राशि को उन्होंने बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया।

    रजिस्ट्री में मिली राहत, बेटी के भविष्य के लिए बनी पूंजी

    मती पायल भट्टर ने बताया कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर मिलने वाली शुल्क छूट से उन्हें 1 लाख 32 हजार रुपये की बचत हुई। उन्होंने इस राशि को खर्च करने के बजाय अपनी बेटी के बचत खाते में जमा करने का निर्णय लिया, ताकि भविष्य में शिक्षा, जरूरत या किसी महत्वपूर्ण अवसर पर यह राशि उसके काम आ सके।

    उनके लिए यह केवल रजिस्ट्री के खर्च में हुई बचत नहीं, बल्कि बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण शुरुआत है। पायल भट्टर का अनुभव यह बताता है कि शासन की किसी नीति का लाभ जब परिवार की जरूरत और भविष्य की योजना से जुड़ता है, तो उसका प्रभाव कागजों और आंकड़ों से आगे बढ़कर सीधे परिवार के जीवन में दिखाई देता है।

    महिला के नाम संपत्ति, परिवार के भविष्य को भी मजबूती

    मती भट्टर ने महिलाओं के नाम संपत्ति को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीयन शुल्क में दी जा रही रियायत को परिवारों के लिए आर्थिक राहत देने वाला निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि अपने नाम संपत्ति होने से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत होती है। पंजीयन शुल्क में बची राशि को बेटी के नाम सुरक्षित करना उनके लिए इस निर्णय का एक अतिरिक्त लाभ बन गया। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत पंजीयन शुल्क की छूट

    राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जा रही है। इसके तहत पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इस पहल का उद्देश्य संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्हें प्रत्यक्ष आर्थिक राहत उपलब्ध कराना है।

    सेवा संकल्प अभियान : नीति से लाभ तक, हितग्राहियों से सीधा संवाद

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप, वित्त एवं पंजीयन मंत्री  ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा सेवाओं को अधिक सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह जाना जा रहा है कि शासन की सुविधाओं और सुधारों का लाभ नागरिकों तक किस रूप में पहुंच रहा है। मती पायल भट्टर की कहानी इसी जमीनी बदलाव की एक मिसाल है, जहां पंजीयन शुल्क में मिली राहत ने संपत्ति स्वामित्व के साथ उनकी बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा की एक नई शुरुआत की है।

    पंजीयन शुल्क में मिली 1.32 लाख रुपये की बचत अब केवल एक आंकड़ा नहीं है। यह एक मां की अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने की सोच, परिवार की आर्थिक योजना और शासन की नागरिक-केंद्रित पहल के प्रत्यक्ष प्रभाव की कहानी बन गई है।

  • CG Bus Strike: किराया बढ़ाने की मांग पर कल बसों का चक्का जाम, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

    CG Bus Strike: किराया बढ़ाने की मांग पर कल बसों का चक्का जाम, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

    राजनांदगांव.

    बस ऑपरेटरों ने 21 सितंबर से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। ऐसे में यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती है हड़ताल के दौरान बसों के पहिए थमने से जिले के भीतर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।

    रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्र से शहर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिले में भी बस आपरेटर संघ द्वारा शासन-प्रशासन पर दबाव बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बस किराया बढ़ाने की मांग को लेकर जिले के बस ऑपरेटरों ने शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी है। ऑपरेटरों का कहना है कि मौजूदा किराए में बसों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है।

    डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, परमिट, टैक्स, कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि लंबे समय से यात्री किराए में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। राजनांदगांव जिला मुख्यालय के दो बस स्टैंड से विभिन्न क्षेत्रों में 300 से अधिक वर्षों का संचालन होता है। बस ऑपरेटरों ने शासन से यात्री किराए में बढ़ोतरी करने की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत के बीच वर्तमान किराया व्यवस्था में बस संचालन आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। मांग पर जल्द निर्णय नहीं होने की स्थिति में बस संचालकों ने आंदोलन का ऐलान किया है। लंबे समय से किराया बढ़ाने जाने की तैयारी की जा रही है।

  • भगवान लिंगराज की पावन भूमि पर आकर होती है अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति : मुख्यमंत्री  साय

    भगवान लिंगराज की पावन भूमि पर आकर होती है अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर

     मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान लिंगराज के दर्शन और उनकी पावन भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण मन को असीम शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने भगवान लिंगराज से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

    मुख्यमंत्री  साय ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और अद्भुत शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक भी हैं। लिंगराज मंदिर की भव्यता और उत्कृष्ट वास्तुकला हमारी सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत का सुंदर दर्शन कराती है।

    उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से पड़ोसी होने के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में अनेक समानताएं देखने को मिलती हैं। ऐसी यात्राएं हमारी साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और प्रगाढ़ करती हैं।

  • मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट

    रायपुर 

     मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज ओडिशा प्रवास के दौरान भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री  माझी ने  साय का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा पड़ोसी राज्य होने के साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भी आत्मीय संबंध हैं। विकास और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को लाभ मिलने के साथ ही पूरे क्षेत्र की प्रगति को भी नई गति मिलेगी।

  • अवैध कीटनाशक बनाने-बेचने पर दुर्ग में कार्रवाई, कृषि टीम ने आरोपियों को पकड़ा

    अवैध कीटनाशक बनाने-बेचने पर दुर्ग में कार्रवाई, कृषि टीम ने आरोपियों को पकड़ा

    दुर्ग.

    जिले में फिर अवैध कीटनाशक निर्माण का मामला पकड़ में आया आया है। कृषि विभाग की टीम ने दुर्ग के गंजपारा में अवैध कीटनाशक निर्माण के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। महीने भर पहले ग्राम अमलेश्वर में भी करोड़ों के कीटनाशक का अवैध भंडारण पकड़ा गया था इसमें अवैध निर्माण की आशंका को लेकर विभाग ने मामले में नोटिस भी जारी किया था।

    उपसंचालक कृषि संदीप कोई के अनुसार कृषि विभाग की टीम ने जांच के दौरान बिना स्रोत लाइसेंस के एक कृषि केन्द्र में कीटनाशकों का विक्रय करना पाया था। इस पर उक्त कीटनाशक कहां से क्रय किया इसका पता लगाने विभाग की टीम लगाई तो पता चला निर्माणकर्ता इसकी रायपुर से विक्रय कर बिल में डोंगरगढ़ से मार्केटिंग करने का उल्लेख था। बाद में विभाग ने तह तक जाकर जांच की तो पता चला उक्त कीटनाशक का अवैध रूप से निर्माण गंजपारा दुर्ग में किया जा रहा है।

    कृषि विभाग की टीम द्वारा मामले में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यहां यह बताना लाजिमी है पूर्व में भी विभाग की काईवाई रायपुर नाका क्षेत्र अवैध कीटनाशक निर्माण को लेकर कार्रवाई हुई थी। वहीं 8 एवं 9 अगस्त को पाटन विकासखंड के ग्राम अमलेश्वर में कृषि विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के कीटनाशकों एवं जैव उत्प्रेरकों के अवैध भंडारण और विक्रय का मामला पकड़ा था।

    दो दिनों तक चली कार्रवाई में दो कंपनियों के अलग- अलग गोदामों से 50 से अधिक प्रकार के करीब 9 हजार 50 लीटर कीटनाशक तथा 4 हजार 56 किलो जैव उत्प्रेरक एवं संबंधित सामग्री जब्त की गई थी। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अवसान तिथि के बाद की सामग्री, खाली कंटेनर, इस्तेमाल किए गए बोरे और 34 बोरी खाली रैपर भी बरामद हुए थे। उपसंचालक कृषि का कहना कि विभाग की टीम लगातार जांच की कार्रवाई कर रही है।

  • बच्चे को मिला सहभागिता का अधिकार बच्चे की इच्छा बनी आयोग की प्राथमिकता

    बच्चे को मिला सहभागिता का अधिकार बच्चे की इच्छा बनी आयोग की प्राथमिकता

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने 16 सितंबर 2026 को कवर्धा प्रवास के दौरान शासकीय बालक गृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बाल गृह में निवासरत एक बालक का जन्मदिन होने की जानकारी मिली। इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बालक के साथ उसका जन्मदिन मनाया तथा उससे संवाद कर उसकी इच्छा और आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान बालक से जन्मदिन पर मिलने वाले उपहार के संबंध में पूछे जाने पर उसने संकोच एवं उत्साह के साथ साइकिल की इच्छा व्यक्त की। बालक की इच्छा को ध्यान में रखते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने उसे आश्वस्त किया कि उसकी पसंद के अनुसार साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।

    आयोग की अध्यक्ष द्वारा किए गए आश्वासन के अनुरूप दो दिन के भीतर बोड़ला कवर्धा के बाल विकास परियोजना अधिकारी  श्री नमन शर्मा द्वारा बालक को साथ लेकर उसकी पसंद की साइकिल का चयन कराया गया तथा साइकिल बालक को बालक गृह में उपलब्ध कराई गई।साइकिल प्राप्त होने के पश्चात आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बालक से दूरभाष के माध्यम से संवाद किया। बातचीत के दौरान बालक ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बाल अधिकारों में बच्चों की सहभागिता का महत्वपूर्ण स्थान है। बच्चों की बात सुनना, उनकी भावनाओं एवं इच्छाओं को महत्व देना तथा उनकी राय का सम्मान करना बाल अधिकार संरक्षण की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि बाल गृहों में निवासरत बच्चों को संरक्षण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व, भावनात्मक आवश्यकताओं और सहभागिता के अधिकार को भी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

  • छत्तीसगढ़-ओडिशा के बीच महानदी विवाद पर समाधान की उम्मीद, CM साय ने दिया बड़ा अपडेट

    छत्तीसगढ़-ओडिशा के बीच महानदी विवाद पर समाधान की उम्मीद, CM साय ने दिया बड़ा अपडेट

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच 1983 से चल रहा महानदी जल बंटवारा विवाद सुलझने की ओर अग्रसर है. इस मुद्दे पर कई बैठक हुई लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं निकल पाया था. हाल में दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, दोनों मुख्यमंत्री और अधिकारियों के बीच चर्चा हुई थी.

    मुख्यमंत्री साय रविवार को ओडिशा के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हुए. इससे पहले उन्होंने महानदी जल विवाद को लेकर बयान दिया है. रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बीते दिनों दिल्ली में दोनों राज्यों मुख्यमंत्री और अधिकारी बैठकर चर्चा किए थे. यह विषय सीडब्ल्यूसी (Central Water Commission) को सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द महानदी जल विवाद का समाधान होने वाला है.

    ओडिशा दौरे पर सीएम साय रवाना
    मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा दौरे के लेकर जानकारी दी कि वह दो दिवसीय ओडिशा प्रवास पर रहेंगे. मुख्यमंत्री मांझी के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करेंगे और छत्तीसगढ़ की खुशहाली की कामना करेंगे.

    कांग्रेस पर सीएम साय ने साधा निशाना
    मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित कांग्रेस के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर सीएम साय ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जहां-जहां जाते हैं, कांग्रेस का बंटाधार होता है. यही हाल इंदौर और मध्यप्रदेश में कांग्रेस का होने वाला है.

  • छत्तीसगढ़ में गेस्ट टीचर्स के लिए खुशखबरी, 6 माह का मानदेय जारी

    छत्तीसगढ़ में गेस्ट टीचर्स के लिए खुशखबरी, 6 माह का मानदेय जारी

    रायपुर.

    प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने राशि जारी कर दी है।

    लोक शिक्षण संचालनालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 25 जिलों में कार्यरत 1,535 अतिथि शिक्षकों के छह माह के मानदेय के लिए 18 करोड़ 42 लाख रुपये का आवंटन किया है। विभागीय आदेश 18 सितंबर को जारी किया गया है।

    हर शिक्षक को 20 हजार महीना
    आदेश के मुताबिक अतिथि शिक्षकों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। छह महीने के हिसाब से प्रत्येक शिक्षक के लिए 1.20 लाख रुपये की राशि निर्धारित है। जिलों में कार्यरत शिक्षकों की संख्या के आधार पर संबंधित जिला स्तर पर भुगतान के लिए बजट उपलब्ध कराया गया है।

    बस्तर संभाग के सात जिलों को भी मिला बजट
    आवंटन में बस्तर संभाग के सभी सात जिलों को शामिल किया गया है। कोंडागांव में 141 अतिथि शिक्षकों के लिए एक करोड़ 69 लाख 20 हजार, बस्तर में 133 शिक्षकों के लिए एक करोड़ 59 लाख 60 हजार और कांकेर में 126 शिक्षकों के लिए एक करोड़ 51 लाख 20 हजार रुपये जारी किए गए हैं। इसी तरह दंतेवाड़ा के 31 शिक्षकों के लिए 37 लाख 20 हजार, सुकमा के 48 के लिए 57 लाख 60 हजार, बीजापुर के 48 के लिए 57 लाख 60 हजार और नारायणपुर के 36 अतिथि शिक्षकों के लिए 43 लाख 20 हजार रुपये का प्रविधान किया गया है।

    बलरामपुर में सबसे ज्यादा अतिथि शिक्षक
    जिलावार आंकड़ों में बलरामपुर में 220 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, जो सूची में सर्वाधिक हैं। इनके छह माह के मानदेय के लिए दो करोड़ 64 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इसके बाद सूरजपुर में 130 शिक्षकों के लिए एक करोड़ 56 लाख और सरगुजा में 71 शिक्षकों के लिए 85 लाख 20 हजार रुपये का आवंटन किया गया है। शेष जिलों में भी शिक्षकों की संख्या के अनुसार बजट भेजा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह राशि केवल मानदेय भुगतान के लिए ही उपयोग की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।