Category: छत्तीसगढ़

  • धमतरी के 97 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रंगों और शब्दों में उकेरी ‘मेरे सपनों के भारत’ की स्वर्णिम तस्वीर

    धमतरी के 97 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रंगों और शब्दों में उकेरी ‘मेरे सपनों के भारत’ की स्वर्णिम तस्वीर

    रायपुर

     सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विकासखंड स्तर पर आयोजित दो दिवसीय ‘मेरे सपनों का भारत’ विषयक चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता में स्कूली विद्यार्थियों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। 1,483 विद्यालयों के लगभग 97,754 विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक कला और ओजस्वी विचारों के माध्यम से एक शिक्षित, आत्मनिर्भर, हरित और तकनीकी रूप से सक्षम भारत का खाका प्रस्तुत किया।
           
    ​प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना रहा। अभियान की मूल भावना 'सेवा, सहभागिता और सर्वांगीण विकास' को केंद्र में रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम ने जिले में जनभागीदारी का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।

    ​60 हजार से अधिक बच्चों ने चित्रों से दिए सामाजिक संदेश
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    चित्रकला प्रतियोगिता में 1,483 विद्यालयों के 60,608 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कैनवास और कागजों पर रंगों के जरिए बच्चों ने केवल कला का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि आधुनिक शिक्षा, हरित व स्वच्छ पर्यावरण, डिजिटल तकनीक, उन्नत कृषि, महिला सशक्तिकरण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की अपनी परिकल्पना को जीवंत कर दिया। चित्रों में औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण और मानवीय संवेदनाओं का सुंदर संतुलन दिखाई दिया।

    ​ओजस्वी भाषणों में झलकी राष्ट्र निर्माण की प्रतिबद्धता
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    इसी क्रम में भाषण प्रतियोगिता में 37,146 विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपने विचारों को तार्किक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, नागरिक कर्तव्यों, विज्ञान व तकनीक के उपयोग और सामाजिक समरसता जैसे गंभीर विषयों पर विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों का मानना था कि देश का स्वर्णिम भविष्य केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के सक्रिय योगदान और संकल्पों से निर्मित होता है।
       
    ​भविष्य की नींव और सशक्त भावी पीढ़ी
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    सेवा संकल्प अभियान से विद्यार्थियों का यह जुड़ाव आने वाले समय के सशक्त भारत की दिशा तय करता है। धमतरी जिले के हजारों बच्चों की यह सक्रिय भागीदारी यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत का उज्ज्वल भविष्य बड़े सपनों के साथ-साथ उन्हें पूरा करने के लिए आज लिए गए छोटे-छोटे संकल्पों से साकार होगा

  • जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और विभागीय कर्मचारियों ने मिलकर की बांध परिसर की साफ-सफाई

    जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और विभागीय कर्मचारियों ने मिलकर की बांध परिसर की साफ-सफाई

    रायपुर

     सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल जनभागीदारी के माध्यम से सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत कर रही है। इसी क्रम में जल संसाधन संभाग क्रमांक-1, अम्बिकापुर द्वारा विकासखण्ड बतौली के ग्राम घोघरा स्थित घोघरा जलाशय योजना में जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए श्रमदान और वृक्षारोपण किया।

    सामूहिक श्रमदान से स्वच्छ हुआ जलाशय परिसर

    घोघरा जलाशय परिसर में आयोजित अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों और विभागीय कर्मचारियों ने एक साथ श्रमदान कर बांध एवं जलाशय परिसर की साफ-सफाई की। सामूहिक प्रयास से परिसर में फैले कचरे और अनुपयोगी सामग्री को हटाया गया। इस पहल ने यह संदेश दिया कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

    पौधरोपण के साथ संरक्षण का भी लिया संकल्प

    कार्यक्रम के दौरान जलाशय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और विभागीय कर्मचारियों ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। जल स्रोतों के आसपास हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।

    जल संरक्षण और स्वच्छता की सामूहिक शपथ

    कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण एवं स्वच्छता की सामूहिक शपथ ली। सभी ने जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, पानी की बर्बादी रोकने तथा समाज के अन्य लोगों को भी जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

    ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत आयोजित यह कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान के मूल उद्देश्य—जनभागीदारी के माध्यम से समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को मजबूत करने—का प्रभावी उदाहरण बना। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अमले की सहभागिता ने स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को सामुदायिक प्रयास से आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

  • अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन का शिकंजा, कोलबिर्रा क्षेत्र में 5 ट्रैक्टर जब्त

    अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन का शिकंजा, कोलबिर्रा क्षेत्र में 5 ट्रैक्टर जब्त

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सीएम हेल्पलाइन एवं ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों पर खनिज विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते हुए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है।

    शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंची खनिज विभाग की टीम

    जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन की शिकायत प्राप्त होने पर विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई की। जांच के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर लिया गया।

    जब्त सभी वाहनों को कोटमी चौकी में सुरक्षित रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    शिकायतों के निराकरण में प्रशासन की तत्परता

    कलेक्टर  विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की गंभीरता एवं गुणवत्तापूर्ण जांच करते हुए समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुरूप जिले में नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

    खनिज विभाग द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित शिकायतों पर विशेष निगरानी रखते हुए नियमित जांच की जा रही है। इससे एक ओर जहां खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिल रही है, वहीं दूसरी ओर शासन की व्यवस्था के प्रति आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत हो रहा है।

    अवैध खनन और परिवहन पर लगातार जारी रहेगा अभियान

    खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। विभाग द्वारा प्राप्त शिकायतों की जांच के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और निगरानी की जा रही है, ताकि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को रोका जा सके।

    इस कार्रवाई में सहायक खनि अधिकारी  आदित्य मानकर एवं खनिज विभाग के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशासन की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों के त्वरित निराकरण, कानून के प्रभावी पालन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

  • ओडिशा के साथ महानदी जल बंटवारे पर सौहार्दपूर्ण माहौल, सीएम विष्णुदेव साय ने कहा- कोई विवाद नहीं

    ओडिशा के साथ महानदी जल बंटवारे पर सौहार्दपूर्ण माहौल, सीएम विष्णुदेव साय ने कहा- कोई विवाद नहीं

    रायपुर
     
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच पिछले कई दशकों से चला आ रहा महानदी जल विवाद अब बहुत जल्द सुलझ जाएगा। उनके अनुसार, इस दिशा में केंद्र सरकार सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है और दोनों ही पड़ोसी राज्यों के साथ-साथ केंद्र में भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार होने के कारण इस संवेदनशील मामले का आपसी सहमति से समाधान निकलना अब आसान हो गया है।

    अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों राज्यों के बीच आपसी सहयोग, क्षेत्रीय विकास और जन कल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

    सांस्कृतिक संबंध गहरे

    मुख्यमंत्री साय ने इस बात पर जोर दिया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक रूप से एक-दूसरे के बेहद करीब हैं। दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के बीच आपसी पारिवारिक और सांस्कृतिक गहरे संबंध हैं। उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया कि दोनों सरकारों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा और पूरे क्षेत्र की प्रगति को एक नई गति प्राप्त होगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री साय ने भुवनेश्वर स्थित प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किए और राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की।

    ट्रिब्यूनल के निर्देश और केंद्र की सकारात्मक पहल

    गौरतलब है कि महानदी जल बंटवारे को लेकर यह विवाद वर्ष 1983 से चला आ रहा है, जो लंबे समय से दोनों राज्यों के बीच चर्चा का विषय रहा है। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की अध्यक्षता में गठित विशेष ट्रिब्यूनल ने दोनों राज्यों को आगामी 28 सितंबर 2026 तक अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया है।
    तय समय से पहले सहमति से समाधान

    जानकारों का मानना है कि इस तय समय सीमा से पहले दोनों राज्यों के बीच आपसी सहमति से कोई ठोस समझौता सामने आ सकता है।
    कई राज्यों के मुद्दे सुलझे

    हाल के वर्षों में केंद्र सरकार की मध्यस्थता और पहल से देश के अन्य राज्यों के बीच कई पुराने जल विवाद सफलतापूर्वक सुलझाए गए हैं, जैसे कि किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना, ताजेवाला हेडवर्क्स समझौता, सोन नदी जल बंटवारा और केन-बेतवा लिंक परियोजना। इन सफल समझौतों की तर्ज पर अब महानदी विवाद के भी जल्द ही शांतिपूर्ण हल निकलने की संभावना जताई जा रही है।

     

  • नस्ल सुधार ने बदली किसान विनोद की किस्मत, घर की बछिया बनी आर्थिक समृद्धि का आधार

    नस्ल सुधार ने बदली किसान विनोद की किस्मत, घर की बछिया बनी आर्थिक समृद्धि का आधार

    ​रायपुर

     ​ग्रामीण अंचलों में अक्सर दैनिक जरूरतों की चीजों के लिए भी लोगों को संघर्ष करना पड़ता है। ऐसा ही कुछ हाल नारायणपुर जिले के धौड़ाई गांव निवासी किसान श्री विनोद नुरेटी का था। उनके परिवार में दूध की रोजाना जरूरत तो थी, लेकिन गांव में उपलब्धता न होने और बाजार में ऊंची कीमतों के कारण उन्हें काफी दिक्कत झेलनी पड़ती थी। परंतु, राज्य सरकार के पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन और विनोद की मेहनत ने इस समस्या को न सिर्फ खत्म किया, बल्कि उनकी आजीविका की नई राह भी खोल दी।

    ​कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार की नींव

    दूध की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विनोद नुरेटी ने पशुधन विकास विभाग से संपर्क साधा। विभागीय सलाह पर उनकी देशी गाय का कृत्रिम गर्भाधान कराया गया। परिणामस्वरूप, एक उच्च नस्ल की बछिया का जन्म हुआ। देशी नस्ल में सुधार का यह प्रयोग किसान के लिए पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

    ​'उन्नत मादा वत्स पालन योजना' से मिला आर्थिक बल

    बछिया के सही पोषण और नस्ल संवर्धन के लिए पशुधन विकास विभाग की उन्नत मादा वत्स पालन योजना के तहत विनोद को 18 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही विभाग की ओर से समय-समय पर नि:शुल्क पशु चिकित्सा देखभाल और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई गईं।

    ​आत्मनिर्भरता और आय का नया जरिया

    विभागीय मार्गदर्शन और अनुदान से विनोद ने बछिया की बेहतर देखरेख की, जो समय के साथ एक स्वस्थ और अत्यधिक दुधारू गाय के रूप में विकसित हुई। आज स्थिति यह है कि विनोद के परिवार को न केवल घर पर ही प्रचुर मात्रा में शुद्ध दूध मिल रहा है, बल्कि वे दूध, दही और घी बेचकर हर महीने अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।    ​

    जो परिवार कल तक दूध की एक-एक बूंद के लिए दूसरों पर निर्भर था, आज वह खुद दूध उत्पादन कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन चुका है। विनोद नुरेटी के लिए यह योजना केवल एक बछिया के पालन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने उनके पूरे परिवार के जीवन में आर्थिक स्थिरता, सुविधा और सम्मान की नई सुबह ला दी है।

  • नवा रायपुर में देशभर से आए कैंसर विशेषज्ञों का किया स्वागत, चिकित्सा क्षेत्र में शोध और विशेषज्ञ सेवाओं को बढ़ावा देने पर दिया जोर

    नवा रायपुर में देशभर से आए कैंसर विशेषज्ञों का किया स्वागत, चिकित्सा क्षेत्र में शोध और विशेषज्ञ सेवाओं को बढ़ावा देने पर दिया जोर

    रायपुर

     वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी आज नवा रायपुर में बाल्को मेडिकल सेंटर, eCancer तथा टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा आयोजित चतुर्थ वार्षिक BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में शामिल हुए। कॉन्क्लेव की थीम “Restoring Balance to Cancer Care” पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कैंसर केयर, स्वास्थ्य सेवाओं की भविष्य की चुनौतियों और देश की युवा आबादी को स्वस्थ बनाए रखने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। देश की औसत आयु करीब 29 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु करीब 24 वर्ष है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यह युवा आबादी भारत की आर्थिक प्रगति की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस युवा शक्ति का स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है।

    मंत्री  चौधरी ने कहा कि आने वाले 10-20 वर्षों में भारत की जनसांख्यिकी में तेजी से बदलाव होगा और आबादी की औसत आयु बढ़ेगी। ऐसे में स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने बड़ी चुनौती होगी कि देश आर्थिक रूप से विकसित होने से पहले अस्वस्थ न हो जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मानव संसाधन किसी भी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य क्षेत्र में समय रहते तैयारी, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ सेवाओं और शोध को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।

    स्वस्थ आबादी विकसित भारत की आधारशिला

     चौधरी ने कहा कि आर्थिक विकास की गति के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की आर्थिक विकास यात्रा की रीढ़ है, लेकिन इस आबादी को स्वस्थ रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के साथ-साथ जागरूकता, समय पर जांच, शुरुआती पहचान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर निरंतर काम किया जाना चाहिए।

    वित्त मंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के शुरुआती वर्षों में पूरे प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने बताया कि लगभग 25-26 वर्ष पहले राज्य पीएमटी में करीब 50वीं रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी मेडिकल सीट प्राप्त करना कठिन होता था, क्योंकि पूरे राज्य में रायपुर में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने कहा कि उस स्थिति से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है और आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 20 से अधिक होने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है।

    नवा रायपुर में देशभर से आए विशेषज्ञों का स्वागत

     चौधरी ने बाल्को मेडिकल सेंटर और सर्जिकल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से छत्तीसगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. यशवंत कश्यप, डॉ. दिवाकर पांडे, डॉ. आलोक कुमार स्वाइन और डॉ. अभिनव इंगले सहित आयोजन से जुड़े चिकित्सकों को धन्यवाद दिया तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों का नवा रायपुर में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रीन कैपिटल सिटी है और यह एक ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित की जा रही है। नवा रायपुर के नियोजित विकास, हरित क्षेत्र और मनोरंजन सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने देशभर से आए चिकित्सकों से कॉन्क्लेव के साथ-साथ शहर को भी देखने और समझने का आग्रह किया।

    वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर के विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन प्रदेश में चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं तथा कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई तकनीकों और बेहतर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं।

    कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में कैंसर केयर को अधिक प्रभावी, संतुलित और मरीज-केंद्रित बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

  • अपराधियों को IG की दोटूक चेतावनी- हथियार लहराया तो सीधे जेल, चाकूबाजी पर होगी कड़ी कार्रवाई

    अपराधियों को IG की दोटूक चेतावनी- हथियार लहराया तो सीधे जेल, चाकूबाजी पर होगी कड़ी कार्रवाई

    अंबिकापुर

    सरगुजा संभाग में आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने अंबिकापुर शहर की कानून व्यवस्था को लेकर बैठक ली और गुंडे-बदमाशों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    आईजी दीपक झा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल और सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल की मौजूदगी में थाना कोतवाली, गांधीनगर, मणिपुर के थाना प्रभारियों और यातायात प्रभारी की संयुक्त बैठक ली। बैठक का मुख्य एजेंडा था- गणेश उत्सव से लेकर नवरात्रि, दशहरा और दीपावली तक शहर में कानून व्यवस्था पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रहे।

    आईजी दीपक झा ने आम नागरिकों से अपील की है कि आगामी प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आपसी सहयोग की भावना के साथ मनाएं। पुलिस हर स्तर पर सुरक्षा के लिए तैयार है।वहीं असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराते, चाकूबाजी, स्टंटबाजी या किसी भी तरह का उपद्रव करते पाया गया और कानून व्यवस्था में शांति भंग करने का प्रयास किया तो पुलिस को कार्रवाई में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    आईजी का निर्देश- कुंडली खोलो, नकेल कसो

    आईजी झा ने बैठक में निर्देश दिए कि शहर में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले उपद्रवियों, आदतन गुंडा बदमाश, गैंग हिस्ट्रीशीटर, निगरानी बदमाशों की पूरी कुंडली खंगाली जाए। प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र के ऐसे असामाजिक तत्वों का रिकॉर्ड अपडेट करे और उन पर सख्त वैधानिक कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए।

    विशेष अभियान में 120 के विरुद्ध कार्रवाई

    आईजी के निर्देशों के परिपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में शहर के तीनों थानों में विशेष अभियान चलाया गया।अभियान के तहत 13 नए गुंडा फाइल खोले गए। आदतन अपराधियों की गतिविधियों को देखते हुए थाना कोतवाली में दो, थाना गांधीनगर में 10 और थाना मणिपुर में एक कुल 13 लोगों के विरुद्ध नए गुंडा फाइल खोलकर निगरानी शुरू की गई है। अब इनकी हर गतिविधि पर पुलिस की नजर रहेगी।

    82 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। शांति भंग करने की आशंका वाले लोगों पर धारा 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत बड़ी कार्रवाई की गई। इसमें थाना कोतवाली से 36, गांधीनगर से 36 और मणिपुर से 10 कुल 82 लोगों को पाबंद किया गया।इसके अलावा कुल 34 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।पुलिस का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

     

  • कमरे में बंद कर युवक की पिटाई का मामला, आरोपी पिता-पुत्र का पुलिस ने निकाला जुलूस

    कमरे में बंद कर युवक की पिटाई का मामला, आरोपी पिता-पुत्र का पुलिस ने निकाला जुलूस

    राजनांदगांव.

    रुपए के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति को कमरे में बंद कर उसकी बेदम पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने पिता पुत्र व अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर शहर में उनका जुलूस निकाला। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।

    बसंतपुर पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी – के अनुसार आरोपियों के नाम सौरभ जैन पिता दीपक जैन उम्र 25 वर्ष, दीपक जैन पिता भीखमचंद जैन उम्र 50 वर्ष दोनों निवासी सदर लाईन तथा करण साहू पिता मुकेश साहू उम्र 30 वर्ष निवासी चौखड़ियापारा राजनांदगांव बताया जाता है। प्रकरण में प्रार्थी सन्नी पंसारी पिता स्व. धन्नू राम पंसारी निवासी ठेठवारपारा, राजनांदगांव द्वारा थाना बसंतपुर में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी कि उसके द्वारा आरोपी दीपक जैन एवं सौरभ जैन, निवासी सदर बाजार, राजनांदगांव से लगभग 3 लाख रुपये उधार लिया गया था, जिसकी वह प्रतिमाह किश्त अदा कर रहा था।

    गत 18 सितम्बर को प्रार्थी समदा अस्पताल से वापस अपने घर जा रहा था। दोपहर करीब 1.30 बजे दुर्गा चौक के पास पहुंचने पर आरोपी सौरभ जैन, दीपक जैन एवं उनके एक अन्य साथी द्वारा प्रार्थी को जबरदस्ती अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने घर ले जाया गया। वहां घर का शटर बंद कर उधारी रकम वापस करने की बात कहते हुए पैसों की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा तत्काल रकम नहीं होने की बात कहने पर आरोपीगण द्वारा एक राय होकर लकड़ी के बैट एवं हाथ-मुक्के से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 443/2026, धारा 296, 115 (2), 351(2), 127(2), 119(1), 140(3), 3 ( 5 ) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई
    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक कौशलेश देवांगन के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा आरोपियों की पतासाजी कर उन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई। आरोपियों के कब्जे/पेश करने पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का बैट एवं आई – क्यूब स्कूटी क्रमांकसीजी 08-ए वाय-7009 जप्त की गई। आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

  • नारायणपुर में शिक्षा से बदल रही तस्वीर, श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रहा बेहतर भविष्य का अवसर

    नारायणपुर में शिक्षा से बदल रही तस्वीर, श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रहा बेहतर भविष्य का अवसर

    ​रायपुर

     छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना नारायणपुर जिले के श्रमिक परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की एक नई और मजबूत राह तैयार कर रही है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण जिन प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए केवल एक अधूरा सपना हुआ करता था, आज इस योजना की बदौलत उन्हीं संस्थानों के दरवाजे उनके मेधावी बच्चों के लिए पूरी तरह खुल गए हैं। जिले के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा प्रदान कर यह योजना उनके सपनों को पंख लगा रही है।     

    ​जिले के ग्राम खरगांव में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले रामधर दुग्गा के पुत्र साहिल दुग्गा का चयन जब राज्य के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार 'राजकुमार कॉलेज, रायपुर' में हुआ, तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रामधर भावुक होकर कहते हैं कि एक श्रमिक परिवार के लिए ऐसे बड़े विद्यालय में बच्चे को पढ़ाने की कल्पना करना भी आसान नहीं होता, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बेटे की राह बेहद आसान कर दी है। 

     ​इसी तरह नारायणपुर के जगदीश मंदिर वार्ड की रहने वाली डिगेश्वरी जैन, जो स्वयं रेजा-कुली का कठिन काम करती हैं, अपनी पुत्री तेजल जैन के इस बड़े अवसर को लेकर बेहद उत्साहित हैं। तेजल का चयन 'दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), राजनांदगांव' में निःशुल्क अध्ययन के लिए हुआ है। वहीं ओरछा तहसील के सुदूर ग्राम कुतुल की रेजा-कुली गणेशिया उसेंडी की बेटी दिप्ती उसेंडी और ग्राम बाकुलवाही के दयाल सिंह पात्र की पुत्री पूर्वी पात्र का चयन 'संस्कार द गुरुकुल, बस्तर' में हुआ है। ग्राम बोरण्ड निवासी बेनु राम राना के पुत्र हिमांशु राना को भी 'कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई' में रहकर पढ़ने का बेहतरीन मौका मिला है।

    यह योजना केवल निःशुल्क शिक्षा का जरिया मात्र नहीं है, बल्कि दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के भीतर आत्मविश्वास का नया संचार कर उनके करियर को संवारने की एक मजबूत नींव साबित हो रही है। एक समृद्ध और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण पाकर बच्चे न केवल अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे, बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए भी तैयार हो सकेंगे। इस सुखद बदलाव से गदगद हितग्राही परिवारों ने श्रम विभाग के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन का सहृदय धन्यवाद व्यक्त किया है, जिनकी दूरगामी सोच से आज गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य संवर रहा है।

  • सेवा संकल्प अभियान : पंजीयन शुल्क में मिली राहत बनी बेटी के भविष्य की बचत

    सेवा संकल्प अभियान : पंजीयन शुल्क में मिली राहत बनी बेटी के भविष्य की बचत

    रायपुर

    एक महिला के लिए अपने नाम संपत्ति होना आर्थिक सुरक्षा का आधार बना और पंजीयन शुल्क में मिली बचत ने उसकी बेटी के भविष्य के लिए एक नई उम्मीद जोड़ दी। बलौदाबाजार की मती पायल भट्टर के लिए संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान मिली 50 प्रतिशत की पंजीयन शुल्क छूट महज आर्थिक राहत नहीं रही, बल्कि यह उनकी बेटी के भविष्य के लिए बचत का अवसर बन गई। पंजीयन शुल्क में छूट से बचे 1 लाख 32 हजार रुपये उन्होंने अपनी बेटी के बचत खाते में जमा कर दिए हैं।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं एवं नागरिक सुविधाओं के जमीनी प्रभाव को जाना जा रहा है। इसी संवाद के दौरान मती पायल भट्टर ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पंजीयन शुल्क में मिली राहत से संपत्ति खरीदने का खर्च कम हुआ और बची राशि को उन्होंने बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया।

    रजिस्ट्री में मिली राहत, बेटी के भविष्य के लिए बनी पूंजी

    मती पायल भट्टर ने बताया कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर मिलने वाली शुल्क छूट से उन्हें 1 लाख 32 हजार रुपये की बचत हुई। उन्होंने इस राशि को खर्च करने के बजाय अपनी बेटी के बचत खाते में जमा करने का निर्णय लिया, ताकि भविष्य में शिक्षा, जरूरत या किसी महत्वपूर्ण अवसर पर यह राशि उसके काम आ सके।

    उनके लिए यह केवल रजिस्ट्री के खर्च में हुई बचत नहीं, बल्कि बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण शुरुआत है। पायल भट्टर का अनुभव यह बताता है कि शासन की किसी नीति का लाभ जब परिवार की जरूरत और भविष्य की योजना से जुड़ता है, तो उसका प्रभाव कागजों और आंकड़ों से आगे बढ़कर सीधे परिवार के जीवन में दिखाई देता है।

    महिला के नाम संपत्ति, परिवार के भविष्य को भी मजबूती

    मती भट्टर ने महिलाओं के नाम संपत्ति को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीयन शुल्क में दी जा रही रियायत को परिवारों के लिए आर्थिक राहत देने वाला निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि अपने नाम संपत्ति होने से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत होती है। पंजीयन शुल्क में बची राशि को बेटी के नाम सुरक्षित करना उनके लिए इस निर्णय का एक अतिरिक्त लाभ बन गया। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत पंजीयन शुल्क की छूट

    राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जा रही है। इसके तहत पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इस पहल का उद्देश्य संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्हें प्रत्यक्ष आर्थिक राहत उपलब्ध कराना है।

    सेवा संकल्प अभियान : नीति से लाभ तक, हितग्राहियों से सीधा संवाद

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप, वित्त एवं पंजीयन मंत्री  ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा सेवाओं को अधिक सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह जाना जा रहा है कि शासन की सुविधाओं और सुधारों का लाभ नागरिकों तक किस रूप में पहुंच रहा है। मती पायल भट्टर की कहानी इसी जमीनी बदलाव की एक मिसाल है, जहां पंजीयन शुल्क में मिली राहत ने संपत्ति स्वामित्व के साथ उनकी बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा की एक नई शुरुआत की है।

    पंजीयन शुल्क में मिली 1.32 लाख रुपये की बचत अब केवल एक आंकड़ा नहीं है। यह एक मां की अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने की सोच, परिवार की आर्थिक योजना और शासन की नागरिक-केंद्रित पहल के प्रत्यक्ष प्रभाव की कहानी बन गई है।