Category: छत्तीसगढ़

  • मुख्यमंत्री साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल

    आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    'आजादी की धुन' में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल

    100 युवा कलाकारों की एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र, देशभक्ति के गीतों ने बांधा समां

    रायपुर 
     राजधानी रायपुर की शाम आज देशभक्ति के सुरों से गूंज उठी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए 100 युवा कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों के साथ एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति देकर देशभक्ति का अनुपम वातावरण निर्मित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समारोह में शामिल हुए और युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देशभक्ति के गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रप्रेम के भाव से सराबोर कर दिया।

    मुख्यमंत्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘आजादी की धुन’ देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर है। 'आजादी की धुन’ हमें इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प दिलाती है। छत्तीसगढ़ में पहली बार 100 युवा कलाकारों द्वारा एक साथ अलग-अलग वाद्ययंत्रों पर देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति अपने आप में अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए संस्कृति विभाग और सभी कलाकारों को बधाई दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत में भावनाओं को जागृत करने और लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देशभक्ति के गीतों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में हमारे क्रांतिकारियों और सेनानियों का मनोबल बढ़ाया तथा करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता के लक्ष्य के लिए एकजुट किया। आज भी जब देशभक्ति की धुनें सुनाई देती हैं, तो मन में राष्ट्र के प्रति गर्व और समर्पण का भाव स्वतः जागृत हो उठता है।

    मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता हमें असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। अनेक क्रांतिकारियों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, हजारों सेनानियों ने कारावास की कठोर यातनाएं सहीं और लाखों देशवासियों ने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित असंख्य राष्ट्रनायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी। आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने सपनों को साकार कर पा रहे हैं, तो इसके पीछे हमारे पूर्वजों की तपस्या, संघर्ष और बलिदान है।

    उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमारे लिए केवल अधिकारों का उत्सव नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्वों को निभाने का संकल्प भी है। हमें यह सदैव स्मरण रखना चाहिए कि करोड़ों देशवासियों के संघर्ष से प्राप्त इस बहुमूल्य आजादी की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाना और राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने भी अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अन्याय और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर ने भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व कर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आदिवासी समाज की आवाज बुलंद की। ऐसे महान सेनानियों का शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ जैसे आयोजन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता के संघर्ष और उसके मूल्यों से जोड़ते हैं। नई पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि जिस स्वतंत्र भारत में वे आज अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं, उसके पीछे कितने ही ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष और त्याग है। स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। यह संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। इसे साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य के साथ आगे आना होगा।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विकास की रोशनी प्रदेश के प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तथा छत्तीसगढ़ अपनी सामर्थ्य और संभावनाओं के अनुरूप देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री साय ने समारोह में शामिल कलाकारों एवं युवाओं को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी का यह उत्सव हमें अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण कराने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, स्काउट-गाइड के चेयरमैन इंद्रजीत सिंह खालसा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, कलाकार और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

  • प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने की विभागीय समीक्षा, विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा

    प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने की विभागीय समीक्षा, विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा

    रायपुर : प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने ली विभागीय समीक्षा बैठक

    जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता

    अधोसंरचना विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का रखें विशेष ध्यान, धनपुर में मिली दुर्लभ मूर्तियों के संरक्षण के निर्देश

    रायपुर 
    गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के प्रभारी मंत्री एवं पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज कलेक्ट्रेट स्थित अरपा सभा कक्ष में जिला अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन, लक्ष्य एवं उपलब्धियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए उनका लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे।

    प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने ली विभागीय समीक्षा बैठक

    बैठक में विधायक प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, कलेक्टर विजय दयाराम के, पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश

    मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जिले में चल रहे अधोसंरचना एवं विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

    प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किश्त और मनरेगा कार्यों की समीक्षा

    समीक्षा के दौरान मंत्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को तीसरी किश्त की राशि समय पर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दुकानों, मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय निर्माण जैसे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने कहा।

    उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से बालिका शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के लिए विद्यालयों में सुरक्षित एवं स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध कराना शिक्षा के अनुकूल वातावरण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    जीपीएम को टीबी मुक्त जिला बनाने पर जोर

    मंत्री अग्रवाल ने जिले को टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने तथा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को कहा। साथ ही सभी पात्र परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिलाने के निर्देश दिए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को स्वच्छ ईंधन की सुविधा उपलब्ध हो सके।

    विद्युत सुविधाओं के विस्तार और बिजली बिल समाधान योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाएं

    मंत्री ने जिले में स्वीकृत विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युत सुविधाओं के विस्तार से लोगों के जीवन स्तर में सुधार के साथ विकास की गति भी तेज होगी।

    छात्रावासों में बढ़ें सीटें, पहुंच मार्गों के प्रस्ताव शीघ्र भेजें

    शिक्षा एवं आवासीय सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री अग्रवाल ने जिले के छात्रावासों में आवश्यकता के अनुसार सीटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य मार्गों से गांवों और महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने वाले छोटे-छोटे पहुंच मार्गों के निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र भेजने कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर हो सके।

    बकरी और मछली पालन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

    मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बकरी पालन एवं मछली पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को अधिक से अधिक लोगों को इन व्यवसायों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक आजीविका से जुड़े व्यवसायों को प्रोत्साहित कर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।

    पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पीपल के पौधे लगाने के निर्देश

    मंत्री अग्रवाल ने मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पीपल के पौधे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए पौधों के संरक्षण और उनके वृक्ष बनने तक देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

    धनपुर में खुदाई से प्राप्त दुर्लभ मूर्तियों के संरक्षण की पहल

    बैठक के दौरान कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जिले में पर्यटन विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने धार्मिक एवं पुरातात्विक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ’धनपुर’ में खुदाई के दौरान प्राप्त दुर्लभ मूर्तियों की जानकारी भी मंत्री अग्रवाल को दी। उन्होंने इन प्राचीन मूर्तियों की पहचान, सर्वेक्षण एवं संरक्षण के लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।

    कलेक्टर के आग्रह को गंभीरता से लेते हुए मंत्री अग्रवाल ने बैठक के दौरान ही दूरभाष पर पर्यटन विभाग के उच्च अधिकारी से चर्चा की और ’धनपुर‘ में खुदाई से प्राप्त मूर्तियों के सर्वेक्षण एवं संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसी धरोहरों को संरक्षित कर उन्हें पर्यटन विकास से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाना चाहिए।

    विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुत किया योजनाओं का प्रगति विवरण

    बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने क्रमवार प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अपने-अपने विभाग की योजनाओं, निर्धारित लक्ष्यों, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी। प्रभारी मंत्री अग्रवाल ने विभागवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।

    उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का उद्देश्य आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसलिए अधिकारी योजनाओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए मैदानी स्तर पर उनकी प्रभावी पहुंच और परिणाम सुनिश्चित करें।

  • बस्तर दशहरा की कल से होगी भव्य शुरुआत, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ शुरू होगा 75 दिवसीय पर्व

    बस्तर दशहरा की कल से होगी भव्य शुरुआत, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ शुरू होगा 75 दिवसीय पर्व

    रायपुर : विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा

    75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में निभाई जाएंगी पारंपरिक रस्में, दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होगा आयोजन

    रायपुर

    बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में कल बुधवार, 12 अगस्त को हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का आगाज होने जा रहा है। इस दौरान पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने की श्ठुरलू खोटलाश् रस्म अदा करेंगे। बस्तर दशहरा समिति ने सभी सेवादारों, ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों को इस पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया है।

    75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा का मुख्य कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसके तहत 12 अगस्त बुधवार से पाट जात्रा पूजा विधान दशहरा पर्व का शुभारंभ, 24 सितम्बर गुरूवार को डेरी गड़ाई पूजा विधान, 10 अक्टूबर शनिवार को काछनगादी पूजा विधान, 11 अक्टूबर रविवार को कलश स्थापना पूजा विधान, 12 अक्टूबर सोमवार को जोगी बिठाई पूजा विधान के रस्म का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर को प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, 18 अक्टूबर रविवार को सुबह 11 बजे बेल पूजा विधान, 19 अक्टूबर सोमवार को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, 20 अक्टूबर मंगलवार को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव का आयोजन किया जाएगा।

    21 अक्टूबर बुधवार को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 22 अक्टूबर गुरूवार को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 23 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान, दोपहर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार का आयोजन किया जाएगा। 24 अक्टूबर शनिवार कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई, 27 अक्टूबर मंगलवार मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ पर्व का औपचारिक समापन किया जाएगा। मां दंतेश्वरी को समर्पित यह 75 दिवसीय दशहरा पर्व अपनी अनूठी लोक-परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और भव्य रस्मों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

  • CG Badminton Tournament: रायपुर में जूनियर बैडमिंटन खिलाड़ियों का महासंग्राम शुरू, रमन सिंह-साव ने किया उद्घाटन

    CG Badminton Tournament: रायपुर में जूनियर बैडमिंटन खिलाड़ियों का महासंग्राम शुरू, रमन सिंह-साव ने किया उद्घाटन

    रायपुर : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का किया शुभारंभ

    रायपुर
    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में जिला बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में अंडर-19 बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता 9 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक आयोजित की जा रही है।
        
    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनांदगांव में प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन होना गर्व की बात है। उन्होंने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, जूडो, कराटे और कुश्ती सहित विभिन्न खेलों में यहां के खिलाड़ी लगातार आगे बढ़ रहे हैं। 

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव को खेल नगरी के रूप में और अधिक विकसित करने के लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। खिलाडिय़ों की आवश्यकता के अनुरूप मैदान, कोर्ट, प्रशिक्षण सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर राशि का प्रावधान किया गया है। खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण, कोचिंग और प्रशिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे के लिए बेहतर अवसर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। 

    उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के बच्चे भी खेलों के प्रति उत्साह के साथ मैदानों में पहुंच रहे हैं। सुबह बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी, फुटबॉल और क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों का अभ्यास करते दिखाई देते हैं। यह राजनांदगांव की खेल संस्कृति और यहां की प्रतिभाओं की मजबूत नींव को दर्शाता है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि वे अनुशासन, निरंतर अभ्यास और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजनांदगांव के खिलाड़ी प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
        
    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी खिलाडिय़ों और आयोजकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि राजनांदगांव संस्कारधानी के साथ-साथ अब खेलों की राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। ज्ञानेश्वरी यादव जैसे प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों ने विश्व स्तर पर राजनांदगांव का नाम रोशन किया है और जिले में ऐसी अनेक खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश जो खेलेगा, वही खिलेगा को आत्मसात करते हुए खिलाड़ी पूरी लगन और मेहनत के साथ खेलें, आगे बढ़ें और देश का नाम रोशन करें। 

    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद खेल और खिलाडिय़ों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उत्कृष्ट खिलाडिय़ों की लंबित घोषणा को पूरा करते हुए इस वर्ष 156 खिलाडिय़ों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया है, जो सरकार की खेलों और खिलाडिय़ों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास के साथ विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार बड़े आयोजन किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिसका उपयोग खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण और खिलाडिय़ों की सुविधाओं के विकास के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा अधोसंरचना के संबंध में प्रस्ताव दिए जाने पर आवश्यकतानुसार बजट का प्रावधान करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतियोगिता सफल होगी और यहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलकर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करेंगे।
        
    सांसद संतोष पाण्डेय ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनांदगांव में वॉलीबॉल, फुटबॉल, हॉकी और बैडमिंटन सहित विभिन्न खेलों में प्रतिभाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के खिलाडिय़ों ने अपनी प्रतिभा के बल पर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उपस्थित खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ें। सांसद पाण्डेय ने दिग्विजय स्टेडियम परिसर में उपलब्ध भवन एवं अन्य संसाधनों का खिलाडिय़ों के हित में बेहतर उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन सहित अन्य खेलों के प्रशिक्षण एवं अभ्यास के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जानी चाहिए, ताकि राजनांदगांव के खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, कोमल सिंह राजपूत, रमेश पटेल, राजेश श्यामकर, योगेश बागड़ी और सीईओ जिला पंचायत दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारी, कोच, प्रशिक्षक एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।

  • ‘श्रेष्ठ संगति और सकारात्मक विचार बनाते हैं बेहतर जीवन’, मंत्री टंक राम वर्मा ने दिया प्रेरक संदेश

    ‘श्रेष्ठ संगति और सकारात्मक विचार बनाते हैं बेहतर जीवन’, मंत्री टंक राम वर्मा ने दिया प्रेरक संदेश

    सकारात्मक विचार और श्रेष्ठ संगति ही जीवन की दिशा तय करते हैं: मंत्री टंक राम वर्मा

    सारंगढ़ के शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय महाविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह

    उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने जनभागीदारी मद निर्मित कक्ष का किया लोकार्पण

    ​रायपुर, 
    शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सारंगढ़ के स्थापना दिवस के अवसर पर राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, पठन-पाठन, कला, गायन एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।  उन्होंने कहा कि मनुष्य के विचार ही उसके जीवन में वास्तविक बदलाव लाते हैं। श्रेष्ठ विचारों का निर्माण अच्छी संगति से ही संभव है। उन्होंने पौराणिक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि गुरु द्रोणाचार्य के सानिध्य के बावजूद गलत संगति के कारण दुर्योधन का पतन हुआ। ​

         मंत्री वर्मा ने कहा कि राज्य में 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020' को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा एवं जिला विकास के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं, जिसके अंतर्गत सारंगढ़ में ऑडिटोरियम निर्माण सहित अन्य विकास कार्य गति पकड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में युवा शक्ति की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

          मंत्री वर्मा ने कहा कि जब कुम्हार ने चिलम बनाने के स्थान पर शीतल जल प्रदान करने वाली सुराही बनाने का निर्णय लिया, तो मिट्टी का रूप और उद्देश्य दोनों बदल गए। यदि विचार सकारात्मक हों, तो वे स्वयं के जीवन को संवारने के साथ-साथ समाज को भी शीतलता और शांति प्रदान करते हैं। इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर में पौधरोपण किया l जनभागीदारी मद से निर्मित नवीन अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण भी किया।

    महाविद्यालय में सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय मांगें

             ​कार्यक्रम में सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े ने नवीन कक्ष के निर्माण पर बधाई देते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने महाविद्यालय में सेमिनार हॉल निर्माण की मांग रखी। प्राचार्य ने संस्था का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए स्नातकोत्तर स्तर पर संस्कृत एवं गणित विषय प्रारंभ करने तथा सेमिनार हॉल की आवश्यकता से अवगत कराया। 

        इस अवसर पर ​जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर,स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, महाविद्यालय के प्राध्यापक, एनसीसी एवं एनएसएस के कैडेट्स तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

  • कच्चे घर की मुश्किलें हुईं दूर, सोमारी बघेल को मिला पक्का आशियाना

    कच्चे घर की मुश्किलें हुईं दूर, सोमारी बघेल को मिला पक्का आशियाना

    रायपुर

    कच्चे घर से पक्के आशियाने तक, सोमारी बघेल का सपना हुआ पूरा

    प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सुकमा जिले के जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। ग्राम पंचायत बोकड़ाओडर, जनपद पंचायत छिंदगढ़ निवासी  सोमारी बघेल का वर्षों पुराना पक्का घर बनाने का सपना अब पूरा हो गया है। योजना के तहत मिले पक्के मकान ने उनके परिवार को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन की नई शुरुआत दी है।

    बारिश में टपकती छत, हर दिन चिंता
           
    सोमारी बघेल का परिवार लंबे समय तक कच्चे और जर्जर मकान में रहता था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारें कमजोर हो जाती थीं और सांप- बिच्छुओं का डर बना रहता था। परिवार को हर मौसम में असुरक्षा और परेशानी का सामना करना पड़ता था।

    योजना से मिला पक्का घर
          
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की पहल से सोमारी बघेल का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण की पात्रता सूची में शामिल किया गया। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उन्हें आवास स्वीकृत हुआ। योजना के तहत तीन चरणों में कुल 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली, जिससे उन्होंने अपना पक्का और सुरक्षित घर बना लिया।

    अन्य योजनाओं का भी मिला लाभ
          

    प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के साथ अन्य शासकीय योजनाओं का भी लाभ मिला। मनरेगा के तहत मजदूरी और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालय निर्माण की सुविधा प्राप्त हुई। इससे परिवार को स्वच्छ और सम्मानजनक जीवन जीने का बेहतर अवसर मिला।

    अब जीवन सुरक्षित और निश्चिंत
           
     सोमारी बघेल बताती हैं कि पहले बारिश के समय सबसे अधिक चिंता घर की होती थी, लेकिन अब पक्का घर मिलने से पूरा परिवार सुरक्षित और निश्चिंत है। बच्चों के लिए भी बेहतर माहौल मिला है और भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ा है।

    प्रधानमंत्री आवास बेहतर भविष्य की नई उम्मीद
           
    सोमारी बघेल की यह कहानी दिखाती है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केवल एक घर नहीं देती, बल्कि गरीब परिवारों को सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी देती है।

  • 21 वर्षों बाद फिर खुला मेटापारा कोरसागुड़ा का स्कूल21 वर्षों बाद फिर खुला मेटापारा कोरसागुड़ा का स्कूल

    21 वर्षों बाद फिर खुला मेटापारा कोरसागुड़ा का स्कूल21 वर्षों बाद फिर खुला मेटापारा कोरसागुड़ा का स्कूल

    रायपुर

    बीजापुर जिले में बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और वन एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार लगातार अभियान सफल हो रहा है। इसी कड़ी में उसूर विकासखंड के प्राथमिक शाला मेटापारा, कोरसागुड़ा का 21 वर्षों बाद पुनः संचालन शुरू किया गया।

    विद्यालय में प्रवेश लेने वाले 25 बच्चों का आत्मीय स्वागत
           
    कलेक्टर बीजापुर विश्वदीप की पहल से स्कूल खुलने के साथ ही गांव में खुशियों का माहौल बन गया। विद्यालय में प्रवेश लेने वाले 25 बच्चों का फूलमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। बच्चों को स्लेट, पुस्तकें और पेंसिल भी वितरित की गईं, जिससे उनके शैक्षणिक जीवन की नई शुरुआत हुई।

    गांव में लौटी पढ़ाई की रौनक
           
    लंबे समय बाद स्कूल खुलने से ग्रामीणों और अभिभावकों में उत्साह देखा गया। अब बच्चों को अपने गांव में ही पढ़ाई का अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी शिक्षा पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गई है।

    शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव
           
    जिला पंचायत सदस्य श्री शंकरैया माड़वी ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और स्कूलों के पुनः संचालन से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों का भविष्य संवर रहा है।

    38 बंद स्कूल फिर से शुरू, शिक्षादूतों की मदद से पढ़ाई शुरू
          
    जिला शिक्षा अधिकारी बीजापुर श्री राजेश पांडे ने बताया कि राज्य शासन और जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से वर्तमान शिक्षा सत्र में बीजापुर जिले के 38 बंद स्कूलों का पुनः संचालन किया जा चुका है। स्थानीय संसाधनों और शिक्षादूतों की मदद से पढ़ाई शुरू कराई गई है, जिससे वर्षों से शिक्षा से दूर रहे बच्चों को फिर से विद्यालयों से जोड़ा जा रहा है।

    दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा की रोशनी
          
    मेटापारा कोरसागुड़ा स्कूल का पुनः संचालन केवल एक विद्यालय खुलने की घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व, प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन की सक्रिय पहल से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंच रही है।

  • CG के नारायणपुर में पुलिस का सघन अभियान, 1200 घरों की जांच में 173 संदिग्धों से पूछताछ

    CG के नारायणपुर में पुलिस का सघन अभियान, 1200 घरों की जांच में 173 संदिग्धों से पूछताछ

    नारायणपुर.

    पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए एक साथ बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान चलाया. नगर पंचायत के सभी 15 वार्डों के अलावा आसपास के कई इलाकों को भी अभियान में शामिल किया गया. इस दौरान 1200 से ज्यादा घरों और 160 से अधिक दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की जांच की गई.

    पुलिस की 21 टीमों में करीब 150 अधिकारी और कर्मचारी इस अभियान का हिस्सा रहे. अभियान के दौरान 173 संदिग्ध लोगों को पूछताछ और दस्तावेज सत्यापन के लिए रोका गया. बाहर से आकर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की जानकारी भी जुटाई गई. मकान मालिकों को किरायेदारों और दूसरे लोगों की जानकारी समाधान ऐप में दर्ज करने के लिए जागरूक किया गया. मटन, नाई, कबाड़ी सहित अलग-अलग प्रतिष्ठानों में काम करने वाले बाहरी कर्मचारियों का भी सत्यापन किया गया. पहचान दस्तावेजों के आधार पर जानकारी जुटाने के साथ संबंधित थानों से भी तस्दीक कराई जा रही है.

    पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता नहीं मिलने पर लोगों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया. अभियान का मकसद किसी को परेशान करना नहीं बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया है. पुलिस का कहना है कि इस तरह के सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेंगे. इसी बीच स्कूल में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम के जरिए छात्रों को भी नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई. यानी नारायणपुर में एक तरफ सुरक्षा की निगरानी बढ़ाई जा रही है तो दूसरी तरफ युवाओं को नशे से बचाने पर भी जोर दिया जा रहा है.

  • बस्तर के बैलाडीला से जापान तक लौह की गूंज, खनिज संपदा ने दिखाई नई राह

    बस्तर के बैलाडीला से जापान तक लौह की गूंज, खनिज संपदा ने दिखाई नई राह

    दंतेवाड़ा.

    बैलाडीला सिर्फ लौह अयस्क का पहाड़ नहीं, बल्कि भारत-जापान के रिश्तों की एक अहम कहानी भी अपने भीतर समेटे है. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान को अपनी अर्थव्यवस्था और उद्योग को फिर से खड़ा करना था.

    इसी दौर में उसकी नजर बस्तर के बैलाडीला में मौजूद उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क पर पड़ी. 1957 में जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भारत पहुंचकर अलग-अलग लौह अयस्क क्षेत्रों का अध्ययन किया. असादा के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन के बाद बैलाडीला को लेकर जापान की दिलचस्पी और बढ़ी. इसके बाद मार्च 1960 में भारत और जापानी इस्पात मिलों के संगठन के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ. समझौते के तहत बैलाडीला से 40 लाख टन लौह अयस्क जापान भेजने की व्यवस्था तय हुई. इस खनिज को विशाखापट्टनम तक पहुंचाने के लिए किरंदुल-कोत्तावलसा रेल संपर्क भी इसी दौर में महत्वपूर्ण बना.

    बैलाडीला का लोहा रेल से विशाखापट्टनम पहुंचा और वहां से समुद्री रास्ते जापान भेजा गया. यानी बस्तर का पहाड़ सिर्फ भारत के औद्योगिक विकास का हिस्सा नहीं बना, बल्कि जापान की औद्योगिक वापसी में भी इसकी भूमिका रही. इससे पहले पीएन बोस जैसे भूगर्भशास्त्रियों ने बैलाडीला के खनिज भंडार की पहचान की थी. बाद में सर्वेक्षणों ने यहां लौह अयस्क से समृद्ध कई पहाड़ी क्षेत्रों को चिन्हित किया. आज भी बैलाडीला भारत के प्रमुख लौह अयस्क क्षेत्रों में गिना जाता है और जापान से जुड़ी इसकी कहानी इसे और खास बनाती है. यही वजह है कि बैलाडीला बस्तर की धरती पर खड़े एक ऐसे अध्याय का नाम है, जिसने दो देशों की औद्योगिक कहानी को जोड़ा.

  • नांदघाट-मुंगेली फोरलेन सड़क पर बड़ा अपडेट, लागत 137.81 करोड़; सरकार ने जारी किए अतिरिक्त 21.81 करोड़

    नांदघाट-मुंगेली फोरलेन सड़क पर बड़ा अपडेट, लागत 137.81 करोड़; सरकार ने जारी किए अतिरिक्त 21.81 करोड़

    रायपुर.

    राज्य शासन ने बेमेतरा जिले के नांदघाट से मुंगेली जिला मुख्यालय तक पूर्व में स्वीकृत टू-लेन सड़क को फोरलेन करने के लिए 21 करोड़ 81 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है। वर्ष 2024 में सीआरआईएफ (CRIF) योजना के अंतर्गत इस मार्ग के टू-लेन निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।

    उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने इस सड़क को टू-लेन से फोरलेन में परिवर्तित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए थे। उनके निर्देश के अनुपालन में नांदघाट-मुंगेली मार्ग के टू-लेन से फोरलेन में उन्नयन के लिए राज्य शासन ने गुरुवार को 21 करोड़ 81 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है। पूर्व में स्वीकृत 116 करोड़ और गुरुवार को स्वीकृत 21 करोड़ 81 लाख को मिलाकर अब कुल 137 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से नांदघाट और मुंगेली के बीच 36.40 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। क्षेत्रवासी राज्य मार्ग नांदघाट-मुंगेली को फोरलेन करने की मांग लंबे समय से कर रहे थे।

    राज्य शासन द्वारा अतिरिक्त राशि स्वीकृत करने से क्षेत्र की एक बड़ी मांग पूरी हो रही है। इस मार्ग के फोरलेन हो जाने से मुंगेली, लोरमी, पंडरिया तथा पंडरिया होते हुए मध्यप्रदेश के लोगों का राजधानी रायपुर आवागमन तेज, सुगम एवं सुरक्षित हो जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री तथा नवागढ़ के विधायक दयालदास बघेल ने नांदघाट-मुंगेली सड़क के फोरलेन के रूप में मंजूरी पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई दी है।