Category: छत्तीसगढ़

  • ‘श्रेष्ठ संगति और सकारात्मक विचार बनाते हैं बेहतर जीवन’, मंत्री टंक राम वर्मा ने दिया प्रेरक संदेश

    ‘श्रेष्ठ संगति और सकारात्मक विचार बनाते हैं बेहतर जीवन’, मंत्री टंक राम वर्मा ने दिया प्रेरक संदेश

    सकारात्मक विचार और श्रेष्ठ संगति ही जीवन की दिशा तय करते हैं: मंत्री टंक राम वर्मा

    सारंगढ़ के शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय महाविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह

    उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने जनभागीदारी मद निर्मित कक्ष का किया लोकार्पण

    ​रायपुर, 
    शासकीय लोचन प्रसाद पांडेय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सारंगढ़ के स्थापना दिवस के अवसर पर राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, पठन-पाठन, कला, गायन एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।  उन्होंने कहा कि मनुष्य के विचार ही उसके जीवन में वास्तविक बदलाव लाते हैं। श्रेष्ठ विचारों का निर्माण अच्छी संगति से ही संभव है। उन्होंने पौराणिक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि गुरु द्रोणाचार्य के सानिध्य के बावजूद गलत संगति के कारण दुर्योधन का पतन हुआ। ​

         मंत्री वर्मा ने कहा कि राज्य में 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020' को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा एवं जिला विकास के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं, जिसके अंतर्गत सारंगढ़ में ऑडिटोरियम निर्माण सहित अन्य विकास कार्य गति पकड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में युवा शक्ति की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

          मंत्री वर्मा ने कहा कि जब कुम्हार ने चिलम बनाने के स्थान पर शीतल जल प्रदान करने वाली सुराही बनाने का निर्णय लिया, तो मिट्टी का रूप और उद्देश्य दोनों बदल गए। यदि विचार सकारात्मक हों, तो वे स्वयं के जीवन को संवारने के साथ-साथ समाज को भी शीतलता और शांति प्रदान करते हैं। इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर में पौधरोपण किया l जनभागीदारी मद से निर्मित नवीन अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण भी किया।

    महाविद्यालय में सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय मांगें

             ​कार्यक्रम में सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े ने नवीन कक्ष के निर्माण पर बधाई देते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने महाविद्यालय में सेमिनार हॉल निर्माण की मांग रखी। प्राचार्य ने संस्था का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए स्नातकोत्तर स्तर पर संस्कृत एवं गणित विषय प्रारंभ करने तथा सेमिनार हॉल की आवश्यकता से अवगत कराया। 

        इस अवसर पर ​जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर,स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, महाविद्यालय के प्राध्यापक, एनसीसी एवं एनएसएस के कैडेट्स तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

  • कच्चे घर की मुश्किलें हुईं दूर, सोमारी बघेल को मिला पक्का आशियाना

    कच्चे घर की मुश्किलें हुईं दूर, सोमारी बघेल को मिला पक्का आशियाना

    रायपुर

    कच्चे घर से पक्के आशियाने तक, सोमारी बघेल का सपना हुआ पूरा

    प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सुकमा जिले के जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। ग्राम पंचायत बोकड़ाओडर, जनपद पंचायत छिंदगढ़ निवासी  सोमारी बघेल का वर्षों पुराना पक्का घर बनाने का सपना अब पूरा हो गया है। योजना के तहत मिले पक्के मकान ने उनके परिवार को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन की नई शुरुआत दी है।

    बारिश में टपकती छत, हर दिन चिंता
           
    सोमारी बघेल का परिवार लंबे समय तक कच्चे और जर्जर मकान में रहता था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारें कमजोर हो जाती थीं और सांप- बिच्छुओं का डर बना रहता था। परिवार को हर मौसम में असुरक्षा और परेशानी का सामना करना पड़ता था।

    योजना से मिला पक्का घर
          
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की पहल से सोमारी बघेल का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण की पात्रता सूची में शामिल किया गया। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उन्हें आवास स्वीकृत हुआ। योजना के तहत तीन चरणों में कुल 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली, जिससे उन्होंने अपना पक्का और सुरक्षित घर बना लिया।

    अन्य योजनाओं का भी मिला लाभ
          

    प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के साथ अन्य शासकीय योजनाओं का भी लाभ मिला। मनरेगा के तहत मजदूरी और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालय निर्माण की सुविधा प्राप्त हुई। इससे परिवार को स्वच्छ और सम्मानजनक जीवन जीने का बेहतर अवसर मिला।

    अब जीवन सुरक्षित और निश्चिंत
           
     सोमारी बघेल बताती हैं कि पहले बारिश के समय सबसे अधिक चिंता घर की होती थी, लेकिन अब पक्का घर मिलने से पूरा परिवार सुरक्षित और निश्चिंत है। बच्चों के लिए भी बेहतर माहौल मिला है और भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ा है।

    प्रधानमंत्री आवास बेहतर भविष्य की नई उम्मीद
           
    सोमारी बघेल की यह कहानी दिखाती है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केवल एक घर नहीं देती, बल्कि गरीब परिवारों को सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी देती है।

  • 21 वर्षों बाद फिर खुला मेटापारा कोरसागुड़ा का स्कूल21 वर्षों बाद फिर खुला मेटापारा कोरसागुड़ा का स्कूल

    21 वर्षों बाद फिर खुला मेटापारा कोरसागुड़ा का स्कूल21 वर्षों बाद फिर खुला मेटापारा कोरसागुड़ा का स्कूल

    रायपुर

    बीजापुर जिले में बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और वन एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार लगातार अभियान सफल हो रहा है। इसी कड़ी में उसूर विकासखंड के प्राथमिक शाला मेटापारा, कोरसागुड़ा का 21 वर्षों बाद पुनः संचालन शुरू किया गया।

    विद्यालय में प्रवेश लेने वाले 25 बच्चों का आत्मीय स्वागत
           
    कलेक्टर बीजापुर विश्वदीप की पहल से स्कूल खुलने के साथ ही गांव में खुशियों का माहौल बन गया। विद्यालय में प्रवेश लेने वाले 25 बच्चों का फूलमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। बच्चों को स्लेट, पुस्तकें और पेंसिल भी वितरित की गईं, जिससे उनके शैक्षणिक जीवन की नई शुरुआत हुई।

    गांव में लौटी पढ़ाई की रौनक
           
    लंबे समय बाद स्कूल खुलने से ग्रामीणों और अभिभावकों में उत्साह देखा गया। अब बच्चों को अपने गांव में ही पढ़ाई का अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी शिक्षा पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गई है।

    शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव
           
    जिला पंचायत सदस्य श्री शंकरैया माड़वी ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और स्कूलों के पुनः संचालन से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों का भविष्य संवर रहा है।

    38 बंद स्कूल फिर से शुरू, शिक्षादूतों की मदद से पढ़ाई शुरू
          
    जिला शिक्षा अधिकारी बीजापुर श्री राजेश पांडे ने बताया कि राज्य शासन और जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से वर्तमान शिक्षा सत्र में बीजापुर जिले के 38 बंद स्कूलों का पुनः संचालन किया जा चुका है। स्थानीय संसाधनों और शिक्षादूतों की मदद से पढ़ाई शुरू कराई गई है, जिससे वर्षों से शिक्षा से दूर रहे बच्चों को फिर से विद्यालयों से जोड़ा जा रहा है।

    दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा की रोशनी
          
    मेटापारा कोरसागुड़ा स्कूल का पुनः संचालन केवल एक विद्यालय खुलने की घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व, प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन की सक्रिय पहल से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंच रही है।

  • CG के नारायणपुर में पुलिस का सघन अभियान, 1200 घरों की जांच में 173 संदिग्धों से पूछताछ

    CG के नारायणपुर में पुलिस का सघन अभियान, 1200 घरों की जांच में 173 संदिग्धों से पूछताछ

    नारायणपुर.

    पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए एक साथ बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान चलाया. नगर पंचायत के सभी 15 वार्डों के अलावा आसपास के कई इलाकों को भी अभियान में शामिल किया गया. इस दौरान 1200 से ज्यादा घरों और 160 से अधिक दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की जांच की गई.

    पुलिस की 21 टीमों में करीब 150 अधिकारी और कर्मचारी इस अभियान का हिस्सा रहे. अभियान के दौरान 173 संदिग्ध लोगों को पूछताछ और दस्तावेज सत्यापन के लिए रोका गया. बाहर से आकर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की जानकारी भी जुटाई गई. मकान मालिकों को किरायेदारों और दूसरे लोगों की जानकारी समाधान ऐप में दर्ज करने के लिए जागरूक किया गया. मटन, नाई, कबाड़ी सहित अलग-अलग प्रतिष्ठानों में काम करने वाले बाहरी कर्मचारियों का भी सत्यापन किया गया. पहचान दस्तावेजों के आधार पर जानकारी जुटाने के साथ संबंधित थानों से भी तस्दीक कराई जा रही है.

    पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता नहीं मिलने पर लोगों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया. अभियान का मकसद किसी को परेशान करना नहीं बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया है. पुलिस का कहना है कि इस तरह के सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेंगे. इसी बीच स्कूल में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम के जरिए छात्रों को भी नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई. यानी नारायणपुर में एक तरफ सुरक्षा की निगरानी बढ़ाई जा रही है तो दूसरी तरफ युवाओं को नशे से बचाने पर भी जोर दिया जा रहा है.

  • बस्तर के बैलाडीला से जापान तक लौह की गूंज, खनिज संपदा ने दिखाई नई राह

    बस्तर के बैलाडीला से जापान तक लौह की गूंज, खनिज संपदा ने दिखाई नई राह

    दंतेवाड़ा.

    बैलाडीला सिर्फ लौह अयस्क का पहाड़ नहीं, बल्कि भारत-जापान के रिश्तों की एक अहम कहानी भी अपने भीतर समेटे है. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान को अपनी अर्थव्यवस्था और उद्योग को फिर से खड़ा करना था.

    इसी दौर में उसकी नजर बस्तर के बैलाडीला में मौजूद उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क पर पड़ी. 1957 में जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भारत पहुंचकर अलग-अलग लौह अयस्क क्षेत्रों का अध्ययन किया. असादा के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन के बाद बैलाडीला को लेकर जापान की दिलचस्पी और बढ़ी. इसके बाद मार्च 1960 में भारत और जापानी इस्पात मिलों के संगठन के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ. समझौते के तहत बैलाडीला से 40 लाख टन लौह अयस्क जापान भेजने की व्यवस्था तय हुई. इस खनिज को विशाखापट्टनम तक पहुंचाने के लिए किरंदुल-कोत्तावलसा रेल संपर्क भी इसी दौर में महत्वपूर्ण बना.

    बैलाडीला का लोहा रेल से विशाखापट्टनम पहुंचा और वहां से समुद्री रास्ते जापान भेजा गया. यानी बस्तर का पहाड़ सिर्फ भारत के औद्योगिक विकास का हिस्सा नहीं बना, बल्कि जापान की औद्योगिक वापसी में भी इसकी भूमिका रही. इससे पहले पीएन बोस जैसे भूगर्भशास्त्रियों ने बैलाडीला के खनिज भंडार की पहचान की थी. बाद में सर्वेक्षणों ने यहां लौह अयस्क से समृद्ध कई पहाड़ी क्षेत्रों को चिन्हित किया. आज भी बैलाडीला भारत के प्रमुख लौह अयस्क क्षेत्रों में गिना जाता है और जापान से जुड़ी इसकी कहानी इसे और खास बनाती है. यही वजह है कि बैलाडीला बस्तर की धरती पर खड़े एक ऐसे अध्याय का नाम है, जिसने दो देशों की औद्योगिक कहानी को जोड़ा.

  • नांदघाट-मुंगेली फोरलेन सड़क पर बड़ा अपडेट, लागत 137.81 करोड़; सरकार ने जारी किए अतिरिक्त 21.81 करोड़

    नांदघाट-मुंगेली फोरलेन सड़क पर बड़ा अपडेट, लागत 137.81 करोड़; सरकार ने जारी किए अतिरिक्त 21.81 करोड़

    रायपुर.

    राज्य शासन ने बेमेतरा जिले के नांदघाट से मुंगेली जिला मुख्यालय तक पूर्व में स्वीकृत टू-लेन सड़क को फोरलेन करने के लिए 21 करोड़ 81 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है। वर्ष 2024 में सीआरआईएफ (CRIF) योजना के अंतर्गत इस मार्ग के टू-लेन निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।

    उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने इस सड़क को टू-लेन से फोरलेन में परिवर्तित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए थे। उनके निर्देश के अनुपालन में नांदघाट-मुंगेली मार्ग के टू-लेन से फोरलेन में उन्नयन के लिए राज्य शासन ने गुरुवार को 21 करोड़ 81 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है। पूर्व में स्वीकृत 116 करोड़ और गुरुवार को स्वीकृत 21 करोड़ 81 लाख को मिलाकर अब कुल 137 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से नांदघाट और मुंगेली के बीच 36.40 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। क्षेत्रवासी राज्य मार्ग नांदघाट-मुंगेली को फोरलेन करने की मांग लंबे समय से कर रहे थे।

    राज्य शासन द्वारा अतिरिक्त राशि स्वीकृत करने से क्षेत्र की एक बड़ी मांग पूरी हो रही है। इस मार्ग के फोरलेन हो जाने से मुंगेली, लोरमी, पंडरिया तथा पंडरिया होते हुए मध्यप्रदेश के लोगों का राजधानी रायपुर आवागमन तेज, सुगम एवं सुरक्षित हो जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री तथा नवागढ़ के विधायक दयालदास बघेल ने नांदघाट-मुंगेली सड़क के फोरलेन के रूप में मंजूरी पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई दी है।

  • सेन शक्ति सम्मेलन एवं शिल्पी सम्मान समारोह में शामिल होंगे CM साय, कार्यक्रम की तैयारियां तेज

    सेन शक्ति सम्मेलन एवं शिल्पी सम्मान समारोह में शामिल होंगे CM साय, कार्यक्रम की तैयारियां तेज

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार, 8 अगस्त को रायपुर में आयोजित दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री दोपहर में चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में आयोजित ‘सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह’ में शामिल होंगे।

    इसके बाद शाम को होटल पिकाडिली में आयोजित “INDIA’S BIGGEST YOUTH CONCLAVE” कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन से मुख्यमंत्री दोपहर 12:50 बजे कार द्वारा रवाना होंगे और करीब 1 बजे अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह पहुंचेंगे। यहां दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री 2 बजे सभागृह से रवाना होकर करीब 2:10 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। इसके बाद शाम 5:45 बजे मुख्यमंत्री निवास से होटल पिकाडिली के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री शाम 6 बजे से 7 बजे तक होटल पिकाडिली, जी.ई. रोड, मारुति विहार, महोबा बाजार, रायपुर में आयोजित “INDIA’S BIGGEST YOUTH CONCLAVE” में शामिल होंगे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री शाम 7 बजे होटल पिकाडिली से रवाना होकर करीब 7:15 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे और इसके बाद उनका कार्यक्रम आरक्षित रहेगा।

    ‘हर घर तिरंगा’ और ‘वंदे मातरम’ अभियान की धूम
    छत्तीसगढ़ में ‘हर घर तिरंगा’ और ‘वंदे मातरम्’ अभियान की धूम देखने को मिल रही है। अभियान के तहत 17 अगस्त तक राज्यस्तरीय देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित होंगे। 7 से 15 अगस्त तक ‘वंदे मातरम्’ गायन, 9 से 17 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और फिर 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस’ मनाया जाएगा।

  • छत्तीसगढ़ की रेणुका गोस्वामी को राष्ट्रपति भवन का न्योता, डिप्टी CM विजय शर्मा ने दी शुभकामनाएं

    छत्तीसगढ़ की रेणुका गोस्वामी को राष्ट्रपति भवन का न्योता, डिप्टी CM विजय शर्मा ने दी शुभकामनाएं

    रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण मिलने पर रेणुका गोस्वामी को दी बधाई

    धमतरी की बेटी ने कौशल विकास के दम पर रची सफलता की नई इबारत, स्वतंत्रता दिवस समारोह में होंगी शामिल

    रायपुर

    धमतरी जिले के ग्राम नवागांव की बेटी रेणुका गोस्वामी को आगामी 15 अगस्त के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए आमंत्रण मिलने पर उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल रेणुका गोस्वामी की मेहनत और प्रतिभा का गौरव है, बल्कि छत्तीसगढ़ की बेटियों, ग्रामीण युवाओं और कौशल विकास की सफलता का भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण मिलने पर रेणुका गोस्वामी को दी बधाई

            उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि रेणुका गोस्वामी ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने जीवन को नई दिशा दी और आज वे अपने परिश्रम एवं प्रतिभा के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उनका राष्ट्रपति भवन तक पहुंचना प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है।

            सुरेणुका गोस्वामी धमतरी जिले के ग्राम नवागांव की निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया और कॉर्पोरेट क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की। निरंतर मेहनत, कौशल और लगन के बल पर उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य करते हुए अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे रायपुर के एक प्राइवेट फर्म में एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं तथा लगभग 40 हजार रुपए प्रतिमाह का वेतन प्राप्त कर रही हैं। उनकी सफलता से परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।

              उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। रेणुका गोस्वामी जैसी सफल युवतियां इस बात का प्रमाण हैं कि सही मार्गदर्शन, कौशल प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प के बल पर ग्रामीण अंचल के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति भवन में रेणुका गोस्वामी की उपस्थिति प्रदेश की बेटियों और युवाओं का उत्साह बढ़ाएगी तथा अन्य युवाओं को भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।

  • हाथकरघा दिवस पर बुनकरों को बड़ा तोहफा, आज राज्य स्तरीय समारोह में करोड़ों की सौगात का ऐलान

    हाथकरघा दिवस पर बुनकरों को बड़ा तोहफा, आज राज्य स्तरीय समारोह में करोड़ों की सौगात का ऐलान

    राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस पर भव्य राज्य स्तरीय समारोह आज, बुनकरों को मिलेगी करोड़ों की सौगात

    मुख्यमंत्री करेंगे ‘कोशल फेब’ ब्रांड और ‘बिलासा’ लोगो का शुभारंभ

    रायपुर, 
     छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर बुनकर समुदाय को प्रोत्साहित करने, पारंपरिक कला को बढ़ावा देने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों व विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में छात्र प्रोत्साहन पुरस्कार, शिल्पियों का सम्मान और हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनियां मुख्य आकर्षण होंगी।

          हाथकरघा उद्योग के संवर्धन, स्वदेशी की भावना को बढ़ावा देने और बुनकरों के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से 7 अगस्त को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर रायपुर के दीनदयाल ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्रामोद्योग एवं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव उपस्थित रहेंगे।

    ‘कोशल फेब’ ब्रांड और ‘बिलासा’ लोगो का होगा लोकार्पण

             समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा संघ की कई नई पहलों की शुरुआत की जाएगी। हाथकरघा संघ के नए प्रीमियम ब्रांड ‘कोशल फेब’ का भव्य शुभारंभ किया जाएगा और ‘बिलासा’ लोगो का अनावरण किया जाएगा। इन्वेंटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का प्रस्तुतीकरण व शुभारंभ के साथ पुरस्कृत बुनकरों की डायरेक्टरी तथा टाई-डाई व बांधनी रंगाई पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया जाएगा।

    बुनकरों व मेधावी विद्यार्थियों को करोड़ों रुपये की सहायता और सम्मान राशि

             कार्यक्रम में ग्रामोद्योग विभाग के विभिन्न घटकों द्वारा हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत राशि एवं सामग्री वितरित की जाएगी। कक्षा 10वीं व 12वीं के 935 मेधावी विद्यार्थियों को 81.83 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा 17 वरिष्ठ बुनकरों को 1.87 लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। स्व. बिसाहूदास महंत सर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार और राजराजेश्वरी करुणा माता बुनकर पुरस्कार के तहत चयनित 8 बुनकरों को 1-1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। 49 बुनकरों को आवास निर्माण के लिए 122.50 लाख रुपये, 5 बुनकर समितियों को भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये और 85 बुनकरों को उन्नत उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 14.92 लाख रुपये की स्वीकृति दी जाएगी। रेशम कृषकों को 15 लाख रुपये की किश्त, माटीशिल्पियों को विद्युत चाक, हस्तशिल्पियों को टूल-किट और जशपुर के ग्राम गोरिया में ग्लेजिंग यूनिट हेतु 2.86 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। साथ ही बुनकर नेत्र परीक्षण अभियान के तहत पात्र बुनकरों को चश्मे बांटे जाएंगे।

    फैशन शो में रैंप पर दिखेगा बस्तर की प्रतिभाओं और कोसा सिल्क का जलवा

           समारोह का मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक विरासत को समर्पित एक विशेष फैशन शो होगा। इसमें कोसा सिल्क और हैंडवुवन कॉटन के परिधानों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस फैशन शो की खासियत बस्तर की युवा प्रतिभागियों की सहभागिता होगी, जो पेशेवर मॉडलों और मिस इंडिया अर्थ 2026 अनुष्का सोने के साथ रैंप पर अपनी चमक बिखेरेंगी। इस राज्य स्तरीय आयोजन में प्रदेश भर से बुनकर, हस्तशिल्पी, रेशम कृषक, माटीशिल्पी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे।

  • महुआ बना महिलाओं की आजीविका का सहारा, वन धन योजना से मिली नई पहचान और आर्थिक मजबूती

    महुआ बना महिलाओं की आजीविका का सहारा, वन धन योजना से मिली नई पहचान और आर्थिक मजबूती

    सफलता की कहानी
     महुआ ने बदली महिलाओं की जिंदगी 
    वन धन योजना से मिली आत्मनिर्भरता की नई पहचान

    रायपुर
     जनजातीय कार्य मंत्रालय और ट्राइफेड की एक पहल है, जिसे 2018 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य वनों से लघु वनोपज एकत्र करने वाले आदिवासी समुदायों को प्रशिक्षित करना, उनके उत्पादों का मूल्यवर्धन  करना और उन्हें उद्यमी बनाकर स्थायी आजीविका प्रदान करना है। छत्तीसगढ़ के जंगलों में मिलने वाला महुआ अब ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के लिए आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत साधन बन गया है। राज्य शासन की वन धन विकास केंद्र योजना के माध्यम से महिलाओं को महुआ से मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे उनकी आमदनी बढ़ रही है और वे सफल उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

    राजनांदगांव जिले के कोरिनभाठा वन धन विकास केंद्र की सफलता

                     राजनांदगांव जिले के कोरिनभाठा वन धन विकास केंद्र की महिलाओं ने इस योजना का पूरा लाभ उठाया है। पहले वे महुआ केवल संग्रह करती थीं, लेकिन अब प्रशिक्षण के बाद महुआ से लड्डू, कुकीज़, एनर्जी बार, स्क्वैश और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार कर रही हैं। आधुनिक प्रसंस्करण और आकर्षक पैकेजिंग के कारण इन उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग बन रही है।

    प्रशिक्षण और कौशल विकास

                     वन धन विकास केंद्र में महिलाओं को केवल उत्पाद बनाना ही नहीं सिखाया जाता, बल्कि गुणवत्ता, स्वच्छ उत्पादन, पैकेजिंग, लेबलिंग, भंडारण और विपणन की भी जानकारी दी जाती है। इससे वे बाजार की जरूरत के अनुसार बेहतर उत्पाद तैयार कर पा रही हैं और उन्हें उचित मूल्य भी मिल रहा है।

    महुआ के मूल्यवर्धन से बढ़ा रोजगार

                  महुआ के मूल्यवर्धन से उसकी उपयोगिता और बाजार मूल्य दोनों बढ़े हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। महुआ के फूलों और बीजों के मूल्यवर्धन से ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं की आय कई गुना बढ़ गई है। अब केवल कच्चे महुआ को बेचने के बजाय उससे लड्डू, कुकीज, जैम, और एनर्जी बार जैसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर नए रोजगार और स्थायी आजीविका के साधन विकसित हुए हैं।

    छत्तीसगढ़ हर्बल्स के माध्यम से बाजार उपलब्धता

                  इन उत्पादों को ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के माध्यम से व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे वन आधारित उत्पादों को नई पहचान मिल रही है और ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उत्पाद संघ की एक अनूठी पहल है। इसके तहत वनों से मिलने वाले प्राकृतिक और शुद्ध उत्पादों जैसे वन शहद, एलोवेरा जेल, हर्बल जूस, महुआ उत्पाद, आयुर्वेदिक चूर्ण और तेलों को महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार कर बेचा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासियों और स्थानीय लोगों को आजीविका देना है।

    आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम

                कोरिनभाठा की महिलाओं की यह सफलता दिखाती है कि सही प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और विपणन सहयोग मिलने पर वन संपदा को रोजगार और समृद्धि का मजबूत आधार बनाया जा सकता है। वन धन विकास केंद्र योजना आज महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है।