Category: छत्तीसगढ़

  • रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त बनी खुशियों की सौगात, देवेंद्र कुमारी के चेहरे पर मुस्कान

    रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त बनी खुशियों की सौगात, देवेंद्र कुमारी के चेहरे पर मुस्कान

    महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त से बहन देवेंद्र कुमारी के चेहरे पर खिली रक्षाबंधन की मुस्कान

    राखी के त्योहार से पहले ‘विष्णु भैया’ का स्नेहिल उपहार

    रायपुर
     प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल, आत्मविश्वास और सम्मान का मजबूत आधार बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ परिवार की जरूरतों में भी सहयोग कर रही हैं। विशेष अवसरों और त्योहारों से पहले मिलने वाली यह सहायता उनके लिए खुशी और राहत का माध्यम बन रही है।

    गौरेला विकासखंड के ग्राम मेढूका निवासी बहन देवेंद्र कुमारी के लिए महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त रक्षाबंधन के पावन अवसर पर विशेष खुशियां लेकर आई। त्योहार से पहले योजना की राशि उनके बैंक खाते में पहुंची, तो उनके चेहरे पर खुशी की मुस्कान खिल उठी। उन्होंने बताया कि 30वीं किस्त की राशि मिलने से रक्षाबंधन की तैयारियों में उन्हें काफी सहूलियत मिली है। वह इस राशि का उपयोग राखी और त्योहार से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी में करेंगी।

    ‘विष्णु भैया’ की पहल से बहनों को मिल रहा आर्थिक संबल

    बहन देवेंद्र कुमारी ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को स्नेहपूर्वक ‘विष्णु भैया’ कहती हैं। महतारी वंदन योजना के माध्यम से नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए भाई के स्नेह, विश्वास और सहयोग की तरह है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व से ठीक पहले खाते में राशि पहुंचना उनके लिए ‘विष्णु भैया’ के उपहार से कम नहीं है।

    उन्होंने बताया कि योजना की नियमित सहायता से अब महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को स्वयं पूरा करने में अधिक सक्षम हो रही हैं। पहले जिन आवश्यकताओं के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, उन्हें अब महिलाएं अपने स्तर पर पूरा कर पा रही हैं। इससे उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा है और परिवार की खुशियों में उनकी भागीदारी भी मजबूत हुई है।

    राखी से पहले मिला ‘विष्णु भैया’ का उपहार

    बहन देवेंद्र कुमारी ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। ऐसे में त्योहार से पहले आर्थिक सहायता मिलना उनके लिए विशेष खुशी की बात है। महतारी वंदन योजना की राशि से वह अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा करेंगी और राखी की खरीदारी भी करेंगी।

    उन्होंने कहा कि ‘विष्णु भैया’ ने प्रदेश की बहनों के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से आर्थिक संबल देने का काम किया है। नियमित रूप से मिलने वाली सहायता से महिलाओं में यह विश्वास बढ़ा है कि वे अपनी जरूरतों के लिए स्वयं भी आर्थिक निर्णय ले सकती हैं। यह सहायता उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ-साथ आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का आधार भी बन रही है।

    महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मिल रहा बल

    महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस सहायता का प्रभाव घरेलू जरूरतों से लेकर बच्चों की आवश्यकताओं, व्यक्तिगत खर्चों और त्योहारों की तैयारियों तक दिखाई दे रहा है।

    बहन देवेंद्र कुमारी की खुशी इस बात का उदाहरण है कि नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के जीवन में किस तरह सकारात्मक बदलाव ला सकती है। खाते में राशि पहुंचने से उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने का भरोसा मिलता है और परिवार के भीतर आर्थिक निर्णयों में उनकी भूमिका भी मजबूत होती है।

    ‘विष्णु भैया’ के भरोसे से बहनों के जीवन में नई खुशियां

    महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने की पहल नहीं, बल्कि प्रदेश की माताओं-बहनों के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का माध्यम भी बन रही है। योजना से मिलने वाली नियमित सहायता महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने और परिवार की जिम्मेदारियों में अधिक प्रभावी ढंग से सहभागी बनने का अवसर दे रही है।

    बहन देवेंद्र कुमारी ने ‘विष्णु भैया’ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को आर्थिक संबल दिया है। रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व से पहले मिली 30वीं किस्त ने उनकी खुशी को और बढ़ा दिया है।

    बहन देवेंद्र कुमारी के चेहरे पर रक्षाबंधन से पहले खिली मुस्कान महतारी वंदन योजना के सकारात्मक प्रभाव की भावपूर्ण तस्वीर है। ‘विष्णु भैया’ के स्नेह और भरोसे के साथ प्रदेश की माताओं-बहनों को मिल रहा आर्थिक संबल उनके जीवन में खुशियों, आत्मविश्वास और सम्मान की नई राह खोल रहा है।

  • राजनांदगांव तैयार! आज धूमधाम से निकलेगी बाबा महाकाल की पालकी यात्रा

    राजनांदगांव तैयार! आज धूमधाम से निकलेगी बाबा महाकाल की पालकी यात्रा

    राजनांदगांव.

    पवित्र श्रावण मास के अंतिम सोमवार 24 अगस्त को संस्कारधानी राजनांदगांव में बाबा महाकाल की भव्य शाही पालकी यात्रा निकाली जाएगी. दोपहर 2 बजे नगर की सिद्धपीठ मां शीतला मंदिर के दरबार से प्रारंभ होने वाली पालकी यात्रा को लेकर शिवभक्तों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों में विशेष उत्साह है.

    इस अवसर पर बाबा महाकाल चंद्रमौलेश्वर राजा स्वरूप में नगर भ्रमण पर निकलेंगे और अपनी प्रजा को सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं मंगलकामना का आशीर्वाद प्रदान करेंगे. सावन मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है. ऐसे पावन अवसर पर बाबा महाकाल का राजसी स्वरूप में नगर भ्रमण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और आध्यात्मिक अनुभूति का अवसर होगा. भक्तों का विश्वास है कि राजा स्वरूप में बाबा महाकाल जब अपनी प्रजा से मिलने नगर भ्रमण पर निकलते हैं, तो वे भक्तों की मनोकामनाएं सुनते हैं और सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली का आशीर्वाद प्रदान करते हैं. बाबा महाकाल की पालकी को पूरे राजसी सम्मान के साथ नगर भ्रमण कराया जाएगा.

    पालकी यात्रा में त्रिशूल, डमरू, नंदी, शंख, ढोल-मंजीरे सहित विभिन्न धार्मिक वाद्ययंत्रों की गूंज सुनाई देगी. शिवभक्तों द्वारा हर-हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयघोष के बीच बाबा की पालकी आगे बढ़ेगी. अंतिम सोमवार में पालकी यात्रा का मार्ग शहर के मध्य भाग में केंद्रित होगा.मां शीतला के दरबार से प्रारंभहो जमातपारा, फव्वारा चौक, महाकाल चौक, सिनेमा लाइन, आजाद चौक, भारत माता चौक, महेश पथ, बालाजी मंदिर गंज चौक, लोहार पारा होते हुए भरकापारा काली माई मंदिर में शिव का शक्ति से मिलन हो यात्रा विश्राम करेगी. पालकी यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा बाबा महाकाल की पालकी का दर्शन, पूजन एवं स्वागत किया जाएगा. विभिन्न स्थानों पर भक्तजन बाबा की आरती कर पुष्पवर्षा करेंगे और प्रसाद आदि का वितरण भी किया जाएगा.

  • सौर ऊर्जा में छत्तीसगढ़ लगाएगा लंबी छलांग, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताई बड़ी योजना

    सौर ऊर्जा में छत्तीसगढ़ लगाएगा लंबी छलांग, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताई बड़ी योजना

    रायपुर : सौर ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    सौर ऊर्जा के विस्तार से ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा छत्तीसगढ़

    मार्च 2027 तक प्रदेश के 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य

    पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अब तक लगभग 95 हजार घर हुए सौर ऊर्जा से रोशन

    4 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य, कार्बन न्यूट्रल भारत के संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान देगा छत्तीसगढ़

    महिला स्व-सहायता समूहों के लिए सौर ऊर्जा बन रही रोजगार और स्वरोजगार का नया माध्यम

    ऊर्जा क्षेत्र में ₹3.50 लाख करोड़ के एमओयू, लगभग 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त उत्पादन क्षमता होगी विकसित

    मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन के दो दिवसीय ‘संवाद’ कार्यक्रम के समापन समारोह में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री ने सोलर उद्योगों के स्टॉलों का किया अवलोकन, उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं, बैंकों एवं व्यक्तियों को किया सम्मानित

    रायपुर

    सौर ऊर्जा भविष्य की ऊर्जा है और छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ भी सौर ऊर्जा की अपनी अपार संभावनाओं का उपयोग करते हुए ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूती दे रहा है। प्रदेश में मार्च 2027 तक 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘संवाद’ कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, वेंडर्स, बैंकिंग संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाने वाला यह अपनी तरह का पहला बड़ा आयोजन है। अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभव और सुझावों का यह सार्थक संवाद छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के विस्तार को नई गति देगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ऊर्जा विकास की बुनियादी आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में पहले से ही मजबूत स्थिति में है और वर्तमान में प्रदेश में लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में लगभग ₹3 लाख 50 हजार करोड़ के एमओयू हुए हैं, जिनसे आने वाले समय में लगभग 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता विकसित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है।

    *स्वच्छ ऊर्जा से सुरक्षित होगा आने वाली पीढ़ियों का भविष्य*

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सौर ऊर्जा के साथ ग्रीन एनर्जी के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दे रहे हैं। सूर्य हमें प्रकृति से प्राप्त स्वच्छ, अक्षय और प्रचुर ऊर्जा स्रोत प्रदान करता है। सौर ऊर्जा का व्यापक उपयोग पर्यावरण संरक्षण के साथ जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2070 तक भारत को नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनाने का लक्ष्य रखा है। इस राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश में आने वाले समय में 4 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

    *मार्च 2027 तक 5 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य*

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने सामान्य परिवारों को ऊर्जा उपभोक्ता के साथ ऊर्जा उत्पादक बनने का भी अवसर दिया है। छत्तीसगढ़ में योजना को उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। प्रदेश में अब तक लगभग 95 हजार घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं और यह संख्या निरंतर बढ़ रही है।

    उन्होंने कहा कि मार्च 2027 तक प्रदेश के 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सोलर उद्योगों, वेंडर्स, बैंकिंग संस्थाओं और नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग के लिए सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र स्थापित करने पर केंद्र सरकार द्वारा ₹30 हजार और राज्य सरकार द्वारा ₹15 हजार का अनुदान दिया जा रहा है। इसी प्रकार 3 किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर लगभग ₹1 लाख 8 हजार की सब्सिडी उपलब्ध है। डीएमएफ वाले क्षेत्रों में अनुदान की अंतर राशि डीएमएफ से उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है। इससे अधिक से अधिक परिवारों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान होगा।

    *सौर ऊर्जा से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही नारी शक्ति*

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सौर ऊर्जा का विस्तार केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों की बहनें अब सोलर वेंडर के रूप में आगे आ रही हैं और हितग्राहियों के घरों में सोलर संयंत्र स्थापित करने का कार्य कर रही हैं।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला वेंडरों से संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि वे स्वयं हितग्राहियों के घर जाकर सोलर संयंत्र स्थापित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह बदलते और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की प्रेरक तस्वीर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2 लाख 82 हजार स्व-सहायता समूहों से 30 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं और 13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। हमारी माताएं-बहनें प्रतिभा और उद्यमशीलता से परिपूर्ण हैं। सौर ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों से उन्हें जोड़कर रोजगार, स्वरोजगार और आयवृद्धि के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘संवाद’ कार्यक्रम अपने नाम के अनुरूप सार्थक सिद्ध हुआ है। सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्षों के एक मंच पर आने, अनुभव साझा करने और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करने से निश्चित रूप से प्रदेश में इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।

    सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति ने हमें सूर्य के रूप में ऊर्जा का असीम स्रोत दिया है। घरों, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सूर्य की ऊर्जा का अधिकतम उपयोग करके परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम की जा सकती है। कोयले जैसे जीवाश्म ईंधनों के अत्यधिक उपयोग से प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ना समय की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंचाई के क्षेत्र में भी सौर ऊर्जा का व्यापक उपयोग हो रहा है और लगभग ढाई लाख सिंचाई पंप सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत किए जा चुके हैं। आने वाले समय में कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग का और विस्तार किया जाना चाहिए। इससे ऊर्जा पर होने वाले व्यय में कमी के साथ किसानों को भी दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।
    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उससे छत्तीसगढ़ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।

    विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के विकास की मजबूत नींव रखी गई है और अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इसे नई गति मिल रही है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने और अपने परिवार तथा परिचितों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

    छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष मिश्रा ने कहा कि ‘संवाद’ कार्यक्रम सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नए विचारों, संभावनाओं और संकल्पों को साझा करने का प्रभावी मंच बना है। प्रदेश में हरित एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उद्योगों, वेंडर्स, वित्तीय संस्थाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को एक मंच मिलने से इस क्षेत्र में निवेश, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि ‘हर घर सोलर, हर घर ऊर्जा आत्मनिर्भर’ के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

    *मुख्यमंत्री ने सोलर उद्योगों के स्टॉलों का किया अवलोकन*

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम परिसर में सोलर उद्योगों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने सोलर पैनल, उपकरणों, नवीन तकनीकों और हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली संस्थाओं, बैंकों एवं व्यक्तियों को सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन की डायरेक्टरी का विमोचन भी किया। डायरेक्टरी में प्रदेशभर के एसोसिएशन पदाधिकारियों और वेंडर्स के संपर्क विवरण के साथ शासन की ऊर्जा संबंधी योजनाओं की उपयोगी जानकारी संकलित की गई है।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर, छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी, सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगपति एवं वेंडर्स, बैंक अधिकारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • दुर्ग कृषि विवि पेपर लीक केस में बड़ा फैसला, प्राचार्य और मास्टरमाइंड बर्खास्त

    दुर्ग कृषि विवि पेपर लीक केस में बड़ा फैसला, प्राचार्य और मास्टरमाइंड बर्खास्त

    भिलाई.

    इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बीएससी कृषि प्रथम वर्ष की 7 अगस्त को आयोजित प्लांट पैथोलॉजी परीक्षा को भी निरस्त कर दिया है. पुलिस जांच में इस परीक्षा के प्रश्नपत्र के भी लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया.

    इससे पहले 20 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद उसे निरस्त किया गया था. अब दोनों परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी. विश्वविद्यालय की आपात बैठक में पेपर की गोपनीयता बनाए रखने में कथित चूक को लेकर दुर्ग स्थित भारती कृषि महाविद्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है. पेपर लीक मामले में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए दोषी छात्रों के खिलाफ भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. दोनों परीक्षाओं की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए दुर्ग कॉलेज में विश्वविद्यालय की ओर से नियुक्त ऑब्जर्वरों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा.

    विश्वविद्यालय प्रबंधन ने परीक्षा प्रक्रिया में जिम्मेदारी तय करने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू कर दी है. पेपर लीक की घटना के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था में तत्काल बदलाव किया है. 22 अगस्त की परीक्षा के प्रश्नपत्र हार्ड कॉपी के बजाय पासवर्ड प्रोटेक्टेड ईमेल के माध्यम से संबंधित कॉलेजों को भेजे गए. सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र कॉलेजों को सुबह 9:30 बजे उपलब्ध कराया गया. विश्वविद्यालय के अनुसार 24 अगस्त की परीक्षा भी इसी व्यवस्था के तहत आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग और कॉलेजों के परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है.

    दुर्ग के भारती कॉलेज प्रबंधन ने भी मामले में कार्रवाई करते हुए लापरवाही बरतने के आरोप में प्राचार्य डॉ. एके दुबे को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. पेपर लीक के मास्टरमाइंड योगेश सोनकेसरिया को भी नौकरी से निकाल दिया गया है. विश्वविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.

  • हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय, सावन के अंतिम सोमवार भक्तों ने किया जलाभिषेक

    हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय, सावन के अंतिम सोमवार भक्तों ने किया जलाभिषेक

    राजिम/बलौदाबाजार.

    पवित्र सावन माह के अंतिम सोमवार पर छत्तीसगढ़ में शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. राजधानी रायपुर के हटकेश्वर नाथ मंदिर से लेकर धर्मनगरी राजिम के कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर और बलौदाबाजार के शिवालयों तक सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. हाथों में गंगाजल, दूध, दही और बेलपत्र लेकर श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं.

    कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
    धर्मनगरी राजिम में त्रिवेणी संगम तट स्थित प्राचीन कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. तड़के सुबह से ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं. दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की. पूरे मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा और राजिम शिवमय नजर आया.
    मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष के वनवास के दौरान माता सीता के साथ यहां शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की थी. त्रिवेणी संगम के कारण राजिम को ‘प्रयाग नगरी’ के नाम से भी जाना जाता है. यही वजह है कि सावन के दौरान कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना रहता है.

    शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़
    बलौदाबाजार में भी सावन के अंतिम सोमवार पर शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली. आज एकादशी के साथ सोमवार और दोपहर बाद प्रदोष काल का संयोग होने के कारण श्रद्धालुओं के बीच इस दिन का विशेष महत्व रहा. भक्तों ने कांवड़ यात्राएं भी निकाली. बलौदाबाजार का बोलबम कांवर यात्रा संघ पिछले 23 वर्षों से लगातार कांवड़ यात्रा निकाल रहा है. संघ के सदस्य सोनपुरी स्थित बाबा भुतेश्वर नाथ मंदिर के कुंड से जल लेकर करीब 30 किलोमीटर दूर ग्राम रामपुर में शिवनाथ नदी के किनारे स्थित स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं. सावन के अंतिम सोमवार पर इस धार्मिक यात्रा को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला.

  • महादेव की भक्ति से समृद्ध छत्तीसगढ़, CM विष्णुदेव साय बोले- हमारी आध्यात्मिक परंपरा है अमूल्य विरासत

    महादेव की भक्ति से समृद्ध छत्तीसगढ़, CM विष्णुदेव साय बोले- हमारी आध्यात्मिक परंपरा है अमूल्य विरासत

    छत्तीसगढ़ के कण-कण में विराजमान हैं देवाधिदेव महादेव, प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा हमारी अमूल्य धरोहर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सपत्नीक शिव महापुराण कथा में हुए शामिल, व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की

    पांच शक्तिपीठों का चारधाम की तर्ज पर हो रहा विकास, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को मिल रही नई पहचान

    रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं रामलला के दर्शन

    मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का मिल रहा अवसर

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ भिलाई नगर के जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस कथा श्रवण करने पहुंचे। मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान से व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

    विशाल संख्या में उपस्थित शिवभक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में पिछले सात दिनों से शिवभक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। यह हम सभी के लिए सौभाग्य का अवसर है। हजारों श्रद्धालुओं को शिव महापुराण कथा के माध्यम से धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला है। आज उन्हें भी सपत्नीक इस पुण्य कथा के श्रवण का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भगवान शिव की आराधना और शक्ति उपासना की प्राचीन परंपरा से समृद्ध रही है। प्रदेश के चारों दिशाओं में अलग-अलग स्वरूपों में भगवान महादेव विराजमान हैं। रायपुर में हटकेश्वर महादेव, कबीरधाम में भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, चम्पारण में चम्पेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव, सिरपुर में गंधेश्वर महादेव और जशपुर में मधेश्वर महादेव सहित अनेक प्राचीन शिवधाम हमारी आस्था और आध्यात्मिक विरासत के केंद्र हैं। छत्तीसगढ़ के कण-कण में देवाधिदेव महादेव की कृपा है और उनके आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर खुशहाली एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव के साथ ही छत्तीसगढ़ में आदिशक्ति के अनेक पवित्र स्वरूप विराजमान हैं। राज्य सरकार प्रदेश की इस समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और तीर्थ स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी के शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार होने के साथ प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिले।राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पात्र श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा और दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। 

    मुख्यमंत्री साय ने कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का अभिनंदन करते हुए कहा कि वे शिव महापुराण कथा के माध्यम से देश-दुनिया में भगवान शिव की महिमा, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्पात नगरी भिलाई में लगातार तीसरी बार शिव महापुराण कथा का आयोजन होना यहां के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और धर्म के प्रति अनुराग का परिचायक है।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से पंडित प्रदीप मिश्रा का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, सहयोगियों और सभी शिवभक्तों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, आयोजन समिति के दया सिंह सहित समिति के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

  • नन्हें-मुन्नों के हाथों सजी मेंहदी और राखी, सेंट जोसेफ कान्वेंट में दिखी रचनात्मकता की खूबसूरत झलक

    नन्हें-मुन्नों के हाथों सजी मेंहदी और राखी, सेंट जोसेफ कान्वेंट में दिखी रचनात्मकता की खूबसूरत झलक

    नन्हें-मुन्नों के हाथों सजी मेंहदी और राखी, सेंट जोसेफ कान्वेंट में दिखी रचनात्मकता की खूबसूरत झलक

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    नई लेदरी (साउथ जेकेडी) स्थित सेंट जोसेफ कान्वेंट स्कूल में शनिवार को नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए मेंहदी और राखी बनाने की गतिविधि आयोजित की गई। मासूम हाथों से बनाई गई रंग-बिरंगी राखियों और आकर्षक मेंहदी डिजाइनों ने विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, कला-कौशल और भारतीय त्योहारों के प्रति प्रेम एवं संस्कारों को बढ़ावा देना रहा। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी कल्पनाशक्ति का प्रदर्शन करते हुए सुंदर राखियां तैयार कीं और मेंहदी के मनमोहक डिजाइन बनाए।

    इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानपाठिका श्रीमती अनामिका पंत के मार्गदर्शन में शिक्षिकाओं रीतु मिश्रा, शाहिन खान, अर्चना डे, शहनाज़ अंसारी, तहरीना खान, दीपाली, स्नेहलता एवं वंदना वर्मा ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए गतिविधि को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे रचनात्मक आयोजन बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उन्हें अपनी संस्कृति और त्योहारों से जोड़ने का सुंदर माध्यम हैं। बच्चों की मासूम मुस्कान और उत्साह ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

  • संघर्ष, सक्रियता और संगठन के भरोसे का मिला बड़ा सम्मान, कासिम अंसारी को मिली जिले की कमान

    संघर्ष, सक्रियता और संगठन के भरोसे का मिला बड़ा सम्मान, कासिम अंसारी को मिली जिले की कमान

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी
    भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने संगठन को नई मजबूती और धार देने की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए कासिम अंसारी को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की अनुशंसा तथा पूर्व विधायक गुलाब कमरो के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से मिली यह जिम्मेदारी कासिम अंसारी की लगातार सक्रियता, संघर्षशीलता और संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान मानी जा रही है।

    शहरी अध्यक्ष के दायित्व से सीधे जिले की कमान तक पहुंचना कासिम अंसारी के संगठनात्मक सफर की बड़ी उपलब्धि है। छात्र हितों की आवाज को मजबूती से उठाने वाले कासिम ने स्थानीय स्तर से लेकर रायपुर और नई दिल्ली तक छात्रों की समस्याओं को लेकर संघर्ष किया है। उनकी सक्रिय कार्यशैली और युवाओं के बीच मजबूत पकड़ को देखते हुए संगठन ने अब उन्हें पूरे जिले की जिम्मेदारी सौंपी है।

    जमीनी संघर्ष और समर्पण का मिला सम्मान
    कासिम अंसारी लंबे समय से छात्र हितों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। जिला उपाध्यक्ष सहित विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। संगठन के कार्यक्रमों से लेकर आंदोलनों तक उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें एक जुझारू युवा कार्यकर्ता के रूप में पहचान दिलाई।

    शहर से गांव और कॉलेजों तक संगठन मजबूत करने का संकल्प
    जिलाध्यक्ष की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अब कासिम अंसारी के सामने जिलेभर में एनएसयूआई को और मजबूत करने की बड़ी चुनौती है। उनके नेतृत्व में कॉलेजों, छात्रावासों और ग्रामीण क्षेत्रों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने तथा छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की तैयारी है।

    प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने कासिम अंसारी की सक्रियता और छात्र हितों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई मजबूती मिलेगी। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने उन्हें मेहनती और संघर्षशील युवा नेता बताते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति से छात्रों और युवाओं में नई ऊर्जा का संचार होगा।
    जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, कांग्रेस नेता रमेश सिंह और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा सहित वरिष्ठ नेताओं ने भी कासिम अंसारी को बधाई दी। नेताओं ने कहा कि शहरी अध्यक्ष से जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना उनके प्रति संगठन के विश्वास और उनकी सक्रियता का प्रमाण है।

    कासिम अंसारी बोले-हर छात्र की आवाज बनेगी संगठन की ताकत
    नवनियुक्त जिलाध्यक्ष कासिम अंसारी ने प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, पूर्व विधायक गुलाब कमरो, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, रमेश सिंह, सौरव मिश्रा सहित सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
    उन्होंने कहा कि संगठन ने जिस विश्वास के साथ उन्हें जिले की जिम्मेदारी सौंपी है, उस विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। हर छात्र की आवाज को बुलंद करना, छात्र हितों के मुद्दों को मजबूती से उठाना और एनएसयूआई को कॉलेजों से लेकर गांव-गांव तक मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी।
    कासिम अंसारी की नियुक्ति की खबर से जिलेभर के छात्र नेताओं, युवाओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। समर्थकों ने इसे युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए नवनियुक्त जिलाध्यक्ष को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

  • नगर पालिका दफ्तर में राजस्व निरीक्षक पर हमला, मारपीट के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला

    नगर पालिका दफ्तर में राजस्व निरीक्षक पर हमला, मारपीट के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला

    अभनपुर.

    नगर पालिका गोबरा नवापारा के राजस्व निरीक्षक निखिल चंद्राकर के साथ कार्यालय में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. राजस्व निरीक्षक की शिकायत पर गोबरा नवापारा पुलिस ने 4 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

    राजस्व निरीक्षक ने पुलिस को बताया कि 20 अगस्त की रात करीब 8 बजे वह अपनी पत्नी के पैन कार्ड में नाम सुधारवाने के लिए मस्जिद के पास आवेदन देकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे. सदर रोड नवापारा मोड़ के पास रूपो जगत अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल से उनके सामने से कट मारकर निकला. मोटरसाइकिल ठीक से चलाने की समझाइश देने पर आरोपी द्वारा गाली-गलौज करने का आरोप है. शिकायत के मुताबिक बाद में आरोपी उसके घर के पास भी पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी.   

    कार्यालय में आरोपियों ने की मारपीट
    शिकायत में यह भी बताया गया कि 21 अगस्त की शाम करीब 5 बजे आरोपी रूपो जगत, लल्ला पटेल, विजय यादव, मोनू कंसारी सहित अन्य लोग नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और राजस्व निरीक्षक के कक्ष में घुस गए. आरोप है कि इस दौरान शासकीय दस्तावेज फेंके गए, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई और राजस्व निरीक्षक के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई. हमले में उनके सिर, पीठ और हाथ-पैर में चोट आने की बात शिकायत में कही गई है. घटना के दौरान नगर पालिका स्टाफ ने बीच-बचाव किया और आरोपियों को भवन से बाहर निकाला. इसके बाद आरोपियों ने मुख्य दरवाजा तोड़कर दोबारा अंदर आने का प्रयास किए गया. घटना के दौरान नगर पालिका कर्मचारी सेवक साहू, सरस्वती कंवर, सुभाषिनी शर्मा सहित अन्य स्टाफ मौजूद थे.

    आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज
    गोबरा नवापारा पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 221, 296, 3(5), 324(4) और 351(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले में पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.

  • जो कभी चलाती थीं बंदूक, आज बना रहीं राखियां; नक्सली बहनों की बदली तस्वीर

    जो कभी चलाती थीं बंदूक, आज बना रहीं राखियां; नक्सली बहनों की बदली तस्वीर

    भानुप्रतापपुर.

    नक्सल प्रभावित और पुनर्वासित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में कांकेर जिले में नई पहल शुरू की गई है। भानुप्रतापपुर के चौगेल पुनर्वास केंद्र में बिहान योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और पुनर्वासित परिवारों को राखी निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया है।

    प्रशिक्षण के बाद अब तक 700 से अधिक राखियां तैयार की जा चुकी हैं। भानुप्रतापपुर के चौगेल स्थित नक्सल प्रभावित परिवार पुनर्वास केंद्र में इन दिनों राखियों की रंग-बिरंगी दुनिया दिखाई दे रही है। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए यहां पुनर्वासित एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को राखी निर्माण से जोड़ा गया है। राखी निर्माण का प्रशिक्षण संकुल संगठन केवटी अंतर्गत कमला तारम और पार्वती आंचले ने दिया। इस पहल का उद्देश्य केवल राखी बनाना नहीं, बल्कि पुनर्वासित परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

    बिहान योजना के माध्यम से शुरू की गई यह गतिविधि पारंपरिक पर्व को आजीविका से जोड़ने का भी उदाहरण है। तैयार की जा रही राखियों के निर्माण के साथ उनके विपणन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। चौगेल का यह पुनर्वास केंद्र अब केवल पुनर्वास का स्थान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई कहानी भी लिख रहा है। हुनर के जरिए रोजगार और रोजगार के जरिए सम्मान- राखी निर्माण की यह पहल पुनर्वासित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक कदम कही जा सकती है।