Category: बिज़नेस

  • सोना और चांदी के दामों में अचानक बदलाव, खरीदारी से पहले जानें क्या है ताजा अपडेट

    सोना और चांदी के दामों में अचानक बदलाव, खरीदारी से पहले जानें क्या है ताजा अपडेट

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के सर्राफा बाजार में गुरुवार, 26 मार्च 2026 को एक बार फिर सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिला है, जबकि चांदी के दाम आज भी स्थिर बने हुए हैं। भोपाल और इंदौर में जारी ताजा रेट्स के मुताबिक, खरीदारी से पहले बाजार की चाल समझना बेहद जरूरी हो गया है।

    सोना हुआ महंगा
    आज सोने की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है:

    24 कैरेट सोना

    1 ग्राम: ₹14,191
    8 ग्राम: ₹1,13,528
    10 ग्राम: ₹1,41,910

    22 कैरेट सोना

    1 ग्राम: ₹13,515
    8 ग्राम: ₹1,08,120
    10 ग्राम: ₹1,35,150

    कल के मुकाबले सोना महंगा हुआ है, जिससे निवेशकों और खरीदारों की चिंता बढ़ सकती है।

    चांदी के दाम स्थिर

    चांदी के रेट में आज कोई बदलाव नहीं हुआ:

    1 ग्राम: ₹260

    1 किलो: ₹2,60,000

    लगातार उतार-चढ़ाव के बीच आज चांदी की कीमत स्थिर रहना खरीदारों के लिए राहत की खबर है।

    बाजार का ट्रेंड क्या कहता है?

    मार्च महीने में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। ऐसे में अगर आप खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो जल्दबाजी के बजाय सही समय का इंतजार करना फायदेमंद हो सकता है।

    खरीदारी से पहले ध्यान रखें

    रोज बदलते रेट जरूर चेक करें

    एक बार में बड़ी खरीदारी करने से बचें निवेश के हिसाब से सही कैरेट चुनें, कुल मिलाकर, सोना फिर महंगा हो गया है, लेकिन चांदी स्थिर है ऐसे में समझदारी से फैसला लेना ही सही रहेगा।

  • X फिर डाउन! सेवा ठप होने से यूजर्स को लोड नहीं हो रहा कुछ भी

    X फिर डाउन! सेवा ठप होने से यूजर्स को लोड नहीं हो रहा कुछ भी

    नई दिल्ली

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) एक बार फिर तकनीकी दिक्कतों की वजह से चर्चा में है। भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में यूजर्स ने शिकायत की कि यह प्लेटफॉर्म ठीक से काम नहीं कर रहा। लोगों को फीड लोड करने में परेशानी हुई, नई पोस्ट दिखाई नहीं दीं और कई मामलों में वे ऐप और वेबसाइट दोनों ही ठीक से एक्सेस नहीं कर पा रहे थे। अचानक आई इस दिक्कत ने लाखों यूजर्स के डिजिटल एक्सपीरियंस को प्रभावित किया।

    आउटेज की पुष्टि आउटेज ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Downdetector की ओर से भी की गई है। वहां पर कुछ ही समय में शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में हजारों यूजर्स ने एक साथ दिक्कत दर्ज की, और शिकायतों का ग्राफ अचानक ऊपर चला गया। आमतौर पर इस तरह का स्पाइक इस बात का संकेत होता है कि समस्या डिवाइस या नेटवर्क की नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म के सर्वर या सिस्टम स्तर पर है।

    यूजर्स के सामने आईं ये दिक्कतें
    यूजर्स को जिन दिक्कतों का सामना करना पड़ा, उनमें सबसे ज्यादा के लिए दिक्कत फीड का रिफ्रेश ना होना थी। कई लोगों ने बताया कि पोस्ट और कमेंट्स लोड नहीं हो रहे थे, जबकि कुछ को ‘Something went wrong’ जैसे एरर मेसेज दिखाई दिए। दिलचस्प बात यह रही कि कुछ यूजर्स को पुरानी पोस्ट तो दिख रही थीं लेकिन नई अपडेट नहीं आ रही थीं, जिससे लग जा रहा है कि बैकएंड सिंकिंग या सर्वर रिस्पॉन्स में गड़बड़ी हुई।

    दुनियाभर में सामने आए मामले
    रिपोर्ट्स की मानें तो आउटेज सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका और यूरोप सहित कई देशों से भी इसी तरह की रिपोर्ट्स सामने आईं, जिससे यह मामला ग्लोबल आउटेज का हो गया है। जब एक ही समय पर अलग-अलग देशों के यूजर्स एक जैसी समस्या रिपोर्ट करते हैं, तो यह संकेत होता है कि प्लेटफॉर्म के इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई बड़ी दिक्कत आई है। अच्छी बात यह है कि सीमित संख्या में ही यूजर्स इससे प्रभावित हुए हैं।

    फिलहाल, X की ओर से इस बारे में तुरंत कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस तरह के आउटेज के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। इनमें सर्वर ओवरलोड, अचानक बढ़ा ट्रैफिक, बैकएंड अपडेट या फिर किसी तकनीकी फेलियर की संभावना ज्यादा होती है। पहले भी X को ऐसे आउटेज का सामना करना पड़ा है, जो कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो गए। अगर आप भी इससे प्रभावित हुए हैं तो परेशान ना हों और कुछ वक्त इंतजार करें।

  • डबल कनेक्शन पर रोक! PNG यूजर्स को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर, केंद्र का सख्त फैसला

    डबल कनेक्शन पर रोक! PNG यूजर्स को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर, केंद्र का सख्त फैसला

    नई दिल्ली
    केंद्र सरकार ने रसोई गैस को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक नया निर्देश जारी किया है जिसके अनुसार जिन इलाकों में पाइप्ड नैचुरल गैस यानी PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां अगर लोग LPG सिलेंडर से PNG पर शिफ्ट नहीं करते हैं, तो उनकी LPG सप्लाई बंद की जा सकती है। सरकार का कहना है कि यह कदम देश में गैस नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने और एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए उठाया गया है।

    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण LPG सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे देश में इसकी कमी देखने को मिल रही है। ऐसे में सरकार अब लोगों को PNG अपनाने के लिए कह रही है, जो पाइप के जरिए सीधे घर तक लगातार मिलती है और सिलेंडर बुक करने की झंझट भी खत्म कर देती है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी नए नियम के मुताबिक, अगर किसी घर में PNG उपलब्ध होने के बावजूद तीन महीने के भीतर कनेक्शन नहीं लिया जाता है, तो LPG सप्लाई बंद की जा सकती है।

    सरकार का असली उद्देश्य क्या है?
    सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य उद्देश्य गैस सप्लाई सिस्टम को ज्यादा संतुलित और मजबूत बनाना है। जिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा पहले से उपलब्ध है, वहां LPG के उपयोग को कम करके उस गैस को उन क्षेत्रों तक पहुंचाना है जहां अभी पाइपलाइन नेटवर्क नहीं है। इसके साथ ही सरकार “फ्यूल डाइवर्सिफिकेशन” को बढ़ावा देना चाहती है, ताकि देश किसी एक ही सोर्स पर निर्भर न रहे, खासकर ऐसे समय में जब ग्लोबल लेवल पर सप्लाई में रुकावटें आ रही हैं।

    पाइपलाइन गैस को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने किए ये बड़े बदलाव
    सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क को तेजी से फैलाने के लिए नियमों को काफी आसान बना दिया है। अब पाइपलाइन बिछाने के लिए जरूरी मंजूरियों को सरल कर दिया गया है और अलग-अलग जगहों पर लगने वाले चार्जेस को स्टैंडर्ड किया गया है, ताकि कंपनियों को अनावश्यक देरी या अतिरिक्त खर्च का सामना न करना पड़े। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अगर तय समय के अंदर कोई सरकारी विभाग अनुमति नहीं देता, तो उसे अपने आप मंजूरी मान लिया जाएगा।

    इन स्थिति में बंद नहीं होगी LPG
    अगर किसी घर तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन देना तकनीकी रूप से संभव नहीं है, तो उस स्थिति में संबंधित अधिकृत कंपनी उपभोक्ता को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करेगी। ऐसे मामलों में उस घर की LPG सप्लाई जारी रहेगी और उसे बंद नहीं किया जाएगा। हालांकि, कंपनी को यह स्पष्ट रिकॉर्ड रखना होगा कि PNG कनेक्शन क्यों नहीं दिया जा सका। साथ ही, जैसे ही भविष्य में उस इलाके में PNG कनेक्शन देना संभव हो जाएगा, यह NOC वापस लिया जा सकता है और फिर उपभोक्ता को PNG पर स्विच करना पड़ सकता है। यानी जहां PNG लगाना संभव नहीं है, वहां लोगों को LPG से राहत मिलती रहेगी।

    PNG के फायदे
    सरकार PNG को बढ़ावा इसलिए दे रही है क्योंकि यह LPG के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक है। PNG में गैस सीधे पाइप के जरिए घर तक पहुंचती है, जिससे सिलेंडर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके अलावा, इसमें लीकेज का खतरा भी कम होता है और यह लगातार उपलब्ध रहती है। साथ ही, PNG का इस्तेमाल पर्यावरण के लिए भी बेहतर माना जाता है।

     

  • बाजार में बढ़त का सिलसिला जारी, सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 400 अंक चढ़ा

    बाजार में बढ़त का सिलसिला जारी, सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 400 अंक चढ़ा

    मुंबई 

    शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ शुरुआत हुई है. सेंसेक्स 800 अंक चढ़कर 74,898 पर कारोबार कर रहा है और निफ्टी 400 अंक उछलकर 22,912 पर ट्रेड करते हुए नजर आ रहा है. निफ्टी टॉप गेनर्स में श्रीराम फाइनेंस, अडाणी पोर्ट्स, JSW Steel के शेयर्स शामिल हैं. वहीं, निफ्टी टॉप लूजर्स में टेक महिंद्रा, इंफोसिस के स्टॉक्स हैं. बाजार खुलने से पहले GIFT Nifty करीब 23,059 के स्तर पर ट्रेड करते हुए नजर आया और इसमें लगभग 130 अंकों की तेजी है, जिससे संकेत मिल रहा है कि घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत आज मजबूत और पॉजिटिव रह सकती है। 

    Nifty Midcap 100 इंडेक्स में करीब 2% की तेजी आई है और यह लगातार दूसरे दिन भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. निफ्टी Nifty Smallcap 100 में भी 2% की बढ़त देखने को मिल रही है. India VIX में गिरावट देखने को मिली है, यह 0.31% कम होकर 24.66 पर आ गया. इसमें कमी का मतलब है कि बाजार में उतार-चढ़ाव की चिंता घट रही है. इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ता है, जो शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव संकेत माना जाता है. शेयर बाजार में बढ़त के पीछे की वजह क्या है, ये बताते हैं। 

    किस वजह से आई शेयर बाजार में तेजी?
    ग्लोबल बाजार से मजबूत संकेत मिले हैं. एशियाई शेयर बाजारों में करीब 1.4% की तेजी देखी गई, जबकि कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ईरान और इजराइल के बीच युद्धविराम की उम्मीद बढ़ने से सप्लाई में रुकावट कम होने की संभावना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान के साथ एक महीने के सीजफायर की कोशिश कर रहा है और 15 प्वाइंट का शांति प्रस्ताव भी दिया गया है. वहीं यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, जिससे तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है। 

    बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप मंगलवार के मुकाबले करीब ₹7.25 लाख करोड़ बढ़कर ₹429.49 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले सेशन में ₹422.24 लाख करोड़ था। 

    एक्सपर्ट की राय
    मनींकट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, Livelong Wealth के फाउंडर और रिसर्च एनालिस्ट Hariprasad K के मुताबिक,  क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल के नीचे आ गई हैं, जो इस बात का संकेत है कि बाजार को कूटनीतिक समाधान की उम्मीद है. यह गिरावट वैश्विक स्तर पर बढ़ते भरोसे को दिखाती है. वहीं ग्लोबल संकेत भी मजबूत हैं एशियाई बाजार जैसे Kospi, Nikkei 225, SSE Composite और Hang Seng में तेजी है, जबकि वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स भी पॉजिटिव शुरुआत का इशारा दे रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप के अमेरिका-ईरान बातचीत के संकेतों से निवेशकों को राहत मिली है और इसी वजह से ग्लोबल बाजारों में मजबूती देखने को मिल रही है। 

  • बाजार में जोरदार रैली, सेंसेक्स 1372 अंक चढ़ा, निफ्टी 23400 के ऊपर बंद

    बाजार में जोरदार रैली, सेंसेक्स 1372 अंक चढ़ा, निफ्टी 23400 के ऊपर बंद

    नई दिल्ली

    हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब दो प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,372.06 अंक या 1.89 प्रतिशत बढ़कर 74,068.45 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 1,793 अंक या 2.46 प्रतिशत की तेजी आई और यह 74,489.39 पर पहुंच गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 399.75 अंक या 1.78 प्रतिशत बढ़कर 22,912.40 पर बंद हुआ।

    डॉलर के मुकाबले मंगलवार को रुपया 35 पैसे गिरकर 93.88 (अस्थायी) पर आ गया, क्योंकि प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के मजबूत होने और वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों को भयभीत कर दिया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट को लेकर अनिश्चितताओं के बीच विदेशी निधि की निकासी से स्थानीय मुद्रा पर और दबाव पड़ा है।

    अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, स्थानीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 93.66 पर खुली और पूरे सत्र में अस्थिर बनी रही। अंततः यह 93.88 (अस्थायी) पर बंद हुई, जो पिछले बंद भाव से 35 पैसे कम है। सोमवार को रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94 के स्तर को पार कर गया, लेकिन अंत में 93.53 पर स्थिर बंद हुआ।

    सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
    सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से लार्सन एंड टुब्रो, इंटरग्लोब एविएशन, इटरनल, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट सबसे बड़े विजेता रहे।इस मामले में पावर ग्रिड और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ही एकमात्र पिछड़ने वाली कंपनियां थीं।

    क्या है विशेषज्ञों की राय?
    ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दी गई समय सीमा को बढ़ा दिया है, जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच रणनीतिक रूप से स्थित एक जहाजरानी मार्ग है, और यह भी कहा कि वह ईरानी ऊर्जा स्थलों पर हमले को पांच दिनों के लिए स्थगित कर देंगे।

    रिसर्च एनालिस्ट और लिवेलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक उछाल देखने को मिला, पिछले सत्र में हुई भारी बिकवाली के बाद बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए। यह सुधार मुख्य रूप से जोखिम के प्रति धारणा में आई नरमी के कारण हुआ, क्योंकि अमेरिका-ईरान तनाव में संभावित कमी के शुरुआती संकेतों ने निवेशकों का कुछ भरोसा बहाल करने में मदद की। उन्होंने कहा कि रैली को संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए।

    हरिप्रसाद ने आगे कहा कि भावनात्मक उतार-चढ़ाव से प्रेरित तीव्र गिरावट के बाद, इस तरह की रिकवरी असामान्य नहीं है और अक्सर यह शॉर्ट कवरिंग और वैल्यू बाइंग के संयोजन को दर्शाती है। निवेशक आमतौर पर इस तरह के उतार-चढ़ाव का उपयोग अपेक्षाकृत आकर्षक मूल्यों पर गुणवत्ता वाले शेयरों को खरीदने के लिए करते हैं, न कि इसे संरचनात्मक प्रवृत्ति में बदलाव का संकेत मानते हैं।

    जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि ईरान के ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों में अस्थायी विराम के बाद घरेलू बाजार में राहत भरी तेजी देखी गई, जिससे पश्चिम एशिया से संबंधित तनाव को कम करने में और अधिक गुंजाइश मिल सकती है। हालांकि, निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के घटनाक्रमों पर अधिक स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं, इसलिए सतर्कता बनी हुई है।

    यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावाट
    एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई, जिसमें दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक तेजी से ऊपर चढ़कर बंद हुए। यूरोप के बाजारों अधिकतर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाज़ार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुआ।

    ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 101.9 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
    वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 1.96 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 101.9 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 10,414.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 12,033.97 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

    सोमवार को, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,836.57 अंक या 2.46 प्रतिशत गिरकर 72,696.39 पर बंद हुआ। निफ्टी 601.85 अंक या 2.60 प्रतिशत गिरकर 22,512.65 पर समाप्त हुआ

  • सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी कूद, शेयर बाजार में 1000 अंकों का उछाल, जानें कारण!

    सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी कूद, शेयर बाजार में 1000 अंकों का उछाल, जानें कारण!

    मुंबई 

    शेयर बाजार में तेजी के साथ शुरुआत हुई है. गिफ्ट निफ्टी सुबह तेजी के साथ भारतीय बाजार खुलने के संकेत मिल रहे थे. सेंसेक्स 1065 अंक की बढ़त के साथ 73761 पर खुला है और निफ्टी 336 अंक की तेजी के साथ 22849 पर ओपन हुआ है. ईरान और इजराइल वॉर के चलते सभी सेक्टोरल इंडेक्स में बिकवाली हावी रही लेकिन आज ऑटो, मेटल, कैपिटल मार्केट, पीएसयू बैंक. डिफेंस में खरीदारी देखी जा रही है. डिफेंस सेक्टर में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त आई है. इसके अलावा निफ्टी ऑटो और मेटल में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी है। 

    निफ्टी गेनर्स में एशियन पेंट्स, श्रीराम फाइनेंस, टाइटन, जियो फाइनेंशियल, एल एंड टी और Interglobe Aviation के शेयर्स शामिल हैं. वहीं, पावर ग्रिड के शेयर्स 1 फीसदी की गिरावट देखी जी रही है. लेकिन क्या आज जानते हैं कि इस ताबड़तोड़ तेजी के पीछे की वजह क्या है?

    इन वजहों से आई शेयर बाजार में तेजी
    इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह ये है कि पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि 5 दिन के लिए पावर प्लांट पर हमले के प्लान को टाल दिया गया है. ट्रंप के इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. अमेरिका में डाउ 600 पॉइंट से ज्यादा चढ़ा और तेल की कीमतें भी काफी गिर गईं, हालांकि बाद में दोनों में थोड़ी गिरावट भी देखी गई. फिलहाल तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं और करेंसी में बदलाव पर भी नजर रखना जरूरी है. सीएनबीसी के एनालिस्ट के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,000 एक अहम सपोर्ट लेवल है, जबकि 23,200–23,300 का लेवल आगे रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है।

    बैंकिंग शेयर्स में खरीदारी
    रिकवरी में बैंकिंग शेयरों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई है. HDFC Bank, ICICI Bank और State Bank of India जैसे शेयरों में तेजी आई, जिससे पूरा बाजार को मजबूती मिली है. साथ ही ऑटो, कैपिटल गुड्स और टेलीकॉम सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली, जो दिखाता है कि तेजी सिर्फ एक सेक्टर तक सीमित नहीं है। 

    गिफ्ट निफ्टी ने दिए तेजी के संकेत
    GIFT Nifty जोकि भारतीय बाजार की शुरुआत का शुरुआती संकेत देता है, शुरुआती कारोबार में करीब 520 अंक तक उछल गया. इससे भी संकेत मिल रहा था कि बाजार 12 महीने के निचले स्तर के आसपास से रिकवरी दिखा सकता है. इसके अलावा एशियन मार्केट में भी तेजी के साथ कारोबार होते हुए नजर आया। 

    मंगलवार को रुपये में थोड़ी मजबूती देखने को मिली है, क्योंकि तेल की कीमतों में गिरावट आई थी और ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के संकेत दिए थे. रुपया डॉलर के मुकाबले 93.64 पर खुला, जो पिछले सेशन के 93.9750 से बेहतर था, जब यह अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 93.98 तक पहुंच गया था. हालांकि, ईरान द्वारा बातचीत से इनकार करने से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और आगे की दिशा अभी साफ नहीं है. वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX), जोकि बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव का संकेत देता है, 4% से ज्यादा गिरकर 25.60 पर आ गया है. निवेशकों के बीच अनिश्चितता कम हुई है और बाजार में डर थोड़ा कम हो गया है. जिससे तेजी का मूड देखा जा रहा है। 

  • ईरान युद्ध के असर से चांदी ₹15000 सस्ती, सोने की कीमत ₹8000 घटी

    ईरान युद्ध के असर से चांदी ₹15000 सस्ती, सोने की कीमत ₹8000 घटी

    इंदौर 

    सोना-चांदी की कीमतों के क्रैश (Gold-Silver Rate Crash) होने का सिलसिला जारी है. मिडिल ईस्ट में युद्ध जारी है और ग्लोबल टेंशन चरम पर है, इसके बावजूद भी दोनों कीमती धातुएं लगातार सस्ती हो रही हैं. सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी अचानक 15,000 रुपये और सस्ती हो गई. 1 Kg Silver Price गिरकर 2,11,729 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो अब चांदी का भाव अपने हाई से 2 लाख रुपये से भी ज्यादा कम हो चुका है। 

    दूसरी कीमती धातु सोना भी सप्ताह के पहले दिन खुलने के साथ ही धड़ाम हो गई. एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव अपने पिछले बंद की तुलना में खुलने के साथ ही 8000 रुपये से ज्यादा गिर गया. शुरुआती वायदा कारोबार में दोनों कीमती धातुएं 5% से ज्यादा फिसलीं। 

    चांदी अब 2 लाख रुपये सस्ती 
    सोमवार को एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने पर 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव पिछले शुक्रवार के बंद 2,26,772 रुपये प्रति किलो की तुलना में फिसलकर 2,11,729 रुपये पर आ गया. यानी एक किलो चांदी 15,043 रुपये सस्ती हो गई. वहीं 29 जनवरी के अपने हाई लेवल 4,20,048 रुपये की तुलना में अब Silver Price Crash होकर 2,08,319 रुपये प्रति किलो तक कम हो चुका है। 

    अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत होने के बाद से सोना-चांदी की कीमतें तेजी से गिरी हैं. अगर चांदी की बात करें, तो अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू किया था और इससे एक दिन पहले 27 फरवरी का MCX Silver Rate 2,82,644 रुपये प्रति किलो था यानी ये अब तक 70,915 रुपये सस्ती हुई है। 

    सोना भी संभल नहीं पा रहा 
    जहां एक ओर चांदी की कीमत में तगड़ी गिरावट का सिलसिला जारी है, तो वहीं दूसरी ओर सोने का भाव भी लगातार टूटता जा रहा है. MCX Gold Rate की बात करें, तो बीते शुक्रवार को 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना 1,44,492 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था और सोमवार को खुलने के साथ ही गिरकर 1,36,403 रुपये पर आ गया. इस तरह एक झटके में 10 Gram 24 Karat Gold 8,089 रुपये सस्ता हो गया। 

    हाई से 50000 रुपये सस्ता है सोना
    ईरान युद्ध (Iran War) की शुरुआत होने के बाद से सोने की कीमत भी लगातार क्रैश (Gold Rate Crash) नजर आई है. हमलों से पहले बीते 27 फरवरी को एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव 1,62,104 रुपये प्रति 10 ग्राम था और वर्तमान भाव से तुलना करें, तो इस अवधि में ये 25,701 रुपये सस्ता हुआ है. वहीं Gold High से तुलना करें, तो सोने ने भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते 29 जनवरी को ही 1,93,096  रुपये का अपना हाई लेवल छुआ था और यहां से अब तक ये कीमती पीली धातु 56,693 रुपये गिर चुकी है। 

    सोना-चांदी में गिरावट की वजह
    आमतौर पर किसी भी आपदा या ग्लोबल टेंशन की स्थिति में सोना-चांदी की कीमतों में उछाल नजर आता रहा है, लेकिन इस बाद मामला अलग है और मिडिल ईस्ट युद्ध से बढ़ी टेंशन के बाद बावजूद Gold-Silver Rate Fall हो रहे हैं. इसके पीछे के कारण देखें, तो क्रूड ऑयल की कीमतों ने इजाफे और डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है. Crude महंगा होने से महंगाई का जोखिम बढ़ा है और डॉलर में मजबूती ने जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच भी कीमती धातुओं में तेजी पर ब्रेक लगाया है. बता दें कि हाई इंटरेस्ट रेट और Strong Dollar सोना-चांदी पर दबाव बढ़ाते हैं. हालांकि, एक्सपर्ट गोल्ड-सिल्वर रेट में आगे तेजी की उम्मीद जता रहे हैं। 

     

  • सेंसेक्स में 1800 अंक की गिरावट, निफ्टी 23,000 के नीचे, बाजार खुलते ही हुआ भारी नुकसान

    सेंसेक्स में 1800 अंक की गिरावट, निफ्टी 23,000 के नीचे, बाजार खुलते ही हुआ भारी नुकसान

    मुंबई 

    जिसका डर था वही हुआ, विदेशों से मिल रहे खराब संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार खुलते ही क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान का युद्ध बढ़ने और मिडिल ईस्ट में हाई पर पहुंची टेंशन के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने बाजार का सेंटीमेंट सप्ताह के पहले दिन खराब किया है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) ओपनिंग के साथ ही 1800 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी खुलते के कुछ देर बाद 575 अंक के आसपास बिखर गया. इस बीच BSE लार्जकैप में शामिल सभी शेयर लाल निशान पर कारोबार करते हुए नजर आए। 

    सेंसेक्स-निफ्टी खुलती ही क्रैश
    शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले दिन सोमवार को खुलने के साथ ही हड़कंप मचा हुआ नजर आया है. बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 74,532.96 की तुलना में बुरी तरह टूटकर 73,732 पर ओपन हुआ. इसके कुछ ही मिनटों में ये गिरावट और भी तेज हो गई, जिसके चलते Sensex करीब 1600 अंक गिरकर 72,977 के लेवल पर आ गया. वहीं इसके कुछ मिनटों बाद ही ये गिरावट और बढ़ गई और सेंसेक्स1800 अंक से ज्यादा फिसलकर 72,724 पर कारोबार करने लगा। 

    न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि एनएसई का निफ्टी-50 भी खुलने के साथ ही धड़ाम हो गया. ये इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 23,114 की तुलना में फिसलकर 22,824 पर ओपन हुआ था और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ये मिनटों में 480 अंक की भारी गिरावट के साथ 22,634 के लेवल पर आ गया और कुछ देर के कारोबार के बाद 575 अंक टूटकर 22,538 पर ट्रेड करता दिखा।

    खुलते ही धड़ाम हो गए ये शेयर
    सोमवार को बाजार में आए भूचाल का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बीएसई लार्जकैप में शामिल सभी 30 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. सबसे ज्यादा गिरावट वाले स्टॉक्स को देखें, तो Tata Steel Share (4%), SBI Share (3%), Bajaj Finance Share (2.67%), HDFC Bank Share (2.60%), IndiGo Share (2.50%), Titan Share (2.50%), BEL Share (2.49%), Adani Ports Share (2.40%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे। 

    विदेशी बाजारों से मिले थे गिरावट के संकेत 
    भारतीय शेयर बाजार के लिए पहले से ही विदेशों से निगेटिव सिग्नल मिल रहे थे. सोमवार को सभी एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ नजर आया. जापान का निक्केई इंडेक्स 4.10 फीसदी टूटकर 50,800 के लेवल तक गिरकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 3 फीसदी फिसलकर 24,532 पर ट्रेड करता दिखा। 

    यही नहीं साउथ कोरिया के कोस्पी में कारोबार की शुरुआत के बाद ही अचानक बड़ा क्रैश आ गया और ये 5.10 फीसदी टूटकर 5,409 पर आ गया. इसके अलावा DAX (2.01%), CAC (1.90%) और FTSE-100 (1.50%) टूटे हुए थे। 

     

  • ऑफ-रोडिंग के लिए तैयार Tata Harrier EV AWD, डुअल मोटर, शानदार रेंज और प्रीमियम फीचर्स के साथ लॉन्च

    ऑफ-रोडिंग के लिए तैयार Tata Harrier EV AWD, डुअल मोटर, शानदार रेंज और प्रीमियम फीचर्स के साथ लॉन्च

    नई दिल्ली

    Tata Motors (टाटा मोटर्स) ने भारत में Harrier EV (हैरियर ईवी) का नया वेरिएंट लॉन्च किया है। इस नए वेरिएंट का नाम Fearless+ QWD 75 है। और इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 25 लाख रुपये से ऊपर रखी गई है।

    इस अपडेट के साथ अब ग्राहकों को डुअल-मोटर ऑल-व्हील-ड्राइव (QWD) तकनीक कम कीमत में उपलब्ध हो गई है।

    इस नए वेरिएंट में क्या खास है?
    Harrier EV का यह नया वेरिएंट टाटा मोटर्स की Acti.ev+ प्लेटफॉर्म पर आधारित है।

    इस ईवी के अहम फीचर्स की बात करें तो इसमें ये शामिल हैं:

        डुअल-मोटर सेटअप (ऑल-व्हील ड्राइव)

        504 Nm टॉर्क

        0-100 किमी प्रति घंटा: 6.3 सेकंड

    इसके साथ ही इस एसयूवी में बेहतर ड्राइविंग कंट्रोल के लिए:

        6 टेरेन मोड्स

        ऑफ-रोड असिस्ट

        बूस्ट मोड

    जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

    बैटरी और रेंज कितनी है?
    इस वेरिएंट में बड़ा 75 kWh बैटरी पैक दिया गया है।

        MIDC रेंज: 627 किमी

        रियल-वर्ल्ड रेंज: लगभग 480-505 किमी

    यह ड्राइविंग रेंज इसे अपने सेगमेंट की लंबी रेंज वाली इलेक्ट्रिक एसयूवी में शामिल करता है।

    फीचर्स और कम्फर्ट में क्या मिलता है?
    Fearless+ QWD 75 वेरिएंट में कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं:

        पावर्ड फ्रंट सीट्स (मेमोरी फंक्शन के साथ)

        वेंटिलेटेड सीट्स

        360-डिग्री कैमरा

        10-स्पीकर JBL साउंड सिस्टम

        19-इंच अलॉय व्हील्स

        ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल (वॉयस सपोर्ट के साथ)

    अन्य फीचर्स:

        एम्बिएंट लाइटिंग

        रियर सनशेड्स

        बेहतर कम्फर्ट के लिए रियर हेडरेस्ट

     
    सेफ्टी और वारंटी कैसी है?

        Bharat NCAP में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग

        बैटरी पर लाइफटाइम वारंटी (कुछ शर्तों के साथ)

    जो इसे एक सुरक्षित और भरोसेमंद ईवी बनाता है।

    Harrier EV के सभी वेरिएंट्स और कीमत क्या हैं?
    अब Harrier EV कुल 7 वेरिएंट्स में उपलब्ध है। जिनकी एक्स-शोरूम कीमत करीब 20 लाख रुपये से कुछ ज्यादा से शुरू होती है। और टॉप वेरिएंट की कीमत करीब 30 लाख रुपये से कम है।

    इसमें चार्जर और इंस्टॉलेशन की कीमत अलग है। AC फास्ट चार्जर 49,000 रुपये में उपलब्ध है।

    क्या नए कलर ऑप्शन भी आए हैं?
    हां, टाटा मोटर्स ने हैरियर ईवी के नए वेरिएंट के साथ एक नया कलर ऑप्शन पेश किया है:

        सीवीड ग्रीन

    इसके अलावा:

        प्रिस्टीन व्हाइट

        प्योर ग्रे

        एम्पावर्ड ऑक्साइड

        नैनीताल नॉक्टर्न

    कम कीमत में ज्यादा खूबियां
    Tata Harrier EV का नया Fearless+ QWD 75 वेरिएंट उन ग्राहकों के लिए खास है जो बेहतर परफॉर्मेंस, AWD क्षमता और लंबी रेंज चाहते हैं। लेकिन पहले की तुलना में कम कीमत पर।

    यह लॉन्च Harrier EV को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाता है और भारतीय ईवी बाजार में इसकी पकड़ मजबूत करता है। 

  • दमानी का मेगा इन्वेस्टमेंट: DMart के मालिक ने 100 साल पुरानी कंपनी में झोंके ₹1100 करोड़

    दमानी का मेगा इन्वेस्टमेंट: DMart के मालिक ने 100 साल पुरानी कंपनी में झोंके ₹1100 करोड़

    नई दिल्ली

    बढ़ती ब्याज दरों के दौर में जहां कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ रहा है, वहीं निवेशक अब सुरक्षित और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों की तलाश में हैं। ऐसे माहौल में दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी ने एक बार फिर अपनी रणनीति से बाजार का ध्यान खींचा है।

    उन्होंने कर्ज-मुक्त, स्थिर मुनाफा देने वाली और मजबूत डिविडेंड वाली कंपनी VST Industries Ltd में बड़ा निवेश कर रखा है, जो मौजूदा बाजार में आकर्षक विकल्प बनकर उभर रही है।

    100 साल पुरानी और मजबूत विरासत

    VST Industries Ltd की स्थापना 1930 में ‘वजीर सुल्तान टोबैको कंपनी’ के रूप में हुई थी। यह कंपनी British American Tobacco Plc की सहयोगी है और भारत के सिगरेट बाजार में तीसरी सबसे बड़ी कंपनी मानी जाती है। ‘टोटल’ ब्रांड इसकी पहचान है।

    दमानी का दशक पुराना भरोसा

    राधाकिशन दमानी ने मार्च 2016 से इस कंपनी में निवेश बनाए रखा है। वर्तमान में उनकी करीब 29% हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू 1000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। यह उनके लॉन्ग-टर्म निवेश दृष्टिकोण को दर्शाता है।

    कर्ज-मुक्त कंपनी और मजबूत डिविडेंड

    कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसकी ‘जीरो डेब्ट’ स्थिति है, जिससे ब्याज दरों का असर नहीं पड़ता। लगभग 21% ROCE और 4.5% डिविडेंड यील्ड इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। यह इंडस्ट्री के औसत से काफी बेहतर है।

    गिरावट के बावजूद वैल्यूएशन आकर्षक

    शेयर कीमत मार्च 2021 के 302 रुपये से गिरकर मार्च 2026 में करीब 222 रुपये तक आ गई है। यह अपने ऑल-टाइम हाई से लगभग 56% नीचे ट्रेड कर रहा है। 17x पीई पर यह स्टॉक अपने ऐतिहासिक और इंडस्ट्री औसत से सस्ता नजर आता है।