Category: बिज़नेस

  • रेलवे सेक्टर में तेजी, GR Infra और RVNL की मजबूत हुई ऑर्डर बुक, निवेशकों की टिकी नजरें

    रेलवे सेक्टर में तेजी, GR Infra और RVNL की मजबूत हुई ऑर्डर बुक, निवेशकों की टिकी नजरें

    नई दिल्ली

    वैश्विक बाजार में मिडिल ईस्ट की अनिश्चितता के बीच भारतीय घरेलू मार्केट में 6 अप्रैल से शुरू हो रहे ट्रेडिंग सेशन में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कुछ कंपनियां निवेशकों के रडार पर रह सकती हैं. हाल ही में इन कंपनियों को मिले बड़े ऑर्डर से उनके बिजनेस की आगे की संभावनाएं मजबूत बनती दिख रही हैं.

    J Kumar Infraprojects को मिला बड़ा प्रोजेक्ट
    इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की J Kumar Infraprojects Limited को हाल ही में एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल हुआ है. जिससे कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत हुई है. यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के लखनऊ में वृंदावन योजना, सेक्टर-15 में 10,000 लोगों की क्षमता वाले इंटरनेशनल एग्जीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से जुड़ा है.

    कंपनी को इसके लिए 1,184 करोड़ रुपये देने की बात सामने आई है. निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 24 महीने का समय तय किया गया है.

    RVNL को मिला नया रेलवे प्रोजेक्ट
    साउथ सेंट्रल रेलवे ने Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) को 242 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट दिया है. जिसके तहत ओंगोल से गुडूर सेक्शन में काम किया जाएगा. यह प्रोजेक्ट विजयवाड़ा डिवीजन में आता है. कंपनी को इस काम के लिए 24 महीने का समय दिया गया है.  

    इस प्रोजेक्ट में मौजूदा 1×25 kV सिस्टम को अपग्रेड कर 2×25 kV AT फीडिंग सिस्टम में बदला जाएगा. साथ ही इस डील में ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) का डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग जैसे काम भी शामिल हैं.

    GR Infraprojects को मिला बड़ा EPC कॉन्ट्रैक्ट
    GR Infraprojects Limited ने वेस्ट सेंट्रल रेलवे के साथ 1,898 करोड़ रुपये का बड़ा EPC एग्रीमेंट किया है. इस डील से कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत हुई है.

    लगातार मिल रहे प्रोजेक्ट यह संकेत दे रहे हैं कि अलग-अलग सेगमेंट में कंपनी का ऑर्डर फ्लो स्थिर बना हुआ है. जो आगे की ग्रोथ के लिए पॉजिटिव माना जा रहा है.

  • अब किराए के बजाय अपना घर! नए इनकम टैक्स नियमों से रियल एस्टेट सेक्टर में आएगी तेजी, युवाओं के लिए बड़ा अवसर

    अब किराए के बजाय अपना घर! नए इनकम टैक्स नियमों से रियल एस्टेट सेक्टर में आएगी तेजी, युवाओं के लिए बड़ा अवसर

    नई दिल्ली

    1 अप्रैल 2026 से लागू हुए ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ ने घर खरीदारों और इन्वेस्टर्स के लिए खुशियों का रास्ता खोल दिया है. इस नए कानून का सीधा मकसद लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचाना और प्रॉपर्टी खरीदने की प्रोसेस को सरल बनाना है. आइए समझते हैं कि यह आपकी प्रॉपर्टी प्लानिंग को कैसे बदलेगा.

    क्या आपकी जेब में अब ज्यादा पैसा बचेगा?
    बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, नए टैक्स कानून की सबसे बड़ी खूबी 12 लाख रुपये की नई छूट सीमा (Exemption Threshold) है. इसका सीधा मतलब है कि अब नौकरीपेशा लोगों के पास घर ले जाने के लिए ज्यादा सैलरी (Disposable Income) बचेगी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब हाथ में पैसा ज्यादा होगा, तो लोग आसानी से होम लोन की EMI चुका पाएंगे. इससे न सिर्फ पहली बार घर खरीदने वालों को हिम्मत मिलेगी, बल्कि पुराने इन्वेस्टर्स भी बिना कर्ज के बोझ के नई प्रॉपर्टी में पैसा लगा सकेंगे.

    क्या कागजी कार्यवाही अब कम होगी?
    अक्सर लोग प्रॉपर्टी खरीदने से इसलिए कतराते थे क्योंकि कागजी काम और टैक्स (TCS) के नियम बहुत उलझे हुए थे. नए कानून ने PAN आधारित नियमों को आसान बना दिया है. खास तौर पर NRI (अनिवासी भारतीयों) के लिए अब भारत में घर खरीदना पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुरक्षित हो जाएगा. जब कागजी काम कम होगा, तो सौदे जल्दी पूरे होंगे और मार्केट में पैसा तेजी से घूमेगा.

    क्या मिडिल क्लास को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
    जी हां, इस बदलाव का सबसे बड़ा असर मिडिल क्लास और किफायती घरों (Mid-income housing) पर दिखेगा. कम टैक्स और ज्यादा बचत के कारण अब लोग किराए के बजाय अपना घर खरीदने की तरफ तेजी से बढ़ेंगे. जानकारों का कहना है कि अब शहरों में लोग अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट की हिस्सेदारी 10% तक बढ़ा सकते हैं. साथ ही, टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी घरों की मांग बढ़ने की पूरी उम्मीद है.

    क्या युवाओं के लिए यह सही समय है?
    आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) ट्रांसपेरेंसी और आसान इनवेस्टमेंट पसंद करती है. नया टैक्स ढांचा ट्रांसपेरेंट है, जिससे युवाओं के लिए रियल एस्टेट को एक लंबी अवधि के निवेश के रूप में देखना आसान हो गया है. कुल मिलाकर, यह नया कानून रियल एस्टेट को केवल जरूरत नहीं, बल्कि कमाई का एक मजबूत जरिया बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.

  • चांदी ₹2.06 लाख सस्ती, सोने में ₹53,000 की गिरावट, ताजे भाव जानें

    चांदी ₹2.06 लाख सस्ती, सोने में ₹53,000 की गिरावट, ताजे भाव जानें

    मुंबई 

    सोना-चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rates) बीते सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव के बाद भी बढ़त में रहीं. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,49,650 रुपये पर क्लोज हुआ, तो वहीं चांदी का भीव 2,32,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इन रेट्स की तुलना दोनों कीमती धातुओं के हाई लेवल से करें, तो ये अभी भी क्रैश (Gold-Silver Price Crash From High) नजर आ रही हैं. जी हां, चांदी जहां हाई से 2 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती है, तो वहीं सोना 53000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता मिल रहा है। 
         
    हाई छूने के बाद क्रैश होती गई चांदी 
    चांदी की कीमत एमसीएक्स पर अपने हाई को छूने के बाद से संभली नजर नहीं आई है. इस साल जनवरी महीने में इतिहास में पहली बार 1 Kg Silver Price 4 लाख रुपये के पार पहुंचा था और 4,39,337 रुपये के लेवल छू लिया था. इसके बाद इसमें तेज गिरावट देखने को मिली. हालांकि, बीच-बीच में उछाल भी आया, लेकिन वर्तमान 2,32,600 रुपये प्रति किलो के भाव के आधार पर कैलकुलेशन करें, तो चांदी 2,06,737 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है। 

    सोना भी फिर न छू सका हाई
    न सिर्फ चांदी, बल्कि सोना भी अपने लाइफ टाइम हाई को फिर से नहीं छू सका. चांदी की तरह ही जनवरी महीने में Gold Rate ने एमसीएक्स पर 2 लाख रुपये का लेवल पार किया था और रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था. वहीं बीते गुरुवार को ये गिरावट के साथ 1,49,650 रुपये पर क्लोज हुआ. ऐसे में अपने हाई से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 53,334 रुपये कम हो गया है। 
           
    बीते हफ्ते ऐसा था हाल 
    बात सिर्फ बीते सप्ताह सोना-चांदी की कीमतों में आए चेंज की करें, तो एमसीएक्स पर 2 अप्रैल को  5 जून की एक्सपायरी वाला सोना 1,49,650 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि 27 मार्च को ये 1,47,255 रुपये था. यानी हफ्तेभर में ये कीमती पीली धातु 2395 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगी हुई है. चांदी का भाव देखें, तो ये 2,27,954 रुपये से चढ़कर बीते सप्ताह 2,32,600 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुई यानी इसमें 4646 रुपये की तेजी आई।          
           
    घरेलू मार्केट में सोना-चांदी 
    MCX के बाद घरेलू मार्केट में सोना-चांदी की कीमतों को देखें, तो पिछले सप्ताह महज तीन कारोबार दिन में ट्रेड हुआ. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक 24 कैरेट सोना 27  मार्च को 24 कैरेट सोना 1,42,942 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि 2 अप्रैल को ये 1,46,608 रुपये पर क्लोज हुआ यानी यहां भी Gold Rate में 3666 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल आया. चांदी को देखें, तो घरेलू मार्केट में ये कीमती धातु 2,21,647 रुपये से बढ़कर 2,27,813 रुपये प्रति किलो हो गई. यानी 1 किलो चांदी की कीमत 6166 रुपये बढ़ गई।    
          
     घरेलू मार्केट में GST+Making Charge
    गौरतलब है कि आईबीजेए द्वारा अपडेट किए जाने वाले गोल्ड-सिल्वर रेट्स देशभर में समान रहते हैं, लेकिन जब सर्राफा दुकान पर ज्वेलरी खरीदने के लिए जाते हैं, तो उस पर तय 3 फीसदी जीएसटी के साथ मेकिंग चार्ज भी देना होता है. ये मेकिंग चार्ज विभिन्न शहरों में अलग-अलग हो सकता है और इनके जुड़ने से सोना-चांदी की कीमत बढ़ जाती है। 

    विदेशों में भी सोना-चांदी सस्ता, ये हैं कारण
    इंटरनेशनल मार्केट में भी सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है. COMEX पर सोना करीब 2 फीसदी गिरकर 4317 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) पर आ गया, तो चांदी की कीमत गिरकर 66.89 डॉलर प्रति औंस पर नजर आई।  

    Gold-Silver Rates में जारी गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के चलते महंगाई बढ़ने का खतरा लोगों को सता रहा है. दूसरी ओर अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा बीते सप्ताह ब्याज दरों में कटौती न करने के फैसले ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है. ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर जारी अनिश्चितता ने भी इस गिरावट को रफ्तार देने का काम किया है. इसके अलावा मंगलवार को भी अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिसका दबाव सोना-चांदी पर पड़ा। 

  • डीजल और पेट्रोल के दामों में भारी बढ़ोतरी, ₹25 महंगा हुआ डीजल, ₹7.4 बढ़ा पेट्रोल का दाम

    डीजल और पेट्रोल के दामों में भारी बढ़ोतरी, ₹25 महंगा हुआ डीजल, ₹7.4 बढ़ा पेट्रोल का दाम

    नई दिल्‍ली
     नायरा के बाद निजी क्षेत्र की कंपनी शेल इंडिया (Shell India) ने भी पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है. कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आए उछाल के कारण तेल के दाम बढ़ाए गए हैं. मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, शेल ने डीजल की कीमतों में सीधे ₹25.01 प्रति लीटर की वृद्धि की है. पेट्रोल की कीमतों में ₹7.41 प्रति लीटर की बढोतरी की गई है. इस वृद्धि के बाद सामान्य डीजल की कीमत शेल इंडिया के पंपों पर ₹123.52 और प्रीमियम वेरिएंट की कीमत ₹133.52 प्रति लीटर तक पहुंच गई है।

     वहीं, बेंगलुरु में अब सामान्य पेट्रोल ₹119.85 और पावर वेरिएंट ₹129.85 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. स्थानीय करों (VAT) और परिवहन लागत के कारण अलग-अलग राज्यों और शहरों में इन कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर पूरे देश में शेल के आउटलेट्स पर अब ग्राहकों को जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है। 

    सरकारी कंपनियों ने नहीं बढ़ाए दाम
    जहां सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद सरकार के हस्तक्षेप के कारण खुदरा कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं, वहीं निजी कंपनियों को ऐसा करने पर सरकार से कोई वित्तीय मुआवजा या सब्सिडी नहीं मिलती. घाटे से बचने के लिए निजी कंपनियों के पास कीमतों को बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। 

    कच्‍चे तेल की कीमतों में वृद्धि
    ईंधन की कीमतों में इस अभूतपूर्व वृद्धि के पीछे मुख्य कारण कच्‍चे तेल के बढ़े दाम हैं. फरवरी के अंत में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से कच्चे तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग 60 फीसदी तक का उछाल आया है. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चा तेल $100 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है. भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85 फीसदी आयात करता है। 

  • Gold-Silver Crash Explained: ये 3 वजहें हैं, जिनसे चांदी हुई 13,000 रुपये सस्ती और सोने में आई गिरावट

    Gold-Silver Crash Explained: ये 3 वजहें हैं, जिनसे चांदी हुई 13,000 रुपये सस्ती और सोने में आई गिरावट

    इंदौर 
    अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के संबोधन के बाद सोने-चांदी के भाव में भारी गिरावट आई है. ट्रंप के बयान से यह क्लियर होता हुआ दिख रहा है कि दो से तीन हफ्तों में कुछ बड़ा एक्‍शन हो सकता है. वहीं ट्रंप ने होर्मुज को लेकर कहा कि हम उस रास्‍ते से तेल लेकर नहीं आते हैं, जो देश उस रास्‍ते से तेल लेकर गुजरते हैं, वे चिंता करें और आगे आएं. अमेरिका मदद कर सकता है। 

    इस बयान के बाद डॉलर में काफी मजबूती देखने को मिली, जिस कारण ग्‍लोबल से लेकर MCX पर सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट आई. 5 मई वायदा के लिए चांदी का भाव करीब 13,000 रुपये टूटकर 2,29,888 रुपये प्रति किलो पर आ गया। 

    इसी तरह, सोने के भाव में भी भारी गिरावट रही. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट में सोने का भाव 2200 रुपये टूटकर 1,51,161 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 

    इंटरनेशनल मार्केट में भी बड़ी गिरावट
    ग्‍लोबल मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है. इंटरनेशनल मार्केट में सोने का भाव 2.15 फीसदी टूटकर 4,710.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गए. इसकी के साथ चांदी के भाव में भी तेज गिरावट आई और यह 5.20 फीसदी गिरकर 72.108  डॉलर प्रति औंस पर आ गया। 

    सोने-चांदी के गिरावट के साथ ही भारतीय शेयर बाजार में भी भारी गिरावट आई है. सेंसेक्‍स में 1500 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट आई, जबकि निफ्टी 420 अंको से ज्‍यादा टूटा है। 

    क्‍यों आई सोने-चांदी के भाव में इतनी बड़ी गिरावट
        ट्रंप के संबोधन से बाजार का मूड बिगड़ा है. ट्रंप ने कहा है कि हम 2 से 3 हफ्तों में बड़ी कार्रवाई करेंगे. इस बयान के बाद जंग के हालात और बिगड़ते हुए दिख रहे हैं, जिस कारण सोने-चांदी के भाव में भी गिरावट देखी जा रही है। 
     
        कच्‍चे तेल के दाम में भी भारी तेजी आई है. कल की तुलना में कच्‍चे तेल का भाव 8 डॉलर प्रति बैरल से ज्‍यादा चढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया है। 

        डॉलर इंडेक्‍स में तेजी देखी जा रही है, जो अब करीब 100 के करीब पहुंच रहा है. वहीं रुपया डॉलर की तुलना में 94 लेवल के करीब है. डॉलर की मजबूती से सोने-चांदी के भाव में भारी गिरावट है।  

     

  • महंगाई ने बढ़ाए प्रीमियम पेट्रोल-डीजल के दाम, घर से बाहर जाने से पहले चेक करना जरूरी

    महंगाई ने बढ़ाए प्रीमियम पेट्रोल-डीजल के दाम, घर से बाहर जाने से पहले चेक करना जरूरी

    नई दिल्ली

    प्रीमियम पेट्रोल के दाम में आज बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर XP100 पेट्रोल 149 से 160 रुपये प्रति लीटर और एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल 91.49 से 92.99 रुपये प्रति लीटर हो गया है। दूसरी ओर कच्चे तेल में उछाल के बावजूद आज भी IOCL, HPCL, भारत पेट्रोलियम समेत ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने सामान्य पेट्रोल-डीजल के रेट नहीं बढ़ाए हैं। जबकि, कमर्शियल सिलेंडर के दाम में आज भारी बढ़ोतरी की गई है। 1 अप्रैल की सुबह छह बजे जारी रेट के मुताबिक दिल्ली के इंडियन ऑयल के पंपों पर साधारण पेट्रोल की रिटेल कीमत ₹94.77 और डीजल 87.67 रुपये लीटर है। भारत में सबसे सस्ता तेल पोर्ट ब्लेयर में है। यहां पेट्रोल ₹82.46 प्रति लीटर है तो डीजल ₹78.05 प्रति लीटर।
    पेट्रोल पर कितना टैक्स

    दिल्ली में 1 अप्रैल 2026 से सामान्य पेट्रोल की कीमत तय करने में कई हिस्से शामिल हैं। सबसे पहले डीलर्स को बिना वैट के जो बेस प्राइस दिया जाता है। आज 1 अप्रैल को इंडियन ऑयल द्वारा जारी डेटा के मुताबिक यह ₹74.97 प्रति लीटर है। इसके ऊपर औसतन ₹4.40 प्रति लीटर डीलर कमीशन जोड़ा गया है। इसके बाद वैट (जिसमें डीलर कमीशन पर लगने वाला टैक्स भी शामिल है) ₹15.40 प्रति लीटर लगाया गया है। इन सभी को मिलाकर दिल्ली में आज 1 अप्रैल को पेट्रोल की खुदरा कीमत करीब ₹94.77 प्रति लीटर बैठती है।
    डीजल की कीमत का पूरा हिसाब

    सामान्य डीजल की कीमत भी इसी तरह तय होती है, जिसमें सबसे पहले डीलर्स का कमीशन, वैट आदि जुड़े होते हैं। आज जारी प्राइस बिल्डअप के मुताबिक दिल्ली में एक लीटर डीजल की कीमत ₹87.67 है। इसका बेस प्राइस बिना वैट के ₹71.81 प्रति लीटर है। इसके बाद औसतन ₹3.03 प्रति लीटर डीलर कमीशन और फिर वैट (जिसमें कमीशन पर टैक्स भी शामिल है) ₹12.83 प्रति लीटर शामिल है।
    आज पश्चिम बंगाल के शहरों में पेट्रोल के दाम

    कोलकाता में ₹ 104.99, अलीपुर में पेट्रोल ₹ 104.99 प्रति लीटर, बहरामपुर में ₹ 106.12, बांकुड़ा में ₹ 105.19, बारासात में ₹ 105.24, वर्धमान में ₹ 105.33, कूचबिहार में ₹ 106.14, हुगली में ₹ 105.52, हावड़ा में ₹ 104.99, कृष्णानगर में ₹ 106.07, मेदिनीपुर में ₹ 105.37, पुरुलिया में ₹ 106.05, रायगंज में ₹ 105.36, सूरी में ₹ 105.43 और तामलुक में ₹ 104.61 प्रति लीटर है।
    कच्चे तेल का क्या है हाल

    अमेरिका-ईरान-इजरायल युद्ध के बीच कच्चे तेल के रेट में उछाल है। ब्रेंट क्रूड 1.71 डॉलर उछलकर 105.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। जबकि, WTI क्रूड 1.44 डॉलर उछलकर 102.82 डॉलर प्रति बैरल पर है। एक अन्य खबर की बात करें तो होर्मूज स्ट्रेट के बंद होने से अमेरिका में औसत गैस की कीमतें 4 डॉलर प्रति गैलन के पार चली गईं।

  • शेयर बाजार में उथल-पुथल, सेंसेक्स 73,600 के आसपास खुला, निफ्टी में 500 अंकों का उछाल

    शेयर बाजार में उथल-पुथल, सेंसेक्स 73,600 के आसपास खुला, निफ्टी में 500 अंकों का उछाल

    मुंबई 

    ईरान और इजराइल युद्ध के चलते पिछले एक महीने से शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है. आज 1 अप्रैल को पॉजिटिव शुरुआत हुई है. सेंसेक्स निफ्टी 2 फीसदी के उछाल के साथ खुला. इससे पहले ही गिफ्ट निफ्टी इंडेक्स 450 अंक की बढ़त के साथ 22854 के करीब करते हुए नजर आया था. एशियाई बाजारों में भी बढ़त से कारोबार होते हुए नजर आया. KOPSI इंडेक्स 6 फीसदी उछलकर कारोबार करते हुए नजर आया. निक्कई में 3.91 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। 

    शेयर बाजार में तेजी जारी
    शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है. सेंसेक्स 1,879.76 अंक यानी 2.61% बढ़कर 73,827.31 पर पहुंच गया है. वहीं निफ्टी 570.25 अंक यानी 2.55% की तेजी के साथ 22,901.65 पर ट्रेड कर रहा है. बाजार में चौतरफा खरीदारी दिख रही है. करीब 3,351 शेयर बढ़े हैं, जबकि 268 शेयर गिरे हैं और 90 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 

    चांदी के रेट में गिरावट
    एमसीएक्स पर सोने के भाव में 1.73 फीसदी की बढ़त देखी जा रही है. वहीं, चांदी के रेट में गिरावट देखने को मिल रही है। 

    सभी सेक्टोरल इंडेक्स में तेजी
    सभी सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिल रही है. मेटल, ऑटो, आईटी, मीडिया में 3 फीसदी से ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। 

    Escorts Kubota Limited की सेल्स में बढ़त
    Escorts Kubota Limited के एग्री मशीनरी बिजनेस ने मार्च 2026 में 12,119 ट्रैक्टर सेल किए हैं. यह पिछले साल मार्च 2025 के 11,374 ट्रैक्टरों के मुकाबले 6.6% की बढ़त है. घरेलू बाजार में कंपनी की बिक्री और बेहतर रही. मार्च 2026 में 11,582 ट्रैक्टर बिके, जो मार्च 2025 के 10,775 ट्रैक्टरों के मुकाबले 7.5% ज्यादा है। 

    IndiGo को मिला नया CEO
    InterGlobe Aviation ने विलियम वॉल्श को नया CEO नियुक्त किया है. वॉल्श फिलहाल International Air Transport Association (IATA) से जुड़े हुए हैं. उनका कार्यकाल वहां 31 जुलाई 2026 को खत्म होगा और इसके बाद वे 3 अगस्त 2026 तक कंपनी जॉइन कर सकते हैं। 

     

  • Stock Market Crash: ये तीन वजहें जिन्होंने सेंसेक्स को 1100 अंक नीचे धकेला

    Stock Market Crash: ये तीन वजहें जिन्होंने सेंसेक्स को 1100 अंक नीचे धकेला

    मुंबई 
    शेयर बाजार में जिसका डर था वही हुआ. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को विदेशों से मिल रहे रेड सिग्नल के बीच सेंसेक्स-निफ्टी की बेहद खराब शुरुआत हुआ और मार्केट ओपनिंग के साथ ही क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद की तुलना में 1100 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी 300 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार शुरू किया. बैंकिंग शेयरों में कोहराम मचा नजर आया और Axis Bank, HDFC Bank, Kotak Bank के शेयर बुरी तरह फिसल गए. हालांकि, शुरुआती तेज गिरावट में हल्की रिकवरी होती भी दिखाई दे रही थी। 

    सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश 
    शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,583 की तुलना में बुरी तरह टूटकर 72,565 के लेवल पर खुला और महज कुछ ही मिनटों ये इंडेक्स फिसलते हुए 72,391 के लेवल पर आ गया. यानी ओपनिंग के साथ ही ये 1192 अंक का गोता लगा गया। 

    बात एनएसई निफ्टी इंडेक्स की करें, तो ये अपने पिछले शुक्रवार के बंद 22,819 की तुलना में फिसलकर 22,549 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 349 अंक की गिरावट लेकर 22,470 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया। 

    सबसे ज्यादा टूटे ये शेयर
    सोमवार को बाजार में आए भूचाल के बीच बैंकिंग स्टॉक्स में सबसे तेज गिरावट देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में ही Axis Bank Share (4%), Kotak Bank Share (3%), HDFC Bank Share (2.50%), ICICI Bank Share (1.70%) और SBI Share (1.10%) की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा बीएसई की लार्जकैप में Bajaj Finance Share (2%), Bharti Airtel Share (1.50%) फिसल गए।  

    विदेशों से आए थे रेड सिग्नल 
    भारतीय शेयर बाजार में तगड़ी गिरावट के संकेत पहले से ही विदेशों बाजारों से मिल रहे थे. जापान, कोरिया से हांगकांग तक एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा हुआ दिखाई दिया था. Japan का निक्केई इंडेक्स 2382 अंक या 4.50 फीसदी क्रैश होकर  50,566 के स्तर पर आ गया था. Hongkong का हैंगसेंग इंडेक्स भी 490 अंक या 1.95 फीसदी टूटकर 24,469 पर ट्रेड कर रहा था। 

    साउथ  कोरिया के कोस्पी इंडेक्स की बात करें, तो यह भी क्रैश नजर आया और 215 अंक या 3.96% फिसलकर 5,223 पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा DAX (312 अंक), CAC (67 अंक) और FTSE-100 इंडेक्स भी रेड जोन में था। 

    शेयर बाजार में गिरावट के तीन बड़े कारण
    पहला: Stock Market Crash के पीछे के बड़े कारणों की बात करें, तो एशियाई बाजारों में मचे कोहराम की सीधा असर सेंसेक्स-निफ्टी पर दिखा है. Gift Nifty भी क्रैश नजर आ रहा था। 

    दूसरा: शेयर मार्केट में गिरावट का दूसरा कारण क्रूड ऑयल की कीमत में अचानक आया बड़ा उछाल है. जी हां, सोमवार को ऑयल मार्केट में भी हड़कंप मचा है और Brent Crude Price एक झटके में उछलकर 116 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया. महंगाई का जोखिम बढ़ने के खतरे से शेयर बाजार भी सहमा नजर आया। 

    तीसरा: अमेरिका और ईरान में तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है. अटैक जारी हैं और डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन की बड़ी तैयारी कर ली है. इससे ग्लोबल टेंशन चरम पर पहुंच गई है और शेयर बाजार धड़ाम हो गए हैं। 

  • Gold Silver Price Crash: रामनवमी के दिन सोना-चांदी में भारी गिरावट, निवेशकों को हुआ नुकसान

    Gold Silver Price Crash: रामनवमी के दिन सोना-चांदी में भारी गिरावट, निवेशकों को हुआ नुकसान

    इंदौर 

    आज रावनवमी के मौके पर सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। चांदी तो अचानक 15000 रुपये टूट गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते दबाव और मजबूत अमेरिकी डॉलर के चलते घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में राम नवमी के दिन यह बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

    26 मार्च को शेयर बाजार बंद रहा, लेकिन कमोडिटी मार्केट खुलते ही सोना और चांदी के दाम में भारी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शाम के वक्त ट्रेडिंग शुरु होते ही कीमतें तेजी से टूट गईं, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
    पीली धातु 3 हजार से ज्यादा टूटी

    एमसीएक्स (MCX) पर शाम करीब 7 बजे सोना 3000 रुपये से ज्यादा गिरकर करीब 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह गिरावट तो  बुधवार के बंद भाव के मुकाबले 2 फीसदी से ज्यादा रही।
    चांदी में तो 15 हजार की भारी भरकम गिरावट

    कीमती धातु सोने के साथ ही चांदी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।  मई वायदा वाली चांदी करीब 15,000 रुपये टूटकर 2.20 लाख रुपये प्रति किलो से नीचे आ गई। यह गिरावट करीब  6% दर्ज की गई।

    सोना और चांदी फिर क्यों हुए धड़ाम?
    दरअसल अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध से  तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच, ईरान ने समुद्री रास्तों को बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ सकता है। तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। तेल की कीमत बढ़ने से डॉलर मजबूत हुआ है, जिसका असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है और वो काफी गिर गए। वहीं जनवरी के मुकाबले देखें, तो सोना अपने रिकॉर्ड हाई 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से करीब 53,000 रुपये सस्ता हो चुका है जबकि चांदी भी 4.20 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर से गिरकर करीब 2.20 लाख रुपये पर आ गई है।

  • सेंसेक्स 1009 अंक गिरा, युद्ध और कमजोर रुपया सहित 5 कारणों से आई भारी गिरावट

    सेंसेक्स 1009 अंक गिरा, युद्ध और कमजोर रुपया सहित 5 कारणों से आई भारी गिरावट

    मुंबई 

     शेयर बाजार में आज शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक शुरुआती कारोबार के दौरान लुढ़क गए। सेंसेक्स 1009 अंक की गिरावट के बाद 74624.78 अंक के इंट्रा-डे लो लेवल पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद 23,000.85 स्तर तक लुढ़क गया था। घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट की वजह से निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये आज डूब गए हैं। इस गिरावट की वजह एशिआई बाजारों की कमजोर स्थिति, रुपया का नए रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचने को माना जा रहा है। आइए जानते हैं 5 बड़ी वजहें —

    1-मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष
    ईरान के साथ जारी सत्ता संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। जिसकी वजह से अनिश्चितता बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अप्रैल तक ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर अटैक ना करने की बात कही है।

    एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर तनाव कम नहीं तब की स्थिति में तेल और गैस की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकती है। इसका बुरा असर शेयर बाजारों पर दिख सकता है।

    2-वैश्विक स्तर पर कमजोर स्थिति
    एशिया के कई धाकड़ शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को को मिली है। कोरिया Kospi और जापान Nikkei में आज 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है। S&P 500 और Nasdaq में भी दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

    3- रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर है
    युद्ध शुरू होने के बाद से ही रुपया की स्थिति ठीक नहीं है। आज रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गया। 1 डॉलर की कीमत 94.1575 के स्तर पर आ गया। इससे पहले डॉलर के मुकाबले रुपये का रिकॉर्ड लो लेवल 93.98 था। बता दें, जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से रुपया 3.5 प्रतिशत लुढ़क चुका है।

    4- कच्चे तेल की कीमतों में जारी उछाल ने बढ़ाई टेंशन
    सप्लाई प्रभावित होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है। आज ब्रेंट क्रू़ड ऑयल का भाव 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।

    5- FPI की निकासी
    घरेलू शेयर बाजारों से एफपीआई की निकासी जारी है। एफपीआई ने 123688 रुपये की निकासी की है। यह आंकड़ा 25 मार्च तक का है।

    (यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)