Author: NewseDay

  • जैविक प्रमाणन से बस्तर के वनोपज को मिलेगा वैश्विक बाजार, महिलाओं और युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    जैविक प्रमाणन से बस्तर के वनोपज को मिलेगा वैश्विक बाजार, महिलाओं और युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, जैविक उत्पादों के संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में दंतेवाड़ा जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत गठित माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड को वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के अंतर्गत जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है। यह प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित पहली किसान उत्पादक कंपनी है, जिसे वनोपज के लिए यह प्रमाणन मिला है। इस उपलब्धि से बस्तर के प्राकृतिक वनोपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की नई राह खुली है।

    उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी से जुड़ी सभी महिलाओं और बिहान मिशन की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए स्थानीय संसाधनों, स्थानीय प्रतिभा और स्थानीय भागीदारी पर आधारित विकास मॉडल को आगे बढ़ा रही है। इस मॉडल में महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका और प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग प्रमुख आधार हैं। माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को मिला एनपीओपी प्रमाणपत्र इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर की धरती प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है और यहां की महिलाएं पीढि़यों से वनोपज के संग्रहण एवं संरक्षण का कार्य करती आ रही हैं। एनपीओपी प्रमाणन मिलने से उनके परिश्रम और पारंपरिक ज्ञान को औपचारिक पहचान मिलेगी। अब दंतेवाड़ा के प्रमाणित जैविक वनोपज को देश के बड़े बाजारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं मजबूत होंगी। इससे संग्राहकों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने और वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होने की उम्मीद है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक प्रमाणन केवल उत्पादों की गुणवत्ता की पहचान नहीं है, बल्कि यह बस्तर की महिलाओं की मेहनत और सामूहिक उद्यमशीलता को नई पहचान दिलाने का माध्यम भी है। वनोपज के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे युवाओं को अपने गांव और क्षेत्र में ही काम के अवसर मिलेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

    श्री शर्मा ने कहा कि शासन की मंशा है कि बस्तर के ऐसे गांवों, जहां परंपरागत रूप से रासायनिक उर्वरकों और रसायनों का उपयोग नहीं किया गया है, वहां के कृषि उत्पादों और वनोपज को निर्धारित मानकों के अनुरूप जैविक प्रमाणीकरण से जोड़ा जाए। इससे बस्तर की प्राकृतिक और पारंपरिक उत्पादन प्रणाली को विशिष्ट पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय समुदायों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य, बेहतर बाजार और स्थायी आजीविका प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि ‘दण्डक ब्रांड’ बस्तर की मेहनतकश महिलाओं, समृद्ध जैव विविधता और स्थानीय उत्पादों को एक साझा पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

    1080 महिला शेयरधारक, 60 उत्पादक समूह और एक करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार
    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत वर्ष 2023 में गठित माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उनकी आजीविका बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। वर्तमान में कंपनी से 1080 महिला शेयरधारक प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। इसके अतिरिक्त जिले के 60 उत्पादक समूहों से जुड़ी 2100 वनोपज संग्राहक दीदियां भी कंपनी की गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं। ये महिलाएं स्थानीय स्तर पर वनोपज के संग्रहण और विपणन से जुड़ी हैं। कंपनी के माध्यम से इन महिलाओं को संगठित बाजार व्यवस्था, उत्पादों के मूल्य संवर्धन और बेहतर कीमत प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
    कंपनी ने पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया है। पिछले वर्ष लगभग 54 लाख रुपए के उत्पादों की बिक्री की गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 50 लाख रुपए से अधिक के वनोपज की खरीदी की जा चुकी है। एनपीओपी प्रमाणन मिलने के बाद इन उत्पादों के बेहतर मूल्य पर विपणन की उम्मीद है। कंपनी अब केवल वनोपज की खरीदी-बिक्री तक सीमित न रहकर मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के माध्यम से अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।

  • बड़ी उम्र की महिला से शादी का विवाद बना हत्या की वजह? रामपुर में युवक की गोली मारकर हत्या, जांच जारी

    रामपुर
    उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस वारदात से आसपास के घरों में सनसनी फैल गई. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार से फरार हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया.

    घटना रामपुर के मिलक खानम थाना क्षेत्र के टहकला गांव की है. यहां 30 वर्षीय नवजोत सिंह अपना कार वॉशिंग सेंटर चलाते थे. जानकारी के मुताबिक, नवजोत अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी कार सवार हमलावर वहां पहुंचे. आरोप है कि हमलावरों ने उन पर कई राउंड गोलियां चलाईं. उन्हें चार गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौत हो गई. वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर कार से फरार हो गए. दिनदहाड़े हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई.

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मौके का जायजा लिया. घटना से जुड़ा CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद हो गई है. इस हत्याकांड में शादी से जुड़ा विवाद भी सामने आया है. नवजोत सिंह के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए उनकी पत्नी के परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया है.

    पुलिस के मुताबिक, नवजोत ने अपने से उम्र में बड़ी एक महिला से शादी की थी. महिला के पहले पति की मौत हो चुकी थी और उसके दो बच्चे हैं. हालांकि, शादी से जुड़ा विवाद ही हत्या की वजह था या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. फिलहाल यह मृतक के पिता की ओर से लगाया गया आरोप है.

    नवजोत सिंह अपने पिता के इकलौते बेटे थे. उनकी हत्या के बाद परिवार में मातम पसरा है. रामपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि मिलक खानम थाना क्षेत्र के टहकला निवासी नवजोत सिंह की गोली मारकर हत्या की गई है. वह अपनी वॉशिंग सेंटर की दुकान पर थे, जहां दो लोगों ने उन्हें गोली मारी.

    अनुराग सिंह के मुताबिक, मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है. शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. हत्या की वजह के सवाल पर उन्होंने बताया कि मृतक के पिता ने अपनी शिकायत में बेटे की शादी का जिक्र किया है और महिला के परिजनों को आरोपी बनाया है. पुलिस अब हत्या के पीछे की वजह, हमलावरों की पहचान और वारदात में इस्तेमाल की गई कार समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.

  • छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक: पूर्व अग्निवीरों को 10% आरक्षण, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर होगा जनजातीय कार्य विभाग

    छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक: पूर्व अग्निवीरों को 10% आरक्षण, आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर होगा जनजातीय कार्य विभाग

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी पत्रकार-वार्ता में उपस्थित थे।

    कैबिनेट की बैठक में पूर्व अग्निवीरों को राज्य की सेवाओं में अवसर देने और आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने पत्रकार-वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 25 वर्षों में हुए विकास कार्यों और छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से मिले सहयोग का भी उल्लेख किया।

    पूर्व अग्निवीरों को आरक्षक भर्ती में मिलेगा अवसर

    छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव और दक्षता का लाभ राज्य की सेवाओं में लेने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की अनुमति प्रदान की गई है।

    उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इस फैसले से पूर्व अग्निवीरों को राज्य की पुलिस सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।

    आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर होगा जनजातीय कार्य विभाग

    कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूर्ण होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल उपलब्धि का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों पर आधारित एक असाधारण कार्ययात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है।

    मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता और मंत्रिपरिषद की ओर से प्रधानमंत्री के कर्मयोग, जनसेवा और दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घकालीन राष्ट्रसेवा की कामना भी की।

    निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर किए गए सुधार

    पत्रकार-वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए कई नीतिगत और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ के तहत औद्योगिक अनुमतियों को सरल बनाया गया है। निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर स्वतः स्वीकृति यानी डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान किया गया है।

    प्रस्तुत विवरण के अनुसार, राज्य में 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। इनके परिणामस्वरूप 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।

    प्रधानमंत्री आवास और आयुष्मान भारत योजना से लाखों परिवारों को लाभ

    मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में 20.65 लाख और शहरी क्षेत्रों में 2.25 लाख पक्के आवास पूरे हुए हैं। पिछले पौने तीन वर्षों में 11.78 लाख आवास बनाए गए हैं।

    आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 2.49 करोड़ पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाए गए हैं। वहीं, 51.17 लाख हितग्राहियों को लगभग 11,877 करोड़ रुपये का निःशुल्क उपचार मिला है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 39.73 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन दिए जाने की जानकारी भी दी गई।

    महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक सहायता

    मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख माताओं और बहनों को प्रतिमाह 1,000 रुपये यानी सालाना 12,000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    किसानों को आर्थिक संबल और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा

    पत्रकार-वार्ता में कृषि क्षेत्र से जुड़े आंकड़े साझा करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ छत्तीसगढ़ के 26.57 लाख किसानों के खातों तक पहुंचा है। राज्य में धान उपार्जन 59 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन के स्तर पर पहुंचने की जानकारी दी गई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं और सहयोग से किसानों, महिलाओं, गरीब परिवारों तथा जनजातीय समुदायों के विकास को गति मिली है।

    बस्तर में विकास और नक्सलवाद के खिलाफ प्रयासों का उल्लेख

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षा बलों के साहस से 31 मार्च 2026 को नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने बताया कि नक्सल उन्मूलन के लिए केंद्र से 2,080 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिली है। आत्मसमर्पण करने वाले कैडर और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15,000 आवास स्वीकृत किए गए हैं।

    उन्होंने यह भी बताया कि बस्तर क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी से संबंधित विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ का रोडमैप तैयार किया है। इसका उद्देश्य विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के माध्यम से विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प में योगदान देना है।

    उन्होंने कहा कि खनिज और ऊर्जा संसाधन, मेहनती किसान, सशक्त महिलाएं, युवा शक्ति, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और निवेश के अनुकूल वातावरण राज्य की प्रमुख ताकत हैं। सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

     

  • MP Crime News: भोपाल में डेयरी के पास जंगल से मिले गोवंश, गोकशी केस में परिवार के दो सदस्य भी नामजद

    MP Crime News: भोपाल में डेयरी के पास जंगल से मिले गोवंश, गोकशी केस में परिवार के दो सदस्य भी नामजद

    भोपाल.

    कोलार के दामखेड़ा में कलियासोत नदी किनारे डेयरी की आड़ में गोकशी के मामले में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। जिस डेयरी पर पुलिस ने दबिश देकर गोवंश के कटे अवशेष बरामद किए थे, उससे करीब 500 मीटर दूर जंगल में छह गोवंश और भैंसें मिली हैं।

    बजरंग दल कार्यकर्ता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मवेशियों को अपने कब्जे में लेकर कांजीहाउस भेज दिया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन मवेशियों का इस मामले से कोई संबंध है या नहीं। जंगल में मिले मवेशियों पर राजाराम यादव और अमित यादव के परिवार ने मालिकाना हक जताया है। उनका कहना है कि वे मुन्ना यादव की डेयरी के पास ही अपनी डेरी चलाते थे। कार्रवाई के बाद वे अपने मवेशियों को लेकर जंगल में आ गए थे। पुलिस परिवार के दावे की भी जांच कर रही है।

    पत्नी और बेटे को भी बनाया आरोपित
    इस मामले में पुलिस ने डेयरी संचालक मुन्ना यादव की पत्नी नीलम यादव और बेटे कृष्णा को भी आरोपित बनाया है। गिरफ्तार आरोपित मुन्ना यादव और आसिफ समेत तीनों आरोपितों ने कथन में उनका जिक्र किया है। पुलिस डेयरी से मिले साक्ष्यों और आरोपितों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। इसके अलावा डेयरी परिसर से एक पिकअप वाहन और तीन बाइक भी जब्त की गई हैं। पुलिस गोकशी में इन वाहनों के उपयोग को लेकर भी जांच कर रही है।

    डेयरी पर दबिश में मिले थे गोवंश के कटे अवशेष
    कोलार के दामखेड़ा में कलियासोत नदी किनारे सरकारी जमीन पर संचालित गब्बर डेयरी पर पुलिस ने गोकशी की सूचना के बाद दबिश दी थी। मौके से गोवंश के कटे अवशेष मिले थे, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। कार्रवाई के दौरान चार युवक गौमांस लेकर वाहन से भाग निकले थे। पुलिस ने डेयरी संचालक गब्बर यादव, उसके भाई मुन्ना यादव और आसिफ खान को गिरफ्तार किया था। डेयरी से हड्डी पीसने वाले ग्राइंडर जब्त किए गए थे। इसके बाद नगर निगम और जिला प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माण को ढहा दिया था। हिंदू संगठनों ने कोलार थाने का घेराव कर आरोपितों पर रासुका लगाने की मांग की थी।

    पत्नी और बेटे को भी बनाया आरोपित –
    गोकशी मामले में आरोपित मुन्ना यादव की पत्नी और बेटे को भी आरोपित बनाया गया है। आरोपितों से लगातार पूछताछ की जा रही है। फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस की दो टीमें जुटी हैं।
    – संजय सोनी, कोलार थाना प्रभारी

  • PM मोदी ने तमिलनाडु में खोले विकास के नए रास्ते, मेट्रो-रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन

    PM मोदी ने तमिलनाडु में खोले विकास के नए रास्ते, मेट्रो-रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन

    चेन्नई
    चेन्नई में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा मंदिर, मेट्रो और विज्ञान के इर्द-गिर्द रहा. उन्होंने तमिलनाडु में करीब 13 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस दौरान चेन्नई मेट्रो की फेज-2 येलो लाइन का उद्घाटन किया गया. पीएम मोदी ने IIT मद्रास परिसर में भगवान शिव के मंदिर में पूजा की, फिर इंसानी दिमाग पर रिसर्च करने वाले ब्रेन सेंटर पहुंचे. यहां विशेषज्ञों ने उन्हें चल रहे शोध के बारे में जानकारी दी.

    इस दौरान पीएम मोदी ने बताया कि भारत अपनी संस्कृति से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रहा है. विज्ञान में तरक्की और नई सुविधाओं से लोगों को नए मौके मिल रहे हैं. विकास के इन कामों से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे. इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी मौजूद रहे. पीएम मोदी ने अपने दौरे को भारत की विरासत, विज्ञान की तरक्की और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए कहा कि देश की सांस्कृतिक ताकत से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है.

    पीएम मोदी ने तमिलनाडु को दी इन योजनाओं की सौगात
    तमिलनाडु को 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं की सौगात मिली. पीएम मोदी ने चेन्नई मेट्रो के फेज-2 में पूनमल्ली से वडापलानी तक के रूट का उद्घाटन किया. इस परियोजना पर करीब 4,900 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. वहीं, करीब 3,700 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं के तहत NH-744 के वडुगपट्टी-थेरकुवेंगनल्लूर हिस्से और मदुरै रिंग रोड के एक हिस्से का उद्घाटन किया गया. तिरुवरूर बाईपास की आधारशिला भी रखी गई. रेलवे से जुड़े 750 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट के तहत कराईकल-पेरलम रेल लाइन, कोयंबटूर के आसपास तीन रेल फ्लाईओवर और पांच अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया गया.

    इसके अलावा, चेन्नई पोर्ट पर सामान रखने की जगह, चार गोदाम, क्रूज टर्मिनल और नाविकों के लिए क्लब का उद्घाटन किया. वीओ चिदंबरनार पोर्ट पर आठ परियोजनाओं की शुरुआत की गई, जबकि कामराजर पोर्ट पर कोयला बर्थ-3 का उद्घाटन हुआ. चेन्नई के मणाली स्थित रिफाइनरी में करीब 1,620 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली लुब्रिकेंट बेस स्टॉक परियोजना की आधारशिला रखी गई. इसके अलावा, पीएम मोदी ने IIT मद्रास के सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर को देश को समर्पित किया. यहां 100 से ज्यादा मानव दिमागों का 3D नक्शा बनाने का वैज्ञानिक मिशन शुरू किया गया. साथ ही, स्ट्रोक से प्रभावित दिमाग का विशेष एटलस भी जारी किया गया, जिससे वैज्ञानिकों को इलाज के नए तरीके खोजने में मदद मिल सकती है.

    मंदिर में पूजा के बाद ब्रेन सेंटर पहुंचे पीएम मोदी
    पीएम मोदी ने IIT मद्रास परिसर में स्थित श्री जलकंटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की. यह भगवान शिव का सदियों पुराना मंदिर है. यहां पारंपरिक संगीत के साथ उनका स्वागत किया गया. मंदिर के पुजारियों ने उन्हें भगवान कृष्ण और श्रीराम को समर्पित एक उप-मंदिर में रखे श्रीचक्र का महत्व बताया. इसके बाद पीएम मोदी ने श्रीचक्र पर फूल चढ़ाए. मंदिर में दर्शन के बाद वह सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर पहुंचे. IIT मद्रास ने साल 2022 में इस सेंटर की शुरुआत की थी. यहां इंसानी दिमाग की बनावट और उसके अलग-अलग हिस्सों के बीच संबंधों को समझने पर काम किया जाता है. इसके लिए दिमाग की हाई-रेजोल्यूशन इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल होता है.

    संस्थान का लक्ष्य दिमाग से जुड़ा विस्तृत डेटा जुटाना, वैज्ञानिक शोध को आगे बढ़ाना और नई तकनीक विकसित करना है. पीएम मोदी को सेंटर के कामकाज और रिसर्च के बारे में विस्तार से बताया गया.

    'विरासत और भविष्य की आकांक्षाएं साथ-साथ आगे बढ़ रही हैं'
    पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेता है. विज्ञान में तरक्की के साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर नए अवसर पैदा कर रहा है. उन्होंने कहा कि देश की विरासत और भविष्य की आकांक्षाएं साथ-साथ आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने सार्वजनिक परिवहन को शहरों के विकास के लिए जरूरी बताया. उनके मुताबिक, बेहतर यातायात के लिए सिर्फ सड़कों को चौड़ा करना काफी नहीं है. शहरों को ऐसी सुविधाओं की जरूरत है, जिनसे लोगों का सफर आसान हो सके.

    उन्होंने बताया कि साल 2014 में देश के सिर्फ पांच शहरों में मेट्रो सेवा थी, जबकि अब 25 शहरों में मेट्रो चल रही है. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि तमिलनाडु ने देश में मैन्युफैक्चरिंग के विकास में अहम भूमिका निभाई है. उनके मुताबिक, साल 2014 के बाद भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 11 गुना बढ़ोतरी हुई है, जबकि रक्षा निर्यात 50 गुना बढ़ा है. इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात भी नए स्तर पर पहुंचा है.

    मुख्यमंत्री विजय ने रखीं कई मांगें
    मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पीएम मोदी के सामने राज्य से जुड़े कई मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सामाजिक न्याय पर आधारित, भ्रष्टाचार-मुक्त और पारदर्शी शासन बनाने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के मिलकर काम करने को भी जरूरी बताया. विजय ने चेन्नई मेट्रो के तीसरे चरण को जल्द मंजूरी देने की मांग की. उन्होंने कोयंबटूर और मदुरै में मेट्रो रेल बनाने के प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने की अपील की. इसके अलावा अंतरराज्यीय रेल लाइन को मंजूरी देने और राज्यों के बीच पानी का उचित बंटवारा सुनिश्चित करने की मांग भी रखी.

    मुख्यमंत्री ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत लंबित 100 करोड़ रुपये जारी करने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने बताया कि तमिलनाडु विधानसभा ने मद्रास हाईकोर्ट की कार्यवाही में तमिल भाषा के इस्तेमाल के लिए प्रस्ताव पारित किया है.

  • रूस से डीजल खरीदेगा अमेरिका, ट्रंप के फैसले से जेलेंस्की नाराज; यूक्रेन युद्ध पर बढ़ा तनाव

    रूस से डीजल खरीदेगा अमेरिका, ट्रंप के फैसले से जेलेंस्की नाराज; यूक्रेन युद्ध पर बढ़ा तनाव

    वाशिंगटन
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से यूक्रेनी समकक्ष जेलेंस्की पर निशाना साधा है। यूक्रेन की तरफ से रूस के कच्चा तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों को देखते हुए ट्रंप ने अपना गु्स्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि यूक्रेन को उसका नया राष्ट्रपति मिले। बता दें, कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह ऐलान किया था कि उन्होंने रूस के साथ समझौता किया है। इसके तहत अमेरिका रूस से बड़ी मात्रा में डीजल खरीदेगा। इसके अलावा रूस के वैश्विक बाजार में तेल बेचने पर भी अमेरिका आपत्ति नहीं जताएगा।

    शनिवार को वाइट हाउस के बाहर मीडिया से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से यूक्रेन को रूसी रिफाइनरियों पर हमला करने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, "उन्हें (यूक्रेन को) यह (रूसी रिफाइनरियों को निशाना बनाना) जरूर बंद कर देना चाहिए।" यूक्रेन की लीडरशिप पर सवाल उठाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कीव को अब अपना नया नेता चुन लेना चाहिए, जो कि बेहतर तरीके से समझौता कर सकता हो। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप लगातार यूक्रेनी राष्ट्रपति से रूस के तेल रिफाइनरियों को निशाना न बनाने के लिए कह रहे हैं। लेकिन पिछले एक हफ्ते से यूक्रेन लगातार इन्हीं रिफाइनरियों को निशाना बना रहा है।

    बता दें, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्रंप के इस फैसले का विरोध किया था, जिसमें उन्होंने रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की आलोचना की थी। जेलेंस्की ने कहा था कि अगर अमेरिका रूस से तेल खरीदता है, तो इससे मॉस्को के युद्ध जारी रखने के लिए अलग फंड मिलता रहेगा। इस फैसले से युद्ध को खत्म करने में आसानी नहीं होगी।

    रूस से डीजल क्यों चाहता है अमेरिका?
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने सबसे बड़ा सवाल वैश्विक तेल बाजार में बढ़ती कीमतों का है। ट्रंप को मिडटर्म इलेक्शन का सामना करना है। ऐसे में बढ़ी हुई तेल कीमतें उनके लिए खतरा बन सकती है। चूंकि अमेरिका में ज्यादातर मालढुलाई का काम ट्रकों के जरिए ही होता है। ऐसे में डीजल यहां जरूरी है। होर्मुज के बंद होने के बाद ट्रंप के पास दूसरा कोई बड़ा ऑप्शन है नहीं। वेनेजुएला के तेल पर भले ही ट्रंप का कब्जा हो। लेकिन उसे रिफाइन करने की क्षमता अमेरिका के पास नहीं है। ऐसे में ट्रंप के सामने रूस के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था।

    दूसरी तरफ जेलेंस्की हैं, जिन्हें इस बात का अंदाजा था कि ट्रंप इस फैसले पर ऐक्शन ले सकते हैं। इसलिए वह शुरुआत से ही रूस की रिफाइनरियों पर हमला करके उसकी क्षमता को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। जब ट्रंप ने जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ के जरिए उन्हें रूस पर हमले रोकने के लिए कहा, तो जेलेंस्की ने शर्त रखी थी कि रूस को भी वादा करना होगा कि वह यूक्रेन के बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना नहीं बनाएगा। हालांकि, ट्रंप ने जोर दिया था कि रूस भले ही कोई वादा करे या न करे, लेकिन कीव को यह हमले रोकने होंगे। इस पर जेलेंस्की ने डील करने से इनकार कर दिया।

  • विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में जरूर चेक करें अपना नाम, महराजगंज प्रशासन ने जारी की अपील

    विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में जरूर चेक करें अपना नाम, महराजगंज प्रशासन ने जारी की अपील

    महराजगंज
    यदि किसी का मतदाता सूची से नाम कट गया है या छूट गया है तो उनको मतदाता बनने का मौका निर्वाचन आयोग ने फिर दिया है। मतदाता बनने के लिए उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की भी जरूरत नहीं है। घर बैठे मोबाइल से ऑनलाइन आवेदन कर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया जा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता पुनरीक्षण 2026 के तहत विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। इसका मकसद है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे। इसके बाद भी मतदाता नहीं बन सके तो विधान सभा चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे।

    अपर जिलाधिकारी और उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. प्रशान्त कुमार ने बताया कि अर्हता तिथि एक जनवरी 2026 के आधार पर चल रहे इस अभियान में मतदाता सूची के ईपी रेशियो और जेंडर रेशियो में सुधार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत पात्र युवाओं, पहली बार मतदाता बनने वालों, छूटे हुए मतदाताओं, बेघर नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिलाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराए जाएंगे। यदि कोई मतदाता बनने से वंचित रह गए हैं तो वह इस अभियान का लाभ उठाकर मतदाता बन सकते हैं। इसमें ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है। जो ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाएं वह बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से सम्पर्क कर मतदाता बन सकते हैं।

    निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर करें आवेदन
    मतदाता सूची में नाम नहीं है तो पात्र लोग निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा ECINET मोबाइल ऐप और Voter Helpline App के जरिए भी ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा है। पहली बार मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। मतदाता सूची में दर्ज विवरण में संशोधन या अन्य निर्धारित बदलाव के लिए फार्म 8 तथा नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म सात भरा जा सकता है।

    नाम जांचें, मतदान का अधिकार सुरक्षित करें
    उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन कार्यालय की ओर से जिले के लोगों से अपील की जा रही है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांचें। नाम दर्ज नहीं होने पर पात्रता के अनुसार निर्धारित फॉर्म भरकर आवेदन करें। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

    महिलाओं और युवाओं को जोड़ने पर जोर
    उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि अभियान के तहत ऐसे नागरिकों पर खास ध्यान दिया जाएगा, जो पात्र होने के बावजूद अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ दिव्यांगजनों तथा बेघर मतदाताओं तक भी पहुंच बनाई जाएगी। इसके लिए महिला कल्याण, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, ग्राम्य विकास और युवा कल्याण समेत विभिन्न विभागों का सहयोग लिया जाएगा।

  • प्रत्येक बूथ को सशक्त बनाकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं कार्यकर्ता- हेमंत खण्डेलवाल

    प्रत्येक बूथ को सशक्त बनाकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं कार्यकर्ता- हेमंत खण्डेलवाल

    भोपाल. 
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को बड़वानी, खरगोन एवं खण्डवा प्रवास के दौरान जिला कोर कमेटी, जिला बैठक एवं बूथ समिति की बैठक को संबोधित कर मीसाबंदियों का सम्मान किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने बैठकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। सरकार गरीबों और जनजातीय परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भाजपा में कोई पद महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि कार्यकर्ता और विचारधारा संगठन की असली ताकत हैं। मीसाबंदियों का त्याग, संघर्ष और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, मेहनत और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, प्रत्येक बूथ को सशक्त बनाएं और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य करें। कार्यकर्ता आगामी चुनावों में जिले की सभी विधानसभा सीटों पर विजय प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ एकजुट होकर जुटें तथा केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं।

    मीसाबंदियों का त्याग और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मां नर्मदा के पावन अंचल में बसा बड़वानी अपनी सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय समाज के स्वाभिमान और गौरवशाली संगठनात्मक इतिहास के लिए जाना जाता है। वर्ष 1952 में जनसंघ की जीत यहां के कार्यकर्ताओं के परिश्रम और संगठन की ताकत का प्रमाण है। आपातकाल के दौरान बड़वानी जिले के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मीसा के तहत जेल जाना स्वीकार किया, लेकिन विचारधारा और लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं किया। मीसाबंदियों का त्याग और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें अपने गौरवशाली इतिहास को याद रखते हुए उनसे प्रेरणा लेकर संगठन को मजबूत बनाने और आने वाली पीढ़ी तक संघर्ष व समर्पण के संस्कार पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए। संगठन की असली ताकत समर्पित कार्यकर्ता हैं। प्रत्येक कार्यकर्ता अपने दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए हर बूथ को मजबूत बनाने में जुटंे। उन्होंने आगामी चुनावों में अपने-अपने जिलों में सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर एकजुटता से कार्य करने का आह्वान किया। कांग्रेस शासन के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए अनेक कार्यकर्ताओं ने 19 महीने तक जेल में रहना स्वीकार किया, लेकिन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। सभी लोकतंत्र सेनानियों ने उस समय संगठन के लिए संघर्ष किया, जब सत्ता में आने की कोई उम्मीद नहीं थी। ऐसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान करना और उनके त्याग और बलिदान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। जब हम लोकतंत्र सेनानियों के घर जाते हैं, तो हमारा सिर सम्मान से झुकता है, क्योंकि उनके परिवारों ने देश और विचारधारा के लिए कठिन परिस्थितियों में त्याग किया है। मालवा और निमाड़ वह क्षेत्र है जहां वर्ष 1962 और 1971 के दौर में जब जनसंघ के लिए राजनीतिक परिस्थितियां बेहद कठिन थीं, तब भी कार्यकर्ताओं ने विचारधारा की लौ जलाए रखी। वर्ष 1962 में प्रदेश में जनसंघ को मिली चार सीटें उस समय एक बड़ी उपलब्धि थीं। यदि हम अपनी पुरानी शक्ति, समर्पण और संगठनात्मक परंपरा को पहचानकर आगे बढ़ेंगे, तो निश्चित रूप से और अधिक मजबूती प्राप्त करेंगे।  

    सुरक्षित, समृद्ध और विकसित भारत बनाने के लिए भाजपा संगठन को मजबूत बनाएं
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से पार्टी ने सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राष्ट्र सौंपने के लिए भाजपा संगठन को मजबूत बनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश बहुत तेजी से विकास कर रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी आर्थिक और सामरिक पहचान मजबूत की है। देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, आधारभूत संरचना, बिजली, निर्यात और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और आने वाले वर्षों में और अधिक प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गरीबों और आदिवासी परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का संकल्प लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है। महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत करोड़ों गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। किसानों की फसल प्राकृतिक आपदाओं से खराब होने पर उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई। गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई, जिससे पात्र परिवारों को अस्पतालों में उपचार की सुविधा मिल रही है। स्वच्छ भारत अभियान, जनधन योजना और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी योजनाओं ने देश के विकास को नई गति दी है। आज सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। यह पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को बताएं कि कांग्रेस के शासनकाल के समय मध्यप्रदेश की क्या स्थिति थी और भाजपा की सरकार बनने के बाद मध्यप्रदेश विकास और प्रगति के किस तरह प्रगति कर रहा है। हमें देश की आर्थिक प्रगति, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में प्रमाणिक तथ्यों के साथ लोगों के साथ संवाद करना चाहिए। कार्यकर्ताओं को इन विषयों की जानकारी लेकर जनता के बीच जाना चाहिए और देश की विकास यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए।

    संगठन की असली ताकत उसका कार्यकर्ता और उसकी विचारधारा
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा में कोई भी व्यक्ति केवल सत्ता या पद प्राप्त करने के लिए कार्य नहीं करता। आज कोई प्रदेश अध्यक्ष है, कोई विधायक है और कल कोई दूसरा इन दायित्वों पर होगा, लेकिन संगठन की असली ताकत उसका कार्यकर्ता और उसकी विचारधारा है। किसी पद पर न होने का अर्थ यह कतई नहीं है कि कार्यकर्ता की भूमिका कम हो जाती है। प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, मेहनत और समर्पण के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हम जो कार्य कर रहे हैं, उसका परिणाम आने वाली पीढ़ियों को दिखाई देगा। आज से 50 वर्ष बाद भी देश और समाज को गर्व होना चाहिए कि हमने राष्ट्र सर्वोपरि की भावना के साथ संगठन और विचारधारा को मजबूत करने का काम किया। इसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक बूथ मजबूत हो, संगठन सशक्त बने और कार्यकर्ता समाज के बीच निरंतर सक्रिय रहें। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरी मेहनत और निष्ठा से निभाने तथा जनसेवा के कार्यों में सक्रिय रहने का आह्वान किया। 

    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने बूथ समिति की बैठक को संबोधित कर लोकतंत्र सेनानियों का किया सम्मान
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को बड़वानी प्रवास के दौरान राजघाट पर मां नर्मदा जी का पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात वार्ड क्रमांक-3 स्थित बूथ क्रमांक-182 पर बूथ अध्यक्ष सोनू मेहता के निवास पर आयोजित बूथ समिति की बैठक में सहभागिता कर संबोधित किया। उन्होंने बूथ स्तर पर जनसंपर्क को व्यापक बनाने, केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा बूथ को और अधिक सशक्त और सक्रिय बनाने का आह्वान किया। उन्होंने जिला बैठक के पश्चात लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) एवं समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान कर उनके त्याग, संघर्ष और योगदान को नमन किया।

    बड़वानी एवं खरगोन में आयोजित विभिन्न बैठकों में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश शासन के मंत्री गौतम टेटवाल, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, बड़वानी जिला अध्यक्ष अजय यादव, खरगोन जिला अध्यक्ष श्रीमती नंदा ब्रह्मणे, बड़वानी जिला प्रभारी बाबूलाल यादव, विधायक श्याम बरडे, बालकृष्ण पाटीदार, राजकुमार मेव, सचिन बिरला, पूर्व सांसद सुभाष पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, बलवंत पटेल, पूर्व जिला अध्यक्ष राजेन्द्र राठौर, कमल नयन इंगले सहित पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 

  • उप मुख्यमंत्री बोले – जैविक प्रमाणन से बस्तर के वनोपज को मिलेगा वैश्विक बाजार, महिलाओं और युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

    उप मुख्यमंत्री बोले – जैविक प्रमाणन से बस्तर के वनोपज को मिलेगा वैश्विक बाजार, महिलाओं और युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

    रायपुर. 
    छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, जैविक उत्पादों के संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में दंतेवाड़ा जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत गठित माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड को वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के अंतर्गत जैविक प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है। यह प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित पहली किसान उत्पादक कंपनी है, जिसे वनोपज के लिए यह प्रमाणन मिला है। इस उपलब्धि से बस्तर के प्राकृतिक वनोपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की नई राह खुली है।

    उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी से जुड़ी सभी महिलाओं और बिहान मिशन की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए स्थानीय संसाधनों, स्थानीय प्रतिभा और स्थानीय भागीदारी पर आधारित विकास मॉडल को आगे बढ़ा रही है। इस मॉडल में महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका और प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग प्रमुख आधार हैं। माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को मिला एनपीओपी प्रमाणपत्र इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बस्तर की धरती प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है और यहां की महिलाएं पीढ़ियों से वनोपज के संग्रहण एवं संरक्षण का कार्य करती आ रही हैं। एनपीओपी प्रमाणन मिलने से उनके परिश्रम और पारंपरिक ज्ञान को औपचारिक पहचान मिलेगी। अब दंतेवाड़ा के प्रमाणित जैविक वनोपज को देश के बड़े बाजारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं मजबूत होंगी। इससे संग्राहकों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने और वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होने की उम्मीद है।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक प्रमाणन केवल उत्पादों की गुणवत्ता की पहचान नहीं है, बल्कि यह बस्तर की महिलाओं की मेहनत और सामूहिक उद्यमशीलता को नई पहचान दिलाने का माध्यम भी है। वनोपज के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे युवाओं को अपने गांव और क्षेत्र में ही काम के अवसर मिलेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

    शर्मा ने कहा कि शासन की मंशा है कि बस्तर के ऐसे गांवों, जहां परंपरागत रूप से रासायनिक उर्वरकों और रसायनों का उपयोग नहीं किया गया है, वहां के कृषि उत्पादों और वनोपज को निर्धारित मानकों के अनुरूप जैविक प्रमाणीकरण से जोड़ा जाए। इससे बस्तर की प्राकृतिक और पारंपरिक उत्पादन प्रणाली को विशिष्ट पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय समुदायों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य, बेहतर बाजार और स्थायी आजीविका प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि ‘दण्डक ब्रांड’ बस्तर की मेहनतकश महिलाओं, समृद्ध जैव विविधता और स्थानीय उत्पादों को एक साझा पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

    1080 महिला शेयरधारक, 60 उत्पादक समूह और एक करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार
    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत वर्ष 2023 में गठित माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उनकी आजीविका बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। वर्तमान में कंपनी से 1080 महिला शेयरधारक प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। इसके अतिरिक्त जिले के 60 उत्पादक समूहों से जुड़ी 2100 वनोपज संग्राहक दीदियां भी कंपनी की गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं। ये महिलाएं स्थानीय स्तर पर वनोपज के संग्रहण और विपणन से जुड़ी हैं। कंपनी के माध्यम से इन महिलाओं को संगठित बाजार व्यवस्था, उत्पादों के मूल्य संवर्धन और बेहतर कीमत प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    कंपनी ने पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया है। पिछले वर्ष लगभग 54 लाख रुपए के उत्पादों की बिक्री की गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 50 लाख रुपए से अधिक के वनोपज की खरीदी की जा चुकी है। एनपीओपी प्रमाणन मिलने के बाद इन उत्पादों के बेहतर मूल्य पर विपणन की उम्मीद है। कंपनी अब केवल वनोपज की खरीदी-बिक्री तक सीमित न रहकर मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के माध्यम से अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।

    ‘दण्डक ब्रांड’ से दंतेवाड़ा के स्थानीय उत्पादों को मिलेगी विशिष्ट पहचान
    माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी ने अपने उत्पादों को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए ‘दण्डक ब्रांड’ की शुरुआत की है। इसी क्रम में दंतेवाड़ा में कंपनी के विशेष बिक्री केंद्र का शुभारंभ किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उत्पादित एवं संग्रहित विभिन्न खाद्य पदार्थ और वनोपज अब एक ही छत के नीचे उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो सकेंगे। 

    दण्डक ब्रांड को राज्य स्तर एवं देश-विदेश में छत्तीसगढ़ के स्थानीय छत्तीसकला ब्रांड के अंतर्गत विक्रय किया जाएगा। दण्डक ब्रांड के अंतर्गत नीम फूल, एचएमटी चावल, लाल चूड़ी चावल, बासमती चावल, अमचूर, इमली, महुआ, कोदो, कुटकी और रागी सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों को बाजार में उतारा गया है। इन उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर आकर्षक पैकेजिंग के साथ बिक्री की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे बस्तर के पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ ही ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

    एनपीओपी प्रमाणन के माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रमाणित उत्पादों को जैविक उत्पाद के रूप में विपणन करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से निर्यात की संभावनाएं भी तलाशी जा सकेंगी।

    पहले स्थानीय बाजार तक सीमित थे उत्पाद, अब देश-दुनिया तक पहुंचने की उम्मीद– विमला ठाकुर
    दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखंड अंतर्गत ग्राम नेलेवाड़ा निवासी एवं माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की अध्यक्ष विमला ठाकुर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पहले उनके द्वारा संग्रहित वनोपज की बिक्री मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों में होती थी। इससे उत्पादों का अपेक्षित मूल्य प्राप्त नहीं हो पाता था।

    ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से दण्डक ब्रांड की शुरुआत और अब एनपीओपी प्रमाणन मिलने से महिलाओं में नया उत्साह है। उन्होंने कहा कि हम सभी सदस्य बहुत खुश हैं। अब हमारे वनोपज को अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है। हमारे उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इससे हम महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    बस्तर में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
    माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी की यह पहल बस्तर संभाग में स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कलेक्टर दंतेवाड़ा देवेश कुमार ध्रुव के नेतृत्व में जिला प्रशासन की यह पहल कंपनी से जुड़ी 1080 महिला शेयरधारकों के साथ 60 उत्पादक समूहों की 2100 वनोपज संग्राहक दीदियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का नया अवसर लेकर आई है। वनोपज का जैविक प्रमाणीकरण, स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन, दण्डक ब्रांड के माध्यम से विपणन और बड़े बाजारों से जुड़ाव ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे बस्तर के पारंपरिक वनोपज को व्यापक पहचान मिलने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • JP Narayan Jayanti 2026: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोकनायक को दी श्रद्धांजलि, आपातकाल के आंदोलन को किया याद

    JP Narayan Jayanti 2026: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोकनायक को दी श्रद्धांजलि, आपातकाल के आंदोलन को किया याद

    भोपाल
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को लोकनायक एवं ‘भारत रत्न’ से सम्मानित स्वर्गीय जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में जयप्रकाश नारायण के लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके योगदान को प्रेरणादायी बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने अपना पूरा जीवन लोकतंत्र की मजबूती, सामाजिक न्याय और जनता के कल्याण के लिए समर्पित किया। उन्होंने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

    लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए समर्पित रहा जीवन
    जयप्रकाश नारायण भारतीय राजनीति और सामाजिक आंदोलनों के प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल रहे। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में जनभागीदारी, सामाजिक बदलाव और लोकतांत्रिक आदर्शों को महत्व दिया। उनका मानना था कि देश की प्रगति के लिए जनता की सक्रिय भागीदारी और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती जरूरी है।

    जयप्रकाश नारायण ने अपने विचारों और आंदोलनों के माध्यम से सामाजिक एवं राजनीतिक व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उनके जीवन का एक प्रमुख उद्देश्य समाज में समानता, न्याय और जनहित को बढ़ावा देना था। इसी कारण उन्हें लोकनायक के नाम से जाना जाता है।

    आपातकाल के दौरान किया देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व
    जयप्रकाश नारायण का नाम भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में विशेष रूप से आपातकाल के दौरान उनके संघर्ष के लिए याद किया जाता है। वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लागू होने के बाद उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं के पक्ष में आवाज उठाई।

    उन्होंने देशव्यापी जनआंदोलन का नेतृत्व किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश की राजनीति पर व्यापक प्रभाव डाला। इस दौर में उनका संघर्ष भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गया।

    नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं जयप्रकाश नारायण
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में जयप्रकाश नारायण के त्याग, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद किया। उनके विचार आज भी लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के महत्व को समझने की प्रेरणा देते हैं।

    जयप्रकाश नारायण का जीवन सार्वजनिक सेवा और जनहित के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश देता है। उनकी जयंती पर उन्हें याद करना लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक अधिकारों और सामाजिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर भी है।

    लोकनायक जयप्रकाश नारायण का योगदान भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उनके विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को देश, समाज और जनता के हित में कार्य करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।