Author: NewseDay

  • Satpura Bhawan Theft: भोपाल में सरकारी दफ्तर को बनाया निशाना, 20 AC के कॉपर वायर गायब

    Satpura Bhawan Theft: भोपाल में सरकारी दफ्तर को बनाया निशाना, 20 AC के कॉपर वायर गायब

    भोपाल.

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंत्रालय के ठीक सामने स्थित सतपुड़ा भवन में चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाई-सिक्योरिटी जोन में बने नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के कार्यालय और गलियारे में लगे करीब 20 एयर कंडीशनर (AC) के कॉपर वायर चोरी हो गए।

    हैरानी की बात यह है कि चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया और सुरक्षा व्यवस्था को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के करीब 28 दिन बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। अब पुलिस चोरी करने वाले आरोपियों की तलाश के साथ ही शिकायत में हुई देरी के कारणों की भी जांच कर रही है।

    सतपुड़ा भवन में कैसे हुई चोरी?
    भोपाल पुलिस के मुताबिक, चोरी की यह घटना 12 से 14 सितंबर के बीच सार्वजनिक अवकाश के दौरान हुई। चोरों ने सतपुड़ा भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित NIC कार्यालय और उसके गलियारे में लगे एयर कंडीशनर को निशाना बनाया। आरोपियों ने एसी में लगे कॉपर वायर काटकर निकाल लिए और मौके से फरार हो गए। चोरी का पता उस समय चला, जब कार्यालय खुलने के बाद कर्मचारियों की नजर एसी के वायर पर पड़ी। इसके बाद मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंची। सतपुड़ा भवन जैसे संवेदनशील प्रशासनिक परिसर में इस तरह की वारदात सामने आने के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    चोरों ने करीब 20 AC को बनाया निशाना
    इस घटना में चोरों ने किसी एक एसी को नहीं, बल्कि कार्यालय और गलियारे में लगे लगभग 20 एयर कंडीशनर के कॉपर वायर को निशाना बनाया। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपियों को वारदात को अंजाम देने के लिए पर्याप्त समय मिला होगा। हालांकि, चोरी किसने की और आरोपी परिसर के भीतर कैसे पहुंचे, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।

    इस मामले में जांच के प्रमुख सवाल
    सतपुड़ा भवन की तीसरी मंजिल तक आरोपी कैसे पहुंचे? करीब 20 एसी के कॉपर वायर काटने के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों को जानकारी क्यों नहीं मिली? घटना के समय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी? गलियारों में सीसीटीवी कैमरे मौजूद थे या नहीं, और यदि थे तो क्या वे काम कर रहे थे? चोरी की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में 28 दिन की देरी क्यों हुई? इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

    28 दिन बाद पुलिस में शिकायत, देरी की भी होगी जांच
    इस पूरे मामले में सबसे अहम पहलुओं में से एक पुलिस तक शिकायत पहुंचने में हुई देरी है। घटना सितंबर में सार्वजनिक अवकाश के दौरान हुई थी, लेकिन शिकायत करीब 28 दिन बाद दर्ज कराई गई। इतने लंबे अंतराल के कारणों की जांच भी अब की जा रही है। देरी से शिकायत मिलने पर जांच में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं। उदाहरण के लिए, संदिग्धों की आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की उपयोगिता समय के साथ प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि वारदात की जानकारी विभाग को कब मिली और शिकायत दर्ज कराने का निर्णय कब लिया गया।

    आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
    एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस सतपुड़ा भवन और उसके आसपास के रास्तों पर लगे अन्य CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य संदिग्धों की पहचान करना और वारदात से जुड़े सुराग जुटाना है। पुलिस घटना के समय और उसके आसपास की गतिविधियों की जांच कर रही है। उपलब्ध फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आरोपी किस रास्ते से आए और चोरी के बाद किस दिशा में गए। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा है कि शिकायत और एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी के कारणों की जांच की जाएगी। पुलिस ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया है, लेकिन गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की पुष्टि आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही की जा सकेगी।

  • पीडब्ल्यूडी सचिव मुकेश कुमार बंसल बोले – निर्माण कार्यों की होगी कड़ी मॉनिटरिंग, फील्ड पर प्रगति जांचने होंगे औचक निरीक्षण

    पीडब्ल्यूडी सचिव मुकेश कुमार बंसल बोले – निर्माण कार्यों की होगी कड़ी मॉनिटरिंग, फील्ड पर प्रगति जांचने होंगे औचक निरीक्षण

    रायपुर. 
    बरसात के बाद सड़कों, पुल-पुलियों और भवनों के निर्माण को रफ्तार देने की पूरी तैयारी है। लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता और समय-सीमा पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। काम की प्रगति अब केवल दफ्तरों की रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वरिष्ठ अधिकारी खुद मैदान में उतरकर निर्माण की वास्तविक स्थिति परखेंगे। कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ औचक निरीक्षण से भी गुणवत्ता और प्रगति पर नजर रखी जाएगी। इसी कड़ी में लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने गरियाबंद जिले का दौरा कर सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्माण में आ रही बाधाओं की जानकारी ली और कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

    सचिव बंसल ने गरियाबंद जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर निर्माणाधीन परियोजनाओं की जमीनी स्थिति देखी। उन्होंने फिंगेश्वर विकासखंड में कोपरा-पोखरा मार्ग के 26.20 किलोमीटर लंबे मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। इस परियोजना में पुल-पुलियों के निर्माण कार्य भी शामिल हैं। उन्होंने राजिम में नवीन मेला स्थल चौबेबांधा से लक्ष्मण झूला तक 3.50 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के निर्माण की प्रगति भी देखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की स्थिति की जानकारी ली और निर्माण में गुणवत्ता तथा समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

    सड़क परियोजनाओं के साथ सचिव बंसल ने गरियाबंद में निर्माणाधीन शासकीय भवनों का भी जायजा लिया। उन्होंने व्यवहार न्यायालय में न्यायिक अधिकारियों के लिए बनाए जा रहे दो डी-टाइप आवासगृहों, जिला परिवहन कार्यालय भवन तथा 40 जीएडी आवासगृहों के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इन परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    सचिव बंसल गरियाबंद जिले के बिंद्रानवागढ़ क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में भी पहुंचे। उन्होंने कसाबाय-पतोरा दादर मार्ग के आरडी 135 में चचंगी नाला पर निर्मित पुल एवं पहुंच मार्ग का निरीक्षण किया। यह कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही उन्होंने कसाबाय-सातधार मार्ग में हलफली नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित इन परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कार्यों की स्थिति की जानकारी ली।

    मैदानी निरीक्षण के बाद सचिव बंसल ने गरियाबंद सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए काम में आ रही समस्याओं और बाधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों को गति देने के साथ गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। बरसात के बाद निर्माण कार्यों में तेजी लाने विभागीय अमले को सक्रियता से काम करना होगा। कार्यों की सतत निगरानी और वरिष्ठ अधिकारियों के मैदानी निरीक्षण से निर्माण की वास्तविक प्रगति पर नजर रखी जाएगी।

    सचिव बंसल ने लोक निर्माण विभाग के संभागीय कार्यालय और कार्यालय परिसर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय में स्वच्छता और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने तथा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता व्ही. के. भतपहरी, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंतागण उपस्थित थे।

  • H-1B वीजा विवाद के बीच भारतीय मूल की न्यायविद नवी पिल्लई का जिक्र, गिरमिटिया विरासत से जुड़ी कहानी चर्चा में

    H-1B वीजा विवाद के बीच भारतीय मूल की न्यायविद नवी पिल्लई का जिक्र, गिरमिटिया विरासत से जुड़ी कहानी चर्चा में

    नई दिल्ली
    इतिहास अक्सर अपने पन्नों में क्रूरता और न्याय, दोनों का हिसाब बहुत सलीके से रखता है। एक तरफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने H-1B वीजा धारक उच्च-शिक्षित भारतीय पेशेवरों को अपने घरेलू राजनीतिक स्वार्थ के लिए 'इंडेंचर्ड लेबर' अर्थात विदेशी बंधुआ नौकर करार दिया है। वहीं ठीक उसी समय दुनिया के मंच पर एक ऐतिहासिक घटना घटी। भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद नवनेथम ‘नवी’ पिल्लई को शांति के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया है। नवी पिल्लई की रगों में उसी 'इंडेंचर्ड लेबर' का खून दौड़ रहा है, जिसके दादा-दादी को 1890 के दशक में भारत से गन्ने के खेतों में काम करने के लिए दक्षिण अफ्रीका ले जाया गया था। यह महज एक संयोग नहीं है; यह इतिहास का सबसे बड़ा काव्यात्मक न्याय है और पश्चिमी अहंकार पर समय का एक करारा तमाचा भी।

    जेडी वेंस का 'ऐतिहासिक अज्ञान' और भारत की कड़ी आपत्ति
    किसी देश की ताकत का अंदाजा उसके हथियारों, उसकी अर्थव्यवस्था या उसके राष्ट्र प्रमुखों के बयानों से लगाया जा सकता है। लेकिन किसी सभ्यता की असली पहचान इस बात से होती है कि वह दूसरे इंसान को किस नजर से देखती है। उसके लिए इंसान एक नागरिक है, एक सहकर्मी है, एक प्रतिभा है या सिर्फ सस्ता श्रम?

    अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों पर आरोप लगाते हुए एच-1बी वीजा पर काम करने वाले विदेशी पेशेवरों के लिए ‘फॉरेन इंडेंचर्ड सर्वेंट्स’ जैसी ओछी शब्दावली का इस्तेमाल किया। शब्दों का अपना इतिहास होता है। कुछ शब्द केवल किसी नीति की आलोचना नहीं करते, वे अपने भीतर सदियों का अपमान और पीड़ा भी लेकर चलते हैं।

    यह केवल एक भद्दी राजनीतिक बयानबाजी नहीं है; यह उस पश्चिमी अज्ञानता का नग्न प्रदर्शन है जो औपनिवेशिक शोषण की ऐतिहासिक पीड़ा को सिरे से खारिज करता है। यही कारण है कि भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे 'बेहद आक्रामक' करार दिया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि यह शब्दावली उन दर्दनाक ऐतिहासिक और औपनिवेशिक विरासतों से जुड़ी है, जिन्हें इस तरह के सस्ते राजनीतिक बयानों में इस्तेमाल करना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।

    'असली' गिरमिटिया संघर्ष और नवी पिल्लई की ऐतिहासिक विजय
    19वीं सदी में दास प्रथा के उन्मूलन के बाद ब्रिटिश और यूरोपीय साम्राज्यों ने अपनी अर्थव्यवस्था को जिंदा रखने के लिए भारत से लाखों लोगों को धोखे और मजबूरी में मॉरीशस, फिजी, गुयाना और दक्षिण अफ्रीका भेजा था। इन्हें गिरमिटिया कहा जाता है। वे असली बंधुआ मजदूर थे, जिन्हें अमानवीय परिस्थितियों में जहाजों में ठूंसकर ले जाया गया और जीवन भर कोड़ों की मार के साए में रखा गया। नोबेल शांति पुरस्कार 2026 की विजेता नवी पिल्लई का जन्म दक्षिण अफ्रीका में भारतीय तमिल माता-पिता के यहां हुआ था। वह दक्षिण अफ्रीका के उच्च न्यायालय में नियुक्त होने वाली पहली अश्वेत महिला बनीं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में जज तथा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख के रूप में अपनी ऐतिहासिक सेवाएं दीं।

    उनकी यह वैश्विक उपलब्धि उन अनाम भारतीय पूर्वजों के खून-पसीने और संघर्ष की जीत है, जिन्होंने उस घोर औपनिवेशिक अंधकार में भी अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा और न्याय के बीज बोए। आज एक सदी से भी ज्यादा लंबे वक्त बाद, उसी शोषित परिवार की पोती शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के लिए नोबेल जीतती है।

    H-1B पेशेवर: 'बंधुआ मजदूर' नहीं, अमेरिकी इकॉनमी की धुरी
    वेंस को यह तथ्य स्वीकार करने में शायद राजनीतिक असुविधा होती है कि सिलिकॉन वैली से लेकर वॉल स्ट्रीट तक, अमेरिकी अर्थव्यवस्था का जो पहिया आज दुनिया भर में घूम रहा है, उसकी धुरी यही भारतीय पेशेवर हैं। वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट और अन्य टेक दिग्गजों पर H-1B प्रोग्राम का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। लेकिन सच्चाई यह है कि अमेरिकी कॉरपोरेट जगत इन पेशेवरों पर इसलिए निर्भर नहीं है कि वे "सस्ते मजदूर" हैं, बल्कि इसलिए निर्भर है क्योंकि उनके बिना अमेरिका अपना तकनीकी और नवोन्मेषी वर्चस्व खो देगा।

    भारत ने यह साफ कर दिया है कि कुशल कामगारों की इस आवाजाही से दोनों देशों को फायदा होता है, और इससे उत्पादकता, प्रतिस्पर्धा तथा रोजगार सृजन को बल मिलता है। दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट्स और डेटा साइंटिस्ट्स की तुलना उन ऐतिहासिक बंधुआ मजदूरों से करना, केवल पश्चिमी राजनेताओं की बौद्धिक दरिद्रता को दर्शाता है।

    नए भारत का युग: अपनी कहानी, अपनी जुबानी
    महान साहित्यकार वी.एस. नायपॉल खुद एक गिरमिटिया परिवार से थे। उन्होंने अपनी जड़ों और पहचान के संघर्ष को उकेरते हुए लिखा था कि इतिहास हमेशा विजेताओं द्वारा लिखा जाता है, लेकिन सभ्यताएं संघर्ष करने वालों द्वारा बनाई जाती हैं। आज नवी पिल्लई का नोबेल पुरस्कार यह साबित करता है कि भारतीय डायस्पोरा ने न केवल उस औपनिवेशिक त्रासदी की राख से खुद को खड़ा किया है, बल्कि आज वे दुनिया को मानवाधिकार, न्याय और शांति का पाठ पढ़ा रहे हैं।

    जेडी वेंस और उनके जैसे राजनेताओं को इस मुगालते से बाहर आ जाना चाहिए कि आज का भारत उनके द्वारा थोपी गई शब्दावलियों को चुपचाप निगल लेगा। आप अमेरिकी चुनाव रैलियों में तालियां बटोरने के लिए हमारी प्रतिभा का अपमान कर सकते हैं, लेकिन इस अटल सच्चाई को नहीं बदल सकते। जिस 'इंडेंचर्ड लेबर' के इतिहास को आप अपनी सुविधा के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, उसी इतिहास को रौंदकर नवी पिल्लई जैसी शख्सियतें आज नोबेल जीत रही हैं, और आपके तथाकथित 'विदेशी नौकर' आपके देश के भविष्य का कोड लिख रहे हैं। यह नए भारत की बौद्धिक और कूटनीतिक धमक है, जिसे किसी भी संकीर्ण राजनीतिक बयानबाजी के दायरे में नहीं बांधा जा सकता।

    गिरमिटिया उन भारतीय मजदूर
    जाता है जिन्हें 19वीं और 20वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान एक अनुबंध (एग्रीमेंट) के तहत विदेशों में गन्ने और चाय के बागानों में काम करने के लिए ले जाया गया था। 'गिरमिटिया' (Indentured Labourers) शब्द अंग्रेजी के 'एग्रीमेंट' का अपभ्रंश है। 19वीं और 20वीं शताब्दी में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासकों द्वारा भारत (मुख्यतः उत्तर प्रदेश और बिहार) से लाखों मजदूरों को गन्ने और रबर के खेतों में काम करने के लिए फिजी, मॉरीशस, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे सुदूर देशों में ले जाया गया था। काव्यात्मक न्याय के संदर्भ में गिरमिटिया इतिहास को इस तरह भी देखा जा सकता है:

    भाषा और संस्कृति की विजय
    भोजपुरी और अवधी का अमर होना: जो मजदूर अपनी मातृभूमि से दूर गए, उनके पास केवल अपनी भाषा और स्मृतियां थीं। आज फिजी और मॉरीशस जैसे देशों में भोजपुरी एक जीवित और सम्मानित भाषा है। गिरमिटिया मजदूरों ने अपनी बोली को एक वैश्विक पहचान दे दी।

    तुलसीदास की रामचरितमानस: गिरमिटिया मजदूर अपने साथ 'रामचरितमानस' की प्रतियां लेकर गए थे। जहाजों के अंधेरे कमरों से लेकर गन्ने के खेतों तक, राम का वनवास उनका अपना वनवास बन गया था। आज उन देशों में रामचरितमानस का गान उनकी सांस्कृतिक उत्तरजीविता का सबसे बड़ा प्रतीक है।

    सत्ता और शक्ति का हस्तांतरण
    शोषक से शासक तक की यात्रा: काव्यात्मक न्याय का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि जिन गिरमिटिया मजदूरों को गुलामों की तरह बंधुआ बनाकर ले जाया गया था, आज उन्हीं की संतानें उन देशों की नियति तय कर रही हैं।

    मॉरीशस के सर सीवूसागर रामगुलाम और प्रविंद जुगनाथ, फिजी के महेंद्र चौधरी, और गुयाना व सूरीनाम के राष्ट्रप्रमुखों के रूप में गिरमिटिया वंशजों का सत्ता में आना उस ऐतिहासिक अन्याय का सबसे बड़ा राजनीतिक और सामाजिक न्याय है।

    साहित्य में पीड़ा को आवाज
    साहित्यकारों (जैसे अभिमन्यु अनत, जिन्हें मॉरीशस का प्रेमचंद कहा जाता है) ने अपने उपन्यासों जैसे 'लाल पसीना' के माध्यम से गिरमिटिया समाज के संघर्ष को अमर कर दिया

    इतिहास ने जिन्हें सिर्फ 'मजदूरों की संख्या' माना था, साहित्य ने उन्हें नायक और महानायक का दर्जा दिया। यह साहित्य का काव्यात्मक न्याय है, जिसने इतिहास के पन्नों में दबी उनकी चीखों को सुर और महत्ता दी।

    धरती को स्वर्ग बनाना
    गिरमिटिया मजदूरों को जिन बंजर द्वीपों और घने जंगलों को साफ करने के लिए भेजा गया था, उन्होंने अपने खून-पसीने से उन देशों को दुनिया के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों और समृद्ध अर्थव्यवस्थाओं में बदल दिया। उनका शोषण करने वाले साम्राज्य का पतन हो गया, लेकिन मजदूरों द्वारा सींची गई धरती आज भी लहलहा रही है।

  • गुरुग्राम में बनेंगी 10 आइकोनिक सड़कें, हरियाणा में 7,352 किमी सड़कों के सुधार को मंजूरी

    गुरुग्राम में बनेंगी 10 आइकोनिक सड़कें, हरियाणा में 7,352 किमी सड़कों के सुधार को मंजूरी

     चंडीगढ
    हरियाणा में अब अगर किसी अधिकारी की निगरानी में बनी सड़क समय से पहले खराब होती है और जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) खराब होगी। सड़क निर्माण में लापरवाही को संबंधित अधिकारी की एसीआर से जोड़ा जाएगा।

    म्हारी सड़क ऐप और विभिन्न विभागों के अधीन सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों की मरम्मत से जुड़ी शिकायतों का 10 दिन में समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतें लंबित न रहें। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

    सड़क निर्माण में टाइलों के बजाय आरसीसी या तारकोल का इस्तेमाल किया जाए। पंचायत विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) सहित सभी विभागों की सड़कें गुणवत्ता मानकों के अनुसार बनाई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान काम में अनियमितता या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत के लिए संबंधित विभाग का मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया जाए।

    इससे लोग निर्माण कार्य के दौरान ही गड़बड़ी की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। सड़क निर्माण स्थल पर ऐसे बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर निर्माण एजेंसी का नाम, निर्माण पूरा होने की तारीख, डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) यानी दोष दायित्व अवधि और संबंधित अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर दर्ज हों। इससे लोगों को सड़क निर्माण और उसकी देखभाल से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

    बैठक में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग हर जिले में एक माडल रोड बना रहा है। 18 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर रोड मार्किंग, किनारों की लाइन और मोड़ों को बेहतर बनाया जाए। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में सड़कों को आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान है।

    गुरुग्राम में 10 आइकोनिक सड़कें विकसित की जाएंगी। इन पर स्मार्ट लाइटें, स्ट्रीट फर्नीचर और हरियाली के साथ नो-स्मोकिंग जोन, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर तथा डिस्प्ले पर जागरूकता संदेश जैसी सुविधाएं होंगी।

    कॉलोनियों में जिम्मेदारी कॉलोनाइजर की
    करीब 63 हजार 621 किलोमीटर सड़कों की जीआइएस मैपिंग पूरी हो चुकी है। इस व्यवस्था को एसडीओ और जेई स्तर तक जोड़ा गया है, ताकि शिकायत सीधे संबंधित क्षेत्र के अधिकारी तक पहुंचे और कार्रवाई में देरी न हो।

    कॉलोनाइजरों द्वारा विकसित कॉलोनियों में सड़कों की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाइजर की होगी। यदि कॉलोनाइजर मरम्मत नहीं करवाता, तो विभाग अपने स्तर पर काम करवाकर खर्च उससे वसूल करेगा।

    प्रमुख पुलों के आसपास बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, शिक्षा और अन्य सामाजिक विषयों से जुड़े संदेशों के साथ कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल के खिलाफ जागरूकता संदेश लगाए जाएंगे।

    7352 किलोमीटर सड़कों के सुधार कार्य मंजूर
    बैठक में प्रदेश में विभिन्न विभागों के अधीन कुल 63 हजार 621 किलोमीटर सड़क की समीक्षा की गई। वर्ष 2026-27 में 7352 किलोमीटर की 6593 सड़कों के सुधार कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें से 770 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है, जबकि 1347 किलोमीटर पर काम चल रहा है।

     

  • बड़वानी, खरगोन और खंडवा में भाजपा की संगठनात्मक बैठकें, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने मीसाबंदियों को किया सम्मानित

    बड़वानी, खरगोन और खंडवा में भाजपा की संगठनात्मक बैठकें, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने मीसाबंदियों को किया सम्मानित

    भोपाल
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को बड़वानी, खरगोन एवं खण्डवा प्रवास के दौरान जिला कोर कमेटी, जिला बैठक एवं बूथ समिति की बैठक को संबोधित कर मीसाबंदियों का सम्मान किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने बैठकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। सरकार गरीबों और जनजातीय परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भाजपा में कोई पद महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि कार्यकर्ता और विचारधारा संगठन की असली ताकत हैं। मीसाबंदियों का त्याग, संघर्ष और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, मेहनत और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, प्रत्येक बूथ को सशक्त बनाएं और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य करें। कार्यकर्ता आगामी चुनावों में जिले की सभी विधानसभा सीटों पर विजय प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ एकजुट होकर जुटें तथा केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं।

    मीसाबंदियों का त्याग और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मां नर्मदा के पावन अंचल में बसा बड़वानी अपनी सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय समाज के स्वाभिमान और गौरवशाली संगठनात्मक इतिहास के लिए जाना जाता है। वर्ष 1952 में जनसंघ की जीत यहां के कार्यकर्ताओं के परिश्रम और संगठन की ताकत का प्रमाण है। आपातकाल के दौरान बड़वानी जिले के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मीसा के तहत जेल जाना स्वीकार किया, लेकिन विचारधारा और लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं किया। मीसाबंदियों का त्याग और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। हमें अपने गौरवशाली इतिहास को याद रखते हुए उनसे प्रेरणा लेकर संगठन को मजबूत बनाने और आने वाली पीढ़ी तक संघर्ष व समर्पण के संस्कार पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए। संगठन की असली ताकत समर्पित कार्यकर्ता हैं। प्रत्येक कार्यकर्ता अपने दायित्व का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए हर बूथ को मजबूत बनाने में जुटंे। उन्होंने आगामी चुनावों में अपने-अपने जिलों में सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर एकजुटता से कार्य करने का आह्वान किया। कांग्रेस शासन के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए अनेक कार्यकर्ताओं ने 19 महीने तक जेल में रहना स्वीकार किया, लेकिन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। सभी लोकतंत्र सेनानियों ने उस समय संगठन के लिए संघर्ष किया, जब सत्ता में आने की कोई उम्मीद नहीं थी। ऐसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान करना और उनके त्याग और बलिदान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। जब हम लोकतंत्र सेनानियों के घर जाते हैं, तो हमारा सिर सम्मान से झुकता है, क्योंकि उनके परिवारों ने देश और विचारधारा के लिए कठिन परिस्थितियों में त्याग किया है। मालवा और निमाड़ वह क्षेत्र है जहां वर्ष 1962 और 1971 के दौर में जब जनसंघ के लिए राजनीतिक परिस्थितियां बेहद कठिन थीं, तब भी कार्यकर्ताओं ने विचारधारा की लौ जलाए रखी। वर्ष 1962 में प्रदेश में जनसंघ को मिली चार सीटें उस समय एक बड़ी उपलब्धि थीं। यदि हम अपनी पुरानी शक्ति, समर्पण और संगठनात्मक परंपरा को पहचानकर आगे बढ़ेंगे, तो निश्चित रूप से और अधिक मजबूती प्राप्त करेंगे।  

    सुरक्षित, समृद्ध और विकसित भारत बनाने के लिए भाजपा संगठन को मजबूत बनाएं
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से पार्टी ने सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राष्ट्र सौंपने के लिए भाजपा संगठन को मजबूत बनाएं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश बहुत तेजी से विकास कर रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी आर्थिक और सामरिक पहचान मजबूत की है। देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, आधारभूत संरचना, बिजली, निर्यात और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और आने वाले वर्षों में और अधिक प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने गरीबों और आदिवासी परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का संकल्प लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है। महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत करोड़ों गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। किसानों की फसल प्राकृतिक आपदाओं से खराब होने पर उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई। गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई, जिससे पात्र परिवारों को अस्पतालों में उपचार की सुविधा मिल रही है। स्वच्छ भारत अभियान, जनधन योजना और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी योजनाओं ने देश के विकास को नई गति दी है। आज सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। यह पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को बताएं कि कांग्रेस के शासनकाल के समय मध्यप्रदेश की क्या स्थिति थी और भाजपा की सरकार बनने के बाद मध्यप्रदेश विकास और प्रगति के किस तरह प्रगति कर रहा है। हमें देश की आर्थिक प्रगति, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में प्रमाणिक तथ्यों के साथ लोगों के साथ संवाद करना चाहिए। कार्यकर्ताओं को इन विषयों की जानकारी लेकर जनता के बीच जाना चाहिए और देश की विकास यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए।

    संगठन की असली ताकत उसका कार्यकर्ता और उसकी विचारधारा
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा में कोई भी व्यक्ति केवल सत्ता या पद प्राप्त करने के लिए कार्य नहीं करता। आज कोई प्रदेश अध्यक्ष है, कोई विधायक है और कल कोई दूसरा इन दायित्वों पर होगा, लेकिन संगठन की असली ताकत उसका कार्यकर्ता और उसकी विचारधारा है। किसी पद पर न होने का अर्थ यह कतई नहीं है कि कार्यकर्ता की भूमिका कम हो जाती है। प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, मेहनत और समर्पण के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हम जो कार्य कर रहे हैं, उसका परिणाम आने वाली पीढ़ियों को दिखाई देगा। आज से 50 वर्ष बाद भी देश और समाज को गर्व होना चाहिए कि हमने राष्ट्र सर्वोपरि की भावना के साथ संगठन और विचारधारा को मजबूत करने का काम किया। इसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक बूथ मजबूत हो, संगठन सशक्त बने और कार्यकर्ता समाज के बीच निरंतर सक्रिय रहें। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरी मेहनत और निष्ठा से निभाने तथा जनसेवा के कार्यों में सक्रिय रहने का आह्वान किया। 

    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने बूथ समिति की बैठक को संबोधित कर लोकतंत्र सेनानियों का किया सम्मान
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को बड़वानी प्रवास के दौरान राजघाट पर मां नर्मदा जी का पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात वार्ड क्रमांक-3 स्थित बूथ क्रमांक-182 पर बूथ अध्यक्ष श्री सोनू मेहता के निवास पर आयोजित बूथ समिति की बैठक में सहभागिता कर संबोधित किया। उन्होंने बूथ स्तर पर जनसंपर्क को व्यापक बनाने, केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा बूथ को और अधिक सशक्त और सक्रिय बनाने का आह्वान किया। उन्होंने जिला बैठक के पश्चात लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) एवं समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान कर उनके त्याग, संघर्ष और योगदान को नमन किया।

    बड़वानी एवं खरगोन में आयोजित विभिन्न बैठकों में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश शासन के मंत्री श्री गौतम टेटवाल, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सुरेंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री श्याम महाजन, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल, बड़वानी जिला अध्यक्ष श्री अजय यादव, खरगोन जिला अध्यक्ष श्रीमती नंदा ब्रह्मणे, बड़वानी जिला प्रभारी श्री बाबूलाल यादव, विधायक श्री श्याम बरडे, श्री बालकृष्ण पाटीदार, श्री राजकुमार मेव, श्री सचिन बिरला, पूर्व सांसद श्री सुभाष पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, श्री बलवंत पटेल, पूर्व जिला अध्यक्ष श्री राजेन्द्र राठौर, श्री कमल नयन इंगले सहित पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 

  • धमतरी में ’निदान-03’ शिविर: दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन को सुगम बनाने की ऐतिहासिक पहल

    धमतरी में ’निदान-03’ शिविर: दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन को सुगम बनाने की ऐतिहासिक पहल

    रायपुर
    धमतरी के इंडोर स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय ‘निदान-03’ विशेष शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस अभिनव शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सहज व सुविधाजनक बनाना था। जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन के अंतिम दिन भी जिलेभर से पहुंचे दिव्यांगजनों और बुजुर्गों ने अपने परिजनों के साथ पहुंचकर शिविर का अभूतपूर्व लाभ उठाया। शिविर स्थल पर सुबह से ही जरूरतमंदों का तांता लगा रहा, जहां विशेषज्ञों की टीम ने दिव्यांगजनों की आवश्यकता का आकलन कर उन्हें कृत्रिम अंग, कैलिपर्स, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र जैसे महत्वपूर्ण सहायक उपकरण निःशुल्क प्रदान किए।

    आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की ओर कदम
    इस विशेष आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि बुजुर्गों और दिव्यांगों को अपनी विभिन्न जरूरतों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई, क्योंकि एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए उनकी आंखों और कानों की बारीकी से जांच की गई और मौके पर ही उन्हें चश्मे तथा सुनने की मशीनें वितरित की गईं, जिससे उनके दैनिक जीवन की कई बाधाएं दूर हो गईं। इसके अलावा, शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र यानी यूडीआईडी, बस पास और एम-आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया भी सुगमता से पूरी की गई। ‘निदान-03’ शिविर ने समाज के उपेक्षित और जरूरतमंद वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन करने के अवसर प्रदान कर यह साबित कर दिया है कि संवेदनशीलता और प्रशासन की संयुक्त इच्छाशक्ति से समाज के अंतिम छोर तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकता है।

  • अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सीएम मोहन यादव ने बेटियों को दी बधाई, हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देने पर जोर

    अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सीएम मोहन यादव ने बेटियों को दी बधाई, हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देने पर जोर

    भोपाल
     मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर प्रदेश की सभी बेटियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में बेटियों को शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का स्वरूप बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे अपनी प्रतिभा के दम पर हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि प्रदेश की बेटियों के सपनों को नए पंख मिलें और उन्हें शिक्षा, विकास तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के भरपूर अवसर प्राप्त हों। उन्होंने बेटियों की क्षमताओं पर विश्वास जताते हुए कहा कि वे अपनी मेहनत, प्रतिभा और आत्मविश्वास से समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

    बेटियां बनें शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर
    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बेटियों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें और अपनी रुचि व योग्यता के अनुसार भविष्य का निर्माण कर सकें।

    बेटियों का सशक्त होना परिवार, समाज और देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। जब लड़कियों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलते हैं, तो वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं। शिक्षा और आत्मविश्वास के माध्यम से बेटियां अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने में सक्षम बनती हैं।

    हर क्षेत्र में आगे बढ़ें बेटियां
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बेटियों को अपने सपनों को पूरा करने और जीवन में नई उपलब्धियां हासिल करने के अवसर मिलने चाहिए। वे शिक्षा, विज्ञान, खेल, तकनीक, प्रशासन, व्यवसाय और अन्य क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकती हैं।

    उन्होंने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश और देश के विकास में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। बेटियों को प्रोत्साहन और सहयोग देकर उनकी प्रतिभा को आगे लाया जा सकता है।

    बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का संदेश
    अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन समाज को याद दिलाता है कि प्रत्येक बालिका को सम्मानजनक जीवन जीने, अपनी प्रतिभा विकसित करने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में भरोसा दिलाया कि बेटियां अपने सपनों को साकार करें और प्रदेश व देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं, इसके लिए हर कदम पर उनके साथ खड़े रहने का संकल्प जरूरी है।

  • लघु और सीमांत किसानों के लिए खुशखबरी, 5 लाख किसानों को सस्ते कृषि ऋण का लाभ देने का लक्ष्य

    लघु और सीमांत किसानों के लिए खुशखबरी, 5 लाख किसानों को सस्ते कृषि ऋण का लाभ देने का लक्ष्य

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत प्रदेश के लघु और सीमांत किसान सोमवार से छह प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि संबंधी दीर्घकालीन ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) मुख्यालय में पूजापाठ के बाद योजना के तहत ऋण वितरण की शुरुआत होगी।

    इसी दिन कृषि ऋण पर सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान के लिए बैंक को 38 करोड़ रुपये देने का आदेश भी जारी किया जाएगा। किसान एलडीबी की 323 शाखाओं के माध्यम से योजना का लाभ ले सकेंगे।

    विधान सभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लघु व सीमांत किसानों को कृषि व संबद्ध कार्यों के लिए सस्ते दर पर ऋण देने की यह योजना शुरू की थी। योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर को किया था। योजना के तहत एलडीबी के माध्यम से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलने वाला कृषि ऋण अब महज छह प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को दिया जाएगा।

    ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
    सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर के अनुसार, बैंक सोमवार से किसानों को योजना का लाभ देना शुरू करेगा। किसान बैंक की 323 शाखाओं के अलावा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल https://mksyldb.in/ पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।

    राठौर ने बताया कि योजना के तहत किसानों को लाभ देने के लिए बैंक को 38 करोड़ रुपये जारी करने का आदेश सोमवार को दिया जाएगा। योजना की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए कार्यशाला आयोजित कर बैंक शाखाओं के शाखा अध्यक्ष (डेलीगेट) को इसके प्रावधानों से अवगत कराया गया है।

    डेलीगेट किसानों को योजना से जोड़ने के साथ ऋण स्वीकृति में भी अहम भूमिका निभाएंगे। अगले पांच वर्ष में पांच लाख किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। एलडीबी के प्रबंध निदेशक आरके कुलश्रेष्ठ के मुताबिक, दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले लघु और सीमांत किसान योजना के पात्र होंगे।

    अधिकतम छह लाख रुपये तक का ऋण पांच वर्ष के लिए दिया जा सकेगा। समय पर किस्त चुकाने वाले किसानों से छह प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री बोले – बच्चे और युवा हमारे सुनहरे भविष्य के सितारे, इनकी तरक्की में नहीं आने देंगे कोई बाधा

    मुख्यमंत्री बोले – बच्चे और युवा हमारे सुनहरे भविष्य के सितारे, इनकी तरक्की में नहीं आने देंगे कोई बाधा

    भोपाल. 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चे ही हमारे देश-प्रदेश के भावी कर्णधार हैं। बच्चे और युवा हम सबके सुनहरे भविष्य के चमकते सितारे हैं। हम इनकी शिक्षा-दीक्षा, प्रतिभा प्रोत्साहन और तरक्की में कोई बाधा नहीं आने देंगे। राज्य सरकार आधुनिक शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के साथ युवाओं को रोजगार और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश में विकास का कारवां निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को नरसिंहपुर में 42.52 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित शासकीय सांदीपनि विद्यालय भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 35.56 लाख से अधिक हितग्राहियों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 213.41 करोड़ रुपए की पेंशन राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री ने रविवार को नवरात्र शुभारंभ के अवसर पर नरसिंहपुर जिलेवासियों को नये विकास कार्यों की भी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने यहां लगभग 175.14 करोड़ रुपए लागत के 31 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण भी शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना- 2026 के अंतर्गत करीब 10 हितग्राहियों को उनके मालिकाना पट्टे की नि:शुल्क रजिस्ट्री की कॉपी (चेक सहित) तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय की 15 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर सांदीपनि बस सेवा का शुभारंभ किया।

    गुरुकुल परम्परा का ही आधुनिक स्वरूप हैं हमारे सांदीपनि विद्यालय
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु हो, तो सांदीपनि जैसा। शिष्य हो, तो कृष्ण जैसा और मित्रता हो, तो कृष्ण-सुदामा जैसी। प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे सांदीपनि विद्यालय हमारी प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति और गुरु-शिष्य परंपरा का ही आधुनिक स्वरूप हैं। राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता और शैक्षणिक परिवेश को बेहतर बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय भवन, स्कूल बस, पुस्तकें, यूनिफॉर्म और साइकिल उपलब्ध कराई जा रही हैं। पचहत्तर प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप तथा स्कूल टॉपर्स को स्कूटी प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को आगे बढ़ने के समान अवसर देना है।

    सफलता के दिए अनमोल टिप्स, सपनों को पूरा करने के लिए किया प्रेरित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र बताते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की भावना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य तय कर पूरी लगन से पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में आगे बढ़ने की क्षमता है और सही दिशा में किए गए प्रयास सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

    बहनों, किसानों और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। लाड़ली बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपए की सहायता दी जा रही है। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप की राशि और ग्रामीण परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। सरकार ने 50 लाख संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई, अधोसंरचना और औद्योगिक विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं। भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।

    नरसिंहपुर को मिलेंगी नये विकास कार्यों की सौगातें
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नरसिंहपुर से पिपरिया मार्ग के उन्नयन के लिए सरकार द्वारा 540 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने नरसिंहपुर में नगर वन कॉरिडोर विकसित करने, नगरपालिका क्षेत्र में खैरीनाका से रेलवे स्टेशन तक पक्की सुसज्जित सड़क बनाने तथा नगर क्षेत्र में ही एक गीता भवन भी बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी के बरमान घाट पर रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। जिले के सभी विकासखंडों में पशुपालकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमश: एक लाख, 50 हजार और 25 हजार रुपए के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरसिंहपुर को जबलपुर मेट्रोपोलिटन एरिया का लाभ मिलेगा। जिले के 50 गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 23.17 करोड़ रुपए की लागत से नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिले में चार सड़कों और शासकीय हाईस्कूल कल्याणपुर का लोकार्पण भी किया गया। इसके अतिरिक्त लगभग 95 करोड़ रुपए लागत के 21 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।

    युवाओं के लिए रोजगार और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 को युवा वर्ष घोषित किया गया है। अगले वर्ष पीएससी की परीक्षाएं दो बार आयोजित की जाएंगी। प्रदेश में 85 हजार नई नियुक्तियां की गई हैं और बहुत जल्द एक लाख से अधिक नवीन पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष प्रदेश में 12 नये मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने सेवा संकल्प के महाअभियान में भारत को दुनिया में अग्रणी राष्ट्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। विकसित भारत की यात्रा में मध्यप्रदेश हर कदम पर प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय शुरू किए गए हैं, ये विद्यालय हमें भगवान श्रीकृष्ण के शिक्षाकाल का स्मरण कराते हैं। श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता से हमें शिक्षा लेकर मित्र की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। सांदीपनि विद्यालय और बस सेवा की सौगात बच्चों के चेहरों पर साफ नजर आ रही है। शासकीय स्कूलों में ड्रापआउट दर 14 प्रतिशत से कम होते हुए आज शून्य पर आ गई है। प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरसिंहपुर की पवित्र धरती को मां नर्मदा का विशेष स्नेह मिला है। यह आदिगुरु शंकराचार्य की तपस्थली, महर्षि महेशयोगी की ध्यानस्थली, वीरांगना रानी दुर्गावती की कर्मस्थली और आचार्य रजनीश ओशो का नरसिंहपुर के विशेष जुड़ाव रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब भक्त संकट में होते हैं तो भगवान नरसिंह अवतार में प्रकट होकर दुष्टों को विनाश करते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। एशियन गेम्स-2026 में हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन इसका गवाह है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को 11 पदक मिले, जिनमें से 5 स्वर्ण पदक शामिल हैं। भारत आज मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग में अग्रणी राष्ट्र बन चुका है। अमृतकाल में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने संकल्प लिया है। भारत दुनिया का नंबर-एक देश बनेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट, मंडला, डिंडौरी जिले लंबे समय तक नक्सलवाद की चपेट में रहे। विकास के मामले में यहां हालात बहुत खराब हो गए थे। हमारी सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बल पर प्रदेश की धरती से लाल सलाम को आखिरी सलाम किया है। चंबल में दस्यु समस्या का समाधान भी किया है। उन्होंने कहा कि पंचायत मंत्री प्रह्लाद पटेल के नेतृत्व में जल संरक्षण, नल जल योजना के अंतर्गत 10 हजार करोड़ लागत के विकास कार्य किए गए। पात्र हितग्राहियों को एक बगिया मां के नाम योजना का भी लाभ मिल रहा है। प्रदेश के किसानों को नदी जोड़ो अभियान की सौगात मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आज 5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है। भोपाल और इंदौर में मेट्रो ट्रेन दौड़ रही है। राज्य में लगातार नए हवाई अड्डे विकसित कर एयर कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रीवा, सतना और दतिया को एयरपोर्ट की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार गरीब, किसान, महिला और युवाओं के कल्याण के लिए सभी जरूरी काम कर रही है। इस वर्ष किसानों को गेहूं खरीद के लिए 2625 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया गया।

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि नरसिंहपुर के बेटा-बेटियों को आज भव्य सांदीपनि विद्यालय के भवन की सौगात मिली है। प्रदेश में 375 सांदीपनि विद्यालय बनकर तैयार हो चुके हैं। स्कूली बच्चों को लैपटॉप, स्कूटी और साइकिलें बांटी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जिले को विकास की अनेक सौगातें मिली हैं। किसी भी राज्य का विकास वित्तीय प्रबंधन के बिना संभव नहीं है। मध्यप्रदेश सरकार ने लगातार नीतियों में सुधार और प्रबंधन को बेहतर करते हुए इस वर्ष साढ़े 4 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को सुगम परिवहन बसों की सौगात दी है। स्कूल के बच्चों को भी आवागमन के लिए इन बसों का लाभ मिलेगा।

    नर्मदापुरम के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर आज नरसिंहपुर में सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण हुआ है। यह विद्यालय हमारे बच्चों के स्वर्णिम भविष्य की गारंटी हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में देश कृषि, उद्योग, तकनीक सहित सभी क्षेत्रों में तेज गति से बढ़ रहा है। सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इच्छाशक्ति अटल है। मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ते हुए नए रिकॉर्ड बना रहा है।

    पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव लगातार युवाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें स्वर्णिम अवसर दिलवाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ बड़े अभियान की शुरुआत की है। युवाओं को हर तरह के नशे से बचाने के लिए प्रदेश में कठोर कार्रवाई हो रही है। नरसिंहपुर गन्ना किसानों का जिला है। किसानों को गन्ने का उचित मूल्य मिल रहा है।

    विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को वितरित किए हितलाभ
    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए। राजस्व विभाग की स्वामित्व पंजीयन योजना के अंतर्गत बृजेश कुमार, कमल सिंह पटेल, आशीष कुमार जाट, जितेन्द्र सिंह जाट, सरोज साहू, गिरधारी साहू, पूरन लाल, टीकाराम दुबे, भूपेन्द्र सिंह जाट, रामचरन जाट, सालिगराम, दीपप्रसाद श्रीवास्तव, विष्णु प्रसाद श्रीवास्तव, गेंदालाल, अनुप कुमार, तोड़ल काछी, विकास, राकेश जाट, अशोक कुमार और रघुवीर श्रीवास्तव को ई-रजिस्ट्री प्रदान की। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत प्रशांत कुर्मी को दुग्ध प्रसंस्करण प्लांट के लिए 51 लाख रुपये का हितलाभ प्रदान किया गया। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत देवेश जाट को 42 लाख रुपये तथा संदीप मिश्रा को 36 लाख रुपये का हितलाभ दिया गया। उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के अंतर्गत राजजीत धनोरिया को 22 लाख रुपये तथा सत्यम सोनी को 9.35 लाख रुपये का हितलाभ प्रदान किया गया। आजीविका मिशन के अंतर्गत सीसीएल हितलाभ वितरण में लीलावती जाटव, साधना शर्मा, रोशनी मेहरा एवं लक्ष्मी कुशवाहा से संबंधित क्रमशः रेवा एसएचजी, अदिति एसएचजी, परी एसएचजी एवं राधा एसएचजी को हितलाभ वितरित किए गए।

    विद्यालय की व्यवस्थाओं का किया अवलोकन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांदीपनि विद्यालय के नवीन भवन का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं, पुस्तकालय, संगीत कक्ष, प्रयोगशाला सहित अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। विद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के लिए विकसित की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान शिविर एवं पोषण प्रदर्शनी का आयोजन
    विद्यालय परिसर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान शिविर एवं पोषण प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने वृद्धजनों का सम्मान किया तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों को सामग्री भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया।

    इस अवसर पर विधायक महेंद्र नागेश, महिला आयोग की सदस्या सुसाधना स्थापक, देवीसिंह पटेल, नरसिंहपुर की जिला पंचायत अध्यक्षा ज्योति नीलेश काकोडिया, रामस्नेही पाठक सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं बडी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।

  • पलामू के पांच प्रखंडों में सड़क निर्माण का रास्ता साफ, टेंडर के बाद पूजा के बाद शुरू होगा काम

    पलामू के पांच प्रखंडों में सड़क निर्माण का रास्ता साफ, टेंडर के बाद पूजा के बाद शुरू होगा काम

    मेदिनीनगर (पलामू)
     पलामू जिले के ग्रामीण इलाकों में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पांच प्रखंडों में सड़क निर्माण की योजनाओं को स्वीकृति मिली है।

    बिश्रामपुर,हुसैनाबाद,चैनपुर,छतरपुर और मनातू प्रखंडों में 127.48 किमी. लंबी सड़कों के निर्माण पर 100.44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन योजनाओं के पूरा होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मुख्य सड़कों तक पहुंचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

    चैनपुर में सबसे अधिक 10 सड़कें स्वीकृत
    चैनपुर प्रखंड में काचन से तीन कोनिया तक 6.040 किमी. सड़क के निर्माण पर 456.20 लाख रुपये खर्च होंगे। मिशन स्कूल चौक से बेड़मा मस्जिद चौक तक 5.10 किमी. सड़क के लिए 423.04 लाख रुपये तथा इस्लाम मोड़ से धमनवा मुख्य सड़क तक 7.50 किमी. सड़क के लिए 570.50 लाख रुपये निर्धारित हैं।

    नावाडीह सुनगाई से कोरवा टोला वाया नावाडीह बरवा टोला से करवा तक 3.137 किमी. सड़क पर 282.23 लाख रुपये खर्च होंगे। माहुत मुड़िया से खैराही वाया डाटम मरगाडा रोड तक पांच किमी. सड़क के लिए 401.51 लाख रुपये तथा नावा बीयादोहर से माहुत मुड़िया वाया डाटम तक 5.70 किमी. सड़क के लिए 448.14 लाख रुपये निर्धारित हैं।

    सलतुआ से काटिंग कोरवा टोला तक 0.60 किमी. सड़क पर 52.51 लाख रुपये खर्च होंगे। चैनपुर-बरवाडीह सड़क से मरगाडा वाया चुनगा-बांसडीह तक 6.230 किमी.सड़क के लिए 508.60 लाख रुपये निर्धारित हैं। बहेरा कला बाजार से बेनीडीह कबरा बथान पुल तक 7.90 किमी.सड़क पर 613.79 लाख रुपये तथा कुंडपानी से सरहुआ वाया बेली रोड तक 5.50 किमी. सड़क के निर्माण पर 430.59 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

    छतरपुर में छह योजनाएं स्वीकृत
    छतरपुर प्रखंड में छह सड़कों के निर्माण की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। मदनपुर आरईओ रोड पिंडराही से आहरी पड़रिया टोला तक 6.010 किमी. सड़क के लिए 494.77 लाख रुपये तथा अरर दुपटिया से ठेकी वाया आरा रोड तक 6.50 किमी. सड़क के लिए 489.85 लाख रुपये निर्धारित हैं।

    एनएच-98 कुरौली रोड से कुरौली पड़रिया टोला तक 1.90 किलोमीटर सड़क पर 149.86 लाख रुपये खर्च होंगे। डुनडुर तारडिह से डुनडुर रोड तक 4.810 किमी. सड़क के लिए 365.27 लाख रुपये, लेबार मोड़ से टुकतुका रोड तक 3.30 किमी. सड़क के लिए 255.72 लाख रुपये तथा तारादाग मोड़ से डिंडी परहिया टोला तक 3.30 किमी. सड़क के लिए 253.82 लाख रुपये निर्धारित हैं।

    मनातू में 27.35 किमी.सड़क निर्माण की योजना
    मनातू प्रखंड में चार सड़क योजनाओं के तहत 27.35 किमी.सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इन पर करीब 21.11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नागद से दलदलिया तक 1.90 किमी.सड़क के लिए 146.87 लाख रुपये निर्धारित हैं।

    मितार से जसपुर-चिरी खुर्द सड़क तक 11.40 किमी.सड़क के लिए 858.23 लाख रुपये तथा जसपुर से सिंगटूटा कुसहा तक 9.30 किमी.सड़क के लिए 689.26 लाख रुपये की लागत तय की गई है। मुक्ता से रेनगई वाया होइयो तक 4.750 किमी.सड़क के निर्माण पर 416.26 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

    बिश्रामपुर में चार सड़कें स्वीकृत
    बिश्रामपुर प्रखंड में चार सड़क योजनाओं पर करीब 13.16 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सोहदाग खुर्द से कुंभी कला तक 5.50 किमी. सड़क के लिए 436.04 लाख रुपये तथा इटको पंचायत सचिवालय से सिंजो तक 2.60 किमी.सड़क के लिए 214.28 लाख रुपये निर्धारित हैं।

    कुंभी खुर्द मोड़ से ठेकी तक 3.50 किमी. सड़क के निर्माण पर 279.29 लाख रुपये तथा पांडू पतलबंधवा से बारवाही वाया मच्छवा डामर तक पांच किमी.सड़क के लिए 386.45 लाख रुपये की लागत तय की गई है।

    हुसैनाबाद में एक सड़क को मंजूरी
    हुसैनाबाद प्रखंड में लापसेरा से प्रतापपुर परहिया टोला वाया जिदियाही तक 5.010 किमी.सड़क के निर्माण के लिए 420.69 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    आरईओ की ओर से जिले के पांच प्रखंडों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 127.48 किमी.सड़क निर्माण की योजनाएं भेजी गई थीं, जिन्हें स्वीकृति मिल गई है। टेंडर निकालकर संवेदकों को काम आवंटित कर दिया गया है। पूजा के बाद सभी सड़कों का निर्माण कार्य शुरू होगा।

    -अशोक कुमार, कार्यपालक अभियंता, आरईओ, पलामू।