Author: NewseDay

  • नगरीय विकास के नए अवसरों, आधुनिक तकनीक और निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित हो आयोजन : आयुक्त भोंडवे

    नगरीय विकास के नए अवसरों, आधुनिक तकनीक और निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित हो आयोजन : आयुक्त भोंडवे

    इंदौर में 28 अक्टूबर को आयोजित अर्बन कॉन्क्लेव की तैयारियों की समीक्षा

    भोपाल
    नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने आगामी 28 अक्टूबर को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले 'अर्बन कॉन्क्लेव' की पूर्व तैयारियों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आयुक्त भोंडवे ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन, अंतर-विभागीय समन्वय तथा व्यवस्थागत पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए समस्त दायित्वों एवं प्रबंधों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश जारी किए।

    आयुक्त संकेत भोंडवे ने कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले विषय-विशेषज्ञों, उद्योगपतियों, निवेशकों तथा प्रतिष्ठित नीतिगत संस्थाओं के प्रतिनिधियों की गरिमामयी एवं प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन के माध्यम से प्रदेश में नगरीय विकास के नवीन आयामों, अत्याधुनिक तकनीकी अनुप्रयोगों तथा सतत् निवेश की अपार संभावनाओं पर गंभीर एवं परिणामन्मुखी विचार-विमर्श होना चाहिए, जिससे राज्य के शहरी परिदृश्य को वैश्विक मानकों के अनुरूप नई दिशा मिल सके।

    ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में आयोजित इस बहुआयामी अर्बन कॉन्क्लेव में टियर-2 शहरों के सुव्यवस्थित एवं नियोजित विकास, री-डेंसिफिकेशन नीतियों, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, वैज्ञानिक भूमि उपयोग तथा आधुनिक शहरी विकास मॉडल पर देश-विदेश के प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा गहन मंथन किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रूपांतरित करना तथा नागरिकों को विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नवाचारों एवं नवीन संभावनाओं को गति प्रदान करना है।

     

  • स्कूल में अचानक पहुंचे CM यादव, बच्चों से जाना हाल

    स्कूल में अचानक पहुंचे CM यादव, बच्चों से जाना हाल

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंडला जिले के टाटरी में स्कूल के नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ आत्मीयता से सहज संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाटरी हेलीपेड जाते समय एक निजी पब्लिक स्कूल में अपना काफिला रुकवाया और वहां प्रार्थना सभा में शामिल विद्यार्थियों से मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे और उनके टीचर्स प्रसन्न हुए। स्कूल में उस समय बच्चों की रुटीन असेम्बली चल रही थी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को परमपिता परमेश्वर से सबके कल्याण की प्रार्थना करते देखा, तो वे उनके बीच पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके नाम पूछे और यह भी जाना कि वे किस कक्षा में पढ़ते हैं तथा उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है ?

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को दुलारते हुए खूब मन लगाकर पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के साथ उनका संवाद सहज, आत्मीय और अपनत्व से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस अप्रत्याशित उपस्थिति से विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और विद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का माहौल बन गया।

     

  • ‘लोहिया को छोड़ अतीक-मुख्तार की विचारधारा पर चल रहे अखिलेश’, बीजेपी का तीखा हमला

    ‘लोहिया को छोड़ अतीक-मुख्तार की विचारधारा पर चल रहे अखिलेश’, बीजेपी का तीखा हमला

    'परिवारवाद और अपराधियों को संरक्षण देना सपा का एजेंडा', कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह का आरोप

    'फर्जी मतदाताओं के नाम हटने से परेशान है विपक्ष', धर्मपाल सिंह का तीखा वार

    ‘चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर अभी से 2027 की हार का बहाना बनाने में जुट गए हैं अखिलेश’, दिनेश प्रताप सिंह का हमला

    'साढ़े चार साल सोते हैं, चुनाव आते ही जाति-धर्म की राजनीति करते हैं अखिलेश': बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश सिंह

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर और धर्मपाल सिंह के साथ बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। तीनों ने सपा के परिवारवाद, PDA, महिला सुरक्षा और चुनाव आयोग को लेकर अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाए।

    'लोहिया के समाजवाद से अखिलेश का कोई लेना-देना नहीं'
    कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया परिवारवाद की राजनीति के विरोधी थे और उन्होंने सनातन परंपरा के सम्मान की बात की थी। राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अब लोहिया के सिद्धांतों से दूर हो चुकी है। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव की राजनीति का लोहिया के समाजवाद से कोई संबंध नहीं रह गया है।

    राजभर ने चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव के सवालों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा को आगामी विधानसभा चुनाव में हार का अंदेशा है, इसलिए वह पहले से ही हार के बहाने तैयार कर रही है।

    'फर्जी मतदाताओं के नाम हटने से परेशान है विपक्ष'
    कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों पर कहा कि विपक्ष के पास विकास और जनकल्याण का कोई ठोस एजेंडा नहीं है। उनके मुताबिक, जनता के बीच स्वीकार्यता घटने के कारण विपक्ष एसआईआर को मुद्दा बना रहा है। धर्मपाल सिंह ने कहा कि फर्जी नाम हटने से विपक्ष परेशान है और इसी वजह से चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है।

    'जहां दिखा सपाई, वहां बिटिया घबराई'
    धर्मपाल सिंह ने कहा कि सपा सरकार के दौरान महिलाओं  के सुरक्षा की क्या स्थिति थी ये पूरा प्रदेश जानता है। उन्होंने कहा कि सपाई को देखकर ही बेटियां सहम जाती थीं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज भाजपा सरकार में महिलाओं, बेटियों, व्यापारियों और आम लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता है।

    'चुनाव जीतने पर आयोग ठीक, हारने पर सवाल'
    भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने चुनाव आयोग के प्रमुख को हटाने की मांग और विपक्ष के प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एनडीए को हराने के लिए विपक्ष कई तरीके आजमा चुका है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी कमियों पर विचार करने के बजाय सत्ता हासिल करने के लिए दूसरे रास्ते तलाश रहा है।

    उन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन राज्यों में विपक्ष चुनाव जीतता है, वहां चुनाव आयोग, ईवीएम और मतगणना की व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन हार मिलने पर पूरी व्यवस्था पर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने इसे विपक्ष का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि जनता ऐसे नैरेटिव को समझती है।

    'साढ़े चार साल सोते हैं, चुनाव आते ही जाति-धर्म याद आता है'
    दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा प्रमुख चुनाव नजदीक आने पर जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करने लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश अपनी कमियों पर विचार करने के बजाय भाजपा और सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लोहिया जी के विचारों से कोई लेना-देना नहीं है। वो मुख्तार और अतीक के विचारों को फॉलो करते हैं।

  • व्रत का सुपरफूड बना गोला का शकरकंद, 500 एकड़ में खेती और बढ़ती मांग से किसानों को मिल रहा फायदा

    व्रत का सुपरफूड बना गोला का शकरकंद, 500 एकड़ में खेती और बढ़ती मांग से किसानों को मिल रहा फायदा

     रांची
     दुर्गा पूजा का त्योहार अब सिर्फ आस्था, भक्ति और उल्लास का प्रतीक भर नहीं रह गया है, बल्कि यह सेहत और स्वाद का एक अनूठा संगम भी बन चुका है। इस शारदीय नवरात्र में रामगढ़ के गोला प्रखंड का शकरकंद अपनी खास मिठास और पौष्टिकता के दम पर स्थानीय थालियों से निकलकर बंगाल के बाजारों में धूम मचा रहा है।

    व्रत के दौरान यह लोगों की पहली पसंद बनकर सेहत का संदेश दे रहा है। पूजा पर बंगाल में सप्लाई बढ़ने से किसान लाभान्वित हैं। सोसो कलां के पूर्व मुखिया बजरंग कुमार का भी मानना है कि शकरकंद की बढ़ती मांग गोला के किसानों के लिए अच्छी संभावना लेकर आई है।

    पहले स्थानीय बाजार पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब बंगाल से बेहतर दाम मिल रहे हैं। त्योहार के समय खपत बढ़ने से खेतों में व्यापारियों की आवाजाही भी तेज हो गई है। छंटाई, पैकिंग और लोडिंग से जुड़े लोगों को भी रोजगार मिल रहा है।

    मुरुडीह गांव के किसान कार्तिक महथा कहते हैं, शकरकंद की खेती से किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है। इस वर्ष बाजार में मांग बढ़ने से व्यापारी खेत से ही फसल खरीद रहे हैं। बांग्लादेश तक शकरकंद जाने से हमें आगे भी बेहतर बाजार और उचित कीमत मिलने की उम्मीद है।

    व्रत में क्यों है शकरकंद सबसे खास?
    नवरात्र या दुर्गा पूजा के दिनों में लोग सात्विक और उपवास वाला भोजन अपनाते हैं। ऐसे में शकरकंद एक परफेक्ट सुपरफूड साबित होता है।

    पाचन और ऊर्जा: यह आसानी से पचने वाला, फाइबर से भरपूर और प्राकृतिक मिठास वाला खाद्य है, जो व्रत के दौरान कमजोरी नहीं आने देता।
    इम्यूनिटी बूस्टर: इसमें विटामिन ए, सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो थकान दूर कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
    हेल्थ फ्रेंडली: इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम होने के कारण यह अचानक ब्लड शुगर नहीं बढ़ाता, जिससे वजन नियंत्रित रखने और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है।

    गोला से बांग्लादेश तक पहुंच रहा जायका
    रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में करीब 500 एकड़ से अधिक भूमि पर शकरकंद की बंपर खेती होती है। यहां की मिट्टी और जलवायु इसे बेहतरीन स्वाद देती है। दुर्गा पूजा के सीजन में इसकी डिमांड इतनी बढ़ गई है कि रोजाना 15 से 20 ट्रक शकरकंद कोलकाता और बंगाल के बाजारों तक भेजे जा रहे हैं।

    स्थानीय किसानों और जानकारों का कहना है कि पहले किसानों को सिर्फ स्थानीय मंडियों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब बड़े व्यापारियों के जरिए बाजार मिलने से उन्हें उनकी मेहनत का उचित और बेहतर दाम मिल रहा है। इस बूम से स्थानीय स्तर पर छंटाई, पैकिंग और लोडिंग से जुड़े लोगों के लिए भी रोजगार के नए द्वार खुले हैं।

    इस दुर्गा पूजा जब आप व्रत रखें, तो अपनी थाली में शकरकंद (चाहे उबला हो, चाट या हलवा) को जरूर शामिल करें। यह न सिर्फ आपके शरीर को ऊर्जा देगा, बल्कि झारखंड के किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान बिखेरेगा।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अभिनंदन कर विकास योजनाओं के लिए माना आभार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अभिनंदन कर विकास योजनाओं के लिए माना आभार

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दमोह जिले को नई सड़कों की सौगत मिल रही है। इनमें दमोह-कटनी और दमोह-सागर फोर लेन रोड शामिल हैं। इनकी संयुक्त लागत साढ़े छह हजार करोड़ रूपये से अधिक है। इसके अतिरिक्त बांदकपुर में देव जागेश्वर नाथ लोक के प्रथम चरण में 10 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य हो रहे हैं। रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय को नया स्वरूप प्रदान करने के लिए 20 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को (संवाद भवन) मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दमोह लोकसभा क्षेत्र के नागरिकों, विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास योजनाओं को लागू करने के लिए स्मृति चिन्ह भेंट करने के साथ पुष्पहार पहनाकर और साफा बांधकर अभिनंदन किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती पर वीरों के शौर्य और आल्हा-ऊदल की वीरता के किस्से आज भी गली-गली में गूंजते हैं। सागर और दमोह केवल दो जुड़वाँ जिला मुख्यालय नहीं हैं, बल्कि ये बुंदेलखंड की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। बुंदेलखंड में पर्यटन, कृषि, व्यापार और उद्योग विकास की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

    कनेक्टिविटी से विकास, सागर-दमोह के बीच बनेगा 4 लेन रोड
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के प्रमुख नगरों और जिला मुख्यालयों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाई जा रही है। अच्छी सड़कें विकास की संभावनाओं को साकार कर देती हैं। क्षेत्र विकास के लिये दमोह-सागर, दमोह-कटनी मार्ग को फोरलेन करने के लिए मंजूरी दी गई। इससे दोनों जिला मुख्यालयों के बीच आवागमन की सुविधा बढ़ेगी। मड़ियादो- रजपुरा और मड़ियादो-बनार- किशनगढ़ मार्गों का निर्माण भी किया जाएगा। दमोह- बांदकपुर मार्ग सहित तीन आरओबी का कार्य भी शीघ्र पूरा हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में बेहतर सड़क, अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिलें। सागर और दमोह के बीच लगभग 2 हजार करोड़ की लागत से वर्तमान 76.83 किलोमीटर मार्ग को चार लेन किया जाएगा। इस परियोजना में 4 बायपास भी बनाए जाएंगे।

    अच्छी सड़कें खोलेती है समृद्धि का मार्ग
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्छी सड़कों से राज्य के किसानों को मंडी तक फसल ले जाने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने जैसे कार्यों में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़कें केवल वाहनों के चलने का रास्ता नहीं होतीं, बल्कि रोजगार, निवेश, शिक्षा और समृद्धि का मार्ग भी खोलती हैं। हमारी सरकार एक ऐसे मध्यप्रदेश का निर्माण करना चाहती है, जहां विकास योजनाओं से अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी लाभान्वित हो। सच्चा वादा और पक्का काम हमारा मंत्र है।

    दमोह में 337.30 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दमोह जिले में सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक भी की जा चुकी है। सड़क और ओवर ब्रिज निर्माण के साथ ही जिले में कई शहरी विकास योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। दमोह के 6 विकास खंडों में सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो पूर्ण होने के करीब है। दमोह में 337.30 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज की शुरुआत होने जा रही है। यही नहीं, कृषि क्षेत्र में समृद्धि के लिए दमोह को विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं और जल जीवन मिशन से जोड़ने का क्रम जारी है।

    पर्यटन बढ़ने से होगा क्षेत्र का विकास
    पर्यटन क्षेत्र को गति देने के लिए बांदकपुर में 10 करोड़ की लागत से देव जोगेश्वर नाथ लोक के प्रथम चरण का निर्माण किया जा रहा है। नौरादेही स्थित वीरांगना अवंतीबाई लोधी नेशनल पार्क में चीतों का आवास होने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। यह प्रदेश में चीतों का तीसरा रहवास क्षेत्र है। तीन सिंचाई परियोजनाओं का क्रियान्वयन करीब 280 करोड़ की लागत से हो रहा है। यह परियोजनाएं शीघ्र पूरी हो रही हैं। दमोह को विकास की सौगातें मिलती रहेंगी।

    उन्नत पशुओं की स्पर्धा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर लाने के उद्देश्य से उन्नत मवेशी पालन को प्रोत्साहित किया है। जिलों में उन्नत पशुओं की स्पर्धा अयोजित कर पशुपालकों को पुरस्कृत करने की पहल की गई है। सांसद राहुल सिंह लोधी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंन्द्र सिंह लोधी, पूर्व मंत्री द्वय जयंत मलैया, रामकृष्ण कुसमरिया सहित दमोह क्षेत्र के जनप्रतिनिधि,नागरिक उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक मंत्रालय में सम्पन्न

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक मंत्रालय में सम्पन्न

    प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के गौरवशाली, ऐतिहासिक एवं असाधारण 25 वर्ष पूर्ण होने पर साढ़े 8 करोड़ प्रदेशवासियों की ओर से मंत्रि-परिषद ने किया कृतज्ञतापूर्वक अभिनन्दन

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। सुशासन, विकास एवं राष्ट्र-कल्याण को समर्पित देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के गौरवशाली, ऐतिहासिक एवं असाधारण 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ से अधिक जनता की ओर से मंत्रि-परिषद ने कृतज्ञतापूर्वक अभिनन्दन करते हुए संकल्प पारित किया। मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2047 तक 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित मध्यप्रदेश' के निर्माण के महायज्ञ में, प्रधानमंत्री मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में कंधे से कंधा और कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का संकल्प सर्वसम्मति से पारित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक में पारित संकल्प के बारे में मीडिया को जानकारी दी। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लोक सेवा के 25 वर्षों में अनथक एवं अर्हनिश पुरुषार्थ के बल पर केवल संकल्प ही नहीं लिए बल्कि उन्हें सिद्ध करके भी दिखाया है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानसेवक के रूप में उनका यह कार्यकाल त्याग, समर्पण और लोक-कल्याण का अनुपम उदाहरण है। इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि पर मध्यप्रदेश राज्य मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी का कोटि-कोटि वंदन, आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में बुनियादी ढांचे के विस्तार, आधुनिक अधोसंरचना के निर्माण, डिजिटल क्रांति, विनिर्माण क्षमता को गति देने तथा देश के गरीबों, वंचितों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सर्वांगीण सशक्तिकरण से हर नागरिक के जीवन में जो सकारात्मक बदलाव आया है, वह अविस्मरणीय है।

     प्रधानमंत्री मोदी के मंत्र 'वी विल डू इट' ने देश की सामूहिक शक्ति को किया जागृत
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'वी विल डू इट' का मंत्र देकर एक बार फिर देश की सामूहिक शक्ति को जागृत किया है। अपने सामर्थ्य और समर्पण से प्रधानमंत्री मोदी के इस मंत्र को अपना मिशन बनाकर हम विकसित भारत के लिए विकसित मध्यप्रदेश बनाएंगे। हमें पूर्ण विश्वास है कि वर्ष 2047 में भारत जब आजादी के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, तब हमारी पहचान आत्मनिर्भर और विकसित भारत के रूप में होगी। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के महामंत्र से समाज के अंतिम व्यक्ति को राष्ट्र-निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने, देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा को अभेद्य बनाने, भारत की प्राचीन समृद्ध विरासत का संवर्धन करने तथा 'ग्लोबल साउथ' के मुखर स्वर के रूप में विश्व पटल पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रति प्रधानमंत्री मोदी का असीम स्नेह है। जितनी आत्मीयता प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश से है, मध्यप्रदेश उतनी ही आस्था प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति प्रकट करता है। प्रधानमंत्री मोदी 'देश के दिल' में बसे हैं। लोक सेवाओं के नित नये प्रतिमान रचने वाले प्रधानमंत्री मोदी हम सबके प्रेरणा स्त्रोत हैं।

    मंत्रि-परिषद के संकल्प के प्रमुख बिंदु
    मंत्रि-परिषद द्वारा लिए गए संकल्प में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र में हुए कार्यों का उल्लेख किया गया है। संकल्प में उल्लेख किया गया कि 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को निशुल्क खाद्यान्न दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जन-धन, प्रधानमंत्री मुद्रा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, स्वामित्व, पीएम स्वनिधि और उज्ज्वला योजना को अंत्योदय को सार्थक करने वाली योजनाएं बताया गया है। संकल्प में नोटबंदी, जीएसटी, तीन तलाक कानून, तीन नई न्याय संहिताएं और जन-विश्वास अधिनियम का उल्लेख है। योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग का गठन, प्रगति मंच पर परियोजनाओं की समीक्षा, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और पीएम गति शक्ति भी इसमें शामिल हैं।

    संकल्प के अनुसार यूपीआई की पहचान देश और दुनिया में बढ़ी है और विश्व के लगभग 40 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन भारत में हो रहे हैं। सेमीकंडक्टर मिशन, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और इंडिया एआई मिशन को नई तकनीक और अनुसंधान का आधार बताया गया है। दो लाख से अधिक स्टार्ट-अप युवाओं के उद्यमशीलता के सपनों को साकार कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदना और जन औषधि केंद्रों का उल्लेख है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की दिशा को नारी सशक्तिकरण का प्रयास बताया गया है।

    संकल्प में अनुच्छेद 370 के उन्मूलन, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख है। आदित्य से चंद्रयान तक के मिशन, श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और एकात्म धाम के कायाकल्प को भी संकल्प में दर्ज किया गया है। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर उसके गान को अनिवार्य करने का निर्णय भी इसमें शामिल है।

     

  • 2027 में अखिलेश का बड़बोलापन और अहंकार मटियामेट हो जाएगा: ओपी राजभर

    2027 में अखिलेश का बड़बोलापन और अहंकार मटियामेट हो जाएगा: ओपी राजभर

    अयोध्या और जहूराबाद आपको पुकार रहा है', ओपी राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना, बोले-उम्मीद है भगोड़े साबित नहीं होंगे
     
    लखनऊ

    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर राजभर ने सपा सुप्रीमो पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि ललकार कर भागने वाले को ‘भगोड़ा’ बोलते हैं!” उन्होंने कहा कि उम्मीद है अखिलेश भगोड़े साबित नहीं होंगे।

    ‘जिस मुद्दे पर बोलना होता है, उस पर क्यों नहीं बोलते?’
    राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि जिन मुद्दों पर बोलना चाहिए, उन पर आप चुप क्यों रहते हैं? उन्होंने कहा, “क्यों बढ़-चढ़कर और बड़ी-बड़ी करते हैं महाराज? जिस मुद्दे पर बोलना होता है, उस पर क्यों नहीं कुछ बोलते?” राजभर ने सपा प्रमुख से कांग्रेस नेताओं से जुड़े विवाद पर खुलकर अपना पक्ष रखने की चुनौती दी।

    कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, महिला नेता और इमरान मसूद से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए अखिलेश से पूछा कि इमरान मसूद के गिरेबान पर हाथ लगाना सही था या नहीं। उन्होंने कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के हाथ जोड़कर माफी मांगने के मामले पर भी सवाल उठाया। राजभर ने लिखा कि अखिलेश को यह भी बताना चाहिए कि कांग्रेस नेताओं की कथित गाली-गलौज उचित थी या नहीं।

    ‘2027 में बड़बोलापन और अहंकार मटियामेट होगा’
    राजभर ने अपने पोस्ट में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख और उनके सहयोगियों पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “खैर, आ रहा है 2027, इस बार आपका और आपके दोस्तों का बड़बोलापन और अहंकार दोनों मटियामेट हो जाएगा।” उन्होंने कहा, “यूपी का स्वाभिमान जीतेगा, 27 यूपी जीतेगा।”

  • छपरा नगर निगम की बड़ी पहल, 50 टन कचरे का होगा वैज्ञानिक निस्तारण; 2.75 करोड़ की निविदा जारी

    छपरा नगर निगम की बड़ी पहल, 50 टन कचरे का होगा वैज्ञानिक निस्तारण; 2.75 करोड़ की निविदा जारी

    छपरा
    शहर से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और उसके सदुपयोग के लिए नगर निगम ने पहल की है। इसके तहत गड़खा प्रखंड के पोहिया में विंड्रो कंपोस्ट प्लांट स्थापित किया जाएगा।

    इस प्लांट में प्रतिदिन 50 टन कचरे का प्रसंस्करण कर जैविक खाद तैयार करने की व्यवस्था होगी। इसके निर्माण पर 2.75 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।

    नगर निगम ने परियोजना के लिए निविदा आमंत्रित की है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शहर के कचरे के निस्तारण को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    ठेकेदार को करनी होगी एडवांस पेमेंट
    नगर निगम की ओर से जारी निविदा सूचना के अनुसार, प्लांट निर्माण की प्राक्कलित राशि 2 करोड़ 75 लाख 15 हजार 400 रुपये निर्धारित की गई है। निविदा में भाग लेने वाले संवेदकों को 5 लाख 50 हजार 308 रुपये अग्रधन के रूप में जमा करने होंगे।

    परिमाण विपत्र का मूल्य 10 हजार रुपये रखा गया है। इसके अतिरिक्त निर्धारित प्रक्रिया के तहत आनलाइन प्रोसेसिंग शुल्क का भुगतान करना होगा। इसकी जानकारी ई-निविदा पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।

    नगर निगम प्रशासन के अनुसार, चयनित एजेंसी को निर्माण कार्य छह माह के भीतर पूरा करना होगा। निविदा की वैधता अवधि अंतिम तिथि से 120 दिनों की निर्धारित की गई है। इसी अवधि में निविदा से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    28 अक्टूबर को होगी प्री-बिडिंग
    निविदा आमंत्रण की सूचना आठ अक्टूबर 2026 को जारी की गई थी। इच्छुक संवेदकों के लिए प्री-बिड बैठक 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे छपरा नगर निगम कार्यालय में आयोजित होगी। निविदा से संबंधित परिमाण विपत्र 24 अक्टूबर से पांच नवंबर तक प्राप्त किया जा सकेगा।

    संवेदकों को पांच नवंबर को दोपहर तीन बजे तक अपना आवेदन आनलाइन अपलोड करना होगा। तकनीकी बीड छह नवंबर को खोली जाएगी। तकनीकी जांच में सफल संवेदकों की वित्तीय बीड निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खोली जाएगी।

    नगर आयुक्त की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इच्छुक संवेदक बिहार सरकार के ई-निविदा पोर्टल www.eproc2.bihar.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।

    निविदा की विस्तृत शर्तें और अन्य आवश्यक जानकारियां पोर्टल पर उपलब्ध हैं। आवेदन करने से पहले संवेदकों को सभी शर्तों का अध्ययन करना होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद प्राप्त निविदाओं पर विचार नहीं किया जाएगा।

  • ‘मीठा-मीठा गप, कड़वा-कड़वा थू’, चुनाव आयोग पर अखिलेश के सवालों का भाजपा ने दिया करारा जवाब

    ‘मीठा-मीठा गप, कड़वा-कड़वा थू’, चुनाव आयोग पर अखिलेश के सवालों का भाजपा ने दिया करारा जवाब

    'हारने पर ही EVM और चुनाव आयोग पर उठाते हैं सवाल', भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी का अखिलेश पर पलटवार

    'लोहिया के आदर्शों से कोई तालमेल नहीं', राजेश चौधरी ने अखिलेश की राजनीति पर उठाए सवाल

    'PDA के नाम पर समाज को बांट रही सपा', भाजपा विधायक राजेश चौधरी का आरोप

    लखनऊ
    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी और भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान का ढोंग करने वाले अखिलेश यादव की असलियत पूरे प्रदेश को पता है। उनका पीडीए महज एक छलावा है और 2027 में यूपी की जनता उन्हें फिर से सबक सिखाएगी।

    महिला पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि महिला पत्रकारों का सम्मान होना चाहिए। हर महिला का सम्मान होना चाहिए। हमारी पार्टी (भाजपा) ने महिलाओं का हमेशा सम्मान किया है। मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपना दौर भूल गई है जब महिलाओं के साथ खुलेआम दरिंदगी होती थी। हर दिन प्रदेश में दंगा होता था। यूपी की जनता तीसरी बार अखिलेश यादव को सबक सिखाएगी।

    'महिला सुरक्षा पर बोलने का सपा को नैतिक अधिकार नहीं'
    भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को महिला सुरक्षा पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ दुर्व्यवहार करने वालों को संरक्षण दिया जाता रहा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज अखिलेश पत्रकारों के सम्मान की बात कर रहे हैं, जबकि अपनी हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में वो पत्रकारों को अपमानित करते हैं।

    चुनाव आयोग पर अखिलेश के सवालों पर पलटवार
    चुनाव आयोग और EVM को लेकर अखिलेश यादव के सवालों पर राकेश त्रिपाठी ने सपा पर सुविधानुसार राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब सपा को चुनाव में अच्छे परिणाम मिलते हैं, तब उसे चुनाव आयोग से शिकायत नहीं होती, लेकिन नतीजे प्रतिकूल होने पर आयोग और EVM पर सवाल उठाए जाते हैं। त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता का दिल जीतना जरूरी है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग पर आरोप लगाना और EVM को दोष देना लोकतंत्र को मजबूत करने के बजाय कमजोर करने का प्रयास है।

    केवल लोहिया का नाम लेने के बजाय उनके आदर्शों पर चलें
    राकेश त्रिपाठी ने कहा कि लोहिया रामायण मेलों की बात करते थे, जबकि सपा नेताओं पर रामचरितमानस को फाड़ने और जलाने के आरोप लगे। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि लोहिया परिवारवाद की राजनीति के विरोधी थे, जबकि समाजवादी पार्टी आज परिवारवाद को समर्पित हो गई है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को केवल लोहिया का नाम लेने के बजाय उनके बताए आदर्शों पर चलकर दिखाना चाहिए।

    अखिलेश और लोहिया के आदर्शों में कोई तालमेल नहीं
    भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव और डॉ. राममनोहर लोहिया के आदर्शों में कोई तालमेल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव लोहिया के नाम का दुरुपयोग करते हैं। चौधरी ने कहा कि लोहिया सद्भावना और सामूहिकता की बात करते थे, जबकि अखिलेश यादव की राजनीति समाज को जातियों में विभाजित करने वाली है। उन्होंने PDA के नारे को विभाजन का नारा बताते हुए आरोप लगाया कि सपा प्रमुख एक धर्म और एक जाति विशेष को ध्यान में रखकर राजनीति करते हैं और अपने राजनीतिक हितों के लिए दूसरे समाजों में भी विघटन और विद्रोह पैदा करना चाहते हैं।

  • एमपी में बदलेगा मौसम, 20 अक्टूबर से रातें होंगी और ठंडी

    एमपी में बदलेगा मौसम, 20 अक्टूबर से रातें होंगी और ठंडी

    भोपाल
    मध्य प्रदेश में मौसम के मिजाज में बदलाव का दौर जारी है। रविवार को ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग में बूंदाबांदी हुई और कई जगह बादल छाए रहे। IMD भोपाल के मुताबिक जल्द ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर खत्म हो जाएगा। इसके बाद रात में ठंड बढ़ेगी, जबकि पूरे अक्टूबर दिन में गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर से रात में ठंड बढ़ने का अनुमान जताया है। इससे पहले बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज और सतना में मौसम बदला रहा।

    नए सिस्टम तक खुला रहेगा मौसम
    मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है और चक्रवात भी एक्टिव है। यदि इनका आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश पर असर रहा तो बारिश हो सकती है। फिलहाल अगले 3 दिन तक बारिश का अनुमान नहीं है। नए सिस्टम के आने तक मौसम खुला रहने की संभावना है।

    एक साथ लौटा मानसून, 100 दिन रहा एक्टिव
    प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर फिर शुरू हो गया। शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड रहा है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिलने लगी। वहीं रात में ठंडक है और कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा।

    इस साल सामान्य से कम हुई बारिश
    दक्षिण-पश्चिम मानसून यानी जून से सितंबर के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश हुई, जो सामान्य 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में 1.5 इंच कम है। ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 4 प्रतिशत ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा 4 प्रतिशत ज्यादा है।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 से 51 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

    इन 25 जिलों में कोटा फुल
    भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है।