Author: NewseDay

  • जनगणना 2027 की तैयारी तेज, लिव-इन जोड़ों और चार शादियों के विकल्प को लेकर चर्चा तेज़

    जनगणना 2027 की तैयारी तेज, लिव-इन जोड़ों और चार शादियों के विकल्प को लेकर चर्चा तेज़

    गोरखपुर
    दूसरे चरण की जनगणना में 16 नवंबर से स्वगणना और एक दिसंबर से जनगणना शुरू होगी। जनगणना के लिए गोरखपुर के एमएमएमयूटी में प्रशिक्षण शुरू हो गया है। पहले चरण में प्रशिक्षित फिल्ड ट्रेनर अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में मिल रही जानकारियों क अनुसार इस बार जनगणना में हर व्यक्ति से 40 सवाल पूछे जाएंगे।

    जनगणना में इस बार पुरुषों एवं महिलाओं की चार शादी दर्शाने का विकल्प है, जबकि लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े शादी से पहले ही दंपति माने जाएंगे। भारत सरकार के राजपत्र के अनुसार किसी भी जाति धर्म के लोग चार शादी को जनगणना में दर्शा सकते हैं।

    बेघर लोगों की होगी गणना
    पहले चरण में मकान गणना की गई, जिसके आधार पर जनगणना होगी। इस बार बेघर लोगों की भी गणना की जाएगी। लोगों की नागरिकता के बजाए घोषित राष्ट्रीयता को जनगणना में दर्ज किया जाएगा। जाति भी पूछी जाएगी।

    जनगणना की ट्रेनिंग शुरू
    जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि दूसरे चरण की जनगणना के लिए ट्रेनिंग शुरू हो गया है। प्रशिक्षण लेने वाले लोगों से कहा गया कि सभी सवालों के बारे में अच्छी तरह समझ लें। जनगणना के आंकड़े पूरी तरह सही होने चाहिए। इसी के अनुसार भविष्य की योजनाएं बनतीं हैं। जो लोग स्वगणना कर सकते हैं, उन्हें स्वगणना करने से सुविधा होगी।

    ये सवाल भी पूछे जाएंगे
    नाम से लेकर मोबाइल तकः नाम, परिवार से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु और वैवाहिक स्थिति।

    सामाजिक जानकारीः धर्म, जाति, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगता, मातृभाषा और शिक्षा।

    रोजगार और व्यवसायः काम की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग, कामगार की श्रेणी और आर्थिक गतिविधि।

    प्रवास और परिवारः जन्म स्थान, अंतिम निवास, प्रवास का कारण, अवधि, स्थायी पत्ता।

    अन्य जानकारी: कोविड टीकाकरण, बैंक खाता, मोबाइल, आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस।

    इन लोगों की नहीं लगेगी ट्यूटी
    उधर, यूपी सरकार ने तीन महीने में रिटायर्ड होने वाले कार्मिकों को जनगणना ड्यूटी से राहत दे दी है। ऐसे कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी नहीं लगाए जाने को लेकर कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग के संयुक्त सचिव कृपा शंकर यादव की ओर से सभी विभागों को निर्देश भेज दिया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि जनगणना-2027 के दूसरे चरण के अंतर्गत निकटतम तीन माह के अंदर सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को दूसरे चरण के जनगणना कार्यों से मुक्त रखा जाएगा। दूसरे चरण के जनगणना का काम अप्रशिक्षित कार्मिकों से नहीं कराया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसी भी कार्मिक को विशेष परिस्थितियों को छोड़कर जनगणना के काम से छूट नहीं दी जाएगी। छावनी परिषद के अतिरिक्त किसी भी अन्य इकाई को स्पेशल नहीं बताया जाएगा।

  • श्रमिक परिवार की बेटी निकिता को मिली नई उम्मीद, सरकारी योजना से शिक्षा और भविष्य को मिला संबल

    श्रमिक परिवार की बेटी निकिता को मिली नई उम्मीद, सरकारी योजना से शिक्षा और भविष्य को मिला संबल

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    श्रमिक परिवार की बेटी निकिता के सपनों को मिला संबल, नोनी सशक्तिकरण योजना से पढ़ाई की राह हुई आसान

    20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता से पूरी हो रहीं शैक्षणिक जरूरतें, उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहे कदम

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार, बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही योजना

    रायपुर, 
    आर्थिक संसाधनों की कमी किसी बेटी की शिक्षा और आगे बढ़ने के सपनों में बाधा न बने, इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि बेटियों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने और उन्हें आत्मनिर्भर भविष्य की ओर आगे बढ़ने में मददगार साबित हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम धुरकोट निवासी निकिता कहरा भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जिससे उनकी आगे की पढ़ाई को सहारा मिला है।

    शिक्षा के सपनों को मिला आर्थिक सहयोग

    निकिता कहरा के लिए योजना के तहत मिली 20 हजार रुपये की सहायता राशि पढ़ाई जारी रखने और शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच शिक्षा से जुड़े खर्चों की व्यवस्था करना श्रमिक परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में शासन से प्राप्त यह सहायता निकिता को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने में सहयोग प्रदान कर रही है।

    इस आर्थिक सहायता से निकिता को पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। साथ ही उन्हें अपनी शिक्षा जारी रखने और भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन भी मिला है।

    श्रमिक परिवारों की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

    मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों की पात्र बेटियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक संबल देकर उनकी शिक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है।

    निकिता कहरा ने योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सहायता राशि शिक्षा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बनी है।

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निकिता कहरा की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाला आर्थिक सहयोग श्रमिक परिवारों की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना जैसी पहलें बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें शिक्षित, सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

  • उत्तर प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों के लिए बड़ा अपडेट, मानदेय बढ़ाने और आयुष्मान कार्ड देने की तैयारी

    उत्तर प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों के लिए बड़ा अपडेट, मानदेय बढ़ाने और आयुष्मान कार्ड देने की तैयारी

    बरेली
     गांवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले ग्राम प्रहरियों का मानदेय अब 2500 से बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह में मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि के साथ पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा की

    उन्होंने ग्राम प्रहरियों को गांव की सुरक्षा व्यवस्था की आंख और कान बताते हुए कहा कि उनकी सतर्कता से अपराध, अफवाह और अवैध गतिविधियों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सकता है।

    इससे पहले मुख्यमंत्री ने बरेली जोन के 11 ग्राम प्रहरियों को मंच से पगड़ी पहनाकर और गिफ्ट हैंपर देकर सम्मानित किया। फिर प्रदेश के 68000 ग्राम प्रहरियों के मानदेय बढ़ोतरी और कैशलेस इलाज की सुविधा की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांव में सीसीटीवी कैमरे की तरह हैं। गांव में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है।

    ग्राम प्रहरी पुलिस के लगातार संपर्क में रहें तो अपराधियों के मंसूबों पर समय रहते पानी फेरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव का अंतिम व्यक्ति भी सजग हो तो सुरक्षा व्यवस्था की नींव मजबूत होती है।

    उन्होंने ग्राम प्रहरियों को बरसात के मौसम में फैलने वाली अफवाहों के प्रति विशेष सतर्क रहने को कहा। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में सही सूचना समय पर मिलना जरूरी है। किसी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

    मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से गांवों में जमीनों पर अवैध कब्जे और भूमाफिया की गतिविधियों पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां पहले सड़कें नहीं थीं, वहां अब विकास कार्य हो रहे हैं।

    विकास के साथ जमीनों की गतिविधियां भी बढ़ती हैं। ऐसे में किसी भी अवैध कब्जे या संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस-प्रशासन को तत्काल दी जानी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को सम्मान मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उनके परिश्रम का परिणाम है। इस सम्मान को बनाए रखने के लिए उन्हें जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ काम करना होगा। संबोधन के अंत में उन्होंने भारत माता की जय और हर-हर महादेव का उद्घोष किया। इसके बाद ग्राम प्रहरियों के साथ सेल्फी भी ली।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव सजग होगा तो आत्मनिर्भर बनेगा। ग्राम प्रहरियों को अपने कार्यों के जरिये नींव के पत्थर की तरह योगदान देना होगा। गांव से लेकर जनपद और प्रदेश तक सुरक्षा व विकास की मजबूत कड़ी तैयार करने में उनकी भूमिका अहम है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। माफिया के खिलाफ कार्रवाई के साथ विरासत और विकास के संगम को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    2019 के बाद अब फिर बढ़ा मानदेय
    मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। वर्ष 2019 में इसमें एक हजार रुपये की वृद्धि कर मानदेय 2500 रुपये किया गया था।

    अब एक बार फिर एक हजार रुपये बढ़ाकर इसे 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी निभाने वाले ग्राम प्रहरियों को अपनी भूमिका के प्रति सजग रहना होगा।

    2017 से पहले त्योहारों पर रहता था उपद्रव का अंदेशा
    मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था में बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले त्योहार आते ही उपद्रव की आशंका पैदा हो जाती थी। अब प्रदेश में धार्मिक आयोजन और मेले उत्साह के साथ हो रहे हैं।

    शारदीय नवरात्र में जगह-जगह मां जगतजननी की प्रतिमाएं स्थापित कर अनुष्ठान किए जा रहे हैं। शाकुंभरी पीठ समेत विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा माहौल तैयार किया है, जिसमें लोग भयमुक्त होकर अपने धार्मिक और सामाजिक आयोजन कर पा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित उत्तर प्रदेश की छवि से देश और दुनिया में प्रदेश के प्रति धारणा बदली है।

    पहले कुछ लोगों की गलतियों के कारण प्रदेश के लोगों को भी पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था। अब लोग उत्तर प्रदेश के लोगों से परहेज नहीं करते, बल्कि सहजता से मिलते हैं।

    सुरक्षा से निवेश और रोजगार का रास्ता खुलता है
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का सीधा संबंध विकास से है। जब माहौल सुरक्षित होता है तो सड़कें बनती हैं, निवेश आता है और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। लोगों का विश्वास मजबूत होता है तो उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।

    प्रदेश में आयोजित हो रहे मेले और उत्सव इसी विश्वास का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि गांवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और एआइ आधारित तकनीक से भी आरोपितों की पहचान करने में मदद मिल रही है।

    ग्राम प्रहरियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे पुलिस से संपर्क बनाए रख सकें और सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान हो सके।

  • योगी सरकार के मिशन रोजगार को मिलेगी गति, ‘उद्यमी बडी’ युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ेगा

    योगी सरकार के मिशन रोजगार को मिलेगी गति, ‘उद्यमी बडी’ युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ेगा

    नवरात्र पर यूपीकॉन की नई पहल, उद्यमिता की राह दिखाएगी ‘उद्यमी बडी’

    यूथ अड्डा का मैस्कॉट ‘उद्यमी बडी’ लॉन्च, ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ से युवाओं और बेटियों को मिला उद्यमिता का संदेश

    योगी सरकार के मिशन रोजगार को गति देने की पहल, युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ रहा यूपीकॉन

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने के प्रयासों को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसी क्रम में नवरात्र के अवसर पर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (यूपीकॉन) ने युवाओं और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न यूथ अड्डा केंद्रों पर ‘उद्यमी बडी’ मैस्कॉट का शुभारंभ किया। इस पहल के जरिए युवाओं, विशेषकर बेटियों को अपने सपनों को पहचानने, कौशल विकसित करने और अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रेरित किया गया।

    लखनऊ, मुरादाबाद, आजमगढ़, मिर्जापुर, गोरखपुर, प्रयागराज, गोंडा और वाराणसी समेत विभिन्न जिलों के यूथ अड्डा केंद्रों पर आयोजित कार्यक्रमों में सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक युवतियों के साथ पहले से उद्यम कर रहीं महिला उद्यमी भी शामिल रहीं।

    ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ से मिला आत्मनिर्भरता का संदेश

    कार्यक्रम के दौरान ‘मेरा सपना, मेरी शक्ति’ गतिविधि आयोजित की गई। प्रतिभागियों से अपने सपने लिखने और भविष्य में सीखना चाहने वाले कौशल की जानकारी देने को कहा गया। इसका उद्देश्य युवतियों और युवाओं को अपनी रुचि एवं क्षमता पहचानने तथा अपने विचारों को उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित करना था। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।

    नई पीढ़ी के सपनों का प्रतीक है ‘उद्यमी बडी’

    ‘उद्यमी बडी’ एक युवा लड़की के रूप में तैयार किया गया मैस्कॉट है। यह नई पीढ़ी की उस सोच का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के आधार पर नए अवसर तलाशने के साथ अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। नवरात्र के दौरान महिला शक्ति और आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ इस पहल को जोड़कर युवतियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया गया।

    सरकारी योजनाओं से जोड़े जा रहे युवा

    कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (एनवाईएसवाई) और एमएसएमई विभाग की अन्य ऋण एवं सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई। युवाओं को बताया गया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन का लाभ लेकर वे अपने व्यावसायिक विचारों को धरातल पर उतार सकते हैं। यूथ अड्डा के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता संबंधी जानकारी, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे योगी सरकार के युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाने के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है।

    रोजगार तलाशने के साथ रोजगार देने की सोच

    इस अवसर पर यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह ने कहा कि यूपीकॉन की पहल का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर महिलाओं को उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना और उन्हें रोजगार तलाशने के साथ-साथ स्वयं रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करना है। यूथ अड्डा के माध्यम से युवाओं को उद्यमिता संबंधी जानकारी, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘उद्यमी बडी’ केवल एक मैस्कॉट नहीं, बल्कि युवाओं को सपने देखने, कौशल सीखने और अपने पैरों पर खड़े होने की प्रेरणा देने वाला संदेश है।

  • मोहाली में मतदाताओं की संख्या घटी, डेराबस्सी में सबसे ज्यादा 2.79 लाख वोटर

    मोहाली में मतदाताओं की संख्या घटी, डेराबस्सी में सबसे ज्यादा 2.79 लाख वोटर

    मोहाली
     विधानसभा क्षेत्र मोहाली जो कि पंजाब की सबसे अहम सीट मानी जाती है की मतदाता सूची में आए बदलाव ने चुनावी गणित को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची में मोहाली हलके में 2,02,010 मतदाता दर्ज किए गए हैं। यह संख्या 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज 2,33,573 मतदाताओं से 31,563 कम है। वहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में हलके में 2,39,357 मतदाता थे। उस आंकड़े के मुकाबले मौजूदा सूची में 37,347 मतदाताओं का अंतर सामने आया है। जिले के खरड़ और डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्रों के मुकाबले मोहाली हलके में पुराने चुनावी आंकड़ों और मौजूदा मतदाता सूची के बीच सबसे बड़ा अंतर दिखाई देता है।

    मोहाली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद वोटरों की संख्या 7.8% घट गई है। सोमवार को जारी अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक जिले में अब 7,47,569 वोटर हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान यह संख्या 8,10,719 थी। इस हिसाब से 63,150 वोटरों की कमी आई है।

    हालांकि यह हटाए गए वोटरों की वास्तविक संख्या नहीं है, क्योंकि अंतिम सूची में नए वोट भी जुड़े हैं। प्रशासन बाद में हटाए गए वोटरों का अंतिम आंकड़ा जारी करेगा। डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी कोमल मित्तल ने रोल ऑब्जर्वर मोहम्मद तैय्यब की मौजूदगी में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अंतिम मतदाता सूची जारी होने की जानकारी दी। प्रतिनिधियों को मतदाता सूची की प्रतियां भी सौंपी गईं।

    डेराबस्सी में सबसे ज्यादा वोटर अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक, डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 2,79,857 वोटर हैं। खरड़ में 2,65,702 और मोहाली में 2,02,010 वोटर दर्ज किए गए हैं। 13 अगस्त को जारी मसौदा मतदाता सूची में जिले के 7,00,719 वोटर थे। इनमें 3,62,751 पुरुष, 3,37,954 महिलाएं और थर्ड जेंडर के 14 वोटर शामिल थे। उस समय खरड़ में 2,46,922, मोहाली में 1,92,715 और डेराबस्सी में 2,61,082 वोटर थे। मसौदा सूची के मुकाबले अंतिम सूची में 46,850 वोटर बढ़े हैं।

    84,795 वोटरों की नहीं हुई थी मैपिंग SIR के दौरान जिले में 84,795 ऐसे वोटर मिले, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई थी। इसके अलावा, 1,09,419 मामलों में तार्किक विसंगतियां मिली थीं। संबंधित वोटरों को नोटिस देकर जरूरी दस्तावेज जमा कराने और अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 13 अगस्त से 12 सितंबर तक थी।

    25 जून से शुरू हुई थी प्रक्रिया नोटिस जारी करने और उनके निपटारे की प्रक्रिया 8 अक्टूबर तक चली। मोहाली जिले में SIR की प्रक्रिया 25 जून से शुरू हुई थी। 838 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को 8,54,423 वोटरों तक पहुंचकर गणना फॉर्म भरवाने और जानकारी का सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई थी। बीएलओ ने 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर जाकर जानकारी जुटाई। इस दौरान अनुपस्थित, दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके, मृत और दोहरी एंट्री वाले वोटरों की जांच की गई।

    नाम नहीं तो फॉर्म-6 भरकर बनवा सकते हैं वोट अंतिम मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर पात्र व्यक्ति फॉर्म-6 भरकर नया वोट बनवा सकता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने के अलावा संबंधित बीएलओ या निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी के कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है। एसआईआर के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 रखी गई थी।

     राजनीतिक दृष्टि से यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मतदाता सूची बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों की तैयारी, मतदाताओं तक पहुंच और चुनावी प्रबंधन का आधार होती है। हालांकि, मतदाताओं की संख्या में कमी के आधार पर किसी राजनीतिक दल के समर्थन या चुनावी नतीजों पर असर का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। यहां एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मौजूदा सूची में कितने नाम हटाए गए, कितने नए मतदाता जुड़े और कितने नामों में संशोधन हुआ। 

    जिला प्रशासन की ओर से जारी अंतिम सूची के कुल आंकड़े इन सवालों का पूरा जवाब नहीं देते। एसआईआर के दौरान वास्तव में हटाए गए नामों की संख्या जानने के लिए पुनरीक्षण से पहले की सूची और अंतिम सूची का आधिकारिक तुलनात्मक ब्योरा जरूरी है।

  • जब रावण की कैद में फंस गए थे शनिदेव, हनुमान जी ने लंका में कैसे बचाया? जानिए कथा

    जब रावण की कैद में फंस गए थे शनिदेव, हनुमान जी ने लंका में कैसे बचाया? जानिए कथा

    बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा आने वाला है. मान्यता है कि भगवान राम ने रावण का नाश करके देवी सीता को उसकी कैद से आजाद कराया था. इसी उपलक्ष्य में हर साल दशहरे के दिन रावण का पुतला दहन किया जाता है. इस साल दशहरा 20 अक्टूबर दिन मंगलवार को मनाया जाएगा. रावण बेहद शक्तिशाली और मायावी असुर था. उसने अपनी शक्तियों और महाविद्याओं का गलत इस्तेमाल कर बड़े योद्धाओं और देवताओं को भी परेशानी में डाल दिया था. खुद न्याय देव शनि भी रावण के मायाजाल का शिकार हो चुके थे.

    रामायण से जुड़ी प्रस्तुतियों में क्या आपने कभी रावण के सिंहासन के नीचे एक नीले रंग की मानुष आकृति को देखा है. यह कोई और नहीं बल्कि स्वयं शनि देव हैं. रावण ने अपने अहंकार में इतना चूर हो गया था कि उसने शनि को बंदी बनाकर उन्हें अपने सिंहासन के पास पैरों के नीचे दबाकर रख लिया था. इससे जुड़े एक कथा बहुत प्रचलित है.

    कैसे रावण के चंगुल में फंसे शनि?
    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रावण तंत्र-मंत्र और ज्योतिष विद्या का जानकार था. रावण ने ब्रह्मा और शिवजी जैसे त्रिलोकी देवताओं को प्रसन्न करके मायावी शक्तियों को हासिल कर लिया था. उसे अपनी शक्तियों पर बहुत अभिमान था. एक बार रावण ने अपने पुत्र की कुंडली देखी तो उसे पता चला की उसके पुत्र की अल्प आयु लिखी है. इससे रावण बेचैन हो उठा. उसने तुरंत अपने पुत्र की कुंडली में ग्रहों की चाल को बदलना शुरू कर दिया. ताकि पुत्र के रास्ते में आने वाली हर बाधा को दूर किया जा सके. उसने सभी ग्रहों को अपने वश में कर लिया था. लेकिन शनि देव एक ऐसे ग्रह थे जो रावण के हिसाब से अपनी चाल नहीं चल रहे थे.

    इससे क्रोधित होकर रावण ने शनि देव को बंदी बना लिया और उन्हें अपने सिंहासन के पास पैरों के नीचे दबाकर रखने लगा. इस तरह वह शनिदेव की गतिविधियों पर नजर रखना और उन्हें अपने नियंत्रण में रखना चाहता था. कहते हैं कि जब तक शनि रावण के चुंगल में फंसे रहे, उसके पुत्र पर कभी कोई खतरा नहीं मंडराया.

    रावण की कैद से शनि को किसने बचाया?
    पौराणिक कथा के अनुसार, जब हनुमान जी भगवान राम का संदेश लेकर लंका पहुंचे. तब उन्होंने माता सीता की खोज की. फिर लंका में आग लगाने के शनि को मुक्त कराया. मान्यता है कि जिस कारागार में रावण ने शनि बंद कर रखा था, वहां उसके द्वार पर ही एक शिवलिंग भी स्थापित कर रहा था. ताकि कोई उसे लांघकर बाहर न आ सके. शिवलिंग के प्रति सम्मान के कारण शनि उसके ऊपर पैर रखकर बाहर नहीं आ सकते थे. लेकिन हनुमान जी स्वंय भगवान शिव के 11वें अवतार थे. इसलिए शनि को मुक्त कराने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई.

  • गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की रफ्तार पर ब्रेक! केंद्र की मंजूरी का इंतजार, भूमि अधिग्रहण में देरी की आशंका

    गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की रफ्तार पर ब्रेक! केंद्र की मंजूरी का इंतजार, भूमि अधिग्रहण में देरी की आशंका

    पटना
     बिहार के आठ जिलों से होकर गुजरने वाली गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के निर्माण पर संकट मंडराने लगा है। अगर केन्द्रीय कैबिनेट की जल्द स्वीकृति नहीं मिलती है तो भूमि अधिग्रहण कार्य प्रभावित हो सकता है। इसको लेकर पथ निर्माण विभाग ने केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से आग्रह किया है कि जन-निजी भागीदीर के तहत इसके निर्माण की जल्द मंजूरी दें। साथ ही विभाग ने इस परियोजना को चार से बढ़ाकर छह लेन के रूप में विसकित करने का अनुरोध किया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस परियोजना को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति की मंजूरी के लिए भेजा है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद ही इस सड़क के निर्माण की दिशा में कदम आगे बढ़ेंगे। उधर, किशनगंज को छोड़कर अन्य जिलों के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।

    इसमें बताया गया है कि कौन-कौन सी जमीन किस जिले में चिह्नित की गई है। विभाग ने कहा है कि इस साल के अंत तक अगर भूमि अधिग्रहण का अगला चरण शुरू नहीं हुआ तो नये सिरे से इसकी अधिसूचना जारी करनी पड़ेगी। इसकी वजह यह है कि भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना के सालभर के भीतर जमीन किसानों से लेने की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके पूर्व किसानों को उनकी जमीन परियोजना के दायरे में आने तथा अधिग्रहण के संबंध में सूचना दी जाती है। यदि दूसरे चरण के अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं हुई तो इस एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण के कार्य में विलंब होने की आशंका है। विभाग ने कहा है कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को चार लेन की जगह छह लेन बनाने का आग्रह पूर्व में भी किया गया था, जिस पर अभी तक सहमति नहीं मिली है।

    बिहार के इन जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
    गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 568 किलोमीटर है। बिहार में इसकी लंबाई करीब 417 किलोमीटर है। यह राज्य के आठ जिलों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से गुजरेगा। इस एक्सप्रेस-वे की शुरुआत गोरखपुर से होगी और देवरिया होते हुए बिहार में प्रवेश करेगी। इस एक्सप्रेस-वे से चार राज्यों में आवागमन बेहतर हो सकेगा। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम शामिल हैं।। सीतामढ़ी माता सीता की जन्मभूमि है और वहां अयोध्या की तर्ज पर मां जानकी मंदिर का निर्माण हो रहा है। इस तरह से उत्तर बिहार में धार्मिक पर्यटन को भी इस एक्सप्रेस-वे से बढ़ावा मिलेगा। बिहार से सिलीगुड़ी और फिर इसके बाद असम तक एक्सप्रेस-वे से जाना आसान हो जाएगा। इस तरह इससे कामाख्या मंदिर तक की सुगम संपर्कता मिले।

  • दिल्ली में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका, 30 अक्टूबर तक भरें फॉर्म-6

    दिल्ली में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका, 30 अक्टूबर तक भरें फॉर्म-6

    नई दिल्ली
     दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) के तहत लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी और अनमैच्ड कैटिगरी में शामिल करीब 33 लाख एंट्री में से लगभग 20 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है। सीईओ दिल्ली ऑफिस के अनुसार हर एलिजिबल वोटर को लिस्ट में शामिल करने के लिए काम लगातार किया जा रहा है।

    31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 97 लाख लोगों के नाम शामिल हुए थे। इनमें 33 लाख को फोटो मिसमैच, नाम मिसमैच, स्पेलिंग मिस्टेक और अन्य वजहों से नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के निस्तारण के आदेश बीएलओ को घर-घर जाकर करने के निर्देश सीईओ ऑफिस ने दिए हैं। इसके अलावा हर रविवार को स्पेशल कैंप लगाकर लोगों की समस्याएं अलग से सुनी जा रही हैं। मटियामहल विधानसभा में आने वाले तुर्कमान गेट बुलबुल खाना पोलिंग स्टेशन की एक बीएलओ ने बताया कि उनके बूथ में 1134 वोटर थे। इनमें 212 को नोटिस जारी हुए थे।

    18 और 25 को सभी पोलिंग स्टेशनों पर लगेंगे स्पेशल कैंप
    इन सभी के नोटिस को हम लोग क्लियर कर चुके हैं। एक अन्य बीएलओ ने कहा, उनके पोलिंग स्टेशन में 334 वोटर्स को नोटिस जारी हुए थे। इनमें अब सिर्फ 50 नोटिस के समाधान रह गए हैं। हम लोग कोशिश कर रहे हैं कि सभी के नाम जुड़ जाएं। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा, कोशिश की जा रही है कि अक्टूबर में ही नोटिस का निस्तारण कर लिया जाए। दो हफ्ते में लगभग सभी नोटिस का समाधान हो जाएगा। अब 18 और 25 अक्टूबर को भी स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे।

    फॉर्म-6 भरकर करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
    दिल्ली के सीईओ ने भरोसा दिया है कि सभी एलिजिबल वोटर अगर जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ फॉर्म-6 जमा करते हैं, तो उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन 30 अक्टूबर तक संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), BLO या निर्धारित पोलिंग स्टेशन पर जमा किए जा सकते हैं।

     

  • बैडमिंटन: डेनमार्क ओपन में भारतीय खिलाड़ियों का दमखम, सिंधू-लक्ष्य के सामने कठिन चुनौती

    बैडमिंटन: डेनमार्क ओपन में भारतीय खिलाड़ियों का दमखम, सिंधू-लक्ष्य के सामने कठिन चुनौती

    डेनमार्क
    दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और पुरुष वर्ग में भारत के शीर्ष खिलाड़ी लक्ष्य सेन को मंगलवार से शुरू हो रहे डेनमार्क ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के पहले दौर में ही कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। सिंधू का सामना पहले दौर में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा चैंपियन एन से यंग से होगा।

    लक्ष्य को भी पुरुष वर्ग के पहले दौर में तीसरी वरीयता प्राप्त चोउ टिएन चेन की चुनौती से पार पाना होगा। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू का पिछले कुछ समय में प्रदर्शन उतार चढ़ाव वाला रहा है। इस 31 वर्षीय खिलाड़ी को इस बात की चिंता होगी कि उन्हें एन से यंग खिलाफ अपने पिछले सभी 10 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है।

    लक्ष्य के अलावा ये खिलाड़ी भी होंगे हिस्सा
    लक्ष्य का भी पिछले दो वर्षों में प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। वह हाल में पीठ की चोट से भी परेशान रहे हैं। उन्हें अगर चोउ के विरुद्ध जीत हासिल करनी है तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

    पुरुष वर्ग में भाग लेने वाले एक अन्य भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। पहले दौर में उनका सामना इंडोनेशिया के अलवी फरहान से होगा, जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्हें हराया था।

    किदांबी श्रीकांत फ्रांस के अर्नाउड मर्कल के विरुद्ध अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। भारत की तरफ से महिला सिंगल्स में तन्वी शर्मा, अश्मिताा चालिहा, देविका सिहाग और उन्नति हुड्डा भी चुनौती पेश करेंगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तेजकुंवरबाई काश्यप को किया नमन, पुष्पांजलि अर्पित कर जताया दुख

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तेजकुंवरबाई काश्यप को किया नमन, पुष्पांजलि अर्पित कर जताया दुख

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. तेजकुंवरबाई काश्यप को पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं

    रतलाम

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य काश्यप की माताजी, एवं समाजसेवी स्व. श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम स्थित विसाजी मेंशन, स्टेशन रोड पहुंचकर स्व. श्रीमती काश्यप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि उन्हें माताजी का स्नेह सदैव मिलता रहा। उन्होंने कुक्षी जैसे छोटे स्थान से अपनी जीवन यात्रा प्रारंभ की। पति के निधन के बाद उन्होंने अपनी छोटी-छोटी संतानों को संभाला और उन्हें संस्कारों के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने दूरदृष्टि के साथ अपने पुत्रों को कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी और परिवार को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतान ही अमरता की निशानी है। स्व. श्रीमती काश्यप ने अपने उत्तराधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपकर उनकी कार्ययात्रा को आगे बढ़ते हुए देखा। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास, स्वावलंबन और संस्कार निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेजकुंवरबाई के नाम में ही तेज समाहित था और उनका तेज सदैव सबके कल्याण के लिए रहा। उन्होंने उनके जीवन की यात्रा को निकट से देखा है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत पुण्यात्मा को शत-शत नमन करते हुए परमात्मा के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की।