Author: NewseDay

  • जब रावण की कैद में फंस गए थे शनिदेव, हनुमान जी ने लंका में कैसे बचाया? जानिए कथा

    जब रावण की कैद में फंस गए थे शनिदेव, हनुमान जी ने लंका में कैसे बचाया? जानिए कथा

    बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा आने वाला है. मान्यता है कि भगवान राम ने रावण का नाश करके देवी सीता को उसकी कैद से आजाद कराया था. इसी उपलक्ष्य में हर साल दशहरे के दिन रावण का पुतला दहन किया जाता है. इस साल दशहरा 20 अक्टूबर दिन मंगलवार को मनाया जाएगा. रावण बेहद शक्तिशाली और मायावी असुर था. उसने अपनी शक्तियों और महाविद्याओं का गलत इस्तेमाल कर बड़े योद्धाओं और देवताओं को भी परेशानी में डाल दिया था. खुद न्याय देव शनि भी रावण के मायाजाल का शिकार हो चुके थे.

    रामायण से जुड़ी प्रस्तुतियों में क्या आपने कभी रावण के सिंहासन के नीचे एक नीले रंग की मानुष आकृति को देखा है. यह कोई और नहीं बल्कि स्वयं शनि देव हैं. रावण ने अपने अहंकार में इतना चूर हो गया था कि उसने शनि को बंदी बनाकर उन्हें अपने सिंहासन के पास पैरों के नीचे दबाकर रख लिया था. इससे जुड़े एक कथा बहुत प्रचलित है.

    कैसे रावण के चंगुल में फंसे शनि?
    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रावण तंत्र-मंत्र और ज्योतिष विद्या का जानकार था. रावण ने ब्रह्मा और शिवजी जैसे त्रिलोकी देवताओं को प्रसन्न करके मायावी शक्तियों को हासिल कर लिया था. उसे अपनी शक्तियों पर बहुत अभिमान था. एक बार रावण ने अपने पुत्र की कुंडली देखी तो उसे पता चला की उसके पुत्र की अल्प आयु लिखी है. इससे रावण बेचैन हो उठा. उसने तुरंत अपने पुत्र की कुंडली में ग्रहों की चाल को बदलना शुरू कर दिया. ताकि पुत्र के रास्ते में आने वाली हर बाधा को दूर किया जा सके. उसने सभी ग्रहों को अपने वश में कर लिया था. लेकिन शनि देव एक ऐसे ग्रह थे जो रावण के हिसाब से अपनी चाल नहीं चल रहे थे.

    इससे क्रोधित होकर रावण ने शनि देव को बंदी बना लिया और उन्हें अपने सिंहासन के पास पैरों के नीचे दबाकर रखने लगा. इस तरह वह शनिदेव की गतिविधियों पर नजर रखना और उन्हें अपने नियंत्रण में रखना चाहता था. कहते हैं कि जब तक शनि रावण के चुंगल में फंसे रहे, उसके पुत्र पर कभी कोई खतरा नहीं मंडराया.

    रावण की कैद से शनि को किसने बचाया?
    पौराणिक कथा के अनुसार, जब हनुमान जी भगवान राम का संदेश लेकर लंका पहुंचे. तब उन्होंने माता सीता की खोज की. फिर लंका में आग लगाने के शनि को मुक्त कराया. मान्यता है कि जिस कारागार में रावण ने शनि बंद कर रखा था, वहां उसके द्वार पर ही एक शिवलिंग भी स्थापित कर रहा था. ताकि कोई उसे लांघकर बाहर न आ सके. शिवलिंग के प्रति सम्मान के कारण शनि उसके ऊपर पैर रखकर बाहर नहीं आ सकते थे. लेकिन हनुमान जी स्वंय भगवान शिव के 11वें अवतार थे. इसलिए शनि को मुक्त कराने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई.

  • गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की रफ्तार पर ब्रेक! केंद्र की मंजूरी का इंतजार, भूमि अधिग्रहण में देरी की आशंका

    गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की रफ्तार पर ब्रेक! केंद्र की मंजूरी का इंतजार, भूमि अधिग्रहण में देरी की आशंका

    पटना
     बिहार के आठ जिलों से होकर गुजरने वाली गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के निर्माण पर संकट मंडराने लगा है। अगर केन्द्रीय कैबिनेट की जल्द स्वीकृति नहीं मिलती है तो भूमि अधिग्रहण कार्य प्रभावित हो सकता है। इसको लेकर पथ निर्माण विभाग ने केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से आग्रह किया है कि जन-निजी भागीदीर के तहत इसके निर्माण की जल्द मंजूरी दें। साथ ही विभाग ने इस परियोजना को चार से बढ़ाकर छह लेन के रूप में विसकित करने का अनुरोध किया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस परियोजना को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति की मंजूरी के लिए भेजा है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद ही इस सड़क के निर्माण की दिशा में कदम आगे बढ़ेंगे। उधर, किशनगंज को छोड़कर अन्य जिलों के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।

    इसमें बताया गया है कि कौन-कौन सी जमीन किस जिले में चिह्नित की गई है। विभाग ने कहा है कि इस साल के अंत तक अगर भूमि अधिग्रहण का अगला चरण शुरू नहीं हुआ तो नये सिरे से इसकी अधिसूचना जारी करनी पड़ेगी। इसकी वजह यह है कि भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना के सालभर के भीतर जमीन किसानों से लेने की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके पूर्व किसानों को उनकी जमीन परियोजना के दायरे में आने तथा अधिग्रहण के संबंध में सूचना दी जाती है। यदि दूसरे चरण के अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं हुई तो इस एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण के कार्य में विलंब होने की आशंका है। विभाग ने कहा है कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को चार लेन की जगह छह लेन बनाने का आग्रह पूर्व में भी किया गया था, जिस पर अभी तक सहमति नहीं मिली है।

    बिहार के इन जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
    गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 568 किलोमीटर है। बिहार में इसकी लंबाई करीब 417 किलोमीटर है। यह राज्य के आठ जिलों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से गुजरेगा। इस एक्सप्रेस-वे की शुरुआत गोरखपुर से होगी और देवरिया होते हुए बिहार में प्रवेश करेगी। इस एक्सप्रेस-वे से चार राज्यों में आवागमन बेहतर हो सकेगा। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम शामिल हैं।। सीतामढ़ी माता सीता की जन्मभूमि है और वहां अयोध्या की तर्ज पर मां जानकी मंदिर का निर्माण हो रहा है। इस तरह से उत्तर बिहार में धार्मिक पर्यटन को भी इस एक्सप्रेस-वे से बढ़ावा मिलेगा। बिहार से सिलीगुड़ी और फिर इसके बाद असम तक एक्सप्रेस-वे से जाना आसान हो जाएगा। इस तरह इससे कामाख्या मंदिर तक की सुगम संपर्कता मिले।

  • दिल्ली में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका, 30 अक्टूबर तक भरें फॉर्म-6

    दिल्ली में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका, 30 अक्टूबर तक भरें फॉर्म-6

    नई दिल्ली
     दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) के तहत लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी और अनमैच्ड कैटिगरी में शामिल करीब 33 लाख एंट्री में से लगभग 20 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है। सीईओ दिल्ली ऑफिस के अनुसार हर एलिजिबल वोटर को लिस्ट में शामिल करने के लिए काम लगातार किया जा रहा है।

    31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 97 लाख लोगों के नाम शामिल हुए थे। इनमें 33 लाख को फोटो मिसमैच, नाम मिसमैच, स्पेलिंग मिस्टेक और अन्य वजहों से नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के निस्तारण के आदेश बीएलओ को घर-घर जाकर करने के निर्देश सीईओ ऑफिस ने दिए हैं। इसके अलावा हर रविवार को स्पेशल कैंप लगाकर लोगों की समस्याएं अलग से सुनी जा रही हैं। मटियामहल विधानसभा में आने वाले तुर्कमान गेट बुलबुल खाना पोलिंग स्टेशन की एक बीएलओ ने बताया कि उनके बूथ में 1134 वोटर थे। इनमें 212 को नोटिस जारी हुए थे।

    18 और 25 को सभी पोलिंग स्टेशनों पर लगेंगे स्पेशल कैंप
    इन सभी के नोटिस को हम लोग क्लियर कर चुके हैं। एक अन्य बीएलओ ने कहा, उनके पोलिंग स्टेशन में 334 वोटर्स को नोटिस जारी हुए थे। इनमें अब सिर्फ 50 नोटिस के समाधान रह गए हैं। हम लोग कोशिश कर रहे हैं कि सभी के नाम जुड़ जाएं। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा, कोशिश की जा रही है कि अक्टूबर में ही नोटिस का निस्तारण कर लिया जाए। दो हफ्ते में लगभग सभी नोटिस का समाधान हो जाएगा। अब 18 और 25 अक्टूबर को भी स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे।

    फॉर्म-6 भरकर करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
    दिल्ली के सीईओ ने भरोसा दिया है कि सभी एलिजिबल वोटर अगर जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ फॉर्म-6 जमा करते हैं, तो उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन 30 अक्टूबर तक संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), BLO या निर्धारित पोलिंग स्टेशन पर जमा किए जा सकते हैं।

     

  • बैडमिंटन: डेनमार्क ओपन में भारतीय खिलाड़ियों का दमखम, सिंधू-लक्ष्य के सामने कठिन चुनौती

    बैडमिंटन: डेनमार्क ओपन में भारतीय खिलाड़ियों का दमखम, सिंधू-लक्ष्य के सामने कठिन चुनौती

    डेनमार्क
    दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और पुरुष वर्ग में भारत के शीर्ष खिलाड़ी लक्ष्य सेन को मंगलवार से शुरू हो रहे डेनमार्क ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के पहले दौर में ही कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। सिंधू का सामना पहले दौर में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा चैंपियन एन से यंग से होगा।

    लक्ष्य को भी पुरुष वर्ग के पहले दौर में तीसरी वरीयता प्राप्त चोउ टिएन चेन की चुनौती से पार पाना होगा। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू का पिछले कुछ समय में प्रदर्शन उतार चढ़ाव वाला रहा है। इस 31 वर्षीय खिलाड़ी को इस बात की चिंता होगी कि उन्हें एन से यंग खिलाफ अपने पिछले सभी 10 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है।

    लक्ष्य के अलावा ये खिलाड़ी भी होंगे हिस्सा
    लक्ष्य का भी पिछले दो वर्षों में प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। वह हाल में पीठ की चोट से भी परेशान रहे हैं। उन्हें अगर चोउ के विरुद्ध जीत हासिल करनी है तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

    पुरुष वर्ग में भाग लेने वाले एक अन्य भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। पहले दौर में उनका सामना इंडोनेशिया के अलवी फरहान से होगा, जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्हें हराया था।

    किदांबी श्रीकांत फ्रांस के अर्नाउड मर्कल के विरुद्ध अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। भारत की तरफ से महिला सिंगल्स में तन्वी शर्मा, अश्मिताा चालिहा, देविका सिहाग और उन्नति हुड्डा भी चुनौती पेश करेंगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तेजकुंवरबाई काश्यप को किया नमन, पुष्पांजलि अर्पित कर जताया दुख

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तेजकुंवरबाई काश्यप को किया नमन, पुष्पांजलि अर्पित कर जताया दुख

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. तेजकुंवरबाई काश्यप को पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं

    रतलाम

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य काश्यप की माताजी, एवं समाजसेवी स्व. श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम स्थित विसाजी मेंशन, स्टेशन रोड पहुंचकर स्व. श्रीमती काश्यप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि उन्हें माताजी का स्नेह सदैव मिलता रहा। उन्होंने कुक्षी जैसे छोटे स्थान से अपनी जीवन यात्रा प्रारंभ की। पति के निधन के बाद उन्होंने अपनी छोटी-छोटी संतानों को संभाला और उन्हें संस्कारों के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने दूरदृष्टि के साथ अपने पुत्रों को कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी और परिवार को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतान ही अमरता की निशानी है। स्व. श्रीमती काश्यप ने अपने उत्तराधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपकर उनकी कार्ययात्रा को आगे बढ़ते हुए देखा। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास, स्वावलंबन और संस्कार निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेजकुंवरबाई के नाम में ही तेज समाहित था और उनका तेज सदैव सबके कल्याण के लिए रहा। उन्होंने उनके जीवन की यात्रा को निकट से देखा है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत पुण्यात्मा को शत-शत नमन करते हुए परमात्मा के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की।

     

  • यूपी में चुनावी तैयारियों के बीच बड़ा सवाल, 51 लाख छात्रों की परीक्षा पहले या विधानसभा चुनाव?

    यूपी में चुनावी तैयारियों के बीच बड़ा सवाल, 51 लाख छात्रों की परीक्षा पहले या विधानसभा चुनाव?

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पिछली बार फरवरी-मार्च में हुआ था। इस बार फरवरी में चुनाव कराने पर संकट मंडराने लगा है। यह संकट सोमवार को जारी हुए यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के कारण हुआ है। बोर्ड ने अपना परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। 5 फरवरी से 24 फरवरी तक परीक्षाएं आयोजित होंगी। ऐसे में दोनों एक साथ कराना संभव नहीं है। अगर विधानसभा चुनाव पिछली बार की तरह फरवरी में कराने का फैसला होता है तो परीक्षाएं दो महीने टालनी होंगी और नया कार्यक्रम जारी करना होगा। पिछली बार 10 फरवरी से 7 मार्च तक चुनाव हुए थे और नतीजे 10 मार्च को आए थे।

    यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में 51 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। वहीं परीक्षा के लिए सरकारी व निजी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। यही स्कूल विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्र बनाए जाते हैं। नवंबर में अपर मुख्य निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग व दिसंबर में भारत निर्वाचन आयोग की टीम यूपी के चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आएगी।

    विधानसभा चुनाव के लिए आयोग के पास मई तक का समय
    फिलहाल, तैयारियां तेजी से चल रही हैं लेकिन यूपी विधानसभा चुनाव कराने के लिए आयोग के पास अभी पर्याप्त वक्त भी है। यूपी में 18वीं विधानसभा की पहली बैठक 23 मई को हुई थी। ऐसे में 22 मई 2026 को यूपी विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में यह भी हो सकता है कि चुनाव कुछ चरणों में अब मार्च-अप्रैल में हों। फिलहाल फरवरी में अगर विधानसभा चुनाव हुए तो फिर बोर्ड परीक्षा टलेगी। अब आगे विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम ही बताएगा कि बोर्ड परीक्षाएं तय किए गए शेड्यूल से होंगी या फिर विधानसभा चुनाव पहले आयोजित किए जाएंगे।

    दिसंबर में ही अंतरिम बजट लाएगी सरकार
    वहीं, विधानसभा चुनाव को देखते हुए यूपी की योगी सरकार दिसंबर में ही अंतरिम बजट लाने की तैयारी कर रही है। सूत्र बताते हैं कि शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट के साथ ही चुनाव के दरमियान भी वेतन, पेंशन और तय खर्चे की व्यवस्था होने तक के लिए यह अंतरिम बजट लाया जाएगा। पहले माना जा रहा था कि सरकार अनुपूरक के बाद विशेष सत्र में अंतरिम बजट पेश करेगी। हालांकि, अब संभावना जताई जा रही है कि दिसंबर में ही अंतरिम बजट भी लाया जाएगा। 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद योगी सरकार ने 26 मई को बजट पेश किया था।

  • क्रिस्टियानो रोनाल्डो बनाम कोच जॉर्ज जेसुस, आखिर क्यों बिगड़े रिश्ते?

    क्रिस्टियानो रोनाल्डो बनाम कोच जॉर्ज जेसुस, आखिर क्यों बिगड़े रिश्ते?

    नई दिल्ली
     पुर्तगाल और विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े सितारे क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक बार फिर चर्चा में हैं। इंटरनेट मीडिया पर काफी चर्चा बटोरने के बाद डिलीट हुए सीएनएन पुर्तगाल के एक इंटरव्यू की कुछ लाइनों पर लोग दिल खोलकर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि सोमवार सुबह शुरू हुई इस चर्चा का प्रभाव ये रहा कि शाम होते-होते सीएनएन पुर्तगाल ने रोनाल्डो का वो इंटरव्यू डिलीट कर दिया।

    रोनाल्डो ने इस इंटरव्यू में कहा था, "लोग मेरी मौजूदा फॉर्म और मेरे गोलों की अहमियत नहीं समझ रहे हैं। 1000 करियर गोलों के रिकॉर्ड का पीछा कर रहे रोनाल्डो से इस बारे में भी सवाल हुआ था। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह 1,000 गोल के आंकड़े तक पहुंचना चाहते हैं, तो रोनाल्डो ने जवाब दिया, "चीजें अपने-आप होनी चाहिए।"

    'मुझसे बेहतर कोई नहीं'
    यही नहीं, रोनाल्डो ने इस इंटरव्यू में ये भी कह दिया कि फुटबॉल की दुनिया में उनसे बेहतर खिलाड़ी कोई नहीं है। रोनाल्डो ने एक लाइन में कहा, "इतिहास में सबसे बेहतरीन खिलाड़ी मैं ही हूं, बस बात खत्म। आंकड़े खुद सब कुछ बयां करते हैं। अगर मैं वहां (1,000 गोल तक) पहुंचता हूं, तो यह बहुत बढ़िया बात होगी, एक लक्ष्य होगा, लेकिन मैं लंबे समय की योजना नहीं बनाता।"

    असल में रोनाल्डो ये बातें फरवरी 2025 में ही ला सेक्सटा नाम के स्पेनिश टीवी चैनल पर कह चुके थे और सीएनएन पुर्तगाल ने वही पुराना इंटरव्यू बिना किसी स्पष्टीकरण के दोबारा से साझा कर दिया था। हाल के दिनों में यह कम से कम चौथी बार था जब रोनाल्डो से जुड़ी बातों ने इंटरनेट मीडिया पर हंगामा खड़ा किया हो। शुक्रवार दो अक्टूबर को हुए पुर्तगाल-डेनमार्क मैच से ठीक पहले वह राष्ट्रीय टीम का कैंप छोड़कर चले गए थे। बताया गया कि नॉर्वे के विरुद्ध मैच में उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला और इससे गुस्साए रोनाल्डो ने टीम से अलग होने का फैसला कर लिया।

    जारी किया संदेश
    इंटरनेट मीडिया पर एक संदेश जारी कर उन्होंने प्रशंसकों से वादा किया था कि जल्दी ही वह इसका पूरा सच बताएंगे। रोनाल्डो के हिस्से का सच बुधवार सात अक्टूबर को हुए अर्जेंटीना बनाम बेनिन मैच से ठीक पहले आया जब उन्होंने खुद एक लंबा लेख लिखकर दावा किया कि पुर्तगाल फुटबॉल टीम के मुख्य कोच जॉर्ज जेसुस ने उनका भरोसा तोड़ा। रोनाल्डो द्वारा एक लिस्ट भी साझा की गई जिसमें उन्होंने बताया था कि कैसे नॉर्वे के विरुद्ध मैच के बाद कोच, पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन और उनके बीच एक लिखित समझौता हुआ था कि जेसुस मीडिया के सामने रोनाल्डो से माफी मांगेंगे, क्योंकि मामले को खत्म करने का यही एकमात्र तरीका है।

    कोच ने नहीं मांगी माफी
    हालांकि कोच ने प्रेस वार्ता में जाकर इनमें से एक भी बात नहीं बोली और बकौल रोनाल्डो यह दूसरी बार था जब कोच जेसुस ने उन्हें धोखा दिया। रोनाल्डो के कैंप छोड़ने के बाद पुर्तगाल ने नेशंस लीग का अपना हर मैच जीता और हाल ही में पुर्तगाल फुटबॉल संघ ने बताया था कि रोनाल्डो द्वारा कैंप छोड़ने के मामले में उन पर कार्यवाही की शुरुआत हो चुकी है और इस मामले में वह अभी निलंबित रहेंगे। रोनाल्डो ने अपने बयान में इस समझौते के सारे बिंदु भी साझा किए।

    इनके मुताबिक जेसुस को मीडिया से यह बातें करनी थीं-
    1. मैंने खुद क्रिस्टियानो को नेशनल टीम के साथ इस सीजन के लिए एक प्लान का प्रस्ताव दिया था। यह एक लंबी और बहुत अच्छी बातचीत थी।
    2. मैं जानता हूं कि वह नेशनल टीम को कितना चाहते हैं और उससे कितना जुड़ाव महसूस करते हैं, और दुनिया में उनकी क्या अहमियत है, और उससे भी ज्यादा, पिछले 24 सालों से नेशनल टीम पर उनका कितना सकारात्मक प्रभाव रहा है।
    3. क्रिस्टियानो ने मेरे बताए प्लान को मंजूरी दे दी।
    4. उन्होंने मेरे फैसलों पर कभी सवाल नहीं उठाया। उनका व्यवहार मिसाल कायम करने वाला, वफादार और पेशेवर था।
    5. नॉर्वे वाला मैच उस प्लान का हिस्सा नहीं था जो मैंने उनके लिए बनाया था। हालांकि, मुझे लगा कि वह पहले मैच के बाद शारीरिक रूप से ठीक हो गए हैं, इसलिए मैंने उन्हें बता दिया कि मुझे शायद उन्हें खिलाना पड़ सकता है। क्रिस्टियानो सहमत हो गए।
    6. पेले या माराडोना जैसे बड़े खिलाड़ी को वॉर्म-अप के लिए बुलाना और फिर मैच में न खिलाना- यह मेरी गलती थी। अगर आज ऐसा करना हो, तो मैं ऐसा नहीं करूंगा।
    7. बात खत्म करते हुए: मैं क्रिस्टियानो को नेशनल टीम में चाहता हूं। असल में, मैं उन्हें थोड़ा-बहुत नहीं, बल्कि बहुत ज्यादा चाहता हूं। अच्छी बात यह है कि वह भी मुझ पर भरोसा करते हैं। उन्होंने अल-नस्र में भी मुझ पर भरोसा किया था और यहां भी करते हैं।
    8. प्रशंसकों का अभिवादन न करने के बारे में। "हम इस बारे में पहले ही बात कर चुके हैं। जिस खिलाड़ी ने राष्ट्रीय टीम के लिए 230 से ज्यादा मैच खेले हों, उसे पुर्तगाल के लिए प्यार के बारे में मुझसे सीखने की जरूरत नहीं है। वह निराशा का एक पल था, जिससे कुछ भी बदल नहीं जाता। वह ऐसा खिलाड़ी है जो सबसे ज्यादा ऑटोग्राफ देता है, सबसे ज्यादा सेल्फी लेता है और प्रशंसकों के प्रति सबसे ज्यादा प्यार दिखाता है। जहां कोई समस्या नहीं है, वहां समस्याएं न बनाएं। जब हम खुश नहीं होते तो प्रतिक्रिया देते हैं।

     

  • कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर, प्रधानमंत्री आवास योजना ने जया बाई के जीवन में लाई नई उम्मीदें

    कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर, प्रधानमंत्री आवास योजना ने जया बाई के जीवन में लाई नई उम्मीदें

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    पक्के घर का सपना हुआ साकार, प्रधानमंत्री आवास योजना से जया बाई के जीवन में आई नई खुशियां

    अपने आशियाने में परिवार को मिली सुरक्षा और सुकून, बेहतर रहन-सहन की राह हुई आसान

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

    रायपुर, 
     हर परिवार का सपना होता है कि उसके सिर पर अपनी पक्की छत हो, जहां वह सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई परिवारों के लिए यह सपना पूरा करना आसान नहीं होता, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ऐसे जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कटघरी निवासी श्रीमती जया बाई के जीवन में भी इस योजना से खुशियों का नया अध्याय जुड़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें अपना पक्का मकान मिला है, जिससे परिवार को सुरक्षित आश्रय और बेहतर रहन-सहन की सुविधा प्राप्त हुई है।

    पक्की छत मिलने से दूर हुई मौसम की चिंता, परिवार को मिला सुरक्षित आश्रय

    श्रीमती जया बाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित पक्का मकान केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और सुकून का आधार बन गया है। अब उनका परिवार अपने पक्के घर में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में जीवन बिता रहा है। पक्का आवास मिलने से बारिश और मौसम की अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा मिली है। साथ ही परिवार के रहन-सहन में भी सकारात्मक बदलाव आया है।

    अपने घर का सपना पूरा होने से जया बाई और उनके परिवार को भविष्य के प्रति नया भरोसा मिला है। पक्की छत के नीचे परिवार के साथ सुरक्षित जीवन बिताने की खुशी उनके लिए विशेष महत्व रखती है। यह आवास उनके वर्तमान जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीदों को भी मजबूत कर रहा है।

    पक्का आवास बना सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य का आधार

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित छत मिलने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    श्रीमती जया बाई ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए शासन से मिला यह आवास वर्षों से संजोए अपने घर के सपने के साकार होने जैसा है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के पात्र ग्रामीण परिवारों तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्रीमती जया बाई की यह कहानी दर्शाती है कि पक्का आवास मिलने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का नया आधार तैयार हो रहा है। अपना घर होने का सुख परिवारों को बेहतर जीवन और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।

  • पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता की हत्या से सनसनी, हमलावरों ने मारी गोली

    पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता की हत्या से सनसनी, हमलावरों ने मारी गोली

    मानसा.

    पंजाब के मानसा जिले में मेडिकल स्टोरों से नशा बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। ये गोली एक मेडिकल स्टोर मालिक ने ही चलाई। जिस समय परविंदर झोटा को गोली मारी गई, वह सोशल मीडिया पर लाइव थे और पूरी घटना उनके लाइव वीडियो में कैद हो गई।

    यह दर्दनाक घटना सुबह करीब 9:00 बजे की है। परविंदर झोटा शहर के रेलवे फाटक के नजदीक एक मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी के पास पहुंचे थे और नशा बेचने का आरोप लगाते हुए उससे बहस कर रहे थे। बहस इतनी बढ़ गई कि मेडिकल स्टोर मालिक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली। पिस्तौल देखकर परविंदर झोटा और अधिक उग्र हो गए और उन्होंने संचालक को गोली मारने की चुनौती दे दी। इसके बाद गुस्साए मेडिकल स्टोर मालिक ने परविंदर पर गोलियां चला दीं।

    परविंदर के दो समर्थक भी घायल
    गोली लगने के बाद परविंदर जान बचाने के लिए सड़क की तरफ भागे और साथ की दुकान में जा गिरे। वहां मौजूद आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें एक गाड़ी में लादा और अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान अस्पताल में परविंदर की मौत हो गई। इस घटना में परविंदर सिंह को तीन गोलियां लगी हैं। दो गोली पेट और एक टांग पर लगी, जिससे उसकी मौत हुई। इस घटना में एक अन्य दुकान के संचालक हैप्पी, कुलविंदर सिंह, बलदेव सिंह और गोविंद सिंह छर्रे लगे हैं और उनका इलाज सिविल अस्पताल में चल रहा है।

    अस्पताल में सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन शुरू
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएसपी हरजिंदर सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। उधर, घटना से गुस्साए परविंदर के माता-पिता और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा जल्द इंसाफ की मांग की। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

    2023 में भी हो चुका विवाद
    परविंदर झोटा का इसी केमिस्ट शॉप मालिक से पहले भी विवाद हो चुका है। परविंदर झोटा ने इसी केमिस्ट शॉप मालिक को 2023 में मुंह काला कर जूतों की माला पहना कर सड़कों पर घुमाया था। उस समय पुलिस को केमिस्ट शॉप मालिक की दुकान से 39 नशे के पत्ते बरामद हुए थे और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद भी कई बार अश्विनी कुमार के साथ परविंदर झोटा की बहस हो चुकी है।

    एसएसपी अस्पताल में पहुंचे
    घटना के बाद एसएसपी वैभव चौधरी मानसा के सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां परविंदर झोटा के समर्थकों की काफी समय बहस हुई। परविंदर झोटा के समर्थकों ने शहर बंद करने की घोषणा कर दी है। वहीं, एसएसपी मानसा ने साफ किया है कि अभी केमिस्ट शॉप मालिक अश्विनी कुमार फरार है, लेकिन उसे जल्द अरेस्ट कर लिया जाएगा।

  • मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला सहारा, मिनीमाता महतारी जतन योजना से मजबूत हुआ परिवार

    मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला सहारा, मिनीमाता महतारी जतन योजना से मजबूत हुआ परिवार

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला आर्थिक संबल, मिनीमाता महतारी जतन योजना बनी सहारा

    20 हजार रुपये की सहायता से मां और नवजात शिशु के पोषण एवं देखभाल की राह हुई आसान

    श्रमिक परिवारों की माताओं को मिल रही आर्थिक राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

    रायपुर,
     मां बनना किसी भी महिला के जीवन का अनमोल अनुभव होता है। इस दौरान मां और नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल के लिए परिवार को अतिरिक्त आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में छत्तीसगढ़ शासन की मिनीमाता महतारी जतन योजना श्रमिक परिवारों की महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरा निवासी श्रीमती प्रिया कश्यप को भी इस योजना के तहत 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। इस राशि से उन्हें प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य, पोषण और नवजात शिशु की देखभाल संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली है।

    मां और नवजात शिशु की देखभाल में मिली आर्थिक राहत

    श्रीमती प्रिया कश्यप के लिए मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में मिनीमाता महतारी जतन योजना आर्थिक संबल बनकर आई है। प्रसव के बाद मां के स्वास्थ्य की देखभाल के साथ नवजात शिशु के पोषण और आवश्यक जरूरतों पर विशेष ध्यान देना होता है। इस दौरान पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने से परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं।

    ऐसे समय में योजना के तहत प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रिया और उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई। इस राशि से उन्हें प्रसव के बाद की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिला, जिससे वे अपने स्वास्थ्य और नवजात शिशु की बेहतर देखभाल पर ध्यान दे सकीं। आर्थिक सहायता मिलने से मातृत्व के इस महत्वपूर्ण समय में परिवार को राहत मिली।

    मिनीमाता महतारी जतन योजना से श्रमिक परिवारों को मिल रहा संबल

    छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना का उद्देश्य पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है, ताकि प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु के पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिल सके।

    श्रीमती प्रिया कश्यप ने योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सहायता राशि मातृत्व के दौरान आवश्यक जरूरतों को पूरा करने और नवजात शिशु की देखभाल में महत्वपूर्ण सहयोग बनी है।

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्रीमती प्रिया कश्यप की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली समयबद्ध आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। मिनीमाता महतारी जतन योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की महिलाओं को मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में आर्थिक संबल मिल रहा है, जिससे मां और नवजात शिशु के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल की दिशा में सहयोग प्राप्त हो रहा है।