Author: NewseDay

  • क्रिस्टियानो रोनाल्डो बनाम कोच जॉर्ज जेसुस, आखिर क्यों बिगड़े रिश्ते?

    क्रिस्टियानो रोनाल्डो बनाम कोच जॉर्ज जेसुस, आखिर क्यों बिगड़े रिश्ते?

    नई दिल्ली
     पुर्तगाल और विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े सितारे क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक बार फिर चर्चा में हैं। इंटरनेट मीडिया पर काफी चर्चा बटोरने के बाद डिलीट हुए सीएनएन पुर्तगाल के एक इंटरव्यू की कुछ लाइनों पर लोग दिल खोलकर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि सोमवार सुबह शुरू हुई इस चर्चा का प्रभाव ये रहा कि शाम होते-होते सीएनएन पुर्तगाल ने रोनाल्डो का वो इंटरव्यू डिलीट कर दिया।

    रोनाल्डो ने इस इंटरव्यू में कहा था, "लोग मेरी मौजूदा फॉर्म और मेरे गोलों की अहमियत नहीं समझ रहे हैं। 1000 करियर गोलों के रिकॉर्ड का पीछा कर रहे रोनाल्डो से इस बारे में भी सवाल हुआ था। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह 1,000 गोल के आंकड़े तक पहुंचना चाहते हैं, तो रोनाल्डो ने जवाब दिया, "चीजें अपने-आप होनी चाहिए।"

    'मुझसे बेहतर कोई नहीं'
    यही नहीं, रोनाल्डो ने इस इंटरव्यू में ये भी कह दिया कि फुटबॉल की दुनिया में उनसे बेहतर खिलाड़ी कोई नहीं है। रोनाल्डो ने एक लाइन में कहा, "इतिहास में सबसे बेहतरीन खिलाड़ी मैं ही हूं, बस बात खत्म। आंकड़े खुद सब कुछ बयां करते हैं। अगर मैं वहां (1,000 गोल तक) पहुंचता हूं, तो यह बहुत बढ़िया बात होगी, एक लक्ष्य होगा, लेकिन मैं लंबे समय की योजना नहीं बनाता।"

    असल में रोनाल्डो ये बातें फरवरी 2025 में ही ला सेक्सटा नाम के स्पेनिश टीवी चैनल पर कह चुके थे और सीएनएन पुर्तगाल ने वही पुराना इंटरव्यू बिना किसी स्पष्टीकरण के दोबारा से साझा कर दिया था। हाल के दिनों में यह कम से कम चौथी बार था जब रोनाल्डो से जुड़ी बातों ने इंटरनेट मीडिया पर हंगामा खड़ा किया हो। शुक्रवार दो अक्टूबर को हुए पुर्तगाल-डेनमार्क मैच से ठीक पहले वह राष्ट्रीय टीम का कैंप छोड़कर चले गए थे। बताया गया कि नॉर्वे के विरुद्ध मैच में उन्हें मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला और इससे गुस्साए रोनाल्डो ने टीम से अलग होने का फैसला कर लिया।

    जारी किया संदेश
    इंटरनेट मीडिया पर एक संदेश जारी कर उन्होंने प्रशंसकों से वादा किया था कि जल्दी ही वह इसका पूरा सच बताएंगे। रोनाल्डो के हिस्से का सच बुधवार सात अक्टूबर को हुए अर्जेंटीना बनाम बेनिन मैच से ठीक पहले आया जब उन्होंने खुद एक लंबा लेख लिखकर दावा किया कि पुर्तगाल फुटबॉल टीम के मुख्य कोच जॉर्ज जेसुस ने उनका भरोसा तोड़ा। रोनाल्डो द्वारा एक लिस्ट भी साझा की गई जिसमें उन्होंने बताया था कि कैसे नॉर्वे के विरुद्ध मैच के बाद कोच, पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन और उनके बीच एक लिखित समझौता हुआ था कि जेसुस मीडिया के सामने रोनाल्डो से माफी मांगेंगे, क्योंकि मामले को खत्म करने का यही एकमात्र तरीका है।

    कोच ने नहीं मांगी माफी
    हालांकि कोच ने प्रेस वार्ता में जाकर इनमें से एक भी बात नहीं बोली और बकौल रोनाल्डो यह दूसरी बार था जब कोच जेसुस ने उन्हें धोखा दिया। रोनाल्डो के कैंप छोड़ने के बाद पुर्तगाल ने नेशंस लीग का अपना हर मैच जीता और हाल ही में पुर्तगाल फुटबॉल संघ ने बताया था कि रोनाल्डो द्वारा कैंप छोड़ने के मामले में उन पर कार्यवाही की शुरुआत हो चुकी है और इस मामले में वह अभी निलंबित रहेंगे। रोनाल्डो ने अपने बयान में इस समझौते के सारे बिंदु भी साझा किए।

    इनके मुताबिक जेसुस को मीडिया से यह बातें करनी थीं-
    1. मैंने खुद क्रिस्टियानो को नेशनल टीम के साथ इस सीजन के लिए एक प्लान का प्रस्ताव दिया था। यह एक लंबी और बहुत अच्छी बातचीत थी।
    2. मैं जानता हूं कि वह नेशनल टीम को कितना चाहते हैं और उससे कितना जुड़ाव महसूस करते हैं, और दुनिया में उनकी क्या अहमियत है, और उससे भी ज्यादा, पिछले 24 सालों से नेशनल टीम पर उनका कितना सकारात्मक प्रभाव रहा है।
    3. क्रिस्टियानो ने मेरे बताए प्लान को मंजूरी दे दी।
    4. उन्होंने मेरे फैसलों पर कभी सवाल नहीं उठाया। उनका व्यवहार मिसाल कायम करने वाला, वफादार और पेशेवर था।
    5. नॉर्वे वाला मैच उस प्लान का हिस्सा नहीं था जो मैंने उनके लिए बनाया था। हालांकि, मुझे लगा कि वह पहले मैच के बाद शारीरिक रूप से ठीक हो गए हैं, इसलिए मैंने उन्हें बता दिया कि मुझे शायद उन्हें खिलाना पड़ सकता है। क्रिस्टियानो सहमत हो गए।
    6. पेले या माराडोना जैसे बड़े खिलाड़ी को वॉर्म-अप के लिए बुलाना और फिर मैच में न खिलाना- यह मेरी गलती थी। अगर आज ऐसा करना हो, तो मैं ऐसा नहीं करूंगा।
    7. बात खत्म करते हुए: मैं क्रिस्टियानो को नेशनल टीम में चाहता हूं। असल में, मैं उन्हें थोड़ा-बहुत नहीं, बल्कि बहुत ज्यादा चाहता हूं। अच्छी बात यह है कि वह भी मुझ पर भरोसा करते हैं। उन्होंने अल-नस्र में भी मुझ पर भरोसा किया था और यहां भी करते हैं।
    8. प्रशंसकों का अभिवादन न करने के बारे में। "हम इस बारे में पहले ही बात कर चुके हैं। जिस खिलाड़ी ने राष्ट्रीय टीम के लिए 230 से ज्यादा मैच खेले हों, उसे पुर्तगाल के लिए प्यार के बारे में मुझसे सीखने की जरूरत नहीं है। वह निराशा का एक पल था, जिससे कुछ भी बदल नहीं जाता। वह ऐसा खिलाड़ी है जो सबसे ज्यादा ऑटोग्राफ देता है, सबसे ज्यादा सेल्फी लेता है और प्रशंसकों के प्रति सबसे ज्यादा प्यार दिखाता है। जहां कोई समस्या नहीं है, वहां समस्याएं न बनाएं। जब हम खुश नहीं होते तो प्रतिक्रिया देते हैं।

     

  • कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर, प्रधानमंत्री आवास योजना ने जया बाई के जीवन में लाई नई उम्मीदें

    कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर, प्रधानमंत्री आवास योजना ने जया बाई के जीवन में लाई नई उम्मीदें

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    पक्के घर का सपना हुआ साकार, प्रधानमंत्री आवास योजना से जया बाई के जीवन में आई नई खुशियां

    अपने आशियाने में परिवार को मिली सुरक्षा और सुकून, बेहतर रहन-सहन की राह हुई आसान

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

    रायपुर, 
     हर परिवार का सपना होता है कि उसके सिर पर अपनी पक्की छत हो, जहां वह सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई परिवारों के लिए यह सपना पूरा करना आसान नहीं होता, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ऐसे जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कटघरी निवासी श्रीमती जया बाई के जीवन में भी इस योजना से खुशियों का नया अध्याय जुड़ा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें अपना पक्का मकान मिला है, जिससे परिवार को सुरक्षित आश्रय और बेहतर रहन-सहन की सुविधा प्राप्त हुई है।

    पक्की छत मिलने से दूर हुई मौसम की चिंता, परिवार को मिला सुरक्षित आश्रय

    श्रीमती जया बाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित पक्का मकान केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा, सम्मान और सुकून का आधार बन गया है। अब उनका परिवार अपने पक्के घर में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में जीवन बिता रहा है। पक्का आवास मिलने से बारिश और मौसम की अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा मिली है। साथ ही परिवार के रहन-सहन में भी सकारात्मक बदलाव आया है।

    अपने घर का सपना पूरा होने से जया बाई और उनके परिवार को भविष्य के प्रति नया भरोसा मिला है। पक्की छत के नीचे परिवार के साथ सुरक्षित जीवन बिताने की खुशी उनके लिए विशेष महत्व रखती है। यह आवास उनके वर्तमान जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीदों को भी मजबूत कर रहा है।

    पक्का आवास बना सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य का आधार

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित छत मिलने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    श्रीमती जया बाई ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए शासन से मिला यह आवास वर्षों से संजोए अपने घर के सपने के साकार होने जैसा है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के पात्र ग्रामीण परिवारों तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्रीमती जया बाई की यह कहानी दर्शाती है कि पक्का आवास मिलने से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का नया आधार तैयार हो रहा है। अपना घर होने का सुख परिवारों को बेहतर जीवन और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।

  • पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता की हत्या से सनसनी, हमलावरों ने मारी गोली

    पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता की हत्या से सनसनी, हमलावरों ने मारी गोली

    मानसा.

    पंजाब के मानसा जिले में मेडिकल स्टोरों से नशा बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। ये गोली एक मेडिकल स्टोर मालिक ने ही चलाई। जिस समय परविंदर झोटा को गोली मारी गई, वह सोशल मीडिया पर लाइव थे और पूरी घटना उनके लाइव वीडियो में कैद हो गई।

    यह दर्दनाक घटना सुबह करीब 9:00 बजे की है। परविंदर झोटा शहर के रेलवे फाटक के नजदीक एक मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी के पास पहुंचे थे और नशा बेचने का आरोप लगाते हुए उससे बहस कर रहे थे। बहस इतनी बढ़ गई कि मेडिकल स्टोर मालिक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली। पिस्तौल देखकर परविंदर झोटा और अधिक उग्र हो गए और उन्होंने संचालक को गोली मारने की चुनौती दे दी। इसके बाद गुस्साए मेडिकल स्टोर मालिक ने परविंदर पर गोलियां चला दीं।

    परविंदर के दो समर्थक भी घायल
    गोली लगने के बाद परविंदर जान बचाने के लिए सड़क की तरफ भागे और साथ की दुकान में जा गिरे। वहां मौजूद आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें एक गाड़ी में लादा और अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान अस्पताल में परविंदर की मौत हो गई। इस घटना में परविंदर सिंह को तीन गोलियां लगी हैं। दो गोली पेट और एक टांग पर लगी, जिससे उसकी मौत हुई। इस घटना में एक अन्य दुकान के संचालक हैप्पी, कुलविंदर सिंह, बलदेव सिंह और गोविंद सिंह छर्रे लगे हैं और उनका इलाज सिविल अस्पताल में चल रहा है।

    अस्पताल में सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन शुरू
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएसपी हरजिंदर सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। उधर, घटना से गुस्साए परविंदर के माता-पिता और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा जल्द इंसाफ की मांग की। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

    2023 में भी हो चुका विवाद
    परविंदर झोटा का इसी केमिस्ट शॉप मालिक से पहले भी विवाद हो चुका है। परविंदर झोटा ने इसी केमिस्ट शॉप मालिक को 2023 में मुंह काला कर जूतों की माला पहना कर सड़कों पर घुमाया था। उस समय पुलिस को केमिस्ट शॉप मालिक की दुकान से 39 नशे के पत्ते बरामद हुए थे और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद भी कई बार अश्विनी कुमार के साथ परविंदर झोटा की बहस हो चुकी है।

    एसएसपी अस्पताल में पहुंचे
    घटना के बाद एसएसपी वैभव चौधरी मानसा के सिविल अस्पताल पहुंचे। वहां परविंदर झोटा के समर्थकों की काफी समय बहस हुई। परविंदर झोटा के समर्थकों ने शहर बंद करने की घोषणा कर दी है। वहीं, एसएसपी मानसा ने साफ किया है कि अभी केमिस्ट शॉप मालिक अश्विनी कुमार फरार है, लेकिन उसे जल्द अरेस्ट कर लिया जाएगा।

  • मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला सहारा, मिनीमाता महतारी जतन योजना से मजबूत हुआ परिवार

    मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला सहारा, मिनीमाता महतारी जतन योजना से मजबूत हुआ परिवार

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला आर्थिक संबल, मिनीमाता महतारी जतन योजना बनी सहारा

    20 हजार रुपये की सहायता से मां और नवजात शिशु के पोषण एवं देखभाल की राह हुई आसान

    श्रमिक परिवारों की माताओं को मिल रही आर्थिक राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

    रायपुर,
     मां बनना किसी भी महिला के जीवन का अनमोल अनुभव होता है। इस दौरान मां और नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल के लिए परिवार को अतिरिक्त आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में छत्तीसगढ़ शासन की मिनीमाता महतारी जतन योजना श्रमिक परिवारों की महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरा निवासी श्रीमती प्रिया कश्यप को भी इस योजना के तहत 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। इस राशि से उन्हें प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य, पोषण और नवजात शिशु की देखभाल संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली है।

    मां और नवजात शिशु की देखभाल में मिली आर्थिक राहत

    श्रीमती प्रिया कश्यप के लिए मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में मिनीमाता महतारी जतन योजना आर्थिक संबल बनकर आई है। प्रसव के बाद मां के स्वास्थ्य की देखभाल के साथ नवजात शिशु के पोषण और आवश्यक जरूरतों पर विशेष ध्यान देना होता है। इस दौरान पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने से परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं।

    ऐसे समय में योजना के तहत प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रिया और उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई। इस राशि से उन्हें प्रसव के बाद की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिला, जिससे वे अपने स्वास्थ्य और नवजात शिशु की बेहतर देखभाल पर ध्यान दे सकीं। आर्थिक सहायता मिलने से मातृत्व के इस महत्वपूर्ण समय में परिवार को राहत मिली।

    मिनीमाता महतारी जतन योजना से श्रमिक परिवारों को मिल रहा संबल

    छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना का उद्देश्य पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है, ताकि प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु के पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिल सके।

    श्रीमती प्रिया कश्यप ने योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सहायता राशि मातृत्व के दौरान आवश्यक जरूरतों को पूरा करने और नवजात शिशु की देखभाल में महत्वपूर्ण सहयोग बनी है।

    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्रीमती प्रिया कश्यप की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली समयबद्ध आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। मिनीमाता महतारी जतन योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की महिलाओं को मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में आर्थिक संबल मिल रहा है, जिससे मां और नवजात शिशु के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल की दिशा में सहयोग प्राप्त हो रहा है।

  • बिलासपुर-कोलकाता फ्लाइट की वापसी का रास्ता साफ, लंबे इंतजार के बाद यात्रियों को मिलेगी राहत

    बिलासपुर-कोलकाता फ्लाइट की वापसी का रास्ता साफ, लंबे इंतजार के बाद यात्रियों को मिलेगी राहत

    बिलासपुर.

    चकरभाठा स्थित बिलासा एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एलायंस एअर ने विंटर शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इस शेड्यूल में दो अहम बदलाव किए गए हैं। कोलकाता के लिए करीब डेढ महीने से बंद विमान सेवा फिर से बहाल कर दी गई है।

    वहीं, रविवार को दिल्ली के लिए शाम को संचालित होने वाली उड़ान अब दोपहर में मिलेगी। नया शेड्यूल 25 अक्टूबर से लागू होकर 27 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत बिलासपुर से दिल्ली, अंबिकापुर, प्रयागराज और कोलकाता के लिए सप्ताह के अलग-अलग दिनों में विमान सेवाएं निर्धारित की गई हैं। कोलकाता की उड़ान दोबारा शुरू होने से यात्रियों को इस शहर के लिए हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी, जबकि रविवार को दिल्ली जाने वाली उड़ान के समय में बदलाव से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना नए समय के अनुसार बनानी होगी। जारी शेड्यूल के अनुसार दिल्ली-बिलासपुर-अंबिकापुर-दिल्ली उड़ान सोमवार और बुधवार को संचालित होगी।

    सोमवार को दिल्ली से विमान सुबह 8:20 बजे रवाना होकर 10:55 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। इसके बाद 11:20 बजे बिलासपुर से अंबिकापुर के लिए उड़ान भरेगा और दोपहर 12:05 बजे पहुंचेगा। अंबिकापुर से दिल्ली के लिए विमान दोपहर 12:30 बजे रवाना होकर 3 बजे पहुंचेगा। इसी तरह बुधवार को दिल्ली से विमान सुबह 8 बजे रवाना होकर 10:35 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। बिलासपुर से अंबिकापुर के लिए उड़ान सुबह 11 बजे निर्धारित है। इसके बाद 12:10 बजे अंबिकापुर से दिल्ली से उड़ान भरेगा और वहां 14:40 बजे पहुंचेगा।

    प्रयागराज के लिए भी उड़ान सुविधा
    शेड्यूल में शुक्रवार और रविवार को बिलासपुर-प्रयागराज-दिल्ली तथा दिल्ली-प्रयागराज-बिलासपुर रूट पर उड़ानों का संचालन निर्धारित किया गया है। शुक्रवार को दिल्ली से विमान सुबह 8 बजे उड़ान भरकर 10:35 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। इसके बाद बिलासपुर से प्रयागराज के लिए सुबह 11 बजे उड़ान निर्धारित है, जो दोपहर 12:15 बजे पहुंचेगी। प्रयागराज से दिल्ली के लिए विमान दोपहर 12:40 बजे रवाना होकर 2:30 बजे पहुंचेगा। इसी तरह रविवार को दिल्ली से प्रयागराज के लिए सुबह 8 बजे उड़ान होगी। प्रयागराज से विमान सुबह 10:15 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होकर 11:35 बजे पहुंचेगा। इसके बाद बिलासपुर से दिल्ली के लिए दोपहर 12 बजे विमान रवाना होगा, जो 2:40 बजे पहुंचेगा। इसी समय में बदलाव हुआ है। यह विमान बिलासपुर से शाम उड़ता था।

    कोलकाता की उड़ान शुक्रवार और रविवार को विंटर शेड्यूल में
    बिलासपुर-कोलकाता के बीच शुक्रवार और रविवार को विमान सेवा निर्धारित की गई है। शुक्रवार को कोलकाता से विमान सुबह 11:40 बजे रवाना होकर दोपहर 1:30 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। इसके बाद बिलासपुर से दोपहर 1:55 बजे उड़ान भरकर शाम 4:10 बजे कोलकाता पहुंचेगा। रविवार को कोलकाता से विमान सुबह 9:30 बजे रवाना होकर 11:15 बजे बिलासपुर पहुंचेगा। वापसी में बिलासपुर से सुबह 11:40 बजे उड़ान भरकर विमान दोपहर 1:30 बजे कोलकाता पहुंचेगा।

    बिलासपुर को नहीं मिली नई उड़ान, समिति नाराज
    हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति और बिलासपुर की जनता के लगातार विरोध के बाद बिलासपुर से कोलकाता की उड़ान को बहाल तो कर दिया गया है। लेकिन बिलासपुर को कोई नई उड़ान नहीं सुविधा नहीं दी गई है। जिसकी आलोचना करते हुए समिति ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने पहले से ही सर्व सुविधायुक्त रायपुर एयरपोर्ट को हैदराबाद और नई दिल्ली की दो नई सब्सिडी वाली उड़ानें दी है। रायपुर से दिल्ली के लिए दिन में पहले से ही छह उड़ान चल रही है और रायपुर से हैदराबाद के लिए भी तीन उड़ने उपलब्ध है। इसके बावजूद सरकार की अनुशंसा पर और सब्सिडी दिए जाने पर रायपुर से रीवा होकर दिल्ली सप्ताह में तीन दिन और रायपुर से जगदलपुर होकर हैदराबाद सप्ताह में तीन दिन उड़ान एलायंस एअर चलाएगा। रायपुर को पहले से ही इंडिगो एयर इंडिया, स्टार एयरवेज समेत कई कंपनियों की सेवा मिल रही है जबकि बिलासपुर को केवल एलायंस एअर अपनी सेवा दे रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के इस फैसले से अब एलायंस एअर की सेवाओं में भी बंटवारा कर दिया गया है। यह देखते हुए कि एलायंस एअर के पास विमानो की कमी है राज्य सरकार के द्वारा इसके उड़ानों को रायपुर के लिए डाइवर्ट करना व्यापक जनहित में नहीं है।

    समिति ने की मांग
    हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति की मांग है कि अंबिकापुर-रायपुर-जगदलपुर-हैदराबाद उड़ान को अंबिकापुर-बिलासपुर-जगदलपुर होकर हैदराबाद चलाया जाए। वहीं रायपुर-रीवा-दिल्ली उड़ान की कोई आवश्यकता नहीं बताते हुए उसे बिलासपुर-रीवा-दिल्ली के लिए चलाने का मुद्दा उठाया है। 

  • Digital India: भारत के डिजिटल पेमेंट में दिखेगी समावेशी तकनीक की ताकत, वैश्विक मंच पर पेश होगा भारतीय मॉडल

    Digital India: भारत के डिजिटल पेमेंट में दिखेगी समावेशी तकनीक की ताकत, वैश्विक मंच पर पेश होगा भारतीय मॉडल

    नईदिल्ली 
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में आयोजित ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक फोरम में पावर टू एंपावर का विजन पेश किया. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में टेक्नोलॉजी, डेटा, ज्ञान और इनोवेशन ही असली ताकत हैं, लेकिन इनका उद्देश्य लोगों को सशक्त बनाना होना चाहिए. पीएम मोदी ने भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम, सस्ती इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम की उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने बताया कि देश में स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख से अधिक हो गई है. साथ ही, सरकार की योजनाओं के जरिए पिछले एक दशक में 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर निकलने का भी उल्लेख किया।

     PM मोदी ने कहा कि आज टेक्नोलॉजी, डेटा, नॉलेज और इनोवेशन सबसे बड़ी ताकत हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि इसका इस्तेमाल कैसे हो रहा है. पीएम मोदी के कहा कि, क्या टेक्नोलॉजी सिर्फ कुछ ही लोगों को आगे बढ़ाती है या फिर लाखों लोगों के लिए नए लोगों के लिए नए मौके बनाती है। 

    भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को इन्क्लूसिव टेक्नोलॉजी का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने विदेशी मेहमानों से अपील की कि वे इसे खुद आजमाकर देखें।

    स्ट्रीट वेंडर से कार शोरूम तक एक ही प्लेटफॉर्म
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जो अतिथि विदेश से आए हैं, उन्हें मैं कहूंगा कि आप भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को आजमाकर देखिए। हमारे यहां एक स्ट्रीट वेंडर और कार शोरूम का कारोबार अलग-अलग है, उनका स्केल अलग है, लेकिन भारत में ये दोनों डिजिटल पेमेंट के एक ही प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही इन्क्लूसिव टेक्नोलॉजी की ताकत है।”

    लोकतंत्र की जननी और डिजिटल विविधता का देश
    पीएम मोदी ने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए देश की डिजिटल विविधता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में 100 से अधिक भाषाएं, करीब 80,000 रजिस्टर्ड अखबार और प्रकाशन तथा 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल हैं। सोशल मीडिया के दौर में यहां सैकड़ों करोड़ यूट्यूब उपभोक्ता और विशाल डिजिटल उपभोक्ता आधार मौजूद है। डिजिटल पावर ने मठों और विभिन्न संप्रदायों पर सामूहिक चर्चाओं में भी बड़ी भूमिका निभाई है।

    स्टार्टअप क्रांति: छोटे शहरों से निकल रही नई प्रतिभाएं
    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 2014 से पहले देश में कुछ सौ स्टार्टअप ही हुआ करते थे, अब इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है। इनमें से करीब आधे छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं। 45 प्रतिशत स्टार्टअप में एक महिला डायरेक्टर या पार्टनर है। इससे साफ है कि इनोवेशन के अवसर अब ज्यादा लोगों तक पहुंच रहे हैं और नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।

    दुनिया के साथ साझा कर रहा है भारत अपना डिजिटल अनुभव
    पीएम मोदी ने कहा कि भारत दूसरे देशों के साथ डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अनुभव साझा कर रहा है, ताकि वे अपनी जरूरतों के हिसाब से डिजिटल सिस्टम बना सकें। कोविड-19 के दौरान ओपन सोर्स ‘को-विन’ प्लेटफॉर्म भी बनाया गया था। उन्होंने जोर दिया, “हमारी लगातार कोशिश यही है कि भारत की क्षमताएं दूसरे देशों के लिए भी संभावनाओं के नए रास्ते खोलें। हमारी क्षमताओं से मानवता सशक्त होनी चाहिए।”

    इनोवेशन की असली ताकत ज्यादा लोगों तक पहुंचने में
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी आइडिया को प्रोडक्ट में और समस्या को समाधान में बदलना बड़ी काबिलियत है। लेकिन जब समाज के ज्यादा से ज्यादा लोगों को यह मौका मिलता है, तो ताकत का संतुलन बना रहता है और इसका असर कई गुना बढ़ जाता है। यही इन्क्लूसिव इनोवेशन की असली ताकत है।

    उन्होंने कहा कि क्या नॉलेज सिर्फ कुछ लोगों की ताकत तक सीमित रहता है या फिर यह हर किसी की कैपेसिटी बढ़ाता है, और यहीं से एक नई सोच का जन्म होता है, पावर टू एम्पावर। 

    प्रधानमंत्री ने कहा, भारत लोकतंत्र की जननी है, भारत में 100 से अधिक भाषाएं हैं, करीब 80,000 रजिस्टर्ड न्यूज पेपर और पब्लिकेशन्स हैं. 1,000 से ज़्यादा सैटेलाइट टीवी चैनल्स हैं. इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के दौर में भारत में 500 मिलियन से ज्यादा यूट्यूब यूजर्स हैं. 500 मिलियन से ज्यादा इंस्टाग्राम यूजर्स हैं। 

     

  • हमीदिया अस्पताल ने बढ़ाया देश में भोपाल का मान, NABH के छठवें एडिशन में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि

    हमीदिया अस्पताल ने बढ़ाया देश में भोपाल का मान, NABH के छठवें एडिशन में हासिल की ऐतिहासिक उपलब्धि

    भोपाल
    गांधी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध हमीदिया अस्पताल को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फार हॉस्पिटल्स (NABH) के नवीनतम छठवें एडिशन मानकों के अनुरूप पुनः पूर्ण मान्यता प्रदान की गई है। इसके साथ ही हमीदिया अस्पताल देश का पहला ऐसा सबसे बड़ा 1820 बिस्तरीय शासकीय अस्पताल बन गया है, जिसे एनएबीएच के छठे संस्करण की यह प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई है।

    तीन सदस्यीय टीम ने किया सर्विलांस असेसमेंट
    अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं, व्यवस्थाओं और गुणवत्ता संबंधी प्रक्रियाओं का बारीकी से निरीक्षण करने के लिए एनएबीएच की तीन सदस्यीय संयुक्त टीम ने 10 जुलाई 2026 से 12 जुलाई 2026 तक यहां सर्विलांस असेसमेंट किया था। टीम द्वारा सभी पैमानों पर विस्तृत और गहन मूल्यांकन किए जाने के बाद 12 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक रूप से अस्पताल को अगस्त 2028 तक के लिए यह मान्यता सौंप दी गई।

    2024 में मिला था पांचवें एडिशन का प्रमाण
    उल्लेखनीय है कि हमीदिया अस्पताल को इससे पहले वर्ष 2024 के अगस्त माह में एनएबीएच के पांचवें एडिशन के तहत पूर्ण मान्यता प्राप्त हुई थी। समय के साथ अस्पताल ने अपनी चिकित्सा प्रणालियों को और अधिक उन्नत बनाते हुए अब नवीनतम छठवें एडिशन के कड़े मानकों को भी पूरा कर लिया है।

    अधीक्षक ने बताई बड़ी उपलब्धि
    अधीक्षक डा. सुनीत टंडन ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को दिखाता है। जिससे आम मरीजों को और अधिक बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधाएं मिल सकेंगी।

  • सितंबर में बल्ले से धमाल मचाने वाले शुभमन गिल और शेफाली वर्मा को ICC का बड़ा सम्मान

    सितंबर में बल्ले से धमाल मचाने वाले शुभमन गिल और शेफाली वर्मा को ICC का बड़ा सम्मान

    नई  दिल्ली
    गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में 333 रन बनाए थे. इसमें एक शतक और नाबाद दोहरा शतक शामिल था. दूसरी ओर, शेफाली ने सितंबर में सात टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 360 रन बनाने के साथ छह विकेट भी झटके. दोनों खिलाड़ियों के लिए यह सम्मान उनके शानदार प्रदर्शन पर ICC की मुहर है.

    गिल ने 223 रनों की पारी से रचा इतिहास
    शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में 108 गेंदों पर 110 रन बनाए. भारत ने 296 रनों का लक्ष्य दो विकेट खोकर हासिल कर लिया.

    इसके तीन दिन बाद गुवाहाटी में गिल ने वनडे क्रिकेट की यादगार पारियों में से एक खेली. वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 405/7 रन बनाए थे. जवाब में भारतीय कप्तान ने महज 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन ठोक दिए. उनकी पारी में 26 चौके और आठ छक्के शामिल थे.

    रोहित शर्मा ने भी 75 गेंदों पर 101 रन बनाए. दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 255 रनों की साझेदारी हुई, जो भारत की धरती पर वनडे में उसकी सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी है. भारत ने 43.3 ओवरों में दो विकेट पर 406 रन बनाकर मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया.

    गिल ने 62 गेंदों में शतक और 117 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया. उनका दोहरा शतक वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक और सफल रन चेज में किसी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बना.

    यह गिल का पांचवां ICC मेन्स प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड है. इससे पहले वह जनवरी 2023, सितंबर 2023, फरवरी 2025 और जुलाई 2025 में यह सम्मान जीत चुके हैं. इस तरह उन्होंने पुरुष क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार यह अवॉर्ड जीतने का अपना रिकॉर्ड और मजबूत किया.

    शेफाली का बल्ले और गेंद से कमाल
    महिला क्रिकेट में शेफाली वर्मा ने सितंबर में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से प्रभावित किया. उन्होंने सात टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 72 की औसत और 184.61 के स्ट्राइक रेट से 360 रन बनाए. ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हुए उन्होंने छह विकेट भी हासिल किए. उनका गेंदबाजी औसत 13 और इकॉनमी रेट 4.33 रहा.

    यह दूसरी बार है, जब शेफाली को ICC विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ चुना गया है. इससे पहले नवंबर 2025 में भारत को घरेलू मैदान पर महिला क्रिकेट विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाने के बाद उन्हें यह सम्मान मिला था.

    एशिया कप में सबसे ज्यादा रन, एशियन गेम्स में शतक
    शेफाली UAE में खेले गए महिला एशिया कप में भारत की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं. उन्होंने पांच पारियों में 236 रन बनाए. बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में 64 और श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 68 रनों की पारियां खेलीं. भारत ने इस जीत के साथ रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया.

    इसके बाद जापान के नागोया में हुए एशियन गेम्स में भी शेफाली का बल्ला खूब चला. उन्होंने तीन पारियों में 188 रन बनाए. जापान के खिलाफ नाबाद 40 रन बनाने के बाद उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में महज 49 गेंदों पर 100 रनों की नाबाद पारी खेली. यह उनका पहला टी20 इंटरनेशनल शतक था. उनके प्रदर्शन से भारत ने फाइनल में जगह बनाई और बाद में श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक जीता.

    स्वर्ण पदक के मुकाबले में शेफाली ने बल्ले से 48 रन बनाए. गेंद से भी उन्होंने दो विकेट लेकर भारत की 147 रनों की बड़ी जीत में अहम योगदान दिया. एशिया कप में उन्होंने दो और एशियन गेम्स में चार विकेट हासिल किए. इस शानदार प्रदर्शन के बाद वह ICC महिला टी20 इंटरनेशनल बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष चार में पहुंच गईं.

    अवॉर्ड जीतने पर क्या बोले दोनों खिलाड़ी?
    शुभमन गिल ने पांचवीं बार यह सम्मान मिलने पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि घरेलू दर्शकों के सामने रन बनाना और सफल रन चेज में टीम का हिस्सा होना बेहद संतोषजनक रहा. उन्होंने यह भी कहा कि वनडे क्रिकेट की रफ्तार तेजी से बढ़ी है और खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना जरूरी है.

    वहीं, शेफाली वर्मा ने दूसरी बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतने को शानदार सम्मान बताया. उन्होंने कहा कि एशिया कप और एशियन गेम्स की जीत में योगदान देना उनके लिए बेहद संतोषजनक रहा और इस अवॉर्ड ने उन उपलब्धियों को और खास बना दिया.

    शेफाली ने आगे जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत की आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज और अगले साल फरवरी में होने वाली ICC महिला चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर उत्साह जताया. उन्होंने कहा कि विश्व कप जीतने की यादें अब भी ताजा हैं और घरेलू मैदान पर एक और ICC टूर्नामेंट में खेलने का इंतजार है.

  • ₹700 करोड़ के घोटाले में नया खुलासा, कालका नगर परिषद के ₹18.46 करोड़ भी जांच के घेरे में

    ₹700 करोड़ के घोटाले में नया खुलासा, कालका नगर परिषद के ₹18.46 करोड़ भी जांच के घेरे में

    चंडीगढ़
     हरियाणा के विभिन्न विभागों, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट सोसायटी में 700 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई ने सोमवार को चार और आरोपितों को गिरफ्तार किया।

    इनमें सेक्टर-35 के बर्तन कारोबारी गौरव कांसल के अलावा सिद्धार्थ नरूला, मोहित और मनोज शामिल हैं। चारों को पंचकूला की सीबीआई अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेजा है।

    सीबीआई के अनुसार, गौरव ने सरकारी खातों से निकाली गई रकम को कैश में बदलने और उसे दोबारा बैंक खातों में जमा कराने में अहम भूमिका निभाई। दो वर्षों के दौरान उसने आइडीएफसी बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर और मामले के कथित मास्टरमाइंड रिभव ऋषि के साथ मिलकर 94 करोड़ रुपये ठिकाने लगाए।

    एजेंसी का आरोप है कि आरोपितों ने गिरोह की तरह काम किया। अब जांच की जा रही है कि रकम किन लोगों तक पहुंची और उससे कहां संपत्ति खरीदी गई। सीबीआई के मुताबिक, छह दिसंबर 2023 से पांच दिसंबर 2025 के बीच जाली कंपनियों आरएस ट्रेडर्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स से भारत डिस्ट्रिब्यूटर्स के खाते में 82 लेन-देन के जरिए 26.78 करोड़ रुपये भेजे गए।

    इसके बदले 66 लेन-देन के माध्यम से 25.18 करोड़ रुपये वापस भेजे गए। एजेंसी का आरोप है कि इस लेन-देन के बदले कैश भी दिया गया। सरकारी खातों से निकाली गई रकम को सीधे खर्च करने के बजाय कई बैंक खातों से घुमाकर कैश में बदला जाता था, ताकि स्रोत और अंतिम लाभार्थियों का पता लगाना मुश्किल हो।

    सीबीआई के अनुसार, प्रक्रिया का संचालन रिभव ऋषि के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कार्यालय से होता था। गौरव कैश कन्वर्टर के तौर पर काम करता था। उसके एक चचेरे भाई की भूमिका की भी जांच हो रही है। सीबीआई के मुताबिक, गौरव ने 140 से अधिक लेन-देन के जरिए रिभव ऋषि के लिए सरकारी धन ठिकाने लगाया और कैश कन्वर्टर्स तक करीब 94 करोड़ रुपये पहुंचाए।

    नगर परिषद कालका के 18 करोड़ और आइएएस के बेटे तक हवाला
    सबसे सनसनीखेज खुलासा 20 जनवरी 2026 का है। एमसी कालका के खाते से 18.46 करोड़ रुपये उड़ाए गए। इसमें से 4 करोड़ रुपये एसआरआर प्लानिंग गुरुज के आरबीएल खाते में गए, जिसने उसी दिन 2.50 करोड़ रुपये मेगा स्टोर को भेज दिए।

    21 और 22 जनवरी को स्वास्तिक ने 80 लाख और 1.10 करोड़ रुपये और भेजे। 22 जनवरी 2026 को रिभव ऋषि के कहने पर मोहित गोयल ने अपने स्टोर और अपने जानकारों के जरिए 2 करोड़ रुपये कैश का इंतजाम किया। यही 2 करोड़ रुपये उसी शाम हवाला चैनल से दिल्ली में आरोपित आइएएस आरके सिंह के बेटे तक पहुंच गए। इस तरह कालका नगर परिषद का सरकारी पैसा 48 घंटे के अंदर कैश बनकर एक लोकसेवक तक पहुंच गया।

    सरकारी खजाने के 59.50 करोड़ डकारे
    वहीं गिरफ्तार तीसरा आरोपित सेक्टर-32डी में एससीओ 357 में संचालित चंडीगढ़ मेगा स्टोर का मालिक मोहित गोयल है। आरोपित सेक्टर-37बी का रहने वाला है। सीबीआइ के मुताबिक, मोहित गोयल जानता था कि आरएस ट्रेडर्स और कैपको फिनटेक सर्विसेज, रिभव ऋषि की फर्में हैं।

    आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि ने ही उसके स्टोर का खाता खुलवाया था। 11 अक्टूबर 2023 से 28 जनवरी 2026 के बीच आरोपित फर्मों आरएस ट्रेडर्स, कैपको फिनटेक, स्वास्तिक देश और एसआरआर प्लानिंग गुरुज ने मोहित गोयल और उसकी दो फर्मों -चंडीगढ़ मेगा स्टोर और भगवती एजेंसीज को 112 बार में 59 करोड़ 50 लाख 47 हजार 515 रुपये भेजे। बदले में उसने सिर्फ 14 करोड़ 5 लाख 24 हजार रुपये ही बैंक से वापस भेजे।

  • रांची के 32 पुलिस थानों में CCTV नहीं, हाईकोर्ट ने गृह सचिव और DGP से मांगी समय-सीमा

    रांची के 32 पुलिस थानों में CCTV नहीं, हाईकोर्ट ने गृह सचिव और DGP से मांगी समय-सीमा

    रांची
    झारखंड हाई कोर्ट जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अखिल कुमार की अदालत में रांची जिले के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से संबंधित मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा कि सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण रांची में चेन छिनतई जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।

    सड़क दुर्घटनाओं के बाद भी वाहन चालक मौके से बचकर निकल जाते हैं। ऐसे में अपराध पर नियंत्रण और दुर्घटनाओं में शामिल वाहनों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों का चालू रहना जरूरी है। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि रांची के जिन 32 पुलिस थानों में अब तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं, वहां कब तक कैमरे लगा दिए जाएंगे।

    अदालत ने गृह सचिव, रांची के एसएसपी और डीजीपी को इस संबंध में समय-सीमा के साथ जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी। अदालत ने रांची के सभी थानों और शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे कैमरों को चालू रखने का निर्देश दिया है।

    सरकार ने दाखिल किया शपथ पत्र
    सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल किया गया। इसमें बताया गया कि रांची शहर के आठ पुलिस थानों और ग्रामीण क्षेत्रों के 24 पुलिस थानों में अब तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। अदालत ने इन सभी थानों में कैमरे लगाने की समय-सीमा स्पष्ट करने का निर्देश दिया।

    सरकार के शपथ पत्र के अनुसार, रांची शहर के 17 पुलिस थानों और ओपी में फिलहाल 123 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। शहर के जिन आठ थानों और इकाइयों में कैमरे नहीं लगे हैं, उनमें हिंदपीढ़ी, पंडरा ओपी, बरियातू, धुर्वा, एयरपोर्ट, विधानसभा, एएचटीयू और साइबर पुलिस स्टेशन शामिल हैं।

    सीसीटीवी लगाने के टेंडर पर भी मांगा जवाब
    हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि पूरे राज्य में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए जारी टेंडर की वर्तमान स्थिति क्या है। इसके अलावा अदालत ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) से भी राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के संबंध में जानकारी मांगी है।