Author: NewseDay

  • पटना ड्रग्स केस में बड़ा खुलासा, ब्राउन शुगर में पैरासिटामोल मिलावट की जांच

    पटना ड्रग्स केस में बड़ा खुलासा, ब्राउन शुगर में पैरासिटामोल मिलावट की जांच

    पटना
    ब्राउन शुगर में पैरासिटामोल मिलाने का शक होने पर पुलिस, औषधि और खाद्य संरक्षा विभाग ने जब्त ड्रग्स की जांच तेज कर दी है। नशे के कारोबार की जांच अब सिर्फ ब्राउन शुगर की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गई है।

    नशीले पदार्थों में भी मिलावट का खेल शुरू हो गया है। हाल में फुलवारीशरीफ से गिरफ्तार ड्रग पैडलर आकाश कुमार से मिली जानकारी की पड़ताल भोजपुर से फतुहा की एक फूड सप्लीमेंट कंपनी से होते हुए दिनकर गोलंबर स्थित मेडिकल स्टोर तक पहुंची है।

    फूड सप्लीमेंट कंपनी में कोई ऐसा संदिग्ध उपकरण या सामग्री नहीं मिली, जिससे यह साबित हो कि वहां नशीली दवा तैयार की जा रही थी। ऐसे में उसके बनाए छह उत्पादों को जांच के लिए प्रयोगशाल भेजा गया है ताकि यह पता चल सके कि कहीं इसमें ड्रग्स का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है।

    वहीं, औषधि विभाग मेडिकल स्टोर से लेकर दवा कंपनी तक से पड़ताल कर रहा है, किस आधार पर इतनी बड़ी मात्रा में पैरासिटामोल ब्राउन शुगर कारोबारियों को बेची गई।

    ब्राउन शुगर में पैरासिटामोल मिलावट की जांच के लिए पुलिस, औषधि विभाग निरीक्षक सत्यनारायण सरन व इंद्रकांत, खाद्य संरक्षा विभाग अभिहित पदाधिकारी सुदामा चौधरी व डा. सुदिन कुमार सुमन आदि की की टीम बनाई गई है।

    असली खतरा अज्ञात मिश्रण
    हेरोइन में एविल-सेट्रेजिन, बेंजोडायजेपाम, बार्बियूरेट्स जैसे पदार्थ तो सफेद ब्राउन शुगर की मात्रा बढ़ाने के लिए उसमें पैरासिटामोल टैबलेट को पीस कर मिलाने की आशंका है। ब्राउन शुगर या हेरोइन जैसे अवैध ड्रग्स में कौन से पदार्थ कितनी मात्रा में है, इसकी कोई जानकारी नहीं होती।

    यही कारण है इसकी हर खेप का असर व जहरीलापन अलग-अलग होता है। पैरासिटामोल खुद नशीली दवा नहीं है, लेकिन यदि इसे पैडलर मिला रहे हैं तो सिर्फ मात्रा बढ़ती है और नशे कारोबारियों का फायदा बढ़ता है।

    यदि, इसी पैरासिटामोल को ब्राउन शुगर तैयार करने के क्रम में मिलाया जाता है, तो एक अज्ञात रासायनिक मिश्रण बनता है, जिसकी घातकता अभी अज्ञात है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यदि ब्राउन शुगर मूल तत्व अफीम में यदि ऐसी दवाएं मिलाई जा रही हैं तो मस्तिष्क व सांस की गतिविधि में दबाव बढ़ने से बेहोशी, सांस धीमा होना, ओवरडोज का खतरा, पैरासिटामोल की अत्यधिक मात्रा अलग से लिवर गंभीर नुकसान हो सकता है। कई बार मस्तिष्क में आक्सीजन की कमी से मौत तक हो सकती है।

    फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट खोलेगी कई राज
    जांच तथ्यों के अनुसार, फूड सप्लीमेंट कंपनी के संचालक ने दिनकर गोलंबर स्थित मेडिकल स्टोर से पैरासिटामोल उपलब्ध कराई थी। औषधि विभाग मेडिकल स्टोर को सील कर खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, बिल, स्टाक आदि के आधार पर पूछताछ कर रही है।

    पुलिस देख रही है कि मेडिकल स्टोर से लिया गया पैरासिटामोल नशे के कारोबारियों तक कैसे पहुंचा, इसका इस्तेमाल ब्राउन शुगर में मिलावट के लिए किया या निर्माण के लिए।

    वहीं, फोरेंसिक लैब में जब्त ड्रग में मिले विशिष्ट रासायनिक घटकों की प्रोफाइलिंग से अलग-अलग खेपों या आपराधिक मामलों के बीच संबंध तलाशा जाएगा।

    ब्राउन शुगर में मिलावट के लक्षण
    ब्राउन शुगर-हेरोइन में कैफीन, पैरासिटामोल, बेंजोडायजेपाम, बार्बियूरेट्स जैसी दवाएं मिलाने से सेवन के बाद व्यक्ति में अचानक अत्यधिक सुस्ती, कमजोरी, संतुलन बिगड़ना, अस्पष्ट बोलना व संज्ञानात्मक गड़बड़ी के लक्षण सामने आते हैं।

    इन जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं अब निगाहें

    • फूड सप्लीमेंट कंपनी से लिए गए छह नमूनों में कौन-कौन से रासायनिक घटक मिले, कोई औषधीय पदार्थ मौजूद है या नहीं?
    • पैरासिटामोल की खरीद किस मात्रा में और किसके लिए हुई?
    • मेडिकल स्टोर के बिल और स्टाक रजिस्टर में क्या दर्ज है?
    • कंपनी और मेडिकल स्टोर के बीच दवा के लेन-देन का स्वरूप क्या है?
    • पकड़े गए आरोपितों के बयान की इन दस्तावेजों से पुष्टि होती है या नहीं?
    • ब्राउन शुगर के जब्त नमूने और फूड कंपनी के सैंपल में कोई रासायनिक समानता है या नहीं?

        औषधि विभाग के साथ पुलिस, खाद्य संरक्षा विभाग व आयुष विभाग की संयुक्त टीम इस मामले की जांच कर रही है। ब्राउन शुगर आदि में कौन से पदार्थ मिलाए गए पुलिस फोरेंसिक लैब में इसकी जांच करा रही है। भारी मात्रा में पैरासिटामोल कैसे किसी व्यक्ति को बेची जा रही थी, इस दिशा में औषधि विभाग की टीम जांच कर रही है। मेडिकल स्टोर से सीएंडएफ व कंपनी तक से इस नेटवर्क की जांच की जा रही है। -नित्यानंद किसलय,

    राज्य औषधि नियंत्रक
        ब्राउन शुगर सफेद रंग का होता है, ऐसे में पैरासिटामोल टैबलेट इसकी मात्रा बढ़ाने के लिए ही मिलाया जाता होगा ताकि उससे अधिक लाभ कमाया जा सके। हेराइन में एविल आदि मिलाते हैं, जिससे घातक लिवर इंजरी की आशंका बढ़ जाती है। -प्रो. हितेष मिश्रा,
    फार्माकोलाजी विभाग, आइजीआइएमएस

        ब्राउन शुगर-हेरोइन जैसे ड्रग्स में एविल, बेंजोडायजापाम, बार्बियूरेट्स व पैरासिटामोल जैसी दवाएं मिलाई जाती हैं। मिलावट के कारण इसकी लत छुड़ाना अपेक्षाकृत शुद्ध ब्राउन शुगर या हेराइन की तुलना में आसान होता है। हालांकि, यदि इस फेर में ओवरडोज होता है तो परिणाम घातक हो सकते हैं। -डॉ. विवेक विशाल, नशा मुक्ति विशेषज्ञ

     

  • वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और सुधार का आखिरी मौका, झारखंड में तारीख 30 सितंबर

    वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और सुधार का आखिरी मौका, झारखंड में तारीख 30 सितंबर

    रांची
    भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावा-आपत्ति चरण की समय सीमा बढ़ाकर अब 30 सितंबर तक कर दी है। अब पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने या प्रारुप मतदाता सूची में अपने नाम आदि में सुधार के लिए इस अवधि तक निर्धारित फार्म भर सकेंगे।

    दावा-आपत्ति चरण की समय सीमा को दूसरी एवं अंतिम बार अवधि विस्तार दिया गया है। राज्य के प्रत्येक पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो सके, इस उद्देश्य से यह अवधि विस्तार दिया गया है। पहले दावा-आपत्ति चरण की सीमा 15 सितंबर को खत्म हो रही थी।

    राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि जो नागरिक एसआईआर के तहत प्रकाशित प्रारुप मतदाता सूची में अभी तक सम्मिलित नहीं हैं, वे अब 30 सितंबर तक ईसीआइनेट के माध्यम से अथवा अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर फार्म-6 एवं आवश्यक घोषणा पत्र अवश्य जमा करें।

    उनके अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए एसआइआर के तहत दावा-आपत्ति की पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि चार सितंबर को बढ़ाते हुए 15 सितंबर किया गया था। विभिन्न स्टेकहोल्डर के माध्यम से प्राप्त हो रहे अनुरोध एवं प्राप्त हो रहे फार्म-6, फार्म-7 एवं फार्म–8 की संख्या को देखते हुए दावा आपत्ति की तिथि अंतिम बार बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है।

    इससे उन पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम सम्मिलित कराने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जिनका नाम प्रारुप मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं हो पाया है। इसके साथ-साथ फार्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आपत्ति दर्ज करा सकते हैं तथा फार्म-8 के माध्यम से अपने संबंधित मतदान केंद्र के लिए नाम स्थानांतरित एवं प्रविष्टियों में सुधार करा सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि ऐसे सभी पात्र भारतीय नागरिक, जो एक अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरे कर चुके हैं और जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे इस अतिरिक्त अवसर का लाभ उठाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर फार्म-6 अवश्य भरें।

    क्या है फार्म जमा होने की वर्तमान स्थिति
        फार्म-6 के माध्यम से प्राप्त आवेदन : 4,86,783
        फार्म-6 ए के माध्यम से प्राप्त आवेदन : 87
        फार्म-7 के माध्यम से प्राप्त आवेदन/आपत्तियां : 5,689
        फार्म-8 के माध्यम से प्राप्त कुल आवेदन : 3,11,770

     

  • बिहार में UCC पर आमने-सामने JDU-RJD, जीतन राम मांझी ने समर्थन में रखी बात

    बिहार में UCC पर आमने-सामने JDU-RJD, जीतन राम मांझी ने समर्थन में रखी बात

    पटना
    बिहार में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर सियासी संग्राम मचा हुआ है। इस बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने यूसीसी पर अपनी बात रखते हुए इसे लागू किए जाने का समर्थन किया है। दरअसल केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कुछ दिनों पहले कहा था कि साल 2029 से पहले भाजपा शासित 21 राज्यों में यूसीसी लागू किया जाएगा। अमित शाह के इस ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू विधायक श्याम रजक ने कह दिया था कि बिहार में यूसीसी को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, बाद में जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि यूसीसी के प्रावधानों पर विमर्श के बाद पार्टी कोई निर्णय़ लेगी।

    अब केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी ने UCC को लेकर एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जीतन राम मांझी ने तीन तलाक और धारा 370 पर भी अपना रुख साफ किया है। जीतन राम मांझी ने एक्स पर लिखा, 'बाबा साहेब का संविधान देश के धर्मनिरपेक्षता की नीति पर आधारित है जो हमें समानता का भी अधिकार देता है। UCC के अनुपालन में किसी प्रकार के दांव पेच की बात करना मेरी समझ में गैर संवैधानिक है जिसे मोदी जी के नेतृत्व वाली हमारी सरकार ने काफी सोच समझकर लागू करने का निर्णय लिया है।

    वैसे देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी समय-समय पर UCC अनुपालन हेतु हमारी सरकार को निर्देशित किया था जिसे पुरानी सरकारों ने कभी तव्वजो नहीं दिया। पर हम हर संवैधानिक व्यवस्था को लागू करने के पक्षधर हैं चाहें वह ट्रिपल तलाक़ का मामला हो या धारा-370 का। वैसे मैं सरकार के मंत्री होने के नाते एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि मोदी जी के नेतृत्व वाली हमारी सरकार ना तो किसी का चेहरा देखकर काम करेगी ना ही किसी ख़ास को खुश करने के लिए।

    “अब तालाब के पानी पर सबों का अधिकार होगा”
    बराबरी का अधिकार मतलब UCC…

    हम हर वह फ़ैसला ले रहें हैं जो राष्ट्रहित में हैं।

    क्योंकि हम रहें या ना रहें ये देश रहना चाहिए।

    धन्यवाद मोदी जी,धन्यवाद अमित शाह जी।

    आप हैं तो देश निश्चित है,देश के अवाम को भरोसा है।'

    तेजस्वी यादव यूसीसी पर क्या बोले
    बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद ) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। मंगलवार को तेजस्वी यादव ने आरोप था लगाया कि बिहार में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के सवाल पर स्पष्ट रुख अपनाने से हिचकिचाकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू की मौजूदा स्थिति के लिए यादव ने उसके राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा को जिम्मेदार ठहराया था।

    पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से कहा था कि संजय झा ने जदयू को बर्बाद कर दिया है। वह भाजपा की इच्छा के अनुसार पार्टी चला रहे हैं। अब जदयू केवल भाजपा के इशारे पर काम करती है। इस मामले में भी वही हुआ है। तेजस्वी यादव ने दोहराया कि हम इस तरह के कानून के विरोध में रहे हैं और हर स्तर पर इसका विरोध करते रहेंगे।

  • पूर्व अग्निवीरों के लिए नौकरी का बड़ा मौका, यूपी की इन भर्तियों में 20% आरक्षण

    पूर्व अग्निवीरों के लिए नौकरी का बड़ा मौका, यूपी की इन भर्तियों में 20% आरक्षण

    पूर्व अग्निवीरों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, जेल वार्डर-प्रवर्तन सिपाही भर्ती में मिलेगा 20% क्षैतिज आरक्षण

    अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की विशेष छूट से बढ़ेंगे अवसर

    सैन्य प्रशिक्षण व अनुशासन से और ज्यादा मजबूत होगी जेलों की सुरक्षा

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने वाला महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। योगी सरकार ने देशसेवा के बाद लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों को प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने के लिए जेल वार्डर और परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की विशेष छूट भी मिलेगी। 

    जेल वार्डर और प्रवर्तन सिपाही भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण

    वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में जेल वार्डर तथा परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू होगा। पूर्व अग्निवीर जिस सामाजिक श्रेणी से संबंधित होंगे, उन्हें उसी श्रेणी में इस आरक्षण का लाभ देकर समायोजित किया जाएगा।

    अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की विशेष छूट

    4 वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों को भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी जाएगी। आयु की गणना में उनकी 4 वर्ष की सेवा अवधि को घटाने का प्रावधान किया गया है। इससे अधिक संख्या में पूर्व अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

    सैन्य अनुशासन से जेलों की सुरक्षा होगी मजबूत

    प्रदेश की जेलों में सामान्य अपराधियों के साथ गंभीर, कुख्यात और संवेदनशील अपराधियों को भी निरुद्ध किया जाता है। ऐसे में पूर्व अग्निवीरों का सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन, कौशल व सुरक्षा संबंधी अनुभव कारागारों की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में उपयोगी साबित होगा। इससे जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूती मिलेगी।

  • 18 सितंबर को उदित होंगे बुध, बनेगा भद्र राजयोग; इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

    18 सितंबर को उदित होंगे बुध, बनेगा भद्र राजयोग; इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

    : वैदिक ज्योतिष में बुद्धि, व्यापार, तर्क, संवाद और अर्थव्यवस्था के कारक ग्रह बुध को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. 18 सितंबर 2026 का दिन खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद खास रहने वाला है. इस दिन बुध देव अपनी सबसे प्रिय और उच्च राशि कन्या (Virgo) में उदित (Astro Rise) होने जा रहे हैं.

    जब कोई ग्रह उदित होता है, तो उसकी शक्ति और फल देने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है. उच्च राशि में बुध के उदित होने से 'भद्र राजयोग' को पूर्ण बल प्राप्त होगा. बुध का यह महा-उदय कई जातकों के लिए बुद्धि के बल पर सफलता हासिल करने और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के नए द्वार खोलेगा. विशेष रूप से 3 ऐसी राशियां हैं, जिनके लिए 18 सितंबर से 'मालामाल' होने के योग बन रहे हैं. आइए जानते हैं किन खुशकिस्मत राशियों की किस्मत का ताला खुलने वाला है.

    वृषभ राशि (Vrishabha Rashi)
    शुभ स्थिति: आपकी राशि से पांचवें (ज्ञान, बुद्धि, निवेश व अचानक धन-लाभ) भाव में बुध देव उदित होने जा रहे हैं.

    मिलेगा यह फायदा: बुध का उदय आपके लिए आकस्मिक धन-लाभ के रास्ते खोलेगा. यदि आपने पहले कहीं निवेश किया था, तो उससे अब बड़ा रिटर्न मिल सकता है. शेयर बाजार, ट्रेडिंग या लॉटरी से जुड़े काम करने वाले जातकों को उम्मीद से ज्यादा फायदा होगा. विद्यार्थियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है; प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी सफलता मिल सकती है.

    मिथुन राशि (Mithun Rashi)
    शुभ स्थिति: बुध आपकी राशि के स्वामी होकर आपके चौथे (सुख, संपत्ति व वाहन) भाव में उदित होंगे.

    मिलेगा यह फायदा: आपके लिए प्रॉपर्टी, नया मकान या वाहन खरीदने के मजबूत योग बन रहे हैं. पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद चल रहा था, तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है. नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन या सैलरी वृद्धि का शुभ समाचार मिल सकता है. जो लोग मीडिया, मार्केटिंग, आईटी या बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े हैं, वे बड़ा आर्थिक लाभ कमाएंगे.

    कन्या राशि (Kanya Rashi)
    शुभ स्थिति: बुध आपकी ही राशि (प्रथम भाव) के स्वामी हैं और वे आपकी राशि में ही उदित हो रहे हैं.

    मिलेगा यह फायदा: बुध के उदित होते ही आपकी सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता में जबर्दस्त सुधार आएगा. आपके रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे. व्यापार से जुड़े लोगों को कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है, जिससे भारी मुनाफा होगा. आपके व्यक्तित्व का प्रभाव बढ़ेगा और समाज व कार्यस्थल पर मान-सम्मान में भारी बढ़ोतरी होगी.

    बुध के उदय पर शुभ फल पाने के आसान उपाय
    – बुधवार के दिन भगवान गणेश को 21 दूर्वा (दूब घास) चढ़ाएं और मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं.

    – किसी गरीब या जरूरतमंद को हरी मूंग की दाल, हरे वस्त्र या स्टेशनरी की चीजें दान करें.

    – रोजाना तुलसी की माला से कम से कम 108 बार बुध देव के बीज मंत्र का जाप करें.

    – नियमित रूप से या बुधवार को गाय को हरा चारा या पालक खिलाएं.

  • पंजाब में ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई, कॉल सेंटर और IPS अधिकारी के ठिकानों पर छापा

    पंजाब में ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई, कॉल सेंटर और IPS अधिकारी के ठिकानों पर छापा

    चंडीगढ़
     पंजाब के पटियाला और मोहाली जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को छापामारी की। पटियाला के अर्बन एस्टेट फेज 2 में दम वेब सॉल्यूशन नाम के ऑफिस में रेड की। अर्बन एस्टेट फेज 2 में स्को 29 में खुले इस डीएम वेब सॉल्यूशन के अंदर कॉल सेंटर का काम किया जाता था।

    अधिकारियों की टीम में दो गाड़ियों में सवार होकर आई थी और सुबह से टीम ने रेड करने के बाद आने-जाने वालों पर रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि यह कॉल सेंटर दिन-रात चलता था। मौके पर 15 से 20 अधिकारी मौजूद हैं। वहीं, मोहाली सेक्टर 82 ए के प्लॉट नंबर 2010 ईडी ने छापामारी की है। कथित तौर पर यह रेड आईपीएस अधिकीरी से संबंधित है।

    जानकारी के अनुसार,  ईडी की जांच के दौरान इनपुट मिला था कि तकरीबन ढाई सौ 300 करोड रुपए का ट्रांजेक्शन विदेश में हुआ है। इस बीच जांच के दौरान अधिकारियों को मोहाली का इनपुट मिला।

    मोहाली स्थित ऑफिस की मालकिन के भाई का पटियाला में ऑफिस बना हुआ था। डीएम वेब सॉल्यूशन के नाम से खुले इस ऑफिस के जरिए ट्रांजेक्शन होने की जांच की जा रही है।

    यह ऑफिस पहले फ्लाइंग फेदर के नाम से चल रहा था लेकिन पिछले कुछ महीने से इसका नाम बदल कर डीएम वेब सॉल्यूशन कर दिया गया था। फ्लाइंग फेदर का ऑफिस छोटी बरादरी पटियाला में बना दिया था लेकिन वह भी पिछले कुछ समय से बंद कर दिया गया था।

     

  • UP में जमीन के इस्तेमाल बदलने की प्रक्रिया आसान, कृषि से उद्योग तक शुल्क हुआ कम

    UP में जमीन के इस्तेमाल बदलने की प्रक्रिया आसान, कृषि से उद्योग तक शुल्क हुआ कम

    लखनऊ
     राज्य सरकार ने महायोजना व क्षेत्रीय विकास योजना के तहत आने वाले क्षेत्र की भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ ही परिवर्तन शुल्क की दरों में भी तकरीबन 50 प्रतिशत तक की कमी कर दी है।

    अब 6000 वर्गमीटर तक की भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन का अधिकार संबंधित विकास प्राधिकरणों को ही होगा। इससे अधिक क्षेत्रफल के मामलों में ही शासन की अनुमति लेनी होगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क का निर्धारण, उद्ग्रहण एवं संग्रहण) नियमावली 2014 के तृतीय संशोधन संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।

    विभागीय विशेष सचिव राजेश कुमार राय ने बताया कि अभी किसी तरह के भू-उपयोग परिवर्तन का अधिकार राज्य सरकार को ही है। ईज आफ डूईंग बिजनेस और डी-रेगुलेशन कार्ययोजना के तहत प्रक्रियाओं में सुधार तथा डिजिटलीकरण तथा भूमि संबंधी सेवाओं के लिए आनलाइन प्रणाली को अपनाने पर भारत सरकार का जोर है।

    इसके मद्देनजर दूसरे राज्यों में भू-उपयोग परिवर्तन के संबंध में लागू व्यवस्था का अध्ययन करने के बाद राज्य में भी 6000 वर्गमीटर तक की भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन का अधिकार विकास प्राधिकरणों को देने का निर्णय़ किया गया है। राजस्थान में इस तरह की व्यवस्था पहले से लागू है।

    राय ने बताया कि भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में भी कमी की गई है। अब कृषि भूमि पर उद्योग लगाने के लिए सर्किल रेट का 20 प्रतिशत के बजाय 15 प्रतिशत ही देना होगा। इसी तरह आवासीय के मामले में 50 के बजाय 25, कार्यालय उपयोग के लिए 100 के बजाय 50, वाणिज्यिक उपयोग के लिए सर्किल रेट का 150 प्रतिशत के स्थान पर अब 75 प्रतिशत ही परिवर्तन शुल्क देना होगा।

    मिश्रित उपयोग के मामले में 125 प्रतिशत को घटाकर 65 प्रतिशत शुल्क किया गया है। विदित हो कि उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति-2023 के तहत परियोजना के लिए लाइसेंस हासिल करने वाले विकासकर्ताओं की भूमि तथा मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत जमीन के भू-उपयोग को कृषि से आवासीय में परिवर्तित करने का अधिकार सरकार पहले ही विकास प्राधिकरणों को दे चुकी है।

  • ब्रिक्स समिट भारत की मजबूत होती वैश्विक पहचान का प्रतीक : डॉ. यादव

    ब्रिक्स समिट भारत की मजबूत होती वैश्विक पहचान का प्रतीक : डॉ. यादव

    ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की विश्व में बढ़ती साख का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ब्रिक्स सम्मेलन की अपार सफलता और नई दिल्ली घोषणा पत्र के लिए पूरी मंत्रिपरिषद् ने एक स्वर में प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई
    प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा से संकल्प अभियान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को दी सरकार की उपलब्धियों एवं आगामी कार्यक्रमों की जानकारी

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नई दिल्ली में हाल ही में हुआ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सच्चे अर्थो में भारत की विश्व भर में बढ़ती भूमिका का प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री ने ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता और इस अवसर पर पारित हुए नई दिल्ली घोषणा पत्र को केन्द्र सरकार की कूटनीतिक जीत का प्रमाण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपना वर्चस्व साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले जी-20 और अब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता वैश्विक गवर्नेंस में भारत की बढ़ती लीडरशिप का जीवन्त उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद् की बैठक में मंत्रिगण को संबोधित कर रहे थे। बैठक में ब्रिक्स सम्मेलन की अपार सफलता के लिए पूरी मंत्रिपरिषद् द्वारा मेजें थप-थपाकर प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्र सरकार को बधाई और शुभकामनाएं देकर अभिनंदन किया गया। मंत्रिमण्डल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उनकी सफल दुबई यात्रा के लिए भी बधाई दी। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में दीर्घ अवधि से लंबित रहे बड़े कार्यों के पूरे होने, प्रदेश में परिवहन सेवाओं के विस्तार, ग्रामीण परिवारों को उनके पट्टे के पक्के अधिकार, निवेश के नए अवसरों तथा जनसेवा से जुड़े आगामी अभियानों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण से अपने-अपने प्रभार के जिलों में भी सरकार की सभी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नेतृत्व करने का भी आह्वान किया।  

    नई दिल्ली घोषणा-पत्र

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ब्रिक्स के 11 सदस्य देश विश्व की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान 25 शहरों में 350 से अधिक बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा-पत्र को सर्वसम्मति से अपनाया गया। शांति, आतंकवाद, व्यापार, वित्त, तकनीक और सतत् विकास पर साझा दृष्टिकोण सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक व्यवस्था को “पिरामिड ऑफ प्रिविलेज” से “प्लेटफॉर्म ऑफ पार्टनरशिप” में बदलने और “रूल टेकर से रूल शेपर” बनने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई गई और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम (कश्मीर) में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई। तेज, सुरक्षित एवं कम लागत वाले क्रॉस-बॉर्डर भुगतान तंत्र, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा साइबर सहयोग को समावेशी विकास के महत्वपूर्ण साधन के रूप में बढ़ाने पर जोर दिया गया। मध्यप्रदेश के लिए भी यह सम्मेलन गौरव का विषय रहा। इंदौर में ब्रिक्स युवा उद्यमिता कार्य समूह, कृषि कार्य समूह और 16वीं कृषि मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें ‘इंदौर घोषणा’ तथा भोपाल में संस्कृति कार्य समूह, ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव और 11वीं संस्कृति मंत्रियों की बैठक में ‘भोपाल घोषणा’अपनाई गई।

    17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 25 वर्षों में देश में विकास का जो दीपक जलाया है, उसका प्रकाश पूरे विश्व में भारत की छवि को उज्ज्वल बना रहा है। आगामी गुरुवार, 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन है और 7 अक्टूबर को लोक सेवाओं में उनके 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जनसेवा के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले प्रधानमंत्री के प्रति आभार स्वरूप 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ चलाया जाएगा और इसे मध्यप्रदेश की जनता की सेवा में समर्पित किया जाएगा। उन्होंने मंत्रीगण को अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रमों के लिए संबंधित मंत्रीगण के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। मंत्रीगण और राज्य नोडल अधिकारी मिलकर जिला स्तर पर बेहतर तालमेल एवं सुनियोजित ढंग से कार्यक्रमों का ऐतिहासिक आयोजन सुनिश्चित करें। 17 सितम्बर को मंत्रीगण की उपस्थिति के संबंध में पृथक निर्देश जारी होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रसारित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सेवा माह में सभी पूरी ताकत के साथ जुट जाएं। मुख्यमंत्री ने कामना करते हुए कहा कि इस अभियान के सभी 13 कार्यक्रमों में हम सब सफलता के नए रिकॉर्ड बनाएंगे।

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में अनेक ऐसे बड़े कार्य हुए हैं, जो कई वर्षों से लंबित थे। चाहे यूनियन कार्बाइड के कचरे का निष्पादन हो, स्लिमनाबाद वाटर टनल हो या नक्सलवाद की समस्या का अंत—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में यह सब काम सफलतापूर्वक हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी क्रम में परिवहन क्षेत्र में भी एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। लगभग 21 वर्ष से बंद सरकारी बस सेवा फिर प्रारंभ होने जा रही है। उन्होंने बताया कि आने वाली अनंत चर्तुदशी अर्थात्  25 सितम्बर 2026 से मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का शुभारंभ किया जा रहा है। इसके अंतर्गत लगभग 150 सिटी रूट, 450 इंटरसिटी रूट और 436 इंटरस्टेट रूट विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2030 तक हम प्रदेश के 75 प्रतिशत विकासखंडों को सुगम बस परिवहन सेवा से जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

    पट्टों की देंगे पक्की रजिस्ट्री

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितम्बर को इंदौर में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के मुख्यातिथ्य में “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना" का शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों के निःशुल्क पंजीयन का निर्णय लिया है। ग्रामीण हितग्राहियों को स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क से पूरी छूट दी गई है तथा इसका संपूर्ण व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 68 लाख 11 हजार अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन किया जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का पक्का एवं सरकारी दस्तावेज मिलेगा, जिससे मालिकाना हक मजबूत होगा, बैंक ऋण प्राप्त करना आसान होगा, व्यवसाय एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी और संपत्ति का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे और पंजीयन के बाद दस्तावेज सीधे हितग्राही के व्हाट्सऐप पर उपलब्ध कराए जाएंगे। पंजीयन प्रक्रिया को एक माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है तथा योजना की प्रभावी निगरानी जिला स्तर पर की जाएगी।

    दुबई यात्रा में 53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई और शारजाह की 6 से 8 सितम्बर 2026 तक हुई यात्रा को निवेश की दृष्टि से बेहद सफल बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में औद्योगिक निवेश का एक बड़ा आकर्षण केंद्र बन गया है। इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था, रोजगार एवं विकास में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दुबई में निवेश संवाद में 200 से अधिक उद्योगपति, निवेशक और उद्यमी शामिल हुए तथा प्रदेश को 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें राणा होल्डिंग्स की लगभग 35,200 करोड़ रुपये, एनआईडीआई सर्विसेज की लगभग 18,000 करोड़ रुपये और लुलु ग्रुप की लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश में रुचि शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि डीपी वर्ल्ड के साथ पवारखेड़ा में लॉजिस्टिक्स हब तथा शराफ ग्रुप के साथ लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने पर चर्चा हुई। इंदौर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल में भी यूएई की रुचि सामने आई। इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन विकास गलियारे में एकीकृत शहरी परियोजनाओं के लिए इमार प्रॉपर्टीज के साथ चर्चा हुई। एआईएम इन्वेस्टमेंट अवॉर्ड्स-2026 में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम को एशिया की सर्वश्रेष्ठ निवेश प्रोत्साहन एजेंसी का सम्मान मिला। मुख्यमंत्री ने अरब संसद के सभी 22 सदस्य देशों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

    17 सितम्बर को प्रदेश में सेवा और आभार का संदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस है और पिछले 25 वर्षों में उन्होंने जनकल्याण के लिए अपने जीवन का क्षण-क्षण समर्पित किया है। यह अवसर उनकी अहर्निश लोकसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने का है। मध्यप्रदेश में यह दिन उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के पहले दिन संपूर्ण मध्यप्रदेश में हर घर-आंगन में ‘आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी की गरिमामयी उपस्थिति में उज्जैन में 25 लाख से अधिक दीये प्रज्ज्वलित कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी दिन स्वामित्व योजना के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार स्वरूप ऐतिहासिक कदम उठाते हुए इंदौर में “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना” का शुभारंभ होगा और लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन किया जाएगा। 17 सितम्बर को ही गांधी सागर में चीतों को छोड़ने का वृहद कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी सम्मिलित होंगे।

    भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीमों को बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय खेल टीमों की उपलब्धियों पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने श्रीलंका को हराकर एशिया कप जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम, चीन को हराकर जूनियर महिला एशिया कप जीतने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम तथा कोरिया को हराकर जूनियर एशिया कप जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

    धार को मिली रेलवे की बड़ी सौगात

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के अंतर्गत जोबट और टांडा रोड के बीच रेल खंड के लोकार्पण तथा टांडा रोड स्टेशन से मेमू यात्री ट्रेन के शुभारंभ को धार सहित पूरे जनजातीय अंचल के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री ने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे मध्यप्रदेश के धार जिले का गुजरात से सीधा रेल संपर्क स्थापित हुआ है। व्यापार, शिक्षा, रोजगार और चिकित्सा सहित अनेक क्षेत्रों में यह रेल संपर्क धार और आस-पास के जिलों के निवासियों के लिए बड़ा वरदान साबित होगा।

    मेधावी विद्यार्थियों को मिलेंगी 7,500 से अधिक ई-स्कूटी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना के अंतर्गत 19 सितम्बर को भोपाल में ई-स्कूटी वितरित की जाएंगी। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार प्रदेश के 7,500 से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ देने जा रही है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक 23 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं तथा सरकार लगभग 250 करोड़ रुपये व्यय कर चुकी है।

    गणेशोत्सव और पर्युषण पर्व की शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता भगवान गणेश का दस दिवसीय महापर्व पूरे मध्यप्रदेश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होंने मंगलकामना की कि यह पर्व प्रदेश के जन-जन के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। उन्होंने श्वेतांबर जैन समाज के पर्युषण पर्व के अंतिम दिन तथा 16 सितम्बर से प्रारंभ हो रहे दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण पर्व के अवसर पर भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के बताए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए समाज के उत्थान और आत्मा के कल्याण की दिशा में सभी पुरुषार्थ करें।

     

  • योगी कैबिनेट के 23 बड़े फैसलों पर लगी मुहर, एक्सप्रेसवे से रोजगार तक अहम प्रस्ताव मंजूर

    योगी कैबिनेट के 23 बड़े फैसलों पर लगी मुहर, एक्सप्रेसवे से रोजगार तक अहम प्रस्ताव मंजूर

    योगी कैबिनेट में 23 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, एक्सप्रेसवे से लेकर शिक्षा और रोजगार तक लिए गए बड़े फैसले

    चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, स्मार्ट स्कूल और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण को मंजूरी

    किसानों को छह प्रतिशत ब्याज पर छह लाख रुपये तक ऋण, पीआरडी जवानों को कैशलेस इलाज की सुविधा

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, परिषदीय विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल बनाने, खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने, किसानों को सस्ती दर पर ऋण और पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में आरक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। बैठक में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, रोजगार, कृषि, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास को लेकर भी निर्णय लिए गए। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेसवार्ता में स्वीकृत प्रस्तावों की जानकारी दी।

    चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1,008.67 करोड़ मंजूर
    कैबिनेट में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को विकसित करने के लिए संशोधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 15.172 किलोमीटर लंबे प्रवेश नियंत्रित छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण ईपीसी मोड पर कराया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 1,008.67 करोड़ रुपये है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। निर्माणकर्ता के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। इससे बुंदेलखंड से चित्रकूट धाम तक आवागमन सुगम होने और पर्यटन को गति मिलने की उम्मीद है।

    परिषदीय विद्यालय बनेंगे स्मार्ट स्कूल
    बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रण वाले परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।

    किसानों को छह प्रतिशत ब्याज पर छह लाख तक ऋण
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को रियायती ब्याज दर पर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने का फैसला किया गया। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर लंबी अवधि के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को कृषि और ग्रामीण जरूरतों के लिए सस्ती दर पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

    पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्ती में आरक्षण
    योगी कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश जेल वार्डन की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों को प्रवर्तन सिपाही (परिवहन) कि सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत पदों पर क्षैतिज एवं आयु सीमा में छूट देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इन फैसलों से सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को सरकारी रोजगार के अवसर मिलेंगे।

    पीआरडी जवानों और आश्रितों को कैशलेस इलाज
    प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा देने का निर्णय हुआ। इससे पीआरडी जवानों और उनके परिवारों को उपचार के दौरान आर्थिक राहत मिलेगी।

    खिलौना उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहन
    कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को मंजूरी दी गई। इस नीति से प्रदेश में खिलौना निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में मदद मिलेगी।

    अन्य महत्वपूर्ण फैसले

    औद्योगिक विकास एवं रोजगार
    – उत्तर प्रदेश के अभियांत्रिकी विभागों में कार्य के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन के लिए वित्तीय नियमों के तहत अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी
    – उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड की छाता शुगर कंपनी लिमिटेड, जनपद मथुरा में कंसेशन-कम-लीज के माध्यम से 120 केएलपीडी एथेनॉल उत्पादन संयंत्र की स्थापना को मंजूरी।
    – उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में वर्ल्डफिश परियोजना के संचालन के लिए राज्य सरकार, मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश और वर्ल्डफिश के बीच समझौता ज्ञापन पर अनुमोदन।

    सुरक्षा और प्रशासन
    – राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील स्थित ग्राम पूरे लाल खान में लगभग 65 एकड़ बंजर भूमि भारत सरकार को निशुल्क आवंटित करने की मंजूरी।
    – 10 वर्ष तक की अवधि के किरायेदारी/पट्टा विलेखों पर प्रभावी स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट देने का प्रस्ताव पास।

    ग्रामीण विकास और जनकल्याण
    – प्रदेश में वाहनों की तकनीकी स्वस्थता को सुनिश्चित करने के लिए वाहनों की जांच हेतु स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) की स्थापना संबंधी नीति में संशोधन को मंजूरी।
    – प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों की ड्यूटी भत्ता दर में बढ़ोतरी का प्रस्ताव स्वीकृत।
    – प्रदेश की उचित दर दुकानदारों को वितरित खाद्यान्न की मात्रा के सापेक्ष 25 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त मार्जिन मनी देने का फैसला।

    शहरी विकास
    – लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली को मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत विकसित करने के लिए धनराशि स्वीकृत करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी।
    – लखनऊ में स्वीकृत हाईटेक टाउनशिप परियोजना को पूर्ण किए जाने के संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी।

  • डिजिटल शिक्षा की ओर यूपी का बड़ा कदम, 14,429 सरकारी स्कूल होंगे स्मार्ट

    डिजिटल शिक्षा की ओर यूपी का बड़ा कदम, 14,429 सरकारी स्कूल होंगे स्मार्ट

    यूपी के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को नया आयाम, 14,429 स्कूल बनेंगे स्मार्ट

    श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड करेगी स्मार्ट क्लासेज़ की स्थापना, 300 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत, चरणबद्ध तरीके से होगा विद्यालयों का विकास

    वर्तमान में 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब और 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी की मिल रही सुविधा

    2 लाख 61 हजार से अधिक शिक्षकों को दिए गए टैबलेट, बच्चों को आधुनिक और बेहतर डिजिटल शिक्षा उपलब्ध कराने पर योगी सरकार का जोर

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को और मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को 'स्मार्ट स्कूल' के रूप में विकसित करने के लिए श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है। कैबिनेट ने 300 करोड़ रुपये की स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 14,429 प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज़ की स्थापना चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।

    प्रदेश सरकार पहले से ही बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम कर रही है। वर्तमान में 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज़, 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब और 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही 2 लाख 61 हजार से अधिक शिक्षकों को टैबलेट दिए जा चुके हैं। सरकार का प्रयास है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए सरकारी स्कूलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा के बेहतर अवसर मिलें। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत योगी सरकार ने वर्ष 2021 में की थी और इनका विधिवत संचालन शैक्षिक सत्र 2022-23 से शुरू किया गया। स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को विषयों को समझने में डिजिटल माध्यमों का लाभ मिल रहा है। अब प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के निर्णय से इस व्यवस्था का और विस्तार होगा।

    300 करोड़ रुपये से होगा स्मार्ट स्कूलों का विकास
    कैबिनेट निर्णय के अनुसार बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों को 'स्मार्ट स्कूल' के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 300 करोड़ रुपये की स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 14,429 प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज़ की स्थापना की जाएगी। स्मार्ट क्लास की स्थापना का कार्य नियमानुसार प्रतिस्पर्धात्मक निविदा के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए प्रति विद्यालय 2,07,910 रुपये (सेनेटेज चार्जेज एवं जीएसटी सहित) की प्रस्तावित दर निर्धारित की गई है।

    यदि निविदा प्रक्रिया में प्रति विद्यालय इससे कम दर प्राप्त होती है, तो स्वीकृत कुल 300 करोड़ रुपये की धनराशि के भीतर अधिक संख्या में प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

    उच्च नामांकन वाले विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ेंगी डिजिटल सुविधाएं
    प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या और उच्च नामांकन के आधार पर चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब की स्थापना की जाएगी। भारत सरकार की समग्र शिक्षा योजनान्तर्गत परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डिजिटल इनिशिएटिव प्रोग्राम के तहत उच्च नामांकन वाले विद्यालयों में भी चरणबद्ध रूप से स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब स्थापित की जानी हैं।

    परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने से बच्चों को पारंपरिक शिक्षण व्यवस्था के साथ आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा। स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने में मदद मिलेगी। डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी बच्चों को सीखने के लिए अतिरिक्त डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराएगी। योगी सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के बच्चों को बेहतर, आधुनिक और तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है। सरकारी स्कूलों में डिजिटल संसाधनों का लगातार विस्तार इसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ सकें।