Author: NewseDay

  • एम्स रायपुर में घायलों से मिले डिप्टी सीएम विजय शर्मा, इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था की ली जानकारी

    एम्स रायपुर में घायलों से मिले डिप्टी सीएम विजय शर्मा, इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्था की ली जानकारी

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एम्स रायपुर में महाराष्ट्र सड़क हादसे के घायलों से की मुलाकात

    विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर बेहतर इलाज के दिए निर्देश

    रायपुर
     महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राजमार्ग पर हुए सड़क हादसे में घायल कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा क्षेत्र के लोगों से उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने एम्स रायपुर पहुंचकर मुलाकात की। मंगलवार देर शाम रायपुर एम्स पहुंचे शर्मा ने घायलों और उनके परिजनों से आत्मीयता से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी मुलाकात कर घायलों के उपचार की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, चल रहे उपचार और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के संबंध में चर्चा की तथा सभी घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

           इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्राम बांधाटोला निवासी पांच वर्षीय लुकेश पटेल, दो वर्षीय डाली पटेल और 26 वर्षीय ललिता पटेल से मुलाकात कर उनका हाल जाना। मासूम बच्चों सहित हादसे में घायल लोगों और उनके परिजनों के बीच पहुंचकर शर्मा ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि इस कठिन समय में सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उप मुख्यमंत्री शर्मा हादसे के बाद लगातार परिवार जनों से संपर्क बनाए हुए हैं, अस्पताल में भर्ती से लेकर घायलों के उपचार तक निरंतर संपर्क कर पीड़ित परिवारों को सहायता प्रदान कर रहे हैं।

    दिवंगतों के घर पहुंचकर पहले ही जता चुके हैं संवेदना
            उल्लेखनीय है कि हादसे के बाद उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कबीरधाम जिले में दुर्घटना में दिवंगत हुए पीड़ितों के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। इसी दौरान उन्होंने हादसे में घायल लोगों के परिजनों से भी मुलाकात कर उनके उपचार की जानकारी ली थी।

  • युवाओं के लिए खेलों में बढ़े अवसर, ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ की सांसद हिमाद्री सिंह ने की सराहना

    युवाओं के लिए खेलों में बढ़े अवसर, ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ की सांसद हिमाद्री सिंह ने की सराहना

    खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया से युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मिल रहा अवसर- सांसद  हिमाद्री सिंह

    खेल से खिलाड़ियों का होता है शारीरिक एवं मानसिक विकास- विधायक मनीषा सिंह

     खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मिलता है अवसर- विधायक  जयसिंह मरावी

    गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल शहडोल में राज्य स्तरीय बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन

    शहडोल 
     गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल, शहडोल में 70वीं राज्य स्तरीय अंडर-17 बालक एवं बालिका बास्केटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता में प्रदेश के 09 संभागों की टीमें सहभागिता कर रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं खेल ध्वज का ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। 
    शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि खेल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिलता है। खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से प्रदेश एवं देश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है और विभिन्न खेल विधाओं में युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

    सांसद ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को उच्च स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपनी खेल प्रतिभा को और बेहतर बनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खिलाड़ी पूरी खेल भावना, अनुशासन एवं एकाग्रता के साथ प्रतियोगिता में भाग लें और अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना और निरंतर प्रयास है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से सीख लेकर भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करना चाहिए।

    विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित रूप से खेल गतिविधियों में सहभागिता करने से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना का विकास होता है। खेल खिलाड़ियों को चुनौतियों का सामना करने और विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय बास्केटबाल जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन शहडोल जिले के लिए गौरव का विषय है। इससे जिले के खिलाड़ियों को प्रदेश के विभिन्न संभागों से आए प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवा प्रतिभाओं को बेहतर मंच प्रदान करते हैं तथा खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए प्रेरित करते हैं।

    विधायक श्री जयसिंह मरावी ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के विभिन्न संभागों से खिलाड़ियों के शामिल होने से उन्हें एक-दूसरे की खेल प्रतिभा को देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ-साथ आपसी भाईचारा एवं खेल भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा के साथ नियमित अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में जीत और हार को समान भाव से स्वीकार करते हुए अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के खिलाड़ी ही भविष्य में जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। कार्यक्रम को श्रीमती अमिता चपरा एवं श्री संतोष लोहानी ने भी संबोधित किया।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता, कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल, सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्री घनश्याम जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर श्रीमती हीरावती कोल, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, श्री संतोष लोहानी, श्री सौरभ गोले, संयुक्त संचालक शिक्षा श्री उमेश धुर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अतुल चौधरी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनन्द राय सिन्हा, डीपीसी श्री अमरनाथ सिंह, कार्यक्रम में गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल की प्राचार्य श्रीमती लीना रोज मैरी, पूर्व बास्केटबाल खिलाड़ी श्री जसबीर सिंह, भूतपूर्व सैनिक श्री जगदीश प्रसाद गुप्ता एवं श्री विष्णुप्रसाद विश्वकर्मा सहित पत्रकार, सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • झारखंड में एंबुलेंस कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन तेज, EPF-ESI और न्यूनतम वेतन समेत कई मांगें

    झारखंड में एंबुलेंस कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन तेज, EPF-ESI और न्यूनतम वेतन समेत कई मांगें

     रांची
     108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर राज्यभर में कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करते हुए विरोध दर्ज कराया।

    संघ का कहना है कि कर्मचारी आपातकालीन सेवा को प्रभावित किए बिना अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। संघ ने आरोप लगाया कि 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर लगातार सरकार और विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है।

    इसके बावजूद समाधान की दिशा में पहल नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। संघ ने कहा कि कर्मचारी मरीजों तक समय पर आपातकालीन सेवा पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है।

    जिला स्तर से सरकारी माध्यम से संचालन की मांग
    संघ की प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक के द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन करते हुए जिला स्तर पर सरकारी माध्यम से 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन शुरू करना शामिल है।

    इसके अलावा सम्मान फाउंडेशन एजेंसी द्वारा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को संबंधित जिलों में पुन सेवा में बहाल करने की मांग की गई है। कर्मचारियों ने ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन समेत सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।

    25 को पूर्ण हड़ताल, 28 से अनिश्चितकालीन आंदोलन
    संघ ने आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम भी जारी किया है। इसके तहत 14 से 19 सितंबर तक काला बिल्ला लगाकर काम करते हुए विरोध जारी रहेगा। इसके बाद 19 सितंबर को कैंडल मार्च, 21 सितंबर को भिक्षाटन, 23 सितंबर को धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

    संघ के अनुसार, 25 सितंबर को राज्यभर में एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी। इस दौरान नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन भी प्रस्तावित है। मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

    संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि एंबुलेंस कर्मचारियों ने हमेशा आपातकालीन सेवा को प्राथमिकता दी है और अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया है।

    इसके बावजूद उनकी जायज और लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के साथ तत्काल वार्ता कर समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाने की मांग की।

     

  • विश्व कप में आठवें स्थान के बाद भारत की नई चुनौती, एशियाई खेलों में सीधे ओलंपिक टिकट का मौका

    विश्व कप में आठवें स्थान के बाद भारत की नई चुनौती, एशियाई खेलों में सीधे ओलंपिक टिकट का मौका

    नई दिल्ली
    भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 2026 विश्व कप अभियान उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी और आठवें स्थान पर रही। अब उसके सामने 19 सितंबर से शुरू हो रहे एशियाई खेलों में इस निराशा को पीछे छोड़कर नए सिरे से शुरुआत करने की चुनौती है।

    भारत 20 सितंबर से जापान में अपने अभियान की शुरुआत करेगा और यहां दांव सिर्फ स्वर्ण पदक का नहीं, बल्कि लॉस एंजिल्स 2028 ओलिंपिक का सीधा टिकट हासिल करने का अवसर भी होगा।

    भारतीय टीम के पूर्व गोलकीपर और जूनियर टीम के कोच रह चुके पीआर श्रीजेश का मानना है कि विश्व कप की निराशा के बाद टीम को मानसिक रूप से खुद को रीसेट करना होगा। ‘दैनिक जागरण’ से विशेष बातचीत में श्रीजेश ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से भारत के विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचने की उम्मीद कर रहे थे।

    उनके मुताबिक भारत को इंग्लैंड और अर्जेंटीना के विरुद्ध जीत दर्ज करनी चाहिए थी, लेकिन दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार हॉकी खेली। श्रीजेश ने कहा कि एशियाई खेलों में भारत की स्थिति काफी अलग होगी। एशियाई स्तर पर भारत को पाकिस्तान, मलेशिया, चीन और दक्षिण कोरिया से चुनौती मिल सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन टीमों के अनुभव में भारत से अंतर है। हालिया प्रदर्शन को देखते हुए भारत को मजबूत दावेदार के तौर पर उतरना चाहिए।

    श्रीजेश ने यह भी साफ किया कि आसान स्थिति होने के बावजूद भारतीय टीम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं ले सकती। एशियाई खेलों का महत्व इसलिए भी बहुत ज्यादा है क्योंकि पुरुष हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को 2028 ओलिंपिक का सीधा टिकट मिलेगा।

    मानसिक मजबूती बहुत जरूरी
    श्रीजेश ने गोलकीपर और डिफेंस की मानसिक मजबूती पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि हॉकी में प्रदर्शन एक तरह से ‘देने और लेने’ का खेल है। कई बार गोलकीपर गलती करता है तो फारवर्ड उस गलती की भरपाई करते हुए ज्यादा गोल कर देते हैं। वहीं कई मौकों पर फारवर्ड 10-15 मौके गंवा सकते हैं, लेकिन तब गोलकीपर की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह विपक्ष के हर हमले को रोके।

    उन्होंने कहा कि गलती होने पर एक-दूसरे को दोष देना समाधान नहीं है। टीम को साथ बैठकर समस्या पर चर्चा करनी चाहिए, वीडियो देखना चाहिए और यह समझना चाहिए कि गलती कहां हुई और उसे दोबारा कैसे रोका जा सकता है। विपक्षी टीमें भी आपकी वीडियो रिकार्डिंग देखकर कमजोरियां तलाशती हैं और उसी जगह हमला करती हैं। इसलिए एक ही गलती बार-बार दोहराना खतरनाक है।

    तकनीक के साथ संवाद बेहद जरूरी
    श्रीजेश ने कहा कि तकनीकी तैयारी के साथ बेहतर संवाद भी बेहद जरूरी है। टीम मीटिंग, वीडियो विश्लेषण और खिलाड़ियों के बीच खुली बातचीत से दबाव कम होता है। सबसे महत्वपूर्ण है अपनी गलती स्वीकार करना। अगर गोलकीपर कहता है कि गोल उसकी गलती थी और डिफेंडर भी अपनी गलती स्वीकार करता है, तो इससे टीम के भीतर भरोसा बढ़ता है। मैदान पर हर खिलाड़ी को यह भरोसा होना चाहिए कि गलती होने पर उसका साथी उसके पीछे खड़ा है। ‘बैकअप और सपोर्ट’ ही मुश्किल परिस्थितियों में टीम को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं।

     

  • Bigg Boss Tamil 10 में विजय सेतुपति के बयान पर बवाल, CM विजय से जोड़ने पर मेकर्स ने दी सफाई

    Bigg Boss Tamil 10 में विजय सेतुपति के बयान पर बवाल, CM विजय से जोड़ने पर मेकर्स ने दी सफाई

    साउथ एक्टर विजय सेतुपति के रियलिटी शो बिग बॉस तमिल 10 में नया बवाल मचा है. विजय के एक बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. बात इतनी आगे बढ़ गई कि बाद में चैनल को सामने आकर सफाई देनी पड़ी. लोगों ने सेतुपति के कमेंट को सीएम विजय जोसेफ से कनेक्ट किया. उन्होंने माना कि सेतुपति ने विजय को तंज कसा है.

    विजय सेतुपति के बयान पर बवाल
    दरअसल, हालिया एपिसोड में होस्ट विजय सेतुपति ने शो बिग बॉस तमिल की कंटेस्टेंट शाथिगा से लीडरशिप को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे वादे करना, फिर मुश्किलें आने पर विपक्ष को जिम्मेदार ठहराकर भाग जाना..ये नेतृत्व नहीं, बल्कि लोगों के साथ धोखा है. अपनी इस स्टेटमेंट में विजय ने किसी का नाम नहीं लिया था. किसी नेता, पार्टी या संगठन का जिक्र नहीं किया. लेकिन सोशल मीडिया पर बवाल मच गया. कुछ यूजर्स ने इसे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख विजय से जोड़ा. फिर क्या था.. विजय के समर्थकों ने सेतुपति को निशान पर लिया.

    उन्होंने आरोप लगाया कि टीवी शो के मंच को राजनीतिक कमेंट्री के लिए यूज किया जा रहा है. टीवीके और सीएम विजय के समर्थकों का हल्ला सुनकर मेकर्स को रिएक्ट करना पड़ा. बिग बॉस तमिल 10 की ओर से सफाई पेश की गई.

    स्टेटमेंट के मुताबिक, ये एक एंटरटेनिंग शो है. जो तय फॉर्मेट, थीम और गेम के माहौल के हिसाब से प्रेजेंट किया गया है. शो में दिखाई जाने वाली सिचुएशन, बातचीत, भावनाएं, कंटेस्टेंट्स के बीच होने वाली चर्चाएं इसकी कहानी का हिस्सा हैं. इन्हें उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए. मेकर्स ने दर्शकों से कहा कि वो किसी भी बातचीत या एक्सप्रेशन को किसी दूसरे शख्स के लिए ओपिनियन या कमेंट ना समझें. शो में कही गई किसी भी बात का बाहरी व्यक्ति, संगठन, संस्था, विचारधारा से कोई लिंक नहीं है. इसे किसी घटना पर टिप्पणी, समर्थन या विरोध के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए.

    DMK नेता ने साधा निशाना
    इस विवाद के बीच DMK नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने विजय समर्थकों पर कमेंट किया है. उन्होंने विजय के समर्थकों को असभ्य कहा. साथ ही आरोप लगाया कि विजय के सपोटर्स कानून-व्यवस्था की परवाह नहीं करते. नेता ने विजय सरकार की पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए.

  • UCC को लेकर सियासी घमासान तेज, ओवैसी-अखिलेश के विरोध पर बरसे पूर्व BJP विधायक संगीत सोम

    UCC को लेकर सियासी घमासान तेज, ओवैसी-अखिलेश के विरोध पर बरसे पूर्व BJP विधायक संगीत सोम

    ‘कितनी भी ताकत लगा लो, UCC आकर रहेगा’- UCC पर ओवैसी-अखिलेश को संगीत सोम की दो टूक

    'ये लोग देश के गद्दार, समानता नहीं चाहते'- ओवैसी ने किया UCC का विरोध तो भड़के संगीत सोम

    UCC को लेकर सियासी घमासान तेज, ओवैसी-अखिलेश के विरोध पर बरसे पूर्व BJP विधायक संगीत सोम

    लखनऊ
     केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के NDA शासित राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के ऐलान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने UCC को भारत की विविधता खत्म करने की साजिश बताया है। जिसपर भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि देश में रहना है तो देश के कानून को मानना पड़ेगा। उन्होंने UCC को महिलाओं को न्याय और समानता देने वाला कानून बताया।

    ओवैसी पर संगीत सोम का तीखा हमला
    संगीत सोम ने कहा कि ओवैसी जैसे लोग देश में कट्टरपंथी राजनीति करते हैं। उन्हें समझना होगा कि देश में रहना है तो देश के कानून को मानना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि UCC ऐसा कानून है, जो भारत में महिलाओं को न्याय देता है और समानता की बात करता है।

    संगीत सोम ने आरोप लगाया कि ओवैसी जैसे लोगों को समानता पसंद नहीं है। उन्होंने कहा, ''ये लोग देश के गद्दार हैं। ये देश में समानता नहीं चाहते।''
    उन्होंने दावा किया कि भारत के लोग UCC चाहते हैं। संगीत सोम ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने अगर कहा है कि UCC लागू होगा तो विरोध करने वाले लोग कितनी भी ताकत लगा लें, UCC लागू होकर रहेगा।

    अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
    UCC को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी संगीत सोम ने हमला बोला। दरअसल अखिलेश यादव ने UCC का मतलब ''अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पिरेसी'' बताया है। इसपर संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव के पास कोई काम नहीं है। वह ट्विटर-ट्विटर खेलते हैं।

    संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव के पास टीवी पर गेम खेलने और ट्विटर पर खेलने के अलावा कोई काम नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मुलायम सिंह यादव की कृपा से अखिलेश यादव एक बार मुख्यमंत्री बन गए, लेकिन अब वह मुख्यमंत्री नहीं बन सकते। सोम ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति में कभी नहीं आ सकते।

    40 साल से UCC की मांग का दावा
    संगीत सोम ने कहा कि UCC की मांग पिछले 40 साल से होती रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा बाबा साहब के संविधान के रास्ते पर चलकर उनके बताए कार्यों को पूरा करने का काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

    UCC को मुस्लिमों के खिलाफ बताए जाने पर सोम ने कहा कि अगर पूरे देश में UCC नहीं आई तो असमानता होगी। उनके मुताबिक समानता के लिए यह कानून जरूरी है। उन्होंने कहा कि UCC नहीं आने से देश में हिंदू-मुस्लिम का बैलेंस खराब होगा और राहुल गांधी तथा अखिलेश यादव यही चाहते हैं।

    अमित शाह ने कहा है तो UCC आकर रहेगा- सोम
    पूर्व भाजपा विधायक ने कहा कि विरोध की राजनीति के चलते ओवैसी जैसे लोग पहले अपमानित होंगे और फिर UCC की वकालत करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग संविधान लेकर घूमते हैं, लेकिन संविधान का एक पन्ना भी नहीं खोलते।

    संगीत सोम ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह साफ कर चुके हैं कि जिन राज्यों में NDA की सरकार है, वहां UCC लाया जाएगा। उन्होंने कहा, ''अब अगर कोई नहीं लाना चाहता है तो ना लाएं। हम 29 से पहले लाएंगे। अखिलेश, ओवैसी, राहुल कितनी भी ताकत लगा लें, UCC आकर रहेगा।'' उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग बेनकाब हो चुके हैं और देश की भलाई के लिए कोई काम नहीं करते।

    गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के सभी NDA शासित 21 राज्यों में UCC लागू कर दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद UCC को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

  • कनाडा स्टडी वीजा का नया नियम लागू, 31 अगस्त तक आवेदन करने वालों को राहत

    कनाडा स्टडी वीजा का नया नियम लागू, 31 अगस्त तक आवेदन करने वालों को राहत

    चंडीगढ़ 
    स्टडी वीजा पर कनाडा जाने वाले पंजाबियों को अब ज्यादा पैसे खर्चने पड़ेंगे। अब पढ़ने जाने वाले स्टूडेंट्स को अपने रहने-खाने सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए बैंक बैलेंस 17 लाख रखना होगा। इमीग्रेशन रिफ्यूजी सिटिजनशिप कनाडा डिपार्टमेंट (IRCC) ने नए नियम लागू होगा। कनाडा सरकार का कहना है कि देश में बढ़ रही महंगाई के चलते ये निर्णय लिया गया है। पहले कनाडा स्टडी के लिए जाने वाले स्टूडेंट्स को 15 लाख के करीब सालाना बैंक बैलेंस मेंटेन रखना जरूरी था।

    IRCC के अनुसार 31 अगस्त तक अप्लाई कर चुके स्टूडेंट्स पर नए नियम लागू नहीं होंगे। 1 सितंबर 2026 से अप्लाई कर रहे स्टूडेंट्स पर नए नियमों के तहत अब कनाडाई यूनिवर्सिटी या कॉलेज में दाखिला लेने से पहले अपनी वित्तीय मजबूती साबित करने करने के लिए पहले से लगभग 2 लाख रुपए ज्यादा बैंक बैलेंस दिखाना होगा।

    कॉलेज फीस और ट्रेवल खर्च के अतिरिक्त दिखाना हो बैलेंस
    कनाडा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (canada.ca) पर जारी ताजा नोटिफिकेशन के अनुसार, अब सिंगल एप्लीकेंट (अकेले जाने वाले छात्र) को लिविंग एक्सपेंस यानी रहने-खाने के खर्च के तौर पर कम से कम 23,448 कनाडाई डॉलर (CAD) का फंड दिखाना अनिवार्य होगा। भारतीय रुपए में यह रकम करीब 17 लाख रुपए बैठती है। इस रकम में कॉलेज की ट्यूशन फीस और भारत से कनाडा आने-जाने का ट्रैवल खर्च शामिल नहीं है। ट्यूशन फीस और यात्रा खर्च का हिसाब इस निर्धारित राशि से अलग रहेगा।

    परिवार के 4 मेंबर के साथ दिखाने होंगे 30 लाख
    इमिग्रेशन विभाग (IRCC) के आधिकारिक डेटा चार्ट के मुताबिक, यदि छात्र के साथ उनके परिवार के सदस्य भी कनाडा जाते हैं, तो उसी हिसाब से फंड की सीमा बढ़ जाएगी। दो लोगों के परिवार के लिए यह सीमा 29,185 CAD (20.10 लाख), तीन सदस्यों के लिए 35,880 CAD (24.74 लाख) और चार सदस्यों के परिवार के लिए 43,562 CAD (30.04 लाख) तय की गई है।

    इसके बाद परिवार के प्रत्येक अतिरिक्त सदस्य के जुड़ने पर 6,315 कनाडाई डॉलर (4.35 लाख) का अतिरिक्त फंड बैंक खाते में दिखाना अनिवार्य होगा। हालांकि, ये नियम क्यूबेक प्रांत को छोड़कर पूरे कनाडा में लागू होंगे, क्योंकि क्यूबेक अपने लिविंग एक्सपेंस के नियम अलग से तय करता है।

    महंगाई के चलते कनाडा सरकार ने बढ़ाया बजट
    IRCC की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, इस फैसले का मुख्य मकसद कनाडा में रह रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों को वित्तीय संकट और महंगाई से बचाना है। बीते कुछ वर्षों में कनाडा के प्रमुख शहरों में रेंट (मकान का किराया), ग्रोसरी और बेसिक यूटिलिटीज के दाम काफी तेजी से बढ़े हैं। पुराना फंड पैरामीटर मौजूदा महंगाई दरों के हिसाब से काफी कम पड़ रहा था, जिसके चलते कई विदेशी छात्रों को वहां जाकर पार्ट-टाइम जॉब्स पर पूरी तरह निर्भर रहना पड़ता था या रहने-खाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

    वीजा अप्लाई से पहले इन बातों का रखें ध्यान
    अब 1 सितंबर 2026 के बाद वीजा फाइल जमा करने वाले सभी छात्रों को तीन अलग-अलग मदों में अपना फंड प्रूफ देना होगा। पहला, पहले साल की पूरी ट्यूशन फीस; दूसरा तय लिविंग एक्सपेंस दिखाना होगा जो सिंगल छात्र के लिए 23,448 डालर है। तीसरा, भारत से कनाडा आने-जाने का टिकट खर्च। विशेषज्ञों की सलाह है कि कनाडाई वीजा के रिजेक्शन से बचने के लिए छात्र अपने स्पॉन्सर या बैंक स्टेटमेंट में आधिकारिक वेबसाइट द्वारा तय राशि से थोड़ा अधिक ही बैलेंस मेंटेन रखें, ताकि एप्लीकेशन में कोई अड़चन न आए।

    कनाडा में 10 लाख पंजाबी रह रहे
    कनाडा में पंजाबी मूल के लोगों की कुल संख्या लगभग 9.4 लाख से 10 लाख के बीच है, जो वहां की कुल आबादी का करीब 2.6% है।

  • 19 सितंबर के आसपास बनेगा नया सिस्टम, झारखंड में गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी

    19 सितंबर के आसपास बनेगा नया सिस्टम, झारखंड में गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी

    रांची

    झारखंड में 1 से 15 सितंबर के बीच बारिश सामान्य से करीब 5% कम है. रांची स्थित भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 1 से 15 सितंबर तक झारखंड में मानसून सामान्य के करीब रहा, लेकिन राज्य में अब भी वर्षा की कमी बनी हुई है. इस अवधि में राज्य में 871.9 मिमी बारिश दर्ज की गयी, जबकि सामान्य वर्षा 920.8 मिमी होनी चाहिए थी. इसका मतलब यह कि पूरे राज्य में सितंबर के पहले पखवाड़े तक करीब 5% कम बारिश हुई है. मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कई जिले अब भी सामान्य से काफी पीछे हैं.

    पाकुड़ में सिर्फ 48% हुई बारिश
    आईएमडी के जिलावार आंकड़ों के अनुसार, झारखंड के नौ जिलों में वर्षा की कमी 20% से अधिक रही है. सबसे अधिक कमी पाकुड़ में 48% दर्ज की गई. इसके अलावा चतरा में 36%, देवघर में 31%, गुमला में 29%, साहिबगंज में 26%, कोडरमा में 25%, गिरिडीह और हजारीबाग में 24-24% तथा गढ़वा में 22% कम बारिश रिकॉर्ड हुई है.
    पश्चिमी सिंहभूम बना सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला

    राज्य में सबसे बेहतर स्थिति पश्चिमी सिंहभूम की रही, जहां सामान्य से 42% अधिक वर्षा दर्ज की गयी. इसके अलावा रांची में 13%, सरायकेला-खरसावां में 12%, लातेहार में 11%, पूर्वी सिंहभूम में 4% और लोहरदगा में 2% अधिक बारिश हुई है. धनबाद, दुमका, खूंटी और रामगढ़ में बारिश सामान्य के आसपास बनी रही.

    16 सितंबर को जामा में हुई सबसे ज्यादा बारिश
    दैनिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य में एक स्थान पर भारी बारिश दर्ज की गयी. दुमका जिले के जामा में सबसे अधिक 65 मिमी वर्षा हुई. इसके अलावा मसानजोर में 63.2 मिमी, जारमुंडी में 52 मिमी और महारो में 49.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी.

    बहरागोड़ा सबसे गर्म, लातेहार सबसे ठंडा
    पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस बहरागोड़ा एडब्ल्यूएस में दर्ज किया गया. सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस लातेहार एडब्ल्यूएस में रिकॉर्ड हुआ. रांची में अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री और न्यूनतम 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
    अगले पांच दिनों तक कैसा रहेगा मौसम

    आईएमडी के अनुसार 16 से 20 सितंबर तक पूरे झारखंड में सामान्यतः बादल छाये रहेंगे. अधिकांश जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. रांची में अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है.

    19 सितंबर के आसपास बनेगा नया सिस्टम
    मौसम विभाग के अनुसार उत्तर थाईलैंड के ऊपर सक्रिय ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर तक उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ेगा. इसके प्रभाव से 19 सितंबर के आसपास निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जो बाद में दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ सकता है.

    कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट
    16 से 20 सितंबर तक अलग-अलग दिनों में राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गयी है.

     

  • अब बोलकर बुक होगा ट्रेन टिकट? AI ने IRCTC पर खुद की टिकट बुकिंग, जानें पूरा मामला

    अब बोलकर बुक होगा ट्रेन टिकट? AI ने IRCTC पर खुद की टिकट बुकिंग, जानें पूरा मामला

    अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो आपको जरूर पता होगा कि टिकट बुक करते समय कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. बार-बार डिटेल्स और कैप्चा भरना पड़ता है, जिसकी वजह से कई बार पक्का टिकट बुक करते समय देरी हो जाती है और आपका टिकट कन्फर्म नहीं हो पाता है.

    सोचिए, आपको ट्रेन से मुंबई से राजकोट जाना है. आमतौर पर आप IRCTC की वेबसाइट खोलेंगे, स्टेशन चुनेंगे, तारीख डालेंगे, ट्रेन खोजेंगे, सीट देखेंगे और फिर पैसेंजर की जानकारी भरेंगे. अब अगर यही काम आप सिर्फ एक लाइन बोलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से करवा सकें तो कैसा लगेगा?

    आज के एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में AI ऐसे काम कर पा रहा है, जो पहले सिर्फ सोचे जा सकते थे. अब कमांड से पूरा एक्शन और ऑटोमेशन की तरफ बढ़ चुका है. आइए जानते हैं कि सिर्फ बोलकर आप टिकट बुकिंग जैसा काम कैसे करवा सकते हैं.

    ChatGPT Astra ने खुद शुरू किया टिकट बुकिंग का काम
    कुछ ऐसा ही एक दिलचस्प एक्सपेरिमेंट इन दिनों चर्चा में है. एक सोशल मीडिया क्रिएटर ने ChatGPT Astra को IRCTC पर ट्रेन टिकट बुक करने का काम दिया. AI को बताया गया कि 20 सितंबर को रात 9 से 11 बजे के बीच मुंबई से राजकोट जाना है और दो लोगों के लिए AC क्लास की ट्रेन चाहिए.
    इसके बाद AI ने ब्राउजर के जरिए IRCTC की वेबसाइट पर आगे का प्रोसेस शुरू किया. उसने स्टेशन, तारीख और समय जैसी जानकारी डालकर ट्रेनें सर्च करने की कोशिश की.

    ट्रेन और सीट की जानकारी भी खोजी
    इस पैसेंजर  की सबसे खास बात यह रही कि AI सिर्फ ट्रेन का नाम बताकर नहीं रुका. दावे के मुताबिक, उसने अवेलेबल ट्रेनों को देखा और सीट की सिचुएशन चेक की. कुछ ऑप्शंस में सीट वेटिंग में मिलीं.

    इसके बाद AI ने पूछा कि आगे क्या करना है. जब उसे अगले दिन की ट्रेनें देखने के लिए कहा गया, तो उसने दोबारा सर्च करके दूसरे ऑप्शंस सामने रख दिए.

    पेमेंट का काम बाकी
    यानी जिस काम के लिए अभी हमें खुद कई बार क्लिक करना पड़ता है, AI ने उसका बड़ा हिस्सा खुद करने की कोशिश की. हालांकि, इस एक्सपेरिमेंट में आखिर में पेमेंट का स्टेप बाकी रह गया था.

    यहां एक बात समझना जरूरी है कि यह सोशल मीडिया पर दिखाया गया एक एक्सपेरिमेंट है. इसे IRCTC की तरफ से शुरू की गई कोई ऑफिशियल AI टिकट बुकिंग सुविधा नहीं माना जाना चाहिए.

    क्या फ्यूचर में AI खुद बुक करेगा टिकट?
    अब सवाल है कि क्या आने वाले समय में AI सिर्फ हमारे सवालों के जवाब देगा या फिर हमारे लिए वेबसाइट खोलकर पूरा काम भी करेगा?
    ट्रेन टिकट वाला यह पैसेंजर  आने वाले समय की एक झलक जरूर देता है.

    असली चुनौती तब होगी जब AI को Tatkal बुकिंग, पेमेंट और दूसरी तकनीकी परेशानियों के बीच पूरा काम करना पड़ेगा. फिलहाल इतना साफ है कि AI अब सिर्फ बातचीत करने वाला टूल नहीं रह गया है. वह हमारे लिए काम करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.
     

  • अमृतसर ड्रग्स केस में बड़ा खुलासा, 8 गिरफ्तार; पाकिस्तान कनेक्शन की जांच

    अमृतसर ड्रग्स केस में बड़ा खुलासा, 8 गिरफ्तार; पाकिस्तान कनेक्शन की जांच

    अमृतसर

    कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने एंबुलेंस की आड़ में नशा तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए ड्राइवर समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 9 किलो 549 ग्राम हेरोइन, 5 किलो 459 ग्राम अफीम और 30 बोर की एक पिस्तौल बरामद की है। पुलिस के अनुसार गिरोह के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं और आरोपी ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से नशे की खेप मंगवाकर पंजाब के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करते थे। 

    पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कैंटोनमेंट, राजासांसी, ए डिवीजन और छेहरटा थाना क्षेत्रों में मामले दर्ज कर गिरफ्तारियां की गई हैं। सबसे पहले राजिंदर सिंह को 30 बोर पिस्तौल के साथ काबू किया गया। उसकी पूछताछ के आधार पर विनय को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से चार किलो से अधिक अफीम बरामद हुई। इसके बाद प्रदीप सिंह को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक प्रदीप निजी एंबुलेंस का चालक है और वह एंबुलेंस के जरिए नशे की सप्लाई करता था। उसके कब्जे से करीब 1 किलो 224 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।

    एक अन्य मामले में नवनीत सिंह उर्फ कीड़ा को गिरफ्तार कर करीब सवा सात किलो हेरोइन बरामद की गई। तीसरे मामले में बलजिंदर सिंह और अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत को गिरफ्तार कर 2 किलो 535 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। 

    पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी एंबुलेंस का इस्तेमाल इसलिए करते थे क्योंकि आम तौर पर ऐसी गाड़ियों पर कम संदेह होता है और यातायात में उन्हें रास्ता भी आसानी से मिल जाता है। पुलिस अब खाली एंबुलेंस, विशेषकर बिना मरीज चल रही एंबुलेंस की नाकों पर जांच करेगी। साथ ही एंबुलेंस चालकों की पृष्ठभूमि और रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को आगे और बरामदगी व गिरफ्तारियों की उम्मीद है।